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१९६२

सूची १९६२

1962 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

187 संबंधों: चायना टाउन, चिदम्बरम् सुब्रह्मण्यम्, चंकी पांडे, टावर हाउस, ट्रेसी ऑस्टिन, टॉम एंड जेरी, एक मुसाफ़िर एक हसीना, ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम, झूला (1962 फ़िल्म), डायरेक्ट ब्रॉडकास्ट सैटेलाइट, डॉ .पद्मजा शर्मा, डॉक्टर विद्या (1962 फ़िल्म), तरलोक सिंह, ताराबाई मोदक, त्रिनिदाद और टोबैगो, दिल तेरा दीवाना (1962 फ़िल्म), दुखन राम, दौलत सिंह कोठारी, धनसिंह थापा, धोंडो केशव कर्वे, नाथूला दर्रा, नाना पालसिकर, नारायण सीताराम फड़के, नियाज़ मुहम्मद फतेहपुरी, निविया स्पोर्ट्स, निक होलोनिक, नकली नवाब (1962 फ़िल्म), नेशनल बुक अवॉर्ड (संयुक्त राज्य), पदार्थ प्रौद्योगिकी की समय रेखा, पद्म भूषण, परमवीर चक्र, पंजाबी विश्वविद्यालय, पुरुषोत्तम दास टंडन, प्रतिभा देवीसिंह पाटिल, प्रसिद्ध पुस्तकें, प्राइवेट सेक्रेटरी, प्रेम पत्र, प्रेमचंद ढांढा, पूर्वोत्तर भारत, पॉल न्युमैन, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार, फ़ॉर्मूला वन, फेरारी, बड़े ग़ुलाम अली ख़ान, बम्बई का चोर, बर्मा रोड (1962 फ़िल्म), बर्मा के प्रधानमंत्री, बर्लिन की दीवार, बात एक रात की, ..., बिधान चंद्र रॉय, बिहार के राज्यपालों की सूची, बीस साल बाद (1962 फ़िल्म), बीसवीं शताब्दी, भारत रत्‍न, भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश, भारत के अभयारण्य, भारतीय थलसेना, भारतीय आम चुनाव, 1951-2009, भारतीय इतिहास तिथिक्रम, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, भौगोलिक सूचना तंत्र, मनमौजी, मर्लिन मुनरो, महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची, महाक्षत्रिय, माँ बेटा, मानक हिंदी वर्तनी, मिठान जमशेद लाम, मिलखा सिंह, मुम्बई, मुंबई की जलवायु, मैं चुप रहूँगी (1962 फ़िल्म), मैं शादी करने चला (1962 फ़िल्म), मैकमहोन रेखा, मेहेंदी लगी मेरे हाथ (1962 फ़िल्म), मोटूरि सत्यनारायण, मोहन दयाराम भवनानी, मोहम्मद रफ़ी, मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या, यमुनाबाई सावरकर, राधा कमल मुखर्जी, राधिका रमण प्रसाद सिन्हा, रामचंद्र नारायण दांडेकर, रामगोपाल वर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राज कपूर, राखी (1962 फ़िल्म), रांगेय राघव, रघुनाथ शरन, रघुराज प्रताप सिंह, रंगोली(१९६२ चलचित्र), रॉड लेवर, लालबहादुर शास्त्री, लेव लाण्डौ, लॉस एंजेल्स लेकर्स, शरद रावत, शादी (1962 फ़िल्म), शिशिर कुमार मित्रा, शुभिंद्रनाथ मुखर्जी, शैलेश मटियानी, सत्यजित राय, सन ऑफ़ इंडिया, सर्वेपल्लि राधाकृष्णन, साहिब बीबी और ग़ुलाम (1962 फ़िल्म), संचार उपग्रह, संतोष कुमार सेन, संगीत सम्राट तानसेन, सुदांशु शोभन मैत्रा, स्प्रेडशीट, सौंदरम रामचंद्रन, सूबेदार जोगिंदर सिंह, सूरत और सीरत (1962 फ़िल्म), सीताराम सेकसरिया, हरियाली और रास्ता, हाना मांडलिकोवा, हाफ़ टिकट, हिन्दी वर्तनी मानकीकरण, जापाने, जाफर अली खान, जाल रतनजी पटेल, ज्ञानेश चंद्र चटर्जी, जेफ बेनेट, वारंट ऑफीसर चाको जोसफ, वाशिंगटन विज़र्डस, विद्याधर सूरजप्रसाद नैपाल, विश्वनाथ मध्यक्कारलु, वैजयन्ती माला, वेंकटरामा राघवन, वॉल मार्ट, गंगा जमना, गुरबचन सिंह सलारिया, गुजरात के मुख्यमंत्रियों की सूची, ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची, गोविन्द चन्द्र पाण्डेय, ओड़िशा का इतिहास, आरती (1962 फ़िल्म), आशिक (1962 फ़िल्म), आस का पंछी, आसफ अली असगर फैज़ी, इसी का नाम दुनिया (1962 फ़िल्म), कन्वेंशन ड्यू मेत्रे, कर्नल महाकाली सीताराम राव, कर्नल रामस्वामी दुरइस्वामी अय्यर, कश्मीर का इतिहास, कांचनजंघा (१९६२ फ़िल्म), किंग कौंग (1962 फ़िल्म), कुमारी शैलजा, केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची, कोबी ब्रायंट, अनपढ़ (1962 फ़िल्म), अनामिकाची चिन्तनिका, अन्तरजाल का इतिहास, अन्वेषणों की समय-रेखा, अपना बना के देखो (1962 फ़िल्म), अभियान (१९६२ फ़िल्म), अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची, अरारत, आर्मेनिया, अर्चना पूरन सिंह, अशोक चक्रधर, असम के राज्यपालों की सूची, असली नकली (1962 फ़िल्म), अक्करै चीमय्यिल, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी, उपायन, उम्मीद (1962 फ़िल्म), छाया (1961 फ़िल्म), १० जुलाई, ११ नवम्बर, १२ दिसम्बर, १४ जून, १४ अप्रैल, १५ जुलाई, १५ जून, २ सितम्बर, २१ नवम्बर, २२ अक्टूबर, ३ जुलाई, ३ जून, ३० सितम्बर, ४ दिसम्बर, ४ जुलाई, ५ अगस्त, ६ नवम्बर, ९ अक्टूबर, 1962 एशियाई खेल सूचकांक विस्तार (137 अधिक) »

चायना टाउन

चायना टाउन १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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चिदम्बरम् सुब्रह्मण्यम्

चिदम्बरम् सुब्रह्मण्यम् (30 जनवरी, 1910 - 7 नवंबर, 2000) भारतीय राजनेता थे। वे राज्य और केंद्र स्तर के मंत्री और गवर्नर रहे। .

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चंकी पांडे

चंकी पांडे (जन्म: 26 सितंबर, 1962) हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। .

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टावर हाउस

टावर हाउस १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ट्रेसी ऑस्टिन

ट्रेसी ऑस्टिन (जन्म: 12 दिसंबर, 1962) टेनिस की अमरीका की भूतपूर्व खिलाड़ियों में से एक हैं। श्रेणी:टेनिस खिलाड़ी श्रेणी:महिला टेनिस खिलाड़ी श्रेणी:टेनिस ग्रैंड स्लैम विजेता श्रेणी:महिला टेनिस ग्रैंड स्लैम विजेता अमरीकी ओपन विजेता.

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टॉम एंड जेरी

टॉम एंड जेरी मेट्रो-गोल्डविन-मेयर|मेट्रो-गोल्डवाइन-मेयर के लिए विलियम हैन्ना और जोसेफ़ बारबेरा|जोसफ़ बारबरा द्वारा निर्मित एनिमेशन थिएटर लघु विषय|लघु-फ़िल्म श्रृंखला है, जो एक हाउसकैट|घरेलू बिल्ली (टॉम) और एक चूहे (जेरी) के मध्य अनंत प्रतिद्वंद्विता पर केन्द्रित है, जिनकी एक दूसरे का पीछा करने और आपसी लड़ाई में अक्सर हास्यास्पद भिडंत शामिल है। फ़िल्म में 1940|1940 से फ़िल्म में 1957|1957 के बीच, एनिमेशन इकाई के बंद होने तक, हैन्ना और बारबरा ने कैलिफ़ोर्निया, हॉलीवुड के मेट्रो-गोल्डविन-मेयर कार्टून स्टूडियो|MGM कार्टून स्टूडियो में टॉम एंड जेरी के एक सौ चौदह कार्टून लिखे एवं निर्देशित किए। उल्लेखनीय है कि बतौर सर्वाधिक ऑस्कर्स|ऑस्कर विजेता थिएटर एनिमेटेड श्रृंखला, वॉल्ट डिज़नी|वाल्ट डिज़नी की सिल्ली सिम्फ़ोनीस|सिली सिम्फ़ोनीस के बराबर का स्थान हासिल करते हुए, इसकी मूल श्रृंखला ने सात बार एनिमेटेड लघु-फ़िल्म के लिए अकादमी पुरस्कार|सर्वश्रेष्ठ लघु विषयक (कार्टून्स) अकादमी पुरस्कार जीता। 1960 से शुरू करते हुए, MGM के पास मूल फ़िल्मों के अलावा पूर्वी यूरोप में जीन डीच की अगुआई में रेमब्रांड्ट फ़िल्म्स द्वारा निर्मित नई लघु-फ़िल्में भी थीं। 1963 में चक जोन्स के सिब-टावर 12 प्रोडक्शन्स के अधीन टॉम एंड जेरी लघु-फ़िल्मों का निर्माण हॉलीवुड में पुनः आरंभ हुआ; 1967 तक चलने वाली इस श्रृंखला में कुल 161 लघु-फ़िल्में तैयार हुईं.बिल्ली और चूहे सितारों ने पुनः 1970, 1980 और 1990 दशक के दौरान हैन्ना -बारबरा और फ़िल्मेशन स्टूडियो द्वारा निर्मित टेलीविज़न कार्टून, 1992 में बनी और स्थानीय रूप से 1993 में प्रदर्शित होने वाली एक फ़ीचर फ़िल्म टॉम एंड जेरी: द मूवी में दुबारा अपनी जगह बनाई और 2000 में कार्टून नेटवर्क के लिए उनकी TV के लिए बनी पहली लघु-फ़िल्म थी, टॉम एंड जेरी: द मेंशन कैट.अद्यतन टॉम एंड जेरी थिएटर लघु-फ़िल्म, द कराटेगार्ड को सह-निर्माता, जो बारबरा ने लिखा और निर्देशित किया तथा 27 सितम्बर 2005 को यह लॉस एंजिल्स के सिनेमा-घरों में पहली बार प्रदर्शित हुई। इस समय, टाइम वार्नर के पास (टर्नर एंटरटेनमेंट डिवीज़न के माध्यम से) टॉम एंड जेरी के अधिकार हैं (जिनका वितरण वार्नर ब्रदर्स संभाल रहे हैं)। विलय के बाद से, टर्नर ने, CW के शनिवार की सुबह के कार्यक्रम "The CW4Kids" की माला में प्रदर्शन के लिए टॉम एंड जेरी टेल्स श्रृंखला का निर्माण किया, जिसके साथ-साथ हाल ही में 2005 के दौरान टॉम एंड जेरी लघु-फ़िल्म द कराटे गार्ड और डाइरेक्ट-टू-वीडियो फ़िल्म निर्मित की - ये सभी वार्नर ब्रदर्स एनीमेशन के सहयोग से बनी हैं। टॉम एंड जेरी अभिनीत कुल 162 थिएटर लघु- फ़िल्में मौजूद हैं। समस्त टॉम एंड जेरी थिएटर लघु-फ़िल्मों की सूची के लिएटॉम एंड जेरी कार्टून सूची देखें.

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एक मुसाफ़िर एक हसीना

एक मुसाफ़िर एक हसीना १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम

अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम अथवा ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम (A P J Abdul Kalam), (15 अक्टूबर 1931 - 27 जुलाई 2015) जिन्हें मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से जाना जाता है, भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता (इंजीनियर) के रूप में विख्यात थे। इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संभाला व भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे। इन्हें बैलेस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के विकास के कार्यों के लिए भारत में मिसाइल मैन के रूप में जाना जाने लगा। इन्होंने 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरान-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाई। कलाम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी व विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों के समर्थन के साथ 2002 में भारत के राष्ट्रपति चुने गए। पांच वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, वह शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक सेवा के अपने नागरिक जीवन में लौट आए। इन्होंने भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किये। .

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झूला (1962 फ़िल्म)

झूला 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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डायरेक्ट ब्रॉडकास्ट सैटेलाइट

घरों के ऊपर डीटीएच की डिश घर पहुँच सेवा या डायरेक्ट ब्रॉडकास्ट सैटेलाइट (डीबीएस) या डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) उपग्रह से सीधे टीवी प्रसारण सेवा सुविधा है। इस प्रसारण में उपभोक्ता को अपने घर में डिश लगानी होती है। इस प्रसारण में केबल टीवी ऑपरेटर की भूमिका खत्म हो जाती है और प्रसारणकर्त्ता सीधे उपभोगताओं को सेवा प्रदान करता है।|हिन्दुस्तान लाइव। २२ जनवरी २०१० डीटीएच नेटवर्क प्रसारण केन्द्र, उपग्रह, एनकोडर, मल्टीपिल्क्सर, मॉडय़ूलेटर और उपभोगताओं से मिलकर बनता है। एक डीटीएच सेवा प्रदाता को उपग्रह से केयू बैंड ट्रांसपोंडर को लीज या किराए पर लेना होता है। इसके बाउ एनकोडर ऑडियो, वीडियो व डाटा सिगनल को डिजिटल फॉरमेट में बदल देता है। मल्टीपिल्कसर इन संकेतों को मिश्रित करता है और इसके बाद उपभोगता के घर पर लगे सैट टॉप बॉक्स या डिश एंटीना डी-कोड कर कार्यक्रमों को टीवी पर प्रसारित करते हैं। डीबीएस को प्रायः पर मिनी डिश सिस्टम भी कहा जाता है। डीबीएस में ४ बैंड के ऊपरी हिस्से व बैंड के कुछ हिस्सों को उपयोग में लिया जाता है। संशोधित डीबीएस को सी-बैंड उपग्रह से भी संचालित किया जा सकता है। अधिकांश डीबीएस डीवीबी-एस मानकों को अपने प्रसारण के लिए उपयोग में लाते हैं। इन मानको को पे-टीवी सेवाओं के तहत रखा गया है। .

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डॉ .पद्मजा शर्मा

डॉ.पद्मजा शर्मा (जन्म 5 मार्च 1962,बिरमी,झुंझुनूं ,राजस्थान)समकालीन हिन्दी साहित्य में एक अलग पहचान रखती हैं। आप हिन्दी में कविता, शब्दचित्र, लघु कथा और आलोचना लिखती हैं। आपने हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकारों के साक्षात्कार लिए हैं। आपकी कुल 21 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें कविता की सात, शब्दचित्रों की पाँच,आलोचना की तीन, साक्षात्कारों की एक,लघुकथा की एक तथा सम्पादन की चार किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। आपने कॉलेज में पढ़ाया, प्राचार्या रहीं। आजकल आप जोधपुर में रहकर स्वतंत्र लेखन कर रही हैं। .

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डॉक्टर विद्या (1962 फ़िल्म)

डॉक्टर विद्या 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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तरलोक सिंह

तरलोक सिंह को प्रशासकीय सेवा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पंजाब राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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ताराबाई मोदक

ताराबाई मोदक को समाज सेवा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये महाराष्ट्र राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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त्रिनिदाद और टोबैगो

त्रिनिदाद और टोबैगो आधिकारिक रूप से त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य कैरिबियाई सागर में स्थित, पूरी तरह से द्विपों पर स्थित देश है। यह दक्षिण कैरिबिया में, वेनेज़ुएला के उत्तर-पूर्व में है। इसकी जलसीमा बारबाडोस से उत्तर-पूर्व में, गयाना से दक्षिण-पूर्व में तथा वेनेज़ुएला से दक्षिण और पश्चिम में जलसीमा साझा करती है। इस देश का क्षेत्रफल ५,१३० वर्ग किलोमीटर है। इस द्वीप समूह में दो मुख्य द्वीप है- त्रिनिदाद और टोबैगो। इन मुख्य द्वीपों के अलावा कई छोटे-छोटे द्वीप हैं। त्रिनिदाद, देश के ९४% क्षेत्र और ९६% आबादी के साथ, देश का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला द्वीप है। त्रिनिदाद द्वीप, १४९८ में कोलंबस के आगमन से लेकर १८ फ़रवरी १७९७ में स्पैनिश गवर्नर के ब्रिटेन को आत्मसमर्पण तक, स्पेन के अधीन था। इस दौरान टोबैगो द्वीप पर स्पैनिश, ब्रिटिश, फ्रेंच, डच, कौरलैंड का शासन रहा। सन १८०२ मई त्रिनिदाद और टोबैगो को एमिएन्ज़ की संधि के तहत ब्रिटेन को सौंप दिया गया था। १९६२ में इसे आज़ादी मिली और १९७६ में यह गणराज्य बना। इसकी अर्थव्यवस्था अन्य अंग्रेजी भाषी केरिबियन देशों से उलट मुख्यतः उद्योगों पर आधारित है। इस देश की सरकार ने देश का बहुत अच्छी तरह से आर्थिक विकास किया। २००३-२००८ के बीच देश की विकास दर ७% थी। यह कैरीबिया की आर्थिक शक्ति है। .

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दिल तेरा दीवाना (1962 फ़िल्म)

दिल तेरा दीवाना 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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दुखन राम

दुखन राम को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये बिहार राज्य से हैं। दुखन राम को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६७ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये बिहार राज्य से हैं। श्रेणी:१९६७ पद्म भूषण श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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दौलत सिंह कोठारी

भारत के महान रक्षावैज्ञानिक '''श्री दौलत सिंह कोठारी''' दौलत सिंह कोठारी (1905–1993) भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विज्ञान नीति में जो लोग शामिल थे उनमें डॉ॰ कोठारी, होमी भाभा, डॉ॰ मेघनाथ साहा और सी.वी.

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धनसिंह थापा

मेजर धनसिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित नेपाली मूल के भारतीय सैनिक हैं। इन्हे यह सम्मान सन 1962 मे मिला। वे अगस्त १९४९ में भारतीय सेना की आठवीं गोरखा राइफल्स में अधिकारी के रूप में शामिल हुए थे। भारत द्वारा अधिकृत विवादित क्षेत्र में बढ़ते चीनी घुसपैठ के जवाब में भारत सरकार ने "फॉरवर्ड पॉलिसी" को लागू किया। योजना यह थी कि चीन के सामने कई छोटी-छोटी पोस्टों की स्थापना की जाए। चीन-भारतीय युद्ध अक्टूबर 1962 में शुरू हुआ; 21 अक्तूबर को, चीनी ने पैनगॉन्ग झील के उत्तर में सिरिजैप और यूल पर कब्ज़ा करने के उद्देश्य से घुसपैठ शुरू की थी। सिरिजैप 1, पांगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर 8 गोरखा राइफल्स की प्रथम बटालियन द्वारा स्थापित एक पोस्ट थी जो मेजर धन सिंह थापा की कमान में थी। जल्द ही यह पोस्ट चीनी सेनाओं द्वारा घेर लिया गया था। मेजर थापा और उसके सैनिकों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीन आक्रमणों को असफल कर दिया। थापा सहित बचे लोगों को युद्ध के कैदियों के रूप में कैद कर लिया गया था। अपने महान कृत्यों और अपने सैनिकों को युद्ध के दौरान प्रेरित करने के उनके प्रयासों के कारण उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। .

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धोंडो केशव कर्वे

महर्षि डॉ॰ धोंडो केशव कर्वे (अप्रेल १८, १८५८ - नवंबर ९, १९६२) प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। उन्होने महिला शिक्षा और विधवा विवाह मे महत्त्वपूर्ण योगदान किया। उन्होने अपना जीवन महिला उत्थान को समर्पित कर दिया। उनके द्वारा मुम्बई में स्थापित एस एन डी टी महिला विश्वविघालय भारत का प्रथम महिला विश्वविघालय है। वे वर्ष १८९१ से वर्ष १९१४ तक पुणे के फरगुस्सन कालेज में गणित के अध्यापक थे। उन्हे वर्ष १९५८ में भारत रत्न से सम्मनित किया गया। .

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नाथूला दर्रा

नाथूला हिमालय का एक पहाड़ी दर्रा है जो भारत के सिक्किम राज्य और दक्षिण तिब्बत में चुम्बी घाटी को जोड़ता है।, G. S. Bajpai, pp.

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नाना पालसिकर

नाना पालसिकर हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। .

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नारायण सीताराम फड़के

नारायण सीताराम फड़के (1894 - 1978) मराठी के साहित्यकार (उपन्यासकार, कहानीकार एवं नाटककार) थे। उन्हे साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। .

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नियाज़ मुहम्मद फतेहपुरी

नियाज़ मुहम्मद फतेहपुरी को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये उत्तर प्रदेश राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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निविया स्पोर्ट्स

निवीया स्पोर्ट्स, फ्री विल स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर के तहत जालंधर, पंजाब में स्थित एक भारतीय खेल उपकरण निर्माता है।  यह फर्म फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, टेनिस आदि खेल के लिए जूते, परिधान, उपकरण और सामान बनाती है। यह भारत में कई राष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए भागीदारी की है।.

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निक होलोनिक

निक होलोनिक जूनियर (जन्म: ज़ेइग्लर, इलिनोयस, ३ नवंबर, १९२८) ने प्रथम प्रकाश उत्सर्जक डायोड का आविष्कार किया था। ये आवेष्कार १९६२ में जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी की प्रयोगशाला में वैज्ञानिक के पद पर कार्य करते हुए किया था। इन्हें एल.ई.डी का जनक कहा जाता है। .

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नकली नवाब (1962 फ़िल्म)

नकली नवाब 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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नेशनल बुक अवॉर्ड (संयुक्त राज्य)

अमेरिका का राष्ट्रिय पुस्तक पुरस्कार .

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पदार्थ प्रौद्योगिकी की समय रेखा

कोई विवरण नहीं।

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पद्म भूषण

पद्म भूषण सम्मान भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो देश के लिये बहुमूल्य योगदान के लिये दिया जाता है। भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों में भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्मश्री का नाम लिया जा सकता है। पद्म भूषण रिबन .

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परमवीर चक्र

परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण है जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गयी थी जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं एवं इसे देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समझा जाता है। इससे पहले जब भारतीय सेना ब्रिटिश सेना के तहत कार्य करती थी तो सेना का सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रास हुआ करता था। लेफ्टीनेंट या उससे कमतर पदों के सैन्य कर्मचारी को यह पुरस्कार मिलने पर उन्हें (या उनके आश्रितों को) नकद राशि या पेंशन देने का भी प्रावधान है। हालांकि पेंशन की न्यून राशि जो सैन्य विधवाओं को उनके पुनर्विवाह या मरने से पहले तक दी जाती है अभी तक विवादास्पद रही है। मार्च 1999 में यह राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दी गयी थी। जबकि कई प्रांतीय सरकारों ने परमवीर चक्र से सम्मानित सैन्य अधिकारी के आश्रितों को इससे कहीं अधिक राशि की पेंशन मुहैय्या करवाती है। परमवीर चक्र हासिल करने वाले शूरवीरों में सूबेदार मेजर बन्ना सिंह ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो कारगिल युद्ध तक जीवित थे। सूबेदार सिंह जम्मू कश्मीर लाइट इनफेन्ट्री की आठवीं रेजीमेंट में कार्यरत थे। .

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पंजाबी विश्वविद्यालय

पंजाबी विश्वविद्यालय, (पंजाबी:ਪੰਜਾਬੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ, अंग्रेजी:Punjabi University) भारत के पंजाब राज्य के शहर पटियाला में स्थित एक विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना 30 अप्रैल 1962 को हुई थी। इस विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य पंजाबी भाषा के विकास और पंजाबी संस्कृति के प्रसार को प्रोत्साहित करना था। यह विश्व का दूसरा ऐसा विश्वविद्यालय है जिसका नाम किसी भाषा के नाम पर रखा गया है, पहला विश्वविद्यालय, इब्रानी (हिब्रू) विश्वविद्यालय, इस्राइल है। पंजाबी विश्वविद्यालय का परिसर 316 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और बागों के शहर पटियाला से ७ किलोमीटर दूर चंडीगढ़ रोड पर स्थित है। विश्वविद्यालय में 55 विभाग कार्यरत हैं। विश्वविद्यालय में मानविकी और विज्ञान के क्षेत्र में, ललित कला, कम्प्यूटर विज्ञान और व्यवसायिक प्रबंधन जैसे विषयों के अध्ययन की व्यवस्था है। यहाँ लगभग 15000 छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। शिवराज पाटिल विश्वविद्यालय के कुलपति और डाक्टर जसपाल सिंह उपकुलपति हैं। .

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पुरुषोत्तम दास टंडन

पुरूषोत्तम दास टंडन (१ अगस्त १८८२ - १ जुलाई, १९६२) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी थे। हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा के पद पर प्रतिष्ठित करवाने में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के अग्रणी पंक्ति के नेता तो थे ही, समर्पित राजनयिक, हिन्दी के अनन्य सेवक, कर्मठ पत्रकार, तेजस्वी वक्ता और समाज सुधारक भी थे। हिन्दी को भारत की राजभाषा का स्थान दिलवाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया। १९५० में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्हें भारत के राजनैतिक और सामाजिक जीवन में नयी चेतना, नयी लहर, नयी क्रान्ति पैदा करने वाला कर्मयोगी कहा गया। वे जन सामान्य में राजर्षि (संधि विच्छेदः राजा+ऋषि.

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प्रतिभा देवीसिंह पाटिल

प्रतिभा देवीसिंह पाटिल (जन्म १९ दिसंबर १९३४) स्वतन्त्र भारत के ६० साल के इतिहास में पहली महिला राष्ट्रपति तथा क्रमानुसार १२वीं राष्ट्रपति रही हैं। राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिभा पाटिल ने अपने प्रतिद्वंदी भैरोंसिंह शेखावत को तीन लाख से ज़्यादा मतों से हराया था। प्रतिभा पाटिल को ६,३८,११६ मूल्य के मत मिले, जबकि भैरोंसिंह शेखावत को ३,३१,३०६ मत मिले। उन्होंने २५ जुलाई २०१२ को संसद के सेण्ट्रल हॉल में आयोजित समारोह में नव निर्वाचित राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को अपना कार्यभार सौंपते हुए राष्ट्रपति भवन से विदा ली। .

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प्रसिद्ध पुस्तकें

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प्राइवेट सेक्रेटरी

प्राइवेट सेक्रेटरी १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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प्रेम पत्र

प्रेम पत्र १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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प्रेमचंद ढांढा

प्रेमचंद ढांढा को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पंजाब राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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पूर्वोत्तर भारत

पूर्वोत्तर भारत से आशय भारत के सर्वाधिक पूर्वी क्षेत्रों से है जिसमें एक साथ जुड़े 'सात बहनों' के नाम से प्रसिद्ध राज्य, सिक्किम तथा उत्तरी बंगाल के कुछ भाग (दार्जीलिंग, जलपाईगुड़ी और कूच बिहार के जिले) शामिल हैं। पूर्वोत्तर भारत सांस्कृतिक दृष्टि से भारत के अन्य राज्यों से कुछ भिन्न है। भाषा की दृष्टि से यह क्षेत्र तिब्बती-बर्मी भाषाओँ के अधिक प्रचलन के कारण अलग से पहचाना जाता है। इस क्षेत्र में वह दृढ़ जातीय संस्कृति व्याप्त है जो संस्कृतीकरण के प्रभाव से बची रह गई थी। इसमें विशिष्ट श्रेणी के मान्यता प्राप्त आठ राज्य भी हैं। इन आठ राज्यों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए 1971 में पूर्वोतर परिषद (नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल / NEC) का गठन एक केन्द्रीय संस्था के रूप में किया गया था। नॉर्थ ईस्टर्न डेवेलपमेंट फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड (NEDFi) का गठन 9 अगस्त 1995 को किया गया था और उत्तरपूर्वीय क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) का गठन सितम्बर 2001 में किया गया था। उत्तरपूर्वीय राज्यों में सिक्किम 1947 में एक भारतीय संरक्षित राज्य और उसके बाद 1975 में एक पूर्ण राज्य बन गया। पश्चिम बंगाल में स्थित सिलीगुड़ी कॉरिडोर जिसकी औसत चौड़ाई 21 किलोमीटर से 40 किलोमीटर के बीच है, उत्तरपूर्वीय क्षेत्र को मुख्य भारतीय भू-भाग से जोड़ता है। इसकी सीमा का 2000 किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र अन्य देशों: नेपाल, चाइना, भूटान, बर्मा और बांग्लादेश के साथ लगती है। .

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पॉल न्युमैन

पॉल लियोनार्ड न्युमैन (26 जनवरी 1925 - 26 सितंबर 2008) एक अमेरिकी अभिनेता, फिल्म निर्देशक, उद्यमी, मानवतावादी और ऑटो रेसिंग के शौक़ीन व्यक्ति थे। उन्होंने कई पुरस्कार जीते, जिनमें 1986 की मार्टिन स्कौर्सेसे की फिल्म द कलर ऑफ मनी में उनके अभिनय के लिए दिया गया सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अकादमी पुरस्कार और आठ अन्य नामांकन, तीन गोल्डन ग्लोब पुरस्कार, एक बाफ्टा (BAFTA) पुरस्कार, एक स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड पुरस्कार, एक कान फिल्म समारोह पुरस्कार, एक एमी पुरस्कार और कई मानद पुरस्कार शामिल थे। उन्होंने स्पोर्ट्स कार क्लब ऑफ अमेरिका की रोड रेसिंग में एक ड्राइवर के रूप में कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप भी जीते और उनकी रेसिंग टीमों ने ओपन व्हील इंडीकार रेसिंग में कई प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की। न्युमैन अपनी खुद की एक फ़ूड कंपनी के सह-संस्थापक भी थे, जहां से उन्होंने अपने समस्त कर पश्चात लाभ एवं रॉयल्टी चैरिटी को दान कर दिया। Newman's Own.com.

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फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। .

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फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। .

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फ़ॉर्मूला वन

The formula was defined in 1946; the first Formula One race was in 1947; the first World Championship season was 1950.

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फेरारी

फेरारी S.p. A., इटली के मैरानेलो स्थित एक स्पोर्ट्स कार निर्माता है। इसकी स्थापना, 1929 में स्क्यूडेरिया फेरारी के रूप में एंज़ो फेरारी द्वारा की गई। 1947 में फेरारी S.p. के रूप में कानूनी तौर पर चलने वाले वाहनों का उत्पादन करने से पहले इस कंपनी ने चालकों को प्रायोजित किया और दौड़ में भाग लेने वाली गाड़ियों का उत्पादन किया।A. अपने सम्पूर्ण इतिहास के दौरान,दौड़ प्रतियोगिता, खास करके फ़ॉर्मूला वन Formula One में अपनी निरंतर भागीदारी के लिए यह कंपनी प्रसिद्ध रहा है जहां इसे अपार सफलता मिली.

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बड़े ग़ुलाम अली ख़ान

बड़े गुलाम अली खां उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां (२ अप्रैल १९०२- २३ अप्रैल १९६८) हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के पटियाला घराने के गायक थे। उनकी गणना भारत के महानतम गायकों व संगीतज्ञों में की जाती है। इनका जन्म लाहौर के निकट कसूर नामक स्थान पर पाकिस्तान में हुआ था, पर इन्होने अपना जीवन अलग समयों पर लाहौर, बम्बई, कोलकाता और हैदराबाद में व्यतीत किया। प्रसिद्ध ग़जल गायक गुलाम अली इनके शिष्य थे। इनका परिवार संगीतज्ञों का परिवार था। बड़े गुलाम अली खां की संगीत की दुनिया का प्रारंभ सारंगी वादक के रूप में हुआ बाद में उन्होंने अपने पिता अली बख्श खां, चाचा काले खां और बाबा शिंदे खां से संगीत के गुर सीखे। इनके पिता महाराजा कश्मीर के दरबारी गायक थे और वह घराना "कश्मीरी घराना" कहलाता था। जब ये लोग पटियाला जाकर रहने लगे तो यह घराना "पटियाला घराना" के नाम से जाना जाने लगा। अपने सधे हुए कंठ के कारण बड़े गुलाम अली खां ने बहुत प्रसिद्ध पाई। सन १९१९ के लाहौर संगीत सम्मेलन में बड़े गुलाम अली खां ने अपनी कला का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन किया। इसके कोलकाता और इलाहाबाद के संगीत सम्मेलनों ने उन्हें देशव्यापी ख्याति दिलाई। उन्होंने अपनी बेहद सुरीली और लोचदार आवाज तथा अभिनव शैली के बूते ठुमरी को एकदम नये अंदाज में ढाला जिसमें लोक संगीत की मिठास और ताजगी दोनों मौजूद थी। संगीत समीक्षकों के अनुसार उस्ताद खां ने अपने प्रयोगधर्मी संगीत की बदौलत ठुमरी की बोल बनाव शैली से परे जाकर उसमें एक नयी ताजगी भर दी। उनकी इस शैली को ठुमरी के पंजाब अंग के रूप में जाना जाता है। वे अपने खयाल गायन में ध्रुपद, ग्वालियर घराने और जयपुर घराने की शैलियों का खूबसूरत संयोजन करते थे। बड़े गुलाम अली खां के मुँह से एक बार "राधेश्याम बोल" भजन सुनकर महात्मा गाँधी बहुत प्रभावित हुए थे। मुगले आजम फिल्म में तानसेन पात्र के लिए उन्होंने ही अपनी आवाज़ दी थी। भारत सरकार ने १९६२ ई. में उन्हें "पद्मभूषण" से सम्मानित किया था। २३ अप्रैल १९६८ ई. को बड़े गुलाम अली खां का देहावसान हो गया। .

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बम्बई का चोर

बम्बई का चोर १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बर्मा रोड (1962 फ़िल्म)

बर्मा रोड १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बर्मा के प्रधानमंत्री

प्रधान मंत्री बर्मा की सरकार का सर्वोच्च पद है। १९४८ से बर्मा के १० प्रधान मंत्री हो चुके है। बर्मा के सैन्य इतिहास के कारण इस पद पर कई बार सैन्य अधिकारी आसीन हुए है। .

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बर्लिन की दीवार

''"Irgendwann fällt jede Mauer" - "अंततः हर दीवार गिरती है"'' बर्लिन की दीवार (जर्मन: Berliner Mauer बर्लीनर माउअर) पश्चिमी बर्लिन और जर्मन लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच एक अवरोध थी जिसने 28 साल तक बर्लिन शहर को पूर्वी और पश्चिमी टुकड़ों में विभाजित करके रखा। इसका निर्माण 13 अगस्त 1961 को शुरु हुआ और 9 नवम्बर, 1989 के बाद के सप्ताहों में इसे तोड़ दिया गया। बर्लिन की दीवार अन्दरुनी जर्मन सीमा का सबसे प्रमुख भाग थी और शीत युद्ध का प्रमुख प्रतीक थी। बर्लिन की दीवार का एक भाग। बीच के "मृत्यु क्षेत्र" में बचकर भागने वाले प्रवासी सीमा रक्षकों के लिए सीधा निशाना बनते थे। दीवार के एक ओर भित्तिचित्र देखे जा सकते हैं। ये केवल पश्चिमी बर्लिन की तरफ बनाए जा सकते थे, पूर्वी बर्लिन की ओर ऐसा करना सख्त मना था। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जब जर्मनी का विभाजन हो गया, तो सैंकड़ों कारीगर और व्यवसायी प्रतिदिन पूर्वी बर्लिन को छोड़कर पश्चिमी बर्लिन जाने लगे। बहुत से लोग राजनैतिक कारणों से भी समाजवादी पूर्वी जर्मनी को छोड़कर पूँजीवादी पश्चिमी जर्मनी जाने लगे (जर्मन: Republikflucht)। इससे पूर्वी जर्मनी को आर्थिक और राजनैतिक रूप से बहुत हानि होने लगी। बर्लिन दीवार का उद्देश्य इसी प्रवासन को रोकना था। इस दीवार के विचार की कल्पना वाल्टर उल्ब्रिख़्त के प्रशासन ने की और सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव ने इसे मंजूरी दी। बर्लिन की दीवार बनने से यह प्रवास बहुत कम हो गया - 1949 और 1962 के बीच में जहाँ 25 लाख लोगों ने प्रवास किया वहीं 1962 और 1989 के बीच केवल 5,000 लोगों ने। लेकिन इस दीवार का बनना समाजवादी गुट के प्रचार तंत्र के लिए बहुत बुरा साबित हुआ। पश्चिम के लोगों के लिए यह समाजवादी अत्याचार का प्रतीक बन गई, खास तौर पर जब बहुत से लोगों को सीमा पार करते हुए गोली मार दी गई। बहुत से लोगों ने सीमा पार करने के अनोखे तरीके खोजे - सुरंग बनाकर, गरम हवा के गुब्बारों से, दीवार के ऊपर गुजरती तारों पर खिसककर, या तेज रफ्तार गाड़ियों से सड़क अवरोधों को तोड़ते हुए। 1980 के दशक में सोवियत आधिपत्य के पतन होने से पूर्वी जर्मनी में राजनैतिक उदारीकरण शुरू हुआ और सीमा नियमों को ढीला किया गया। इससे पूर्वी जर्मनी में बहुत से प्रदर्शन हुए और अंततः सरकार का पतन हुआ। 9 नवम्बर 1989 को घोषणा की गई कि सीमा पर आवागमन पर से रोक हटा दी गई है। पूर्वी और पश्चिमा बर्लिन दोनों ओर से लोगों के बड़े बड़े समूह बर्लिन की दीवार को पारकर एक-दूसरे से मिले। अगले कुछ सप्ताहों में उल्लास का माहौल रहा और लोग धीरे-धीरे दीवार के टुकड़े तोड़कर यादगार के लिए ले गए। बाद में बड़े उपकरणों का प्रयोग करके इसे ढहा दिया गया। बर्लिन दीवार के गिरने से पूरे जर्मनी में राष्ट्रवाद का उदय हुआ और पूर्वी जर्मनी के लोगों ने जर्मनी के पुनरेकीकरण के लिए मंजूरी दे दी। 3 अक्टूबर 1990 को जर्मनी फिर से एक हो गया। .

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बात एक रात की

बात एक रात की 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बिधान चंद्र रॉय

डॉ॰ बिधान चंद्र राय (जुलाई १, १८८२ - जुलाई १, १९६२) चिकित्सक तथा स्वतंत्रता सेनानी थे। वे पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री थे, १४ जनवरी १९४८ से उनकी म्रत्यु तक १४ वर्ष तक वे इस पद पर थे। उनके जन्मदिन १ जुलाई को भारत मे 'चिकित्सक दिवस' के रूप मे मनाया जाता है। उन्हे वर्ष १९६१ में भारत रत्न से सम्मनित किया गया। बिधान चंद्र के पूर्वज बंगाल के राजघराने से सम्बंधित थे और उन्होंने मुग़लों का जमकर मुकाबला किया डॉ बिधान चंद्र राय,कायस्थ महाराजा प्रतापदित्य के वंशज थे। .

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बिहार के राज्यपालों की सूची

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बीस साल बाद (1962 फ़िल्म)

बीस साल बाद 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बीसवीं शताब्दी

ग्रेगरी पंचांग (कलेंडर) के अनुसार ईसा की बीसवीं शताब्दी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसम्बर 2000 तक मानी जाती है। कुछ इतिहासवेत्ता 1914 से 1992 तक को संक्षिप्त बीसवीं शती का नाम भी देते हैं। (उन्नीसवी शताब्दी - बीसवी शताब्दी - इक्कीसवी शताब्दी - और शताब्दियाँ) दशक: १९०० का दशक १९१० का दशक १९२० का दशक १९३० का दशक १९४० का दशक १९५० का दशक १९६० का दशक १९७० का दशक १९८० का दशक १९९० का दशक ---- समय के गुज़रने को रेकोर्ड करने के हिसाब से देखा जाये तो बीसवी शताब्दी वह शताब्दी थी जो १९०१ - २००० तक चली थी। मनुष्य जाति के जीवन का लगभग हर पहलू बीसवी शताब्दी में बदल गया।.

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भारत रत्‍न

भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अन्य अलंकरणों के समान इस सम्मान को भी नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, यह प्रावधान 1955 में बाद में जोड़ा गया। तत्पश्चात् 13 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 12 मानी जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सम्मानों में भारत रत्न के पश्चात् क्रमशः पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री हैं। .

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भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश

भारत राज्यों का एक संघ है। इसमें उन्तीस राज्य और सात केन्द्र शासित प्रदेश हैं। ये राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश पुनः जिलों और अन्य क्षेत्रों में बांटे गए हैं।.

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भारत के अभयारण्य

भारत में 500 से अधिक प्राणी अभयारण्य हैं, जिन्हें वन्य जीवन अभयारण्य (IUCN श्रेणी IV सुरक्षित क्षेत्र) कहा जाता है। इनमें से 28 बाघ अभयारण्य बाघ परियोजना द्वारा संचालित हैं, जो बाघ-संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ वन्य अभयारण्यों को पक्षी-अभयारण्य कहा जाता रहा है, (जैसे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान) जब तक कि उन्हें राष्ट्रीय उद्यान का दर्ज़ा नहीं मिल गया। कई राष्ट्रीय उद्यान पहले वन्य जीवन अभयारण्य ही थे। कुछ वन्य जीवन अभयारण्य संरक्षण हेतु राष्ट्रीय महत्व रखते हैं, अपनी कुछ मुख्य प्राणी प्रजातियों के कारण। अतः उन्हें राष्ट्रीय वन्य जीवन अभयारण्य कहा जाता है, जैसे.

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भारतीय थलसेना

भारतीय थलसेना, सेना की भूमि-आधारित दल की शाखा है और यह भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग है। भारत का राष्ट्रपति, थलसेना का प्रधान सेनापति होता है, और इसकी कमान भारतीय थलसेनाध्यक्ष के हाथों में होती है जो कि चार-सितारा जनरल स्तर के अधिकारी होते हैं। पांच-सितारा रैंक के साथ फील्ड मार्शल की रैंक भारतीय सेना में श्रेष्ठतम सम्मान की औपचारिक स्थिति है, आजतक मात्र दो अधिकारियों को इससे सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना का उद्भव ईस्ट इण्डिया कम्पनी, जो कि ब्रिटिश भारतीय सेना के रूप में परिवर्तित हुई थी, और भारतीय राज्यों की सेना से हुआ, जो स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्रीय सेना के रूप में परिणत हुई। भारतीय सेना की टुकड़ी और रेजिमेंट का विविध इतिहास रहा हैं इसने दुनिया भर में कई लड़ाई और अभियानों में हिस्सा लिया है, तथा आजादी से पहले और बाद में बड़ी संख्या में युद्ध सम्मान अर्जित किये। भारतीय सेना का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद की एकता सुनिश्चित करना, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण और आंतरिक खतरों से बचाव, और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना हैं। यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य गड़बड़ी के दौरान मानवीय बचाव अभियान भी चलाते है, जैसे ऑपरेशन सूर्य आशा, और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए सरकार द्वारा भी सहायता हेतु अनुरोध किया जा सकता है। यह भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के साथ राष्ट्रीय शक्ति का एक प्रमुख अंग है। सेना अब तक पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चार युद्धों तथा चीन के साथ एक युद्ध लड़ चुकी है। सेना द्वारा किए गए अन्य प्रमुख अभियानों में ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन कैक्टस शामिल हैं। संघर्षों के अलावा, सेना ने शांति के समय कई बड़े अभियानों, जैसे ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स और युद्ध-अभ्यास शूरवीर का संचालन किया है। सेना ने कई देशो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में एक सक्रिय प्रतिभागी भी रहा है जिनमे साइप्रस, लेबनान, कांगो, अंगोला, कंबोडिया, वियतनाम, नामीबिया, एल साल्वाडोर, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक और सोमालिया आदि सम्मलित हैं। भारतीय सेना में एक सैन्य-दल (रेजिमेंट) प्रणाली है, लेकिन यह बुनियादी क्षेत्र गठन विभाजन के साथ संचालन और भौगोलिक रूप से सात कमान में विभाजित है। यह एक सर्व-स्वयंसेवी बल है और इसमें देश के सक्रिय रक्षा कर्मियों का 80% से अधिक हिस्सा है। यह 1,200,255 सक्रिय सैनिकों और 909,60 आरक्षित सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना है। सेना ने सैनिको के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसे "फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री सैनिक एक प्रणाली के रूप में" के नाम से जाना जाता है इसके साथ ही यह अपने बख़्तरबंद, तोपखाने और उड्डयन शाखाओं के लिए नए संसाधनों का संग्रह एवं सुधार भी कर रहा है।.

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भारतीय आम चुनाव, 1951-2009

भारतीय आम चुनाव में राजनीति दलों की स्थिति निम्नलिखित प्रकार से रही.

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भारतीय इतिहास तिथिक्रम

भारत के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं तिथिक्रम में।;भारत के इतिहास के कुछ कालखण्ड.

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भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम

भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम डॉ विक्रम साराभाई की संकल्पना है, जिन्हें भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा गया है। वे वैज्ञानिक कल्पना एवं राष्ट्र-नायक के रूप में जाने गए। वर्तमान प्रारूप में इस कार्यक्रम की कमान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के हाथों में है। .

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, (संक्षेप में- इसरो) (Indian Space Research Organisation, ISRO) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है जिसका मुख्यालय बेंगलुरू कर्नाटक में है। संस्थान में लगभग सत्रह हजार कर्मचारी एवं वैज्ञानिक कार्यरत हैं। संस्थान का मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष संबधी तकनीक उपलब्ध करवाना है। अन्तरिक्ष कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में उपग्रहों, प्रमोचक यानों, परिज्ञापी राकेटों और भू-प्रणालियों का विकास शामिल है। 1969 में स्थापित, इसरो अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए तत्कालीन भारतीय राष्ट्रीय समिति (INCOSPAR) स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और उनके करीबी सहयोगी और वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के प्रयासों से 1962 में स्थापित किया गया। भारत का पहला उपग्रह, आर्यभट्ट, जो 19 अप्रैल 1975 सोवियत संघ द्वारा शुरू किया गया था यह गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था बनाया।इसने 5 दिन बाद काम करना बंद कर दिया था। लेकिन ये अपने आप में भारत के लिये एक बड़ी उपलब्धि थी। 7 जून 1979 को भारत ने दूसरा उपग्रह भास्कर 445 किलो का था, पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया। 1980 में रोहिणी उपग्रह पहला भारतीय-निर्मित प्रक्षेपण यान एसएलवी -3 बन गया जिस्से कक्षा में स्थापित किया गया। इसरो ने बाद में दो अन्य रॉकेट विकसित किये। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान उपग्रहों शुरू करने के लिए ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी),भूस्थिर कक्षा में उपग्रहों को रखने के लिए ध्रुवीय कक्षाओं और भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान। ये रॉकेट कई संचार उपग्रहों और पृथ्वी अवलोकन गगन और आईआरएनएसएस तरह सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम तैनात किया उपग्रह का शुभारंभ किया।जनवरी 2014 में इसरो सफलतापूर्वक जीसैट -14 का एक जीएसएलवी-डी 5 प्रक्षेपण में एक स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल किया गया। इसरो के वर्तमान निदेशक ए एस किरण कुमार हैं। आज भारत न सिर्फ अपने अंतरिक्ष संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम है बल्कि दुनिया के बहुत से देशों को अपनी अंतरिक्ष क्षमता से व्यापारिक और अन्य स्तरों पर सहयोग कर रहा है। इसरो एक चंद्रमा की परिक्रमा, चंद्रयान -1 भेजा, 22 अक्टूबर 2008 और एक मंगल ग्रह की परिक्रमा, मंगलयान (मंगल आर्बिटर मिशन) है, जो सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश पर 24 सितंबर 2014 को भारत ने अपने पहले ही प्रयास में सफल होने के लिए पहला राष्ट्र बना। दुनिया के साथ ही एशिया में पहली बार अंतरिक्ष एजेंसी में एजेंसी को सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा तक पहुंचने के लिए इसरो चौथे स्थान पर रहा। भविष्य की योजनाओं मे शामिल जीएसएलवी एमके III के विकास (भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए) ULV, एक पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान, मानव अंतरिक्ष, आगे चंद्र अन्वेषण, ग्रहों के बीच जांच, एक सौर मिशन अंतरिक्ष यान के विकास आदि। इसरो को शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए साल 2014 के इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंगलयान के सफल प्रक्षेपण के लगभग एक वर्ष बाद इसने 29 सितंबर 2015 को एस्ट्रोसैट के रूप में भारत की पहली अंतरिक्ष वेधशाला स्थापित किया। जून 2016 तक इसरो लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 उपग्रहों को लॉन्च कर चुका है, और इसके द्वारा उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं।http://khabar.ndtv.com/news/file-facts/in-record-launch-isro-flies-20-satellites-into-space-10-facts-1421899?pfrom.

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भौगोलिक सूचना तंत्र

डिजिटल एलिवेशन प्रतिरूप, मानचित्र और वेक्टर डाटा भौगोलिक सूचना तंत्र या भौगोलिक सूचना प्रणाली अथवा संक्षेप में जी॰आई॰एस॰, (अंग्रेज़ी Geographic information system (GIS)) कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को भौगोलिक सूचना के साथ एकीकृत कर इनके लिए आंकड़े एकत्रण, प्रबंधन, विश्लेषण, संरक्षण और निरूपण की व्यवस्था करता है।। हिन्दुस्तान लाइव। १० मार्च २०१० भूगोलीय निर्देशांक प्रणाली को मुख्यत: तीन तरीकों से देखा जा सकता है।.

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मनमौजी

मनमौजी 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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मर्लिन मुनरो

मर्लिन मुनरो (१ जून, १९२६-५ अगस्त, १९६२) अमरीका के हॉलीवुड फिल्म जगत की एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। वो लास एंजलौस मे जन्मी एवं पली-बढ़ीं। श्रेणी:1926 में जन्मे लोग श्रेणी:अमेरिकी अभिनेत्री श्रेणी:१९६२ में निधन.

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महाराष्ट्र के राज्यपालों की सूची

यह सूची भारत के भूतपूर्व बॉम्बे राज्य और वर्तमान महाराष्ट्र राज्य के राज्यपालों की है। राज्यपाल का आधिकारिक आवास राजभवन है जो राजधानी मुम्बई में स्थित है। .

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महाक्षत्रिय

महाक्षत्रिय कन्नड़ भाषा के विख्यात साहित्यकार देवुडु नरसिंह शास्त्री द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1962 में कन्नड़ भाषा के लिए मरणोपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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माँ बेटा

माँ बेटा 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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मानक हिंदी वर्तनी

हिन्दी की वर्तनी के विविध पहलुओं को लेकर १९वीं शताब्दी के अन्तिम चरण से ही विविध प्रयास होते रहे हैं। इसी तारतम्य में केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा वर्ष 2003 में देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी के मानकीकरण के लिए अखिल भारतीय संगोष्ठी का आयोजन किया था। इस संगोष्ठी में मानक हिंदी वर्तनी के लिए निम्नलिखित नियम निर्धारित किए गए थे जिन्हें सन २०१२ में आईएस/IS 16500: 2012 के रूप में लागू किया गया है। .

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मिठान जमशेद लाम

मिठान जमशेद लाम को सार्वजनिक उपक्रम के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये महाराष्ट्र राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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मिलखा सिंह

मिलखा सिंह का जन्म (लायलपुर ८ अक्टूबर १९३५) को हुआ था। वे एक सिख धावक थे जिन्होंने रोम के १९६० ग्रीष्म ओलंपिक और टोक्यो के १९६४ ग्रीष्म ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उनको "उड़न सिख" का उपनाम दिया गया था। वे भारत के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। .

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मुम्बई

भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंंबई (पूर्व नाम बम्बई), भारतीय राज्य महाराष्ट्र की राजधानी है। इसकी अनुमानित जनसंख्या ३ करोड़ २९ लाख है जो देश की पहली सर्वाधिक आबादी वाली नगरी है। इसका गठन लावा निर्मित सात छोटे-छोटे द्वीपों द्वारा हुआ है एवं यह पुल द्वारा प्रमुख भू-खंड के साथ जुड़ा हुआ है। मुम्बई बन्दरगाह भारतवर्ष का सर्वश्रेष्ठ सामुद्रिक बन्दरगाह है। मुम्बई का तट कटा-फटा है जिसके कारण इसका पोताश्रय प्राकृतिक एवं सुरक्षित है। यूरोप, अमेरिका, अफ़्रीका आदि पश्चिमी देशों से जलमार्ग या वायुमार्ग से आनेवाले जहाज यात्री एवं पर्यटक सर्वप्रथम मुम्बई ही आते हैं इसलिए मुम्बई को भारत का प्रवेशद्वार कहा जाता है। मुम्बई भारत का सर्ववृहत्तम वाणिज्यिक केन्द्र है। जिसकी भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5% की भागीदारी है। यह सम्पूर्ण भारत के औद्योगिक उत्पाद का 25%, नौवहन व्यापार का 40%, एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था के पूंजी लेनदेन का 70% भागीदार है। मुंबई विश्व के सर्वोच्च दस वाणिज्यिक केन्द्रों में से एक है। भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान जैसे भारतीय रिज़र्व बैंक, बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज, नेशनल स्टऑक एक्स्चेंज एवं अनेक भारतीय कम्पनियों के निगमित मुख्यालय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां मुम्बई में अवस्थित हैं। इसलिए इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं। नगर में भारत का हिन्दी चलचित्र एवं दूरदर्शन उद्योग भी है, जो बॉलीवुड नाम से प्रसिद्ध है। मुंबई की व्यवसायिक अपॊर्ट्युनिटी, व उच्च जीवन स्तर पूरे भारतवर्ष भर के लोगों को आकर्षित करती है, जिसके कारण यह नगर विभिन्न समाजों व संस्कृतियों का मिश्रण बन गया है। मुंबई पत्तन भारत के लगभग आधे समुद्री माल की आवाजाही करता है। .

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मुंबई की जलवायु

मुंबई में औसत तापमान एवं वर्षण (प्रैसिपिटेशन) की सारणी उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में अरब सागर के निकट स्थित मुंबई की जलवायु में दो मुख्य ऋतुएं हैं: शुष्क एवं आर्द्र ऋतु। आर्द्र ऋतु मार्च एवं अक्टूबर के बीच आती है। इसका मुख्य लक्षण है उच्च आर्द्रता व तापमन लगभग से भी अधिक। जून से सितंबर के बीच मानसून वर्षाएं नगर भिगोतीं हैं, जिससे मुंबई का वार्षिक वर्षा स्तर तक पहुँचता है। अधिकतम अंकित वार्षिक वर्षा १९५४ में थी। मुंबई में दर्ज एक दिन में सर्वोच्च वर्षा २६ जुलाई,२००५ को हुई थी। नवंबर से फरवरी तक शुष्क मौसम रहता है, जिसमें मध्यम आर्द्रता स्तर बना रहता है, व हल्का गर्म से हल्का ठंडा मौसम रहता है। जनवरी से फरवरी तक हल्की ठंड पड़ती है, जो यहाँ आने वाली ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण होती है। मुंबई का वार्षिक तापमान उच्चतम से न्यूनतम तक रहता है। अब तक का रिकॉर्ड सर्वोच्च तापमान तथा २२ जनवरी,१९६२ को नयूनतम रहा।। हालाँकि यहाँ के मौसम विभाग के दो में से एक स्टेशन द्वारा अंकित न्यूनतम तापमान कन्हेरी गुफाओं के निकट नगर की सीमाओं के भीतर स्थित स्टेशन द्वारा न्यूनतम तापमान ८ फरवरी,२००८ को अंकित किया गया। .

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मैं चुप रहूँगी (1962 फ़िल्म)

मैं चुप रहूँगी 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मैं शादी करने चला (1962 फ़िल्म)

मैं शादी करने चला 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मैकमहोन रेखा

मैकमोहन रेखा पूर्वी-हिमालय क्षेत्र के चीन-अधिकृत एवं भारत अधिकृत क्षेत्रों के बीच सीमा चिह्नित करती है। यही सीमा-रेखा १९६२ के भारत-चीन युद्ध का केन्द्र एवं कारण थी। यह क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई का पर्वतीय स्थान है, जो मानचित्र में लाल रंग से दर्शित है। मैकमहोन रेखा भारत और तिब्बत के बीच सीमा रेखा है। यह अस्तित्व में सन् १९१४ में भारत की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच शिमला समझौते के तहत आई थी। १९१४ के बाद से अगले कई वर्षो तक इस सीमारेखा का अस्तित्व कई अन्य विवादों के कारण कहीं छुप गया था, किन्तु १९३५ में ओलफ केरो नामक एक अंग्रेज प्रशासनिक अधिकारी ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर लागू करने का अनुरोध किया। १९३७ में सर्वे ऑफ इंडिया के एक मानचित्र में मैकमहोन रेखा को आधिकारिक भारतीय सीमारेखा के रूप में पर दिखाया गया था। इस सीमारेखा का नाम सर हैनरी मैकमहोन के नाम पर रखा गया था, जिनकी इस समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी और वे भारत की तत्कालीन अंग्रेज सरकार के विदेश सचिव थे। अधिकांश हिमालय से होती हुई सीमारेखा पश्चिम में भूटान से ८९० कि॰मी॰ और पूर्व में ब्रह्मपुत्र तक २६० कि॰मी॰ तक फैली है। जहां भारत के अनुसार यह चीन के साथ उसकी सीमा है, वही, चीन १९१४ के शिमला समझौते को मानने से इनकार करता है। चीन के अनुसार तिब्बत स्वायत्त राज्य नहीं था और उसके पास किसी भी प्रकार के समझौते करने का कोई अधिकार नहीं था। चीन के आधिकारिक मानचित्रों में मैकमहोन रेखा के दक्षिण में ५६ हजार वर्ग मील के क्षेत्र को तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है। इस क्षेत्र को चीन में दक्षिणी तिब्बत के नाम से जाना जाता है। १९६२-६३ के भारत-चीन युद्ध के समय चीनी फौजों ने कुछ समय के लिए इस क्षेत्र पर अधिकार भी जमा लिया था। इस कारण ही वर्तमान समय तक इस सीमारेखा पर विवाद यथावत बना हुआ है, लेकिन भारत-चीन के बीच भौगोलिक सीमा रेखा के रूप में इसे अवश्य माना जाता है। .

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मेहेंदी लगी मेरे हाथ (1962 फ़िल्म)

मेहेंदी लगी मेरे हाथ 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मोटूरि सत्यनारायण

200pxमोटूरि सत्‍यनारायण (२ फ़रवरी १९०२ - ६ मार्च १९९५) दक्षिण भारत में हिन्दी प्रचार आन्दोलन के संगठक, हिन्दी के प्रचार-प्रसार-विकास के युग-पुरुष, महात्मा गांधी से प्रभावित एवं गाँधी-दर्शन एवं जीवन मूल्यों के प्रतीक, हिन्दी को राजभाषा घोषित कराने तथा हिन्दी के राजभाषा के स्वरूप का निर्धारण कराने वाले सदस्यों में दक्षिण भारत के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक थे। वे दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा तथा केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के निर्माता भी हैं। .

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मोहन दयाराम भवनानी

मोहन दयाराम भवनानी का जन्म १९०३ में अविभाजित भारत के सिंध प्रांत के हैदराबाद (पाकिस्तान) नगर में हुआ था। विभाजन के बाद वे भारत आ गए थे। वे हिन्दी फ़िल्मों के निर्माता, निर्देशक और लेखक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने १९२५ में अपनी पहली फ़िल्म वीरबाला बतौर निर्देशक बनाई। इसमें प्रमुख भूमिका उन दिनों की नवोदित अभिनेत्री सुलोचना ने निभाई थी। सुलोचना की भी यह पहली फ़िल्म थी। १९३४ में उन्होंने प्रेमचंद जैसे प्रसिद्ध हिन्दी लेखक के साथ मजदूर (1934 फ़िल्म) नामक फ़िल्म बनाई। बीसवें दशक से पचासवें दशक तक विस्तृत कार्यकाल में लगभग २५ फिल्मों के निर्माता मोहन भवनानी की अंतिम फिल्म १९५७ में बनी हिमालयन टेपेस्ट्री थी। यह फ़िल्म अंग्रेज़ी में बनी एक वृत्तचित्र थी। ३० दिसंबर १९६२ को मुंबई में उनका देहांत हो गया। .

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मोहम्मद रफ़ी

कोई विवरण नहीं।

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मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या

सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या (15 सितम्बर 1861 - 14 अप्रैल 1962) (तेलुगु में: శ్రీ మోక్షగుండం విశ్వేశ్వరయ్య) भारत के महान अभियन्ता एवं राजनयिक थे। उन्हें सन १९५५ में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था। भारत में उनका जन्मदिन अभियन्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। .

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यमुनाबाई सावरकर

यमुनाबाई सावरकर या माई सावरकर (०४ दिसम्बर, १८८८- ०८ नवंबर १९६३) प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पत्नी थीं। इनका जन्म ४ दिसम्बर, १८८८ (तदनुसार मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, विक्रम संवत १९४५) को हुआ था। इनके पिता भाउराव (या रामचंद्र त्रयंबक) चिपलूनकर ठाणे के निकट जवाहर कस्बे के दीवान थे। सावरकर के साथ इनका विवाह फरवरी, (तदनुसार माघ, वि॰सं॰१९५७) को हुआ था। इन्हें माई सावरकर नाम से अधिक प्रसिद्धि मिली। इनके पिता ने ही सावरकर की उच्च शिक्षा व लंदन जाने का बोझ वहन किया। आयु पर्यन्त ये सावरकर का समर्तन व सहयोग शांतिपूर्वक करते रहे। माई ने रत्नागिरी में सावरकर के समाज सुधार कार्यक्रम के भाग के रूप में हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम आयोजित किए थे। इनके चार संताने हुईं। सबसे बडए प्रभाकर की मृत्यु बहुत पहले ही हो गई, जब सावरकर लंदन में थे। जनवरी १९२५ में सतारा में इनके एक पुत्री-प्रभात हुई। इनकी दूसरी पुत्री शालिनी एक रुग्ण बालिका थी, जिसकी अल्पायु में ही मृत्यु हो गई। मार्च, १९२८ को इनके एक पुत्र हुआ- विश्वास। माई की मृत्यु ८ नवंबर, १९६३ (तदनुसार कार्तिक वद्य, अष्टमी, वि॰सं॰ २०२०) को मुंबई में हुई। .

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राधा कमल मुखर्जी

राधा कमल मुखर्जी (7 दिसम्बर 1889 - 24 अगस्त 1968) आधुनिक भारत के प्रसिद्ध चिन्तक एवं समाजविज्ञानी थे। वे लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र के प्राध्यापक तथा उपकुलपति रहे। उन्होने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। प्रोफेसर मुकर्जी के ही नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सर्वप्रथम लखनऊ विश्वविद्यालय में 1921 में समाजशास्त्र का अध्ययन प्रारम्भ हुआ इसलिए वे उत्तर प्रदेश में समाजशास्त्र के प्रणेता के रूप में भी विख्यात हैं। प्रोफेसर मुकर्जी वे इतिहास के अत्यन्त मौलिक दार्शनिक थे। वे 20वीं सदी के कतिपय बहुविज्ञानी सामाजिक वैज्ञानिकों में से एक थे जिन्होंने विभिन्न विषयों- अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, परिस्थितिविज्ञान, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, साहित्य, समाजकार्य, संस्कृति, सभ्यता, कला, रहस्यवाद, संगीत, धर्मशास्त्र, अध्यात्म, आचारशास्त्र, मूल्य आदि विभिन्न अनुशासनों को अपना बहुमूल्य योगदान प्रदान किया है। इन समस्त क्षेत्रों में प्रोफेसर मुकर्जी की अद्वितीय देन उनके द्वारा प्रणयित 50 अमर कृतियों में स्पष्टतः दृष्टिगोचर होती है। भारत सरकार द्वारा उन्हें सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। .

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राधिका रमण प्रसाद सिन्हा

राधिका रमण प्रसाद सिन्हा को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये बिहार राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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रामचंद्र नारायण दांडेकर

रामचन्द्र नारायण दांडेकर (मार्च १७, १९०९ - दिसम्बर ११, २००१) भारतीय भाषाशास्त्री एवं वैदिक संस्कृति के विद्वान थे। उन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। .

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रामगोपाल वर्मा

रामगोपाल वर्मा (जन्म: 7 अप्रैल, 1962) एक भारतीय निर्देशक तथा फ़िल्म निर्माता हैं। इनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था। अपनी पढ़ाई विजयवाड़ा के एक अभियांत्रिकी विद्यालय से छोड़कर वे पहले एक वीडियो दुकान के मालिक बने फिर उन्होने फ़िल्म निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। इनकी प्रमुख फिल्मों में सत्या, भूत, सरकार, डरना मना है, डरना जरूरी है तथा एक हसीना थी का नाम आता है। इनकी फ़िल्में अपने रोमांच तथा भीत के कारण जानी जाती हैं। 'रंगीला', 'सरकार', रक्त चरित्र और 'सत्या' जैसी फ़िल्मों से दर्शकों के बीच जगह बनाने वाले डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा अमरीका की पॉर्न स्टार मिया मालकोवा के साथ आए हैं। मिया के साथ बनाई ये फ़िल्म 'गॉड, सेक्स एंड ट्रूथ' यू-ट्यूब पर रिलीज़ हो चुकी है, इस फ़िल्म का शॉर्टनेम जीएसटी है। .

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

यह लेख भारत के एक सांस्कृतिक संगठन आर एस एस के बारे में है। अन्य प्रयोग हेतु आर एस एस देखें। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का एक दक्षिणपंथी, हिन्दू राष्ट्रवादी, अर्धसैनिक, स्वयंसेवक संगठन हैं, जो व्यापक रूप से भारत के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी का पैतृक संगठन माना जाता हैं। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अपेक्षा संघ या आर.एस.एस. के नाम से अधिक प्रसिद्ध है। बीबीसी के अनुसार संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान है। .

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राज कपूर

राज कपूर (१९२४-१९८८) प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता एवं निर्देशक थे। नेहरूवादी समाजवाद से प्रेरित अपनी शुरूआती फ़िल्मों से लेकर प्रेम कहानियों को मादक अंदाज से परदे पर पेश करके उन्होंने हिंदी फ़िल्मों के लिए जो रास्ता तय किया, इस पर उनके बाद कई फ़िल्मकार चले। भारत में अपने समय के सबसे बड़े 'शोमैन' थे। सोवियत संघ और मध्य-पूर्व में राज कपूर की लोकप्रियता दंतकथा बन चुकी है। उनकी फ़िल्मों खासकर श्री ४२० में बंबई की जो मूल तस्वीर पेश की गई है, वह फ़िल्म निर्माताओं को अभी भी आकर्षित करती है। राज कपूर की फ़िल्मों की कहानियां आमतौर पर उनके जीवन से जुड़ी होती थीं और अपनी ज्यादातर फ़िल्मों के मुख्य नायक वे खुद होते थे। .

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राखी (1962 फ़िल्म)

राखी 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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रांगेय राघव

रांगेय राघव (१७ जनवरी, १९२३ - १२ सितंबर, १९६२) हिंदी के उन विशिष्ट और बहुमुखी प्रतिभावाले रचनाकारों में से हैं जो बहुत ही कम उम्र लेकर इस संसार में आए, लेकिन जिन्होंने अल्पायु में ही एक साथ उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, आलोचक, नाटककार, कवि, इतिहासवेत्ता तथा रिपोर्ताज लेखक के रूप में स्वंय को प्रतिस्थापित कर दिया, साथ ही अपने रचनात्मक कौशल से हिंदी की महान सृजनशीलता के दर्शन करा दिए।आगरा में जन्मे रांगेय राघव ने हिंदीतर भाषी होते हुए भी हिंदी साहित्य के विभिन्न धरातलों पर युगीन सत्य से उपजा महत्त्वपूर्ण साहित्य उपलब्ध कराया। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर जीवनीपरक उपन्यासों का ढेर लगा दिया। कहानी के पारंपरिक ढाँचे में बदलाव लाते हुए नवीन कथा प्रयोगों द्वारा उसे मौलिक कलेवर में विस्तृत आयाम दिया। रिपोर्ताज लेखन, जीवनचरितात्मक उपन्यास और महायात्रा गाथा की परंपरा डाली। विशिष्ट कथाकार के रूप में उनकी सृजनात्मक संपन्नता प्रेमचंदोत्तर रचनाकारों के लिए बड़ी चुनौती बनी। .

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रघुनाथ शरन

रघुनाथ शरन को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये बिहार राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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रघुराज प्रताप सिंह

कुँवर रघुराज प्रताप सिंह (जन्मः 31 अक्टूबर 1967, पश्चिम बंगाल) एक सुप्रसिद्ध भारतीय राजनेता है, जो राजा भैया के नाम से भी प्रसिद्ध हैं। सन 1993 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला के विधान सभा क्षेत्र कुंडा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित किए जाते हैं। विधानसभा चुनाव 2012 में भी भारी मतों से जीतकर विधानसभा सदस्य हैं। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश के कैबिनेट में खाद्य आपूर्ति मंत्री हैं। .

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रंगोली(१९६२ चलचित्र)

यह लेख 1962 में बनी हिन्दी फ़िल्म के बारे में हैं। अधिक विकल्पों के लिए यहां जाएं - रंगोली (बहुविकल्पी) रंगोली १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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रॉड लेवर

श्रेणी:टेनिस खिलाड़ी श्रेणी:पुरुष टेनिस खिलाड़ी श्रेणी:टेनिस ग्रैंड स्लैम विजेता.

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लालबहादुर शास्त्री

लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय - मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द), भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों (कण्डक्टर्स) की नियुक्ति की थी। पुलिस मन्त्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया। 1951 में, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वह अखिल भारत काँग्रेस कमेटी के महासचिव नियुक्त किये गये। उन्होंने 1952, 1957 व 1962 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत से जिताने के लिये बहुत परिश्रम किया। जवाहरलाल नेहरू का उनके प्रधानमन्त्री के कार्यकाल के दौरान 27 मई, 1964 को देहावसान हो जाने के बाद साफ सुथरी छवि के कारण शास्त्रीजी को 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने 9 जून 1964 को भारत के प्रधान मन्त्री का पद भार ग्रहण किया। उनके शासनकाल में 1965 का भारत पाक युद्ध शुरू हो गया। इससे तीन वर्ष पूर्व चीन का युद्ध भारत हार चुका था। शास्त्रीजी ने अप्रत्याशित रूप से हुए इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी। ताशकन्द में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब ख़ान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया। .

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लेव लाण्डौ

लेव लाण्डौ सोवियत संघ के प्रसिद्द वैज्ञानिक थे। 1962 में इन्हें भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। श्रेणी:रूसी वैज्ञानिक श्रेणी:नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक श्रेणी:नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी.

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लॉस एंजेल्स लेकर्स

श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन - पैसिफिक डिवीज़न श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन - पश्चिमी कांफ्रेंस श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन.

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शरद रावत

शरद रावत नेपाली भाषा के भारतीय कवि हैं। इनका जन्म 17 सितंवर 1962 को मंग्पू दार्जिलिंग में हुआ। .

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शादी (1962 फ़िल्म)

शादी 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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शिशिर कुमार मित्रा

शिशिर कुमार मित्रा को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पश्चिम बंगाल राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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शुभिंद्रनाथ मुखर्जी

शुभिंद्रनाथ मुखर्जी को सार्वजनिक उपक्रम के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पश्चिम बंगाल राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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शैलेश मटियानी

शैलेश मटियानी (१४ अक्टूबर १९३१ - २४ अप्रैल २००१) आधुनिक हिन्दी साहित्य-जगत् में नयी कहानी आन्दोलन के दौर के कहानीकार एवं प्रसिद्ध गद्यकार थे। उन्होंने 'बोरीवली से बोरीबन्दर' तथा 'मुठभेड़', जैसे उपन्यास, चील, अर्धांगिनी जैसी कहानियों के साथ ही अनेक निबंध तथा प्रेरणादायक संस्मरण भी लिखे हैं। उनके हिन्दी साहित्य के प्रति प्रेरणादायक समर्पण व उत्कृष्ट रचनाओं के फलस्वरूप आज भी उत्तराखण्ड सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में पुरस्कार का वितरण होता है। .

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सत्यजित राय

सत्यजित राय (बंगाली: शॉत्तोजित् राय्) (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। इनका जन्म कला और साहित्य के जगत में जाने-माने कोलकाता (तब कलकत्ता) के एक बंगाली परिवार में हुआ था। इनकी शिक्षा प्रेसिडेंसी कॉलेज और विश्व-भारती विश्वविद्यालय में हुई। इन्होने अपने कैरियर की शुरुआत पेशेवर चित्रकार की तरह की। फ़्रांसिसी फ़िल्म निर्देशक ज़ाँ रन्वार से मिलने पर और लंदन में इतालवी फ़िल्म लाद्री दी बिसिक्लेत (Ladri di biciclette, बाइसिकल चोर) देखने के बाद फ़िल्म निर्देशन की ओर इनका रुझान हुआ। राय ने अपने जीवन में ३७ फ़िल्मों का निर्देशन किया, जिनमें फ़ीचर फ़िल्में, वृत्त चित्र और लघु फ़िल्में शामिल हैं। इनकी पहली फ़िल्म पथेर पांचाली (পথের পাঁচালী, पथ का गीत) को कान फ़िल्मोत्सव में मिले “सर्वोत्तम मानवीय प्रलेख” पुरस्कार को मिलाकर कुल ग्यारह अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। यह फ़िल्म अपराजितो (অপরাজিত) और अपुर संसार (অপুর সংসার, अपु का संसार) के साथ इनकी प्रसिद्ध अपु त्रयी में शामिल है। राय फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित कई काम ख़ुद ही करते थे — पटकथा लिखना, अभिनेता ढूंढना, पार्श्व संगीत लिखना, चलचित्रण, कला निर्देशन, संपादन और प्रचार सामग्री की रचना करना। फ़िल्में बनाने के अतिरिक्त वे कहानीकार, प्रकाशक, चित्रकार और फ़िल्म आलोचक भी थे। राय को जीवन में कई पुरस्कार मिले जिनमें अकादमी मानद पुरस्कार और भारत रत्न शामिल हैं। .

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सन ऑफ़ इंडिया

सन ऑफ़ इंडिया १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सर्वेपल्लि राधाकृष्णन

डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन (சர்வபள்ளி ராதாகிருஷ்ணன்; 5 सितम्बर 1888 – 17 अप्रैल 1975) भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति (1952 - 1962) और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् १९५४ में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उनका जन्मदिन (५ सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। .

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साहिब बीबी और ग़ुलाम (1962 फ़िल्म)

साहिब बीबी और ग़ुलाम गुरु दत्त द्वारा निर्मित और अबरार अलवी द्वारा निर्देशित १९६२ की भारतीय हिन्दी फ़िल्म है। यह बिमल मित्रा द्वारा लिखी गई एक बंगाली उपन्यास, शाहेब बीबी गोलाम पर आधारित है और ब्रिटिश राज के दौरान १९वीं शताब्दी के अंत तथा २०वीं शताब्दी की शुरुआत में बंगाल में ज़मींदारी और सामंतवाद के दुखद पतन की झलक है। फ़िल्म एक कुलीन (साहिब) की एक सुंदर, अकेली पत्नी (बीबी) और एक कम आय अंशकालिक दास (ग़ुलाम) के बीच एक आदर्शवादी दोस्ती को दर्शाने की कोशिश करती है। फ़िल्म का संगीत हेमंत कुमार और गीत शकील बदायूँनी ने दिए हैं। फ़िल्म के मुख्य कलाकार गुरु दत्त, मीना कुमारी, रहमान, वहीदा रहमान और नज़ीर हुसैन थे। इस फ़िल्म को कुल चार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों से नवाज़ा गया था जिनमें से एक फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार भी था। .

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संचार उपग्रह

U.स सैन्य MILSTAR संचार उपग्रह दूरसंचार के प्रयोजनों के लिए संचार उपग्रह (कभी-कभी संक्षेप में SATCOM प्रयुक्त) अंतरिक्ष में तैनात एक कृत्रिम उपग्रह है। आधुनिक संचार उपग्रह भू-स्थिर कक्ष, मोलनीय कक्ष, अन्य दीर्घवृत्ताकार कक्ष और पृथ्वी के निचले (ध्रुवीय और ग़ैर-ध्रुवीय) कक्ष सहित विभिन्न प्रकार के परिक्रमा-पथों का उपयोग करते हैं। निश्चित (बिंदु-दर-बिंदु) सेवाओं के लिए, संचार उपग्रह पनडुब्बी संचार केबल के पूरक माइक्रोवेव रेडियो प्रसारण तकनीक उपलब्ध कराते हैं। उनका इस्तेमाल मोबाइल अनुप्रयोगों, जैसे जहाज, वाहनों, विमानों और हस्तचालित टर्मिनलों तथा टी.वी.

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संतोष कुमार सेन

संतोष कुमार सेन को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पश्चिम बंगाल राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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संगीत सम्राट तानसेन

संगीत सम्राट तानसेन १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सुदांशु शोभन मैत्रा

सुदांशु शोभन मैत्रा को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पश्चिम बंगाल राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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स्प्रेडशीट

स्प्रेडशीट एक कंप्यूटर अनुप्रयोग है जो कार्यपत्रक का हिसाब करने वाले एक कागज़ की नकल है। यह कई कक्षों को प्रदर्शित करता है जो एकसाथ मिलकर एक जाल बनाते हैं जिनमें पंक्तियां और स्तंभ शामिल होते हैं, प्रत्येक कक्ष में अल्फ़ान्यूमेरिक पाठ, संख्यात्मक मूल्य, या सूत्र शामिल होते हैं। एक सूत्र यह परिभाषित करता है कि उस कक्ष की अंतर्वस्तु की किसी अन्य कक्ष (या कक्षों के संयोजन) की अंतर्वस्तु से, जब भी कोई कक्ष अद्यतन किया जाता है तो कैसे गणना की जा सकती है। स्प्रेडशीट का इस्तेमाल वित्तीय जानकारी के लिए अक्सर किया जाता है इसका कारण है एक एकल कक्ष में बदले जाने के बाद भी संपूर्ण पत्रक की स्वतः ही पुन: गणना कर लेने की क्षमता.

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सौंदरम रामचंद्रन

सौंदरम रामचंद्रन को समाज सेवा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये तमिलनाडु राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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सूबेदार जोगिंदर सिंह

सूबेदार जोगिंदर सिंह (26 सितंबर 1921 - 23 अक्टूबर 1962) (पिता: शेर सिंह, माता किशन कौर) सिख रेजिमेंट के एक भारतीय सैनिक थे। इन्हें १९६२ के भारत-चीन युद्ध में असाधारण वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। सिंह 1936 में ब्रिटिश भारतीय सेना में शामिल हुए और सिख रेजिमेंट की पहली बटालियन में कार्यरत रहे। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान वह नार्थ ईस्ट फ्रॉंटियर एजेंसी (नेफा / NEFA) में तान्पेंगला, बुम ला मोर्चे पर एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने बहादुरी से अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया तथा जब तक वह घायल नहीं हुए, तब तक अपनी पोस्ट का बचाव किया। श्री सिंह इस युद्ध में लापता हो गए थे तथा चीनी सेना की ओर से भी कोई उनके बारे में कोई सूचना नहीं मिली। .

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सूरत और सीरत (1962 फ़िल्म)

सूरत और सीरत 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सीताराम सेकसरिया

सीताराम सेकसरिया को समाज सेवा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये असम राज्य से हैं। सीताराम सेकसरिया एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता , गांधीवादी , समाजवादी और पश्चिम बंगाल के संस्था बिल्डर थे , जो मारवाड़ी समुदाय के उत्थान के लिए उनके योगदान के लिए जाने जाते थे । वह एक उच्च विद्यालय संस्थान,  मारवाड़ी बालिकिका विद्यालय,  समाज सुधार समिति , एक सामाजिक संगठन  और भारतीय भाषा परिषद , उच्च शिक्षा संस्थान, श्री शिक्षाशाटन सहित कई संस्थानों और संगठनों के संस्थापक थे। एक गैर सरकारी संगठन  भारत सरकार ने समाज में उनके योगदान के लिए उन्हें 1 9 62 में पद्म भूषण का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।  उनके जीवन की कहानी एक किताब, पद्म भूषण सीताराम सेकसरिया अभिनंदन ग्रंथ में प्रकाशित की गई है , जिसे भावरमल सिंह द्वारा संपादित किया गया है और 1 9 74 में प्रकाशित किया गया था।  वह 1 9, 2017 को अपने घर में मृत पाया गया था, .

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हरियाली और रास्ता

हरियाली और रास्ता 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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हाना मांडलिकोवा

हाना मांडलिकोवा (जन्म: 19 फरवरी, 1962) टेनिस की भूतपूर्व खिलाड़ियों में से एक हैं। .

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हाफ़ टिकट

हाफ टिकट १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की एक हास्य फ़िल्म है। इस फ़िल्म के निर्माता व निर्देशक कालीदास हैं और मुख्य कलाकार किशोर कुमार, मधुबाला और प्राण हैं। .

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हिन्दी वर्तनी मानकीकरण

भाषा की वर्तनी का अर्थ उस भाषा में शब्दों को वर्णों से अभिव्यक्त करने की क्रिया को कहते हैं। हिन्दी में इसकी आवश्यकता काफी समय तक नहीं समझी जाती थी; जबकि अन्य कई भाषाओं, जैसे अंग्रेजी व उर्दू में इसका महत्त्व था। अंग्रेजी व उर्दू में अर्धशताब्दी पहले भी वर्तनी (अंग्रेज़ी:स्पेलिंग, उर्दू:हिज्जों) की रटाई की जाती थी जो आज भी अभ्यास में है। हिन्दी भाषा का पहला और बड़ा गुण ध्वन्यात्मकता है। हिन्दी में उच्चरित ध्वनियों को व्यक्त करना बड़ा सरल है। जैसा बोला जाए, वैसा ही लिख जाए। यह देवनागरी लिपि की बहुमुखी विशेषता के कारण ही संभव था और आज भी है। परन्तु यह बात शत-प्रतिशत अब ठीक नहीं है। इसके अनेक कारण है - क्षेत्रीय आंचलिक उच्चारण का प्रभाव, अनेकरूपता, भ्रम, परंपरा का निर्वाह आदि। जब यह अनुभव किया जाने लगा कि एक ही शब्द की कई-कई वर्तनी मिलती हैं तो इनको अभिव्यक्त करने के लिए किसी सार्थक शब्द की तलाश हुई (‘हुई’ शब्द की विविधता द्रष्टव्य है - हुइ, हुई, हुवी)। इस कारण से मानकीकरण की आवश्यकता महसूस की जाने लगी। हिन्दी शब्द लिखने की दो प्रचलित वर्तनियाँ (ऊपर), (नीचे)हिन्दी फोनोलॉजी सारणी (बाएं), आर्यभाट्ट सारणी (दाएं) .

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जापाने

जापाने बंगाली भाषा के विख्यात साहित्यकार अन्नदाशंकर राय द्वारा रचित एक यात्रा–वृत्तांत है जिसके लिये उन्हें सन् 1962 में बंगाली भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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जाफर अली खान

जाफर अली खान को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये उत्तर प्रदेश राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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जाल रतनजी पटेल

जाल रतनजी पटेल को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये महाराष्ट्र राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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ज्ञानेश चंद्र चटर्जी

ज्ञानेश चंद्र चटर्जी को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये दिल्ली राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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जेफ बेनेट

जेफरी ग्लेन "जेफ" बेनेट (अंग्रेजी: Jeffrey Glenn "Jeff" Bennett) या जेफ बेनेट (अंग्रेजी: Jeff Bennett) (जन्म २ अक्टूबर, १९६२) है एक अमेरिकी आवाज अभिनेता और गायक। वह सबसे अच्छा के रूप में जाना जाता है: की आवाज जॉनी ब्रेवो एक ही नाम का उपयोग करते हुए एक आवाज है कि एल्विस प्रेस्ली की तरह लग रहा था की श्रृंखला में। उन्होंने यह भी पेट्री की आवाज में है द लैंड बिफोर टाइम दूसरी फिल्म से आगे श्रृंखला, उन्होंने यह भी पेट्री की आवाज में है द लैंड बिफोर टाइम से श्रृंखला 2 फिल्म और उसके बाद डेक्सटर है लेबोरेटरी, डेक्सटर डैड में कार्टून नेटवर्क सीरीज, डेक्सटर है लेबोरेटरी और की वर्तमान आवाज़ है डिज़्नी है मिस्टर समी। .

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वारंट ऑफीसर चाको जोसफ

वारंट ऑफीसर चाको जोसफ, भारतीय वायु सेना में भारी यातायात स्क्वाड्रन, जम्मू एवं कश्मीर क्षेत्र में १९६१ से फ्लाइट गनर के पद पर कार्यरत रहे। वे ४४वीं स्क्वाड्रन के संग संलग्न थे। अब तक उन्होंने कुल ३५०० घंटे की उड़ान भरीं, जिनमें से लगभग १६०० घंटे लद्दाख क्षेत्र की उड़ानें रहीं। गनरी लीडर के पद के सामान्य कार्यभार के अलावा, उन्होंने कनिष्ठ गनर्स को भी प्रशिक्षण दिया, साथ ही उन्हें इकाई की प्रचालन भूमिका से भी अवगत कराया। .

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वाशिंगटन विज़र्डस

श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन - दक्षिण पूर्व डिवीज़न श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन – पूर्वी कांफ़्रेंस श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन.

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विद्याधर सूरजप्रसाद नैपाल

वी एस नाइपॉल या विद्याधर सूरजप्रसाद नैपालका जन्म १७ अगस्त सन १९३२ को ट्रिनिडाड के चगवानस (Chaguanas) में हुआ। उनहे नुतन अंग्रेज़ी छंद का गुरु कहा जाता है। वे कई साहित्यिक पुरस्कार से सम्मानित किये जा चुके हे, इनमे जोन लिलवेलीन रीज पुरस्कार (१९५८), दी सोमरसेट मोगम अवाङँ (१९८०), दी होवथोरडन पुरस्कार (1964), दी डबलु एच स्मिथ साहित्यिक अवाङँ (१९६८), दी बुकर पुरस्कार (१९७१), तथा दी डेविड कोहेन पुरस्कार (१९९३) ब्रिटिश साहित्य मे जीवन परयंत कायँ के लिए, प्रमुख है। वी एस नैपाल को २००१ मे साहित्य मे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। २००८ मे दी टाईम्स ने वी एस नैपाल को अपनी ५० महान ब्रिटिश साहित्यकारो की सुची मे सातवां स्थान दिया। .

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विश्वनाथ मध्यक्कारलु

विश्वनाथ मध्यक्कारलु तेलुगू भाषा के विख्यात साहित्यकार विश्वनाथ सत्यनारायण द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1962 में तेलुगू भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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वैजयन्ती माला

वैजयन्ती माला बाली (जन्म: 13 अगत 1936 --) को अधिकांश रूप से एक ही नाम "वैजयन्ती" के नाम से जाना जाता है, एक हिन्दी फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री रही हैं और एक राजनीतिज्ञा हैं। वह भरतनाट्यम की नृत्यांगना, कर्नाटक गायिका, नृत्य प्रशिक्षक और सांसद की भी भूमिका निभा चुकी हैं। उसने अपनी शुरुआत तमिल भाषीय फ़िल्म "वड़कई" से 1949 में की। इसके पश्चात उसने तमिल फ़िल्म "जीवितम" में 1950 में काम किया। इसके बाद वह दक्षिण भारत की प्रमुख नायिकाओं में से एक बनी और बॉलिवुड के सुनहरे दौर की अभिनेत्रियों में एक रही। वैजयन्ती माला हिन्दी फ़िल्मों पर लगभग दो दशकों तो राज करती रही। दक्षिण भारत से आकर राष्ट्रीय अभिनेत्री का दर्जा पाने वह पहली महिला हैं। वैजयन्ती माला एक प्रसिद्ध नृत्यांगना है। उसी ने हिन्दी फ़िल्मों में अर्थ-शास्त्रीय नृत्य के लिए जगह बनाई। वैजयन्ती माला के थिरकते पाँवों ने उसे "ट्विन्कल टोज़" (twinkle toes) का खिताब दिलाया। 1950-1960 के दशके उसे प्रथम श्रेणी की नायिका के नाम से जाना जाता था। .

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वेंकटरामा राघवन

वेंकटरामा राघवन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये तमिलनाडु राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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वॉल मार्ट

वॉलमार्ट स्टोर एक अमरीकी पब्लिक कोर्पोरेशन है। इसकी स्थापना १९६२ में सैम वाल्टन ने की थी। यह अमेरिका एवं मेक्सिको का सबसे बड़ा निज़ी नियोजक (employer) है। .

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गंगा जमना

जब कोई कलाकार अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शक के दिल में स्थायी जगह बना ले तो वह यादगार कहानी बन जाती है.

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गुरबचन सिंह सलारिया

कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया परमवीर चक्र (29 नवंबर 1935 - 5 दिसंबर 1961) एक भारतीय सैन्य अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान के सदस्य थे। वह परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले एकमात्र संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक हैं। वह किंग जॉर्ज के रॉयल मिलिट्री कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र थे। इन्हें यह सम्मान सन 1962 में मरणोपरांत मिला। दिसंबर 1961 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र के ऑपरेशन के तहत कांगो गणराज्य में तैनात भारतीय सैनिकों में सलारिया भी शामिल थे। 5 दिसंबर को सलारिया की बटालियन को दो बख्तरबंद कारों पर सवार पृथकतावादी राज्य कातांगा के 150 सशस्त्र पृथकतावादियों द्वारा एलिज़ाबेविले हवाई अड्डे के मार्ग के अवरुद्धीकरण को हटाने का कार्य सौंपा गया। उनकी रॉकेट लांचर टीम ने कातांगा की बख्तरबंद कारों पर हमला किया और नष्ट कर दिया। इस अप्रत्याशित कदम ने सशस्त्र पृथकतावादियों को भ्रमित कर दिया, और सलारिया ने महसूस किया कि इससे पहले कि वे पुनर्गठित हो जाएं, उन पर हमला करना सबसे अच्छा होगा। हालांकि उनकी सेना की स्थिति अच्छी नहीं थी फिर भी उन्होंने पृथकतावादियों पर हमला करवा दिया और 40 लोगों को कुकरियों से हमले में मार गिराया। हमले के दौरान सलारिया को गले में दो बार गोली मार दी और वह वीर गति को प्राप्त हो गए। बाकी बचे पृथकतावादी अपने घायल और मरे हुए साथियों को छोड़ कर भाग खड़े हुए और इस प्रकार मार्ग अवरुद्धीकरण को साफ़ कर दिया गया। अपने कर्तव्य और साहस के लिए और युद्ध के दौरान अपनी सुरक्षा की उपेक्षा करते हुए कर्तव्य करने के कारण सलारिया को भारत सरकार द्वारा वर्ष 1962 में मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। .

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गुजरात के मुख्यमंत्रियों की सूची

गुजरात के मुख्यमंत्रियों की क्रमवार सूची ** resumed office श्रेणी:गुजरात की राजनीति श्रेणी:गुजरात श्रेणी:मुख्यमंत्री श्रेणी:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूचियाँ.

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ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची

List of Men's Singles Grand Slam tournaments tennis champions: .

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गोविन्द चन्द्र पाण्डेय

डॉ॰ गोविन्द चन्द्र पाण्डेय (30 जुलाई 1923 - 21 मई 2011) संस्कृत, लेटिन और हिब्रू आदि अनेक भाषाओँ के असाधारण विद्वान, कई पुस्तकों के यशस्वी लेखक, हिन्दी कवि, हिन्दुस्तानी अकादमी इलाहबाद के सदस्य राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति और सन २०१० में पद्मश्री सम्मान प्राप्त, बीसवीं सदी के जाने-माने चिन्तक, इतिहासवेत्ता, सौन्दर्यशास्त्री और संस्कृतज्ञ थे। .

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ओड़िशा का इतिहास

प्राचीन काल से मध्यकाल तक ओडिशा राज्य को कलिंग, उत्कल, उत्करात, ओड्र, ओद्र, ओड्रदेश, ओड, ओड्रराष्ट्र, त्रिकलिंग, दक्षिण कोशल, कंगोद, तोषाली, छेदि तथा मत्स आदि नामों से जाना जाता था। परन्तु इनमें से कोई भी नाम सम्पूर्ण ओडिशा को इंगित नहीं करता था। अपितु यह नाम समय-समय पर ओडिशा राज्य के कुछ भाग को ही प्रस्तुत करते थे। वर्तमान नाम ओडिशा से पूर्व इस राज्य को मध्यकाल से 'उड़ीसा' नाम से जाना जाता था, जिसे अधिकारिक रूप से 04 नवम्बर, 2011 को 'ओडिशा' नाम में परिवर्तित कर दिया गया। ओडिशा नाम की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द 'ओड्र' से हुई है। इस राज्य की स्थापना भागीरथ वंश के राजा ओड ने की थी, जिन्होने अपने नाम के आधार पर नवीन ओड-वंश व ओड्र राज्य की स्थापना की। समय विचरण के साथ तीसरी सदी ई०पू० से ओड्र राज्य पर महामेघवाहन वंश, माठर वंश, नल वंश, विग्रह एवं मुदगल वंश, शैलोदभव वंश, भौमकर वंश, नंदोद्भव वंश, सोम वंश, गंग वंश व सूर्य वंश आदि सल्तनतों का आधिपत्य भी रहा। प्राचीन काल में ओडिशा राज्य का वृहद भाग कलिंग नाम से जाना जाता था। सम्राट अशोक ने 261 ई०पू० कलिंग पर चढ़ाई कर विजय प्राप्त की। कर्मकाण्ड से क्षुब्द हो सम्राट अशोक ने युद्ध त्यागकर बौद्ध मत को अपनाया व उनका प्रचार व प्रसार किया। बौद्ध धर्म के साथ ही सम्राट अशोक ने विभिन्न स्थानों पर शिलालेख गुदवाये तथा धौली व जगौदा गुफाओं (ओडिशा) में धार्मिक सिद्धान्तों से सम्बन्धित लेखों को गुदवाया। सम्राट अशोक, कला के माध्यम से बौद्ध धर्म का प्रचार करना चाहते थे इसलिए सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म को और अधिक विकसित करने हेतु ललितगिरि, उदयगिरि, रत्नागिरि व लगुन्डी (ओडिशा) में बोधिसत्व व अवलोकेतेश्वर की मूर्तियाँ बहुतायत में बनवायीं। 232 ई०पू० सम्राट अशोक की मृत्यु के पश्चात् कुछ समय तक मौर्य साम्राज्य स्थापित रहा परन्तु 185 ई०पू० से कलिंग पर चेदि वंश का आधिपत्य हो गया था। चेदि वंश के तृतीय शासक राजा खारवेल 49 ई० में राजगद्दी पर बैठा तथा अपने शासन काल में जैन धर्म को विभिन्न माध्यमों से विस्तृत किया, जिसमें से एक ओडिशा की उदयगिरि व खण्डगिरि गुफाऐं भी हैं। इसमें जैन धर्म से सम्बन्धित मूर्तियाँ व शिलालेख प्राप्त हुए हैं। चेदि वंश के पश्चात् ओडिशा (कलिंग) पर सातवाहन राजाओं ने राज्य किया। 498 ई० में माठर वंश ने कलिंग पर अपना राज्य कर लिया था। माठर वंश के बाद 500 ई० में नल वंश का शासन आरम्भ हो गया। नल वंश के दौरान भगवान विष्णु को अधिक पूजा जाता था इसलिए नल वंश के राजा व विष्णुपूजक स्कन्दवर्मन ने ओडिशा में पोडागोड़ा स्थान पर विष्णुविहार का निर्माण करवाया। नल वंश के बाद विग्रह एवं मुदगल वंश, शैलोद्भव वंश और भौमकर वंश ने कलिंग पर राज्य किया। भौमकर वंश के सम्राट शिवाकर देव द्वितीय की रानी मोहिनी देवी ने भुवनेश्वर में मोहिनी मन्दिर का निर्माण करवाया। वहीं शिवाकर देव द्वितीय के भाई शान्तिकर प्रथम के शासन काल में उदयगिरी-खण्डगिरी पहाड़ियों पर स्थित गणेश गुफा (उदयगिरी) को पुनः निर्मित कराया गया तथा साथ ही धौलिगिरी पहाड़ियों पर अर्द्यकवर्ती मठ (बौद्ध मठ) को निर्मित करवाया। यही नहीं, राजा शान्तिकर प्रथम की रानी हीरा महादेवी द्वारा 8वीं ई० हीरापुर नामक स्थान पर चौंसठ योगनियों का मन्दिर निर्मित करवाया गया। 6वीं-7वीं शती कलिंग राज्य में स्थापत्य कला के लिए उत्कृष्ट मानी गयी। चूँकि इस सदी के दौरान राजाओं ने समय-समय पर स्वर्णाजलेश्वर, रामेश्वर, लक्ष्मणेश्वर, भरतेश्वर व शत्रुघनेश्वर मन्दिरों (6वीं सदी) व परशुरामेश्वर (7वीं सदी) में निर्माण करवाया। मध्यकाल के प्रारम्भ होने से कलिंग पर सोमवंशी राजा महाशिव गुप्त ययाति द्वितीय सन् 931 ई० में गद्दी पर बैठा तथा कलिंग के इतिहास को गौरवमयी बनाने हेतु ओडिशा में भगवान जगन्नाथ के मुक्तेश्वर, सिद्धेश्वर, वरूणेश्वर, केदारेश्वर, वेताल, सिसरेश्वर, मारकण्डेश्वर, बराही व खिच्चाकेश्वरी आदि मन्दिरों सहित कुल 38 मन्दिरों का निर्माण करवाया। 15वीं शती के अन्त तक जो गंग वंश हल्का पड़ने लगा था उसने सन् 1038 ई० में सोमवंशीयों को हराकर पुनः कलिंग पर वर्चस्व स्थापित कर लिया तथा 11वीं शती में लिंगराज मन्दिर, राजारानी मन्दिर, ब्रह्मेश्वर, लोकनाथ व गुन्डिचा सहित कई छोटे व बड़े मन्दिरों का निर्माण करवाया। गंग वंश ने तीन शताब्दियों तक कलिंग पर अपना राज्य किया तथा राजकाल के दौरान 12वीं-13वीं शती में भास्करेश्वर, मेघेश्वर, यमेश्वर, कोटी तीर्थेश्वर, सारी देउल, अनन्त वासुदेव, चित्रकर्णी, निआली माधव, सोभनेश्वर, दक्क्षा-प्रजापति, सोमनाथ, जगन्नाथ, सूर्य (काष्ठ मन्दिर) बिराजा आदि मन्दिरों को निर्मित करवाया जो कि वास्तव में कलिंग के स्थापत्य इतिहास में अहम भूमिका का निर्वाह करते हैं। गंग वंश के शासन काल पश्चात् 1361 ई० में तुगलक सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने कलिंग पर राज्य किया। यह वह दौर था जब कलिंग में कला का वर्चस्व कम होते-होते लगभग समाप्त ही हो चुका था। चूँकि तुगलक शासक कला-विरोधी रहे इसलिए किसी भी प्रकार के मन्दिर या मठ का निर्माण नहीं हुअा। 18वीं शती के आधुनिक काल में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का सम्पूर्ण भारत पर अधिकार हो गया था परन्तु 20वीं शती के मध्य में अंग्रेजों के निगमन से भारत देश स्वतन्त्र हुआ। जिसके फलस्वरूप सम्पूर्ण भारत कई राज्यों में विभक्त हो गया, जिसमें से भारत के पूर्व में स्थित ओडिशा (पूर्व कलिंग) भी एक राज्य बना। .

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आरती (1962 फ़िल्म)

आरती 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आशिक (1962 फ़िल्म)

आशिक 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आस का पंछी

आस का पंछी १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आसफ अली असगर फैज़ी

आसफ अली असगर फैज़ी को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये जम्मू और कश्मीर राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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इसी का नाम दुनिया (1962 फ़िल्म)

इसी का नाम दुनिया 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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कन्वेंशन ड्यू मेत्रे

कन्वेंशन ड्यू मेत या फ्रेंच में Convention du Mètre 20 मई, 1875 को हुई एन अन्तर्राष्ट्रीय संधि थी, जिसमें मीट्रिक मानकों पर नजर रखने हेतु तीन संगठनों की स्थापना की गयी थी। यह फ़्रेंच भाषा में लिखी गयी है और इसे अंग्रेजी भाषा में Metre Convention या मीटर सम्मेलन कहा जाता है। संयुक्त राज्य में इसे मीटर की संधि भी कहते हैं। इसे 1921 में छठी CGPM में पुनरावलोकित किया गया था। इस सम्मेलन में तीन संगठनों का प्रादुर्भाव हुआ थ। वे हैं.

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कर्नल महाकाली सीताराम राव

कर्नल महाकाली सीताराम राव को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये आंध्र प्रदेश राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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कर्नल रामस्वामी दुरइस्वामी अय्यर

कर्नल रामस्वामी दुरइस्वामी अय्यर को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सन १९६२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये दिल्ली राज्य से हैं। श्रेणी:१९६२ पद्म भूषण.

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कश्मीर का इतिहास

भारत के उत्तरतम राज्य जम्मू और कश्मीर का इतिहास अति प्राचीन काल से आरंभ होता है। राजधानी में डल झील में एक शिकारे से दृश्य .

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कांचनजंघा (१९६२ फ़िल्म)

कांचनजंघा 1962 में बनी बांग्ला भाषा की फिल्म है। .

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किंग कौंग (1962 फ़िल्म)

किंग कौंग 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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कुमारी शैलजा

कुमारी शैलजा (जन्म: 24 सितंबर 1962 गांव प्रभुवाला जिला हिसार) एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा भारत सरकार की पंद्रहवीं लोकसभा के मंत्रीमंडल में आवास, शहरी ग़रीबी उन्मूलन एवं पर्यटन मंत्रालय में मंत्री थीं। वे भारत के पंद्रहवीं लोकसभा की सदस्या एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबद्ध राजनेत्री हैं। संप्रग सरकार के केन्द्रीय मंत्रीमंडल में वे आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थीं। .

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केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची

केरल के मुख्यमंत्रियों की सूची के अंतर्गत भारत के केरल राज्य के इतिहास में सन् १९५६ के बाद से हुई विभिन्न सरकारों के प्रमुख के आते हैं। वर्तमान केरल राज्य १९५६ में ही अस्तित्व में आया जब तत्कालीन त्रावणकोर-कोचीन राज्य का पुनर्गठन किया गया। .

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कोबी ब्रायंट

कोबी बीन ब्रायंट (को जन्मे), एक अमेरिकी पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं जो नेशनल बास्केटबॉल एसोसियेशन (एनबीए) में लॉस एंजिल्स लेकर्स के लिए शूटिंग गार्ड के रूप में खेलते हैं। ब्रायंट का हाई स्कूल बास्केटबॉल करियर काफी सफल रहा था और उन्होंने ग्रेजुएशन (स्नातक) करने के बाद एनबीए ड्राफ्ट के लिए अपनी पात्रता की घोषण करने का निर्णय लिया। उन्हें चार्लोट होरनेट्स द्वारा 1996 के एनबीए ड्राफ्ट में कुल 13 लोगों के साथ चुना गया और उसके बाद लॉस एंजिल्स लेकर्स को बेच दिया गया। एक नए खिलाड़ी के रूप में ब्रायंट ने 1997 की स्लैम-डंक प्रतियोगिता को जीतकर एक शानदार तथा प्रशंसकों के पसंदीदा खिलाड़ी के रूप में प्रतिष्ठा अर्जित की.

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अनपढ़ (1962 फ़िल्म)

अनपढ़ १९६२ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अनामिकाची चिन्तनिका

अनामिकाची चिन्तनिका मराठी भाषा के विख्यात साहित्यकार पी. वाई. देशपाण्डे द्वारा रचित एक दार्शनिक चिन्तन है जिसके लिये उन्हें सन् 1962 में मराठी भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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अन्तरजाल का इतिहास

muki don सर्वप्रथम १९६२ में विश्वविद्यालय के जे सी आर लिकलिडर ने अभिकलित्र जाल तैयार किया था। वे चाहते थे कि अभिकलित्र का एक एसा जाल हो, जिससे आंकड़ो, क्रमादेश और सूचनायें भेजी जा सके। 1966 में डारपा (मोर्चाबंदी प्रगति अनुसंधान परियोजना अभिकरण) (en:DARPA) ने आरपानेट के रूप में अभिकलित्र जाल बनाया। यह जाल चार स्थानो से जुडा था। बाद में इसमें भी कई परिवर्तन हुए और 1972 में बाँब काँहन ने अन्तर्राष्ट्रीय अभिकलित्र संचार सम्मेलन ने पहला सजीव प्रदर्शन किया। 1 जनवरी 1983 को आरपानेट (en:ARPANET) पुनर्स्थापित हुआ TCP-IP। इसी वर्ष एक्टीविटी बोर्ड (IAB) का गठन हुआ।नवंबर में पहली प्रक्षेत्र नाम सेवा (DNS) पॉल मोकपेट्रीज द्वारा सुझाई गई। अंतरजाल सैनिक और असैनिक भागों में बाँटा गया| हालाँकि 1971 में संचिका अन्तरण नियमावली (FTP) विकसित हुआ, जिससे संचिका अन्तरण करना आसान हो गया। 1990 में टिम बर्नर्स ली ने विश्व व्यापी वेब (WWW) से परिचित कराया अमरीकी सेना की सूचना और अनुसंधान संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 1973 में ``यू एस एडवांस रिसर्च प्र्रोजेक्ट एजेंसी´´ ने एक कार्यक्रम की शुरुआत की। उस कार्यक्रम का उद्देश्य था कम्प्यूटरों के द्वारा विभिन्न प्रकार की तकनीकी और प्रौद्योगिकी को एक-दूसरे से जोड़ा जाए और एक `नेटवर्क´ बनाया जाए। इसका उद्देश्य संचार संबंधी मूल बातों (कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल) को एक साथ एक ही समय में अनेक कम्प्यूटरों पर नेटवर्क के माध्यम से देखा और पढ़ा जा सके। इसे ``इन्टरनेटिंग प्रोजेक्ट´´ नाम दिया गया जो आगे चलकर `इंटरनेट´ के नाम से जाना जाने लगा। 1986 में अमरीका की ``नेशनल सांइस फांउडेशन´´ ने ``एनएसएफनेट´´ का विकास किया जो आज इंटरनेट पर संचार सेवाओं की रीढ़ है। एक सैकण्ड में 45 मेगाबाइट संचार सुविधा वाली इस प्रौद्योगिकी के कारण `एनएसएफनेट´ बारह अरब -12 बिलियन- सूचना पैकेट्स को एक महीने में अपने नेटवर्क पर आदान-प्रदान करने में सक्षम हो गया। इस प्रौद्योगिकी को और अधिक तेज गति देने के लिए `नासा´ और उर्जा विभाग ने अनुसंधान किया और ``एनएसआईनेट´´ और `ईएसनेट´ जैसी सुविधाओं को इसका आधार बनाया। इन्टरनेट हेतु `क्षेत्रीय´ सहायता कन्सर्टियम नेटवर्कों द्वारा तथा स्थानीय सहायता अनुसंधान व शिक्षा संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। अमरीका में फेडरल तथा राज्य सरकारों की इसमें अहम भूमिका है परन्तु उद्योगों का भी इसमें काफी हाथ रहा है। यूरोप व अन्य देशों में पारस्परिक अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग व राष्ट्रीय अनुसंधान संगठन भी इस कार्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 1991 के अन्त तक इन्टरनेट इस कदर विकसित हुआ कि इसमें तीन दर्जन देशों के 5 हजार नेटवर्क शामिल हो गए, जिनकी पहुंच 7 लाख कम्प्यूटरों तक हो गई। इस प्रकार 4 करोड़ उपभोक्ताओं ने इससे लाभ उठाना शुरू किया। इन्टरनेट समुदाय को अमरीकी फेडरल सरकार की सहायता लगातार उपलब्ध होती रही क्योंकि मूल रूप से इन्टरनेट अमरीका के अनुसंधान कार्य का ही एक हिस्सा था। आज भी यह अमरीकी अनुसंधान कार्यशाला का महत्त्वपूर्ण अंग है किन्तु 1980 के दशक के अन्त में नेटवर्क सेवाओं व इन्टरनेट उपभोक्ताओं में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व वृद्धि हुई और इसका इस्तेमाल व्यापारिक गतिविधियों के लिये भी किया जाने लगा। सच तो ये है कि आज की इन्टरनेट प्रणाली का बहुत बड़ा हिस्सा शिक्षा व अनुसंधान संस्थानों एवं विश्व-स्तरीय निजी व सरकारी व्यापार संगठनों की निजी नेटवर्क सेवाओं से ही बना है। .

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अन्वेषणों की समय-रेखा

यहाँ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण तकनीकी खोजों की समय के सापेक्ष सूची दी गयी है। .

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अपना बना के देखो (1962 फ़िल्म)

अपना बना के देखो 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अभियान (१९६२ फ़िल्म)

अभियान 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची

* 1881 - रिचर्ड सीअर्स.

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अरारत, आर्मेनिया

आर्मेनिया का मानचित्र अरारत आर्मेनिया का एक समुदाय है। यह अरारत मर्ज़ (प्रांत) में आता है। इसकी स्थापना 1962 में हुई थी। यहां की जनसंख्या 34,027 है। श्रेणी:आर्मेनिया.

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अर्चना पूरन सिंह

अर्चना पूरन सिंह हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं। .

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अशोक चक्रधर

डॉ॰ अशोक चक्रधर (जन्म ८ फ़रवरी सन् १९५१) हिंदी के विद्वान, कवि एवं लेखक है। हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट प्रतिभा के कारण प्रसिद्ध वे कविता की वाचिक परंपरा का विकास करने वाले प्रमुख विद्वानों में से भी एक है। टेलीफ़िल्म लेखक-निर्देशक, वृत्तचित्र लेखक निर्देशक, धारावाहिक लेखक, निर्देशक, अभिनेता, नाटककर्मी, कलाकार तथा मीडिया कर्मी के रूप में निरंतर कार्यरत अशोक चक्रधर जामिया मिलिया इस्लामिया में हिंदी व पत्रकारिता विभाग में प्रोफेसर के पद से सेवा निवृत्त होने के बाद संप्रति केन्द्रीय हिंदी संस्थानतथा हिन्दी अकादमी, दिल्ली के उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं। 2014 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया। .

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असम के राज्यपालों की सूची

असम के राज्यपालों की सूची नामक इस सूची में १९३७ से अब तक के राज्यपालों के नाम हैं। असम के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। असम के राज्यपाल का आधिकारिक आवास राजभवन है। .

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असली नकली (1962 फ़िल्म)

असली नकली 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अक्करै चीमय्यिल

अक्करै चीमय्यिल तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार सोमु (मी. पा. सोमसुंदरम) द्वारा रचित एक यात्रा–वृत्तांत है जिसके लिये उन्हें सन् 1962 में तमिल भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी

उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी की स्थापना 8 फरवरी 1962 को उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग की पूर्णतः वित्त पोषित स्वायतशासी इकाई के रूप में हुई थी। अकादमी कला एवं कलाकारों की प्रोन्नति एवं प्रोत्साहन के ध्येय की ओर निरन्तर अग्रसर होती हुयी कला जगत में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। अकादमी लखनऊ में छतर मंजिल और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ पीठ के मध्य ललित कला अकादमी मार्ग पर लाल बारादरी भवन में स्थित है। यह भवन एक पुरातात्विक इमारत है जिसका निर्माण 1778-1814 के मध्य हुआ है। यह नवाबी इमारतों के वास्तुशिल्प का महत्वपूर्ण नमूना है। लाल बारादरी के भवन में सआदत अली खान से लेकर वाजिद अली शाह तक का दरबार-ए-हाल सजता था और उनकी ताजपोशी भी यहीं हुयी थी। इसी कारण इस भवन को कम्र-उल-सआदत अर्थात सुल्तानो का महल कहा जाता था। इस्का निर्मान सआदत अली खान ने अट्ठारहवीं सदी के अंत में करवाया था। यह दरबार महल इतना महत्वमूर्ण और खुबसूरत था कि अंग्रेजों ने इसकी तुलना अपने दरबार-ऐ- हाल से की थी। स्वतंत्रता के पश्चात सर्वप्रथम इस भवन में राजकीय संग्रहालय स्थापित हुआ। राजकीय संग्रहालय का अपने भवन में स्थानान्तरण होने के पश्चात इस भवन में राज्य ललित कला अकादमी की स्थापना वर्ष 1962 में हुई। .

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उपायन

उपायन गुजराती भाषा के विख्यात साहित्यकार वी. आर. त्रिवेदी द्वारा रचित एक समालोचनात्मक लेखन है जिसके लिये उन्हें सन् 1962 में गुजराती भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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उम्मीद (1962 फ़िल्म)

उम्मीद 1962 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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छाया (1961 फ़िल्म)

छाया 1961 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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१० जुलाई

१० जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १९१वॉ (लीप वर्ष मे १९२ वॉ) दिन है। साल मे अभी और १७४ दिन बाकी है। .

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११ नवम्बर

११ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३१५वॉ (लीप वर्ष मे ३१६ वॉ) दिन है। साल मे अभी और ५० दिन बाकी है। .

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१२ दिसम्बर

12 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 346वॉ (लीप वर्ष मे 347 वॉ) दिन है। साल में अभी और 19 दिन बाकी है। .

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१४ जून

14 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 165वाँ (लीप वर्ष में 166 वाँ) दिन है। साल में अभी और 200 दिन बाकी हैं। .

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१४ अप्रैल

१४ अप्रैल ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १०४वॉ (लीप वर्ष में १०५ वॉ) दिन है। वर्ष में अभी और २६१ दिन बाकी है। .

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१५ जुलाई

१५ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १९वॉ (लीप वर्ष मे १९७वॉ) दिन है। साल मे अभी और १६९ दिन बाकी है। .

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१५ जून

15 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 166वाँ (लीप वर्ष में 167 वाँ) दिन है। साल में अभी और 199 दिन बाकी हैं। .

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२ सितम्बर

२ सितंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २४५वाँ (लीप वर्ष मे २४६वाँ) दिन है। वर्ष मे अभी और १२० दिन बाकी है। .

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२१ नवम्बर

२१ नवम्बर ग्रीगोरी पंचाग का ३२५वां (लीप वर्ष में ३२६वां) दिन है। इसके बाद वर्षान्त तक ४० दिन और बचते हैं। .

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२२ अक्टूबर

22 अक्टूबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 295वॉ (लीप वर्ष मे 296 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 70 दिन बाकी है। .

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३ जुलाई

३ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १८४वॉ (लीप वर्ष में १८५वॉ) दिन है। वर्ष में अभी और १८१ दिन बाकी है। .

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३ जून

३ जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १५४वाँ (लीप वर्ष में १५५ वाँ) दिन है। साल में अभी और २११ दिन बाकी हैं। .

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३० सितम्बर

30 सितंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 273वॉ (लीप वर्ष मे 274 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 92 दिन बाकी है। .

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४ दिसम्बर

4 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 338वॉ (लीप वर्ष में 339 वॉ) दिन है। साल में अभी और 27 दिन बाकी है। .

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४ जुलाई

४ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १८५वॉ (लीप वर्ष में १८६ वॉ) दिन है। साल में अभी और १८० दिन बाकी है। .

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५ अगस्त

5 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 217वॉ (लीप वर्ष मे 218 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 148 दिन बाकी है। .

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६ नवम्बर

६ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३१०वाँ (लीप वर्ष मे 311 वॉ) दिन है। साल मे अभी और ५५ दिन बाकी है। .

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९ अक्टूबर

9 अक्टूबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 282वॉ (लीप वर्ष मे 283 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 83 दिन बाकी है।.

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1962 एशियाई खेल

चौथे एशियाई खेल २४ अगस्त से ४ सितंबर, १९६२ तक जकार्ता, इण्डोनेशिया में आयोजित किए गए थे। इन खेलों की उल्लेखनीय बात थी इस्राइल और ताइवान का खेलों से निष्कासन। अरब देशों और चीन के दबाव में आकर इण्डोनेशियाई सरकार ने इस्राइली और ताइवानी मण्डल को वीज़ा जारी नहीं किए। ऐसा करना एशियाई खेल महासंघ के नियमों के विरुद्ध था और स्वयं मेज़बान सरकार के उस वचन के विरुद्ध भी, जिसमें उसने उन देशों को भी आमन्त्रित करने का वचन दिया था जिनके साथ उसके राजनयिक सम्बन्ध नहीं हैं (इस्राइल, ताइवान और दक्षिण कोरिया)। कुल १६ देशों के १, ४६० खिलाड़ियों ने इन खेलों में भाग लिया, जहाँ पर बैडमिण्टन को पहली बार सम्मिलित किया गया था। .

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1962

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