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झारखण्ड

सूची झारखण्ड

झारखण्ड यानी 'झार' या 'झाड़' जो स्थानीय रूप में वन का पर्याय है और 'खण्ड' यानी टुकड़े से मिलकर बना है। अपने नाम के अनुरुप यह मूलतः एक वन प्रदेश है जो झारखंड आंदोलन के फलस्वरूप सृजित हुआ। प्रचुर मात्रा में खनिज की उपलबध्ता के कारण इसे भारत का 'रूर' भी कहा जाता है जो जर्मनी में खनिज-प्रदेश के नाम से विख्यात है। 1930 के आसपास गठित आदिवासी महासभा ने जयपाल सिंह मुंडा की अगुआई में अलग ‘झारखंड’ का सपना देखा.

740 संबंधों: चतरा, चतरा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, चतरा जिला, चन्दनकियारी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), चन्द्र प्रकाश चौधरी, चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह, चमरा लिंडा‌, चम्पई सोरेन, चास, चाईबासा, चाईबासा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), चांगथंग, चाकुलिया, चितरा, चिरकुंडा, चंदवा, चंद्रपुरा, चंद्रशेखर दुबे, चक्रधरपुर, चक्रधरपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), चुआड़ विद्रोह, चौदहवीं लोकसभा, टाटा मोटर्स, टाटा समूह, टाटा इस्पात, टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन, टायो रोल्स, टिकैत उमराँव सिंह, टुन्डी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), टुसू पर्व, टीवी स्वामित्व के आधार पर भारत के राज्य, टीकाकरण कवरेज के आधार पर भारत के राज्य, एचएएल ध्रुव, एच॰आई॰वी जागरुकता के आधार पर भारत के राज्य, एडवर्ड्स इंग्लिश स्कूल, जामतारा, एनटीपीसी कहलगांव, एलिस एक्का, एलिस एक्का की कहानियां, झरिया, झरिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), झारखण्ड विधानसभा, झारखण्ड के मुख्यमन्त्रियों की सूची, झारखण्ड के राज्यपालों की सूची, झारखण्ड के आदिवासी त्योहार, झारखण्ड उच्च न्यायालय, 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(झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), धरधारिया जलप्रपात, धान उत्पादन की मेडागास्कर विधि, धानुक जाति, धीरेन्द्र अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, नलिन सोरेन, नाम की व्युत्पत्ति के आधार पर भारत के राज्य, नारायण दास, नारायण दास ग्रोवर, नाला (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), नालंदा (गैर-सरकारी संगठन), नास्तिक (2018 फ़िल्म), नागपुरी भाषा, नागा साधु, नागेन्द्र महतो, निधि, निरल पुरती, निरसा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), निर्धनता दर के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, निर्भय कुमार शाहाबादी, निर्मला देवी, निशिकांत दुबे, निक्की प्रधान, नवादा, नवीन जयसवाल, नगमा, नक्सलवाद, नेतरहाट, नेतरहाट विद्यालय, नोआमुंडी, नीरा यादव, नीलकंठ सिंह मुन्डा, पटना, पटना का इतिहास, पटमदा, पतरातू, पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, पत्थलगड़ी, पद्म श्री पुरस्कार (१९८०–१९८९), पद्म श्री पुरस्कार (२०००–२००९), पद्मश्री पुरस्कार (२०१०–२०१९), परमाणु ऊर्जा विभाग (भारत), परमाण्वीय खनिज, परिवार के आकार के आधार पर भारत के राज्य, परिकल्पना सम्मान, पलामू, पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, पशुपतिनाथ सिंह, पश्चिम बंगाल, पश्चिमी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम जिला, पाठक संख्या के अनुसार भारत में समाचार पत्रों की सूची, पाण्डे गणपत राय, पारसमणिनाथ मंदिर, पार्श्वनाथ, पालामऊ व्याघ्र आरक्षित वन, पांकी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), पाकुड़, पाकुड़ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), पाकुड़ जिला, पंच घाघ जलप्रपात, पंचेत, पंजाब रेजिमेंट, पंकज झा, पंकज सिंह (राजनेता), पुरुलिया, पुरूलिया जिला, पुस्तक:भारत, प्यारा केरकेट्टा, प्रत्युषा बनर्जी, प्रदीप यादव, प्रभा साक्षी, प्रमाणसागर, प्रियंका चोपड़ा, प्रजनन दर के आधार पर भारत के राज्य, प्रकाश राम, प्रेमलता अग्रवाल, पौलुस सुरीन, पूर्व भारतीय खाना, पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, पूर्वी भारत, पूर्वी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम जिला, पूर्वी सिंहभूम का मानचित्र, पूर्वी आंचलिक परिषद, पेठा (सब्जी), पेयजल उपलब्धता के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, पोटका (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), पोड़ैयाहाट (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), पीठा, फुरकान अंसारी, फुसरो, फूलचंद मंडल, बड़कागांव (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बरहैट (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बरही (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बरकठा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बरकाकाना, बहरागोड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बादल (झारखण्ड विधायक), बाबूलाल मरांडी, बाल पोषाहार के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, बालरंग, भिलाई, बासुडिह, बासुकीनाथ, बाघमारा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बागुन सुमब्राई, बाङ्ला भाषा, बिद्युत बरन महतो, बिदेश सिंह, बिभूतिभूषण बंधोपाध्याय, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, बिरसा मुंडा, बिरसा मुंडा विमानक्षेत्र, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, बिरंची नारायण, बिशुनपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बिश्रामपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बिष्टुपुर, जमशेदपुर, बिहार, बिहार में यातायात, बिहार का भूगोल, बज्जिका, बगोदर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बक्सर का युद्ध, बुधू भगत, ब्रिटिश राज, बैगा (जनजाति), बूढ़ाघाघ जलप्रपात, बेड़िया, बेतला राष्ट्रीय उद्यान, बेरमो, बेरमो (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बोरियो (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बोकारो, बोकारो (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), बोकारो जिला, बोकारो विमानक्षेत्र, बोकारो इस्पात संयंत्र, भानु प्रताप शाही, भारत, भारत में दशलक्ष-अधिक शहरी संकुलनों की सूची, भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की राजमार्ग संख्या अनुसार सूची, भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची, भारत में सर्वाधिक जनसंख्या वाले महानगरों की सूची, भारत में संचार, भारत में हिन्दू धर्म, भारत में जैन धर्म, भारत में विमानक्षेत्रों की सूची, भारत में विश्वविद्यालयों की सूची, भारत में इस्लाम, भारत में कोयला-खनन, भारत यायावर, भारत का भूगोल, भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण, भारत के निजी विश्वविद्यालयों की सूची, भारत के प्रथम, भारत के प्रशासनिक विभाग, भारत के प्रस्तावित राज्य तथा क्षेत्र, भारत के बाघ संरक्षित क्षेत्र, भारत के भाषाई परिवार, भारत के मानित विश्वविद्यालय, भारत के राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची, भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - संख्या अनुसार, भारत के राष्ट्रीय उद्यान, भारत के राजनीतिक दलों की सूची, भारत के राज्य (सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार), भारत के राज्य (कर राजस्व के अनुसार), भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश, भारत के राज्य और संघ क्षेत्र और उनके दो वर्ण वाले कोड, भारत के राज्यकीय पुष्पों की सूची, भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की राजधानियाँ, भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची, भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची जनसंख्या अनुसार, भारत के शहरों की सूची, भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची, भारत के सामाजिक-आर्थिक मुद्दे, भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, भारत के हवाई अड्डे, भारत के जल प्रपात, भारत के ज़िले, भारत के अभयारण्य, भारत के उच्च न्यायालयों की सूची, भारत की संस्कृति, भारत की स्वास्थ्य समस्याएँ (2009), भारत २०१०, भारतीय चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक संस्थान, भारतीय थलसेना, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय प्रबन्धन संस्थान, भारतीय प्रबंध संस्थान, राँची, भारतीय राज्य पशुओं की सूची, भारतीय राज्य पक्षियों की सूची, भारतीय राज्यों के राज्यपालों की सूची, भारतीय राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्रियों की सूची, भारतीय सेना की रेजिमेंट्स की सूची, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्रियों की सूची, भारतीय वाहन पंजीकरण पट्ट, भारतीय विधायिकाओं के वर्तमान अध्यक्षों की सूची, भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान, भारतीय खनि विद्यापीठ विश्वविद्यालय, भारतीय आम चुनाव, 2014, भारतीय आम चुनाव, 2014 के लिए चुनाव पूर्व सर्वेक्षण, भारतीय आम चुनाव, २००९, भारतीय इस्पात प्राधिकरण, भारतीय क्रिकेट टीम, भागलपुर, भवनाथपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), भंडरिया, भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, भोजपुरी भाषा, मझगांव (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), मधु कोड़ा, मधुपुर, मधुपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), मनिका (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), मनोहरपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), मनोज कुमार (सांसद), मनोज कुमार यादव, मनीष मुंदड़ा, मनीष जयसवाल, मयूरभंज जिला, मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा, मलुदाह जलप्रपात, मलूटी, महात्मा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, महिला सुरक्षा के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, महगामा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), महेन्द्रनाथ मंदिर , सिवान , बिहार, महेशपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), महेंद्र सिंह धोनी, मानव तस्करी की घटनाओं के आधार पर भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की सूची, मानगो जमशेदपुर, मान्डर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), माफ़िया राज, माल्टो भाषा, माहली, मागे पर्ब, मां योगिनी मंदिर, मांडू (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), मकर संक्रान्ति, मकरध्वज दारोगा, मक्का (अनाज), मुड़मा जतरा, मुण्डा, मुंडा मानकी प्रथा, मृदा, मैथन, मैथन बांध, मूरी, मेदिनी राय, मेनका सरदार, मेयांग चांग, मेरी बेटी , मेरी पहचान, मोती झरना जलप्रपात, मोदी, मोनू कुमार, मीडिया की पहुँच के आधार पर भारत के राज्य, मीनाक्षी शेषाद्रि, यशवंत सिन्हा, यूरेनियम, योगेन्द्र प्रसाद, योगेश्वर महतो, रणधीर कुमार सिंह, राँची, राँची एक्सप्रेस, राँची लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, राँची जिला, राँची विश्वविद्यालय, राँची विश्ववविद्यालय, राधाकृष्ण किशोर, राम चंद्र सहिस, राम टहल चौधरी, राम दयाल मुंडा, रामचंद्र चन्द्रवंशी, रामगढ, रामगढ़ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), रामगढ़ जिला, रामगढ़ छावनी, रामकुमार पाहन, रामेश्वर उराँव, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर, राष्ट्रीय मनोचिकत्सा संस्थान, राष्ट्रीय राजमार्ग १००, राष्ट्रीय राजमार्ग २, राष्ट्रीय राजमार्ग २३, राष्ट्रीय राजमार्ग ३१, राष्ट्रीय राजमार्ग ३२, राष्ट्रीय राजमार्ग ३३, राष्ट्रीय राजमार्ग ६, राष्ट्रीय राजमार्ग ९९, राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय खनन शोध संस्थान, राहुल त्रिपाठी, राज पालीवार, राज सिन्हा, राज किशोर महतो, राज कुमार यादव, राजभवन (झारखण्ड), राजमहल (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), राजमहल (नगर), राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, राजरप्पा जलप्रपात, राजा अर्जुन सिंह, राज्य पुनर्गठन आयोग, राजेन्द्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान, रांची (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), रांची विश्वविद्यालय, रजरप्पा, रघु नन्दन मंडल, रघुनाथ महतो, रविन्द्र कुमार पाण्डेय, रविन्द्र कुमार राय, रवीन्द्र नाथ महतो, रुतोग ज़िला, रुद्रावतार, रॉस हिमचट्टान, रोज केरकेट्टा, लातेहार, लातेहार (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), लातेहार जिला, लाल मिट्टी, लाल गलियारा, लिट्टीपाड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), लिंगानुपात के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, लखनपहाड़ी, लक्ष्मण टुडू, लक्ष्मण गिलुवा, लक्ष्मीरानी माझी, लको बोदरा, लुईस मरांडी, लोध जलप्रपात, लोयला स्कूल जमशेदपुर, लोहरदगा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, लोहरदग्गा, लोहरदग्गा जिला, लोहा, लोक सभा, लोकसभा सीटों के आधार पर भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की सूची, लोकसेवा अधिकार कानून, शशिभूषण सामाड़, शाहबाज नदीम, शिबू सोरेन, शिवशंकर उराँव, शिखरजी, शिकारीपाड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), शुभलक्ष्मी शर्मा, श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2014-15, श्वेता बासु प्रसाद, शेख भिखारी, सत्येन्द्र नाथ तिवारी, सदनी जलप्रपात, सबसे सघन आबादी वाले शहर, सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी, सरना धर्म, सरयू राय, सरस्वती विद्या मंदिर, बोकारो, सरसों का तेल, सरहुल, सरायढेला, सरायकेला (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), सराइकेला, सराइकेला खरसावाँ जिला, सरजामदा, साधु चरण महतो, सारठ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), साहिबगंज, साहिबगंज जिला, सांथाल जनजाति, साक्षरता दर के आधार पर भारत के राज्य, सिद्धू कान्हू विश्वविद्यालय, सिन्दरी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), सिन्धु-गंगा के मैदान, सिमडेगा, सिमडेगा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), सिमडेगा जिला, सिमरिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), सिल्ली (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), सिसई (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), सिंदरी, सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, सखाराम गणेश देउस्कर, संथाल परगना, संथाली भाषा, संस्थागत प्रसव के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, संजीव सिंह, सुदर्शन भगत, सुनील कुमार बर्नवाल, सुनील कुमार महतो, सुनील कुमार सिंह, सुबोधकांत सहाय, सुमन महतो, सुलतानगंज प्रखण्ड (भागलपुर), सुल्तानगंज, सुशीला केरकेट्टा, सुषमा सिंह, सुवर्णरेखा नदी, स्ताव्रोपोल क्राय, स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र, स्पिरिट एअर (भारत), सैयद सिब्ते रज़ी, सैयद अहमद, सेवा का अधिकार, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, सोन नदी, सोनभद्र जिला, सोनारी हवाई-अड्डा, सोनारी जमशेदपुर, सीता मुर्मु उर्फ सीता सोरेन, हटिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), हँड़िया, हमार टीवी, हरियाणा का केंद्रीय विश्वविद्यालय, हरिकृष्ण सिंह, हर्षवर्धन ओझा, हलपद जलप्रपात, हलुदबनी, हिन्दी, हिन्दी पत्रिकाएँ, हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, हिन्दी भाषीय विद्यालय, हिन्दी समाचारपत्रों की सूची, हिन्दी विद्यापीठ, देवघर, हिरनी जलप्रपात, हजारीबाग, हजारीबाग (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, हजारीबाग जिला, हंड़िया, हुसैनाबाद, हुसैनाबाद (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), हुंदरु जलप्रपात, हूनान, हेमंत सोरेन, हो (जनजाति), हो भाषा, जतरा भगत, जदनीजलप्रपात, जनसंख्या के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र, जनजातीय सम्मान, जमशेदपुर, जमशेदपुर पश्चिम (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जमशेदपुर पूर्व (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, जमशेदपुर वर्कर्स कालेज, जमशेदपुर को-आपरेटिव कालेज, जमुआ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जय प्रकाश भाई पटेल, जय प्रकाश सिंह भोगता, जयपाल सिंह मुंडा, जयप्रकाश वर्मा, जयंत सिन्हा, जरमुण्डी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जसीडीह, ज़ेवियर प्रबंधन संस्थान, जादूगोड़ा, जादूगोड़ा यूरेनियम खान, जादोपटिया चित्रकला, जानकी प्रसाद यादव, जामताड़ा, जामताड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जामताड़ा जिला, जामा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जामाडोबा, जगन्नाथपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जगरनाथ महतो, जुबली पार्क जमशेदपुर, जुलाई २०१०, जुगसलाई (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), जेट कनेक्ट, जोन्हा जलप्रपात, जीतू चरण राम, जीवन प्रत्याशा के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, ईचागढ़ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), घरों मे बिजली उपलब्धता के आधार पर भारत के राज्य, घाटशिला, घाटशिला (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), घाघरि जलप्रपात, वारंग क्षिति, वाहनों के घनत्व के आधार पर भारत के राज्य, विद्यानंद, विनोद चन्द्र पाण्डेय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, विनीता सोरेन, विमला प्रधान, विश्वकर्मा जयन्ती, विष्णु दयाल राम, विजय कुमार हंसदक, विकास कुमार मुंडा, वंदना टेटे, वैद्यनाथ मन्दिर, देवघर, खड़िया भाषा, खड़िया आदिवासी, खड़कई नदी, खरसावाँ, खरसांवा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), ख़, खिजरी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), खूँटी, खूँटी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, खूंटी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), खूंटी जिला, खेरवार आंदोलन, खेवर विद्रोह, खोरठा भाषा, गढ़वा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), गढवा, गढवा जिला, गणेश गन्झु, गबन (अपराध), गया, गया मुण्डा, गाण्डे (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), गिरिडीह (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), गिरिडीह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, गिरीडीह, गिरीडीह जिला, गंधक, गंगा नारायण सिंह, गंगोत्री कुजूर, गुमला, गुमला (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), गुमला जिला, गुरमीत सिंह, गुआ जलप्रपात, ग्रैंड ट्रंक रोड, गौतमधारा जलप्रपात, गृह स्वामित्व के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, गोएयर, गोड्डा, गोड्डा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, गोड्डा जिला, गोड्‌डा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), गोबिंदपुर, गोमिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), गोमो, गोरक्षकों द्वारा हिंसा, गीता कोड़ा, ओड़िया भाषा, ओडिशा, आदिवासी (भारतीय), आदिवासी भाषाएँ, आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशन, आर्थिक मुक्ति के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, आलमगीर आलम, आलोक कुमार चौरसीया, आंचलिक परिषद, आइएसओ 3166-2:आइएन, इचागढ, इरफान अंसारी, इशांक जग्गी, इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय, हजारीबाग, कन्हार नदी, कबीर ज्ञान मंदिर, कमल किशोर भगत, कर राजस्व के आधार पर भारत के राज्य, करमा, करिया मुंडा, कर्मनाशा, काटी, काँके, कात्ती, कामिल बुल्के, कायस्थ, कांके (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), किऊल नदी, कुचाई, कुड़ुख, कुणाल षड़ंगी, कुमारधुबी, कुरमाली भाषा, कुरुविन्द, कुशवाहा शिवपूजन मेहता, क्षिप्रा एक्सप्रेस, क्षेत्रफल के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान,भुवनेश्वर, कौन बनेगा करोड़पति, कृष्ण भारद्वाज, के शंकरनारायणन, केदार हजरा, केन्दुझर जिला, केन्द्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान, केरिदाह जलप्रपात, केलाघाघ जलप्रपात, केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, कोडरमा, कोडरमा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), कोडरमा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, कोडरमा जिला, कोयल, कोयला, कोरवा (जनजाति), कोलेबिरा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), कीनॉन स्टेडियम, अतुल्य भारत, अनन्त कुमार ओझा, अनिल मुरमू, अनुष्का सेन, अनुकूल रॉय, अपराध दर के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, अब्दुल बारी स्मारक महाविद्यालय, अमर कुमार बाउरी, अमित कुमार (झारखण्ड विधायक), अरबी रेगिस्तान, अर्थव्यवस्था के आकार के आधार पर भारत के राज्य, अर्जुन मुंडा, अरूप चटर्जी, अलबर्ट एक्का, अल्पभार जनसंख्या के आधार पर भारत के राज्य, अश्विनी कुमार पंकज, अशोक कुमार (राजनीतिज्ञ), असुर (आदिवासी), अजय नदी, अग्रहरि, अग्रहरि सिख, अंबिकापुर, अंगिका भाषा, उच्चतम बिन्दु के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र, उड़िया भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची, उतरी छोटानागपुर प्रमण्डल, उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश का भूगोल, उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची, उत्तर भारत, उत्तरी कोयल नदी, उसरी जलप्रपात, छऊ नृत्य, छठ पूजा, छतरपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र), छत्तीसगढ़, छोटा नागपुर पठार, १३ नवम्बर, १५वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची, १६वीं लोक सभा के सदस्यों की सूची, १९८९ में पद्म भूषण धारक, ३० जुलाई, ६ जनवरी सूचकांक विस्तार (690 अधिक) »

चतरा

चतरा भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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चतरा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

चतरा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। चतरा ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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चतरा जिला

चतरा भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय चतरा है। क्षेत्रफल - 3,706 वर्ग कि॰मी॰ जनसंख्या - 10,42,886 (2011 जनगणना) प्रखंडो की संख्या - 12 साक्षरता - 60.18% एस.

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चन्दनकियारी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

चन्दनकियारी भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। बोकारो ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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चन्द्र प्रकाश चौधरी

चन्द्र प्रकाश चौधरी भारत के झारखण्ड राज्य की रामगढ़ सीट से आजसु पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार शहजादा अनवर को 53818 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह

चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह भारत के झारखण्ड राज्य की रांची सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार महुआ माजी को 58863 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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चमरा लिंडा‌

चमरा लिंडा‌ भारत के झारखण्ड राज्य की बिशुनपुर सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार समीर उराँव को 10843 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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चम्पई सोरेन

चम्पई सोरेन भारत के झारखण्ड राज्य की सरायकेला सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गनेश माहली को 1115 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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चास

चास भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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चाईबासा

चाईबासा झारखंड प्रान्त के पश्चिमी सिंहभूम जिला का मुख्यालय है। चाईबासा में अधिकांश रोजगार सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के रूप में है। एसीसी (ACC) नामक सीमेन्ट बनाने वाली कम्पनी का कारखाना चैबासा से १८ किमी दूर झिनकपानी में स्थित है। एस आर रुंगटा समूह, ठाकुर प्रसाद साव ऐंड सन्स, साहा ब्रदर्स आदि कम्पनियाँ यहाँ पर बहुत सारा खनन कार्य करतीं हैं। चाईबासा में अनेकों लघुस्तरीय इस्पात निर्माता कम्पनियाँ स्थित हैं। .

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चाईबासा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

चाईबासा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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चांगथंग

चांगथंग (तिब्बती: བྱང་ཐང་།, चीनी: 羌塘, अंग्रेज़ी: Changtang या Changthang) पश्चिमी और उत्तरी तिब्बत में स्थित एक ऊँचा पठार है जो कुछ हद तक भारत के लद्दाख़ क्षेत्र के दक्षिणपूर्वी हिस्से में भी विस्तृत है।, Janet Rizvi, Oxford University Press, 2001, ISBN 9780195658170,...

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चाकुलिया

चाकुलिया झारखंड प्रान्त में स्थित पूर्वी सिंहभूम जिले का एक शहर है जो पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित है और हावड़ा टाटानगर मुख्य रेलमार्ग पर स्थित है। .

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चितरा

चितरा झारखंड के देवघर जिले का ऐक छोटा स्थान है | यह देवघर जिले का ऐक मात्र औद्योगिक प्रतिष्ठान है, जो अपने उच्च स्तरिय कोयले के लिऐ देवघर ही नहिं अपितु स्मपुर्ण झारखंड ओर बिहार में ख्याति प्राप्त है| .

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चिरकुंडा

चिरकुंडा भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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चंदवा

चंदवा भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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चंद्रपुरा

चंद्रपुरा भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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चंद्रशेखर दुबे

चंद्रशेखर दुबे कांग्रेस के सांसद हैं, एवं झारखंड के धनबाद लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड.

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चक्रधरपुर

चक्रधरपुर भारत के झारखंड प्रांत के पश्चिमी सिंहभूम जिले का एक प्रमुख नगर है। यह संजय नदी के किनारे पर पठार को तलहटी में बसा हुआ है। यह जमशेदपुर के ६२ किमी पश्चिम में स्थित है। यहाँ पर लाख और कागज बनाने के कुटीर उद्योग हैं। यहाँ के अधिकांश निवासी 'हो' नामक आदिवासी हैं। यहाँ प्रसिद्ध रेवले जंकशन है जो दक्षिण-पूर्वी रेलवे लाइन पर स्थित है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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चक्रधरपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

चक्रधरपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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चुआड़ विद्रोह

झारखंड के आदिवासियों ने रघुनाथ महतो के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ जंगल, जमीन के बचाव तथा नाना प्रकार के शोषण से मुक्ति के लिए 1769 में जो आन्दोलन आरम्भ किया उसे चुआड़ विद्रोह कहते हैं। यह आन्दोलन 1805 तक चला। स्थानीय आदिवासी लोगों को उत्पाती या लुटेरा के अर्थ में सामूहिक रूप से ब्रिटिशों द्वारा चुआड़ कह कर बुलाया गया। हाल के कुछ आंदोलनों में इसे आपत्तिजनक मानते हुए इस घटना को चुआड़ विद्रोह के बजाय जंगल महाल स्वतंत्रता आन्दोलन के नाम से बुलाये जाने का प्रस्ताव भी किया गया है। .

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चौदहवीं लोकसभा

भारत में चौदहवीं लोकसभा का गठन अप्रैल-मई 2004 में होनेवाले आमचुनावोंके बाद हुआ था। .

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टाटा मोटर्स

टाटा मोटर्स भारत में व्यावसायिक वाहन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। इसका पुराना नाम टेल्को (टाटा इंजिनीयरिंग ऐंड लोकोमोटिव कंपनी लिमिटेड) था। यह टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में से एक है। इसकी उत्पादन इकाइयाँ भारत में जमशेदपुर (झारखंड), पुणे (महाराष्ट्र) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) सहित अन्य कई देशों में हैं। जैसा कि नाम से स्पष्ट है टाटा घराने द्वा्रा इस कारखाने की शुरुआत अभियांत्रिकी और रेल इंजन के लिये हुआ था। किन्तु अब यह कम्पनी मुख्य रूप से भारी एवं हल्के वाहनों का निर्माण करती है। इसने ब्रिटेन के प्रसिद्ध ब्रांडों जगुआर और लैंड रोवर को खरीद लिया है। .

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टाटा समूह

टाटा समूह एक निजी व्यवसायिक समूह है जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। वर्तमान में इसके अध्यक्ष रतन टाटा हैं टाटा समूह के चेयरमेन रतन टाटा ने 28 दिसम्बर 2012 को सायरस मिस्त्री को टाटा समूह का उत्तराधिकारी नियुक्त किया। रतन टाटा पिछले 50 सालों से टाटा समूह से जुड़े हैं वे 21 सालों तक टाटा समूह के अध्यक्ष रहे। रतन टाटा ने जे आर डी टाटा के बाद 1991 में कार्यभार संभाला। टाटा परिवार का एक सदस्य ही हमेशा टाटा समूह का अध्यक्ष रहा है। इसका कार्यक्षेत्र अनेक व्यवसायों व व्यवसाय से सम्बंधित सेवाओं के क्षेत्र में फैला हुआ है - जैसे इंजिनियरंग, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, वाहन, रासायनिक उद्योग, ऊर्जा, साफ्टवेयर, होटल, इस्पात एवं उपभोक्ता सामग्री। टाटा समूह की सफलता को इसके आंकडे बखूबी बयां करते हैं। 2005-06 में इसकी कुल आय $967229 मिलियन थी। ये समस्त भारत कि GDP के 2.8 % के बराबर है। 2004 के आंकड़ों के अनुसार टाटा समूह में करीब 2 लाख 46 हज़ार लोग काम करते हैं। market capitalization का आंकड़ा $57.6 बिलियन को छूता है। टाटा समूह कि कुल 96 कम्पनियां 7 अलग अलग व्यवसायिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन 96 में से केवल 28 publicly listed कम्पनियाँ हैं। टाटा समूह ६ महाद्वीपों के 40 से भी अधिक देशों में सक्रिय है। टाटा समूह दुनिया के 140 से भी अधिक देशों को उत्पाद व सेवाएँ निर्यात करता है। इसके करीब 65.8% भाग पर टाटा के Charitable Trust का मालिकाना हक है। टिस्को (TISCO), जिसे अब टाटा स्टील (Tata steel) के नाम से जाना जाता है, की स्थापना 1907 में भारत के पहले लोहा व इस्पात कारखाने के तौर पर हुई थी। इसकी स्थापना जमशेदपुर में हुई थी जिसे लोग टाटा नगर भी पुकारते हैं। इस्पात (steel) व लोहे का असल उत्पादन 1912 में शुरू हुआ। यह दुनिया में सबसे किफायती दरों पर इस्पात का निर्माण करता है। इसका मुख्य कारण है कि समूह की ही एक अन्य कंपनी इसे कच्चा माल, जैसे कोयला और लोहा आदि, उपलब्ध कराती है। 1910 में टाटा जलविद्युत शक्ति आपूर्ति कम्पनी (Tata Hydro-Electric Power Supply Company) की स्थापना हुई। 1917 में टाटा आयल मिल्स (Tata Oil Mill) की स्थापना के साथ ही समूह ने घरेलू वस्तुयों के क्षेत्र में कदम रखा और साबुन, कपडे धोने के साबुन, डिटर्जेंट्स (detergents), खाना पकाने के तेल आदि का निर्माण शुरू किया। 1932 में टाटा एयरलाइन्स (Tata Airlines) की शुरुआत हुई। टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) का आगमन 1939 में हुआ। टेल्को (TELCO), जिसे अब टाटा मोटर्स (TataMotors) के नाम से जाना जाता है, ने 1945 में रेल इंजनों और अन्य मशीनी उत्पादों का निर्माण शुरू किया। जनवरी 2007 का महीना टाटा समूह के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। टाटा स्टील ने यूनाइटेड किंगडम (UK) में स्थित कोरस समूह (Corus Group) की सफल बोली लगा कर उसे हासिल किया। कोरस समूह दुनिया की सबसे बड़ी लोहा व इस्पात निर्माण कंपनी है। बोली के अप्रत्याशित 9 दौर चले जिसके अंत में टाटा समूह ने कोरस का 100 प्रति शत हिस्सा 608 पाउंड प्रति शेयर (नकद) के हिसाब से कुल 12.

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टाटा इस्पात

right टाटा स्टील (पूर्व में टाटा आयरन ऐंड स्टील कंपनी लिमिटड) अर्थात टिस्को के नाम से जाने जाने वाली यह भारत की प्रमुख इस्पात कंपनी है। जमशेदपुर स्थित इस कारखाने की स्थापना 1907 में की गयी थी। यह दुनिया की पांचवी सबसे बडी इस्पात कंपनी है जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता २८ मिलियन टन है। यह फार्च्यून ५०० कंपनियों में भी शुमार है जिसमें इसका स्थान ३१५ वां है। कम्पनी का मुख्यालय मुंबई में स्थित है। यह बृहतर टाटा समूह की एक अग्रणी कंपनी है। टाटा स्टील भारत की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली नीजि क्षेत्र की दूसरी बडी कंपनी भी है जिसकी सकल वार्षिक आय १,३२,११० करोड रुपये है जिसमें ३१ मार्च २००८ को समाप्त हुए वर्ष में शुद्ध लाभ १२,३५० करोड रुपये दर्ज किया गया था। कंपनी का मुख्य प्लांट जमशेदपुर, झारखंड में स्थित है हलाकि हाल के अधिग्रहणो के बाद इसने बहुराष्ट्रीय कम्पनी का रूप हासिल कर लिया है जिसका काम कई देशों में होता है। वर्ष २००० में इसे दुनिया में सबसे कम लागत में इस्पात बनाने वाली कंपनी का खिताब भी हासिल हुआ। २००५ में इसे दुनिया में सर्वश्रेष्ट इस्पात बनाने का खिताब भी मिला था । कंपनी मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के साथ साथ नेशनल स्टाक एक्सचेंज में भी सूचित है एवं वर्ष २००७ के आंकडो के अनुसार इसमें लगभग ८२,७०० कर्मचारी कार्यरत हैं। .

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टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन

टाटानगर जमशेदपुर शहर के रेलवे-स्टेशन का नाम है जो झारखंड प्रांत में स्थित है। पहले यह बिहार का हिस्सा हुआ करता था। टाटानगर दक्षिणपूर्व रेलवे का एक प्रमुख एवं व्यस्त स्टेशन है जो हावडा मुंबई मुख्य लाईन पर स्थित है। .

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टायो रोल्स

टायो रोल्स (पूर्व मे टाटा योडोगावा) टाटा इस्पात की सहायक कंपनी है जो कास्ट रोल, रोल जाली, विशेष कास्टिंग और ढलवां लोहे के निर्माण में शामिल है। यह भारत की टाटा स्टील और जापान के योडोगावा स्टील्स के बीच संयुक्त उद्यम है और इसका मुख्यालय जमशेदपुर, झारखंड (भारत) मे स्थित है। यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 504961 कोड के साथ सूचीबद्ध है। टायो का भारत में एक व्यापक ग्राहक आधार मौजूद है। टायो ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, बेल्जियम, कनाडा, मिस्र, जर्मनी, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, नेपाल, नार्वे, न्यूजीलैंड, ओमान, कतर, सऊदी अरब, स्वीडन, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, त्रिनिदाद, ताइवान, संयुक्त अरब अमीरात, रोमानिया, चेक गणराज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका को रोल निर्यात करता है। श्रेणी:टाटा समूह.

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टिकैत उमराँव सिंह

टिकैत उमराँव सिंह झारखंड के ओरमाँझी के खटंगा गाँव के रहने वाले थे और बंदगाँव राजपरिवार से संबंधित थे। वह झारखंड के राँची क्षेत्र की सन् 1857 क्रांति के सेनानायकों में से एक थे। वह उच्च कोटि के सेना नायक, घुड़सवार और अस्त्र-शस्त्र में निपुण थे। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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टुन्डी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

टुन्डी भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। धनबाद ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गिरिडीह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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टुसू पर्व

टुसू पर्व झारखंड के आदिवासियों का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। यह जाड़ों में फसल कटने के बाद पौष के महीने में मनाया जाता है। टूसू का शाब्दिक अर्थ कुँवारी है। इस पर्व के इतिहास का कुछ खास ज्ञान नहीं है लेकिन इस पर्व में बहुत से कर्मकांड होते हैं और यह अत्यंत ही रंगीन और जीवन से परिपूर्ण त्यौहार है। मकर संक्राति के अवसर पर मनाये जाने वाले इस त्यौहार के दिना पूरा आदिवासी समुदाय अपने नाच-गानों और मनसा देवी तथा अन्य पारंपरिक देवी देवताओं की पूजा से माहौल को आनंद और भक्ति से परिपूर्ण कर देते हैं। श्रेणी:झारखंड.

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टीवी स्वामित्व के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची घरों में टीवी की उपलब्धता के आधार पर है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आई॰आई॰पी॰एस), मुंबई द्वारा कराया जाता है जो परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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टीकाकरण कवरेज के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची उस प्रतिशतानुसार जिसमें १२-२३ महीनों के बच्चों को सभी सुझावित टीके दिए गए। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आई॰आई॰पी॰एस), मुंबई द्वारा कराया जाता है जो परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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एचएएल ध्रुव

ध्रुव हैलीकॉप्टर हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित और निर्मित भारत का एक बहूद्देशीय हैलीकॉप्टर है। इसकी भारतीय सशस्त्र बलों को आपूर्ति की जा रही है और एक नागरिक संस्करण भी उपलब्ध है। इसे पहले नेपाल और इज़रायल को निर्यात किया गया था फिर सैन्य और वाणिज्यिक उपयोग के लिए कई अन्य देशों द्वारा मंगाया गया है। सैन्य संस्करण परिवहन, उपयोगिता, टोही और चिकित्सा निकास भूमिकाओं में उत्पादित किये जा रहे हैं। ध्रुव मंच के आधार पर, एच ए एल हल्का लड़ाकू हेलीकाप्टर, एक लड़ाकू हेलीकाप्टर और एचएएल लाइट अवलोकन हेलीकाप्टर, एक उपयोगिता और प्रेक्षण हेलिकॉप्टर विकसित किए गए है। .

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एच॰आई॰वी जागरुकता के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची राज्यों में एच॰आई॰वी जागरुकता के आधार पर है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आई॰आई॰पी॰एस), मुंबई द्वारा कराया जाता है जो परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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एडवर्ड्स इंग्लिश स्कूल, जामतारा

एडवर्ड्स अंग्रेजी स्कूल, जामताड़ा(अनौपचारिक EES) एक अंग्रेजी माध्यम के स्कूल से संबद्ध इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई), नई दिल्ली.

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एनटीपीसी कहलगांव

एनटीपीसी कहलगांव (कहलगांव सुपर थर्मल पावर स्टेशन) बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव में स्थित है। बिजली संयंत्र एनटीपीसी के कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में से एक है। बिजली संयंत्र के लिए कोयले को पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड के राजमहल कोलफील्ड से भेजा जाता है। बिजली संयंत्र के लिए पानी का स्रोत गंगा नदी है। .

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एलिस एक्का

एलिस एक्का (8 सिंतबर 1917 - 5 जुलाई 1978) हिंदी कथा-साहित्य में भारत की पहली महिला आदिवासी कहानीकार हैं । हिंदी की पहली दलित कहानी लिखने का श्रेय भी एलिस एक्का को है। .

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एलिस एक्का की कहानियां

एलिस एक्का की कहानियां हिंदी की पहली महिला आदिवासी कथाकार एलिस एक्का की कहानियों का एकमात्र संकलन है। एलिस एक्का की कहानियां हिंदी की पहली महिला आदिवासी कथाकार एलिस एक्का की कहानियों का एकमात्र संकलन है। हिंदी कथा साहित्य के ज्ञात इतिहास में एलिस एक्का से पूर्व किसी आदिवासी महिला कहानीकार का जिक्र नहीं मिलता। अविभाजित बिहार-झारखंड में चालीस-पचास के दशक में कथा लेखन की शुरुआत एलिस एक्का की कहानियों से होती है। .

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झरिया

धनबाद के पास स्थित झरिया भारत के झारखंड प्रान्त का एक शहर है। शहर झरिया अपनी समृद्ध कोयला संसाधन के लिए प्रसिद्ध है। झरिया के कोयला से कोक बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, जिसका प्रयोग मुख्य रूप से लोह-इस्पात उधोग मे होता है। झरिया धनबाद शहर और अर्थव्यवस्था के विकास में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और धनबाद शहर के एक भाग के रूप में माना जा सकता है है। झरिया झारखंड राज्य में पन्द्रहवें सबसे बड़ा शहर है। 2001 मे भारत की जनगणना के अनुसार झरिया की आबादी 81,979 थी। नर और महिलाओं की जनसंख्या 46% का 54% का प्रतिशत था। झरिया साक्षरता दर 68% जो कि 74.5% के राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम है: पुरुष साक्षरता 74% है और महिला साक्षरता 60% है। झरिया में, जनसंख्या के 14% उम्र के 6 वर्ष से कम है। .

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झरिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

झरिया भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। धनबाद ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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झारखण्ड विधानसभा

झारखंड विधानसभा झारखंड राज्य की एकल विधायिका है। .

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झारखण्ड के मुख्यमन्त्रियों की सूची

झारखण्ड पूर्वी भारत का एक राज्य है जिसकी स्थापना 15 नवम्बर 2000 को हुई और इसके प्रथमा मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बने। .

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झारखण्ड के राज्यपालों की सूची

कोई विवरण नहीं।

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झारखण्ड के आदिवासी त्योहार

झारखंड में कुल ३२ जनजातिया मिलकर रह्ती है। एक विशाल सांस्कृतिक प्रभाव होने के साथ साथ, झारखंड यहाँ के मनाये जाने वाले त्योहारों की मेजबानी के लिए जाना जाता है। इसके उत्सव प्रकृति के कारण यह भारत की ज्वलंत आध्यात्मिक कैनवास पर भी कुछ अधिक रंग डालता है। यह राज्य प्राचीन काल के संदर्भ में बहुत मायने रखता है। झारखंड में पूरे मज़ा और उल्लास के साथ सभी त्योहारो को मनाया जाता है। देशभर में मनाये जाने वाले सभी त्योहारों को भी झारखंड में पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस राज्य में मनाये जाने वाले त्योहारों से झारखंड का भारत में सांस्कृतिक विरासत के अद्भुत उपस्थिति का पता चलता है। हालाकि झारखंड के मुख्य आकर्षण आदिवासी त्योहारों के उत्सव में होता है। यहाँ की सबसे प्रमुख, उल्लास के साथ मनायी जाने वाली त्योहारो में से एक है सरहुल। .

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झारखण्ड उच्च न्यायालय

झारखंड उच्च न्यायालय भारत में नवीनतम उच्च न्यायालयों में से एक है। इसे वर्ष २००० में बिहार पुनर्गठन अधिनियम, २००० के अधीन, झारखण्ड राज्य के निर्माण के बाद स्थापित किया गया था। यह राँची में स्थित है। .

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झारखंड मुक्ति मोर्चा

झारखंड मुक्ति मोर्चा जे एम एम या झामुमो भारत की एक क्षेत्रीय राजनैतिक दल है जिसका प्रभाव क्षेत्र नव-सृजित झारखंड एवं उड़ीसा, बंगाल तथा छत्तीसगढ के कुछ आदिवासी इलाकों में है। .

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झारखंड आंदोलन

झारखंड का अर्थ है "वन क्षेत्र", झारखंड वनों से आच्छादित छोटानागपुर के पठार का हिस्सा है जो गंगा के मैदानी हिस्से के दक्षिण में स्थित है। झारखंड शब्द का प्रयोग कम से कम चार सौ साल पहले सोलहवीं शताब्दी में हुआ माना जाता है। अपने बृहत और मूल अर्थ में झारखंड क्षेत्र में पुराने बिहार के ज्यादतर दक्षिणी हिस्से और छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के कुछ आदिवासी जिले शामिल है। देश की लगभग नब्बे प्रतिशत अनुसूचित जनजाति का यह निवास स्थल है। इस आबादी का बड़ा हिस्सा 'मुंडा', 'हो' और 'संथाल' आदि जनजातियों का है, लेकिन इनके अलावे भी बहुत सी दूसरी आदिवासी जातियां यहां मौजूद हैं जो इस झारखंड आंदोलन में काफी सक्रिय रही हैं। चूँकि झारखंड पठारी और वनों से आच्छादित क्षेत्र है इसलिये इसकी रक्षा करना तुलनात्मक रूप से आसान है। परिणामस्वरुप, पारंपरिक रूप से यह क्षेत्र सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआत तक, जब तक मुगल शासक यहाँ नहीं पहुँचे, यह क्षेत्र स्वायत्त रहा है। मुगल प्रशासन ने धीरे धीरे इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित करना शुरु किया और फलस्वरुप यहाँ की स्वायत्त भूमि व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन हुआ, सारी व्यवस्था ज़मींदारी व्यवस्था में बदल गयी जबकि इससे पहले यहाँ भूमि सार्वजनिक संपत्ति के रूप में मानी जाती थी। यह ज़मींदारी प्रवृति ब्रिटिश शासन के दौरान और भी मज़बूत हुई और जमीने धीरे धीरे कुछ लोगों के हाथ में जाने लगीं जिससे यहाँ बँधुआ मज़दूर वर्ग का उदय होने लगा। ये मजदू‍र हमेशा कर्ज के बोझ तले दबे होते थे और परिणामस्वरुप बेगार करते थे। जब आदिवासियों के ब्रिटिश न्याय व्यवस्था से कोई उम्मीद किरण नहीं दिखी तो आदिवासी विद्रोह पर उतर आये। अठारहवीं शताब्दी में कोल्ह, भील और संथाल समुदायों द्वारा भीषण विद्रोह किया गया। अंग्रेजों ने बाद मेंउन्निसवीं शताब्दी और बीसवीं शताब्दी में कुछ सुधारवादी कानून बनाये। 1845 में पहली बार यहाँ ईसाई मिशनरियों के आगमन से इस क्षेत्र में एक बड़ा सांस्कृतिक परिवर्तन और उथल-पुथल शुरु हुआ। आदिवासी समुदाय का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा ईसाईयत की ओर आकृष्ट हुआ। क्षेत्र में ईसाई स्कूल और अस्पताल खुले। लेकिन ईसाई धर्म में बृहत धर्मांतरण के बावज़ूद आदिवासियों ने अपनी पारंपरिक धार्मिक आस्थाएँ भी कायम रखी और ये द्वंद कायम रहा। झारखंड के खनिज पदार्थों से संपन्न प्रदेश होने का खामियाजा भी इस क्षेत्र के आदिवासियों को चुकाते रहना पड़ा है। यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा खनिज क्षेत्र है जहाँ कोयला, लोहा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और इसके अलावा बाक्साईट, ताँबा चूना-पत्थर इत्यादि जैसे खनिज भी बड़ी मात्रा में हैं। यहाँ कोयले की खुदाई पहली बार 1856 में शुरु हुआ और टाटा आयरन ऐंड स्टील कंपनीकी स्थापना 1907 में जमशेदपुर में की गई। इसके बावजूद कभी इस क्षेत्र की प्रगति पर ध्यान नहीं दिया गया। केंद्र में चाहे जिस पार्टी की सरकार रही हो, उसने हमेशा इस क्षेत्र के दोहन के विषय में ही सोचा था। .

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झारखंड के पर्यटन स्थल

मैक्लुस्कीगंज, रांची: एंग्लो-इंडियन समुदाय के एकमात्र गांव को एक इंग्लिश अफसर मैक्लुस्की ने देश भर के एंग्लो-इंडियन को बुलाकर बसाया था हालाँकि पहले वाली बात नहीं रही और ना उस संख्या में एंग्लो इंडियन समुदाय, पर अब भी कई कॉटेज, हवेली यहां मौजूद हैं, जिसे देखने लोग आते हैं। टैगोर हिल, रांची: कवीन्द्र रविन्द्र नाथ टैगोर फुर्सत के पलों में अपने रांची प्रवास के दौरान यहां आया करते थे। मोरहाबादी इलाके की इस पहाड़ी का नामकरण उनकी याद में किया गया है। झारखण्ड वार मेमोरियल, रांची: यह सैनिकों की अदम्य वीरता की याद कायम करने के लिए दीपाटोली में स्थापित किया गया है। नक्षत्र वन.

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झारखंड के शहर

झारखंड के प्रमुख शहरों की सूची.

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झारखंडी

भारत के झारखंड प्रदेश में बोली जाने वाली भाषा का नाम झारखंडी है। .

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झुमरी तिलैया

झुमरी तिलैया भारत के पूर्वांचल में स्थित झारखंड प्रांत के कोडरमा जिले का एक छोटा लेकिन मशहूर कस्‍बा है। झुमरी तिलैया को झुमरी तलैया के नाम से भी जाना जाता है। यहां की आबादी करीब 70 हजार है और स्‍थानीय निवासी मूलत: मगही बोलते हैं। झुमरी तलैया कोडरमा जिला मुख्‍यालय से करीब छ: किमी दूर स्थित है। झुमरी तलैया में करीब दो दर्जन स्‍कूल और कॉलेज हैं। इनमें से एक तलैया सैनिक स्‍कूल भी है। दामोदर नदी में आने वाली विनाशकारी बाढ़ को रोकने के लिए बनाए गए तलैया बांध के कारण इसके नाम के साथ तलैया जुड़ा है। इस बांध की ऊंचाई करीब 100 फीट और लंबाई 1200 फीट है। इसका रिजरवायर करीब 36 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। काफी हरा-भरा क्षेत्र होने के कारण यह एक अच्‍छे पिकनिक स्‍थल के रूप में भी जाना जाता है। झरना कुंड, तलैया बांध और ध्‍वजाधारी पर्वत सहित यहां कई पर्यटन स्‍थल भी हैं। इसके अलावा राजगिर, नालंदा और हजारीबाग राष्‍ट्रीय पार्क अन्‍य नजदीकी पर्यटन स्‍थल हैं। झुमरी तलैया पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्‍टेशन कोडरमा है जो नई दिल्‍ली-कोलकाता रेलमार्ग पर स्थित है। झुमरी तलैया को अक्‍सर एक काल्‍पनिक स्‍थान समझने की भूल कर दी जाती है लेकिन इसकी ख्‍याति की प्रमुख वजह एक जमाने में यहां की अभ्रक खदानों के अलावा यहां के रेडियो प्रेमी श्रोताओं की बड़ी संख्‍या भी है। झुमरी तलैया के रेडियो प्रेमी श्रोता विविध भारती के फरमाइशी कार्यक्रमों में सबसे ज्‍यादा चिट्ठियां लिखने के लिए जाने जाते हैं। .

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झॉलीवुड

झॉलीवुड झारखंड का सिनेमा है जो मूल रूप से झारी भाषा की फिल्मों का निर्माण करता है।इसके अलावा खोरठा भाषा एवं संथाली में भी फिल्में बनती हैं। .

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झींकपानी

झींकपानी भारत के झारखंड प्रांत पश्चिमी सिंहभूम जिले के अंतर्गत कोलहान उपमंडल का प्रसिद्ध नगर है। यहाँ सीमेंट का कारखाना है। यहाँ विद्यालय असपताल और थाना भी है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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ठाकुर विश्वनाथ साही

ठाकुर विश्वनाथ साही का जन्म 12 अगस्त सन् 1817 ई० में बड़कागढ़ की राजधानी सतरंजी में हुआ था। इनके पिता एक बड़े जमींदार और 97 गाँवों के मालिक थे। सन् 1857-58 के विद्रोह में ठाकुर झारखण्ड के विद्रोह के नेता बने थे। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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डायन

डायन भारतीय परिप्रेक्ष्य में विशेषकर आदिवासी लोककथा में ऐसी स्त्री को कहते हैं जो जादू-टोना कर के दूसरों में बीमारी, मौत, अकाल लाना या कई और अनैतिक कार्य करती है। यह एक प्रकार का अंधविश्वास है। इस प्रकार से ये चुड़ैल से समानता रखता है। भारत में जहाँ आदिवासी अधिक पाए जाते हैं वहाँ महिलाओं को ओझा द्वारा डायन घोषित कर के हत्या तक कर दी जाती है। राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं और इसके विरुद्ध कानून बनाए गए हैं। ऐसे आरोप अधिकतर बूढ़ी विधवा ओरतों पर लगाए जाते हैं जिनका मकसद अक्सर जमीन, धन या अन्य तरह की संपत्ति पर कब्जा करना होता है। .

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डालटेनगंज (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

डालटेनगंज भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पलामू ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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डाल्टेनगंज

डाल्टेनगंज भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के.

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डाइक

जब मैग्मा किसी लम्बवत दरार में जमता है तो डाइक (Dyke) कहलाता है। झारखण्ड के सिंहभूम जिले में अनेक डाइक दिखाई देते हैं। श्रेणी:शैलें.

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डाक सूचक संख्या

डाक सूचक संख्या या पोस्टल इंडेक्स नंबर (लघुरूप: पिन नंबर) एक ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से किसी स्थान विशेष को एक विशिष्ट सांख्यिक पहचान प्रदान की जाती है। भारत में पिन कोड में ६ अंकों की संख्या होती है और इन्हें भारतीय डाक विभाग द्वारा छांटा जाता है। पिन प्रणाली को १५ अगस्त १९७२ को आरंभ किया गया था। .

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डुमरी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

डुमरी भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गिरिडीह ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गिरिडीह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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तमाड़ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

तमाड़ भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। रांची ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र खूँटी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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ताला मरान्डी

ताला मरान्डी भारत के झारखण्ड राज्य की बोरियो सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार लोबिन हेम्बरम को 712 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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तिलका माँझी

दुमका, झारखंड मेँ तिलका मांझी की प्रतिमा तिलका माँझी उर्फ जबरा पहाड़िया (11 फ़रवरी 1750-13 जनवरी 1785) भारत के आदिविद्रोही हैं। दुनिया का पहला आदिविद्रोही रोम के पुरखा आदिवासी लड़ाका स्पार्टाकस को माना जाता है। भारत के औपनिवेशिक युद्धों के इतिहास में जबकि पहला आदिविद्रोही होने का श्रेय पहाड़िया आदिम आदिवासी समुदाय के लड़ाकों को जाता हैं जिन्होंने राजमहल, झारखंड की पहाड़ियों पर ब्रितानी हुकूमत से लोहा लिया। इन पहाड़िया लड़ाकों में सबसे लोकप्रिय आदिविद्रोही जबरा या जौराह पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी हैं। https://en.wikipedia.org/wiki/User:Brajesh_verma http://www.jagran.com/bihar/bhagalpur-7672393.html .

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तेन्दु

तेन्दु की छाल तेन्दु (वानस्पतिक नाम: Diospyros melanoxylon) एबिनासी (Ebenaceae) कुल का सपुष्पी पादप है। यह भारत और श्री लंका का देशज है। इसे मध्य प्रदेश में 'तेन्दु' तथा ओडिशा और झारखण्ड में 'केन्दु' कहते हैं। इसकी पत्तियाँ बीड़ी बनाने के काम आती हैं। इसकी छाल बहुत कठोर व सूखी होती है। इसे जलाने पर चिनगारी तथा आवाज निकलती हैं।.

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तेलंगा खड़िया

तेलंगा खड़िया का जन्म 9 फ़रवरी सन् 1806 ई० को झारखंड के गुमला जिले के मुरगू गाँव में हुआ था। वह एक साधारण किसान का बेटा था। उनके पिता का नाम ठुईया खड़िया तथा माँ का नाम पेती खड़िया था तथा इनकी पत्नी का नाम रत्नी खड़िया था। उनके दादा का नाम सिरू खड़िया तथा दादी का नाम बुच्ची खड़िया था। वे मुरगू ग्राम के जमींदार तथा पाहन परिवार के थे। उनके दादा सिरू खड़िया धार्मिक, सरल तथा साहित्यिक विचार के व्यक्ति थे। वीर साहसी और अधिक बोलने वाले को खड़िया भाषा में तेब्बलंगा कहते हैं। इन्हें सरना धर्म पर अटूट विश्वास था। एक किसान होने के साथ-साथ ये अस्त्र-शस्त्र चलाना भी जानते थे तथा अपने लोगों को इसकी शिक्षा भी देते थे। .

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तोरपा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

तोरपा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। रांची ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र खूँटी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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तोलोङ सिकि

तोलोङ सिकि एक लिपि है। वर्तमान में यह झारखण्ड राज्य के कुँड़ुख़ (उराँव) नामक आदिवासी समाज द्वारा अपने पठन-पाठन में शामिल किया गया है तथा इसे झारखण्ड अधिविद्य परिषद, राँची के विज्ञप्ति संख्या 17/2009 दिनांक 19.02.2009 के द्वारा 10वीं की परीक्षा में कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा पत्र का उत्तर अपनी लिपि तोलोङ सिकि के माध्यम से लिखने की अनुमति प्रदान की गई है। यह डॉ नारायण उराँव "सैन्दा" एवं उनके सहयोगियों का लगभग 20 वर्षों के अनवरत प्रयास का प्रतिफल है। इसे आदिवासी भाषा एवं संस्कृति के विकास एवं संरक्षण हेतु विकसित किया गया है। इसके प्रारूपण में आदिवासी परम्परा, संस्कृति, वेषभूषा, नेगचार, चित्रकारी, गणितीय चिह्न आदि को आधार बनाया गया है तथा आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक की मान्यताओं के आधार पर सजाया-सवाँरा गया है जिससे यह आधुनिकतम कम्प्यूटर तकनीक में खरा उतर सके। .

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दलमा अभयारण्य

दलमा अभयारण्य झारखंड के जमशेदपुर, राँची और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के बीच बसा पूर्वी भारत का एक प्रमुख वन्य जीव अभयारण्य है। इस अभयारण्य को खास तौर पर हाथियों के संरक्षण के लिये चुना गया है। .

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दशनामी सम्प्रदाय

दशनामी शब्द संन्यासियों के एक संगठनविशेष के लिए प्रयुक्त होता है और प्रसिद्ध है कि उसे सर्वप्रथम स्वामी शंकराचार्य ने चलाया था, किंतु इसका श्रेय कभी-कभी स्वामी सुरेश्वराचार्य को भी दिया जाता है, जो उनके अनन्तर दक्षिण भारत के शृंगेरी मठ के तृतीय आचार्य थे। ("ए हिस्ट्री ऑव दशनामी नागा संन्यासीज़ पृ. 50") .

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दशरथ गागराई

दशरथ गागराई भारत के झारखण्ड राज्य की खरसांवा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अर्जुन मुण्डा को 11966 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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दसम जलप्रपात

दसम जलप्रपात झारखंड मे स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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दसलाखी नगर

जो शहर मोटे अक्षरों में लिखे हैं वो अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की राजधानी भी हैं .

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दामोदर नदी

दामोदर नदी दामोदर नदी की द्रोणी (बेसिन) दामोदर पश्चिम बंगाल तथा झारखंड में बहने वाली एक नदी है। इस नदी के जल से एक महत्वाकांक्षी पनबिजली परियोजना दामोदर घाटी परियोजना चलाई जाती है जिसका नियंत्रण डी वी सी करती है। दामोदर नदी झारखण्ड के छोटा नागपुर क्षेत्र से निकलकर पश्चिमी बंगाल में पहुँचती है। हुगली नदी के समुद्र में गिरने के पूर्व यह उससे मिलती है। इसकी कुल लंबाई ३६८ मील है। इस नदी के द्वारा २,५०० वर्ग मील क्षेत्र का जलनिकास होता है। पहले नदी में एकाएक बाढ़ आ जाती थी जिससे इसको 'बंगाल का अभिशाप' कहा जाता था। भारत के प्रमुख कोयला एवं अभ्रक क्षेत्र भी इसी घाटी में स्थित हैं। इस नदी पर बाँध बनाकर जलविद्युत् उत्पन्न की जाती है। कुनर तथा बराकर इसकी सहायक नदियाँ हैं। दामोदर नदी .

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दामोदर घाटी निगम

वर्धमान शहर के निकट दामोदर नदी पर 'कृषक बांध' दामोदर घाटी निगम (Damodar Valley Corporation या DVC) भारत का बहूद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना है। निगम ७ जुलाई १९४८ को स्वतंत्र भारत की प्रथम बहूद्देशीय नदी घाटी परियोजना के रूप में, अस्तित्व में आया। .

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दामोदर घाटी परियोजना

दामोदर नदी का एक दृश्य दामोदर पश्चिम बंगाल तथा झारखंड में बहने वाली एक नदी है। इस नदी के जल से एक महत्वाकांक्षी पनबिजली परियोजना दामोदर घाटी परियोजना चलाई जाती है जिसका नियंत्रण डी वी सी करती है। यह भारत की एक प्रमुख नदी घाटी परियोजना हैं। .

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दिनेश उरांव

दिनेश उरांव भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा के अध्यक्ष हैं। वेसिसई सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार जिगा सुसारन होरो को 2593 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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दक्षिणी कोयल नदी

दक्षिणी कोयल नदी (ओडिया: ଦକ୍ଷିଣ କୋଏଲ ନଦୀ) भारत की एक नदी है जो झारखण्ड और ओडीशा राज्यों से होकर बहती है। यह राँची कुछ किमी पूर्व में राँची पठार से निकलती है .

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दुमका

दुमका भारत के झारखंड प्रान्त का एक जिला है। दुमका में दस प्रखंड हैं जो निम्नलिखित हैं: दुमका, गोपीकांदेर, जामा, जरमुंडी, काठीकुंद, मसलिया, रामगढ, रानेश्वर, शिकारीपाड़ा और सरियाहाट। .

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दुमका (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

दुमका भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। दुमका ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र दुमका लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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दुमका लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

दुमका लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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दुमका जिला

दुमका भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय दुमका है। यह एक पहाडी क्षेत्र है। झारखण्ड की उपराजधानी है। क्षेत्रफल - 3,716.02 वर्ग कि.मी.

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दुर्गा पूजा

दूर्गा पूजा (দুর্গাপূজা अथवा দুৰ্গা পূজা अथवा ଦୁର୍ଗା ପୂଜା, सुनें:, "माँ दूर्गा की पूजा"), जिसे दुर्गोत्सव (দুর্গোৎসব अथवा ଦୁର୍ଗୋତ୍ସବ, सुनें:, "दुर्गा का उत्सव" के नाम से भी जाना जाता है) अथवा शरदोत्सव दक्षिण एशिया में मनाया जाने वाला एक वार्षिक हिन्दू पर्व है जिसमें हिन्दू देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। इसमें छः दिनों को महालय, षष्ठी, महा सप्तमी, महा अष्टमी, महा नवमी और विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है। दुर्गा पूजा को मनाये जाने की तिथियाँ पारम्परिक हिन्दू पंचांग के अनुसार आता है तथा इस पर्व से सम्बंधित पखवाड़े को देवी पक्ष, देवी पखवाड़ा के नाम से जाना जाता है। दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है। अतः दुर्गा पूजा का पर्व बुराई पर भलाई की विजय के रूप में भी माना जाता है। दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार, झारखण्ड, मणिपुर, ओडिशा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से मनाया जाता है जहाँ इस समय पांच-दिन की वार्षिक छुट्टी रहती है। बंगाली हिन्दू और आसामी हिन्दुओं का बाहुल्य वाले क्षेत्रों पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा में यह वर्ष का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह न केवल सबसे बड़ा हिन्दू उत्सव है बल्कि यह बंगाली हिन्दू समाज में सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से सबसे महत्त्वपूर्ण उत्सव भी है। पश्चिमी भारत के अतिरिक्त दुर्गा पूजा का उत्सव दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कश्मीर, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी मनाया जाता है। दुर्गा पूजा का उत्सव 91% हिन्दू आबादी वाले नेपाल और 8% हिन्दू आबादी वाले बांग्लादेश में भी बड़े त्यौंहार के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न प्रवासी आसामी और बंगाली सांस्कृतिक संगठन, संयुक्त राज्य अमेरीका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैण्ड, सिंगापुर और कुवैत सहित विभिन्न देशों में आयोजित करवाते हैं। वर्ष 2006 में ब्रिटिश संग्रहालय में विश्वाल दुर्गापूजा का उत्सव आयोजित किया गया। दुर्गा पूजा की ख्याति ब्रिटिश राज में बंगाल और भूतपूर्व असम में धीरे-धीरे बढ़ी। हिन्दू सुधारकों ने दुर्गा को भारत में पहचान दिलाई और इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों का प्रतीक भी बनाया। .

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दुलू महतो

दुलू महतो भारत के झारखण्ड राज्य की बाघमारा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार जलेश्वर महतो को 29623 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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दृष्टिपात (पत्रिका)

दृष्टिपात हिन्दी की मासिक पत्रिका है। यह झारखण्ड की राजधानी रांची से प्रकाशित होती है। इसके प्रधान संपादक अरुण कुमार झा हैं। इसके प्रिंट और ऑन लाइन दोनों संस्करण हैं। .

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दैनिक भास्कर

दैनिक भास्‍कर भारत का एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचारपत्र है। भारत के 12 राज्‍यों (व संघ-क्षेत्रों) में इसके 37 संस्‍करण प्रकाशित हो रहे हैं। भास्कर समूह के प्रकाशनों में दिव्य भास्कर (गुजराती) और डीएनए (अंग्रेजी) और पत्रिका अहा ज़िंदगी भी शामिल हैं। 2015 में यह देश का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला अखबार बना। .

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दून एक्स्प्रेस ३०१०

दून एक्सप्रेस दून एक्स्प्रेस 3010 भारतीय रेल द्वारा संचालित एक मेल एक्स्प्रेस ट्रेन है। यह ट्रेन देहरादून रेलवे स्टेशन (स्टेशन कोड:DDN) से 08:25PM बजे छूटती है और हावड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन (स्टेशन कोड:HWH) पर 07:00AM बजे पहुंचती है। इसकी यात्रा अवधि है 34 घंटे 35 मिनट। १३००९/१० हावडा देहरादून दून एक्सप्रेस भारतीय रेल के पूर्व रेल्वे क्षेत्र से संबंधित एक एक्सप्रेस ट्रेन है जो भारत में हावडा जंक्शन और देहरादून के बीच चलती हैІ यह ट्रेन संख्या १३००९ के रूप में हावडा जंक्शन से देहरादून तक चलती है और ट्रेन संख्या १३०१० के रूप में विपरीत दिशा में पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य में सेवारत है और दो गाडियो में से एक है जो हावडा और देहरादून को जोडती है, अन्य ट्रेन १२३२७/२८ उपासना एक्सप्रेस हैІ .

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देवघर

देवघर भारत के झारखंड राज्य का एक शहर है। देवघर का मुख्य बाजार सिमरा है।यह शहर हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ-स्थल है। इस शहर को बाबाधाम नाम से भी जाना जाता है क्योंकि शिव पुराण में देवघर को बारह जोतिर्लिंगों में से एक माना गया है। यहाँ भगवान शिव का एक अत्यंत प्राचीन मंदिर स्थित है। हर सावन में यहाँ लाखों शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है जो देश के विभिन्न हिस्सों सहित विदेशों से भी यहाँ आते हैं। इन भक्तों को काँवरिया कहा जाता है। ये शिव भक्त बिहार में सुल्तानगंज से गंगा नदी से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर देवघर में भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं। झारखंड कुछ प्रमुख तीर्थस्थानों का केंद्र है जिनका ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इन्हीं में से एक स्थान है देवघर। यह स्थान संथाल परगना के अंतर्गत आता है। देवघर शांति और भाईचारे का प्रतीक है। यह एक प्रसिद्ध हेल्थ रिजॉर्ट है। लेकिन इसकी पहचान हिंदु तीर्थस्थान के रूप में की जाती है। यहां बाबा बैद्यनाथ का ऐतिहासिक मंदिर है जो भारत के बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। माना जाता है कि भगवान शिव को लंका ले जाने के दौरान उनकी स्थापना यहां हुई थी। प्रतिवर्ष श्रावण मास में श्रद्धालु 100 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा करके सुल्तानगंज से पवित्र जल लाते हैं जिससे बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक किया जाता है। देवघर की यह यात्रा बासुकीनाथ के दर्शन के साथ सम्पन्न होती है। बैद्यनाथ धाम के अलावा भी यहां कई मंदिर और पर्वत हैं जहां दर्शन कर अपनी इच्छापूर्ति की कामना की जा सकती है। .

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देवघर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

देवघर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। देवघर ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गोड्डा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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देवघर जिला

देवघर भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय देवघर है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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देवघर विमानक्षेत्र

देवघर विमानक्षेत्र झारखंड राज्य मे स्थित एक छोटा विमानक्षेत्र है।यह 53.14 एकड़ मे फैला हुआ है।फिलहल इसे सिर्फ प्राइवेट विमान और हेलिकोप्टर इस्तेमाल करते हैं। .

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देवेन शर्मा

देवेन शर्मा (अँग्रेजी: Deven Sharma) अमेरिका की अन्तर्राष्ट्रीय रेटिँग एजेन्सी स्टैण्डर्ड एण्ड पुअर्स के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसी एजेन्सी ने 6 अगस्त 2011 को अमेरिकी साख की रेटिँग AAA से घटा कर AA+ कर दी थी। जिसके बाद अमरीकी अधिकारियों ने एजेंसी की कड़ी आलोचना की थी। अमेरिका की क्रेटिड रेटिंग घटाए जाने को लेकर शर्मा चर्चा में आए थे। उसके बाद शर्मा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। एस एण्ड पी ने शर्मा की जगह सिटी बैंक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डगलस पीटरसन को नया प्रेसिडेंट बनाने का ऐलान किया था जिन्होने 12 सितंबर 2011 को अपनी जिम्मेदारी सँभाला। शर्मा 2006 में कायर्कारी वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर स्टैंडर्ड एंड पुअर्स में आए थे। इससे पहले, वह मैकग्रा-हिल कंपनीज में कार्यकारी उपाध्यक्ष (वैश्विक रणनीति) थे। शर्मा मूल रूप से झारखण्ड के निवासी हैं। .

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दोराबजी टाटा

दोराबजी टाटा सर दोराबजी टाटा (१८५९-१९३३ ई०) जमशेदजी टाटा के सबसे बड़े पुत्र थे। .

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दीपिका कुमारी

दीपिका कुमारी (13 जून 1994) एक रिकर्व भारतीय महिला तीरंदाज हैं। बिल्कुल निचले पायदान से निशानेबाजी के खेल में शुरुआत करने वाली वे आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की शीर्ष खिलाड़ियों में से एक हैं। .

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दीपक बिरुवा

दीपक बिरुवा भारत के झारखण्ड राज्य की चाईबासा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ज्योति भ्रमर तुबिद को 34715 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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धनबाद

धनबाद भारत के झारखंड में स्थित एक शहर है जो कोयले की खानों के लिये मशहूर है। यह शहर भारत में कोयला व खनन में सबसे अमीर है। पुर्व मैं यह मानभुम जिला के अधीन था। यहां कई ख्याति प्राप्त औद्योगिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संस्थान हैं। यह नगर कोयला खनन के क्षेत्र में भारत में सबसे प्रसिद्ध है। कई ख्याति प्राप्त औद्योगिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संसथान यहाँ पाए जाते हैं। यहां का वाणिज्य बहुत व्यापक है। झारखंड में स्थित धनबाद को भारत की कोयला राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर कोयले की अनेक खदानें देखी जा सकती हैं। कोयले के अलावा इन खदानों में विभिन्न प्रकार के खनिज भी पाए जाते हैं। खदानों के लिए धनबाद पूरे विश्‍व में प्रसिद्ध है। यह खदानें धनबाद की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पर्यटन के लिहाज से भी यह खदानें काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पर्यटक बड़ी संख्या में इन खदानों को देखने आते हैं। खदानों के अलावा भी यहां पर अनेक पर्यटक स्थल हैं जो पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं। इसके प्रमुख पर्यटक स्थलों में पानर्रा, चारक, तोपचांची और मैथन प्रमुख हैं। पर्यटकों को यह पर्यटक स्थल और खदानें बहुत पसंद आती है और वह इनके खूबसूरत दृश्यों को अपने कैमरों में कैद करके ले जाते हैं। कम्बाइन्ड बिल्डिंग चौक .

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धनबाद (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

धनबाद भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। धनबाद ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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धनबाद जिला

धनबाद भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय धनबाद है। .

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धनबाद विमानक्षेत्र

धनबाद विमानक्षेत्र एक सार्वजनिक विमान क्षेत्र है। यह झारखंड राज्य के धनबाद शहर में स्थित है। फिलहाल यहाँ से कोई शैडयूल्ड विमान सेवाएँ नहीं हैं। यहाँ से आखरी बार सेवाएँ 1987 में वायुदूत कि थी। वायुदूत के से कोलकाता, पटना और राँची की सेवाएँ थी। झारखंड के उस समय के मुख्यमंत्री श्री सिबू सोरेन ने नयी यात्री प्रतीक्षा हॉल का उदघाटन अक्तूबर 2008 में किया।.

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धनवार (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

धनवार भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गिरिडीह ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र कोडरमा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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धरधारिया जलप्रपात

झारखंड के लोहरदग्‍गा के सेन्हा प्रखण्ड में धरधारिया जलप्रपात स्थित है। इसके आस-पास का नजारा भी काफी खूबसूरत है जो पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। झारखंड सरकार के अनुसार यहां पर पर्यटन उद्योग में असीमित संभावनाएं हैं। अत: सरकार वहां पर पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाओं को शुरू कर रही है। श्रेणी:झारखंड के जल प्रपात श्रेणी:भारत के जल प्रपात.

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धान उत्पादन की मेडागास्कर विधि

'''श्री विधि''' से तैयार धान का खेत: खेत की मिट्टी नम है किन्तु इसमें पानी नहीं लगाया गया है। मेडागास्कर विधि धान उत्पादन की एक तकनीक है जिसके द्वारा पानी के बहुत कम प्रयोग से भी धान का बहुत अच्छा उत्पादन सम्भव होता है। इसे सघन धान प्रनाली (System of Rice Intensification-SRI या श्री पद्धति) के नाम से भी जाना जाता है। जहां पारंपरिक तकनीक में धान के पौधों को पानी से लबालब भरे खेतों में उगाया जाता है, वहीं मेडागास्कर तकनीक में पौधों की जड़ों में नमी बरकरार रखना ही पर्याप्त होता है, लेकिन सिंचाई के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर फसल की सिंचाई की जा सके। सामान्यत: जमीन पर दरारें उभरने पर ही दोबारा सिंचाई करनी होती है। इस तकनीक से धान की खेती में जहां भूमि, श्रम, पूंजी और पानी कम लगता है, वहीं उत्पादन 300 प्रतिशत तक ज्यादा मिलता है। इस पद्धति में प्रचलित किस्मों का ही उपयोग कर उत्पादकता बढाई जा सकती है। कैरिबियन देश मेडागास्कर में 1983 में फादर हेनरी डी लाउलेनी ने इस तकनीक का आविष्कार किया था। .

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धानुक जाति

धानुक (अंग्रेजी: Dhanuk), एक जातीय समूह है जिसके सदस्य बांग्लादेश, भारत और नेपाल में पाए जाते हैं। भारत में धानुक दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, बिहार, त्रिपुरा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में पाए जाते हैं। उन्हें पिछड़े जाति का दर्जा प्रदान किया गया है । नेपाल मे वे सप्तरी, सिरहा और धनुषा के तराई जिलों में बसे हुए हैं। वे या तो क्षत्रिय या एक अल्पसंख्यक स्वदेशी लोग हैं। पूर्वी तराई के धानुक मंडल के रूप में भी जाना जाता है । और पश्चिमी तराई के धानुक 'पटेल' कहलाते हैं। बिहार में धानुक जसवाल कुर्मी के रूप में भी जाना जाता है। पूरे बिहार में इनके उपनाम सिंह, महतो, मंडल, राय, पटेल, विश्वास इत्यादि हैं। दोनों देशों में धानुक हिन्दू हैं, और इस तरह के भोजपुरी और अवधी के रूप में हिंदी के विभिन्न बोलियों, बोलते हैं। परंपरा के अनुसार, 'धनुक' संस्कृत शब्द 'धनुषकः' से लिया गया है जिसका अर्थ है धनुषधारी। धानुक जा‍ति‍ के लोग राजा महाराजा काल मे उनकी अग्रिम पंक्ति में धनुर्धर थे जो पहला आक्रमण करते थे किसी भी युद्ध मे, क्योंकि इनकी निशानेबाजी सभी जातियों में सबसे अच्छी थी। धानुक जो धनुष्क से उद्धरित हुआ है इसका मतलब ही धनुष चलाने वाला होता है जिसका उल्लेख मालिक मुहम्मद जायसी की किताब पद्मावत में भी उल्लेख है। आशीर्वादी लाल श्रीवास्तव की किताब दिल्ली सल्तनत में भी इसी बात का उल्लेख है। .

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धीरेन्द्र अग्रवाल

धीरेन्द्र अग्रवाल राजद के सांसद हैं, एवं झारखंड के चतरा लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड.

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नरेश अग्रवाल

डॉ नरेश अग्रवाल (जन्म: ०१ सितंबर १९६०) एक भारतीय कवि एवं लेखक हैं। वे जमशेदपुर, झारखण्ड से हैं, लेकिन झुनझुनू, राजस्थान इनका पैत्रिक स्थान हैं। वे द्वैमासिक पत्रिका 'कुरजाँ' के सह-सम्पादक और ‘मरुधर’ रंगीन द्विमासिक साहित्यिक पत्रिका के सम्पादक हैं। .

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नलिन सोरेन

नलिन सोरेन भारत के झारखण्ड राज्य की शिकारीपाड़ा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार परितोष सोरेन को 24501 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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नाम की व्युत्पत्ति के आधार पर भारत के राज्य

भारतीय गणराज्य का १९४७ में राज्यों के संघ के रूप में गठन हुआ। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, १९५६ के अनुसार राज्यीय सीमाओं को भाषाई आधार पर पुनर्व्यवस्थित किया गया, इसलिए कई राज्यों के नाम उनकी भाषाओं के अनुसार हैं और आमतौर पर तमिल नाडु (तमिल) और कर्णाटक (कन्नड़) को छोड़कर, इन नामों की उत्पत्ति संस्कृत से होती है। तथापि अन्य राज्यों के नाम उनकी भौगोलिक स्थिति, विशेष इतिहास या जनसंख्याओं और औपनिवेशिक प्रभावों पर पड़े हैं। .

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नारायण दास

नारायण दास भारत के झारखण्ड राज्य की देवघर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार सुरेश पासवान को 45152 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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नारायण दास ग्रोवर

महात्मा नारायण दास ग्रोवर (15 नवम्बर 1923 - 6 फ़रवरी 2008) भारत के महान शिक्षाविद थे। वे आर्य समाज के कार्यकर्ता थो जिन्होने 'दयानन्द ऐंग्लो-वैदिक कालेज आन्दोलन' (डीएवी आंदोलन) के प्रमुख भूमिका निभायी। उन्होने अपना पूरा जीवन डीएवी पब्लिक स्कूलों के विकास में लगा दिया। उन्होंने इस संस्था की आजीवन अवैतनिक सेवा प्रदान की। वे डीएवी पब्लिक स्कूल पटना प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक के साथ-साथ डीएवी कालेज मैनेजिंग कमेटी नई दिल्ली के उपाध्यक्ष थे। .

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नाला (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

नाला भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। दुमका ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र दुमका लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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नालंदा (गैर-सरकारी संगठन)

नालंदा एक गैर सरकारी संगठन है, जोकि वर्ष 1996 से सतत सेवारत है। यह प्रारंभिक शिक्षा के संदर्भ केन्द्र के रूप में उत्तर प्रदेश व झारखंड में कार्यरत है। इसका मुख्य कार्य प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को तकनीकी रूप से मदद करना है। नालंदा अपनी शुरूआत से ही उत्तर प्रदेश में संचालित विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जुड़ी रही है। इन कार्यक्रमों के अन्तर्गत काम करते हुए नालंदा ने विभिन्न तरह की शिक्षण—अधिगम सामग्री का विकास किया है। शिक्षक—प्रशिक्षण, पाठ्य—सामग्री निर्माण, मदरसों में शैक्षिक सुधार, अनुश्रवण एवं शोध—अध्ययन नालंदा के नियमित क्रियाकलाप हैं। .

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नास्तिक (2018 फ़िल्म)

नास्तिक एक 2018 आगामी भारत की फिल्म है जो एक इंस्पेक्टर की यात्रा के आसपास घूमती है और एक छोटा बच्चा जीवन के अपने दृष्टिकोण को कैसे बदलता है। फिल्म शैलेश वर्मा द्वारा निर्देशित है। .

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नागपुरी भाषा

नागपुरी या सादरी झारखंड व कुछ अन्य राज्यों में बोली जाने वाली एक हिन्द-आर्य भाषा है। इसे सदानी समुदाय बोलता है, जिस कारणवश इसे सदानी भाषा भी कहते हैं। ये सदानी बोलने वाले ही सदान कहलाते हैं। सदानों की मूल जाति है नाग जाति। नागजाति या नागवंश के शासन स्थापित होने पर (64 ई.) इसकी राजभाषा नागपुरी, छोटानागपुर (झारखंड) में सर्वमान्य हुई। नागपुरी के राजभाषा होने पर झारखंड में बसने वाली नागजाति (सदान) के अतिरिक्त मुण्डा, खड़िया, उराँव आदि की यह सम्पर्क भाषा अर्थात सर्वसाधारण की बोली हो गई है। नागपुरी के पूर्व नाम, सदानी, सदरी या सादरी, गँवारी भी प्रचलित रहे हैं। अब यह नागपुरी नाम पर विराम पा गई है। फादर पीटर शांति नवरंगी ने इसके उद्भव एवं विकास पर प्रकाश डालते हुए प्रश्न उठाया कि नागपुरी छोटानागपुर की आर्य भिन्न बोलियों के मध्य में कैसे पड़ी? कहाँ से आई? कब आई?3 नागपुरी के प्रथम वैयाकरण रेव.

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नागा साधु

पशुपतिनाथ मन्दिर, नेपाल में एक नागा साधु नागा साधु हिन्दू धर्मावलम्बी साधु हैं जो कि नग्न रहने तथा युद्ध कला में माहिर होने के लिये प्रसिद्ध हैं। ये विभिन्न अखाड़ों में रहते हैं जिनकी परम्परा जगद्गुरु आदिशंकराचार्य द्वारा की गयी थी। .

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नागेन्द्र महतो

नागेन्द्र महतो भारत के झारखण्ड राज्य की बगोदर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन) के उम्मीदवार विनोद कुमार सिंह को 4339 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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निधि

निधि का अर्थ है दी गई सम्पत्ति, धरोहर। .

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निरल पुरती

निरल पुरती भारत के झारखण्ड राज्य की मझगांव सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे जय भारत समानता पार्टी के उम्मीदवार मधु कोड़ा को 11182 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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निरसा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

निरसा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। धनबाद ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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निर्धनता दर के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

यह सूची भारत के राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को 16 सितम्बर 2013 की स्थिति तक निर्धनता की दर के आधार पर क्रमित करती है। यह सूची भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्रकाशित 2013 के वार्षिक प्रतिवेदन से संकलित की गई है। क्रम-स्थान प्रतिशत में निर्धनता सीमा से नीचे रह रहे लोगों की गणना अनुसार दिया गया है और ऍम.आर.पी.

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निर्भय कुमार शाहाबादी

निर्भय कुमार शाहाबादी भारत के झारखण्ड राज्य की गिरिडीह सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार सुदिव्य कुमार को 9933 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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निर्मला देवी

निर्मला देवी भारत के झारखण्ड राज्य की बड़कागांव सीट से इंडियन नेशनल कांग्रेस के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे आजसु पार्टी के उम्मीदवार रोशन लाल चौधरी को 411 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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निशिकांत दुबे

निशिकांत दुबे भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की गोड्डा सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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निक्की प्रधान

निक्की प्रधान (जन्म: 8 दिसम्बर 1993) एक भारतीय हॉकी खिलाड़ी हैं। यह झारखंड से पहली महिला हॉकी खिलाड़ी है। यह सोमा प्रधान (पिता) और जीतन देवी (माँ) की बेटी है। यह 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा हैं। .

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नवादा

नवादा दक्षिण बिहार का एक खूबसूरत एवं ऐतिहासिक जिला है। इसका मुख्यालय पटना के दक्षिण-पूर्व में 93 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नवादा शहर में है। प्रकृति की गोद में बसा नवादा जिला को कई प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। ककोलत जलप्रपात, प्रजातंत्र द्वार, नारद संग्रहालय, सेखोदेवरा और गुनियाजी तीर्थ आदि यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से है। नवादा के उत्तर में नालंदा, दक्षिण में झारखंड का कोडरमा जिला, पूर्व में शेखपुरा एवं जमुई तथा पश्चिम में गया जिला है। मगही यहाँ की बोली और हिन्दी तथा उर्दू मुख्य भाषाएँ हैं। .

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नवीन जयसवाल

नवीन जयसवाल भारत के झारखण्ड राज्य की हटिया सीट से झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सीमा शर्मा को 8018 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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नगमा

चित्र:C:\Documents and Settings\user\Desktop\images.jpg नंदिता मोरारजी या नम्रता सदाना, जो नगमा के रूप में विख्यात हैं, नघमाநக்மா (जन्म 25 दिसम्बर 1974), बॉलीवुड, टॉलीवुड और कॉलीवुड की एक भारतीय अभिनेत्री हैं। 1990 के दशक में अपने चरम पर, द हिन्दू अख़बार के उद्धरणानुसार, "तमिल सिनेमा पर उनका प्रभुत्व" था। उनका जन्म क्रिसमस दिवस पर, एक मुससमान मां और हिन्दू पिता के घर हुआ। उन्होंने बॉलीवुड में अपना अभिनय कॅरिअर शुरू किया और कुछ फ़िल्मों में अभिनय किया, लेकिन दक्षिण में स्थानांतरित हो गईं, जहां उनकी मुंबई वापसी से पहले तक, उन्हें बेशुमार सफलता मिली। हालांकि कभी-कभी फ़िल्म नामावलियों में उन्हें नग़मा के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, पर उन्हें एक पुरानी अभिनेत्री न समझ लिया जाए, जिन्होंने इसी मंच नाम को अपनाया था - यह ग़लती इंटरनेट मूवी डेटाबेस वेबसाइट पर उनकी सूची में किया गया है। नगमा हिन्दी, तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, भोजपुरी, पंजाबी और अब मराठी जैसी भारतीय भाषाओं में विस्तृत रूप से काम करने के लिए उल्लेखनीय रही हैं। .

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नक्सलवाद

नक्सलवाद कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों के उस आंदोलन का अनौपचारिक नाम है जो भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन के फलस्वरूप उत्पन्न हुआ। नक्सल शब्द की उत्पत्ति पश्चिम बंगाल के छोटे से गाँव नक्सलबाड़ी से हुई है जहाँ भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता चारू मजूमदार और कानू सान्याल ने 1967 मे सत्ता के खिलाफ़ एक सशस्त्र आंदोलन की शुरुआत की। मजूमदार चीन के कम्यूनिस्ट नेता माओत्से तुंग के बहुत बड़े प्रशंसकों में से थे और उनका मानना था कि भारतीय मज़दूरों और किसानों की दुर्दशा के लिये सरकारी नीतियाँ जिम्मेदार हैं जिसकी वजह से उच्च वर्गों का शासन तंत्र और फलस्वरुप कृषितंत्र पर वर्चस्व स्थापित हो गया है। इस न्यायहीन दमनकारी वर्चस्व को केवल सशस्त्र क्रांति से ही समाप्त किया जा सकता है। 1967 में "नक्सलवादियों" ने कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों की एक अखिल भारतीय समन्वय समिति बनाई। इन विद्रोहियों ने औपचारिक तौर पर स्वयं को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से अलग कर लिया और सरकार के खिलाफ़ भूमिगत होकर सशस्त्र लड़ाई छेड़ दी। 1971 के आंतरिक विद्रोह (जिसके अगुआ सत्यनारायण सिंह थे) और मजूमदार की मृत्यु के बाद यह आंदोलन एकाधिक शाखाओं में विभक्त होकर कदाचित अपने लक्ष्य और विचारधारा से विचलित हो गया। आज कई नक्सली संगठन वैधानिक रूप से स्वीकृत राजनीतिक पार्टी बन गये हैं और संसदीय चुनावों में भाग भी लेते है। लेकिन बहुत से संगठन अब भी छद्म लड़ाई में लगे हुए हैं। नक्सलवाद के विचारधारात्मक विचलन की सबसे बड़ी मार आँध्र प्रदेश, छत्तीसगढ, उड़ीसा, झारखंड और बिहार को झेलनी पड़ रही है। .

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नेतरहाट

नेतरहाट झारखंड राज्य में स्थित एक पहाड़ी पर्यटन-स्थल है। यह लातेहार जिला में आता है। यह समुद्र सतह से 3622 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। रांची से यह करीब १५० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रकृति ने इसे बहुत ही खूबसूरती से संवारा है। यहाँ पर लोग सूर्योदय व सूर्यास्त देखने आते हैं। यह नजारा नेतरहाट से करीब १० किमी की दूरी पर आकर्षक ढंग से देखा जा सकता है। इसके अलावा यहाँ घाघरी एवं लोअर घाघरी नमक दो छोटे-छोटे जलप्रपात भी हैं, जो प्रसिद्ध स्थल हैं। 'छोटा नागपुर की रानी' के नाम से प्रसिद्ध नेतरहाट झारखंड की राजधानी रांची से 156 किमी पश्चिम में लातेहार जिले में स्थित है। समुद तल से 3700 फीट की उंचाई पर स्थित नेतरहाट में गर्मी के मौसम में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। वैसे तो सालो भर यहां ढंड का मौसम बना रहता है। यहां का सूर्योदय और सूर्यास्‍त देखने के लिए भी लोग आते है। घने जंगल के बीच बसे इस जगह की प्राकृतिक सुन्‍दरता देखते ही बनती है। पर्यटक यहां आने पर प्रसिद्व नेतरहाट विद्यालय, लोध झरना, उपरी घाघरी झरना तथा निचली घाघरी झरना देखना नही भूलते है। झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा फाल बरहा घाघ (466 फुट) नेतरहाट के पास ही है। नेतरहाट में वन विभाग की अनुमति के साथ शूटिंग भी किया जाता है। यहाँ कुछ भागों में बाघ बहुतों की संख्या में है। नेतरहाट के विकास के साथ यहाँ पर्यटक, शिकारी काफी आकर्षित हो रहे हैं। नेतरहाट एक बहुत महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। .

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नेतरहाट विद्यालय

नेतरहाट विद्यालय का मुख्य भवन नेतरहाट विद्यालय भारत के झारखण्ड राज्य में राँची के निकट नेतरहाट नामक स्थान पर स्थित एक सुप्रसिद्ध आवासीय विद्यालय है। अपनी स्थापना से ही, पहले बिहार राज्य में और अब झारखण्ड राज्य के शिक्षा बोर्डों की परीक्षा में प्रथम दस स्थान पाने वाले अधिकांश विद्यार्थी इसी विद्यालय के रहते रहे हैं। सन् २००० में बिहार से झारखण्ड राज्य के निर्माण के बाद अब यह झारखण्ड शिक्षा परिषद के अन्तर्गत आता है। राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षा के अलावा इस विद्यालय के विद्यार्थी क्षेत्रीय गणित ओलम्पियाड, राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE) आदि में भी सदा अग्रणी रहते हैं। इस विद्यालय की स्‍थापना नवम्‍बर 1954 में हुई थी। राज्‍य सरकार द्वारा स्‍थापित और गुरुकुल की तर्ज पर बने इस स्‍कूल में अभी भी प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर प्रवेश मिलता है। यहाँ 10 -12 आयुवर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है और लड़कों को उच्चतर माध्यमिक परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। अभी भी छात्र के आय के हिसाब से ही इस विद्यालय में फीस ली जाती है। इस विद्यालय में शिक्षा का माध्यम हिन्‍दी है। विषय के रूप में अग्रेंजी और संस्‍कृत भी पढाए जाते हैं। यहाँ के छात्रों ने अनेकानेक क्षेत्रों में इस विद्यालय की कीर्ति-पताका लहरायी है। कई शीर्ष के नौकरशाह और टेक्नोक्रेट इसी विद्यालय से पढ़ कर निकले हैं। .

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नोआमुंडी

नोआमुंडी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला में स्थित है। प्रशासनिक इकाई के रूप में यह एक प्रखंड है.

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नीरा यादव

नीरा यादव भारत के झारखण्ड राज्य की कोडरमा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार अन्नपुर्णा देवी को 13525 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। डा नीरा यादव अभी झारखण्ड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग की मंत्री हैं। .

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नीलकंठ सिंह मुन्डा

नीलकंठ सिंह मुन्डा भारत के झारखण्ड राज्य की खूंटी सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार जीदन होरो को 21515 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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पटना

पटना (पटनम्) या पाटलिपुत्र भारत के बिहार राज्य की राजधानी एवं सबसे बड़ा नगर है। पटना का प्राचीन नाम पाटलिपुत्र था। आधुनिक पटना दुनिया के गिने-चुने उन विशेष प्राचीन नगरों में से एक है जो अति प्राचीन काल से आज तक आबाद है। अपने आप में इस शहर का ऐतिहासिक महत्व है। ईसा पूर्व मेगास्थनीज(350 ईपू-290 ईपू) ने अपने भारत भ्रमण के पश्चात लिखी अपनी पुस्तक इंडिका में इस नगर का उल्लेख किया है। पलिबोथ्रा (पाटलिपुत्र) जो गंगा और अरेन्नोवास (सोनभद्र-हिरण्यवाह) के संगम पर बसा था। उस पुस्तक के आकलनों के हिसाब से प्राचीन पटना (पलिबोथा) 9 मील (14.5 कि॰मी॰) लम्बा तथा 1.75 मील (2.8 कि॰मी॰) चौड़ा था। पटना बिहार राज्य की राजधानी है और गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर अवस्थित है। जहां पर गंगा घाघरा, सोन और गंडक जैसी सहायक नदियों से मिलती है। सोलह लाख (2011 की जनगणना के अनुसार 1,683,200) से भी अधिक आबादी वाला यह शहर, लगभग 15 कि॰मी॰ लम्बा और 7 कि॰मी॰ चौड़ा है। प्राचीन बौद्ध और जैन तीर्थस्थल वैशाली, राजगीर या राजगृह, नालन्दा, बोधगया और पावापुरी पटना शहर के आस पास ही अवस्थित हैं। पटना सिक्खों के लिये एक अत्यंत ही पवित्र स्थल है। सिक्खों के १०वें तथा अंतिम गुरु गुरू गोबिंद सिंह का जन्म पटना में हीं हुआ था। प्रति वर्ष देश-विदेश से लाखों सिक्ख श्रद्धालु पटना में हरमंदिर साहब के दर्शन करने आते हैं तथा मत्था टेकते हैं। पटना एवं इसके आसपास के प्राचीन भग्नावशेष/खंडहर नगर के ऐतिहासिक गौरव के मौन गवाह हैं तथा नगर की प्राचीन गरिमा को आज भी प्रदर्शित करते हैं। एतिहासिक और प्रशासनिक महत्व के अतिरिक्त, पटना शिक्षा और चिकित्सा का भी एक प्रमुख केंद्र है। दीवालों से घिरा नगर का पुराना क्षेत्र, जिसे पटना सिटी के नाम से जाना जाता है, एक प्रमुख वाणिज्यिक केन्द्र है। .

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पटना का इतिहास

लोककथाओं के अनुसार, राजा पत्रक को पटना का जनक कहा जाता है, जिसने अपनी रानी पाटलि के लिये जादू से इस नगर का निर्माण किया। इसी कारण नगर का नाम पाटलिग्राम पड़ा। पाटलिपुत्र नाम भी इसी के कारण पड़ा। संस्कृत में पुत्र का अर्थ पुत्र या बेटा तथा ग्राम का अर्थ गांव होता है। पुरातात्विक अनुसंधानो के अनुसार पटना का इतिहास 490 ईसा पूर्व से होता है जब हर्यक वन्श के शासक अजातशत्रु ने अपनी राजधानी राजगृह से बदलकर यहां स्थापित की, क्योंकि वैशाली के लिच्छवियों से संघर्ष में उपयुक्त होने के कारण पाटलिपुत्र राजगृह की अपेक्षा सामरिक दृष्टि से अधिक रणनीतिक स्थान पर था। उसने गंगा के किनारे यह स्थान चुना और अपमा दुर्ग स्थापित कर लिया। उस समय से ही इस नगर का लगातार इतिहास रहा है - ऐसा गौरव दुनिया के बहुत कम नगरों को हासिल है। बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध अपने अन्तिम दिनों में यहां से गुजरे थे। उन्होने ये भविष्यवाणी की थी कि नगर का भविष्य उज्जवल होगा, पर कभी बाढ़, आग या आपसी संघर्ष के कारण यह बर्बाद हो जाएगा। मौर्य साम्राज्य के उत्कर्ष के बाद पाटलिपुत्र सत्ता का केन्द्र बन गया। चन्द्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य बंगाल की खाड़ी से अफ़ग़ानिस्तान तक फैल गया था। शुरूआती पाटलिपुत्र लकड़ियों से बना था, पर सम्राट अशोक ने नगर को शिलाओं की संरचना मे तब्दील किया। चीन के फाहियान ने, जो कि सन् 399-414 तक भारत यात्रा पर था, अपने यात्रा-वृतांत में यहां के शैल संरचनाओं का जीवन्त वर्णन किया है। मेगास्थनीज़, जो कि एक युनानी इतिहासकार और चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में एक राजदूत के नाते आया था, ने पाटलिपुत्र नगर का प्रथम लिखित विवरण दिया। ज्ञान की खोज में, बाद में कई चीनी यात्री यहां आए और उन्होने भी यहां के बारे में, अपने यात्रा-वृतांतों में लिखा है। इसके पश्चात नगर पर कई राजवंशों का राज रहा। इन राजाओं ने यहीं से भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया। गुप्त वंश के शासनकाल को प्राचीन भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है। पर इसके बाद नगर को वह गैरव नहीं मिल पाया जो एक समय मौर्य वंश के समय प्राप्त था। गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद पटना का भविष्य काफी अनिश्चित रहा। 12 वीं सदी में बख़्तियार खिलजी ने बिहार पर अपना अधिपत्य जमा लिया और कई आध्यात्मिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर डाला। पटना देश का सांस्कृतिक और राजनैतिक केन्द्र नहीं रहा। मुगलकाल में दिल्ली के सत्ताधारियों ने यहां अपना नियंत्रण बनाए रखा। इस काल में सबसे उत्कृष्ठ समय तब आया जब शेरसाह सूरी ने नगर को पुनर्जीवित करने की कोशिश की। उसने गंगा के तीर पर एक किला बनाने की सोची। उसका बनाया कोई दुर्ग तो अभी नहीं है, पर अफ़ग़ान शैली में बना एक मस्जिद अभी भी है। मुगल बादशाह अकबर 1574 में अफ़गान सरगना दाउद ख़ान को कुचलने पटना आया। अकबर के राज्य सचिव एवं आइने अकबरी के लेखक (अबुल फ़जल) ने इस जगह को कागज, पत्थर तथा शीशे का सम्पन्न औद्योगिक केन्द्र के रूप में वर्णित किया है। पटना राइस के नाम से यूरोप में प्रसिद्ध चावल के विभिन्न नस्लों की गुणवत्ता का उल्लेख भी इन विवरणों में मिलता है। मुगल बादशाह औरंगजेब ने अपने प्रिय पोते मुहम्मद अज़ीम के अनुरोध पर 1704 में, शहर का नाम अजीमाबाद कर दिया। अज़ीम उस समय पटना का सूबेदार था। पर इस कालखंड में, नाम के अतिरिक्त पटना में कुछ विशेष बदलाव नहीं आया। मुगल साम्राज्य के पतन के साथ ही पटना बंगाल के नबाबों के शासनाधीन हो गया जिन्होंने इस क्षेत्र पर भारी कर लगाया पर इसे वाणिज्यिक केन्द्र बने रहने की छूट दी। १७वीं शताब्दी में पटना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का केन्द्र बन गया। अंग्रेज़ों ने 1620 में यहां रेशम तथा कैलिको के व्यापार के लिये यहां फैक्ट्री खोली। जल्द ही यह सॉल्ट पीटर (पोटेशियम नाइट्रेट) के व्यापार का केन्द्र बन गया जिसके कारण फ्रेंच और डच लोग से प्रतिस्पर्धा तेज हुई। बक्सर के निर्णायक युद्ध के बाद नगर इस्ट इंडिया कंपनी के अधीन चला गया और वाणिज्य का केन्द्र बना रहा। 1912, में बंगाल के विभाजन के बाद, पटना उड़ीसा तथा बिहार की राजधाान बना। It soon emerged as an important and strategic centre.

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पटमदा

पटमदा झारखंड (भारत) के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित कस्बा है। यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है। पटमदा के पास माचाबिरला गाँव है, जहां ब्रितानी काल में नील की खेती होती थी। अभी भी वहाँ नील की भट्टियाँ स्थित हैं हालांकि ये बंद पड़ी है लेकिन ब्रिटिश काल का एक निशानी है। श्रेणी:झारखण्ड के गाँव.

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पतरातू

पतरातू भारत के झारखंड राज्य का एक शहर है। .

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पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट

पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना निर्माणाधीन है। यह 4000 मेगावाट (800 मेगावॉट × 5) है, जो पतरातू, रामगढ़ जिला, झारखंड में स्थित है। यह मौजूदा पतरातू थर्मल पावर स्टेशन के साथ उपलब्ध 6300 एकड़ में से 1859 एकड़ का उपयोग करेगा। 25 मई 2018 को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधरी में एक कार्यक्रम में झारखंड के रामगढ़ जिले में पतरतु सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की 2,400 मेगावाट (एमवी) क्षमता के पहले चरण की नींव रखी। एक अप्रैल 2016 को पीटीपीएस प्लांट की चिमनियों ने धुआं उगलना बंद कर दिया था। इसकी जर्जर की स्थिति को देखते हुए झारखंड सरकार ने पतरातू में बिजली उत्पादन के लिए एनटीपीसी के साथ ऐतिहासिक समझौता कर नया पावर प्लांट खोलने की योजना तैयार की। एक अप्रैल 2016 से झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी लिमिटेड) का संयुक्त उपक्रम पीवीयूएनएल का संचालन कर रहा है। जेबीवीएनएल और एनटीपीएस की सहमति से जनवरी 2017 से ही पतरातू थर्मल पावर प्लांट स्टेशन (पीटीपीएस) से बिजली का उत्पादन बंद कर दिया था। नये ज्वाइंट वेंचर पीवीयूएनएल द्वारा पुरानी आधारभूत संरचना को हटा कर नया प्लांट तैयार करने के बाद से ही पतरातू से बिजली उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। पतरातू परियोजना झारखंड सरकार और Patratu Vidyut Utpadan निगम लिमिटेड की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ एक संयुक्त उद्यम है। पीवीयूएनएल एनटीपीसी की सहायक कंपनी है। (PVUNL)। पीवीयूएनएल इस चरण को 2,400 मेगावाट क्षमता के साथ दो चरणों में विकसित करने की योजना बना रहा है जिसमें प्रथम चरण में 800 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां और 1,600 मेगावाट की कमी होगी, जिसमें चरण -2 में प्रत्येक की 800 मेगावॉट क्षमता होगी। यह परियोजना झारखंड से उत्पन्न बिजली का 85 प्रतिशत आवंटित करेगी। परियोजना का पहला चरण लगभग 18,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर स्थापित किया जाएगा। एनएनपीसी ने परियोजना के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) अनुबंध से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड(बीएचईएल) को सम्मानित किया है। इसकी पहली इकाई 2022 में शुरू होने की उम्मीद है। अन्य दो इकाइयों को बाद में एक वर्ष के भीतर शुरू किया जाएगा। .

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पत्थलगड़ी

पत्थलगड़ी उन पत्थर स्मारकों को कहा जाता है जिसकी शुरुआत इंसानी समाज ने हजारों साल पहले की थी। यह एक पाषाणकालीन परंपरा है जो आदिवासियों में आज भी प्रचलित है। माना जाता है कि मृतकों की याद संजोने, खगोल विज्ञान को समझने, कबीलों के अधिकार क्षेत्रों के सीमांकन को दर्शाने, बसाहटों की सूचना देने, सामूहिक मान्यताओं को सार्वजनिक करने आदि उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रागैतिहासिक मानव समाज ने पत्थर स्मारकों की रचना की। पत्थलगड़ी की इस आदिवासी परंपरा को पुरातात्त्विक वैज्ञानिक शब्दावली में ‘महापाषाण’, ‘शिलावर्त’ और मेगालिथ कहा जाता है। दुनिया भर के विभिन्न आदिवासी समाजों में पत्थलगड़ी की यह परंपरा मौजूदा समय में भी बरकरार है। झारखंड के मुंडा आदिवासी समुदाय इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं जिनमें कई अवसरों पर पत्थलगड़ी करने की प्रागैतिहासिक और पाषाणकालीन परंपरा आज भी प्रचलित है। .

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पद्म श्री पुरस्कार (१९८०–१९८९)

पद्म श्री पुरस्कार, भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरीक सम्मान है। जिसके ई॰ सन् १९८४ से १९८९ के प्राप्त कर्ता निम्न हैं: .

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पद्म श्री पुरस्कार (२०००–२००९)

पद्म श्री पुरस्कार, भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरीक सम्मान है। सन् २००० से २००९ तक विजेताओं की सूची निम्न है: .

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पद्मश्री पुरस्कार (२०१०–२०१९)

पद्म श्री पुरस्कार, भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। सन् २०१० से २०१९ तक विजेताओं की सूची निम्न है: .

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परमाणु ऊर्जा विभाग (भारत)

भारत का परमाणु ऊर्जा विभाग (पऊवि) एक महत्वपूर्ण विभाग है जो सीधे प्रधानमंत्री के आधीन है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह विभाग नाभिकीय विद्युत ऊर्जा की प्रौद्योगिकी के विकास, विकिरण प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों (कृषि, चिकित्सा, उद्योग, मूलभूत अनुसन्धान आदि) में उपयोग तथा मूलभूत अनुसंधान में संलग्न है। इस विभाग के अन्तर्गत ५ अनुसन्धान केन्द्र, ३ औद्योगिक संगठन, ५ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, तथा ३ सेवा संगठन हैं। इसके अलावा इसके अन्दर दो बोर्ड भी हैं जो नाभिकीय क्षेत्र एवं इससे सम्बन्धित क्षेत्रों में मूलभूत अनुसन्धान को प्रोत्साहित करते हैं एवं उसके लिए फण्ड प्रदान करते हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग ८ संस्थानों को भी सहायता देता है जो अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग (पऊवि) की स्थापना राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से दिनांक 3 अगस्त 1954 को की गई थी। .

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परमाण्वीय खनिज

परमाण्वीय खनिज उन खनिजों को परमाणु-ऊर्जा खनिज, अथवा ऐटोमिक एनर्जी मिनरल्स कहते हैं, जिनसे परमाण्विक ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है। भारत जैंसे विकासशील देशों के लिये शक्ति उत्पादन एक समस्या है। भारत के कोयले तथा अन्य ईंधनों के भंडार सीमित है और यदि औद्योगिकरण की वर्तमान गति इसी प्रकार वृद्धि पर रही तो वे भंडार अधिक समय तक न चल सकेंगे। अत: परमाणुशक्ति का उत्पादन ही संतुलित औद्योगिकरण में सहायक हो सकेगा। सौभाग्य से भारत में यूरेनियम तथा थोरियम दोनों ही खनिजों के भंडार संतोषजनक हैं। .

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परिवार के आकार के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची प्रत्येक राज्य में प्रति घर, सदस्य संख्या के आधार पर है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आई॰आई॰पी॰एस), मुंबई द्वारा कराया जाता है जो परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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परिकल्पना सम्मान

परिकल्पना सम्मान हिन्दी ब्लॉगिंग का एक ऐसा वृहद सम्मान है, जिसे बहुचर्चित तकनीकी ब्लॉगर रवि रतलामी ने हिन्दी ब्लॉगिंग का ऑस्कर कहा है। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन में देशविदेश से आए हिन्दी के चिरपरिचित ब्लॉगर्स की उपस्थिति में प्रदान किया जाता है। .

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पलामू

पलामू भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। इसका ज़िला मुख्यालय मेदनीनगर है। पहले यह डाल्टनगंज के नाम से जाना जाता था लेकिन आनंदमार्ग के लक्ष्मण सिंह, बैद्यनाछ साहू, युगलकिशोर सिंह, विश्वनाथ सिंह जैसे लोगों ने लंबे समय तक आंदोलन किया और शहर का नाम मेदनीनगर किया गया। यहां के राजनीतिज्ञों में इंदर सिंह नामधारी, ज्ञानचंद पांडेय, शैलेंद्र, केडी सिंह आदि मुख्य हैं। पत्रकारों में आलोक प्रकाश पुतुल ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता हासिल की है। अन्य पत्रकारों में रामेश्वरम, गोकुल बंसंत, फैयाज अहमद, उपेन्द्र नाथ पान्देय आदि शामिल हैं। .

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पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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पशुपतिनाथ सिंह

पशुपतिनाथ सिंह भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की धनबाद सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल (भारतीय बंगाल) (बंगाली: পশ্চিমবঙ্গ) भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक राज्य है। इसके पड़ोस में नेपाल, सिक्किम, भूटान, असम, बांग्लादेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार हैं। इसकी राजधानी कोलकाता है। इस राज्य मे 23 ज़िले है। यहां की मुख्य भाषा बांग्ला है। .

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पश्चिमी सिंहभूम

पश्चिमी सिंहभूम भारत के झारखंड प्रदेश का एक जिला है जिसका मुख्यालय चाईबासा है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:नक्सल प्रभावित जिले‎.

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पश्चिमी सिंहभूम जिला

पश्चिमी सिंहभूम भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय चाईबासा है। क्षेत्रफल - 5351.41 वर्ग कि.मी.

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पाठक संख्या के अनुसार भारत में समाचार पत्रों की सूची

यह भारतीय पाठक सर्वेक्षण (आई॰आर॰एस॰) पर आधारित पाठक संख्या के अनुसार भारत में समाचार पत्रों की एक सूची है। .

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पाण्डे गणपत राय

पाण्डे गणपत राय झारखंड के दूसरे जमींदार थे जो 1857 के क्रांति के नेता बने। वे नागवंशी राजा के भूतपूर्व दीवान थे। इस क्रांति में वे इस क्षेत्र के मुख्य सेना नायक बने और लगातार अपने गुरिल्ला युद्ध से अंग्रेजी सेना और सेनानायकों को परेशान करते रहे। उनका जन्म पुतिया गाँव के एक कायस्थ परिवार में 17 फ़रवरी सन् 1809 ई० में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री राम कृष्ण राय था। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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पारसमणिनाथ मंदिर

पारसमणिनाथ मंदिर (हिन्दी:पारसमणिनाथ मंदिर) के रूप में भी जाना जाता है। यह एक प्रसिद्ध शिव के लिए समर्पित हिंदू मंदिर है जो रहुआ-संग्राम गांव के उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है। जो बिहार के मधुबनी जिला अंतर्गत मधेपुर प्रखण्ड कार्यालय से छह किलोमीटर की दूरी पर है। शिव प्राथमिक देवता है। एक बड़ी शिव प्रतिमा को स्थापित किया गया है जो वहाँ में सबसे ऊंची है बिहार और झारखंड में है। एक प्रमुख त्योहारों के मंदिर में महा शिवरात्रि पर जो दिन लगभग 20,000 श्रद्धालुओं यहाँ जाएँ.

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पार्श्वनाथ

भगवान पार्श्वनाथ जैन धर्म के तेइसवें (23वें) तीर्थंकर हैं। जैन ग्रंथों के अनुसार वर्तमान में काल चक्र का अवरोही भाग, अवसर्पिणी गतिशील है और इसके चौथे युग में २४ तीर्थंकरों का जन्म हुआ था। .

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पालामऊ व्याघ्र आरक्षित वन

पलामू व्याघ्र आरक्षित वन झारखंड के छोटा नागपुर पठार के लातेहर जिले में स्थित है। यह १९७४ में बाघ परियोजना के अंतर्गत गठित प्रथम ९ बाघ आरक्षों में से एक है। पलामू व्याघ्र आरक्ष १,०२६ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें पलामू वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्रफल 980 वर्ग किलोमीटर है। अभयारण्य के कोर क्षेत्र 226 वर्ग किलोमीटर को बेतला राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया है। पलामू आरक्ष के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं बाघ, हाथी, तेंदुआ, गौर, सांभर और चीतल। पलामू ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सन १८५७ की क्रांति में पलामू ने अहम भूमिका निभाई थी। चेरो राजाओं द्वारा निर्मित दो किलों के खंडहर पलामू व्याघ्र आरक्ष में विद्यमान हैं। पलामू में कई प्रकार के वन पाए जाते हैं, जैसे शुष्क मिश्रित वन, साल के वन और बांस के झुरमुट, जिनमें सैकड़ों वन्य जीव रहते हैं। पलामू के वन तीन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करते हैं। ये नदियां हैं उत्तर कोयल औरंगा और बूढ़ा। २०० से अधिक गांव पलामू व्याघ्र आरक्ष पर आर्थिक दृष्टि से निर्भर हैं। इन गांवों की मुख्य आबादी जनजातीय है। इन गांवों में लगभग १,००,००० लोग रहते हैं। पलामू के खूबसूरत वन, घाटियां और पहाड़ियां तथा वहां के शानदार जीव-जंतु बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। .

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पांकी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

पांकी भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पलामू ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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पाकुड़

पाकुड़ झारखंड प्रान्त का एक जिला है। श्रेणी:झारखंड के शहर श्रेणी:झारखंड.

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पाकुड़ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

पाकुड़ भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पाकुड़ ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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पाकुड़ जिला

पाकुड़ भारत के झारखंड प्रदेश का एक जिला है। जिले का मुख्यालय पाकुड़ है। इसका पश्चिमी भाग पहाड़ी है जिसमें कुछ कृषि योग्य घाटियाँ भी हैं, किंतु अधिकांश भाग चट्टानी एवं अनुपजाऊ है। पूर्वी भाग चौड़ा एवं जलोढ़ मिट्टी से युक्त है और यहाँ पर धान अधिक उगाया जाता है। इस जिले में जनसंख्या का घनत्व काफी अधिक है। क्षेत्रफल - 696.21 वर्ग कि॰मी॰ जनसंख्या - 7,00,032 (2001 जनगणना) साक्षरता - एस॰टी॰डी॰ कोड - जिलाधिकारी - (सितम्बर 2006 में) समुद्र तल से उचाई - अक्षांश - 23o 40' - 25o18' उत्तर देशांतर - 86o 25' - 87o 57' पूर्व औसत वर्षा - मि॰मी॰ .

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पंच घाघ जलप्रपात

पंच घाघ जलप्रपात झारखंड मे स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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पंचेत

पंचेत भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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पंजाब रेजिमेंट

पंजाब रेजीमेण्ट भारतीय सेना का एक सैन्य-दल है। श्रेणी:भारतीय सेना श्रेणी:भारतीय सेना के सैन्य-दल श्रेणी:भारतीय सेना की रेजिमेंट.

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पंकज झा

पंकज झा भारतीय कवि एवं गायक हैं। आपने कई हिन्दी गीतों को संस्कृत में गाया है। ‘धीरे-धीरे से मेरी ज़िंदगी में आना...’ का संस्कृत वर्जन ‘शनै: शनै: मम हृदये आगच्छ' के गायक पंकज संस्कृत विषय के रिसर्च स्कॉलर हैं और उनका ताल्लुक, झारखंड के देवघर से है, यहीं उनकी आरंभिक शिक्षा-दीक्षा हुई। आगे भी आपकी योजना प्रचलित हिन्दी गानों को संस्कृत में गाने की है। .

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पंकज सिंह (राजनेता)

पंकज सिंह भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वर्त्तमान चंदोली जिले (पहले वाराणसी) की चकिया तहसील के एक छोटे से ग्राम भाभोरा के रहने वाले है। पंकज सिंहका जन्म अपने ननिहाल झारखंड के पलामू जिले के डाल्टनगंज में (जन्म: 12 दिसम्बर 1978)को हुआ था। वे भारतीय जनता पार्टी के राजनेता हैं। वर्त्तमान में उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के महासचिव हैं। भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र हैं। .

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पुरुलिया

पुरुलिया (बंगाली: পুরুলিয়া) पश्चिम बंगाल प्रान्त का एक जिला है। जो झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित है। यह "मानभुम सिटी" के रूप में भी जाना जाता है। शहर 1876 में गठित किया गया था। जिला मुख्यालय पुरुलिया है। पुरुलिया जिले के उत्तर में कसाई नदी और एक प्रमुख सड़क और पुरुलिया रेलवे जंक्शन स्थित है। यह 6251 कै वर्ग कि.मी.के क्षेत्र मे फैला हुआ है। यह "चौधरी नृत्य" के लिए प्रसिद्ध है। छऊ नृत्य पुरुलिया का प्रमुख मुखोटा नृत्य है। पुरुलिया मे स्थित एक पुराना चर्च .

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पुरूलिया जिला

पुरूलिया जिला भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल का एक प्रशासकीय जिला है। इसके उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम में झारखंड राज्य के धनबाद एवं हजारीबाग जिले, पश्चिम में बोकारो एवं राँची, दक्षिण में सिंहभूम तथा पूर्व में पश्चिमी बंगाल राज्य का बाँकुड़ा जिला स्थित है। इस जिले का प्रमुख नगर पुरुलिया है। आद्रा, बलरामपुर, रघुनाथपुर, एवं झाल्दा आदि इस जिले के प्रमुख नगर हैं। इसके पूर्वी भाग में जलोढ़ मिट्टी मिलती है तथा यह एक उपजाऊ भाग है। धान की खेती जिले में अधिक की जाती है। यापार में यहाँ चावल का स्थान प्रमुख हैं। श्रेणी:पश्चिम बंगाल के जिले.

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पुस्तक:भारत

;मुख्य लेख;नामोत्पत्ति;इतिहास;सरकार;भारत के राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश;भूगोल्;अर्थव्यवस्था श्रेणी:विकिपीडिया पुस्तकें श्रेणी:विकिपीडिया पुस्तकें (भारत).

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प्यारा केरकेट्टा

खडिया आदिवासी समुदाय से आने वाले प्यारा केरकेट्टा भारतीय समाज और राजनीति में झारखंडी जनता की दावेदारी को बडी शिद्दत के साथ उठाया और उसे स्थापित किया। झारखंड की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिये उन्होंने देशज भाषाओं को पुनर्सृजित और संगठित किया। मातृभाषा में देशज भाषाओं के अध्ययन अध्यापन के लिये पुस्तकें लिखीं और छपवाईं। खडिया भाषा में आधुनिक शिष्ट साहित्य की शुरूआत की। झारखंड की देशज जनता के स्वभिमान और गौरव को स्थापित करने के लिये युवाओं का नेतृत्व करते हुए सांस्कृतिक आंदोलन को संगठित किया। आजादी के पहले और बाद के भारत में झारखंड की उत्पीडित आबादी के समग्र उत्थान के लिये वे हमेशा संघर्षरत रहे। .

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प्रत्युषा बनर्जी

प्रत्युषा बनर्जी एक भारतीय अभिनेत्री थीं जो कलर्स पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक बालिका वधु में आनंदी के किरदार के लिए जानी गई। वो रियलिटी शो झलक दिखला जा सीजन 5 व बिग बॉस सीजन 7 की प्रतिभागी भी रही थीं। इनके अलावा उन्होंने ससुराल सिमर का, हम हैं ना, कॉमेडी क्लासेज, आहट, व सावधान इंडिया आदि कार्यक्रमों में भी योगदान दिया। .

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प्रदीप यादव

प्रदीप यादव भारत के झारखण्ड राज्य की पोड़ैयाहाट सीट से झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवेन्द्रनाथ सिंह को 11158 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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प्रभा साक्षी

प्रभा साक्षी भारत का हिन्दी भाषा का एक समाचार वेबसाइट है। इसके पाठक उत्तरी भारत के राज्यों जैसे बिहार, चण्डीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश आदि के हिदीभाषी हैं। द्वारिकेश इन्फार्मेटिक्स लिमिटेड इसके स्वामी है। .

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प्रमाणसागर

मुनि प्रमाणसागर एक दिगम्बर साधु है। इन्होंने जैन दर्शन पर कई पुस्तकों का लेखन किया है। .

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प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा (जन्म: १८ जुलाई, १९८२) हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं। .

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प्रजनन दर के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची प्रति महिला पर होने बाले बच्चों के आधार पर है। इस अध्ययनानुसार सात भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश, गोआ, तमिल नाडु, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब और सिक्किम अब भारत के जनसंख्या विस्फोट में भागीदार नहीं हैं। वस्तुतः यदि जनसंख्या प्रजनन दर की यही प्रवृत्ति जारी रहती है तो आंध्र प्रदेश, गोआ, तमिल नाडु, हिमाचल प्रदेश और केरल की जनसंख्या में आने वाले दशकों में गिरावट आएगी। रोचक रूप से, दक्षिण भारत के चारों राज्यों, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, केरल और कर्णाटक में जन्म दर निर्णायक २ बहुत कम है कर्णाटक को छोड़कर जहाँ भी यह दर २.१ ही है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आई॰आई॰पी॰एस), मुंबई द्वारा कराया जाता है जो परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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प्रकाश राम

प्रकाश राम भारत के झारखण्ड राज्य की लातेहार सीट से झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ब्रजमोहन राम को 26787 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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प्रेमलता अग्रवाल

प्रेमलता अग्रवाल (जन्म: 1963) एक भारतीय महिला पर्वतारोही हैं, जिन्होने 20 मई, 2011 कों सुबह 9:35 बजे 48 साल की उम्र में 29,029 फुट की ऊंचाई पर पहुँचकर माउंट एवरेस्ट के शिखर कों छूने वाली प्रथम भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया। वहीं 50 वर्ष की उम्र में 23 मई, 2013 को उत्तरी अमेरिका के अलास्का के माउंट मैकेनले को फतह करके उन्होने नई उपलब्धि हासिल की। इस पर्वत शिखर पर चढ़ने वाली वे पहली भारतीय महिला हैं। सातों महाद्वीपों के शिखर पर चढ़ने वाली प्रेमलता एक कुशल गृहिणी हैं। उन्होने ३५ बरस की उम्र के बाद पहली बार पर्वतारोहण से नाता जोड़ा। वर्ष 1984 में लगभग 29 साल की उम्र में एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला का गौरव हासिल करने वाली बछेंद्री पाल भी उनके अभियान की निगरानी कर रही थी। बछेंद्री के प्रोत्साहित किए जाने पर पर्वतारोहण सीखने वाली प्रेमलता अग्रवाल नेपाल की एशियन ट्रेकिंग कंपनी की देख रेख में मार्च के अंत में शुरू हुए इको एवरेस्ट अभियान 2011 के 22 सदस्यीय अंतर्राष्ट्रीय दल का हिस्सा थीं। उन्होंने दार्जिलिंग से पर्वतारोहण की शिक्षा प्राप्त की है। वे झारखंड के जुगसलाई, जमशेदपुर की रहने वाली हैं। इन्हें 2013 मे पद्म श्री दिया गया है। .

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पौलुस सुरीन

पौलुस सुरीन भारत के झारखण्ड राज्य की तोरपा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कोचे मुण्डा को 43 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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पूर्व भारतीय खाना

पूर्व भारत के खान पान में अन्य क्षेत्रों से कुछ अलग ही बात है। वहां के व्यंजन .

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पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor) भारत में भारतीय रेल द्वारा निर्मित होने वाला माल ढुलाई का एक कॉरिडोर है।यह कोरिडोर दो लाइनों का विद्युतीकृत होगा। जगह कम होने के कारण लुधियाना (पंजाब) से खुर्जा (उत्तर प्रदेश) तक यह कोर्रिडोर एक लाइन का होगा। यह माल ढुलाई का भारत का सबसे बड़ा रेल गलियारा (मार्ग)है.

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पूर्वी भारत

पूर्वी भारत, में भारत के पूर्व के क्षेत्र आते हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार एवं झारखंड राज्य शामिल हैं। यहां बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में हिन्दी, बांग्ला, उड़िया, उर्दु तथा मैथिली आती हैं। यहां के बड़े शहरों में कोलकाता, भुवनेश्वर, पटना, कटाक, रांची, राउरकेला हैं। .

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पूर्वी सिंहभूम

पूर्वी सिंहभूम झारखंड प्रान्तका एक जिला है। .

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पूर्वी सिंहभूम जिला

पूर्वी सिंहभूम भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय जमशेदपुर है। क्षेत्रफल - 3,533 वर्ग कि.मी.

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पूर्वी सिंहभूम का मानचित्र

जमशेदपुर झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले का मुख्यालय है।.

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पूर्वी आंचलिक परिषद

जोनल परिषदों का भारत पूर्वी आंचलिक परिषद में एक आंचलिक परिषद। इस परिषद मे छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल शामिल है। .

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पेठा (सब्जी)

पेठा या कुष्माण्ड (अंग्रेज़ी:winter melon; वानस्पतिक नाम: बेनिनकेसा हिस्पिडा (Benincasa hispida)), एक बेल पर लगने वाला फल है, जो सब्जी की तरह खाया जाता है। यह हल्के हरे वर्ण का होता है और बहुत बड़े आकार का हो सकता है। पूरा पकने पर यह सतही बालों को छोड़कर कुछ श्वेत धूल भरी सतह का हो जाता है। इसकी कुछ प्रजातियां १-२ मीटर तक के फल देती हैं। इसकी अधिकांश खेती भारत सहित दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में होती है। इससे भारत में एक मिठाई भी बनती है, जिसे पेठा (मिठाई) ही कहते हैं। कुष्मांड या कूष्मांड का फल पेठा, भतुआ, कोंहड़ा आदि नामों से भी जाना जाता है। इसका लैटिन नाम 'बेनिनकेसा हिस्पिडा' (Benincasa hispida) है। यह लता वार्षिकी, कठिन श्वेत रोमों से आवृत 5-6 इंच व्यास के पत्तों वाली होती है। पुष्प के साथ अंडाकार फल लगते हैं। कच्चा फल हरा, पर पकने पर श्वेत, बृहदाकार होता है। यह वर्षा के प्रारंभ में बोया जाता है। शिशिर में फल पकता है। बीज चिपटे होते हैं। इसके एक भेद को क्षेत्रकुष्मांड, भतुआ या कोंहड़ा कहते हैं, जो कच्ची अवस्था में हरा, पर पकने पर पीला हो जाता है। कुष्मांड खेतों में बोया जाता अथवा छप्पर पर लता के रूप में चढ़ाया जाता है। कुष्मांड भारत में सर्वत्र उपजता है। .

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पेयजल उपलब्धता के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

इस सूची में भारत के राज्य और केन्द्र-शासित प्रदेश पीने योग्य जल की उपलब्धता के आधार पर क्रमबद्ध हैं। यह सूची भारत सरकार द्वारा प्रकाशित 2011 भारत की जनगणना प्रतिवेदन से ली गई है। इस सूची में क्रम-स्थिति प्रतिशत के आधार पर है। इस सूची में पंजाब 97.6% घरों तक पीने योग्य जल की उपलब्धता के साथ सबसे ऊपर है जबकि बिहार 33.5% के साथ सबसे नीचे। राष्ट्रीय औसत 85.5% है। .

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पोटका (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

पोटका भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पूर्वी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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पोड़ैयाहाट (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

पोड़ैयाहाट भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गोड्‌डा ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गोड्डा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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पीठा

पीठा(बंगाली: পিঠে, ओडिया: ପିଠା, बंगाली-असमिया: পিঠা piṭha, संस्कृत: पिष्टा; अपूप) भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी क्षेत्रों से चावल केक का एक प्रकार है, जिसमें बांग्लादेश है औरभारत में आम तौर पर ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर क्षेत्र के पूर्वी राज्य भी शामिल है। पीठा आम तौर पर चावल के आटे से बने होते हैं, हालांकि गेहूं के आटे से भी पीठे बनाये जाते है। .

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फुरकान अंसारी

फुरकान अंसारी कांग्रेस के सांसद हैं, एवं झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। .

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फुसरो

भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। वर्तमान में झारखण्ड राज्य (पूर्व में बिहार राज्य) के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में बोकारो जिला (1 अप्रैल 1991 से, पूर्व में हजारीबाग तत्पश्चात गिरिडीह जिला) के बेरमो अनुमंडल, प्रखंड सह अंचल एवं थाना के अंतर्गत एक छोटा किन्तु तीव्र गति से विकासशील शहर है.

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फूलचंद मंडल

फूलचंद मंडल भारत के झारखण्ड राज्य की सिन्दरी सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे मार्क्सिस्‍ट कोऑर्डिनेशन के उम्मीदवार आनन्द महतो को 6548 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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बड़कागांव (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बड़कागांव भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। हजारीबाग ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बरहैट (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बरहैट भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। साहेबगंज ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बरही (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बरही भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। हजारीबाग ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बरकठा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बरकठा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। हजारीबाग ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र कोडरमा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बरकाकाना

बरकाकाना भारत के झारखंड का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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बहरागोड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बहरागोड़ा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पूर्वी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बादल (झारखण्ड विधायक)

बादल (झारखण्ड विधायक) भारत के झारखण्ड राज्य की जरमुण्डी सीट से इंडियन नेशनल कांग्रेस के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार हरि नारायण राय को 2708 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी (जन्म 11 जनवरी 1958) झारखंड प्रान्त के पहले मुख्यमंत्री थे। इन्होंने 2006 में भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर झारखंड विकास मोर्चा की स्थापना की। ये कोडरमा से लोकसभा सांसद थे। .

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बाल पोषाहार के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

भारत के राज्यों यह सूची बाल पूरक पोषण कार्यक्रम के प्रभावी कवरेज की स्थिति के आधार पर है। इस सूची के आँकड़े योजना आयोग द्वारा प्रकाशित 2011 समेकित बाल विकास सेवा मूल्यांकन रिपोर्ट से लिए गए हैं। .

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बालरंग, भिलाई

बालरंग भिलाई - छत्तीसगढ की बाल नाट्य संस्था बालरंग भिलाई का जन्म १४ नवंबर १९९७ को हुआ। रंग्कर्मी विभा‌ष उपाध्याय द्वारा स्थापित इस बाल नाट्य संस्था ने ४५ से अधिक नाट्य प्रशि़क्षण शिविरों से उपजे लगभग ५० नाटकों के साथ उड़ीसा, दिल्ली, केरल, कोलकाता, शिमला, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित अनेक स्थानों में आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समारोहों में शिरकत की हॅ। बाल नाट्य संस्था बालरंग भिलाई में नाटक लिखने का काम बच्चे (५-१२ वर्ष) ही करते हैं। अभिनय के अलावा बच्चों को कठपुतली व जादू का भी प्रशि़क्षण दिया जाता है, जिससे बच्चे व्यवसायिक कार्यक्रम कर के थियेटर चलाने के अलावा कुछ हद तक पढाई का खर्चा भी निकाल लेते हैं। श्रेणी:नाट्य संस्था.

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बासुडिह

बासुडिह भारत में झारखंड प्रान्त का एक ‎गाँव है। जो जामतारा जिला के अन्तरगत आते हैं। .

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बासुकीनाथ

बासुकीनाथ भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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बाघमारा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बाघमारा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। धनबाद ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गिरिडीह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बागुन सुमब्राई

बागुन सुम्ब्राई कांग्रेस के एक प्रमुख आदिवासी नेता एवं सांसद हैं, तथा झारखंड के सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। श्रेणी:राजनीति श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड.

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बाङ्ला भाषा

बाङ्ला भाषा अथवा बंगाली भाषा (बाङ्ला लिपि में: বাংলা ভাষা / बाङ्ला), बांग्लादेश और भारत के पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी भारत के त्रिपुरा तथा असम राज्यों के कुछ प्रान्तों में बोली जानेवाली एक प्रमुख भाषा है। भाषाई परिवार की दृष्टि से यह हिन्द यूरोपीय भाषा परिवार का सदस्य है। इस परिवार की अन्य प्रमुख भाषाओं में हिन्दी, नेपाली, पंजाबी, गुजराती, असमिया, ओड़िया, मैथिली इत्यादी भाषाएँ हैं। बंगाली बोलने वालों की सँख्या लगभग २३ करोड़ है और यह विश्व की छठी सबसे बड़ी भाषा है। इसके बोलने वाले बांग्लादेश और भारत के अलावा विश्व के बहुत से अन्य देशों में भी फ़ैले हैं। .

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बिद्युत बरन महतो

बिद्युत बरन महतो भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की जमशेदपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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बिदेश सिंह

बिदेश सिंह भारत के झारखण्ड राज्य की पांकी सीट से इंडियन नेशनल कांग्रेस के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे निर्दलीय के उम्मीदवार कुशवाहा शशि भुषण मेहता को 1995 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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बिभूतिभूषण बंधोपाध्याय

बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय (बांग्ला: বিভুতিভূষণ বন্দ্যোপাধ্যায়) बांग्ला के सुप्रसिद्ध लेखक और उपन्यासकार थे। वे अपने महाकाव्य पाथेर पांचाली के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। जिसके ऊपर प्रसिद्ध फ़िल्मकार सत्यजित राय ने एक लोकप्रिय फ़िल्म का निर्माण भी किया था। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार.

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बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा (अंग्रेज़ी: Birla Institute of Technology Mesra; जो बीआईटी मेसरा या बीआईटी राँची के नाम से भी प्रसिद्ध है) झारखंड के राँची में स्थित भारत का अग्रणी स्वायत्त अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी उन्मुख संस्थान है। इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम १९५६ के अनुभाग ३ के तहत एक डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्ज़ा हासिल है। मुख्य परिसर के अतिरिक्त लालपुर (रांची), इलाहाबाद, कोलकाता, नोएडा, जयपुर, चेन्नई, पटना और देवघर में बीआईटी के भारतीय विस्तार पटल हैं। इनके अतिरिक्त बहरीन, मस्कट, संयुक्त अरब अमीरात और मॉरिशस में बीआईटी के अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैं। जून २००५ में एसी निलसन एवं इंडिया टुडे द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार इसे देश के दस श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में शुमार किया गया था। .

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बिरसा मुंडा

बिरसा मुंडा 19वीं सदी के एक प्रमुख आदिवासी जननायक थे। उनके नेतृत्‍व में मुंडा आदिवासियों ने 19वीं सदी के आखिरी वर्षों में मुंडाओं के महान आन्दोलन उलगुलान को अंजाम दिया। बिरसा को मुंडा समाज के लोग भगवान के रूप में पूजते हैं। .

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बिरसा मुंडा विमानक्षेत्र

बिरसा मुंडा विमानक्षेत्र झारखंड स्थित हवाईअड्डा है। इसका प्रबंधन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करती है। यह राँची के हिनू मोहल्ले के समीप स्थित है और शहर के मुख्य स्थानो से लगभग सात (७) किलोमीटर की दूरी पर है। यह भारत का पैंतीसवाँ सबसे व्यस्त विमानक्षेत्र है। इसका नामकरण झारखंड के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के नाम पर किया गया है। .

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बिरसा कृषि विश्वविद्यालय

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय झारखण्ड के राँची में स्थित एक कृषि विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना २६ जून १९८१ को की गयी थी। .

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बिरंची नारायण

बिरंची नारायण भारत के झारखण्ड राज्य की बोकारो सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे निर्दलीय के उम्मीदवार समरेश सिंह को 72643 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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बिशुनपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बिशुनपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गुमला ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बिश्रामपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बिश्रामपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पलामू ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बिष्टुपुर, जमशेदपुर

बिष्टुपुर (बांग्ला: বিস্তুপুর), जमशेदपुर अर्थात टाटा नगर में एक आवासीय तथा वाणिज्यिक क्षेत्र का नाम है, जो झारखण्ड प्रदेश के अन्तर्गत आता है। श्रेणी:जमशेदपुर.

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बिहार

बिहार भारत का एक राज्य है। बिहार की राजधानी पटना है। बिहार के उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखण्ड स्थित है। बिहार नाम का प्रादुर्भाव बौद्ध सन्यासियों के ठहरने के स्थान विहार शब्द से हुआ, जिसे विहार के स्थान पर इसके अपभ्रंश रूप बिहार से संबोधित किया जाता है। यह क्षेत्र गंगा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों में बसा है। प्राचीन काल के विशाल साम्राज्यों का गढ़ रहा यह प्रदेश, वर्तमान में देश की अर्थव्यवस्था के सबसे पिछड़े योगदाताओं में से एक बनकर रह गया है। .

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बिहार में यातायात

यह लेख बिहार राज्य की सार्वजनिक और निजी परिवहन प्रणाली के बारे में है। .

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बिहार का भूगोल

बिहार 21°58'10" ~ 27°31'15" उत्तरी अक्षांश तथा 82°19'50" ~ 88°17'40" पूर्वी देशांतर के बीच स्थित भारतीय राज्य है। मुख्यतः यह एक हिंदी भाषी राज्य है लेकिन उर्दू, मैथिली, भोजपुरी, मगही, बज्जिका, अंगिका तथा एवं संथाली भी बोली जाती है। राज्य का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 92,257.51 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र है। 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार राज्य की जनसंख्या 8,28,78,796 है जिनमें ६ वर्ष से कम आयु का प्रतिशत 19.59% है। 2002 में झारखंड के अलग हो जाने के बाद बिहार का भूभाग मुख्यतः नदियों के बाढमैदान एवं कृषियोग्य समतल भूमि है। गंगा तथा इसकी सहायक नदियों द्वारा लायी गयी मिट्टियों से बिहार का जलोढ मैदान बना है जिसकी औसत ऊँचाई १७३ फीट है। बिहार का उपग्रह द्वारा लिया गया चित्र .

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बज्जिका

बज्जिका मैथिली भाषा की उपभाषा है, जो कि बिहार के तिरहुत प्रमंडल में बोली जाती है। इसे अभी तक भाषा का दर्जा नहीं मिला है, मुख्य रूप से यह बोली ही है| भारत में २००१ की जनगणना के अनुसार इन जिलों के लगभग १ करोड़ १५ लाख लोग बज्जिका बोलते हैं। नेपाल के रौतहट एवं सर्लाही जिला एवं उसके आस-पास के तराई क्षेत्रों में बसने वाले लोग भी बज्जिका बोलते हैं। वर्ष २००१ के जनगणना के अनुसार नेपाल में २,३८,००० लोग बज्जिका बोलते हैं। उत्तर बिहार में बोली जाने वाली दो अन्य भाषाएँ भोजपुरी एवं मैथिली के बीच के क्षेत्रों में बज्जिका सेतु रूप में बोली जाती है। .

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बगोदर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बगोदर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गिरिडीह ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र कोडरमा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बक्सर का युद्ध

बक्सर का युद्ध २२ अक्टूबर १७६४ में बक्सर नगर के आसपास ईस्ट इंडिया कंपनी के हैक्टर मुनरो और मुगल तथा नबाबों की सेनाओं के बीच लड़ा गया था। बंगाल के नबाब मीर कासिम, अवध के नबाब शुजाउद्दौला, तथा मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना अंग्रेज कंपनी से लड़ रही थी। लड़ाई में अंग्रेजों की जीत हुई और इसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा और बांग्लादेश का दीवानी और राजस्व अधिकार अंग्रेज कंपनी के हाथ चला गया। .

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बुधू भगत

बुधु भगत सन् 1831-1832 के झारखण्ड विद्रोह सिली गांव के नायक थे। श्रेणी:आदिवासी श्रेणी:भारतीय (आदिवासी) श्रेणी:झारखंड श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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ब्रिटिश राज

ब्रिटिश राज 1858 और 1947 के बीच भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश द्वारा शासन था। क्षेत्र जो सीधे ब्रिटेन के नियंत्रण में था जिसे आम तौर पर समकालीन उपयोग में "इंडिया" कहा जाता था‌- उसमें वो क्षेत्र शामिल थे जिन पर ब्रिटेन का सीधा प्रशासन था (समकालीन, "ब्रिटिश इंडिया") और वो रियासतें जिन पर व्यक्तिगत शासक राज करते थे पर उन पर ब्रिटिश क्राउन की सर्वोपरिता थी। .

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बैगा (जनजाति)

मध्य प्रदेश के बालाघाट के बैगा जनजाति का एक परिवार बैगा युवतियाँ बैगा, भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं झारखण्ड प्रदेशों में पायी जाने वाली जनजाति है। मध्य प्रदेश के मंडला डिंडोरी तथा बालाघाट जिलों में बैगा लोग बहुत बड़ी संख्या में रहते हैं। बिझवार, नरोतिया, भरोतिया, नाहर, राय भैना और काढ़ भैना इनकी कुछ उपजातियाँ हैं। सन् १९८१ की जनगणना के अनुसार उनकी संख्या 248,949 थी। .

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बूढ़ाघाघ जलप्रपात

बूढ़ाघाघ जलप्रपात झारखंड मे स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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बेड़िया

बेड़िया जाति बिहार, मध्य प्रदेश और झारखण्ड में पायी जाती है। .

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बेतला राष्ट्रीय उद्यान

बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड प्रान्त के लातेहार और पलामू जिला के जंगलो में विस्तृत है। श्रेणी:राष्ट्रीय उद्यान, भारत श्रेणी:भारत के अभयारण्य श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय उद्यान.

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बेरमो

बेरमो भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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बेरमो (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बेरमो भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। बोकारो ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गिरिडीह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बोरियो (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बोरियो भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। साहेबगंज ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बोकारो

बोकारो झारखंड राज्य का एक जिला है। यह शहर अपने सरकारी क्षेत्र के इस्पात उद्योग के लिये प्रसिद्ध है तथा "स्टील सिटी" के नाम से जाना जाता है। बोकारो छोटानागपुर पठार में स्थित है। .

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बोकारो (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

बोकारो भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। बोकारो ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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बोकारो जिला

बोकारो भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय बोकारो है। क्षेत्रफल - 2,861 वर्ग कि.मी.

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बोकारो विमानक्षेत्र

बोकारो विमानक्षेत्र एक निजी विमानक्षेत्र है। यह झारखंड राज्य के बोकारो शहर में स्थित है। फिलहाल यहाँ कोई विमान सेवा नहीं है परंतु 2010 में एअर डेक्कन ने बोकारो-कोलकाता विमान सेवा शुरू करने की कोशिश कि मगर सेवाएँ शुरू नहीं हुई।.

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बोकारो इस्पात संयंत्र

बोकारो स्टील प्लांट का मुख्यद्वार बोकारो स्टील प्लांट भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का इस्पात संयत्र है जो सोवियत संघ के सहयोग से बना था। यह झारखण्ड के बोकारो में स्थित है। यह संयंत्र भारत के प्रथम स्वदेशी इस्पात संयंत्र के रूप में जाना जाता है। सन् १९६४ में यह एक लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित किया गया। बाद में इसे भारत सरकार के स्टील अथारिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड के साथ मिला दिया गया। पहले इसे 'बोकारो स्टील लिनिटेड' (बीएसएल) के नाम से जाना जाता था। इसकी पहली ब्लास्ट फरनेस २ अक्टूबर १९७२ को आरम्भ हुई थी। सम्प्रति इसमें ५ ब्लास्ट फरनेस हैं जो ४.५ मेट्रिक टन द्रव इस्पात बनाने की क्षमता रखते हैं। इस संयंत्र का वृहद आधुनीकीकरण किया जा रहा है जिसके पूर्ण होने पर इसकी क्षमता १० टन के ऊपर पहुँच जायेगी। .

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भानु प्रताप शाही

भानु प्रताप शाही भारत के झारखण्ड राज्य की भवनाथपुर सीट से नवजवान संघर्ष मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अनन्त प्रताप देव को 2661 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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भारत

भारत (आधिकारिक नाम: भारत गणराज्य, Republic of India) दक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत, भौगोलिक दृष्टि से विश्व में सातवाँ सबसे बड़ा और जनसंख्या के दृष्टिकोण से दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर की भौतिक सीमा हिमालय पर्वत से और दक्षिण में हिन्द महासागर से लगी हुई है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी है तथा पश्चिम में अरब सागर हैं। प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता, व्यापार मार्गों और बड़े-बड़े साम्राज्यों का विकास-स्थान रहे भारतीय उपमहाद्वीप को इसके सांस्कृतिक और आर्थिक सफलता के लंबे इतिहास के लिये जाना जाता रहा है। चार प्रमुख संप्रदायों: हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों का यहां उदय हुआ, पारसी, यहूदी, ईसाई, और मुस्लिम धर्म प्रथम सहस्राब्दी में यहां पहुचे और यहां की विविध संस्कृति को नया रूप दिया। क्रमिक विजयों के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी ने १८वीं और १९वीं सदी में भारत के ज़्यादतर हिस्सों को अपने राज्य में मिला लिया। १८५७ के विफल विद्रोह के बाद भारत के प्रशासन का भार ब्रिटिश सरकार ने अपने ऊपर ले लिया। ब्रिटिश भारत के रूप में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख अंग भारत ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक लम्बे और मुख्य रूप से अहिंसक स्वतन्त्रता संग्राम के बाद १५ अगस्त १९४७ को आज़ादी पाई। १९५० में लागू हुए नये संविधान में इसे सार्वजनिक वयस्क मताधिकार के आधार पर स्थापित संवैधानिक लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित कर दिया गया और युनाईटेड किंगडम की तर्ज़ पर वेस्टमिंस्टर शैली की संसदीय सरकार स्थापित की गयी। एक संघीय राष्ट्र, भारत को २९ राज्यों और ७ संघ शासित प्रदेशों में गठित किया गया है। लम्बे समय तक समाजवादी आर्थिक नीतियों का पालन करने के बाद 1991 के पश्चात् भारत ने उदारीकरण और वैश्वीकरण की नयी नीतियों के आधार पर सार्थक आर्थिक और सामाजिक प्रगति की है। ३३ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ भारत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था क्रय शक्ति समता के आधार पर विश्व की तीसरी और मानक मूल्यों के आधार पर विश्व की दसवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था है। १९९१ के बाज़ार-आधारित सुधारों के बाद भारत विश्व की सबसे तेज़ विकसित होती बड़ी अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक हो गया है और इसे एक नव-औद्योगिकृत राष्ट्र माना जाता है। परंतु भारत के सामने अभी भी गरीबी, भ्रष्टाचार, कुपोषण, अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य-सेवा और आतंकवाद की चुनौतियां हैं। आज भारत एक विविध, बहुभाषी, और बहु-जातीय समाज है और भारतीय सेना एक क्षेत्रीय शक्ति है। .

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भारत में दशलक्ष-अधिक शहरी संकुलनों की सूची

भारत दक्षिण एशिया में एक देश है। भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार, वह सातवाँ सबसे बड़ा देश है, और १.२ अरब से अधिक लोगों के साथ, वह दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत में उनतीस राज्य और सात संघ राज्यक्षेत्र हैं। वह विश्व की जनसंख्या के १७.५ प्रतिशत का घर हैं। .

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भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की राजमार्ग संख्या अनुसार सूची

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची इस प्रकार से है। इसे राज्य, राजमार्ग संख्या, कुल लंबाई इत्यादि किसी भी क्रम से चुना व छांटा जा सकता है। .

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भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची

शिकोहाबाद तहसील के ग्राम नगला भाट में श्री मुकुट सिंह यादव जो ग्राम पंचायत रूपसपुर से प्रधान भी रहे हैं उनके तीन पुत्र हैं गजेंद्र यादव नगेन्द्र यादव पुष्पेंद्र यादव प्रधान जी का जन्म सन १९५० में हुआ था उन्होंने अपना सारा जीवन ग़रीबों के लिए क़ुर्बान कर दिया था और वो ५ भाईओ में सबसे छोटे थे और अपने परिवार को बाँधे रखा ११ मार्च २०१५ को उनका देहावसान हो गया ! वो आज भी हमारे दिलों में ज़िंदा हैं इस लेख में भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची है। भारत में रेलवे स्टेशनों की कुल संख्या 7,000 और 8,500 के बीच अनुमानित है। भारतीय रेलवे एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने के साथ दुनिया में चौथा सबसे बड़ा नियोक्ता है। सूची तस्वीर गैलरी निम्नानुसार है। .

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भारत में सर्वाधिक जनसंख्या वाले महानगरों की सूची

इस लेख में भारत के सर्वोच्च सौ महानगरीय क्षेत्रों की सूची (२००८ अनुसार) है। इन सौ महानगरों की संयुक्त जनसंख्या राष्ट्र की कुल जनसंख्या का सातवां भाग बनाती है। .

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भारत में संचार

भारतीय दूरसंचार उद्योग दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता दूरसंचार उद्योग है, जिसके पास अगस्त 2010http://www.trai.gov.in/WriteReadData/trai/upload/PressReleases/767/August_Press_release.pdf तक 706.37 मिलियन टेलीफोन (लैंडलाइन्स और मोबाइल) ग्राहक तथा 670.60 मिलियन मोबाइल फोन कनेक्शन्स हैं। वायरलेस कनेक्शन्स की संख्या के आधार पर यह दूरसंचार नेटवर्क मुहैया करने वाले देशों में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारतीय मोबाइल ग्राहक आधार आकार में कारक के रूप में एक सौ से अधिक बढ़ी है, 2001 में देश में ग्राहकों की संख्या लगभग 5 मिलियन थी, जो अगस्त 2010 में बढ़कर 670.60 मिलियन हो गयी है। चूंकि दूरसंचार उद्योग दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2013 तक भारत में 1.159 बिलियन मोबाइल उपभोक्ता हो जायेंगे.

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भारत में हिन्दू धर्म

हिन्दू धर्म भारत का सबसे बड़ा और मूल धार्मिक समूह है और भारत की 79.8% जनसंख्या (96.8 करोड़) इस धर्म की अनुयाई है। भारत में वैदिक संस्कृति का उद्गम २००० से १५०० ईसा पूर्व में हुआ था। जिसके फलस्वरूप हिन्दू धर्म को, वैदिक धर्म का क्रमानुयायी माना जाता है, जिसका भारतीय इतिहास पर गहन प्रभाव रहा है। स्वयं इण्डिया नाम भी यूनानी के Ἰνδία (इण्डस) से निकला है, जो स्वयं भी प्राचीन फ़ारसी शब्द हिन्दू से निकला, जो संस्कृत से सिन्धु से निकला, जो इस क्षेत्र में बहने वाली सिन्धु नदी के लिए प्रयुक्त किया गया था। भारत का एक अन्य प्रचलित नाम हिन्दुस्तान है, अर्थात "हिन्दुओं की भूमि"। .

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भारत में जैन धर्म

भारत में जैन धर्म छटा सबसे बड़ा धर्म है और पूरे देश भर में प्रचलित है। भारत की 1.028 अरब जनसंख्या में 4,200,000 लोग जैन धर्म के अनुयायी हैं, यद्यपि जैन धर्म का प्रसार बहुत दूर तक है जो जनसंख्या से कहीं अधिक है। भारत के केन्द्र शासित प्रदेशों एवं सभी राज्यों में से ३५ में से ३४ में जैन लोग हैं, केवल लक्षद्वीप एक मात्र केन्द्र शासित प्रदेश है जिसमें जैन धर्म नहीं है। झारखण्ड जैसे छोटे राज्य में भी 16,301 जैन धर्मावलम्बी हैं और वहाँ पर शिखरजी का पवित्र तीर्थस्थल है। भारत की एक जनजाति सराक .

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भारत में विमानक्षेत्रों की सूची

यह सूची भारत के विमानक्षेत्रों की है। भारत में विमानक्षेत्रों और बंदरगाहों को दर्शाता हुआ मानचित्र .

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भारत में विश्वविद्यालयों की सूची

यहाँ भारत में विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है। भारत में सार्वजनिक और निजी, दोनों विश्वविद्यालय हैं जिनमें से कई भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा समर्थित हैं। इनके अलावा निजी विश्वविद्यालय भी मौजूद हैं, जो विभिन्न निकायों और समितियों द्वारा समर्थित हैं। शीर्ष दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालयों के तहत सूचीबद्ध विश्वविद्यालयों में से अधिकांश भारत में स्थित हैं। .

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भारत में इस्लाम

भारतीय गणतंत्र में हिन्दू धर्म के बाद इस्लाम दूसरा सर्वाधिक प्रचलित धर्म है, जो देश की जनसंख्या का 14.2% है (2011 की जनगणना के अनुसार 17.2 करोड़)। भारत में इस्लाम का आगमन करीब 7वीं शताब्दी में अरब के व्यापारियों के आने से हुआ था (629 ईसवी सन्‌) और तब से यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक अभिन्न अंग बन गया है। वर्षों से, सम्पूर्ण भारत में हिन्दू और मुस्लिम संस्कृतियों का एक अद्भुत मिलन होता आया है और भारत के आर्थिक उदय और सांस्कृतिक प्रभुत्व में मुसलमानों ने महती भूमिका निभाई है। हालांकि कुछ इतिहासकार ये दावा करते हैं कि मुसलमानों के शासनकाल में हिंदुओं पर क्रूरता किए गए। मंदिरों को तोड़ा गया। जबरन धर्मपरिवर्तन करा कर मुसलमान बनाया गया। ऐसा भी कहा जाता है कि एक मुसलमान शासक टीपू शुल्तान खुद ये दावा करता था कि उसने चार लाख हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाया था। न्यूयॉर्क टाइम्स, प्रकाशित: 11 दिसम्बर 1992 विश्व में भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां सरकार हज यात्रा के लिए विमान के किराया में सब्सिडी देती थी और २००७ के अनुसार प्रति यात्री 47454 खर्च करती थी। हालांकि 2018 से रियायत हटा ली गयी है। .

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भारत में कोयला-खनन

भारत में कोयले का उत्पादन भारत में कोयले के खनन का इतिहास बहुत पुराना है। ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने १७७४ में दामोदर नदी के पश्चिमी किनारे पर रानीगंज में कोयले का वाणिज्यिक खनन आरम्भ किया। इसके बाद लगभग एक शताब्दी तक खनन का कार्य अपेक्षाकृत धीमी गति से चलता रहा क्योंकि कोयले की मांग बहुत कम थी। किन्तु १८५३ में भाप से चलने वाली गाड़ियों के आरम्भ होने से कोयले की मांग बढ़ गयी और खनन को प्रोत्साहन मिला। इसके बाद कोयले का उत्पादन लगभग १ मिलियन मेट्रिक टन प्रति वर्ष हो गया। १९वीं शताब्दी के अन्त तक भारत में उत्पादन 6.12 मिलियन टन वार्षिक हो गया। और १९२० तक १८ मिलियन मेट्रिक टन वार्षिक। प्रथम विश्वयुद्ध के समय उत्पादन में सहसा वृद्धि हुई किन्तु १९३० के आरम्भिक दशक में फिर से उत्पादन में कमी आ गयी। १९४२ तक उत्पादन २९ मिलियन मेट्रिक टन प्रतिवर्ष तथा १९४६ तक ३० मिलियन मेट्रिक टन हो गया। .

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भारत यायावर

भारत यायावर (१९५४) हिन्दी के जाने माने साहित्यकार हैं। उनका जन्म आधुनिक झारखंड के हजारीबाग जिले में हुआ। सुरु से ही गरीबी में पले बढे भारत ने विलक्षण प्रतिभा पायी थी I चार भाई और दो बहनो के बिच भारत अपनी बड़ी बहन के सबसे करीब थे I इनका बड़ी बहन के प्रति सम्मान इनकी कविता मेरा झोला में दिखाई देता है I भारत का अपने आस पास के लोगो से भी बड़ा लगाव था, इन बातो का जिक्र इन्होने अपनी कविता पड़ियायिन मामा और लंगड़ू पांडे कडरू के बच्चा हुर्रे में  किया हैI झेलते हुए (१९८०) और मैं यहाँ हूँ (१९८६) उनके चर्चित कविता संग्रह हैं। १९८८ में उन्हें नागार्जुन पुरस्कार से अलंकृत किया गया। उन्होंने फणीश्वरनाथ रेणु की खोई हुई और दुर्लभ ८ पुस्तकों का संपादन किया है। .

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भारत का भूगोल

भारत का भूगोल या भारत का भौगोलिक स्वरूप से आशय भारत में भौगोलिक तत्वों के वितरण और इसके प्रतिरूप से है जो लगभग हर दृष्टि से काफ़ी विविधतापूर्ण है। दक्षिण एशिया के तीन प्रायद्वीपों में से मध्यवर्ती प्रायद्वीप पर स्थित यह देश अपने ३२,८७,२६३ वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। साथ ही लगभग १.३ अरब जनसंख्या के साथ यह पूरे विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भी है। भारत की भौगोलिक संरचना में लगभग सभी प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं। एक ओर इसके उत्तर में विशाल हिमालय की पर्वतमालायें हैं तो दूसरी ओर और दक्षिण में विस्तृत हिंद महासागर, एक ओर ऊँचा-नीचा और कटा-फटा दक्कन का पठार है तो वहीं विशाल और समतल सिन्धु-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान भी, थार के विस्तृत मरुस्थल में जहाँ विविध मरुस्थलीय स्थलरुप पाए जाते हैं तो दूसरी ओर समुद्र तटीय भाग भी हैं। कर्क रेखा इसके लगभग बीच से गुजरती है और यहाँ लगभग हर प्रकार की जलवायु भी पायी जाती है। मिट्टी, वनस्पति और प्राकृतिक संसाधनो की दृष्टि से भी भारत में काफ़ी भौगोलिक विविधता है। प्राकृतिक विविधता ने यहाँ की नृजातीय विविधता और जनसंख्या के असमान वितरण के साथ मिलकर इसे आर्थिक, सामजिक और सांस्कृतिक विविधता प्रदान की है। इन सबके बावजूद यहाँ की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक एकता इसे एक राष्ट्र के रूप में परिभाषित करती है। हिमालय द्वारा उत्तर में सुरक्षित और लगभग ७ हज़ार किलोमीटर लम्बी समुद्री सीमा के साथ हिन्द महासागर के उत्तरी शीर्ष पर स्थित भारत का भू-राजनैतिक महत्व भी बहुत बढ़ जाता है और इसे एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करता है। .

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भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण

भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण, जिसे मीडिया में छोटे रूप में नोटबंदी कहा गया, की घोषणा 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे (आईएसटी) भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक राष्ट्र को किये गए संबोधन के द्वारा की गयी। यह संबोधन टीवी के द्वारा किया गया। इस घोषणा में 8 नवम्बर की आधी रात से देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का ऐलान किया गया। इसका उद्देश्य केवल काले धन पर नियंत्रण ही नहीं बल्कि जाली नोटों से छुटकारा पाना भी था। - नवभारत टाइम्स - 9 नवम्बर 2016 .

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भारत के निजी विश्वविद्यालयों की सूची

भारत में उच्च शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार के विश्वविद्यालय सम्मिलित हैं। सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को भारत के केन्द्रीय सरकार तथा राज्य सरकारों से सहायता मिलती है जबकि निजी विश्वविद्यालय विभिन्न निजी संस्थाओं एवं सोसायटी के द्वारा संचालित होते हैं। भारत में विश्वविद्यालयों की मान्यता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग देता है। .

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भारत के प्रथम

यहाँ पर भारत के उन व्यक्तियों, समूहों और संस्थाओं का संकलन है जो किसी श्रेणी में प्रथम हैं/थे।.

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भारत के प्रशासनिक विभाग

प्रशासनिक दृष्टि से भारत राज्यों या प्रान्तों में विभक्त है; राज्य, जनपदों (या जिलों) में विभक्त हैं, जिले तहसील (तालुक या मण्डल) में विभक्त हैं। यह विभाजन और नीचे तक गया है। .

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भारत के प्रस्तावित राज्य तथा क्षेत्र

भारत के प्रस्तावित राज्य तथा क्षेत्र भारत में नए राज्यों और क्षेत्रों के निर्माण का अधिकार पूरी तरह से भारत की संसद के लिए आरक्षित है। संसद नए राज्यों की घोषणा करके, किसी मौजूदा राज्य से एक क्षेत्र को अलग करके, या दो या दो से अधिक राज्यों या उसके हिस्सों में विलय करके ऐसा कर सकती है। मौजूदा उनत्तीस राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा समय के साथ भारत में कई नए राज्यों और क्षेत्रों को स्थापित करने का प्रस्ताव रखा जाता रहा है। .

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भारत के बाघ संरक्षित क्षेत्र

भारत के बाघ संरक्षित क्षेत्र भारत में वह क्षेत्र हैं जिनको प्रोजेक्ट टाइगर के तहत अधिसूचना द्वारा संरक्षित किया गया है। इनकी संख्या अभी तक ३९ है। .

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भारत के भाषाई परिवार

वृहद भारत के भाषा परिवार भारत में विश्व के सबसे चार प्रमुख भाषा परिवारों की भाषाएँ बोली जाती है। सामान्यत: उत्तर भारत में बोली जाने वाली भारोपीय परि वार की भाषाओं को आर्य भाषा समूह, दक्षिण की भाषाओं को द्रविड़ भाषा समूह, ऑस्ट्रो-एशियाटिक परिवार की भाषाओं को भुंडारी भाषा समूह तथा पूर्वोत्तर में रहने वाले तिब्बती-बर्मी, नृजातीय भाषाओं को चीनी-तिब्बती (नाग भाषा समूह) के रूप में जाना जाता है। .

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भारत के मानित विश्वविद्यालय

भारत में उच्च शिक्षा संस्थान निजी व सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में हैं। सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को सरकार (केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा) द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त होती है जबकि निजी विश्वविद्यालय विभिन्न संस्थाओं या समितियों द्वारा संचालित होते हैं। .

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भारत के राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की सूची

भारत में, राष्ट्रीय महत्व के स्मारक, भारत में स्थित वे ऐतिहासिक, प्राचीन अथवा पुरातात्विक संरचनाएँ, स्थल या स्थान हैं, जोकि, प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 किए अधीन, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से भारत की संघीय सरकार या राज्य सरकारों द्वारा संरक्षिक होती हैं। ऐसे स्मारकों को "राष्ट्रीय महत्व का स्मारक" होने के मापदंड, प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 द्वारा परिभाषित किये गए हैं। ऐसे स्मारकों को इस अधिनियम के मापदंडों पर खरा उतरने पर, एक वैधिक प्रक्रिया के तहत पहले "राष्ट्रीय महत्व" का घोषित किया जाता है, और फिर भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के संसाक्षणाधीन कर दिया जाता है, ताकि उनकी ऐतिहासिक महत्व क्व मद्देनज़र, उनकी उचित देखभाल की जा सके। वर्त्तमान समय में, राष्ट्रीय महत्व के कुल 3650 से अधिक प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष देश भर में विद्यमान हैं। ये स्मारक विभिन्न अवधियों से संबंधित है जो प्रागैतिहासिक अवधि से उपनिवेशी काल तक के हैं, जोकि विभिन्न भूगोलीय स्थितियों में स्थित हैं। इनमें मंदिर, मस्जिद, मकबरे, चर्च, कब्रिस्तान, किले, महल, सीढ़ीदार, कुएं, शैलकृत गुफाएं, दीर्घकालिक वास्तुकला तथा साथ ही प्राचीन टीले तथा प्राचीन आवास के अवशेषों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थल शामिल हैं। इन स्मारकों तथा स्थलों का रखरखाव तथा परिरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विभिन्न मंडलों द्वारा किया जाता है जो पूरे देश में फैले हुए हैं। .

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भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - संख्या अनुसार

भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची (संख्या के क्रम में) भारत के राजमार्गो की एक सूची है। .

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भारत के राष्ट्रीय उद्यान

नीचे दी गयी सूची भारत के राष्ट्रीय उद्यानों की है। 1936 में भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान था- हेली नेशनल पार्क, जिसे अब जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के रूप में जाना जाता है। १९७० तक भारत में केवल ५ राष्ट्रीय उद्यान थे। १९८० के दशक में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और प्रोजेक्ट टाइगर योजना के अलावा वन्य जीवों की सुरक्षार्थ कई अन्य वैधानिक प्रावधान लागू हुए.

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भारत के राजनीतिक दलों की सूची

भारत में बहुदलीय प्रणाली बहु-दलीय पार्टी व्यवस्था है जिसमें छोटे क्षेत्रीय दल अधिक प्रबल हैं। राष्ट्रीय पार्टियां वे हैं जो चार या अधिक राज्यों में मान्यता प्राप्त हैं। उन्हें यह अधिकार भारत के चुनाव आयोग द्वारा दिया जाता है, जो विभिन्न राज्यों में समय समय पर चुनाव परिणामों की समीक्षा करता है। इस मान्यता की सहायता से राजनीतिक दल कुछ पहचानों पर अपनी स्थिति की अगली समीक्षा तक विशिष्ट स्वामित्व का दावा कर सकते हैं जैसे की पार्टी चिन्ह.

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भारत के राज्य (सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार)

यह भारत के राज्यों और संघ शासित क्षेत्र की वित्तीय वर्ष 2010 मे सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार एक सूची है। .

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भारत के राज्य (कर राजस्व के अनुसार)

यह भारत के राज्यों की उनकी कर राजस्व के अनुसार सूचि है। यह तेरहवें वित्त आयोग द्वारा किया गया है। श्रेणी:भारत के राज्य.

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भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश

भारत राज्यों का एक संघ है। इसमें उन्तीस राज्य और सात केन्द्र शासित प्रदेश हैं। ये राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश पुनः जिलों और अन्य क्षेत्रों में बांटे गए हैं।.

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भारत के राज्य और संघ क्षेत्र और उनके दो वर्ण वाले कोड

यह सूची भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों के संक्षिप्त नामानुसार (रोमन में) है। .

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भारत के राज्यकीय पुष्पों की सूची

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भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की राजधानियाँ

यह सूची भारत के राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों की राजधानियों की है। भारत में कुल 29 राज्य और 7 केन्द्र-शासित प्रदेश हैं। सभी राज्यों और दो केन्द्र-शासित प्रदेशों, दिल्ली और पौण्डिचेरी, में चुनी हुई सरकारें और विधानसभाएँ होती हैं, जो वॅस्टमिन्स्टर प्रतिमान पर आधारित हैं। अन्य पाँच केन्द्र-शासित प्रदेशों पर देश की केन्द्र सरकार का शासन होता है। 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अन्तर्गत राज्यों का निर्माण भाषाई आधार पर किया गया था, और तबसे यह व्यवस्था लगभग अपरिवर्तित रही है। प्रत्येक राज्य और केन्द्र-शासित प्रदेश प्रशासनिक इकाईयों में बँटा होता है। नीचे दी गई सूची में राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों की विभिन्न प्रकार की राजधानियाँ सूचीबद्ध हैं। प्रशासनिक राजधानी वह होती है जहाँ कार्यकारी सरकार के कार्यालय स्थित होते हैं, वैधानिक राजधानी वह है जहाँ से राज्य विधानसभा संचालित होती है, और न्यायपालिका राजधानी वह है जहाँ उस राज्य या राज्यक्षेत्र का उच्च न्यायालय स्थित होता है। .

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भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची

भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की स्थापना तिथि अनुसार सूची में भारत के राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश अपनी स्थापना तिथि के साथ दिए गए हैं। .

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भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची जनसंख्या अनुसार

भारत का जनसंख्या घनत्व मानचित्र पर भारत एक संघ है, जो २9 राज्यों एवं सात केन्द्र शासित प्रदेशों से बना है। यहां की २००८ की अनुमानित जनसंख्या 1 अरब 13 करोड़ के साथ भारत विश्व का दूसरा सर्वाधिक जनाकीर्ण देश बन गया है। इससे पहले इस सूछी में बस चीन ही आता है। भारत में विश्व की कुल भूमि का २.४% भाग ही आता है। किंतु इस २.४% भूमि में विश्व की जनसंख्या का १६.९% भाग रहता है। भारत के गांगेय-जमुनी मैदानी क्षेत्रों में विश्व का सबसे बड़ा ऐल्यूवियम बहुल उपत्यका क्षेत्र आता है। यही क्षेत्र विश्व के सबसे घने आवासित क्षेत्रों में से एक है। यहां के दक्खिन पठार के पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्र भी भारत के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आते हैं। पश्चिमी राजस्थान में थार मरुस्थल विश्व का सबसे घनी आबादी वाला मरुस्थल है। हिमालय के साथ साथ उत्तरी और पूर्वोत्तरी राज्यों में शीत-शुष्क मरुस्थल हैं, जिनके साथ उपत्यका घाटियां हैं। इन राज्यों में अदम्य आवासीय स्थितियों के कारण अपेक्षाकृत कम घनत्व है। .

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भारत के शहरों की सूची

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भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची

यह सूचियों भारत के सबसे बड़े शहरों पर है। .

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भारत के सामाजिक-आर्थिक मुद्दे

भारत विश्व का क्षेत्रफल अनुसार सातवाँ सबसे बड़ा और जनसंख्या अनुसार दूसरा सबसे बड़ा एक दक्षिण एशियाई राष्ट्र है। इसकी विकासशील अर्थव्यवस्था वर्तमान समय में विश्व की दस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। 1991 के बड़े आर्थिक सुधारों के पश्चात भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया तथा इसे नव औद्योगीकृत देशों में से एक माना जाता है। आर्थिक सुधारों के पश्चात भी भारत के समक्ष अभी भी कई सामाजिक चुनौतियाँ है जिनमें से प्रमुख सामाजार्थिक मुद्दे हैं: गरीबी, भ्रष्टाचार, नक्सलवाद व आतंकवाद, कुपोषण और अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा। भारत में सामाजार्थिक मुद्दों से सम्बन्धित आँकड़ों का अभिलेख भारत सरकार का सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय रखता है। 1999 में स्थापित इस मंत्रालय का राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय हर वर्ष सामाजार्थिक सर्वेक्षण करता है जो कि दौरों के रूप में किया जाता है। इस सर्वेक्षण में थोड़े बहुत क्षेत्रों को छोड़ कर सम्पूर्ण भारत को शामिल किया जाता है। जिन क्षेत्रों को इस सर्वेक्षण से बहार रखा जाता है उनमें सम्मिलित हैं नागालैंड के वे आंतरिक गाँव जो बस मार्ग से पाँच किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्‍थित हैं व अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के वे गाँव जो पूर्ण रूप से अगम्‍य हैं। .

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भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

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भारत के हवाई अड्डे

यह सूची भारत के हवाई यातायात है। .

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भारत के जल प्रपात

कर्नाटक का जोग प्रपात भारत के जल प्रपातों की राज्यवार सूची .

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भारत के ज़िले

तालुकों में बंटे हैं ज़िला भारतीय राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश का प्रशासनिक हिस्सा होता है। जिले फिर उप-भागों में या सीधे तालुकों में बंटे होते हैं। जिले के अधिकारियों की गिनती में निम्न आते हैं.

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भारत के अभयारण्य

भारत में 500 से अधिक प्राणी अभयारण्य हैं, जिन्हें वन्य जीवन अभयारण्य (IUCN श्रेणी IV सुरक्षित क्षेत्र) कहा जाता है। इनमें से 28 बाघ अभयारण्य बाघ परियोजना द्वारा संचालित हैं, जो बाघ-संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ वन्य अभयारण्यों को पक्षी-अभयारण्य कहा जाता रहा है, (जैसे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान) जब तक कि उन्हें राष्ट्रीय उद्यान का दर्ज़ा नहीं मिल गया। कई राष्ट्रीय उद्यान पहले वन्य जीवन अभयारण्य ही थे। कुछ वन्य जीवन अभयारण्य संरक्षण हेतु राष्ट्रीय महत्व रखते हैं, अपनी कुछ मुख्य प्राणी प्रजातियों के कारण। अतः उन्हें राष्ट्रीय वन्य जीवन अभयारण्य कहा जाता है, जैसे.

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भारत के उच्च न्यायालयों की सूची

भारतीय उच्च न्यायालय भारत के उच्च न्यायालय हैं। भारत में कुल २४ उच्च न्यायालय है जिनका अधिकार क्षेत्र कोई राज्य विशेष या राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के एक समूह होता हैं। उदाहरण के लिए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, पंजाब और हरियाणा राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी अपने अधिकार क्षेत्र में रखता हैं। उच्च न्यायालय भारतीय संविधान के अनुच्छेद २१४, अध्याय ५ भाग ६ के अंतर्गत स्थापित किए गए हैं। न्यायिक प्रणाली के भाग के रूप में, उच्च न्यायालय राज्य विधायिकाओं और अधिकारी के संस्था से स्वतंत्र हैं .

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भारत की संस्कृति

कृष्णा के रूप में नृत्य करते है भारत उपमहाद्वीप की क्षेत्रीय सांस्कृतिक सीमाओं और क्षेत्रों की स्थिरता और ऐतिहासिक स्थायित्व को प्रदर्शित करता हुआ मानचित्र भारत की संस्कृति बहुआयामी है जिसमें भारत का महान इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी और आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई, बौद्ध धर्म एवं स्वर्ण युग की शुरुआत और उसके अस्तगमन के साथ फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन विरासत शामिल हैं। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के रिवाज़, परम्पराओं और विचारों का भी इसमें समावेश है। पिछली पाँच सहस्राब्दियों से अधिक समय से भारत के रीति-रिवाज़, भाषाएँ, प्रथाएँ और परंपराएँ इसके एक-दूसरे से परस्पर संबंधों में महान विविधताओं का एक अद्वितीय उदाहरण देती हैं। भारत कई धार्मिक प्रणालियों, जैसे कि हिन्दू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसे धर्मों का जनक है। इस मिश्रण से भारत में उत्पन्न हुए विभिन्न धर्म और परम्पराओं ने विश्व के अलग-अलग हिस्सों को भी बहुत प्रभावित किया है। .

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भारत की स्वास्थ्य समस्याएँ (2009)

वर्ष 2009 में भारत के लोगों को पोलियो, एचआईवी और मलेरिया जैसी चिरपरिचित बिमारियों के साथ ही स्वाइन फ्लू नामक नई बीमारी का भी सामना करना पडा। इस वर्ष की दस प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएँ निम्नलिखित हैं- .

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भारत २०१०

इन्हें भी देखें 2014 भारत 2014 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 2014 साहित्य संगीत कला 2014 खेल जगत 2014 .

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भारतीय चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक संस्थान

भारतीय चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक संस्थान की स्थापना १९८४ में छात्रों, कामकाज़ी इग्ज़ेक्यटिवों और व्यवसायियों को वित्त और प्रबन्धन में उच्च गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से खोला गया था। यह विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड, त्रिपुरा, सिक्किम, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैण्ड और झारखण्ड राज्यों में क्रमशः विधायिकाओं के अधीन है। राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकारों ने विश्वविद्यालय को अपने राज्यों में इसकी शाखाएँ खोलने के लिए इच्छा पत्र जारी किए हैं। प्रत्येक राज्य का विश्वविद्यालय पृथक और स्वतन्त्र वैध संस्था है। श्रेणी:उत्तराखण्ड के विश्वविद्यालय.

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भारतीय थलसेना

भारतीय थलसेना, सेना की भूमि-आधारित दल की शाखा है और यह भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग है। भारत का राष्ट्रपति, थलसेना का प्रधान सेनापति होता है, और इसकी कमान भारतीय थलसेनाध्यक्ष के हाथों में होती है जो कि चार-सितारा जनरल स्तर के अधिकारी होते हैं। पांच-सितारा रैंक के साथ फील्ड मार्शल की रैंक भारतीय सेना में श्रेष्ठतम सम्मान की औपचारिक स्थिति है, आजतक मात्र दो अधिकारियों को इससे सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना का उद्भव ईस्ट इण्डिया कम्पनी, जो कि ब्रिटिश भारतीय सेना के रूप में परिवर्तित हुई थी, और भारतीय राज्यों की सेना से हुआ, जो स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्रीय सेना के रूप में परिणत हुई। भारतीय सेना की टुकड़ी और रेजिमेंट का विविध इतिहास रहा हैं इसने दुनिया भर में कई लड़ाई और अभियानों में हिस्सा लिया है, तथा आजादी से पहले और बाद में बड़ी संख्या में युद्ध सम्मान अर्जित किये। भारतीय सेना का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद की एकता सुनिश्चित करना, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण और आंतरिक खतरों से बचाव, और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना हैं। यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य गड़बड़ी के दौरान मानवीय बचाव अभियान भी चलाते है, जैसे ऑपरेशन सूर्य आशा, और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए सरकार द्वारा भी सहायता हेतु अनुरोध किया जा सकता है। यह भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के साथ राष्ट्रीय शक्ति का एक प्रमुख अंग है। सेना अब तक पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चार युद्धों तथा चीन के साथ एक युद्ध लड़ चुकी है। सेना द्वारा किए गए अन्य प्रमुख अभियानों में ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन कैक्टस शामिल हैं। संघर्षों के अलावा, सेना ने शांति के समय कई बड़े अभियानों, जैसे ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स और युद्ध-अभ्यास शूरवीर का संचालन किया है। सेना ने कई देशो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में एक सक्रिय प्रतिभागी भी रहा है जिनमे साइप्रस, लेबनान, कांगो, अंगोला, कंबोडिया, वियतनाम, नामीबिया, एल साल्वाडोर, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक और सोमालिया आदि सम्मलित हैं। भारतीय सेना में एक सैन्य-दल (रेजिमेंट) प्रणाली है, लेकिन यह बुनियादी क्षेत्र गठन विभाजन के साथ संचालन और भौगोलिक रूप से सात कमान में विभाजित है। यह एक सर्व-स्वयंसेवी बल है और इसमें देश के सक्रिय रक्षा कर्मियों का 80% से अधिक हिस्सा है। यह 1,200,255 सक्रिय सैनिकों और 909,60 आरक्षित सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना है। सेना ने सैनिको के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसे "फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री सैनिक एक प्रणाली के रूप में" के नाम से जाना जाता है इसके साथ ही यह अपने बख़्तरबंद, तोपखाने और उड्डयन शाखाओं के लिए नए संसाधनों का संग्रह एवं सुधार भी कर रहा है।.

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भारतीय पुलिस सेवा

भारतीय पुलिस सेवा, जिसे आम बोलचाल में भारतीय पुलिस या आईपीएस, के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार के अखिल भारतीय सेवा के एक अंग के रूप में कार्य करता है, जिसके अन्य दो अंग भारतीय प्रशासनिक सेवा या आईएएस और भारतीय वन सेवा या आईएफएस हैं जो ब्रिटिश प्रशासन के अंतर्गत इंपीरियल पुलिस के नाम से जाना जाता था। .

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भारतीय प्रबन्धन संस्थान

भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आई आई एम) भारत के सर्वोत्तम प्रबंधन संस्थान हैं। प्रबन्धन की शिक्षा के अतिरिक्त ये अनुसंधान व सलाह (कांसल्टेंसी) का कार्य भी करते हैं। वर्तमान में ६ भारतीय प्रबन्धन संस्थान हैं जो बंगलुरू, अहमदाबाद, कोलकाता, लखनऊ, इन्दौर तथा कोझीकोड में स्थित हैं। ये प्रबन्धन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा की उपाधि प्रदान करते हैं जो एम बी ए के समतुल्य है। इन संस्थानों में प्रवेश अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली प्रवेश परीक्षा कामन ऐडमिशन टेस्ट (सी ए टी) के आधार पर होता है। यह परीक्षा दुनिया की सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी परिक्षाओं में से है। .

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भारतीय प्रबंध संस्थान, राँची

भारतीय प्रबंध संस्थान, राँची (Indian Institute of Management Ranchi) झारखण्ड के राँची में स्थित एक सार्वजनिक व्यापार विद्यालय (बिजनेस स्कूल) है। इसका उद्घाटन ०६ जुलाई २०१० को किया गया था। .

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भारतीय राज्य पशुओं की सूची

भारत, आधिकारिक भारत गणराज्य एक दक्षिण एशियाई देश है। यह २९ राज्यों और ७ केन्द्र शासित प्रदेशों से मिलकर बना है। सभी भारतीय अपनी स्वयं की सरकार रखते हैं और केन्द्रशासित प्रदेश केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अधिकतर अन्य देशों की तरह भारत में भी राष्ट्रीय प्रतीक पाये जाते हैं। राष्ट्रीय प्रतीकों के अतिरिक्त सभी भारतीय राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश अपनेखुद की राज्य मोहर और प्रतीक रखते हैं जिसमें राज्य पशु, पक्षी, पेड़, फूल आदि शामिल हैं। भारत के सभी राज्य पशुओं की सूची निचे दी गयी है। .

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भारतीय राज्य पक्षियों की सूची

यह सूची भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के आधिकारिक पक्षियों की है: .

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भारतीय राज्यों के राज्यपालों की सूची

भारत गणराज्य में राज्यपाल २९ राज्यों में राज्य प्रमुख का संवैधानिक पद होता है। राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति पाँच वर्ष के लिए करते हैं और वे राष्ट्रपति की मर्जी पर पद पर रहते हैं। राज्यपाल राज्य सरकार का विधित मुखिया होता है जिसकी कार्यकारी कार्रवाई राज्यपाल के नाम पर सम्पन्न होती है। .

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भारतीय राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्रियों की सूची

भारत गणराज्य में उन्तीस राज्यों और दो केन्द्र-शासित प्रदेशों (दिल्ली और पुद्दुचेरी) की प्रत्येक सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री कहलाता है। भारत के संविधान के अनुसार राज्य स्तर पर राज्यपाल क़ानूनन मुखिया होता है लेकिन वास्तव में कार्यकारी प्राधिकारी मुख्यमंत्री ही होता है। राज्य विधान सभा चुनावों के बाद राज्यपाल सामान्यतः सरकार बनाने के लिए बहुमत वाले दल (अथवा गठबंधन) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री को नियुक्त करता है जिसकी कैबिनेट विधानसभा के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार होती है। यदि विधानसभा में विश्वासमत प्राप्त हो तो मुख्यमंत्री का कार्यकाल सामान्यतः अधिकतम पाँच वर्ष का होता है; इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के कार्यकाल की संख्याओं की कोई सीमा नहीं होती। वर्तमान में पदस्थ इकत्तीस में से तीन, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी, जम्मू और कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती और राजस्थान में वसुंधरा राजे महिला हैं। दिसम्बर 1994 से (समय के लिए), सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग सबसे लम्बे समय से पदस्थ मुख्यमंत्री हैं। पंजाब के अमरिन्दर सिंह (जन्म 1942) सबसे वृद्ध मुख्यमंत्री हैं जबकि अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू (जन्म 1979) सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं। भारतीय जनता पार्टी के चौदह पदस्थ, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पाँच पदस्थ तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दो है; इसके अतिरिक्त किसी भी अन्य दल के पदस्थ मुख्यमंत्रियों की संख्या एक से अधिक नहीं है। .

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भारतीय सेना की रेजिमेंट्स की सूची

भारतीय सेना की रेजिमेंट्स: .

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भारतीय जनता पार्टी

भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक हैं, जिसमें दूसरा दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस है। यह राष्ट्रीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।.

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भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्रियों की सूची

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसद सदस्यों की संख्या के आधार पर भारतीय गणराज्य की राजनैतिक प्रणाली का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। 1980 में स्थापित भाजपा, राजनीतिक विचारधारा के स्तर पर, सामान्यतः एक दक्षिणपंथी दल माना जाता है।, वह प्राथमिक सदस्यता की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा दल है।, 17 राज्यों में 42 भाजपा नेता मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हो चुके है, जिनमें से पन्द्रह निवर्तमान हैं। उनतीस राज्यों और दो ​​केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली और पुडुचेरी) में से प्रत्येक का शासनाध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है। भारतीय संविधान के अनुसार, राज्य स्तर पर, राज्यपाल विधिवत् प्रधान होता है, किंतु वस्तुतः कार्यकारी अधिकार मुख्यमंत्री के पास होते हैं। विधानसभा के चुनावों के बाद, राज्यपाल अधिकांशतः सरकार बनाने के लिए विधानसभा सदस्यों की बहुसंख्यता वाले दल (या गठबंधन) को आमंत्रित करता है। राज्यपाल मुख्यमंत्री को नियुक्त करता है जिसका मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति समूह्य-उत्तरदायी होता हैं। अगर उसके पास विधानसभा का विश्वास है तो एक मुख्यमंत्री की अवधि सामान्यतः अधिकतम पांच वर्ष की होती है। 42 भाजपा मुख्यमंत्रियों में से पन्द्रह निवर्तमान है—अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू, असम में सर्बानंद सोनोवाल, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सिंह रावत, गुजरात में विजय रूपाणी, गोवा में मनोहर पर्रीकर, छत्तीसगढ़ में रमन सिंह, झारखंड में रघुवर दास, मणिपुर में एन बीरेन सिँह, मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस, राजस्थान में वसुंधरा राजे, हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर, हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर तथा त्रिपुरा में बिप्लब कुमार देब। भाजपा मुख्यमंत्रियों में से चार महिलाएँ रही हैं—दिल्ली में सुषमा स्वराज, गुजरात में आनंदीबेन पटेल, मध्य प्रदेश में उमा भारती और राजस्थान में वसुंधरा राजे। दिसंबर 2003 से कार्यरत (के लिए), रमन सिंह भाजपा के सबसे लम्बे समय तक सेवारत मुख्यमंत्री है। मुख्यमंत्री के रूप में कर्नाटक के बी॰ एस॰ येदियुरप्पा का पहला कार्यकाल केवल नौ दिनों तक चला, जो भाजपा मुख्यमंत्रियों के बीच में सबसे कम अवधि का कार्यकाल है; तथापि, सभी कार्यकालों के कुल को ध्यान में लेते हुए, सुषमा स्वराज 52 दिन की सबसे कम अवधि के लिए मुख्यमंत्री रहीं। राजस्थान के भैरों सिंह शेखावत भाजपा के पहले मुख्यमंत्री थे। उन्होंने 4 मार्च 1990 को राजस्थान का मुख्यमंत्री का पद संभाला। बहरहाल कुछ भाजपा नेता जनता पार्टी (जपा) के सदस्य होते हुए पहले से ही मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित हो चुके थे; जपा राजनीतिक दलों का एक मिश्रण था जिसमें भाजपा का पूर्ववर्ती भारतीय जनसंघ भी शामिल था। उत्तराखण्ड और गुजरात में भाजपा के पांच मुख्यमंत्री रहे है, जबकि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भाजपा के चार मुख्यमंत्री रहे हैं; कर्नाटक, झारखंड, और दिल्ली में तीन भाजपा मुख्यमंत्री रहे हैं। .

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भारतीय वाहन पंजीकरण पट्ट

भारत के द्वि-वर्ण राज्य कूट भारत में सभी मोटरचालित वाहनों को एक पंजीकरण संख्या (या लाइसेंस नम्बर) दिया जाता है। लाइसेंस पट्ट को नामपट्ट भी कहते हैं। यह संख्या सभी प्रदेशों में जिला स्तर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा दिया जाता है। यह चालन अनुज्ञप्‍ति पट्ट वाहन के आगे और पश्च दिशा में लगाया जाता है। नियमानुसार सभी पट्टियाँ लातिन वर्णों सहित आधुनिक भारतीय अंक प्रणाली में होने चाहिए। .

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भारतीय विधायिकाओं के वर्तमान अध्यक्षों की सूची

भारत गणराज्य में भारतीय विधायिकाओँ का मुखिया अध्यक्ष होता है। .

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भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान

भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान (Indian Institute of Legal Metrology) भारत के झारखण्ड राज्य की राजधानी रांची से ११ किलोमीटर दूर कांके में स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल १७ एकड़ है। भारत में मीट्रिक प्रणाली लागू होने से पहले ही बाट व माप के प्रशिक्षण के लिये एक प्रशिक्षण संस्थान की आवश्यकता समझी गयी, जिसके लिये बिहार व महाराष्ट्र सरकार सबसे पहले आगे आये और अपने प्रवर्तन अधिकारियों को प्रशिशण देना प्रारंभ किया, जिससे देश में मानकों में समानता रहे व उपभोक्ता के अधिकारों का संरक्षण हो सके। इसके बाद १९६२ में बिहार सरकार ने पटना में 'आल इन्डिया ट्रेनिग इन्सटिट्यूट फोर वेटस ऐन्ड मेसर्स' नाम से एक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की, जिसे १ जनवरी १९७० को भारत सरकार द्वारा पूर्ण रूप से अधिग्रहीत कर लिया गया। इस संस्थान को जर्मन सरकार के सलाहकारों की सलाह पर राँची स्थानान्तरित किया गया व इसे इसका वर्तमान नाम दिया गया। .

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भारतीय खनि विद्यापीठ विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय का लोगो भारतीय खनि विद्यापीठ विश्वविद्यालय या इंडियन स्कूल ऑफ़ माइन्स भारत के खनन संबंधी शोध संस्थानों में सबसे प्रमुख है। यह संस्थान नवनिर्मित झारखंड प्रान्त के धनबाद नामक शहर में स्थित है। इसकी स्थापना 1926 में लन्दन के रॉयल स्कूल ऑफ़ माईन्स के तर्ज पर की गई थी। .

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भारतीय आम चुनाव, 2014

भारत में सोलहवीं लोक सभा के लिए आम चुनाव ७ अप्रैल से १२ मई २०१४ तक ९ चरणों में हुए। मतगणना १६ मई को हुई। इसके लिए भारत की सभी संसदीय क्षेत्रों में वोट डाले गये। वर्तमान में पंद्रहवी लोक सभा का कार्यकाल ३१ मई २०१४ को ख़त्म हो रहा है। ये चुनाव अब तक के इतिहास में सबसे लंबा कार्यक्रम वाला चुनाव था। यह पहली बार होगा, जब देश में ९ चरणों में लोकसभा चुनाव हुए। निर्वाचन आयोग के अनुसार ८१.४५ करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सभी नौ चरणों में औसत मतदान ६६.३८% के आसपास रहा जो भारतीय आम चुनाव के इतिहास में सबसे उच्चतम है। चुनाव के परिणाम १६ मई को घोषित किये गये। ३३६ सीटों के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सबसे बड़ा दल और २८२ सीटों के साथ भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने ५९ सीटों पर और कांग्रेस ने ४४ सीटों पर जीत हासिल की।, Election Commission of India बीजेपी ने केवल 31.0% वोट जीते, जो आजादी के बाद से भारत में बहुमत वाली सरकार बनाने के लिए पार्टी का सबसे कम हिस्सा है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का संयुक्त वोट हिस्सा 38.5% था। 1984 के आम चुनाव के बाद बीजेपी और उसके सहयोगियों ने सबसे बड़ी बहुमत वाली सरकार बनाने का अधिकार जीता, और यह चुनाव पहली बार हुआ जब पार्टी ने अन्य पार्टियों के समर्थन के बिना शासन करने के लिए पर्याप्त सीटें जीती हैं। आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की सबसे खराब हार थी। भारत में आधिकारिक विपक्षी दल बनने के लिए, एक पार्टी को लोकसभा में 10% सीटें (54 सीटें) हासिल करनी होंगी; हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस नंबर को हासिल करने में असमर्थ थी। इस तथ्य के कारण, भारत एक आधिकारिक विपक्षी पार्टी के बिना बना हुआ है। .

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भारतीय आम चुनाव, 2014 के लिए चुनाव पूर्व सर्वेक्षण

भारतीय आम चुनाव, 2014 के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा सर्वेक्षण कराए जा रहे हैं जिससे भारत के मतदान के मिजाज़ का पता चलता है। इन्ही चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को इस लेख में शामिल किया जा रहा है। सभी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण जनवरी 2013 से लेकर अब तक के हैं। .

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भारतीय आम चुनाव, २००९

२००९ के भारतीय आम चुनाव विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में पंद्रहवीं लोकसभा के लिए पांच चरणों में (१६ अप्रैल २२/२३ अप्रैल ३० अप्रैल ७ मई और १३ मई २००९) को संपन्न हुए। १६ मई को मतगणना व चुनाव परिणामों की घोषणा हुई। २००९ में लोकसभा के साथ-साथ आंध्रप्रदेश, उड़ीसा और सिक्किम विधानसभा के लिए भी चुनाव कराए गए। १६ मई को मतगणना हुई। शुरूआती रूझानों में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने ढाई सौ से भी ज्यादा बढ़त हासिल कर ली जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी हार मान ली। भारत के संविधान के अनुसार, सामान्य स्थिति में प्रति पांच वर्ष में लोकसभा चुनाव होता है। १४वें लोकसभा का कार्यकाल १ जून २००९ को समाप्त हुआ। भारत में चुनाव चुनाव आयोग संपन्न कराता है। चुनाव आयोग के अनुसार, 2009 के लोकसभा चुनाव में 71.3 करोड़ लोग मतदान के लिए योग्य हैं। यह संख्या २००४ के लोकसभा की अपेक्षा ४ करोड़ ३० लाख ज्यादा है। .

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भारतीय इस्पात प्राधिकरण

भारतीय इस्पात प्राधिकरण (अंग्रेज़ी:स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया लिमिटेड (सेल)) भारत की सर्वाधिक इस्पात उत्पादन करने वाली कम्पनी है। यह पूर्णतः एकीकृत लोहे और इस्पात का सामान तैयार करती है। कम्पनी में घरेलू निर्माण, इंजीनियरी, बिजली, रेलवे, मोटरगाड़ी और सुरक्षा उद्योगों तथा निर्यात बाजार में बिक्री के लिए मूल तथा विशेष, दोनों तरह के इस्पात तैयार किए जाते हैं। यह भारत सरकार की पूर्ण-स्वामित्व प्राधिकरण है। यह व्यापार के हिसाब से देश में सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी १० कम्पनियों में से एक है। सेल अनेक प्रकार के इस्पात के सामान का उत्पादन और उनकी बिक्री करती है। इनमें हॉट तथा कोल्ड रोल्ड शीटें और कॉयल, जस्ता चढ़ी शीट, वैद्युत शीट, संरचनाएँ, रेलवे उत्पाद, प्लेट बार और रॉड, स्टेनलेस स्टील तथा अन्य मिश्र धातु इस्पात शामिल हैं। सेल अपने पांच एकीकृत इस्पात कारखानों और तीन विशेष इस्पात कारखानों में लोहे और इस्पात का उत्पादन करती है। ये कारखाने देश के पूर्वी और केन्द्रीय क्षेत्र में स्थित हैं तथा इनके पास ही कच्चे माल के घरेलू स्रोत उपलब्ध हैं। इन स्रोतों में कंपनी की लौह अयस्क, चूना-पत्थर और डोलोमाइट खानें शामिल हैं। कंपनी को भारत का दूसरा सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक होने का श्रेय भी प्राप्त है। इसके पास देश में दूसरा सबसे बड़ा खानों का जाल है। कम्पनी के पास अपने लौह अयस्क, चूना-पत्थर और डोलोमाइट खानें हैं जो इस्पात निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल हैं। इससे कम्पनी को प्रतियोगिता में लाभ मिल रहा है। सेल का अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार डिवीजन आईएसओ ९००१: २००० से प्रमाणित है। इसका कार्यालय नई दिल्ली में है और यह सेल के पांच एकीकृत इस्पात कारखानों से मृदुल इस्पात उत्पादों तथा कच्चे लोहे का निर्यात करता है। .

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भारतीय क्रिकेट टीम

भारतीय क्रिकेट टीम भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा संचालित भारतीय क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की पूर्णकालिक सदस्य है। भारतीय टीम दो बार क्रिकेट विश्वकप (१९८३ और २०११) अपने नाम कर चुकी है। वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री हैं। .

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भागलपुर

भागलपुर बिहार प्रान्त का एक शहर है। गंगा के तट पर बसा यह एक अत्यंत प्राचीन शहर है। पुराणों में और महाभारत में इस क्षेत्र को अंग प्रदेश का हिस्सा माना गया है। भागलपुर के निकट स्थित चम्पानगर महान पराक्रमी शूरवीर कर्ण की राजधानी मानी जाती रही है। यह बिहार के मैदानी क्षेत्र का आखिरी सिरा और झारखंड और बिहार के कैमूर की पहाड़ी का मिलन स्थल है। भागलपुर सिल्क के व्यापार के लिये विश्वविख्यात रहा है, तसर सिल्क का उत्पादन अभी भी यहां के कई परिवारों के रोजी रोटी का श्रोत है। वर्तमान समय में भागलपुर हिन्दू मुसलमान दंगों और अपराध की वजह से सुर्खियों में रहा है। यहाँ एक हवाई अड्डा भी है जो अभी चालू नहीं है। यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा गया और पटना है। रेल और सड़क मार्ग से भी यह शहर अच्छी तरह जुड़ा है। प्राचीन काल के तीन प्रमुख विश्‍वविद्यालयों यथा तक्षशिला, नालन्‍दा और विक्रमशिला में से एक विश्‍वविद्यालय भागलपुर में ही था जिसे हम विक्रमशिला के नाम से जानते हैं। पुराणों में वर्णित समुद्र मंथन में प्रयुक्‍त मथान अर्थात मंदराचल तथा मथानी में लपेटने के लिए जो रस्‍सा प्रयोग किया गया था वह दोनों ही उपकरण यहाँ विद्यमान हैं और आज इनका नाम तीर्थस्‍थ‍लों के रूप में है ये हैं बासुकीनाथ और मंदार पर्वत। पवित्र् गंगा नदी को जाह्नवी के नाम से भी जाना जाता है। जिस स्‍थान पर गंगा को यह नाम दिया गया उसे अजगैवी नाथ कहा जाता है यह तीर्थ भी भागलपुर में ही है। प्रसिद्ध गाँधीवादी विचारक तथा पूर्व सांसद प्रो.

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भवनाथपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

भवनाथपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गढ़वा ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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भंडरिया

भंडरिया गाँव झारखण्ड के गढवा जिले में एक गाँव और इसी नाम के एक प्रखण्ड (ब्लाक) का मुख्यालय है जो कि गढवा से 70 कि॰मी॰ की दूरी पर है। यह गढवा से दक्षिण-पूर्वी कोने में है। .

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भुवनेश्वर प्रसाद मेहता

भुवनेश्वर मेहता भाकपा के सांसद हैं, एवं झारखंड के हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। साल 2004 के आम चुनाव में मेहता ने भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को शिकस्त दी। एक बार फिर वे यशवंत सिन्हा के साथ मुकाबले में कूदे हैं। श्रेणी:राजनीति श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड.

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भोजपुरी भाषा

भोजपुरी शब्द का निर्माण बिहार का प्राचीन जिला भोजपुर के आधार पर पड़ा। जहाँ के राजा "राजा भोज" ने इस जिले का नामकरण किया था।भाषाई परिवार के स्तर पर भोजपुरी एक आर्य भाषा है और मुख्य रूप से पश्चिम बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा उत्तरी झारखण्ड के क्षेत्र में बोली जाती है। आधिकारिक और व्यवहारिक रूप से भोजपुरी हिन्दी की एक उपभाषा या बोली है। भोजपुरी अपने शब्दावली के लिये मुख्यतः संस्कृत एवं हिन्दी पर निर्भर है कुछ शब्द इसने उर्दू से भी ग्रहण किये हैं। भोजपुरी जानने-समझने वालों का विस्तार विश्व के सभी महाद्वीपों पर है जिसका कारण ब्रिटिश राज के दौरान उत्तर भारत से अंग्रेजों द्वारा ले जाये गये मजदूर हैं जिनके वंशज अब जहाँ उनके पूर्वज गये थे वहीं बस गये हैं। इनमे सूरिनाम, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, फिजी आदि देश प्रमुख है। भारत के जनगणना (2001) आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 3.3 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं। पूरे विश्व में भोजपुरी जानने वालों की संख्या लगभग ४ करोड़ है, हालांकि द टाइम्स ऑफ इंडिया के एक लेख के में ये बताया गया है कि पूरे विश्व में भोजपुरी के वक्ताओं की संख्या १६ करोड़ है, जिसमें बिहार में ८ करोड़ और उत्तर प्रदेश में ७ करोड़ तथा शेष विश्व में १ करोड़ है। उत्तर अमेरिकी भोजपुरी संगठन के अनुसार वक्ताओं की संख्या १८ करोड़ है। वक्ताओं के संख्या के आंकड़ों में ऐसे अंतर का संभावित कारण ये हो सकता है कि जनगणना के समय लोगों द्वारा भोजपुरी को अपनी मातृ भाषा नहीं बताई जाती है। .

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मझगांव (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

मझगांव भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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मधु कोड़ा

मधु कोडा (जन्म 6 जनवरी 1971 पाताहातू, पश्चिमी सिंहभूम) झारखंड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री हैं। उन्हें इस नवनिर्मित राज्य के पांचवें मुख्यमंत्री के रूप में 18 सितंबर 2006 को दि्लाई गयी थी। श्री कोडा के मंत्रिमंडल में आठ मंत्री हैं एवं वे भारत के किसी भी प्रांत में निर्दलीय उम्मीद्वार के रूप में मुख्यमंत्री बनने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। मधु कोडा के राजनैतिक जीवन की शुरुआत आल झारखंड स्टूडेंड यूनियन के एक कार्यकर्ता के रूप में हुई थी बाद में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भी सदस्य बने। 2000 के झारखंड विधानसभा के चुनावों में वे भाजपा उम्मीद्वार के रूप में जगन्नाथपुर विधानसभा सीट से चयनित हुए। बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में वे पंचायती राज मंत्री बने और बाद में वे 2003 में अर्जुन मुंडा की सरकार बनने के बाद भी इसी पद पर काबिज रही। 2005 की विधानसभा चुनावों में उन्हें भाजपा द्वारा उम्मीद्वार बनाने से मना कर दिया गया। इसके बाद वे एक निर्दलीय के रूप में उसी विधान सभा सीट से चुने गये। खंडित जनादेश के कारण वे भाजपा के नेतृत्व में बननेवाली अर्जुन मुंडा की सरकार का उन्होंने बाहर से समर्थन किया और उन्हें खान एवं भूवैज्ञानिक मामलों का मंत्री बनाया गया। सितंबर 2006 में श्री कोडा और अन्य तीन निर्दलीय विधायकों ने श्री मुंडा की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया जिससे सरकार अल्पमत में आ गयी। बाद में विपक्ष संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार कर अपनी सरकार बनायी जिसमें झामुमो, राजद, युनाइटेड गोअन्स डेमोक्रैटिक पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, फारवर्ड ब्लाक, 3 निर्दलीय विधायक शामिल थे। जिसमें कांग्रेस बाहर से समर्थन कर रही है। .

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मधुपुर

मधुपुर भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। .

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मधुपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

मधुपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। देवघर ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गोड्डा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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मनिका (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

मनिका भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पलामू ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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मनोहरपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

मनोहरपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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मनोज कुमार (सांसद)

मनोज कुमार (जन्म 15 जून, 1964) भारत के चौदहवीं लोकसभा के सांसद थे। वे पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे एवं राष्ट्रीय जनता दल से संबद्ध हैं। उन्हें आपरेशन दुर्योधन में घूस लेते हुए दिखाने के बाद संसद से बर्खास्त कर दिया गया था। के खिलाफ .

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मनोज कुमार यादव

मनोज कुमार यादव भारत के झारखण्ड राज्य की बरही सीट से इंडियन नेशनल कांग्रेस के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार उमाशंकर अकेला को 7085 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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मनीष मुंदड़ा

मनीष मुंदड़ा फ़िल्म निर्माण कंपनी दृश्यम् फिल्म्स के संस्थापक और फिल्म निर्माता हैं। मनीष ने एक छोटे से अंतराल में बेहतरीन कथ्य वाली फिल्मों के निर्माण के जरिए युवा और नए फिल्मकारों के लिए एक नया मंच उपलब्ध करवाया है। बतौर निर्माता मनीष की फिल्म न्यूटन (फिल्म) को 90वें ऑस्कर सम्मान-2018 के लिए सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की श्रेणी में भारत की ओर से आधिकारिक फिल्म के रूप में एंट्री दी गई है। .

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मनीष जयसवाल

मनीष जयसवाल भारत के झारखण्ड राज्य की हजारीबाग सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे निर्दलीय के उम्मीदवार प्रदीप प्रसाद को 27129 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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मयूरभंज जिला

मयूरभंज ओड़िशा राज्य का एक अनुसूचित जिला है (पाँचवी अनुसूची के अन्तर्गत)। इसका मुख्यालय बारिपदा में है। यह अनुसूचित जनजाति बहुल जिला है। संथाल और हो यहाँ की मुख्य भाषाएँ हैं। शहरी इलाकों मे उड़िया भाषा का भी प्रयोग होता है। यहां का मुख्य आकर्षण है सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान। यह जिला पूर्व में बालेश्वर, दक्षिण में केंदुझरगढ़ तथा उत्तर एवं परिश्चम में झारखण्ड के के सिंहभूम जिले से घिरा है। जिले के दक्षिण में मेघासनी पहाड़ी सागरतल से ३,८२४ फुट तक ऊँची है। यहाँ पर लोहा बड़ी मात्रा में निकाला जाता है। अभ्रक भी मिलता है। मयूरभंज एक समय में ओड़ीशा का एक महत्‍वपूर्ण साम्राज्‍य था। भारत की स्वतन्त्रता के बाद भी इस राज्‍य का अस्तित्‍व बरकरार था। लेकिन 1 जनवरी 1949 में इसे ओड़ीशा में शामिल किया था। प्रकृति की अनुपम सुंदरता यहां बिखरी पड़ी है। प्राकृतिक सुंदरता के अलावा इस स्थान को कला, जूट मिल्स, तुषार मिल, पत्थर की कारीगरी और चरखा मिल के लिए भी जाना जाता है। बुढाबलंग नदी इस क्षेत्र की सुंदरता में और वृद्धि करती है। बारीपदा, सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान, खिचिं, किचकेश्वरी मंदिर, मानात्री आदि यहां के लोकप्रिय दर्शनीय स्थल हैं। .

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मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा

मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा अश्विनी कुमार पंकज द्वारा लिखित भारत में आदिवासी राजनीति के संस्थापक पैरोकार, झारखंड आंदोलन के सबसे बड़े नेता और भारतीय हॉकी के पहले कप्तान जयपाल सिंह मुंडा की हिंदी में प्रकाशित पहली जीवनी है। 2015 में प्रकाशित यह जीवनी जयपाल सिंह मुंडा के राजनीतिक योगदान और उनके जीवन के विविध पहलुओं को तथ्यगत रूप से सामने रखती है। .

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मलुदाह जलप्रपात

मलुदाह जलप्रपात झारखंड में स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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मलूटी

300px मलूटी झारखण्ड राज्य के दुमका जिले में शिकारीपाड़ा के निकट एक छोटा सा कस्बा है। यहाँ ७२ पुराने मंदिर हैं जो बज बसन्त वंश के राज्यकाल में बने थे। इन मन्दिरों में रामायण तथा महाभारत और अन्य हिन्दू ग्रन्थों की विविध कथाओं के दृष्यों का चित्रण है। .

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महात्मा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय

महात्मा गांधी मेडिकल कालेज ऐंड हास्पिटल झारखंड प्रांत के जमशेदपुर शहर के बाहरी छोर पर राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर स्थित है। राँची विश्वविद्यालय से संबद्ध यह संस्थान दक्षिणी झारखंड सहित पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा के निकटवर्ती क्षेत्र के छात्रों के लिए चिकित्सा संबंधी अध्यन का एक प्रमुख केन्द्र है। .

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महिला सुरक्षा के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

यह सूची भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को महिला सुरक्षा के मामले में 2012 की स्थिति अनुसार क्रमित करती है। यह सूची भारत सरकार के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा 2012 में प्रकाशित भारत में अपराध प्रतिवेदन से संकलित की गई है। रैंक महिलाओं पर हुए प्रहार की दर के आधार पर दी गई है। प्रहार दर प्रति एक लाख महिलाओं पर महिला की लाजभंग करने के इरादे से (भारतीय दण्ड संहिता की धारा 314) उस पर किए गए आरोपित प्रहारों की घटनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। कम प्रहार दर वाले राज्य या केन्द्र-शासित प्रदेश को महिलाओं के अधिक सुरक्षित समझा जाता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आँकड़ो के अनुसार जम्मू और कश्मीर, केरल, और उड़ीसा महिलाओं पर हुए प्रहारों की दर के आधार पर सबसे ऊपर है और पाँच सर्वाधिक सुरक्षित राज्य हैं बिहार, नागालैण्ड, झारखण्ड, गुजरात और पंजाब। .

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महगामा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

महगामा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गोड्‌डा ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र गोड्डा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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महेन्द्रनाथ मंदिर , सिवान , बिहार

बिहार राज्य के सीवान जिला से लगभग 35 किमी दूर सिसवन प्रखण्ड के अतिप्रसिद्ध मेंहदार गांव में स्थित भगवान शिव के प्राचीन महेंद्रनाथ मन्दिर का निर्माण नेपाल नरेश महेंद्रवीर विक्रम सहदेव सत्रहवीं शताब्दी में करवाया था और इसका नाम महेंद्रनाथ रखा था। ऐसी मान्यता है कि मेंहदार के शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पर नि:संतानों को संतान व चर्म रोगियों को चर्म रोग रोग से निजात मिल जाती है । .

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महेशपुर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

महेशपुर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पाकुड़ ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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महेंद्र सिंह धोनी

महेंद्र सिंह धोनी अथवा मानद लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी (एम एस धोनी भी) झारखंड, रांची के एक राजपूत परिवार में जन्मे पद्म भूषण, पद्म श्री और राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित भारतीय क्रिकेटर हैं। धोनी भारतीय क्रिकेटर तथा भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं और भारत के सबसे सफल एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान हैं। शुरुआत में एक असाधारण उज्जवल व आक्रामक बल्लेबाज़ के नाम पर जाने गए। धोनी धीरे-धीरे भारतीय एक दिवसीय के सबसे शांतचित्त कप्तानों में से जाने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने २००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०, २००७-०८ कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज २००७-२००८ के सीबी सीरीज़ और बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी जीती जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को २-० से हराया उन्होंने भारतीय टीम को श्रीलंका और न्यूजीलैंड में पहली अतिरिक्त वनडे सीरीज़ जीत दिलाई ०२ सितम्बर २०१४ को उन्होंने भारत को २४ साल बाद इंग्लैंड में वनडे सीरीज में जीत दिलाई। धोनी ने कई सम्मान भी प्राप्त किए हैं जैसे २००८ में आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ़ द इयर अवार्ड (प्रथम भारतीय खिलाड़ी जिन्हें ये सम्मान मिला), राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार और २००९ में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म श्री पुरस्कार साथ ही २००९ में विस्डन के सर्वप्रथम ड्रीम टेस्ट ग्यारह टीम में धोनी को कप्तान का दर्जा दिया गया। उनकी कप्तानी में भारत ने २८ साल बाद एक दिवसीय क्रिकेट विश्व कप में दुबारा जीत हासिल की। सन् २०१३ में इनकी कप्तानी में भारत पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी का विजेता बना। धोनी दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बन गये जिनके पास आईसीसी के सभी कप है। इन्होंने २०१४ में टेस्ट क्रिकेट को कप्तानी के साथ अलविदा कह दिया था। इनके इस फैसले से क्रिकेट जगत स्तब्ध रह गया। धोनी लगातार दूसरी बार क्रिकेट विश्व कप में २०१५ क्रिकेट विश्व कप में भारत का नेतृत्व किया और पहली बार भारत ने सभी ग्रुप मैच जीते साथ ही इन्होंने लगातार ११ विश्व कप में मैच जीतकर नया रिकार्ड भी बनाया ये भारत के पहले ऐसे कप्तान बने जिन्होंने १०० वनडे मैच जिताए हो। और उन्होनें कहा है कि जल्द ही वो एक ऐसा कदम उठाएंगे जो किसी कप्तान ने अपने कैरियर में नहीं उठाया वो टीम को २ हिस्सों में बाटेंगे जो खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलेगा उसे वो दूसरी टीम में डाल देंगे और जो खिलाड़ी अच्छा खेलेगा वो उसे अपनी टीम में रख लेंगे इसमें कुछ नये खिलाड़ी भी आ सकते हैं। धोनी ने ४ जनवरी २०१७ को भारतीय एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और ट्वेन्टी-ट्वेन्टी टीम की कप्तानी छोड़ी। .

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मानव तस्करी की घटनाओं के आधार पर भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की सूची

इस सूची में भारत के राज्य और केन्द्र-शासित प्रदेश 2012 में मानव तस्करी की घटनाओं के आधार पर क्रमित हैं, और अपराध-सिद्धि पर आधारित है। यह सूची भारत सरकार के राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा प्रकाशित 2012 भारत में अपराध प्रतिवेदन से संकलित की गई है। इस प्रतिवेदन के अनुसार मानव तस्करी की घटनाओं के मामले में तीन अग्रणी राज्य हैं उत्तर प्रदेश, तमिल नाडु और केरल। .

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मानगो जमशेदपुर

मानगो भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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मान्डर (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

मान्डर भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। रांची ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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माफ़िया राज

भारत में एक कोयले की खान - आरोप लगा है कि बहुत सी ऐसी खानों पर कोयले की माफ़िया का राज है माफ़िया राज भारतीय उपमहाद्वीप के देशों में ऐसी राजनैतिक और आर्थिक स्थिति को कहते हैं जिसमें किसी क्षेत्र की सरकारी या राष्ट्रीय संपत्ति पर नेताओं, उद्योगपतियों, सरकारी अफ़सरों, पुलिस कर्मचारियों या अन्य लोगों का एक ग़ैर-क़ानूनी गुट नियंत्रण पा लेता है और फ़िर उसे निजी फ़ायदे के लिए लूटता है। भारत में यह कोयले, भूमि, लकड़ी, सरकारी निर्माण योजनाओं और बहुत से अन्य क्षेत्रों में देखा गया है। इसका एक प्रसिद्ध उदाहरण बिहार और झारखंड राज्यों का चारा घोटाला था।, Ajay K. Mehra, Rene Levy, Pearson Education India, ISBN 978-81-317-3145-1,...

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माल्टो भाषा

मालटो या पहाड़िया पूर्व भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल व उड़ीसा राज्यों और बंग्लादेश के कुछ छोटे क्षेत्रों में बोली जाने वाली एक उत्तरी द्रविड़ भाषा है। इसकी कुमारभाग पहाड़िया और सौरिया पहाड़िया नामक दो उपभाषाएँ हैं जिन्हें कुछ भाषावैज्ञानिक दो सम्बन्धित लेकिन स्वतंत्र भिन्न भाषाएँ समझते हैं। कुमारभाग पहाड़िया झारखंड और पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा के कुछ सीमित क्षेत्रों में, जबकि सौरिया पहाड़िया बिहार और पश्चिम बंगाल में तथा बंग्लादेश के सीमित इलाक़ों में बोली जाती हैं। इन दोनों के शब्दों में ८०% की सामानता मापी गई है। मालटो भारत की सबसे उत्तरी द्रविड़ भाषा है।, Sanford B. Steever, pp.

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माहली

माहली जनजाति झारखंड के ज्यादातर हिस्सों तथा पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और असम के कुछ जिलों में रहने वाली भारत की प्राचीनतम जनजातियों में से एक है। ये भारत के प्रमुख आदिवासी समूह है। इनका निवास स्थान मुख्यतः झारखंड प्रदेश है। झारखंड से बाहर ये बंगाल, बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, असम, मे रहते है। माहली प्रायः नाटे कद के होता है। इनकी नाक चौड़ी तथा चिपटी होती है। इनका संबंध प्रोटो आस्ट्रेलायड से है। माहली के समाज मे मुख्य व्यक्ति इनका मांझी होता है। मदिरापान तथा नृत्य इनके दैनिक जीवन का अंग है। अन्य आदिवासी समुहों की तरह इनमें भी जादू टोना प्रचलित है। ये बांस के कार्य करते हुए देखे जाते है। माहली की अन्य विषेशता इनके सुन्दर ढंग के मकान हैं जिनमें खिडकीयां नहीं होती हैं। माहली मारांग बुरु की उपासना करतें हैं ये पूर्वजो द्वारा जो परम्परा पीढ़ीयों से चली आ रही है उसको मानते है ये धर्म पूर्वी लोग होते है। इनकी भाषा संथाली और लिपि ओल चिकी है। इनके बारह मूल गोत्र हैं ; बास्के, मुर्मू, बेसरा, किस्कू, हेम्ब्रम, हासंदा, टुडू, करुणामय, मार्डी, सामन्त आदि। माहली समुदाय मुख्यतः बाहा, सोहराय, माग, ऐरोक, माक मोंड़े, जानथाड़, हरियाड़ सीम, आराक सीम, जातरा, पाता, बुरु मेरोम, गाडा पारोम तथा सकरात नामक पर्व / त्योहार मनाते हैं। इनके विवाह को 'बापला' कहा जता है। माहली समुदाय मे कुल 23 प्रकार की विवाह प्रथायें है, जो निम्न प्रकार है - 1.

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मागे पर्ब

मागे पर्ब अथवा मागे पॉरोब झारखण्ड के आदिवासी "हो" नामक समुदाय के लोगों का पारंपरिक पर्व है। यह त्यौहार माघ महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस त्योहार के अंतर्गत कई चरण हैं: अनादेर, ओतेइली, तूमुटु, लोयो-गुरि, मरंग पोरोब, बसि मुसिंग, और हर मगेया। .

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मां योगिनी मंदिर

मां योगिनी मंदिर झारखंड में गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड में स्थित है। यह जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर बारकोपा में स्थित है। मां योगिनी का यह प्राचीन मंदिर तंत्र साधकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसका इतिहास काफी पुराना है। ऐतिहासिक और धार्मिक पुस्तकों के अनुसार, यह मंदिर द्वापर युग का ही है और यहां पांडवों ने अपने अज्ञात वर्ष के कई दिन बिताए थे। इसकी चर्चा महाभारत में भी है। तब यह मंदिर 'गुप्त योगिनी' के नाम से प्रसिद्ध था। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, पत्नी सती के अपमान से क्रोधित होकर भगवान शिव जब उनका जलता हुआ शरीर लेकर तांडव करने लगे थे तो संसार को विध्वंस से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने माता सती के शव के कई टुकड़े कर दिए थे। इसी क्रम में उनकी बायीं जांघ यहां गिरी थी। लेकिन इस सिद्धस्थल को गुप्त रखा गया था। विद्वानों का कहना है कि हमारे पुराणों में 51 सिद्ध पीठ का वर्णन है, लेकिन योगिनी पुराण ने सिद्ध पीठों की संख्या 52 बताई है। जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर तंत्र साधना के मामले में कामख्या के समकक्ष है। दोनों मंदिरों में पूजा की प्रथा एक सामान है। दोनों मंदिरों में तीन दरवाजे हैं। योगिनी स्थान में पिण्ड की पूजा होती है। कामख्या में भी पिण्ड की ही पूजा होती है। बताया जाता है कि पहले यहां नर बलि दी जाती थी। लेकिन अंग्रेजों के शासनकाल में इसे बंद करवा दिया गया। मंदिर के सामने एक बट वृक्ष है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार इस बट वृक्ष पर बैठकर साधक साधना किया करते थे और सिद्धि प्राप्त करते थे। मंदिर का गर्भगृह आकर्षण का विशेष केंद्र है। मां योगिनी मंदिर के ठीक बांयीं ओर से 354 सीढ़ी ऊपर उंचे पहाड़ पर मां का गर्भगृह है। गर्भगृह के अंदर जाने के लिए एक गुफा से होकर गुजरना पड़ता है। इसे बाहर से देखकर अंदर जाने की हिम्मत नहीं होती, क्योंकि इसमें पूरी तरह अंधेरा होता है। लेकिन जैसे ही आप गुफा के अंदर प्रवेश करते हैं, आपको प्रकाश नजर आता है, जबकि यहां बिजली की व्यवस्था नहीं है। बाहर से गुफा के संकड़े द्वार और अंदर चारों तरफ नुकीली पत्थरों को देखकर लोग गुफा के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, लेकिन मां के आशीर्वाद से मोटे से मोटा व्यक्ति भी इसमें जाकर आसानी से निकल आता है। गर्भगृह के भीतर भी साधु अपनी साधना में लीन रहते हैं। मां योगिनी मंदिर के ठीक दाहिनी ओर पहाड़ी पर मनोकामना मंदिर है। जो लोग मां योगिनी के दर्शन के लिए आते हैं, वे मनोकामना मंदिर जाना नहीं भूलते। श्रेणी:भारत के प्रसिद्द मंदिर श्रेणी:चित्र जोड़ें.

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मांडू (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

मांडू भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। हजारीबाग ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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मकर संक्रान्ति

मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत और नेपाल में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान शताब्दी में यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें या पन्द्रहवें दिन ही पड़ता है, इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। एक दिन का अंतर लौंद वर्ष के ३६६ दिन का होने ही वजह से होता है | मकर संक्रान्ति उत्तरायण से भिन्न है। मकर संक्रान्ति पर्व को कहीं-कहीं उत्तरायणी भी कहते हैं, यह भ्रान्ति गलत है कि उत्तरायण भी इसी दिन होता है । उत्तरायण का प्रारंभ २१ या २२ दिसम्बर को होता है | लगभग १८०० वर्ष पूर्व यह स्थिति उत्तरायण की स्थिति के साथ ही होती थी, संभव है की इसी वजह से इसको व उत्तरायण को कुछ स्थानों पर एक ही समझा जाता है | तमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाते हैं जबकि कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे केवल संक्रांति ही कहते हैं। .

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मकरध्वज दारोगा

मकरध्वज दारोगा भारत देश के झारखंड राज्य में रहनेवाले एक परंपरागत सांस्कृतिक कलाकार है। इस कलाकार को अभिनय क्षेत्रमें झारखंड का सांस्कृतिक नृत्य (छाउ - Chhau Dance) के लिये इनके द्वारा किये उत्कृष्ट योगदान के लिये ई॰स॰ २०११ के साल में भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार द्वारा सन्मानित किया गया था।.

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मक्का (अनाज)

मक्का विभिन्न रंग और आकार के दानों वाली मकई की सूखी (पकी) बालियाँ भुट्टा सेंकते हुए ''Zea mays 'Ottofile giallo Tortonese''' मक्का (वानस्पतिक नाम: Zea mays) एक प्रमुख खाद्य फसल हैं, जो मोटे अनाजो की श्रेणी में आता है। इसे भुट्टे की शक्ल में भी खाया जाता है। भारत के अधिकांश मैदानी भागों से लेकर २७०० मीटर उँचाई वाले पहाडी क्षेत्रों तक मक्का सफलतापूर्वक उगाया जाता है। इसे सभी प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है तथा बलुई, दोमट मिट्टी मक्का की खेती के लिये बेहतर समझी जाती है। मक्का एक ऐसा खाद्यान्न है जो मोटे अनाज की श्रेणी में आता तो है परंतु इसकी पैदावार पिछले दशक में भारत में एक महत्त्वपूर्ण फसल के रूप में मोड़ ले चुकी है क्योंकि यह फसल सभी मोटे व प्रमुख खाद्दानो की बढ़ोत्तरी दर में सबसे अग्रणी है। आज जब गेहूँ और धान मे उपज बढ़ाना कठिन होता जा रहा है, मक्का पैदावार के नये मानक प्रस्तुत कर रही है जो इस समय बढ्कर 5.98 तक पहुँच चुका है। यह फसल भारत की भूमि पर १६०० ई० के अन्त में ही पैदा करना शुरू की गई और आज भारत संसार के प्रमुख उत्पादक देशों में शामिल है। जितनी प्रकार की मक्का भारत में उत्पन्न की जाती है, शायद ही किसी अन्य देश में उतनी प्रकार की मक्का उत्पादित की जा रही है। हाँ यह बात और है कि भारत मक्का के उपयोगो मे काफी पिछडा हुआ है। जबकि अमरीका में यह एक पूर्णतया औद्याोगिक फसल के रूप में उत्पादित की जाती है और इससे विविध औद्याोगिक पदार्थ बनाऐ जाते है। भारत में मक्का का महत्त्व एक केवल खाद्यान्न की फसल के रूप मे जाना जाता है। सयुक्त राज्य अमरीका मे मक्का का अधिकतम उपयोग स्टार्च बनाने के लिये किया जाता है। भारत में मक्का की खेती जिन राज्यों में व्यापक रूप से की जाती है वे हैं - आन्ध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश इत्यादि। इनमे से राजस्थान में मक्का का सर्वाधिक क्षेत्रफल है व आन्ध्रा में सर्वाधिक उत्पादन होता है। परन्तु मक्का का महत्व जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पूर्वोत्तर राज्यों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, महाराष्ट्र, गुजरात व झारखण्ड में भी काफी अधिक है। .

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मुड़मा जतरा

मुड़मा जतरा, मुड़मा नामक एक गाँव में प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है। मुड़मा गाँव झारखंड की राजधानी राँची से लगभग 28 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-75 पर जिसे राँची-डलटेनगंज मार्ग के नाम से भी जाना जाता है, स्थित है। यहाँ दशहरा के दसवें दिन ‘मुड़मा जतरा’ का आयोजन झारखंड के आदिवासी समुदायों के द्वारा मेला किया जाता है। यह मेला कब और कैसे प्रारम्भ हुआ इसकी कोई लिखित प्रामाणिक जानकारी उपल्ब्द्ध नहीं है लेकिन लोकगितों एवं किवदंतियों के अनुसार जनजातीय समुदाय के उराँव आदिवासी जनजाति जो की रोहतसगढ, बिहार के थे, के पलायन से जोड़कर देखा जाता है। छोटनागपुर के इतिहास के अनुसार जब मुग़लों ने रोहतसगढ़ पर आक्रमण कर अधिकार कर लिया तो वहाँ रह रहे उराँव समुदाय के लोगों को गढ़ छोड़कर भागना पड़ा था और इसी क्रम में वे सोन नदी पार कर वर्तमान पलामू होते हुए वे राँची ज़िला में प्रवेश किए जहाँ मुड़मा में इनका सामना मुंडा जनजाति के मुँड़ाओं से हुआ और जब उराँव लोगों ने अपनी व्यथा कथा मुँड़ाओं को सुनाई तब मुँड़ाओं ने इनको पश्चिम वन क्षेत्र की सफ़ाई करके वहाँ रहने की अनुमति प्रदान की थी और यह समझौता मुड़मा गाँव में हुआ था। इसलिए उराँव समुदाय के 40 पाड़हा के लोग उस ऐतिहासिक समझौते के स्मृति में ‘मुड़मा जतरा’ को आयोजित करते हैं। इस दिन सरना धर्मगुरु के अगुवाई में अधिष्ठात्री शक्ति के प्रतीक जतरा खूंटे की परिक्रमा व जतरा खूंटा की पूजा-अर्चना भी की जाती है। पाड़हा झंडे के साथ मेला स्थल पहुंचे पाहन (पुजारी) ढोल, नगाड़ा, माँदर के थाप अन्य ग्रामीणों के साथ नाचते-गाते आते हैं और मेला स्थल पर पाहन पारम्परिक रूप से सरगुजा के फूल सहित अन्य पूजन सामग्रियों के साथ देवताओं का आहवाहन करते हुए ‘जतरा खूँटा’ का पूजन करता है एवं प्रतीक स्वरूप दीप भी जलाया जाता है और इस प्रकार मेला का आरम्भ किया जाता है। इस पूजन में सफ़ेद एवं काला मुर्ग़ा की बलि भी चढ़ाई जाती है। सरना धर्मगुरु के अनुसार यह आदिवासियों का शक्ति पीठ है। आदिवासी व  मुंडा समाज का मिलन स्थल भी है। यहां सभी  समाज के लोग आते हैं। सुख-समृद्धि व शांति के लिए प्रार्थना करते  हैं।.

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मुण्डा

मुंडा एक भारतीय आदिवासी समुदाय है, जो मुख्य रूप से झारखण्ड के छोटा नागपुर क्षेत्र में निवास करता है| झारखण्ड के अलावा ये बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा आदि भारतीय राज्यों में भी रहते हैं| इनकी भाषा मुंडारी आस्ट्रो-एशियाटिक भाषा परिवार की एक प्रमुख भाषा है| उनका भोजन मुख्य रूप से धान, मड़ूआ, मक्का, जंगल के फल-फूल और कंध-मूल हैं | वे सूत्ती वस्त्र पहनते हैं | महिलाओं के लिए विशेष प्रकार की साड़ी होती है, जिसे बारह हथिया (बारकी लिजा) कहते हैं | पुरुष साधारण-सा धोती का प्रयोग करते हैं, जिसे तोलोंग कहते हैं | मुण्डा, भारत की एक प्रमुख जनजाति हैं | २० वीं सदी के अनुसार उनकी संख्या लगभग ९,०००,००० थी |Munda http://global.britannica.com/EBchecked/topic/397427/Munda .

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मुंडा मानकी प्रथा

मुंडा मानकी प्रथा झारखण्ड के मुण्डा जनजाति एक प्रथा है जिसमें मानकी कुछ गांवों के प्रमुझ को कहा जाता है और मुण्डा का अर्थ एक गांव के मुखिया से होता है। इनके गाँवो में एक सन्देश वाहक भी नियुक्त किया जाता है जिसे डकुवा (डाकिया) कहा जाता है। .

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मृदा

पृथ्वी ऊपरी सतह पर मोटे, मध्यम और बारीक कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को मृदा (मिट्टी / soil) कहते हैं। ऊपरी सतह पर से मिट्टी हटाने पर प्राय: चट्टान (शैल) पाई जाती है। कभी कभी थोड़ी गहराई पर ही चट्टान मिल जाती है। 'मृदा विज्ञान' (Pedology) भौतिक भूगोल की एक प्रमुख शाखा है जिसमें मृदा के निर्माण, उसकी विशेषताओं एवं धरातल पर उसके वितरण का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता हैं। पृथऽवी की ऊपरी सतह के कणों को ही (छोटे या बडे) soil कहा जाता है .

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मैथन

मैथन भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। जो किधनबाद जिले मे आता है। यहा पर दामोदर वैली कार्पोरेशन (डी वी सी) परियोजना (जो एक बहु उदेश्श्यी परियोजना है) के तहत बराकर नदी पर मैथन बांध का निर्माण किया गया है। इस बांध के निर्माण के पीछे उद्देश्य था, बाढ की विभिषिका को कम करना, जलविद्युत पैदा करना, नहर के जरिये दुर-दुरतक कृषि भुमि तक पानी पहुचाना। centre right दर्शनीय स्थल बांध के पास पहाडी़ के नीचे भुमिगत जल विद्युत पैदा की जाती है। बांध के पास ही सुन्दर पार्क का निर्माण किया गया है। धनबाद और आसपास के क्षेत्रों का प्रमुख पिकनीक स्पाट है। पास ही काली माता का एक बड़ा और प्राचीन मंदीर है, जिसे मां कल्यानेश्वरी का मंदिर भी कहा जाता है। दुर-दुर से लोग माता के दर्शन, मुंडन व शादी-विवाह के लिये आते है। मां कल्यानेश्वरी का मंदिर् .

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मैथन बांध

मैथन बांध भारतवर्ष के झारखंड प्रदेश में स्थित धनबाद से ५२ किमी दूर मैथन बांध दामोदर वैली कारपोरेशन का सबसे बड़ा जलाशय है। इसके आस-पास का सौंदर्य पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। बराकर नदी के ऊपर बने इस बाँध का निर्माण बाढ़ को रोकने के लिए किया गया था। बाँध के नीचे एक पावर स्‍टेशन का भी निर्माण किया गया है, जो दक्षिण पूर्व एशिया में अपने आप में आधुनिकतम तकनीक का उदाहरण माना जाता है। इसकी परिकल्पना जवाहरलाल नेहरू ने की थी। इसके पास ही माँ कल्‍याणेश्‍वरी का एक अति प्राचीन मंदिर भी है। लगभग ६५ वर्ग कि॰मी॰ में फैले इस बाँध के पास एक झील भी है जहाँ नौकायन और आवासीय सुविधाएँ उपलब्‍ध है। इसके अतिरिक्त एक मृगदाव तथा पक्षी विहार भी है, जहाँ पर्यटक जंगल के प्राकृतिक सौन्‍दर्य तथा विभिन्‍न किस्‍म के पशु-पक्षियों को देख सकते है। १५,७१२ फीट लंबे और १६५ फीट ऊँचे इस बाँध से ६०,००० किलोवाट बिजली का उत्‍पादन होता है। वैसे य़े इलाका नक्सली प्रभावित भी है----इसलिए जाने से पहले थोड़ा सावधान .

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मूरी

मूरी भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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मेदिनी राय

मेदिनी राय सन् 1658 से 1674 तक झारखंड के पलामू के राजा थे। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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मेनका सरदार

मेनका सरदार भारत के झारखण्ड राज्य की पोटका सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार संजीव सरदार को 6706 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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मेयांग चांग

मेयांग चांग भारत के एक प्रसिद्ध टीवी एवं फिल्म कलाकार तथा गायक हैं। वे प्रसिद्ध नृत्य शो झलक दिखला जा के सीज़न ४ के विजेता रह चुके हैं। वे एक दंत चिकित्सक हैं। .

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मेरी बेटी , मेरी पहचान

"मेरी बेटी, मेरी पहचान" बालिका समृद्धि को लेकर झारखण्ड के जमशेदपुर क्षेत्र से आरम्भ किया गया एक अभियान है जो धीरे धीरे पूरे देश में चर्चा का विषय बना। झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजय कुमार के द्वारा 02 अगस्त 2016 को आरम्भ इस अभियान के तहत सबसे पहले तिरिंग गांव के ग्रामीणों की मदद से बेटियों के नाम की नेम प्लेट घरों के दरवाजों पर लगाई गयीं ताकि गांव की बेटियों का मनोबल बढे। कालांतर में ऐसे ही कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों में भी इसी अभियान के नक़्शे कदम पर चलाये जा रहे हैं। श्रेणी:झारखंड.

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मोती झरना जलप्रपात

मोती झरना जलप्रपात झारखंड मे स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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मोदी

मोदी भारत में एक उपनाम हैं। यह सामान्यतः उत्तर और पश्चिम भारतीय राज्य हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखण्ड और गुजरात में पाया जाता हैं। मोदी अधिकतर बनिया जाति से सम्बंधित हैं। .

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मोनू कुमार

मोनू कुमार (जन्म ०५ नवंबर १९९४) एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है इन्होंने ३ जनवरी २०१६ को २०१५-१६ की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड के लिए अपने ट्वेन्टी-ट्वेन्टी कैरियर की शुरुआत की । जबकि इससे पहले इन्होंने २०१४ में अंडर -१९ क्रिकेट विश्व कप के लिए भारत की टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा इन्हें जनवरी २०१८ में, २०१८ इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा। .

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मीडिया की पहुँच के आधार पर भारत के राज्य

भारत के राज्यों की यह सूची लोगों तक मीडिया की पहुँच के आधार पर है। यह जानकारी एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण व्यापक-पैमाने, बहु-दौरीय सर्वेक्षण है जो अन्तर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आई॰आई॰पी॰एस), मुंबई द्वारा कराया जाता है जो परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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मीनाक्षी शेषाद्रि

मीनाक्षी शेषाद्रि एक भारतीय अभिनेत्री हैं। श्रीमती शेषाद्री का जन्म वर्तमान झारखंड प्रांत के सिंदरी नामक शहर में १३ नवंबर १९६३ को हुआ था। वैसे मीनाक्षी जी मूलतः तमिलनाडु से हैं परंतु उनके पिता सिंदरी के उर्वरक कारखाने में कार्यरत होने के बाद उनका परिवार इसी शहर में बस गया था।इनके पति का नाम मेसोर है .

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यशवंत सिन्हा

यशवंत सिन्हा (जन्म: 6 नवम्बर 1937, पटना) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं, जो इस समय सत्ताधारी पार्टी है। वे भारत के पूर्व वित्त मंत्री रहने के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री भी रह चुके हैं। .

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यूरेनियम

यूरेनियम आवर्त सारणी की एक अंतर्वर्ती श्रेणी, ऐक्टिनाइड श्रेणी (actinide series), का तृतीय तत्व है। इस श्रेणी में आंतरिक इलेक्ट्रॉनीय परिकक्षा (5 परिकक्षा) के इलेक्ट्रॉन स्थान लेते हैं। प्रकृति में पाए गए तत्वों में यह सबसे भारी तत्व है। कुछ समय पहले तक इस तत्व को छठे अंतर्वर्ती समूह का अंतिम तत्व माना जाता था। .

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योगेन्द्र प्रसाद

योगेन्द्र प्रसाद भारत के झारखण्ड राज्य की गोमिया सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार माधव लाल सिंह को 37514 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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योगेश्वर महतो

योगेश्वर महतो भारत के झारखण्ड राज्य की बेरमो सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार राजेन्द्र प्रसाद सिंह को 12613 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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रणधीर कुमार सिंह

रणधीर कुमार सिंह भारत के झारखण्ड राज्य की सारठ सीट से झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार उदय शंकर सिंह को 13901 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राँची

राँची भारत का एक प्रमुख नगर और झारखंड प्रदेश की राजधानी है। यह झारखंड का तीसरा सबसे प्रसिद्ध शहर है। इसे झरनों का शहर भी कहा जाता है। पहले जब यह बिहार राज्य का भाग था तब गर्मियों में अपने अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के कारण प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी। झारखंड आंदोलन के दौरान राँची इसका केन्द्र हुआ करता था। राँची एक प्रमुख औद्योगिक केन्द्र भी है। जहाँ मुख्य रूप से एच ई सी (हेवी इंजिनियरिंग कारपोरेशन), भारतीय इस्पात प्राधिकरण, मेकन इत्यादि के कारखाने हैं। राँची के साथ साथ जमशेदपुर और बोकारो इस प्रांत के दो अन्य प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं। राँची को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटीज मिशन के अन्तर्गत एक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने वाले सौ भारतीय शहरों में से एक के रूप में चुना गया है। राँची भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का गृहनगर होने के लिए प्रसिद्ध है। झारखंड की राजधानी राँची में प्रकृति ने अपने सौंदर्य को खुलकर लुटाया है। प्राकृतिक सुन्दरता के अलावा राँची ने अपने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के दम पर विश्व के पर्यटक मानचित्र पर भी पुख्ता पहचान बनाई है। गोंडा हिल और रॉक गार्डन, मछली घर, बिरसा जैविक उद्यान, टैगोर हिल, मैक क्लुस्किगंज और आदिवासी संग्राहलय इसके प्रमुख पर्यटक स्थल हैं। इन पर्यटक स्थलों की सैर करने के अलावा यहां पर प्रकृति की बहुमूल्य देन झरनों के पास बेहतरीन पिकनिक भी मना सकते हैं। राँची के झरनों में पांच गाघ झरना सबसे खूबसूरत है क्योंकि यह पांच धाराओं में गिरता है। यह झरने और पर्यटक स्थल मिलकर राँची को पर्यटन का स्वर्ग बनाते हैं और पर्यटक शानदार छुट्टियां बिताने के लिए हर वर्ष यहां आते हैं। राँची का नाम उराँव गांव के पिछले नाम से एक ही स्थान पर, राची के नाम से लिया गया है। "राँची" उराँव शब्द 'रअयची' से निकला है जिसका मतलब है रहने दो। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आत्मा के साथ विवाद के बाद,एक किसान ने अपने बांस के साथ आत्मा को हराया। आत्मा ने रअयची रअयची चिल्लाया और गायब हो गया। रअयची राची बन गई, जो राँची बन गई। राची के ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण पड़ोस में डोरांडा (दुरन "दुरङ" का अर्थ है गीत और दाह "दएः" का अर्थ मुंदारी भाषा में जल है)। डोरांडा हीनू (भुसूर) और हरमू नदियों के बीच स्थित है, जहां ब्रिटिश राज द्वारा स्थापित सिविल स्टेशन, ट्रेजरी और चर्च सिपाही विद्रोह के दौरान विद्रोही बलों द्वारा नष्ट किए गए थे। .

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राँची एक्सप्रेस

राँची एक्सप्रेस झारखंड प्रान्त से प्रकाशित हिन्दी दैनिक है। .

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राँची लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

राँची लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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राँची जिला

राँची भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय राँची है। क्षेत्रफल - 7574.17 वर्ग कि.मी.

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राँची विश्वविद्यालय

राँची विश्वविद्यालय झारखंड और भारत का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है। इस विश्वविद्यालय का मुख्य परिसार राँची में है और सिंहभूम तथा राँची जिले में इसके ३५ से ज्यादा अंगीभूत कालेज हैं। रांची विश्वविद्यालय की स्थापना १० जुलाई १९६० को की गयी थी। .

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राँची विश्ववविद्यालय

राँची विश्वविद्यालय झारखंड और भारत का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, विश्वविद्यालय का मुख्य परिसार राँची में है और सिंहभूम तथा राँची जिले में इसके 70 से ज्यादा अंगीभूत कालेज हैं। .

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राधाकृष्ण किशोर

राधाकृष्ण किशोर भारत के झारखण्ड राज्य की छतरपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार मनोज कुमार को 5881 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राम चंद्र सहिस

राम चंद्र सहिस भारत के झारखण्ड राज्य की जुगसलाई सीट से आजसु पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार मंगल कालिन्दी को 25045 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राम टहल चौधरी

राम टहल चौधरी भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की राँची सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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राम दयाल मुंडा

आरडी मुंडा के नाम से पूरी दुनिया में लोकप्रिय राम दयाल मुंडा (23 अगस्त 1939-30 सितंबर 2011) भारत के एक प्रमुख बौद्धिक और सांस्कृतिक शख्सियत थे। आदिवासी अधिकारों के लिए रांची, पटना, दिल्ली से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक उन्होंने आवाज उठायी, दुनिया के आदिवासी समुदायों को संगठित किया और देश व अपने गृहराज्य झारखंड में जमीनी सांस्कृतिक आंदोलनों को नेतृत्व प्रदान किया। 2007 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी का सम्मान मिला, तो 22 मार्च 2010 में राज्यसभा के सांसद बनाए गए और 2010 में ही वे पद्मश्री से सम्मानित हुए। भारत सरकार ने बहुत उपेक्षा के बाद जब उन्हें सम्मान दिया तब तक कैंसर ने उन्हें जकड़ लिया था जिससे उनके सपने अधूरे रह गए। वे रांची विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति भी रहे। उनका निधन कैंसर से 30 सितंबर शुक्रवार, 2011 को हुआ। .

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रामचंद्र चन्द्रवंशी

रामचंद्र चन्द्रवंशी भारत के झारखण्ड राज्य की बिश्रामपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे निर्दलीय के उम्मीदवार अंजु सिंह को 13910 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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रामगढ

रामगढ़ झारखंड प्रान्त का एक जिला है। जो औपचारिक रूप से हिंदी सिनेमा फ़िल्म शोले की शूटिंग की वजह से.

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रामगढ़ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

रामगढ़ भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। हजारीबाग ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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रामगढ़ जिला

रामगढ झारखण्ड के २४ जिलो मे से एक है। .

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रामगढ़ छावनी

रामगढ़ छावनी) झारखण्ड में स्थित एक कस्बा है। १२ सितम्बर २००७ को रामगढ़ नामक एक नया जिला निर्मित किया गया जिसका मुख्यालय रामगढ़ छावनी है। श्रेणी:झारखण्ड के नगर.

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रामकुमार पाहन

रामकुमार पाहन भारत के झारखण्ड राज्य की खिजरी सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार सुंदरी देवी को 64912 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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रामेश्वर उराँव

रामेश्वर उराँव कांग्रेस के प्रमुख आदिवासी नेता व सांसद हैं, तथा झारखंड के लोहरदग्गा (अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित) लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड.

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर भारत के लगभग बीस राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एन आई टी) में से एक है। पहले इसे क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर (Regional Institute of Technology (RIT)) के नाम से जाना जाता था। इसकी स्थापना १९६० में की गई थी तथा २७ दिसम्बर २००२ को इसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के रूप में स्तरोन्नत किया गया था। यह संस्थान जमशेदपुर के बाहरी क्षेत्र में अदित्यपुर के पास है। इसके आस-पास अनेक लघु औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं। संस्थान में १३ विभाग हैं। यह सिविल, मैकेनिकल, इलैक्ट्रीकल, धातुकर्म तथा कम्प्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे विषयों में अवर-स्नातक पाठयक्रम संचालित करता है। संस्थान स्नातकोत्तर पाठयक्रम और एम.सी.ए. भी संचालित करता है। संस्थान में एक सुसज्जित पुस्तकालय है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेद्पुर का प्रशासकीय भवन एवं मुख्य प्रवेश-द्वार .

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राष्ट्रीय मनोचिकत्सा संस्थान

सेंट्रल इंस्टीटयूट ऑफ साइकियेट्री झारखंड प्रान्त के राँची में काँके स्थित एक प्रमुख मानसिक आरोग्यशाला और शोध संस्थान है। श्रेणी:राँची श्रेणी:झारखंड श्रेणी:संस्थान श्रेणी:चिकित्सा श्रेणी:शिक्षण संस्थान.

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राष्ट्रीय राजमार्ग १००

११८ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग झारखंड में चतरा को हज़ारीबाग के रास्ते बगडा से जोड़ता है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग २

1465 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग दिल्ली को कोलकाता से जोड़ता है। इसका रूट दिल्ली - मथुरा - आगरा - कानपुर – इलाहाबाद - वाराणसी - मोहनिया - बरही - पलसित – बैद्यबटी - बारा - कोलकाता है। इस हाईवे पर स्थित ताजनगरी आगरा, दिल्ली से मात्र 203 किमी दूर है। यह सड़क जीटी रोड का दूसरा भाग है, प्रथम भाग एनएच 1 है जो अटारी से दिल्ली तक आता है जिसकी लंबाई 465 किलोमीटर है। इसी हाइवे पर दिल्ली से 160 किमी दूर धार्मिक नगरी वृंदावन और मथुरा के कृष्णमय वातावरण में भी एक दिन बिता सकते हैं। वहीं नंदगांव और बरसाना भी इसी हाईवे के आसपास हैं। आगरा में ताजमहल, आगरा फोर्ट देखने के बाद आप हाईवे-11 से फतेहपुर सीकरी जा सकते हैं। यहां का वास्तुशिल्प अवश्य प्रभावित करेगा। वहां से वापस हाईवे-11 पर आकर आप भरतपुर(राजस्थान) स्थित केवलादेव बर्ड सेंक्चुरी में प्रवासी पक्षियों को देखने का आनंद उठा सकते हैं। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग २३

४५९ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग चस से निकल्कर तलचेर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 42 में मिल जाता है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग ३१

११२५ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग बिहार में बरही के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से निकलकर अमीनगाँव तक जाता है। इसका रूट बरही के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से - बख्तियारपुर - मोकमेह - पुर्निया - दलकोला - सिलिगुड़ी - सिवोक - कूच - बेहार- उत्तरी सलमारा - नलबारी - चरली - अमीनगाँव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के संगम तक है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग ३२

१७९ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग पूर्वी भारत में गोबिन्द्पुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से निकलकर धनबाद के रास्ते जमशेदपुर तक जाता है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग ३३

३५२ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग पूर्वी भारत में बरही के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से निकलकर राँची के रास्ते बहाराघोरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 6 में मिल जाता है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग ६

१९४९ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग हजीरा से निकलकर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकत्ता तक जाता है। इसका रूट हजीरा - धुले - नागपुर - रायपुर - संबलपुर - बहाराघोड़ा - कोलकत्ता है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग ९९

११० किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग झारखंड में दोभी को चत्र के रास्ते चाँदवा से जोड़ता है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान

राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ('एनआईआईटी), (बीएसई: 500,304, एनएसई: एनआईआईटी) एक वैश्विक शिक्षा और प्रशिक्षण, भारत.

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राष्ट्रीय खनन शोध संस्थान

राष्ट्रीय खनन शोध संस्थान या इंडियन स्कूल ऑफ माइंस भारत के खनन संबंधी शोध संस्थानों में सबसे प्रमुख है। यह संस्थान नवनिर्मित झारखंड प्रान्त के धनबाद नामक शहर में स्थित है। .

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राहुल त्रिपाठी

राहुल त्रिपाठी (जन्म २ मार्च १९९१) एक भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट खिलाड़ी हैं जो महाराष्ट्र के लिए खेलते हैं। फरवरी २०१७ में, इन्हें २०१७ इंडियन प्रीमियर लीग में १० लाख रुपये में राइजिंग पुणे सुपरजायंट टीम द्वारा खरीदे गए थे। जनवरी २०१८ में, इन्हें २०१८ इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा। .

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राज पालीवार

राज पालीवार भारत के झारखण्ड राज्य की मधुपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार हाजी हुसैन अंसारी को 6884 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राज सिन्हा

राज सिन्हा भारत के झारखण्ड राज्य की धनबाद सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार मन्नान मल्लिक को 52997 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राज किशोर महतो

राज किशोर महतो भारत के झारखण्ड राज्य की टुन्डी सीट से आजसु पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार मथुरा प्रसाद महतो को 1126 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राज कुमार यादव

राज कुमार यादव भारत के झारखण्ड राज्य की धनवार सीट से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट)(लिबरेशन) के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार बाबूलाल मरांडी को 10712 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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राजभवन (झारखण्ड)

राजभवन रांची भारत के झारखण्ड राज्य के राज्यपाल का आधिकारिक आवास है। यह राज्य की राजधानी राँची में स्थित है। द्रौपदी मुर्मू यहाँ की वर्तमान राज्यपाल हैं। .

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राजमहल (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

राजमहल भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। साहेबगंज ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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राजमहल (नगर)

राजमहल भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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राजरप्पा जलप्रपात

राजरप्पा जलप्रपात झारखंड में स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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राजा अर्जुन सिंह

राजा अर्जुन सिंह ने १८५६ की क्रांति का झारखंड के चाईबासा जिला में नेतृत्व किया था। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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राज्य पुनर्गठन आयोग

वर्ष १९५१ में भारत के प्रशासनिक प्रभाग भारत के स्वतंत्र होने के बाद भारत सरकार ने अंग्रेजी राज के दिनों के 'राज्यों' को भाषायी आधार पर पुनर्गठित करने के लिये राज्य पुनर्गठन आयोग (States Reorganisation Commission) की स्थापना की। 1950 के दशक में बने पहले राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश में राज्यों के बंटवारे का आधार भाषाई था। इसके पीछे तर्क दिया गया कि स्वतंत्रता आंदोलन में यह बात उठी थी कि जनतंत्र में प्रशासन को आम लोगों की भाषा में काम करना चाहिए, ताकि प्रशासन लोगों के नजदीक आ सके। .

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राजेन्द्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान

राजेन्द्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (Rajendra Institute of Medical Sciences / RIMS), राँची का एक चिकित्सा संस्थान है जो राजेन्द्र चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (RMCH) को उन्नत करके १५ अगस्त २००२ को बनाया गया। .

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रांची (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

रांची भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। रांची ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राँची लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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रांची विश्वविद्यालय

रांची विश्वविद्यालय, भारत के झारखंड राज्य में स्थित एक विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना सन् १९८३ में हुई थी। इसका मुख्यालय झारखण्ड की राजधानी रांची में है। .

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रजरप्पा

रजरप्पा भारत के झारखण्ड प्रदेश के रामगढ़ जिला/रामगढ़ जिले में स्थित एक तीर्थस्थल है। यह झारखंड की राजधानी रांची से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है।रामगढ़ से रजरप्पा की दूरी 28 किमी की है। यहाँ का झरना एवं माँ छिन्नमास्तिका का मंदिर प्रसिद्ध है। रजरप्पा प्रांत के दो भाग हैं- रजरप्पा परियोजना और रजरप्पा मंदिर | रजरप्पा परियोजना जिसे रजरप्पा प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता है, वहाँ कोल इंडिया लिमिटेट की अनुषांगिक इकाइयों में से एक सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड की परियोजना है।यहाँ कोयले की खानें हैं, जहाँ विवृत खनन होता है | .

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रघु नन्दन मंडल

रघु नन्दन मंडल भारत के झारखण्ड राज्य की गोड्‌डा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार संजय प्रसाद यादव को 34486 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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रघुनाथ महतो

रघुनाथ महतो एक क्रांतिकारी थे जिन्होने १७६९ ई में अंग्रेजों के विरुद्ध चुआड़ आन्दोलन का नेतृत्व किया था। रघुनाथ महतो का जन्म घुटियाडीह में 1738 में हुआ था जो वर्तमान समय में झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिला में है। .

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रविन्द्र कुमार पाण्डेय

रविन्द्र कुमार पाण्डेय भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की गिरिडीह सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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रविन्द्र कुमार राय

रविन्द्र कुमार राय भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की कोडरमा सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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रवीन्द्र नाथ महतो

रवीन्द्र नाथ महतो भारत के झारखण्ड राज्य की नाला सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सत्यानंद झा को 7015 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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रुतोग ज़िला

रुतोग ज़िला (तिब्बती: རུ་ཐོག་རྫོང་, Rutog County) तिब्बत का एक ज़िला है जो उस देश के पश्चिमी हिस्से में भारत की सीमा के साथ स्थित है। तिब्बत पर चीन का क़ब्ज़ा होने के बाद यह चीनी प्रशासनिक प्रणाली में तिब्बत स्वशासित प्रदेश के न्गारी विभाग में पड़ता है। रुतोग ज़िले की राजधानी रुतोग शहर है जो तिब्बत की राजधानी ल्हासा से १,१४० किमी पश्चिम-पश्चिमोत्तर में पड़ता है। रुतोग ज़िला अक्साई चिन क्षेत्र से लगा हुआ है, जिसे भारत अपना इलाक़ा मानता है लेकिन जिसपर चीन का नियंत्रण है और जिसपर १९६२ में भारत-चीन युद्ध छिड़ा था। चीनी राष्ट्रीय राजमार्ग २१९, जो अक्साई चिन क्षेत्र से गुज़रता हुआ शिंजियांग को तिब्बत से जोड़ता है, ३४० किमी की दूरी रुतोग ज़िले में तय करता है।, George B. Schaller, pp.

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रुद्रावतार

रुद्रावतार भगवान् शिव (रूद्र) के अवतारों को कहा जाता है। शास्त्र अनुसार महादेव के २८ अवतार हुए थे उनमें भी १० प्रमुख है । .

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रॉस हिमचट्टान

रॉस हिमचट्टान (Ross Ice Shelf) अंटार्कटिका की सबसे बड़ी हिमचट्टान है। इसका क्षेत्रफल लगभग ४,८७,००० वर्ग किमी (१,८८,००० वर्ग मील) है और चौड़ाई लगभग ८०० किमी (५०० मील) है। तुलना के लिये यह क़रीब फ़्रान्स देश के बराबर या भारत के उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखण्ड राज्यों के मिलाकर कुल क्ष्रेत्रफल के बराबर है। इसकी कुल मोटाई कई सौ मीटर है लेकिन हिमचट्टानों की ९०% प्रतिशत मोटाई पानी के नीचे होती है, इसलिये सागर के पानी के ऊपर यह हिमचट्टान १५ से ५० मीटर (५० से १६० फ़ुट) ऊची दिखती है। इसका रॉस सागर की तरफ़ का खुला किनारा लगभग ६०० किलोमीटर (३७० मील) लम्बा है। .

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रोज केरकेट्टा

रोज केरकेट्टा (5 दिसंबर, 1940) आदिवासी भाषा खड़िया और हिन्दी की एक प्रमुख लेखिका, शिक्षाविद्, आंदोलनकारी और मानवाधिकारकर्मी हैं। आपका जन्म सिमडेगा (झारखंड) के कइसरा सुंदरा टोली गांव में खड़िया आदिवासी समुदाय में हुआ। झारखंड की आदि जिजीविषा और समाज के महत्वपूर्ण सवालों को सृजनशील अभिव्यक्ति देने के साथ ही जनांदोलनों को बौद्धिक नेतृत्व प्रदान करने तथा संघर्ष की हर राह में आप अग्रिम पंक्ति में रही हैं। आदिवासी भाषा-साहित्य, संस्कृति और स्त्री सवालों पर डा.

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लातेहार

लातेहार भारत में झारखंड प्रान्त के लातेहर जिला का मुख्यालय है। प्राकृतिक सुन्दरता का पर्याय लातेहार झारखंड में स्थित है। इसकी स्थापना 4 अप्रैल 2001 ई. को की गई थी। लातेहार मनोहारी जंगलों, खूबसूरत झरनों, विशाल खदानों और हरे-भरे खेतों से भरा पड़ा है। इसके झरनों के पास पिकनिक मनाना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। पर्यटक यहां पिकनिक मनाने के अलावा आदिवासियों की संस्कृतियों से भी रूबरू हो सकते हैं। यह आदिवासी वर्ष में अनेक उत्सव मनाते हैं जिनमें जनी शिकार उत्सव प्रमुख हैं। .

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लातेहार (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

लातेहार भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पलामू ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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लातेहार जिला

लातेहार भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय लातेहार है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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लाल मिट्टी

लाल मिट्टी लाल मिट्टी (Red soil) लाल, पीली एवं चाकलेटी रंग की होती है। शुष्क और तर जलवायु में प्राचीन रवेदार और परिवर्तित चट्टानों की टूट-फूट से बनती है। इस मिट्टी में लोहा, ऐल्युमिनियम और चूना अधिक होता है। यह मिट्टी अत्यन्त रन्ध्रयुक्त होती है। इस मिट्टी में बाजरा की फसल अच्छी पैदा होती है, किन्तु गहरे लाल रंग की मिट्टी कपास, गेहूँ, दाल, मोटे अनाज, के लिए उपयुक्त है। भारत में यह मिट्टी उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड से लेकर दक्षिण के प्रायद्वीप तक पायी जाती है। यह मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिमी बंगाल, मेघालय, नागालैण्ड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में मिलती है। छत्तीसगढ़ में लाल-पीली मिट्टी को स्थानीय रूप से "मटासी मिट्टी" के नाम से जाना जाता है, इसका विस्तार राज्य के लगभग साठ प्रतिशत भूभाग पर है। .

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लाल गलियारा

लाल गलियारा लाल गलियारा (अंग्रेज़ी: Red corridor) भारत के पूर्वी भाग का एक क्षेत्र है जहाँ नक्सलवादी (साम्यवादी) उग्रवादी संगठन सक्रीय हैं।, Ajay Agarwal, The Hindustan Times, Accessed 27 अप्रैल 2012 आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों पर विस्तृत इस क्षेत्र में आधुनिक भारत के सबसे ऊँचे निरक्षरता, निर्धनता और अतिजनसंख्या के दर मिलते हैं।, Mondiaal Nieuws, Belgium, Accessed 2008-10-17, The Asian Pacific Post, Accessed 2008-10-17 भारतीय सरकारी स्रोतों के अनुसार जुलाई २०११ में ८३ ज़िले इस लाल गलियारे में आते थे। .

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लिट्टीपाड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

लिट्टीपाड़ा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पाकुड़ ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राजमहल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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लिंगानुपात के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

यह सूची में भारत के राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को 2011 की जनगणना में लिगांनुपात के अनुसार क्रमवार करती है। इसके साथ ही 2001 की जनगणना के आँकड़े भी दिए गए है। इस सूची में लिंगानुपात का अर्थ है प्रति एक हज़ार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या। इस सूची में पूरी जनसंख्या के लिए लिंगानुपात दिया गया है। .

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लखनपहाड़ी

लखनपहाड़ी एक गांव है जो गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड में स्थित है। यहाँ के लोग अंगिका एवं हिन्दी बोलते है। यहाँ पर ब्राह्मण की जनसंख्या अधिक है। .

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लक्ष्मण टुडू

लक्ष्मण टुडू भारत के झारखण्ड राज्य की घाटशिला सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार रामदास सोरेन को 6403 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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लक्ष्मण गिलुवा

लक्ष्मण गिलुवा भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की सिंहभूम सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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लक्ष्मीरानी माझी

लक्ष्मीरानी माझी (जन्म 26 जनवरी 1989 में Bagula, Ghatshila, झारखंड) से चितरंजन, आसनसोल है एक भारतीय महिला दाएँ हाथ के रिकर्व तीरंदाज.

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लको बोदरा

पंडित गुरु कोल लको बोदरा हो भाषा के साहित्यकार थे। उनका स्थान हो भाषा-साहित्य में कोल गुरु लको बोदरा का वही स्थान है जो संताली भाषा में रघुनाथ मुर्मू का है। उन्होंने १९४० के दशक में हो भाषा के लिए वारंग क्षिति नामक लिपि की खोज करी व उसे प्रचलित करा। .

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लुईस मरांडी

लुईस मरांडी भारत के झारखण्ड राज्य की दुमका सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार हेमन्त सोरेन को 5262 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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लोध जलप्रपात

लोध जलप्रपात झारखंड मे स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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लोयला स्कूल जमशेदपुर

लोयला स्कूल जमशेदपुर की स्थापना 1947 में सोशायटी ऑफ जीशस द्वारा की गयी थी जो एक जेसुइट मतावलंबी के थे जिन्होंने पूरे भारत में कई स्कूल एवं कालेजों की स्थापना की है। इस विद्यालय के सचालन का ज़िम्मा लोयला जमशेदपुर, नामक एक संस्थान के हाथों में है जो एक पंजीकृत संस्था है। .

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लोहरदगा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

लोहरदगा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। लोहरदगा ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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लोहरदग्गा

लोहरदग्गा भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। वनाच्छादित पहाड़ों, झरनों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्रकृति के अनमोल उपहारों से सजा लोहरदग्‍गा झारखंड में स्थित है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि पहले यह लोहा गलाने का बड़ा केन्द्र था। इसलिए इसका नाम लोहरदग्‍गा रखा गया था। इसके पीछे उनका तर्क है कि लोहरदग्‍गा दो शब्दों लोहार और दग्‍गा से मिलकर बना है। लोहार का अर्थ होता है लोहे का व्यापारी और दग्‍गा का अर्थ होता है केन्द्र। जैन पुराणों के अनुसार भगवान महावीर ने लोहरदग्‍गा की यात्रा की थी। जहां पर भगवान महावीर रूके थे उस स्थान को लोर-ए-यादगा के नाम से जाना जाता है। लोहरदग्‍गा का इतिहास काफी गौरवशाली है। इसके राजाओं ने यहां पर अनेक किलों और मन्दिरों का निर्माण कराया था। इनमें कोराम्बे, भान्द्रा और खुखरा-भाकसो के मन्दिर और किले प्रमुख हैं। .

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लोहरदग्गा जिला

लोहरदग्गा भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय लोहरदग्गा है। क्षेत्रफल - 1,491 वर्ग कि.मी.

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लोहा

एलेक्ट्रोलाइटिक लोहा तथा उसका एक घन सेमी का टुकड़ा लोहा या लोह (Iron) आवर्त सारणी के आठवें समूह का पहला तत्व है। धरती के गर्भ में और बाहर मिलाकर यह सर्वाधिक प्राप्य तत्व है (भार के अनुसार)। धरती के गर्भ में यह चौथा सबसे अधिक पाया जाने वाला तत्व है। इसके चार स्थायी समस्थानिक मिलते हैं, जिनकी द्रव्यमान संख्या 54, 56, 57 और 58 है। लोह के चार रेडियोऐक्टिव समस्थानिक (द्रव्यमान संख्या 52, 53, 55 और 59) भी ज्ञात हैं, जो कृत्रिम रीति से बनाए गए हैं। लोहे का लैटिन नाम:- फेरस .

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लोक सभा

लोक सभा, भारतीय संसद का निचला सदन है। भारतीय संसद का ऊपरी सदन राज्य सभा है। लोक सभा सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर लोगों द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों से गठित होती है। भारतीय संविधान के अनुसार सदन में सदस्यों की अधिकतम संख्या 552 तक हो सकती है, जिसमें से 530 सदस्य विभिन्न राज्यों का और 20 सदस्य तक केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। सदन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं होने की स्थिति में भारत का राष्ट्रपति यदि चाहे तो आंग्ल-भारतीय समुदाय के दो प्रतिनिधियों को लोकसभा के लिए मनोनीत कर सकता है। लोकसभा की कार्यावधि 5 वर्ष है परंतु इसे समय से पूर्व भंग किया जा सकता है .

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लोकसभा सीटों के आधार पर भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की सूची

यह सूची भारत के राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को लोकसभा सीटों के आधार पर क्रमित करती है। इस सूची में निर्वाचन क्षेत्रों के प्रकार परिसीमन आदेश 2008 के आधार पर विभाजित हैं। .

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लोकसेवा अधिकार कानून

भारत में लोकसेवा अधिकार कानून (Right to Public Services legislation) वे कानून हैं जो नागरिकों को एक निर्धारित अवधि के अन्दर लोकसेवाएँ देने की गारंटी देते हैं। इन कानूनों में यह प्रावधान है जो लोकसेवक समय पर लोकसेवा न दे पाने का दोषी पाया जायेगा, उसे दण्डित किया जायेगा। .

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शशिभूषण सामाड़

शशिभूषण सामाड़ भारत के झारखण्ड राज्य की चक्रधरपुर सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नवमी उरांव को 26448 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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शाहबाज नदीम

शाहबाज नदीम (जन्म १२ अगस्त १९८९)एक भारतीय धीमी गति के बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज हैं। इन्होंने बिहार अंडर-१४ टीम और भारतीय अंडर-१९ के लिए खेला है और वर्तमान में झारखंड और दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते हैं। शाहबाज नदीम मुख्य रूप से बाएं हाथ से गेंदबाजी ही करते है लेकिन वैकल्पिक बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते है इस कारण ये इंडियन प्रीमियर लीग में पिछले कई सालों से दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में हरफनमौला खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे है। .

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शिबू सोरेन

शिबू सोरेन (जन्म ११ जनवरी, १९४४) एक भारतीय राजनेता है। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष है। २००४ में मनमोहन सिंह की सरकार में वे कोयला मंत्री बने लेकिन चिरूडीह कांड जिसमें 11 लोगों की ह्त्या हुई थी के सिलसिले में गिरफ़्तारी का वारंट जारी होने के बाद उन्हें केन्द्रीय मंत्रीमंडल से 24 जुलाई 2004 को इस्तीफ़ा देना पड़ा। आजकल वे झारखंड के दुमका लोकसभा सीट से छठी बार सांसद चुने गये हैं। शिबू का जन्म पुराने बिहार के हजारीबाग जिले में नामरा गाँव में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा भी यहीं हुई। स्कूली शिक्षा समाप्त करने के बाद ही उनका विवाह हो गया और उन्होंने पिता को खेती के काम में मदद करने का निर्णय लिया। उनके राजनैतिक जीवन की शुरुआत 1970 में हुई। उन्होंने 23 जनवरी, 1975 को उन्होंने तथाकथित रूप से जामताड़ा जिले के चिरूडीह गाँव में "बाहरी" लोगों (आदिवासी जिन्हें "दिकू" नाम से बुलाते हैं) को खदेड़ने के लिये एक हिंसक भीड़ का नेतृत्व किया था। इस घटना में 11 लोग मारे गये थे। उन्हें 68 अन्य लोगों के साथ हत्या का अभियुक्त बनाया गया। शिबू पहली बार 1977 में लोकसभा के लिये चुनाव में खड़े हुये लेकिन उन्हें पराजय का मुँह देखना पड़ा। उनका यह सपना 1986 में पूरा हुआ। इसके बाद क्रमश: 1986, 1989, 1991, 1996 में भी चुनाव जीते। 2002 वे भाजपा की सहायता से राज्यसभा के लिये चुने गये। 2004 में वे दुमका से लोकसभा के लिये चुने गये और राज्यसभा की सीट से त्यागपत्र दे दिया। सन 2005 में झारखंड विधानसभा चुनावों के पश्चात वे विवादस्पद तरीक़े से झारखंड के मुख्यमंत्री बने, परंतु बहुमत साबित न कर सकने के कारण कुछ दिन पश्चात ही उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा। .

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शिवशंकर उराँव

शिवशंकर उराँव भारत के झारखण्ड राज्य की गुमला सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार भूषण तिर्की को 4032 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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शिखरजी

शिखरजी या श्री शिखरजी या पारसनाथ पर्वत भारत के झारखंड राज्य के गिरीडीह ज़िले में छोटा नागपुर पठार पर स्थित एक पहाड़ी है जो विश्व का सबसे महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थल भी है। 'श्री सम्मेद शिखरजी' के रूप में चर्चित इस पुण्य क्षेत्र में जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों (सर्वोच्च जैन गुरुओं) ने मोक्ष की प्राप्ति की। यहीं 23 वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी निर्वाण प्राप्त किया था। माना जाता है कि 24 में से 20 जैन ने पर मोक्ष प्राप्त किया था।, Travel.hindustantimes.com, Accessed 2012-07-07 1,350 मीटर (4,430 फ़ुट) ऊँचा यह पहाड़ झारखंड का सबसे ऊंचा स्थान भी है। .

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शिकारीपाड़ा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

शिकारीपाड़ा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। दुमका ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र दुमका लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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शुभलक्ष्मी शर्मा

शुभलक्ष्मी शर्मा एक भारतीय क्रिकेटर हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मध्यम गेंदबाज है। .

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श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2014-15

वेतन विवाद के कारण वेस्ट इंडीज के भारत दौरे के परित्याग होने के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम ने भारत को 30 अक्टूबर से 16 नवंबर 2014 तक पांच वनडे के लिए खेले। भारत ने एकदिवसीय श्रृंखला में 5-0 से सीरीज जीती और अपने चौथे व्हॉइट वाश से हराया। यह श्रीलंका के पहले 0-5 से हार गया है। चौथे एकदिवसीय मैच में, भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 264 रन बनाकर एक वनडे में सर्वाधिक स्कोर के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने इस पारी में 33 चौके लगाए जो एक विश्व रिकॉर्ड भी है। .

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श्वेता बासु प्रसाद

श्वेता बासु प्रसाद एक भारतीय अभिनेत्री हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार हिंदी फिल्मों से शुरू की थी उसके बाद से वह तेलुगू, बंगाली और तमिल सिनेमा में भी मुख्य भूमिकाए निभाई। २००२ में श्वेता बासु ने बतौर बाल कलाकार "मकडी" फिल्म में बहुत तारीफे बटोरी और इस फिल्म के लिए उन्हें "सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार" भी मिला। .

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शेख भिखारी

शेख भिखारी का जन्म सन् 1819 ई० में झारखंडके ओरमांझी थाना के खुदिया गाँव में हुआ था। वह सन् 1857 की क्रांति के दूसरे शहीद थे। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन.

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सत्येन्द्र नाथ तिवारी

सत्येन्द्र नाथ तिवारी भारत के झारखण्ड राज्य की गढ़वा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार गिरिनाथ सिंह को 21510 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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सदनी जलप्रपात

सदनी जलप्रपात झारखंड में स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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सबसे सघन आबादी वाले शहर

FE-India-Map-2014.jpg भारत के घनी आबादी वाले शहरों भारत के सबसे घनी आबादी वाले शहरों की सूची .

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सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी

सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी भारत में ट्वेंटी-20 क्रिकेट घरेलू चैंपियनशिप, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी से टीमों के बीच था। 2008-09 सत्र में इस ट्रॉफी के लिए उद्घाटन सत्र था। यह एक प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेटर के नाम पर है, सय्यद मुश्ताक अली। जून 2016 में बीसीसीआई ने घोषणा की है कि चैम्पियनशिप खत्म कर दिया है और एक जोनल आधारित प्रतियोगिता के साथ प्रतिस्थापित किया जाएगा। .

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सरना धर्म

सरना धर्म झारखण्ड के आदिवासियों का आदि धर्म है। परन्तु प्रत्येक राज्य आदिवासी ये धर्म को अलग-अलग नाम से जानते है और मानते है अर्थात जब आदिवासी आदिकाल में जंगलों में होते थे। उस समय से आदिवासी प्रकृति के सारे गुण और सारे नियम को समझते थे और सब प्रकृति के नियम पर चलते थे। उस समय से आदिवासी में जो पुजा पद्धति व परम्परा विद्यमान थी वही आज भी क़ायम रखे है। चुंकि आदिवासी प्रकृति पूजक है,प्रकृति पूजक सरना धर्म को 'आदि धर्म' भी कहा जाता रहा है। हिन्दू धर्म और सरना धर्म में अधिकांश बातों में समानता होते हुए भी सरना धर्म बिलकुल ही अलग है। सरना पुजा पद्धति भी हिन्दू से नही मिलती है। सरना धर्म एक आदिवासी समुदाय से है जो की आदिकाल से इस धर्म को अपनाया जा रहा है। सरना धर्म एक आदिवासियों में "हो" लोग खास तौर पर इसको मानते हैं। सरना धर्म को छोड़ कर बहुत से आदिवासी "हो" लोग ईसाई धर्म और सनातन धर्म को अपना रहे हैं। जिससे जो कि आदिकाल से जिस परम्परा को मानते आ रहा है, उसे छोड़ने पर विवश हैं। सरना धर्म में पेड़, पौधे, पहाड़ इत्यादि प्राकृतिक सम्पदा की पूजा की जाती है। .

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सरयू राय

सरयू राय भारत के झारखण्ड राज्य की जमशेदपुर पश्चिम सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार बन्ना गुप्ता को 10517 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। २०१४ के चुनावों के बाद पूर्ण बहुमत में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री बने रघुवर दास एवं केबिनेट मंत्री बने सरयू राय। रघुवर दास सरकार में शामिल मंत्री सरयू राय ने 1994 में सबसे पहले पशुपालन घोटाले का भंडाफोड़ किया था। बाद में इस घोटाले की सीबीआइ जांच हुई। राय ने घोटाले के दोषियों को सजा दिलाने को उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक संघर्ष किया। इसके फलस्वरूप राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव समेत दर्जनों राजनीतिक नेताओं व अफसरों को जेल जाना पड़ा। सरयू राय ने 1980 में किसानों को आपूर्ति होने वाले घटिया खाद, बीज, तथा नकली कीटनाशकों का वितरण करने वाली शीर्ष सहकारिता संस्थाओं के विरूद्ध भी आवाज उठायी थी। तब उन्होंने किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सफल आंदोलन किया। सरयू राय ने ही संयुक्त बिहार में अलकतरा घोटाले का भी भंडाफोड़ किया था। इसके अलावा झारखंड के खनन घोटाले को उजागर करने में सरयू राय की अहम भूमिका रही। इतने घोटालों के पर्दाफाश के बाद तो सरयू राय का नाम भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ का पर्याय बन गया। .

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सरस्वती विद्या मंदिर, बोकारो

सरस्वती विद्या मंदिर, बोकारो इस्पात नगर में मई १९९४ में स्थापित हुआ था। इस से पहले यह सरस्वती शिशु मंदिर, बोकारो के नाम से सन् १९६७ में स्थापित हुआ था। यह एक अंग्रेज़ी-माध्यम सह-शिक्षा विद्यालय है जो नई दिल्ली, भारत में केन्द्रित केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के साथ जुड़ा हुआ है। इसका संचालन नई दिल्ली की विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान करती है, जो एक लाभ निरपेक्ष संस्था है। शिव कुमार सिंह इसके प्रथम प्राध्यापक थे और वर्तमान में राजा राम शर्मा हैं। विद्यालय परिक्षाओं में और खेल व संस्कृति के मैदानों में सफलता के लिये जाना जाता है। .

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सरसों का तेल

सरसों का तेल सरसों के तेल शब्द का इस्तेमाल तीन भिन्न प्रकार के तेलों के लिए किया जाता है जो सरसों के बीज से बने होते हैं।.

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सरहुल

सरहुल आदिवासियों का एक प्रमुख पर्व है जो झारखंड, उड़ीसा, बंगाल और मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह उनके भव्य उत्सवों में से एक है। यह उत्सव चैत्र महीने के तीसरे दिन चैत्र शुक्ल तृतीया पर मनाया जाता है। आदिवासी लोग 'सरहुल' का जश्न मनाते हैं, जिसमें वृक्षों की पूजा की जाती है। यह पर्व नये साल की शुरुआत का प्रतीक है। यह वार्षिक महोत्सव वसंत ऋतु के दौरान मनाया जाता है एवम् पेड़ और प्रकृति के अन्य तत्वों की पूजा होती है। सरहुल का शाब्दिक अर्थ है 'साल की पूजा', सरहुल त्योहार धरती माता को समर्पित है - इस त्योहार के दौरान प्रकृति की पूजा की जाती है। सरहुल कई दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें मुख्य पारंपरिक नृत्य सरहुल नृत्य किया जाता है। सरहुल वसंत ऋतु के दौरान मनाया जाता है और साल (शोरिया रोबस्टा) पेड़ों को अपनी शाखाओं पर नए फूल मिलते हैं। आदिवासियों का मानना ​​है कि वे इस त्योहार को मनाए जाने के बाद ही नई फसल का उपयोग मुख्य रूप से धान, पेड़ों के पत्ते, फूलों और फलों के फल का उपयोग कर सकते हैं। सरहुल महोत्सव कई किंवदंतियों के अनुसार महाभारत से जुडा हुआ है। जब महाभारत युद्ध चल रहा था तो मुंडा जनजातीय लोगों ने कौरव सेना की मदद की और उन्होंने इसके लिए भी अपना जीवन बलिदान किया। लड़ाई में कई मुंडा सेनानियों पांडवों से लड़ते हुए मर गए थे इसलिए, उनकी शवों को पहचानने के लिए, उनके शरीर को साल वृक्षों के पत्तों और शाखाओं से ढका गया था। निकायों जो पत्तियों और शाखाओं के पेड़ों से ढंके हुए थे, सुरक्षित नहीं थे, जबकि अन्य शव, जो कि साल के पेड़ से नहीं आते थे, विकृत हो गए थे और कम समय के भीतर सड़ गया थे। इससे साल के पेड़ पर उनका विश्वास दर्शाया गया है जो सरहुल त्योहार से काफी मजबूत है। त्योहार के दौरान फूलों के फूल सरना (पवित्र कब्र) पर लाए जाते हैं और पुजारी जनजातियों के सभी देवताओं का प्रायश्चित करता है। एक सरना वृक्ष का एक समूह है जहां आदिवासियों को विभिन्न अवसरों में पूजा होती है। कई अन्य लोगों के बीच इस तरह के एक ग्रोथ को कम से कम पांच सा वृक्षों को भी शोरज के रूप में जाना जाना चाहिए, जिन्हें आदिवासियों द्वारा बहुत ही पवित्र माना जाता है। यह गांव के देवता की पूजा है जिसे जनजाति के संरक्षक माना जाता है। नए फूल तब दिखाई देते हैं जब लोग गाते और नृत्य करते हैं। देवताओं की साला फूलों के साथ पूजा की जाती है पेड़ों की पूजा करने के बाद, गांव के पुजारी को स्थानीय रूप से जाने-पहल के रूप में जाना जाता है एक मुर्गी के सिर पर कुछ चावल अनाज डालता है स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि यदि मृगी भूमि पर गिरने के बाद चावल के अनाज खाते हैं, तो लोगों के लिए समृद्धि की भविष्यवाणी की जाती है, लेकिन अगर मुर्गी नहीं खाती, तो आपदा समुदाय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा, आने वाले मौसम में पानी में टहनियाँ की एक जोड़ी देखते हुए वर्षा की भविष्यवाणी की जाती है। ये उम्र पुरानी परंपराएं हैं, जो पीढ़ियों से अनमोल समय से नीचे आ रही हैं। सभी झारखंड में जनजाति इस उत्सव को महान उत्साह और आनन्द के साथ मनाते हैं। जनजातीय पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को रंगीन और जातीय परिधानों में तैयार करना और पारंपरिक नृत्य करना। वे स्थानीय रूप से बनाये गये चावल-बीयर, हांडिया नाम से पीते हैं, चावल, पानी और कुछ पेड़ के पत्तों के कन्सेक्शन से पीसते हैं और फिर पेड़ के चारों ओर नृत्य करते हैं। हालांकि एक आदिवासी त्योहार होने के बावजूद, सरहुल भारतीय समाज के किसी विशेष भाग के लिए प्रतिबंधित नहीं है। अन्य विश्वास और समुदाय जैसे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई लोग नृत्य करने वाले भीड़ को बधाई देने में भाग लेते हैं। सरहुल सामूहिक उत्सव का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां हर कोई प्रतिभागी है। इस दिन झारखंड में राजकीय अवकाश रहता है। .

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सरायढेला

सरायढेला झारखण्ड के धनबाद जिले के अन्तर्गत आनेवाला एक शहरी कस्बा है, जो अत्यन्त तेजी से विकास कर रहा है। जिले के नामी शिक्षण संस्थान, कई सरकारी कंपनियो की रिहायशी इलाका और कार्यालय, छोटे-मोटे दुकानो के साथ बिग बाजार, मेगामार्ट जैसी बडी रिटेल क्षेत्र, कई मन्दिर साथ बैंक आदि इस क्षेत्र मे खुले है। .

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सरायकेला (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सरायकेला भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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सराइकेला

सराइकेला भारत के झारखंड प्रान्त में सरायकेला खरसांवां जिले में स्थित एक शहर है, जो इस जिले का मुख्यालय भी है। श्रेणी:झारखंड के शहर.

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सराइकेला खरसावाँ जिला

सराइकेला खरसावाँ भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय सराइकेला खरसावाँ है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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सरजामदा

सरजामदा भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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साधु चरण महतो

साधु चरण महतो भारत के झारखण्ड राज्य की ईचागढ़ सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार सबिता महतो को 42250 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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सारठ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सारठ भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। देवघर ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र दुमका लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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साहिबगंज

साहिबगंज भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। इसकी स्थापना 28 जनवरी 1994 को पाकुड़ जिले को विभाजित कर किया गया था। उत्तर में इसके उत्तर में गंगा नदी एवं बिहार काकटिहार जिला है, दक्षिण में गोड्डा, पूर्व में पश्चिम बंगाल का मालदा एवं मुर्शिदाबाद तथा पश्चिम में बिहार का भागलपुर जिला स्थित है। श्रेणी:झारखंड के शहर.

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साहिबगंज जिला

साहिबगंज भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय साहिबगंज है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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सांथाल जनजाति

संथाल जनजाति झारखंड के ज्यादातर हिस्सों तथा पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और असम के कुछ जिलों में रहने वाली भारत की प्राचीनतम जनजातियों में से एक है। ये भारत के प्रमुख आदिवासी समूह है। इनका निवास स्थान मुख्यतः झारखंड प्रदेश है। झारखंड से बाहर ये बंगाल, बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, असम, में रहते है। संथाल प्रायः नाटे कद के होता है। इनकी नाक चौड़ी तथा चिपटी होती है। इनका संबंध प्रोटो आस्ट्रेलायड से है। संथालों के समाज में मुख्य व्यक्ति इनका मांझी होता है। मदिरापान तथा नृत्य इनके दैनिक जीवन का अंग है। अन्य आदिवासी समुहों की तरह इनमें भी जादू टोना प्रचलित है। संथालो की अन्य विषेशता इनके सुन्दर ढंग के मकान हैं जिनमें खिडकीयां नहीं होती हैं। संथाल मारांग बुरु की उपासना करतें हैं साथ ही ये सरना धर्म का पालन करते हैं। इनकी भाषा संथाली और लिपि ओल चिकी है। इनके बारह मूल गोत्र हैं; मरांडी, सोरेन, हासंदा, किस्कू, टुडू, मुर्मू, हेम्ब्रम, बेसरा, बास्की, चौड़े, बेदिया, एवं पौरिया। संताल समुदाय मुख्यतः बाहा, सोहराय, माग, ऐरोक, माक मोंड़े, जानथाड़, हरियाड़ सीम, आराक सीम, जातरा, पाता, बुरु मेरोम, गाडा पारोम तथा सकरात नामक पर्व / त्योहार मनाते हैं। इनके विवाह को 'बापला' कहा जता है। संताल समुदाय में कुल 23 प्रकार की विवाह प्रथायें है, जो निम्न प्रकार है - उनकी अद्वितीय विरासत की परंपरा और आश्चर्यजनक परिष्कृत जीवन शैली है। सबसे उल्लेखनीय हैं उनके लोकसंगीत, गीत और नृत्य हैं। संथाली भाषा व्यापक रूप से बोली जाती है। दान करने की संरचना प्रचुर मात्रा में है। उनकी स्वयं की मान्यता प्राप्त लिपि 'ओल-चिकी' है, जो संताल समुदाय के लिये अद्वितीय है। संथाल के सांस्कृतिक शोध दैनिक कार्य में परिलक्षित होते है- जैसे डिजाइन, निर्माण, रंग संयोजन और अपने घर की सफाई व्यवस्था में है। दीवारों पर आरेखण, चित्र और अपने आंगन की स्वच्छता कई आधुनिक शहरी घर के लिए शर्म की बात होगी। संथाल के सहज परिष्कार भी स्पष्ट रूप से उनके परिवार के पैटर्न -- पितृसत्तात्मक, पति पत्नी के साथ मजबूत संबंधों को दर्शाता है। विवाह अनुष्ठानों में पूरा समुदाय आनन्द के साथ भाग लेते हैं। लड़का और लड़की का जन्म आनंद का अवसर हैं। संथाल मृत्यु के शोक अन्त्येष्टि संस्कार को अति गंभीरता से मनाया जाता है। संताल समुदाय का धार्मिक विश्वासों और अभ्यास किसी भी अन्य समुदाय या धर्म से मेल नहीं खाता है। इनमें प्रमुख देवता हैं- 'सिंग बोंगा', 'मारांग बुरु' और 'जाहेर एरा, गोसांय एरा, मांझी बाबा - गोगो, आदि। पूजा अनुष्ठान में बलिदानों का इस्तेमाल किया जाता है। .

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साक्षरता दर के आधार पर भारत के राज्य

यह सूची भारत के राज्यों की साक्षरता दर के आधार पर है। यह सूची एन॰एफ॰एच॰एस-३ से संकलित की गई थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एन॰एफ॰एच॰एस-३) एक बड़े पैमाने का सर्वेक्षण है जो स्वास्थ्य और जन-कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नामित अंतर्राष्ट्रीय जन-संख्य विज्ञान संस्थान, मुम्बई द्वारा किया जाता है। एन॰एफ॰एच॰एस-३ ११ अक्टूबर २००७ को जारी किया गया था और पूरा सर्वेक्षण इस वेबसाइट पर देखा जा सकता है। .

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सिद्धू कान्हू विश्वविद्यालय

यह विश्वविद्यालय झारखंड के दुमका क्षेत्र में स्थित है। .

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सिन्दरी (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सिन्दरी भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। धनबाद ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र धनबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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सिन्धु-गंगा के मैदान

सिन्धु-गंगा मैदान का योजनामूलक मानचित्र सिन्धु-गंगा का मैदान, जिसे उत्तरी मैदानी क्षेत्र तथा उत्तर भारतीय नदी क्षेत्र भी कहा जाता है, एक विशाल एवं उपजाऊ मैदानी इलाका है। इसमें उत्तरी तथा पूर्वी भारत का अधिकांश भाग, पाकिस्तान के सर्वाधिक आबादी वाले भू-भाग, दक्षिणी नेपाल के कुछ भू-भाग तथा लगभग पूरा बांग्लादेश शामिल है। इस क्षेत्र का यह नाम इसे सींचने वाली सिन्धु तथा गंगा नामक दो नदियों के नाम पर पड़ा है। खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी होने के कारण इस इलाके में जनसंख्या का घनत्व बहुत अधिक है। 7,00,000 वर्ग किमी (2,70,000 वर्ग मील) जगह पर लगभग 1 अरब लोगों (या लगभग पूरी दुनिया की आबादी का 1/7वां हिस्सा) का घर होने के कारण यह मैदानी इलाका धरती की सर्वाधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में से एक है। सिन्धु-गंगा के मैदानों पर स्थित बड़े शहरों में अहमदाबाद, लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, कोलकाता, ढाका, लाहौर, फैसलाबाद, रावलपिंडी, इस्लामाबाद, मुल्तान, हैदराबाद और कराची शामिल है। इस क्षेत्र में, यह परिभाषित करना कठिन है कि एक महानगर कहां शुरू होता है और कहां समाप्त होता है। सिन्धु-गंगा के मैदान के उत्तरी छोर पर अचानक उठने वाले हिमालय के पर्वत हैं, जो इसकी कई नदियों को जल प्रदान करते हैं तथा दो नदियों के मिलन के कारण पूरे क्षेत्र में इकट्ठी होने वाली उपजाऊ जलोढ़ मिटटी के स्रोत हैं। इस मैदानी इलाके के दक्षिणी छोर पर विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाएं तथा छोटा नागपुर का पठार स्थित है। पश्चिम में ईरानी पठार स्थित है। .

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सिमडेगा

सिमडेगा भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। यह राज्य के दक्षिण पश्चिम हिस्से में स्थित है। भौगोलिक रूप से यह उत्तर में गुमला, पूर्व में राँची एवं पश्चिमी सिंहभूम, दक्षिण में उड़ीसा, एवं पश्चिम में छत्तीसगढ से घिरा है। जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3768.13 वर्ग किमी है। यहाँ की ज्यादातर आबादी, लगभग 71 प्रतिशत अनुसूचित जनजातियों की है जो झारखंड में किसी भी जिले से ज्यादा है। सिमडेगा जिले में दस प्रखंड हैं जिनमें - सिमडेगा, कोलेबिरा, बांसजोर, कुरडेग, केरसई, बोलबा, पाकरटांड, ठेठईटांगर, बानो एवं जलडेगा शामिल हैं। वैसे तो पूरा सिमडेगा जिला ही प्राकृतिक दृष्टि से पर्यटन क्षेत्र की तरह है, क्योंकि यह पूरी तरह से प्राकृति की गोद में बसा है, फिर भी सिमडेगा जिले के प्रमुख स्थल हैं - केलाघाघ डैम, अनजान शाह पीर बाबा, रामरेखा धाम, केतुन्गा धाम। इसके अलवा यहाँ हरीयाली, नदी, डैम, झरने, के लिहाज से पूरा सिमडेगा ही पर्यटन स्थल है। मेहनती किसान, यहाँ के लोग, यहाँ की संस्कृति काफी अलग और सुंदर है। .

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सिमडेगा (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सिमडेगा भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गुमला ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र खूँटी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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सिमडेगा जिला

सिमडेगा भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय सिमडेगा है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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सिमरिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सिमरिया भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। चतरा ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र चतरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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सिल्ली (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सिल्ली भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। रांची ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राँची लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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सिसई (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

सिसई भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गुमला ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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सिंदरी

अवलोकन सिंदरी धनबाद झारखंड राज्य के धनबाद जिला के नगरपालिका सीमा के भीतर एक औद्योगिक नगरी है। जल्दी औद्योगिक भारत में यहाँ कल्पना - सिंदरी अच्छी तरह से एक बड़ी उर्वरक कारखाना (FCIL, 2002 में बंद भारत का उर्वरक निगम) की वजह से जाना जाता था। यह भी जाना जाता था एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी (एसीसी), इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी (इस्को) है, जो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया है पर ले लिया की कोयला खान जैसे यहां स्थित कुछ अन्य कंपनियों के लिए सेल और परियोजनाओं और विकास इंडिया लिमिटेड पीडीआईएल, पूर्व योजना एवं विकास प्रभाग भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की एक सहायक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के FCIL और कोयला खान के.

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सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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सखाराम गणेश देउस्कर

सखाराम गणेश देउस्कर (17 दिसम्बर 1869 - 23 नवम्बर 1912) क्रांतिकारी लेखक, इतिहासकार तथा पत्रकार थे। वे भारतीय जन-जागरण के ऐसे विचारक थे जिनके चिंतन और लेखन में स्थानीयता और अखिल बांग्ला तथा चिंतन-मनन का क्षेत्र इतिहास, अर्थशास्त्र, समाज एवं साहित्य था। देउस्कर भारतीय जनजागरण के ऐसे विचारक थे जिनके चिंतन और लेखन में स्थानीयता और अखिल भारतीयता का अद्भुत संगम था। वे महाराष्ट्र और बंगाल के नवजागरण के बीच सेतु के समान हैं। उनका प्रेरणा-स्रोत महाराष्ट्र है, पर वे लिखते बांग्ला में हैं। अपने मूल से अटटू लगाव और वर्तमान से गहरे जुड़ाव का संकेत उनके देउस्कर नाम में दिखाई देता है, जो 'देउस' और ' करौं ' के योग से बना है। विचारक, पत्रकार और लेखक सखाराम गणेश देउस्कर भारतीय नवजागरण के प्रमुख निर्माताओं में से एक थे। मराठी मूल के लेकिन बंगाली परिवेश में जन्मे और पले-बढ़े देउस्कर ने महाराष्ट्र और बंगाल के नवजागरण के बीच सेतु की तरह काम किया। अरविंद घोष ने लिखा है कि 'स्वराज्य' शब्द के पहले प्रयोग का श्रेय देउस्कर को ही जाता है। पत्रकार के तौर पर जीवन की शुरुआत करने वाले देउस्कर की इतिहास, साहित्य और राजनीति में विशेष रूप से रुचि थी। उन्होंने बांग्ला की अधिकांश क्रांतिकारी पत्रिकाओं में सतत लेखन किया। देउस्कर की जिस एक रचना ने नवजागरण काल के प्रबुद्धवर्ग को सर्वाधिक प्रभावित किया, वह थी 1904 में प्रकाशित कृति 'देशेर कथा'। इसका हिंदी-अनुवाद 'देश की बात' (1910) नाम से हुआ। विलियम डिग्बी, दादाभाई नौरोजी और रमेश चंद्र दत्त ने भारतीय अर्थव्यवस्था के जिस विदेशी शोषण के बारे में लिखा था, सखाराम देउस्कर ने मुख्यतः उसी आधार पर इस ऐतिहासिक कृति की रचना की। हिंदुस्तान के उद्योग-धंधों की बर्बादी का चित्रण करती देउस्कर की यह कृति ब्रिटिश साम्राज्यवाद की जंजीरों में जकड़ी और शोषण के तले जीती-मरती भारतीय जनता के रुदन का दस्तावेज़ है। .

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संथाल परगना

संथाल परगना भारत के झारखंड राज्य की प्रशासनिक इकाइयों में से एक है। यह झारखंड की एक कमीशनरी है जिसका मुख्यालय दुमका में है। इस इकाई में झारखंड के छह जिले - गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं। ब्रिटिश राजमें पहले संथाल परगना नाम से ही संयुक्त बिहार में एक जिला हुआ करता था जिसे 1855 में ब्रिटिशों ने जिला घोषित किया था और यह बंगाल प्रेसिडेंसी का हिस्सा हुआ करता था। संथाल परगना दो शब्दों संथाल (जिसे कुछ लोग संताल एवं सांथाल भी कहते हैं) - जो एक आदिवासी समुदाय है और परगना (उर्दू) - जिसका अर्थ प्रांता या राज्य होता है - से बना है। संथाल परगना के सभी छह जिलों में सांथाल आदिवासियों की बहुतायत है जो आस्ट्रो एशियाटिक भाषा परिवार की सांथाली और भारतीय आर्य भाषा परिवार की अंगिका भाषा का प्रयोग करते हैं। ब्रिटिश राज के दौरान आदिवासियों द्वारा यहाँ कई विद्रोह हुए थे जिसमें तिलका मांझी, बिरसा मुंडा, कान्हू मुर्मू और सिद्धू मुर्मू इत्यादि जैसे आदिवासियों ने काफी प्रमुख भूमिका निभाई थी। .

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संथाली भाषा

संताली मुंडा भाषा परिवार की प्रमुख भाषा है। यह असम, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ, बिहार, त्रिपुरा तथा बंगाल में बोली जाती है। संथाली, हो और मुंडारी भाषाएँ आस्ट्रो-एशियाई भाषा परिवार में मुंडा शाखा में आती हैं। संताल भारत, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान में लगभग ६० लाख लोगों से बोली जाती है। उसकी अपनी पुरानी लिपि का नाम 'ओल चिकी' है। अंग्रेजी काल में संथाली रोमन में लिखी जाती थी। भारत के उत्तर झारखण्ड के कुछ हिस्सोँ मे संथाली लिखने के लिये देवनागरी लिपि का प्रयोग होता है। संतालों द्वारा बोली जानेवाली भाषा को संताली कहते हैं। .

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संस्थागत प्रसव के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

इस सूची में भारत के राज्य प्रतिशत में अस्पताल में जन्में शिशुओं के आधार पर है। इस सूची के आँकड़े राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3 से लिए गए हैं। श्रेणी:भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से संबंधित सूचियाँ.

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संजीव सिंह

संजीव सिंह भारत के झारखण्ड राज्य की झरिया सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार नीरज सिंह को 33692 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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सुदर्शन भगत

सुदर्शन भगत भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की लोहरदगा सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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सुनील कुमार बर्नवाल

सुनील कुमार वर्णवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं एवं झारखंड में पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त हैं जिसका मुख्यालय जमशेदपुर में है। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:प्रशासनिक अधिकारी श्रेणी:झारखंड श्रेणी:जमशेदपुर.

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सुनील कुमार महतो

सुनील महतो (11 जनवरी 1966 - 4 मार्च 2007) जमशेदपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद रहे हैं। झारखंड आंदोलन में सक्रिय रहे श्री महतो की हत्या नक्सलवादियों ने जमशेदपुर के घाटशिला अनुमंडल में एक फुटबाल प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर कर दी। .

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सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने झारखण्ड की चतरा सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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सुबोधकांत सहाय

'"रामटहल चौधरी' भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं, एवं झारखंड के राँची लोकसभा क्षेत्र काचौदसोलहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड श्रेणी:राँची.

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सुमन महतो

सुमन महतो झामुमो की सांसद थीं, एवं झारखंड के जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रही थीं। श्रीमती महतो झामुमो नेता स्वर्गीय सुनील महतो, सांसद की पत्नी हैं। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड श्रेणी:जमशेदपुर.

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सुलतानगंज प्रखण्ड (भागलपुर)

सुल्तानगंज भारत के बिहार प्रान्त में स्थित भागलपुर जिले का एक शहरहै। सुल्तानगंज गंगा के किनारे बसा हुआ एक पवित्र शहर है। सावन के महीने में यहाँ लाखों की सँख्या में शिव भक्त काँवरियों की भीड़ उमड़ती है। लोग यहाँ गंगा नदी से गंगाजल अपने पात्रो में भरकर लगभग 105 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करते हुये झारखंड स्थित देवघर में वैद्यनाथधाम मंदिर जाकर वहाँ जल चढाते हैं। .

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सुल्तानगंज

सुल्तानगंज (अंग्रेजी: Sultanganj) भारत के बिहार राज्य के भागलपुर जिला में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह गंगानदी के तट पर बसा हुआ है। यहाँ बाबा अजगबीनाथ का विश्वप्रसिद्ध प्राचीन मन्दिर है। उत्तरवाहिनी गंगा होने के कारण सावन के महीने में लाखों काँवरिये देश के विभिन्न भागों से गंगाजल लेने के लिए यहाँ आते हैं। यह गंगाजल झारखंड राज्य के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ को चढाते हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है। सुल्तानगन्ज हिन्दू तीर्थ के अलावा बौद्ध पुरावशेषों के लिये भी विख्यात है। सन १८५३ ई० में रेलवे स्टेशन के अतिथि कक्ष के निर्माण के दौरान यहाँ से मिली बुद्ध की लगभग ३ टन वजनी ताम्र प्रतिमा आज बर्मिन्घम म्यूजियम में रखी है। .

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सुशीला केरकेट्टा

सुशीला केरकेट्टा कांग्रेस की एक प्रमुख आदिवासी नेता एवं सांसद थीं। उन्होंने झारखंड के खूँटी लोकसभा क्षेत्र का चौदहवीं लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया था। सुशीला केरकेट्टा का 19 अक्टूबर 2009 को देहांत हो गया। उन्होंने रांची के राज अस्पताल में आखिरी साँस ली। श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:सांसद श्रेणी:झारखंड.

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सुषमा सिंह

सुषमा सिंह (जन्म 22 मई 1949) भारत की महिला मुख्य सूचना आयुक्त रह चुकी हैं। वे यह पद संभालने वाली भारत की दूसरी महिला हैं।22 मई 2014 को उनकी सेवानिवृति के बाद अब इस पद पर राजीव माथुर कार्यरत हैं। .

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सुवर्णरेखा नदी

सुवर्णरेखा या स्वर्णरेखा भारत के झारखंड प्रदेश में बहने वाली एक पहाड़ी नदी है। यह राँची नगर से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित नगड़ी गाँव में रानी चुआं नामक स्थान से निकलती है और उत्तर पूर्व की ओर बढ़ती हुई मुख्य पठार को छोड़कर प्रपात के रूप में गिरती है। इस प्रपात (झरना) को हुन्डरु जलप्रपात (hundrughagh) कहते हैं। प्रपात के रूप में गिरने के बाद नदी का बहाव पूर्व की ओर हो जाता है और मानभूम जिले के तीन संगम बिंदुओं के आगे यह दक्षिण पूर्व की ओर मुड़कर सिंहभूम में बहती हुई उत्तर पश्चिम से मिदनापुर जिले में प्रविष्टि होती है। इस जिले के पश्चिमी भूभाग के जंगलों में बहती हुई बालेश्वर जिले में पहुँचती है। यह पूर्व पश्चिम की ओर टेढ़ी-मेढ़ी बहती हुई बालेश्वर नामक स्थान पर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इस नदी की कुल लंबाई 474 किलोमीटर है और लगभग 28928 वर्ग किलोमीटर का जल निकास इसके द्वारा होता है। इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ काँची एवं कर्कारी हैं। भारत का प्रसिद्ध एवं पहला लोहे तथा इस्पात का कारखाना इसके किनारे स्थापित हुआ। कारखाने के संस्थापक जमशेद जी टाटा के नाम पर बसा यहाँ का नगर जमशेदपुर या टाटानगर कहा जाता है। अपने मुहाने से ऊपर की ओर यह 16 मील तक देशी नावों के लिए नौगम्य (navigable) है। श्रेणी:भारत की नदियाँ श्रेणी:झारखंड.

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स्ताव्रोपोल क्राय

स्ताव्रोपोल क्राय (रूसी: Ставропо́льский край, स्ताव्रोपोलस्की क्राय) कॉकस क्षेत्र में स्थित रूस की संघीय प्रणाली में एक क्राय है, जो एक प्रान्त जैसा प्रशासनिक विभाग होता है। इसका प्रशासनिक केंद्र स्ताव्रोपोल का शहर है। इस प्रांत में कॉकस पर्वत शृंखला की महाकॉकस श्रेणी का अधिकाँश भाग आता है। सन् 2002 में हुई जनगणना के अनुसार यहाँ 27,35,139 निवासी हैं जिनमें से 81.6% लोग रूसी समुदाय के हैं। इस क्राय का क्षेत्रफल 66,500 वर्ग किमी है जो भारत के झारखंड राज्य से ज़रा छोटा है। .

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स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र

भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की यह सूची स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता के आधार पर है जो ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आँकड़ों (३ अप्रैल २००६) के अनुसार है। सभी आँकड़े मेगावॉट (१० लाख वॉट) में हैं। नोट: निजी उत्पादको द्वारा संचालित संयंत्र उपयोगिता में पंजीकृत नहीं हैं इसलिए उनके द्वारा उत्पादित ऊर्जा इसमें सम्मिलित नहीं कि गई है। .

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स्पिरिट एअर (भारत)

स्पिरिट एअर (भारत) एक चार्टर एयरलाइन है जो संचालन बेंगलुरु और कोलकाता से करती है। यह फिलहाल बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा मे सेवाएँ प्रदान करती है। यह दक्षिण भारत मे विस्तार करना चाहती है। यह संचालन के लिए सेसस्ना 172 विमान का उपयोग करती है। .

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सैयद सिब्ते रज़ी

सैयद सिब्ते रज़ी (अंग्रेजी: Syed Sibtey Razi, जन्म:7 मार्च 1939 रायबरेली, उत्तर प्रदेश) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के एक राजनयिक हैं। वे राज्य सभा के तीन बार सदस्य रहे। बाद में उन्हें झारखंड और असम का राज्यपाल भी बनाया गया। .

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सैयद अहमद

डॉ॰ सैयद अहमद (6 मार्च 1945-27 सितंबर 2015) एक भारतीय राजनीतिज्ञ, लेखक और कांग्रेस पार्टी के एक सदस्य थे। उन्होंने 16 मई, 2015 को मणिपुर के सोलहवें राज्यपाल के रूप में शपथ लिया था। वे 4 सितंबर, 2011 से 16 मई, 2015 के मध्य झारखंड के राज्यपाल भी रहे हैं। श्री अहमद वर्ष 1977 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए तथा महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पांच बार (वर्ष 1980,1985,1990,1999 एवं 2004) मुंबई के नागपाड़ा सीट से निर्वाचित हुए। पुस्तक ‘पगडंडी से शाहराह तक’ इनकी अपनी लिखी जीवनी है। 27 सितंबर, 2015 को उनका निधन मुंबई के लीलावती अस्पताल में कैंसर की बीमारी के कारण हुआ। .

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सेवा का अधिकार

आम जनता का यह अधिकार कि वह कुछ सार्वजनिक सेवाओ को तय समयावधि में पाने का हक रखती है - 'सेवा का अधिकार' कहलाता है। इसके तहत तय समयसीमा में काम का निबटारा करना सम्बंधित अधिकारियों की बाध्यता होती है। समयसीमा के अंदर सेवा नहीं उपलब्ध करानेवाले अधिकारियों के लिए दंड का प्रावधान किया जाता है। भारत में मध्य प्रदेश राज्य ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम २०१० (म प्र) के द्वारा सबसे पहले यह कानून लागू किया। अब बिहार, पंजाब, झारखण्ड उत्तराखंड में भी यह नियम लागू है। दिल्ली और केरल सरकारें यह नियम लागू करने जा रही हैं। .

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सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड

राँची स्थित '''दरभंगा भवन''' जो सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड का मुख्यालय है। सेण्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (Central Coalfields Limited (CCL)), कोल इण्डिया लिमिटेड की सहायक कम्पनी है जो भारत के केन्द्रीय प्रभाग की खानों का प्रबन्धन करती है। इसका मुख्यालय 'दरभंगा भवन' राँची, झारखण्ड है। सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड वर्ष 2007 से श्रेणी 1 मिनीरत्न कंपनी है। वर्ष 2009-10 के दौरान कंपनी का कोयला उत्पादन उच्चतम स्तर 47.08 मिलियन टन पहुंच गया तथा पेड-अप कैपिटल रू० 940 करोड़ के विरूद्घ नेटवर्थ रू० 2644 करोड़ हो गया। सीसीएल की स्‍थापना (सर्वप्रथम एनसीडीसी लिमिटेड) एक नवम्बर 1975 को सीआईएल की पांच सहायक कंपनियों में सेएक सहायक कंपनी के रूप में हुई। कोलइंडिया लिमिटेड कोयला हेतु देश की प्रथम नियंत्रक कंपनी है। अभी सीआईएल की आठ सहायक कम्पनियॉं हैं। .

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सोन नदी

सोन नद या सोनभद्र नद भारत के मध्य प्रदेश राज्य से निकल कर उत्तर प्रदेश, झारखंड के पहाड़ियों से गुजरते हुए पटना के समीप जाकर गंगा नदी में मिल जाती है। यह बिहार की एक प्रमुख नदी है। इस नदी का नाम सोन पड़ा क्योंकि इस नदी के बालू (रेत) पीले रंग के हैँ जो सोने कि तरह चमकते हैँ। इस नदी के रेत भवन निर्माण आदी के लिए बहुत उपयोगी हैं यह रेत पूरे बिहार में भवन निर्माण के लिए उपयोग में लाया जाता है तथा यह रेत उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में भी निर्यात किया जाता है। सोन नद का उल्लेख रामायण आदि पुराणो में आता है । .

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सोनभद्र जिला

सोनभद्र जिला (काले रंग में) सोनभद्र भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है। जिले का मुख्यालय राबर्ट्सगंज है। सोनभद्र जिला, मूल मिर्जापुर जिले से 4 मार्च 1989 को अलग किया गया था। 6,788 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ यह उत्तर प्रदेश का दुसरा सबसे बड़ा जिला है। यह 23.52 तथा 25.32 अंश उत्तरी अक्षांश तथा 82.72 एवं 93.33 अंश पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित है। जिले की सीमा पश्चिम में मध्य प्रदेश, दक्षिण में छत्तीसगढ़, पूर्व में झारखण्ड तथा बिहार एवं उत्तर में उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला है। रार्बट्सगंज जिले का प्रमुख नगर तथा जिला मुख्यालय है। जिले की जनसंख्या 14,63,519 है तथा इसका जनसंख्या घनत्व उत्तर प्रदेश में सबसे कम 198 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है। सोन नदी जिले में पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है। इसकी सहायक नदी रिहन्द जो छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के पठार से निकलती है सोन में जिले के केन्द्र में मिल जाती है। रिहन्द नदी पर बना गोवन्दि वल्लभ पंत सागर आंशिक रूप से जिले में तथा आंशिक रूप से मध्य प्रदेश में आता है। जिले में दो भौगोलिक क्षेत्र हैं जिनमें से क्षेत्रफल में हर एक लगभग 50 प्रतिशत है। पहला पठार है जो विंध्य पहाड़ियों से कैमूर पहाड़ियों तक होते हुए सोन नदी तक फैला हुआ है। यह क्षेत्र गंगा घाटी से 400 से 1,100 फिट ऊंचा है। दूसरा भाग सोन नदी के दक्षिण में सोन घाटी है जिसमें सिंगरौली तथा दुध्दी आते हैं। यह अपने प्राकृतिक संसाधनों एवं उपजाऊ भूमि के कारण विख्यात हैं। स्वतंत्रता मिलने के लगभग 10 वर्षों तक यह क्षेत्र (तब मिर्जापुर जिले का भाग) अलग-थलग था तथा यहां यातायात या संचार के कोई साधन नहीं थे। पहाड़ियों में चूना पत्थर तथा कोयला मिलने के साथ तथा क्षेत्र में पानी की बहुतायत होने के कारण यह औद्योगिक स्वर्ग बन गया। यहां पर देश की सबसे बड़ी सीमेन्ट फैक्ट्रियां, बिजली घर (थर्मल तथा हाइड्रो), एलुमिनियम एवं रासायनिक इकाइयां स्थित हैं। साथ ही कई सारी सहायक इकाइयां एवं असंगठित उत्पादन केन्द्र, विशेष रूप से स्टोन क्रशर इकाइयां, भी स्थापित हुई हैं। क्षेत्रफल -6,788 वर्ग कि.मी जनसंख्या - 1,862,559(2011 जनगणना) साक्षरता - 70% एस.

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सोनारी हवाई-अड्डा

सोनारी हवाई अड्डा झारखंड प्रान्त में स्थित जमशेदपुर स्थित घरेलू हवाई-अड्डा। यह जमशेदपुर स्थित एक स्थानीय हवाई अड्डा है। पहले यह वायुदूत की सेवाओं द्वारा कोलकाता जैसे नगरों से जुड़ा था। परंतु अभी यहाँ कोई सार्वजनिक विमान नहीं आता। आमतौर पर इस हवाई अड्डे का उपयोग कुछ विमान चालन प्रशिक्षण क्लबों और टिस्को के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। श्रेणी:झारखंड में स्थापत्य.

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सोनारी जमशेदपुर

सोनारी जमशेदपुर के उत्तरपूर्व में बसा एक क्षेत्र है। खासतौर से यहाँ जमशेदपुर का स्थानीय हवाई अड्डा होने के कारण जाना जाता है। सोनारी क्षेत्र के कागलनगर में झारखंड की दो प्रमुख नदियों स्वर्णरेखा और खड़कई नदियों का संगम स्थल है जिसे दुमुहानी के नाम से जाना जाता है। हर वर्ष खासतौर पर मकर संक्राति के अवसर पर यहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ जमती है और लोग यहाँ दुमुहानी में पवित्र स्नान करते हैं। यह जमशेदपुर के प्रमुख पिकनिक स्थल के रूप में भी खासा प्रसिद्ध है। .

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सीता मुर्मु उर्फ सीता सोरेन

सीता मुर्मु उर्फ सीता सोरेन भारत के झारखण्ड राज्य की जामा सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुरेश मुर्मू को 2306 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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हटिया (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

हटिया भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। रांची ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र राँची लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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हँड़िया

हँड़िया को आदिवासियों का वोदका कहा जा सकता है, यह चावल की बनी शराब का नाम है जो आदिवासियों के जीवन का अटूट अंग है। यह झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ और भारत के अन्य आदिवासी इलाकों में काफी लोकप्रिय है। आदिवासी आम तौर शाम घिरने के बाद गीत संगीत के बीच हँडिया पी कर दिन की बातों को भुला कर अगले दिन की तैयारी में जुट जाते हैं यह लोग, यह सोच कर कि शायद नया दिन उनके लिए कुछ नया लेकर आए.

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हमार टीवी

हमार टीवी भारत का पहला और इकलौता पुरबिया समाचार चैनल है।हमार टीवी एक क्षेत्रीय भाषाओं का मनोरंजन चैनल है जिसमें बज्जिका, भोजपुरी, अंगिका, मगही, मैथिली, नगपुरिया सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड के स्थानीय भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित होते हैं।। हमार टीवी पॉजिटिव मीडिया ग्रुप द्वारा शुरु किया गया समाचार एवं मनोरंजन चैनल है। जो बहुत ही धमाकेदार ढंग से शुरु हुआ।..हमार टीवी एक बहुभाषी पूरबिया न्यूज चैनल है जो कि काफी उंचाईयाँ प्राप्त कर सकता था।...

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हरियाणा का केंद्रीय विश्वविद्यालय

केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा का गेट  हरियाणा का केन्द्रीय विश्वविद्यालय जनत पाली गांव, महेंद्रगढ़ जिले हरियाणा, भारत, में है, जो ५०० एकड़ (२.० कि.मी.२) में संसद के एक अधिनियम: "केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, २००९" के माध्यम से भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है। केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा का प्रादेशिक क्षेत्राधिकार पूरे हरियाणा के लिए है। १ मार्च, २०१४ को विश्वविद्यालय में पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। विश्वविद्यालय को अब अपने स्थायी परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है जो कि महेन्द्रगढ़ से दूर, महेन्द्रगढ़-भिवानी सड़क पर जनत पाली गाँव महेन्द्रगढ़ में है। इससे पहले विश्वविद्यालय का कार्य अपने अस्थायी परिसर में राजकीय शिक्षा महाविद्यालय नारनौल से चल रहा था। इस विश्वविद्यालय को भगवान कृष्ण का नाम दिया जायेग। .

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हरिकृष्ण सिंह

हरिकृष्ण सिंह भारत के झारखण्ड राज्य की मनिका सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार रामचंद्र सिंह को 1083 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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हर्षवर्धन ओझा

हर्ष वर्द्धन ओझा एक जानेमाने पत्रकार, समाजिक कार्यकर्ता और हिंदी फिल्म निर्माता हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर हर्ष वर्धन ओझा फिल्मों में आने से पहले कई वर्षों तक दूरदर्शन के साथ जुड़े रहें। दूरदर्शन में उन्होने एक बड़ी पारी खेली और इस दौरान समाजिक सरोकार से जुड़े कई प्रोग्राम बनाएं। दूरदर्शन में वे डेवलपमेंट क्म्यूनिकेशन डिविजन के साथ जुड़कर भारत सरकार के तमाम मंत्रालयों के लिए कई कायर्क्रम का निर्माण किया,जिसका मकसद समाज में जाकरुकता फैलाना था। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि कल्याणी कार्यक्रम का निर्माण रहा। कल्याणी,को भारत में सबसे लंबे समय तक चलने वाला स्वास्थ्य टेलीविज़न कार्यक्रम के रुप में जाना जाता है। कल्याणी को कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। हर्ष वर्धन ओझा ने 'कल्याणी' कार्यक्रम को एक नया आयाम दिया। ये हर्ष वर्धन की सूझबूझ और प्रोडक्शन कौशल हीं थी की 'कल्याणी' ग्रामीण भारत की महिलाओं के साथ आम जनमानस के सशक्तिकरण की अहम सहेली बन गई। दूरदर्शन में एक लंबी पारी बिताने के बाद हर्ष वर्धन ओझा ने फिल्मों का रुख किया। शुरु से ही उन्हें समाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाने की रुचि थी, लिहाजा हर्ष वर्धन ओझा ने भी अपनी फिल्मी सफर की शुरुआत एक समाजिक मसले से जुड़ी फिल्म से की। हर्ष वर्धन ओझा ने "ग्लोबल बाबा" फिल्म से अपनी बॉलीवुु़ड सफर की शुरुआत की। "ग्लोबल बाबा" फर्जी बाबाओं की कहानी है,जिसमें दिखाया गया है कि किस प्रकार देश में धार्मिक बाबा,लोगों को गुमराह कर राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत से लोगों को लूटते हैं। "ग्लोबल बाबा" को क्रिटिक्स ने एक अच्छी फिल्म बताया। "ग्लोबल बाबा" के बाद हर्ष वर्धन ओझा समाजिक मुद्दों पर दो और हिन्दी फिल्मोें के निर्माण का काम कर रहें हैं। हर्ष वर्धन ओझा के लिए समाज सेवा एक मिशन है,जिसका मुख्य उदेश्य समाज के पिछड़े,उपेक्षित और पिछले कतार के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना है। स्कूल के दिनों से ही हर्ष वर्धन समाजिक कार्यों में रुची लेने लगेे। लातूर और उस्मानाबाद के भूकंप के दौरान उन्होने वहां के पीडि़तों के मदद के लिए बढ़ चढकर हिस्सा लिया। कॉलेज के दिनों में We For You (गैर-सरकारी संस्थान) के जरिए झूग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को स्वाथ्य के प्रति जागरुक बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। आगे जाकर हर्ष वर्धन ओझा ने अपने मित्र और अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के डॉक्टर प्रसून चटर्जी के साथ मिलकर देश में वरिष्ट नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और उनके सशक्तिकरण के लिए हेल्दी एजिंग इंडिया नामक संस्था (गैर-सरकारी संस्थान)का स्थापना किया । आज हेल्दी एजिंग इंडिया का नाम देश के कुछ उन चुनिंदा संस्थानों में आता है,जो बुजुर्गों के लिए समर्पित हैं । बुजुर्गों के टीकाकरण को पूरे देश में फैलाने का काम हेल्दी एजिंग इंडिया बखूबी कर रही है। हर्ष वर्धन ओझा और हेल्थी एजिंग इंडिया के कार्यों की सराहना देश के कई बड़े नेता सामाजिक मंच से कर चुकें है । गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हर्ष वर्धन ओझा की सराहना करते हुए कहा था हर्ष वर्धन वो काम कर रहे हैं जिसकी प्रेरणा उसी व्यक्ति को मिल सकती है जिसके पास पूर्व जन्मों का संचित पुण्य हो। झारखंड के आद्दौगिक नगर बोकारो स्टील सिटी से प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद हर्ष वर्धन ने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की। कॉलेज के दिनों में समाजिक सरोकार से जु़ड़े मसलों पर इन्होने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। दिल्ली में मॉडल जेसिका लाल हत्या कांड के खिलाफ चलाए गए मुहिम में हर्ष वर्धन ओझा का बड़ा रोल रहा। न्याय के संघर्ष में हर्ष वर्धन ओझा और उन जैसे समाजिक कार्यकर्ताओं के परिश्रम का ही प्रयास था कि जेसिका लाल मामले में न्याय की उम्मीद जगी और अपराधी सलाखों के पीछे जा सके। अपने मित्र कपिल मिश्रा,जो बाद में केजरीवाल सरकार में मंत्री भी रहें,के साथ मिलकर यूथ फ़ॉर जस्टिस संस्था के माध्यम से हर्ष वर्धन ओझा ने दिल्ली में यमुना के लिए भी काम किया तथा यमुना किनारे बन रहे कॉमनवेल्थ गेम विलेज के निर्माण के खिलाफ आवाज बुलंद किया। .

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हलपद जलप्रपात

हलपद जलप्रपात झारखंड मे स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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हलुदबनी

हलुदबनी भारत के झारखंड प्रांत का एक प्रमुख शहर है। श्रेणी:झारखंड श्रेणी:झारखंड के शहर.

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हिन्दी

हिन्दी या भारतीय विश्व की एक प्रमुख भाषा है एवं भारत की राजभाषा है। केंद्रीय स्तर पर दूसरी आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। यह हिन्दुस्तानी भाषा की एक मानकीकृत रूप है जिसमें संस्कृत के तत्सम तथा तद्भव शब्द का प्रयोग अधिक हैं और अरबी-फ़ारसी शब्द कम हैं। हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। हालांकि, हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है क्योंकि भारत का संविधान में कोई भी भाषा को ऐसा दर्जा नहीं दिया गया था। चीनी के बाद यह विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है। विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। हिन्दी और इसकी बोलियाँ सम्पूर्ण भारत के विविध राज्यों में बोली जाती हैं। भारत और अन्य देशों में भी लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। फ़िजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम की और नेपाल की जनता भी हिन्दी बोलती है।http://www.ethnologue.com/language/hin 2001 की भारतीय जनगणना में भारत में ४२ करोड़ २० लाख लोगों ने हिन्दी को अपनी मूल भाषा बताया। भारत के बाहर, हिन्दी बोलने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका में 648,983; मॉरीशस में ६,८५,१७०; दक्षिण अफ्रीका में ८,९०,२९२; यमन में २,३२,७६०; युगांडा में १,४७,०००; सिंगापुर में ५,०००; नेपाल में ८ लाख; जर्मनी में ३०,००० हैं। न्यूजीलैंड में हिन्दी चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसके अलावा भारत, पाकिस्तान और अन्य देशों में १४ करोड़ १० लाख लोगों द्वारा बोली जाने वाली उर्दू, मौखिक रूप से हिन्दी के काफी सामान है। लोगों का एक विशाल बहुमत हिन्दी और उर्दू दोनों को ही समझता है। भारत में हिन्दी, विभिन्न भारतीय राज्यों की १४ आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्र की बोलियों का उपयोग करने वाले लगभग १ अरब लोगों में से अधिकांश की दूसरी भाषा है। हिंदी हिंदी बेल्ट का लिंगुआ फ़्रैंका है, और कुछ हद तक पूरे भारत (आमतौर पर एक सरल या पिज्जाइज्ड किस्म जैसे बाजार हिंदुस्तान या हाफ्लोंग हिंदी में)। भाषा विकास क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी हिन्दी प्रेमियों के लिए बड़ी सन्तोषजनक है कि आने वाले समय में विश्वस्तर पर अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व की जो चन्द भाषाएँ होंगी उनमें हिन्दी भी प्रमुख होगी। 'देशी', 'भाखा' (भाषा), 'देशना वचन' (विद्यापति), 'हिन्दवी', 'दक्खिनी', 'रेखता', 'आर्यभाषा' (स्वामी दयानन्द सरस्वती), 'हिन्दुस्तानी', 'खड़ी बोली', 'भारती' आदि हिन्दी के अन्य नाम हैं जो विभिन्न ऐतिहासिक कालखण्डों में एवं विभिन्न सन्दर्भों में प्रयुक्त हुए हैं। .

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हिन्दी पत्रिकाएँ

हिन्दी पत्रिकाएँ सामाजिक व्‍यवस्‍था के लिए चतुर्थ स्‍तम्‍भ का कार्य करती हैं और अपनी बात को मनवाने के लिए एवं अपने पक्ष में साफ-सूथरा वातावरण तैयार करने में सदैव अमोघ अस्‍त्र का कार्य करती है। हिन्दी के विविध आन्‍दोलन और साहित्‍यिक प्रवृत्तियाँ एवं अन्‍य सामाजिक गतिविधियों को सक्रिय करने में हिन्दी पत्रिकाओं की अग्रणी भूमिका रही है।; प्रमुख हिन्दी पत्रिकाएँ- .

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हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

मानक हिंदी भारत में आधिकारिक राज्य भाषा है और जनसंख्या का बहुमत हिंदी की कुछ किस्म बोलते हैं।। हिन्दी भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची जनसंख्या और प्रतिशत दोनों आधारित है। इसका संदर्भ भारत की २००१ के आधार पर है। इस सूची में भारत के सभी राज्य हैं। श्रेणी:हिन्दी श्रेणी:भारत की जनगणना.

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हिन्दी भाषीय विद्यालय

हिन्दी भाषीय विद्यालय ऐसा भाषा शिक्षण संस्थान हैं जहाँ विशेष रूप से हिन्दी को विदेशी भाषा के रूप में अन्य भाषा के बोलने वालों को शिक्षा दी जाती है। कई प्रकार के हिन्दी भाषीय विद्यालय मौजूद हैं जो शाखा, लक्षित विद्यार्थी, शिक्षण प्रणाली, सभ्यता वातावरण और वैकल्पित पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। .

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हिन्दी समाचारपत्रों की सूची

इंटरनेट एवं प्रिंट दोनो पर उपलब्ध हिन्दी समाचार पत्र.

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हिन्दी विद्यापीठ, देवघर

हिंदी विद्यापीठ, देवघर हिंदी के प्रचार-प्रसार में कार्यरत एक प्रसिद्ध स्वयंसेवी संस्था है। यहाँ से उपाधि प्राप्त कर छात्रछात्राएँ अपने-अपने प्रांतों में जाकर हिंदी की सेवा करती हैं। इसके आदि कुलाधिपति देशरत्न डॉo राजेंद्र प्रसाद जी थे। यह संस्था उत्तर और दक्षिण के बीच सेतु के रूप में विद्यमान हिंदी के उत्थान का केंद्र है। यह अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ, नयी दिल्ली से संबद्ध है। यह विद्यापीठ झारखण्ड के देवघर में स्थित है। यह भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के संघर्ष की उपज है। १९२९ में इस संस्था का शुभारंभ हुआ। जब सम्पूर्ण देश के नर-नारी देश की स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के मार्गदर्शन में मरमिट रहे थे, उस समय उनकी प्रेरणा से लोग `हिंदी अपनाओ, अंग्रेजी का बहिष्कार करो' का नारा दे रहे थे। उस समय हिंदी विद्यापीठ, देवघर की नींव डाली जा रही थी। .

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हिरनी जलप्रपात

हिरनी जलप्रपात झारखंड में स्थित एक जलप्रपात है। यह रांची-जमशेदपुर मार्ग पर स्थित है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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हजारीबाग

हजारीबाग भारत में झारखंड प्रान्त का एक जिला है। खूबसूरत पर्यटक स्थलों से भरा हजारीबाग झारखंड में स्थित है। हजारीबाग का अर्थ होता है हजार बागों वाला और यह दो शब्दों हजार और बाग से मिलकर बना है। यहां पर 2019 फीट की ऊंचाई पर हैल्थ हिल रिसोर्ट का निर्माण किया गया है। यह रिसोर्ट प्रकृति की गोद में बसा हुआ है और बहुत खूबसूरत है। इस हैल्थ रिसोर्ट में प्रकृति की गोद में रहकर स्वास्थ्य लाभ लिया जा सकता है। स्वास्थ्य लाभ करने के साथ-साथ यहां कई खूबसूरत पर्यटक स्थलों की सैर की जा सकती है। इन पर्यटक स्थलों में हजारीबाग झील प्रमुख है जहां पर वाटर स्पोटर्स का आनंद लिया जा सकता है। हजारीबाग वन्य जीव अभयारण्य, कैनेरी पहाड़ी और रजरप्पा इसके अन्य प्रमुख पर्यटक स्थल हैं। .

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हजारीबाग (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

हजारीबाग भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। हजारीबाग ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

हजारीबाग लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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हजारीबाग जिला

हजारीबाग भारतीय राज्य झारखंड का एक जिला है। जिले का मुख्यालय हजारीबाग है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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हंड़िया

हंड़िया हंड़िया या हड़िया एक प्रकार की बीयर है जो चावल (भात) से बनती है। यह बिहार, झारखण्ड, ओड़ीसा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। .

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हुसैनाबाद

हुसैनाबाद झारखंड का एक शहर है।हुसैनाबाद (जपला) भारतीय बंगाल टाइगर फाइट क्लब (आईबीटीएफसी) के खिलाड़ी अमन राज (पीयू) सूपूत्र मदन चौधरी (बीपीएस) के नए बस स्टैंड, जपला, झारखंड के गृहनगर के लिए जाने जाते हैं। श्रेणी:शहर श्रेणी:झारखंड के शहर श्रेणी:झारखंड.

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हुसैनाबाद (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

हुसैनाबाद भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पलामू ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र पलामू लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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हुंदरु जलप्रपात

हुंदरु जलप्रपात झारखंड में स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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हूनान

चीन में हूनान प्रांत (लाल रंग में) हूनान (湖南, Hunan) जनवादी गणराज्य चीन के दक्षिण-मध्य भाग में स्थित एक प्रांत है। हूनान का अर्थ 'झील से दक्षिण' होता है, जो इस प्रांत की दोंगतिंग झील से दक्षिण की स्थिति पर पड़ा है। हूनान की राजधानी चांगशा (长沙, Changsha) शहर है। क्योंकि शिआंग नदी इस प्रान्त की एक प्रमुख नदी है इसलिए इस प्रान्त को चीनी भावचित्रों में संक्षिप्त रूप से 'शिआंग' (湘, Xiang) लिखा जाता है। यह प्राचीनकाल में शक्तिशाली चू राज्य का हिस्सा था। हूनान का क्षेत्रफल २,११,८०० वर्ग किमी है, यानि भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य से ज़रा कम। सन् २०१० की जनगणना में इसकी आबादी ६,५६,८३,७२२ थी, यानि भारत के झारखंड राज्य से ज़रा कम। हूनान का मौसम गरम और नम माना जाता है। सर्दियों में बर्फ़ कभी-कभार ही पड़ती है। मौसम में गर्मी और नमी के कारण खाना जल्दी ख़राब हो जाता है, इसलिए हुनानी खाना अपने मिर्च-मसालों के लिए प्रसिद्ध है जो इसे अधिक देर तक सुरक्षित रखते हैं।, Noelle Salmi, John Wiley & Sons, 2009, ISBN 978-0-470-38744-3,...

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हेमंत सोरेन

हेमन्त सोरेन (जन्म: 10 अगस्त 1975) भारतीय राज्य झारखण्ड के ५वें मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पहले वो अर्जुन मुंडा मंत्रीमण्डल में उप मुख्यमंत्री थे। उनकी राजनीतिक पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा है। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हेमलाल मुरमू को 24087 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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हो (जनजाति)

हो (जनजाति), भारत की एक प्रमुख जनजाति हैं। 'हो' एक आदिवासी समुदाय है जो भारत के झारखंड राज्य के सिंहभूम जिले तथा पड़ोसी राज्य उड़ीसा के क्योंझर, मयूरभंज, जाजपुर जिलों में निवास करती है। ‘हो’ समुदाय की अपनी संस्कृति और रीति-रिवाज हैं। ये प्रकृति के उपासक होते हैं। इनके अपने-अपने गोत्र के कुल-देवता होते हैं। 'हो' लोग मंदिर मे स्थापित देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना नहीं करते बल्कि अपने ग्राम देवता ‘देशाउलि’ को अपना सर्वेसर्वा मानते हैं। अन्य अवसरों के अलावा प्रति वर्ष मागे परब के अवसर पर बलि चढ़ा कर ग्राम पुजारी “दिउरी” के द्वारा इसकी पूजा-पाठ की जाती है तथा गाँव के सभी लोग पूजा स्थान पर एकत्रित हो कर ग्राम देवता से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। .

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हो भाषा

हो आस्ट्रो-एशियाई भाषा परिवार की मुंडा शाखा में एक भाषा है जो झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा के आदिवासी क्षेत्रों में लगभग १०,७७,००० जनों द्वारा बोली जाती है। .

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जतरा भगत

जतरा भगत उर्फ जतरा उरांव का जन्म सितंबर 1888 में झारखंड के गुमला जिला के बिशनुपुर थाना के चिंगरी नवाटोली गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम कोदल उरांव और माँ का नाम लिबरी था। 1912-14 में उन्होंने ब्रिटिश राज और जमींदारों के खिलाफ अहिंसक असहयोग का आंदोलन छेड़ा और लगान, सरकारी टैक्स आदि भरने तथा ‘कुली’ के रूप में मजदूरी करने से मना कर दिया। यह 1900 में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए ‘उलगुलान’ से प्रेरित औपनिवेशिक और सामंत विरोधी धार्मिक सुधारवादी आंदोलन था। आदिवासी लेखकों का दावा है कि अहिंसक सत्याग्रह की व्यवहारिक समझ गांधी ने झारखंड के टाना भगत आंदोलन से ही ली थी। 1940 के दशक में टाना भगत आंदोलनकारियों का बड़ा हिस्सा गांधी के सत्याग्रह से जुड़कर राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुआ। आज भी टाना भगत आदिवासियों की दिनचर्या राष्ट्रीय ध्वज के नमन से होती है। .

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जदनीजलप्रपात

जदनीजलप्रपात झारखंड में स्थित एक जलप्रपात है। श्रेणी:भारत के जल प्रपात श्रेणी:झारखंड.

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जनसंख्या के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र

भारत उनतीस राज्यों और सात केन्द्र शासित प्रदेशों का एक संघ है। सन् 2009 में, लगभग 1.15 अरब की जनसंख्या के साथ भारत विश्व का दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत के पास विश्व की कुल भूक्षेत्र का 2.4% भाग है, लेकिन यह विश्व की 17% जनसंख्या का निवास स्थान है। गंगा के मैदानी क्षेत्र विश्व के सबसे विशाल उपजाऊ फैलावों में से एक हैं और यह विश्व के सबसे सघन बसे क्षेत्रों में से एक है। दक्कन के पठार के पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्र भी विश्व के सबसे सघन क्षेत्रों में हैं। पश्चिमी राजस्थान में स्थित थार मरुस्थल विश्व के सबसे सघन मरुस्थलों में से एक है। उत्तर और उत्तर-पूर्व में हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं में बसे राज्यों में ठंडे शुष्क मरुस्थल और उपजाऊ घाटियां हैं। कठिन संरचना के कारण इन राज्यों में देश के अन्य भागों की तुलना में जनसंख्या घनत्व कम है। .

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जनजातीय सम्मान

जनजातीय सम्मान,मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा रानी दुर्गावती राष्ट्रीय सम्मान, वीर शंकर शाह-रघुनाथ शाह राष्ट्रीय सम्मान, ठक्कर बापा राष्ट्रीय सम्मान एवं जननायक टंट्या भील राज्य स्तरीय सम्मान वर्ष 2008 से स्थापित हैं। सम्मान की स्थापना का उद्देश्य जनजातीय समाज की विशिष्ट विभूतियों के रचनात्मक अवदान से समाज को परिचित कराना है। .

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जमशेदपुर

जमशेदपुर जिसका दूसरा नाम टाटानगर भी है, भारत के झारखंड राज्य का एक शहर है। यह झारखंड के दक्षिणी हिस्से में स्थित पूर्वी सिंहभूम जिले का हिस्सा है। जमशेदपुर की स्थापना को पारसी व्यवसायी जमशेदजी नौशरवान जी टाटा के नाम से जोड़ा जाता है। १९०७ में टाटा आयरन ऐंड स्टील कंपनी (टिस्को) की स्थापना से इस शहर की बुनियाद पड़ी। इससे पहले यह साकची नामक एक आदिवासी गाँव हुआ करता था। यहाँ की मिट्टी काली होने के कारण यहाँ पहला रेलवे-स्टेशन कालीमाटी के नाम से बना जिसे बाद में बदलकर टाटानगर कर दिया गया। खनिज पदार्थों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता और खड़कई तथा सुवर्णरेखा नदी के आसानी से उपलब्ध पानी, तथा कोलकाता से नजदीकी के कारण यहाँ आज के आधुनिक शहर का पहला बीज बोया गया। जमशेदपुर आज भारत के सबसे प्रगतिशील औद्योगिक नगरों में से एक है। टाटा घराने की कई कंपनियों के उत्पादन इकाई जैसे टिस्को, टाटा मोटर्स, टिस्कॉन, टिन्पलेट, टिमकन, ट्यूब डिवीजन, इत्यादि यहाँ कार्यरत है। .

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जमशेदपुर पश्चिम (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

जमशेदपुर पश्चिम भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पूर्वी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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जमशेदपुर पूर्व (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

जमशेदपुर पूर्ब भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। पूर्वी सिंहभूम ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

जमशेदपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के झारखंड राज्य का एक लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र है। श्रेणी:झारखंड के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.

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जमशेदपुर वर्कर्स कालेज

जमशेदपुर वर्कर्स कालेज झारखंड प्रांत के जमशेदपुर में स्थित एक प्रमुख महाविद्यालय है जो साक्ची में स्थित है। महाविद्यालय राँची विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थान है। .

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जमशेदपुर को-आपरेटिव कालेज

जमशेदपुर को-आपरेटिव कालेज झारखंड प्रांत के जमशेदपुर में स्थित एक प्रमुख महाविद्यालय है जो साक्ची में स्थित है। महाविद्यालय राँची विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थान है। यह भारत का पहला सहकारी महाविद्यालय है। यह सन् १९७० में आरम्भ हुआ था। .

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जमुआ (झारखंड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र)

जमुआ भारत के झारखण्ड राज्य की विधानसभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है। गिरिडीह ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र कोडरमा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। .

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जय प्रकाश भाई पटेल

जय प्रकाश भाई पटेल भारत के झारखण्ड राज्य की मांडू सीट से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कुमार महेश सिंह को 7012 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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जय प्रकाश सिंह भोगता

जय प्रकाश सिंह भोगता भारत के झारखण्ड राज्य की चतरा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। २०१४ के चुनावों में वे झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार सत्यानन्द भोक्ता को 20576 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। .

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जयपाल सिंह मुंडा

जयपाल सिंह मुंडा (3 जनवरी 1903 – 20 मार्च 1970) भारतीय आदिवासियों और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता थे। वे एक जाने माने राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् और 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे। उनकी कप्तानी में १९२८ के ओलिंपिक में भारत ने पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया। जयपाल सिंह छोटा नागपुर (अब झारखंड) राज्य की मुंडा जनजाति के थे। मिशनरीज की मदद से वह ऑक्सफोर्ड के सेंट जॉन्स कॉलेज में पढ़ने के लिए गए। वह असाधारण रूप से प्रतिभाशाली थे। उन्होंने पढ़ाई के अलावा खेलकूद, जिनमें हॉकी प्रमुख था, के अलावा वाद-विवाद में खूब नाम कमाया। उनका चयन भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस) में हो गया था। आईसीएस का उनका प्रशिक्षण प्रभावित हुआ क्योंकि वह 1928 में एम्सटरडम में ओलंपिक हॉकी में पहला स्वर्णपदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान के रूप में नीदरलैंड चले गए थे। वापसी पर उनसे आईसीएस का एक वर्ष का प्रशिक्षण दोबारा पूरा करने को कहा गया (बाबूगीरी का आलम तब भी वही था जो आज है!)। उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बिहार के शिक्षा जगत में योगदान देने के लिए तत्कालीन बिहार का