लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
डाउनलोड
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

श्यामाप्रसाद मुखर्जी

सूची श्यामाप्रसाद मुखर्जी

डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी (जन्म: 6 जुलाई 1901 - मृत्यु: 23 जून 1953) शिक्षाविद्, चिन्तक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। .

19 संबंधों: दीनदयाल उपाध्याय, प्रजा परिषद, प्रेम नाथ डोगरा, भारत की स्वतन्त्रता, भारतीय चुनाव, भारतीय संविधान सभा, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय जनसंघ, माधोपुर, माधोपुर, पंजाब, मौलि चन्द्र शर्मा, लालकृष्ण आडवाणी, आशुतोष मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा, १९५३, २ अक्तूबर, २३ जून, ६ जुलाई

दीनदयाल उपाध्याय

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय (जन्म: २५ सितम्बर १९१६–११ फ़रवरी १९६८) चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। उपाध्यायजी नितान्त सरल और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे। राजनीति के अतिरिक्त साहित्य में भी उनकी गहरी अभिरुचि थी। उनके हिंदी और अंग्रेजी के लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते थे। केवल एक बैठक में ही उन्होंने चन्द्रगुप्त नाटक लिख डाला था। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय · और देखें »

प्रजा परिषद

प्रजा परिषद् भारत का एक राजनैतिक दल था जिसने जम्मू तथा कश्मीर को भारत के संविधान में विशेष दर्जा (धारा ३७०) देने के विरुद्ध संघर्ष किया। पंडित प्रेम नाथ डोगरा ने बलराज मधोक के साथ मिल कर प्रजा परिषद का गठन किया था। प्रजा परिषद ने नारा दिया, देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान: नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे। १९७० में इस दल का भारतीय जनसंघ में विलय हो गया। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और प्रजा परिषद · और देखें »

प्रेम नाथ डोगरा

प्रेम नाथ डोगरा (२४ अक्टूबर १८८४ - २० मार्च १९७२) भारत के एक राजनेता थे। उन्होने जम्मू तथा कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए बहुत कार्य किया। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। वे प्रजा परिषद् के पहले अध्यक्ष थे। उन्हे 'शेर-ए-डुग्गर' कहा जाता है। डोगरा की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम था कि 'एक विधान, एक निशान और एक प्रधान' की मांग पर आंदोलन का आगाज हुआ। परिणामतः देश, केंद्र और राज्य के बीच मजबूत रिश्ते कायम हुए। प्रेमनाथ जी राजा हरिसिंह के समय डी.सी.

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और प्रेम नाथ डोगरा · और देखें »

भारत की स्वतन्त्रता

भारत का ध्वज भारत की स्वतंत्रता से तात्पर्य ब्रिटिश शासन द्वारा 15 अगस्त, 1947 को भारत की सत्ता का हस्तांतरण भारत की जनता के प्रतिनिधियों को किए जाने से है। इस दिन दिल्ली के लाल किले पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर स्वाधीनता का ऐलान किया। भारत के स्वाधीनता संग्राम की शुरुआत 1857 में हुए सिपाही विद्रोह को माना जाता है। स्वाधीनता के लिए हजारों लोगो ने जान की बली दी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1930 कांग्रेस अधिवेशन में अंग्रेजो से पूर्ण स्वराज की मांग की थी। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भारत की स्वतन्त्रता · और देखें »

भारतीय चुनाव

चुनाव लोकतंत्र का आधार स्तम्भ हैं। आजादी के बाद से भारत में चुनावों ने एक लंबा रास्ता तय किया है। 1951-52 को हुए आम चुनावों में मतदाताओं की संख्या 17,32,12,343 थी, जो 2014 में बढ़कर 81,45,91,184 हो गई है। 2004 में, भारतीय चुनावों में 670 मिलियन मतदाताओं ने भाग लिया (यह संख्या दूसरे सबसे बड़े यूरोपीय संसदीय चुनावों के दोगुने से अधिक थी) और इसका घोषित खर्च 1989 के मुकाबले तीन गुना बढ़कर $300 मिलियन हो गया। इन चुनावों में दस लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया। 2009 के चुनावों में 714 मिलियन मतदाताओं ने भाग लिया (अमेरिका और यूरोपीय संघ की संयुक्त संख्या से भी अधिक).

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भारतीय चुनाव · और देखें »

भारतीय संविधान सभा

भारतीय संविधान सभा का पहला दिन (११ दिशम्बर १९४६)। बैठे हुए दाएं से: बी जी खेर, सरदार बल्लभ भाई पटेल, के एम मुंशी और डॉ. भीमराव आंबेडकर भारत की संविधान सभा का चुनाव भारतीय संविधान की रचना के लिए किया गया था। ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के बाद संविधान सभा के सदस्य ही प्रथम संसद के सदस्य बने। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भारतीय संविधान सभा · और देखें »

भारतीय जनता पार्टी

भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक हैं, जिसमें दूसरा दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है। यह राष्ट्रीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।.

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भारतीय जनता पार्टी · और देखें »

भारतीय जनसंघ

'''दीपक''' या '''दीया''' - भारतीय जनसंघ का चुनावचिह्न था। भारतीय जनसंघ के संस्थापक '''डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ भारत का एक पुराना राजनैतिक दल था जिससे १९८० में भारतीय जनता पार्टी बनी। इस दल का आरम्भ श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 21 अक्टूबर 1951 को दिल्ली में की गयी थी। इस पार्टी का चुनाव चिह्न दीपक था। इसने 1952 के संसदीय चुनाव में २ सीटें प्राप्त की थी जिसमे डाक्टर मुखर्जी स्वयं भी शामिल थे। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लागू आपातकाल (1975-1976) के बाद जनसंघ सहित भारत के प्रमुख राजनैतिक दलों का विलय कर के एक नए दल जनता पार्टी का गठन किया गया। आपातकाल से पहले बिहार विधानसभा के भारतीय जनसंघ के विधायक दल के नेता लालमुनि चौबे ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बिहार विधानसभा से अपना त्यागपत्र दे दिया। जनता पार्टी 1980 में टूट गयी और जनसंघ की विचारधारा के नेताओं नें भारतीय जनता पार्टी का गठन किया। भारतीय जनता पार्टी 1998 से 2004 तक राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की सबसे बड़ी पार्टी रही थी। 2014 के आम चुनाव में इसने अकेले अपने दम पर सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भारतीय जनसंघ · और देखें »

माधोपुर

माधोपुर, भारत के राज्य पंजाब के गुरदासपुर जिले की पठानकोट तहसील में स्थित एक छोटा पर अत्यंत सुन्दर क़स्बा है। यह पंजाब के अंतिम छोर पर स्थित है और यहां से रावी नदी को पार करके जम्मू एवं कश्मीर राज्य प्रारंभ हो जाता है। व्यापारिक, सामरिक और भौगोलिक रूप से इसका महत्व और भी ज्यादा हो जाता है, क्योंकि भारत को जम्मू और कश्मीर से जोड़ने वाला एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतीय रेल यहीं से होकर गुज़रती है। इस कारण इसे पंजाब के प्रवेशद्वार के रूप से जाना जाता है। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से एक अच्छा स्थान है। हिमालय की शिवालिक पहाड़ियो और रावी के किनारे किनारे बनी सड़क का नजारा अत्यंत ही मनमोहक है। Historical Church of British-era .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और माधोपुर · और देखें »

माधोपुर, पंजाब

माधोपुर पंजाब के अंतिम छोर पर स्तिथ एक छोटा पर अत्यंत सुन्दर क़स्बा है और वहां से रावी नदी को पार करके जम्मू एवं कश्मीर राज्य प्रारंभ हो जाता है। व्यापारिक, सामरिक और भूगोलिक रूप से इसका महत्व और भी ज्यादा हो जाता है, क्योंकि भारत को जम्मू और कश्मीर से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ट्रीय राजमार्ग और भारतीय रेल यहीं से होकर गुज़रती है। जिसके कारण इसे पंजाब के प्रवेशद्वार के रूप से जाना जाता है। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से एक अच्छा स्थान है। हिमालय की शिवालिक पहाडि़यो और रवि के किनारे बनी सड़क का नजारा यहाँ से अत्यंत ही मनमोहक है। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और माधोपुर, पंजाब · और देखें »

मौलि चन्द्र शर्मा

मौलि चन्द्र शर्मा भारत के एक वरिष्ट राजनेता तथा वकील थे। वे मूलतः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ता थे किन्तु स्वतन्त्रता के उपरान्त जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उसके उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष बने। श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ.

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और मौलि चन्द्र शर्मा · और देखें »

लालकृष्ण आडवाणी

लालकृष्ण आडवाणी, (जन्म: 8 नवम्बर 1927) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीति में एक प्रमुख पार्टी बनाने में उनका योगदान सर्वोपरि कहा जा सकता है। वे कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। जनवरी २००८ में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एन डी ए) ने लोकसभा चुनावों को आडवाणी के नेतृत्व में लड़ने तथा जीत होने पर उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की घोषणा की थी। भारतीय जनता पार्टी के जिन नामों को पूरी पार्टी को खड़ा करने और उसे राष्ट्रीय स्तर तक लाने का श्रेय जाता है उसमें सबसे आगे की पंक्ति का नाम है लालकृष्ण आडवाणी। लालकृष्ण आडवाणी कभी पार्टी के कर्णधार कहे गए, कभी लौह पुरुष और कभी पार्टी का असली चेहरा। कुल मिलाकर पार्टी के आजतक के इतिहास का अहम अध्याय हैं लालकृष्ण आडवाणी। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और लालकृष्ण आडवाणी · और देखें »

आशुतोष मुखर्जी

बांग्ला साहित्यकार के लिये आशुतोष मुखोपाध्याय देखें। ---- सर आशुतोष मुखर्जी आशुतोष मुखोपाध्याय (1864-1924), बंगाल के ख्यातिलब्ध बैरिस्टर तथा शिक्षाविद थे। वे सन् १९०६ से १९१४ तक कोलकाता विश्वविद्यालय के उपकुलपति रहे। उन्होंने बंगला तथा भारतीय भाषाओं को एम.ए. की उच्चतम डिग्री के लिए अध्ययन का विषय बनाया। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी इनके पुत्र थे। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और आशुतोष मुखर्जी · और देखें »

अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpeyee), (जन्म: २५ दिसंबर, १९२४) भारत के पूर्व प्रधानमंत्री हैं। वे पहले १६ मई से १ जून १९९६ तथा फिर १९ मार्च १९९८ से २२ मई २००४ तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे हिन्दी कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता भी हैं। वे भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले महापुरुषों में से एक हैं और १९६८ से १९७३ तक उसके अध्यक्ष भी रहे। वे जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था और देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचने तक उस संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया। वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे। कभी किसी दल ने आनाकानी नहीं की। इससे उनकी नेतृत्व क्षमता का पता चलता है। सम्प्रति वे राजनीति से संन्यास ले चुके हैं और नई दिल्ली में ६-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी · और देखें »

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा का ध्वज अखिल भारत हिन्दू महासभा भारत का एक राजनीतिक दल है। यह एक भारतीय राष्ट्रवादी संगठन है। इसकी स्थापना सन १९१५ में हुई थी। विनायक दामोदर सावरकर इसके अध्यक्ष रहे। केशव बलराम हेडगेवार इसके उपसभापति रहे तथा इसे छोड़कर सन १९२५ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। भारत के स्वतन्त्रता के उपरान्त जब महात्मा गांधी की हत्या हुई तब इसके बहुत से कार्यकर्ता इसे छोड़कर भारतीय जनसंघ में भर्ती हो गये। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और अखिल भारतीय हिन्दू महासभा · और देखें »

१९५३

1953 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और १९५३ · और देखें »

२ अक्तूबर

2 अक्टूबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 275वॉ (लीप वर्ष में 276 वॉ) दिन है। साल में अभी और 90 दिन बाकी है। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और २ अक्तूबर · और देखें »

२३ जून

23 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 174वाँ (लीप वर्ष में 175 वाँ) दिन है। साल में अभी और 191 दिन बाकी हैं। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और २३ जून · और देखें »

६ जुलाई

६ जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का १८७वॉ (लीप वर्ष में १८८वॉ) दिन है। साल में अभी और १७८ दिन बाकी है। .

नई!!: श्यामाप्रसाद मुखर्जी और ६ जुलाई · और देखें »

यहां पुनर्निर्देश करता है:

श्यामा प्रसाद मुखर्जी

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »