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भारतीय संख्या प्रणाली

सूची भारतीय संख्या प्रणाली

भारतीय संख्या प्रणाली भारतीय उपमहाद्वीप की परम्परागत गिनने की प्रणाली है जो भारत, पाकिस्तान, बंगलादेश और नेपाल में आम इस्तेमाल होती है। जहाँ पश्चिमी प्रणाली में दशमलव के तीन स्थानों पर समूह बनते हैं वहाँ भारतीय प्रणाली में दो स्थानों पर बनते हैं। .

72 संबंधों: ट्राऐन्गुलम गैलेक्सी, ऐल्वारेज़ की परिकल्पना, डॅल्टा महाश्वान तारा, देवनागरी, नम त्सो, न्यू डेवलपमेंट बैंक, परमदानव तारा, पायोनियर १०, प्रॉक्सिमा सेन्टॉरी बी, पी॰ऍस॰आर॰ बी1257+12, फ़ाउन्डेशन शृंखला, बर्नार्ड-तारा, बहिर्ग्रह खोज की विधियाँ, ब्रांड, ब्रेव न्यू वर्ल्ड, बौनी गैलेक्सी, बेटा सॅफ़ॅई तारा, बेटा अक्विलाए तारा, बोस्तेन झील, भट्टी तारामंडल, भूवैज्ञानिक समय-मान, मद्रास शेयर बाज़ार, महादानव तारा, महापृथ्वी, मित्र तारा, मंगल विज्ञान प्रयोगशाला, मेरिल लिंच, मॅसिये ७४, मोज़ाम्बीक, युन्नान, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपा (उपग्रह), रोडरनर, लहरबाज़ी, लाम्डा वलोरम तारा, लाल दानव तारा, शून्य, शेनयांग, सालार दे उयुनी, स्रोतास्विनी तारामंडल, स्कोडा ऑटो, सौर प्रज्वाल, हिमयुग, जर्मैनी भाषा परिवार, ज़ेटा पपिस तारा, वस्तु अंतरजाल, वुल्फ़ ३५९ तारा, वुल्फ़-रायेट तारा, वॅस्टा (क्षुद्रग्रह), खगोलीय ठंडा धब्बा, ..., खगोलीय पार्श्व सूक्ष्मतरंगी विकिरण, गिगामीटर, गुआंगशी, ग्रहीय नीहारिका, गैनिमीड (उपग्रह), गेल क्रेटर, ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था, इथाका घाटी (टॅथिस), कलिस्टो (उपग्रह), कालोरिस द्रोणी, के-पीजी सीमा, कॅप्लर-१० तारा, अतिशीतल बौना, अरब, अंडाकार गैलेक्सी, अंतर्राष्ट्रीय संख्या पद्धति, उत्तर अफ़्रीका, उपदानव तारा, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, छोटा मॅजलॅनिक बादल, १३ ट्राऐंगुलाए तारा, G श्रेणी का मुख्य-अनुक्रम तारा सूचकांक विस्तार (22 अधिक) »

ट्राऐन्गुलम गैलेक्सी

ट्राऐन्गुलम गैलेक्सी ट्राऐन्गुलम गैलेक्सी (अंग्रेज़ी: Triangulum Galaxy) पृथ्वी से ३० लाख प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एक सर्पिल गैलेक्सी है जो हमारे स्थानीय समूह की तीसरी सब से बड़ी सदस्या है (एण्ड्रोमेडा गैलेक्सी और हमारी अपनी गैलेक्सी आकाशगंगा के बाद).

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ऐल्वारेज़ की परिकल्पना

ऐल्वारेज़ की परिकल्पना यह कहती है कि डैनासोरों और तमाम अन्य पुरातन जीवों का सामूहिक नाश ६.५ करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी से एक बहुत विशाल क्षुद्रग्रह (एस्टेरॉएड) के टकराने की वजह से हुआ था जिसे क्रिटैशियस-पैलियोजीन विलुप्ति घटना कहते हैं। सबूत यह दर्शाते हैं की क्षुद्रग्रह मेक्सिको के चिकशुलूब में स्थित युकातान प्रायद्वीप में गिरा था। इस परिकल्पना का नाम वैज्ञानिक पिता पुत्र लुईस वाल्टर एल्वारेज़ और वाल्टर एल्वारेज़ के नाम पर पड़ा है जिन्होंने पहली बार १९८० में एक सामूहिक वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद इसकी घोषणा की थी। मार्च २०१० में शीर्ष वैज्ञानिकों के एक अंतर्राष्ट्रीय दल ने इस परिकल्पना जिसमें कहा गया था कि चिकशुलूब में क्षुद्रग्रह के प्रहार से तमाम जीव जन्तु विलुप्त हो गए को समर्थन दिया। ४१ वैज्ञानिकों के एक समूह ने २० वर्षों के वैज्ञानिक साहित्य का विस्तार से अध्धयन करने के बाद विनाश के अन्य परिकल्पनाओं जैसे ज्वालामुखी फटना को खारिज़ कर दिया। उन्होने पाया कि जितना बडा एक खगोलीय चट्टान चिकशुलूब में धरती से टकराई थी। चट्टान का आकार मंगल ग्रह के चंद्रमा दिमोस के आकार (त्रिज्या 6.2 किमी) का रहा होगा। टक्कर से जितनी ऊर्जा निकली होगी जो हिरोशिमा नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम की शक्ति से १ अरब गुना ज्यादा है। .

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डॅल्टा महाश्वान तारा

डॅल्टा महाश्वान तारा डॅल्टा महाश्वान, जिसका बायर नाम "डॅल्टा कैनिस मेजोरिस" (δ Canis Majoris या δ CMa) है, महाश्वान तारामंडल में स्थित एक तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले सभी तारों से ३७वाँ सब से रोशन तारा माना जाता है। यह हमसे १,८०० प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) १.८३ है। .

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देवनागरी

'''देवनागरी''' में लिखी ऋग्वेद की पाण्डुलिपि देवनागरी एक लिपि है जिसमें अनेक भारतीय भाषाएँ तथा कई विदेशी भाषाएं लिखीं जाती हैं। यह बायें से दायें लिखी जाती है। इसकी पहचान एक क्षैतिज रेखा से है जिसे 'शिरिरेखा' कहते हैं। संस्कृत, पालि, हिन्दी, मराठी, कोंकणी, सिन्धी, कश्मीरी, डोगरी, नेपाली, नेपाल भाषा (तथा अन्य नेपाली उपभाषाएँ), तामाङ भाषा, गढ़वाली, बोडो, अंगिका, मगही, भोजपुरी, मैथिली, संथाली आदि भाषाएँ देवनागरी में लिखी जाती हैं। इसके अतिरिक्त कुछ स्थितियों में गुजराती, पंजाबी, बिष्णुपुरिया मणिपुरी, रोमानी और उर्दू भाषाएं भी देवनागरी में लिखी जाती हैं। देवनागरी विश्व में सर्वाधिक प्रयुक्त लिपियों में से एक है। मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया की एक ट्राम पर देवनागरी लिपि .

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नम त्सो

नम त्सो (तिब्बती: གནམ་མཚོ་, अंग्रेज़ी: Namtso) या नमत्सो, जिसे मंगोल भाषा में तेन्ग्री नोर (Tengri Nor, अर्थ: तेन्ग्री/स्वर्ग की झील) भी कहते हैं, तिब्बत की एक पर्वतीय झील है। यह तिब्बत के ल्हासा विभाग के दमझ़ुंग ज़िले और नगछु विभाग के पलगोन (बैनगोइन) ज़िले की सरहद पर स्थित है। इसका पानी खारा है। लगभग १५,००० फ़ुट पर स्थित यह झील दुनिया की सबसे ऊँची खारी झील है और चिंगहई झील के बाद तिब्बत के पठार की दूसरी सबसे बड़ी झील है।, Suzanne Anthony, pp.

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न्यू डेवलपमेंट बैंक

न्यू डेवलपमेंट बैंक जिसे पहले ब्रिक्स बैंक के अनौपचारिक नाम से भी जाना जाता था ब्रिक्स समूह के देशों द्वारा स्थापित किए गए एक नए विकास बैंक का आधिकारिक नाम है। 2014 के ब्रिक्स सम्मेलन में 100 अरब डॉलर की शुरुआती अधिकृत पूंजी के साथ नए विकास बैंक की स्थापना का निर्णय किया गया। माना जा रहा है कि इस बैंक और फंड को पश्चिमी देशों के वर्चस्व वाले विश्व बैंक और आईएमएफ जैसी संस्थाओं के टक्कर में खड़ा किया जा रहा है। बैंक पांच उभरते बाजारों के बीच अधिक से अधिक वित्तीय और विकास सहयोग को बढ़ावा के लिए बनाया गया है। साथ में, 2014 की गणनानुसार चार मूल ब्रिक देशों में 3 अरब लोग या दुनिया की आबादी का 41.4 प्रतिशत शामिल है, तीन महाद्वीपों में दुनिया की भूमि क्षेत्र के एक चौथाई से अधिक को घेरते हैं, और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 25 प्रतिशत से अधिक के लिए उत्तरदायी हैं। बैंक का मुख्यालय शंघाई, चीन में है। विश्व बैंक के विपरीत जिसमे पूंजी शेयर के आधार पर वोट प्रदान करता है ब्रिक्स बैंक में प्रत्येक भागीदार देश को एक वोट आवंटित किया जाएगा, और भागीदार देशों में से किसी के पास वीटो का अधिकार नहीं होगा। .

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परमदानव तारा

परमदानव तारे वी॰वाए॰ कैनिस मेजौरिस का अर्धव्यास (रेडियस) क़रीब २००० \beginsmallmatrixR_\odot\endsmallmatrix है, यानि सूरज का दो हज़ार गुना - यह सब से बड़ा ज्ञात तारा है तारों की श्रेणियाँ दिखने वाला हर्ट्ज़स्प्रुंग-रसल चित्र परमदानव तारा एक अत्याधिक द्रव्यमान (मास) और चमक वाला तारा होता है जिस से लगातार गैस, प्लाज़्मा और अन्य द्रव्य बड़ी मात्राओं में अंतरिक्ष में उछलते रहते हैं। यर्कीज़ वर्णक्रम श्रेणीकरण में इसकी चमक की श्रेणी "0" है (यानि सारे तारों में सब से अधिक)। .

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पायोनियर १०

१९७३ में बृहस्पति ग्रह के पास से गुज़रते हुए पायोनियर १० का काल्पनिक चित्रण पायोनियर १० एक २५८ किलोग्राम का अमेरिकी अंतरिक्ष यान है। इसे २ मार्च १९७२ को अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्था नासा ने एक ऐटलस-सेंटौर रॉकेट के ज़रिये अंतरिक्ष में छोड़ा। १५ जुलाई १९७२ से १५ फ़रवरी १९७३ के काल में यह हमारे सौर मंडल के क्षुद्रग्रह घेरे (ऐस्टरौएड बॅल्ट) को पार करने वाला पहला मानव-कृत यान बना। ६ नवम्बर १९७३ को इसने बृहस्पति ग्रह की तस्वीरें लेना शुर किया और ४ दिसम्बर १९७३ को बृहस्पति से केवल १,३२,२५२ किमी की दूरी पर पहुँचकर फिर उस से आगे निकल गया। चलते-चलते यह हमारे सौर मंडल के बाहरी क्षेत्रों में जा पहुँचा है। कम ऊर्जा के कारण २३ जनवरी २००३ के बाद इस यान का पृथ्वी से संपर्क टूट गया। उस समय यह पृथ्वी से १२ अरब किमी (८० खगोलीय ईकाईयों) की दूरी पर था।, Joseph A. Angelo, Infobase Publishing, 2007, ISBN 978-0-8160-5773-3,...

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प्रॉक्सिमा सेन्टॉरी बी

प्रॉक्सिमा सेन्टॉरी बी (Proxima Centauri b), जिसे केवल प्रॉक्सिमा बी (Proxima Centauri b) भी कहते हैं, प्रॉक्सिमा सेन्टॉरी नामक लाल बौने तारे के वासयोग्य क्षेत्र में उस तारे की परिक्रमा करता हुआ एक ग़ैर-सौरीय ग्रह (यानि बहिर्ग्रह) है। हमारे सौर मंडल से लगभग ४.२ प्रकाशवर्ष (यानि एक ट्रिलियन या दस खरब किलोमीटर) दूर स्थित प्रॉक्सिमा सेन्टॉरी तारा सूरज के बाद पृथ्वी का सबसे समीपी तारा है और मित्र तारे (उर्फ़ अल्फ़ा सेन्टॉरी, Alpha Centauri) के त्रितारा मंडल में से एक है और हमारे अपने सौर मंडल के बाद सबसे समीपी ग्रहीय मंडल है। पृथ्वी में ऊपर देखने पर मित्र तारा आकाश के नरतुरंग तारामंडल क्षेत्र में दिखता है। प्रॉक्सिमा बी ग्रह मिलने यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला ने अगस्त २०१६ में की थी। .

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पी॰ऍस॰आर॰ बी1257+12

पी॰ऍस॰आर॰ बी१२५७+१२ पल्सर के इर्द-गिर्द परिक्रमा करते ग़ैर-सौरीय ग्रहों का काल्पनिक चित्रण इस पल्सर के 'ए', 'बी' और 'सी' ग्रहों का काल्पनिक चित्रण पी॰ऍस॰आर॰ बी१२५७+१२ (अंग्रेज़ी: PSR B1257+12) पृथ्वी से लगभग २,००० प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक पल्सर है। आकाश में यह कन्या तारामंडल के क्षेत्र में स्थित है। सन् २००७ में ज्ञात हुआ के इसके इर्द-गिर्द ३ ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा कर रहें हैं। वैज्ञानिकों को एक चौथे ग्रह की मजूदगी पर भी शक है। .

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फ़ाउन्डेशन शृंखला

फ़ाउन्डेशन शृंखला में "सूरज और अंतरिक्ष यान" का निशान आकाशगंगीय साम्राज्य का राजचिह्न था फ़ाउन्डेशन शृंखला या बुनियाद शृंखला (अंग्रेज़ी: Foundation series, फ़ाउन्डेशन सीरीज़) प्रसिद्ध विज्ञान कथा लेखक आईज़ैक असिमोव द्वारा रचित सात उपन्यासों में विस्तृत एक विज्ञान कथा है। इस शृंखला की पृष्ठभूमि सूदूर भविष्य में है, जिसमें मनुष्य क्षीरमार्ग (हमारी आकाशगंगा) में फैल गए हैं और उनकी जनसँख्या एक लाख खरब तक पहुँच चुकी है। पूरे क्षीरमार्ग में एक आकाशगंगीय साम्राज्य फैला हुआ है। इस दौर में हैरी सॅल्डन (Hari Seldon) नामक एक वैज्ञानिक और गणितिज्ञ एक नए विज्ञान का आविष्कार करता है, जिसका नाम मनोवैज्ञानिक-इतिहास (psychohistory, साइकोहिस्ट्री) है। उसके अनुसार जब मनुष्यों की तादाद इतनी अधिक हो जाए तो गणित के ज़रिये यह भविष्यवानियाँ की जा सकती हैं कि आने वाले इतिहास में कौन सी बड़ी घटनाएँ घटेंगी। वह यह भविष्यवाणी करता है कि आकाशगंगीय साम्राज्य का अंत निश्चित है और उसके बाद तीस हज़ार साल का एक अन्धकारमय युग चलेगा जिसमें मानवों की बहुत दुर्दशा होगी। लेकिन वह यह भी भविष्यवाणी करता है कि यदि कुछ क़दम उठाये गए तो इस अन्धकार काल को केवल एक हज़ार साल तक सीमित रखा जा सकता है, जिसके बाद एक दूसरा साम्राज्य उठेगा और सुव्यवस्था लाएगा। इसके लिए वह आकाशगंगा के "दो छोरों" पर दो अलग संसथाने बनता है। पहली संस्था (First Foundation, फ़र्स्ट फ़ाउन्डेशन) का काम है कि वह तरह-तरह की समस्याओं और मुश्किलों से जूझकर दूसरे साम्राज्य को अस्तित्व में लाने में सहायक हो। लेकिन इस कार्य में इतिहास के अगले पन्नों में क्या होना है, यह उस से छुपा रखा जाएगा। सन् १९६६ में इसने "सर्वश्रेष्ठ विज्ञान कथा शृंखला" के लिए ह्यूगो पुरस्कार जीता। .

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बर्नार्ड-तारा

बारनर्ड का तारा अपना आकाश में स्थान बदलता रहता है - यह तस्वीर उसका हर पाँचवे साल का स्थान दर्शा रहा है बारनर्ड का तारा सर्पधारी तारामंडल में नज़र आने वाला एक बहुत ही कम द्रव्यमान (मास) वाला लाल बौना तारा है। यह पृथ्वी से लगभग 6 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। मित्र तारे के मंडल के तीन तारों के बाद बारनर्ड का तारा ही पृथ्वी का सब से समीपी तारा है। यह एक M4 श्रेणी का तारा है और पृथ्वी से इसकी चमक (सापेक्ष कान्तिमान) को 9। 54 मैग्नीट्यूड पर मापा गया है। आकाश में यह अपना स्थान बदलता रहता है इसलिए इसे "बारनर्ड का भागता तारा" भी कहते हैं। .

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बहिर्ग्रह खोज की विधियाँ

खगोलिकी में कोई भी ग्रह दूर से देखे जाने पर अपने पितृ तारे (जिसके इर्द-गिर्द वह कक्षा या ऑरबिट में हो) की कांति के सामने लगभग अदृश्य होता है। उदाहरण के लिए हमारा सूर्य हमारे सौर मंडल के किसी भी ग्रह से एक अरब गुना से भी अधिक चमक रखता है। वैसे भी ग्रहों की चमक केवल उनके द्वारा अपने पितृतारे के प्रकाश के प्रतिबिम्ब से ही आती है और पितृग्रह की भयंकर चमके के आगे धुलकर ग़ायब-सी हो जाती है। यही कारण है कि बहुत ही कम मानव-अनवेषित बहिर्ग्रह (यानि हमारे सौर मंडल से बाहर स्थित ग्रह) सीधे उनकी छवि देखे जाने से पाए गए हैं। इसकी बजाय लगभग सभी ज्ञात बहिर्ग्रह परोक्ष विधियों से ढूंढे गए हैं, और खगोलज्ञों ऐसी विधियों का तीव्रता से विस्तार कर रहे हैं।Stuart Shaklan.

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ब्रांड

ब्रांड एक एसे नाम, डिज़ाईन अथवा किसी एसे विशेष लक्षण को कहा जाता है जो कि किसी एक विक्रेता के उत्पाद को दूसरे से अलग करता हो। ब्रांड का प्रयोग व्यापार, विपणन व प्रचार में किया जाता है। किसी उत्पादन या सेवा का ब्रांड चुनते हुए विक्रेता या निर्माता उसे ग्राहकों के लिए आकर्षक बनाने का प्रयास करता है, इसलिए कम्पनियाँ अपना ब्रांड चुनने के लिए अक्सर बहुत पैसा ख़र्च करती हैं और कई सम्भावनाएँ परखने के बाद एक को चुनती हैं। समय के साथ-साथ ग्राहक कुछ ब्रांडों को भरोसेमन्द समझना शुरु कर देते हैं और इस से ब्रांड का अपना मूल्य बन जाता है। यानि यदि एक ही वस्तु पर कोई जाना-माना और पसंदीदा ब्रांड लगाया जाए तो उसकी बिक्री में स्वयं ही बहुत बढ़ौतरी हो जाती है। कुछ नुमाया ब्रांडों का मूल्य समय-समय पर आंका जा सकता है, मसलन भारत के प्रसिद्ध टाटा ब्रांड का मूल्य सन् २०१५ में १५ अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया था। .

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ब्रेव न्यू वर्ल्ड

ऐल्डस हक्स्ले ब्रेव न्यू वर्ल्ड (अंग्रेज़ी: Brave New World, बहादुर नई दुनिया) ब्रिटिश लेखक ऐल्डस हक्स्ले का पाँचवा उपन्यास था जो १९३२ में प्रकाशित हुआ। इस कहानी की पृष्ठभूमि सन् २५४० का लन्दन शहर है। इसमें भविष्य विज्ञान के कई पहलु हैं जिनमें पारम्परिक मनाव समाज से हटकर एक बहुत ही भिन्न और कुछ हद तक घृणा-योग्य संस्कृति दिखाई गई है। कुछ समीक्षकों (क्रिटिक) के अनुसार यह २०वी सदी के १०० सब से अच्छे अंग्रेज़ी उपन्यासों में से एक है। .

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बौनी गैलेक्सी

यु॰जी॰सी॰ ९१२८ एक बेढंगी बौनी गैलेक्सी है जिसमें सिर्फ़ लगभग १० करोड़ तारे हैं बौनी गैलेक्सी (ड्वॉर्फ़ गैलॅक्सी) ऐसी गैलेक्सी को कहते हैं जिसमें चंद अरब तारे ही हों, जो की हमारी गैलेक्सी, आकाशगंगा के २-४ खरब तारों की तुलना में काफ़ी कम हैं। आकाशगंगा की परिक्रमा कर रहा छोटा मॅजलॅनिक बादल एक ऐसी बौनी गैलेक्सी है। हमारे स्थानीय समूह में बहुत सी बौनी गैलेक्सियाँ हैं और यह अक्सर बड़ी गैलेक्सियों के उपग्रहों के रूप में पाई जाती हैं। .

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बेटा सॅफ़ॅई तारा

वृषपर्वा (सिफ़ियस) तारामंडल में 'β' के चिह्न द्वारा नामांकित तारा है बेटा सॅफ़ॅई, जिसका बायर नाम भी यही (β Cephei या β Cep) है, वृषपर्वा तारामंडल में स्थित एक तारा है। यह हमसे क़रीब ६९० प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) लगभग +३.१४ है, हालांकि यह एक परिवर्ती तारा है जिसकी चमक ऊपर-नीचे होती रहती है। इस तारे के नाम पर परिवर्ती तारों की एक विशेष श्रेणी का नामकरण किया गया है जिसके सददास्यों को बेटा सॅफ़ॅई परिवर्ती तारे बुलाया जाता है। .

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बेटा अक्विलाए तारा

गरुड़ तारामंडल में बेटा अक्विलाए β द्वारा नामांकित तारा है बेटा अक्विलाए, जिसका बायर नाम भी यही (β Aquilae या β Aql) है, गरुड़ तारामंडल का एक तारा है। यह एक G8IV श्रेणी का उपदानव तारा है। बेटा अक्विलाए का वर्णक्रम (स्पेक्ट्रम) इतना स्थाई है कि १९४३ से अन्य तारों का श्रेणीकरण अक्सर इस से तुलना कर के किया जाता है।, R. F. Garrison, Bulletin of the American Astronomical Society, Page 1319, volume 25, 1993, Accessed 2012-02-04 यह तारा पृथ्वी से लगभग ४४.७ प्रकाश वर्ष की दूरी पर हैं और यहाँ से देखी गई इसकी चमक (सापेक्ष कांतिमान) +३.७१ मैग्नीट्यूड है। यह एक प्रतीत होने वाला तारा दूरबीन से देखने पर दोहरा तारा नज़र आता है। इसका साथी तारा बेटा अक्विलाए बी (β Aquilae B) कहलाता है और १२वे मैग्नीट्यूड की बहुत धुंधली चमक रखता है (याद रहे कि मैग्नीट्यूड ऐसा उल्टा माप है जो जितना अधिक हो तारा उतना ही कम रोशन होता है)। .

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बोस्तेन झील

बोस्तेन झील (चीनी: 博斯騰湖, बोसितेंग हू, Bosten Lake) या बाग़राश झील (उईग़ुर:, बाग़राश कोली, Baghrash Lake) मध्य एशिया में जनवादी गणतंत्र चीन द्वारा नियंत्रित शिंजियांग प्रान्त के बायिनग़ोलिन मंगोल स्वशासित विभाग में स्थित मीठे पानी की एक झील है। यह तारिम द्रोणी के पूर्वोत्तरी छोर पर स्थित है और शिंजियांग प्रान्त की सबसे बड़ी झील है। बोस्तेन झील काराशहर (यान्ची) से २० किमी पूर्व में और बायिनग़ोलिन विभाग की प्रशासनिक राजधानी कोरला से ५७ किमी पूर्वोत्तर में स्थित है। काइदू नदी इस झील में पानी लाती है और झील में पहुँचने वाला ८३% जल इसी एक नदी से आता है। झील में बहुत-सी मछलियाँ रहती है और कुछ स्थानीय निवासी उन्हें व्यावसायिक रूप से पकड़ते हैं। .

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भट्टी तारामंडल

भट्टी (फ़ॉरनैक्स) तारामंडल भट्टी तारामंडल में दिखने वाला ग़ैर-सौरीय ग्रह हिप १३०४४ बी क्षीरमार्ग (हमारी आकाशगंगा) में नहीं जन्मा था (काल्पनिक चित्र) बिग बैंग महाविस्फोट में हुए ब्रह्माण्ड के जन्म के ५० करोड़ वर्षों के अन्दर-अन्दर दिखती होगी भट्टी या फ़ॉरनैक्स खगोलीय गोले के दक्षिणी भाग में स्थित एक छोटा-सा तारामंडल है। इसकी परिभाषा १८वीं सदी में की गई थी और अब यह अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा जारी की गई ८८ तारामंडलों की सूची में शामिल है। .

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भूवैज्ञानिक समय-मान

यह घड़ी भूवैज्ञानिक काल के प्रमुख ईकाइयों के के साथ-साथ पृथ्वी के जन्म से लेकर आज तक की प्रमुख घटनाओं को भी दिखा रही है। भूवैज्ञानिक समय-मान (geologic time scale) कालानुक्रमिक मापन की एक प्रणाली है जो स्तरिकी (stratigraphy) को समय के साथ जोड़ती है। यह एक स्तरिक सारणी (stratigraphic table) है। भूवैज्ञानिक, जीवाश्मवैज्ञानिक तथा पृथ्वी का अध्ययन करने वाले अन्य वैज्ञानिक इसका प्रयोग धरती के सम्पूर्ण इतिहास में हुई सभी घटनाओं का समय अनुमान करने के लिये करते हैं। जिस प्रकार चट्टानो के अधिक पुराने स्तर नीचे होते हैं तथा अपेक्षाकृत नये स्तर उपर होते हैं, उसी प्रकार इस सारणी में पुराने काल और घटनाएँ नीचे हैं जबकि नवीन घटनाएँ उपर (पहले) दी गई हैं। विकिरणमितीय प्रमाणों (radiomeric evidence) से पता चलता है पृथ्वी की आयु लगभग 4.54 अरब वर्ष है। .

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मद्रास शेयर बाज़ार

मद्रास शेयर बाज़ार (म॰शे॰बा॰, Madras Stock Exchange) भारत के चेन्नई शहर में स्थित एक शेयर बाज़ार है। सन् १९३७ में स्थापित होने वाला यह शेयर बाज़ार भारत का चौथा और दक्षिण भारत का पहला शेयर बाज़ार था।, Accessed 02 Sep 2012,...

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महादानव तारा

लाल महादानव तारे मू सिफ़ई के आगे सूरज नन्हा लगता है - मू सिफ़ई का अर्धव्यास (रेडियस) सूरज का १,६५० गुना है तारों की श्रेणियाँ दिखने वाला हर्ट्ज़स्प्रुंग-रसल चित्र महादानव तारा एक अत्याधिक द्रव्यमान (मास) और चमक वाला तारा होता है। यर्कीज़ वर्णक्रम श्रेणीकरण में इसकी चमक की श्रेणी "Ia" (बहुत चमकीले महादानव) और "Ib" (कम चमकीले महादानव) है। इनसे बड़े तारे ब्रह्माण्ड में मुट्ठी-भर ही हैं और वे परमदानव तारे कहलाते हैं। .

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महापृथ्वी

पृथ्वी और "कॅप्लर-१०बी" नामक महापृथ्वी ग्रह के आकारों की तुलना व्यास (r) और द्रव्यमान (m) एक सीमा में संतुलन में होने से कोई ग्रह महापृथ्वी बनता है - नीली लकीर पर स्थित ग्रह पूरे बानी और बर्फ़ के होंगे और लाल लकीर वाले ग्रह लगभग पूरे लोहे के होंगे - इन दोनों के बीच में महापृथ्वियाँ मिलती हैं वरुण के आकारों की तुलना महापृथ्वी ऐसे ग़ैर-सौरीय ग्रह को कहा जाता है जो पृथ्वी से अधिक द्रव्यमान (मास) रखता हो लेकिन सौर मंडल के बृहस्पति और शनि जैसे गैस दानव ग्रहों से काफ़ी कम द्रव्यमान रखे।Valencia et al., Radius and structure models of the first super-Earth planet, September 2006, published in The Astrophysical Journal, February 2007 .

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मित्र तारा

मित्र मंडल के तीन तारों और हमारे सूरज के आकारों और रंगों की आपस में तुलना शक्तिशाली दूरबीन के ज़रिये मित्र तारे का एक दृश्य (बीच का सब से रोशन तारा) मित्र "बी" की परिक्रमा करते ग़ैर-सौरीय ग्रह का काल्पनिक चित्रण मित्र या अल्फ़ा सॅन्टौरी, जिसका बायर नाम α Centauri या α Cen है, नरतुरंग तारामंडल का सब से रोशन तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से चौथा सब से रोशन तारा भी है। पृथ्वी से एक दिखने वाला मित्र तारा वास्तव में तीन तारों का बहु तारा मंडल है। इनमें से दो तो एक द्वितारा मंडल में हैं और इन्हें मित्र "ए" और मित्र "बी" कहा जाता है। तीसरा तारा इनसे कुछ दूरी पर है और उसे मित्र "सी" या "प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी" का नाम मिला है। सूरज को छोड़कर, प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी हमारी पृथ्वी का सब से नज़दीकी तारा है और हमसे 4.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है। फिर भी प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी इतना छोटा है के बिना दूरबीन के देखा नहीं जा सकता। अक्टूबर २०१२ में वैज्ञनिकों ने घोषणा करी कि मित्र तारा मंडल के एक तारे (मित्र "बी") के इर्द-गिर्द एक ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करता हुआ पाया गया है। इस ग्रह का नाम 'मित्र बी-बी' (Alpha Centauri Bb) रखा गया और यह पृथ्वी से सब से नज़दीकी ज्ञात ग़ैर-सौरीय ग्रह है लेकिन यह अपने तारे के बहुत पास है और वासयोग्य क्षेत्र में नहीं पड़ता।, Mike Wall, 16 अक्टूबर 2012, NBC News, Accessed: 19 अक्टूबर 2012,...

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मंगल विज्ञान प्रयोगशाला

मंगल विज्ञान प्रयोगशाला (अंग्रेज़ी: Mars Science Laboratory, मार्ज़ साइन्स लबोरेटोरी) अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसन्धान परिषद्, नासा, की एक योजना है जिसके अंतर्गत मंगल ग्रह पर एक पहियों पर घूमने-फिरने वाला यान उतारा जाएगा जो उस ग्रह पर छानबीन करके पृथ्वी पर बैठे वैज्ञानिकों को तस्वीरें और जानकारी भेजेगा। किसी अन्य ग्रह पर ऐसे घूमने वाले यान को अंग्रेज़ी में "रोवर" (rover) कहा जाता है और इस योजना में भेजे गए रोवर का नाम "क्युरियौसिटि" (Curiosity), यानी "जिज्ञासा" है। यह २६ नवम्बर २०११ को पृथ्वी से राकेट पर मंगल की ओर रवाना हुआ था और अगस्त २०१२ में मंगल पर गेल क्रेटर नाम के क्रेटर की तह में उतरेगा। क्युरियौसिटि यान वहाँ पर मिटटी और पत्थरों की जाँच कर के वैज्ञानिकों को यह अंदाज़ा लगाने में मदद करेगा की क्या मंगल पर कभी भी जीवन पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद था या नहीं। अकार में यह रोवर एक आम गाड़ी से ज़रा बड़ा है। मंगल विज्ञान प्रयोगशाला योजना का कुल ख़र्चा २.५ अरब अमेरिकी डालर अनुमानित किया गया है। .

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मेरिल लिंच

बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच बैंक ऑफ अमेरिका के निवेश बैंकिंग और धन प्रबंधन प्रभाग का हैं। 20,000 से ज्यादा दलालों और 2.2 ट्रिलियन परिसंपत्तियों के साथ यह दुनिया का सबसे बड़ा ब्रोकरेज है। 2009 से पहले मेरिल लिंच एण्ड कं, इंक.

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मॅसिये ७४

मॅसिये 74 मॅसिये 74 मीन तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आने वाली एक सर्पिल (स्पाइरल) गैलेक्सी है। यह पृथ्वी से लगभग 3.2 करोड़ प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। इसकी चमक पृथ्वी से कम प्रतीत होती है और सारी मॅसिये वस्तुओं में यह ग़ैर-पेशेवर खगोलशास्त्रियों द्वारा देखने में सब से मुश्किल मानी जाती है। इसकी दो साफ़ सर्पिल भुजाएँ हैं और माना जाता है के इस पूरी गैलेक्सी में क़रीब 100 अरब तारे हैं। .

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मोज़ाम्बीक

मोज़ाम्बीक (अंग्रेजी: Mozambique, पुर्तगाली: Moçambique) दक्षिणपूर्वी अफ़्रीका में स्थित एक देश है जो पूर्व में हिन्द महासागर से, उत्तर में तंज़ानिया से, पश्चिमोत्तर में मालावी और ज़ाम्बिया से. पश्चिम में ज़िम्बाब्वे से और दक्षिण में स्वाज़ीलैंड और दक्षिण अफ़्रीका से बंधा हुआ है। पहली से पांचवी सदी ईसवी में यहाँ उत्तर और पश्चिम से बांटू-भाषी लोग आ बसे, जिसके बाद स्वाहिली-भाषी और फिर अरब लोगों का प्रभाव रहा। सन् १४९८ में पुर्तगाली खोजयात्री वास्को दा गामा जो अपनी नौकाएँ लेकर भारत जा रहा था रास्ते में यहाँ आ धमका। १५०५ में पुर्तगाल ने मोज़ाम्बीक पर अपना राज घोषित कर दिया और मोज़ाम्बीक उसका उपनिवेश (कोलोनी) बन गया। पुर्तगाली ज़माने में बहुत से भारतीय मूल के लोग भी मोज़ाम्बीक जा बसे और वे २००७ में आबादी का ०.०८% थे। १९७५ में मोज़ाम्बीक आज़ाद हुआ। १९७७ से १९९२ में यहाँ एक ज़बरदस्त गृह युद्ध चला। .

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युन्नान

(云南, Yunnan) जनवादी गणराज्य चीन के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रांत है। इस प्रान्त की राजधानी कुनमिंग है। युन्नान की सरहदें बर्मा, लाओस और वियतनाम से लगती हैं और यहाँ पर बहुत से ग़ैर-चीनी समुदाय रहते हैं, जैसे की यी लोग, झुआंग लोग और मियाओ लोग। युन्नान एक पहाड़ी इलाक़ा है और प्रान्त की अधिकतर आबादी उसके पूर्वी भाग में रहती है। वनस्पति-विज्ञान की दृष्टि से यह एक भरपूर क्षेत्र है - चीन में मिलने वाली ३०,००० वनस्पति पेड़-पौधों की जातियों में से १७,००० युन्नान में मिलती हैं। इस प्रान्त में ज़मीन के नीचे मिलने वाले अलूमिनियम, सीसे, जस्ते (ज़िंक), ताम्बे और त्रपु (टिन) के भण्डार चीन में सबसे बड़े हैं। यहाँ सैंकड़ों झरने-तालाब हैं और इस प्रान्त के बेहतरीन मौसम को 'सदाबहार' बुलाया गया है।, Kah Joon Liow, SilkRoad Networks Inc., 2004, ISBN 978-0-9733492-1-4,...

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यूनाइटेड किंगडम

वृहत् ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैण्ड का यूनाइटेड किंगडम (सामान्यतः यूनाइटेड किंगडम, यूके, बर्तानिया, UK, या ब्रिटेन के रूप में जाना जाने वाला) एक विकसित देश है जो महाद्वीपीय यूरोप के पश्चिमोत्तर तट पर स्थित है। यह एक द्वीपीय देश है, यह ब्रिटिश द्वीप समूह में फैला है जिसमें ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड का पूर्वोत्तर भाग और कई छोटे द्वीप शामिल हैं।उत्तरी आयरलैंड, UK का एकमात्र ऐसा हिस्सा है जहां एक स्थल सीमा अन्य राष्ट्र से लगती है और यहां आयरलैण्ड यूके का पड़ोसी देश है। इस देश की सीमा के अलावा, UK अटलांटिक महासागर, उत्तरी सागर, इंग्लिश चैनल और आयरिश सागर से घिरा हुआ है। सबसे बड़ा द्वीप, ग्रेट ब्रिटेन, चैनल सुरंग द्वारा फ़्रांस से जुड़ा हुआ है। यूनाइटेड किंगडम एक संवैधानिक राजशाही और एकात्मक राज्य है जिसमें चार देश शामिल हैं: इंग्लैंड, उत्तरी आयरलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स. यह एक संसदीय प्रणाली द्वारा संचालित है जिसकी राजधानी लंदन में सरकार बैठती है, लेकिन इसमें तीन न्यागत राष्ट्रीय प्रशासन हैं, बेलफ़ास्ट, कार्डिफ़ और एडिनबर्ग, क्रमशः उत्तरी आयरलैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड की राजधानी.जर्सी और ग्वेर्नसे द्वीप समूह, जिन्हें सामूहिक रूप से चैनल द्वीप कहा जाता है और मैन द्वीप (आईल ऑफ मान), यू के की राजत्व निर्भरता हैं और UK का हिस्सा नहीं हैं। इसके इलावा, UK के चौदह समुद्रपार निर्भर क्षेत्र हैं, ब्रिटिश साम्राज्य, जो १९२२ में अपने चरम पर था, दुनिया के तकरीबन एक चौथाई क्षेत्रफ़ल को घेरता था और इतिहास का सबसे बड़ा साम्रज्य था। इसके पूर्व उपनिवेशों की भाषा, संस्कृति और कानूनी प्रणाली में ब्रिटिश प्रभाव अभी भी देखा जा सकता है। प्रतीकत्मक सकल घरेलू उत्पाद द्वारा दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था और क्रय शक्ति समानता के हिसाब से सातवाँ बड़ा देश होने के साथ ही, यूके एक विकसित देश है। यह दुनिया का पहला औद्योगिक देश था और 19वीं और 20वीं शताब्दियों के दौरान विश्व की अग्रणी शक्ति था, लेकिन दो विश्व युद्धों की आर्थिक लागत और 20 वीं सदी के उत्तरार्ध में साम्राज्य के पतन ने वैश्विक मामलों में उसकी अग्रणी भूमिका को कम कर दिया फिर भी यूके अपने सुदृढ़ आर्थिक, सांस्कृतिक, सैन्य, वैज्ञानिक और राजनीतिक प्रभाव के कारण एक प्रमुख शक्ति बना हुआ है। यह एक परमाणु शक्ति है और दुनिया में चौथी सर्वाधिक रक्षा खर्चा करने वाला देश है। यह यूरोपीय संघ का सदस्य है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सीट धारण करता है और राष्ट्र के राष्ट्रमंडल, जी8, OECD, नाटो और विश्व व्यापार संगठन का सदस्य है। .

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यूरोपा (उपग्रह)

यूरोपा (Europa), हमारे सौर मण्डल के पाँचवे ग्रह बृहस्पति का चौथा सब से बड़ा उपग्रह है। इसका व्यास (डायामीटर) लगभग 3,138 किमी है जो हमारे चन्द्रमा से चंद किलोमीटर ही छोटा है। .

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रोडरनर

कंप्यूटर बनाने वाली शीर्ष कंपनी आईबीएम दुनिया का सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर बना रही है जो प्रति सेकेंड में 1.6 हज़ार खरब तक गणना करने में सक्षम होगा। कंपनी ने इसका नाम 'रोडरनर' रखा है और इसे अमरीकी शहर न्यू मेक्सिको की लॉस अलामोस प्रयोगशाला में तैयार किया जाएगा.

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लहरबाज़ी

समुद्री लहर के ऊपरी हिस्से पर सवारी करता एक लहरबाज़ लहर टूटते ही लहरबाज़ नीचे की तरफ आ जाता है - इसे 'देर से उतरने वाली' (लेट ड्रॉप) लहरबाज़ी कहते हैं १९७५ में कैलिफ़ोर्निया के ओक्सनार्ड बीच पर लहरबाज़ी कैलिफ़ोर्निया के सांता क्रूज़ तट पर वेटसूट पहने एक लहरबाज़ शरीर के सामनांतर सतह पर और हाथों को फैलाये हुए एक लहरबाज़ तुरंत उलट गए तख़्ते से गिरा एक लहरबाज़ अशांत जल में लहर के टूटने की तस्वीर मानव-लंबाई से कहीं बड़ी टूटती हुई लहर में जूझते लहरबाज़ को किनारे से देखते दर्शक लहरबाज़ी या लहरसवारी या तरंगक्रीडा (अंग्रेज़ी: surfing, सरफ़िंग) समुद्र की लहरों पर किया जाने वाला एक खेल है जिसमें लहरबाज़ (सरफ़र) एक फट्टे पर संतुलन बनाकर खड़े रहते हुए तट की तरफ़ आती किसी लहर पर सवारी करते हैं। लहरबाज़ों के फट्टों को 'लहरतख़्ता' या 'सर्फ़बोर्ड' (surfboard) कहा जाता है। लहरबाज़ी का आविष्कार हवाई द्वीपों के मूल आदिवासियों ने किया था और वहाँ से यह विश्वभर में फैल गया।, Ben R. Finney, James D. Houston, Pomegranate, 1996, ISBN 978-0-87654-594-2 .

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लाम्डा वलोरम तारा

पाल तारामंडल की एक तस्वीर जिसमें लाम्डा वलोरम "λ" के चिह्न वाला तारा है लाम्डा वलोरम, जिसका बायर नाम भी यही (λ Velorum या λ Vel) है, पाल तारामंडल का एक तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से ६३वाँ सब से रोशन तारा है। पृथ्वी से देखी गई इसकी चमक (सापेक्ष कान्तिमान) +२.२३ मैग्नीट्यूड है और यह पृथ्वी से लगभग ५७० प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। यह एक K श्रेणी का चमकीला दानव या महादानव तारा है। लाम्डा वलोरम एक परिवर्ती तारा भी है जिसकी चमक समय के साथ-साथ +२.१४ से +२.३० मैग्नीट्यूड के बीच चढ़ती-उतरती रहती है। .

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लाल दानव तारा

एक लाल दानव तारे और सूरज के अंदरूनी ढाँचे की तुलना खगोलशास्त्र में लाल दानव तारा (red giant star, रॅड जायंट स्टार) ऐसे चमकीले दानव तारे को बोलते हैं जो हमारे सूरज के द्रव्यमान का ०.५ से १० गुना द्रव्यमान (मास) रखता हो और अपने जीवनक्रम में आगे की श्रेणी का हो (यानि बूढ़ा हो रहा हो)। ऐसे तारों का बाहरी वायुमंडल फूल कर पतला हो जाता है, जिस से उस का आकार भीमकाय और उसका सतही तापमान ५,००० कैल्विन या उस से भी कम हो जाता है। ऐसे तारों का रंग पीले-नारंगी से गहरे लाल के बीच का होता है। इनकी श्रेणी आम तौर पर K या M होती है, लेकिन S भी हो सकती है। कार्बन तारे (जिनमें ऑक्सीजन की तुलना में कार्बन अधिक होता है) भी ज़्यादातर लाल दानव ही होते हैं। प्रसिद्ध लाल दानवों में रोहिणी, स्वाति तारा और गेक्रक्स शामिल हैं। लाल दानव तारों से भी बड़े लाल महादानव तारे होते हैं, जिनमें ज्येष्ठा और आर्द्रा गिने जाते हैं। आज से अरबों वर्षों बाद हमारा सूरज भी एक लाल दानव बन जाएगा। .

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शून्य

शून्य (0) एक अंक है जो संख्याओं के निरूपण के लिये प्रयुक्त आजकी सभी स्थानीय मान पद्धतियों का अपरिहार्य प्रतीक है। इसके अलावा यह एक संख्या भी है। दोनों रूपों में गणित में इसकी अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। पूर्णांकों तथा वास्तविक संख्याओं के लिये यह योग का तत्समक अवयव (additive identity) है। .

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शेनयांग

शेनयांग (चीनी: 沈阳, अंग्रेज़ी: Shenyang) या मुकदेन (Mukden, मान्छु: 15px) पूर्वोत्तरी चीन के मंचूरिया क्षेत्र में स्थित लियाओनिंग प्रान्त की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। यह एक उप-प्रांत का दर्जा रखने वाला शहर है। सन् २०१० की जनगणना में शेनयांग की जनसँख्या ८१,०६,१७१ थी। .

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सालार दे उयुनी

सालार दे उयुनी (स्पेनी: Salar de Uyuni), जिसे सालार दे तुनुपा (स्पेनी: Salar de Tunupa) भी कहा जाता है, दुनिया का सबसे बड़ा नमक का मैदान है। १०,५८२ वर्ग किमी के क्षेत्रफल (लगभग भारत के त्रिपुरा राज्य के बराबर) वाला यह नमक का मैदान बोलिविया के पोतोसी व ओरूरो विभागों में स्थित है। यह ३,६५६ मीटर (११,९९५ फ़ुट) की ऊँचाई पर ऐन्डी पर्वत शृंखला के छोर पर स्थित है।, Karen Hartburn, pp.

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स्रोतास्विनी तारामंडल

स्रोतास्विनी तारामंडल ऍप्सिलन ऍरिडानी तारे के इर्द-गिर्द परिक्रमा करता बृहस्पति-जैसा ग्रह - काल्पनिक चित्र स्रोतास्विनी (संस्कृत अर्थ: नहर, नदी या प्रवाह) या इरिडनस एक तारामंडल है जो अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा जारी की गई ८८ तारामंडलों की सूची में शामिल है। दूसरी शताब्दी ईसवी में टॉलमी ने जिन ४८ तारामंडलों की सूची बनाई थी यह उनमें भी शामिल था। .

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स्कोडा ऑटो

स्कोडा ऑटो, सामान्यतः स्कोडा के रूप में अधिक विख्यात, चेक गणराज्य में अवस्थित ऑटोमोबाइल निर्माता है। 1991 में स्कोडा वोक्सवैगन समूह का सहायक बन गया.

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सौर प्रज्वाल

सौर प्रज्वाल (solar flare) सूरज की सतह के किसी स्थान पर अचानक बढ़ने वाली चमक को कहते हैं। यह प्रकाश वर्णक्रम के बहुत बड़े भाग के तरंगदैर्घ्यों (वेवलेन्थ) पर उत्पन्न होता है। सौर प्रज्वाल में कभी-कभी कोरोना द्रव्य उत्क्षेपण (coronal mass ejection) भी होता है जिसमें सूरज के कोरोना से प्लाज़्मा और चुम्बकीय क्षेत्र बाहर फेंक दिये जाते हैं। यह सामग्री तेज़ी से सौर मंडल में फैलती है और इसके बादल बाहर फेंके जाने के एक या दो दिन बाद पृथ्वी तक पहुँच जाते हैं। इनसे अंतरिक्ष यानों पर दुष्प्रभाव के साथ-साथ पृथ्वी के आयनमंडल पर भी प्रभाव पड़ सकता है, जिस से दूरसंचार प्रभावित होने की सम्भावना बनी रहती है। .

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हिमयुग

हिमयुग के दौरान बर्फ़ की चादर का फैलाव ऐन्टार्कटिका पर बर्फ़ की चादर हिमयुग या हिमानियों का युग पृथ्वी के जीवन में आने वाले ऐसे युगों को कहते हैं जिनमें पृथ्वी की सतह और वायुमंडल का तापमान लम्बे अरसों के लिए कम हो जाता है, जिस से महाद्वीपों के बड़े भूभाग पर हिमानियाँ (ग्लेशियर) फैल जाते हैं। ऐसे हिमयुग पृथ्वी पर बार-बार आयें हैं और विज्ञानिकों का मानना है के यह भविष्य में भी आते रहेंगे। आख़री हिमयुग अपनी चरम सीमा पर अब से लगभग २०,००० साल पूर्व था। माना जाता है कि यह हिमयुग लगभग १२,००० वर्ष पूर्व समाप्त हो गया, लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्रीनलैंड और ऐन्टार्कटिका पर अभी भी बर्फ़ की चादरें होने का अर्थ है कि यह हिमयुग अपने अंतिम चरणों पर है और अभी समाप्त नहीं हुआ है। जब यह युग अपने चरम पर था तो उत्तरी भारत का काफ़ी क्षेत्र हिमानियों की बर्फ़ की मोटी तह से हज़ारों साल तक ढका हुआ था। .

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जर्मैनी भाषा परिवार

जर्मैनी भाषाओँ का फैलाव - गाढ़े नीले रंग के देशों में कोई जर्मैनी भाषा बहुसंख्यक या प्रथम भाषा है, हलके नीले देशों में कोई जर्मैनी भाषा सरकारी स्तर पर मान्य है जर्मैनी भाषा परिवार हिन्द-यूरोपी भाषा परिवार की एक शाखा है। इस परिवार की सारी भाषाओँ की सांझी पूर्वजा "आदिम जर्मैनी" नाम की एक कल्पित भाषा है। इतिहासकार अनुमान लगते हैं की आदिम जर्मैनी भाषा लौह युग में लगभग 800 ईसापूर्व के काल में उत्तर यूरोप में बोली जाती थी। अंग्रेज़ी इसी भाषा परिवार की सदस्या है और इसकी अन्य जानी-मानी भाषाएँ जर्मन, डच और स्कैंडिनेविया क्षेत्र की भाषाएँ हैं (जिनमें नोर्वीजियाई, स्वीडी, डेनी और आइसलैंडी शामिल हैं)। कुल मिलकर विश्व में लगभग 56 करोड़ लोग किसी जर्मैनी भाषा को अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। दुनिया में अंग्रेज़ी के फैलाव के कारण लगभग 2 अरब लोग किसी जर्मैनी भाषा को बोल सकते हैं (चाहे वह मातृभाषा न होकर उनकी दूसरी या तीसरी भाषा ही हो)। .

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ज़ेटा पपिस तारा

ज़ेटा पपिस का एक काल्पनिक चित्रण ज़ेटा पपिस, जिसका बायर नाम भी यही (ζ Puppis या ζ Pup) है, पपिस तारामंडल का सब से रोशन तारा और पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से ६२वाँ सब से रोशन तारा है। पृथ्वी से देखी गई इसकी चमक (सापेक्ष कान्तिमान) +२.२१ मैग्नीट्यूड है और यह पृथ्वी से लगभग १,०९० प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। यह एक O श्रेणी का अत्यंत गरम नीला महादानव तारा है। .

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वस्तु अंतरजाल

वस्तु अंतरजाल (Internet of things) भौतिक वस्तुओं, वाहनों, घरों, भवनों, वस्त्रों, बल्ब जैसे यंत्रों और अन्य चीज़ों को अंतरजाल में प्रयोग होने वाली इंटर-नेटवर्किंग तकनीकों से अंतरजाल पर लाने से बनने वाले अधिक विस्तृत अंतरजाल को कहते हैं। इस से पहले केवल कम्प्यूटर और उनके परिधीय यंत्र (और उनके द्वारा मानव) ही अंतरजाल पर उपस्थित थे। विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि सन् २०२० तक वस्तु अंतरजाल से लगभग ५० अरब वस्तुएँ जुड़ी हुई होंगी। .

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वुल्फ़ ३५९ तारा

इस सन् २००९ में ली गई तस्वीर में वुल्फ़ ३५९ मध्य में ऊपर की तरफ़ स्थित नारंगी तारा है वुल्फ़ ३५९ (Wolf 359) सिंह तारामंडल में क्रांतिवृत्त के पास स्थित एक लाल बौना तारा है। यह हमसे ७.८ प्रकाश वर्ष की दूरी पर है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) १३.५ है। इसके केवल एक बड़ी दूरबीन से ही देखा जा सकता है। मित्र तारे के तीन तारों वाले मंडल और बारनर्ड के तारे के बाद यह पृथ्वी का तीसरा सबसे नज़दीकी पड़ोसी तारा है। वुल्फ़ ३५९ सभी ज्ञात तारों में सबसे कम रोशनी और सबसे कम द्रव्यमान (मास) वाले तारों में है। इसका सतही तापमान केवल २,८०० केल्विन है, जिसमें बहुत से रसायन बनकर स्थाई रह सकते हैं। जब इसके वर्णक्रम (स्पेक्ट्रम) का अध्ययन किया जाता है तो उससे इसके वातावरण में पानी और टाईटेनियम डायोक्साइड​ की मौजूदगी का पता चलता है। इसका चुम्बकीय क्षेत्र हमारे सूरज से अधिक शक्तिशाली है। यह एक धधकने वाला तारा है जिसमें अचानक कुछ मिनटों के लिए चमक बढ़ जाती है। इन हादसों के दौरान यह तारा तीखे ऍक्स प्रकाश और गामा प्रकाश का विकिरण (रेडियेशन) छोड़ता है जिसे अंतरिक्ष-स्थित दूरबीनों से देखा जा चुका है। यह एक कम आयु वाला तारा है और इसकी उम्र एक अरब वर्षों से कम अनुमानित की गई है। इसका कोई साथी तारा नहीं मिला है और न ही इसके इर्द-गिर्द कोई ग़ैर-सौरीय ग्रह या मलबा चक्र परिक्रमा करता हुआ मिला है। .

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वुल्फ़-रायेट तारा

डब्ल्यू॰आर॰ १२४ नामक एक वुल्फ़-रायेट तारा और उसके इर्द-गिर्द की नीहारिका वुल्फ़-रायेट तारे वह बड़ी आयु के भीमकाय तारे होते हैं जो स्वयं से उत्पन्न तारकीय आंधी के कारण तेज़ी से द्रव्यमान (मास) खो रहे होते हैं। इनसे उभरने वाली आंधी की गति २,००० किलोमीटर प्रति सैकिंड तक की होती है। हमारा सूरज हर वर्ष लगभग १०-१४ सौर द्रव्यमान (यानि सूरज के द्रव्यमान के सौ खरबवे हिस्से के बराबर) खोता है। इसकी तुलना में वुल्फ़-रायेट तारे हर वर्ष १०-५ सौर द्रव्यमान (यानि सूरज के द्रव्यमान के दस हज़ारवे हिस्से के बराबर) खोते हैं। ऐसे तारों का सतही तापमान बहुत अधिक होता है: २५,००० से ५०,००० कैल्विन तक। अक्सर ऐसे तारों के इर्द-गिर्द इनके आंधी से नीहरिकाएँ (नेब्युला) बन जाते हैं। .

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वॅस्टा (क्षुद्रग्रह)

घूर्णन (रोटेशन) करते हुए वॅस्टा का चित्रण डॉन शोध यान द्वारा ली गई वॅस्टा की तस्वीर वॅस्टा (Vesta), जिसका औपचारिक नाम 4 वॅस्टा है, सौर मंडल के क्षुद्रग्रह घेरे में स्थित एक क्षुद्रग्रह है। इसका व्यास (डायामीटर) लगभग 530 किलोमीटर है और सीरीस बौने ग्रह के बाद यह क्षुद्रग्रह घेरे की दूसरी सब से बड़ी वस्तु है। पूरे क्षुद्रग्रह घेरे की सारी वस्तुओं को अगर मिला लिया जाए तो उसका 9% द्रव्यमान (मास) वॅस्टा में है। यह क्षुद्रग्रह घेरे की सब से रोशन वस्तु भी है। 16 जुलाई 2011 को अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसन्धान एजेंसी नासा का डॉन शोध यान वॅस्टा के इर्द-गिर्द कक्षा में आकर उसकी परिक्रमा करने लगा। .

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खगोलीय ठंडा धब्बा

डब्ल्यू मैप शोधयान द्वारा ली गयी तस्वीर में खगोलीय ठंडा धब्बा नज़र आ रहा है (नीले रंग में) खगोलीय ठंडा धब्बा आकाश में एक ऐसा बड़ा स्थान है जहाँ पर सूक्ष्मतरंगी विकिरण (माइक्रोवेव रेडियेशन) बहुत कम है। अंतरिक्ष में हर दिशा में देखने पर ब्रह्माण्ड के धमाकेदार जन्म के समय में पैदा हुआ विकिरण हर जगह देखा जा सकता है और इसकी वजह से हर जगह औसतन 2.7 कैल्विन का तापमान रहता है जो आम तौर पर इस औसत से 18 माइक्रोकैल्विन (यानि 0.000018 कैल्विन) ही कम-ज़्यादा होता है। खगोलीय ठन्डे धब्बे में तापमान इस औसत से 70 माइक्रोकैल्विन कम है। वैज्ञानिकों को इसका ठीक कारण अभी ज्ञात नहीं है। इस धब्बे को अंग्रेज़ी में "सी ऍम बी कोल्ड स्पोट" (CMB cold spot) और "डब्ल्यू मैप कोल्ड स्पोट" (WMAP cold spot) भी कहा जाता है। "डब्ल्यू मैप" विल्किनसन सूक्ष्मतरंग शोधयान के अंग्रेज़ी नाम पर डाला गया है। इस धब्बे का आकार बहुत बड़ा है और 50 करोड़ से 1 अरब प्रकाश वर्ष का व्यास (डायामीटर) रखता है। यह आकाश में स्रोतास्विनी तारामंडल के क्षेत्र में नज़र आता है जिसका अंग्रेज़ी नाम "इरिडनस तारामंडल" है। कुछ वैज्ञानिक समझते हैं के इस क्षेत्र में ठण्ड इसलिए है क्योंकि यह एक महारिक्ति है (यानि एक ख़ाली जगह)। इसलिए कभी-कभी इस धब्बे को "इरिडनस महारिक्ति" (इरिडनस सुपरवोइड) भी कहा जाता है। .

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खगोलीय पार्श्व सूक्ष्मतरंगी विकिरण

बिग बैंग के धमाके का सबूत माना जाता है खगोलशास्त्र में खगोलीय पार्श्व सूक्ष्मतरंगी विकिरण (ख॰पा॰सू॰वि॰, अंग्रेज़ी: cosmic microwave background radiation, कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड रेडियेशन) उस विकिरण (रेडियेशन) को बोलते हैं जो पृथ्वी से देखे जा सकने वाले ब्रह्माण्ड में बराबर स्तर से हर और फैली हुई है। आम प्रकाश देखने वाली दूरबीन से आकाश में कुछ जगह वस्तुएँ (जैसे ग्रह, गैलेक्सियाँ, वग़ैराह) दिखाई देती हैं और अन्य जगहों पर अँधेरा। लेकिन सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) माप सकने वाले रेडिओ दूरबीन (रेडीओ टेलिस्कोप) से देखा जाए तो हर दिशा में एक हलकी सूक्ष्म्तरंगी लालिमा फैली हुई है। वैज्ञानिक मानते हैं के यह ख॰पा॰सू॰वि॰ बिग बैंग सिद्धांत का सबूत देता है। अरबों साल पहले, जब ब्रह्माण्ड पैदा हुआ था उसके फ़ौरन बाद उसका अकार आज के मुक़ाबले में बहुत छोटा था और उसमें खौलती हुई हाइड्रोजन की प्लाज़्मा गैस फैली हुई थी। उस गैस की उर्जा से जो फ़ोटोन (प्रकाश या सूक्ष्मतरंग के कण) पैदा हुए थे वे तब से ब्रह्माण्ड में इधर-उधर घूम रहे हैं और वही हम आज ख॰पा॰सू॰वि॰ के रूप में देखते हैं। .

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गिगामीटर

गिगामीटर (गि॰मी॰, gigametre) लम्बाई का एक माप है जो एक अरब मीटर (यानि दस लाख किलोमीटर) के बराबर होता है। इसका प्रयोग अंतरिक्ष में दूरियाँ मापने के लिये होता है, हालांकि प्रकाशवर्ष और खगोलीय इकाई (ख॰इ॰, astronomical units, AU) का प्रयोग इस से अधिक प्रचलित है। .

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गुआंगशी

गुआंगशी (चीनी: 广西, अंग्रेज़ी: Guangxi) जनवादी गणराज्य चीन के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रांत है। इस प्रान्त की राजधानी नाननींग (南宁, Nanning) है। चीनी प्रशासन प्रणाली में इसे एक 'स्वशासित' (ऑटोनोमस) प्रदेश का दर्जा हासिल है। क्योंकि इस प्रांत में बहुत से झुआंग लोग बसते हैं इसलिए इसका औपचारिक नाम गुआंगशी झुआंग स्वशासित प्रदेश (广西壮族自治区, गुआंगशी झुआंगज़ू ज़िझिचू, Guangxi Zhuang Autonomous Region) है।, Graham Hutchings, Harvard University Press, 2003, ISBN 978-0-674-01240-0,...

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ग्रहीय नीहारिका

श्रेणी के तारे के इर्द-गिर्द बनी एक ग्रहीय नीहारिका है ग्रहीय नीहारिका ऐसी नीहारिका को कहते हैं जो किसी बड़ी आयु के तारे के इर्द-गिर्द आयोनिकृत (आयोनाइज़्द) गैस के फैलते हुए खोल से बनी हुई होती है। इनका किसी ग्रह से कोई सम्बन्ध नहीं है लेकिन इनका नाम "ग्रहीय नीहारिका" १८वी सदी के खगोलशास्त्रियों ने यह रख दिया क्योंकि अपनी कमज़ोर दूरबीनों से उन्हें ऐसी नीहरिकाएँ भीमकाय ग्रहों की तरह लगीं। ग्रहीय नीहरिकाएँ केवल कुछ दसियों हज़ार सालों तक ही रहती हैं और फिर व्योम में तितर-बितर हो जाती हैं, जबकि तारों की उम्र अरबों वर्षों की होती है। ऐसी नीहरिकाएँ तारों से उत्पन्न तारकीय आंधी से बन जाती हैं। किसी भी गैलेक्सी में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि यह तारे में बने कार्बन, आक्सीजन, नाइट्रोजन और कैल्शियम जैसे भारी रासायनिक तत्वों को अंतरतारकीय माध्यम में फैला देती हैं। .

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गैनिमीड (उपग्रह)

गैनीमीड का अंदरूनी ढांचा - सब से बाहर सख़्त बर्फ़ की पर्त, फिर पानी का महासागर, फिर एक पथरीला गोला और केंद्र में लोहे और अन्य धातुओं का गोला गैनिमीड हमारे सौर मण्डल के पाँचवे ग्रह बृहस्पति का सब से बड़ा उपग्रह है और यह पूरे सौर मंडल का भी सब से बड़ा चन्द्रमा है। इसका व्यास (डायामीटर) 5,268 किमी है, जो बुध ग्रह से भी 8% बड़ा है। इसका द्रव्यमान भी सौर मंडल के सारे चंद्रमाओं में सबसे ज़्यादा है और पृथ्वी के चन्द्रमा का 2.2 गुना है। .

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गेल क्रेटर

गेल क्रेटर का नक़्शा (रंग नकली हैं) गेल (अंग्रेज़ी: Gale) मंगल ग्रह पर स्थित एक क्रेटर है। यह आइलीज़ियम पलैनिटिया (Elysium Planitia) नाम के इलाके के निचले हिस्से में स्थित है। इसका गोल आकार है और इसका व्यास (डायामीटर) लगभग १५४ किलोमीटर है। माना जाता है कि यह आज से ३.५ से ३.८ अरब साल पहले हुए एक प्रहार से बना था। इसका नाम वॉल्टर फ़्रेडेरिक गेल नाम के खगोलशास्त्री पर रखा गया था जिसने १९वीं सदी ईसवी में मंगल पर काफ़ी अनुसंधान किया था। नवम्बर २०११ में अमेरिका ने एक क्युरियौसिटि नामक शोध यान मंगल की तरफ़ भेजा। अगर यह प्रयास कामयाब रहा तो अगस्त २०१२ में यह गेल क्रेटर में उतरेगा और उस क्रेटर के बारे में बहुत सी जानकारी पृथ्वी की ओर भेजेगा। .

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ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था

ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और ऑस्ट्रेलिया एक विकसित औद्योगिक देश समझा जाता है। सन् २०१४ में इसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP) १५.२५ खरब (१.५२५ ट्रिलियन) अमेरिकी डॉलर था और इसकी कुल सम्पत्ति ६४ खरब डॉलर थी। २०१२ में क्रय शक्ति समता (purchasing power parity) के अनुसार यह विश्व की १७वीं सबसे बड़ी और अंकित मूल्य (nominal) के हिसाब से यह १२वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। .

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इथाका घाटी (टॅथिस)

कैसिनी अंतरिक्ष यान द्वारा लिया गया इथाका घाटी के दक्षिणी हिस्से का चित्र इथाका घाटी का एक काल्पनिक दृश्य इथाका घाटी हमारे सौर मंडल के छठे ग्रह शनि के उपग्रह टॅथिस पर स्थित एक खगोलवैज्ञानिकों में प्रसिद्ध तंग घाटी है। यह १०० किलोमीटर चौड़ी, ३ से ५ किमी गहरी और २,००० किमी लम्बी है और टॅथिस के पूरे व्यूह के तीन-चौथाई हिस्से तक चलती है। इसकी चौड़ाई जगह-जगह पर बदलती रहती है - कहीं तो यह सिर्फ़ चंद किलोमीटर ही चौड़ी है और कहीं पर १०० किमी तक चौड़ी है। वैज्ञानिक अनुमान लगते हैं के यह तंग घाटी टॅथिस पर पिछले ४ अरब वर्षों से मौजूद है। वह मानते हैं के टॅथिस पर बहुत सा पानी था जिसके ऊपर बर्फ की मोती परत थी। फिर यह अंदरूनी पानी धीरे-धीरे जमने लगा। पानी जब बर्फ़ बनता है तो उसका आकार फैलता है (यही वजह है के बर्फ़ में रखी पानी की बोतले फट जाती हैं)। जैसे-जैसे यह पानी जमा, उसके फैलने से ऊपर का बर्फीला खोल तंग पड़ गया और फट गया। यही दरार अब इथाका घाटी कहलाती है। .

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कलिस्टो (उपग्रह)

कलिस्टो हमारे सौर मण्डल के पाँचवे ग्रह बृहस्पति का दूसरा सब से बड़ा उपग्रह है और यह पूरे सौर मंडल का तीसरा सब से बड़ा चन्द्रमा है (बृहस्पति के ही गैनिमीड और शनि के टाइटन के बाद)। इसका व्यास (डायामीटर) लगभग 4,820 किमी है, जो बुध ग्रह का 99% है लेकिन बुध से काफ़ी घनत्व होने के कारण इसका द्रव्यमान बुध का केवल एक-तिहाई है। .

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कालोरिस द्रोणी

मेसेंजर यान द्वारा खींचा गया कालोरिस द्रोणी का चित्र कालोरिस द्रोणी (अंग्रेज़ी: Caloris Basin) या कालोरिस प्लानितिया (अंग्रेज़ी: Caloris Planitia) बुध ग्रह (मरक्यूरी) पर स्थित एक बड़ा प्रहार क्रेटर है। इसका व्यास १,५५० किमी (९६० मील) है। हमारे सौर मंडल में यह सबसे विशाल प्रहार द्रोणियों में से एक गिना जाता है। बुध ग्रह का एक रुख़​ सदैव सूरज की ओर होता है, जिसके कारण बुध के एक गोलार्ध (हेमिसफियर) में हमेशा रोशनी और दूसरे में हमेशा रात रहती है। कालोरिस द्रोणी उस रेखा पर स्थित है जो ठीक इन अनंत दिन-रात वाले गोलार्धों के बीच है। इस क्रेटर की सीमा पर २ किमी ऊंचे पहाड़ों का घेरा है। .

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के-पीजी सीमा

के-टी सीमा पर अक्सर पत्थर का रंग अचानक बदल जाता है - इन चट्टानों में के-टी सीमा के नीचे हल्के और उसके ऊपर गाढ़े रंग का पत्थर है कनाडा में इस चट्टान पर के-टी सीमा स्पष्ट दिख रही है के-पीजी सीमा (K–Pg boundary) या के-टी सीमा (K–T boundary) पृथ्वी पर मौजूद एक पतली भूवैज्ञानिक​ परत है। यह सीमा मध्यजीवी महाकल्प (Mesozoic Era, मीसोज़ोइक महाकल्प) के चाकमय कल्प (Cretaceous Period, क्रीटेशस काल) नामक अंतिम चरण के अंत और नूतनजीव महाकल्प (Cenozoic Era, सीनोज़ोइक महाकल्प) के पैलियोजीन कल्प (Paleogene Period) नामक प्रथम चरण की शुरुआत की संकेतक है। के-पीजी सीमा क्रीटेशस-पैलियोजीन विलुप्ति घटना के साथ सम्बन्धित मानी जाती है जिसमें विश्व भर के डायनासोर मारे गये और पृथ्वी की उस समय की लगभग ७५% वनस्पति व जानवर जातियाँ हमेशा के लिये विलुप्त हो गई। इस सीमा की आयु आज से लगभग ६.६ करोड़ वर्ष पूर्व निर्धारित की गई है। .

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कॅप्लर-१० तारा

कॅप्लर-१० का ग्रहीय मंडल, जिसमें कॅप्लर-१०सी एक गैस दानव ग्रह के रूप में और कॅप्लर-१०बी अपने तारे के आगे एक छोटे से बिंदु के रूप में दर्शाया गया है कॅप्लर-१०बी ग्रह का एक काल्पनिक चित्रण कॅप्लर-१०, जिसे कॅप्लर-१०ए (Kepler-10a) और केओआई-७२ (KOI-72) के नाम से भी जाना जाता है, पृथ्वी से ५६४ प्रकाश वर्ष दूर शिशुमार तारामंडल के क्षेत्र में स्थित एक G श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है। यह आकार में हमारे सूरज से ज़रा बड़ा, द्रव्यमान (मास) में ज़रा छोटा और और तापमान में उस से ठंडा है। २०११ में इस तारे के इर्द-गिर्द हमारे सौर मंडल से बहार मिला सब से पहला पत्थरीला ग्रह परिक्रमा करता पाया गया था।, Richard A. Lovett, National Geographic Society .

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अतिशीतल बौना

अतिशीतल बौना (ultra-cool dwarf) वर्णक्रम श्रेणी M की ऐसी तारकीय या उपतारकीय खगोलीय वस्तु होती है जिसका तापमान 2,700 कैल्विन से कम हो। ट्रैपिस्ट-१ एक जाना-पहचाना अतिशीतल बौना तारा है। हमारे सूरज के पड़ोस के सभी तारों में से लगभग 15% अतिशीतल बौने हैं। अतिशीतल बौनों में हाइड्रोजन का संलयन (फ्यूज़न) धीमी गति से चलता है जिस कारणवश इनकी आयु बहुत लम्बी होती है। जहाँ हमारे सूरज की आयु 4.6 अरब वर्ष है और इसके पास अभी 5.4 अरब और वर्षों तक खपाने को हाइड्रोजन गैस है, अतिशीतल बौनों की आयु 100 अरब वर्षों से भी अधिक हो सकती है। हमारे ब्रह्माण्ड की कुल आयु केवल 13.8 अरब वर्ष होने के कारण सभी अतिशीतल बौने अभी अपने आरम्भिक काल में ही हैं और उनका बहुत जीवन शेष है। .

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अरब

* अरब देश - मध्यपूर्व के देश जहाँ अरबी भाषा बोली जाती है।.

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अंडाकार गैलेक्सी

इस चित्र के बीच में बड़े आकार में ई॰ऍस॰ओ॰ ३२५-जी००४ आकाशगंगा नज़र आ रही है, जो एक अंडाकार आकाशगंगा है (इस तस्वीर में और भी आकाशगंगाएँ देखी जा सकती हैं) अंडाकार आकाशगंगा किसी दीर्घवृत्ताभ (ऍलिप्सॉइड) आकार वाली आकाशगंगा को कहते हैं, जिसके हर भाग से लगभग बराबर की चमक आ रही हो। इनका आकार एक शुद्ध गोले से लेकर बहुत ही पिचके चपटे अंडे की तरह हो सकता है और इनमें दसियों करोड़ से लेकर दस खरब तारे हो सकते हैं। लेंसनुमा (लॅन्टिक्युलर, लेंस जैसी) और सर्पिल (स्पाइरल, सर्पिल आकार) आकाशगंगाओं के साथ, अंडाकार आकाशगंगाएँ हबल अनुक्रम की तीन मुख्य आकाशगंगाओं की श्रेणियां हैं। अंडाकार आकाशगंगाओं में पुराने तारे होते हैं और इनका अंतरतारकीय माध्यम ("इन्टरस्टॅलर मीडयम") कम घना होता है। इनमें नवजात तारे कम ही मिलते हैं। हमारे इर्द-गिर्द के ब्रह्माण्ड में लगभग १०-१५% आकाशगंगाएँ इस श्रेणी की होती हैं, लेकिन पूरे ब्रह्माण्ड में इनकी प्रतिशत संख्या इस से कम मानी जाती है। .

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अंतर्राष्ट्रीय संख्या पद्धति

अन्तरराष्ट्रीय संख्या पद्धति (International System of Numeration) संख्यांकन की दशमलव पद्धति पर आधारित प्रणाली है जिसमें संख्याओं को तीन-तीन अंकों के समूह में लिखा और व्यक्त किया जाता है। यह भारतीय संख्या पद्धति से भिन्न है जिसमें 9,999 से अधिक बड़ी संख्याओं में बायें के अंको को दो के समूह में (अल्पविराम द्वारा) अलग करके लिखा जाता है। अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति में इसी तीन अंकों के समूह में समूहन के कारण इन संख्याओं का परिमाण (magnitude) भाषा में व्यक्त करने के लिये दिए गये नाम मिलियन, ट्रिलियन, डेसिलियन इत्यादि का प्रयोग होता है जबकि भारतीय पद्धति में लाख, करोड़, अरब, खरब इत्यादि नाम प्रचलित हैं जो दो-दो अंकों में समूहन का परिणाम हैं। अन्तर्राष्ट्रीय मापन पद्धति भी इसी अंतर्राष्ट्रीय संख्या पद्धति का अनुसरण करती है और बड़ी संख्याओं वाले मानों को व्यक्त करने के लिये किलो, मेगा, गीगा, टेरा, पेटा इत्यादि का उपसर्ग की तरह जोड़ा जाना इसी संख्या पद्धति के अनुसार है। यह प्रणालियाँ संख्याओं के लिखने और उनके भाषाई नामों के साथ बेहतर तालमेल वाली हैं। माना जाता है कि जिन पद्धतियों में यह तालमेल बहुत स्पष्ट नहीं होता, संख्याओं को सीखने में अधिक कठिनाई आती है। उदाहरण के लिये फ्रेंच और जर्मन संख्या पद्धतियों में संख्याओं के दस के गुणकों में व्यवहार में आने वाले नाम इकाई संख्याओं के नामों से थोड़े भिन्न होते हैं .

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उत्तर अफ़्रीका

उत्तर अफ़्रीका के देश (गहरे हरे रंग में) - हल्के हरे रंग के देश भी कभी-कभी उत्तर अफ़्रीका में माने जाते हैं तूनीशीया के सिदी बू सैद शहर की एक गली एटलस शृंखला के जबल तुबकल पहाड़ पर बर्फ़ तुनीसिया की एक बर्बर औरत (सन् 1900 के क़रीब ली गई तस्वीर) उत्तर अफ़्रीका (अरबी:, शुमाल अफ़्रीक़िया) अफ़्रीका के महाद्वीप का उत्तरी भाग है। इसके और उप-सहारा अफ़्रीका के दरमयान सहारा का विशाल रेगिस्तान आता है जो उत्तर अफ़्रीका और बाक़ी अफ़्रीका में इतना बड़ा फ़ासला बना देता है के उत्तर अफ़्रीका की जातियाँ, भाषाएँ, रीति-रिवाज, मौसम और जानवर बाक़ी अफ़्रीका के काफ़ी भिन्न हैं। संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के अनुसार उत्तर अफ़्रीका में सात राष्ट्र आते हैं: मोरक्को, अल्जीरिया, तूनीशीया, लीबिया, मिस्र, सूडान और पश्चिमी सहारा। इस भूभाग में कुछ छोटे-से स्पेन-नियंत्रित उत्तर अफ़्रीकी क्षेत्र भी आते हैं। उत्तर अफ़्रीका में अरबी, बर्बरी भाषाएँ और कुछ अन्य भाषाएँ बोली जाती हैं। मोरक्को, अल्जीरिया, तूनीशीया, लीबिया और मौरितानिया के समूह को "मग़रिब" भी कहा जाता है, जिसका अर्थ अरबी में (और हिन्दी-उर्दु में भी) "पश्चिमी" है। .

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उपदानव तारा

तारों की श्रेणियाँ दिखने वाला हर्ट्ज़स्प्रुंग-रसल चित्र उपदानव तारा ऐसा तारा होता है जो मुख्य अनुक्रम के बौने तारों से तो अधिक चमकीला हो लेकिन इतनी भी चमक और द्रव्यमान न रखता हो के दानव तारों की श्रेणी में आ सके। यर्कीज़ वर्णक्रम श्रेणीकरण में इसकी चमक की श्रेणी "IV" होती है। वॄश्चिक तारामंडल का सर्गस नाम का तारा (जिसका बायर नाम "θ स्को" है) ऐसे एक चमकीले दानव का उदहारण है। .

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उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (consumer electronics) या गृह इलेक्ट्रॉनिक्स (home electronics) दैनिक प्रयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ होती हैं जो विशेष रूप से निजी घरों में इस्तेमाल होती हैं। इनमें टेलिविज़न जैसी मनोरंजन के लिए, दूरभाष जैसी संचार के लिए और संगणक (कम्प्यूटर) जैसी कार्यों के लिए प्रयोग होने वालि वस्तुएँ शामिल हैं। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स संघ (Consumer Electronics Association) के अनुमान के अनुसार सन् 2015 में 220 अरब अमेरिकी डॉलर की उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुएँ बिकी थीं। .

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छोटा मॅजलॅनिक बादल

छोटा मॅजलॅनिक बादल छोटा मॅजलॅनिक बादल (छो॰मॅ॰बा॰) एक बौनी गैलेक्सी है जो हमारी अपनी गैलेक्सी, आकाशगंगा, की उपग्रह है। यह पृथ्वी से क़रीब २००,००० प्रकाश-वर्ष दूर है और इसका व्यास ७,००० प्रकाश-वर्ष है। छो॰मॅ॰बा॰ में कई दसियों करोड़ तारे हैं। तुलना के लिए आकाशगंगा का व्यास १००,००० प्रकाश-वर्ष है और उसमें १-४ खरब तारे हैं। छो॰मॅ॰बा॰ हमारी आसपास की ३० गैलेक्सियों के स्थानीय समूह की सदस्य है और बिना दूरबीन के आँखों से दिख सकने वाली सबसे सुदूर खगोलीय वस्तुओं में इसकी गिनती होती है। .

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१३ ट्राऐंगुलाए तारा

१३ ट्राऐंगुलाए (13 Trianguli) त्रिकोण तारामंडल में स्थित एक G0 V श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है। इसका सापेक्ष कांतिमान 5.86 है और यह हमारे सूरज से 102 प्रकाशवर्ष की दूरी पर स्थित है। इसकी आयु हमारे सूरज की आयु से ज़रा अधिक है और 6.45 अरब वर्ष अनुमानित करी गई है। इसके पड़ोस से उत्पन्न अवरक्त विकिरण के अध्ययन से यह अनुमान लगाया जाता है कि इसके इर्द-गिर्द कोई मलबा चक्र नहीं है। .

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G श्रेणी का मुख्य-अनुक्रम तारा

श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है G श्रेणी का मुख्य-अनुक्रम तारा (G-type main-sequence star या G.V), जिसे पीला बौना या G बौना भी कहा जाता है, ऐसे मुख्य अनुक्रम तारे को बोलते हैं जिसकी वर्णक्रम श्रेणी G हो और जिसकी (तापमान और चमक पर आधारित) यर्कीज़ श्रेणी V हो। इन तारों का द्रव्यमान (मास) सूरज के द्रव्यमान का ०.८ से १.२ गुना और इनका सतही तापमान ५,३०० कैल्विन से ६,००० कैल्विन के बीच होता है।, G. M. H. J. Habets and J. R. W. Heintze, Astronomy and Astrophysics Supplement 46 (November 1981), pp.

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यहां पुनर्निर्देश करता है:

खरब, खरब (संख्या), अरब (संख्या)

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