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१९४२

सूची १९४२

1942 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

59 संबंधों: एस॰ के॰ पोत्ताकट, थाबो म्वूयेलवा म्बेकी, धर्मनाथ अग्रहरि, नूरजहां (गायिका), बसंत (1942 फ़िल्म), बांबी, बीसवीं शताब्दी, भारतीय इतिहास तिथिक्रम, भवानी प्रसाद मिश्र, भगत सिंह कोश्यारी, महात्मा गांधी, महादेव देसाईं, मार्टिन स्कोर्सेसे, मुम्बई, मुहम्मद अली, मुंबई का इतिहास, मेरी तेरी उसकी बात, रामनाथ गोयनका, रासबिहारी बोस, रांगेय राघव, रोबॉटिक्स, लता मंगेशकर, लालबहादुर शास्त्री, हरि ठाकुर, हु जिन्ताओ, हुल्लड़ मुरादाबादी, जितेन्द्र, जॉर्ज पंचम, जॉर्जिया के शहरों की सूची, विनायक दामोदर सावरकर, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, वॉयस ऑफ़ अमेरिका, ख़ान मोहम्मद आतिफ़, खामोशी (1942 फ़िल्म), गजानन माधव मुक्तिबोध, ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची, किरण नगरकर, अन्वेषणों की समय-रेखा, अमिताभ बच्चन, अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची, अरुणा आसफ़ अली, असम के राज्यपालों की सूची, अजमेर सिंह औलख, अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ, १ जनवरी, १० दिसम्बर, १० अक्टूबर, ११ अक्टूबर, १६ जुलाई, १७ नवम्बर, ..., १७ जनवरी, २ दिसम्बर, २ अक्तूबर, २० नवंबर, २९ दिसम्बर, ५०० होम रन दल, ६ अप्रैल, ७ अप्रैल, ८ जनवरी सूचकांक विस्तार (9 अधिक) »

एस॰ के॰ पोत्ताकट

ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता। .

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थाबो म्वूयेलवा म्बेकी

थाबो म्वूयेलवा म्बेकी (१९४२—) दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थे। इनका कार्यकाल १६ जून १९९९ से २४ सितंबर २००८ (त्याग) तक था। ये अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस से थे। श्रेणी:दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति.

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धर्मनाथ अग्रहरि

धर्मनाथ अग्रहरि (मृत्यु:०३ अक्टूबर २००८) बिहार राज्य से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थें। १९४२ के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तत्कालीन छपरा जिलें के ब्रिटिश दुश्मनो के छक्के छुड़ाने वाले भारतीय रणबांकुरो मे से आप एक थें। धर्मनाथ अग्रहरी को १९४२ में महात्मा गाँधी के भारत छोड़ो आंदोलन मे सक्रिय सहभागिता हेतु जाना गया। आपके पिता का नाम स्वर्गीय सरयू प्रसाद था तथा आप बिहार प्रांत के सिवान मे चैनपुर, महावीर चौक के निवासी थें। दिनाँक ३ अक्टूबर २००८ को भारत माँ के वीर सपूत स्वतंत्रता सेनानी धर्मनाथ अग्रहरि का देहांत चैनपुर के ही एक निजी नर्सिंग होम मे हुआ। उनका अंतिम संस्कार सरयू नदी के तट पर किया गया। .

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नूरजहां (गायिका)

नूरजहां (1926-2000) उर्दू और हिन्दी फिल्म की सुप्रसिद्ध गायिका और अभिनेत्री थीं जिन्होंने अपनी दिलकश आवाज़ और अभिनय से लगभग चार दशक तक श्रोताओं के दिल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। .

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बसंत (1942 फ़िल्म)

बसंत 1942 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बांबी

बांबी (Bambi) १९४२ में वॉल्ट डिज़्नी द्वारा निर्मित एनीमेटेड फिल्म है। एक सिधा डीवीडी के लिए अगली कड़ी, बांबी २, था जारी की २००६। .

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बीसवीं शताब्दी

ग्रेगरी पंचांग (कलेंडर) के अनुसार ईसा की बीसवीं शताब्दी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसम्बर 2000 तक मानी जाती है। कुछ इतिहासवेत्ता 1914 से 1992 तक को संक्षिप्त बीसवीं शती का नाम भी देते हैं। (उन्नीसवी शताब्दी - बीसवी शताब्दी - इक्कीसवी शताब्दी - और शताब्दियाँ) दशक: १९०० का दशक १९१० का दशक १९२० का दशक १९३० का दशक १९४० का दशक १९५० का दशक १९६० का दशक १९७० का दशक १९८० का दशक १९९० का दशक ---- समय के गुज़रने को रेकोर्ड करने के हिसाब से देखा जाये तो बीसवी शताब्दी वह शताब्दी थी जो १९०१ - २००० तक चली थी। मनुष्य जाति के जीवन का लगभग हर पहलू बीसवी शताब्दी में बदल गया।.

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भारतीय इतिहास तिथिक्रम

भारत के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं तिथिक्रम में।;भारत के इतिहास के कुछ कालखण्ड.

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भवानी प्रसाद मिश्र

भवानी प्रसाद मिश्र (जन्म: २९ मार्च १९१४ - मृत्यु: २० फ़रवरी १९८५) हिन्दी के प्रसिद्ध कवि तथा गांधीवादी विचारक थे। वे दूसरे तार-सप्तक के एक प्रमुख कवि हैं। गाँधीवाद की स्वच्छता, पावनता और नैतिकता का प्रभाव तथा उसकी झलक उनकी कविताओं में साफ़ देखी जा सकती है। उनका प्रथम संग्रह 'गीत-फ़रोश' अपनी नई शैली, नई उद्भावनाओं और नये पाठ-प्रवाह के कारण अत्यंत लोकप्रिय हुए थे। प्यार से लोग उन्हें भवानी भाई कहकर सम्बोधित किया करते थे। उन्होंने स्वयं को कभी भी कभी निराशा के गर्त में डूबने नहीं दिया। जैसे सात-सात बार मौत से वे लड़े वैसे ही आजादी के पहले गुलामी से लड़े और आजादी के बाद तानाशाही से भी लड़े। आपातकाल के दौरान नियम पूर्वक सुबह दोपहर शाम तीनों बेलाओं में उन्होंने कवितायें लिखी थीं जो बाद में त्रिकाल सन्ध्या नामक पुस्तक में प्रकाशित भी हुईं।http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/4488/3/52 भवानी भाई को १९७२ में उनकी कृति बुनी हुई रस्सी के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। १९८१-८२ में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का साहित्यकार सम्मान दिया गया तथा १९८३ में उन्हें मध्य प्रदेश शासन के शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। .

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भगत सिंह कोश्यारी

भगत सिंह कोश्यारी भारत की राजनीति में उत्तर भारत का एक परिचित नाम है, जो भारतीय जनता पार्टी से सम्बधित एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे उत्तराखण्ड राज्य के द्वितीय सफल मुख्यमन्त्री तथा उत्तराखण्ड विधानसभा में 2002 से 2007 तक विपक्ष के शीर्ष नेता रह चुके हैं। .

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महात्मा गांधी

मोहनदास करमचन्द गांधी (२ अक्टूबर १८६९ - ३० जनवरी १९४८) भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। वे सत्याग्रह (व्यापक सविनय अवज्ञा) के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे, उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धान्त पर रखी गयी थी जिसने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता के प्रति आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। उन्हें दुनिया में आम जनता महात्मा गांधी के नाम से जानती है। संस्कृत भाषा में महात्मा अथवा महान आत्मा एक सम्मान सूचक शब्द है। गांधी को महात्मा के नाम से सबसे पहले १९१५ में राजवैद्य जीवराम कालिदास ने संबोधित किया था।। उन्हें बापू (गुजराती भाषा में બાપુ बापू यानी पिता) के नाम से भी याद किया जाता है। सुभाष चन्द्र बोस ने ६ जुलाई १९४४ को रंगून रेडियो से गांधी जी के नाम जारी प्रसारण में उन्हें राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित करते हुए आज़ाद हिन्द फौज़ के सैनिकों के लिये उनका आशीर्वाद और शुभकामनाएँ माँगीं थीं। प्रति वर्ष २ अक्टूबर को उनका जन्म दिन भारत में गांधी जयंती के रूप में और पूरे विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के नाम से मनाया जाता है। सबसे पहले गान्धी ने प्रवासी वकील के रूप में दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय के लोगों के नागरिक अधिकारों के लिये संघर्ष हेतु सत्याग्रह करना शुरू किया। १९१५ में उनकी भारत वापसी हुई। उसके बाद उन्होंने यहाँ के किसानों, मजदूरों और शहरी श्रमिकों को अत्यधिक भूमि कर और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने के लिये एकजुट किया। १९२१ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर संभालने के बाद उन्होंने देशभर में गरीबी से राहत दिलाने, महिलाओं के अधिकारों का विस्तार, धार्मिक एवं जातीय एकता का निर्माण व आत्मनिर्भरता के लिये अस्पृश्‍यता के विरोध में अनेकों कार्यक्रम चलाये। इन सबमें विदेशी राज से मुक्ति दिलाने वाला स्वराज की प्राप्ति वाला कार्यक्रम ही प्रमुख था। गाँधी जी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों पर लगाये गये नमक कर के विरोध में १९३० में नमक सत्याग्रह और इसके बाद १९४२ में अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन से खासी प्रसिद्धि प्राप्त की। दक्षिण अफ्रीका और भारत में विभिन्न अवसरों पर कई वर्षों तक उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। गांधी जी ने सभी परिस्थितियों में अहिंसा और सत्य का पालन किया और सभी को इनका पालन करने के लिये वकालत भी की। उन्होंने साबरमती आश्रम में अपना जीवन गुजारा और परम्परागत भारतीय पोशाक धोती व सूत से बनी शाल पहनी जिसे वे स्वयं चरखे पर सूत कातकर हाथ से बनाते थे। उन्होंने सादा शाकाहारी भोजन खाया और आत्मशुद्धि के लिये लम्बे-लम्बे उपवास रखे। .

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महादेव देसाईं

महादेव देसाईं (गुजराती: મહાદેવ દેસાઈ) (१ जनवरी १८९२ - १५ अगस्त १९४२) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी एवं राष्ट्रवादी लेखक थे। किन्तु उनकी प्रसिद्धि इस कारण से ज्यादा है कि वे लम्बे समय (लगभग २५ वर्ष) तक गांधीजी के निज सचिव रहे। .

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मार्टिन स्कोर्सेसे

मार्टिन स्कोर्सीस (जन्म: 17 नवंबर, 1942) हॉलिवुड फ़िल्मों के एक निर्देशक हैं। .

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मुम्बई

भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंंबई (पूर्व नाम बम्बई), भारतीय राज्य महाराष्ट्र की राजधानी है। इसकी अनुमानित जनसंख्या ३ करोड़ २९ लाख है जो देश की पहली सर्वाधिक आबादी वाली नगरी है। इसका गठन लावा निर्मित सात छोटे-छोटे द्वीपों द्वारा हुआ है एवं यह पुल द्वारा प्रमुख भू-खंड के साथ जुड़ा हुआ है। मुम्बई बन्दरगाह भारतवर्ष का सर्वश्रेष्ठ सामुद्रिक बन्दरगाह है। मुम्बई का तट कटा-फटा है जिसके कारण इसका पोताश्रय प्राकृतिक एवं सुरक्षित है। यूरोप, अमेरिका, अफ़्रीका आदि पश्चिमी देशों से जलमार्ग या वायुमार्ग से आनेवाले जहाज यात्री एवं पर्यटक सर्वप्रथम मुम्बई ही आते हैं इसलिए मुम्बई को भारत का प्रवेशद्वार कहा जाता है। मुम्बई भारत का सर्ववृहत्तम वाणिज्यिक केन्द्र है। जिसकी भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5% की भागीदारी है। यह सम्पूर्ण भारत के औद्योगिक उत्पाद का 25%, नौवहन व्यापार का 40%, एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था के पूंजी लेनदेन का 70% भागीदार है। मुंबई विश्व के सर्वोच्च दस वाणिज्यिक केन्द्रों में से एक है। भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान जैसे भारतीय रिज़र्व बैंक, बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज, नेशनल स्टऑक एक्स्चेंज एवं अनेक भारतीय कम्पनियों के निगमित मुख्यालय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां मुम्बई में अवस्थित हैं। इसलिए इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं। नगर में भारत का हिन्दी चलचित्र एवं दूरदर्शन उद्योग भी है, जो बॉलीवुड नाम से प्रसिद्ध है। मुंबई की व्यवसायिक अपॊर्ट्युनिटी, व उच्च जीवन स्तर पूरे भारतवर्ष भर के लोगों को आकर्षित करती है, जिसके कारण यह नगर विभिन्न समाजों व संस्कृतियों का मिश्रण बन गया है। मुंबई पत्तन भारत के लगभग आधे समुद्री माल की आवाजाही करता है। .

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मुहम्मद अली

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मुंबई का इतिहास

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मेरी तेरी उसकी बात

मेरी तेरी उसकी बात हिन्दी के विख्यात साहित्यकार यशपाल द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1976 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मेरी तेरी उसकी बात हिंदी उपन्यासकार यशपाल द्वारा लिखा गया उपन्यास है। इसकी पृष्ठभूमि अगस्त १९४२ का ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का विस्फोट है। यह दो पीड़ियों से क्रान्ति की वेदना को अदम्य बनाते वैयक्तिक, पारिवारिक, सामाजिक और साम्रप्रदायिक विषमताओं की कहानी कहता है। इसमें जीवन में जीर्ण रूढ़ियों की सड़ांध से उत्पन्न व्याधियों और सभी प्रकार की असह्य बातों का विरोध भी मिलता है। .

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रामनाथ गोयनका

रामनाथ गोयनका (३ अप्रैल, १९०४- ५ अक्टूबर, १९९१) भारत के मिडीया दिग्गज एवं पक्के राष्ट्रवादी थे। १९४२ के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्वयंभू सिपहसालार थे। इन्दिरा गांधी द्वारा लगाये गये आपातकाल का जमकर विरोध किया था। 2000 में इंडिया टुडे पत्रिका ने उन्हें अपने भारत को बनाने वाले 100 लोग की सूची में रखा। .

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रासबिहारी बोस

रासबिहारी बोस (बांग्ला: রাসবিহারী বসু, जन्म:२५ मई १८८६ - मृत्यु: २१ जनवरी १९४५) भारत के एक क्रान्तिकारी नेता थे जिन्होने ब्रिटिश राज के विरुद्ध गदर षडयंत्र एवं आजाद हिन्द फौज के संगठन का कार्य किया। इन्होंने न केवल भारत में कई क्रान्तिकारी गतिविधियों का संचालन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, अपितु विदेश में रहकर भी वह भारत को स्वतन्त्रता दिलाने के प्रयास में आजीवन लगे रहे। दिल्ली में तत्कालीन वायसराय लार्ड चार्ल्स हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने, गदर की साजिश रचने और बाद में जापान जाकर इंडियन इंडिपेंडेस लीग और आजाद हिंद फौज की स्थापना करने में रासबिहारी बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यद्यपि देश को स्वतन्त्र कराने के लिये किये गये उनके ये प्रयास सफल नहीं हो पाये, तथापि स्वतन्त्रता संग्राम में उनकी भूमिका का महत्व बहुत ऊँचा है। .

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रांगेय राघव

रांगेय राघव (१७ जनवरी, १९२३ - १२ सितंबर, १९६२) हिंदी के उन विशिष्ट और बहुमुखी प्रतिभावाले रचनाकारों में से हैं जो बहुत ही कम उम्र लेकर इस संसार में आए, लेकिन जिन्होंने अल्पायु में ही एक साथ उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, आलोचक, नाटककार, कवि, इतिहासवेत्ता तथा रिपोर्ताज लेखक के रूप में स्वंय को प्रतिस्थापित कर दिया, साथ ही अपने रचनात्मक कौशल से हिंदी की महान सृजनशीलता के दर्शन करा दिए।आगरा में जन्मे रांगेय राघव ने हिंदीतर भाषी होते हुए भी हिंदी साहित्य के विभिन्न धरातलों पर युगीन सत्य से उपजा महत्त्वपूर्ण साहित्य उपलब्ध कराया। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर जीवनीपरक उपन्यासों का ढेर लगा दिया। कहानी के पारंपरिक ढाँचे में बदलाव लाते हुए नवीन कथा प्रयोगों द्वारा उसे मौलिक कलेवर में विस्तृत आयाम दिया। रिपोर्ताज लेखन, जीवनचरितात्मक उपन्यास और महायात्रा गाथा की परंपरा डाली। विशिष्ट कथाकार के रूप में उनकी सृजनात्मक संपन्नता प्रेमचंदोत्तर रचनाकारों के लिए बड़ी चुनौती बनी। .

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रोबॉटिक्स

बल्ब पकडे हुऐ रोबॉटी 'शैडो हैंड'रोबॉटिक्स रोबॉट की अभिकल्पना, निर्माण और अभिप्रयोग के विज्ञान और तकनीकों को कहते हैं। इस क्षेत्र में कार्य करने के लिये इलेक्ट्रॉनिकी, यान्त्रिकी और सॉफ्टवेयर के सिवाय कई अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान की आवश्यकता होती है। हालाँकि रोबॉट के स्वरूप और क्षमताओं में काफी विविधता हैं पर इन सभी में कई समानताएँ भी हैं। उदाहरण के लिए यांत्रिक चलनशील ढाँचा और स्वनियंत्रण सभी में होता है। रोबॉट के ढाँचे की उपमा मानव अस्थिपंजर है और उसे शुद्ध-गति माला कहा जा सकता है। यह माला है इसकी हड्डियाँ, प्रवर्तक इसकी माँस पेशियाँ और जोड़, जो इसे एक या एक से अधिक स्वातंत्र्य परिमाण देते हैं। अधिकांश रोबॉट क्रमिक माला रूपी होते हैं, जिसमें एक कड़ी दूसरी से जुड़ती है - इन्हें क्रमिक रोबॉट कहते हैं और ये मानव हाथ के समान हैं। अन्य रोबॉट सामानांतर शुद्ध-गति मालाओं का प्रयोग करते हैं। जीव-यांत्रिकी के अंतर्गत मानव या अन्य जीवों की नकल कर ढाचों को बनाने पर अनुसन्धान चल रहा है। माला की अंतिम कड़ी किसी तरह की प्रवर्तक हो सकती है, जैसे एक यांत्रिक हाथ या वेल्डिंग मशीन। .

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लता मंगेशकर

लता मंगेशकर (जन्म 28 सितंबर, 1929 इंदौर) भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका हैं, जिनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। हालाँकि लता जी ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फ़िल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्वगायक के रूप में रही है। अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फ़िल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है। लता की जादुई आवाज़ के भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ पूरी दुनिया में दीवाने हैं। टाईम पत्रिका ने उन्हें भारतीय पार्श्वगायन की अपरिहार्य और एकछत्र साम्राज्ञी स्वीकार किया है। .

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लालबहादुर शास्त्री

लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय - मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द), भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। भारत की स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों (कण्डक्टर्स) की नियुक्ति की थी। पुलिस मन्त्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया। 1951 में, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वह अखिल भारत काँग्रेस कमेटी के महासचिव नियुक्त किये गये। उन्होंने 1952, 1957 व 1962 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत से जिताने के लिये बहुत परिश्रम किया। जवाहरलाल नेहरू का उनके प्रधानमन्त्री के कार्यकाल के दौरान 27 मई, 1964 को देहावसान हो जाने के बाद साफ सुथरी छवि के कारण शास्त्रीजी को 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने 9 जून 1964 को भारत के प्रधान मन्त्री का पद भार ग्रहण किया। उनके शासनकाल में 1965 का भारत पाक युद्ध शुरू हो गया। इससे तीन वर्ष पूर्व चीन का युद्ध भारत हार चुका था। शास्त्रीजी ने अप्रत्याशित रूप से हुए इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी। ताशकन्द में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब ख़ान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया। .

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हरि ठाकुर

हरि_ठाकुर हरि ठाकुर का जन्मः १६ अगस्त १९२७, में रायपुर में हुआ उन्होंने बी.ए., एल एल.

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हु जिन्ताओ

हान्यू पिनयिनHú Jǐntāo साधारणीकृत चीनी胡锦涛 पारंपरिक चीनी胡錦濤 पारिवारिक नामHu क्रम:चौथा राष्ट्रपति सेवाकाल:15 मार्च 2003 - वर्तमान पूर्ववर्ती:जिंयाग जेमिन उत्तराधिकारी: --- जन्मतिथी:दिसंबर 21, 1942 जन्मस्थान: जियांगान, जियांग्सु, चीन पत्नी:लिऊ योंगुकिंग राजनैतिक दल:चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी 15 दिसंबर 1942 को जन्मे श्री हु जिन्ताओ 15 नवम्बर 2002 को चीन के कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव बने और 15 मार्च सन 2003 जियांग जेमिन के निधन के बाद से चीन के राष्ट्रपति हैं। .

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हुल्लड़ मुरादाबादी

हुल्लड़ मुरादाबादी (२९ मई १९४२ – १२ जुलाई २०१४) एक हिंदी हास्य कवि थे। इतनी ऊंची मत छोड़ो, क्या करेगी चांदनी, यह अंदर की बात है, तथाकथित भगवानों के नाम जैसी हास्य कविताओं से भरपूर पुस्तकें लिखने वाले हुल्लड़ मुरादाबादी को कलाश्री, अट्टहास सम्मान, हास्य रत्न सम्मान, काका हाथरसी पुरस्कार जैसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा द्वारा मार्च १९९४ में राष्ट्रपति भवन में अभिनंदन हुआ था। .

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जितेन्द्र

जितेन्द्र (जन्म: 7 अप्रैल, 1942) हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। .

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जॉर्ज पंचम

जॉर्ज पंचम (जॉर्ज फ्रेडरिक अर्नेस्ट अल्बर्ट; 3 जून 1865 – 20 जनवरी 1936) प्रथम ब्रिटिश शासक थे, जो विंडसर राजघराने से संबंधित थे। संयुक्त राजशाही एवं अन्य राष्ट्रमंडल समूह के महाराजा होने के साथ साथ, जॉर्ज भारत के सम्राट एवं स्वतन्त्र आयरिश राज्य के राजा भी थे। जॉर्ज ने सन 1910 से प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के दौरान और बाद में 1936 में अपनी मृत्यु पर्यन्त राज्य किया। जॉर्ज के पिता महाराज एडवर्ड सप्तम की १९१० में मृत्यु होने पर, वे महाराजा बने। वे एकमात्र ऐसे सम्राट थे, जो कि अपने स्वयं के दिल्ली दरबार में, अपनी भारतीय प्रजा के सामने प्रस्तुत हुए, जहां उनका भारत के राजमुकुट से राजतिलक हुआ। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, उन्होंने सारी जर्मन उपाधियां, वापस कर दीं। इनके शासन ने फासीवाद, नाजीवाद, समाजवाद इत्यादि देखे; एवं प्रथम मजदूर मंत्रालय भी, जिन सभी घटनाओं ने राजनैतिक क्रम को बदल दिया। जॉर्ज को उनके अंतिम दिनों में प्लेग व अन्य बीमारियों ने घेर लिया था; जब उनकी मृत्यु पर उनके ज्येष्ठ पुत्र एडवर्ड अष्टम ने राजगद्दी संभाली। .

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जॉर्जिया के शहरों की सूची

जॉर्जियाई शहरों की सूची निम्नलिखित (अपूर्ण सूची): .

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विनायक दामोदर सावरकर

विनायक दामोदर सावरकर (जन्म: २८ मई १८८३ - मृत्यु: २६ फ़रवरी १९६६) भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के अग्रिम पंक्ति के सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। उन्हें प्रायः स्वातंत्र्यवीर, वीर सावरकर के नाम से सम्बोधित किया जाता है। हिन्दू राष्ट्र की राजनीतिक विचारधारा (हिन्दुत्व) को विकसित करने का बहुत बडा श्रेय सावरकर को जाता है। वे न केवल स्वाधीनता-संग्राम के एक तेजस्वी सेनानी थे अपितु महान क्रान्तिकारी, चिन्तक, सिद्धहस्त लेखक, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता भी थे। वे एक ऐसे इतिहासकार भी हैं जिन्होंने हिन्दू राष्ट्र की विजय के इतिहास को प्रामाणिक ढँग से लिपिबद्ध किया है। उन्होंने १८५७ के प्रथम स्वातंत्र्य समर का सनसनीखेज व खोजपूर्ण इतिहास लिखकर ब्रिटिश शासन को हिला कर रख दिया था।वे एक वकील, राजनीतिज्ञ, कवि, लेखक और नाटककार थे। उन्होंने परिवर्तित हिंदुओं के हिंदू धर्म को वापस लौटाने हेतु सतत प्रयास किये एवं आंदोलन चलाये। सावरकर ने भारत के एक सार के रूप में एक सामूहिक "हिंदू" पहचान बनाने के लिए हिंदुत्व का शब्द गढ़ा । उनके राजनीतिक दर्शन में उपयोगितावाद, तर्कवाद और सकारात्मकवाद, मानवतावाद और सार्वभौमिकता, व्यावहारिकता और यथार्थवाद के तत्व थे। सावरकर एक नास्तिक और एक कट्टर तर्कसंगत व्यक्ति थे जो सभी धर्मों में रूढ़िवादी विश्वासों का विरोध करते थे । .

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वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद भारत का सबसे बड़ा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान एवं विकास संबंधी संस्थान है। इसकी स्थापना १९४२ में हुई थी। इसकी ३९ प्रयोगशालाएं एवं ५० फील्ड स्टेशन भारत पर्यन्त फैले हुए हैं। इसमें १७,००० से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। आधिकारिक जालस्थल हालांकि इसकी वित्त प्रबंध भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा होता है, फिर भी ये एक स्वायत्त संस्था है। इसका पंजीकरण भारतीय सोसायटी पंजीकरण धारा १८६० के अंतर्गत हुआ है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं/संस्थानों का एक बहुस्थानिक नेटवर्क है जिसका मैंडेट विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त अनुसंधान तथा उसके परिणामों के उपयोग पर बल देते हुए अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं प्रारंभ करना है। वतर्मान में ३९ अनुसंधान संस्थान हैं जिनमें पाँच क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इनमें से कुछेक संस्थानों ने अपने अनुसंधान क्रियाकलापों को और गति प्रदान करने के लिए प्रायोगिक, सर्वेक्षण क्षेत्रीय केन्द्रों की भी स्थापना की है तथा वतर्मान में 16 प्रयोगशालाओं से सम्बद्ध ऐसे 39 केन्द्र कायर्रत हैं। सीएसआईआर की गिनती विश्‍व में इस प्रकार के 2740 संस्‍थानों में 81वें स्‍थान पर होती है।(सितंबर २०१४) .

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वॉयस ऑफ़ अमेरिका

वॉयस ऑफ़ अमेरिका (अंग्रेज़ी: Voice of America (VOA)) अमेरिकी सरकार की आधिकारिक मल्टीमीडिया प्रसारण सेवा है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय प्रसारण सेवाओं में वॉयस आफ़ अमेरिका एक जाना-माना नाम है। अंग्रेज़ी के अतिरिक्त वीओए अन्य ४४ भाषाओं में भी प्रसारण करता है। इनमें से २५ भाषाओं पर दूरदर्शन पर भी प्रसारण होता है। आधिकारिक जालस्थल इस सेवा का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर के लोगों को विश्व के बारे में अमेरिकी दृष्टिकोण से अवगत कराना है। इस सेवा के वांछित श्रोता मात्र अमेरिका में या अमेरिकी नागरिक ही नहीं है, वरन् पूरे विश्व में इस पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को सुना जाता है। विश्व में इस सेवा के १२.५ करोड़ श्रोता/उपयोक्ता है। वीओए से प्रतिसप्ताह लगभग १५०० घंटे के समाचार, ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता है। इस सेवा को उत्कृष्ट बनाने में १३०० कर्मचारियों का सहयोग होता है। वीओए का गठन १९४२ में युद्ध सूचना कार्यालय के अधीन किया गया था जिसका उद्देश्य उस समय यूरोप में चल रहे द्वितीय विश्व युद्ध के समाचारों का प्रसारण करना था। वीओए ने २१ फरवरी, १९४२ को प्रसारण आरम्भ किया। वीओए द्वारा लघुतरंग ट्रान्समीटर ट्रान्समीटरों से प्रसारण किया जाता है और वे कोलम्बिया बॉडकास्टिंग सिस्टम (सीबीएस) द्वारा उपयोग किये जाते हैं। वीओए ने १७ फरवरी, १९४७ को भूतपूर्व सोवियत संघ में भी रेडियो प्रसारण आरम्भ किया।शीत युद्ध के दौरान, वीओए को संयुक्त राज्य सूचना संस्था के अधीन रखा गया। १९८० के दशक में वीओए ने दूरदर्शन सेवा भी आरम्भ की और क्यूबा के लिए विशेष कार्यक्रमों का प्रसारण भी आरम्भ किया। वर्तमान में वीओए के २७ रेडियो प्रसारण स्टूडियो, ३३ प्रोडक्शन एवं रिकॉर्डिंग स्टूडियो, ३० व्यावसायिक मिक्सिंग एवं डबिंग स्टेशन, ४ दूरदर्शन स्टूडियो, २१ वीडियो संपादन सूट्स एवं मास्टर नियंत्रण, रिकॉर्डिंग, रीशिड्यूलिंग एवं फ़ीड इन्टेक की विभिन्न सुविधाएं हैं। इनका ३०,०००व र्ग फ़ीट का समाचार केन्द्र है जिसमें २४ घंटे, ३६५ दिन १५० से २०० समाचार रिपोर्टें प्रतिदिन सभी भाशाओं की सेवाओं एवं कार्यक्रमों के लिये कार्यरत हैं। यहां २२ अंतर्देशीय एवं १६ सूदूर संवाददातागण हैं, जिनके संग ९० अंशकालिक संवाददाता भी कार्यरत हैं, जिन्हें स्ट्रिंजर्स कहते हैं। वॉयस ऑफ अमेरिका की हिंदी सेवा को ५३ वर्षों की सेवा उपरांत ३० सितंबर २००८ को बंद कर दिया गया है। .

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ख़ान मोहम्मद आतिफ़

ख़ान मोहम्मद आतिफ़ उत्तर प्रदेश की  विधानसभा में सभा रहे। 1977 उत्तर प्रदेश सभा चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिला के बहराइच (विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) से जनता पार्टी से चुनाव में हिस्सा लिया था। .

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खामोशी (1942 फ़िल्म)

खामोशी 1942 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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गजानन माधव मुक्तिबोध

गजानन माधव मुक्तिबोध (१३ नवंबर १९१७ - ११ सितंबर १९६४) हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, निबंधकार, कहानीकार तथा उपन्यासकार थे। उन्हें प्रगतिशील कविता और नयी कविता के बीच का एक सेतु भी माना जाता है। .

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ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची

List of Men's Singles Grand Slam tournaments tennis champions: .

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किरण नगरकर

किरण नगरकर(जन्म १९४२, मुंबई) मराठी और अँग्रेज़ी भाषाओं में लिखने वाले आधुनिक सहित्यकार, नाटककार, पटकथा लेखक, तथा फिल्म एवं नाटक समीक्षक हैं। नगरकर द्वारा रची हुई कृतियों में प्रमुख हैं: सात सक्कम त्रेचालीस (१९७४), रावण एंड एडी (१९९४), और महाकव्यात्मक उपन्यास ककल्ड (१९९७) जिसके लिए उन्हें सन् २००१ में अँग्रेज़ी में साहित्य अकॅडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ। नगरकर समकालीन लेखकों में इस लिए भी उल्लेखनीय हैं क्योंकि उनकी रचनाएँ एक से अधिक भाषाओं में हैं। सात सक्कम त्रेचालीस की रचना नगरकर ने मराठी में की। इसके पश्चयात रावण एंड एडी उन्होंने शुरू तो मराठी में की, परंतु फिर अँग्रेज़ी में प्रकाशित की। रावण एंड एडी के बाद नगरकर अँग्रेज़ी में ही लिखने लगे। .

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अन्वेषणों की समय-रेखा

यहाँ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण तकनीकी खोजों की समय के सापेक्ष सूची दी गयी है। .

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अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन (जन्म-११ अक्टूबर, १९४२) बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय अभिनेता हैं। १९७० के दशक के दौरान उन्होंने बड़ी लोकप्रियता प्राप्त की और तब से भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे प्रमुख व्यक्तित्व बन गए हैं। बच्चन ने अपने करियर में कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार शामिल हैं। उनके नाम सर्वाधिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फ़िल्मफेयर अवार्ड का रिकार्ड है। अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायक, फ़िल्म निर्माता और टीवी प्रस्तोता और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में १९८४ से १९८७ तक भूमिका की हैं। इन्होंने प्रसिद्द टी.वी.

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अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची

* 1881 - रिचर्ड सीअर्स.

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अरुणा आसफ़ अली

अरुणा आसफ़ अली (बंगाली: অরুণা আসফ আলী) (१६ जुलाई १९०९ – २९ जुलाई १९९६) भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थीं। उनका जन्म का नाम अरुणा गांगुली था। उन्हे 1942 में भारत छोडो आंदोलन के दौरान, मुंबई के गोवालीया मैदान में कांग्रेस का झंडा फ्हराने के लिये हमेशा याद किया जाता है। .

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असम के राज्यपालों की सूची

असम के राज्यपालों की सूची नामक इस सूची में १९३७ से अब तक के राज्यपालों के नाम हैं। असम के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। असम के राज्यपाल का आधिकारिक आवास राजभवन है। .

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अजमेर सिंह औलख

अजमेर सिंह औलख 19 अगस्त 1942 - 15 जून 2017) पंजाबी भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक नाटक इश्क बाझ नमाज़ दा हज नाही के लिये उन्हें सन् 2006 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ

अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक बीसवीं शती के प्रारंभ में भारतीय प्रगतिशील लेखकों का एस समूह था। यह लेखक समूह अपने लेखन से सामाजिक समानता का समर्थक करता था और कुरीतियों अन्याय व पिछड़ेपन का विरोध करता था। इसकी स्थापना १९३५ में लंदन में हुई। इसके प्रणेता सज्जाद ज़हीर थे। १९३५ के अंत तक लंदन से अपनी शिक्षा समाप्त करके सज्जाद ज़हीर भारत लौटे। यहाँ आने से पूर्व वे अलीगढ़ में डॉ॰ अशरफ, इलाहबाद में अहमद अली, मुम्बई में कन्हैया लाल मुंशी, बनारस में प्रेमचंद, कलकत्ता में प्रो॰ हीरन मुखर्जी और अमृतसर में रशीद जहाँ को घोषणापत्र की प्रतियाँ भेज चुके थे। वे भारतीय अतीत की गौरवपूर्ण संस्कृति से उसका मानव प्रेम, उसकी यथार्थ प्रियता और उसका सौन्दर्य तत्व लेने के पक्ष में थे लेकिन वे प्राचीन दौर के अंधविश्वासों और धार्मिक साम्प्रदायिकता के ज़हरीले प्रभाव को समाप्त करना चाहते थे। उनका विचार था कि ये साम्राज्यवाद और जागीरदारी की सैद्धांतिक बुनियादें हैं। इलाहाबाद पहुंचकर सज्जाद ज़हीर अहमद अली से मिले जो विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी के प्रवक्ता थे। अहमद अली ने उन्हें प्रो॰एजाज़ हुसैन, रघुपति सहाय फिराक, एहतिशाम हुसैन तथा विकार अजीम से मिलवाया.

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१ जनवरी

१ जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का पहला दिन है। वर्ष में अभी और ३६४ दिन बाकी है (लीप वर्ष में ३६५)। .

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१० दिसम्बर

10 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 344वाँ (लीप वर्ष में 345वाँ) दिन है। साल में अभी और 21 दिन बाकी हैं। .

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१० अक्टूबर

10 अक्टूबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 283वॉ (लीप वर्ष मे 284 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 82 दिन बाकी है। .

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११ अक्टूबर

11 अक्टूबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 284वॉ (लीप वर्ष मे 285 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 81 दिन बाकी है। .

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१६ जुलाई

१६ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १९७वॉ (लीप वर्ष में १९८ वॉ) दिन है। साल में अभी और १६८ दिन बाकी है। .

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१७ नवम्बर

१७ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३२१वॉ (लीप वर्ष मे ३२२ वॉ) दिन है। साल मे अभी और ४४ दिन बाकी है। .

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१७ जनवरी

17 जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 17वाँ दिन है। साल में अभी और 348 दिन बाकी हैं (लीप वर्ष 17 जनवरी 1946 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक हुई .

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२ दिसम्बर

2 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 336वॉ (लीप वर्ष मे 337 वॉ) दिन है। साल में अभी और 29 दिन बाकी है। .

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२ अक्तूबर

2 अक्टूबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 275वॉ (लीप वर्ष में 276 वॉ) दिन है। साल में अभी और 90 दिन बाकी है। .

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२० नवंबर

२० नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३२४वॉ (लीप वर्ष मे ३२५ वॉ) दिन है। साल मे अभी और ४१ दिन बाकी है। .

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२९ दिसम्बर

29 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 363वॉ (लीप वर्ष में 364 वॉ) दिन है। साल में अभी और 2 दिन बाकी है। .

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५०० होम रन दल

In मेजर लीग बेसबॉल, the ५०० होम रन क्लब is an informal term applied to the group of players who have hit 500 or more career home runs.

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६ अप्रैल

6 अप्रैल ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 96वॉ (लीप वर्ष मे 97 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 269 दिन बाकी है। .

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७ अप्रैल

7 अप्रैल ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 97वॉ (लीप वर्ष में 98 वॉ) दिन है। साल में अभी और 268 दिन बाकी है। .

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८ जनवरी

8 जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 8वाँ दिन है। साल में अभी और 357 दिन बाकी हैं (लीप वर्ष में 358)।.

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