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2 संबंधों: जयपुर राज्य, गायत्री देवी।
जयपुर राज्य
जयपुर रजवाड़ा (अन्य नाम: जयपुर स्टेट) ११२८ से १९४७ अवधि का भारत का एक रजवाड़ा था। इसका केन्द्र जयपुर नगर था। यह बारहवीं शताब्दी से अस्तित्त्व में आया एवं १९४७ तक रहा। १९४७ में भारतीय स्वाधीनता उपरान्त भारतीय संघ में विलय हो गया। इतिहास के भिन्न कालों में इसे भिन्न भिन्न नामों से जाना गया जैसे: जयपुर राज्य, आम्बेर राज्य, ढूंढाड़ राज्य एवं कछवाहा राज्य, आदि। .
देखें मान सिंह द्वितीय और जयपुर राज्य
गायत्री देवी
जयपुर के भूतपूर्व राजघराने की राजमाता गायत्री देवी का जन्म २३ मई १९१९ को लंदन में हुआ था। राजकुमारी गायत्री देवी के पिता राजकुमार जितेन्द्र नारायण कूचबिहार (बंगाल) के युवराज के छोटे भाई थे, वहीं माता बड़ौदा की राजकुमारी इंदिरा राजे थीं। पहले शांतिनिकेतन, फिर लंदन और स्विट्ज़रलैंड में शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात इनका इनका विवाह जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह (द्वितीय) से हुआ। वॉग पत्रिका द्वारा कभी दुनिया की दस सुंदर महिलाओं में गिनी गईं राजमाता गायत्री देवी राजनीति में भी सक्रिय थीं। इन्होंने सन् १९६२ में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी द्वारा स्थापित स्वतंत्र पार्टी की उम्मीदवार के रूप में जयपुर संसदीय क्षेत्र से समूचे देश में सर्वोच्च बहुमत से चुनाव में विजयी होने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद १९६७ और १९७१ के चुनावों में विजयी होकर लोकसभा सदस्य चुनी गईं। लेकिन राजनीतिक सफर में कष्ट भी सहने पड़े, जब आपातकाल के दौरान वे दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद रही। गायत्री देवी पर (ए प्रिंसेस रिमेम्बर्स) तथा (ए गवर्नमेंट्स गेट वे) नामक पुस्तकें अंग्रेजी में प्रकाशित हो चुकी हैं। 90 वर्ष की आयु में २९ जुलाई २००९ को इनका जयपुर में निधन हो गया। .
देखें मान सिंह द्वितीय और गायत्री देवी
सवाई मान सिंह II के रूप में भी जाना जाता है।