लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
मुक्त
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

पितृवंश समूह जे

सूची पितृवंश समूह जे

पितृवंश समूह जे का मध्य पूर्व और अरबी प्रायद्वीप में फैलाव। आंकड़े बता रहें हैं के इन इलाकों के कितने प्रतिशत पुरुष इस पितृवंश के वंशज हैं। भारत तक इसका हल्का फैलाव देखा जा सकता है। मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में पितृवंश समूह जे या वाए-डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप J एक पितृवंश समूह है। यह पितृवंश स्वयं पितृवंश समूह आईजे से उत्पन्न हुई एक शाखा है। इस पितृवंश के पुरुष अधिकतर मध्य पूर्व और अरबी प्रायद्वीप में मिलते हैं, हालांकि भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य एशिया और दक्षिण यूरोप के कुछ पुरुष भी इसके सदस्य हैं। अनुमान है के जिस पुरुष से यह पितृवंश शुरू हुआ वह आज से लगभग ३०,०००-५०,००० वर्ष पहले अरबी प्रायद्वीप में या उसके आस-पास रहता था। भारत में इसकी उपशाखा पितृवंश समूह जे२ के वंशज पुरुष अधिक मिलते हैं। ठीक यही उपशाखा भूमध्य सागर के इर्द-गिर्द के इलाक़ों में भी मिलती है। .

4 संबंधों: पितृवंश समूह आईजे, मनुष्य पितृवंश समूह, मातृवंश समूह जे, वंश समूह

पितृवंश समूह आईजे

मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में पितृवंश समूह आईजे या वाए-डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप IJ एक पितृवंश समूह है। यह पितृवंश स्वयं पितृवंश समूह आईजेके से उत्पन्न हुई एक शाखा है। विश्व में इसकी दो उपशाखाओं - पितृवंश समूह आई और पितृवंश समूह जे - के तो बहुत पुरुष मिलते हैं, लेकिन सीधा पितृवंश समूह आईजे का सदस्य आज तक कोई नहीं मिला है। फिर भी पितृवंश समूह आई और पितृवंश समूह जे का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों का मानना है के इसे समूह के वंशज कभी ज़रूर रहे होंगे। अनुमान है के जिस पुरुष से यह पितृवंश शुरू हुआ वह आज से लगभग ३५,०००-४०,००० वर्ष पहले मध्य पूर्व या दक्षिण-पश्चिमी एशिया में रहता था। .

नई!!: पितृवंश समूह जे और पितृवंश समूह आईजे · और देखें »

मनुष्य पितृवंश समूह

मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में पितृवंश समूह उस वंश समूह या हैपलोग्रुप को कहते हैं जिसका पुरुषों के वाए गुण सूत्र (Y-क्रोमोज़ोम) पर स्थित डी॰एन॰ए॰ की जांच से पता चलता है। अगर दो पुरुषों का पितृवंश समूह मिलता हो तो इसका अर्थ होता है के उनका हजारों साल पूर्व एक ही पुरुष पूर्वज रहा है, चाहे आधुनिक युग में यह दोनों पुरुष अलग-अलग जातियों से सम्बंधित ही क्यों न हों। .

नई!!: पितृवंश समूह जे और मनुष्य पितृवंश समूह · और देखें »

मातृवंश समूह जे

मध्य पूर्व के क़रीब १२% लोग मातृवंश समूह जे के वंशज होते हैं मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में मातृवंश समूह जे या माइटोकांड्रिया-डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप J एक मातृवंश समूह है। मध्य पूर्व के १२% लोग, यूरोप के ११% लोग, कॉकस क्षेत्र के ८% लोग और उत्तरी अफ़्रीका के ६% लोग इस मातृवंश के वंशज पाए गए हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में पाकिस्तान में यह ५% लोगों में पाया गया है और उत्तरी पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की कलश जनजाति के ९% लोगों में। वैज्ञानिकों की मान्यता है के जिस स्त्री के साथ इस मातृवंश की शुरुआत हुई वह आज से क़रीब ४५,००० साल पहले पश्चिमी एशिया में कहीं रहती थी। ध्यान दें के कभी-कभी मातृवंशों और पितृवंशों के नाम मिलते-जुलते होते हैं (जैसे की पितृवंश समूह जे और मातृवंश समूह जे), लेकिन यह महज़ एक इत्तेफ़ाक है - इनका आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है। यह पाया गया है कुछ मातृवंश समूह जे की उपशाखाओं में माइटोकांड्रिया के डी॰एन॰ए॰ में ऐसे उत्परिवर्तन (या म्युटेशन) मौजूद हैं जिनसे नौजवान आदमियों में "लॅबॅर की ऑप्टिक हॅरॅडिटरी न्यूरोपैथी" नाम की बिमारी की सम्भावनाएँ ज़्यादा होती हैं, जिसमें नज़र का केन्द्रीय अंधापन हो जाता है (यानि जहाँ सीधे देख रहें हो वो चीज़ नज़र नहीं आती लेकिन इर्द-गिर्द की चीजें नज़र आती हैं)। .

नई!!: पितृवंश समूह जे और मातृवंश समूह जे · और देखें »

वंश समूह

आण्विक क्रम-विकास के अध्ययन में वंश समूह या हैपलोग्रुप ऐसे जीन के समूह को कहतें हैं जिनसे यह ज्ञात होता है के उस समूह को धारण करने वाले सभी प्राणियों का एक ही पूर्वज था। .

नई!!: पितृवंश समूह जे और वंश समूह · और देखें »

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »