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संजीव कुमार

सूची संजीव कुमार

संजीव कुमार (मूल नाम: हरीभाई जरीवाला; जन्म: 9 जुलाई 1938, मृत्यु: 6 नवम्बर 1985) हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता थे। उनका पूरा नाम हरीभाई जरीवाला था। वे मूल रूप से गुजराती थे। इस महान कलाकार का नाम फ़िल्मजगत की आकाशगंगा में एक ऐसे धुव्रतारे की तरह याद किया जाता है जिनके बेमिसाल अभिनय से सुसज्जित फ़िल्मों की रोशनी से बॉलीवुड हमेशा जगमगाता रहेगा। उन्होंने नया दिन नयी रात फ़िल्म में नौ रोल किये थे। कोशिश फ़िल्म में उन्होंने गूँगे बहरे व्यक्ति का शानदार अभिनय किया था। शोले फ़िल्म में ठाकुर का चरित्र उनके अभिनय से अमर हो गया। उन्हें श्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार के अलावा फ़िल्मफ़ेयर क सर्वश्रेष्ठ अभिनेता व सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार दिया गया। वे आजीवन कुँवारे रहे और मात्र 47 वर्ष की आयु में सन् 1984 में हृदय गति रुक जाने से बम्बई में उनकी मृत्यु हो गयी। 1960 से 1984 तक पूरे पच्चीस साल तक वे लगातार फ़िल्मों में सक्रिय रहे। उन्हें उनके शिष्ट व्यवहार व विशिष्ट अभिनय शैली के लिये फ़िल्मजगत में हमेशा याद किया जायेगा। .

161 संबंधों: चरित्रहीन (1974 फ़िल्म), चंदा और बिजली (1969 फ़िल्म), चौकीदार (1974 फ़िल्म), चेहरे पे चेहरा (1981 फ़िल्म), टक्कर (1980 फ़िल्म), एक पहेली (1971 फ़िल्म), तुम्हारे लिये (1978 फ़िल्म), त्रिशूल (1978 फ़िल्म), तृष्णा (1978 फ़िल्म), द कॉमेडी ऑफ एरर्स, दस्तक (1970 फ़िल्म), दासी (१९८१ फ़िल्म), दावत (1974 फ़िल्म), दिल और पत्थर (1977 फ़िल्म), दूर नहीं मंज़िल (1973 फ़िल्म), देवता (1978 फ़िल्म), देवी (1970 फ़िल्म), दो लड़कियाँ (1976 फ़िल्म), धरती कहे पुकार के (1969 फ़िल्म), धूप छाँव (१९७७ चलचित्र), धोती लोटा और चौपाटी (1975 फ़िल्म), नमकीन (1982 फ़िल्म), नया दिन नई रात (1974 फ़िल्म), नसीरुद्दीन शाह, नामुमकिन (1988 फ़िल्म), नौकर (1979 फ़िल्म), पति पत्नी (1966 फ़िल्म), पति पत्नी और वो (1978 फ़िल्म), पत्थर से टक्कर (1980 फ़िल्म), परिचय (1972 फ़िल्म), पापी (1977 फ़िल्म), पारस (1971 फ़िल्म), पाखंडी (1984 फ़िल्म), प्रिया (1970 फ़िल्म), प्रोफेसर की पड़ोसन (1993 फ़िल्म), फ़रार (1975 फ़िल्म), फ़िल्म, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार, फ़ौजी चाचा (1980 फ़िल्म), बचपन (1970 फ़िल्म), बद और बदनाम (1984 फ़िल्म), बात बन जाये (1986 फ़िल्म), बादल (1966 फ़िल्म), बंधन (1969 फ़िल्म), बेरहम (1980 फ़िल्म), बॉम्बे एट नाइट (1979 फ़िल्म), बीवी ओ बीवी (1981 फ़िल्म), भारतीय चलचित्र अभिनेता सूची, भारतीय सिनेमा, ..., भारतीय सिनेमा के सौ वर्ष, मन मन्दिर (1971 फ़िल्म), मनचली (1973 फ़िल्म), मनोरंजन (1974 फ़िल्म), माँ का आँचल (1970 फ़िल्म), मान अपमान (1979 फ़िल्म), मुकद्दर (1978 फ़िल्म), मुक्ति (१९७७ फ़िल्म), मौसम (1975 फ़िल्म), मेरा दोस्त मेरा दुश्मन (1984 फ़िल्म), मेहबूब की मेहंदी, मोहनलाल (अभिनेता), यही है ज़िन्दगी (1977 फ़िल्म), यादगार (1984 फ़िल्म), राम तेरे कितने नाम (1985 फ़िल्म), राही (1987 फ़िल्म), राजा और रंक (1968 फ़िल्म), राजिंदर सिंह बेदी, राज्य सभा के वर्तमान सदस्यों की सूची, रिवाज़ (1972 फ़िल्म), लाखों की बात (1984 फ़िल्म), लव एंड गॉड (1986 फ़िल्म), लेडीज़ टेलर (1981 फ़िल्म), लोग क्या कहेंगे (1982 फ़िल्म), शतरंज के खिलाड़ी (१९७७ फ़िल्म), शानदार (1974 फ़िल्म), शिकार (1968 फ़िल्म), श्रीमान श्रीमती (1982 फ़िल्म), शोले (1975 फ़िल्म), सच्चाई (1969 फ़िल्म), सत्यजित राय, सत्यकाम (1969 फ़िल्म), सबसे बड़ा सुख (1972 फ़िल्म), साथी (1968 फ़िल्म), सावन के गीत (1978 फ़िल्म), सिलसिला (1981 फ़िल्म), सिंदूर बने ज्वाला (1982 फ़िल्म), सवाल (1982 फ़िल्म), संघर्ष (1968 फ़िल्म), सुबह ओ श्याम (1972 फ़िल्म), सुराग (1982 फ़िल्म), स्मगलर (1966 फ़िल्म), स्वयंवर (1980 फ़िल्म), स्वर्ग नर्क (१९७८ फ़िल्म), सूरज और चंदा (1973 फ़िल्म), सीता और गीता (1972 फ़िल्म), हथकड़ी (1982 फ़िल्म), हम पाँच (१९८० फ़िल्म), हमारे तुम्हारे (1979 फ़िल्म), हाथों की लकीरें (1986 फ़िल्म), हिन्दी सिनेमा, हिंदी चलचित्र, १९६० दशक, हिंदी चलचित्र, १९७० दशक, हिंदी चलचित्र, १९८० दशक, हुस्न और इश्क (1966 फ़िल्म), हीरो (1983 फ़िल्म), ज़बरदस्त (1985 फ़िल्म), ज़िन्दगी (1976 फ़िल्म), जानी दुश्मन (1979 फ़िल्म), ज्योति (1969 फ़िल्म), ज्योति बने ज्वाला (1980 फ़िल्म), जीने की राह (1969 फ़िल्म), ईमान (1974 फ़िल्म), ईमान धर्म (१९७७ फ़िल्म), घर की लाज (1979 फ़िल्म), विधाता (1982 फ़िल्म), विश्वासघात (1977 फ़िल्म), वक्त की दीवार (1981 फ़िल्म), खिलौना (1970 फ़िल्म), खुद्दार (1982 फ़िल्म), ग़ुस्ताखी माफ़ (1969 फ़िल्म), गुनाह और कानून (1970 फ़िल्म), गुलज़ार (गीतकार), गौरी (1968 फ़िल्म), गृह प्रवेश (1979 फ़िल्म), आँधी (1975 फ़िल्म), आप की कसम (1974 फ़िल्म), आलाप (1977 फ़िल्म), आशीर्वाद (1968 फ़िल्म), आक्रमण (1975 फ़िल्म), इतनी सी बात (1981 फ़िल्म), इन्दिरा गांधी, इन्साफ का मन्दिर (1969 फ़िल्म), इंसान और शैतान (1970 फ़िल्म), कत्ल (1986 फ़िल्म), काँच की दीवार (1986 फ़िल्म), कालपी (1966 फ़िल्म), काला पत्थर (१९७९ फ़िल्म), कंगन (1971 फ़िल्म), कुँवारा बाप (1974 फ़िल्म), कोशिश (1972 फ़िल्म), अनहोनी (1973 फ़िल्म), अनामिका (1973 फ़िल्म), अनुभव (1971 फ़िल्म), अनोखी रात, अपनापन (1977 फ़िल्म), अपने दुश्मन (1975 फ़िल्म), अपने रंग हज़ार (1975 फ़िल्म), अब्दुल्ला (1980 फ़िल्म), अमिताभ बच्चन, अय्याश (1982 फ़िल्म), अर्चना (1974 फ़िल्म), अर्जुन पंडित (1976 फ़िल्म), अग्नि रेखा (1973 फ़िल्म), अंगारे (1977 फ़िल्म), अंगूर (1982 फ़िल्म), उलझन (1975 फ़िल्म), १९३८, १९८५, ६ नवम्बर, 2014 की बॉलीवुड फिल्में सूचकांक विस्तार (111 अधिक) »

चरित्रहीन (1974 फ़िल्म)

चरित्रहीन 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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चंदा और बिजली (1969 फ़िल्म)

चंदा और बिजली 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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चौकीदार (1974 फ़िल्म)

चौकीदार 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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चेहरे पे चेहरा (1981 फ़िल्म)

चेहरे पे चेहरा 1981 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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टक्कर (1980 फ़िल्म)

टक्कर 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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एक पहेली (1971 फ़िल्म)

एक पहेली 1971 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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तुम्हारे लिये (1978 फ़िल्म)

तुम्हारे लिये (अंग्रेजी: For Your Sake) 1978 में बासु चटर्जी द्वारा निर्मित हिन्दी फिल्म जिसमे संजीव कुमार, विद्या सिन्हा व अशोक कुमार ने प्रमुख पात्र निभाए है| .

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त्रिशूल (1978 फ़िल्म)

त्रिशूल 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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तृष्णा (1978 फ़िल्म)

तृष्णा 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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द कॉमेडी ऑफ एरर्स

प्रदर्शन का पोस्टर द कॉमेडी ऑफ एरर्स विलियम शेक्सपियर के शुरूआती नाटकों में से एक है, ऐसा माना जाता है कि इसे 1592 से 1594 के बीच लिखा गया था। यह उनके सबसे छोटे और सबसे हास्यास्पद हास्य-नाटकों में से एक है, अनेकार्थी शब्दों और शब्दों के खेल के अतिरिक्त इसके हास्य का एक प्रमुख हिस्सा तमाशे और गलत पहचान से निकलकर आता है। दी कॉमेडी ऑफ़ एरर्स (दी टेमपेस्ट सहित) शेक्सपियर के उन दो नाटकों में से एक है जिनमें पारंपरिक एकता का अवलोकन किया जा सकता है। इसे ओपेरा, मंच, स्क्रीन और संगीत थिएटर के लिए अनुकूलित किया गया है। द कॉमेडी ऑफ एरर्स एक रूप वाले जुड़वां भाईयों के दो जो़ड़ों की कहानी बयान करता है, जो दुर्भाग्यएवश अपने जन्म के समय अलग हो गए थे। सि‍रैक्यूज का एंटीफॉलस और उसका नौकर, सि‍रैक्यूज का ड्रोमि‍यो, एफिसस पहुंचते हैं जहां उनके जुड़वां भाई, एफिसस का एंटिफॉलस और उसका नौकर एफिसस का ड्रोमि‍यो भी रहते हैं। जब सि‍रैक्यूजन का अपने जुड़वा भाईयों के मि‍त्रों और परि‍वार से सामना हुआ, तो गलत पहचान के कारण अजीबो-गरीब घटनाओं के क्रम ने गलत व्यक्ति के साथ मार-पि‍टाई और यौन व्यवहार, एफिसस के एंटीफॉलस की गि‍रफ्तारी तथा बेवफाई का आरोप, चोरी, पागलपन तथा प्रेतावि‍ष्ट आधि‍पत्य‍ की अनेक हास्यास्पद घटनाओं को जन्म हुआ। .

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दस्तक (1970 फ़िल्म)

दस्तक 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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दासी (१९८१ फ़िल्म)

दासी १९८१ में निर्मित हिन्दी फ़िल्म है। इसे राज खोसला ने निर्देशित किया है तथा के के श्रीवास्तव ने इसके संवाद (पटकथा) लेखन का कार्य किया है। .

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दावत (1974 फ़िल्म)

दावत 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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दिल और पत्थर (1977 फ़िल्म)

दिल और पत्थर 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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दूर नहीं मंज़िल (1973 फ़िल्म)

दूर नहीं मंज़िल 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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देवता (1978 फ़िल्म)

देवता 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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देवी (1970 फ़िल्म)

देवी 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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दो लड़कियाँ (1976 फ़िल्म)

दो लड़कियाँ 1976 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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धरती कहे पुकार के (1969 फ़िल्म)

धरती कहे पुकार के (अंग्रेजी: Call of the Earth) 1969 में वैशाली फिलम्स पताका अन्तर्गत दीनानाथ शास्त्री निर्मित, दुलाल गुहा निर्देशित हिन्दी भाषा की फिल्म है। जितेंद्र, नंदा, कन्हैयालाल, दुर्गा खोटे एवं संजीव कुमार इसके प्रमुख कलाकार तथा अभि भट्टाचार्य, अमोल सेन, असित सेन, ए के हंगल, तरुण बोस, मनमोहन व लीला मिश्रा सहायक कलाकार है। फिल्म में संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया तथा गीतकार मजरुह सुल्तानपुरी है। .

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धूप छाँव (१९७७ चलचित्र)

धूप छाँव 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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धोती लोटा और चौपाटी (1975 फ़िल्म)

धोती लोटा और चौपाटी 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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नमकीन (1982 फ़िल्म)

नमकीन 1982 में प्रदर्शित होने वाली हिन्दी फ़िल्म है जिसे गुलज़ार ने निर्देशित किया था। नमकीन, बांग्ला साहित्यकार समरेश बसु की कहानी पर आधारित है। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से पर्वतीय गाँव में एक ट्रक ड्राइवर गेरुलाल (संजीव कुमार) आता है। स्थानीय ढाबे वाला धनीराम (टी.पी.जैन) गेरुलाल को एक वृद्धा ज्योति (वहीदा रहमान) के घर पर एक कमरा किराज़े पर दिलवा देता है। ज्योति की तीन बेटियां हैं- सबसे बड़ी...

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नया दिन नई रात (1974 फ़िल्म)

नया दिन नई रात 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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नसीरुद्दीन शाह

नसीरुद्दीन शाह हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं। नसीरुद्दीन शाह, जिन्हें हिंदी फ़िल्म उद्योग में अदाकारी का एक पैमाना कहा जाए तो शायद ही किसी को एतराज हो। नसीर की काबिलियत का सबसे बड़ा सुबूत है, सिनेमा की दोनों धाराओं में उनकी कामयाबी। नसीर का नाम अगर पैरेलल सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं की सूची में शामिल हुआ तो बॉलीवुड की मुख्य धारा या व्यापारिक फ़िल्मों में भी उन्होंने बड़ी कामयाबी हासिल की है। नसीर अपने शानदार अंदाज से मुख्य धारा के चहेते सितारे बन गए, ऐसा सितारा जिसने हर तरह के किरदार को बेहतरीन अभिनय से जिंदा कर दिया। ये सितार जब भी स्क्रीन पर आया देखने वाले के दिल पर उस किरदार की यादगार छाप छोड़ गया। उसकी कॉमेडी ने पब्लिक को खूब गुदगुदाया तो एक्शन में भी उसका अलग ही अंदाज नजर आया। मुख्य धारा सिनेमा में नसीरुद्दीन शाह के सफर की शुरुआत 1980 में आई फ़िल्म 'हम पांच' से हुई। फ़िल्म भले ही व्यापारिक थी, लेकिन इसमें नसीर के अभिनय की गहराई समानांतर सिनेमा वाली फ़िल्मों से कम नहीं थी। गुलामी को अपनी तकदीर मान चुके एक गांव में विद्रोह की आवाज बुलंद करते नौजवान के किरदार में नसीर ने जान फूंक दी। हालांकि फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं रही और एक व्यापारिक एक्टर के तौर पर सफलता साबित करने के लिए नसीर को टिकट खिड़की पर भी बिकाऊ बनने की जरूरत थी। और उनके लिए ये काम किया 'जाने भी दो यारों' ने। बॉलीवुड की ऑल टाइम बेस्ट कॉमेडी फ़िल्मों में शुमार 'जाने भी दो यारों' में रवि वासवानी और नसीर की जोड़ी ने बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग दिखाई और फ़िल्म बेहद कामयाब रही। लेकिन कमर्शियल सिनेमा में नसीर की सबसे बड़ी कामयाबी बनी 'मासूम'। बाप और बेटे के रिश्तों को उकेरती 'मासूम' में नसीर ने कमाल की अदाकारी से ना केवल खूब वाहवाही बटोरी बल्कि फ़िल्म भी सुपरहिट हुई और नसीर को एक स्टार का दर्जा मिल गया। नसीर के इस स्टार स्टेटस को और मजबूत किया 1986 में आई सुभाष घई की मल्टीस्टारर मेगाबजट फ़िल्म 'कर्मा' ने। फ़िल्म में नसीर के लिए अपनी छाप छोड़ना आसान नहीं था क्योंकि वहां अभिनय सम्राट "दिलीप कुमार भी थे। और उस दौर के नए नवेले सितारे जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर भी थे। 1987 में गुलजार की 'इजाजत' नसीर के लिए कामयाबी का एक और जरिया बन कर आई। एक जज्बाती कहानी, बेहतरीन निर्देशन, शानदार अभिनय और यादगार संगीत। 'इजाजत' ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कामयाबी हासिल की और बतौर व्यापारिक एक्टर नसीर का रुतबा और बढ़ गया। 'त्रिदेव' जैसी सुपरहिट फ़िल्म देकर, 90 का दशक आते-आते नसीर ने व्यापारिक फ़िल्मों में भी अपनी अलग पहचान बना ली थी। 2003 में आई हॉलीवुड फ़िल्म 'द लीग ऑफ एक्सट्रा ऑर्डिनरी जेंटलमेन' में नसीरुद्दीन ने कैप्टन नीमो का किरदार निभाया तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी फ़िल्म 'खुदा के लिए' में भी उन्होंने शानदार काम किया। देश से लेकर परदेस तक, नसीरुद्दीन शाह ने अपनी अदाकारी का लोहा सारी दुनिया में मनवाया है। लेकिन नसीर अपनी काबिलियत को खुशकिस्मती का नाम देते हैं। वो कहते हैं, 'मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे इतने मौके मिले, लेकिन मैं व्यापारिक फ़िल्मों से अभी संतुष्ट नहीं हूँ।' 2008 में आई 'अ वेडनेसडे' ने नसीर की कमाल की अदाकारी का एक और नजराना पेश किया तो 'इश्किया', 'राजनीति', 'सात खून माफ' और 'डर्टी पिक्चर' जैसी फ़िल्मों के जरिए नसीरुद्दीन ने बार-बार ये साबित किया कि एक सच्चे कलाकार को उम्र बांध नहीं सकती। हाल ही में रिलीज हुई फ़िल्म 'मैक्सिमम' में भी नसीर की जोरदार एक्टिंग ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया है। आज के नसीरुद्दीन शाह की बात करें तो शायद ही ऐसा कोई रोल है जो उनपर फिट नहीं बैठे। आखिर वो एक्टर ही ऐसे हैं कि हर रोल के मुताबिक खुद को ढाल लेते हैं। लेकिन एक समय था जब नसीर को दो रोल करने की इच्छा थी जो उस समय उन्हें नहीं मिले। लेकिन बाद 'मिर्जा गालिब', दूरदर्शन धारावाहिक में उन्हें दो रोल मिले जिसमें उन्होंने ग़ालिब का वास्तविक चित्र उभारने की कोशिश की। लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि गालिब बनने की नसीर की तमन्ना उनके दिल में एक अधूरे ख्वाब की तरह अटकी हुई थी। 1988 में सीरियल बनाने से सालों पहले गुलजार साहब गालिब पर एक फ़िल्म बनाना चाहते थे और उस फ़िल्म में गालिब के तौर पर उनकी दिली इच्छा संजीव कुमार को लेने की थी। नसीर साहब ने इस बारे में बताते हुए कहा, 'मैंने गुलजार भाई को चिठ्ठी लिखी और अपनी फोटोग्राफ्स भेजी, मैंने लिखा कि ये क्या कर रहे हैं, इस फ़िल्म में आपको मुझे लेना चाहिए।' लेकिन संजीव कुमार को दिल का दौरा पड़ गया था और सेहत उनका साथ नहीं दे रही थी। फिर उसके बाद गुलजार साहब के दिल में उस रोल के लिए अमिताभ के नाम का खयाल आया। लेकिन वहां भी बात नहीं बनी और आखिरकार गालिब पर फ़िल्म बनाने का प्लान ही ठंडे बस्ते में पड़ गया। शायद उस वक्त गुलजार को भी नहीं मालूम होगा कि इस किरदार पर तो तकदीर ने किसी और का नाम लिख दिया है। कई साल बाद गुलजार साहब ने एक दिन नसीर को फोन लगाया। नसीर ने बताया, 'एक दिन मुझे गुलजार भाई का फोन आया कि सीरियल में काम करोगे। मैंने पूछा कौन सा सीरियल तो उन्होंने बताया गालिब पर है। मैंने बिना कुछ सोचे फौरन हां कह दिया।' साल 1982 में 'गांधी' के रिलीज होने के अट्ठारह साल बाद कमल हासन ने 'हे राम' बनाई, जिसने नसीर साहब की गांधी बनने की तमन्ना को भी पूरा कर दिया। सधी हुई अदाकरी और बेजोड़ अंदाज से उन्होंने ना केवल गांधी के किरदार में जान डाल दी। बेजोड़ एक्टिंग और गजब की क्षमता से हर तरह के किरदार निभाने वाले नसीर ने अपनी छाप नकारात्मक भूमिकाओं में भी छोड़ी। समानांतर सिनेमा का ये हीरो कमर्शियल फ़िल्मों में एक ख़तरनाक विलेन के तौर पर भी हमेशा याद किया जाता रहेगा। हिन्दी सिनेमा में विलेन का ये नया चेहरा था, खूंखार और अजीबोगरीब शक्ल वाला कोई गुंडा नहीं बल्कि सोफेस्टिकेटेड इंसान जिसके दिमाग में सिर्फ जहर ही जहर था। विलेन का ये किरदार जितना संजीदा था उससे भी ज्यादा संजीदगी से उसे निभाया था नसीरुद्दीन शाह ने। वैसे खलनायक के तौर पर उनकी एक दो फ़िल्में नहीं थीं। 'मोहरा' में उन्होंने दिखाया विलेन का वो चेहरा जो किसी के भी दिल में खौफ पैदा कर सकता है। अंधा होने का नाटक करने वाला एक शिकारी, लेकिन ये नसीर की असली पहचान नहीं थी। नसीर की असली पहचान समानांतर सिनेमा था। सिनेमा की वो धारा जिसमें एक स्टार के लिए कम और एक्टर के लिए गुंजाइश ज्यादा होती है। और ये बात किसी से छुपी नहीं कि नसीर एक एक्टर पहले और स्टार बाद में हैं। समानांतर सिनेमा के इस सितारे ने स्मिता पाटिल, शबाना आजमी, अमरीश पुरी और ओम पुरी जैसे माहिर कलाकारों के साथ मिलकर आर्ट फ़िल्मों को एक नई पहचान दी। 'निशान्त' जैसी सेंसेटिव फ़िल्म से अभिनय का सफर शुरू करने वाले नसीर ने 'आक्रोश', 'स्पर्श', 'मिर्च मसाला', 'भवनी भवाई', 'अर्धसत्य', 'मंडी' और 'चक्र' जैसी फ़िल्मों में अभिनय की नई मिसाल पेश कर दी। .

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नामुमकिन (1988 फ़िल्म)

नामुमकिन 1988 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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नौकर (1979 फ़िल्म)

नौकर 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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पति पत्नी (1966 फ़िल्म)

पति पत्नी 1966 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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पति पत्नी और वो (1978 फ़िल्म)

पति पत्नी और वो 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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पत्थर से टक्कर (1980 फ़िल्म)

पत्थर से टक्कर 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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परिचय (1972 फ़िल्म)

परिचय 1972 में गुलज़ार द्वारा निर्मित एक पारिवारिक कथा आधारित हिन्दी फिल्म है। यह प्रमुख अंग्रेज़ी फ़िल्म दि साऊँड ऑफ़ म्युज़िक से प्रेरित पर यथार्थ चित्रण नहीं है। .

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पापी (1977 फ़िल्म)

पापी 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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पारस (1971 फ़िल्म)

पारस 1971 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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पाखंडी (1984 फ़िल्म)

पाखंडी १९८४ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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प्रिया (1970 फ़िल्म)

प्रिया 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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प्रोफेसर की पड़ोसन (1993 फ़िल्म)

प्रोफेसर की पड़ोसन 1993 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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फ़रार (1975 फ़िल्म)

फ़रार 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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फ़िल्म

फ़िल्म, चलचित्र अथवा सिनेमा में चित्रों को इस तरह एक के बाद एक प्रदर्शित किया जाता है जिससे गति का आभास होता है। फ़िल्में अकसर विडियो कैमरे से रिकार्ड करके बनाई जाती हैं, या फ़िर एनिमेशन विधियों या स्पैशल इफैक्ट्स का प्रयोग करके। आज ये मनोरंजन का महत्त्वपूर्ण साधन हैं लेकिन इनका प्रयोग कला-अभिव्यक्ति और शिक्षा के लिए भी होता है। भारत विश्व में सबसे अधिक फ़िल्में बनाता है। फ़िल्म उद्योग का मुख्य केन्द्र मुंबई है, जिसे अमरीका के फ़िल्मोत्पादन केन्द्र हॉलीवुड के नाम पर बॉलीवुड कहा जाता है। भारतीय फिल्मे विदेशो में भी देखी जाती है .

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फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। यह हिन्दी फ़िल्म में सबसे बेहतर अभिनय के लिये फ़िल्म के सहायक अभिनेता को फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार समारोह में दिया जाता है। .

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फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। यह हिन्दी फ़िल्म में सबसे बेहतर अभिनय के लिये फ़िल्म के अभिनेता को फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार समारोह में दिया जाता है। .

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फ़ौजी चाचा (1980 फ़िल्म)

फ़ौजी चाचा 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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बचपन (1970 फ़िल्म)

बचपन 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बद और बदनाम (1984 फ़िल्म)

बद और बदनाम १९८४ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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बात बन जाये (1986 फ़िल्म)

बात बन जाये 1986 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बादल (1966 फ़िल्म)

बादल 1966 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बंधन (1969 फ़िल्म)

बंधन 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बेरहम (1980 फ़िल्म)

बेरहम 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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बॉम्बे एट नाइट (1979 फ़िल्म)

बॉम्बे एट नाइट 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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बीवी ओ बीवी (1981 फ़िल्म)

बीवी ओ बीवी 1981 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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भारतीय चलचित्र अभिनेता सूची

इस पृष्ठ पर भारतीय चलचित्र के अभिनेताओं की सूची दी गई है। .

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भारतीय सिनेमा

भारतीय सिनेमा के अन्तर्गत भारत के विभिन्न भागों और भाषाओं में बनने वाली फिल्में आती हैं जिनमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बॉलीवुड शामिल हैं। भारतीय सिनेमा ने २०वीं सदी की शुरुआत से ही विश्व के चलचित्र जगत पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।। भारतीय फिल्मों का अनुकरण पूरे दक्षिणी एशिया, ग्रेटर मध्य पूर्व, दक्षिण पूर्व एशिया और पूर्व सोवियत संघ में भी होता है। भारतीय प्रवासियों की बढ़ती संख्या की वजह से अब संयुक्त राज्य अमरीका और यूनाइटेड किंगडम भी भारतीय फिल्मों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बन गए हैं। एक माध्यम(परिवर्तन) के रूप में सिनेमा ने देश में अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल की और सिनेमा की लोकप्रियता का इसी से अन्दाजा लगाया जा सकता है कि यहाँ सभी भाषाओं में मिलाकर प्रति वर्ष 1,600 तक फिल्में बनी हैं। दादा साहेब फाल्के भारतीय सिनेमा के जनक के रूप में जाना जाते हैं। दादा साहब फाल्के के भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के प्रतीक स्वरुप और 1969 में दादा साहब के जन्म शताब्दी वर्ष में भारत सरकार द्वारा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की स्थापना उनके सम्मान में की गयी। आज यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित और वांछित पुरस्कार हो गया है। २०वीं सदी में भारतीय सिनेमा, संयुक्त राज्य अमरीका का सिनेमा हॉलीवुड तथा चीनी फिल्म उद्योग के साथ एक वैश्विक उद्योग बन गया।Khanna, 155 2013 में भारत वार्षिक फिल्म निर्माण में पहले स्थान पर था इसके बाद नाइजीरिया सिनेमा, हॉलीवुड और चीन के सिनेमा का स्थान आता है। वर्ष 2012 में भारत में 1602 फ़िल्मों का निर्माण हुआ जिसमें तमिल सिनेमा अग्रणी रहा जिसके बाद तेलुगु और बॉलीवुड का स्थान आता है। भारतीय फ़िल्म उद्योग की वर्ष 2011 में कुल आय $1.86 अरब (₹ 93 अरब) की रही। जिसके वर्ष 2016 तक $3 अरब (₹ 150 अरब) तक पहुँचने का अनुमान है। बढ़ती हुई तकनीक और ग्लोबल प्रभाव ने भारतीय सिनेमा का चेहरा बदला है। अब सुपर हीरो तथा विज्ञानं कल्प जैसी फ़िल्में न केवल बन रही हैं बल्कि ऐसी कई फिल्में एंथीरन, रा.वन, ईगा और कृष 3 ब्लॉकबस्टर फिल्मों के रूप में सफल हुई है। भारतीय सिनेमा ने 90 से ज़्यादा देशों में बाजार पाया है जहाँ भारतीय फिल्मे प्रदर्शित होती हैं। Khanna, 158 सत्यजीत रे, ऋत्विक घटक, मृणाल सेन, अडूर गोपालकृष्णन, बुद्धदेव दासगुप्ता, जी अरविंदन, अपर्णा सेन, शाजी एन करुण, और गिरीश कासरावल्ली जैसे निर्देशकों ने समानांतर सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और वैश्विक प्रशंसा जीती है। शेखर कपूर, मीरा नायर और दीपा मेहता सरीखे फिल्म निर्माताओं ने विदेशों में भी सफलता पाई है। 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रावधान से 20वीं सेंचुरी फॉक्स, सोनी पिक्चर्स, वॉल्ट डिज्नी पिक्चर्स और वार्नर ब्रदर्स आदि विदेशी उद्यमों के लिए भारतीय फिल्म बाजार को आकर्षक बना दिया है। Khanna, 156 एवीएम प्रोडक्शंस, प्रसाद समूह, सन पिक्चर्स, पीवीपी सिनेमा,जी, यूटीवी, सुरेश प्रोडक्शंस, इरोज फिल्म्स, अयनगर्न इंटरनेशनल, पिरामिड साइमिरा, आस्कार फिल्म्स पीवीआर सिनेमा यशराज फिल्म्स धर्मा प्रोडक्शन्स और एडलैब्स आदि भारतीय उद्यमों ने भी फिल्म उत्पादन और वितरण में सफलता पाई। मल्टीप्लेक्स के लिए कर में छूट से भारत में मल्टीप्लेक्सों की संख्या बढ़ी है और फिल्म दर्शकों के लिए सुविधा भी। 2003 तक फिल्म निर्माण / वितरण / प्रदर्शन से सम्बंधित 30 से ज़्यादा कम्पनियां भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध की गयी थी जो फिल्म माध्यम के बढ़ते वाणिज्यिक प्रभाव और व्यसायिकरण का सबूत हैं। दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग दक्षिण भारत की चार फिल्म संस्कृतियों को एक इकाई के रूप में परिभाषित करता है। ये कन्नड़ सिनेमा, मलयालम सिनेमा, तेलुगू सिनेमा और तमिल सिनेमा हैं। हालाँकि ये स्वतंत्र रूप से विकसित हुए हैं लेकिन इनमे फिल्म कलाकारों और तकनीशियनों के आदान-प्रदान और वैष्वीकरण ने इस नई पहचान के जन्म में मदद की। भारत से बाहर निवास कर रहे प्रवासी भारतीय जिनकी संख्या आज लाखों में हैं, उनके लिए भारतीय फिल्में डीवीडी या व्यावसायिक रूप से संभव जगहों में स्क्रीनिंग के माध्यम से प्रदर्शित होती हैं। Potts, 74 इस विदेशी बाजार का भारतीय फिल्मों की आय में 12% तक का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। इसके अलावा भारतीय सिनेमा में संगीत भी राजस्व का एक साधन है। फिल्मों के संगीत अधिकार एक फिल्म की 4 -5 % शुद्ध आय का साधन हो सकते हैं। .

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भारतीय सिनेमा के सौ वर्ष

3 मई 2013 (शुक्रवार) को भारतीय सिनेमा पूरे सौ साल का हो गया। किसी भी देश में बनने वाली फिल्में वहां के सामाजिक जीवन और रीति-रिवाज का दर्पण होती हैं। भारतीय सिनेमा के सौ वर्षों के इतिहास में हम भारतीय समाज के विभिन्न चरणों का अक्स देख सकते हैं।उल्लेखनीय है कि इसी तिथि को भारत की पहली फीचर फ़िल्म “राजा हरिश्चंद्र” का रुपहले परदे पर पदार्पण हुआ था। इस फ़िल्म के निर्माता भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहब फालके थे। एक सौ वर्षों की लम्बी यात्रा में हिन्दी सिनेमा ने न केवल बेशुमार कला प्रतिभाएं दीं बल्कि भारतीय समाज और चरित्र को गढ़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। .

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मन मन्दिर (1971 फ़िल्म)

मन मन्दिर 1971 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मनचली (1973 फ़िल्म)

मनचली 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मनोरंजन (1974 फ़िल्म)

मनोरंजन 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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माँ का आँचल (1970 फ़िल्म)

माँ का आँचल 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मान अपमान (1979 फ़िल्म)

मान अपमान 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मुकद्दर (1978 फ़िल्म)

मुकद्दर 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मुक्ति (१९७७ फ़िल्म)

मुक्ति 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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मौसम (1975 फ़िल्म)

श्रेणी:1975 में बनी हिन्दी फ़िल्म श्रेणी:कमलेश्वर.

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मेरा दोस्त मेरा दुश्मन (1984 फ़िल्म)

मेरा दोस्त मेरा दुश्मन १९८४ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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मेहबूब की मेहंदी

मेहबूब की मेहंदी १९७१ में बनी हिन्दी फिल्म है। .

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मोहनलाल (अभिनेता)

मोहनलाल विश्वनाथन नायर (जन्म 21 मई 1960), एक नाम मोहनलाल या लाल के नाम से जाने जाने वाले, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध भारतीय फिल्म अभिनेता और निर्माता हैं, जो मलयालम सिनेमा का सब सबसे बड़ा नाम है।മോഹന്‍ലാല്‍ चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता रहे मोहनलाल ने दो सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार, एक विशेष जूरी पुरस्कार और एक सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार (निर्माता के रूप में) जीता। 2001 में भारत सरकार ने उन्हें भारतीय सिनेमा के प्रति योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया। सन 2009 में भारतीय प्रादेशिक सेना द्वारा उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया,Lt.Col.

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यही है ज़िन्दगी (1977 फ़िल्म)

यही है ज़िन्दगी 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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यादगार (1984 फ़िल्म)

यादगार १९८४ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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राम तेरे कितने नाम (1985 फ़िल्म)

राम तेरे कितने नाम 1985 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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राही (1987 फ़िल्म)

राही १९८७ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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राजा और रंक (1968 फ़िल्म)

राजा और रंक 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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राजिंदर सिंह बेदी

राजिंदर सिंह बेदी एक हिन्दी और उर्दू उपन्यासकार, निर्देशक, पटकथा लेखक, नाटककार थे। इनका जन्म 1 सितम्बर 1915 को सियालकोट, पंजाब, ब्रिटिश भारत में हुआ था। यह पहले अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ के उर्दू लेखक थे। जो बाद में हिन्दी फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, संवाद लेखक बन गए। यह पटकथा और संवाद में ऋषिकेश मुखर्जी की फ़िल्म अभिमान, अनुपमा और सत्यकाम; और बिमल रॉय की मधुमती के कारण जाने जाते हैं। यह निर्देशक के रूप में दस्तक (1970) की फ़िल्म जिसमें संजीव कुमार और रेहना सुल्तान थे, के कारण जानते जाते हैं। .

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राज्य सभा के वर्तमान सदस्यों की सूची

राज्य सभा के वर्तमान सदस्योँ की सूची में भारतीय विधायिका के राज्य सभा के सांसद की सूची है। (अद्यतन-९जुलाई २०१६) .

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रिवाज़ (1972 फ़िल्म)

रिवाज़ 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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लाखों की बात (1984 फ़िल्म)

लाखों की बात १९८४ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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लव एंड गॉड (1986 फ़िल्म)

लव एंड गॉड 1986 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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लेडीज़ टेलर (1981 फ़िल्म)

लेडीज़ टेलर 1981 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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लोग क्या कहेंगे (1982 फ़िल्म)

लोग क्या कहेंगे 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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शतरंज के खिलाड़ी (१९७७ फ़िल्म)

शतरंज के खिलाड़ी 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसी नाम से मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी पर आधारित इस फिल्म के निर्देशक थे प्रसिद्ध बांग्ला फिल्मकार सत्यजित रे। इसकी कहानी १८५६ के अवध नवाब वाजिद अली शाह के दो अमीरों के इर्द-गिर्द घूमती है। ये दोनों खिलाड़ी शतरंज खेलने में इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें अपने शासन तथा परिवार की भी फ़िक्र नहीं रहती। इसी की पृष्ठभूमि में अंग्रेज़ों की सेना अवध पर चढ़ाई करती है। फिल्म का अंत अंग्रेज़ों के अवध पर अधिपत्य के बाद के एक दृश्य से होता है जिसमें दोनों खिलाड़ी शतरंज अपने पुराने देशी अंदाज की बजाय अंग्रेज़ी शैली में खेलने लगते हैं जिसमें राजा एक दूसरे के आमने सामने नहीं होते। इस फिल्म को फिल्मकारों तथा इतिहासकारों दोनों की समालोचना मिली थी। फ़िल्म को तीन फिल्मपेयर अवार्ड मिले थे जिसमें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार भी शामिल था। .

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शानदार (1974 फ़िल्म)

शानदार 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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शिकार (1968 फ़िल्म)

शिकार सन् 1968 में प्रदर्शित हिन्दी भाषा की रहस्यमयी रोमांचक फिल्म है। जिसमें धर्मेन्द्र, आशा पारेख, संजीव कुमार तथा जॉनी वॉकर मुख्य भूमिका में है। .

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श्रीमान श्रीमती (1982 फ़िल्म)

श्रीमान श्रीमती 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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शोले (1975 फ़िल्म)

शोले १९७५ की एक भारतीय हिन्दी एक्शन फिल्म है। सलीम-जावेद द्वारा लिखी इस फिल्म का निर्माण गोपाल दास सिप्पी ने और निर्देशन का कार्य, उनके पुत्र रमेश सिप्पी ने किया है। इसकी कहानी जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेन्द्र) नामक दो अपराधियों पर केन्द्रित है, जिन्हें डाकू गब्बर सिंह (अमजद ख़ान) से बदला लेने के लिए पूर्व पुलिस अधिकारी ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) अपने गाँव लाता है। जया भादुरी और हेमा मालिनी ने भी फ़िल्म में मुख्य भूमिकाऐं निभाई हैं। शोले को भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक माना जाता है। ब्रिटिश फिल्म इंस्टिट्यूट के २००२ के "सर्वश्रेष्ठ १० भारतीय फिल्मों" के एक सर्वेक्षण में इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। २००५ में पचासवें फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह में इसे पचास सालों की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी मिला। शोले का फिल्मांकन कर्नाटक राज्य के रामनगर क्षेत्र के चट्टानी इलाकों में ढाई साल की अवधि तक चला था। केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के निर्देशानुसार कई हिंसक दृश्यों को हटाने के बाद फ़िल्म को १९८ मिनट की लंबाई के साथ १५ अगस्त १९७५ को रिलीज़ किया गया था। हालांकि १९९० में मूल २०४ मिनट का मूल संस्करण भी होम मीडिया पर उपलब्ध हो गया था। रिलीज़ होने पर पहले तो शोले को समीक्षकों से नकारात्मक प्रतिक्रियाएं और कमजोर व्यावसायिक परिणाम मिले, लेकिन अनुकूल मौखिक प्रचार की सहायता से थोड़े दिन बाद यह बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता बनकर उभरी। फ़िल्म ने पूरे भारत में कई सिनेमाघरों में निरंतर प्रदर्शन के लिए रिकॉर्ड तोड़ दिए, और मुंबई के मिनर्वा थिएटर में तो यह पांच साल से अधिक समय तक प्रदर्शित हुई। कुछ स्त्रोतों के अनुसार मुद्रास्फीति के लिए समायोजित करने पर यह सर्वाधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है। शोले एक डकैती-वॅस्टर्न फिल्म है, जो वॅस्टर्न शैली के साथ भारतीय डकैती फिल्मों परम्पराओं का संयोजन करती है, और साथ ही मसाला फिल्मों का एक परिभाषित उदाहरण है, जिसमें कई फिल्म शैलियों का मिश्रण पाया जाता है। विद्वानों ने फिल्म के कई विषयों का उल्लेख किया है, जैसे कि हिंसा की महिमा, सामंती विचारों का परिवर्तन, सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने वालों और संगठित होकर लूट करने वालों के बीच बहस, समलैंगिक गैर रोमानी सामाजिक बंधन और राष्ट्रीय रूपरेखा के रूप में फिल्म की भूमिका। राहुल देव बर्मन द्वारा रचित फिल्म की संगीत एल्बम और अलग से जारी हुए संवादों की संयुक्त बिक्री ने कई नए बिक्री रिकॉर्ड सेट किए। फिल्म के संवाद और कुछ पात्र बेहद लोकप्रिय हो गए और भारतीयों के दैनिक रहन-सहन हिस्सा बन गए। जनवरी २०१४ में, शोले को ३डी प्रारूप में सिनेमाघरों में फिर से रिलीज़ किया गया था। .

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सच्चाई (1969 फ़िल्म)

सच्चाई 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सत्यजित राय

सत्यजित राय (बंगाली: शॉत्तोजित् राय्) (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। इनका जन्म कला और साहित्य के जगत में जाने-माने कोलकाता (तब कलकत्ता) के एक बंगाली परिवार में हुआ था। इनकी शिक्षा प्रेसिडेंसी कॉलेज और विश्व-भारती विश्वविद्यालय में हुई। इन्होने अपने कैरियर की शुरुआत पेशेवर चित्रकार की तरह की। फ़्रांसिसी फ़िल्म निर्देशक ज़ाँ रन्वार से मिलने पर और लंदन में इतालवी फ़िल्म लाद्री दी बिसिक्लेत (Ladri di biciclette, बाइसिकल चोर) देखने के बाद फ़िल्म निर्देशन की ओर इनका रुझान हुआ। राय ने अपने जीवन में ३७ फ़िल्मों का निर्देशन किया, जिनमें फ़ीचर फ़िल्में, वृत्त चित्र और लघु फ़िल्में शामिल हैं। इनकी पहली फ़िल्म पथेर पांचाली (পথের পাঁচালী, पथ का गीत) को कान फ़िल्मोत्सव में मिले “सर्वोत्तम मानवीय प्रलेख” पुरस्कार को मिलाकर कुल ग्यारह अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। यह फ़िल्म अपराजितो (অপরাজিত) और अपुर संसार (অপুর সংসার, अपु का संसार) के साथ इनकी प्रसिद्ध अपु त्रयी में शामिल है। राय फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित कई काम ख़ुद ही करते थे — पटकथा लिखना, अभिनेता ढूंढना, पार्श्व संगीत लिखना, चलचित्रण, कला निर्देशन, संपादन और प्रचार सामग्री की रचना करना। फ़िल्में बनाने के अतिरिक्त वे कहानीकार, प्रकाशक, चित्रकार और फ़िल्म आलोचक भी थे। राय को जीवन में कई पुरस्कार मिले जिनमें अकादमी मानद पुरस्कार और भारत रत्न शामिल हैं। .

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सत्यकाम (1969 फ़िल्म)

सत्यकाम 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सबसे बड़ा सुख (1972 फ़िल्म)

सबसे बड़ा सुख 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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साथी (1968 फ़िल्म)

साथी 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सावन के गीत (1978 फ़िल्म)

सावन के गीत 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सिलसिला (1981 फ़िल्म)

सिलसिला 1981 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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सिंदूर बने ज्वाला (1982 फ़िल्म)

सिंदूर बने ज्वाला 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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सवाल (1982 फ़िल्म)

सवाल (अंग्रेजी: Question) 1982 में यश चोपड़ा द्वारा निर्मित, रमेश तलवार द्वारा निर्देशित हिन्दी फ़िल्म है। खय्याम इसके संगीतकार एवं गीतकार मजरुह सुल्तानपुरी है। इसमें शशि कपूर, संजीव कुमार, वहीदा रहमान, रणधीर कपूर, प्रेम चोपड़ा, हेलन, मैक मोहन, मदन पुरी एवं मनमोहन कृष्णा जैसे प्रमुख कलाकारों ने पात्र निभाये हैं। .

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संघर्ष (1968 फ़िल्म)

संघर्ष 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सुबह ओ श्याम (1972 फ़िल्म)

सुबह ओ श्याम 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सुराग (1982 फ़िल्म)

सुराग 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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स्मगलर (1966 फ़िल्म)

स्मगलर 1966 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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स्वयंवर (1980 फ़िल्म)

स्वयंवर 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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स्वर्ग नर्क (१९७८ फ़िल्म)

स्वर्ग नरक (अंग्रेजी: Heaven and Hell) 1978 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सूरज और चंदा (1973 फ़िल्म)

सूरज और चंदा 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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सीता और गीता (1972 फ़िल्म)

सीता और गीता 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसमे हेमा मालिनी दोहरी भूमिका मे है। .

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हथकड़ी (1982 फ़िल्म)

हथकड़ी 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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हम पाँच (१९८० फ़िल्म)

हम पाँच 1980 में बनी हिन्दी फ़िल्म है। .

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हमारे तुम्हारे (1979 फ़िल्म)

हमारे तुम्हारे 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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हाथों की लकीरें (1986 फ़िल्म)

हाथों की लकीरें 1986 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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हिन्दी सिनेमा

हिन्दी सिनेमा, जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दी भाषा में फ़िल्म बनाने का उद्योग है। बॉलीवुड नाम अंग्रेज़ी सिनेमा उद्योग हॉलिवुड के तर्ज़ पर रखा गया है। हिन्दी फ़िल्म उद्योग मुख्यतः मुम्बई शहर में बसा है। ये फ़िल्में हिन्दुस्तान, पाकिस्तान और दुनिया के कई देशों के लोगों के दिलों की धड़कन हैं। हर फ़िल्म में कई संगीतमय गाने होते हैं। इन फ़िल्मों में हिन्दी की "हिन्दुस्तानी" शैली का चलन है। हिन्दी और उर्दू (खड़ीबोली) के साथ साथ अवधी, बम्बईया हिन्दी, भोजपुरी, राजस्थानी जैसी बोलियाँ भी संवाद और गानों में उपयुक्त होते हैं। प्यार, देशभक्ति, परिवार, अपराध, भय, इत्यादि मुख्य विषय होते हैं। ज़्यादातर गाने उर्दू शायरी पर आधारित होते हैं।भारत में सबसे बड़ी फिल्म निर्माताओं में से एक, शुद्ध बॉक्स ऑफिस राजस्व का 43% का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि तमिल और तेलुगू सिनेमा 36% का प्रतिनिधित्व करते हैं,क्षेत्रीय सिनेमा के बाकी 2014 के रूप में 21% का गठन है। बॉलीवुड भी दुनिया में फिल्म निर्माण के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है। बॉलीवुड कार्यरत लोगों की संख्या और निर्मित फिल्मों की संख्या के मामले में दुनिया में सबसे बड़ी फिल्म उद्योगों में से एक है।Matusitz, जे, और पायानो, पी के अनुसार, वर्ष 2011 में 3.5 अरब से अधिक टिकट ग्लोब जो तुलना में हॉलीवुड 900,000 से अधिक टिकट है भर में बेच दिया गया था। बॉलीवुड 1969 में भारतीय सिनेमा में निर्मित फिल्मों की कुल के बाहर 2014 में 252 फिल्मों का निर्माण। .

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हिंदी चलचित्र, १९६० दशक

1960 दशक के हिंदी चलचित्र .

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हिंदी चलचित्र, १९७० दशक

1970 के दशक के सबसे सफल चलचित्र है: .

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हिंदी चलचित्र, १९८० दशक

1980 के दशक के हिंदी चलचित्र: .

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हुस्न और इश्क (1966 फ़िल्म)

हुस्न और इश्क 1966 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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हीरो (1983 फ़िल्म)

हीरो १९८३ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। अनिल जयसवाल ने बनायी है| .

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ज़बरदस्त (1985 फ़िल्म)

ज़बरदस्त 1985 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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ज़िन्दगी (1976 फ़िल्म)

ज़िन्दगी (अंग्रेज़ी: Life) 1976 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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जानी दुश्मन (1979 फ़िल्म)

जानी दुश्मन 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ज्योति (1969 फ़िल्म)

ज्योति 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ज्योति बने ज्वाला (1980 फ़िल्म)

ज्योति बने ज्वाला 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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जीने की राह (1969 फ़िल्म)

जीने की राह 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ईमान (1974 फ़िल्म)

ईमान 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ईमान धर्म (१९७७ फ़िल्म)

ईमान धर्म 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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घर की लाज (1979 फ़िल्म)

घर की लाज 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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विधाता (1982 फ़िल्म)

विधाता १९८२ में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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विश्वासघात (1977 फ़िल्म)

विश्वासघात 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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वक्त की दीवार (1981 फ़िल्म)

वक्त की दीवार 1981 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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खिलौना (1970 फ़िल्म)

खिलौना १९७० में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फ़िल्म के निर्देशक हैं चंदर वोहरा। इस फ़िल्म को फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों में छः श्रेणियों में नामांकित किया गया था और इसने दो श्रेणियों में पुरस्कार जीते। .

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खुद्दार (1982 फ़िल्म)

खुद्दार 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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ग़ुस्ताखी माफ़ (1969 फ़िल्म)

ग़ुस्ताखी माफ़ 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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गुनाह और कानून (1970 फ़िल्म)

गुनाह और कानून 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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गुलज़ार (गीतकार)

ग़ुलज़ार नाम से प्रसिद्ध सम्पूर्ण सिंह कालरा (जन्म-१८ अगस्त १९३६) हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार हैं। इसके अतिरिक्त वे एक कवि, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक तथा नाटककार हैं। उनकी रचनाए मुख्यतः हिन्दी, उर्दू तथा पंजाबी में हैं, परन्तु ब्रज भाषा, खङी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी में भी इन्होने रचनाये की। गुलजार को वर्ष २००२ में सहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष २००४ में भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष २००९ में डैनी बॉयल निर्देशित फिल्म स्लम्डाग मिलियनेयर में उनके द्वारा लिखे गीत जय हो के लिये उन्हे सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर पुरस्कार पुरस्कार मिल चुका है। इसी गीत के लिये उन्हे ग्रैमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। .

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गौरी (1968 फ़िल्म)

गौरी 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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गृह प्रवेश (1979 फ़िल्म)

गृह प्रवेश 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आँधी (1975 फ़िल्म)

आँधी (अंग्रेजी: storm) 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आप की कसम (1974 फ़िल्म)

आप की कसम 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आलाप (1977 फ़िल्म)

आलाप 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आशीर्वाद (1968 फ़िल्म)

आशीर्वाद 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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आक्रमण (1975 फ़िल्म)

आक्रमण 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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इतनी सी बात (1981 फ़िल्म)

इतनी सी बात 1981 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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इन्दिरा गांधी

युवा इन्दिरा नेहरू औरमहात्मा गांधी एक अनशन के दौरान इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी (जन्म उपनाम: नेहरू) (19 नवंबर 1917-31 अक्टूबर 1984) वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। .

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इन्साफ का मन्दिर (1969 फ़िल्म)

इन्साफ का मन्दिर 1969 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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इंसान और शैतान (1970 फ़िल्म)

इंसान और शैतान 1970 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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कत्ल (1986 फ़िल्म)

कत्ल 1986 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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काँच की दीवार (1986 फ़िल्म)

काँच की दीवार 1986 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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कालपी (1966 फ़िल्म)

कालपी 1966 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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काला पत्थर (१९७९ फ़िल्म)

काला पत्थर 1979 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फिल्म की कहानी धनबाद में 1975 के चासनाला के खान दुर्घटना से प्रेरित थी। इस दुर्घटना मे सरकारी आँकडो़ के अनुसार 375 लोग मारे गये थे। .

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कंगन (1971 फ़िल्म)

कंगन 1971 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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कुँवारा बाप (1974 फ़िल्म)

कुँवारा बाप 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है जिसके निर्माता अमरलाल चबरिया और निर्देशक महमूद हैं। .

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कोशिश (1972 फ़िल्म)

कोशिश 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अनहोनी (1973 फ़िल्म)

अनहोनी 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अनामिका (1973 फ़िल्म)

अनामिका 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अनुभव (1971 फ़िल्म)

अनुभव 1971 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। प्रसिद्द निर्देशक बासू भट्टाचार्य द्वारा निर्मित फिल्म जिसमे संजीव कुमार, तनुजा और दिनेश ठाकुर मुख्य भूमिका निभाये| यह निर्देशक की, शहरी जीवनशैली के कारण गृहस्थ जीवन में तनाव को दर्शाता, विश्लेषकत्रय में से है जिसके अन्य फ़िल्में है आविष्कार (1973) और गृहप्रवेश (1979)| आगे चलकर फिल्म जगत में यह एक प्रमुख विषय रहा| .

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अनोखी रात

अनोखी रात 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अपनापन (1977 फ़िल्म)

अपनापन १९७७ में बनी एक हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फिल्म की कहानी में नायक दिल्ली में नया आता है व उसका एक महिला के साथ प्यार हो जाता है। बाद में नायिका को पता चलता है की नायक पहले से शादीशुदा है व उसके एक बच्चा भी है। .

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अपने दुश्मन (1975 फ़िल्म)

अपने दुश्मन 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अपने रंग हज़ार (1975 फ़िल्म)

अपने रंग हज़ार (1975 फ़िल्म) अपने रंग हज़ार 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अब्दुल्ला (1980 फ़िल्म)

अब्दुल्ला 1980 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन (जन्म-११ अक्टूबर, १९४२) बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय अभिनेता हैं। १९७० के दशक के दौरान उन्होंने बड़ी लोकप्रियता प्राप्त की और तब से भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे प्रमुख व्यक्तित्व बन गए हैं। बच्चन ने अपने करियर में कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार शामिल हैं। उनके नाम सर्वाधिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फ़िल्मफेयर अवार्ड का रिकार्ड है। अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायक, फ़िल्म निर्माता और टीवी प्रस्तोता और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में १९८४ से १९८७ तक भूमिका की हैं। इन्होंने प्रसिद्द टी.वी.

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अय्याश (1982 फ़िल्म)

अय्याश 1982 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। .

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अर्चना (1974 फ़िल्म)

अर्चना 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अर्जुन पंडित (1976 फ़िल्म)

अर्जुन पंडित 1976 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अग्नि रेखा (1973 फ़िल्म)

अग्नि रेखा 1973 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अंगारे (1977 फ़िल्म)

अंगारे 1977 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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अंगूर (1982 फ़िल्म)

अंगूर अंगूर वर्ष 1982 में रिलीज़ हुई हिंदी कॉमेडी फिल्म है जिसका निर्देशन प्रसिद्ध फिल्मकार गुलज़ार ने किया है। ये फिल्म अंग्रेजी के महान नाटककार विलियम शेक्सपियर के नाटक- ‘कॉमेडी ऑफ़ एरर्स’ पर आधारित है। .

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उलझन (1975 फ़िल्म)

उलझन 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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१९३८

1938 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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१९८५

1985 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

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६ नवम्बर

६ नवंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३१०वाँ (लीप वर्ष मे 311 वॉ) दिन है। साल मे अभी और ५५ दिन बाकी है। .

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2014 की बॉलीवुड फिल्में

यह वर्ष 2014 में प्रदर्शित हुई बॉलीवुड फ़िल्मों की सूची है। .

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