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फ़िल्म निर्देशक

सूची फ़िल्म निर्देशक

फ़िल्म निर्दशक फ़िल्म के निर्माण की देखरेख करता है। वह पटकथा की दृश्यों को आकार देता है और फ़िल्म के कलात्मक व नाटकीय पहलुओं को नियंत्रित करते हुए सहयोगी कलाकारों तथा तकनीकी जत्थे को अपनी परिकल्पना को पूरा करने की दिशा में निर्देशित करता है। श्रेणी:फ़िल्म निर्देशक श्रेणी:मनोरंजन व्यवसाय श्रेणी:मीडिया व्यवसाय de:Regisseur is:Leikstjóri kk:Режиссер li:Regisseur nl:Regisseur pl:Reżyser sh:Režija tr:Yönetmen.

73 संबंधों: चन्नपट्न रामस्वामि सिंह, चार्ली चैप्लिन, टीवी विज्ञापन, एस॰एस॰ राजमौली, ड्रयु बैरीमोर, तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म), द बॉर्न अल्टिमेटम (फिल्म), दीया खान, नासिर हुसैन, नास्सर, निर्देशक, परमीत सेठी, पंकज धीर, प्रकाश झा, पी जयराज, फ़िल्म निर्माता, फ़िल्म-निर्माण, बलदेव राज चोपड़ा, बिमल राय, ब्रूस ली, भूषण पटेल, मधुर भंडारकर, मनमोहन (अभिनेता), मनीष गुप्ता, महेश कोठारे, मेहुल कुमार, मोहित सूरी, युवान शंकर राजा, यूट्यूब, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, राजकुमार सन्तोषी, राजकुमार हिरानी, राजू खेर, राजेन्द्र कुमार (अभिनेता), राखी गुलज़ार, रॉकलिन वेंकटेश, शशांक घोष, शाऊल बास, सत्यजित राय, सत्यजित राय को मिले सम्मान, सनी देओल, समीर कर्णिक, साजिद-फ़रहाद, सुदेश बेरी, सुभाष कपूर, सुल्तान राही, स्टोरीबोर्ड, सूनी तारापोरवाला, हैलोवीन, ज़िया मोहिउद्दीन, ..., ज़ोया अख़्तर, गौतम मेनन, ओमंग कुमार, ओमी वैद्य, आमिर ख़ान, आमिर ख़ान (बहुविकल्पी), कपूर परिवार, कमल कपूर, कमलिनी मुखर्जी, करण मल्होत्रा, कुणाल देशमुख, कुणाल रॉय कपूर, कुमकुम (अभिनेत्री), क्रिस्टोफ़र नोलन, केन घोष, के॰ आसिफ़, के॰वी॰ विजयेन्द्र प्रसाद, अनुराग बसु, अनुराग कश्यप, अमोल गुप्ते, अयान मुखर्जी, अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी, छायाकार सूचकांक विस्तार (23 अधिक) »

चन्नपट्न रामस्वामि सिंह

चन्नपट्न रामस्वामि सिंह (ಚನ್ನಪಟ್ನ ರಾಮಸ್ವಾಮಿ ಸಿಂಹ), जिन्हें मुख्यतः सी॰आर॰ सिंह (ಸಿ.) के नाम से जाना जाता है (16 जून 1942 – 28 फ़रवरी 2014), भारतीय अभिनेता, फ़िल्म निर्देशक और नाटककार थे। उन्हें मुख्यतः कन्नड़ फ़िल्मों और स्टेज शो में उनके योगदानों के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपना कैरियर बंगलौर स्थित एक रंगमंच से किया था। २८ फ़रवरी २०१४ को बंगलौर के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। .

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चार्ली चैप्लिन

सर चार्ल्स स्पेन्सर चैप्लिन, KBE (16 अप्रैल 1889 - 25 दिसम्बर 1977) एक अंग्रेजी हास्य अभिनेता और फिल्म निर्देशक थे। चैप्लिन, सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में से एक होने के अलावा अमेरिकी सिनेमा के क्लासिकल हॉलीवुड युग के प्रारंभिक से मध्य तक एक महत्वपूर्ण फिल्म निर्माता, संगीतकार और संगीतज्ञ थे। चैप्लिन, मूक फिल्म युग के सबसे रचनात्मक और प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक थे जिन्होंने अपनी फिल्मों में अभिनय, निर्देशन, पटकथा, निर्माण और अंततः संगीत दिया। मनोरंजन के कार्य में उनके जीवन के 75 वर्ष बीते, विक्टोरियन मंच और यूनाइटेड किंगडम के संगीत कक्ष में एक शिशु कलाकार से लेकर 88 वर्ष की आयु में लगभग उनकी मृत्यु तक। उनकी उच्च-स्तरीय सार्वजनिक और निजी जिंदगी में अतिप्रशंसा और विवाद दोनों सम्मिलित हैं। 1919 में मेरी पिकफोर्ड, डगलस फेयरबैंक्स और डी.डब्ल्यू.ग्रिफ़िथ के साथ चैप्लिन ने यूनाइटेङ आर्टिस्टस की सह-स्थापना की। चैप्लिन: अ लाइफ (2008) किताब की समीक्षा में, मार्टिन सिएफ्फ़ ने लिखा की: "चैप्लिन सिर्फ 'बड़े' ही नहीं थे, वे विराट् थे। 1915 में, वे एक युद्ध प्रभावित विश्व में हास्य, हँसी और राहत का उपहार लाए जब यह प्रथम विश्व युद्ध के बाद बिखर रहा था। अगले 25 वर्षों में, महामंदी और हिटलर के उत्कर्ष के दौरान, वह अपना काम करते रहे। वह सबसे बड़े थे। यह संदिग्ध है की किसी व्यक्ति ने कभी भी इतने सारे मनुष्यों को इससे अधिक मनोरंजन, सुख और राहत दी हो जब उनको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।" .

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टीवी विज्ञापन

टीवी विज्ञापन या टीवी कमर्शियल, जिसे अक्सर बस कमर्शियल, विज्ञापन, ऐड या ऐड फिल्म (भारत) कहा जाता है-सन्देश पहुंचाने वाले किसी संगठन द्वारा किए गए भुगतान के तहत उसके लिए निर्मित टीवी कार्यक्रम का एक विविध रूप है। विज्ञापन से प्राप्त होने वाला राजस्व अधिकांश निजी स्वामित्व वाले टीवी नेटवर्कों के लिए वित्तपोषण के एक बहुत बड़े हिस्से का निर्माण करता है। आजकल के अधिकांश टीवी विज्ञापनों में संक्षिप्त विज्ञापन अंश शामिल होते हैं जो कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक चल सकते हैं (इसके साथ ही साथ कार्यक्रम के लंबे इन्फोमर्शियल).

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एस॰एस॰ राजमौली

एस॰एस॰ राजामौली (अंग्रेजी:S. S. Rajamouli)(जन्म; १० अक्टूबर १९७३,कर्नाटक, कोडुरी श्रीसैला श्री राजमौली) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक तथा पटकथा लेखक है इन्होंने ज्यादातर तेलुगु फ़िल्मों में ही निर्देशन किया है। मघधीरा (२००९), ईगा (२०१२), बाहुबली: द बिगनिंग तथा २८ अप्रैल २०१७ को प्रदर्शित हुई बाहुबली २: द कॉन्क्लूज़न से अपनी पहचान बनाई। इनके पिता भी एक फ़िल्म निर्माता है। .

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ड्रयु बैरीमोर

ड्रयु ब्लीथ बैरीमोर (जन्म 22 फ़रवरी 1975) एक अमेरिकी अभिनेत्री, फ़िल्म निर्माता और फ़िल्म निर्देशिका हैं। वे अमेरिकी कलाकार बैरीमोर परिवार की सबसे छोटी सदस्या और जॉन बैरीमोर की पोती हैं। सबसे पहले वे एक विज्ञापन में नज़र आईं, जब उनकी उम्र केवल ग्यारह महीने थी। बैरीमोर ने 1980 में आल्टर्ड स्टेट्स से फ़िल्मों की शुरूआत की। बाद में, उन्होंने ई.टी. द एक्स्ट्रा-टेर्रेस्ट्रियल में अपनी ज़बरदस्त भूमिका निभाई। वे जल्द ही हॉलीवुड की सर्वाधिक जाने-माने बाल कलाकारों में से एक बन गईं, जहां मुख्य रूप से उन्होंने हास्य भूमिकाओं में ख़ुद को स्थापित किया। एक अशांत बचपन के बाद, जो ड्रग और शराब के दुरुपयोग और दो बार पुनर्वास के अनुभव से गुज़रा, बैरीमोर ने अपनी 1990 की आत्मकथा लिटल गर्ल लॉस्ट लिखी। उन्होंने कई फ़िल्मों के ज़रिए बाल कलाकार से वयस्क अभिनेत्री के रूप में सफलतापूर्वक परिवर्तन किया, जिनमें शामिल हैं पाईज़न आइवी बैड गर्ल्स बॉय्स ऑन द साइड, और एवरीवन सेज़ आई लव यू। इसके बाद, उन्होंने द वेडिंग सिंगर और लकी यू जैसी रोमांटिक हास्य फ़िल्मों से खुद को स्थापित किया। 1990 में, उन्होंने अपनी साझेदार नैन्सी जुवोनेन के साथ मिल कर फ्लॉवर फ़िल्म्स नामक निर्माण कंपनी की स्थापना की, जिनकी पहली फ़िल्म बैरीमोर अभिनीत 1999 की नेवर बीन किस्ड थी। फ़्लावर फ़िल्म्स ने बैरीमोर अभिनीत चार्लीज़ एन्जिल्स, 50 फ़र्स्ट डेट्स, और म्यूज़िक एंड लिरिक्स, साथ ही साथ पंथ फ़िल्म डॉनी डार्को का निर्माण किया। बैरीमोर की हाल की परियोजनाओं में शामिल हैं ही ईज़ नॉट देट इन्टू यू, बेवर्ली हिल्स चिहुआहुआ, और एवरीबडी इज़ फ़ाइन.

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तारे ज़मीन पर (2007 फ़िल्म)

तारे ज़मीन पर (का अनुवाद:हिन्दी: में तारे ज़मीन पर, (उर्दू:में تارے زمیپرن) और अंतरराष्ट्रीय डीवीडी का शीर्षक:पृथ्वी पर के सितारे की तरह) बॉलीवुड फिल्म आमिर खान के द्वारा 2007 में निर्देशितहै, आमिर खान निर्माता के द्वारा निर्मित है और शुरू की कल्पना और विकसित पति और पत्नी दल, के रूप में अमोल गुप्ते (लेखक और रचनात्मक निर्देशक) और दीपा भाटिया (अवधारणा, अनुसंधान और संपादन) के द्वारा निर्देशित है यह संगीत सुविधाएँ शंकर-एहसान-लॉय, के तिकड़ी द्वारा, गीत प्रसून जोशी के द्वारा तटरक्षक एनीमेशन दृश्य कम्प्यूटिंग लेबोरेटरीज, टाटा एल्क्स्सी लिमिटेड, के द्वारा 2डी एनीमेशन वैभव कुमारेश का वैभव स्टूडियो से है, और शीर्षक एनीमेशन.धीमंत व्यास के द्वारा किया गया है तारे ज़मीन पर विश्व भर के सिनेमा हाल में एक फिल्म के रूप में 21 दिसम्बर 2007 को जारी किया गया था। इस डीवीडी के भारतीय संस्करण को मुंबई में 25 जुलाई 2008 को जारी किया गया। तीन डिस्क वाले डीवीडी का एक अंतर्राष्ट्रीय संस्करण के शीर्षक पृथ्वी पर सितारे की तरह 7 अप्रैल 2009 को जारी करने के लिए उम्मीद है।वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने उत्तरी अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया.में वितरण के लिए घर के वीडियो का अधिकार खरीदे हैंयह पहली बार हुआ है की। "एक अंतरराष्ट्रीय स्टूडियो भारतीय फिल्म का वीडियो अधिकार खरीदा है " यह फिल्म आठ साल के ईशान दर्शील सफारी की कहानी बताती है जो बुरी तरह पीड़ित होता है जबतक की उसकी पहचान एक शिक्षक आमिर खान के द्वारा एक द्य्स्लेक्सिक (dyslexic) के रूप में की जाती है वाणिज्यिक और समीक्षकों, प्रशंसित दोनों रूप में तारे ज़मीन पर 2008 के सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार के विजेता है। इसका कर दिल्ली सरकार द्वारा मुक्त घोषित किया गया था। .

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द बॉर्न अल्टिमेटम (फिल्म)

दी बॉर्न अल्टीमेटम पॉल ग्रीनग्रास द्वारा निर्देशित 2007 की एक जासूसी फिल्म है और कुछ हद तक रॉबर्ट लुडलुम की इसी नाम की नॉवेल (उपन्यास) पर आधारित है। यह फिल्म दी बॉर्न सुप्रीमेसी ' (2004) का सीक्वेल है जो दी बॉर्न आइडेंटिटी (2002) के बाद आई थी। मैट डेमन ने इसमें लुडलुम की पहचान स्थापित करने वाले चरित्र जेसन बॉर्न की भूमिका को फिर से निभाया है, जो सीआईए का पूर्व स्पेशल एक्टिविटीज डिविजन एसेसिन (हत्यारा) तथा साइकोजेनिक एम्नेसिआ़क (अनिद्रा से ग्रस्त मनोरोगी) है। फिल्म में जेसन बॉर्न की कहानी को जारी रखा गया है जिसमे वो मॉस्को के अधिकारियों के चंगुल से बच निकलने के बाद अपनी असली पहचान का पता लगाने के लिए पेरिस, लंदन, मैड्रिड, टेनजियर और न्यू यॉर्क सिटी की यात्रा करता है। इस बीच सीआईए उसके पीछे हत्यारों को भेजना जारी रखती है। फिल्म में जूलिया स्टाईल्स, डेविड स्ट्रेथेर्न, स्कॉट ग्लेन, पैडी कौन्सिडाइन, एडगर रामिरेज़, अल्बर्ट फ़िनी, तथा जोआन एलन ने भी काम किया है। इसकी स्क्रिप्ट को टोनी गिलरॉय, स्कॉट जेड.

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दीया खान

दीया खान पंजाबी / पख्तून वंश की एक नर्विज्न फ़िल्म निर्देशक और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। दिया महिलाओं के अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांति की मुखर समर्थक हैं। २०१३ में दिया खान की निर्देशक और निर्माता के रूप में पहली फिल्म बाणाज़ ए लव स्टोरी (२०१२) ने सर्वश्रेष्ठ दस्तावेज़ी फिल्म होनी का पीबॉडी अवार्डौर और एमी अवार्ड जीता। दिया की दूसरी फिल्म जिहाद ए स्टोरी ऑफ़ अदर्स कोब्रिटेन का बाफ्टा, ग्रियर्सन और मोंटी करलो टैलीविज़न फेस्टिवल सर्वश्रेष्ठ दस्तावेज़ी फिल्म होने केलिए नामित किआ गया। वह फ्यूज मीडिया कंपनी की अध्यक्ष होने के अलावा सिस्टरहुड नामित पत्रिका की मुख्य संपादक भी हैं। २०१६ में दिया को युनेस्को की कलात्मक स्वतंत्रता और रचनात्मकता वर्ग के लिये सदभावना राजदूत नियुक्त किआ गया। वह इस श्रेणी के लिए नामांकित होने वाले पहली व्यक्ति हे। .

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नासिर हुसैन

नासिर हुसैन (16 नवंबर 1926 - 13 मार्च 2002) भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक थे। दशकों तक फैले अपने करियर के साथ, हुसैन को हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक प्रमुख पथ जनक के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए, उन्होंने यादों की बारात (1973) को निर्देशित किया, जिसने बॉलीवुड मसाला फिल्म शैली बनाई जिसने 1970 और 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा को परिभाषित किया। साथ ही उन्होंने कयामत से कयामत तक (1988) को लिखा और निर्मित किया, जिसने 1990 के दशक में हिंदी सिनेमा को परिभाषित करने वाले बॉलीवुड संगीतमय रोमांस रूपरेखा को स्थापित किया। इनके ऊपर एक किताब म्यूजिक, मस्ती और मॉडर्निटी- द सिनेमा ऑफ नासिर हुसैन भी लिखी गई है। .

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नास्सर

नास्सर (अंग्रेजी:Nassar, Nasser, Nazar और Naaser) इत्यादि नामों से जाने जाते है। इनका बचपन का नाम (महबूब) था जो बाद में बदल दिया गया। ये एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता,निर्माता तथा निर्देशक है इन्होंने ज्यादातर दक्षिण भारतीय सिनेमा में नकारात्मक किरदार में अभिनय किया है। नास्सर 2015 की सूपरहिट में नज़र आये तथा 2016 में आनेवाली में नज़र आयेंगे। .

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निर्देशक

फ़िल्म निर्देशक एक जिम्मेदार वयक्ति जो अपनी देख-रेख में किसी परियोजना को पूरा करता हैं एवं अधिनस्तो को परियोजना के पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देता हैं। श्रेणी:सिनेमा श्रेणी:निर्देशक.

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परमीत सेठी

परमीत सेठी हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। .

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पंकज धीर

पंकज धीर एक भारतीय अभिनेता हैं। जो टीवी धारावाहिक महाभारत में अपने कर्ण के किरदार के लिए जाने जाते है। .

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प्रकाश झा

प्रकाश झा (जन्म: २७ फ़रवरी १९५२, चंपारण बिहार, भारत) एक हिन्दी फ़िल्मकार है। फ़िल्में: बन्दिश, मृत्युदंड, राजनीति, अपहरण, दामूल, गंगाजल, टर्निंग 30 आदि (सभी हिन्दी) एक भारतीय हिंदी फिल्म के निर्माता निर्देशक, चलचित्र के कथा लिखनेवाला, प्रकाश झा ऐसे फिल्मकार हैं, जो फिल्मों के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें लेकर हर बार बॉक्स ऑफिस पर हाजिर होते हैं। उनके साहस और प्रयासों की इस मायने में प्रशंसा की जाना चाहिए कि सिनेमा की ताकत का वे सही इस्तेमाल करते हैं अपनी ‍पहली फिल्म ‘दामुल’ के जरिये गाँव की पंचायत, जमींदारी, स्वर्ण तथा दलित संघर्ष की नब्ज को उन्होंने छुआ है। इसके बाद सामाजिक सरोकार की फिल्में बनाईं। बाद में मृत्युदण्ड, गंगाजल, अपहरण और अब राजनीति (२०१० चलचित्र) लेकर मैदान में उतरे हैं। अपने बलबूते पर उन्होंने आम चुनाव में उम्मीदवार बनकर हिस्सा लिया है। ये बात और है कि वे हर बार हार गए। भ्रष्ट व्यवस्था तथा राजनीति की सड़ांध का वे अपने स्तर पर विरोध करते हैं। यही विरोध उनकी फिल्मों में जीता-जागता सामने आता है। मृत्युदंड से लेकर अपहरण तक उनकी फिल्मों को दर्शकों ने दिलचस्पी के साथ देखा और सराहा है। .

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पी जयराज

पैदी जयराज, पी जयराज या जयराज (तेलुगू: పైడి జైరాజ్) विख्यात अभिनेता, निर्देशक व निर्माता थे। सन् 1980 में उन्हे उनकी जीवनकाल उपलब्धियों के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था। .

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फ़िल्म निर्माता

फिल्म निर्माता वह व्यक्ति होता है जो फ़िल्म के निर्माण के लिए उत्तरदायी होता है। वह धन की व्यवस्था करता है तथा निर्देशक का चुनाव व सहयोग करता है। श्रेणी:फ़िल्म निर्देशक.

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फ़िल्म-निर्माण

वारसॉ, ब्रैका स्ट्रीट में एक फिल्म बनाई जा रही है। फिल्म निर्माण (अकादमिक परिप्रेक्ष्य में अक्सर फिल्म उत्पादन के रूप में संदर्भित) एक प्रारंभिक स्टोरी आइडिया या कमिशन से, पटकथा लेखन, शूटिंग, संपादन, निर्देशन एवं दर्शकों तक उसके वितरण के माध्यम से फिल्म निर्माण की एक प्रक्रिया है। आमतौर पर, इसमें भारी संख्या में लोग शामिल रहते हैं और इसके पूरा होने में कुछ महीने से लेकर कुछ वर्ष लग जाते हैं। फिल्म निर्माण का कार्य दुनिया भर में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक संदर्भों की एक विशाल श्रेणी में सभी जगह घटित होता है और इसमें प्रौद्योगिकी और तकनीक की विभिन्न किस्मों का उपयोग किया जाता है। .

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बलदेव राज चोपड़ा

बी आर चोपड़ा (22 अप्रैल 1914 – 5 नवम्बर 2008) हिन्दी फ़िल्मों के एक निर्देशक थे। .

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बिमल राय

बिमल राय (बांग्ला: বিমল রায়) (जन्म: 12 जुलाई, 1909 निधन: 7 जनवरी, 1966) हिन्दी फ़िल्मों का एक प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक थे। .

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ब्रूस ली

ब्रूस ली (जून फान,李振藩,李小龙; पिनयिन: Lǐ Zhènfān, Lǐ Xiăolóng; 27 नवंबर, 1940 - 20 जुलाई, 1973) अमेरिका में जन्मे, चीनी हांगकांग अभिनेता, मार्शल कलाकार, दार्शनिक, फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, विंग चुन के अभ्यासकर्ता और जीत कुन डो अवधारणा के संस्थापक थे। कई लोग उन्हें 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली मार्शल कलाकार और एक सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में मानते हैं। वे अभिनेता ब्रैनडन ली और अभिनेत्री शैनन ली के पिता भी थे। उनका छोटा भाई रॉबर्ट एक संगीतकार और द थंडरबर्ड्स नामक हांगकांग के एक लोकप्रिय बीट बैंड का सदस्य था। ली सैन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया में पैदा हुए थे और किशोर वय के अंत से कुछ पहले तक हांगकांग में पले-बढ़े. उनकी हांगकांग और हॉलीवुड निर्मित फ़िल्मों ने, परंपरागत हांगकांग मार्शल आर्ट फ़िल्मों को लोकप्रियता और ख्याति के एक नए स्तर पर पहुंचा दिया और पश्चिम में चीनी मार्शल आर्ट के प्रति दिलचस्पी की दूसरी प्रमुख लहर छेड़ दी। उनकी फ़िल्मों की दिशा और लहजे ने मार्शल आर्ट तथा हांगकांग के साथ-साथ बाक़ी दुनिया में मार्शल आर्ट फ़िल्मों को परिवर्तित और प्रभावित किया। वे मुख्य रूप से पांच फ़ीचर फ़िल्मों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं, लो वाई की द बिग बॉस (1971) और फ़िस्ट ऑफ़ फ़्यूरी (1972); ब्रूस ली द्वारा निर्देशित और लिखित वे ऑफ़ द ड्रैगन (1972); वार्नर ब्रदर्स की एंटर द ड्रैगन (1973), रॉबर्ट क्लाउस द्वारा निर्देशित और द गेम ऑफ़ डेथ (1978). ली एक अनुकरणीय व्यक्तित्व बन गए, विशेष रूप से चीनियों में, क्योंकि उन्होंने अपनी फिल्मों में चीनी राष्ट्रीय गौरव और चीनी राष्ट्रवाद का चित्रण किया। वे मुख्यतः चीनी मार्शल आर्ट, विशेषकर विंग चुन, का अभ्यास करते थे (लोकप्रिय पाश्चात्यीकृत शब्दावली में "कुंग फू, ") .

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भूषण पटेल

भूषण पटेल एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक है इन्होंने 1920: द एविल रिटर्न्स और रागिनी एमएमएस 2 जैसी फ़िल्में बनाई है। .

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मधुर भंडारकर

मधुर भंडारकर (मराठी: मधुर भांडारकर) (जन्म - 26 अगस्त 1968) एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता हैं। उन्हें विशेष कर चांदनी बार (2001), पेज 3 (2005), ट्रैफिक सिग्नल (2007) और फैशन (2008) जैसी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों के लिए जाना जाता है। उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। .

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मनमोहन (अभिनेता)

मनमोहन हिन्दी फ़िल्मों के एक चरित्र अभिनेता थे जो मुख्यतः खलनायक की भूमिका के लिये जाने जाते हैं। उन्होनें कई बंगाली, पंजाबी तथा गुजराती फ़िल्मों में भी कार्य किया है। .

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मनीष गुप्ता

मनीष गुप्ता बॉलीवुड में एक भारतीय लेखक और निर्देशक हैं। गुप्ता ने अपना करियर पटकथा लेखक के रूप में आरम्भ किया। उनकी लेखक के रूप में, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन और कैटरीना कैफ अभिनीत फ़िल्म सरकार में शुरूआत हुई। उनकी नवीनतम फ़िल्म (2011) की हॉस्टल है। यह फ़िल्म रैगिंग पर आधारित है। इस फ़िल्म के निर्माण के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बधाई भी दी। .

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महेश कोठारे

महेश कोठारे एक भारतीय अभिनेता, (मराठी) फिल्म निर्देशक और निर्माता है, इन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में काम किया है। इन्होंने बहुत कम उम्र से भारतीय सिनेमा में अभिनय प्रारम्भ कर दिया था। इनकी प्रारंभिक एवं उल्लेखनीय फिल्में,राजा और रंक, छोटा भाई, मेरे लाल और घर घर की कहानी है। प्रसिद्ध हिंदी गीत तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है,हे मां,फिल्म राजा और रंक में मास्टर महेश के नाम से अभिनय किया है। महेश कोठारे को मराठी फिल्म उद्योग के लिए एक क्रांतिकारी व्यक्तित्व माना जाता है, निर्देशक के रूप में फिल्म धूमधड़ाका (1985) से कैरियर शुरू करने के बाद से,20 साल की अवधि में कई बॉक्स ऑफिस हिट फिल्मे दी। कोठारे की फिल्मों को उनके तकनीकी बारीकियों और काल्पनिक अवधारणाओं के लिए जाना जाता है और वह कुछ भारतीय फिल्म निर्माताओं में से एक है, जो सफल फिल्मों में फंतासी शैली का सफल प्रयोग करते हैं। महेश कोठारे ने पहली 3डी मराठी फिल्म,झपाटलेला 27 जून, 2013 बनाई जो बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई जो उनकी अपनी 1993 बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉक बस्टर झपाटलेला की अगली कड़ी थी। मूल हॉरर कॉमेडी,जिसमे एक गुड़िया जिसका नाम तात्या विंचू था,जीवित हो जाती है। एनिमेट्रॉनिक्स और कंप्यूटर जनित इमेजरी का मराठी फिल्मो में यहाँ पहला सफल प्रयोग था। .

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मेहुल कुमार

मेहुल कुमार (जन्म: 1 जुलाई 1949) भारतीय फ़िल्म निर्माता, फ़िल्म निर्देशक और कहानी लेखक है। उन्होंने हिन्दी और गुजराती में फ़िल्में बनाई हैं। इसके अलावा अब वो गुजराती और मराठी में धारावाहिक बनाते हैं। उन्होंने अपनी पहली फिल्म दो भाषाओं हिन्दी और गुजराती में एक साथ बनायी थी। 1982 में उनकी दूसरी हिन्दी फिल्म अनोखा बंधन आई। जिसके बाद वो कई हिन्दी फ़िल्में बनाते रहे। .

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मोहित सूरी

मोहित सूरी (जन्म: 11 अप्रैल 1981) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक हैं, जिन्हें मुख्यतः फ़िल्म कलयुग (2005) और आवारापन (2007) के लिए जाता है। उनके चाचा निर्देशक महेश भट्ट हैं और इमरान हाशमी और पूजा भट्ट चचेरे भाई हैं। उन्होंने ३ अर्ध-उत्तर कथा फ़िल्में राज: दि मिस्ट्री कॉन्टीन्यूज, मर्डर २ (2011) और आशिकी २ (2013) निर्देशित की हैं। जिनके प्रथम भाग को निर्देशित नहीं किया। .

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युवान शंकर राजा

युवान शंकर राजा (யுவன் சங்கர் ராஜா; जन्म 31 अगस्त 1979) एक भारतीय फ़िल्म स्वर-लिपि और साउंडट्रैक संगीतकार, गायक और अनियत गीतकार हैं। उन्होंने मुख्य रूप से कॉलीवुड की तमिल फ़िल्मों और साथ ही साथ, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों के लिए भी संगीत दिया है। 1997 के दौरान, 16 साल की उम्र में, उनके संगीत कॅरियर की शुरूआत हुई, जब उन्होंने फ़िल्म अरविंदन के लिए स्वर-लिपि तैयार की। बाद में उन्होंने अनेक दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के लिए संगीत रचा, जिसमें धीना, मन्मदन, पारुथिवीरन, बिल्ला और आडवारी माटलकु अर्थालु वेरूले जैसी अत्यधिक सफल और साथ ही कादल कोंडेन, 7G रेनबो कॉलोनी, पुदुपेटई, चेन्नई 600028 और कट्रादु तमिल जैसी आलोचनात्मक रूप से प्रशंसित फ़िल्में शामिल हैं। छह वर्षों के भीतर ही, युवान शंकर राजा ने स्वयं को तमिल सिनेमा के अग्रणी संगीतकार के रूप में स्थापित कर लिया। 13 वर्ष की अवधि में युवान शंकर राजा ने 75 से भी अधिक फ़िल्मों के लिए संगीत दिया। सर्वतोमुखी प्रतिभावान संगीतकार माने गए युवान, अक्सर अलग, नवोन्मेषी और स्टाइलिश संगीत देने का प्रयास करते हैं और इन्होंने लोकसंगीत से लेकर हेवी मेटल जैसी व्यापक विभिन्न शैलियों के तत्वों का उपयोग किया है। वे विशेष रूप से अपनी रचनाओं में पश्चिमी संगीत के तत्वों के उपयोग के लिए विख्यात हैं और अक्सर उन्हें तमिल फ़िल्म और संगीत उद्योग में हिप हॉप और तमिलनाडु में "रीमिक्स युग" की शुरूआत करने का श्रेय दिया जाता है। युवा पीढ़ी के बीच बेहद लोकप्रिय होने के नाते, उन्हें प्रायः "तमिल फ़िल्म संगीत का युवा प्रतीक" कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, युवान शंकर राजा फ़िल्मों में पार्श्व संगीत के लिए अलग पहचान रखते हैं, जिसके लिए उन्हें आलोचकों की भारी प्रशंसा हासिल हुई है। 2004 में उन्होंने 25 साल की उम्र में ही 7G रेनबो कॉलोनी के संगीत के लिए फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीता और सबसे कम उम्र के पुरस्कार विजेता बने। इसके अलावा, 2006 में दो फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार नामांकन, एक तमिलनाडु राज्य फ़िल्म पुरस्कार और 2006 में ही राम के लिए साइप्रस अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह पुरस्कार हासिल किया और इस पुरस्कार को जीतने वाले एकमात्र भारतीय संगीतकार बने। .

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यूट्यूब

यूट्यूब का मुख्यालय सैन ब्रूनो, कैलीफोर्निया में (२०१०) यूट्यूबएक साझा वेबसाइट (video sharing) है जहाँ उपयोगकर्ता वेबसाइट पर वीडियो देख सकता है, रेटिंग दे सकता है, टिप्पणियाँ छोड़ सकता है और वीडियॊ क्लिप साझा कर सकता है। पेपल के तीन पूर्व कर्मचारियॊं ने मध्य फरवरी (PayPal)२००५ यू ट़यूब बनायी थी।, USATODAY, October 11 (October 11), 2006.

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राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म

राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म को दिया जाता है। .

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राजकुमार सन्तोषी

राजकुमार सन्तोषी फ़िल्मफेयर पुरस्कार विजेता हिन्दी फ़िल्मों के भारतीय फ़िल्म निर्देशक और निर्माता हैं। वो निर्माता-निर्देशक पी॰ एल॰ सन्तोषी के पुत्र हैं। .

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राजकुमार हिरानी

राजकुमार हिरानी (जन्म 22 नवम्बर 1962) राष्ट्रीय पुरस्कार और फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता हिन्दी फ़िल्मों के भारतीय निर्देशक, निर्माता,पटकथा लेखक और फ़िल्म सम्पादक हैं जिन्हें प्रमुख रूप से मुन्ना भाई एम बी बी एस (2003), लगे रहो मुन्ना भाई (2006) और थ्री इडीयट्स (2009) जैसी फ़िल्मों के लिए जाना जाता है।.

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राजू खेर

राजू खेर एक भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के बॉलीवुड के एक अभिनेता तथा फ़िल्म निर्देशक है। १९९९ में चला संस्कार धारावाहिक के निर्देशक राजू खेर ही थे। Category:जीवित लोग Category:कश्मीर के लोग .

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राजेन्द्र कुमार (अभिनेता)

राजेन्द्र कुमार (२० जुलाई १९२९ – १२ जुलाई १९९९) ६० तथा ७० के दशकों में बॉलीवुड के सफलतम अभिनेताओं में से एक थे। ८० के दशक में वह कई फ़िल्मों के निर्माता थे जिनमें उनके पुत्र कुमार गौरव ने अभिनय किया है। उनका जन्म ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रान्त के सियालकोट शहर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। .

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राखी गुलज़ार

रक्षाबंधन त्योहार के लिये यहाँ क्लिक करें राखी गुलज़ार (जन्म: 15 अगस्त, 1947) हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं। .

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रॉकलिन वेंकटेश

रॉकलिन वेंकटेश जो वेंकटेश नाम से भी जाने जाते हैं। एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक,अभिनेता तथा फ़िल्म निर्माता है इन्होंने ज्यादातर दक्षिण भारत की फ़िल्मों में ही कार्य किया है, मुख्य रूप से तमिल तथा कन्नड़ फ़िल्मों काम किया। .

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शशांक घोष

फ़िल्म निर्देशक एक भारतीय फ़िल्म निर्माता हैं। निर्देशक के रूप में उन्हें छोटे बजट की प्रबल प्रदर्शन और एक मजबूत कहानी रेखा वाली फ़िल्मों के लिए जाना जाता है। लेखक के रूप में उन्होंने ऐसा भी होता है और वैसा भी होता है - द्वितीय जैसी फ़िल्में लिखी हैं। उनका अन्य कार्य क्विक गन मुरुगुन और मुम्बई कटिंग में है। .

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शाऊल बास

शाऊल बास (8 मई 1920 – 25 अप्रैल 1996) एक अमेरिकी ग्राफिक डिजाइनर और फिल्म निर्माता थे, उन्हें चलचित्र शीर्षक अनुक्रम, फिल्म पोस्टर और निगमित लोगो (कॉर्पोरेट लोगो) की उनकी रचना के लिए जाना जाता है। स्वर्ण हाथ के साथ मनुष्य का प्रचार पोस्टर। .

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सत्यजित राय

सत्यजित राय (बंगाली: शॉत्तोजित् राय्) (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। इनका जन्म कला और साहित्य के जगत में जाने-माने कोलकाता (तब कलकत्ता) के एक बंगाली परिवार में हुआ था। इनकी शिक्षा प्रेसिडेंसी कॉलेज और विश्व-भारती विश्वविद्यालय में हुई। इन्होने अपने कैरियर की शुरुआत पेशेवर चित्रकार की तरह की। फ़्रांसिसी फ़िल्म निर्देशक ज़ाँ रन्वार से मिलने पर और लंदन में इतालवी फ़िल्म लाद्री दी बिसिक्लेत (Ladri di biciclette, बाइसिकल चोर) देखने के बाद फ़िल्म निर्देशन की ओर इनका रुझान हुआ। राय ने अपने जीवन में ३७ फ़िल्मों का निर्देशन किया, जिनमें फ़ीचर फ़िल्में, वृत्त चित्र और लघु फ़िल्में शामिल हैं। इनकी पहली फ़िल्म पथेर पांचाली (পথের পাঁচালী, पथ का गीत) को कान फ़िल्मोत्सव में मिले “सर्वोत्तम मानवीय प्रलेख” पुरस्कार को मिलाकर कुल ग्यारह अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। यह फ़िल्म अपराजितो (অপরাজিত) और अपुर संसार (অপুর সংসার, अपु का संसार) के साथ इनकी प्रसिद्ध अपु त्रयी में शामिल है। राय फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित कई काम ख़ुद ही करते थे — पटकथा लिखना, अभिनेता ढूंढना, पार्श्व संगीत लिखना, चलचित्रण, कला निर्देशन, संपादन और प्रचार सामग्री की रचना करना। फ़िल्में बनाने के अतिरिक्त वे कहानीकार, प्रकाशक, चित्रकार और फ़िल्म आलोचक भी थे। राय को जीवन में कई पुरस्कार मिले जिनमें अकादमी मानद पुरस्कार और भारत रत्न शामिल हैं। .

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सत्यजित राय को मिले सम्मान

निम्नांकित सूची विख्यात भारतीय फ़िल्म निर्देशक सत्यजित राय को मिले सम्मानों को प्रदर्शित करती है। इससे उनके विश्वव्यापी ख्याति, उनकी दृष्टि एव्ं उनके कार्यों का परिचय मिलता है़। .

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सनी देओल

अजय सिंह देओल (जन्म: 19 अक्टूबर, 1956) हिन्दी फ़िल्मों के एक भारतीय अभिनेता हैं। वह बीते जमाने के मशहूर बॉलीवुड अभिनेता धर्मेन्द्र के पुत्र है। तथा इनकी माता का नाम प्रकाश कौर तथा हेमा मालिनी इनकी सौतेली मां है। सनी देओल के भाई का नाम बॉबी देओल है। .

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समीर कर्णिक

समीर कार्णिक (ਸਮੀਰ ਕਾਰ੍ਨਿਕ, سمیر کارنک), हिन्दी फ़िल्मों के भारतीय फ़िल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक हैं। .

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साजिद-फ़रहाद

साजिद समजी और फ़रहाद समजी एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक और लेखक है। इन्होंने कई फ़िल्में लिखी है जैसे - शिवा सन्डे (२००८ फ़िल्म),डबल धमाल,गोलमाल रिटर्न्स इत्यादि फ़िल्मों का लेखांकन किया है।, Bollywood Hungama .

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सुदेश बेरी

सुदेश बेरी (जन्म 2 नवम्बर 1960) भारतीय टेलीविजन और फ़िल्म अभिनेता हैं। सुदेश ने अपना करियर 1988 में फ़िल्म खतरों के खिलाड़ी से आरम्भ किया। उन्होंने वंश (1992) और युधपथ (1992) में मुख्य किरदार का अभिनय किया लेकिन दोनों ही फ़िल्में टिकट खिड़की पर पिट गयी। उन्होंने विभिन्न बहु-सितार फ़िल्मों में सहायक अभिनेता का अभिनय भी किया जैसे घायल (1990), बोर्डर (1997), रिफ्युजी (2000), एलओसी कारगील (2003), तंगो चार्ली (2005) आदि। उन्होंने शंकर मॉण्डल द्वारा निर्देशित राजेश खन्ना की फ़िल्मों वफ़ा (2008) और शाबाश! यू कैन डू इट (2009) में भी अभिनय किया। .

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सुभाष कपूर

सुभाष कपूर (Subhash Kapoor) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक और फ़िल्म निर्माता है। इनके अलावा ये पहले एक राजनीतिक पत्रकार भी थे। ये जॉली एलएलबी और फंस गए रे ओबामा जैसी फ़िल्मों के लिए जाने जाते हैं। .

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सुल्तान राही

सुल्तान राही या सुल्तान खान पाकिस्तान फिल्म उद्योग के सुल्तान (जन्म 1938, लाहौर, पाकिस्तान, 9 जनवरी 1996 को निधन) एक पाकिस्तानी पंजाबी अभिनेता था। वह 1996 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।.

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स्टोरीबोर्ड

स्टोरीबोर्ड मूलतः रेखाचित्रों अथवा चित्रों की एक श्रृंखला होती है जिसका उद्देश्य किसी फिल्म, एनीमेशन, गति चित्र अथवा संवादात्मक मीडिया जैसे वेबसाईट का पूर्वावलोकन करना होता है। टाको बेल टेलीविजन अभियान के लिए एक स्टोरीबोर्ड. स्टोरीबोर्डिंग प्रक्रिया, जिस रूप में आज जानी जाती है, का विकास वॉल्ट डिज्नी स्टूडियो में 1930 के प्रारम्भ में, कई वर्षों तक वॉल्ट डिज्नी स्टूडियो और अन्य कई एनीमेशन स्टूडियो में वर्षों तक सामान प्रक्रियाएं अपनाने के बाद हुआ। .

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सूनी तारापोरवाला

सूनी तारापोरेवाला (जन्म 1957) एक पटकथा लेखक और फोटोग्राफर हैं। उन्हें मीरा नायर द्वारा निर्देशित मिसिसिपी मसाला, द नेमसेक और ऑस्कर के लिए नामित सलाम बॉम्बे! (1988) के लिए किए गये पटकथा लेखन के लिए जाना जाता है। .

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हैलोवीन

हैलोवीन या Hollowe'en एक अवकाश है, जो 31 अक्टूबर की रात को मनाया जाता है। (October 31).

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ज़िया मोहिउद्दीन

जिया मोहिउद्दीन; का जन्म २० जून १९३३ को फैसलाबाद,पाकिस्तान में हुआ था। जिया प्रख्यात पाकिस्तानी अभिनेता है जिन्होंने साहित्यिक रचनाओ को पढ़ने की कला को अभूतपूर्व और असाधारण ऊँचाइयाँ दी है। उर्दू शायरी गद्द रचनाओं को पढनें के अंदाज में इक अनोखी और अद्भुत शान है जिसे भाषा की गहरी समझ आवाज के माहिराना उतार चढ़ाव और लयात्मकता पैदा करने की क्षमता ने और भी निखार दिया है। उन्होंने सारी दुनिया में आपनी कला के प्रदर्शन से श्रोताओ को मंत्रमुग्ध किया है और टेलीविजन से एक अभिनेता,नैरेटर,फिल्म निर्देशकऔरफिल्म निर्माता के तौर पर जुडे रहे है। जिया आज भी पकिस्तान मिडिया से जुड़े हुए है और कई टीवी प्रोग्राम को होस्ट करते है.

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ज़ोया अख़्तर

जोया अख्तर एक समकालीन भारतीय फिल्म निर्देशक हैं। उन्होंने सर्वप्रथम उन्होंने लक बाइ चांस (2009) नामक फ़िल्म से अपना निर्देशन का कार्य आरम्भ किया। 2011 में, उन्होंने समीक्षात्मक और वाणिज्यिक रूप से सफल फ़िल्म ज़िन्दगी न मिलेगी दोबारा का निर्देशन किया और फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार जीता। .

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गौतम मेनन

गौतम वासुदेव मेनन एक भारतीय निर्देशक और ज्यादातर तमिल फिल्म उद्योग में निर्माता है। उनको आमतौर पर गौतम मेनन के नाम में जाना जाता है। उनहोने हिंदी और तेलगु जैसे अन्य भाषाओं में फिल्मों के निर्देशन में भी बहुत प्रसिद है। उनके सबसे लोकप्रिय फिल्मों वार्णम आयिरम (२००८) और विन्नैतांडी वरुवाय (२०१०) और उनके एक्शन-थ्रिलर काक काक और वेय्तैयादु विलियदु हैं। इन सभी फिल्मों आलोचकों से प्रशंसा जीत लिया है और इन सभी फिल्मों इनका अर्द्ध आत्मकथात्मक फिल्मों हैं। वे एक विज्ञापन एजेंसी "फोटॉन फैक्टरी" का मालिक है जो अब एक फिल्म निर्माण कंपनी है। मेनन अन्य भाषाओं में एक ही फिल्मों को साकार करने में गहरा है। वे अपने लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध फोटॉन खथास फिल्म निर्माण कंपनी के माध्यम से फिल्मों उत्पादन करते हैं। हाल ही में उन्होंने तमिल सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म "थंगा मीनगल" के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है जिसे उन्होने उत्पादन किया। .

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ओमंग कुमार

ओमंग कुमार एक भारतीय बॉलीवुड हिन्दी सिनेमा के फ़िल्म निर्देशक तथा प्रोडक्शन डिजाइनर है जिन्होंने अपने फ़िल्मी निर्देशक कैरियर की शुरुआत २०१४ में प्रदर्शित हुई एक जीवनी फ़िल्म मैरी कॉम से की थी जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने मुख्य किरदार निभाया था। २०१६ में इन्होंने एक बार फिर जीवनी फ़िल्म बनाई जो कि सरबजीत सिंह आधारित जो सरबजीत नाम से प्रदर्शित हुई है फ़िल्म में रणदीप हूडा,ऐश्वर्या राय और ऋचा चड्ढा ने अहम किरदार किया है। .

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ओमी वैद्य

ओमी वैद्य एक अमेरिकी अभिनेता हैं जिन्हें मुख्यतः २००९ की बॉलीवुड फ़िल्म थ्री इडीयट्स में चतुर रामालिंगम या "साइलेंसर" के अभिनय के लिए जाना जाता है। .

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आमिर ख़ान

आमिर खान (नस्तालीक़: عامر خان) (जन्म आमिर हुसैन खान; मार्च 14, 1965) एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, पटकथा लिखनेवाले, कभी कभी गायक और आमिर खान प्रोडक्सनस के संस्थापक-मालिक है। अपने चाचा नासिर हुसैन की फ़िल्म यादों की बारात (1973) में आमिर खान एक बाल कलाकार की भूमिका में नज़र आए थे और ग्यारह साल बाद खान का करियर फ़िल्म होली (1984) से आरम्भ हुआ उन्हें अपने चचेरे भाई मंसूर खान के साथ फ़िल्म क़यामत से क़यामत तक (1988) के लिए अपनी पहली व्यवसायिक सफलता मिली और उन्होंने फ़िल्म में एक्टिंग के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ मेल नवोदित पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ नवोदित पुरूष कलाकार के लिए फ़िल्मफेयर पुरस्कार) जीता। पिछले आठ नामांकन के बाद 1980 और 1990 के दौरान, खान को राजा हिन्दुस्तानी (1996), के लिए पहला फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिला जो अब तक की उनकी एक बड़ी व्यवसायिक सफलता थी। उन्हें बाद में फिल्मफेयर कार्यक्रम में दूसरा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार और लगान में उनके अभिनय के लिए 2001 में कई अन्य पुरस्कार मिले और अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। अभिनय से चार साल का सन्यास लेने के बाद, केतन मेहता की फ़िल्म द रायजिंग (2005) से खान ने वापसी की। २००७ में, वे निर्देशक के रूप में फ़िल्म तारे ज़मीन पर का निर्देशन किया, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार दिया गया। कई कॉमर्शियल सफल फ़िल्मों का अंग होने के कारण और बहुत ही अच्छा अभिनय करने के कारण, वे हिन्दी सिनेमा के एक प्रमुख अभिनेता बन गए हैं। .

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आमिर ख़ान (बहुविकल्पी)

आमिर ख़ान नाम से यह व्यक्तियों की ओर इशारा हो सकता है.

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कपूर परिवार

कपूर परिवार एक प्रसिद्ध भारतीय परिवार है, इस परिवार के लोग ज्यादातर सिनेमा,अभिनेता,फ़िल्म निर्देशक और फ़िल्म निर्माता है। इस परिवार की कई पीढियों ने हिन्दी फ़िल्मों के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस परिवार ने हिन्दी सिनेमा और बॉलीवुड में बहुत सम्मान और लोकप्रियता हासिल की है। यह ख़ानदान मुख्यतः पंजाबी-हिन्दू है। .

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कमल कपूर

कमल कपूर (पंजाबी: ਕਮਲ ਕਪੂਰ) एक भारतीय बॉलीवुड अभिनेता थे जिन्होंने लगभग 600 हिन्दी, पंजाबी और गुजराती फ़िल्मों मे काम किया था। .

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कमलिनी मुखर्जी

कमलिनी मुखर्जी (जन्म 4 मार्च 1980) एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री हैं। वे कमलिनि मुखर्जी के नाम से भी जानी जाती हैं। मुख्य रूप से तेलुगु फिल्मों में काम करने के अतिरिक्त उन्होंने तमिल, मलयालम, हिंदी और कन्नड़ भाषा की कुछ फिल्मों में भी अभिनय किया है। अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने थियेटर में अपनी मजबूत पृष्ठभूमि के चलते मुंबई में इसकी एक कार्यशाला को पूर्ण किया। उन्होंने अपनी एक्टिंग की शुरुआत फिर मिलेंगे (2004) नामक फिल्म से की जो एड्स विषय पर आधारित थी। उन्हें बहु-पुरस्कार विजेता फिल्म आनंद से प्रसिद्धि प्राप्त हुई। .

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करण मल्होत्रा

करण मल्होत्रा एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक तथा लेखक हैं। ये मुख्य रूप से अपनी पहली फ़िल्म अग्निपथ (2012 फ़िल्म) के लिए जाने जाते हैं।इन्होंने 2012 में "धर्मा प्रोड्कशन" के साथ अपना डायरेक्शनल डेब्यू करने से पहले 10 साल तक सहायक निर्देशक (असिस्टेंट डायरेक्टर) के रूप में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में काम किया। .

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कुणाल देशमुख

कुणाल देशमुख एक भारतीय फ़िल्म निर्माता और भोजनालय व्यवस्थापक हैं। उनका पालन पोषण मुम्बई में हुआ। .

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कुणाल रॉय कपूर

कुणाल रॉय कपूर एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता और निर्देशक, और अपनी फिल्मों देली बेली (2011), नौटंकी साला! (2013) और द फाइनल एक्सिट (2017) के लिये जाने जाते है। .

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कुमकुम (अभिनेत्री)

कुमकुम (जन्मनाम: ज़ैबुनिस्सा) हिन्दी व भोजपुरी फिल्मो की एक अभिनेत्री है। अपने सफर के दौरान उन्होनें 100 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिसमे उस दौर के प्रमुख अभिनेता भी शामिल थे। उन्होने इतिहास की पहली भोजपुरी फिल्म "गंगा मैया तोहे पियारी चढाईबो" (1963) में भी अभिनय किया था। .

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क्रिस्टोफ़र नोलन

क्रिस्टोफ़र "एडवर्ड" नोलेन (Christopher Edward Nolan) (उच्चारण; /ˈnoʊlən/; जन्मतिथि 30 जुलाई 1970) एक अंग्रेज-अमेरिकी फ़िल्म निर्देशक, लेखक और निर्माता हैं। उन्हें इतिहास में व्यावसायिक रूप सबसे कामयाब निर्देशक, तथा 21वीं सदी के बेहद सफल और प्रशंसनीय फ़िल्मकारों में से एक माना जाता है। उन्होंने अपनी पहली निर्देशकीय पारी फ़िल्म फाॅलोइंग (1998) से शुरूआत की, लेकिन नोलेन की दूसरी फ़िल्म मोमेन्टो (2000) ने, उनके प्रति ध्यानाकर्षण दिलाया। अपनी स्वतंत्र तौर पर निर्मित फ़िल्मों को मिली प्रशंसा ने अगली बार नोलेन को बड़े बजट की थ्रिलर फ़िल्म इन्सोमनिया (2002) और मिस्ट्री-ड्रामा प्रधान द प्रेस्टिज में फ़िल्मांकन का अवसर प्राप्त हुआ। हालाँकि उनकी प्रसिद्धि और समीक्षात्मक सफलता तब चरम पर आई जब उनकी द डार्क नाईट ट्रायलाॅजी (2005-2012), इंसेप्शन (2010), और इंटरस्टेलर (2014) रिलीज हुई। उनकी नौ फ़िल्मों ने वर्ल्डवाईड अमेरिकी $4.2 बिलियन डाॅलर से अधिक की कमाई बटोरी और ऑस्कर अवार्ड में 26 नामांकन और सात खिताबों के साथ कामयाब रही। नोलेन की अधिकांश फ़िल्मों के सह-लेखन में उनके छोटे भाई, जोनाथन नोलेन ने सहयोग दिया है और साथ उनकी निर्माता कंपनी सिनकाॅपी इनकाॅर्पेरेट के संचालन में उनकी पत्नी एमा थाॅमस भी भागीदारी निभाती है। नोलेन की फ़िल्मों में कई विषयों पर आधारित होते हैं जैसे दर्शनशास्त्र, समाजिक-विज्ञान और नीतिपरक अवधारणाओं, मानवीय सदाचार की खोज, काल-निर्माण तथा स्मृतियों का लचीला स्वभाव एवं निजी पहचान। उनके काम करने के ढंग में कई सारे अकाल्पनिक तत्वों जैसे लौकिक परिवर्तन, आत्मावादी दृष्टिकोण, अरेखित कहानियाँ, व्यवहारपूर्ण स्पेशल इफैक्टस, और दृश्यात्मक भाषाओं एवं भावात्मक वर्णनों के बीच उनके अनुरूप संबंध व्यक्त करना आदि का समावेश रहता है। .

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केन घोष

केन घोष भारतीय हिन्दी फ़िल्म निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। वो फ़िल्मे और टीवी धारावाहिक निर्माता भी हैं। .

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के॰ आसिफ़

के॰ आसिफ़ (14 जून 1922 – 9 मार्च 1971) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक,फ़िल्म निर्माता तथा पटकथा लेखक थे। ये मुख्य रूप से 1960 में बनी मुग़ल-ए-आज़म के लिए जाने जाते है। वह उत्तर प्रदेश के इटावा में पैदा हुए थे। महज आठवीं जमात तक पढ़े थे। पैदाइश से जवानी तक का वक्त गरीबी में गुजारा था। फिर उन्होंने भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी, भव्य और सफल फिल्म का निर्माण किया। यह इसलिए मुमकिन हुआ, क्योंकि उन्हें सिर्फ इतना पता था कि उनकी फिल्म के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा.हम बात कर रहे हैं फिल्म इंडस्ट्री के महान डायरेक्टर्स में से एक करीमुद्दीन आसिफ की, जिन्हें लोग के.

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के॰वी॰ विजयेन्द्र प्रसाद

के॰वी॰ विजयेन्द्र प्रसाद एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक है। इन्होंने अधिकतर तेलुगु फ़िल्मों ही काम किया है। श्रेणी:पटकथा लेखक.

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अनुराग बसु

अनुराग बसु (অনুরাগ বসু) एक भारतीय फ़िल्म, टीवी विज्ञापन, निर्माता और निर्देशक, अभिनेता और पटकथा लेखक हैं। बसु ने प्रारम्भिक सफलता अन्यगमन और व्यभिचार के विषयों से जुड़ी फ़िल्मों में प्राप्त की जैसे लाइफ़ इन अ... मेट्रो (2007), काइट्स (2010), गैंगस्टर (2006) और मर्डर (2004) आदि। बसु ने अपना निर्देशन का कार्य टेलीविजन शो से आरम्भ किया और धीरे-धीरे 2002 तक महत्त्वपूर्ण फ़िल्मों की ओर मुड़ गये। .

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अनुराग कश्यप

अनुराग सिंह कश्यप (जन्म 10 सितम्बर 1972) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश कें गोरखपुर जिले में हुआ और वह विभिन्न शहरों में पले-बढे। उन्होनें अपनी शिक्षा देह्ररादून और ग्वालियर में की और उनकी कुछ फिल्मों में इन शहरों की छाप देखने को मिलती हैं, विशेष रूप से गैग्स ऑफ वासेपुर, जहाँ उन्होनें उस घर का प्रयोग किया जहाँ वह पले-बढे। फिल्में देखने का शौक उनहें बचपन से ही था, पर यह स्कूली शिक्षा के के द्वारान छूट गाया। यह शौक दोबरा कॉलेज में जागृत हुआ। यहाँ एक थिएटर टोली से संगठित होकर जब वह एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में उपस्थित हुए तो उनमें फिल्मे' बनाने की चेतान जागी। यहीँ से उनकी कैरियर की शुरुआत हुई। टेलीविजन सीरियल के लिए लिखने के बाद, अनुराग को रामगोपाल वर्मा के अपराध नाटक फिल्म सत्या में सह-लेखन का कार्य मिला। उन्होंने अपने निर्देशन का कार्य फिल्म पाँच से शुरुआत की। जो कि केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के कारण प्रदर्शित नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने 1993 के मुंबई पर बम विस्फोट के बारे में हुसैन जैदी लिखित पुस्तक पर आधारित एक फिल्म ब्लैक फ्राइडे (2007) का निर्देशन किया। लेकिन इसका प्रदर्शन केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा लंबित किए जाने के कारण 2 साल बाद हो सका, लेकिन 2007 में प्रदर्शित होने के बाद इसे काफी सराहना प्राप्त हुई। इसके बाद अनुराग ने नो स्मोकिंग (2007) बनाई जिसने बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने देवदास के आधुनिक संस्करण पर आधारित पर फिल्म देव डी (2009) बनाई जिसे काफी व्यवसायिक सफलता प्राप्त हुई। उसके बाद उन्होंने एक राजनीतिक नाटक फिल्म गुलाल (2009) और दैट गर्ल इन यैलो बूट्स (2011) फिल्मों का भी निर्देशन किया। 2012 में आई उनकी फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर-भाग १ और भाग २ ने इनके निर्देशन का नया किर्तीमान बनाया। इस फिल्म ने न केवल व्यवसायिक रुप से सफल रही बल्कि समीक्षकों ने भी इसे काफी सराहा। .

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अमोल गुप्ते

अमोल गुप्ते एक भारतीय अभिनेता, पटकथा लेखक, निर्देशक हैं जिन्हें मुख्यतः बॉलीवुड फ़िल्म तारे ज़मीन पर (2007) में उनके रचनात्मक निर्देशक और पटकथा लेखक के रूप में किये गये कार्य के लिए जाना जाता है। उन्होंने यह कार्य (अवधारणा, अनुसंधान और संपादन) अपनी पत्नी दीपा भाटिया के साथ किया। .

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अयान मुखर्जी

अयान मुखर्जी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जन्में भारतीय फ़िल्म निर्देशक और अभिनेता हैं जिन्होंने अपना निर्देशकीय प्रवेश २६ वर्ष की आयु में करण जोहर के साथ 2009 की बॉलीवुड फ़िल्म वेक अप सिड में किया जो टिकट खिड़की पर दर्शकों द्वारा खुब सराही गई। .

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अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी

अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी 2009 में प्रदर्शित भारतीय हिन्दी हास्य-प्रेम फ़िल्म है। इसमें प्रमुख भूमिका में अभिनय रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ़ ने किया है। सलमान खान और निर्देशक राजकुमार संतोषी केमियो भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का प्रदर्शन सिनेमाघरों में 6 नवम्बर 2009 को किया गया था। .

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छायाकार

सेट पर एक छायाकार एक छायाकार या फोटोग्राफी का निदेशक किसी फिल्म या धारावाहिक पर काम कर रहे कैमरों और प्रकाश के कर्मीदल का प्रमुख होता है। वह छवि से संबंधित कलात्मक और तकनीकी निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होता है। इस क्षेत्र के अध्ययन और अभ्यास को छायांकन के रूप में जाना जाता है। निर्देशक के इरादों के अनुसार दृश्य साकार करने के लिए छायाकार कैमरा, फ़िल्म स्टॉक, लेंस, फिल्टर आदि का चयन करता है। छायाकार और निर्देशक के बीच संबंध अलग-अलग होते हैं; कुछ मामलों में निदेशक छायाकार को पूर्ण स्वतंत्रता देता है; दूसरों में, निर्देशक कुछ भी नहीं करने की अनुमति देता है। यहाँ तक कि सटीक कैमरा प्लेसमेंट और लेंस चयन निर्दिष्ट भी खुद करता है। .

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