लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
डाउनलोड
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

भूतापीय प्रवणता

सूची भूतापीय प्रवणता

भूतापीय प्रवणता (Geothermal gradient) पृथ्वी में बढ़ती गहराई के साथ बढ़ते तापमान की प्रवणता (rate) को कहते हैं। भौगोलिक तख़्तों की सीमाओं से दूर और पृथ्वी की सतह के पास, हर किमी गहराई के साथ तापमान लगभग २५° सेंटीग्रेड बढ़ता है। .

3 संबंधों: जलतापीय छिद्र, गरम चश्मा, उष्णोत्स

जलतापीय छिद्र

जलतापीय छिद्र (hydrothermal vents) पृथ्वी या अन्य किसी ग्रह पर उपस्थित ऐसा विदर छिद्र होता है जिस से भूतापीय स्रोतों से गरम किया गया जल उगलता है। यह अक्सर सक्रीय ज्वालामुखीय क्षेत्रों, भौगोलिक तख़्तो के अलग होने वाले स्थानों और महासागर द्रोणियों जैसे स्थानों पर मिलते हैं। जलतापीय छिद्रों के अस्तित्व का मूल कारण पृथ्वी की भूवैज्ञानिक सक्रीयता और उसकी सतह व भीतरी भागों में पानी की भारी मात्रा में उपस्थिति है। जब जलतापीय छिद्र भूमि पर होते हैं तो उन्हें गरम चश्मों, फ़ूमारोलों और उष्णोत्सों के रूप में देखा जाता है। जब वे महासागरों के फ़र्श पर होते हैं तो उन्हें काले धुआँदारी (black smokers) और श्वेत धुआँदारी (white smokers) के रूप में पाया जाता है। गहरे समुद्र के बाक़ि क्षेत्र की तुलना में काले धुआँदारियों के आसपास अक्सर बैक्टीरिया और आर्किया जैसे सूक्ष्मजीवों की भरमार होती है। यह जीव इन छिद्रों में से निकल रहे रसायनों को खाकर ऊर्जा बनाते हैं और जीवित रहते हैं और फिर आगे ऐसे जीवों को ग्रास बनाने वाले अन्य जीवों के समूह भी यहाँ पनपते हैं। माना जाता है कि बृहस्पति ग्रह के यूरोपा चंद्रमा और शनि ग्रह के एनसेलेडस चंद्रमा पर भी सक्रीय जलतापीय छिद्र मौजूद हैं और अति-प्राचीनकाल में यह सम्भवतः मंगल ग्रह पर भी रहे हों। .

नई!!: भूतापीय प्रवणता और जलतापीय छिद्र · और देखें »

गरम चश्मा

गरम चश्मा (hot spring) ऐसा पानी का चश्मा होता है जिसमें भूताप से गरम हुआ भूजल धरती से बाहर निकलता है। ऐसे भूतापीय गरम चश्में विश्वभर में पाए जाते हैं। कुछ का तापमान ऐसा है कि उनमें स्नान करा जा सकता है लेकिन बहुत से ऐसे भी हैं जिनमें जाने से शारीरिक हानि या मृत्यु भी हो सकती है। .

नई!!: भूतापीय प्रवणता और गरम चश्मा · और देखें »

उष्णोत्स

उष्णोत्स (geyser, गीज़र या गाइज़र दोनों स्वीकार्य) एक प्रकार का पानी का चश्मा होता है जिसमें समय-समय पर पानी ज़ोरों से धरती से शक्तिशाली फव्वारे की भांति फूटता है और साथ में भाप निकलती है। यह पृथ्वी पर कम स्थानों में ही मिलते हैं क्योंकि इनके निर्माण के लिए विशेष भूतापीय व अन्य भूवैज्ञानिक परिस्थितियों की ज़रूरत होती है। .

नई!!: भूतापीय प्रवणता और उष्णोत्स · और देखें »

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »