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ताजमहल

सूची ताजमहल

ताजमहल (تاج محل) भारत के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा है। इसका निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने, अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था। ताजमहल मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसकी वास्तु शैली फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मिलन है। सन् १९८३ में, ताजमहल युनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना। इसके साथ ही इसे विश्व धरोहर के सर्वत्र प्रशंसा पाने वाली, अत्युत्तम मानवी कृतियों में से एक बताया गया। ताजमहल को भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया गया है। साधारणतया देखे गये संगमर्मर की सिल्लियों की बडी- बडी पर्तो से ढंक कर बनाई गई इमारतों की तरह न बनाकर इसका श्वेत गुम्बद एवं टाइल आकार में संगमर्मर से ढंका है। केन्द्र में बना मकबरा अपनी वास्तु श्रेष्ठता में सौन्दर्य के संयोजन का परिचय देते हैं। ताजमहल इमारत समूह की संरचना की खास बात है, कि यह पूर्णतया सममितीय है। इसका निर्माण सन् १६४८ के लगभग पूर्ण हुआ था। उस्ताद अहमद लाहौरी को प्रायः इसका प्रधान रूपांकनकर्ता माना जाता है। .

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चारबाग शैली

चारबाग (फारसी چهارباغ) फारसी-शैली में बाग का खाका होता है। एक वर्गाकार बाग को चार छोटे भागों में, चार पैदल पथों द्वारा बाँटा जाता है। फारसी में, हिन्दी समान ही चार अर्थात चार, एवं बाग अर्थात बाग होता है। ताजमहल के बाग भी इसी शैली के उत्कृष्टतम उदाहरण हैं। अधिकतर मुगल मकबरों के बाग इसी शैली में बने हैं। इसके हरेक बाग में चार फूलों की बडी़ क्यारियाँ हैं। चारबाग का मूल फारस के एकाएमिनिड साम्राज्य कालीन है। यूनानी इतिहासकार हेरोडॉटस एवं जेनोफोन इसका व्यापक विवरण देते हैं, जो कि सायप्रस की राजसी नगरी, पासारगडे में बने थे।.

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चिकन की कढ़ाई

सूती कुर्ते के उपर चिकन का काम चिकन लखनऊ की प्रसिद्ध शैली है कढाई और कशीदा कारी की। यह लखनऊ की कशीदाकारी का उत्कृष्ट नमूना है और लखनवी ज़रदोज़ी यहाँ का लघु उद्योग है जो कुर्ते और साड़ियों जैसे कपड़ों पर अपनी कलाकारी की छाप चढाते हैं। इस उद्योग का ज़्यादातर हिस्सा पुराने लखनऊ के चौक इलाके में फैला हुआ है। यहां के बाज़ार चिकन कशीदाकारी के दुकानों से भरे हुए हैं। मुर्रे, जाली, बखिया, टेप्ची, टप्पा आदि ३६ प्रकार के चिकन की शैलियां होती हैं। इसके माहिर एवं प्रसिद्ध कारीगरों में उस्ताद फ़याज़ खां और हसन मिर्ज़ा साहिब थे। इस हस्तशिल्प उद्योग का एक खास पहलू यह भी है कि उसमें 95 फीसदी महिलाएं हैं। ज्यादातर महिलाएं लखनऊ में गोमती नदी के पार के पुराने इलाकों में बसी हुई हैं। चिकन की कला, अब लखनऊ शहर तक ही सीमित नहीं है अपितु लखनऊ तथा आसपास के अंचलों के गांव-गांव तक फैल गई है। मुगलकाल से शुरू हुआ चिकनकारी का शानदार सफर सैंकड़ों देशों से होता हुआ आज भी बदस्तूर जारी है। चिकनकारी का एक खूबसूरत आर्ट पीस लंदन के रायल अल्बर्ट म्यूजियम में भी विश्वभर के पर्यटकों को अपनी गाथा सुना रहा है। .

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एतमादुद्दौला का मकबरा

सम्राज्ञी नूरजहां ने अपने पिता की स्मृति में आगरा में एतमादुद्दौला का मकबरा बनवाया था। यह उसके पिता घियास-उद-दीन बेग़, जो जहांगीर के दरबार में मंत्री भी थे, की याद में बनवाया गया था। मुगल काल के अन्य मकबरों से अपेक्षाकृत छोटा होने से, इसे कई बार श्रंगारदान भी कहा जाता है। यहां के बाग, पीट्रा ड्यूरा पच्चीकारी, व कई घटक ताजमहल से मिलते हुए हैं। इतिमद-उद-दौला का मकबरा नूरजहां के पिता मिर्जा गियास बेग को समर्पित है। इतिमद-उद-दौला उनकी उपाधि थी। यमुना नदी के किनारे स्थित इस मकबरे का निर्माण 1625 ईसवी में किया गया था। बेबी ताज के नाम से मशहूर इस मकबरे की कई चीजें ऐसी हैं जिन्‍हें बाद में ताजमहल बनाते समय अपनाया गया था। लोगों का कहना है कि कई जगह यहां की नक्‍काशी ताजमहल से भी ज्‍यादा खूबसूरत लगती है। इस मकबरे एक अन्‍य आकर्षण मध्‍य एशियाई शैली में बना इसका गुंबद है। यहां के बगीचे और रास्‍ते इसकी सुंदरता को और भी बढ़ाते हैं। यह मकबरा भारत में बना पहला मकबरा है जो पूरी तरह सफेद संगमरमर से बनाया गया था। इसकी दीवारों पर पेड़ पौधों, जानवरों और पक्षियों के चित्र उकेरे गए हैं। कहीं कहीं आदमियों के चित्रों को भी देखा जा सकता है जो एक अनोखी चीज है क्‍योंकि इस्‍लाम में मनुष्‍य का सजावट की चीज के रूप में इस्‍तेमाल करने की मनाही है। अपनी खूबसूरती के कारण यह मकबरा आभूषण बक्‍से के रूप में जाना जाता है। .

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एफिल टॉवर

एफ़िल टॉवर (Tour Eiffel) फ्रांस की राजधानी पैरिस में स्थित एक लौह टावर है। इसका निर्माण १८८७-१८८९ में शैम्प-दे-मार्स में सीन नदी के तट पर पैरिस में हुआ था। यह टावर विश्व में उल्लेखनीय निर्माणों में से एक और फ़्रांस की संस्कृति का प्रतीक है। एफ़िल टॉवर की रचना गुस्ताव एफ़िल के द्वारा की गई है और उन्हीं के नाम पर से एफ़िल टॉनर का नामकरन हुआ है। एफ़िल टॉवर की रचना १८८९ के वैश्विक मेले के लिए की गई थी। जब एफ़िल टॉवर का निर्माण हुआ उस वक़्त वह दुनिया की सबसे ऊँची इमारत थी। आज की तारीख में टॉवर की ऊँचाई ३२४ मीटर है, जो की पारंपरिक ८१ मंज़िला इमारत की ऊँचाई के बराबर है। बग़ैर एंटेना शिखर के यह इमारत फ़्रांस के मियो (Millau) शहर के फूल के बाद दूसरी सबसे ऊँची इमारत है। यह तीन मंज़िला टॉवर पर्यटकों के लिए साल के ३६५ दिन खुला रहता है। यह टॉवर पर्यटकों द्वारा टिकट खरीदके देखी गई दुनिया की इमारतों में अव्वल स्थान पे है। अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ताज महल जैसे भारत की पहचान है, वैसे ही एफ़िल टॉवर फ़्रांस की पहचान है। .

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एक दीवाना था

एक दीवाना था २०१२ में बनी भारतीय रोमांस ड्रामा फिल्म है, जो गौतम मेनन द्वारा लिखी और निर्देशित की गयी है। इसमें फिल्मी सितारे प्रतीक बब्बर और एमी जैक्सन प्रमुख भूमिकाओं में है। .

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ताज महल - भोपाल

ताजमहल एक महल है जिसे भोपाल की  सुल्तान शाहजहां बेगम बनवाया था यह ताजुल मस्जिद भोपाल के पीछे स्थित है। .

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ताजमहल (बहुविकल्पी)

ताजमहल हो सकता है.

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ताजमहल बांग्लादेश

पूर्ण ढाँचा निर्माणाधीन ताजमहल ताजमहल बांग्लादेश (बांग्ला: তাজ মহল বাংলাদেশ) मूल ताजमहल का एक प्रतिरूप है जो एक मुगल समाधि है और जो आगरा, भारत में स्थित है। यह प्रतिरूप बांग्लादेश की राजधानी ढाका से लगभग २९ किमी की दूरी पर स्थित एक स्थान सोनारगाँव में है। अपने मूल के विपरीत, इस भवन के निर्माण में केवल पाँच वर्ष लगे और कथित रूप इसके धनी मालिक ने इसपर ५.८ करोड़ डॉलर खर्च किए। अहसानुल्लाह मोनी, एक धनी बांग्लादेशी चलचित्र-निर्माता, ने यह बताया कि उन्होंने किस प्रकार यह प्रतिकृति बनाई ताकि उनके देश के निर्धन लोग पड़ोसी देश भारत के प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल को देखने का अपना सपना पूरा कर सकें। इस प्रतिकृति के निर्माण का भारत में विरोध किया गया। बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग का कहना है कि वह अहसानुल्लाह मोनी के विरूद्ध मूल भवन के कॉपीराइट के उल्लंघन का मुकदमा दायर करेगा। मूल भवन लगभग ३०० वर्ष पुराना है। मोनी का कहना है कि उन्होंने इटली से संगमरमर, बेल्जियम से हीरे और गुम्बद के लिए लगभग १६० किलो ताँबे का आयात किया है, पर कुछ लोगों का कहना है कि यह सम्पूर्ण प्रतिकृति नहीं है और यह उस सामान से नहीं बना है जिसका की दावा किया गया है। .

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दिलरस बानो बेगम

दिलरस बानो बेगम (1622 – 8 अक्टूबर 1657) मुग़ल राजवंश के आख़िरी महान शहंशाह औरंगज़ेब की पहली और मुख्य बीवी थीं। उन्हें अपने मरणोपरांत ख़िताब राबिया उद्दौरानी ('उस युग की राबिया') के नाम से भी पहचानी जाती है। औरंगाबाद में स्थित 'बीबी का मक़बरा', जो ताज महल (औरंगज़ेब की माँ यानि दिलरस बेगम की सास मुमताज़ महल का मक़बरा) की आकृति पर बनवाया गया, उनकी आख़िरी आरामगाह के तौर पर अपने शौहर का हुक्म पर निर्मित हुआ था। दिलरस मिर्ज़ा बदीउद्दीन सफ़वी और नौरस बानो बेगम की बेटी थीं, और इसके परिणामस्वरूप वे सफ़वी राजवंश की शहज़ादी थीं। 1637 में उनके विवाह तत्कालीन शहज़ादा मुहिउद्दीन (तख़्तनशीन होने के बाद 'औरंगज़ेब' के नाम से प्रसिद्ध) से करवाया गया था और उनकी पाँच औलाद की पैदाइश हुई; जिनमें मुहम्मद आज़म शाह (मुग़लिया सल्तनत के आर्ज़ी वलीअहद), होशियार शायरा ज़ेबुन्निसा (औरंगज़ेब की पसंदीदा बेटी),Krynicki, p. 73 शहज़ादी ज़ीनतुन्निसा (ख़िताब: पादशाह बेगम), और सुल्तान मुहम्मद अकबर (बादशाह के सर्वप्रिय बेटे)। साल 1657 में संभवतः जच्चा संक्रमण की वजह से उनकी मौत हो गई। .

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दुनिया के अजूबे

विश्व के सात आश्चर्य (बायें से दायें, ऊपर से नीचे): गीज़ा के पिरामिड, बेबीलोन के झूलते बाग़, अर्टेमिस का मन्दिर, ओलम्पिया में जियस की मू्र्ति, माउसोलस का मकबरा, रोडेस कि विशालमूर्ति व ऐलेक्जेन्ड्रिया का रोशनीघर दुनिया के अजूबे ऐसे अद्भुत प्राकृतिक और मानव निर्मित संरचनाओं का संकलन है, जो मनुष्य को आश्चर्यचकित करती हैं। प्राचीन काल से वर्त्तमान काल तक दुनिया के अजूबों की ऐसी कई विभिन्न सूचियाँ तैयार की गयी हैं। इनमे से कुछ हैं - .

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पर्यटन

Cairo), मिस्र. Granada) (स्पेन) में है, यूरोप के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। Parthenon) जो एथेंस, में है ग्रीस यूरोप में एक ऐसा प्राचीन स्मारक है जिसे लोग सबसे ज्यादा देखने आते हैं। America) में दूसरा सबसे बड़ा देश है जहाँ लोग सबसे अधिक घूमने आते हैं, दुनिया में इसका १० वां स्थान है। क्रमशः ऐसे स्थान रहें है जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते हैं। वेटिकन सिटी, दुनिया के ऐसे स्थानों में से एक है जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते हैं। Niagara Falls), संयुक्त राज्य अमेरिका-कनाडा सीमा, दुनिया के ऐसे स्थानों में से एक है जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते हैं। Disneyland), टोक्यो, जापान, घूमने के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थानों में से एक है। Statue of Liberty), घूमने के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थानों में से एक है। लंदन, युरोमोनिटर के अनुसार २००६ में एक ऐसा शहर था जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते थे। पर्यटन एक ऐसी यात्रा (travel) है जो मनोरंजन (recreational) या फुरसत के क्षणों का आनंद (leisure) उठाने के उद्देश्यों से की जाती है। विश्व पर्यटन संगठन (World Tourism Organization) के अनुसार पर्यटक वे लोग हैं जो "यात्रा करके अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाते हैं, यह दौरा ज्यादा से ज्यादा एक साल के लिए मनोरंजन, व्यापार, अन्य उद्देश्यों से किया जाता है, यह उस स्थान पर किसी ख़ास क्रिया से सम्बंधित नहीं होता है। पर्यटन दुनिया भर में एक आरामपूर्ण गतिविधि के रूप में लोकप्रिय हो गया है। २००७ में, ९०३ मिलियन से अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन के साथ, २००६ की तुलना में ६.६ % की वृद्धि दर्ज की गई। २००७ में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक प्राप्तियां USD ८५६ अरब थी।खंड ६ नं २ विश्व अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताओं के बावजूद, २००८ के पहले चार महीनों में आगमन में ५ % की वृद्धि हुई, यह २००७ में समान अवधि में हुई वृद्धि के लगभग समान थी। कई देशों जैसे इजिप्ट, थाईलैंड और कई द्वीप राष्ट्रों जैसे फिजी के लिए पर्यटन बहुत महत्वपूर्ण है, क्यों कि अपने माल और सेवाओं के व्यापार से ये देश बहुत अधिक मात्रा में धन प्राप्त करते हैं और सेवा उद्योग (service industries) में रोजगार के अवसर पर्यटन से जुड़े हैं। इन सेवा उद्योगों में परिवहन (transport) सेवाएँ जैसे क्रूज पोत और टैक्सियाँ, निवास स्थान जैसे होटल और मनोरंजन स्थल और अन्य आतिथ्य उद्योग (hospitality industry) सेवाएँ जैसे रिज़ोर्ट शामिल हैं। .

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पाषाण खान

एक परित्यक्त खादान इमारती पत्थरों को खोदकर निकालने की क्रिया को आखनन (quarrying) कहते हैं। इस स्थान को जहाँ से पत्थर निकाले जाते हैं, खादान या 'पाषाण खान' (quarry/क्वैरी) कहते हैं। पाषाण खान साधारणतया खुले स्थान में ही बनाई जाती है। .

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पुरुषोत्तम नागेश ओक

पुरुषोत्तम नागेश ओक, (जन्म: 2 मार्च, 1917-मृत्यु: 7 दिसंबर, 2007), जिन्हें पी०एन० ओक के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय इतिहास लेखक थे। .

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फ़तेहपुरी मस्जिद, दिल्ली

फतेहपुरी मस्जिद चांदनी चौक की पुरानी गली के पश्चिमी छोर पर स्थित है। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां की पत्नी फतेहपुरी बेगम ने 1650 में करवाया था। उन्हीं के नाम पर इसका नाम फतेहपुरी मस्जिद पड़ा।) ये बेगम फतेहपुर से थीं। ताज महल परिसर में बनी मस्जिद भी इन्हीं बेगम के नाम पर है।. .

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बटेश्वर

बटेश्वर आगरा जिले में स्थित एक तहसील है। भारतवर्ष के सुप्रसिद्ध शहर आगरा जो कि संसार के सातवें आश्चर्य ताजमहल के नाम से विश्व विख्यात है, से सत्तर किलोमीटर पूर्व दिशा में बाह नामक स्थान है जो जिला आगरा की पूर्वी और आखिरी तहसील है। बाह से दस किलोमीटर उत्तर में यमुना नदी के किनारे बाबा भोले नाथ का प्रसिद्ध स्थान बटेश्वर धाम है। यहां पर हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष दूज से बहुत बड़ा मेला लगता है, और भगवान शिव के एक सौ एक मन्दिर यमुना नदी के किनारे पर यहां के तत्कालीन राजा महाराज भदावर ने बनवाये थे। बटेश्वर धाम के लिये एक कथा कही जाती है, कि राजा भदावर के और तत्कालीन राजा परमार के यहां उनकी रानियो ने गर्भ धारण किया, और दोनो राजा एक अच्छे मित्र थे, दोनो के बीच समझौता हुआ कि जिसके भी कन्या होगी, वह दूसरे के पुत्र से शादी करेगा, राजा परमार और राजा भदावर दोनो के ही कन्या पैदा हो गई, और राजा भदावर ने परमार को सूचित कर दिया कि उनके पुत्र पैदा हुआ है, उनकी झूठी बात का परमार राजा को पता नहीं था, वे अपनी कन्या को पालते रहे और राजा भदावर के पुत्र से अपनी कन्या का विवाह करने के लिये बाट जोहते रहे। जब राजा भदावर की कन्या को पता लगा कि उसके पिता ने झूठ बोलकर राजा परमार को उसकी लडकी से शादी का वचन दिया हुआ है, तो वह अपने पिता के वचन को पूरा करने के लिये भगवान शिव की आराधना यहीं बटेश्वर नामक स्थान पर करने लगी। जब राजा परमार की खबरें राजा भदावर के पास आने लगीं कि अब शादी जल्दी की जाये, उधर राजा भदावर की कन्या अपने पिता की लाज रखने के लिये तपस्या करने लगी, और उसकी विनती न सुनी जाने के कारण उसने अपने पिता की लाज को बचाने हेतु यमुना नदी में आत्महत्या के लिये छलांग लगा दी। भगवान शिव की की गई आराधना का चम्त्कार हुआ, और वह कन्या पुरुष रूप में इसी स्थान पर उत्पन हुई, राजा भदावर ने उसी कारण से इस स्थान पर एक सौ एक मन्दिरों का निर्माण करवाया, जो आज बटेश्वर नाम से प्रसिद्ध हैं। यहां पर यमुना नदी चार किलोमीटर तक उल्टी धारा के रूप में बही हैं। .

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बाबरी मस्जिद

बाबरी मस्जिद उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद ज़िले के अयोध्या शहर में रामकोट पहाड़ी ("राम का किला") पर एक मस्जिद थी। रैली के आयोजकों द्वारा मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाने देने की भारत के सर्वोच्च न्यायालय से वचनबद्धता के बावजूद, 1992 में 150,000 लोगों की एक हिंसक रैली.

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बिलारी

बिलारी, उत्तर प्रदेश राज्य के मुरादाबाद जिले में स्थित एक नगर पालिका परिषद है। बिलारी शहर 25 वार्डों में बांटा गया है जिनमें हर 5 साल में चुनाव आयोजित किये जाते हैं। 2011 में हुई भारत की जनगणना के अनुसार इस तहसील में 342 गांव हैं। .

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बिली जोएल

विलियम मार्टिन "बिली" जोएल (जन्म 9 मई 1949) एक अमेरिकी संगीतकार और पियानोवादक, गायक-गीत लेखक और शास्त्रीय संगीत रचयिता हैं। RIAA के अनुसार, 1973 में उनके हिट गीत "पियानो मैन" के रिलीज होने के बाद से जोएल संयुक्त राज्य अमेरिका के छठे बेस्ट-सेलिंग (सबसे अधिक बिकने वाले) रिकॉर्डिंग कलाकार और तीसरे बेस्ट-सेलिंग एकल कलाकार बन गये।.

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बंटी और बबली

बंटी और बबली 2005 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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ब्लूज़

ब्लूज़ 19वीं के अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका के सुदूर दक्षिण में मूलतः अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के भीतर आध्यात्मिक, श्रमिक गीत, खेत के सामूहिक गीत, नारे और भजन और तुकांत सरल कथात्मक गाथा-गीतों से तैयार संगीत-रचना और संगीत-शैली है। जैज़, रिदम एंड ब्लूज़ तथा रॉक एंड रोल में सर्वत्र ब्लूज़ की विशेषता है विशिष्ट कॉर्ड स्वरक्रम - सबसे आम है ट्वेल्व-बार ब्लूज़ कॉर्ड स्वरक्रम - और ब्लू नोट्स, मेजर स्केल के सुर के साथ, नोट अर्थपूर्ण प्रयोजनों के लिए गाए या फ़्लैट बजाए या क्रमशः मोड़े (माइनर तीसरे से मेजर तीसरे तक) जाते हैं। ब्लूज़ शैली ब्लूज़-संगीत रचना पर आधारित है, लेकिन इसमें विशिष्ट बोल, बेस लाइन और वाद्य-यंत्र जैसी अन्य विशेषताएं शामिल हैं। ब्लूज़ को 20वीं सदी की विविध अवधियों में कमोबेश लोकप्रिय कंट्री (ग्रामीण) से अर्बन (शहरी) ब्लूज़ तक विविध उप-शैलियों में उप-विभाजित किया जा सकता है। सर्वाधिक ख्यात ब्लूज़ शैलियां हैं डेल्टा, पीडमॉन्ट, जंप और शिकागो ब्लूज़.

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बीबी का मक़बरा

बीबी का मक़बरा एक निकट दृश्य बीबी के मक़बरे का निर्माण मुग़ल बादशाह औरंग़ज़ेब ने, अंतिम सत्रहवीं शताब्दी में करवाया था। यह उसकी बेगम, दिलरस बानो बेगम की याद में बनवाया गया था। दिलरस बानो बेगम को राबिया-उद-दौरानी के नाम से भी जाना जाता था। यह ताज महल की आकृति पर बनवाया गया था। यह औरंगाबाद, महाराष्ट्र में स्थित है। यह मक़बरा अकबर एवं शाहजहाँ के काल के शाही निर्माण से अंतिम मुग़लों के साधारण वास्तुकला के परिवर्तन को दर्शाता है। ताजमहल से तुलना के कारण ही यह उपेक्षा का कारण बना रहा। मुघल काल के दौरान यह वास्तु औरंगाबाद शहर का मध्य हुआ करता था। यह मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के निर्माण किये हुए वास्तु में सर्वोत्तम है। .

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भारत

भारत (आधिकारिक नाम: भारत गणराज्य, Republic of India) दक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत, भौगोलिक दृष्टि से विश्व में सातवाँ सबसे बड़ा और जनसंख्या के दृष्टिकोण से दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर की भौतिक सीमा हिमालय पर्वत से और दक्षिण में हिन्द महासागर से लगी हुई है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी है तथा पश्चिम में अरब सागर हैं। प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता, व्यापार मार्गों और बड़े-बड़े साम्राज्यों का विकास-स्थान रहे भारतीय उपमहाद्वीप को इसके सांस्कृतिक और आर्थिक सफलता के लंबे इतिहास के लिये जाना जाता रहा है। चार प्रमुख संप्रदायों: हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों का यहां उदय हुआ, पारसी, यहूदी, ईसाई, और मुस्लिम धर्म प्रथम सहस्राब्दी में यहां पहुचे और यहां की विविध संस्कृति को नया रूप दिया। क्रमिक विजयों के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी ने १८वीं और १९वीं सदी में भारत के ज़्यादतर हिस्सों को अपने राज्य में मिला लिया। १८५७ के विफल विद्रोह के बाद भारत के प्रशासन का भार ब्रिटिश सरकार ने अपने ऊपर ले लिया। ब्रिटिश भारत के रूप में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख अंग भारत ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक लम्बे और मुख्य रूप से अहिंसक स्वतन्त्रता संग्राम के बाद १५ अगस्त १९४७ को आज़ादी पाई। १९५० में लागू हुए नये संविधान में इसे सार्वजनिक वयस्क मताधिकार के आधार पर स्थापित संवैधानिक लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित कर दिया गया और युनाईटेड किंगडम की तर्ज़ पर वेस्टमिंस्टर शैली की संसदीय सरकार स्थापित की गयी। एक संघीय राष्ट्र, भारत को २९ राज्यों और ७ संघ शासित प्रदेशों में गठित किया गया है। लम्बे समय तक समाजवादी आर्थिक नीतियों का पालन करने के बाद 1991 के पश्चात् भारत ने उदारीकरण और वैश्वीकरण की नयी नीतियों के आधार पर सार्थक आर्थिक और सामाजिक प्रगति की है। ३३ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ भारत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था क्रय शक्ति समता के आधार पर विश्व की तीसरी और मानक मूल्यों के आधार पर विश्व की दसवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था है। १९९१ के बाज़ार-आधारित सुधारों के बाद भारत विश्व की सबसे तेज़ विकसित होती बड़ी अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक हो गया है और इसे एक नव-औद्योगिकृत राष्ट्र माना जाता है। परंतु भारत के सामने अभी भी गरीबी, भ्रष्टाचार, कुपोषण, अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य-सेवा और आतंकवाद की चुनौतियां हैं। आज भारत एक विविध, बहुभाषी, और बहु-जातीय समाज है और भारतीय सेना एक क्षेत्रीय शक्ति है। .

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भारत में पर्यटन

हर साल, 3 मिलियन से अधिक पर्यटक आगरा में ताज महल देखने आते हैं। भारत में पर्यटन सबसे बड़ा सेवा उद्योग है, जहां इसका राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6.23% और भारत के कुल रोज़गार में 8.78% योगदान है। भारत में वार्षिक तौर पर 5 मिलियन विदेशी पर्यटकों का आगमन और 562 मिलियन घरेलू पर्यटकों द्वारा भ्रमण परिलक्षित होता है। 2008 में भारत के पर्यटन उद्योग ने लगभग US$100 बिलियन जनित किया और 2018 तक 9.4% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ, इसके US$275.5 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है। भारत में पर्यटन के विकास और उसे बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय नोडल एजेंसी है और "अतुल्य भारत" अभियान की देख-रेख करता है। विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद के अनुसार, भारत, सर्वाधिक 10 वर्षीय विकास क्षमता के साथ, 2009-2018 से पर्यटन का आकर्षण केंद्र बन जाएगा.

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भारत में इस्लाम

भारतीय गणतंत्र में हिन्दू धर्म के बाद इस्लाम दूसरा सर्वाधिक प्रचलित धर्म है, जो देश की जनसंख्या का 14.2% है (2011 की जनगणना के अनुसार 17.2 करोड़)। भारत में इस्लाम का आगमन करीब 7वीं शताब्दी में अरब के व्यापारियों के आने से हुआ था (629 ईसवी सन्‌) और तब से यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक अभिन्न अंग बन गया है। वर्षों से, सम्पूर्ण भारत में हिन्दू और मुस्लिम संस्कृतियों का एक अद्भुत मिलन होता आया है और भारत के आर्थिक उदय और सांस्कृतिक प्रभुत्व में मुसलमानों ने महती भूमिका निभाई है। हालांकि कुछ इतिहासकार ये दावा करते हैं कि मुसलमानों के शासनकाल में हिंदुओं पर क्रूरता किए गए। मंदिरों को तोड़ा गया। जबरन धर्मपरिवर्तन करा कर मुसलमान बनाया गया। ऐसा भी कहा जाता है कि एक मुसलमान शासक टीपू शुल्तान खुद ये दावा करता था कि उसने चार लाख हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाया था। न्यूयॉर्क टाइम्स, प्रकाशित: 11 दिसम्बर 1992 विश्व में भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां सरकार हज यात्रा के लिए विमान के किराया में सब्सिडी देती थी और २००७ के अनुसार प्रति यात्री 47454 खर्च करती थी। हालांकि 2018 से रियायत हटा ली गयी है। .

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भारत के सात आश्चर्य

विश्व की सबसे शानदार मानव-निर्मित और प्राकृतिक चीजों को सूचीबद्ध करने के लिए विश्व के सात आश्चर्य की कई सूचियां बनाई गयी हैं। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) समाचार पत्र ने के पहचाने गए 20 प्राचीन तथा मध्यकालीन स्थलों में से सात महान आश्चर्यों के चुनाव के लिए 21 से 31 जुलाई 2007 के बीच एक Simple Mobile Massage मतदान करवाया.

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भारत के विश्व धरोहर स्थल

यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत घोषित किए गए भारतीय सांस्‍कृतिक और प्राकृतिक स्‍थलों की सूची - .

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भारत की संस्कृति

कृष्णा के रूप में नृत्य करते है भारत उपमहाद्वीप की क्षेत्रीय सांस्कृतिक सीमाओं और क्षेत्रों की स्थिरता और ऐतिहासिक स्थायित्व को प्रदर्शित करता हुआ मानचित्र भारत की संस्कृति बहुआयामी है जिसमें भारत का महान इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी और आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई, बौद्ध धर्म एवं स्वर्ण युग की शुरुआत और उसके अस्तगमन के साथ फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन विरासत शामिल हैं। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के रिवाज़, परम्पराओं और विचारों का भी इसमें समावेश है। पिछली पाँच सहस्राब्दियों से अधिक समय से भारत के रीति-रिवाज़, भाषाएँ, प्रथाएँ और परंपराएँ इसके एक-दूसरे से परस्पर संबंधों में महान विविधताओं का एक अद्वितीय उदाहरण देती हैं। भारत कई धार्मिक प्रणालियों, जैसे कि हिन्दू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसे धर्मों का जनक है। इस मिश्रण से भारत में उत्पन्न हुए विभिन्न धर्म और परम्पराओं ने विश्व के अलग-अलग हिस्सों को भी बहुत प्रभावित किया है। .

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भारतीय पत्थरों पर फारसी शिलालेख

भारतीय पत्थरों पर फारसी शिलालेख डॉ॰ अली असगर हिकमत शिराज़ी की बहुमूल्य पुस्तकों में से एक है जो साल 1956 और 1958 में प्रकाशित हुई थी। .

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भूदृश्य वास्तुकला

भूदृष्य वास्तुकला का एक उदाहरण - न्यूयार्क का केन्द्रीय पार्क भूदृश्य वास्तुकला (Landscape Architecture) स्थल को मानव उपयोग और आमोद के लिये सुव्यस्थित करने और उपयुक्त बनाने की सृजनात्मक कला है। इसका उद्देश्य संपूर्ण विन्यास के फलस्वरूप, मानव मस्तिष्क को अत्यधिक प्रभावित करना और स्थल या संरचना से संबद्ध भावनात्मक प्रेरणाओं को संतुष्ट करना है, ताकि लोग अत्यधिक प्रशंसा करें। इसके अतिरिक्त भूदृश्य वस्तुकला के अंतर्गत भूदृश्य इंजीनियरी, भूदृश्य उद्यानकर्म और भलीभाँति आकल्पित चित्र विचित्र पार्क भी भूदृश्य वास्तुकला में सम्मिलित हैं। .

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मध्यकालीन भारत

मध्ययुगीन भारत, "प्राचीन भारत" और "आधुनिक भारत" के बीच भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास की लंबी अवधि को दर्शाता है। अवधि की परिभाषाओं में व्यापक रूप से भिन्नता है, और आंशिक रूप से इस कारण से, कई इतिहासकार अब इस शब्द को प्रयोग करने से बचते है। अधिकतर प्रयोग होने वाले पहली परिभाषा में यूरोपीय मध्य युग कि तरह इस काल को छठी शताब्दी से लेकर सोलहवीं शताब्दी तक माना जाता है। इसे दो अवधियों में विभाजित किया जा सकता है: 'प्रारंभिक मध्ययुगीन काल' 6वीं से लेकर 13वीं शताब्दी तक और 'गत मध्यकालीन काल' जो 13वीं से 16वीं शताब्दी तक चली, और 1526 में मुगल साम्राज्य की शुरुआत के साथ समाप्त हो गई। 16वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी तक चले मुगल काल को अक्सर "प्रारंभिक आधुनिक काल" के रूप में जाना जाता है, लेकिन कभी-कभी इसे "गत मध्ययुगीन" काल में भी शामिल कर लिया जाता है। एक वैकल्पिक परिभाषा में, जिसे हाल के लेखकों के प्रयोग में देखा जा सकता है, मध्यकालीन काल की शुरुआत को आगे बढ़ा कर 10वीं या 12वीं सदी बताया जाता है। और इस काल के अंत को 18वीं शताब्दी तक धकेल दिया गया है, अत: इस अवधि को प्रभावी रूप से मुस्लिम वर्चस्व (उत्तर भारत) से ब्रिटिश भारत की शुरुआत के बीच का माना जा सकता है। अत: 8वीं शताब्दी से 11वीं शताब्दी के अवधि को "प्रारंभिक मध्ययुगीन काल" कहा जायेगा। .

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महल

जयपुर स्थित हवामहल का एक दृश्य महल का अर्थ होता है भव्य और शानदार भवन जो सामानयतः शासकों, राजाओं के आवास के लिये निर्मित किये जाते थे। भारत में मध्यकाल तक ऐसे भवन निर्मित किये जाते रहे जिन्हें महल की संज्ञा दी जाती है और ऐसे कई तरह के महल पाये जाते हैं। यह मूलतः अरबी शब्द है जिसका मतलब होता है भवन। राजस्थान प्रान्त तो राजा महाराजाओं के महलों के कारण ही जाना जाता है। राजस्थानी महलों मे शेखावती महल अपनी खूबसूरती के लिये जाना जाता है। .

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मंजरी चतुर्वेदी

मंजरी चतुर्वेदी (जन्म ९ दिसंबर, १९७४) भारत के एक लोकप्रिय सूफी कथक नर्तक है। वह लखनऊ घराना से संबंधित रखती है। वह भारतीय शास्त्रीय नृत्य का एक नया कला बनाने के लिए जानी जाती है जो सूफी कथक हैं। .

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मकबरा

मकबरा अकबर द्वितीय और शाह आलम के मकबरे यह इमारत किसी को दफनाने के बाद उसके ऊपर बनाई जाती है। यह स्मारक स्वरूप होती है। ऐसी प्रथा मुस्लिम एवं ईसाइयों में होती है। अधिकतर मुस्लिम बादशाहों के स्मारक मकबरे बने हैं। .

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मकराना

मकराना भारतीय राज्य राजस्थान की नगर परिषद एवं तहसील है। इस तहसील में १३६ से अधिक गाँव शामिल हैं, और इस प्रकार यह नागौर जिले की सबसे बड़ी तहसील है। मकराना यहाँ के श्वेत पत्थर और संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है। मकराना के संगमरमर का उपयोग ताजमहल के निर्माण में किया गया था। मकराना बड़ा कस्बा है, जिसमें विभिन्न स्थानों पर संगमरमर का खनन किया जाता है। यहाँ के निवासियों का मुख्य व्यवसाय संगमरमर खनन है। .

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मुमताज़ महल

ताज महल मुमताज़ महल (फ़ारसी: ممتاز محل; उच्चारण /, अर्थ: महल का प्यारा हिस्सा) अर्जुमंद बानो बेगम का अधिक प्रचलित नाम है। इनका जन्म अप्रैल 1593 में आगरा में हुआ था। इनके पिता अब्दुल हसन असफ़ ख़ान एक फारसी सज्जन थे जो नूरजहाँ के भाई थे। नूरजहाँ बाद में सम्राट जहाँगीर की बेगम बनीं। १९ वर्ष की उम्र में अर्जुमंद का निकाह शाहजहाँ से 10 मई, 1612 को हुआ। अर्जुमंद शाहजहाँ की तीसरी पत्नी थी पर शीघ्र ही वह उनकी सबसे पसंदीदा पत्नी बन गईं। उनका निधन बुरहानपुर में 17 जून, 1631 को १४वीं संतान, बेटी गौहरारा बेगम को जन्म देते वक्त हुआ। उनको आगरा में ताज महल में दफनाया गया। .

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मुराद चतुर्थ

मुराद चतुर्थ (مراد رابع, मुराद-ए राबीʿ; 26/27 जुलाई 1612 – 8 फ़रवरी 1640) 1623 से 1640 तक उस्मानिया साम्राज्य के सुल्तान रहे। उन्होंने राज्य पर सुल्तान के शासन की पुनःस्थापना की थी और उन्हें अपने गतिविधियों की क्रूरता के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म क़ुस्तुंतुनिया में हुआ था। वे सुल्तान अहमद प्रथम (दौर: 1603–17) और यूनानी मूल की कौसम सुल्तान के पुत्र थे। उनके चाचा मुस्तफ़ा प्रथम (दौर: 1617–18, 1622–23) को सुल्तान के पद से निकालने की साज़िश कामयाब होने के बाद मुराद चतुर्थ तख़्त पर आसीन हुए। उस वक़्त उनकी उम्र सिर्फ़ 11 साल की थी। उनके दौर में उस्मानी-सफ़वी युद्ध (1623–39) हुआ, जिसके नतीजे में संपूर्ण क़फ़क़ाज़ क्षेत्र दोनों साम्राज्यों के दरमियान विभाजित हुआ। इस विभजन ने लगभग वर्तमान तुर्की-ईरान-इराक़ देशों की सरहदों की नींव रखी। .

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मुग़ल बाग़

पिन्जौर, हरियाणा में मुगल उद्यान मुग़ल उद्यान एक समूह हैं, उद्यान शैलियों का, जिनका उद्गम इस्लामी मुगल साम्राज्य में है। यह शैली फारसी बाग एवं तैमूरी बागों से प्रभावित है। आयताकार खाकों के बाग एक चारदीवारी से घिरे होते हैं। इसके खास लक्षण हैं, फव्वारे, झील, सरोवर, इत्यादि। मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर या तैमूर ने इसे चारबाग कहा था। इस शब्द को भारत में नया अर्थ मिला, क्योंकि बाबर ने कहा था, कि भारत में, इन बागों हेतु तेज बहते स्रोत नहीं हैं, जो कि अधिकतर पर्वतों से उतरी नदियों में मिलते हैं। जब नदी दूर होती जाती है, धारा धीमी पड़ती जाती है। आगरा का रामबाग इसका प्रथम उदाहरण माना जाता है। भारत एवं पाकिस्तान (तत्कालीन भारत) में मुगल उद्यानों के अनेकों उदाहरण हैं। इनमें मध्य एशिया बागों से काफी भिन्नता है, क्योंकि यह बाग ज्यामिति की उच्च माप का नमूना हैं। .

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मुग़ल साम्राज्य

मुग़ल साम्राज्य (फ़ारसी:, मुग़ल सलतनत-ए-हिंद; तुर्की: बाबर इम्परातोरलुग़ु), एक इस्लामी तुर्की-मंगोल साम्राज्य था जो 1526 में शुरू हुआ, जिसने 17 वीं शताब्दी के आखिर में और 18 वीं शताब्दी की शुरुआत तक भारतीय उपमहाद्वीप में शासन किया और 19 वीं शताब्दी के मध्य में समाप्त हुआ। मुग़ल सम्राट तुर्क-मंगोल पीढ़ी के तैमूरवंशी थे और इन्होंने अति परिष्कृत मिश्रित हिन्द-फारसी संस्कृति को विकसित किया। 1700 के आसपास, अपनी शक्ति की ऊँचाई पर, इसने भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश भाग को नियंत्रित किया - इसका विस्तार पूर्व में वर्तमान बंगलादेश से पश्चिम में बलूचिस्तान तक और उत्तर में कश्मीर से दक्षिण में कावेरी घाटी तक था। उस समय 40 लाख किमी² (15 लाख मील²) के क्षेत्र पर फैले इस साम्राज्य की जनसंख्या का अनुमान 11 और 13 करोड़ के बीच लगाया गया था। 1725 के बाद इसकी शक्ति में तेज़ी से गिरावट आई। उत्तराधिकार के कलह, कृषि संकट की वजह से स्थानीय विद्रोह, धार्मिक असहिष्णुता का उत्कर्ष और ब्रिटिश उपनिवेशवाद से कमजोर हुए साम्राज्य का अंतिम सम्राट बहादुर ज़फ़र शाह था, जिसका शासन दिल्ली शहर तक सीमित रह गया था। अंग्रेजों ने उसे कैद में रखा और 1857 के भारतीय विद्रोह के बाद ब्रिटिश द्वारा म्यानमार निर्वासित कर दिया। 1556 में, जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर, जो महान अकबर के नाम से प्रसिद्ध हुआ, के पदग्रहण के साथ इस साम्राज्य का उत्कृष्ट काल शुरू हुआ और सम्राट औरंगज़ेब के निधन के साथ समाप्त हुआ, हालाँकि यह साम्राज्य और 150 साल तक चला। इस समय के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने में एक उच्च केंद्रीकृत प्रशासन निर्मित किया गया था। मुग़लों के सभी महत्वपूर्ण स्मारक, उनके ज्यादातर दृश्य विरासत, इस अवधि के हैं। .

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मेहताब बाग

आगरा स्थित मेहताब बाग, यमुना के ताजमहल से विपरीत दूसरे किनारे पर है। यहां एक काला ताजमहल बनना तय हुआ था, जिसमें कि शाहजहां की कब्र बननी थी। किंतु धन के अभाव एवं औरंगज़ेब की नीतियों के कारण वह बन नहीं पाया। यमुना नदी की विपरीत दिशा में बना मेहताब बाग फूलों और अलग-अलग प्रकार के पेड़-पौधों से सजा-धजा सैला‍नियों को खासा लुभाता है। श्रेणी:आगरा.

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यमुना नदी

आगरा में यमुना नदी यमुना त्रिवेणी संगम प्रयाग में वृंदावन के पवित्र केशीघाट पर यमुना सुबह के धुँधलके में यमुनातट पर ताज यमुना भारत की एक नदी है। यह गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो यमुनोत्री (उत्तरकाशी से ३० किमी उत्तर, गढ़वाल में) नामक जगह से निकलती है और प्रयाग (इलाहाबाद) में गंगा से मिल जाती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियों में चम्बल, सेंगर, छोटी सिन्ध, बतवा और केन उल्लेखनीय हैं। यमुना के तटवर्ती नगरों में दिल्ली और आगरा के अतिरिक्त इटावा, काल्पी, हमीरपुर और प्रयाग मुख्य है। प्रयाग में यमुना एक विशाल नदी के रूप में प्रस्तुत होती है और वहाँ के प्रसिद्ध ऐतिहासिक किले के नीचे गंगा में मिल जाती है। ब्रज की संस्कृति में यमुना का महत्वपूर्ण स्थान है। .

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राष्ट्रीय राजमार्ग २

1465 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग दिल्ली को कोलकाता से जोड़ता है। इसका रूट दिल्ली - मथुरा - आगरा - कानपुर – इलाहाबाद - वाराणसी - मोहनिया - बरही - पलसित – बैद्यबटी - बारा - कोलकाता है। इस हाईवे पर स्थित ताजनगरी आगरा, दिल्ली से मात्र 203 किमी दूर है। यह सड़क जीटी रोड का दूसरा भाग है, प्रथम भाग एनएच 1 है जो अटारी से दिल्ली तक आता है जिसकी लंबाई 465 किलोमीटर है। इसी हाइवे पर दिल्ली से 160 किमी दूर धार्मिक नगरी वृंदावन और मथुरा के कृष्णमय वातावरण में भी एक दिन बिता सकते हैं। वहीं नंदगांव और बरसाना भी इसी हाईवे के आसपास हैं। आगरा में ताजमहल, आगरा फोर्ट देखने के बाद आप हाईवे-11 से फतेहपुर सीकरी जा सकते हैं। यहां का वास्तुशिल्प अवश्य प्रभावित करेगा। वहां से वापस हाईवे-11 पर आकर आप भरतपुर(राजस्थान) स्थित केवलादेव बर्ड सेंक्चुरी में प्रवासी पक्षियों को देखने का आनंद उठा सकते हैं। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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लाल क़िला

लाल किला या लाल क़िला, दिल्ली के ऐतिहासिक, क़िलेबंद, पुरानी दिल्ली के इलाके में स्थित, लाल रेत-पत्थर से निर्मित है। इस किले को पाँचवे मुग़ल बाद्शाह शाहजहाँ ने बनवाया था। इस के किले को "लाल किला", इसकी दीवारों के लाल रंग के कारण कहा जाता है। इस ऐतिहासिक किले को वर्ष २००७ में युनेस्को द्वारा एक विश्व धरोहर स्थल चयनित किया गया था। .

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शालीमार बाग (श्रीनगर)

शालीमार बाग़,(शालीमार बाग़; شالیمار باغ) भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में विख्यात उद्यान है जो मुगल बाग का एक उदाहरण है। इसे मुगल बादशाह जहाँगीर ने श्रीनगर में बनवाया था। श्रीनगर भारत के उत्तरतम राज्य जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्म-कालीन राजधानी है। इसे जहाँगीर ने अपनी प्रिय एवं बुद्धिमती पत्नी मेहरुन्निसा के लिये बनवाया था, जिसे नूरजहाँ की उपाधि दी गई थी। इस बाग में चार स्तर पर उद्यान बने हैं एवं जलधारा बहती है। इसकी जलापूर्ति निकटवर्ती हरिवन बाग से होती है। उच्चतम स्तर पर उद्यान, जो कि निचले स्तर से दिखाई नहीं देता है, वह हरम की महिलाओं हेतु बना था। यह उद्यान ग्रीष्म एवं पतझड़ में सर्वोत्तम कहलाता है। इस ऋतु में पत्तों का रंग बदलता है एवं अनेकों फूल खिलते हैं। ग्रीष्म ऋतु में शालीमार बाग यही उद्यान अन्य बागों की प्रेरणा बना, खासकर इसी नाम से लाहौर, पाकिस्तान में निर्मित और विकसित बाग की। यह वर्तमान में एक सार्वजनिक बाग़ है। इसके पूर्ण निर्माण होने पर जहाँगीर ने फारसी की वह प्रसिद्ध अभिव्यक्ति कही थी: .

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शाह जहाँ

शाह जहाँ (उर्दू: شاہجہان)पांचवे मुग़ल शहंशाह था। शाह जहाँ अपनी न्यायप्रियता और वैभवविलास के कारण अपने काल में बड़े लोकप्रिय रहे। किन्तु इतिहास में उनका नाम केवल इस कारण नहीं लिया जाता। शाहजहाँ का नाम एक ऐसे आशिक के तौर पर लिया जाता है जिसने अपनी बेग़म मुमताज़ बेगम के लिये विश्व की सबसे ख़ूबसूरत इमारत ताज महल बनाने का यत्न किया। सम्राट जहाँगीर के मौत के बाद, छोटी उम्र में ही उन्हें मुगल सिंहासन के उत्तराधिकारी के रूप में चुन लिया गया था। 1627 में अपने पिता की मृत्यु होने के बाद वह गद्दी पर बैठे। उनके शासनकाल को मुग़ल शासन का स्वर्ण युग और भारतीय सभ्यता का सबसे समृद्ध काल बुलाया गया है। .

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शैल

कलराडो स्प्रिंग्स कंपनी का गार्डेन ऑफ् गॉड्स में स्थित ''संतुलित शैल'' कोस्टा रिका के ओरोसी के निकट की चट्टानें पृथ्वी की ऊपरी परत या भू-पटल (क्रस्ट) में मिलने वाले पदार्थ चाहे वे ग्रेनाइट तथा बालुका पत्थर की भांति कठोर प्रकृति के हो या चाक या रेत की भांति कोमल; चाक एवं लाइमस्टोन की भांति प्रवेश्य हों या स्लेट की भांति अप्रवेश्य हों, चट्टान अथवा शैल (रॉक) कहे जाते हैं। इनकी रचना विभिन्न प्रकार के खनिजों का सम्मिश्रण हैं। चट्टान कई बार केवल एक ही खनिज द्वारा निर्मित होती है, किन्तु सामान्यतः यह दो या अधिक खनिजों का योग होती हैं। पृथ्वी की पपड़ी या भू-पृष्ठ का निर्माण लगभग २,००० खनिजों से हुआ है, परन्तु मुख्य रूप से केवल २० खनिज ही भू-पटल निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। भू-पटल की संरचना में ऑक्सीजन ४६.६%, सिलिकन २७.७%, एल्यूमिनियम ८.१ %, लोहा ५%, कैल्सियम ३.६%, सोडियम २.८%, पौटैशियम २.६% तथा मैग्नेशियम २.१% भाग का निर्माण करते हैं। .

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सुमन पोखरेल

सुमन पोखरेल (जन्म २१ सितम्बर, १९६७) नेपाली कवि, गीतकार, अनुवादक तथा कलाकार हैं। Ed.

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स्मारक

पार्थेनोन को प्राचीन ग्रीस और अथीनियान लोकतंत्र के एक स्थायी प्रतीक के रूप में माना जाता है और दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक स्मारकों में से एक माना जाता है। इंडिया गेट (युद्ध स्मारक) ताजमहल, भारत, मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा निर्मित, उनकी पत्नी अर्जुमंद बानो बेगम के लिए एक मकबरे के रूप में. अल्माडा में द क्रिस्टो रिए-अल्माडा (क्राइस्ट राजा), ब्राजील में दुनिया भर के सबसे बड़े स्मारकों में से एक है। पेरिस, फ्रांस में एफिल टॉवर सबसे प्रसिद्ध स्मारक है। Kosciuszko माउंड, क्राको, पोलैंड Tadeusz Kosciuszko को श्रद्धांजलि देता है राष्ट्रीय स्मारक, जकार्ता, इंडोनेशिया की स्वतंत्रता का उत्सव मनाते हुए स्मारक एक ऐसी संरचना है जो या तो खास तौर पर किसी व्यक्ति या महत्वपूर्ण घटना की स्मृति में बनाई गई है, या किसी सामाजिक तबके के लिए उसके पुराने अतीत की याद दिलाने के रूप में महत्वपूर्ण बन गई है। .

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हुमायूँ का मकबरा

हुमायूँ का मकबरा इमारत परिसर मुगल वास्तुकला से प्रेरित मकबरा स्मारक है। यह नई दिल्ली के दीनापनाह अर्थात् पुराने किले के निकट निज़ामुद्दीन पूर्व क्षेत्र में मथुरा मार्ग के निकट स्थित है। गुलाम वंश के समय में यह भूमि किलोकरी किले में हुआ करती थी और नसीरुद्दीन (१२६८-१२८७) के पुत्र तत्कालीन सुल्तान केकूबाद की राजधानी हुआ करती थी। यहाँ मुख्य इमारत मुगल सम्राट हुमायूँ का मकबरा है और इसमें हुमायूँ की कब्र सहित कई अन्य राजसी लोगों की भी कब्रें हैं। यह समूह विश्व धरोहर घोषित है- अभिव्यक्ति। १७ अप्रैल २०१०।, एवं भारत में मुगल वास्तुकला का प्रथम उदाहरण है। इस मक़बरे में वही चारबाग शैली है, जिसने भविष्य में ताजमहल को जन्म दिया। यह मकबरा हुमायूँ की विधवा बेगम हमीदा बानो बेगम के आदेशानुसार १५६२ में बना था। इस भवन के वास्तुकार सैयद मुबारक इब्न मिराक घियाथुद्दीन एवं उसके पिता मिराक घुइयाथुद्दीन थे जिन्हें अफगानिस्तान के हेरात शहर से विशेष रूप से बुलवाया गया था। मुख्य इमारत लगभग आठ वर्षों में बनकर तैयार हुई और भारतीय उपमहाद्वीप में चारबाग शैली का प्रथम उदाहरण बनी। यहां सर्वप्रथम लाल बलुआ पत्थर का इतने बड़े स्तर पर प्रयोग हुआ था। १९९३ में इस इमारत समूह को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। इस परिसर में मुख्य इमारत मुगल सम्राट हुमायूँ का मकबरा है। हुमायूँ की कब्र के अलावा उसकी बेगम हमीदा बानो तथा बाद के सम्राट शाहजहां के ज्येष्ठ पुत्र दारा शिकोह और कई उत्तराधिकारी मुगल सम्राट जहांदर शाह, फर्रुख्शियार, रफी उल-दर्जत, रफी उद-दौलत एवं आलमगीर द्वितीय आदि की कब्रें स्थित हैं। देल्ही थ्रु एजेज़। एस.आर.बख्शी। प्रकाशक:अनमोल प्रकाशन प्रा.लि.। १९९५।ISBN 81-7488-138-7। पृष्ठ:२९-३५ इस इमारत में मुगल स्थापत्य में एक बड़ा बदलाव दिखा, जिसका प्रमुख अंग चारबाग शैली के उद्यान थे। ऐसे उद्यान भारत में इससे पूर्व कभी नहीं दिखे थे और इसके बाद अनेक इमारतों का अभिन्न अंग बनते गये। ये मकबरा मुगलों द्वारा इससे पूर्व निर्मित हुमायुं के पिता बाबर के काबुल स्थित मकबरे बाग ए बाबर से एकदम भिन्न था। बाबर के साथ ही सम्राटों को बाग में बने मकबरों में दफ़्न करने की परंपरा आरंभ हुई थी। हिस्ट‘ओरिक गार्डन रिव्यु नंबर १३, लंदन:हिस्टॉरिक गार्डन फ़ाउडेशन, २००३ अपने पूर्वज तैमूर लंग के समरकंद (उज़्बेकिस्तान) में बने मकबरे पर आधारित ये इमारत भारत में आगे आने वाली मुगल स्थापत्य के मकबरों की प्रेरणा बना। ये स्थापत्य अपने चरम पर ताजमहल के साथ पहुंचा। .

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ईवान

इवान या इय्वान (फारसी: अय्वान) किसी मेहराबी छत वाले हॉल या दालान को कहते हैं, जिसकी एक तरफ पूरी तरह खुली होती है, तथा अन्य तीन ओर दीवारें इत्यादि हो सकती हैं। इवान, फारस के सस्सानिड वास्तुकला के पहचान रहे हैं, जिन्हें बाद में इस्लामी वास्तुकला में स्थान मिला। इस बदलाव को अपनी पूर्ण ऊँचाई मिली जब सेल्जुकी तुर्क युग आया, जिसमें कि इवान इस्लामी वास्तुकला के मूलभूत इकाई बन गए। प्रारूपिकतया, इवान एक केन्द्रीय प्रांगण में खुलते थे, जिन्हें कि निजी एवं सार्वजनिक निर्माणों में प्रयोग किया जाता था।e.

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विश्व के सात नए आश्चर्य

नए सात आश्चर्य विजेताओं के स्थान अवस्थित हैं विश्व के सात नए आश्चर्यएक परियोजना है जिसे पुनर्जीवित करने के लिए प्राचीन विश्व के सात आश्चर्यों (Seven Wonders of the Ancient World) के साथ आधुनिक आश्चर्यों की अवधारणा को शामिल किया गया है निजी नई ७ आश्चर्य फाउंडेशन द्वारा ७ जुलाई (July 7), २००७ को लिस्बन, पुर्तगाल में विजेताओं की घोषणा की गई.

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विश्व के आश्चर्य

समय-समय पर विश्व के आश्चर्य सबसे शानदार मानव निर्मित निर्माण और दुनिया में प्राकृतिक धरोहर की सूची को सदियों से संकलित किया गया है। प्राचीन विश्व के सात आश्चर्य,प्राचीन पुरातनता के सबसे उल्लेखनीय मानव निर्मित कृतियों की पहली ज्ञात सूची है, और उनपर किताबें यूनानी दृष्टि-संत के बीच लोकप्रिय आधारित था और केवल भूमध्य के आसपास स्थित निर्माण शामिल है। जो सात की संख्या में चुना गया था क्योंकि यूनानियों ने इसे माना और बहुतो द्वारा इसे प्रतिनिधित्व किया गाया। इसी तरह के कई सूचियाँ मध्ययुगीन दुनिया और आधुनिक दुनिया के लिए बनायीं गयीं है .

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गतिमान एक्सप्रेस

गतिमान एक्सप्रेस भारत में सबसे तेज़ गति से चलने वाली रेलगाड़ी है जो दिल्ली और आगरा के बीच चलती है। यह 160 किमी प्रति घंटा (99 मील प्रति घंटा) तक की गति से चलती है और फिलहाल भारत की सबसे तेज़ रेलगाड़ी है।यह रेलगाड़ी एक तरफ जाने में 188 किलोमीटर दूरी तय करती है जिसमें 100 मिनट का समय लेती है। यह आगरा छावनी व हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के बीच चलती है। .

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गौहरारा बेगम

गौहरारा बेगम (17 जून 1631 – 1706; गौहर आरा बेगम या दहर आरा बेगम के तौर पर भी जाना जाता है) वह मुगल साम्राज्य की एक शाही राजकुमारी थीं और मुगल सम्राट, शाहजहां (ताज महल निर्माता) और उनकी प्यारी पत्नी मुमताज महल की चौदहवीं और आखिरी संतान थीं। उनको जन्म देते हुए उनकी माँ की मृत्यु हो गई। गौहरारा, तथापि, बच गईं और 75 साल तक जीवित रहीं। उनके बारे में अल्पज्ञात जानकारी है कि क्या वह अपने पिता के सिंहासन उत्तराधिकार के युद्ध में शामिल थीं या नहीं। 75 साल की उम्र में गौहरारा की मृत्यु 1706 में प्राकृतिक कारण या बीमारी से हुई।  .

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आगरा

आगरा उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक महानगर, ज़िला शहर व तहसील है। विश्व का अजूबा ताजमहल आगरा की पहचान है और यह यमुना नदी के किनारे बसा है। आगरा २७.१८° उत्तर ७८.०२° पूर्व में यमुना नदी के तट पर स्थित है। समुद्र-तल से इसकी औसत ऊँचाई क़रीब १७१ मीटर (५६१ फ़ीट) है। आगरा उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। .

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आगरा फ़ोर्ट रेलवे स्टेशन

आगरा फ़ोर्ट रेलवे स्टेशन आगरा शहर के रावतपरा मे आगरा फ़ोर्ट के निकट स्थित है.

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आगरा लखनऊ द्रुतगामी मार्ग

आगरा लखनऊ द्रुतगामी मार्ग एक ३०२ किलोमीटर लम्बा नियंत्रित-पहुंच द्रुतमार्ग या एक्सप्रेसवे है, जो भीड़ग्रस्त सड़कों पर यातायात के साथ साथ ही प्रदूषण और कार्बन पदचिह्नों को भी कम करने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित है। यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। इस द्रुतमार्ग ने आगरा और लखनऊ के बीच की दूरी को काफी कम कर दिया है। यह ६-लेन चौड़ा है, और भविष्य में ८-लेन तक विस्तरित हो सकता है। २१ नवंबर २०१६ को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री, अखिलेश यादव द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था। .

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आगरा का इतिहास

आगरा एक ऐतिहासिक नगर है, जिसके प्रमाण यह अपने चारों ओर समेटे हुए है। इतिहास मे पहला ज़िक्र आगरा का महाभारत के समय से माना जाता है, जब इसे अग्रबाण या अग्रवन के नाम से संबोधित किया जाता था। कहते हैं कि पहले यह नगर आयॅग्रह के नाम से भी जाना जाता था। तौलमी पहला ज्ञात व्यक्ति था जिसने इसे आगरा नाम से संबोधित किया। आगरा शहर को सिकंदर लोदी ने सन् 1506 ई. में बसाया था। आगरा मुगल साम्राजय की चहेती जगह थी। आगरा 1526 से 1658 तक मुग़ल साम्राज्य की राजधानी रहा। आज भी आगरा मुग़लकालीन इमारतों जैसे - ताज महल, किला, फ़तेहपुर सीकरी आदि की वजह से एक विख्यात पर्यटन-स्थल है। ये तीनों इमारतें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सुची में शामिल हैं। बाबर (मुग़ल साम्राज्य का जनक) ने यहाँ चौकोर (आयताकार एवं वर्गाकार) बाग़ों का निर्माण कराया।.

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आगरा का किला

आगरा का किला एक यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल है। यह किला भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित है। इसके लगभग 2.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में ही विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताज महल मौजूद है। इस किले को कुछ इतिहासकार चारदीवारी से घिरी प्रासाद महल नगरी कहना बेहतर मानते हैं। यह भारत का सबसे महत्वपूर्ण किला है। भारत के मुगल सम्राट बाबर, हुमायुं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगज़ेब यहां रहा करते थे, व यहीं से पूरे भारत पर शासन किया करते थे। यहां राज्य का सर्वाधिक खजाना, सम्पत्ति व टकसाल थी। यहाँ विदेशी राजदूत, यात्री व उच्च पदस्थ लोगों का आना जाना लगा रहता था, जिन्होंने भारत के इतिहास को रचा। .

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आगरा के दर्शनीय स्थल

यमुना नदी के तट पर स्थित आगरा शहर ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। सन् 1506 में सिकंदर लोधी ने मुगलों का राज्य स्थापित किया था। मुगलों के शासन के दौरान खूबसूरत स्मारक स्थापित किए गए थे जिन्हें देखने आज भी पर्यटक आगरा आते हैं। आगरा में हस्तशिल्प बहुत ही प्रसिद्ध है। यहाँ संगमरमर के पत्थरों पर सुंदर आकृतियाँ उकेरी गई हैं। गहने, तोहफे एवं अन्य चीजों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ विशेष प्रकार के बॉक्स बनाए जाते हैं। जरदोजी से बनाए गए कपड़े पर्यटकों के मध्य बहुत ही लोकप्रिय हैं। सदर बाजार, किनारी बाजार, राजा-की-मंडी में विभिन्न प्रकार की आकर्षक और मनोहारी चीजें देखी जा सकती हैं। मिठाइयों में आगरा के पेठे एवं गजक बहुत ही प्रसिद्ध हैं। तिल एवं गुड़ से बनाई गई मिठाइयाँ बहुत ही स्वादिष्ट होती हैं। .

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काला ताज महल

काला ताज महल (काला ताज महल, फारसी/سیاہ تاج محل) काले पत्थर के साथ बना एक कालपनिक मकबरा है जिसके बारे में कहा जाता है कि एह यमुना की दूसरी तरफ ताज महल के सामने बनाया जाना था। माना जाता है कि मुगल बादशाह शाह जहाँ ने अपनी तीसरी बीवी मुमताज़ महल की अपने लिए भी एक मकबरा बनाने की इच्छा प्रगट की थी। काले ताज महल की बात सभसे पहिले यूरपी यात्री यां बापतीस्त तावेरनिए ने अपनी लिखतों में किया जो 1665 में आगरा पहुंचा था। यां बापतीस्त लिखता है कि शाह जहाँ ने दरिया के दूसरी तरफ अपने लिए मकबरा बनाना शुरू किया था पर उसके बेटे औरंगजेब ने उसको कैद कर लिया। आधुनिक पुरातत्व विज्ञानी इस कथा को मिथक मानते हैं। .

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अतुल्य भारत

अतुल्य भारत (Incredible India) भारतीय पर्यटन विभाग एक अभियान है, जो देश विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करता है। इस अभियान का उद्देश्य है भारतीय पर्यटन को वैश्विक मंच पर पदोन्नत करना। .

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अमृतसर

अमृतसर (पंजाबी:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) भारत के पंजाब राज्य का एक शहर है।http://amritsar.nic.in अमृतसर की आधिकारिक वैबसाईट अमृतसर पंजाब का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र शहर माना जाता है। पवित्र इसलिए माना जाता है क्योंकि सिक्खों का सबसे बड़ा गुरूद्वारा स्वर्ण मंदिर अमृतसर में ही है। ताजमहल के बाद सबसे ज्यादा पर्यटक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को ही देखने आते हैं। स्वर्ण मंदिर अमृतसर का दिल माना जाता है। यह गुरू रामदास का डेरा हुआ करता था। अमृतसर का इतिहास गौरवमयी है। यह अपनी संस्कृति और लड़ाइयों के लिए बहुत प्रसिद्ध रहा है। अमृतसर अनेक त्रासदियों और दर्दनाक घटनाओं का गवाह रहा है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा नरसंहार अमृतसर के जलियांवाला बाग में ही हुआ था। इसके बाद भारत पाकिस्तान के बीच जो बंटवारा हुआ उस समय भी अमृतसर में बड़ा हत्याकांड हुआ। यहीं नहीं अफगान और मुगल शासकों ने इसके ऊपर अनेक आक्रमण किए और इसको बर्बाद कर दिया। इसके बावजूद सिक्खों ने अपने दृढ संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति से दोबारा इसको बसाया। हालांकि अमृतसर में समय के साथ काफी बदलाव आए हैं लेकिन आज भी अमृतसर की गरिमा बरकरार है। .

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अरबस्क

अरबस्क या इस्लामी कला अक्सर ज्यामितीय पुष्प या वनस्पति डिजाइनों के उपयोग को पुनरावृत्ति में अरबी के रूप में जाना जाता है। इस तरह की डिजाइन बेहद गैर- प्रतिनिधित्वकारी हैं, क्योंकि इस्लाम ने पूर्व-इस्लामी बुतपरस्त (मूर्तिपुज्य) धर्मों में पाए जाने वाले प्रतिनिधित्व के चित्रणों को मना किया है। इसके बावजूद, कुछ मुस्लिम समाजों में चित्रण कला की उपस्थिति है, खासकर लघु शैली जो फारस में और ऑटोमन साम्राज्य के तहत प्रसिद्ध थी, जिसमें लोगों और जानवरों के चित्रों को प्रदर्शित किया गया था, और धार्मिक अध्याय और इस्लामी परंपरागत कथाओं के चित्रण भी शामिल हैं। एक अन्य कारण है कि इस्लामी कला आम तौर पर अमूर्त है, अक्रांस, अक्रियाशील और अनन्त प्रकृति का प्रतीक है, जो कि अरबस्क द्वारा प्राप्त एक उद्देश्य है। इस्लामी शिलालेख इस्लामी कला में एक सर्वव्यापी सजावट है, और आमतौर पर कुरान अध्यायो के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसमें शामिल दो मुख्य लिपियों में प्रतीकात्मक कुफिक और नास्क लिपि हैं, जो कि मस्जिदों की दीवारों और गुंबदों, मिनारो पर लिखी जाती है। इस्लामी वास्तुकला के भेदभाव की प्रस्तुतियों को हमेशा पुनरावृत्ति, विकिरण संरचनाओं और लयबद्ध, मीट्रिक पैटर्नों का आदेश दिया गया है। इस संबंध में फ्रैक्टल ज्यामिति एक प्रमुख उपयोगिता रही है, विशेष रूप से मस्जिदों और महलों के लिए। रूपांकनों के रूप में कार्यरत अन्य विशेषताओं में स्तभ, और मेहराब शामिल हैं, जो संयोजन और अन्तर्निर्मित होते हैं। इस्लामी वास्तुकला में गुंबदों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। इसका उपयोग सबसे पहले 691 में मस्जिद अल-अक्सा के गुंबद के निर्माण के साथ, और 17 वीं सदी तक ताजमहल के साथ भी आवर्ती हो रहा है। और 19वीं शताब्दी के रूप में, इस्लामी गुम्बद को यूरोपीय वास्तुकला में शामिल किया गया था। File:Columns and decoration of the Upper gallery of Hagia Sophia.jpg|बीजान्टिन राजधानी और सजावट में हागिया सोफिया, सफेद संगमरमर, 6 सदी। File:Basilica of San Vitale - Lamb of God mosaic.jpg|बीजान्टिन मोज़ेक 6 सदी.

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उत्तर प्रदेश

आगरा और अवध संयुक्त प्रांत 1903 उत्तर प्रदेश सरकार का राजचिन्ह उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा (जनसंख्या के आधार पर) राज्य है। लखनऊ प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी है और इलाहाबाद न्यायिक राजधानी है। आगरा, अयोध्या, कानपुर, झाँसी, बरेली, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, मथुरा, मुरादाबाद तथा आज़मगढ़ प्रदेश के अन्य महत्त्वपूर्ण शहर हैं। राज्य के उत्तर में उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ और पूर्व में बिहार तथा झारखंड राज्य स्थित हैं। इनके अतिरिक्त राज्य की की पूर्वोत्तर दिशा में नेपाल देश है। सन २००० में भारतीय संसद ने उत्तर प्रदेश के उत्तर पश्चिमी (मुख्यतः पहाड़ी) भाग से उत्तरांचल (वर्तमान में उत्तराखंड) राज्य का निर्माण किया। उत्तर प्रदेश का अधिकतर हिस्सा सघन आबादी वाले गंगा और यमुना। विश्व में केवल पाँच राष्ट्र चीन, स्वयं भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, इंडोनिशिया और ब्राज़ील की जनसंख्या उत्तर प्रदेश की जनसंख्या से अधिक है। उत्तर प्रदेश भारत के उत्तर में स्थित है। यह राज्य उत्तर में नेपाल व उत्तराखण्ड, दक्षिण में मध्य प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान तथा पूर्व में बिहार तथा दक्षिण-पूर्व में झारखण्ड व छत्तीसगढ़ से घिरा हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है। यह राज्य २,३८,५६६ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहाँ का मुख्य न्यायालय इलाहाबाद में है। कानपुर, झाँसी, बाँदा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, महोबा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर, नोएडा, मथुरा, मुरादाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, सुल्तानपुर, फैजाबाद, बरेली, आज़मगढ़, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर यहाँ के मुख्य शहर हैं। .

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उत्तर प्रदेश में पर्यटन

उत्तर प्रदेश में पर्यटन भारत भर में सुविख्यात है एवं इसकी पश्चिमी सीमायें देश की राजधानी नई दिल्ली से लगी हुई हैं। उत्तर प्रदेश भारतीय एवं विदेशी पर्यटको के लिए एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। इस प्रदेश में कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल हैं। उत्तर प्रदेश की आबादी भारत के सभी राज्योँ में सबसे अधिक है। भूगौलिक रूप से भी उत्तर प्रदेश में विविधता देखने को मिलती है- उत्तर की ओर हिमालय पर्वत हैं और दक्षिण में सिन्धु-गंगा के मैदान हैं। भारत का सबसे लोकप्रिय ऐतिहासिक पर्यटन स्थल ताज महल यहां के आगरा शहर में स्थित है। वाराणसी, जो कि हिन्दुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो इसी प्रदेश में है। .

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उत्तर प्रदेश का इतिहास

उत्तर प्रदेश का भारतीय एवं हिन्दू धर्म के इतिहास मे अहम योगदान रहा है। उत्तर प्रदेश आधुनिक भारत के इतिहास और राजनीति का केन्द्र बिन्दु रहा है और यहाँ के निवासियों ने भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभायी। उत्तर प्रदेश के इतिहास को निम्नलिखित पाँच भागों में बाटकर अध्ययन किया जा सकता है- (1) प्रागैतिहासिक एवं पूर्ववैदिक काल (६०० ईसा पूर्व तक), (2) हिन्दू-बौद्ध काल (६०० ईसा पूर्व से १२०० ई तक), (3) मध्य काल (सन् १२०० से १८५७ तक), (4) ब्रिटिश काल (१८५७ से १९४७ तक) और (5) स्वातंत्रोत्तर काल (1947 से अब तक)। .

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उत्तर भारत

उत्तरी भारत में अनेक भौगोलिक क्षेत्र आते हैं। इसमें मैदान, पर्वत, मरुस्थल आदि सभी मिलते हैं। यह भारत का उत्तरी क्षेत्र है। प्रधान भौगोलिक अंगों में गंगा के मैदान और हिमालय पर्वतमाला आती है। यही पर्वतमाला भारत को तिब्बत और मध्य एशिया के भागों से पृथक करती है। उत्तरी भारत मौर्य, गुप्त, मुगल एवं ब्रिटिश साम्राज्यों का ऐतिहासिक केन्द्र रहा है। यहां बहुत से हिन्दू तीर्थ जैसे पर्वतों में गंगोत्री से लेकर मैदानों में वाराणासी तक हैं, तो मुस्लिम तीर्थ जैसे अजमेर.

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उस्ताद ईसा

उस्ताद ईसा (استاد عيسى) एक काल्पनिक वास्तुकार हैं, जिन्हें प्रायः ताजमहल का प्रधान वास्तुकार बताया जाता है। मूलरूप से उन्हें यातो फारसी या फिर तुर्क वास्तुकार बताया जाता है। पूर्ण एवं विश्वस्त सूचना के अभाव में, कि किस को ताजमहल के रूपांकन का श्रेय दिया जाए; इससे की अफवाहें उडी़ं। इतिहासकार बताते हैं कि ब्रिटिश की उन्नीसवी शताब्दी में इस खूबसूरत स्मारक का किसी यूरोपीय वास्तुकार को श्रेय दिए जाने की उत्सुकता ने इस कहानी को बल दिया। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के अनुसार, एक कारीगरों की फर्जी सूची भी बना कर दे दी गई, साथ ही पूरे एशिया भर से लाए गए सामान की सूची भी, जिससे कि अंग्रेज कोई यूरोपीय वास्तुकार को इस इमारत का झूठा श्रेय ना दे दें।Koch, p.89 हाल की शोध से ज्ञात हुआ है कि उस्ताद अहमद लाहौरी ही इसके सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं, जिन्हें कि ताजमहल का प्रधान वास्तुकार बताया जा सके।Asher, p.212Begley and Desai, p.65 .

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उस्ताद अहमद लाहौरी

उस्ताद अहमद लाहौरी, ताजमहल के प्रधान वास्तुकार होने के अधिकारी हैं। यह दावा उनके वंशज लुत्फुल्लह मुहांदी द्वारा लिखित दावे पर आधारित है।Asher, p.212Begley and Desai, p.65 जीवन परिचय उस्ताद अहमद लाहौरी, ताजमहल के प्रधान वास्तुकार होने के अधिकारी हैं। यह दावा उनके वंशज लुत्फुल्लह मुहांदी द्वारा लिखित दावे पर आधारित है। शाहजहाँ के दरबार का इतिहास उसकी निर्माण में वैयक्तिक रुचि दर्शाती है। यह सत्य भी है, कि किसी अन्य मुगल बादशाह की तुलना में उसने सर्वाधिक उत्साह दिखाया निर्माण में। वह अपने वास्तुकारों से नियमित बैठक रखता था। उसके वृत्तांतकार लाहौरी लिखते हैं, कि उसने सदा ही प्रतिभावान वास्तुकारों द्वारा बनाई गईं इमारतों के रूपांकनों में कोई उचित परिवर्तन दिखाया, एवं बुद्धिमत के प्रश्न भी पूछे। "Koch, p.89 दो वास्तुकार जो कि नाम से उल्लेखित किये जाते हैं, वे हैं उस्ताद अहमद लाहौरी Begley and Desai (1989), p.65 एवं मीर अब्दुल करीम लाहौरी के पुत्र लुत्फुल्लाह मुहन्दीस के लेखानुसार। उस्ताद अहमद लाहौरी ने ही दिल्ली के लाल किले की नींव रखी थी। मीर अब्दुल करीम पूर्व बादशाह जहाँगीर का प्रिय वास्तुकार रहा था, जिसे मक्रामत खाँ के साथ, पर्यवेक्षक नियुक्त किया हुआ था। ताजमहल के निर्माण हेतु। .

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छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मराठी: छत्रपती शिवाजी महाराज टरमीनस), पूर्व में जिसे विक्टोरिया टर्मिनस कहा जाता था, एवं अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी.

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१९७१ का भारत-पाक युद्ध

1971 भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया और बांग्लादेश के रूप में एक नया देश बना। 16 दिसंबर को ही पाकिस्तानी सेना ने सरेंडर किया था। करगिल युद्ध में भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड कर्नल बीबी वत्स ने भारत की जीत और पाकिस्तान की हार के 10 बड़े कारण बताए। 1.

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यहां पुनर्निर्देश करता है:

ताज महल, अगरा का तजमहल

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