लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
इंस्टॉल करें
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

संचार

सूची संचार

संचार प्रेषक का प्राप्तकर्ता को सूचना भेजने की प्रक्रिया है जिसमे जानकारी पहुंचाने के लिए ऐसे माध्यम (medium) का प्रयोग किया जाता है जिससे संप्रेषित सूचना प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों समझ सकें यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिस के द्वारा प्राणी विभिन्न माध्यमों के द्वारा सूचना का आदान प्रदान कर सकते हैं संचार की मांग है कि सभी पक्ष एक समान भाषा का बोध कर सकें जिस का आदान प्रदान हुआ हो, श्रावानिक (auditory) माध्यम हैं (जैसे की) बोली, गान और कभी कभी आवाज़ का स्वर एवं गैर मौखिक (nonverbal), शारीरिक माध्यम जैसे की शारीरिक हाव भाव (body language), संकेत बोली (sign language), सम भाषा (paralanguage), स्पर्श (touch), नेत्र संपर्क (eye contact) अथवा लेखन (writing) का प्रयोग संचार की परिभाषा है - एक ऐसी क्रिया जिस के द्वारा अर्थ का निरूपण एवं संप्रेषण (convey) सांझी समझ पैदा करने का प्रयास में किया जा सके इस क्रिया में अंख्या कुशलताओं के रंगपटल की आवश्यकता है अन्तः व्यक्तिगत (intrapersonal) और अन्तर व्यक्तिगत (interpersonal) प्रक्रमण, सुन अवलोकन, बोल, पूछताछ, विश्लेषण और मूल्यांकनइन प्रक्रियाओं का उपयोग विकासात्मक है और जीवन के सभी क्षेत्रों के लिए स्थानांतरित है: घर, स्कूल, सामुदायिक, काम और परे.संचार के द्बारा ही सहयोग और पुष्टिकरण होते हैं संचारण विभिन्न माध्यमों द्बारा संदेश भेजने की अभिव्यक्ति है चाहे वह मौखिक अथवा अमौखिक हो, जब तक कोई विचारोद्दीपक विचार संचारित (transmit) हो भाव (gesture) क्रिया इत्यादि संचार कई स्तरों पर (एक एकल कार्रवाई के लिए भी), कई अलग अलग तरीकों से होता है और अधिकतम प्राणियों के लिए, साथ ही कुछ मशीनों के लिए भी.यदि समस्त नहीं तो अधिकतम अध्ययन के क्षेत्र संचार करने के लिए ध्यान के एक हिस्से को समर्पित करते हैं, इसलिए जब संचार के बारे में बात की जाए तो यह जानना आवश्यक है कि संचार के किस पहलू के बारे में बात हो रही है। संचार की परिभाषाएँ श्रेणी व्यापक हैं, कुछ पहचानती हैं कि पशु आपस में और मनुष्यों से संवाद कर सकते हैं और कुछ सीमित हैं एवं केवल मानवों को ही मानव प्रतीकात्मक बातचीत के मापदंडों के भीतर शामिल करते हैं बहरहाल, संचार आमतौर पर कुछ प्रमुख आयाम साथ में वर्णित है: विषय वस्तु (किस प्रकार की वस्तुएं संचारित हो रहीं हैं), स्रोत, स्कंदन करने वाला, प्रेषक या कूट लेखक (encoder) (किस के द्वारा), रूप (किस रूप में), चैनल (किस माध्यम से), गंतव्य, रिसीवर, लक्ष्य या कूटवाचक (decoder) (किस को) एवं उद्देश्य या व्यावहारिक पहलू.पार्टियों के बीच, संचार में शामिल है वेह कर्म जो ज्ञान और अनुभव प्रदान करें, सलाह और आदेश दें और सवाल पूछें यह कर्म अनेक रूप ले सकते है, संचार के विभिन्न शिष्टाचार के कई रूपों में से उस का रूप समूह संप्रेषण की क्षमता पर निर्भर करता हैसंचार, तत्त्व और रूप साथ में संदेश (message) बनाते हैं जो गंतव्य (destination) की ओर भेजा जाता हैलक्ष्य ख़ुद, दूसरा व्यक्ति (person) या हस्ती, दूसरा अस्तित्व (जैसे एक निगम या हस्ती के समूह) हो सकते हैं संचार प्रक्रियासूचना प्रसारण (information transmission) के तीन स्तरों द्वारा नियंत्रित शब्दार्थ वैज्ञानिक (semiotic) नियमों के रूप में देखा जा सकता है.

68 संबंधों: टाटा समूह, ट्रांसमीटर, एचएएल ध्रुव, ऐविओनिकी, तृतीयक क्षेत्र, दूरसंचार, निवेश/निर्गम, परिवर्तन तनाव और नवाचार के प्रबंध, प्रकाशिक संचार, बायोमेट्रिक्स, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, बंगबंधु-1, बोलना, बीज-लेखन, भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची, भारत से प्रकाशित होने वाले मराठी भाषा के समाचार पत्र, भौतिकी की शब्दावली, मध्य भू कक्षा, मीडिया (संचार), रमेश ठाकुर, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह, लॉर्ड डलहौजी, शिशु, समाचारपत्र, समाजशास्त्र, समकालीन, सारणी, सारा पॉलिन, संचार, संचार व्यवस्था, संचार का इतिहास, संक्षिप्त सन्देश सेवा, सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी, सूर्य देवता, हिन्दी पत्रिकाएँ, हिमाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश की जलवायु, ह्यू जैकमैन, हैदराबाद, जनसांख्यिकी, जनसंपर्क, जिटर, जीसैट-11, जीसैट-12, जीसैट-16, जीसैट-17, जीसैट-18, जीसैट-20, जीसैट-29, जीसैट-6ए, ..., जीसैट-7ए, वायु यातायात सेवा, विद्युत संकेत, विज़क्राफ्ट इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, गोकोंग्वेई अभियांत्रिकी महाविद्यालय, इनसैट-1ए, इनसैट-1बी, इनसैट-3ए, इनसैट-3सी, इनसैट-3ई, इनसैट-4ई, क्लाउड कंप्यूटिंग, अधिकतम शक्ति का प्रमेय, अभिवादन, अशाब्दिक संप्रेषण, अंतरिक्ष यान, अंतरजाल, अंग्रेज़ी भाषा सूचकांक विस्तार (18 अधिक) »

टाटा समूह

टाटा समूह एक निजी व्यवसायिक समूह है जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। वर्तमान में इसके अध्यक्ष रतन टाटा हैं टाटा समूह के चेयरमेन रतन टाटा ने 28 दिसम्बर 2012 को सायरस मिस्त्री को टाटा समूह का उत्तराधिकारी नियुक्त किया। रतन टाटा पिछले 50 सालों से टाटा समूह से जुड़े हैं वे 21 सालों तक टाटा समूह के अध्यक्ष रहे। रतन टाटा ने जे आर डी टाटा के बाद 1991 में कार्यभार संभाला। टाटा परिवार का एक सदस्य ही हमेशा टाटा समूह का अध्यक्ष रहा है। इसका कार्यक्षेत्र अनेक व्यवसायों व व्यवसाय से सम्बंधित सेवाओं के क्षेत्र में फैला हुआ है - जैसे इंजिनियरंग, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, वाहन, रासायनिक उद्योग, ऊर्जा, साफ्टवेयर, होटल, इस्पात एवं उपभोक्ता सामग्री। टाटा समूह की सफलता को इसके आंकडे बखूबी बयां करते हैं। 2005-06 में इसकी कुल आय $967229 मिलियन थी। ये समस्त भारत कि GDP के 2.8 % के बराबर है। 2004 के आंकड़ों के अनुसार टाटा समूह में करीब 2 लाख 46 हज़ार लोग काम करते हैं। market capitalization का आंकड़ा $57.6 बिलियन को छूता है। टाटा समूह कि कुल 96 कम्पनियां 7 अलग अलग व्यवसायिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन 96 में से केवल 28 publicly listed कम्पनियाँ हैं। टाटा समूह ६ महाद्वीपों के 40 से भी अधिक देशों में सक्रिय है। टाटा समूह दुनिया के 140 से भी अधिक देशों को उत्पाद व सेवाएँ निर्यात करता है। इसके करीब 65.8% भाग पर टाटा के Charitable Trust का मालिकाना हक है। टिस्को (TISCO), जिसे अब टाटा स्टील (Tata steel) के नाम से जाना जाता है, की स्थापना 1907 में भारत के पहले लोहा व इस्पात कारखाने के तौर पर हुई थी। इसकी स्थापना जमशेदपुर में हुई थी जिसे लोग टाटा नगर भी पुकारते हैं। इस्पात (steel) व लोहे का असल उत्पादन 1912 में शुरू हुआ। यह दुनिया में सबसे किफायती दरों पर इस्पात का निर्माण करता है। इसका मुख्य कारण है कि समूह की ही एक अन्य कंपनी इसे कच्चा माल, जैसे कोयला और लोहा आदि, उपलब्ध कराती है। 1910 में टाटा जलविद्युत शक्ति आपूर्ति कम्पनी (Tata Hydro-Electric Power Supply Company) की स्थापना हुई। 1917 में टाटा आयल मिल्स (Tata Oil Mill) की स्थापना के साथ ही समूह ने घरेलू वस्तुयों के क्षेत्र में कदम रखा और साबुन, कपडे धोने के साबुन, डिटर्जेंट्स (detergents), खाना पकाने के तेल आदि का निर्माण शुरू किया। 1932 में टाटा एयरलाइन्स (Tata Airlines) की शुरुआत हुई। टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) का आगमन 1939 में हुआ। टेल्को (TELCO), जिसे अब टाटा मोटर्स (TataMotors) के नाम से जाना जाता है, ने 1945 में रेल इंजनों और अन्य मशीनी उत्पादों का निर्माण शुरू किया। जनवरी 2007 का महीना टाटा समूह के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। टाटा स्टील ने यूनाइटेड किंगडम (UK) में स्थित कोरस समूह (Corus Group) की सफल बोली लगा कर उसे हासिल किया। कोरस समूह दुनिया की सबसे बड़ी लोहा व इस्पात निर्माण कंपनी है। बोली के अप्रत्याशित 9 दौर चले जिसके अंत में टाटा समूह ने कोरस का 100 प्रति शत हिस्सा 608 पाउंड प्रति शेयर (नकद) के हिसाब से कुल 12.

नई!!: संचार और टाटा समूह · और देखें »

ट्रांसमीटर

लन्दन के क्रिस्टल पैलेस ट्रान्समिटर का एन्टेना टावर प्रेषित्र, प्रेषी या ट्रान्समीटर (Transmitter) एक ऐसी प्रणाली है जो रेडियो, दूरदर्शन या संचार के विद्युतचुम्बकीय संकेतों को प्रसारित करता है। इसके लिये प्राय: उपयुक्त प्रकार के एन्टेना की मदद ली जाती है। .

नई!!: संचार और ट्रांसमीटर · और देखें »

एचएएल ध्रुव

ध्रुव हैलीकॉप्टर हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित और निर्मित भारत का एक बहूद्देशीय हैलीकॉप्टर है। इसकी भारतीय सशस्त्र बलों को आपूर्ति की जा रही है और एक नागरिक संस्करण भी उपलब्ध है। इसे पहले नेपाल और इज़रायल को निर्यात किया गया था फिर सैन्य और वाणिज्यिक उपयोग के लिए कई अन्य देशों द्वारा मंगाया गया है। सैन्य संस्करण परिवहन, उपयोगिता, टोही और चिकित्सा निकास भूमिकाओं में उत्पादित किये जा रहे हैं। ध्रुव मंच के आधार पर, एच ए एल हल्का लड़ाकू हेलीकाप्टर, एक लड़ाकू हेलीकाप्टर और एचएएल लाइट अवलोकन हेलीकाप्टर, एक उपयोगिता और प्रेक्षण हेलिकॉप्टर विकसित किए गए है। .

नई!!: संचार और एचएएल ध्रुव · और देखें »

ऐविओनिकी

ऐविओनिकी शब्द का अर्थ है उड़ान में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स| इसमें मुख्यतः संचार, नेविगेशन, नियंत्रण और डिजिटल प्रदर्शन से सम्बंधित हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर का निर्माण और संचालन सम्मिलित होता है| प्रक्षेपण यान में प्रयुक्त ऐविओनिकी श्रेणी:इलेक्ट्रॉनिक्स.

नई!!: संचार और ऐविओनिकी · और देखें »

तृतीयक क्षेत्र

अर्थव्यवस्था के तृतीयक क्षेत्र (tertiary sector of economy) को 'सेवा क्षेत्र' (service sector) भी कहते हैं। अर्थव्यवस्था के अन्य दो क्षेत्र 'प्राथमिक क्षेत्र' (कृषि, पशुपालन, मछली पालन आदि) तथा 'द्वितीयक क्षेत्र (विनिर्माण) हैं। तृतीयक क्षेत्र का विकास २०वीं शताब्दी के आरम्भ में शुरू हुआ। इसके अन्तर्गत व्यापार, यातायात, संप्रेषण (कमुनिकेशन्स), वित्त, पर्यटन, सत्कार (हॉस्पितैलिटी), संस्कृति, मनोरंजन, लोक प्रशासन एवं लोक सेवा, सूचना, न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि आते हैं। .

नई!!: संचार और तृतीयक क्षेत्र · और देखें »

दूरसंचार

दूरसंचार (Telecommunication) शब्द का प्रयोग किसी विद्युत संकेत का किसी दूरार्ध क्षेत्र तक संचारित या प्रेषित करने के अर्थ में होता है। .

नई!!: संचार और दूरसंचार · और देखें »

निवेश/निर्गम

निवेश/निर्गम (input/output, इन्पुट/आउटपुट) या आई/ओ (I/O) किसी संगणक (कम्प्यूटर) और प्रयोगकर्ता या किसी अन्य सूचना प्रणाली के बीच में सूचना के संचार को कहते हैं। निवेश (input) वह संकेत होते हैं जो बाहरी दुनिया से संगणक को प्राप्त होते हैं और निर्गम (output) वह संकेत होते हैं जो संगणक से बाहरी दुनिया को जाते हैं। आमतौर से इन संकेतों का प्रसार परिधीय यंत्रों के द्वारा करा जाता है। .

नई!!: संचार और निवेश/निर्गम · और देखें »

परिवर्तन तनाव और नवाचार के प्रबंध

परिवर्तन एक संगठन के पर्यावरण, संरचना, प्रौद्योगिकी, या लोगों मे बद्लव् होता है। संगठनात्मक परिवर्तन तब होती है जब एक कंपनी एक संक्रमण से अपनी वर्तमान स्थिति के लिए कुछ वांछित भविष्य राज्य बनाता है। अगर परिव्रर्तन नही होता तो, प्रबंधक का काम आसान हो जाता। योजना करना आसान होता क्यूं कि आज और आने वाला कल मे कोई परिवर्तन नही होता। उसी तरह निर्णय लेना आसान हो क्यु कि अनिश्चितता नही होती। पर परिवर्तन तो हर संगठन कि सचाई है। परिवर्तन को संभालना हर प्रबंधक कि काम है। कर्मचारियों के लिए,परिवर्तन ही तनाव का कारण है। एक गतिशील और अनिश्चित माहौल से कर्मचारियों की बड़ी संख्या तनाव मे है। तनाव एक जटिल मुद्दा है। बाधाओं और मांगों के व्दारा तनाव कर्मचारियों मे बड रहा है। दबाव तनाव एक कारण है।इस संदर्भ में, शब्द 'तनाव' का केवल एक ही मतलब महत्वपूर्ण नकारात्मक परिणाम है, या संदर्भित संकट, हंस सेयेले(Hans Selye) के अनुसार जिसे वो युस्त्रेस्स् (eustress) कहता है, तनाव का परिणाम सहायक या अन्यथा सकारात्मक रहता है। तनाव कई शारीरिक और मानसिक लक्षण है जो प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति के अनुसार बदलव् पैदा करता है। ये शारीरिक स्वास्थ्य गिरावट के रूप में अच्छी तरह से शामिल कर सकता है। तनाव प्रबंधन की प्रक्रिया आधुनिक समाज में एक खुश और सफल जीवन की कुंजी से एक के रूप में नामित किया गया है। नवाचार प्रबंधन नवाचार प्रक्रियाओं का प्रबंधन है। यह उत्पाद और संगठनात्मक दोनों का नवाचार है। नवाचार प्रबंधन एक प्रक्रिया हे जिस्मे रचनात्मक विचार को बदलकर एक उपयोगी उत्पाद,सेवा या आपरेशन की विधि बनाया जाता है। अभिनव प्रबंधन मे प्रबंधकों और इंजीनियरों के एक सामान्य समझ के साथ प्रक्रियाओं और लक्ष्यों को समज न चहिए। अभिनव प्रबंधन संगठन को बाहरी या आंतरिक अवसरों के लिए जवाब है, और अपनी रचनात्मकता का उपयोग विचारों, प्रक्रियाओं या उत्पादों नया पेश करने की अनुमति देता है। यह अनुसंधान एवं विकास में चलता नही है। यह एक कंपनी के उत्पाद विकास, विनिर्माण और विपणन के लिए रचनात्मक योगदान करने में हर स्तर पर कार्यकर्ताओं शामिल है।प्रबंधक को संगठन मे परिवर्तन लाने के लिए नवाचार लाना होता है। .

नई!!: संचार और परिवर्तन तनाव और नवाचार के प्रबंध · और देखें »

प्रकाशिक संचार

प्रकाशिक संचार (Optical communication) प्रकाश द्वारा सूचना के संचार व प्रसारण को कहते हैं। यह व्योम, वायु, द्रव या ठोस में प्रकाश के खुले प्रसार द्वारा या इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग के साथ प्रकाश के प्रसार के साथ किया जाता है। ISBN 978-0-86341-327-8 Communications: an international history of the formative years R. W. Burns, 2004 Vol 10, Encyclopaedia Britannica, 6th Edition, 1824 pp.

नई!!: संचार और प्रकाशिक संचार · और देखें »

बायोमेट्रिक्स

वॉल्ट डिज़नी वर्ल्ड में बॉयोमेट्रिक माप मेहमानों की उंगलियों से यह सुनिश्चित करने के लिए लिये जाते हैं कि व्यक्ति की टिकट का इस्तेमाल दिन-प्रतिदिन एक ही व्यक्ति द्वारा किया जाता रहे. जैवमिति या बायोमैट्रिक्स जैविक आंकड़ों एंव तथ्यों की माप और विश्लेषण के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को कहते हैं। अंग्रेज़ी शब्द बायोमैट्रिक्स दो यूनानी शब्दों बायोस (जीवन) और मैट्रोन (मापन) से मिलकर बना है।। हिन्दुस्तान लाइव। २८ मार्च २०१० नेटवर्किंग, संचार और गत्यात्मकता में आई तेजी से किसी व्यक्ति की पहचान की जांच पड़ताल करने के विश्वसनीय तरीकों की आवश्यकता बढ़ गई है। पहले व्यक्तियों की पहचान उनके चित्र, हस्ताक्षर, हाथ के अंगूठे और अंगुलियों के निशानों से की जाती रही है, किन्तु इनमें हेरा-फेरी होने लगी। इसे देखते हुए वैज्ञानिकों ने जैविक विधि से इस समस्या का समाधान करने का तरीका खोजा है। इसका परिणाम ही बायोमैट्रिक्स है। वेनेजुएला में आम चुनावों के दौरान दोहरे मतदान को रोकने के लिए बायोमैट्रिक कार्ड का प्रयोग किया जाता है। .

नई!!: संचार और बायोमेट्रिक्स · और देखें »

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा (अंग्रेज़ी: Birla Institute of Technology Mesra; जो बीआईटी मेसरा या बीआईटी राँची के नाम से भी प्रसिद्ध है) झारखंड के राँची में स्थित भारत का अग्रणी स्वायत्त अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी उन्मुख संस्थान है। इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम १९५६ के अनुभाग ३ के तहत एक डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्ज़ा हासिल है। मुख्य परिसर के अतिरिक्त लालपुर (रांची), इलाहाबाद, कोलकाता, नोएडा, जयपुर, चेन्नई, पटना और देवघर में बीआईटी के भारतीय विस्तार पटल हैं। इनके अतिरिक्त बहरीन, मस्कट, संयुक्त अरब अमीरात और मॉरिशस में बीआईटी के अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैं। जून २००५ में एसी निलसन एवं इंडिया टुडे द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार इसे देश के दस श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में शुमार किया गया था। .

नई!!: संचार और बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान · और देखें »

बंगबंधु-1

बांगबंधु-1 या बीडी-1 (Bangabandhu-1 or BD) पहला बांग्लादेशी भू-स्थिर संचार उपग्रह है। इसे 11 मई, 2018 को लॉन्च किया गया था। इस परियोजना को बांग्लादेश दूरसंचार नियामक आयोग (बीटीआरसी) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है और इसे फाल्कन 9 ब्लॉक 5 रॉकेट द्वारा लॉन्च किया है। .

नई!!: संचार और बंगबंधु-1 · और देखें »

बोलना

बोलना (speech) वाक-शक्ति द्वारा ध्वनियों को जोड़कर बने एक विस्तृत शब्दकोश के शब्दों का प्रयोग कर के करी गई संचार की क्रिया को कहते हैं। आमतौर पर प्रभावशाली संचार के लिये बोलने में कम-से-कम १,००० शब्दों का प्रयोग देखा गया है। हर शब्द को स्वर और व्यंजन वर्णों का स्वानिक मिश्रण कर के बनाया जाता है। इन शब्दकोशों और उनमें से शब्द चुनकर वाक्यों में संगठित करने वाले वाक्यविन्यास में कई विविधताएँ हो सकती हैं जिस कारणवश विश्व में हज़ारों मानवीय भाषाएँ देखी जाती हैं। अधिकतर मानव दो या उस से अधिक भाषाओं में संचार करने में सक्षम होते हैं, यानि बहुभाषी (पॉलिग्लाट, polyglot) होते हैं। वही वाक-शक्तियाँ जो मानवों को बोलने की योग्यता देती हैं, गाने में भी प्रयोग होती हैं। बहरे लोगों में हाथ व अंगुलियों द्वारा बनाई आकृतियों से भी पूरे रूप से संचार होता है। .

नई!!: संचार और बोलना · और देखें »

बीज-लेखन

द्वितीय विश्व युद्ध में सेना के उच्च स्तरीय जनरल स्टाफ के संदेशों को कूटबद्ध करने के लिए या उन्हें गुप्त भाषा में लिखने के लिए प्रयोग की गई। Lorenz cipher) क्रिप्टोग्राफ़ी या क्रिप्टोलोजी यानि कूट-लेखन यूनानी शब्द κρυπτός,, क्रिपटोस औरγράφω ग्राफ़ो या -λογία,लोजिया (-logia), से लिया गया है। इनके अर्थ हैं क्रमशः छुपा हुआ रहस्य और मैं लिखता हूँ। यह किसी छुपी हुई जानकारी (information) का अध्ययन करने की प्रक्रिया है। आधुनिक समय में, क्रिप्टोग्राफ़ी या कूट-लेखन को गणित और कंप्यूटर विज्ञान (computer science) दोनों की एक शाखा माना जाता है और सूचना सिद्धांत (information theory), कंप्यूटर सुरक्षा (computer security) और इंजीनियरिंग से काफ़ी ज्यादा जुड़ा हुआ है। तकनीकी रूप से उन्नत समाज में कूटलेखन के अनुप्रयोग कई रूपों में मौजूद हैं। उदाहरण के लिये - एटीएम कार्ड (ATM cards), कंप्यूटर पासवर्ड (computer passwords) और इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य (electronic commerce)- ये सभी कूटलेखन पर निर्भर करते हैं। .

नई!!: संचार और बीज-लेखन · और देखें »

भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची

भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची। भारत ने सर्वाधिक हिंदी भाषा के समाचार पत्र सर्कुलेट होते हैं उसके बाद इंग्लिश और उर्दू समाचारपत्रों का स्थान है। .

नई!!: संचार और भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची · और देखें »

भारत से प्रकाशित होने वाले मराठी भाषा के समाचार पत्र

यह सूची भारत मे प्रकाशित होने वाले मराठी भाषा के समाचार पत्रों की है.

नई!!: संचार और भारत से प्रकाशित होने वाले मराठी भाषा के समाचार पत्र · और देखें »

भौतिकी की शब्दावली

* ढाँचा (Framework).

नई!!: संचार और भौतिकी की शब्दावली · और देखें »

मध्य भू कक्षा

मध्य भू कक्षा (Medium Earth orbit) (MEO), जिसे कभी कभी अंतरमाध्यमिक वृताकार कक्षा (intermediate circular orbit (ICO)) भी कहते हैं, पृथ्वी के वायुमंडल में निम्न भू कक्षा से उपर और भू-स्थिर कक्षा से नीचे का क्षेत्र है जो कि लगभग की ऊंचाई पर स्थित है। इस क्षेत्र में घूम रहे उपग्रहोंं का मुख्य कार्य भ्रमण (नैवीगेशन), संचार और अंतरिक्षीय वायुमंडल का अध्धयन करना होता है। इस कक्षा में सबसे आम ऊँचाई लगभग) की है जिससे १२ घंटों की कक्षीय अवधि बनती है। इस अवधि को जीपीएस के उपग्रहों द्वारा उपयोग होता है। मध्य भू कक्षा में मौजूद अन्य प्रमुख उपग्रहों में हैं ग्लोनास (जिसकी ऊँचाई है) और गैलिलियो (ऊँचाई) उपग्रह नक्षत्र। उत्तर और दक्षिण ध्रुव तक संचार सुविधाएँ पहुँचाने वाले उपग्रहों को भी मध्य भू कक्षा में ही रखा गया है। मिओ उपग्रहों की कक्षीय अवधि २ से २४ घंटों तक की हो सकती है। इस कक्षा में बहुत सारे उपग्रह पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। .

नई!!: संचार और मध्य भू कक्षा · और देखें »

मीडिया (संचार)

मीडिया (Media), सूचनाओं और आँकड़ों को संरक्षित एवं संप्रेषित करने वाले उपकरण अथवा सामूहिक संचार है। .

नई!!: संचार और मीडिया (संचार) · और देखें »

रमेश ठाकुर

रमेश ठाकुर या रमेश ठाकुर पत्रकार (जन्म नाम रमेश सिंह) एक भारतीय वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और ब्लॉगर है। जिनका जन्म १० अगस्त १९८३ को पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। इन्होंने अपने पत्रकारिता कैरियर भारत के कई जाने माने समाचार पत्रों के लिए कार्य किया। .

नई!!: संचार और रमेश ठाकुर · और देखें »

रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह

रिलायंस अनिल धीरूभाई अम्बानी समूह कई कम्पनियों वाला एक औद्योगिक घराना या समूह है। अनिल अंबानी इसके मालिक हैं। मुकेश अंबानी एवं अनिल अम्बाणी के आपसी झगड़े के कारण रिलायंस इण्डस्ट्रीज के विभाजन हुआ और यह समूह अस्तित्व में आया। इसके लगभग ८० लाख शेयर धारक हैं जिससे यह विश्व का सबसे अधिक अंशधारकों वाला समूह बन गया है। इस समूह के अन्तर्गत निम्नलिखित कम्पनियाँ हैं.

नई!!: संचार और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह · और देखें »

लॉर्ड डलहौजी

लॉर्ड डलहौजी भारत में ब्रिटिश राज का गवर्नर जनरल था और उसका प्रशासन चलाने का तरीका साम्राज्यवाद से प्रेरित था। उसके काल मे राज्य विस्तार का काम अपने चरम पर था। .

नई!!: संचार और लॉर्ड डलहौजी · और देखें »

शिशु

एक रोता हुआ नवजात शिशु शिशु पृथ्वी पर किसी भी मानव (प्राणी) की सबसे पहली अवस्था है। जन्म से एक मास तक की आयु का शिशु नवजात (नया जन्मा) कहलाता है जबकि एक महीने से तीन साल तक के बच्चे को सिर्फ शिशु कहते हैं। आम बोल चाल की भाषा मे नवजात और शिशु दोनो को ही बच्चा कहते हैं। एक दूसरी परिभाषा के अनुसार जबतक बालक या बालिका आठ वर्ष के नहीं हो जाते तब तक वे शिशु कहलाते हैं। .

नई!!: संचार और शिशु · और देखें »

समाचारपत्र

अर्जेंटीना की एक सड़क पर स्थित एक समाचारपत्र की टपरी समाचार पत्र या अख़बार, समाचारो पर आधारित एक प्रकाशन है, जिसमें मुख्यत: सामयिक घटनायें, राजनीति, खेल-कूद, व्यक्तित्व, विज्ञापन इत्यादि जानकारियां सस्ते कागज पर छपी होती है। समाचार पत्र संचार के साधनो में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। समाचारपत्र प्रायः दैनिक होते हैं लेकिन कुछ समाचार पत्र साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं छमाही भी होतें हैं। अधिकतर समाचारपत्र स्थानीय भाषाओं में और स्थानीय विषयों पर केन्द्रित होते हैं। .

नई!!: संचार और समाचारपत्र · और देखें »

समाजशास्त्र

समाजशास्त्र मानव समाज का अध्ययन है। यह सामाजिक विज्ञान की एक शाखा है, जो मानवीय सामाजिक संरचना और गतिविधियों से संबंधित जानकारी को परिष्कृत करने और उनका विकास करने के लिए, अनुभवजन्य विवेचनगिडेंस, एंथोनी, डनेर, मिशेल, एप्पल बाम, रिचर्ड.

नई!!: संचार और समाजशास्त्र · और देखें »

समकालीन

समकालीन इतिहास के उस अवधि के बारे में बताता है जो आज के लिए एकदम प्रासंगिक है तथा आधुनिक इतिहास के कुछ निश्चित परिप्रेक्ष्य से संबंधित है। हाल के समकालीन इतिहास की कमजोर परिभाषा विश्व युद्ध-II जैसी घटनाओं को शामिल करती है, लेकिन उन घटनाओं को शामिल नहीं करती जिनके प्रभाव को समाप्त किया जा चुका है। .

नई!!: संचार और समकालीन · और देखें »

सारणी

वेब ब्राउजर में प्रदर्शित एक सारणी सारणी (table) आंकड़ों को पंक्ति (rows) तथा खाना (columns) में व्यवस्थित करने का एक साधन है। इसका उपयोग संचार, अनुसंधान तथा आंकड़ा-विश्लेषण में बहुतायत में होता है। सारणी प्रिंट मिडिया, हस्तलिखित नोट, कंप्युटर सॉफ्टवेयर, ट्रैफिक संकेतों, तथा अनेकानेक जगहों पर देखने को मिल जाती है। .

नई!!: संचार और सारणी · और देखें »

सारा पॉलिन

सारा लुईस पॉलिन (पूर्वकुलनाम - हीथ; जन्म - 11 फ़रवरी 1964) एक अमेरिकी राजनेत्री, लेखिका, वक्ता और राजनीतिक समाचारों की भाष्यकार हैं जो अलास्का की गवर्नर निर्वाचित होने वाली अब तक की सबसे युवा व्यक्ति और पहली महिला थी। उन्होंने 2006 से 2009 में इस्तीफ़ा देने तक गवर्नर के रूप में अपनी सेवा प्रदान की। अगस्त 2008 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के प्रार्थी जॉन मैककेन द्वारा उसी वर्ष के राष्ट्रपति पद के चुनाव में उनके साथी उम्मीदवार के रूप में चुनी जाने वाली पॉलिन एक बहुमत पार्टी के राष्ट्रीय टिकट की पहली अलास्कन उमीदवार के साथ-साथ रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उप-राष्ट्रपति पद की पहली महिला उम्मीदवार थी। 3 जुलाई 2009 को पॉलिन ने घोषणा की कि वह गवर्नर के रूप में फिर से निर्वाचित होने की मांग नहीं करेगी और साथ में यह भी कहा कि अपने कार्यकाल के पूरे होने से अठारह महीने पहले 26 जुलाई 2009 को प्रभावी रूप से इस्तीफ़ा देने वाली है। उन्होंने नैतिकता की शिकायतों का उदाहरण प्रस्तुत किया जिसे जॉन मैककेन की साथी उम्मीदवार के रूप में उनके चुने जाने के बाद दायर किया गया था जो उनकी इस्तीफ़ा के कई कारणों में से एक कारण था, उन्होंने कहा कि राज्य का शासन-कार्य करने की उनकी क्षमता पर इस परिणामी जांच-पड़ताल का काफी असर पड़ा था। 2008 में मैककेन-पॉलिन टिकट की हार से पहले यह अटकलबाज़ी शुरू हो गई थी कि वह रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से 2012 में राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए खड़ी होगी। फरवरी 2010 में उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह इसकी सम्भावना का विकल्प खुला रखेंगी.

नई!!: संचार और सारा पॉलिन · और देखें »

संचार

संचार प्रेषक का प्राप्तकर्ता को सूचना भेजने की प्रक्रिया है जिसमे जानकारी पहुंचाने के लिए ऐसे माध्यम (medium) का प्रयोग किया जाता है जिससे संप्रेषित सूचना प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों समझ सकें यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिस के द्वारा प्राणी विभिन्न माध्यमों के द्वारा सूचना का आदान प्रदान कर सकते हैं संचार की मांग है कि सभी पक्ष एक समान भाषा का बोध कर सकें जिस का आदान प्रदान हुआ हो, श्रावानिक (auditory) माध्यम हैं (जैसे की) बोली, गान और कभी कभी आवाज़ का स्वर एवं गैर मौखिक (nonverbal), शारीरिक माध्यम जैसे की शारीरिक हाव भाव (body language), संकेत बोली (sign language), सम भाषा (paralanguage), स्पर्श (touch), नेत्र संपर्क (eye contact) अथवा लेखन (writing) का प्रयोग संचार की परिभाषा है - एक ऐसी क्रिया जिस के द्वारा अर्थ का निरूपण एवं संप्रेषण (convey) सांझी समझ पैदा करने का प्रयास में किया जा सके इस क्रिया में अंख्या कुशलताओं के रंगपटल की आवश्यकता है अन्तः व्यक्तिगत (intrapersonal) और अन्तर व्यक्तिगत (interpersonal) प्रक्रमण, सुन अवलोकन, बोल, पूछताछ, विश्लेषण और मूल्यांकनइन प्रक्रियाओं का उपयोग विकासात्मक है और जीवन के सभी क्षेत्रों के लिए स्थानांतरित है: घर, स्कूल, सामुदायिक, काम और परे.संचार के द्बारा ही सहयोग और पुष्टिकरण होते हैं संचारण विभिन्न माध्यमों द्बारा संदेश भेजने की अभिव्यक्ति है चाहे वह मौखिक अथवा अमौखिक हो, जब तक कोई विचारोद्दीपक विचार संचारित (transmit) हो भाव (gesture) क्रिया इत्यादि संचार कई स्तरों पर (एक एकल कार्रवाई के लिए भी), कई अलग अलग तरीकों से होता है और अधिकतम प्राणियों के लिए, साथ ही कुछ मशीनों के लिए भी.यदि समस्त नहीं तो अधिकतम अध्ययन के क्षेत्र संचार करने के लिए ध्यान के एक हिस्से को समर्पित करते हैं, इसलिए जब संचार के बारे में बात की जाए तो यह जानना आवश्यक है कि संचार के किस पहलू के बारे में बात हो रही है। संचार की परिभाषाएँ श्रेणी व्यापक हैं, कुछ पहचानती हैं कि पशु आपस में और मनुष्यों से संवाद कर सकते हैं और कुछ सीमित हैं एवं केवल मानवों को ही मानव प्रतीकात्मक बातचीत के मापदंडों के भीतर शामिल करते हैं बहरहाल, संचार आमतौर पर कुछ प्रमुख आयाम साथ में वर्णित है: विषय वस्तु (किस प्रकार की वस्तुएं संचारित हो रहीं हैं), स्रोत, स्कंदन करने वाला, प्रेषक या कूट लेखक (encoder) (किस के द्वारा), रूप (किस रूप में), चैनल (किस माध्यम से), गंतव्य, रिसीवर, लक्ष्य या कूटवाचक (decoder) (किस को) एवं उद्देश्य या व्यावहारिक पहलू.पार्टियों के बीच, संचार में शामिल है वेह कर्म जो ज्ञान और अनुभव प्रदान करें, सलाह और आदेश दें और सवाल पूछें यह कर्म अनेक रूप ले सकते है, संचार के विभिन्न शिष्टाचार के कई रूपों में से उस का रूप समूह संप्रेषण की क्षमता पर निर्भर करता हैसंचार, तत्त्व और रूप साथ में संदेश (message) बनाते हैं जो गंतव्य (destination) की ओर भेजा जाता हैलक्ष्य ख़ुद, दूसरा व्यक्ति (person) या हस्ती, दूसरा अस्तित्व (जैसे एक निगम या हस्ती के समूह) हो सकते हैं संचार प्रक्रियासूचना प्रसारण (information transmission) के तीन स्तरों द्वारा नियंत्रित शब्दार्थ वैज्ञानिक (semiotic) नियमों के रूप में देखा जा सकता है.

नई!!: संचार और संचार · और देखें »

संचार व्यवस्था

संचार सूचना के संप्रेषण की क्रिया है। इस संसार का प्रत्येक प्राणी, अपने चारों ओर के संसार के अन्य प्राणियों से लगभग निरंतर ही सूचनाओं के आदान-प्रदान की आवश्यकता का अनुभव करता है। किसी सफल संचार के लिए यह आवश्यक है कि प्रेषक एवं ग्राही दोनों ही किसी सर्वसामान्य भाषा को समझते हों। मानव निरंतर ही यह प्रयत्न करता रहा है कि उसका मानव जाति से संचार गुणता में उन्नत हो। मानव प्रागैतिहासिक काल से आधुनिक काल तक, संचार में उपयोग होने वाली नयी-नयी भाषाओं एवं विधियों की खोज करने के लिए प्रयत्नशील रहा है, ताकि संचार की गति एवं जटिलताओं के पदों में बढती आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके। संचार प्रणाली के विकास को प्रोन्नत करने वाली घटनाओं एवं उपलब्धियों के विषय में जानकारी होना लाभप्रद है। आधुनिक संचार की जड़ें 19 वी तथा 20 वीं शताब्दियों में सर जगदीश चन्द्र बोस, सेम्युल एफ.बी. मोर्स, जी मार्कोंनी तथा अलेक्जेंडर ग्राह्म बेल के कार्य द्वारा डाली गई। 20 वी शताब्दी के पहले पचास वर्षों के पश्चात इस क्षेत्र में विकास की गति नाटकीय रूप से बढी प्रतीत होती है। आगामी दशकों में हम बहुत सी अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों देख सकते है। .

नई!!: संचार और संचार व्यवस्था · और देखें »

संचार का इतिहास

संचार का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से आरम्भ होता है। संचार के अन्तर्गत तुच्छ विचार-विनिमय से लेकर शास्त्रार्थ एवं जनसंचार (mass communication) सब आते हैं। कोई २००,००० वर्ष पूर्व मानव-वाणी के प्रादुर्भाव के साथ मानव संचार में एक क्रान्ति आयी थी। लगभग ३०,००० वर्ष पूर्व प्रतीकों का विकास हुआ एवं लगभग ७००० ईसापूर्व लिपि और लेखन का विकास हुआ। इनकी तुलना में पिछली कुछ शताब्दियों में ही दूरसंचार के क्षेत्र में बहुत अधिक विकास हुआ है। .

नई!!: संचार और संचार का इतिहास · और देखें »

संक्षिप्त सन्देश सेवा

मोटोरोला आरएजेडआर मोबाइल फोन पर प्राप्त तिहरा स वर्णमाला लेआउट है। संक्षिप्त सन्देश सेवा (तिहरा स) (ऍसऍमऍस) या सरल मोबाइल सन्देश एक संचार प्रोटोकॉल (communications protocol), मोबाइल टेलीफोन उपकरणों के बीच लघु लेख संदेशों का आदान-प्रदान करने की अनुमति देता है। इस ग्रह पर 2;4 अरब सक्रिय उपभोक्तओं सहित अथवा सभी मोबाइल फोन के ग्राहकों के ७४% अपने -अपने फोनों पर संदेश भेजने एवं प्राप्त करने के लिए उपयोग करते हैं। तिहरा स प्रौद्योगिकी ने पाठ संदेश (text messaging) के विकास और वृद्धि को आसान बना दिया है। पाठ संदेश की संकल्पना और प्रोद्योगिकी को कार्य के रूप में उपयोग किया जाने लगा है भले ही किसी अलग प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता रहा हो। आधुनिक हैंडसैटों पर प्रयुक्त किए गए तिहरा स की मूल \03.40">, संक्षिप्त संदेश सेवा (SMS) का तकनीकी अहसास पर 160 करेक्टर (स्पेस सहित) तक के संदेश प्राप्त करने और भेजने के लिए उपयोग किया जाता था। तबसे इस सेवा के लिए सहयोग को वैकल्पिक मोबाइल जैसे एएनएसआई सीडीएमए नेकटवर्क (ANSI CDMA networks) और डिजीटल एएमपीएस (Digital AMPS) के साथ-साथ उपग्रह (satellite) और लैंडलाइन (landline) नेटवर्क को भी शामिल कर दिया गया है। अधिकांश तिहरा स संदेश एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल पर पाठ संदेश होते हैं जिसमें संदेश प्रसारण की मानक सहयोग वाली अन्य किस्मों का उपयोग किया जाता है। .

नई!!: संचार और संक्षिप्त सन्देश सेवा · और देखें »

सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी

सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी (Information and communication technology (ICT)), सूचना प्रौद्योगिकी का ही विस्तारित नाम है जो एकिकृत संचार के महत्व को भी रेखांकित करता है। श्रेणी:सूचना प्रौद्योगिकी.

नई!!: संचार और सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी · और देखें »

सूर्य देवता

कोई विवरण नहीं।

नई!!: संचार और सूर्य देवता · और देखें »

हिन्दी पत्रिकाएँ

हिन्दी पत्रिकाएँ सामाजिक व्‍यवस्‍था के लिए चतुर्थ स्‍तम्‍भ का कार्य करती हैं और अपनी बात को मनवाने के लिए एवं अपने पक्ष में साफ-सूथरा वातावरण तैयार करने में सदैव अमोघ अस्‍त्र का कार्य करती है। हिन्दी के विविध आन्‍दोलन और साहित्‍यिक प्रवृत्तियाँ एवं अन्‍य सामाजिक गतिविधियों को सक्रिय करने में हिन्दी पत्रिकाओं की अग्रणी भूमिका रही है।; प्रमुख हिन्दी पत्रिकाएँ- .

नई!!: संचार और हिन्दी पत्रिकाएँ · और देखें »

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश (अंग्रेज़ी: Himachal Pradesh, उच्चारण) उत्तर-पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। यह 21,629 मील² (56019 किमी²) से अधिक क्षेत्र में फ़ैला है तथा उत्तर में जम्मू कश्मीर, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में पंजाब (भारत), दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखण्ड तथा पूर्व में तिब्बत से घिरा हुआ है। हिमाचल प्रदेश का शाब्दिक अर्थ "बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत" है। हिमाचल प्रदेश को "देव भूमि" भी कहा जाता है। इस क्षेत्र में आर्यों का प्रभाव ऋग्वेद से भी पुराना है। आंग्ल-गोरखा युद्ध के बाद, यह ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के हाथ में आ गया। सन 1857 तक यह महाराजा रणजीत सिंह के शासन के अधीन पंजाब राज्य (पंजाब हिल्स के सीबा राज्य को छोड़कर) का हिस्सा था। सन 1950 मे इसे केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया, लेकिन 1971 मे इसे, हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971 के अन्तर्गत इसे 25 january 1971 को भारत का अठारहवाँ राज्य बनाया गया। हिमाचल प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय भारत के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक है । बारहमासी नदियों की बहुतायत के कारण, हिमाचल अन्य राज्यों को पनबिजली बेचता है जिनमे प्रमुख हैं दिल्ली, पंजाब (भारत) और राजस्थान। राज्य की अर्थव्यवस्था तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करती है जो हैं, पनबिजली, पर्यटन और कृषि। हिंदु राज्य की जनसंख्या का 95% हैं और प्रमुख समुदायों मे ब्राह्मण, राजपूत, घिर्थ (चौधरी), गद्दी, कन्नेत, राठी और कोली शामिल हैं। ट्रान्सपरेन्सी इंटरनैशनल के 2005 के सर्वेक्षण के अनुसार, हिमाचल प्रदेश देश में केरल के बाद दूसरी सबसे कम भ्रष्ट राज्य है। .

नई!!: संचार और हिमाचल प्रदेश · और देखें »

हिमाचल प्रदेश की जलवायु

हिमाचल में तीन ऋतुएं होती हैं। हिमाचल प्रदेश की समुद्रतल से ऊंचाई की विविधता के कारण जलवायु में भी भिन्नता है। कहीं सारा वर्ष बर्फ गिरती है, तो कहीं गर्मी होती हे। हिमाचल में गर्म पानी के चशमें भी हैं और हिमनद भी है। ऐसा समुद्रतल से ऊंचाई की भिन्नता की वजह से है। ऋतुओं का वर्णन इस प्रकार से है… ग्रीष्म ऋतु: इस ऋतु को स्थनीय भाषा में तौंदी भी कहते हैं। यह अप्रैल से जून तक होती है। कांगड़ा, ब्यास घाटी, शिवालिक पर्वत शृंखला, मंडी, बिलासपुर, ऊना आदि क्षेत्रों में गर्मी होती है। ऊपरी हिमाचल में गर्मी सुहावनी होती है। किन्नौर और लाहुल-स्पीति में जलवायू अर्द्धआर्कटिक है। ग्रीष्म ऋतु में बर्फ पिघलने से नदियों का पानी जल से भर जाता है। प्रदेश में सबसे उच्चतम तापमान जून महीने में 45 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है। शरद ऋतु: इस ऋतु को स्थानीय भाषा में हयूंद भी कहते हैं। यह अक्टूबर से मार्च तक होती है। प्रदेश के ऊपरी क्षेत्र जैसे धौलाधार, पीरपंजाल और जांस्कर पर्वत शृंखला में भारी हिमपात होता है। इस ऋतु में तापमान शून्य से 15 सेंटीग्रेड तक कम हो जाता है। इस समय संचार माध्यम शेष आदि से कट जाते है। प्रदेश के उच्च भागों में जीवन कष्टमय हो जाता है। समुद्रतल से 4,500 मीटर तक ऊंचे क्षेत्रों में सारा साल हिमपात होता ही रहता है। वर्षा ऋतु: इस ऋतु में मौसम आर्द्र रहता है। प्रदेश में औसत वर्षा 160 सेंटीमीटर होती है। धर्मशाला में सबसे अधिक वर्षा 340 सेंटीमीटर होती है। मेघालय के बाद देश में दूसरा सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान धर्मशाला में है। गत वर्षा से कासिनराम में चेरापूंजी से भी अधिक वर्षा हुई है। भारी वर्षा से नालो व नदियों में भूअपरदन और भूमि कटाव हो जाता है। प्रदेश में सबसे कम वर्ष लाहुल-स्पीति में तीस से पचास सेंटीमीटर तक होती है। भारी वर्ष से नदियो में बाढ़ आ जाती है, जिससे हर क्षेत्र में नुकसान ही नुकसान होता है। ऊना जिले में तो स्वां नदी में बाढ़ आ जाने से भारी तबाही हो जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में हर जगह रास्ते बंद हो जाते हैं और यातायात व संचार माध्यम ठप्प हो जाते हैं। श्रेणी:हिमाचल प्रदेश.

नई!!: संचार और हिमाचल प्रदेश की जलवायु · और देखें »

ह्यू जैकमैन

ह्यू माइकल जैकमैन (जन्म 12 अक्टूबर 1968) एक ऑस्ट्रेलियाई अभिनेता और निर्माता हैं, जो फिल्म, संगीत, थिएटर और टीवी से जुड़े हुए हैं.

नई!!: संचार और ह्यू जैकमैन · और देखें »

हैदराबाद

हैदराबाद (तेलुगु: హైదరాబాదు,उर्दू: حیدر آباد) भारत के राज्य तेलंगाना तथा आन्ध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी है, जो दक्कन के पठार पर मूसी नदी के किनारे स्थित है। प्राचीन काल के दस्तावेजों के अनुसार इसे भाग्यनगर के नाम से जाना जाता था। आज भी यह प्राचीन नाम अत्यन्त ही लोकप्रिय है। कहा जाता है कि किसी समय में इस ख़ूबसूरत शहर को क़ुतुबशाही परम्परा के पाँचवें शासक मुहम्मद कुली क़ुतुबशाह ने अपनी प्रेमिका भागमती को उपहार स्वरूप भेंट किया था, उस समय यह शहर भागनगर के नाम से जाना जाता था। भागनगर समय के साथ हैदराबाद के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसे 'निज़ामों का शहर' तथा 'मोतियों का शहर' भी कहा जाता है। यह भारत के सर्वाधिक विकसित नगरों में से एक है और भारत में सूचना प्रौधोगिकी एवं जैव प्रौद्यौगिकी का केन्द्र बनता जा रहा है। हुसैन सागर से विभाजित, हैदराबाद और सिकंदराबाद जुड़वां शहर हैं। हुसैन सागर का निर्माण सन १५६२ में इब्राहीम कुतुब शाह के शासन काल में हुआ था और यह एक मानव निर्मित झील है। चारमीनार, इस क्षेत्र में प्लेग महामारी के अंत की यादगार के तौर पर मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने १५९१ में, शहर के बीचों बीच बनवाया था। गोलकुंडा के क़ुतुबशाही सुल्तानों द्वारा बसाया गया यह शहर ख़ूबसूरत इमारतों, निज़ामी शानो-शौक़त और लजीज खाने के कारण मशहूर है और भारत के मानचित्र पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी अलग अहमियत रखता है। निज़ामों के इस शहर में आज भी हिन्दू-मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द्र से एक-दूसरे के साथ रहकर उनकी खुशियों में शरीक होते हैं। अपने उन्नत इतिहास, संस्कृति, उत्तर तथा दक्षिण भारत के स्थापत्य के मौलिक संगम, तथा अपनी बहुभाषी संस्कृति के लिये भौगोलिक तथा सांस्कृतिक दोनों रूपों में जाना जाता है। यह वह स्थान रहा है जहां हिन्दू और मुसलमान शांतिपूर्वक शताब्दियों से साथ साथ रह रहे हैं। निजामी ठाठ-बाट के इस शहर का मुख्य आकर्षण चारमीनार, हुसैन सागर झील, बिड़ला मंदिर, सालारजंग संग्रहालय आदि है, जो देश-विदेश इस शहर को एक अलग पहचान देते हैं। यह भारतीय महानगर बंगलौर से 574 किलोमीटर दक्षिण में, मुंबई से 750 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में तथा चेन्नई से 700 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। किसी समय नवाबी परम्परा के इस शहर में शाही हवेलियाँ और निज़ामों की संस्कृति के बीच हीरे जवाहरात का रंग उभर कर सामने आया तो कभी स्वादिष्ट नवाबी भोजन का स्वाद। इस शहर के ऐतिहासिक गोलकुंडा दुर्ग की प्रसिद्धि पार-द्वार तक पहुँची और इसे उत्तर भारत और दक्षिणांचल के बीच संवाद का अवसर सालाजार संग्रहालय तथा चारमीनार ने प्रदान किया है। वर्ष २०११ की जनगणना के अनुसार इस महानगर की जनसंख्या ६८ लाख से अधिक है। .

नई!!: संचार और हैदराबाद · और देखें »

जनसांख्यिकी

आबादी के अनुसार देशों के मानचित्र इस सदी के उत्तरार्ध के लिए मानव जनसंख्या वृद्धि को दर्शाते हुए अनुमान (चार्ट के वैकल्पिक दृश्य भी देखें). जनसांख्यिकी, मानव जनसंख्या का सांख्यिकीय अध्ययन है। यह एक बहुत सामान्य विज्ञान हो सकता है जिसे किसी भी तरह की गतिशील मानव आबादी पर लागू किया जा सकता है, अर्थात् ऐसी आबादी जो समय और स्थान के साथ-साथ परिवर्तित होती है (जनसंख्या गतिशीलता देखें).

नई!!: संचार और जनसांख्यिकी · और देखें »

जनसंपर्क

जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशन्स) का सीधा अर्थ है 'जनता से संपर्क रखना'। जनसम्पर्क एक प्रक्रिया है जो एक उद्देश्य से व्यक्ति या वस्तु की छबि, महत्व एवं विश्वास को समूह अथवा समाज में स्थापित करने में सहायक होती है। जनसंचार के विभिन्न उपकरणों के माध्यम से समाज या समूह से जीवन्त सम्बन्ध बनाने में यह सेतु का कार्य करती है। .

नई!!: संचार और जनसंपर्क · और देखें »

जिटर

जिटर समय इलेक्ट्रानिक्स और संचार में किसी सिगनल (जिसका आवर्ती होना अपेक्षित है) के शुद्ध आवर्तिता (periodicity) से विचलन जिटर (Jitter) कहलाता है। उदाहरण के लिये, माना किसी आई सी से एक १०० किलोहर्ट्ज की पल्स पैदा हो रही है। आदर्श स्थिति में इसके सभी स्पन्दों (पल्सेस) की चौड़ाई १० माइक्रोसेकेण्ड होनी चाहिये। किन्तु वास्तव में सभी स्पन्द १०० माइक्रोसेकेण्ड के न होकर इससे कुछ नैनोसेकेण्ड कम या अधिक होते हैं। यही अन्तर 'जिटर' कहलाता है। जिटर आयाम में भी सम्भव है और फेज में भी। जिटर प्रायः अवांछित चीज है। श्रेणी:विद्युत प्राचल.

नई!!: संचार और जिटर · और देखें »

जीसैट-11

जीसैट-11 (GSAT-11) एक भारतीय संचार उपग्रह है। जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित तथा भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह द्वारा संचालित किया जायेगा। यह उपग्रह देश में उन्नत दूरसंचार और डीटीएच सेवाएं प्रदान करेगा। जीसैट-11 पूरे देश के लिए प्रति सेकंड 10 गीगाबाइट की गति से डाटा संचारित कर सकता है। इसका प्रक्षेपण एरियन 5 राकेट से 2017 को गयाना अंतरिक्ष केंद्र, फ्रांस से होना है। .

नई!!: संचार और जीसैट-11 · और देखें »

जीसैट-12

जीसैट-12 (GSAT-12) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित किया गया उपग्रह है। इसका प्रक्षेपण 25 दिसंबर 2013, 01:49:32 यु.टी.सी को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से हुआ था। .

नई!!: संचार और जीसैट-12 · और देखें »

जीसैट-16

जीसैट-16 (GSAT-16) एक भारतीय संचार उपग्रह है। जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित किया गया है। यह अपने साथ 12 केयू-बैंड, 24 सी-बैंड और 12 विस्तृत सी-बैंड ले गया है। इसका प्रक्षेपण 6 दिसंबर 2014, 20:40 यु.टी.सी को गयाना अंतरिक्ष केंद्र, फ्रांस से हुआ था। .

नई!!: संचार और जीसैट-16 · और देखें »

जीसैट-17

जीसैट-17 (GSAT-17) एक भारतीय संचार उपग्रह है। जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित तथा भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह द्वारा संचालित किया जायेगा। यह अपने साथ 24 सी बैंड, 2 निम्न सी बैंड, 12 ऊपरी सी बैंड, 2 सीxएस बैंड, 2 एसxसी बैंड, 1 डीआरटी और खोज एवं बचाव पेलोड ले जायेगा। इसका प्रक्षेपण 2016-17 की समय सीमा में गयाना अंतरिक्ष केंद्र, फ्रांस से होना है। .

नई!!: संचार और जीसैट-17 · और देखें »

जीसैट-18

जीसैट-18 (GSAT-18) एक भारतीय संचार उपग्रह है। जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित तथा भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह द्वारा संचालित किया जायेगा। यह अपने साथ 24 सी बैंड, 12 विस्तृत सी बैंड, 12 केयू बैंड, 2 केयू प्रकाश स्तम्भ ले जायेगा। इसका प्रक्षेपण एरियन 5 रॉकेट द्वारा 5 अक्टूबर 2016 20:30 को गयाना अंतरिक्ष केंद्र, फ्रांस से हुआ। .

नई!!: संचार और जीसैट-18 · और देखें »

जीसैट-20

जीसैट-20 (GSAT-20) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन उपग्रह केंद्र और तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा एक संचार उपग्रह है जिसे इसरो द्वारा लॉन्च किया जाएगा। जीसैट-20 भारत के संचार उपग्रह जीसैट श्रृंखला का भाग होगा। उपग्रह का उद्देश्य भारत की स्मार्ट सिटी मिशन के लिए आवश्यक संचार बुनियादी ढांचे में डेटा ट्रांसमिशन क्षमता जोड़ना है। यह पहला पूर्ण इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन उपग्रह होगा। जिसमें रासायनिक-आधारित प्रणोदन की तुलना में पांच से छह गुना तक अधिक कुशलता हो सकता है। इस उपग्रह को इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन का उपयोग करके भू-स्थिर अंतरण कक्षा से भू-तुल्यकालिक कक्षा में स्थानांतरित किया जाएगा। यह ऐसा करने वाला इसरो का पहला उपग्रह होगा। .

नई!!: संचार और जीसैट-20 · और देखें »

जीसैट-29

जीसैट-29 (GSAT-29) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित किया जा रहा एक संचार उपग्रह है। .

नई!!: संचार और जीसैट-29 · और देखें »

जीसैट-6ए

जीसैट-6ए (GSAT-6A) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा संचालित एक संचार उपग्रह है। इसमें जीसैट-6 पर इस्तेमाल किए गए 6 मीटर (20 फीट) एस-बैंड एंटीना की सुविधा है। लिफ्ट-ऑफ के लगभग 17 मिनट बाद, जीएसएलवी एमके 2 रॉकेट की जीएसएलवी एफ08 मिशन उड़ान ने सफलतापूर्वक उपग्रह को भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा में छोड़ा। .

नई!!: संचार और जीसैट-6ए · और देखें »

जीसैट-7ए

जीसैट-7ए (GSAT-7A) भारतीय वायु सेना के लिए एक उन्नत संचार उपग्रह है। यह वर्तमान में इसरो उपग्रह केंद्र में विकसित किया जा रहा है। जीसैट-7ए भारतीय नौसेना के जीसैट-7 उपग्रह के समान होगा। भारतीय वायु सेना इसकी एकमात्र ऑपरेटर होगी। जीसैट-7ए भारतीय वायु सेना के लिए अलग-अलग जमीन राडार स्टेशन को जोड़ने में सक्षम होगा। .

नई!!: संचार और जीसैट-7ए · और देखें »

वायु यातायात सेवा

वायु यातायात सेवा में वायु मार्ग द्वारा यातायात हेतु सहायता के लिए प्रदान की जाने वाली सेवाओं को वायु यातायात सेवा कहा जाता है। इनके तीन भाग होते हैं:-.

नई!!: संचार और वायु यातायात सेवा · और देखें »

विद्युत संकेत

संचार, संकेत प्रसंस्करण और सामान्य रूप से विद्युत इंजीनियरी के सन्दर्भ में समय के साथ परिवर्तनशील या अवकाश के साथ परिवर्तनशील (spatial-varying) कोई भी राशि संकेत (signal) कहलाती है। उदाहरण के लिये किसी तापयुग्म से प्राप्त वोल्टता एक संकेत है जो तापमान की सूचना देती है। .

नई!!: संचार और विद्युत संकेत · और देखें »

विज़क्राफ्ट इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड

विज़क्राफ्ट इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, मनोरंजन और संचार के क्षेत्र से जुड़ी एक कंपनी है, जो 1988 से इस क्षेत्र में काम कर रही है। इसके तीन संस्थापक निदेशक हैं: आंद्रे टिमिंस, विराफ सरकारी और सबास जोसेफ। कंपनी ने अपरा ग्रुप ऑफ कम्पनीज़ के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम में ग्रेट इंडिया नौटंकी कंपनी की स्थापना की है, जिसने भारत के गुड़गांव शहर में किंगडम ऑफ ड्रीम्स नामक गीत-नाट्य रंगमंच स्थापित किया है। .

नई!!: संचार और विज़क्राफ्ट इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड · और देखें »

गोकोंग्वेई अभियांत्रिकी महाविद्यालय

गोकोंगवी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, ला ला सले विश्वविद्यालय के छह महाविद्यालयों में से एक है। यह १९४७ में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फिलीपींस का पुनर्वास करने में मदद करने के लिए, युवा लोगों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।De La Salle University-Manila.

नई!!: संचार और गोकोंग्वेई अभियांत्रिकी महाविद्यालय · और देखें »

इनसैट-1ए

इनसैट-1ए (INSAT-1A) एक भारतीय संचार उपग्रह था जो भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली (इनसैट) का हिस्सा था। इस उपग्रह को 1982 में लॉंच किया गया था। इसे 74° पूर्व के एक रेखांश पर भूभौतिकीय कक्षा में संचालित किया गया था। कई विफलताओं की एक श्रृंखला के बाद, इस उपग्रह को सितंबर 1983 में, 18 महीने से कम समय के बाद मिशन को रद्द दिया गया था। इसे फोर्ड एयरोस्पेस द्वारा निर्मित किया गया था और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा संचालित किया गया था। इनसैट-1बी इनसैट-1 श्रृंखला के उपग्रहों के लिए विकसित कस्टम उपग्रह बस पर आधारित था। इसका लॉंच के समय 1,152 किलोग्राम (2,540 पाउंड) वजन था और इसकी सात साल तक काम करने की उम्मीद थी। अंतरिक्ष यान में सौर सरणी के द्वारा संचालित बारह सी बैंड और तीन एस बैंड ट्रांसपोंडर्स थे। .

नई!!: संचार और इनसैट-1ए · और देखें »

इनसैट-1बी

इनसैट-1बी (INSAT-1B) एक भारतीय संचार उपग्रह था जो भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली का हिस्सा था। इसे 1983 में लॉंच किया गया था और 74 डिग्री पूर्व के रेखांश पर भूस्तरण कक्षा में संचालित किया गया था। इसे फोर्ड एयरोस्पेस द्वारा निर्मित किया गया था और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा संचालित किया गया था। इनसैट-1बी इनसैट-1 श्रृंखला के उपग्रहों के लिए विकसित कस्टम उपग्रह बस पर आधारित था। इसका लॉंच के समय 1,152 किलोग्राम (2,540 पाउंड) वजन था और इसकी सात साल तक काम करने की उम्मीद थी। अंतरिक्ष यान में सौर सरणी के द्वारा संचालित बारह सी बैंड और तीन एस बैंड ट्रांसपोंडर्स थे। स्थिरीकरण बूम का उपयोग उपग्रह के विषम डिजाइन से विकिरण टॉर्कों को संतुलित करने के लिए किया गया था। अंतरिक्षयान को आर-4 डी-11 एपोजी मोटर द्वारा चालित किया गया था। .

नई!!: संचार और इनसैट-1बी · और देखें »

इनसैट-3ए

इनसैट-3ए (INSAT-3A) इसरो द्वारा निर्मित एक बहुउद्देशीय उपग्रह है जिसे अप्रैल 2003 में एरियान द्वारा लॉंच किया गया था। यह 93.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित है। यह इनसैट-3बी और इनसैट-3सी के बाद इन्सैट-3 श्रृंखला में तीसरा उपग्रह है। यह उपग्रह 5.3 करोड़ डॉलर की लागत से निर्मित हुआ था। यह संचार, मौसम, और खोज और बचाव सेवाएं प्रदान करता है .

नई!!: संचार और इनसैट-3ए · और देखें »

इनसैट-3सी

इनसैट-3सी (INSAT-3C) एक बहुउद्देशीय उपग्रह है जिसे इसरो द्वारा निर्मित किया गया था और जनवरी 2002 में एरियनस्पेस द्वारा लॉन्च किया गया था। इनसैट-3सी इनसैट-3 श्रृंखला का दूसरा उपग्रह है। सभी ट्रांसपोंडर भारत में कवरेज प्रदान करते हैं इनसैट-3सी कर्नाटक के हसन में स्थित मास्टर कंट्रोल सुविधा से नियंत्रित होता है। यह भारत और पड़ोसी देशों के लिए आवाज, वीडियो और डिजिटल डाटा सेवाएं प्रदान करेगा। .

नई!!: संचार और इनसैट-3सी · और देखें »

इनसैट-3ई

इनसैट-3ई (INSAT-3E) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा निर्मित एक अप्रचलित संचार उपग्रह है। यह 28 सितंबर, 2003 को फ्रेंच स्पेस एजेंसी के स्पेसपोर्ट फ्रेंच गयाना से एरियन 5 रॉकेट पर लांच किया गया था। सैटेलाइट का प्रक्षेपण वजन 2750 किलोग्राम का था। यह इसरो के इनसैट-3 श्रृंखला में लांच किया गया चौथा उपग्रह है। यह उच्च गति संचार, टेलीविजन, वीएसएटी और टेली-शिक्षा सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। अप्रैल 2014 में, लांच होने के लगभग 11 साल बाद उपग्रह ऑक्सीडिजर से बाहर हो गया और कुछ दिन बाद इसरो ने इसे निष्क्रिय कर दिया। कुछ दिनों के समय के बाद यह एक अनुउपयोगी कक्षा में ले चला गया।http://www.thehindu.com/sci-tech/technology/after-10-years-in-orbit-insat3e-expires/article5859974.ece .

नई!!: संचार और इनसैट-3ई · और देखें »

इनसैट-4ई

इनसैट-4ई (INSAT 4E) जिसे जीसैट-6 (GSAT-6) के नाम से भी जाना जाता है एक मल्टीमीडिया संचार उपग्रह है। यह भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह का सदस्य उपग्रह है। यह उपग्रह अन्य सामाजिक और सामरिक अनुप्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उपग्रह का जीवन काल 9 साल होगा। इसका प्रक्षेपण भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क 2 द्वारा 27 अगस्त 2015, 11:22 यु.टी.सी हुआ था। .

नई!!: संचार और इनसैट-4ई · और देखें »

क्लाउड कंप्यूटिंग

क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान करने वाले कुछ विक्रेता क्लाउड कंप्यूटिंग कंप्यूटिंग की एक शैली है जिसमें गतिक रूप से परिमाप्य और अक्सर आभासी संसाधनों को इंटरनेट पर एक सेवा के रूप में उपलब्ध कराया जाता है। उपयोगकर्ताओं को उनकी मदद करने वाले "क्लाउड" के तकनीकी ढांचे के ज्ञान, उसमें विशेषज्ञता या उस पर नियंत्रण की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इस अवधारणा में आमतौर पर निम्नलिखित के संयोजन शामिल किये जाते हैं.

नई!!: संचार और क्लाउड कंप्यूटिंग · और देखें »

अधिकतम शक्ति का प्रमेय

विद्युत प्रौद्योगिकी में विद्युत परिपथ सम्बन्धी यह महत्त्वपूर्ण प्रमेय है। इसके अनुसार यदि स्रोत का इम्पीडेन्स (प्रतिबाधा) नियत हो और लोड की प्रतिबाधा बदलने की स्वतन्त्रता हो तो स्रोत से लोड को अधिकतम शक्ति उस दशा में हस्तानान्तरित होगी जब लोड का इम्पीडेन्स स्रोत के इम्पीडेन्स का समिश्र युगल (complex conjugate) के बराबर हो। इसे ही अधिकतम शक्ति (हस्तानान्तरण) प्रमेय (maximum power (transfer) theorem) कहते हैं। ऐसा दावा किया जाता है कि जैकोबी (Moritz von Jacobi) ने सबसे पहले इसका आविष्कार किया।; विशेष.

नई!!: संचार और अधिकतम शक्ति का प्रमेय · और देखें »

अभिवादन

अभिवादन (greeting) मानव संचार की वह क्रिया होती है जिसमें व्यक्ति एक-दूसरे को अपनी उपस्थिति से अवगत कराते हैं और दूसरे की उपस्थिति को स्वीकारते हैं। अक्सर इसमें दूसरे की उपस्थिति का स्वागत करा जाता है या उसपर प्रसन्नता जतलाई जाती है। आमतौर पर यह व्यक्तियों में आपसी-सम्बन्ध का भी संकेत होता है, चाहे वह औपचारिक हो या अनौपचारिक। अभिवादन परम्पराएँ स्थानों और संस्कृतियों के अधार पर बहुत भिन्न होती हैं लेकिन वे विश्व के हर सामाज में पाई जाती हैं। अभिवादन शारीरिक संकेत (मसलन नमस्ते या हाथ का हिलाना या सिर का झुकाना), बोलकर या इन दोनों को मिलाकर करा जाता है। पत्र या ईमेल जैसे लिखित संचार में भी अभिवादन व्यत्क्त करा जा सकता है। कुछ भाषाओं में एक ही शब्द या संकेत किसी का स्वागत करने के लिये और उस से विदा होने के लिये प्रयोग होता है। उदाहरण के लिए अंग्रेज़ी में "गुड डे" (Good day), अरबी में "अस-सलाम-आलेकुम" (السلام عليكم), इब्रानी में "शालोम" (שָׁלוֹם) और इतालवी में "च्याओ" (Ciao)। सिर-झुकाना और हाथ मिलाना भी मिलने व विदा करने दोनों के लिये प्रयोगित हैं। .

नई!!: संचार और अभिवादन · और देखें »

अशाब्दिक संप्रेषण

अशाब्दिक संप्रेषण (non-verbal communication /NVC) से तात्पर्य सामान्यतः शब्द रहित संदेशों को भेजने एवं प्राप्त करने की संप्रेषण प्रक्रिया से है। अर्थात् भाषा ही संप्रेषण का एकमात्र माध्यम नहीं है, कुछ अन्य माध्यम भी हैं। इस प्रकार के संप्रेषण के लिए 'अवाचिक संप्रेषण', 'वाचेतर संपेष्रण'; 'अशाब्दिक संचार' आदि शब्दों का भी प्रयोग होता है। अशाब्दिक संप्रेषण को शारीरिक हाव-भाव एवं स्पर्श (हैपटिक संप्रेषण), शारीरिक भाषा एवं भावभंगिमा, चेहरे की अभिव्यक्ति या आँखों के संपर्क से भी संप्रेषित किया जा सकता है। एन वी सी (NVC) को वस्तु सामग्री संप्रेषण यथा - वस्त्र, बालों की स्टाइल या स्थापत्य, प्रतीकों व चित्रों के माध्यम से भी संप्रेषित किया जा सकता है। आवाज या वाणी में पैरालैग्वेज नामक अशाब्दिक तत्व सम्मिलित होते हैं जिनमें आवाज की गुणवत्ता, भावना, बोलने के तरीके के साथ-साथ ताल, लय, आलाप एवं तनाव जैसे छन्द शास्त्र संबंधी लक्षण भी सम्मिलित हैं। नृत्य को भी अशाब्दिक संप्रेषण माना जाता है। इसी तरह, लिखित पाठ में भी अशाब्दिक तत्व होते हैं जैसे - हस्तलेखन तरीका, शब्दों की स्थान संबंधी व्यवस्था या इमोटिकॉन (emoticons) का प्रयोग.

नई!!: संचार और अशाब्दिक संप्रेषण · और देखें »

अंतरिक्ष यान

इंजन चालू होने के कुछ ही क्षण बाद ''कोलम्बिया'' नामक अंतरिक्ष यान। वह यान जो कि अन्तरिक्ष अथवा व्योम में जाने के काम आता है उसे अंतरिक्ष यान (अंग्रेज़ी: "Spacecraft") कहते हैं। .

नई!!: संचार और अंतरिक्ष यान · और देखें »

अंतरजाल

अंतरजाल का आंशिक मैप, १५ जनवरी २००५। प्रत्येक पंक्ति को दो नोड्स के बीच खींचा जाता है, आईपी पते जोड़ने से। रेखा की लंबाई नोड्स के बीच समय की देरी (पिंग) को दर्शाती है मानचित्र २००५ में डेटा संग्रह के लिए उपलब्ध कक्षा सी नेटवर्क के ३०% से कम का प्रतिनिधित्व करता है। रेखा रंग आरएफसी १९१८ के अनुसार उसके स्थान से मेल खाती है। अंतरजाल (इंटरनेट) (Internet आई पी ए: ɪntəˌnɛt) विष्व में डिवाइसों को लिंक करने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (टीसीपी / आईपी) का उपयोग करने वाले इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क की वैश्विक प्रणाली है। यह नेटवर्क का एक नेटवर्क है जिसमें निजी, सार्वजनिक, शैक्षिक, व्यवसाय और वैश्विक नेटवर्क के सरकारी नेटवर्क शामिल हैं, जो कि इलेक्ट्रॉनिक, वायरलेस, और ऑप्टिकल नेटवर्किंग प्रौद्योगिकियों की व्यापक श्रेणी से जुड़ा हुआ है। इंटरनेट में सूचना संसाधनों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला है, जैसे इंटर लिंक किए गए हाइपरटेक्स्ट दस्तावेज़ और वर्ल्ड वाइड वेब (डबल्युडबल्युडबल्यु), इलेक्ट्रॉनिक मेल, टेलीफ़ोनी और फ़ाइल साझाकरण के अनुप्रयोग। १९६० के दशक में इंटरनेट नेटवर्क की उत्पत्ति संयुक्त राज्य संघीय सरकार द्वारा कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से मज़बूत, गलती-सहिष्णु संचार के निर्माण के लिए शुरू की गई थी। १९९० के शुरुआती दिनों में वाणिज्यिक नेटवर्क और उद्यमों को जोड़ने से आधुनिक इंटरनेट पर संक्रमण की शुरुआत हुई, और तेजी से वृद्धि के कारण संस्थागत, व्यक्तिगत और मोबाइल कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े थे। २००० के दशक के अंत तक, इसकी सेवाओं और प्रौद्योगिकियों को रोजमर्रा की जिंदगी के लगभग हर पहलू में शामिल किया गया था। टेलीफ़ोनी, रेडियो, टेलीविज़न, पेपर मेल और अखबारों सहित अधिकांश पारंपरिक संचार मीडिया, ईमेल द्वारा पुनर्निर्मित, पुनर्निर्धारित, या इंटरनेट से दूर किए जाने वाले ईमेल सेवाओं, इंटरनेट टेलीफ़ोनी, इंटरनेट टेलीविजन, ऑनलाइन संगीत, डिजिटल समाचार पत्र, और वीडियो स्ट्रीमिंग वेबसाइटें अखबार, पुस्तक, और अन्य प्रिंट प्रकाशन वेबसाइट प्रौद्योगिकी के अनुकूल हैं, या ब्लॉगिंग, वेब फ़ीड्स और ऑनलाइन समाचार एग्रीगेटर्स में पुन: स्थापित किए जा रहे हैं। इंटरनेट ने त्वरित मैसेजिंग, इंटरनेट फ़ौरम और सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से व्यक्तिगत इंटरैक्शन के नए रूपों को सक्षम और त्वरित किया है। ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं और छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए ऑनलाइन खरीदारी तेजी से बढ़ी है, क्योंकि यह कंपनियों को एक बड़े बाजार की सेवा या पूरी तरह से ऑनलाइन वस्तुओं और सेवाओं को बेचने के लिए अपनी "ईंट और मोर्टार" उपस्थिति बढ़ाने में सक्षम बनाता है। इंटरनेट पर व्यापार से व्यापार और वित्तीय सेवाओं को पूरे उद्योगों में आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ता है। इंटरनेट का उपयोग या उपयोग के लिए तकनीकी कार्यान्वयन या नीतियों में कोई केंद्रीकृत शासन नहीं है; प्रत्येक घटक नेटवर्क अपनी नीतियाँ निर्धारित करता है। इंटरनेट, इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस (आए पी एड्रेस), स्पेस और डोमेन नेम सिस्टम (डी एन एस) में दो प्रमुख नाम रिक्त स्थान की केवल अति परिभाषा परिभाषाएँ एक रखरखाव संगठन, इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइन्ड नाम और नंबर (आए सी ए एन एन)। मुख्य प्रोटोकॉल के तकनीकी आधारभूत और मानकीकरण, इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फ़ोर्स (आए ई टी एफ़) की एक गतिविधि है, जो कि किसी भी गैर-लाभप्रद संगठन के साथ संबद्ध अंतरराष्ट्रीय सहभागी हैं, जो किसी को भी तकनीकी विशेषज्ञता में योगदान दे सकते हैं। .

नई!!: संचार और अंतरजाल · और देखें »

अंग्रेज़ी भाषा

अंग्रेज़ी भाषा (अंग्रेज़ी: English हिन्दी उच्चारण: इंग्लिश) हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार में आती है और इस दृष्टि से हिंदी, उर्दू, फ़ारसी आदि के साथ इसका दूर का संबंध बनता है। ये इस परिवार की जर्मनिक शाखा में रखी जाती है। इसे दुनिया की सर्वप्रथम अन्तरराष्ट्रीय भाषा माना जाता है। ये दुनिया के कई देशों की मुख्य राजभाषा है और आज के दौर में कई देशों में (मुख्यतः भूतपूर्व ब्रिटिश उपनिवेशों में) विज्ञान, कम्प्यूटर, साहित्य, राजनीति और उच्च शिक्षा की भी मुख्य भाषा है। अंग्रेज़ी भाषा रोमन लिपि में लिखी जाती है। यह एक पश्चिम जर्मेनिक भाषा है जिसकी उत्पत्ति एंग्लो-सेक्सन इंग्लैंड में हुई थी। संयुक्त राज्य अमेरिका के 19 वीं शताब्दी के पूर्वार्ध और ब्रिटिश साम्राज्य के 18 वीं, 19 वीं और 20 वीं शताब्दी के सैन्य, वैज्ञानिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव के परिणाम स्वरूप यह दुनिया के कई भागों में सामान्य (बोलचाल की) भाषा बन गई है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और राष्ट्रमंडल देशों में बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल एक द्वितीय भाषा और अधिकारिक भाषा के रूप में होता है। ऐतिहासिक दृष्टि से, अंग्रेजी भाषा की उत्पत्ति ५वीं शताब्दी की शुरुआत से इंग्लैंड में बसने वाले एंग्लो-सेक्सन लोगों द्वारा लायी गयी अनेक बोलियों, जिन्हें अब पुरानी अंग्रेजी कहा जाता है, से हुई है। वाइकिंग हमलावरों की प्राचीन नोर्स भाषा का अंग्रेजी भाषा पर गहरा प्रभाव पड़ा है। नॉर्मन विजय के बाद पुरानी अंग्रेजी का विकास मध्य अंग्रेजी के रूप में हुआ, इसके लिए नॉर्मन शब्दावली और वर्तनी के नियमों का भारी मात्र में उपयोग हुआ। वहां से आधुनिक अंग्रेजी का विकास हुआ और अभी भी इसमें अनेक भाषाओँ से विदेशी शब्दों को अपनाने और साथ ही साथ नए शब्दों को गढ़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। एक बड़ी मात्र में अंग्रेजी के शब्दों, खासकर तकनीकी शब्दों, का गठन प्राचीन ग्रीक और लैटिन की जड़ों पर आधारित है। .

नई!!: संचार और अंग्रेज़ी भाषा · और देखें »

यहां पुनर्निर्देश करता है:

संप्रेषण

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »