लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
डाउनलोड
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

१९५३

सूची १९५३

1953 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

97 संबंधों: टोनी ब्लेयर, त्रिआयामी चलचित्र, तीन बत्ती चार रास्ता (1953 फ़िल्म), दाग (1952 फ़िल्म), दक्षिण कोरिया, दो बीघा ज़मीन (1953 फ़िल्म), धुन (1953 फ़िल्म), निशात (फिल्म निर्देशिका), नोरिस ई डॉड, पतिता (1953 फ़िल्म), पदार्थ प्रौद्योगिकी की समय रेखा, परिणीता (1953 फ़िल्म), पापी (1953 फ़िल्म), पुरुषोत्तम नागेश ओक, प्रसिद्ध पुस्तकें, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार, फ़ॉर्मूला वन, फेरारी, बालकृष्ण राव, बिमल राय, बिल टिल्डेन, बेनज़ीर भुट्टो, बीरबल साहनी पुरावनस्पतिविज्ञान संस्थान, बीसवीं शताब्दी, भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची, भारत के अभयारण्य, भारतीय नौसेना पोत विराट, भारतीय गणितज्ञों की सूची, भारतीय कवियों की सूची, भीलांगना, मद्रास स्टेट, मज़हर ख़ान, मून जे-इन, मीना कुमारी, यूनिसेफ, राही (1953 फ़िल्म), रेल का डिब्बा (1953 फ़िल्म), रॉबर्ट ज़ोलिक, लड़की (1953 फ़िल्म), लॉस एंजेल्स लेकर्स, शमशीर (1953 फ़िल्म), शिकस्त (1953 फ़िल्म), शोले (1953 फ़िल्म), सर्जेई विनोग्रैड्स्की, सिंध के राज्यपाल, संविधान दिवस (डेनमार्क), सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर, सूक्ष्मजैविकी, हर्ता म्यूलर, हर्मन स्टॉडिंगर, ..., हाउस ऑफ वैक्स, हैरी एस ट्रूमैन, होमी जहांगीर भाभा, जेम्स डीन, जीवन ज्योति (1953 फ़िल्म), विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत), विजय अमृतराज, वुमेन विदआउट मैन, गांधीय मार्ग, गजानन माधव मुक्तिबोध, ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची, ओडिआ चलचित्र सूची, आह (1953 फ़िल्म), इसाक बेशविस सिंगर, इंडियन एयरलाइंस, क मुं हिंदी विद्यापीठ आगरा, कर्मेंदु शिशिर, कंचनजंघा, कुर्नूल जिला, क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनेर, अनूप जलोटा, अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची, अरुण कांबले, अल्बर्तो मोराविया, अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मशीन निगम, उड़ान अभिलेखक, उत्तराखण्ड, उत्तराखण्ड/आलेख, १ फ़रवरी, १ अगस्त, ११ फ़रवरी, १२ नवम्बर, १२ अगस्त, १४ दिसम्बर, १५ दिसम्बर, २० अगस्त, २१ जून, २३ मार्च, २३ जुलाई, २३ जून, २७ सितम्बर, २९ अगस्त, ३१ जनवरी, ५ मार्च, ५०० होम रन दल, ९ अप्रैल सूचकांक विस्तार (47 अधिक) »

टोनी ब्लेयर

एंटनी चार्ल्स लिंटन ब्लेयर (जन्म 6 मई, 1953) (अंग्रेज़ी: Anthony Charles Lynton Blair, परन्तु Tony Blair (टोनी ब्लेयर) से प्रचलित) एक ब्रितानी राजनीतिज्ञ है जो मई 1997 से जून 2007 तक संयुक्त राजशाही के प्रधानमन्त्री थे, 1994 से 2007 तक लेबर पार्टी के नेता था और सेजफ़ील्ड निर्वाचनक्षेत्र का संसद का सदस्य 1983 से 2007 तक था। अब वह अंतर्राष्ट्रीय मध्य-पूर्व चौकड़ी के दूत है। .

नई!!: १९५३ और टोनी ब्लेयर · और देखें »

त्रिआयामी चलचित्र

त्रिआयामी चलचित्र (अंग्रेज़ी:थ्री-डी फिल्म) एक चलचित्र होता है, जिसकी छवियां आम चलचित्रों से कुछ भिन्न बनती हैं। चित्रों की छाया अंकित (रिकॉर्ड) करने के लिए विशेष मोशन पिक्चर कैमरे का प्रयोग किया जाता है।। हिन्दुस्तान लाइव। २० दिसम्बर २००९ त्रि-आयामी चलचित्र १८९० के दौरान भी हुआ करते थे, लेकिन उस समय के इन चलचित्रों को थिएटर पर दिखाया जाना काफी महंगा काम होता था। मुख्यत: १९५० से १९८० के अमेरिकी सिनेमा में ये फिल्में प्रमुखता से दिखने लगी। सैद्धांतिक त्रि-आयामी चलचित्र (थियोरिटिकल थ्री-डी इमेज) प्रस्तुत करने का आरंभिक तरीका एनाजिफ इमेज होता है। इन तरीकों को इसलिये प्रसिद्धि मिली, क्योंकि इनका निर्माण और प्रदर्शन सरल था। इसके अलावा, इकलिप्स मैथड, लेंटीकुलर और बैरियर स्क्रीन, इंटरफेरेंस फिल्टर प्रौद्योगिकी और ध्रुवीकरण प्रणाली (पोलराइजेशन सिस्टम) इसकी प्रचलित तकनीक हुआ करती थी। मोशन पिक्चर का स्टीरियोस्कोपिक युग १८९० के दशक के अंतिम दौर में आरंभ हुआ जब ब्रिटिश फिल्मों के पुरोधा विलियम ग्रीन ने त्रि-आयामी प्रक्रिया का पेटेंट फाइल किया। फ्रेडरिक युजीन आइव्स ने स्टीरियो कैमरा रिग का पेटेंट १९०० में कराया। इस कैमरे में दो लैंस लगाये जाते थे जो एक दूसरे से तीन-चौथाई इंच की दूरी पर होते थे। २७ सितंबर, १९२२ को पहली बार दर्शकों को लॉस एंजिल्स के एंबैसेडर थिएटर होटल में द पावर ऑफ लव का प्रदर्शन आयोजित किया गया था। सन १९५२ में प्रथम रंगीन त्रिविम यानि कलर स्टीरियोस्कोपिक फीचर, वान डेविल बनाई गई। इसके लेखक, निर्माता और निर्देशक एम.एल.गुंजबर्ग थे। स्टीरियोस्कोपिक साउंड में बनी पहली थ्री-डी फीचर हाउस ऑफ वैक्स थी। २८ मई, १९५३ से वॉल्ट डिजनी इंका.

नई!!: १९५३ और त्रिआयामी चलचित्र · और देखें »

तीन बत्ती चार रास्ता (1953 फ़िल्म)

तीन बत्ती चार रास्ता 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और तीन बत्ती चार रास्ता (1953 फ़िल्म) · और देखें »

दाग (1952 फ़िल्म)

दाग 1952 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फिल्म के मुख्य कलाकार दिलीप कुमार हैं। .

नई!!: १९५३ और दाग (1952 फ़िल्म) · और देखें »

दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया (कोरियाई: 대한민국 (देहान् मिन्गुक), 大韩民国 (हंजा)), पूर्वी एशिया में स्थित एक देश है जो कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी अर्धभाग को घेरे हुए है। 'शान्त सुबह की भूमि' के रूप में ख्यात इस देश के पश्चिम में चीन, पूर्व में जापान और उत्तर में उत्तर कोरिया स्थित है। देश की राजधानी सियोल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महानगरीय क्षेत्र और एक प्रमुख वैश्विक नगर है। यहां की आधिकारिक भाषा कोरियाई है जो हंगुल और हंजा दोनो लिपियों में लिखी जाती है। राष्ट्रीय मुद्रा वॉन है। उत्तर कोरिया, इस देश की सीमा से लगता एकमात्र देश है, जिसकी दक्षिण कोरिया के साथ २३८ किलिमीटर लम्बी सीमा है। दोनो कोरियाओं की सीमा विश्व की सबसे अधिक सैन्य जमावड़े वाली सीमा है। साथ ही दोनों देशों के बीच एक असैन्य क्षेत्र भी है। कोरियाई युद्ध की विभीषिका झेल चुका दक्षिण कोरिया वर्तमान में एक विकसित देश है और सकल घरेलू उत्पाद (क्रय शक्ति) के आधार पर विश्व की तेरहवीं और सकल घरेलू उत्पाद (संज्ञात्मक) के आधार पर पन्द्रहवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।कोरिया मे १५ अंतराष्ट्रीय बिमानस्थल है और करीब ५०० विश्वविद्यालय है लोग बिदेशो यहा अध्ययन करने आते है। यहा औद्योगिक विकास बहुत हुऐ है और कोरिया मे चीन सहित १५ देशो के लोग रोजगार अनुमति प्रणाली(EPS) के माध्यम से यहा काम करते है। जिसमे दक्षिण एशिया के ४ देशो नेपाल बांग्लादेश श्रीलंका पाकिस्तान है। .

नई!!: १९५३ और दक्षिण कोरिया · और देखें »

दो बीघा ज़मीन (1953 फ़िल्म)

दो बीघा ज़मीन 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और दो बीघा ज़मीन (1953 फ़िल्म) · और देखें »

धुन (1953 फ़िल्म)

धुन 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और धुन (1953 फ़िल्म) · और देखें »

निशात (फिल्म निर्देशिका)

अपनी पहली फिल्म वुमेन विदआउट मैन से ही चर्चित होने वाली ईरान की फिल्म निर्देशिका जिन्हें इस फिल्म के लिए इस साल विंसी फिल्म महोत्सव में प्रतिष्ठित सिल्वर पुरस्कार प्रदान किया गया। शहरमुश पर्सीपुर के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म में निशात ने अपने देश ईरान की राजनीति को फिल्म का विषय बनाया है। यह फिल्म 1953 की ईरान की उन राजनीतिक स्थितियों को प्रदर्शित करती है, जिन्हें ब्रिटेन और अमेरिका ने अपने फायदे के लिए सृजित किया था और जिनकी वजह से ईरान की लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार का स्थान राजशाही ने ले लिया था। इस फिल्म ने निशात को गंभीर विषय पर सशक्त फिल्में बनाने वाले निर्देशकों की श्रेणी में शामिल कर दिया है। .

नई!!: १९५३ और निशात (फिल्म निर्देशिका) · और देखें »

नोरिस ई डॉड

नोरिस ई डॉड फूड एंड एग्रीकल्चरल आर्गनाइज़ेशन के महानिदेशक थे। इनका कार्यकाल अप्रैल १९४८ से दिसंबर १९५३ तक था। ये स.राज्य से थे। श्रेणी:एफ ए ओ.

नई!!: १९५३ और नोरिस ई डॉड · और देखें »

पतिता (1953 फ़िल्म)

पतिता १९५३ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और पतिता (1953 फ़िल्म) · और देखें »

पदार्थ प्रौद्योगिकी की समय रेखा

कोई विवरण नहीं।

नई!!: १९५३ और पदार्थ प्रौद्योगिकी की समय रेखा · और देखें »

परिणीता (1953 फ़िल्म)

परिनीता 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और परिणीता (1953 फ़िल्म) · और देखें »

पापी (1953 फ़िल्म)

पापी 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और पापी (1953 फ़िल्म) · और देखें »

पुरुषोत्तम नागेश ओक

पुरुषोत्तम नागेश ओक, (जन्म: 2 मार्च, 1917-मृत्यु: 7 दिसंबर, 2007), जिन्हें पी०एन० ओक के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय इतिहास लेखक थे। .

नई!!: १९५३ और पुरुषोत्तम नागेश ओक · और देखें »

प्रसिद्ध पुस्तकें

कोई विवरण नहीं।

नई!!: १९५३ और प्रसिद्ध पुस्तकें · और देखें »

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार‎ फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। यह हिन्दी फ़िल्म में सबसे बेहतर अभिनय के लिये फ़िल्म के खलनायक को फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार समारोह में दिया जाता है। यद्यपि फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों कि शुरुआत 1953 में ही हो गई थी पर इस श्रेणी में खलनायकों को पुरस्कार देने का सिलसिला 1992 से ही शुरु हुआ। .

नई!!: १९५३ और फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार · और देखें »

फ़ॉर्मूला वन

The formula was defined in 1946; the first Formula One race was in 1947; the first World Championship season was 1950.

नई!!: १९५३ और फ़ॉर्मूला वन · और देखें »

फेरारी

फेरारी S.p. A., इटली के मैरानेलो स्थित एक स्पोर्ट्स कार निर्माता है। इसकी स्थापना, 1929 में स्क्यूडेरिया फेरारी के रूप में एंज़ो फेरारी द्वारा की गई। 1947 में फेरारी S.p. के रूप में कानूनी तौर पर चलने वाले वाहनों का उत्पादन करने से पहले इस कंपनी ने चालकों को प्रायोजित किया और दौड़ में भाग लेने वाली गाड़ियों का उत्पादन किया।A. अपने सम्पूर्ण इतिहास के दौरान,दौड़ प्रतियोगिता, खास करके फ़ॉर्मूला वन Formula One में अपनी निरंतर भागीदारी के लिए यह कंपनी प्रसिद्ध रहा है जहां इसे अपार सफलता मिली.

नई!!: १९५३ और फेरारी · और देखें »

बालकृष्ण राव

बालकृष्ण राव (जन्म १९१३, निधन १९७६) हिन्दी के कवि एवं संपादक थें। ये हिंदी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद की माध्यम पत्रिका के पहले सम्पादक बने एवं भारत सरकार के आकाशवाणी विभाग में रहकर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कार्य किए। इनकी अनेक आलोचनाएँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई। १९५३ में कवि भारती के सह सम्पादक रहे। श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार.

नई!!: १९५३ और बालकृष्ण राव · और देखें »

बिमल राय

बिमल राय (बांग्ला: বিমল রায়) (जन्म: 12 जुलाई, 1909 निधन: 7 जनवरी, 1966) हिन्दी फ़िल्मों का एक प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक थे। .

नई!!: १९५३ और बिमल राय · और देखें »

बिल टिल्डेन

बिल टिल्डेन (जन्म: निधन: 5 जून, 1953) टेनिस के एक मशहूर खिलाड़ी थे जिन्होंने अमरीकी ओपन टेनिस का खिताब १९२० से १९२५ तक लगातार जीता। श्रेणी:टेनिस खिलाड़ी श्रेणी:पुरुष टेनिस खिलाड़ी श्रेणी:टेनिस ग्रैंड स्लैम विजेता.

नई!!: १९५३ और बिल टिल्डेन · और देखें »

बेनज़ीर भुट्टो

बेनज़ीर भुट्टो(उर्दू: بینظیر بھٹو) (जन्म 21 जून 1953,कराची- मृत्यु 27 दिसम्बर 2007,रावलपिंडी) पाकिस्तान की १२वीं (1988 में) व १६वीं (1993 में) प्रधानमंत्री थीं। रावलपिंडी में एक राजनैतिक रैली के बाद आत्मघाती बम और गोलीबारी से दोहरा अक्रमण कर, उनकी हत्या कर दी गई। पूरब की बेटी के नाम से जानी जाने वाली बेनज़ीर किसी भी मुसलिम देश की पहली महिला प्रधानमंत्री तथा दो बार चुनी जाने वाली पाकिस्तान की पहली प्रधानमंत्री थीं। वे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रतिनिधि तथा मुसलिम धर्म की शिया शाखा की अनुयायी थीं। .

नई!!: १९५३ और बेनज़ीर भुट्टो · और देखें »

बीरबल साहनी पुरावनस्पतिविज्ञान संस्थान

बीरबल साहनी पुरावनस्पतिविज्ञान संस्थान लखनऊ का एक पुरावनस्पतिविज्ञान पर अनुसंधान संस्थान है। यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है। से बीरबल साहनी: संस्थापक एवं प्रथम मानित निदेशक यह ५३, विश्वविद्यालय मार्ग, लखनऊ पर स्थित है। इसका नाम इसके संस्थापक श्री बीरबल साहनी, प्रसिद्ध परावनस्पति वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया है। सितंबर, १९३९ में इनको अध्यक्ष बनाकर एक पुरावनस्पतिज्ञों की समिति अनुसंधान हेतु गठित हुई थी। इसकी प्रथम रिपोर्ट १९४० एवं अंतिम रिपोर्ट १९५० में प्रकाशित हुई। ३ जून, १९५३ को आठ वैज्ञानिकों के नाम से एक न्यास की स्थापना भारतीय सोसायटी पंजीकरण धारा-२१ (१८६०) के अंतर्गत हुई। इसका उद्देश्य पुरावनस्पति विज्ञान पर प्रो॰ बीरबल साहनी एवं सावित्री साहनी के मूल शोध में एकत्रित किए गये जीवाश्म संग्रह एवं एक सन्दर्भ पुस्त्तकालय के गठन हेतु फंड जुटाना था। और अंततः इस संस्थान की स्थापना १० सितंबर, १९४६ को हुई। इसके प्रथम मानित निदेशक बीरबल साहनी को बनाया गया। सरकार ने इसके लिए ३.५ एकड़ भूमि भी आवंटित की। संस्थान की इमारत ३ अप्रैल, १९४९ को इसकी नींव प्रथम प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू ने रखी। हालाँकि दुर्भाग्य से बीरबल साहनी की मृत्यु १० अप्रैल, १९४९ को ही हो गयी। किंतु १९५२ के अंत तक इसकी इमारत भी बनकर तैयार हो गयी। १९५१ में यूनेस्को ने इसे अपने तकनीकी सहयोग कार्यक्रम में भी सम्मिलित कर लिया। इतिहास .

नई!!: १९५३ और बीरबल साहनी पुरावनस्पतिविज्ञान संस्थान · और देखें »

बीसवीं शताब्दी

ग्रेगरी पंचांग (कलेंडर) के अनुसार ईसा की बीसवीं शताब्दी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसम्बर 2000 तक मानी जाती है। कुछ इतिहासवेत्ता 1914 से 1992 तक को संक्षिप्त बीसवीं शती का नाम भी देते हैं। (उन्नीसवी शताब्दी - बीसवी शताब्दी - इक्कीसवी शताब्दी - और शताब्दियाँ) दशक: १९०० का दशक १९१० का दशक १९२० का दशक १९३० का दशक १९४० का दशक १९५० का दशक १९६० का दशक १९७० का दशक १९८० का दशक १९९० का दशक ---- समय के गुज़रने को रेकोर्ड करने के हिसाब से देखा जाये तो बीसवी शताब्दी वह शताब्दी थी जो १९०१ - २००० तक चली थी। मनुष्य जाति के जीवन का लगभग हर पहलू बीसवी शताब्दी में बदल गया।.

नई!!: १९५३ और बीसवीं शताब्दी · और देखें »

भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची

भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची में भारत के राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश अपनी स्थापना तिथि के साथ दिए गए हैं। .

नई!!: १९५३ और भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची · और देखें »

भारत के अभयारण्य

भारत में 500 से अधिक प्राणी अभयारण्य हैं, जिन्हें वन्य जीवन अभयारण्य (IUCN श्रेणी IV सुरक्षित क्षेत्र) कहा जाता है। इनमें से 28 बाघ अभयारण्य बाघ परियोजना द्वारा संचालित हैं, जो बाघ-संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ वन्य अभयारण्यों को पक्षी-अभयारण्य कहा जाता रहा है, (जैसे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान) जब तक कि उन्हें राष्ट्रीय उद्यान का दर्ज़ा नहीं मिल गया। कई राष्ट्रीय उद्यान पहले वन्य जीवन अभयारण्य ही थे। कुछ वन्य जीवन अभयारण्य संरक्षण हेतु राष्ट्रीय महत्व रखते हैं, अपनी कुछ मुख्य प्राणी प्रजातियों के कारण। अतः उन्हें राष्ट्रीय वन्य जीवन अभयारण्य कहा जाता है, जैसे.

नई!!: १९५३ और भारत के अभयारण्य · और देखें »

भारतीय नौसेना पोत विराट

भारतीय नौसेना पोत विराट (आई एन एस विराट) भारतीय नौसेना में सेंतौर श्रेणी का एक वायुयान वाहक पोत है। भारतीय सेना की अग्रिम पंक्ति (फ़्लेगशिप) का यह पोत लंबे समय से सेना की सेवा में है। १९९७ में भारतीय नौसेना पोत विक्रांत के सेवामुक्त कर दिए जाने के बाद इसी ने विक्रांत के रिक्त स्थान की पूर्ति की थी। इस समय यह हिंद महासागर में उपस्थित दो वायुयान वाहक पोतों में से एक है। इस पोत ने सन १९५९ रायल नेवी (ब्रिटिश नौसेना) के लिये कार्य करना शुरु किया एवं १९८५ तक वहाँ सक्रिय रहा। इस का प्रथम नाम एच एम एस हर्मस था। तदपश्चात १९८६ मे भारतीय नौसेना ने कई देशो के युद्ध पोतों की समीक्षा करने के बाद इसे रॉयल नेवी से खरीद लिया। इस सौदे के बाद इस पोत मे कई तकनीकी सुधार किये गए जिससे इसे अगले एक दशक तक कार्यशील रखा जा सके। ये तकनीकी सुधार एवं रखरखाव देवेनपोर्ट डॉकयार्ड पर हुए। १२ मई १९८७ को इसे भारतीय नौसेना में आधिकारिक रूप से सम्मलित कर लिया गया। विराट पर १२ डिग्री कोण वाला एक स्की जंप लगा है जो सी हैरीयर श्रेणी के लड़ाकु वायुयानों के उड़ान भरने में कारगर होता है। इस पोत पर एक साथ १८ लड़ाकू वायुयान रखे जा सकते है। पोत के बाहरी आवरण, मशीनों एवं मेगजीनों (तोप एवं अन्य शस्रगृह) को १.२ इंच मोटे कवच से बख्तर बंद किया गया है। यह मेगजीनें ८० से भी अधिक हल्के तॉरपीडो का एक बार मे भंडार कर सकती है। पोत पर ७५० लोगों के रहने की जगह तो है ही, चार छोटी नावें (लेंडिंग क्राफ़्ट) भी है जो पोत से तट तक सैनिकों को ले जा सकती हैं। पनडुब्बी की खबर रखने के लिए इसे सी किंग हैलीकॉप्टर से लैस किया जायेगा। इस पोत का अधिकतम जल विस्थापन क्षमता २८,५०० टन है तथा इसके भार को खींचने के लिये ७६,००० हार्स पावर क्षमता वाली भाप से चलने वली टरबाईन लगायी गई है। भारतीय नौसेना का नया वायुयान वाहक पोत विक्रमादित्य, विराट का उत्तराधिकारी है। इसे २०१२ से सेवा में ले लिया गया है। हाल मे हुये रखरखाव को देखते हुए विराट का सेवा काल २०१९ तक बढ़ा दिया गया है जो पहले २०१२ तक तय किया गया था। .

नई!!: १९५३ और भारतीय नौसेना पोत विराट · और देखें »

भारतीय गणितज्ञों की सूची

सिन्धु सरस्वती सभ्यता से आधुनिक काल तक भारतीय गणित के विकास का कालक्रम नीचे दिया गया है। सरस्वती-सिन्धु परम्परा के उद्गम का अनुमान अभी तक ७००० ई पू का माना जाता है। पुरातत्व से हमें नगर व्यवस्था, वास्तु शास्त्र आदि के प्रमाण मिलते हैं, इससे गणित का अनुमान किया जा सकता है। यजुर्वेद में बड़ी-बड़ी संख्याओं का वर्णन है। .

नई!!: १९५३ और भारतीय गणितज्ञों की सूची · और देखें »

भारतीय कवियों की सूची

इस सूची में उन कवियों के नाम सम्मिलित किये गये हैं जो.

नई!!: १९५३ और भारतीय कवियों की सूची · और देखें »

भीलांगना

भीलांगना उत्तर भारत के उत्तराखंड राज्य की एक नदी है। इसके और भागीरथी नदी के संगम पर टिहरी बाँध परियोजना बनायी गयी है। इस परियोजना की कल्पना १९५३ मे की गई थी और अंततः यह २००७ में पूरी हुई। श्रेणी:उत्तराखण्ड श्रेणी:भारत की नदी घाटी परियोजनाएं.

नई!!: १९५३ और भीलांगना · और देखें »

मद्रास स्टेट

मद्रास स्टेट भारत के वर्तमान राज्य तमिल नाडु को २६ जनवरी, १९५० से १९६८ तक बुलाया जाने वाला नाम था। मूल रूप में इस राज्य में वर्तमान आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र, उत्तरी केरल (मालाबार) और कर्नाटक से बेल्लारी, दक्षिण कन्नड़ आदि क्षेत्र आते थे। इस राज्य को १९५६ में वर्तमान स्थिति में घटा दिया गया था। १९५३ में इस राज्य का भाषा कारण विभाजन किया गया। राज्य पुनर्संगठन अधिनियम, १९५६ के अन्तर्गत केरल और मैसूर राज्यों को इससे अलग निकाल लिया गया था। १९६८ में इसे तमिल नाडु क वर्तमान नाम मिला। इन्हें भी देखें: चेन्नई का इतिहास, मद्रास प्रेसिडेंसी श्रेणी:चेन्नई का इतिहास श्रेणी:तमिल नाडु का इतिहास श्रेणी:भारत का इतिहास.

नई!!: १९५३ और मद्रास स्टेट · और देखें »

मज़हर ख़ान

मज़हर ख़ान (जन्म: 22 जुलाई, 1953 निधन: 16 जुलाई, 1998) हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। .

नई!!: १९५३ और मज़हर ख़ान · और देखें »

मून जे-इन

मून जे-इन (कोरियाई: 문재인; हंजा: 文在寅;; जन्म: 24 जनवरी 1953), दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति तथा डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया के नेता हैं। उन्होने 10 मई, 2017 को दक्षिण कोरिया के 12 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। इस पद पर उन्होंने पार्क ग्युन हाय का स्थान लिया, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में महाभियोग द्वारा पद से हटा दिया गया था। .

नई!!: १९५३ और मून जे-इन · और देखें »

मीना कुमारी

मीना कुमारी (1 अगस्त, 1933 - 31 मार्च, 1972) भारत की एक मशहूर अभिनेत्री थीं। इन्हें खासकर दुखांत फ़िल्मों में इनकी यादगार भूमिकाओं के लिये याद किया जाता है। मीना कुमारी को भारतीय सिनेमा की ट्रैजेडी क्वीन भी कहा जाता है। अभिनेत्री होने के साथ-साथ मीना कुमारी एक उम्दा शायारा एवम् पार्श्वगायिका भी थीं। मीना कुमारी का असली नाम महजबीं बानो था और ये बंबई में पैदा हुई थीं। उनके पिता अली बक्श पारसी रंगमंच के एक मँझे हुए कलाकार थे और उन्होंने "ईद का चाँद" फिल्म में संगीतकार का भी काम किया था। उनकी माँ प्रभावती देवी (बाद में इकबाल बानो), भी एक मशहूर नृत्यांगना और अदाकारा थी। मीना कुमारी की बड़ी बहन खुर्शीद बानो भी फिल्म अभिनेत्री थीं जो आज़ादी के बाद पाकिस्तान चलीं गईं।कहा जाता है कि दरिद्रता से ग्रस्त उनके पिता अली बक़्श उन्हें पैदा होते ही अनाथाश्रम में छोड़ आए थे चूँकि वे उनके डाॅक्टर श्रीमान गड्रे को उनकी फ़ीस देने में असमर्थ थे।हालांकि अपने नवजात शिशु से दूर जाते-जाते पिता का दिल भर आया और तुरंत अनाथाश्रम की ओर चल पड़े।पास पहुंचे तो देखा कि नन्ही मीना के पूरे शरीर पर चीटियाँ काट रहीं थीं।अनाथाश्रम का दरवाज़ा बंद था, शायद अंदर सब सो गए थे।यह सब देख उस लाचार पिता की हिम्मत टूट गई,आँखों से आँसु बह निकले।झट से अपनी नन्हीं-सी जान को साफ़ किया और अपने दिल से लगा लिया।अली बक़्श अपनी चंद दिनों की बेटी को घर ले आए।समय के साथ-साथ शरीर के वो घाव तो ठीक हो गए किंतु मन में लगे बदकिस्मती के घावों ने अंतिम सांस तक मीना का साथ नहीं छोड़ा। महजबीं पहली बार 1939 में फिल्म निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म फ़रज़न्द-ए-वतन में बेबी महज़बीं के रूप में नज़र आईं। 1940 की फिल्म "एक ही भूल" में विजय भट्ट ने इनका नाम बेबी महजबीं से बदल कर बेबी मीना कर दिया। 1946 में आई फिल्म बच्चों का खेल से बेबी मीना 14 वर्ष की आयु में मीना कुमारी बनीं। मार्च 1947 में लम्बे समय तक बीमार रहने के कारण उनकी माँ की मृत्यु हो गई। मीना कुमारी की प्रारंभिक फिल्में ज्यादातर पौराणिक कथाओं पर आधारित थीं जिनमें हनुमान पाताल विजय, वीर घटोत्कच व श्री गणेश महिमा प्रमुख हैं। 1952 में आई फिल्म बैजू बावरा ने मीना कुमारी के फिल्मी सफ़र को नई उड़ान दी। मीना कुमारी द्वारा चित्रित गौरी के किरदार ने उन्हें घर-घर में प्रसिद्धि दिलाई। फिल्म 100 हफ्तों तक परदे पर रही और 1954 में उन्हें इसके लिए पहले फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1953 तक मीना कुमारी की तीन फिल्में आ चुकी थीं जिनमें: दायरा, दो बीघा ज़मीन और परिणीता शामिल थीं। परिणीता से मीना कुमारी के लिये एक नया युग शुरु हुआ। परिणीता में उनकी भूमिका ने भारतीय महिलाओं को खास प्रभावित किया था चूँकि इस फिल्म में भारतीय नारी की आम जिंदगी की कठिनाइयों का चित्रण करने की कोशिश की गयी थी। उनके अभिनय की खास शैली और मोहक आवाज़ का जादू छाया रहा और लगातार दूसरी बार उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। वर्ष 1951 में फिल्म तमाशा के सेट पर मीना कुमारी की मुलाकात उस ज़माने के जाने-माने फिल्म निर्देशक कमाल अमरोही से हुई जो फिल्म महल की सफलता के बाद निर्माता के तौर पर अपनी अगली फिल्म अनारकली के लिए नायिका की तलाश कर रहे थे।मीना का अभिनय देख वे उन्हें मुख्य नायिका के किरदार में लेने के लिए राज़ी हो गए।दुर्भाग्यवश 21 मई 1951 को मीना कुमारी महाबलेश्वरम के पास एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं जिससे उनके बाहिने हाथ की छोटी अंगुली सदा के लिए मुड़ गई। मीना अगले दो माह तक बम्बई के ससून अस्पताल में भर्ती रहीं और दुर्घटना के दूसरे ही दिन कमाल अमरोही उनका हालचाल पूछने पहुँचे। मीना इस दुर्घटना से बेहद दुखी थीं क्योंकि अब वो अनारकली में काम नहीं कर सकती थीं। इस दुविधा का हल कमाल अमरोही ने निकाला, मीना के पूछने पर कमाल ने उनके हाथ पर अनारकली के आगे 'मेरी' लिख डाला।इस तरह कमाल मीना से मिलते रहे और दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हो गया। 14 फरवरी 1952 को हमेशा की तरह मीना कुमारी के पिता अली बख़्श उन्हें व उनकी छोटी बहन मधु को रात्रि 8 बजे पास के एक भौतिक चिकित्सकालय (फिज़्योथेरेपी क्लीनिक) छोड़ गए। पिताजी अक्सर रात्रि 10 बजे दोनों बहनों को लेने आया करते थे।उस दिन उनके जाते ही कमाल अमरोही अपने मित्र बाक़र अली, क़ाज़ी और उसके दो बेटों के साथ चिकित्सालय में दाखिल हो गए और 19 वर्षीय मीना कुमारी ने पहले से दो बार शादीशुदा 34 वर्षीय कमाल अमरोही से अपनी बहन मधु, बाक़र अली, क़ाज़ी और गवाह के तौर पर उसके दो बेटों की उपस्थिति में निक़ाह कर लिया। 10 बजते ही कमाल के जाने के बाद, इस निक़ाह से अपरिचित पिताजी मीना को घर ले आए।इसके बाद दोनों पति-पत्नी रात-रात भर बातें करने लगे जिसे एक दिन एक नौकर ने सुन लिया।बस फिर क्या था, मीना कुमारी पर पिता ने कमाल से तलाक लेने का दबाव डालना शुरू कर दिया। मीना ने फैसला कर लिया की तबतक कमाल के साथ नहीं रहेंगी जबतक पिता को दो लाख रुपये न दे दें।पिता अली बक़्श ने फिल्मकार महबूब खान को उनकी फिल्म अमर के लिए मीना की डेट्स दे दीं परंतु मीना अमर की जगह पति कमाल अमरोही की फिल्म दायरा में काम करना चाहतीं थीं।इसपर पिता ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे पति की फिल्म में काम करने जाएँगी तो उनके घर के दरवाज़े मीना के लिए सदा के लिए बंद हो जाएँगे। 5 दिन अमर की शूटिंग के बाद मीना ने फिल्म छोड़ दी और दायरा की शूटिंग करने चलीं गईं।उस रात पिता ने मीना को घर में नहीं आने दिया और मजबूरी में मीना पति के घर रवाना हो गईं। अगले दिन के अखबारों में इस डेढ़ वर्ष से छुपी शादी की खबर ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन स्वछंद प्रवृति की मीना अमरोही से 1964 में अलग हो गयीं। उनकी फ़िल्म पाक़ीज़ा को और उसमें उनके रोल को आज भी सराहा जाता है। शर्मीली मीना के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं कि वे कवियित्री भी थीं लेकिन कभी भी उन्होंने अपनी कवितायें छपवाने की कोशिश नहीं की। उनकी लिखी कुछ उर्दू की कवितायें नाज़ के नाम से बाद में छपी। .

नई!!: १९५३ और मीना कुमारी · और देखें »

यूनिसेफ

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (अंग्रेज़ी:यूनाइटेड नेशन्स चिल्ड्रेंस फंड, लघुनाम:यूनीसेफ) की स्थापना का आरंभिक उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध में नष्ट हुए राष्ट्रों के बच्चों को खाना और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने ११ दिसंबर, १९४६ को की थी।। हिन्दुस्तान लाइव। १७ जनवरी २०१० १९५३ में यूनीसेफ, संयुक्त राष्ट्र का स्थाई सदस्य बन गया। उस समय इसका नाम यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस फंड की जगह यूनाइटेड नेशन्स चिल्ड्रेंस फंड कर दिया गया।। हिन्दी रेडियो। १० जून २००८ इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। वर्तमान में इसके मुखिया ऐन वेनेमन है। यूनीसेफ को १९६५ में उसके बेहतर कार्य के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। १९८९ में संगठन को इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। डॉक्युमेंट आइ.डी:afpr000020011031dpbk02rxb, अभिगमन तिथि:४ नवम्बर २००६ इसके १२० से अधिक शहरों में कार्यालय हैं और १९० से अधिक स्थानों पर इसके कर्मचारी कार्यरत हैं। वर्तमान में यूनीसेफ फंड एकत्रित करने के लिए विश्व स्तरीय एथलीट और टीमों की सहायता लेता है। यूनीसेफ का सप्लाई प्रभाग कार्यालय कोपनहेगन, डेनमार्क में है। यह कुछ महत्वपूर्ण सामान जैसे जीवन रक्षक टीके, एचआईवी पीड़ित बच्चों व उनकी माताओं के लिए दवा, कुपोषण के उपचार के लिए दवाइयां, आकस्मिक आश्रय आदि के वितरण की प्राथमिक जगह होती है। ३६ सदस्यों का कार्यकारी दल यूनीसेफ के कामों की देखरेख करता है। यह नीतियाँ बनाता है और साथ ही यह वित्तीय और प्रशासनिक योजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों को स्वीकृति प्रदान करता है। वर्तमान में यूनीसेफ मुख्यत: पांच प्राथमिकताओं पर केन्द्रित है। बच्चों का विकास, बुनियादी शिक्षा, लिंग के आधार पर समानता (इसमें लड़कियों की शिक्षा शामिल है), बच्चों का हिंसा से बचाव, शोषण, बाल-श्रम के विरोध में, एचआईवी एड्स और बच्चों, बच्चों के अधिकारों के वैधानिक संघर्ष के लिए काम करता है। .

नई!!: १९५३ और यूनिसेफ · और देखें »

राही (1953 फ़िल्म)

राही 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और राही (1953 फ़िल्म) · और देखें »

रेल का डिब्बा (1953 फ़िल्म)

रेल का डिब्बा 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और रेल का डिब्बा (1953 फ़िल्म) · और देखें »

रॉबर्ट ज़ोलिक

रॉबर्ट ज़ोलिक रॉबर्ट ज़ोलिक (जन्म 25 जुलाई, 1953) विश्व बैंक के ग्यारहवें अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपना पदभार 1 जुलाई, 2007 को ग्रहण किया था। .

नई!!: १९५३ और रॉबर्ट ज़ोलिक · और देखें »

लड़की (1953 फ़िल्म)

लड़की 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और लड़की (1953 फ़िल्म) · और देखें »

लॉस एंजेल्स लेकर्स

श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन - पैसिफिक डिवीज़न श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन - पश्चिमी कांफ्रेंस श्रेणी:नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन.

नई!!: १९५३ और लॉस एंजेल्स लेकर्स · और देखें »

शमशीर (1953 फ़िल्म)

शमशीर 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और शमशीर (1953 फ़िल्म) · और देखें »

शिकस्त (1953 फ़िल्म)

शिकस्त 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और शिकस्त (1953 फ़िल्म) · और देखें »

शोले (1953 फ़िल्म)

शोले 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और शोले (1953 फ़िल्म) · और देखें »

सर्जेई विनोग्रैड्स्की

सर्जेई विनोग्रैड्स्की सर्जेई विनोग्रैड्स्की सूक्ष्मजैविकी के वैज्ञानिक था। इसका जन्म रूस के कीव में 1सितंबर 1856 को हुआ था। इन्होंने नाइट्रीकरण की खोज की थी। नाइट्रोजन चक्र एवं अन्य जैविक चक्रों के क्षेत्र में इनका योगदान सराहनीय है। 25 फरवरी 1953 को इस वैज्ञानिक ने अन्तिम सासे ली। श्रेणी:वैज्ञानिक.

नई!!: १९५३ और सर्जेई विनोग्रैड्स्की · और देखें »

सिंध के राज्यपाल

सिंध के राज्यपाल पाकिस्तान के प्रांत, सिंध की प्रांतीय सरकार का प्रमुख होते हैं। इनकी नियुक्ति पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की परामर्श पर करते हैं और, पाकिस्तान के अन्य प्रांतीय राज्यपाल पदों के समान ही, आमतौर पर यह भी एक औपचारिक पद है, यानी राज्यपाल पास बहुत अधिक अधिकार नहीं होते हैं। हालाँकि इतिहास में कई बार ऐसे अवसर आए हैं जब प्रांतीय गवर्नरों को अतिरिक्त व पूर्ण कार्याधिकार मिला है, खासकर इस मामले में जब प्रांतीय विधायिका भंग कर दी गई हो, तब प्रशासनिक विकल्प सीधे राज्यपाल के अधिकार-अंतर्गत आ जाते हैं। 1958 से 1972 और 1977 से 1985 तक सैन्य शासन और 1999 से 2002 के राज्यपाल शासन के दौरान राज्यपालों को जबरदस्त प्रशासनिक शक्ति मिलते रहे हैं। सिंध में दो बार सीधे राज्यपाल शासन रहा है जिनके दौरान 1951 से 1953 के दौरान मियां अमीन दीन और 1988 में रहीम दीन खान राज्यपाल थे। .

नई!!: १९५३ और सिंध के राज्यपाल · और देखें »

संविधान दिवस (डेनमार्क)

संविधान दिवस डेनमार्क में संविधान स्वीकृत होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ५ जून १८४९ ईं को डेनमार्क में पहली बार संविधान स्वीकृत हुआ और वह संवैधानिक राजतंत्र बन गया। १९५३ ई। में जब पुनः संविधान निर्मित हुआ तो इस दिन के महत्व को ध्यान में रखकर इसी दिन से उसे लागू किया गया। इस दिन को डेनमार्क में पितृ दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। .

नई!!: १९५३ और संविधान दिवस (डेनमार्क) · और देखें »

सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर

सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर (१९ अक्टूबर, १९१०-२१ अगस्त, १९९५) विख्यात भारतीय-अमेरिकी खगोलशास्त्री थे। भौतिक शास्त्र पर उनके अध्ययन के लिए उन्हें विलियम ए. फाउलर के साथ संयुक्त रूप से सन् १९८३ में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। चन्द्रशेखर सन् १९३७ से १९९५ में उनके देहांत तक शिकागो विश्वविद्यालय के संकाय पर विद्यमान थे। .

नई!!: १९५३ और सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर · और देखें »

सूक्ष्मजैविकी

सूक्ष्मजीवों से स्ट्रीक्ड एक अगार प्लेट सूक्ष्मजैविकी उन सूक्ष्मजीवों का अध्ययन है, जो एककोशिकीय या सूक्ष्मदर्शीय कोशिका-समूह जंतु होते हैं। इनमें यूकैर्योट्स जैसे कवक एवं प्रोटिस्ट और प्रोकैर्योट्स, जैसे जीवाणु और आर्किया आते हैं। विषाणुओं को स्थायी तौर पर जीव या प्राणी नहीं कहा गया है, फिर भी इसी के अन्तर्गत इनका भी अध्ययन होता है। संक्षेप में सूक्ष्मजैविकी उन सजीवों का अध्ययन है, जो कि नग्न आँखों से दिखाई नहीं देते हैं। सूक्ष्मजैविकी अति विशाल शब्द है, जिसमें विषाणु विज्ञान, कवक विज्ञान, परजीवी विज्ञान, जीवाणु विज्ञान, व कई अन्य शाखाएँ आतीं हैं। सूक्ष्मजैविकी में तत्पर शोध होते रहते हैं एवं यह क्षेत्र अनवरत प्रगति पर अग्रसर है। अभी तक हमने शायद पूरी पृथ्वी के सूक्ष्मजीवों में से एक प्रतिशत का ही अध्ययन किया है। हाँलाँकि सूक्ष्मजीव लगभग तीन सौ वर्ष पूर्व देखे गये थे, किन्तु जीव विज्ञान की अन्य शाखाओं, जैसे जंतु विज्ञान या पादप विज्ञान की अपेक्षा सूक्ष्मजैविकी अपने अति प्रारम्भिक स्तर पर ही है। .

नई!!: १९५३ और सूक्ष्मजैविकी · और देखें »

हर्ता म्यूलर

रोमानिया में १७ अगस्त १९५३ को जन्मीं हर्ता म्यूलर जर्मन उपन्यासकार, कवियित्री और निबंधकार हैं और वे साम्यवादी रोमानिया में निकोलाइ चाउसेस्कु के दमनकारी शासन के दौरान जीवन की कठोर परिस्थितियों का सजीव चित्रण करने के लिए जानी जाती हैं। ८ अक्टूबर २००९, को की गयी एक घोषणा के अनुसार वो वर्ष २००९ की साहित्य के नोबेल पुरस्कार की विजेता हैं। .

नई!!: १९५३ और हर्ता म्यूलर · और देखें »

हर्मन स्टॉडिंगर

हर्मन स्टौडिंजर (२३ मार्च १८८१– ८ सितंबर १९६५) एक जर्मन र्सायन शास्त्री थे। इन्होंने मैक्रो अणुओं को बहुलक की तरह दर्शाया। इस कार्य के लिए उन्हें १९५३ में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। श्रेणी:जर्मनी के लोग श्रेणी:रसायनशास्त्री.

नई!!: १९५३ और हर्मन स्टॉडिंगर · और देखें »

हाउस ऑफ वैक्स

हाउस ऑफ वैक्स स्टीरियोस्कोपिक साउंड में बनी पहली थ्री-डी फीचर फिल्म थी। २८ मई, १९५३ से वॉल्ट डिजनी इंका.

नई!!: १९५३ और हाउस ऑफ वैक्स · और देखें »

हैरी एस ट्रूमैन

हैरी एस ट्रूमैन हैरी एस ट्रूमैन संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति थे। इनका कार्यकाल १९४५ से १९५३ तक था। ये डेमोक्रेटिक पार्टी से संबद्ध थे। हैरी एस ट्रूमैन(जन्म 8 मई 1884, लामार (मिसौरी)) संयुक्त राज्य अमरीका के 33वे राष्ट्रपति थे। .

नई!!: १९५३ और हैरी एस ट्रूमैन · और देखें »

होमी जहांगीर भाभा

होमी जहांगीर भाभा (30 अक्टूबर, 1909 - 24 जनवरी, 1966) भारत के एक प्रमुख वैज्ञानिक और स्वप्नदृष्टा थे जिन्होंने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की कल्पना की थी। उन्होने मुट्ठी भर वैज्ञानिकों की सहायता से मार्च 1944 में नाभिकीय उर्जा पर अनुसन्धान आरम्भ किया। उन्होंने नाभिकीय विज्ञान में तब कार्य आरम्भ किया जब अविछिन्न शृंखला अभिक्रिया का ज्ञान नहीं के बराबर था और नाभिकीय उर्जा से विद्युत उत्पादन की कल्पना को कोई मानने को तैयार नहीं था। उन्हें 'आर्किटेक्ट ऑफ इंडियन एटॉमिक एनर्जी प्रोग्राम' भी कहा जाता है। भाभा का जन्म मुम्बई के एक सभ्रांत पारसी परिवार में हुआ था। उनकी कीर्ति सारे संसार में फैली। भारत वापस आने पर उन्होंने अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाया। भारत को परमाणु शक्ति बनाने के मिशन में प्रथम पग के तौर पर उन्होंने 1945 में मूलभूत विज्ञान में उत्कृष्टता के केंद्र टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआइएफआर) की स्थापना की। डा.

नई!!: १९५३ और होमी जहांगीर भाभा · और देखें »

जेम्स डीन

जेम्स बायरन डीन (8 फ़रवरी 1931 - 30 सितंबर 1955) एक अमेरिकी फिल्म अभिनेता और एक सांस्कृतिक आइकन थे। उन्हें अपने सबसे प्रसिद्ध फ़िल्म के शीर्षक, रेबेल विदाउट ए कॉज में सबसे अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने परेशानी में फंसे लॉस एंजिल्स के किशोर जिम स्टार्क के रूप में अभिनय किया। उनके अभिनय को परिभाषित करने वाली अन्य दो भूमिकाएं ईस्ट ऑफ़ ईडन में लोनर कैल ट्रास्क के रूप में, एवं जाइंट में एक चिड़चिड़े किसान जेट रिंक के रूप में थी। डीन की चिरस्थायी प्रसिद्धि और लोकप्रियता इन तीन फिल्मों पर ही आधारित है, उनका संपूर्ण आउटपुट एक प्रमुख भूमिका में थी। कम उम्र में उनकी मृत्यु ने उनकी पौराणिक स्थिति को पुख्ता किया। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए मरणोपरांत अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकन प्राप्त करने वाले वे प्रथम अभिनेता थे और मरणोपरांत अभिनय के लिए दो नामांकन प्राप्त करने वाले वे अभी भी एक मात्र व्यक्ति बने हुए हैं। 1999 में, अमेरिकी फिल्म संस्थान ने अपने एएफआई (AFI's) के 100 वर्षों के सितारों की सूची में डीन को सर्वश्रेष्ठ पुरुष कलाकार के रूप में 18 वां स्थान प्रदान किया।<ref>5 ^ 4</ref> .

नई!!: १९५३ और जेम्स डीन · और देखें »

जीवन ज्योति (1953 फ़िल्म)

जीवन ज्योति 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और जीवन ज्योति (1953 फ़िल्म) · और देखें »

विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत)

आयोग की स्थापना के समय मौलाना आजाद एवं डॉ॰सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत का विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (अंग्रेज़ी:University Grants Commission, लघु:UGC) केन्द्रीय सरकार का एक उपक्रम है जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को अनुदान प्रदान करता है। यही आयोग विश्वविद्यालयों को मान्यता भी देता है। इसका मुख्यालय नयी दिल्ली में है और इसके छः क्षेत्रीय कार्यालय पुणे, भोपाल, कोलकाता, हैदराबाद, गुवाहाटी एवं बंगलुरु में हैं।। हिन्दुस्तान लाइव। २२ फ़रवरी २०१० .

नई!!: १९५३ और विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत) · और देखें »

विजय अमृतराज

विजय अमृतराज (விஜய் அமிர்தராஜ், जन्म: १४ दिसंबर, १९५३) भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी हैं।.

नई!!: १९५३ और विजय अमृतराज · और देखें »

वुमेन विदआउट मैन

शहरमुश पर्सीपुर के उपन्यास पर आधारित फिल्म ‘वुमेन विदआउट मैन’ ईरान की फिल्म निर्देशिका निशात द्वारा निर्देशित की गई पहली फिल्म है। इसमें उन्होंने अपने देश ईरान की राजनीति को फिल्म का विषय बनाया है। यह फिल्म 1953 की ईरान की उन राजनीतिक स्थितियों को प्रदर्शित करती है, जिन्हें ब्रिटेन और अमेरिका ने अपने फायदे के लिए सृजित किया था और जिनकी वजह से ईरान की लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार का स्थान राजशाही ने ले लिया था। इसके लिए निशात को इस साल विंसी फिल्म महोत्सव में प्रतिष्ठित सिल्वर पुरस्कार प्रदान किया गया। इस फिल्म पर ईरान में प्रतिबंध लगा दिया गया है। .

नई!!: १९५३ और वुमेन विदआउट मैन · और देखें »

गांधीय मार्ग

यह कृति १९५३ में प्रकाशित हुई।.

नई!!: १९५३ और गांधीय मार्ग · और देखें »

गजानन माधव मुक्तिबोध

गजानन माधव मुक्तिबोध (१३ नवंबर १९१७ - ११ सितंबर १९६४) हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, निबंधकार, कहानीकार तथा उपन्यासकार थे। उन्हें प्रगतिशील कविता और नयी कविता के बीच का एक सेतु भी माना जाता है। .

नई!!: १९५३ और गजानन माधव मुक्तिबोध · और देखें »

ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची

List of Men's Singles Grand Slam tournaments tennis champions: .

नई!!: १९५३ और ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची · और देखें »

ओडिआ चलचित्र सूची

ओड़िआ चलचित्र की सारणी ओड़िआ भाषा .

नई!!: १९५३ और ओडिआ चलचित्र सूची · और देखें »

आह (1953 फ़िल्म)

आह 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

नई!!: १९५३ और आह (1953 फ़िल्म) · और देखें »

इसाक बेशविस सिंगर

इसाक बेशविस सिंगर पोलैंड में जन्में एक अमेरिकी लेखक थे। नोबेल पुरस्कार प्राप्त इस महान यहूदी लेखक को यहूदी साहित्य आंदोलन में अंग्रणी स्थान प्राप्त है। सिंगर की शिक्षा वारसा के धार्मिक विद्यालय में हुई थी तथा इनकी रचनाओं में दार्शनिकता की गहराई है। इनका पहला उपन्यास सटान इन गोरे १९५३ में प्रकाशित हुआ। .

नई!!: १९५३ और इसाक बेशविस सिंगर · और देखें »

इंडियन एयरलाइंस

इंडियन एयरलाइंस का एक विमान, सिंगापुर में चांगी एयरपोर्ट पर इंडियन भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की एक विमान सेवा कंपनी है। इसकी उड़ाने IC के नाम से जानी जाती हैं। .

नई!!: १९५३ और इंडियन एयरलाइंस · और देखें »

क मुं हिंदी विद्यापीठ आगरा

कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ डॉ भीमराव अंबेदकर विश्वविद्यालय, आगरा का प्रतिष्ठित शिक्षण और शोध संस्थान है जो हिंदी भाषा और भाषाविज्ञान के उच्चतर अध्ययन और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्तर भारत के सर्वप्रथम संस्थान के रूप में सन 1953 से कार्य कर रहा है। .

नई!!: १९५३ और क मुं हिंदी विद्यापीठ आगरा · और देखें »

कर्मेंदु शिशिर

कर्मेंदु शिशिर (जन्म:26 अगस्त, 1953 -) हिंदी के विनम्र कथाकार, आलोचक और शोधार्थी हैं। .

नई!!: १९५३ और कर्मेंदु शिशिर · और देखें »

कंचनजंघा

कंचनजंघा (नेपाली:कंचनजंघा Kanchanjaŋghā), (लिम्बू: सेवालुंगमा) विश्व की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी है, यह सिक्किम के उत्तर पश्चिम भाग में नेपाल की सीमा पर है। .

नई!!: १९५३ और कंचनजंघा · और देखें »

कुर्नूल जिला

कुर्नूल भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश का एक जिला है। कुर्नूल तुंगभद्रा और हंद्री नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। 12वीं शताब्‍दी में ओड्डार जब आलमपुर का निर्माण करने के लिए पत्‍थरों काटते थे तो यहां आकर उनको फिनिशिंग देते थे। 1953 से 1956 त‍क कुर्नूल आंध्रप्रदेश राज्‍य की राजधानी भी रहा। इसके बाद ही हैदराबाद यहां की राजधानी बनी। आज भी यहां विजयनगर राजाओं के शाही महल के अवशेष देख्‍ो जा सकते हैं जो 14वीं से 16वीं शताब्‍दी के बीच बने हैं। पारसी और अरबी शिलालेख भी यहां देखने को मिलते हैं जिससे यहां के महत्‍व का पता चलता है। .

नई!!: १९५३ और कुर्नूल जिला · और देखें »

क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनेर

क्रिस्टीना किर्चेनेर क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनेर (जन्म 19 फरवरी, 1953), एक वकील एवम् राजनेता हैं। वह २००७ से २०१५ तक अर्जेन्टीना की राष्ट्रपति थी।। .

नई!!: १९५३ और क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनेर · और देखें »

अनूप जलोटा

अनूप जलोटा (अनुप जलोटा) (जन्म २९ जुलाई १९५३) एक भारतीय गायक हैं, जो भजन एवं गज़ल के लिए प्रसिद्ध हैं। वर्ष २०१२ में इन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरूस्कार से सम्मानित किया गया।ये भजन सम्राट के नाम से भी प्रसिद्ध है। .

नई!!: १९५३ और अनूप जलोटा · और देखें »

अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची

* 1881 - रिचर्ड सीअर्स.

नई!!: १९५३ और अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची · और देखें »

अरुण कांबले

अरुण कृष्णाजी कांबले (मराठी: अरुण कृष्णाजी कांबळे) (१४ मार्च, १९५३ -- २० दिसंबर, २००९)। अरुण कृष्णाजी कांबले मराठी साहीत्य में लेखक और दलितों में अग्रणी नेतृत्व थे। अरुण कांबले, दलित पैंथर्स के संस्थापक हैं और वर्तमान में विश्वविद्यालय मुंबई में मराठी विभाग के प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे थे। वह जनता दल के महासचिव थे। उन्होंने दलितों, पिछड़ा वर्ग के लोगों और अल्पसंख्यकों के पक्ष में प्रमुख निर्णय लिये थे। .

नई!!: १९५३ और अरुण कांबले · और देखें »

अल्बर्तो मोराविया

अल्बर्तो मोराविया अल्बर्तो मोराविया इटली के अग्रणी उपन्यासकार थे। इनका जन्म २८ नवंबर १९०७ को रोम में हुआ था। इनकी सर्वाधिक चर्चित रचना 'द कंफर्मिस्ट' थी, जिस के आधार पर १९७० में एक फिल्म भी बनी। इन्होंने अपनी रचनाओं में प्रेम विहिन वासना को दिखाया है। इटली के सामाजिक जीवन का उत्कृष्ट सृजन करने का श्रेय इन्हें प्राप्त है। जिसके कारण विश्व साहित्य जगत में इन्हें एक विशेष स्थान दिया जाता है। 'अ सिक ब्वॉय विंटर' इनका पहला कथा-संग्रह था। १९५३ में उन्हें मेरजोटी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

नई!!: १९५३ और अल्बर्तो मोराविया · और देखें »

अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ

अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक बीसवीं शती के प्रारंभ में भारतीय प्रगतिशील लेखकों का एस समूह था। यह लेखक समूह अपने लेखन से सामाजिक समानता का समर्थक करता था और कुरीतियों अन्याय व पिछड़ेपन का विरोध करता था। इसकी स्थापना १९३५ में लंदन में हुई। इसके प्रणेता सज्जाद ज़हीर थे। १९३५ के अंत तक लंदन से अपनी शिक्षा समाप्त करके सज्जाद ज़हीर भारत लौटे। यहाँ आने से पूर्व वे अलीगढ़ में डॉ॰ अशरफ, इलाहबाद में अहमद अली, मुम्बई में कन्हैया लाल मुंशी, बनारस में प्रेमचंद, कलकत्ता में प्रो॰ हीरन मुखर्जी और अमृतसर में रशीद जहाँ को घोषणापत्र की प्रतियाँ भेज चुके थे। वे भारतीय अतीत की गौरवपूर्ण संस्कृति से उसका मानव प्रेम, उसकी यथार्थ प्रियता और उसका सौन्दर्य तत्व लेने के पक्ष में थे लेकिन वे प्राचीन दौर के अंधविश्वासों और धार्मिक साम्प्रदायिकता के ज़हरीले प्रभाव को समाप्त करना चाहते थे। उनका विचार था कि ये साम्राज्यवाद और जागीरदारी की सैद्धांतिक बुनियादें हैं। इलाहाबाद पहुंचकर सज्जाद ज़हीर अहमद अली से मिले जो विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी के प्रवक्ता थे। अहमद अली ने उन्हें प्रो॰एजाज़ हुसैन, रघुपति सहाय फिराक, एहतिशाम हुसैन तथा विकार अजीम से मिलवाया.

नई!!: १९५३ और अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ · और देखें »

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मशीन निगम

--> -->, इसका उपनाम है, बहुराष्ट्रीय कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी है और परामर्शी (consulting) निगम (corporation) का मुख्यालय अर्मोंक, न्यू यार्क (Armonk, New York), सयुंक्त राष्ट्र अमेरिका में है। १९ वीं शताब्दी के अनवरत इतिहास के साथ सुचना प्रोद्यौगिकी कंपनियों में से यह एक है आई बी एं कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेर बनाता और बेचता है और मेंफ्रम कंप्यूटर (mainframe computer) से नानो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र तक आधार भुत सेवाएं, होस्टिंग सेवाएं (hosting services) और परामर्शी सेवाएं (consulting services) भी प्रदान करता है। आई बी एं अपने हाल ही के इतिहास के कारण 388,000 कर्मचारियों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर कंपनी के रूप में जाना जाता है, आई बी एं विश्व की सबसे बड़ी सुचना प्रौद्योगिकी नियोजक है।हेवलेट पेकार्ड (Hewlett-Packard) के गिरने के बावजूद 2006, तक के कुल आय में यह सबसे अधिक लाभदायक रहा। अमेरिका पर आधारित अन्य प्रोद्यौगिकी कंपनी में आई बी एं सबसे अधिक पेटंट है। तक़रीबन १७० देशों में इसके इंजिनियर और परामर्शी हैं और आई बी एं अनुसन्धान (IBM Research) के लिए दुनिया भर में आठ प्रयोगशालाएं हैं। आई बी एं के कर्मचारियों ने तीन नोबेल पुरस्कार, चार टूरिंग पुरूस्कार (Turing Award), पाँच राष्ट्रीय प्रोद्यौगिकी पदक (National Medals of Technology) और पाँच राष्ट्रीय विज्ञानं पदक (National Medals of Science) अर्जित की है। पिछले वर्षों में आई बी एं चिप निर्माता के रूप में दुनिया के शीर्ष २० अर्धचालक बिक्री नेता (Worldwide Top 20 Semiconductor Sales Leaders) में आता है और 2007 में दुनिया भर के बृहत् सॉफ्टवेर कंपनियों में आई बी एं का दूसरा स्थान था। .

नई!!: १९५३ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मशीन निगम · और देखें »

उड़ान अभिलेखक

ब्लैक बॉक्स उड़ान अभिलेखक (अंग्रेजी:फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर या फ़्लाइट रिकॉर्डर) जिसे ब्लैक बॉक्स भी कहा जाता है, वायुयान में उड़ान के दौरान विभिन्न सूचनाओं को ध्नियांकित करने वाला उपकरण है। इसमें विमान से जुड़ी कई जानकारियाँ, जैसे कि विमान की गति, ऊँचाई, इंजन तथा अन्य यंत्रों की ध्वनी, यात्रियों और पायलटों की बातचित आदि, दर्ज होती रहती है। इन सूचनाओं के विश्लेषण द्वारा विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में दुर्घटना के कारणों की पहचान की जाती है। .

नई!!: १९५३ और उड़ान अभिलेखक · और देखें »

उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड (पूर्व नाम उत्तरांचल), उत्तर भारत में स्थित एक राज्य है जिसका निर्माण ९ नवम्बर २००० को कई वर्षों के आन्दोलन के पश्चात भारत गणराज्य के सत्ताइसवें राज्य के रूप में किया गया था। सन २००० से २००६ तक यह उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था। जनवरी २००७ में स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया। राज्य की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं। पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश इसकी सीमा से लगे राज्य हैं। सन २००० में अपने गठन से पूर्व यह उत्तर प्रदेश का एक भाग था। पारम्परिक हिन्दू ग्रन्थों और प्राचीन साहित्य में इस क्षेत्र का उल्लेख उत्तराखण्ड के रूप में किया गया है। हिन्दी और संस्कृत में उत्तराखण्ड का अर्थ उत्तरी क्षेत्र या भाग होता है। राज्य में हिन्दू धर्म की पवित्रतम और भारत की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना के उद्गम स्थल क्रमशः गंगोत्री और यमुनोत्री तथा इनके तटों पर बसे वैदिक संस्कृति के कई महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान हैं। देहरादून, उत्तराखण्ड की अन्तरिम राजधानी होने के साथ इस राज्य का सबसे बड़ा नगर है। गैरसैण नामक एक छोटे से कस्बे को इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भविष्य की राजधानी के रूप में प्रस्तावित किया गया है किन्तु विवादों और संसाधनों के अभाव के चलते अभी भी देहरादून अस्थाई राजधानी बना हुआ है। राज्य का उच्च न्यायालय नैनीताल में है। राज्य सरकार ने हाल ही में हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कुछ पहल की हैं। साथ ही बढ़ते पर्यटन व्यापार तथा उच्च तकनीकी वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए आकर्षक कर योजनायें प्रस्तुत की हैं। राज्य में कुछ विवादास्पद किन्तु वृहत बाँध परियोजनाएँ भी हैं जिनकी पूरे देश में कई बार आलोचनाएँ भी की जाती रही हैं, जिनमें विशेष है भागीरथी-भीलांगना नदियों पर बनने वाली टिहरी बाँध परियोजना। इस परियोजना की कल्पना १९५३ मे की गई थी और यह अन्ततः २००७ में बनकर तैयार हुआ। उत्तराखण्ड, चिपको आन्दोलन के जन्मस्थान के नाम से भी जाना जाता है। .

नई!!: १९५३ और उत्तराखण्ड · और देखें »

उत्तराखण्ड/आलेख

उत्तराखण्ड (पूर्व नाम उत्तरांचल), उत्तर भारत में स्थित एक राज्य है। २००० और २००६ के बीच यह उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था। ९ नवंबर २००० को उत्तराखण्ड भारत गणराज्य के २७ वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। राज्य का निर्माण कई वर्षों के आन्दोलन के पश्चात हुआ। इस राज्य में वैदिक संस्कृति के कुछ अति महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान हैं। राज्य की सीमाएँ उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी हैं तथा पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश (सन २००० में अपने गठन से पूर्व यह उत्तर प्रदेश का एक भाग था) इसके पड़ोसी हैं। पारंपरिक हिन्दू ग्रंथों और प्राचीन साहित्य में इस क्षेत्र का उल्लेख उत्तराखण्ड के रूप में किया गया है। हिन्दी और संस्कृत में उत्तराखण्ड का अर्थ उत्तरी क्षेत्र या भाग होता है। जनवरी २००७ में स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर उत्तरांचल से बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया। देहरादून, उत्तराखण्ड की अंतरिम राजधानी होने के साथ इस क्षेत्र में सबसे बड़ा नगर है। गैरसैण नामक एक छोटे से कस्बे को इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भविष्य की राजधानी के रूप में प्रस्तावित किया गया है किन्तु विवादों और संसाधनों के अभाव के चलते अभी भी देहरादून अस्थाई राजधानी बना हुआ है। राज्य का उच्च न्यायालय नैनीताल में है। राज्य सरकार ने हाल ही में हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कुछ पहल की हैं। साथ ही बढ़ते पर्यटन व्यापार तथा उच्च तकनीकी वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए आकर्षक कर योजनायें प्रस्तुत की हैं। राज्य में कुछ विवादास्पद किन्तु वृहत बांध परियोजनाएँ भी हैं जिनकी पूरे देश में प्रायः आलोचना की जाती रही है, जैसे कि भागीरथी-भीलांगना नदियों पर बनने वाली टिहरी बाँध परियोजना। इस परियोजना की कल्पना १९५३ में की गई थी और यह अंततः २००७ में बनकर तैयार हुआ। उत्तराखण्ड, चिपको आंदोलन के जन्मस्थान के नाम से भी जाना जाता है। .

नई!!: १९५३ और उत्तराखण्ड/आलेख · और देखें »

१ फ़रवरी

1 फरवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 32वां दिन है। साल मे अभी और 333 दिन बाकी है (लीप वर्ष मे 334)। .

नई!!: १९५३ और १ फ़रवरी · और देखें »

१ अगस्त

1 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 213वॉ (लीप वर्ष मे 214 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 152 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और १ अगस्त · और देखें »

११ फ़रवरी

11 फरवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 42वॉ दिन है। साल में अभी और 323 दिन बाकी है (लीप वर्ष में 324)। .

नई!!: १९५३ और ११ फ़रवरी · और देखें »

१२ नवम्बर

१२ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३१६वॉ (लीप वर्ष मे ३१७ वॉ) दिन है। साल मे अभी और ४९ दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और १२ नवम्बर · और देखें »

१२ अगस्त

12 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 224वाँ (लीप वर्ष में 225 वाँ) दिन है। साल में अभी और 141 दिन बाकी हैं। बुधवार, शुक्रवार या रविवार के दिन इस तिथि के पड़ने की संभावना (400 वर्षों में 58 बार) कुछ अधिक होती है, बजाय सोमवार या मंगलवार के (57), तथा बृहस्पतिवार या शनिवार को पड़ने की संभावना कुछ और कम (56) हो जाती है। .

नई!!: १९५३ और १२ अगस्त · और देखें »

१४ दिसम्बर

14 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 348वॉ (लीप वर्ष मे 349 वॉ) दिन है। साल में अभी और 17 दिन बाकी है। भारत देशमें १४ दिसम्बर के रोज राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिन मनाया जाता है। .

नई!!: १९५३ और १४ दिसम्बर · और देखें »

१५ दिसम्बर

१५ दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३४९वॉ (लीप वर्ष मे ३५० वॉ) दिन है। साल में अभी और १६ दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और १५ दिसम्बर · और देखें »

२० अगस्त

20 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 232वॉ (लीप वर्ष में 233 वॉ) दिन है। साल में अभी और 133 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और २० अगस्त · और देखें »

२१ जून

21 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 172वाँ (लीप वर्ष में 173 वाँ) दिन है। साल में अभी और 193 दिन बाकी हैं। २१जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी भी मनाया जाता है जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में रखकर की जिसकी स्वीकृति संयुक्त राष्ट्र ने ११ दिसंबर २०१४ को दे दी। भारत में योग का प्रतिनिधित्व योगगुरु बाबा रामदेव करते है जिन्होंने लाखो गरीब लोगो को निशुल्क योग शिविर लगा कर कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाई है। योग मन की शांति का एक मार्ग है। .

नई!!: १९५३ और २१ जून · और देखें »

२३ मार्च

23 मार्च ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 82वॉ (लीप वर्ष मे 83 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 283 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और २३ मार्च · और देखें »

२३ जुलाई

२३ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २०४वॉ (लीप वर्ष मे २०५वॉ) दिन है। वर्ष मे अभी और १६१ दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और २३ जुलाई · और देखें »

२३ जून

23 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 174वाँ (लीप वर्ष में 175 वाँ) दिन है। साल में अभी और 191 दिन बाकी हैं। .

नई!!: १९५३ और २३ जून · और देखें »

२७ सितम्बर

27 सितंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 270वॉ (लीप वर्ष मे 271 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 95 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और २७ सितम्बर · और देखें »

२९ अगस्त

29 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 241वॉ (लीप वर्ष मे 242 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 124 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और २९ अगस्त · और देखें »

३१ जनवरी

31 जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 31वाँ दिन है। साल में अभी और 334 दिन बाकी हैं (लीप वर्ष में 335)। .

नई!!: १९५३ और ३१ जनवरी · और देखें »

५ मार्च

5 मार्च ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 64वॉ (लीप वर्ष में 65 वॉ) दिन है। साल में अभी और 301 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और ५ मार्च · और देखें »

५०० होम रन दल

In मेजर लीग बेसबॉल, the ५०० होम रन क्लब is an informal term applied to the group of players who have hit 500 or more career home runs.

नई!!: १९५३ और ५०० होम रन दल · और देखें »

९ अप्रैल

9 अप्रैल ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 99वॉ (लीप वर्ष में 100 वॉ) दिन है। साल में अभी और 266 दिन बाकी है। .

नई!!: १९५३ और ९ अप्रैल · और देखें »

यहां पुनर्निर्देश करता है:

1953

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »