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१९१४

सूची १९१४

1914 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

46 संबंधों: चारबाग रेलवे स्टेशन, फ़िराक़ गोरखपुरी, फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस, बाबा आमटे, बालकृष्ण भट्ट, बीसवीं शताब्दी, भारत के उप प्रधानमंत्री, भवानी प्रसाद मिश्र, मैकमहोन रेखा, राष्ट्रपति भवन, सरोजिनी नायडू, जांग चिंग, ज्योति बसु, विश्व के आश्चर्य, ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची, कादम्बिनी गांगुली, अन्वेषणों की समय-रेखा, अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची, १ जनवरी, १ अगस्त, १२ अगस्त, १४ सितम्बर, १५ जून, १६ नवम्बर, १७ दिसम्बर, १७ अगस्त, १९१४, १९१५, १९१६, १९१७, १९१८, १९१९, १९२०, १९२१, १९२२, १९२३, २२ अप्रैल, २३ नवम्बर, २३ जुलाई, २६ अगस्त, ४ जुलाई, ५ नवम्बर, ५०० होम रन दल, ७ जून, ८ मार्च, ८ जुलाई

चारबाग रेलवे स्टेशन

लखनऊ रेलवे स्टेशन (उर्दू: چارباغ ریلوے سٹیشن) लखनऊ का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। चारबाग में स्थित होने के कारण इसे चारबाग स्टेशन भी कहते हैं। यह १९१४ में बनकर तैयार हुआ था और इसके स्थापत्य में राजस्थानी भवन निर्माण शैली की झलक देखी जा सकती है। चारबाग स्टेशन के अतिरिक्त लखनऊ जिले में कई अन्य स्टेशन भी हैं:-.

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फ़िराक़ गोरखपुरी

फिराक गोरखपुरी (मूल नाम रघुपति सहाय) (२८ अगस्त १८९६ - ३ मार्च १९८२) उर्दू भाषा के प्रसिद्ध रचनाकार है। उनका जन्म गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में कायस्थ परिवार में हुआ। इनका मूल नाम रघुपति सहाय था। रामकृष्ण की कहानियों से शुरुआत के बाद की शिक्षा अरबी, फारसी और अंग्रेजी में हुई। .

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फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस

बॉम्बे, बरोडा एण्ड सेंट्रल इंडिया रेलवे द्वारा सन् 1906 में शुरु की गयी फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस, भारत की मध्यम दूरी की तीव्रतम रेलगाड़ी है। इस रेलगाड़ी का संचालन महाराष्ट्र के मुंबई सेंट्रल और गुजरात के सूरत स्टेशनों के मध्य, पश्चिम रेलवे द्वारा किया जाता है। यह रेलगाड़ी मुख्यत: दैनिक रूप से दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और कारोबारियों के बीच बहुत लोकप्रिय है। इस रेलगाड़ी को एक सप्ताहांत विशेष के तौर पर शुरू किया गया था लेकिन आज इसका संचालन दैनिक रूप से किया जाता है। यह रेलगाड़ी 263 किलोमीटर की दूरी तय करती है और मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख स्टेशन हैं; अंधेरी, बोरीवली, पालघर, दहानु, वापी और वलसाड। .

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बाबा आमटे

डॉ॰ मुरलीधर देवीदास आमटे (26 दिसंबर, 1914 - 9 फरवरी, 2008), जो कि बाबा आमटे के नाम से ख्यात हैं, भारत के प्रमुख व सम्मानित समाजसेवी थे। समाज से परित्यक्त लोगों और कुष्ठ रोगियों के लिये उन्होंने अनेक आश्रमों और समुदायों की स्थापना की। इनमें चन्द्रपुर, महाराष्ट्र स्थित आनंदवन का नाम प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त आमटे ने अनेक अन्य सामाजिक कार्यों, जिनमें वन्य जीवन संरक्षण तथा नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख हैं, के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया। 9 फ़रवरी 2008 को बाबा का 94 साल की आयु में चन्द्रपुर जिले के वड़ोरा स्थित अपने निवास में निधन हो गया। .

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बालकृष्ण भट्ट

पंडित बाल कृष्ण भट्ट (३ जून १८४४- २० जुलाई १९१४) हिन्दी के सफल पत्रकार, नाटककार और निबंधकार थे। उन्हें आज की गद्य प्रधान कविता का जनक माना जा सकता है। हिन्दी गद्य साहित्य के निर्माताओं में भी उनका प्रमुख स्थान है। .

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बीसवीं शताब्दी

ग्रेगरी पंचांग (कलेंडर) के अनुसार ईसा की बीसवीं शताब्दी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसम्बर 2000 तक मानी जाती है। कुछ इतिहासवेत्ता 1914 से 1992 तक को संक्षिप्त बीसवीं शती का नाम भी देते हैं। (उन्नीसवी शताब्दी - बीसवी शताब्दी - इक्कीसवी शताब्दी - और शताब्दियाँ) दशक: १९०० का दशक १९१० का दशक १९२० का दशक १९३० का दशक १९४० का दशक १९५० का दशक १९६० का दशक १९७० का दशक १९८० का दशक १९९० का दशक ---- समय के गुज़रने को रेकोर्ड करने के हिसाब से देखा जाये तो बीसवी शताब्दी वह शताब्दी थी जो १९०१ - २००० तक चली थी। मनुष्य जाति के जीवन का लगभग हर पहलू बीसवी शताब्दी में बदल गया।.

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भारत के उप प्रधानमंत्री

भारत के उपप्रधानमंत्री का पद, तकनीकी रूप से एक एक संवैधानिक पद नहीं है, नाही संविधान में इसका कोई उल्लेख है। परंतु ऐतिहासिक रूप से, अनेक अवसरों पर विभिन्न सरकारों ने अपने किसी एक वरिष्ठ मंत्री को "उपप्रधानमंत्री" निर्दिष्ट किया है। इस पद को भरने की कोई संवैधानिक अनिवार्यता नहीं है, नाही यह पद किसी प्रकार की विशेष शक्तियाँ प्रदान करता हैं। आम तौर पर वित्तमंत्री या रक्षामंत्री जैसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को इस पद पर स्थापित किया जाता है, जिन्हें प्रधानमंत्री के बाद, सबसे वरिष्ठ माना जाता है। अमूमन इस पद का उपयोग, गठबंधन सरकारों में मज़बूती लाने हेतु किया जाता रहा है। इस पद के पहले धारक सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जोकि जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में गृहमंत्री थे। कई अवसरों पर ऐसा होता रहा है की प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में उपप्रधानमंत्री संसद या अन्य स्थानों पर उनके स्थान पर सर्कार का प्रतिनिधित्व करते हैं, एवं कैबिनेट की बैठकों की अध्यक्षता कर सकते हैं। भारत के उपप्रधानमंत्री भारतीय सरकार के मंत्रीमंडल के उपाध्यक्ष होते है। .

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भवानी प्रसाद मिश्र

भवानी प्रसाद मिश्र (जन्म: २९ मार्च १९१४ - मृत्यु: २० फ़रवरी १९८५) हिन्दी के प्रसिद्ध कवि तथा गांधीवादी विचारक थे। वे दूसरे तार-सप्तक के एक प्रमुख कवि हैं। गाँधीवाद की स्वच्छता, पावनता और नैतिकता का प्रभाव तथा उसकी झलक उनकी कविताओं में साफ़ देखी जा सकती है। उनका प्रथम संग्रह 'गीत-फ़रोश' अपनी नई शैली, नई उद्भावनाओं और नये पाठ-प्रवाह के कारण अत्यंत लोकप्रिय हुए थे। प्यार से लोग उन्हें भवानी भाई कहकर सम्बोधित किया करते थे। उन्होंने स्वयं को कभी भी कभी निराशा के गर्त में डूबने नहीं दिया। जैसे सात-सात बार मौत से वे लड़े वैसे ही आजादी के पहले गुलामी से लड़े और आजादी के बाद तानाशाही से भी लड़े। आपातकाल के दौरान नियम पूर्वक सुबह दोपहर शाम तीनों बेलाओं में उन्होंने कवितायें लिखी थीं जो बाद में त्रिकाल सन्ध्या नामक पुस्तक में प्रकाशित भी हुईं।http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/4488/3/52 भवानी भाई को १९७२ में उनकी कृति बुनी हुई रस्सी के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। १९८१-८२ में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का साहित्यकार सम्मान दिया गया तथा १९८३ में उन्हें मध्य प्रदेश शासन के शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। .

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मैकमहोन रेखा

मैकमोहन रेखा पूर्वी-हिमालय क्षेत्र के चीन-अधिकृत एवं भारत अधिकृत क्षेत्रों के बीच सीमा चिह्नित करती है। यही सीमा-रेखा १९६२ के भारत-चीन युद्ध का केन्द्र एवं कारण थी। यह क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई का पर्वतीय स्थान है, जो मानचित्र में लाल रंग से दर्शित है। मैकमहोन रेखा भारत और तिब्बत के बीच सीमा रेखा है। यह अस्तित्व में सन् १९१४ में भारत की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच शिमला समझौते के तहत आई थी। १९१४ के बाद से अगले कई वर्षो तक इस सीमारेखा का अस्तित्व कई अन्य विवादों के कारण कहीं छुप गया था, किन्तु १९३५ में ओलफ केरो नामक एक अंग्रेज प्रशासनिक अधिकारी ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर लागू करने का अनुरोध किया। १९३७ में सर्वे ऑफ इंडिया के एक मानचित्र में मैकमहोन रेखा को आधिकारिक भारतीय सीमारेखा के रूप में पर दिखाया गया था। इस सीमारेखा का नाम सर हैनरी मैकमहोन के नाम पर रखा गया था, जिनकी इस समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी और वे भारत की तत्कालीन अंग्रेज सरकार के विदेश सचिव थे। अधिकांश हिमालय से होती हुई सीमारेखा पश्चिम में भूटान से ८९० कि॰मी॰ और पूर्व में ब्रह्मपुत्र तक २६० कि॰मी॰ तक फैली है। जहां भारत के अनुसार यह चीन के साथ उसकी सीमा है, वही, चीन १९१४ के शिमला समझौते को मानने से इनकार करता है। चीन के अनुसार तिब्बत स्वायत्त राज्य नहीं था और उसके पास किसी भी प्रकार के समझौते करने का कोई अधिकार नहीं था। चीन के आधिकारिक मानचित्रों में मैकमहोन रेखा के दक्षिण में ५६ हजार वर्ग मील के क्षेत्र को तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है। इस क्षेत्र को चीन में दक्षिणी तिब्बत के नाम से जाना जाता है। १९६२-६३ के भारत-चीन युद्ध के समय चीनी फौजों ने कुछ समय के लिए इस क्षेत्र पर अधिकार भी जमा लिया था। इस कारण ही वर्तमान समय तक इस सीमारेखा पर विवाद यथावत बना हुआ है, लेकिन भारत-चीन के बीच भौगोलिक सीमा रेखा के रूप में इसे अवश्य माना जाता है। .

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राष्ट्रपति भवन

राष्ट्रपति भवन भारत सरकार के राष्ट्रपति का सरकारी आवास है। सन १९५० तक इसे वाइसरॉय हाउस बोला जाता था। तब यह तत्कालीन भारत के गवर्नर जनरल का आवास हुआ करता था। यह नई दिल्ली के हृदय क्षेत्र में स्थित है। इस महल में ३४० कक्ष हैं और यह विश्व में किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के आवास से बड़ा है। वर्तमान भारत के राष्ट्रपति, उन कक्षों में नहीं रहते, जहां वाइसरॉय रहते थे, बल्कि वे अतिथि-कक्ष में रहते हैं। भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल श्री सी राजगोपालाचार्य को यहां का मुख्य शयन कक्ष, अपनी विनीत नम्र रुचियों के कारण, अति आडंबर पूर्ण लगा जिसके कारण उन्होंने अतिथि कक्ष में रहना उचित समझा। उनके उपरांत सभी राष्ट्रपतियों ने यही परंपरा निभाई। यहां के मुगल उद्यान की गुलाब वाटिका में अनेक प्रकार के गुलाब लगे हैं और यह कि जन साधारण हेतु, प्रति वर्ष फरवरी माह के दौरान खुलती है। इस भवन की खास बात है कि इस भवन के निर्माण में लोहे का नगण्य प्रयोग हुआ है। .

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सरोजिनी नायडू

महात्मा गांधी के साथ सरोजिनी नायडू सरोजिनी नायडू (१३ फरवरी १८७९ - २ मार्च १९४९) का जन्म भारत के हैदराबाद नगर में हुआ था। इनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एक नामी विद्वान तथा माँ कवयित्री थीं और बांग्ला में लिखती थीं। बचपन से ही कुशाग्र-बुद्धि होने के कारण उन्होंने १२ वर्ष की अल्पायु में ही १२हवीं की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण की और १३ वर्ष की आयु में लेडी ऑफ दी लेक नामक कविता रची। वे १८९५ में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड गईं और पढ़ाई के साथ-साथ कविताएँ भी लिखती रहीं। गोल्डन थ्रैशोल्ड उनका पहला कविता संग्रह था। उनके दूसरे तथा तीसरे कविता संग्रह बर्ड ऑफ टाइम तथा ब्रोकन विंग ने उन्हें एक सुप्रसिद्ध कवयित्री बना दिया। १८९८ में सरोजिनी नायडू, डॉ॰ गोविंदराजुलू नायडू की जीवन-संगिनी बनीं। १९१४ में इंग्लैंड में वे पहली बार गाँधीजी से मिलीं और उनके विचारों से प्रभावित होकर देश के लिए समर्पित हो गयीं। एक कुशल सेनापति की भाँति उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय हर क्षेत्र (सत्याग्रह हो या संगठन की बात) में दिया। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय आंदोलनों का नेतृत्व किया और जेल भी गयीं। संकटों से न घबराते हुए वे एक धीर वीरांगना की भाँति गाँव-गाँव घूमकर ये देश-प्रेम का अलख जगाती रहीं और देशवासियों को उनके कर्तव्य की याद दिलाती रहीं। उनके वक्तव्य जनता के हृदय को झकझोर देते थे और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए प्रेरित कर देते थे। वे बहुभाषाविद थी और क्षेत्रानुसार अपना भाषण अंग्रेजी, हिंदी, बंगला या गुजराती में देती थीं। लंदन की सभा में अंग्रेजी में बोलकर इन्होंने वहाँ उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। अपनी लोकप्रियता और प्रतिभा के कारण १९२५ में कानपुर में हुए कांग्रेस अधिवेशन की वे अध्यक्षा बनीं और १९३२ में भारत की प्रतिनिधि बनकर दक्षिण अफ्रीका भी गईं। भारत की स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद वे उत्तरप्रदेश की पहली राज्यपाल बनीं। श्रीमती एनी बेसेन्ट की प्रिय मित्र और गाँधीजी की इस प्रिय शिष्या ने अपना सारा जीवन देश के लिए अर्पण कर दिया। २ मार्च १९४९ को उनका देहांत हुआ। १३ फरवरी १९६४ को भारत सरकार ने उनकी जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में १५ नए पैसे का एक डाकटिकट भी जारी किया। .

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जांग चिंग

ली शूमेंग (李淑蒙,या जांग चिंग(江青), लान पिंग मार्च 1914 - 14 मई 1991) माओ त्सेतूंग की चौथी पत्नी थी। चींग चार की टोली की शुरूआत के लिए जानी जाती है। चीन क इतिहास मै लिन बैओ की साथ वह चीन की सबसे ताकतवर औरत है। जांग तो एक प्रसिद्ध क्रान्तिवादि था। .

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ज्योति बसु

ज्योति बसु (बंगला: জ্যোতি বসু) (८ जुलाई १९१४ - १७ जनवरी २०१०) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जानेमाने राजनेता थे। वे सन् १९७७ से लेकर २००० तक पश्चिम बंगाल राज्य के मुख्यमंत्री रहकर भारत के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का कीर्तिमान स्थापित किए। वे सन् १९६४ से सन् २००८ तक सीपीएम पॉलित ब्यूरो के सदस्य रहे। .

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विश्व के आश्चर्य

समय-समय पर विश्व के आश्चर्य सबसे शानदार मानव निर्मित निर्माण और दुनिया में प्राकृतिक धरोहर की सूची को सदियों से संकलित किया गया है। प्राचीन विश्व के सात आश्चर्य,प्राचीन पुरातनता के सबसे उल्लेखनीय मानव निर्मित कृतियों की पहली ज्ञात सूची है, और उनपर किताबें यूनानी दृष्टि-संत के बीच लोकप्रिय आधारित था और केवल भूमध्य के आसपास स्थित निर्माण शामिल है। जो सात की संख्या में चुना गया था क्योंकि यूनानियों ने इसे माना और बहुतो द्वारा इसे प्रतिनिधित्व किया गाया। इसी तरह के कई सूचियाँ मध्ययुगीन दुनिया और आधुनिक दुनिया के लिए बनायीं गयीं है .

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ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची

List of Men's Singles Grand Slam tournaments tennis champions: .

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कादम्बिनी गांगुली

कादम्बिनी गांगुली (जन्म- 18 जुलाई, 1861, भागलपुर, बिहार; मृत्यु- 3 अक्टूबर, 1923, कलकत्ता, ब्रिटिश भारत) भारत की पहली महिला स्नातक और पहली महिला फ़िजीशियन थीं। यही नहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में सबसे पहले भाषण देने वाली महिला का गौरव भी कादम्बिनी गांगुली को ही प्राप्त है। कादम्बिनी गांगुली पहली दक्षिण एशियाई महिला थीं, जिन्होंने यूरोपियन मेडिसिन में प्रशिक्षण लिया था। इन्होंने कोयला खदानों में काम करने वाली महिलाओं की लचर स्थिति पर भी काफ़ी कार्य किया। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय की रचनाओं से कादम्बिनी बहुत प्रभावित थीं। उनमें देशभक्ति की भावना बंकिमचन्द्र की रचनाओं से ही जागृत हुई थी। .

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अन्वेषणों की समय-रेखा

यहाँ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण तकनीकी खोजों की समय के सापेक्ष सूची दी गयी है। .

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अमेरिकी ओपन टेनिस के पुरुष एकल विजेताओं की सूची

* 1881 - रिचर्ड सीअर्स.

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१ जनवरी

१ जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का पहला दिन है। वर्ष में अभी और ३६४ दिन बाकी है (लीप वर्ष में ३६५)। .

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१ अगस्त

1 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 213वॉ (लीप वर्ष मे 214 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 152 दिन बाकी है। .

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१२ अगस्त

12 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 224वाँ (लीप वर्ष में 225 वाँ) दिन है। साल में अभी और 141 दिन बाकी हैं। बुधवार, शुक्रवार या रविवार के दिन इस तिथि के पड़ने की संभावना (400 वर्षों में 58 बार) कुछ अधिक होती है, बजाय सोमवार या मंगलवार के (57), तथा बृहस्पतिवार या शनिवार को पड़ने की संभावना कुछ और कम (56) हो जाती है। .

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१४ सितम्बर

14 सितंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 257वॉ (लीप वर्ष मे 258 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 108 दिन बाकी है। भारत में राजभाषा हिंदी दिवस .

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१५ जून

15 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 166वाँ (लीप वर्ष में 167 वाँ) दिन है। साल में अभी और 199 दिन बाकी हैं। .

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१६ नवम्बर

इस 16 नवंबर को क्षितिज मिश्रा जी (खरोरा)का जन्मदिन हैं १६ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३२०वॉ (लीप वर्ष में ३२१ वॉ) दिन है। साल में अभी और ४५ दिन बाकी है।.

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१७ दिसम्बर

17 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 351वॉ (लीप वर्ष मे 352 वॉ) दिन है। साल में अभी और 14 दिन बाकी है। .

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१७ अगस्त

१७ अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२९वाँ (लीप वर्ष मे २३०वाँ) दिन है। वर्ष मे अभी और १३६ दिन बाकी है। .

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१९१४

1914 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९१५

१९१५ ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९१६

1916 ग्रेगोरी कैलंडर का एक अधिवर्ष है। .

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१९१७

1917 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९१८

1918 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९१९

1919 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९२०

कोई विवरण नहीं।

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१९२१

1921 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९२२

1922 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९२३

कोई विवरण नहीं।

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२२ अप्रैल

22 अप्रैल ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 112वॉ (लीप वर्ष मे 113 वॉ) दिन है। साल मे अभी और 253 दिन बाकी है। .

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२३ नवम्बर

२३ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३२७वॉ (लीप वर्ष में ३२८ वॉ) दिन है। साल में अभी और 38 दिन बाकी है। .

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२३ जुलाई

२३ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २०४वॉ (लीप वर्ष मे २०५वॉ) दिन है। वर्ष मे अभी और १६१ दिन बाकी है। .

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२६ अगस्त

26 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 238वॉ (लीप वर्ष में 239 वॉ) दिन है। साल में अभी और 127 दिन बाकी है। .

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४ जुलाई

४ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १८५वॉ (लीप वर्ष में १८६ वॉ) दिन है। साल में अभी और १८० दिन बाकी है। .

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५ नवम्बर

५ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३०९वॉ (लीप वर्ष मे ३१० वॉ) दिन है। साल मे अभी और ५६ दिन बाकी है। .

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५०० होम रन दल

In मेजर लीग बेसबॉल, the ५०० होम रन क्लब is an informal term applied to the group of players who have hit 500 or more career home runs.

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७ जून

7 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 158वाँ (लीप वर्ष में 159 वाँ) दिन है। साल में अभी और 207 दिन बाकी हैं। .

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८ मार्च

8 मार्च ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 67वॉ (लीप वर्ष में 68 वॉ) दिन है। साल में अभी और 298 दिन बाकी है। अंतराष्ट्रीय नारी दिवस (संयुक्त राष्ट्र संघ) .

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८ जुलाई

८ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १८९वॉ (लीप वर्ष में १९० वॉ) दिन है। वर्ष में अभी और १७६ दिन बाकी है। .

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