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सागर नितल प्रसरण

सूची सागर नितल प्रसरण

सागर नितल प्रसरण (अंग्रेज़ी:Seafloor spreading) एक भूवैज्ञानिक संकल्पना है जिसमें यह अभिकल्पित किया गया है कि स्थलमण्डल समुद्री कटकों से सहारे प्लेटों में टूट कर इस कटकीय अक्ष के सहारे सरकता है और इसके टुकड़े एक दूसरे से दूर हटते हैं तथा यहाँ नीचे से मैग्मा ऊपर आकार नए स्थलमण्डल (प्लेट) का निर्माण करता है। .

8 संबंधों: पुराचुम्बकत्व, प्लेट विवर्तनिकी, भूगतिकी, मध्य-महासागर पर्वतमाला, हैरी हेस, जैक ओलिवर, जॉन टूज़ो विल्सन, अब्राहम ओरटेलियस

पुराचुम्बकत्व

पुराचुम्बकत्व अध्ययन की वह शाखा है जो चट्टानों, अवसादों या अन्य ऐसी चीजों में उनके निर्माण के समय संरक्षित चुम्बकीय गुणों का अध्ययन करती है। इस प्रकार विज्ञान की यह शाखा प्राचीन भूवैज्ञानिक घटनाओं के अध्ययन में सहायक होती है। समुद्री क्रस्ट की चट्टानों के पुराचुम्बकत्व के अध्ययन से इनके निर्माण के समय का पता चलता है और सागर नितल प्रसरण की पुष्टि हुई थी तथा प्लेट विवर्तनिकी का सिद्धान्त मजबूती से स्थापित हुआ (चित्र देखें)। .

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प्लेट विवर्तनिकी

प्लेट विवर्तनिकी (Plate tectonics) एक वैज्ञानिक सिद्धान्त है जो पृथ्वी के स्थलमण्डल में बड़े पैमाने पर होने वाली गतियों की व्याख्या प्रस्तुत करता है। साथ ही महाद्वीपों, महासागरों और पर्वतों के रूप में धरातलीय उच्चावच के निर्माण तथा भूकम्प और ज्वालामुखी जैसी घटनाओं के भौगोलिक वितरण की व्याख्या प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। यह सिद्धान्त बीसवीं शताब्दी के प्रथम दशक में अभिकल्पित महाद्वीपीय विस्थापन नामक संकल्पना से विकसित हुआ जब 1960 के दशक में ऐसे नवीन साक्ष्यों की खोज हुई जिनसे महाद्वीपों के स्थिर होने की बजाय गतिशील होने की अवधारणा को बल मिला। इन साक्ष्यों में सबसे महत्वपूर्ण हैं पुराचुम्बकत्व से सम्बन्धित साक्ष्य जिनसे सागर नितल प्रसरण की पुष्टि हुई। हैरी हेस के द्वारा सागर नितल प्रसरण की खोज से इस सिद्धान्त का प्रतिपादन आरंभ माना जाता है और विल्सन, मॉर्गन, मैकेंज़ी, ओलिवर, पार्कर इत्यादि विद्वानों ने इसके पक्ष में प्रमाण उपलब्ध कराते हुए इसके संवर्धन में योगदान किया। इस सिद्धान्त अनुसार पृथ्वी की ऊपरी लगभग 80 से 100 कि॰मी॰ मोटी परत, जिसे स्थलमण्डल कहा जाता है, और जिसमें भूपर्पटी और भूप्रावार के ऊपरी हिस्से का भाग शामिल हैं, कई टुकड़ों में टूटी हुई है जिन्हें प्लेट कहा जाता है। ये प्लेटें नीचे स्थित एस्थेनोस्फीयर की अर्धपिघलित परत पर तैर रहीं हैं और सामान्यतया लगभग 10-40 मिमी/वर्ष की गति से गतिशील हैं हालाँकि इनमें कुछ की गति 160 मिमी/वर्ष भी है। इन्ही प्लेटों के गतिशील होने से पृथ्वी के वर्तमान धरातलीय स्वरूप की उत्पत्ति और पर्वत निर्माण की व्याख्या प्रस्तुत की जाती है और यह भी देखा गया है कि प्रायः भूकम्प इन प्लेटों की सीमाओं पर ही आते हैं और ज्वालामुखी भी इन्हीं प्लेट सीमाओं के सहारे पाए जाते हैं। प्लेट विवर्तनिकी में विवर्तनिकी (लातीन:tectonicus) शब्द यूनानी भाषा के τεκτονικός से बना है जिसका अर्थ निर्माण से सम्बंधित है। छोटी प्लेट्स की संख्या में भी कई मतान्तर हैं परन्तु सामान्यतः इनकी संख्या 100 से भी अधिक स्वीकार की जाती है। .

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भूगतिकी

भूगतिकी (Geodynamics) भूभौतिकी की वह शाखा है जो पृथ्वी पर केन्द्रित गति विज्ञान का अध्ययन करती है। इसमें भौतिकी, रसायनिकी और गणित के सिद्धांतों से पृथ्वी की कई प्रक्रियाओं को समझा जाता है। इनमें भूप्रावार (मैंटल) में संवहन (कन्वेक्शन) द्वारा प्लेट विवर्तनिकी का चलन शामिल है। सागर नितल प्रसरण, पर्वत निर्माण, ज्वालामुखी, भूकम्प, भ्रंशण जैसी भूवैज्ञानिक परिघटनाएँ भी इसमें सम्मिलित हैं। भूगतिकी में चुम्बकीय क्षेत्रों, गुरुत्वाकर्षण और भूकम्पी तरंगों का मापन तथा खनिज विज्ञान की तकनीकों के प्रयोग से पत्थरों और उनमें उपस्थित समस्थानिकों (आइसोटोपों) का मापन भूगतिकी में ज्ञानवर्धन की महत्वपूर्ण विधियाँ हैं। पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रहों पर अनुसंधान में भी भूगतिकी का प्रयोग होता है। .

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मध्य-महासागर पर्वतमाला

मध्य-महासागर पर्वतमाला (mid-ocean ridge) किसी महासागर के जल के अंदर प्लेट विवर्तनिकी द्वारा बनी एक पर्वतमाला होती है। सामान्यतः इसमें कई पहाड़ शृंखलाओं में आयोजित होते हैं और इनके बीच में एक लम्बी रिफ़्ट नामक घाटी चलती है। इस रिफ़्ट के नीचे दो भौगोलिक तख़्तों की संमिलन सीमा होती है जहाँ दबाव और रगड़ के कारण भूप्रावार (मैन्टल) से पिघला हुआ मैग्मा उगलकर लावा के रूप में ऊपर आता है और नया सागर का फ़र्श बनाता है - इसे प्रक्रिया को सागर नितल प्रसरण (seafloor spreading) कहते हैं। .

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हैरी हेस

हैरी हैमंड हेस (अंग्रेज़ी: Harry Hammond Hess, मई 24, 1906 – अगस्त 25, 1969) एक अमेरिकी भूविज्ञानी और नौसेना में रियर एडमिरल के पद से सेवानिवृत्त होने वाले नौसैनिक थे। उन्हें सागर नितल प्रसरण की खोज के लिये जाना जाता है जो प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त की आधारशिला बना। इसीलिए कुछ लोग उन्हें प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त का जनक भी मानते हैं। .

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जैक ओलिवर

जैक ओलिवर (अंग्रेज़ी:John "Jack" Ertle Oliver; September 26, 1923 – January 5, 2011) एक अमेरिकन वैज्ञानिक थे जिन्होंने भूकम्प विज्ञान के क्षेत्र में शोध कार्य किया तथा प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त की पुष्टि के प्रमाण उपलब्ध कराये। उन्होंने 1953 अपनी पी॰ एच॰ डी॰ की डिग्री हासिल की और साठ के दशक में अपने एक विद्यार्थी ब्रायन आइजक्स (Bryan Isacks) के साथ मिलकर दक्षिणी प्रशान्त महासागर में भूकम्प मापन हेतु यंत्र स्थापित किये जिनसे प्राप्त आँकड़ों से समुद्र के प्रसरण की पुष्टि हुयी। .

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जॉन टूज़ो विल्सन

जॉन टूज़ो विल्सन एक कनाडाई भूवैज्ञानिक थे जिन्होंने प्लेट विवर्तनिकी के क्षेत्र में योगदान दिया। उन्होंने सागर नितल प्रसरण और पर्वत निर्माण पर अपना योगदान दिया तथा ज्वालामुखियों के अध्ययन में काफ़ी महत्वपूर्ण कार्य किये। .

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अब्राहम ओरटेलियस

पीटर पॉल रूबेंस इब्राहीम Ortelius (/ɔːrˈटीiːliəएस/; भी Ortels, Orthellius, Wortels; 14 अप्रैल 1527 – 28 जून 1598) एक फ्लेमिश मानचित्रकार और भूगोलिक, पारंपरिक मान्यता के निर्माता के रूप में पहली आधुनिक एटलस, Theatrum Orbis Terrarum (रंगमंच की दुनिया).

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