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दुर्रानी साम्राज्य

सूची दुर्रानी साम्राज्य

दुर्रानी साम्राज्य (पश्तो:, द दुर्रानियानो वाकमन​ई) एक पश्तून साम्राज्य था जो अफ़्ग़ानिस्तान पर केन्द्रित था और पूर्वोत्तरी ईरान, पाकिस्तान और पश्चिमोत्तरी भारत पर विस्तृत था। इस १७४७ में कंदहार में अहमद शाह दुर्रानी (जिसे अहमद शाह अब्दाली भी कहा जाता है) ने स्थापित किया था जो अब्दाली कबीले का सरदार था और ईरान के नादिर शाह की फ़ौज में एक सिपहसलार था। १७७३ में अहमद शाह की मृत्यु के बाद राज्य उसके पुत्रों और फिर पुत्रों ने चलाया जिन्होने राजधानी को काबुल स्थानांतरित किया और पेशावर को अपनी शीतकालीन राजधानी बनाया। अहमद शाह दुर्रानी ने अपना साम्राज्य पश्चिम में ईरान के मशाद शहर से पूर्व में दिल्ली तक और उत्तर में आमू दरिया से दक्षिण में अरब सागर तक फैला दिया और उसे कभी-कभी आधुनिक अफ़्ग़ानिस्तान का राष्ट्रपिता माना जाता है।, Library of Congress Country Studies on Afghanistan, 1997, Accessed 2010-08-25 .

9 संबंधों: दोस्त मुहम्मद ख़ान, फ़राह, अफ़्ग़ानिस्तान, लश्कर गाह, शाह शुजा, सियालकोट ज़िला, इब्राहीम ख़ाँ गार्दी, कलात ख़ानत, अफ़ग़ानिस्तान, अहमद शाह अब्दाली

दोस्त मुहम्मद ख़ान

दोस्त मोहम्मद खान (पश्तो: दोस्त मोहम्मद खान, 23 दिसंबर 1793 - 1863) 9 जून प्रथम आंग्ल-अफगान दौरान बारक़ज़ई वंश का संस्थापक और अफगानिस्तान के प्रमुख शासकों में से एक था।826-1839 अफगानिस्तान के अमीर बन गया और दुर्रानी वंश के पतन के साथ, वह 1845 से 1863 तक अफ़ग़ानिस्तान पर शासन किया। वह सरदार पाइंदा खान (बरक़ज़ई जनजाति के प्रमुख) का 11 वां बेटा था जो जमान शाह दुर्रानी से 1799 में मारा गया था। दोस्त मोहम्मद के दादा हाजी जमाल खान था। अफ़ग़ानों और अंग्रेजों की पहली लड़ाई के बाद उसे कलकत्ता निर्वासित कर दिया गया था लेकिन शाह शुजा की हत्या के बाद, 1842 में ब्रिटिश उसे अफ़ग़ानिस्तान का अमीर बना गए। उसने पंजाब के रणजीत सिंह से भी लोहा लिया। .

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फ़राह, अफ़्ग़ानिस्तान

कुछ अमेरिकी सैनिक फ़राह में 'सिकंदर का क़िला' कहलाए जाने वाले ढाँचे के सामने फ़राह (फ़ारसी और पश्तो:, अंग्रेजी: Farah) पश्चिमी अफ़्ग़ानिस्तान के फ़राह प्रान्त की राजधानी है। यह शहर फ़राह नदी के किनारे स्थित है और ईरान की सीमा के काफ़ी पास है। .

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लश्कर गाह

लश्कर गाह मस्जिद लश्कर गाह (पश्तो:, फ़ारसी:, अंग्रेज़ी: Lashkar Gah), जिसे इतिहास में बोस्त (Bost) के नाम से भी जाना जाता था, दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रान्त की राजधानी है। हेलमंद नदी और अर्ग़नदाब नदी के बीच बसा यह शहर राजमार्ग द्वारा पूर्व में कंदहार से, पश्चिम में ज़रंज से और पश्चिमोत्तर में हेरात से जुड़ा हुआ है। .

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शाह शुजा

शाह शुजा दुर्रानी अफ़ग़ानिस्तान का अमीर था(1803-9, 1839-42) जो दोस्त मुहम्मद ख़ान से हारकर कश्मीर में रहा था। प्रथम आंग्ल अफ़ग़ान युद्ध के बाद अंग्रेज़ों ने उसे अफ़ग़ानिस्तान का शासक फिर से बनाया लेकिन २ साल के भीतर उसकी काबुल में हत्या कर दी गई। इसके बाद दुर्रानी वंश का पतन हो गया था। उसे सिख महाराजा रणजीत सिंह ने एक आक्रमण में कश्मीर से छुड़वाया था और अपनी रिहाई के बदले में उसने रणजीत सिंह को प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा दिया था। श्रेणी:अफ़ग़ानिस्तान का इतिहास.

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सियालकोट ज़िला

पाकिस्तानी पंजाब प्रांत में सियालकोट ज़िला (लाल रंग में) सियालकोट (उर्दू:, अंग्रेज़ी: Sialkot) पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का एक ज़िला है। सियालकोट ज़िले की राजधानी सियालकोट शहर है। इस ज़िले की चार तहसीलें हैं - डसका, पसरूर, सम्बड़ियाल और सियालकोट। यह ज़िला पाकिस्तानी पंजाब प्रान्त के पूर्वोत्तर में स्थित है। इसकी सीमाएँ पश्चिमोत्तर में गुजरात ज़िले से, पूर्वोत्तर में भारत के जम्मू ज़िले से, दक्षिण पूर्व में नारोवाल ज़िले सेऔर दक्षिण-पश्चिम में गुजराँवाला ज़िले से लगतीं हैं। .

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इब्राहीम ख़ाँ गार्दी

इब्राहीम ख़ाँ गार्दी" अथवा इब्राहीम ख़ाँ गर्दी (निधन 1761) 18वीं सदी में भारत के दखाणी मुस्लिम जनरल थे। उसके पूर्वज भील अथवा संबद्ध जनजाति के लोग थे। तोपखाने में एक विशेषज्ञ के रूप में उन्हें मराठा साम्राज्य का पेशवा के लिए काम करने से पहले हैदराबाद के निज़ाम बनाये गये। माराठा साम्राज्य के जनरल के रूप में वे पैदल सेना और तोपखाने के साथा 10,000 लोगों की सेना की कमान सम्भालते थे। 1761 में पानीपत का तृतीय युद्ध में वो अफगानों द्वारा पकड़कर मार दिये गये। .

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कलात ख़ानत

कलात ख़ानत (बलोच: خانیت قلات, अंग्रेज़ी: Khanate of Kalat) ब्रिटिश राज के काल में एक रियासत थी जो सन् १६६६ से १४ अक्तूबर १९५५ तक अस्तित्व में रही। भारत व पाकिस्तान की स्वतंत्रता के बाद यह अगस्त १९४७ से लेकर मार्च १९४८ तक एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में था, जिसके बाद इसका पाकिस्तान में विलय कर दिया गया। कलात शहर इस राज्य की राजधानी थी। इसके शासक की उपाधि ख़ान थी इसलिये इस रियासत को औपचारिक रूप से ख़ानत कहा जाता था।"Baluchistan" Imperial Gazetteer of India Vol.

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अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान इस्लामी गणराज्य दक्षिणी मध्य एशिया में अवस्थित देश है, जो चारो ओर से जमीन से घिरा हुआ है। प्रायः इसकी गिनती मध्य एशिया के देशों में होती है पर देश में लगातार चल रहे संघर्षों ने इसे कभी मध्य पूर्व तो कभी दक्षिण एशिया से जोड़ दिया है। इसके पूर्व में पाकिस्तान, उत्तर पूर्व में भारत तथा चीन, उत्तर में ताजिकिस्तान, कज़ाकस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान तथा पश्चिम में ईरान है। अफ़ग़ानिस्तान रेशम मार्ग और मानव प्रवास का8 एक प्राचीन केन्द्र बिन्दु रहा है। पुरातत्वविदों को मध्य पाषाण काल ​​के मानव बस्ती के साक्ष्य मिले हैं। इस क्षेत्र में नगरीय सभ्यता की शुरुआत 3000 से 2,000 ई.पू.

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अहमद शाह अब्दाली

अहमद शाह अब्दाली अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहा जाता है, सन 1748 में नादिरशाह की मौत के बाद अफ़ग़ानिस्तान का शासक और दुर्रानी साम्राज्य का संस्थापक बना। उसने भारत पर सन 1748 से सन 1758 तक कई बार चढ़ाई की। उसने अपना सबसे बड़ा हमला सन 1757 में जनवरी माह में दिल्ली पर किया। अहमदशाह एक माह तक दिल्ली में ठहर कर लूटमार करता रहा। वहाँ की लूट में उसे करोड़ों की संपदा हाथ लगी थी।, Library of Congress Country Studies on Afghanistan, 1997, Accessed 2010-08-25 .

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