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जालंधर

सूची जालंधर

जालंधर भारत के पंजाब (भारत) प्रांत का एक शहर है। जालंधर एक बड़ा औद्योगिक शहर है। यहां चमड़े और खेल की वस्तुओं का अधिक उत्पादन होता है। जिस कारण यह सम्पूर्ण विश्व में विख्यात है। जालंधर पंजाब का सबसे पुराना शहर है। जालंधर वह जगह है जिसने देश को कई वीर योद्धा दिए है। जालंधर में ऐसे कई मंदिर, गुरूद्वारे, किले और संग्रहालय है जहां घूमा जा सकता है। .

113 संबंधों: चमार, चौदहवीं लोकसभा, एशियाई राजमार्ग १, एशियाई राजमार्ग २, झ़ंगझ़ुंग, डेरा बाबा मुराद शाह, डॉ॰ बी॰आर॰ अम्बेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर, तरसेम सिंह, तरुण तेजपाल, तंत्रसाहित्य के विशिष्ट आचार्य, द ट्रिब्यून (चंडीगढ़), दयानंद एंग्लो वैदिक कॉलेज, दिलजीत दोसांझ, दैनिक ट्रिब्यून, दैनिक जागरण, निविया स्पोर्ट्स, नवांशहर, नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश, नीरज श्रीधर, परदीप सिंह, परगट सिंह, पाश (पंजाबी कवि), पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1983-84, पिंगली वेंकैया, पंजाब (भारत), पंजाब पुलिस (भारत), पंजाब केसरी, पुष्पा गुजराल साइंस सिटी, पुष्यमित्र शुंग, प्रवीण आमरे, प्रेम कुमार धूमल, फगवाड़ा, फौजा सिंह, बिग एफएम (रेडियो), बंसी लाल, बौद्ध धर्म का कालक्रम, भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की राजमार्ग संख्या अनुसार सूची, भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची (राजमार्ग संख्यानुसार), भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - प्रदेश अनुसार, भारत में रेल दुर्घटना, भारत में सर्वाधिक जनसंख्या वाले महानगरों की सूची, भारत में संचार, भारत में स्मार्ट नगर, भारत में विश्वविद्यालयों की सूची, भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची, भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - संख्या अनुसार, भारत के शहरों की सूची, भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची, भारतीय थलसेना, भारतीय वृहत उद्योग समूह, ..., भारतीय क्रिकेट टीम, भास्कर (निर्देशक), मधुर कपिला, माय एफएम, मेघवाल, रणविजय सिंह, रतन पंडोरवी, राष्ट्रीय राजमार्ग (भारत), राष्ट्रीय राजमार्ग १, राष्ट्रीय राजमार्ग १ए, राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत), राहुल शर्मा (भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी), राजेंद्र सिंह रहेलू, लाला जगत नारायण, लको बोदरा, शहीद भगत सिंह नगर जिला, श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1993-94, सरदार हुकम सिंह, सांद्रा ब्रगांजा, सुरभि ज्योति, स्वराज पॉल, स्वामी श्रद्धानन्द, सोमदेव, हफ़ीज़ जालंधरी, हरभजन सिंह, हिन्द समाचार, हिन्दी मिलाप, ह्वेन त्सांग, हॉकी, जम्मू, जसपाल भट्टी, जालंधर जिला, जंग-ए-आज़ादी स्मारक, विमानक्षेत्रों की सूची ICAO कोड अनुसार: V, विजय सांपला, वीरेन्द्र वीर, गुरशरण कौर, गुरु रविदास मंदिर करतारपुर, गुरुदेव सिंह देबू, ग्रैंड ट्रंक रोड, ओ माय गॉड (फिल्म), आदमपुर, आदमपुर एयर फ़ोर्स बेस, आदित्य देव, आर्य नगर करतारपुर, इन्द्र विद्यावाचस्पति, करतारपुर, करन मेहरा, करन कुन्दरा, कश्मीर रेलवे, काँगड़ा, कुन्दन लाल सहगल, अनुराग ठाकुर, अपरा, पंजाब, अभिनवगुप्त, अमृतसर, अरोड़ा, अश्विनी कुमार चोपड़ा, असुर, अखिल (गायक), उदासी सम्प्रदाय, उपेन्द्रनाथ अश्क, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सूचकांक विस्तार (63 अधिक) »

चमार

चमार अथवा चर्मकार भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली जाति समूह है। वर्तमान समय में यह जाति अनुसूचित जातियों की श्रेणी में आती है। यह जाति अस्पृश्यता की कुप्रथा का शिकार भी रही है। इस जाति के लोग परंपरागत रूप से चमड़े के व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। संपूर्ण भारत में चमार जाति अनुसूचित जातियों में अधिक संख्या में पाई जाने वाली जाति है, जिनका मुख्य व्यवसाय, चमड़े की वस्‍तु बनाना था । संविधान बनने से पूर्व तक इनकोअछूतों की श्रेणी में रखा जाता था। अंग्रेजों के आने से पहले तक भारत में चमार जाति के लोगों को उपर बहुत यातनाएं तथा जु़ल्‍म किए गए। आजादी के बाद इनके उपर हो रहे ज़ुल्‍मों व यातनाओं को रोकने के लिए इनको भारत के संविधान में अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखा गया तथा सभी तरह के ज़ुल्‍मों तथा यातनाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बावजूद भी देश में कुछ जगहों पर इन जातियों तथा अन्‍य अनुसूचित जातियों के साथ यातनाएं आज भी होती हैं। .

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चौदहवीं लोकसभा

भारत में चौदहवीं लोकसभा का गठन अप्रैल-मई 2004 में होनेवाले आमचुनावोंके बाद हुआ था। .

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एशियाई राजमार्ग १

एशियाई राजमार्ग १ (ए एच १) एशियाई राजमार्ग जाल में सबसे लम्बा राजमार्ग है। इसकी कुल लम्बाई २०,५५७ किलोमीटर (१२,७७४ मील) है। यह टोक्यो, जापान से शुरू होकर कोरिया, चीन, हांगकांग, दक्षिण पूर्व एशिया, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और ईरान से होता हुआ तुर्की और बुल्गारिया तक जाता है। इस्तांबुल के पश्चिम में यह यूरोपीय ई८० मार्ग से मिल जाता है। .

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एशियाई राजमार्ग २

एशियाई राजमार्ग २ (ए एच २) एशियाई राजमार्ग जाल के अंतर्गत १३,१७७ किलोमीटर (८,१८८ मील) लम्बी एक सड़क है। यह इंडोनेशिया के देनपसार से शुरू होकर मेरक और सिंगापुर होते हुए ईरान के खोस्रावी नगर तक जाती है। .

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झ़ंगझ़ुंग

झ़ंगझ़ुंग (तिब्बती: ཞང་ཞུང་, Zhang Zhung), जिसे शंगशुंग (Shang Shung) भी उच्चारित किया जाता है, तिब्बत के पश्चिमी व पश्चिमोत्तरी इलाक़ों में एक प्राचीन संस्कृति और राज्य था। 'झ़ंगझ़ुंग' में बिन्दुयुक्त 'झ़' के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह 'झ' और 'ज़' दोनों से काफ़ी भिन्न है और 'टेलिविझ़न' और 'अझ़दहा' में आने वाले स्वर जैसा है। झ़ंगझ़ुंग संस्कृति कैलाश पर्वत के क्षेत्र पर केन्द्रित थी और इसका बोन धर्म से सम्बन्ध था।, Gary McCue, pp.

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डेरा बाबा मुराद शाह

डेरा बाबा मुराद शाह जी एक सूफ़ियाना दरबार है जो नकोदर, जालंधर जिला, पंजाब, भारत में स्थित है।दरबार प्रेम का प्रतीक है और सभी जातियों और धर्मों के लोग इस दरबार में आते हैं और उनको सम्मान देते हैं। .

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डॉ॰ बी॰आर॰ अम्बेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर

संस्थान का मुख्य भवन। डॉ॰ बी.

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तरसेम सिंह

तरसेम सिंह धन्द्वर (जन्म २६ मई १९६१) या जिन्हें तरसेम के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय निर्देशक है जिन्होंने कई फ़िल्मों, संगीत विडियों व विज्ञापनों को निर्देशित किया है। .

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तरुण तेजपाल

तरुण तेजपाल (पंजाबी: ਤਰੁਣ ਤੇਜਪਾਲ, जन्म; 15 मार्च 1963) एक भारतीय पत्रकार, प्रकाशक और उपन्यासकार हैं। तेजपाल मार्च 2000 में शुरू हुई तहलका नामक पत्रिका का प्रकाशक और प्रधान संपादक हैं, लेकिन नवम्बर 2013 की शुरुआत के छह महीने के लिए इन्होने अपना पद छोड़ दिया है। तेजपाल ने इससे पहले इंडिया टुडे और इंडियन एक्सप्रेस समूह में संपादक के तौर पर और आउटलुक में प्रबंध संपादक के तौर पर काम किया है। .

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तंत्रसाहित्य के विशिष्ट आचार्य

तन्त्र साहित्य अत्यन्त विशाल है। प्राचीन समय के दुर्वासा, अगस्त्य, विश्वामित्र, परशुराम, बृहस्पति, वशिष्ठ, नंदिकेश्वर, दत्तात्रेय आदि ऋषियों ने तन्त्र के अनेकों ग्रन्थों का प्रणयन किया, उनका विवरण देना यहाँ अनावश्यक है। ऐतिहासिक युग में शंंकराचार्य के परम गुरु गौडपादाचार्य का नाम उल्लेखयोग्य है। उनके द्वारा रचित 'सुभगोदय स्तुति' एवं 'श्रीविद्यारत्न सूत्र' प्रसिद्ध हैं। मध्ययुग में तांत्रिक साधना एवं साहित्य रचना में जितने विद्वानों का प्रवेश हुआ था उनमें से कुछ विशिष्ट आचार्यो का संक्षिप्त विवरण यहाँ दिया जा रहा है- लक्ष्मणदेशिक: ये शादातिलक, ताराप्रदीप आदि ग्रथों के रचयिता थे। इनके विषय में यह परिचय मिलता है कि ये उत्पल के शिष्य थे। आदि शंकराचार्य: वेदांगमार्ग के संस्थापक सुप्रसिद्ध भगवान शंकराचार्य वैदिक संप्रदाय के अनुरूप तांत्रिक संप्रदाय के भी उपदेशक थे। ऐतिहासिक दृष्टि से पंडितों ने तांत्रिक शंकर के विषय में नाना प्रकार की आलोचनाएं की हैं। कोई दोनों को अभिन्न मानते हैं और कोई नहीं मानते हैं। उसकी आलोचना यहाँ अनावश्यक है। परंपरा से प्रसिद्ध तांत्रिक शंकराचार्य के रचित ग्रंथ इस प्रकार हैं- किसी-किसी के मत में 'कालीकर्पूरस्तव' की टीका भी शंकराचार्य ने बनाई थी। पृथिवीधराचार्य अथवा 'पृथ्वीधराचार्य: यह शंकर के शिष्कोटि में थे। इन्होंने 'भुवनेश्वरी स्तोत्र' तथा 'भुवनेश्वरी रहस्य' की रचना की थी। भुवनेश्वरी स्तोत्र राजस्थान से प्रकाशित है। वेबर ने अपने कैलाग में इसका उल्लेख किया है। भुवनेश्वरी रहस्य वाराणसी में भी उपलब्ध है और उसका प्रकाशन भी हुआ है। पृथ्वीधराचार्य का भुवनेश्वरी-अर्चन-पद्धति नाम से एक तीसरा ग्रंथ भी प्रसिद्ध है। चरणस्वामी: वेदांत के इतिहास में एक प्रसिद्ध आचार्य हुए हैं। तंत्र में इन्होंने 'श्रीविद्यार्थदीपिका' की रचना की है। 'श्रीविद्यारत्न-सूत्र-दीपिका' नामक इनका ग्रंथ मद्रास लाइब्रेरी में उपलब्ध है। इनका 'प्रपंच-सार-संग्रह' भी अति प्रसिद्ध ग्रंथ है। सरस्वती तीर्थ: परमहंस परिब्राजकाचार्य वेदांतिक थे। यह संन्यासी थे। इन्होंने भी 'प्रपंचसार' की विशिष्ट टीका की रचना की। राधव भट्ट: 'शादातिलक' की 'पदार्थ आदर्श' नाम्नी टीका बनाकर प्रसिद्ध हुए थे। इस टीका का रचनाकाल सं॰ 1550 है। यह ग्रंथ प्रकाशित है। राधव ने 'कालीतत्व' नाम से एक और ग्रंथ लिखा था, परंतु उसका अभी प्रकाशन नहीं हुआ। पुण्यानंद: हादी विद्या के उपासक आचार्य पुण्यानंद ने 'कामकला विलास' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की थी। उसकी टीका 'चिद्वल्ली' नाम से नटनानंद ने बनाई थी। पुण्यानंद का दूसरा ग्रंथ 'तत्वविमर्शिनी' है। यह अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है। अमृतानंदनाथ: अमृतानदनाथ ने 'योगिनीहृदय' के ऊपर दीपिका नाम से टीकारचना की थी। इनका दूसरा ग्रंथ 'सौभाग्य सुभगोदय' विख्यात है। यह अमृतानंद पूर्ववर्णित पुणयानंद के शिष्य थे। त्रिपुरानंद नाथ: इस नाम से एक तांत्रिक आचार्य हुए थे जो ब्रह्मानंद परमहंस के गुरु थे। त्रिपुरानंद की व्यक्तिगत रचना का पता नहीं चलता। परंतु ब्रह्मानंद तथा उनके शिष्य पूर्णानंद के ग्रंथ प्रसिद्ध हैं। सुंदराचार्य या सच्चिदानंद: इस नाम से एक महापुरुष का आविर्भाव हुआ था। यह जालंधर में रहते थे। इनके शिष्य थे विद्यानंदनाथ। सुंदराचार्य अर्थात् सच्चिदानंदनाथ की 'ललितार्चन चंद्रिका' एवं 'लधुचंद्रिका पद्धति' प्रसिद्ध रचनाएँ हैं। विद्यानंदनाथ का पूर्वनाम श्रीनिवास भट्ट गोस्वामी था। यह कांची (दक्षिण भारत) के निवासी थे। इनके पूर्वपुरुष समरपुंगव दीक्षित अत्यंत विख्यात महापुरुष थे। श्रीनिवास तीर्थयात्रा के निमित जालंधर गए थे और उन्होंने सच्चिदानंदनाथ से दीक्षा ग्रहण कर विद्यानंद का नाम धारण किया। गुरु के आदेश से काशी आकर रहने लगे। उन्होंने बहुत से ग्रंथों की रचना की जिनमें से कुछ के नाम इस प्रकार हैं- 'शिवार्चन चंद्रिका', 'क्रमरत्नावली', 'भैरवार्चापारिजात', 'द्वितीयार्चन कल्पवल्ली', 'काली-सपर्या-क्रम-कल्पवल्ली', 'पंचमेय क्रमकल्पलता', 'सौभाग्य रत्नाकर' (36 तरंग में),'सौभग्य सुभगोदय', 'ज्ञानदीपिका' और 'चतु:शती टीका अर्थरत्नावली'। सौभाग्यरत्नाकर, ज्ञानदीपिका और अर्थरत्नावली सम्पूर्णानन्द विश्वविद्यालय, वाराणसी से प्रकाशित हुई हैं। नित्यानंदनाथ: इनका पूर्वनाम नाराणय भट्ट है। उन्होंने दुर्वासा के 'देवीमहिम्न स्तोत्र' की टीका की थी। यह तन्त्रसंग्रह में प्रकाशित है। तन्त्रसंग्रह सम्पूर्णानन्दविश्वविद्यालय से प्रकाशित है। उनका 'ताराकल्पलता पद्धति' नामक ग्रंथ भी मिलता है। सर्वानंदनाथ: इनका नाम उल्लेखनीय है। यह 'सर्वोल्लासतंत्र' के रचयिता थे। इनका जन्मस्थान मेहर प्रदेश (बांग्लादेश) था। ये सर्वविद्या (दस महाविद्याओं) के एक ही समय में साक्षात् करने वाले थे। इनका जीवनचरित् इनके पुत्र के लिखे 'सर्वानंद तरंगिणी' में मिलता है। जीवन के अंतिम काल में ये काशी आकर रहने लगे थे। प्रसिद्ध है कि यह बंगाली टोला के गणेश मोहल्ला के राजगुरु मठ में रहे। यह असाधारण सिद्धिसंपन्न महात्मा थे। निजानंद प्रकाशानंद मल्लिकार्जुन योगीभद्र: इस नाम से एक महान सिद्ध पुरुष का पता चलता है। यह 'श्रीक्रमोत्तम' नामक एक चार उल्लास से पूर्ण प्रसिद्ध ग्रंथ के रचयिता थे। श्रीक्रमोत्तम श्रीविद्या की प्रासादपरा पद्धति है। ब्रह्मानंद: इनका नाम पहले आ चुका है। प्रसिद्ध है कि यह पूर्णनंद परमहंस के पालक पिता थे। शिक्ष एवं दीक्षागुरु भी थे। 'शाक्तानंद तरंगिणी' और'तारा रहस्य' इनकी कृतियाँ हैं। पूर्णानंद: 'श्रीतत्त्वचिंतामणि' प्रभृति कई ग्रंथों के रचयिता थे। श्रीतत्वचिन्तामणि का रचनाकाल 1577 ई॰ है। 'श्यामा अथवा कालिका रहस्य', 'शाक्त क्रम', 'तत्वानंद तरंगिणी', 'षटकर्मील्लास' प्रभृति इनकी रचनाएँ हैं। प्रसिद्ध 'षट्चक्र निरूपण', 'श्रीतत्वचितामणि' का षष्ठ अध्याय है। देवनाथ ठाकुर तर्कपंचानन: ये 16वीं शताब्दी के प्रसिद्ध ग्रंथकार थे। इन्होंने 'कौमुदी' नाम से सात ग्रंथों की रचना की थी। ये पहले नैयायिक थे और इन्होंने 'तत्वचिंतामणि' की टीका आलोक पर परिशिष्ट लिखा था। यह कूचविहार के राजा मल्लदेव नारायण के सभापंडित थे। इनके रचित 'सप्तकौमुदी' में 'मंत्रकौमुदी' एवं 'तंत्र कौमुदी' तंत्रशास्त्र के ग्रंथ हैं। इन्होंने 'भुवनेश्वरी कल्पलता' नामक ग्रंथ की भी रचना की थी। गोरक्ष: प्रसिद्ध विद्वान् एवं सिद्ध महापुरुष थे। 'महार्थमंजरी' नामक ग्रंथरचना से इनकी ख्याति बढ़ गई थी। इनके ग्रंथों के नाम इस प्रकार हैं- "महार्थमंजरी' और उसकी टीका 'परिमल', 'संविदुल्लास', 'परास्तोत्र', 'पादुकोदय', 'महार्थोदय' इत्यादि। 'संवित्स्तोत्र' के नाम से गोरक्ष के गुरु का भी एक ग्रंथ था। गोरक्ष के गुरु ने 'ऋजु विमर्शिनी' और 'क्रमवासना' नामक ग्रंथों की भी रचना की थी। सुभगानंद नाथ और प्रकाशानंद नाथ: सुभगांनंद केरलीय थे। इनका पूर्वनाम श्रीकंठेश था। यह कश्मीर में जाकर वहाँ के राजगुरु बन गए थे। तीर्थ करने के लिये इन्होंने सेतुबंध की यात्रा भी की जहाँ कुछ समय नृसिंह राज्य के निकट तंत्र का अध्ययन किया। उसके बाद कादी मत का 'षोडशनित्या' अर्थात् तंत्रराज की मनोरमा टीका की रचना इन्होंने गुरु के आदेश से की। बाईस पटल तक रचना हो चुकी थी, बाकी चौदह पटल की टीका उनके शिष्य प्रकाशानंद नाथ ने पूरी की। यह सुभगानंद काशी में गंगातट पर वेद तथा तंत्र का अध्यापन करते थे। प्रकाशानंद का पहला ग्रंथ 'विद्योपास्तिमहानिधि' था। इसका रचनाकाल 1705 ई॰ है। इनका द्वितीय ग्रंथ गुरु कृत मनोरमा टीका की पूर्ति है। उसका काल 1730 ई॰ है। प्रकाशानंद का पूर्वनाम शिवराम था। उनका गोत्र 'कौशिक' था। पिता का नाम भट्टगोपाल था। ये त्र्यंबकेश्वर महादेव के मंदिर में प्राय: जाया करते थे। इन्होंने सुभगानंद से दीक्षा लेकर प्रकाशानंद नाम ग्रहण किया था। कृष्णानंद आगमबागीश: यह बंग देश के सुप्रसिद्ध तंत्र के विद्वान् थे जिनका प्रसिद्ध ग्रंथ 'तंत्रसार' है। किसी किसी के मतानुसार ये पूर्णनंद के शिष्य थे परंतु यह सर्वथा उचित प्रतीत नहीं होता। ये पश्वाश्रयी तांत्रिक थे। कृष्णानंद का तंत्रसार आचार एवं उपासना की दृष्टि से तंत्र का श्रेष्ठ ग्रंथ है। महीधर: काशी में वेदभाष्यकार महीधर तंत्रशास्त्र के प्रख्यात पंडित हुए हैं। उनके ग्रंथ 'मन्त्रमहोदधि' और उसकी टीका अतिप्रसिद्ध हैं (रचनाकाल 1588 ई॰)। नीलकंठ: महाभारत के टीकाकार रूप से महाराष्ट्र के सिद्ध ब्रह्मण ग्रंथकार। ये तांत्रिक भी थे। इनकी बनाई 'शिवतत्वामृत' टीका प्रसिद्ध हैं। इसका रचनाकाल 1680 ई॰ है। आगमाचार्य गौड़ीय शंकर: आगमाचार्य गौड़ीय शंकर का नाम भी इस प्रसंग में उल्लेखनीय है। इनके पिता का नाम कमलाकर और पितामह का लंबोदर था। इनके प्रसिद्ध ग्रंथ तारा-रहस्य-वृत्ति और शिवार्च(र्ध)न माहात्म्य (सात अध्याय में) हैं। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा रचित और भी दो-तीन ग्रंथों का पता चलता है जिनकी प्रसिद्धि कम है। भास्कर राय: 18वीं शती में भास्कर राय एक सिद्ध पुरुष काशी में हो गए हैं जो सर्वतंत्र स्वतंत्र थे। इनकी अलौकिक शक्तियाँ थी। इनकी रचनाएँ इस प्रकार हैं- सौभाग्य भास्कर' (यह ललिता सहस्र-नाम की टीका है, रचनाकाल 1729 ई0) 'सौभाग्य चंद्रोदय' (यह सौभाग्यरत्नाकर की टीका है।) 'बरिबास्य रहस्य', 'बरिबास्यप्रकाश'; 'शांभवानंद कल्पलता'(भास्कर शाम्भवानन्दकल्पलता के अणुयायी थे - ऐसा भी मत है), 'सेतुबंध टीका' (यह नित्याषोडशिकार्णव पर टीका है, रचनाकाल 1733 ई॰); 'गुप्तवती टीका' (यह दुर्गा सप्तशती पर व्याख्यान है, रचनाकाल 1740 ई॰); 'रत्नालोक' (यह परशुराम 'कल्पसूत्र' पर टीका है); 'भावनोपनिषद्' पर भाष्य प्रसिद्ध है कि 'तंत्रराज' पर भी टीका लिखी थी। इसी प्रकार 'त्रिपुर उपनिषद्' पर भी उनकी टीका थी। भास्कर राय ने विभिन्न शास्त्रों पर अनेक ग्रंथ लिखे थे। प्रेमनिधि पंथ: इनका निवास कूर्माचल (कूमायूँ) था। यह घर छोड़कर काशी में बस गए थे। ये कार्तवीर्य के उपासक थे। थोड़ी अवस्था में उनकी स्त्री का देहांत हुआ। काशी आकर उन्होंने बराबर विद्यासाधना की। उनकी 'शिवतांडव तंत्र' की टीका काशी में समाप्त हुई। इस ग्रंथ से उन्हें बहुत अर्थलाभ हुआ। उन्होने तीन विवाह किए थे। तीसरी पत्नी प्राणमंजरी थीं। प्रसिद्व है कि प्राणमंजरी ने 'सुदर्शना' नाम से अपने पुत्र सुदर्शन के देहांत के स्मरणरूप से तंत्रग्रंथ लिखा था। यह तंत्रराज की टीका है। प्रेमनिधि ने 'शिवतांडव' टीका ' मल्लादर्श', 'पृथ्वीचंद्रोदय' और 'शारदातिलक' की टीकाएँ लिखी थीं। उनके नाम से 'भक्तितरंगिणी', 'दीक्षाप्रकाश' (सटीक) प्रसिद्ध है। कार्तवीर्य उपासना के विषय में उन्होंने 'दीपप्रकाश नामक' ग्रथ लिखा था। उनके 'पृथ्वीचंद्रोदय' का रचनाकाल 1736 ई॰ है। कार्तवीर्य पर 'प्रयोग रत्नाकर' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ है। 'श्रीविद्या-नित्य-कर्मपद्धति-कमला' तंत्रराज से संबंध रखता है। वस्तुत: यह ग्रंथ भी प्राणमंजरी रचित है। उमानंद नाथ: यह भास्कर राय के शिष्य थे और चोलदेश के महाराष्ट्र राजा के सभापंडित थे। इनके दो ग्रंथ प्रसिद्ध हैं- 1.

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द ट्रिब्यून (चंडीगढ़)

द ट्रिब्यून एक अंग्रेजी भाषा का भारतीय दैनिक समाचार पत्र है जो चंडीगढ़, नई दिल्ली, जालंधर, देहरादून और बठिंडा से प्रकाशित होता है। यह २ फ़रवरी १८८१ को, लाहौर (अब पाकिस्तान में) में एक परोपकारी सरदार दयाल सिंह मजीठिया द्वारा स्थापित किया गया था। यह ट्रस्ट पांच न्यासियों द्वारा चलाया जाता है.

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दयानंद एंग्लो वैदिक कॉलेज

डीएवी, "दयानंद एंग्लो वैदिक" का संक्षिप्त रूप है। डीएवी निजी क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ी शिक्षण संस्थान है। डीएवी हिंदू आध्यात्मिक नेता स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों पर आधारित है। डीएवी स्कूली शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा देता है। शायद यह संसार में कुछ ही शिक्षण संस्थानों में है जहां संचालकों में किसी तरह के अहं का टकराव नहीं है। पिछले अक्टूबर मं उन्होंने जालंधर में डीएवी विश्वविद्यालय की स्थापना की। अपने 125 वर्ष के इतिहास में इसके 715 संस्थान हैं जो कि प्रबंध समिति के अध्यक्ष जीपी चोपड़ा के नेतृत्व में कार्य कर रहे हैं। निःसंदेह ईसाइयों ने किसी भी दूसरे समुदाय से ज्यादा स्कूल और कालेज स्थपित किए हैं लेकिन उनमें से ज्यादा विदेशी मिशनरियों की कोशिशों के कारण है। भारतीय ईसाइयों ने इस दिशा में बहुत कम काम किया हैं। .

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दिलजीत दोसांझ

दिलजीत सिंह दोसांझ (जन्म 6 जनवरी 1984), पंजाबी फ़िल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार एवं गायक है। उन्हें उनके मंच नाम 'दिलजीत' से ही जाना जाता है। उन्होंने बहुचर्चित हिंदी फिल्म 'उड़ता पंजाब' एवं ब्लॉकबस्टर पंजाबी फिल्म 'जट्ट एंड जूलिएट' (भाग १ और २), 'पंजाब 1984', 'सरदार जी' (भाग १ और २), 'सुपर सिंह', 'अंबरसरीया' जैसी सुपरहिट फिल्मों में भूमिका निभायी। दिलजीत ने कई संगीत एल्बम एवं फिल्मों में गीत गाएं, विशेषत: उनके 'बैक टू बेसिक' एल्बम को बहुत लोकप्रियता हासिल हुयी। उनके द्वारा हिंदी फिल्म 'उड़ता पंजाब' में गाये गए 'इक कुड़ी' गाने ने दर्शकों का दिल जीत लिया। साथ ही उन्होंने अन्य कई हिंदी एवं पंजाबी फिल्मों में गीत गाये, जैसे की 'तेरे नाल लव हो गया', 'मेरे डैड की मारूती', 'यमला पगला दिवाना २', 'राबता', 'जब हैरी मेट सेजल' इत्यादि। राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त एवं ऐतिहासिक तथ्य दर्शानेवाली दिग्दर्शक अनुराग सिंह की पंजाबी फ़िल्म 'पंजाब 1984' में किये उमदा अभिनय की वजह से दिलजीत के लिए हिन्दी फ़िल्मों के रास्ते खुल गए। निर्देशक अभिषेक चौबे की बहुचर्चित हिंदी फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' में प्रमुख भुमिका द्वारा दिलजीत ने बॉलिवूड में कदम रखा, इस फिल्म में दिलजीत द्वारा किये गए अभिनय को काफी नवाज़ा गया, उन्हें इस किरदार के लिए फिल्मफेअर एवं आईफा एवार्ड के 'बेस्ट डेब्यू एक्टर' का पुरस्कार प्राप्त हुवा। साथ ही उन्होंने अनुष्का शर्मा के साथ हिन्दी फ़िल्म 'फिल्लौरी' में अभिनय किया। .

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दैनिक ट्रिब्यून

दैनिक ट्रिब्यून ट्रिब्यून ट्रस्ट द्वारा चंडीगढ़, नई दिल्ली, जालंधर, देहरादून और बठिंडा से प्रकाशित एक भारतीय हिन्दी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। संतोष तिवारी दैनिक ट्रिब्यून के संपादक है। राज चेंगप्पा समाचारपत्र ट्रिब्यून ट्रस्ट के संपादक इन चीफ है। दैनिक ट्रिब्यून का इंटरनेट संस्करण 16 अगस्त 2010 को शुरू किया और पर उपलब्ध है। .

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दैनिक जागरण

दैनिक जागरण उत्तर भारत का सर्वाधिक लोकप्रिय समाचारपत्र है। पिछले कई वर्षोँ से यह भारत में सर्वाधिक प्रसार संख्या वाला समाचार-पत्र बन गया है। यह समाचारपत्र विश्व का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला दैनिक है। इस बात की पुष्टि विश्व समाचारपत्र संघ (वैन) द्वारा की गई है। वर्ष 2008 में बीबीसी और रॉयटर्स की नामावली के अनुसार यह प्रतिवेदित किया गया कि यह भारत में समाचारों का सबसे विश्वसनीय स्रोत दैनिक जागरण है। .

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निविया स्पोर्ट्स

निवीया स्पोर्ट्स, फ्री विल स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर के तहत जालंधर, पंजाब में स्थित एक भारतीय खेल उपकरण निर्माता है।  यह फर्म फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, टेनिस आदि खेल के लिए जूते, परिधान, उपकरण और सामान बनाती है। यह भारत में कई राष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए भागीदारी की है।.

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नवांशहर

नववंशशहर पंजाब के शहीद भगतसिंहनगर जिला का मुख्यालय है। विशेष रूप से गुरूद्वारे और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह जगह काफी महत्वपूर्ण है। इस जिले में स्थित गुरूद्वारे व मंदिर खूबसूरत होने के साथ-साथ ऐतिहासिक झलक भी दिखलाते है। इस जगह को पहले नौशार के नाम से जाना जाता था। यह जिला पंजाब के होशियारपुर और जालंधर जिलों से घिरा हुआ है। माना जाता है कि नववंशशहर का निर्माण अफगान मिलिटरी के चीफ नौशार खान ने करवाया था। यह जिला सतलुज नदी के किनारे स्थित है। .

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नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है। यह शिवालिक पर्वत श्रेणी की पहाड़ियो पर स्थित एक भव्य मंदिर है। यह देवी के 51 शक्ति पीठों में शामिल है। नैना देवी हिंदूओं के पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह स्थान नैशनल हाईवे न. 21 से जुड़ा हुआ है। इस स्थान तक पर्यटक अपने निजी वाहनो से भी जा सकते है। मंदिर तक जाने के लिए उड़्डनखटोले, पालकी आदि की भी व्यवस्था है। यह समुद्र तल से 11000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती के नेत्र गिरे थे। मंदिर में पीपल का पेड़ मुख्य आकषर्ण का केन्द्र है जो कि अनेको शताब्दी पुराना है। मंदिर के मुख्य द्वार के दाई ओर भगवान गणेश और हनुमान कि मूर्ति है। मुख्य द्वार के पार करने के पश्चात आपको दो शेर की प्रतिमाएं दिखाई देगी। शेर माता का वाहन माना जाता है। मंदिर के र्गभ ग्रह में मुख्य तीन मूर्तियां है। दाई तरफ माता काली की, मध्य में नैना देवी की और बाई ओर भगवान गणेश की प्रतिमा है। पास ही में पवित्र जल का तालाब है जो मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। मंदिर के समीप ही में एक गुफा है जिसे नैना देवी गुफा के नाम से जाना जाता है। पहले मंदिर तक पहुंचने के लिए 1.25 कि॰मी॰ की पैदल यात्रा कि जाती थी परन्तु अब मंदिर प्रशासन द्वारा मंदिर तक पहुंचने के लिए उड़्डलखटोले का प्रबंध किया गया है। .

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नीरज श्रीधर

नीरज श्रीधर भारतीय सिनेमा की एक महत्वपूर्ण एकल तथा पार्श्वगायक है। .

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परदीप सिंह

परदीप सिंह एक भारतीय भारोत्तोलक हैं जो कि जालन्धर पंजाब से आते हैं। उन्होंने 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में भारोत्तोलन की 105 किग्रा स्पर्धा में रजत पदक जीता। .

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परगट सिंह

परगट सिंह भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। इनकी खेलने की पोज़ीशन फ़ुल बैक की थी। इनको विश्व के सर्वश्रेष्ठ रक्षक (डिफ़ेन्डरों) में से एक माना जाता था। इन्होंने १९९६ ऑलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की थी। .

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पाश (पंजाबी कवि)

अवतार सिंह संधू (9 सितम्बर 1950 - 23 मार्च 1988), जिन्हें सब पाश के नाम से जानते हैं पंजाबी कवि और क्रांतिकारी थे। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1983-84

पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 1983-84 के मौसम में भारत का दौरा किया। दोनों टीमों ने तीन टेस्ट खेले। सभी टेस्ट मैच ड्रॉ थे। दोनों टीमें भी 2 वनडे खेले, भारत ने दोनों मैचों को जीता। .

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पिंगली वेंकैया

पिंगली वैंकैया पिंगली वैंकैया (तेलुगु: పింగళి వెంకయ్య) भारत के राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक हैं। वे भारत के सच्चे देशभक्त एवं कृषि वैज्ञानिक भी थे। .

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पंजाब (भारत)

पंजाब (पंजाबी: ਪੰਜਾਬ) उत्तर-पश्चिम भारत का एक राज्य है जो वृहद्तर पंजाब क्षेत्र का एक भाग है। इसका दूसरा भाग पाकिस्तान में है। पंजाब क्षेत्र के अन्य भाग (भारत के) हरियाणा और हिमाचल प्रदेश राज्यों में हैं। इसके पश्चिम में पाकिस्तानी पंजाब, उत्तर में जम्मू और कश्मीर, उत्तर-पूर्व में हिमाचल प्रदेश, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व में हरियाणा, दक्षिण-पूर्व में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और दक्षिण-पश्चिम में राजस्थान राज्य हैं। राज्य की कुल जनसंख्या २,४२,८९,२९६ है एंव कुल क्षेत्रफल ५०,३६२ वर्ग किलोमीटर है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है जोकि हरियाणा राज्य की भी राजधानी है। पंजाब के प्रमुख नगरों में अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और बठिंडा हैं। 1947 भारत का विभाजन के बाद बर्तानवी भारत के पंजाब सूबे को भारत और पाकिस्तान दरमियान विभाजन दिया गया था। 1966 में भारतीय पंजाब का विभाजन फिर से हो गया और नतीजे के तौर पर हरियाणा और हिमाचल प्रदेश वजूद में आए और पंजाब का मौजूदा राज बना। यह भारत का अकेला सूबा है जहाँ सिख बहुमत में हैं। युनानी लोग पंजाब को पैंटापोटाम्या नाम के साथ जानते थे जो कि पाँच इकठ्ठा होते दरियाओं का अंदरूनी डेल्टा है। पारसियों के पवित्र ग्रंथ अवैस्टा में पंजाब क्षेत्र को पुरातन हपता हेंदू या सप्त-सिंधु (सात दरियाओं की धरती) के साथ जोड़ा जाता है। बर्तानवी लोग इस को "हमारा प्रशिया" कह कर बुलाते थे। ऐतिहासिक तौर पर पंजाब युनानियों, मध्य एशियाईओं, अफ़ग़ानियों और ईरानियों के लिए भारतीय उपमहाद्वीप का प्रवेश-द्वार रहा है। कृषि पंजाब का सब से बड़ा उद्योग है; यह भारत का सब से बड़ा गेहूँ उत्पादक है। यहाँ के प्रमुख उद्योग हैं: वैज्ञानिक साज़ों सामान, कृषि, खेल और बिजली सम्बन्धित माल, सिलाई मशीनें, मशीन यंत्रों, स्टार्च, साइकिलों, खादों आदि का निर्माण, वित्तीय रोज़गार, सैर-सपाटा और देवदार के तेल और खंड का उत्पादन। पंजाब में भारत में से सब से अधिक इस्पात के लुढ़का हुआ मीलों के कारख़ाने हैं जो कि फ़तहगढ़ साहब की इस्पात नगरी मंडी गोबिन्दगढ़ में हैं। .

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पंजाब पुलिस (भारत)

पंजाब पुलिस भारत के उत्तर-पश्चिमी राज्य पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये जिम्मेदार संस्था है। पंजाब पुलिस का ध्येय और लक्ष्य अपराध रोकना, भारत के संविधान को अपने अधिकार क्षेत्र में लागू कराना, कानून व्यवस्था बनाए रखना व अपराधियों को कानून के दायरे में सजा दिलाना है। पंजाब पुलिस के वर्तमान प्रमुख सुरेश अरोड़ा हैं। सितम्बर 7, 2011 को पंजाब पुलिस ने प्रवासी भारतीयों के समस्याओं के समाधान के लिये वीडियो कॉंन्फ्रेंसिग की सुविधा शुरु की। .

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पंजाब केसरी

पंजाब केसरी भारत का प्रमुख हिन्दी दैनिक समाचार पत्र है। यह भारत के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू कश्मीर आदि राज्यों के विभिन्न नगरों से प्रकाशित होता है। आतंकवाद के दौर में आतंक के खिलाफ आवाज उठाने वाले पंजाब केसरी अखबार के संस्‍थापक, सम्पादक लाला जगतनारायण को आतंकवादियों ने गोलियों से भून डाला था। इसके बाद उनके बेटे रमेशचन्द्र की भी आतंकियों ने हत्‍या कर दी थी। 'पंजाब केसरी' का प्रकाशन १९६४ में जालन्धर से हुआ। लाला जगतनारायण इस पत्र के संस्थापक थे। यह पंजाब के लोकप्रिय दैनिक पत्र है। `पंजाब केसरी' अपने रविवासरीय संस्करण के अतिरिक्त व्यंग्य विनोद संस्करण, कला संस्कृति संस्करण, कहानी संस्करण, महिला संस्करण तथा खिलाड़ी संस्करण भी प्रकाशित करता है। अर्थात् प्रतिदिन कोई न कोई संस्करण विशेष सामग्री लिए होता है। निर्भिकता के कारण लाला जगतनारायण और उनके पुत्र रमेश चन्द्र की आंतकवादियों ने हत्या कर दी.

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पुष्पा गुजराल साइंस सिटी

पुष्पा गुजराल साइंस सिटी, भारत में सबसे बड़ी विज्ञान नगरियों में से एक है। इस विज्ञान नगरी का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री इन्द्र कुमार गुजराल की मां के नाम पर रखा गया है। यह भारत के राज्य पंजाब के कपूरथला जिले में जालंधर-कपूरथला मार्ग पर स्थित है और यह विज्ञान नगरी भारत के दूसरी सबसे बड़ी विज्ञान नगरी है। इस विज्ञान नगरी का मुख्य उद्देश्य मज़े और मनोरंजन के साथ साथ शिक्षा प्रदान करना है। यह नगरी सीखने के आनन्द का अनुभव करने के लिए संग्रहालय में आने वाले सभी उम्र के लोगों को आकर्षित करती है। पुष्पा गुजराल साइंस सिटी जिज्ञासा और शिक्षा का एक लोकप्रिय मिश्रण है। जालंधर में पुष्पा गुजराल साइंस सिटी को 72 एकड़ के क्षेत्र में बनाया गया है। उत्तरी भारत में पुष्पा गुजराल साइंस सिटी अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजना है। यहां के प्रमुख आकर्षणों में एक 18 फुट ऊँचा डायनासोर और एक जीएसएलवी प्रक्षेपास्त्र का मॉडल शामिल हैं। संग्रहालय में 26 लाख टाइल्स से बना है एक विशाल ग्लोब भी स्थित है। यहाँ पर बच्चों का पार्क भी है जिसमें विभिन्न झूले, सवारियां, ट्रेम्पोलिन आदि बच्चों को आकर्षित करतें हैं। इसके अलावा यहां एक कृत्रिम झील भी है जिसमें पर्यटक नौका विहार का आनन्द ले सकते हैं। .

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पुष्यमित्र शुंग

पुष्यमित्र शुंग की मूर्ति पुष्यमित्र शुंग (१८५ – १४९ ई॰पू॰) यह एक ब्राम्हण था । उत्तर भारत के शुंग साम्राज्य के संस्थापक और प्रथम राजा था । इससे पहले वो मौर्य साम्राज्य में सेनापति था। १८५ ई॰पूर्व में इसने अन्तिम मौर्य सम्राट (बृहद्रथ) की रात में दरवार में अकेला बुलाया और उनकी पीठ पर छुरा घोपकर सम्राट बृहद्रथ की हत्या कर दी और अपने आपको राजा उद्घोषित किया। उसके बाद उन्होंने अश्वमेध यज्ञ किया और उत्तर भारत का अधिकतर हिस्सा अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया। शुंग राज्य के शिलालेख पंजाब के जालन्धर में पुष्यमित्र का एक शिलालेख मिले हैं और दिव्यावदान के अनुसार यह राज्य सांग्ला (वर्तमान सियालकोट) तक विस्तृत था। .

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प्रवीण आमरे

प्रवीण कल्याण आमरे (Pravin Kalyan Amre) (एक पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है जिनका जन्म १४ अगस्त १९६८ को महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई, accessdate.

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प्रेम कुमार धूमल

प्रेम कुमार धूमल (जन्म 10 अप्रैल 1944) हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री है। वे राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में हिमाचल प्रदेश विधानसभा की हमीरपुर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। .

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फगवाड़ा

फगवाड़ा एक नगर है और यह हाल ही में यहमे कपूरथला जिले नगर निगम बन गया है  जो की पंजाब प्रांत के मध्य भाग में  - स्थित है । इस नगर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है, क्योंकि एक बड़ी संख्या में  एनआरआई (अनिवासी भारतीय) इसी नगर से है। यहाँ बहुतायत में  राजपूत बर्सर, जाट जाति  निवास करते हैं। यह जालंधर राजस्व प्रभाग के अंतर्गत  आता है। .

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फौजा सिंह

फ़ौजा सिंह (जन्म: १ अप्रैल, १९११) भारतीय मूल के वृद्ध सिख खिलाड़ी हैं। वे ब्रिटिश नागरिक हैं। २००३ में उन्होंने टोरंटो मैराथन में ९२ वर्ष की आयु में दौड़ कर एक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इतनी वृद्धावस्था में मैराथन में भाग लेने के कारण मीडिया ने इन्हें कई नाम भी दिये हैं। जिसमें पगड़ी वाला तूफ़ान, दौड़ने वाला बाबा, सुपर मैंन सिक्ख आदि नाम हैं। खेलों से संबंधित कई अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स ने भी उन्हें प्रचार हेतु अनुबंधित किया है। २००४ में खेलविन्यास के निर्माता एडिडास के प्रचार में वे विश्व विख्यात खिलाड़ी डेविड बेखम व मुहम्मद अली के समकक्ष खड़े दिखाई दिए। फौजा सिंह के नाम अपने आयु वर्ग (९०+) में यूनाइटेड किंगडम के २०० मी०, ४०० मी०, ८०० मी०, मील तथा ३००० मी० के रिकॉर्ड दर्ज हैं। गौरतलब है कि ये तमाम रिकॉर्ड उन्होंने ९४ मिनट के अंतराल में एक साथ बनाए। .

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बिग एफएम (रेडियो)

150px बिग एफएम (रेडियो), एक राष्ट्रव्यापी निजी एफएम रेडियो स्टेशन है। इस रेडियो स्टेशन के मालिक प्रसिद्द भारतीय व्यवसायी अनिल अम्बानी हैं। यह रेडियो स्टेशन ९२.७ मेगाहर्ट्स एफएम बैंड फ्रिकुएंसी पर प्रसारित होता है। वर्तमान में यह स्टेशन ४४ विभिन्न शहरों में प्रसारित होता है। यह एकमात्र ऐसा रेडियो स्टेशन है जो कि जम्मू और कश्मीर में भी प्रसारित होता है। १ जुलाई २००८ से बिग एफएम सिंगापूर में भी अपना प्रसारण शुरू कर दिया। सिंगापूर में यह सुबह ५ बजे से रत ८ बजे तक हर रोज़ ९६.३ मेगाहर्ट्स पर प्रसारित होता है। बिग एफएम रेडियो का टैगलाइन है - "सुनो सुनाओ, लाइफ बनाओ" .

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बंसी लाल

चौधरी बंसीलाल (26 अगस्त 1927-28 मार्च 2006)(चौधरी बंसी लाल) एक भारयीय स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कई लोगों द्वारा आधुनिक हरियाणा के निर्माता माने जाते हैं। उनका जन्म हरियाणा के भिवानी जिले के गोलागढ़ गांव के जाट परिवार में हुआ था। उन्होंने तीन अलग-अलग अवधियों: 1968-197, 1985-87 एवं 1996-99 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। बंसीलाल को 1975 में आपातकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके पुत्र संजय गांधी का एक करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने दिसंबर 1975 से मार्च 1977 तक रक्षा मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी एवं 1975 में केंद्र सरकार में बिना विभाग के मंत्री के रूप में उनका एक संक्षिप्त कार्यकाल रहा। उन्होंने रेलवे और परिवहन विभागों का भी संचालन किया। लाल सात बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए, पहली बार 1967 में.

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बौद्ध धर्म का कालक्रम

बौद्ध धर्म का कालक्रम, गौतम बुद्ध के जन्म से लेकर अब तक बौद्ध धर्म के विकास का विवरण है। .

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भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की राजमार्ग संख्या अनुसार सूची

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची इस प्रकार से है। इसे राज्य, राजमार्ग संख्या, कुल लंबाई इत्यादि किसी भी क्रम से चुना व छांटा जा सकता है। .

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भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची (राजमार्ग संख्यानुसार)

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का आकारीय नक्शा  28 अप्रैल 2010 को, सड़क परिवहन और राजमार्ग मन्त्रालय ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के लिए भारत सरकार के राजपत्र में एक नई संख्यांकन प्रणाली प्रकाशित की। यह एक व्यवस्थित संख्यांकन योजना हैं, जो राजमार्ग अभिविन्यास और भौगोलिक स्थान पर आधारित हैं। मौजूदा और नए राष्ट्रीय राजमार्गों के संख्यांकन में अधिक लचीलापन और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए, इसे अपनाया गया। नई संख्यांकन प्रणाली के अनुसार -.

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भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - प्रदेश अनुसार

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का संजाल भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची भारतीय राजमार्ग के क्षेत्र में एक व्यापक सूची देता है, द्वारा अनुरक्षित सड़कों के एक वर्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण। ये लंबे मुख्य में दूरी roadways हैं भारत और के अत्यधिक उपयोग का मतलब है एक परिवहन भारत में। वे में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा भारतीय अर्थव्यवस्था। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 laned (प्रत्येक दिशा में एक), के बारे में 65,000 किमी की एक कुल, जिनमें से 5,840 किमी बदल सकता है गठन में "स्वर्ण Chathuspatha" या स्वर्णिम चतुर्भुज, एक प्रतिष्ठित परियोजना राजग सरकार द्वारा शुरू की श्री अटल बिहारी वाजपेयी.

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भारत में रेल दुर्घटना

भारत का रेल तन्त्र दुनिया के सबसे बड़े तन्त्रों में से एक हैं। भारतीय रेलगाड़ियों में हर दिन सवा करोड़ से अधिक लोग यात्रा करते हैं। एक अनुमान के अनुसार देश में प्रति वर्ष औसतन ३०० छोटी-बड़ी रेल दुर्घटनाएँ होती हैं। भारत में वर्ष २००० से बाद घटित हुई रेल दुर्घटनाओं का घटनाक्रम इस प्रकार है:- .

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भारत में सर्वाधिक जनसंख्या वाले महानगरों की सूची

इस लेख में भारत के सर्वोच्च सौ महानगरीय क्षेत्रों की सूची (२००८ अनुसार) है। इन सौ महानगरों की संयुक्त जनसंख्या राष्ट्र की कुल जनसंख्या का सातवां भाग बनाती है। .

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भारत में संचार

भारतीय दूरसंचार उद्योग दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता दूरसंचार उद्योग है, जिसके पास अगस्त 2010http://www.trai.gov.in/WriteReadData/trai/upload/PressReleases/767/August_Press_release.pdf तक 706.37 मिलियन टेलीफोन (लैंडलाइन्स और मोबाइल) ग्राहक तथा 670.60 मिलियन मोबाइल फोन कनेक्शन्स हैं। वायरलेस कनेक्शन्स की संख्या के आधार पर यह दूरसंचार नेटवर्क मुहैया करने वाले देशों में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारतीय मोबाइल ग्राहक आधार आकार में कारक के रूप में एक सौ से अधिक बढ़ी है, 2001 में देश में ग्राहकों की संख्या लगभग 5 मिलियन थी, जो अगस्त 2010 में बढ़कर 670.60 मिलियन हो गयी है। चूंकि दूरसंचार उद्योग दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2013 तक भारत में 1.159 बिलियन मोबाइल उपभोक्ता हो जायेंगे.

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भारत में स्मार्ट नगर

भारत में स्मार्ट नगर की कल्पना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की है जिन्होंने देश के १०० नगरों को स्मार्ट नगरों के रूप में विकसित करने का संकल्प किया है। सरकार ने २७ अगस्त २०१५ को ९८ प्रस्तावित स्मार्ट नगरों की सूची जारी कर दी। .

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भारत में विश्वविद्यालयों की सूची

यहाँ भारत में विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है। भारत में सार्वजनिक और निजी, दोनों विश्वविद्यालय हैं जिनमें से कई भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा समर्थित हैं। इनके अलावा निजी विश्वविद्यालय भी मौजूद हैं, जो विभिन्न निकायों और समितियों द्वारा समर्थित हैं। शीर्ष दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालयों के तहत सूचीबद्ध विश्वविद्यालयों में से अधिकांश भारत में स्थित हैं। .

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भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची

भारत के प्रधानमंत्री भारत गणराज्य की सरकार के मुखिया हैं। भारत के प्रधानमंत्री, का पद, भारत के शासनप्रमुख (शासनाध्यक्ष) का पद है। संविधान के अनुसार, वह भारत सरकार के मुखिया, भारत के राष्ट्रपति, का मुख्य सलाहकार, मंत्रिपरिषद का मुखिया, तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का नेतृत्व करता है। भारत की राजनैतिक प्रणाली में, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल में का वरिष्ठ सदस्य होता है। .

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भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - संख्या अनुसार

भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची (संख्या के क्रम में) भारत के राजमार्गो की एक सूची है। .

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भारत के शहरों की सूची

कोई विवरण नहीं।

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भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची

यह सूचियों भारत के सबसे बड़े शहरों पर है। .

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भारतीय थलसेना

भारतीय थलसेना, सेना की भूमि-आधारित दल की शाखा है और यह भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग है। भारत का राष्ट्रपति, थलसेना का प्रधान सेनापति होता है, और इसकी कमान भारतीय थलसेनाध्यक्ष के हाथों में होती है जो कि चार-सितारा जनरल स्तर के अधिकारी होते हैं। पांच-सितारा रैंक के साथ फील्ड मार्शल की रैंक भारतीय सेना में श्रेष्ठतम सम्मान की औपचारिक स्थिति है, आजतक मात्र दो अधिकारियों को इससे सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना का उद्भव ईस्ट इण्डिया कम्पनी, जो कि ब्रिटिश भारतीय सेना के रूप में परिवर्तित हुई थी, और भारतीय राज्यों की सेना से हुआ, जो स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्रीय सेना के रूप में परिणत हुई। भारतीय सेना की टुकड़ी और रेजिमेंट का विविध इतिहास रहा हैं इसने दुनिया भर में कई लड़ाई और अभियानों में हिस्सा लिया है, तथा आजादी से पहले और बाद में बड़ी संख्या में युद्ध सम्मान अर्जित किये। भारतीय सेना का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद की एकता सुनिश्चित करना, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण और आंतरिक खतरों से बचाव, और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना हैं। यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य गड़बड़ी के दौरान मानवीय बचाव अभियान भी चलाते है, जैसे ऑपरेशन सूर्य आशा, और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए सरकार द्वारा भी सहायता हेतु अनुरोध किया जा सकता है। यह भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के साथ राष्ट्रीय शक्ति का एक प्रमुख अंग है। सेना अब तक पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चार युद्धों तथा चीन के साथ एक युद्ध लड़ चुकी है। सेना द्वारा किए गए अन्य प्रमुख अभियानों में ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन कैक्टस शामिल हैं। संघर्षों के अलावा, सेना ने शांति के समय कई बड़े अभियानों, जैसे ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स और युद्ध-अभ्यास शूरवीर का संचालन किया है। सेना ने कई देशो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में एक सक्रिय प्रतिभागी भी रहा है जिनमे साइप्रस, लेबनान, कांगो, अंगोला, कंबोडिया, वियतनाम, नामीबिया, एल साल्वाडोर, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक और सोमालिया आदि सम्मलित हैं। भारतीय सेना में एक सैन्य-दल (रेजिमेंट) प्रणाली है, लेकिन यह बुनियादी क्षेत्र गठन विभाजन के साथ संचालन और भौगोलिक रूप से सात कमान में विभाजित है। यह एक सर्व-स्वयंसेवी बल है और इसमें देश के सक्रिय रक्षा कर्मियों का 80% से अधिक हिस्सा है। यह 1,200,255 सक्रिय सैनिकों और 909,60 आरक्षित सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना है। सेना ने सैनिको के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसे "फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री सैनिक एक प्रणाली के रूप में" के नाम से जाना जाता है इसके साथ ही यह अपने बख़्तरबंद, तोपखाने और उड्डयन शाखाओं के लिए नए संसाधनों का संग्रह एवं सुधार भी कर रहा है।.

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भारतीय वृहत उद्योग समूह

यह भारत के प्रमुख वृहत उद्योग समूहों की सूचि है|.

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भारतीय क्रिकेट टीम

भारतीय क्रिकेट टीम भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा संचालित भारतीय क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की पूर्णकालिक सदस्य है। भारतीय टीम दो बार क्रिकेट विश्वकप (१९८३ और २०११) अपने नाम कर चुकी है। वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री हैं। .

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भास्कर (निर्देशक)

भास्कर एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक हैं। यह बोम्मरिल्लू, परुगु, ऑरेंज, ओंगोले जैसे कई तेलुगू फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। यह बॉलीवुड फिल्मों में हीरोपंती जैसे फिल्मों की कहानी लिख चुके हैं। .

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मधुर कपिला

'''मधुर''' कपिला मधुर कपिला (जन्म 15 अप्रैल, 1942) एक उपन्यासकार, पत्रकार, और हिन्दी साहित्य एवं कला की समीक्षक हैं। .

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माय एफएम

150px माय एफएम, एक राष्ट्रव्यापी निजी एफएम रेडियो स्टेशन है| यह रेडियो दैनिक भास्कर समूह द्वारा चलाया जा रहा है | यह रेडियो स्टेशन ९४.३ मेगाहर्ट्स एफएम बैंड फ्रिकुएंसी पर प्रसारित होता है| वर्तमान में यह स्टेशन १७ विभिन्न शहरों में प्रसारित होता है | माय एफएम का टैगलाइन है - "जियो दिल से" | .

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मेघवाल

जम्मू, भारत में एक समारोह के दौरान मेघ बालिकाओं का एक समूह मेघ, मेघवाल, या मेघवार, (उर्दू:میگھواڑ, सिंधी:ميگھواڙ) लोग मुख्य रूप से उत्तर पश्चिम भारत में रहते हैं और कुछ आबादी पाकिस्तान में है। सन् 2008 में, उनकी कुल जनसंख्या अनुमानतः 2,807,000 थी, जिनमें से 2760000 भारत में रहते थे। इनमें से वे 659000 मारवाड़ी, 663000 हिंदी, 230000 डोगरी, 175000 पंजाबी और विभिन्न अन्य क्षेत्रीय भाषाएँ बोलते हैं। एक अनुसूचित जाति के रूप में इनका पारंपरिक व्यवसाय बुनाई रहा है। अधिकांश हिंदू धर्म से हैं, ऋषि मेघ, कबीर, रामदेवजी और बंकर माताजी उनके प्रमुख आराध्य हैं। मेघवंश को राजऋषि वृत्र या मेघ ऋषि से उत्पन्न जाना जाता है।सिंधु सभ्यता के अवशेष (मेघ ऋषि की मुर्ति मिली) भी मेघो से मिलते है। हडप्पा,मोहन-जोद़ङो,कालीबंगा (हनुमानगढ),राखीगङी,रोपङ,शक्खर(सिंध),नौसारो(बलुचिस्तान),मेघढ़(मेहरगढ़ बलुचिस्तान)आदि मेघवंशजो के प्राचीन नगर हुआ करते थे। 3300ई.पू.से 1700ई.पू.तक सिंध घाटी मे मेघो की ही आधिक्य था। 1700-1500ई.पू.मे आर्यो के आगमन से मेघ, अखंड भारत के अलग अलग भागो मे बिछुङ (चले) गये । ये लोग बहुत शांत स्वभाव व प्रवृति के थे। इनका मुख्य साधन ऊंठ-गाङा व बैल-गाङा हुआ करता। आज मेघवालो को बहुत सारी उपजातीयो बांट रखा है जिसमे सिहमार, भगत, बारुपाल, मिड़ल (मिरल),केम्मपाल, अहम्पा, पंवार,पङिहार,लिलङ,जयपाल,पंवार,चावणीया, तुर्किया,गाडी,देवपाल,जालानी गोयल-मंगी,पन्नु, गोगली,गंढेर,दहीया,पुनङ,मुंशी,कोली आदि प्रमुख है। मेघवंशो के कूलगुरु गर्गाचार्य गुरङा होते है। .

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रणविजय सिंह

रणविजय सिंह संघा (जन्म 16 मार्च 1983) एक भारतीय टीवी प्रस्तोता एवं मेज़बान हैं। उन्हें मुख्यतः साहसिक जोखिमभरे टीवी शो एमटीवी रोडीस में अपनी महत्वपूर्ण मेज़बानी के लिए जाना जाता है, उन्हें उनके अभिनय और लेखन के क्षेत्र में योगदान के लिए भी जाना जाता है। वो मुम्बई, भारत में रहते हैं। .

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रतन पंडोरवी

रतन पंडोरवी रलाराम का जन्म 07 जुलाई 1907 ई० को ग्राम पंडोरी, तहसील बटाला, जिला गुरदासपुर, पंजाब में हुआ। रतन पंडोरवी पंजाब के प्रसिद्ध उस्ताद शायरों में से एक हैं। उन्हें पंजाब सरकार ने अपने सर्वोच्च सम्मान "शिरोमणि साहित्यकार अवार्ड" से नवाजा। रतन साहब ने शायरी का सलीका मशहूर शायर दिल शाहजहाँपुरी और जोश मलसियानी से सीखा। रतन साहब ने कुल 23 किताबें लिखी जिनमे 9 पद्य और 14 गद्य की हैं। रतन साहब ने अपनी उम्र का लंबा अरसा पंडोरी के एक शिव मन्दिर में फ़क़ीर की तरह गुज़ारा और अपने अंतिम समय में पठानकोट में आ गए और 04 नवंबर 1990 को अपना शरीर त्याग दिया। .

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राष्ट्रीय राजमार्ग (भारत)

भारत के राजमार्ग भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग, भारत की केन्द्रीय सरकार द्वारा संस्थापित और सम्भाले जानी वाली लंबी दूरी की सड़के है। मुख्यतः यह सड़के 2 पंक्तियो की है, प्रत्येक दिशा में जाने के लिए एक पंक्ति। भारत के राजमार्गो की कुल दूरी लगभग 58,000 किमी है, जिसमे से केवल 4,885 किमी की सड़को के मध्य पक्का विभाजन बनाया गया है। राजमार्गो की लंबाई भारत के सड़को का मात्र 2% है, लेकिन यह कुल यातायात का लगभग 40% भार उठाते है। 1995 में पास संसदीय विदेहक के तहत इन राजमार्गो को बनाने और रख-रखाव के लिए निजी संस्थानो की हिस्सेदारी को मंजूरी दी गई। हाल के समय में इन राजमार्गो का तेजी से विकास हुआ जिनके तहत भारत के शहर और कस्बो के बीच यातायात के समय में गिरावट आई। कुछ शहरो के बीच 4 और 6 पंक्तियों के राजमार्गो का भी विकास हुआ। भारत का सबसे बड़ा राजमार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग ७ (NH7) है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर को भारत के दक्षिणी कोने, तमिलनाडु के कन्याकुमारी शहर के साथ जोड़ता है। इसकी लंबाई 2369 किमी है। सबसे छोटा राजमार्ग 5 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग NH71B (NH71B) है,। काफ़ी सारे राजमार्गों का अभी भी विकास हो रहा है। ज्यादतर राजमार्गों को कंक्रीट का नहीं बनाया गया है। मुम्बई पुणे एक्सप्रेस-वे इसका एक अपवाद है। .

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राष्ट्रीय राजमार्ग १

४५६ किलोमीटर लंबा यह राजकीय राजमार्ग दिल्ली से भारत-पाकिस्तान की सीमा के पास अटारी तक जाता है। इसका रूट दिल्ली - अम्बाला - जालंधर - अमृतसर - अटारी है। यह हाईवे दिल्ली को अमृतसर से जोड़ता है। रास्ते में पानीपत, अम्बाला, लुधियाना और जालंधर शहर हैं। इनके अलावा इस रूट पर कई पर्यटन स्थल भी हैं। पानीपत के पास कालाअम्ब एक मिनी सैरगाह है। यह स्थल पानीपत की लड़ाई से ताल्लुक रखता है। कालाअम्ब से नाहन होते हुए हिमाचल प्रदेश में रेणुका झील जाया जा सकता है। यहां पहाड़ों के मध्य फैली झील के आसपास किसी गेस्ट हाउस में रुक प्रकृति का मजा उठा सकते हैं। दिल्ली से 156 कि॰मी॰ दूर स्थित धार्मिक स्थल कुरुक्षेत्र में मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहीं ज्योतिसर नामक स्थान गीता उपदेश की जगह है। हरियाणा का आधुनिक शहर पंचकुला भी पर्यटन का आकर्षण केंद्र है। यहां का कैक्टस गार्डन, मनसा देवी मंदिर दर्शनीय हैं। इसके निकट 350 वर्ष पुराना रामगढ़ फोर्ट आज एक हेरिटेज होटल है। पंचकुला से सैलानी पिंजौर गार्डन, नालागढ़ फोर्ट और मोरनी हिल्स भी जा सकते हैं। .

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राष्ट्रीय राजमार्ग १ए

६६३ किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग जालंधर को उरी, कश्मीर से जोड़ता है। इसका रूट जालंधर – माधोपुर - जम्मू - बनिहाल – श्रीनगर – बारामूला - उरी है। श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग.

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राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (भारत)

राष्ट्रीय राजमार्ग ४४ (National Highway 44, NH 44) भारत का सबसे लम्बा राजमार्ग है। यह उत्तर में श्रीनगर से आरम्भ होकर दक्षिण में कन्याकुमारी में समाप्त होता है। .

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राहुल शर्मा (भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी)

राहुल शर्मा (ਰਾਹੁਲ ਸ਼ਰਮਾ Rahul Sharma) (जन्म; ३० नवम्बर १९८६, जालंधर, पंजाब, भारत) एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और ट्वेन्टी-ट्वेन्टी क्रिकेट खेलते हैं हालाँकि ये टेस्ट क्रिकेट में नजर नहीं आते हैं। राहुल शर्मा २००६ से घरेलू क्रिकेट पंजाब की टीम से खेलते आ रहे हैं। इन्होंने अपनी पहचान इंडियन प्रीमियर लीग से बनायी है। इंडियन प्रीमियर लीग में इन्होंने डेक्कन चार्जर्स, पुणे वॉरियर्स इंडिया, दिल्ली डेयरडेविल्स और फिर चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी की तरफ से खेले है। ये मुख्य रूप से एक गेंदबाज की भूमिका निभाते हैं। .

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राजेंद्र सिंह रहेलू

राजेंद्र सिंह रहेलू (जन्म 22 जुलाई 1973) भारतीय पैरालंपिक पावरलिफ्टर हैं। उन्होंने 56 किलो वर्ग की श्रेणी में 2004 मे अथेन्स के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता। उन्होंने बीजिंग में 2008 के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतिम परिणाम में पांचवें स्थान पर रहे। रहेलू ने लन्दन में 2012 ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया परन्तु 175 कि.ग्र.

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लाला जगत नारायण

लाला जगत नारायण (31 मई 1899 − 9 सितम्बर 1981) भारत के प्रसिद्ध पत्रकार तथा हिन्द समाचार समूह के संस्थापक थे। अस्सी के दशक में जब पूरा पंजाब आतंकी माहौल से सुलग रहा था, उस दौर में भी कलम के सिपाही एवं देश भावना से प्रेरित लाला जी ने अपने बिंदास लेखन से आतंकियों के मंसूबों को उजागर किया और राज्य में शांति कायम करने के भरसक प्रयास किए परन्तु 9 सितम्बर सन् 1981 को इन्हीं आतंकियों ने सच्चे देशभक्त एवं निडर पत्रकार लाला जी की हत्या कर दी। .

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लको बोदरा

पंडित गुरु कोल लको बोदरा हो भाषा के साहित्यकार थे। उनका स्थान हो भाषा-साहित्य में कोल गुरु लको बोदरा का वही स्थान है जो संताली भाषा में रघुनाथ मुर्मू का है। उन्होंने १९४० के दशक में हो भाषा के लिए वारंग क्षिति नामक लिपि की खोज करी व उसे प्रचलित करा। .

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शहीद भगत सिंह नगर जिला

शहीद भगतसिंहनगर या नवां शहर भारतीय राज्य पंजाब का एक जिला है। इसका मुख्यालय नवांशहर है। इस जिले में स्थित गुरूद्वारे व मंदिर खूबसूरत होने के साथ-साथ ऐतिहासिक झलक भी दिखलाते हैं। इस जगह को पहले नौशार के नाम से जाना जाता था। यह जिला पंजाब के होशियारपुर और जालंधर जिलों से घिरा हुआ है। माना जाता है कि नववंशशहर का निर्माण अफगान मिलिटरी के चीफ नौशार खान ने करवाया था। यह जिला सतलुज नदी के किनारे स्थित है। जिले का मुख्यालय नवांशहर है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1993-94

श्रीलंका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को तीन टेस्ट मैचेस और तीन वन-डे अंतरराष्ट्रीय (वनडे) खेलने के लिए जनवरी और फरवरी 1994 में भारत का दौरा किया गया। यह दौरा 1993 में हीरो कप में श्रीलंका की भागीदारी के बाद हुआ, जहां वे सेमीफाइनल तक पहुंचे और विवाद से घिरे हुए थे। पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए श्रीलंका से केवल भारत का दौरा किया। श्रीलंका के टीम मैनेजर, बंडुला वर्णापरा, जैसा कुछ ही महीने पहले हीरो कप में हुआ था, ने खराब अंपायरिंग फैसले पर पहले दो टेस्ट मैचों की बल्लेबाजी विफलताओं को दोषी ठहराया। श्रृंखला को स्पिन-मैत्रीपूर्ण पिचों पर खेला गया जिस पर भारत ने एक शानदार रिकॉर्ड बनाया है। 1990-91 में श्रीलंका की हार के बाद भारत ने अपना आठवें सीधे जीत हासिल किया और 1992-93 में इंग्लैंड को हराकर उनकी लगातार दूसरी श्रृंखला का सफाया किया। उस समय के लोकप्रिय मान्यताओं के विपरीत जो भारत में टेस्ट मैचों में उबाऊ ड्रॉ का उत्पादन करता है, इस श्रृंखला का मतलब है कि 1987-88 में मद्रास से पिछले 12 टेस्ट के परिणामस्वरूप भारत के लिए 11 जीत हासिल हुई थी। अजहरुद्दीन ने मंसूर अली खान पतौडी और सुनील गावस्कर को भारत के सबसे सफल कप्तान के रूप में शामिल किया, जिसमें से प्रत्येक ने 9 जीत दर्ज की। भारत के लिए उत्सव के लिए आगे आने के बाद कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी रिचर्ड हैडली के 431 के स्कोर को पार कर, जो साढ़े तीन साल तक खड़ा था। .

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सरदार हुकम सिंह

सरदार हुकम सिंह (अगस्त 30, 1895-मई 27, 1983) एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा 1962 से 1967 के बीच लोक सभा के स्पीकर थे। वे 1967 से 1972 के बीच राजस्थान के राज्यपाल भी रहे थे। .

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सांद्रा ब्रगांजा

सांद्रा ब्रगांजा (Sandra Braganza) (जन्म;३० नवम्बर १९६१, जालंधर,पंजाब,भारत) एक पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी है जो १९८० और १९९० के दशक में भारत की राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की ओर से टेस्ट और वनडे क्रिकेट मैच खेला करती थीं। इन्होंने अपने पूरे क्रिकेट कैरियर में कुल छः टेस्ट और बीस वनडे मैच खेले थे। .

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सुरभि ज्योति

सुरभि ज्योति एक भारतीय अभिनेत्री और टीवी एंकर हैं। सुरभि ज्योति पंजाबी फिल्मों और पंजाबी धारावाहिकों में एक लोकप्रिय चेहरा हैं। वह ज़ी टीवी के धारावाहिक "क़ुबूल है" में ज़ोया फ़ारूक़ी के रूप में में मुख्य भूमिका निभाने के कारण सुर्खियों में आ गईं थीं। वर्तमान में वह उसी शो में सनम की भूमिका में काम कर रही हैं। सुरभि ज्योति का जालंधर के एक पंजाबी-ब्राह्मण परिवार में 29 मई 1988 को जन्म हुआ था। वह भी एक आर जे की भूमिका भी कर चुकी हैं। वह एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार और बहस में तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। पंजाबी फ़िल्मों में कई किरदार निभाने के बाद सुरभि को ज़ी टीवी पर "क़ुबूल है" धारावाहिक में ज़ोया का चरित्र निभाने के लिए चुना गया था। .

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स्वराज पॉल

स्वराज पॉल, बैरन पॉल, पीसी (18 फ़रवरी 1931 को जन्म) एक भारतीय मूल के, ब्रिटिश आधारित दिग्गज उद्योगपति, समाजसेवी और लेबर राजनीतिज्ञ हैं। 1996 में वे एक लाइफ पीयर बने, वे सिटी ऑफ़ वेस्टमिनिस्टर में बैरन पॉल की उपाधि के साथ मालेबन के हाउज़ ऑफ़ लॉर्ड्स में बैठे.

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स्वामी श्रद्धानन्द

स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती (२ फरवरी, १८५६ - २३ दिसम्बर, १९२६) भारत के शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा आर्यसमाज के संन्यासी थे जिन्होंने स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रसार किया। वे भारत के उन महान राष्ट्रभक्त संन्यासियों में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय आदि शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और हिन्दू समाज को संगठित करने तथा १९२० के दशक में शुद्धि आन्दोलन चलाने में महती भूमिका अदा की। .

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सोमदेव

सोमदेव (अनुमानतः ग्यारहवीं शताब्दी) कथासरित्सागर के रचयिता हैं। वे कश्मीर के निवासी थे। सोमदेव के जीवन के बारे में कुछ भी पता नहीं है। उनके पिता का नाम 'राम' था। सम्भवतः १०६३ और १०८१ के मध्य उन्होने रानी सूर्यमती के चित्तविनोद के लिये उन्होने इस महाग्रन्थ की रचना की। सूर्यमती जालन्धर की राजकुमारी और कश्मीर के राजा अनन्तदेव की पत्नी थीं। कहा जाता है कि भयानक राजनैतिक अशान्ति, रक्तपात और जटिल परिस्थितियों के कारण बिषादग्रस्त हुई रानी के मानसिक स्वास्थ्य के लिये इस ग्रन्थ की रचना हुई। सोमदेव शैव ब्राह्मण थे। तथापि बौद्ध धर्म के प्रति भी उनकी अगाध श्रद्धा थी। कथासरित्सागर के किसी-किसी कथा में इसी कारण बौद्ध प्रभाव परिलक्षित होता है। .

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हफ़ीज़ जालंधरी

अबू अल-असर हफ़ीज़ जालंधरी (नस्तालीक़:, जन्म 14 जनवरी 1900 - मौत 21 दिसंबर 1982) एक पाकिस्तानी उर्दु शायर थे जिन्होंने पाकिस्तान का क़ौमी तराना को लिखा। उन्हें "शाहनामा-ए-इस्लाम" की रचना करने के लिए भी जाने जाते हैं। .

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हरभजन सिंह

हरभजन सिंह प्लाहा (जन्म: ०३ जुलाई १९८०, जालन्धर, पंजाब) भारत के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी हैं। वे इंडियन प्रिमियर लीग के चेन्नई सुपर किंग्स तथा पंजाब राज्य क्रिकेट टीम (2012-13) के भूतपूर्व कप्तान भी हैं। वे स्पिन गेंदबाजी में निपुण हैं और टेस्ट मैचों में ऑफ-स्पिनर द्वारा सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे स्पिनर हैं। साथ ही ये इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे है। .

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हिन्द समाचार

हिन्द समाचार, उर्दू भाषा का दैनिक समाचारपत्र है जो मुम्बई में प्रकाशित होता है। पंजाब केसरी समूह द्वारा १९४८ में तीन समाचार पत्र निकाले गये जिनमें से एक हिन्द समाचार है। .

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हिन्दी मिलाप

हिन्दी मिलाप हिन्दी भाषा का एक दैनिक समाचार पत्र है। यह हैदराबाद से प्रकाशित होता है। .

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ह्वेन त्सांग

ह्वेन त्सांग का एक चित्र ह्वेन त्सांग एक प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु था। वह हर्षवर्द्धन के शासन काल में भारत आया था। वह भारत में 15 वर्षों तक रहा। उसने अपनी पुस्तक सी-यू-की में अपनी यात्रा तथा तत्कालीन भारत का विवरण दिया है। उसके वर्णनों से हर्षकालीन भारत की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक अवस्था का परिचय मिलता है। .

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हॉकी

मेलबर्न विश्वविद्यालय में फील्ड हॉकी का खेल हॉकी एक ऐसा खेल है जिसमें दो टीमें लकड़ी या कठोर धातु या फाईबर से बनी विशेष लाठी (स्टिक) की सहायता से रबर या कठोर प्लास्टिक की गेंद को अपनी विरोधी टीम के नेट या गोल में डालने की कोशिश करती हैं। हॉकी का प्रारम्भ वर्ष 2010 से 4,000 वर्ष पूर्व मिस्र में हुआ था। इसके बाद बहुत से देशों में इसका आगमन हुआ पर उचित स्थान न मिल सका। भारत में इसका आरम्भ 150 वर्षों से पहले हुआ था। 11 खिलाड़ियों के दो विरोधी दलों के बीच मैदान में खेले जाने वाले इस खेल में प्रत्येक खिलाड़ी मारक बिंदु पर मुड़ी हुई एक छड़ी (स्टिक) का इस्तेमाल एक छोटी व कठोर गेंद को विरोधी दल के गोल में मारने के लिए करता है। बर्फ़ में खेले जाने वाले इसी तरह के एक खेल आईस हॉकी से भिन्नता दर्शाने के लिए इसे मैदानी हॉकी कहते हैं। चारदीवारी में खेली जाने वाली हॉकी, जिसमें एक दल में छह खिलाड़ी होते हैं और छह खिलाड़ी परिवर्तन के लिए रखे जाते हैं। हॉकी के विस्तार का श्रेय, विशेषकर भारत और सुदूर पूर्व में, ब्रिटेन की सेना को है। अनेक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आह्वान के फलस्वरूप 1971 में विश्व कप की शुरुआत हुई। हॉकी की अन्य मुख्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हैं- ओलम्पिक, एशियन कप, एशियाई खेल, यूरोपियन कप और पैन-अमेरिकी खेल। दुनिया में हॉकी निम्न प्रकार से खेली जाती है।.

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जम्मू

जम्मू (جموں, पंजाबी: ਜੰਮੂ), भारत के उत्तरतम राज्य जम्मू एवं कश्मीर में तीन में से एक प्रशासनिक खण्ड है। यह क्षेत्र अपने आप में एक राज्य नहीं वरन जम्मू एवं कश्मीर राज्य का एक भाग है। क्षेत्र के प्रमुख जिलों में डोडा, कठुआ, उधमपुर, राजौरी, रामबन, रियासी, सांबा, किश्तवार एवं पुंछ आते हैं। क्षेत्र की अधिकांश भूमि पहाड़ी या पथरीली है। इसमें ही पीर पंजाल रेंज भी आता है जो कश्मीर घाटी को वृहत हिमालय से पूर्वी जिलों डोडा और किश्तवार में पृथक करता है। यहाम की प्रधान नदी चेनाब (चंद्रभागा) है। जम्मू शहर, जिसे आधिकारिक रूप से जम्मू-तवी भी कहते हैं, इस प्रभाग का सबसे बड़ा नगर है और जम्मू एवं कश्मीर राज्य की शीतकालीन राजधानी भी है। नगर के बीच से तवी नदी निकलती है, जिसके कारण इस नगर को यह आधिकारिक नाम मिला है। जम्मू नगर को "मन्दिरों का शहर" भी कहा जाता है, क्योंकि यहां ढेरों मन्दिर एवं तीर्थ हैं जिनके चमकते शिखर एवं दमकते कलश नगर की क्षितिजरेखा पर सुवर्ण बिन्दुओं जैसे दिखाई देते हैं और एक पवित्र एवं शांतिपूर्ण हिन्दू नगर का वातावरण प्रस्तुत करते हैं। यहां कुछ प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ भी हैं, जैसे वैष्णो देवी, आदि जिनके कारण जम्मू हिन्दू तीर्थ नगरों में गिना जाता है। यहाम की अधिकांश जनसंख्या हिन्दू ही है। हालांकि दूसरे स्थान पर यहां सिख धर्म ही आता है। वृहत अवसंरचना के कारण जम्मू इस राज्य का प्रमुख आर्थिक केन्द्र बनकर उभरा है। .

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जसपाल भट्टी

जसपाल भट्टी (3 मार्च 1955 – 25 अक्टूबर 2012) हिन्दी टेलिविज़न और सिनेमा के एक जाने-माने हास्य अभिनेता, फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक थे।उन्होंने पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज से विद्युत अभियांत्रिकी की डिग्री ली, लेकिन बाद में वे नुक्कड़ थिएटर आर्टिस्ट बन गए.

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जालंधर जिला

जालंधर भारतीय राज्य पंजाब का एक जिला है। जिले का मुख्यालय जालंधर है। क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

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जंग-ए-आज़ादी स्मारक

जंग-ए-आज़ादी स्मारक भारत की आज़ादी के संग्राम में योगदान डालने वाले शहीदों की याद में बनाया संग्रहालय है जो पंजाब,भारत के जालंधर शहर के नज़दीक करतारपुर क़स्बे में है। यह संग्रहालय 25 एकड़ क्षेत्र में बनाया जां रहा है जिस पर 200 करोड़ रुपिये की लागत आने का अंदाज़ा है। इस का शिलानियास पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने19 अक्तूबर 2014 में रखा था। .

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विमानक्षेत्रों की सूची ICAO कोड अनुसार: V

प्रविष्टियों का प्रारूप है.

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विजय सांपला

विजय सांपला एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री, भारत सरकार हैं। भारत की सोलहवीं लोकसभा में सांसद हैं। 2014 के चुनावों में इन्होंने पंजाब की होशियारपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया। .

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वीरेन्द्र वीर

वीरेन्द्र वीर (15 जनवरी 1911- 31 दिसम्बर 1993) भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राजनेता, शिक्षाशास्त्री एवं पत्रकार थे। .

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गुरशरण कौर

गुरशरण कौर गुरशरण कौर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी हैं। गुरशरण का जन्म सरदार छत्तर सिंह कोहली, और सरदारनी भागवंती कौर के घर सन 1937 में जालंधर में हुआ था। इनके पिता सरदार छत्तर सिंह कोहली बर्मा शैल में एक कर्मचारी थे। इनकी प्राथमिक शिक्षा गुरु नानक कन्या पाठशाला में हुई इसके बाद इन्होने पटियाला के सरकारी महिला कॉलेज से और इसके बाद खालसा कॉलेज अमृतसर से डिग्री प्राप्त की। गुरशरण कौर का विवाह डॉ॰ मनमोहन सिंह से 1958 में अमृतसर में हुआ। दिल्ली के सिख समुदाय में गुरशरण कौर को कीर्तन करने के लिए जाना जाता है। सरदार मनमोहन सिंह को जब विश्व बैंक की एक नौकरी के सिलसिले में अमेरिका जाना पड़ा तो यह उनके साथ गयीं पर इससे पहले इन्होने ऑल इंडिया रेडियो पर कई बार कीर्तन और गाने गाये थे। इनकी तीन पुत्रियाँ हैं- उपिन्दर सिंह, दमनदीप कौर और अमृत सिंह। तीनो ही पुत्रियाँ अपने अपने क्षेत्र में काफी सफल हैं। श्रेणी:जालंधर के लोग श्रेणी:पंजाब के लोग.

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गुरु रविदास मंदिर करतारपुर

गुरु रविदास मंदिर,करतारपुर (English:Guru Ravidas Mandir,Kartarpur) एक हिंदू मंदिर है जो पंजाब में पवित्र शहर करतारपुर है। गुरु रविदास जयंती हर साल मनाई जाती है। अगले 19 फरवरी, 2019 को गुरु रविदास जयंती है।.

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गुरुदेव सिंह देबू

गुरुदेव सिंह देबू (या "क्षेत्रीय कमांडर गुरुदेव सिंह देबू") AISSF के करतारपुर के क्षेत्र का एक पूर्व अध्यक्ष था। जो ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद मनबीर सिंह चहेरू के नेतृत्व में एक क्षेत्र कमांडर के रूप में खालिस्तान कमांडो फोर्स में शामिल हुए। .

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ग्रैंड ट्रंक रोड

ग्रैंड ट्रंक रोड, दक्षिण एशिया के सबसे पुराने एवं सबसे लम्बे मार्गों में से एक है। दो सदियों से अधिक काल के लिए इस मार्ग ने भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी एवं पश्चिमी भागों को जोड़ा है। यह हावड़ा के पश्चिम में स्थित बांगलादेश के चटगाँव से प्रारंभ होता है और लाहौर (पाकिस्तान) से होते हुए अफ़ग़ानिस्तान में काबुल तक जाता है। पुराने समय में इसे, उत्तरपथ,शाह राह-ए-आजम,सड़क-ए-आजम और बादशाही सड़क के नामों से भी जाना जाता था। यह मार्ग, मौर्य साम्राज्य के दौरान अस्तित्व में था और इसका फैलाव गंगा के मुँह से होकर साम्राज्य के उत्तर-पश्चिमी सीमा तक हुआ करता था। आधुनिक सड़क की पूर्ववर्ती का पुनःनिर्माण शेर शाह सूरी द्वारा किया गया था। सड़क का काफी हिस्सा १८३३-१८६० के बीच ब्रिटिशों द्वारा उन्नत बनाया गया था। .

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ओ माय गॉड (फिल्म)

ओएमजी ओ माय गॉड! 2012 की भारतीय कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है। ये गुजराती मंच-नाटक कांजी विरुद्ध कांजी पर आधारित है। इसकी कहानी एक ऑस्ट्रेलियाई फिल्म द मैन हू स्युड गॉड (वो व्यक्ति जिसने भगवान पर मुकदमा किया) के समान है। यह उमेश शुक्ला द्वारा निर्देशित है। फिल्म में निर्णायक भूमिका में मिथुन चक्रवर्ती के साथ साथ मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार और परेश रावल भी हैं। 20 करोड़ (यूएस $ 4.12 मिलियन) के बजट पर इसे बनाया गया है। 28 सितंबर 2012 को रिलीज़ होने के बाद फिल्म को आलोचकों से काफी प्रशंसा मिली और इसे एक ब्लॉकबस्टर फिल्म घोषित किया गया। तेलुगु में बने फिल्म के रीमेक में मुख्य भूमिका में गोपाल गोपाल, वैंकटेश और पवन कल्याण आदि हैं। .

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आदमपुर

आदमपुर (ਆਦਮਪੁਰ, Adampur.) भारतीय राज्य पंजाब के जालंधर ज़िले का एक शहर है। जिसका पिनकोड १४४१०२ है। यहाँ भारतीय वायु सेना का एयर फ़ोर्स स्टेशन भी है जिसका नाम आदमपुर एयर फ़ोर्स बेस है। .

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आदमपुर एयर फ़ोर्स बेस

आदमपुर एयर फ़ोर्स स्टेशन (Adampur Air Force Station) जो कि एक भारतीय वायु सेना के लिए एयर फ़ोर्स स्टेशन है जो उत्तरी भारत के पंजाब राज्य में जालंधर से २१ किलोमीटर दूर स्थित है। यह भारत के सबसे बड़े मिलिट्री एयर बेस में दूसरा सबसे बड़ा एयर फ़ोर्स स्टेशन है। यह एयर फ़ोर्स स्टेशन लगभग भारत पाकिस्तान की सीमा पर १०० किलोमीटर तक घिरा हुआ है। .

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आदित्य देव

आदित्य देव (१ नवम्बर १९८८; १३ सितम्बर २०१२) जिन्हें रोमियो के नाम से भी जाना जाता था, एक भारतीय बॉडी बिल्डर, डांसर, एवं कलाकार थे। गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड के अनुसार वें विश्व के पहले सबसे छोटे बॉडी बिल्डर थे, जिनकी शरीर की लम्बाई मात्र दो फीट नौ इंच था। .

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आर्य नगर करतारपुर

आर्य नगर करतारपुर (English:Arya Nagar Kartarpur) एक छोटा मोहल्ला है जो जालंधर जिले के करतारपुर में है। आर्य नगर करतारपुर का बड़ा मोहल्ला है।.

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इन्द्र विद्यावाचस्पति

इन्द्र विद्यावाचस्पति (1889-1960), कुशल पत्रकार, गंभीर विचारक एवं इतिहासवेत्ता थे। वे स्वामी श्रद्धानन्द के पुत्र थे। .

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करतारपुर

करतारपुर(English: Kartarpur) जालंधर शहर के पास एक शहर है और राज्य के दोआबा क्षेत्र में स्थित है। यह सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी द्वारा स्थापित किया गया था। .

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करन मेहरा

करन मेहरा एक भारतीय अभिनेता हैं। यह नैतिक राज शेखर सिंघानिया नामक एक प्रमुख किरदार यह रिश्ता क्या कहलाता है में निभा रहे हैं। इसके अलावा यह नच बलिए में अपनी पत्नी निशा रावल के साथ प्रतिभागी बन चुके हैं। साथ ही लव स्टोरी 2050 नामक फिल्म में भी कार्य कर चुके हैं। .

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करन कुन्दरा

करन कुन्दरा (जन्मगत नाम: वीर करन कुन्दरा, जन्म अक्तुबर ११, १९८४, स्थान जालंधर, पंजाब) एक भारतीय टीवी अभिनेता हैं। टीवी दुनिया में आने से पहले ये अपने पारिवारिक व्यवसाय में थे। .

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कश्मीर रेलवे

श्रीनगर जम्मू-बारामूला लाइन (उर्दू: کشمیر ریلوے) भारत में निर्मित की जा रही एक रेलवे लाइन है जो कि देश के बाकी के हिस्से को जम्मू एवं कश्मीर राज्य के साथ मिलाएगी। रेलवे जम्मू से शुरू होता है और, जब पूरी की, 345 किलोमीटर (214 मील) कश्मीर घाटी के पश्चिमोत्तर किनारे पर बारामूला के शहर के लिए यात्रा करेंगे। परियोजना की अनुमानित लागत के बारे में 60 अरब भारतीय रुपये (अमेरिका 1.3 अरब डॉलर) है। .

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काँगड़ा

काँगड़ा हिमाचल प्रदेश का ऐतिहासिक नगर तथा जिला है; इसका अधिकतर भाग पहाड़ी है। इसके उत्तर और पूर्व में क्रमानुसार लघु हिमालय तथा बृहत्‌ हिमालय की हिमाच्छादित श्रेणियाँ स्थित हैं। पश्चिम में सिवालिक (शिवालिक) तथा दक्षिण में व्यास और सतलज के मध्य की पहाड़ियाँ हैं। बीच में काँगड़ा तथा कुल्लू की सुन्दर उपजाऊ घाटियाँ हैं। काँगड़ा चाय और चावल तथा कुल्लू फलों के लिए प्रसिद्ध है। व्यास (विपासा) नदी उत्तर-पूर्व में रोहतांग से निकलकर पश्चिम में मीर्थल नामक स्थान पर मैदानी भाग में उतरती है। काँगड़ा जिले में कड़ी सर्दी पड़ती है परंतु गर्मी में ऋतु सुहावनी रहती है, इस ऋतु में बहुत से लोग शैलावास के लिए यहाँ आते हैं; जगह-जगह देवस्थान हैं अत: काँगड़ा को देवभूमि के नाम से भी अभिहित किया गया है। हाल ही में लाहुल तथा स्पीत्ती प्रदेश का अलग सीमांत जिला बना दिया गया है और अब काँगड़ा का क्षेत्रफल 4,280 वर्ग मील रह गया है। काँगड़ा नगर लगभग 2,350 फुट की ऊँचाई पर, पठानकोट से 52 मील पूर्व स्थित है। हिमकिरीट धौलाधर पर्वत तथा काँगड़ा की हरी-भरी घाटी का रमणीक दृश्य यहाँ दृष्टिगोचर होता है। यह नगर बाणगंगा तथा माँझी नदियों के बीच बसा हुआ है। दक्षिण में पुराना किला तथा उत्तर में बृजेश्वरी देवी के मंदिर का सुनहला कलश इस नगर के प्रधान चिह्न हैं। एक ओर पुराना काँकड़ा तथा दूसरी ओर भवन (नया काँगड़ा) की नयी बस्तियाँ हैं। काँगड़ा घाटी रेलवे तथा पठानकोट-कुल्लू और धर्मशाला-होशियारपुर सड़कों द्वारा यातायात की सुविधा प्राप्त है। काँगड़ा पहले 'नगरकोट' के नाम से प्रसिद्ध था और ऐसा कहा जाता है कि इसे राजा सुसर्माचंद ने महाभारत के युद्ध के बाद बसाया था। छठी शताब्दी में नगरकोट जालंधर अथवा त्रिगर्त राज्य की राजधानी था। राजा संसारचंद (18वीं शताब्दी के चतुर्थ भाग में) के राज्यकाल में यहाँ पर कलाकौशल का बोलबाला था। 'काँगड़ा कलम' विश्वविख्यात है और चित्रशैली में अनुपम स्थान रखती है। काँगड़ा किले, मंदिर, बासमती चावल तथा कटी नाक की पुन: व्यवस्था और नेत्रचिकित्सा के लिए दूर-दूर तक विख्यात था। 1905 के भूकम्प में नगर बिल्कुल उजड़ गया था, तत्पश्चात्‌ नयी आबादी बसायी गयी। यहाँ पर देवीमंदिर के दर्शन के लिए हजारों यात्री प्रति वर्ष आते हैं तथा नवरात्र में बड़ी चहल-पहल रहती है। प्राचीन काल में त्रिगर्त नाम से विख्यात काँगड़ा हिमाचल की सबसे खूबसूरत घाटियों में एक है। धौलाधर पर्वत श्रृंखला से आच्छादित यह घाटी इतिहास और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है। एक जमाने में यह शहर चंद्र वंश की राजधानी थी। काँगड़ा का उल्लेख 3500 साल पहले वैदिक युग में मिलता है। पुराण, महाभारत तथा राजतरंगिणी में इस स्थान का जिक्र किया गया है। .

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कुन्दन लाल सहगल

कुन्दन लाल सहगल (११ अप्रैल, १९०४ - १८ जनवरी, १९४७) हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध गायक-अभिनेता थे। इन्हें हिंदी फिल्म उद्योग जो तत्कालीन समय के दौरान कोलकाता में केंद्रित था, का पहला सुपरस्टार माना जाता था। वर्ष २०१८ में उनके ११४वें जन्मदिन के अवसर को गूगल ने डूडल बना कर मनाया। .

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अनुराग ठाकुर

अनुराग ठाकुर (जन्म नाम: अनुराग सिंह ठाकुर) भारतीय जनता पार्टी से सम्बद्धता रखने वाले एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। अनुराग 2009 के उपचुनाव एवं 2014 के आम चुनावों में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। वह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। .

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अपरा, पंजाब

अपरा (ਅੱਪਰਾ, Apra) भारत में पंजाब राज्य के जालंधर जिले में एक जनगणना शहर है। यह, शहर सोने और बड़ी मात्रा में धान की फसल के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह, जालंधर से 46 किमी, फिल्लौर से 12 किमी और चंडीगढ़ से 110 किलोमीटर दूर स्थित है। आसपास के अन्य गांवों की तुलना में अपरा सबसे बड़ा शहर है और यहीं पर मुख्य बाजार स्थित है। अपरा गोल्डन सिटी अपरा के रूप में भी जाना जाता है। निकटतम रेलवे स्टेशन 15.4 किमी दूर गोराया में है, निकटतम घरेलू हवाई अड्डा लुधियाना और निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के 142.5 किमी दूर अमृतसर में है। .

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अभिनवगुप्त

अभिनवगुप्त (975-1025) दार्शनिक, रहस्यवादी एवं साहित्यशास्त्र के मूर्धन्य आचार्य। कश्मीरी शैव और तन्त्र के पण्डित। वे संगीतज्ञ, कवि, नाटककार, धर्मशास्त्री एवं तर्कशास्त्री भी थे। अभिनवगुप्त का व्यक्तित्व बड़ा ही रहस्यमय है। महाभाष्य के रचयिता पतंजलि को व्याकरण के इतिहास में तथा भामतीकार वाचस्पति मिश्र को अद्वैत वेदांत के इतिहास में जो गौरव तथा आदरणीय उत्कर्ष प्राप्त हुआ है वही गौरव अभिनव को भी तंत्र तथा अलंकारशास्त्र के इतिहास में प्राप्त है। इन्होंने रस सिद्धांत की मनोवैज्ञानिक व्याख्या (अभिव्यंजनावाद) कर अलंकारशास्त्र को दर्शन के उच्च स्तर पर प्रतिष्ठित किया तथा प्रत्यभिज्ञा और त्रिक दर्शनों को प्रौढ़ भाष्य प्रदान कर इन्हें तर्क की कसौटी पर व्यवस्थित किया। ये कोरे शुष्क तार्किक ही नहीं थे, प्रत्युत साधनाजगत् के गुह्य रहस्यों के मर्मज्ञ साधक भी थे। अभिनवगुप्त के आविर्भावकाल का पता उन्हीं के ग्रंथों के समयनिर्देश से भली भाँति लगता है। इनके आरंभिक ग्रंथों में क्रमस्तोत्र की रचना 66 लौकिक संवत् (991 ई.) में और भैरवस्तोत्र की 68 संवत (993 ई.) में हुई। इनकी ईश्वर-प्रत्यभिज्ञा-विमर्षिणी का रचनाकाल 90 लौकिक संवत् (1015 ई.) है। फलत: इनकी साहित्यिक रचनाओं का काल 990 ई. से लेकर 1020 ई. तक माना जा सकता है। इस प्रकार इनका समय दशम शती का उत्तरार्ध तथा एकादश शती का आरंभिक काल स्वीकार किया जा सकता है। .

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अमृतसर

अमृतसर (पंजाबी:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) भारत के पंजाब राज्य का एक शहर है।http://amritsar.nic.in अमृतसर की आधिकारिक वैबसाईट अमृतसर पंजाब का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र शहर माना जाता है। पवित्र इसलिए माना जाता है क्योंकि सिक्खों का सबसे बड़ा गुरूद्वारा स्वर्ण मंदिर अमृतसर में ही है। ताजमहल के बाद सबसे ज्यादा पर्यटक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को ही देखने आते हैं। स्वर्ण मंदिर अमृतसर का दिल माना जाता है। यह गुरू रामदास का डेरा हुआ करता था। अमृतसर का इतिहास गौरवमयी है। यह अपनी संस्कृति और लड़ाइयों के लिए बहुत प्रसिद्ध रहा है। अमृतसर अनेक त्रासदियों और दर्दनाक घटनाओं का गवाह रहा है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा नरसंहार अमृतसर के जलियांवाला बाग में ही हुआ था। इसके बाद भारत पाकिस्तान के बीच जो बंटवारा हुआ उस समय भी अमृतसर में बड़ा हत्याकांड हुआ। यहीं नहीं अफगान और मुगल शासकों ने इसके ऊपर अनेक आक्रमण किए और इसको बर्बाद कर दिया। इसके बावजूद सिक्खों ने अपने दृढ संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति से दोबारा इसको बसाया। हालांकि अमृतसर में समय के साथ काफी बदलाव आए हैं लेकिन आज भी अमृतसर की गरिमा बरकरार है। .

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अरोड़ा

अरोड़ा (पंजाबी: ਅਰੋੜਾ) या अरोरा पंजाब मूल का समुदाय/जाति है। अधिकांश अरोड़ा हिन्दू है और खत्री के साथ वह पश्चिमी पाकिस्तान (अब पाकिस्तानी पंजाब) के मुख्य हिन्दू समूह है। इनका मुख्य पेशा व्यापार हुआ करता था और दक्षिणी-पश्चिम पंजाब के सराइकी भाषी समाज में इनका काफी प्रभाव था। चेनाब के आसपास बसे अरोड़ा की जीविका कृषि पर आधारित थी। हालांकि अरोड़ा एक उच्च जाति है लेकिन उसे खत्री से नीचा माना जाता है। दोनों समुदाय एक दूसरे के काफी निकट हैं और दोनों समुदायों के बीच शादियां भी अब होती हैं। अरोड़ा का भाटिया और सूद से भी करीब का रिश्ता है। 1947 में भारत के विभाजन तथा इसकी आज़ादी से पहले अरोड़ा समुदाय मुख्य रूप से पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान) में सिन्धु नदी तथा इसकी सहायक नदियों के तटों; उत्तर-पश्चिम के सीमावर्ती राज्यों (एनडब्ल्यूएफपी) सहित भारतीय पंजाब के मालवा क्षेत्र; सिंध क्षेत्र में (मुख्य रूप से सिन्धी अरोड़ा पर पंजाबी तथा मुल्तानी बोलने वाले अरोड़ा समुदाय भी हैं); राजस्थान में (जोधपुरी तथा नागौरी अरोड़ा/खत्रियों के रूप में); तथा गुजरात में बसा हुआ था। पंजाब के उत्तरी पोटोहर तथा माझा क्षेत्रों में खत्रियों की संख्या अधिक थी। भारत में आजादी तथा विभाजन के बाद, अरोड़ा मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, गुजरात तथा देश के अन्य भागों में रहते हैं। विभाजन के बाद, अरोड़ा भारत और पाकिस्तान के कई हिस्सों के साथ पूरी दुनिया में चले गए। .

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अश्विनी कुमार चोपड़ा

अश्विनी कुमार चोपड़ा भारत की सोलहवीं लोक सभा के सांसद हैं। २०१४ के चुनावों में वे हरियाणा के करनाल से निर्वाचित हुए। वे भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध हैं। वे भारत के प्रमुख हिंदी दैनिक समाचारपत्र पंजाब केसरी के निदेशक एवं संपादक हैं। .

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असुर

मैसूर में महिषासुर की प्रतिमा हिन्दू धर्मग्रन्थों में असुर वे लोग हैं जो 'सुर' (देवताओं) से संघर्ष करते हैं। धर्मग्रन्थों में उन्हें शक्तिशाली, अतिमानवीय, अर्धदेवों के रूप में चित्रित किया गया है। ये अच्छे और बुरे दोनों गुणों वाले हैं। अच्छे गुणों वाले असुरों को 'अदित्य' तथा बुरे गुणों से युक्त असुरों को 'दानव' कहा गया है। 'असुर' शब्द का प्रयोग ऋग्वेद में लगभग १०५ बार हुआ है। उसमें ९० स्थानों पर इसका प्रयोग 'शोभन' अर्थ में किया गया है और केवल १५ स्थलों पर यह 'देवताओं के शत्रु' का वाचक है। 'असुर' का व्युत्पत्तिलभ्य अर्थ है- प्राणवंत, प्राणशक्ति संपन्न ('असुरिति प्राणनामास्त: शरीरे भवति, निरुक्ति ३.८) और इस प्रकार यह वैदिक देवों के एक सामान्य विशेषण के रूप में व्यवहृत किया गया है। विशेषत: यह शब्द इंद्र, मित्र तथा वरुण के साथ प्रयुक्त होकर उनकी एक विशिष्ट शक्ति का द्योतक है। इंद्र के तो यह वैयक्तिक बल का सूचक है, परंतु वरुण के साथ प्रयुक्त होकर यह उनके नैतिक बल अथवा शासनबल का स्पष्टत: संकेत करता है। असुर शब्द इसी उदात्त अर्थ में पारसियों के प्रधान देवता 'अहुरमज़्द' ('असुर: मेधावी') के नाम से विद्यमान है। यह शब्द उस युग की स्मृति दिलाता है जब वैदिक आर्यों तथा ईरानियों (पारसीकों) के पूर्वज एक ही स्थान पर निवास कर एक ही देवता की उपासना में निरत थे। अनंतर आर्यों की इन दोनों शाखाओं में किसी अज्ञात विरोध के कारण फूट पड़ी गई। फलत: वैदिक आर्यों ने 'न सुर: असुर:' यह नवीन व्युत्पत्ति मानकर असुर का प्रयोग दैत्यों के लिए करना आरंभ किया और उधर ईरानियों ने भी देव शब्द का ('द एव' के रूप में) अपने धर्म के दानवों के लिए प्रयोग करना शुरू किया। फलत: वैदिक 'वृत्रघ्न' (इंद्र) अवस्ता में 'वेर्थ्रोघ्न' के रूप में एक विशिष्ट दैत्य का वाचक बन गया तथा ईरानियों का 'असुर' शब्द पिप्रु आदि देवविरोधी दानवों के लिए ऋग्वेद में प्रयुक्त हुआ जिन्हें इंद्र ने अपने वज्र से मार डाला था। (ऋक्. १०।१३८।३-४)। शतपथ ब्राह्मण की मान्यता है कि असुर देवदृष्टि से अपभ्रष्ट भाषा का प्रयोग करते हैं (तेऽसुरा हेलयो हेलय इति कुर्वन्त: पराबभूवु)। पतंजलि ने अपने 'महाभाष्य' के पस्पशाह्निक में शतपथ के इस वाक्य को उधृत किया है। शबर स्वामी ने 'पिक', 'नेम', 'तामरस' आदि शब्दों को असूरी भाषा का शब्द माना है। आर्यों के आठ विवाहों में 'आसुर विवाह' का संबंध असुरों से माना जाता है। पुराणों तथा अवांतर साहित्य में 'असुर' एक स्वर से दैत्यों का ही वाचक माना गया है। .

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अखिल (गायक)

अखिल एक पंजाबी गायक, संगीतकार और संगीत निर्माता है।इनका जन्म जालंधर, पंजाब में हुआ था।इन्होंने 'सुपने' नामक गाने से गायक के रूप में कदम रखा। .

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उदासी सम्प्रदाय

उदासी संप्रदाय सिख-साधुओं का एक सम्प्रदाय है जिसकी कुछ शिक्षाएँ सिख पंथ से लीं गयीं हैं। इसके संस्थापक गुरु नानक के पुत्र श्री चन्द (1494–1643) थे। ये लोग सनातन धर्म को मानते हैं तथा पंच-प्रकृति (जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु, आकाश) की पूजा करते हैं। उदासी सम्प्रदाय के साधु सांसारिक बातों की ओर से विशेष रूप से तटस्थ रहते आए हैं और इनकी भोली भाली एवं सादी अहिंसात्मक प्रवृत्ति के कारण इन्हें सिख गुरु अमरदास तथा गुरु गोविन्द सिंह ने जैन धर्म द्वारा प्रभावित और अकर्मण्य तक मान लिया था। परंतु गुरु हरगोविंद के पुत्र बाबा गुराँदित्ता ने संप्रदाय के संगठन एवं विकास में सहयोग दिया और तब से इसका अधिक प्रचार भी हुआ। .

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उपेन्द्रनाथ अश्क

उपेन्द्र नाथ अश्क (१९१०- १९ जनवरी १९९६) उर्दू एवं हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार तथा उपन्यासकार थे। ये अपनी पुस्तक स्वयं ही प्रकाशित करते थे। .

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छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस

छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बहुत ही सुप्रसिद्ध एक्सप्रेस है जो की बिलासपुर और अमृतसर को जोड़ती है। इसे छतीसगढ़ एक्सप्रेस के नाम से इसलिए जाना जाता है क्यूंकि यह ट्रेन इस स्थान का प्रतिनिधित्व करती है। इसकी शुरुआत सबसे पहले १९७७ में भोपाल – बिलासपुर छत्तीसगढ़ आँचल एक्सप्रेस के रूप में हुई थी तथा यह बिलासपुर एवं हबीबगंज के बीच चला करती थी। .

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