लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
डाउनलोड
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

तमिल ईलम के मुक्ति बाघ

सूची तमिल ईलम के मुक्ति बाघ

|ideology .

18 संबंधों: एन्टोन बालासिंगम, डगलस देवानंद, थोल. थिरुमावलवन, बालाशेखर कन्द्या, ब्लैक जुलाई, भारतीय इतिहास की समयरेखा, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, रानीखेत, लोकनाथ सबनायक, शरत फोंसेका, श्रीलंकाई गृहयुद्ध का इतिहास, स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास, व्. बालकुमार, वेलुपिल्लई प्रभाकरण, करुणानिधि, १३ दिसम्बर, २०१०, ७ जनवरी

एन्टोन बालासिंगम

एन्टोन स्तानिस्लाव बालासिंगम (4 मार्च 1938 - 2006 दिसम्बर 14) के प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार और अलगाववादी समूह तमिल इलाम मुक्ति शेर के प्रमुख वार्ताकार थे.

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और एन्टोन बालासिंगम · और देखें »

डगलस देवानंद

डगलस देवानंद कठिरवेल नित्यानंद देवानंद (டக்ளஸ் தேவானந்தா, जाफना में 1957 में जन्मे) ने श्रीलंका के तमिल नेता और कैबिनेट मंत्री है.

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और डगलस देवानंद · और देखें »

थोल. थिरुमावलवन

तिरुमावलवन या तोल. तिरुमावलवन (तमिल: தொல்.திருமாவளவன், जन्म 17 अगस्त 1962), एक दलित कार्यकर्ता, 15वीं लोकसभा में संसद सदस्य और भारत के तमिलनाडु राज्य की एक दलित राजनीतिक पार्टी, विड़ूदलाई चिरुतैगल कच्ची (लिबरेशन पैंथर्स पार्टी) के मौजूदा अध्यक्ष हैं। वे 1990 के दशक में एक दलित नेता के रूप में प्रसिद्ध हुए और 1999 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। उनका राजनीतिक आधार, दलितों के जाति आधारित उत्पीड़न को रोकने पर केन्द्रित है, जो उनके हिसाब से तमिल राष्ट्रवाद को पुनर्जीवित और पुनर्निर्देशित करने के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने श्रीलंका सहित अन्य स्थानों में तमिल राष्ट्रवादी आंदोलनों और समूहों के लिए समर्थन भी व्यक्त किया है। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और थोल. थिरुमावलवन · और देखें »

बालाशेखर कन्द्या

बालाशेखर कन्द्या या बलराज तमिल इलाम मुक्ति शेर का नेता है | .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और बालाशेखर कन्द्या · और देखें »

ब्लैक जुलाई

जुलाई 23, 1983 को श्रीलंका में तमिलों के विरुद्ध सिंहलों द्वारा किए गए दंगों का नाम 'काली जुलाई' या 'ब्लैक जुलाई' है। इसमें 400 से लेकर 3000 की मौत का अनुमान है। बहुत से तमिलों को मौत के घाट उतार दिया गया। हजारों घरों को तबाह कर दिया गया। इस कारण सैकडों तमिलों ने श्रीलंका छोड़ दिया और विदेशी शरण की मांग की। एलटीटीई (लिट्टे /LTTE) द्वारा किए गए आक्रमण में श्रीलंका के ४३ सैनिकों के मारे जाने के बाद ये दंगे शुरु हुए थे। ब्लॅक जुलाई श्रीलंका में तमिल उग्रवदियों एवं श्रीलंका सरकार के मध्य गृहयुद्ध का कारण बना। श्रीलंका के तमिल लोगों के लिए यह दुखद स्मरण का दिन बन गया है। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और ब्लैक जुलाई · और देखें »

भारतीय इतिहास की समयरेखा

पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं भारत एक साझा इतिहास के भागीदार हैं इसलिए भारतीय इतिहास की इस समय रेखा में सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास की झलक है। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और भारतीय इतिहास की समयरेखा · और देखें »

मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम

मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एमडीएमके (MDMK); மறுமலர்ச்சித் திராவிட முன்னேற்றக் கழகம்) भारत के तमिलनाडु राज्य की एक राजनैतिक पार्टी है जिसका गठन 1994 में डीएमके पार्टी के सक्रियतावादी और राज्य सभा के सदस्य श्री वी.गोपालसामी (वायको के रूप में भी ज्ञात) ने किया था। श्री वी.गोपालसामी अपने छात्र जीवन से ही पार्टी में बढ़े.

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम · और देखें »

रानीखेत

रानीखेत भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल है। यह राज्य के अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत स्थित एक फौजी छावनी है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत बहुत ही रमणीक हिल स्टेशन है। इस स्थान से हिमाच्छादित मध्य हिमालयी श्रेणियाँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं। रानीखेत से सुविधापूर्वक भ्रमण के लिए पिण्डारी ग्लेशियर, कौसानी, चौबटिया और कालिका पहुँचा जा सकता है। चौबटिया में प्रदेश सरकार के फलों के उद्यान हैं। इस पर्वतीय नगरी का मुख्य आकर्षण यहाँ विराजती नैसर्गिक शान्ति है। रानीखेत में फ़ौजी छावनी भी है और गोल्फ़ प्रेमियों के लिए एक सुन्दर पार्क भी है। १८६९ में ब्रिटिश सरकार ने कुमाऊं रेजिमेंट के मुख्यालय की स्थापना रानीखेत में की, और भारतीय गर्मियों से बचने के लिए हिल स्टेशन के रूप में इस नगर का प्रयोग किया जाने लगा। ब्रिटिश राज के दौरान एक समय में, यह शिमला के स्थान पर भारत सरकार के ग्रीष्मकालीन मुख्यालय के रूप में भी प्रस्तावित किया गया था। १९०० में इसकी गर्मियों की ७,७०५ जनसंख्या थी, और उसी साल की सर्दियों की जनसंख्या १९०१ में ३,१५३ मापी गई थी। स्वच्छ सर्वेक्षण २०१८ के अनुसार रानीखेत दिल्ली और अल्मोड़ा छावनियों के बाद भारत की तीसरी सबसे स्वच्छ छावनी है। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और रानीखेत · और देखें »

लोकनाथ सबनायक

लोकनाथ सबनायक तमिल इलाम मुक्ति शेर का नेता है | .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और लोकनाथ सबनायक · और देखें »

शरत फोंसेका

श्रीलंका के थलसेनाध्यक्ष जिनके नेतृत्व में श्रिलंकाई सेना ने वर्ष २००९ में लिट्टे को निर्णायक रूप से पराजित किया। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और शरत फोंसेका · और देखें »

श्रीलंकाई गृहयुद्ध का इतिहास

श्रीलंकाई गृहयुद्ध श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहला और अल्पसंख्यक तमिलो के बीच २३ जुलाई, १९८३ से आरंभ हुआ गृहयुद्ध है। मुख्यतः यह श्रीलंकाई सरकार और अलगाववादी गुट लिट्टे के बीच लड़ा जाने वाला युद्ध है। ३० महीनों के सैन्य अभियान के बाद मई २००९ में श्रीलंकाई सरकार ने लिट्टे को परास्त कर दिया। लगभग २५ वर्षों तक चले इस गृहयुद्ध में दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग मारे गए और यह युद्ध द्वीपीय राष्ट्र की अर्थव्यस्था और पर्यावरण के लिए घातक सिद्ध हुआ। लिट्टे द्वारा अपनाई गई युद्ध-नीतियों के चलते ३२ देशों ने इसे आतंकवादी गुटो की श्रेणी में रखा जिनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ के बहुत से सदस्य राष्ट्र और अन्य कई देश हैं। एक-चौथाई सदी तक चले इस जातीय संघर्ष में सरकारी आँकड़ों के अनुसार ही लगभग ८०,००० लोग मारे गए हैं। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और श्रीलंकाई गृहयुद्ध का इतिहास · और देखें »

स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास

कोई विवरण नहीं।

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास · और देखें »

व्. बालकुमार

व्.

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और व्. बालकुमार · और देखें »

वेलुपिल्लई प्रभाकरण

वेलुपिल्लई प्रभाकरण (२६ नवंबर, १९५४-१८ मई, २००९) लिट्टे के नेता था। १९७५ के आसपास लिट्टे के गठन के बाद से वो दुनिया के सबसे ताकतवर गुरिल्ला लड़ाकाओं के प्रमुख के रूप में जाना जाता था। १८ मई २००९ को श्रीलंका की सेना ने उन्हें मारने का दावा किया है। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और वेलुपिल्लई प्रभाकरण · और देखें »

करुणानिधि

मुत्तुवेल करुणानिधि (மு. கருணாநிதி.) (जन्म 3 जून 1924) एक भारतीय राजनेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। वे तमिलनाडु राज्य के एक द्रविड़ राजनीतिक दल द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के प्रमुख हैं। वे 1969 में डीएमके के संस्थापक सी. एन. अन्नादुरई की मौत के बाद से इसके नेता हैं और पांच बार (1969–71, 1971–76, 1989–91, 1996–2001 और 2006–2011) मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने अपने 60 साल के राजनीतिक करियर में अपनी भागीदारी वाले हर चुनाव में अपनी सीट जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने तमिलनाडु और पुदुचेरी में डीएमके के नेतृत्व वाली डीपीए (यूपीए और वामपंथी दल) का नेतृत्व किया और लोकसभा की सभी 40 सीटों को जीत लिया। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने डीएमके द्वारा जीती गयी सीटों की संख्या को 16 से बढ़ाकर 18 कर दिया और तमिलनाडु और पुदुचेरी में यूपीए का नेतृत्व कर बहुत छोटे गठबंधन के बावजूद 28 सीटों पर विजय प्राप्त की। वे तमिल सिनेमा जगत के एक नाटककार और पटकथा लेखक भी हैं। उनके समर्थक उन्हें कलाईनार (கலைஞர்., "कला का विद्वान") कहकर बुलाते हैं। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और करुणानिधि · और देखें »

१३ दिसम्बर

13 दिसंबर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 347वॉ (लीप वर्ष में 348 वॉ) दिन है। साल में अभी और 18 दिन बाकी है। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और १३ दिसम्बर · और देखें »

२०१०

वर्ष २०१० वर्तमान वर्ष है। यह शुक्रवार को प्रारम्भ हुआ है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष २०१० को अंतराष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इन्हें भी देखें 2010 भारत 2010 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 2010 साहित्य संगीत कला 2010 खेल जगत 2010 .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और २०१० · और देखें »

७ जनवरी

7 जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 7वाँ दिन है। साल में अभी और 358 दिन बाकी हैं (लीप वर्ष में 359)। .

नई!!: तमिल ईलम के मुक्ति बाघ और ७ जनवरी · और देखें »

यहां पुनर्निर्देश करता है:

तमिल टाइगर, तमिल ईलम मुक्ति शेर, तमिल इलाम मुक्ति शेर, लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम, लिट्टे

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »