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कोलकाता

सूची कोलकाता

बंगाल की खाड़ी के शीर्ष तट से १८० किलोमीटर दूर हुगली नदी के बायें किनारे पर स्थित कोलकाता (बंगाली: কলকাতা, पूर्व नाम: कलकत्ता) पश्चिम बंगाल की राजधानी है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर तथा पाँचवा सबसे बड़ा बन्दरगाह है। यहाँ की जनसंख्या २ करोड २९ लाख है। इस शहर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। इसके आधुनिक स्वरूप का विकास अंग्रेजो एवं फ्रांस के उपनिवेशवाद के इतिहास से जुड़ा है। आज का कोलकाता आधुनिक भारत के इतिहास की कई गाथाएँ अपने आप में समेटे हुए है। शहर को जहाँ भारत के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तनों के प्रारम्भिक केन्द्र बिन्दु के रूप में पहचान मिली है वहीं दूसरी ओर इसे भारत में साम्यवाद आंदोलन के गढ़ के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। महलों के इस शहर को 'सिटी ऑफ़ जॉय' के नाम से भी जाना जाता है। अपनी उत्तम अवस्थिति के कारण कोलकाता को 'पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार' भी कहा जाता है। यह रेलमार्गों, वायुमार्गों तथा सड़क मार्गों द्वारा देश के विभिन्न भागों से जुड़ा हुआ है। यह प्रमुख यातायात का केन्द्र, विस्तृत बाजार वितरण केन्द्र, शिक्षा केन्द्र, औद्योगिक केन्द्र तथा व्यापार का केन्द्र है। अजायबघर, चिड़ियाखाना, बिरला तारमंडल, हावड़ा पुल, कालीघाट, फोर्ट विलियम, विक्टोरिया मेमोरियल, विज्ञान नगरी आदि मुख्य दर्शनीय स्थान हैं। कोलकाता के निकट हुगली नदी के दोनों किनारों पर भारतवर्ष के प्रायः अधिकांश जूट के कारखाने अवस्थित हैं। इसके अलावा मोटरगाड़ी तैयार करने का कारखाना, सूती-वस्त्र उद्योग, कागज-उद्योग, विभिन्न प्रकार के इंजीनियरिंग उद्योग, जूता तैयार करने का कारखाना, होजरी उद्योग एवं चाय विक्रय केन्द्र आदि अवस्थित हैं। पूर्वांचल एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष का प्रमुख वाणिज्यिक केन्द्र के रूप में कोलकाता का महत्त्व अधिक है। .

1212 संबंधों: चन्दननगर, चन्द्रशेखर वेंकटरमन, चन्द्रकान्त राजू, ऊषा उत्थुप, चार्ल्स मैटकाफ, चार्ल्स शेफर्ड, चारू मुजुमदार, चासनाला खान दुर्घटना, चांदनी चौक, कोलकाता, चाइना टाउन, कोलकाता, चिड़ियाघर, चितपुर, चित्र भारती, चित्रांगदा नाटक, चिल्का झील, चंडी लहिड़ी, चंदननगर, चौरंगी, चेन्नई, चेन्नई में यातायात, टाटा चिकित्सा केन्द्र, टाटा स्मारक केन्द्र, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन, टांगड़ा, कोलकाता, टाउन हॉल, कोलकाता, टकसाल, ट्राम, ट्रेंट (वेस्टसाइड), टेलीग्राफ, टॉलीगंज, टी बोर्ड भारत, टीना दत्ता, एड्विन लैंडसियर लूट्यन्स, एन्टली, एमटीवी रोडीस, एमिली शेंकल, एमआरएफ विश्व सीरीज 1989-90, एलेन गिन्सबर्ग, एशिया, एशिया कप 1990-91, एशियाटिक सोसायटी, एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप 1998-99, एशियाई बैडमिंटन प्रतियोगिता, एशियाई राजमार्ग १, एस पी महादेवन, एस्प्लेनेड, कोलकाता, एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में ४००+ रनों की सूची, एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कीर्तिमानों की सूची, एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय के एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची, ..., एकदिवसीय क्रिकेट के दोहरे शतक, ऐनी मोन्सन, झारखण्ड, झुमरी तिलैया, झुम्पा लाहिड़ी, डायमण्ड हार्बर, डांस इण्डिया डांस, डिगबोई, डंकुनी, ड्रॉप्सी, डोला बेनर्जी, ढाका, ढाका-इस्तांबुल फ्रेट कॉरिडोर, ढकुरिया, तत्वबोधिनी पत्रिका, तथागत राय, तनिष्क बागची, तपन मिश्रा, तपन सिन्हा, तमाशा (2015 फ़िल्म), तरुण बोस, तलत महमूद, तलतला, तसलीमा नसरीन, ताड़, तानसेन सम्मान, ताम्रलिप्त, ताराचंद बड़जात्या, ताराशंकर बंधोपाध्याय, ताराघर, ताजमहल, तोरु दत्त, तीस्ता दास, थौंकन्हे (पत्रिका), द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया, द हिन्दू, द ग्रेट ईस्टर्न होटेल कोलकाता, द गेटवे होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, दन्तचिकित्सा, दया प्रकाश सिन्हा, दरभंगा, दसलाखी नगर, दार्जिलिंग, दार्जिलिंग मेल, दि पार्क, चेन्नई, दि इकॉनॉमिस्ट, दिनेश त्रिवेदी, दिल्ली, दिल्ली दरबार, दिल्ली विधान सभा, दिल्ली गुड़गाँव एक्सप्रेसवे, दिल्ली का इतिहास, दिलीप ट्रॉफी, दक्षिण एशिया, दक्षिण एशियाई खेल, दक्षिण दमदम, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर, दक्षिण अफ़्रीका क्रिकेट टीम, दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1991-92, दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1996-97, दक्षिण 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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2004-05, पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2007-08, पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2012-13, पंचानन भट्टाचार्य, पंचानन मित्र, पंचवटी, पंडित बुद्धदेव दासगुप्ता, पंकज मलिक, पुणे जंक्शन रेलवे स्टेशन, पुरालेखविद्या, पुरुषोत्तम दास टंडन, पुलिस महानिदेशक, प्रतिम दासगुप्ता, प्रदीप चौधुरी, प्रधान डाकघर, कोलकाता, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रफुल्ल चन्द्र राय, प्रफुल्ल चाकी, प्रबुद्ध भारत, प्रबोध चन्द्र सेनगुप्त, प्रभा खेतान, प्रभात खबर, प्रशान्त तामांग, प्रायोगिक सूक्ष्मतरंग इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी तथा अनुसंधान संस्था, प्राकृतिक चिकित्सा का इतिहास, प्रिंसेप घाट, प्रवर्तन निदेशालय, प्रवीण आमरे, प्रौद्योगिकी शिक्षा, प्रेम नाथ डोगरा, प्रेमचंद्र तर्कवागीश, प्रेसिडेन्सी विश्वविद्यालय, कोलकाता, प्रो कबड्डी लीग, प्रीतम, प्रीतिलता वादेदार, पृथ्वी का गुरूत्व, पूरनचंद जोशी, पूर्णसिंह, पूर्णिमा चौधरी, पूर्णिया, पूर्व रेलवे (भारत), पूर्वी भारत, पूजाली, पेप्सी इंडिपेंडेंस कप 1997, पोली रॉय, पोस्ता, बड़ा बजार, पीजूष गांगुली, 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नगर जिला, रमेशचन्द्र दत्त, रसेल पीटर्स, राँची, राणाघाट, राधाचरण गोस्‍वामी, रानी तपस्विनी, रानी रासमणि, राम प्रसाद 'बिस्मिल', राम प्रसाद नौटियाल, रामनरेश त्रिपाठी, रामप्रसाद सेन, राममनोहर लोहिया, रामानन्द चट्टोपाध्याय, रामानंद सेनगुप्ता, रामारंजन मुखर्जी, रामकृष्ण मिशन, रामकृष्ण गोपाल भांडारकर, राष्ट्रीय धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय परीक्षणशाला (भारत), राष्ट्रीय पुस्तकालय (भारत), राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार २००७, राष्ट्रीय फैशन टेक्नालॉजी संस्थान, राष्ट्रीय बाल श्री सम्मान, राष्ट्रीय बीज निगम, राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान, राष्ट्रीय राजमार्ग (भारत), राष्ट्रीय राजमार्ग २, राष्ट्रीय राजमार्ग ३४, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम, 2010, राष्ट्रीय जलमार्ग 1, राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद्, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, दिल्ली, राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, राहुल द्रविड़, राहुल द्रविड़ के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची, राहुल देव बर्मन, राहुल सिन्हा, राजधानी एक्स्प्रेस, राजभवन (पश्चिम बंगाल), कोलकाता, राजस्थान पत्रिका, राजा महेन्द्र प्रताप सिंह, राजारहाट, राजगीर, राजकुमार शुक्ल, राजेन्द्र प्रसाद, राजेन्द्रलाल मित्र, राखालदास बनर्जी, राइटर्स बिल्डिंग, राइमा सेन, रितु कुमार, रितुपर्णा सेनगुप्ता, रितुपर्णो घोष, रिमी सेन, रिया सेन, रिशरा, रिषड़ा, रजनी पनिक्कर, रविंदर सिंह, रविंद्र सदन, रविंद्र सरोवर, रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय, रवीन्द्र सेतु, रंजीत गुहा, रुडयार्ड किपलिंग, रुद्रदत्त शर्मा, रुना बासु, रैंकोजी मन्दिर, रूपम इस्लाम, रूपा प्रकाशन, रूपा गांगुली, रेड एफएम (रेडियो), रेड एफ़एम ९३.५, रेड लाइट एरिया, रेडियो मिर्ची, रोहित शर्मा, रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची, रीमा सेन, लल्लू लाल, लालबाजार, लालजी सिंह, लाइव इंडिया, लिएंडर पेस, लिलुआ, लखनऊ, लखनऊ में यातायात, लक्ष्मण झूला, लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा, लेंगपुई विमानक्षेत्र, लोरेटो हाउस, लीना नायर, लीला नाग, लीला मजूमदार, लीला सेठ, शचिन्द्र प्रसाद बोस, शताब्दी एक्स्प्रेस, शम्शुल हुदा बिहारी, शम्सुल हुडा चौधरी, शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय, शरद मल्होत्रा, शशि कपूर, शहीद मीनार, कोलकाता, शान्ति घोष, शान्तिनिकेतन, शानू लहिरी, शारदा देवी, शाह नवाज खान, शिलांग, शिव चौरसिया, शिव ब्रत लाल, शिवनाथ शास्त्री, शंकर रॉयचौधरी, शक्ति सामंत, श्याम बाज़ार, श्यामपुकुर, श्यामबाजार, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, श्राबंती चटर्जी, श्री वैद्यनाथ आयुर्वेद भवन लिमिटेड, श्रीधर पाठक, श्रीनिवास कृष्णन, श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2006-07, श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2009-10, श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2014-15, श्रीलंका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017, श्रीवत्स गोस्वामी, शेर सिंह राणा, शोनाली बोस, शोभना शर्मा, शोभा बाज़ार, शोभाबाजार, शीना बोरा हत्याकांड, सचिन तेंदुलकर के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची, सच्चिदानंद राउतराय, सत्यम कम्प्यूटर सर्विसेज़, सत्यजित राय, सत्यजित राय फ़िल्म एवं टेलिविज़न संस्थान, सत्येन्द्रनाथ बोस, सन्त अतर सिंह, सन्मार्ग (पत्र), सबर्न संग्रहशाला, सबसे बड़े शहरों की सूची, सबसे सघन आबादी वाले शहर, समस्तीपुर, समाचार चन्द्रिका, समादेश, सम्वाद कौमुदी, सरला देवी चौधुरानी, सरला बिड़ला, सरला रॉय, सरसुना, सर्वेपल्लि राधाकृष्णन, सरोज नलिनी दत्त, सलिल चौधरी, साँची का स्तूप, सात्यकी बनर्जी, साधना बोस, साध्वी कनकप्रभा, सायंतनी घोष, साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान, साहित्य में नोबेल विजेताओं की सूची, साहिब बीबी और ग़ुलाम (1962 फ़िल्म), साहिल खान, सावर्ण रायचौधुरी परिवार, सागौन, साइक्लोट्रॉन, सिटी केबल, सितारा देवी, सिन्धु-गंगा के मैदान, सिने चित्रा, सिने सितारा, सियालदह जंक्शन, सिलाई मशीन, सिल्चर विमानक्षेत्र, सिंहाचलम मंदिर, विशाखापट्टनम, सिक्किम, सईद अनवर, सखाराम गणेश देउस्कर, संतोषपुर, कोलकाता, संध्या मजूमदार, संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा, संरचना इंजीनियरी, संस्कृत कॉलेज, सुचित्रा सेन, सुतानुती, सुतीर्था मुखर्जी, सुधीरा दास, सुनेत्रा गुप्ता, सुनीति कुमार चटर्जी, सुनील गावस्कर के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची, सुनील गंगोपाध्याय, सुब्रत रॉय, सुबोध घोष, सुभाष चन्द्र बोस, सुरेन्द्रनाथ दासगुप्त, सुरेंद्रनाथ बैनर्जी, सुलभ समाचार, सुल्तान अहमद, सुल्तानपुर जिला, सुल्तानगंज, सुशीला दीदी, सुष्मिता बनर्जी, सुविज्ञ शर्मा, सुगत मित्रा, स्पिरिट एअर (भारत), स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास, स्वदेश भारती, स्वदेशी आन्दोलन, स्वरागिनी - जोड़ें रिश्तों के सुर, स्वामी दयानन्द सरस्वती, स्वामी निगमानन्द परमहंस, स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ, स्वामी रंगनाथानन्द, स्वामी सारदानन्द, स्वामी विरजानन्द, स्वामी विवेकानन्द, स्वामी गंभीरानन्द, स्वामी अग्निवेश, स्क्रीन, स्‍वतंत्रता दिवस (भारत), सौम्या स्वामीनाथन, सौरव गांगुली, सैमुअल बॉर्न, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2018, सूरसागर, सूर्य सेन, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', सेमल, सेलिना जेटली, सेंट जॉन्स चर्च, कोलकाता, सेंटर फॉर डवलेपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स, सेंट्रल स्टेशन, कोलकाता, सोडेपुर, सोनारी हवाई-अड्डा, सोनागाची, सोनागाछी, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न (भारत), सोमा बिस्वास, सोहन सिंह भकना, सोहिनी रेए, सी-डैक, सीता राम गोयल, सीरमपुर, सीवान, सीआईडी (धारावाहिक), हयात रीजेंसी, कोलकाता, हरप्रसाद शास्त्री, हरिसिंह गौर, हरिकृष्ण 'जौहर', हर्षवर्धन नियोतिया, हरी सिंह थापा, हरीशचंद्र अनुसंधान संस्थान, हलवा, हल्दिया, हल्दीराम, हस्तशिल्प, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद, हालिशहर, हालीशाहर, हाजीपुर, हावड़ा, हावड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन, हिण्डौन, हिन्दू पंच (पत्रिका), हिन्दी पत्रिकाएँ, हिन्दी पत्रकारिता, हिन्दी साहित्य का इतिहास, हिन्दी सिनेमा, हिन्दी की साहित्यिक पत्रिकायें, हिंदु-जर्मन षडयंत्र, हिक्की का बंगाल गेजेट, हक्कानी अंजुमन, हुसैन शहीद सुहरावर्दी, हुगली नदी, हुगली-चुचुरा, हैदराबाद, हेनरी टामस कोलब्रुक, हेनरी लुई विवियन डिरोजिओ, हेमचंद्र गोस्वामी, हेमन्त कुमार मुखोपाध्याय, होमी भाभा राष्ट्रीय संस्थान, हीरो कप 1993-94, जटणी, जतिन दास पार्क, जन गण मन, जनजातीय सम्मान, जमशेदपुर, जयदयाल गोयन्दका, जयनगर मजिलपुर, जरुल, जल सर्वेक्षण, जलसेना विद्रोह (मुम्बई), ज़िंदगी (टीवी चैनल), जाधवपुर, जानबाजार, जगदीश चन्द्र बसु, जगमोहन डालमिया, जगजीवन राम, जंगल जलेबी, जुथिका रॉय, ज्ञानेन्द्र पाण्डे, ज्योति बसु, ज्योतिर्मयी देवी, जैक प्रेगेर, जैकी भगनानी, जूट, जेट एयरवेज, जेट कनेक्ट, जेनपैक्ट, जेम्स पॅटिन्सन, जॉन वुडरफ, जॉब चार्नक, जोधपुर, जोधपुर पार्क, जोराबागान, जोरासांको, जोरासांको ठाकुर बाड़ी, जोशिया जॉन गुडविन, जोका, कोलकाता, जीनोम परियोजना, जीवनानंद दास, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, ईश्वर गुप्ता सेतु, ईश्वरचंद्र गुप्त, ईस्ट बंगाल एफ.सी., ईस्ट कैल्कटा वेटलैंड्स, घनश्यामदास बिड़ला, वन्दे मातरम्, वायु प्रदूषण, वाराणसी, वारेन हेस्टिंग्स, वाजिद अली शाह, वागर्थ, विद्या बालन, विद्याधर चक्रवर्ती, विद्यासागर सेतु, विधान सभा, विनायक दामोदर सावरकर, विमानक्षेत्रों की सूची ICAO कोड अनुसार: V, विमी, विलियम मेकपीस थैकरे, विलियम जोंस (भाषाशास्त्री), विल्स विश्व सीरीज 1994-95, विशाल भारत, विश्व मेलों की सूची, विश्व-भारती विश्वविद्यालय, विश्वमित्र (पत्र), विश्वज्ञानकोश, विश्वविद्यालय, विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत), विष्णु गणेश पिंगले, विष्णुपुर (पश्चिम बंगाल), विजय माल्या, विजय मांजरेकर, विजय हजारे ट्रॉफी 2017 ग्रुप डी, विजित एवं सत्तांतरित प्रांत, विज्ञान नगरी, कोलकाता, विवेकानन्द सेतु, विक्टोरिया मेमोरियल, विक्रम योग, विक्रम सेठ, वृंदा करात, वैशाली, वैशाली जिला, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1948-49, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1958-59, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1966-67, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1974-75, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1978-79, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1983-84, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1987-88, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2011-12, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2013-14, वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2014-15, वीणा टंडन, वीरचन्द गाँधी, खड़ूय़ा राजापूर, खरदहा, खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग, गढ़िया, गया, गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डा, गरुलिया, गायत्री चक्रवर्ती स्पीवाक, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एण्ड इंजीनियर्स लिमिटेड, गार्गी बेनर्जी, गिरिजा देवी, गिरीन्द्रशेखर बोस, गिरीश पार्क, गगनेन्द्रनाथ ठाकुर, गंगा नदी, गंगा प्रदूषण नियंत्रण, गंगा के बाँध एवं नदी परियोजनाएँ, गंगाधरपुर, गंगासागर, गंगागोविन्द सिंह, गुरु दत्त, गुरुदास बनर्जी, गुंडे (फ़िल्म), ग्रैंड ट्रंक रोड, ग्रैंड होटल कोलकाता, ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे, गौतम भद्रा, गौरी धर्मपाल, गौहर जान, गृह विज्ञान, गोएयर, गोदरेज समूह, गोपालचंद्र प्रहराज, गोपालगंज, गोपीनाथ बोरदोलोई, गोरखपुर, गोस्था पाल, गोविन्दपुर झखराहा, गीता मुखर्जी, गीताप्रेस, गीतांजली एक्सप्रेस, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1956-57, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1959-60, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1964-65, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1969-70, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1997-98, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2000-01, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2017, ओबेरॉय होटल एंड रिसॉर्ट्स, आदि ब्रह्म समाज, आधिकारिक आवास, आधुनिक हिंदी गद्य का इतिहास, आनन्‍द केंटिश कुमारस्‍वामी, आनंद बाजार पत्रिका, आयुर्विज्ञान शिक्षा, आरती साहा, आशापूर्णा देवी, आशारानी व्होरा, आसनसोल, आजाद हिन्द फौज पर अभियोग, आई टी सी लिमिटेड, आईएनएस कोलकाता, आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०, आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, आकाशवाणी, इटहरा, इडेन गार्डेंस, इन्द्र सेन, इन्दौर, इलाहाबाद, इलाहाबाद बैंक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इंडियन प्रीमियर लीग, इंदिरा मिरी, इंद्रनील सेनगुप्ता, इंफोसिस, इंस्टिट्यूशन ऑव इंजीनियर्स (इंडिया), इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1933-34, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1951-52, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1961-62, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1963-64, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1972-73, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1976-77, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1981-82, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1984-85, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1992-93, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2001-02, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2011-12, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2012-13, इंग्लैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा २०१६–१७, इकबाल सम्मान, कण त्वरक, कनिष्क सेठ, कन्हाई लाल दत्त, कमलिनी मुखर्जी, कमारहाटी, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), करण कपूर, कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, करेंसी बिल्डिंग, कोलकाता, कला संसार, कलकत्ता दंगा, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज, कलकत्ता का सम्मेलन, कल्याण मल लोढ़ा, कस्बा, कस्बा, कोलकाता, काँठ, कादम्बिनी गांगुली, कानपुर, कामागाटामारू कांड, कालपी, काला जुनबगला, कालाकांकर (रियासत), कालका मेल, कालेकौए का विश्वभ्रमण, कालीप्रसन्न सिंह, कालीघाट चित्रकला, कालीघाट शक्तिपीठ, कासगंज, कागज उद्योग, कांचरापाड़ा, काकोरी काण्ड, किरण राव, किला, किंडरपुर, किंग्सफोर्ड, कंपनी राज, कुन्दन लाल सहगल, कुमार सानु, कुमोरतुली, कुशीनगर, कुंडेसर, क्रिकेट विश्व कप के फाइनल मैचों की सूची, क्षिप्रा एक्सप्रेस, कृष्णकुमार बिड़ला, कैल्कटा ट्रामवेज़ कंपनी, केदारेश्वर बनर्जी, केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण, केन्द्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन, केन्द्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय, केन्‍द्रीय कांच एवं सिरामिक अनुसन्धान संस्‍थान, केशव बलिराम हेडगेवार, केशवचन्द्र सेन, कॉलेज स्ट्रीट कॉफी हाउस, कॉग्निजेंट (Cognizant), कोननगर, कोल इण्डिया लिमिटेड, कोलकाता ध्वज, कोलकाता नाईट राइडर्स, कोलकाता नगर निगम, कोलकाता पुल हादसा, कोलकाता पुस्तक मेला, कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट, कोलकाता मेट्रो रेल, कोलकाता रेलवे स्टेशन, कोलकाता रेस्क्यू, कोलकाता स्टॉक एक्स्चेंज, कोलकाता का मौसम, कोलकाता का युद्ध, कोलकाता के क्षेत्र, कोलकाता की अर्थ व्यवस्था, कोलकाता उपनगरीय रेलवे, कोसीपुर, कोका कोला त्रिकोणी सीरीज 1998, अटल पेंशन योजना, अटल बिहारी वाजपेयी, अण्डमान, अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह, अद्वैत (कछुआ), अदूर गोपालकृष्णन, अनागारिक धर्मपाल, अनिर्वाण, अनुपमा चोपड़ा, अनुशीलन समिति, अन्तर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन विमानक्षेत्र कोड, अप्रैल 2015 नेपाल भूकम्प, अफ़ीम युद्ध, अब्बास अली बेग, अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद, अभिजीत मुखर्जी, अमर्त्य सेन, अमल कुमार सरकार, अमाला, अमिताभ बच्चन, अमृतलाल चक्रवर्ती, अमेठी, अमीचंद, अमीता, अमीय चरण बैनर्जी, अरशदुल कादरी, अरविन्द घोष, अरुप राहा, अरुंधति घोष, अर्जुन वृक्ष, अलका सरावगी, अल्तमास कबीर, अल्पना मिश्र, अली अहमद हुसैन खान, अली अकबर कालेज ऑफ म्यूजिक, अलीपुर, अलीपुर जेल, अलीपुर वन्य प्राणी उद्यान, अशोक मित्र, अशोक सेन, अशोक खेमका, असमिया साहित्य, अस्मिता, असीमा चटर्जी, अजॉय चक्रबर्ती, अवध के नवाब, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा, अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2013-14, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2014-15, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2015-16, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2016-17, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट 2017-18, अंतःनाम और बहिःनाम​, अंबिका प्रसाद बाजपेयी, अंशुमान गायकवाड़, अंजुम चोपड़ा, अंकन सेन, अइज़ोल, अक्षांश पर शहर, उत्तम कुमार, उत्तरपाड़ा, उत्तरी दमदम, उत्तरी बैरकपुर, उदन्त मार्तण्ड, उदय शंकर, उदयवीर शास्त्री, उमेश चन्द्र बनर्जी, उलुबेरिया, उल्टा सिर चार आने, उल्टाडंग, उस्ताद अमीर खान, उस्ताद अली अकबर खां, ऋतुसंहार, ऋत्विक घटक, ऋषिकेश मुखर्जी, १ जनवरी, १२ दिसम्बर, १३ दिसम्बर, १३ जुलाई, १४ अक्टूबर, १६ दिसम्बर, १८ अगस्त, १८००, १८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, १८८२, १८९६, १९ अक्टूबर, १९०४, १९०५, १९११, १९१४, १९२८, १९४३ का बंगाल का अकाल, १९५०, १९७९, १९८७ क्रिकेट विश्व कप फाइनल, १९९६ क्रिकेट विश्व कप, २० नवंबर, २०००, २०११ क्रिकेट विश्व कप, २०१३ इंडियन प्रीमियर लीग, २०१६ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०, २०१६ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २० फाइनल, २०१६ इंडियन प्रीमियर लीग, २०१७ इंडियन प्रीमियर लीग, २०१८ इंडियन प्रीमियर लीग, २२ जुलाई २००९ का सूर्यग्रहण, २६ अगस्त, २७ दिसम्बर, २८ दिसम्बर, २८ अगस्त, ३ जनवरी, ७ अक्तूबर, 1987 क्रिकेट विश्व कप, 2011 इंडियन प्रीमियर लीग, 2012 दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामला, 2015 इंडियन प्रीमियर लीग, 2016 आईसीसी महिला विश्व ट्वेंटी-20 सूचकांक विस्तार (1162 अधिक) »

चन्दननगर

चंदननगर एक छोटा सा नगर है जो कोलकाता से ३० किमी उत्तर दिशा में स्थित है। पहले यह फ्रांस का उपनिवेश था। यह हुगली जिले की एक तहसील तथा पश्चिम बंगाल की ६ नगरपालिकाओं में में से एक है। यह हुगली नदी के किनारे स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल मात्र १९ वर्ग किमी है और जनसंख्या १ लाख ५० हजार से भी अधिक है। चन्दननगर को सन्‌ 1950 में भारत में मिला लिया गया। .

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चन्द्रशेखर वेंकटरमन

सीवी रमन (तमिल: சந்திரசேகர வெங்கடராமன்) (७ नवंबर, १८८८ - २१ नवंबर, १९७०) भारतीय भौतिक-शास्त्री थे। प्रकाश के प्रकीर्णन पर उत्कृष्ट कार्य के लिये वर्ष १९३० में उन्हें भौतिकी का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार दिया गया। उनका आविष्कार उनके ही नाम पर रामन प्रभाव के नाम से जाना जाता है। १९५४ ई. में उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत रत्न की उपाधि से विभूषित किया गया तथा १९५७ में लेनिन शान्ति पुरस्कार प्रदान किया था। .

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चन्द्रकान्त राजू

चन्द्रकान्त राजू (जन्म 7 मार्च 1954) भारत के कम्प्यूटर विज्ञानी, गणितज्ञ, भौतिकशास्त्री, शिक्षाशास्त्री, दार्शनिक एवं बहुज्ञ अनुसंधानकर्ता हैं। सम्प्रति वे नयी दिल्ली के सभ्यता अध्ययन केन्द्र (Centre for Studies in Civilizations) से जुड़े हुए हैं। भारत के प्रथम सुपरकम्प्यूटर 'परम' (1988-91) में उनका उल्लेखनीय एवं प्रमुख योगदान रहा। .

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ऊषा उत्थुप

ऊषा उत्थुप (पूर्व में अय्यर) (உஷா உதுப், ঊষা উথুপ) (जन्म - 8 नवम्बर 1947) भारत की एक लोकप्रिय पॉप गायिका हैं। उन्हें 1960 के दशक के उतर्राध, 1970 और 1980 के दशक में अपने लोकप्रिय हिट के लिए जाना जाता है। उन्होंने करीब 16 भाषाओं में गाने गाएं हैं जिसमें बंगाली, हिंदी, पंजाबी, असमी, उड़िया, गुजराती, मराठी, कोंकणी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तुलु और तेलुगु शामिल हैं। वे कई विदेशी भाषाओं में भी गाना गा सकती हैं जिसमें अंग्रेजी, डच, फ्रेंच, जर्मन, इतालवी, सिंहली, स्वाहिली, रूसी, नेपाली, अरबी, क्रियोल, ज़ुलु और स्पेनिश शामिल हैं। .

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चार्ल्स मैटकाफ

सर चार्ल्स मैटकाफ (१७८५-१८४६) भारत के गवर्नर जनरल रहे थे। इनका जन्म कलकत्ते में सेना के एक मेजर के घर सन् १७८५ ईसवीं में हुआ। प्रारंभ से ही इनका अनेक भाषाओं की ओर रुझान रहा। १५ वर्ष की उम्र में कंपनी की नौकरी में एक क्लर्क के रूप में प्रविष्ट हुए। शीघ्र ही गवर्नर जनरल लार्ड वेलेजली की, जिसे योग्य व्यक्तियों को पहचानने की अपूर्व क्षमता थी, निगाह इनके ऊपर पड़ी और आपने महाज सिंधिया के दरबार में स्थित रेजीडेंट के सहायक के पद से अपना कार्य प्रारंभ कर, अनेक पदों पर कार्य किया। सन् १८०८ में इन्होने अंग्रेजी राजदूत की हैसियत से सिक्ख महाराजा रणजीत सिंह को अपनी विस्तार नीति को सीमित करने पर बाध्य कर दिया तथा सन् १८०९ ई० की अमृतसर की मैत्रीपूर्ण संधि का महाराज रणजीत सिंह ने यावज्जीवन पालन किया। गर्वनर जनरल लार्ड हेंसटिंग्ज ने इनके माध्यम से ही विद्रोही खूखाँर पठान सरदार अमीर खान तथा अंग्रेजों के बीच संधि कराई। भरतपुर के सुदृढ़ किले को भी नष्ट करने में आपका योगदान था। सन् १८२७ में इन्हे नाइट पदवी से विभूषित किया गया। जब आगरे का नया प्रांत बना तो आपको ही उसका प्रथम गवर्नर मनोनीत किया गया। थोड़े ही दिनों में इनको अस्थायी गवर्नर जनरल बनाया गया। इस कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य भारतीय प्रेस को स्वतंत्र बनाना था। सन् १८३८ ईसवीं में ये स्वदेश लौट गए। तदुपरांत इन्होने जमायका के गवर्नर का तथा कनाडा के गर्वनर-जनरल का पदभार संभाला। अंत में १८४६ में कैंसर के भीषण रोग से इनकी मृत्यु हो गई। श्रेणी:भारत के गवर्नर जनरल.

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चार्ल्स शेफर्ड

1866 में चार्ल्स शेफर्ड द्वारा खींची गयी जमरूद किले पर अफ़रीदियों की तस्वीर चार्ल्स शेफर्ड (fl. 1858-1878) एक अंग्रेजी छायाकार (फोटोग्राफर) और मुद्रक (प्रिंटर) थे जिन्होने 19 वें शताब्दी के उत्तरार्ध में भारत में काम किया था। उनके द्वारा ली गयी तस्वीरों में अंग्रेजी और भारतीय दोनो के ही सैनिकों और नागरिकों के दृश्य शामिल हैं। शेफर्ड ने सन 1862 में आर्थर रॉबर्टसन के साथ मिलकर आगरा में शेफर्ड एंड रॉबर्टसन नामक एक फोटो स्टूडियो की स्थापना की थी। यह स्टूडियो सन 1864 में शिमला स्थानांतरित हो गया और इस समय सैमुअल बॉर्न भी शेफर्ड के व्यवसाय में प्रमुख फोटोग्राफर के रूप में शामिल हो गये और कंपनी का नाम बदलकर हावर्ड, शेफर्ड एंड बॉर्न कर दिया गया। सन 1868 के आसपास हावर्ड के जाने के बाद कंपनी का नाम सिर्फ शेफर्ड एंड बॉर्न कर दिया गया। Cambridge University Library शेफर्ड एंड बॉर्न की दूसरी शाखा कलकत्ता (अब कोलकाता) में खोली, जहां वो एक पोर्ट्रेट स्टूडियो चलाते थे, और यहां से उनके काम को व्यापक रूप से उपमहाद्वीप में अभिकर्ताओं और ब्रिटेन में थोक वितरकों के माध्यम से बेचा जाता था। 1870 में बॉर्न इंग्लैंड लौट गये, लेकिन फर्म का काम जारी रहा, Cambridge University Library Flickr और सन 1872 में बॉर्न की जगह कॉलिन मरे कंपनी के प्रमुख छायाकार बन गये। Flickr शेफर्ड जिन्होने मुख्य रूप से मुद्रक या चित्र छापने का काम किया था, 1885 में कंपनी से अलग हो गये, लेकिन कोलकाता में बॉर्न एंड शेफर्ड का काम बदस्तूर जारी रहा। Flickr[मृत लिंक] .

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चारू मुजुमदार

चारू मुजुमदार (बंगाली: চারু মজুমদার; 1918–1972) भारत के एक क्रांतिकारी कम्यूनिस्ट थे। धनी पारिवारिक कड़ियों को छोड़कर उन्होंने एक कठिन क्रान्तिकारी जीवन को चुना। उनका जन्म सिलीगुड़ी के एक खुशहाल ज़मीनदार परिवार में 1918 में हुआ था। आगे के जीवन में उन्होंने हथियारबंद नकसल आन्दोलन में भाग लिया था। चारू ने 1968 के नकसलबारी विद्रोह के ऐतिहासिक महत्व पर लिखा है और उसकी रचनाएँ आज भी लाल क्रांतिकारियों का मार्गदर्शन करती हैं। .

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चासनाला खान दुर्घटना

दुनिया के दस बडी़ खान दुर्घटना में चासनाला खान दुर्घटना की भी गिनती होती है। 1975 के चासनाला खान दुर्घटना पर यश चोपड़ा ने 1979 में काला पत्थर (1979 फ़िल्म) नामक फिल्म बनाई थी। श्रेणी:दुर्घटनाएँ.

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चांदनी चौक, कोलकाता

चांदनी चौक, कोलकाता कोलकाता का एक क्षेत्र है। यहां कोलकाता मेट्रो का स्टेशन भी है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र श्रेणी:कोलकाता मेट्रो स्टेशन.

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चाइना टाउन, कोलकाता

चाइना टाउन, कोलकाता कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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चिड़ियाघर

कैलिफोर्निया के सैन डिएगो चिड़ियाघर का प्रवेश द्वार, मई 2007. चिड़ियाघर या प्राणिउपवन (Zoological garden) वह संस्थान है जहाँ जीवित पशु पक्षियों को बहुत बड़ी संख्या में संग्रहीत कर रखा जाता है। लोग इन संग्रहित पशु पक्षियों को सुविधा और सुरक्षापूर्वक देख सकें इसकी भी व्यवस्था की जाती है। यहाँ उनके प्रजनन और चिकित्सा आदि की भी व्यवस्था होती है। दुनिया भर में आम जनता के लिए खोले गए प्रमुख पशु संग्रहालयों की संख्या अब 1,000 से भी अधिक है और उनमें से लगभग 80 प्रतिशत शहरों में हैं। जीवित पशु पक्षियों के संग्रह को रखने की परिपाटी बहुत प्राचीन है। ऐसे उपवनों के होने का सबसे पुराना उल्लेख चीन में ईसा के 1200 वर्ष पूर्व में मिलता है। चीन के चाऊ वंश के प्रथम शासक के पास उस समय ऐसा एक पशु पक्षियों का संग्रहालय था। ईसा के 2000 वर्ष पूर्व के मिस्रवासियों की कब्रों के आसपास पशुओं की हड्डियाँ पाई गई हैं, जिससे पता लगता है कि वे लोग आमोद प्रमोद के लिए अपने आसपास पशुओं को रखा करते थे। पीछे रोमन लोग भी पशुओं को पकड़कर अपने पास रखते थे। प्राचीन रोमनों और यूनानियों के पास ऐसे संग्रह थे जिनमें सिंह, बाघ, चीता, तेंदुए आदि रहते थे। ऐसा पता लगता है कि ईसा के 29 वर्ष पूर्व ऑगस्टस ऑक्टेवियस (Augustus Octavious) के पास 410 बाघ, 260 चीते और 600 अफ्रीकी जंतुओं का संग्रह था, जिसमें बाघ राइनोसिरस, हिपोपॉटैमस (दरियाई घोड़ा), भालू, हाथी, मकर, साँप, सील (seal), ईगल (उकाब) इत्यादि थे। पीछे जंतुओं के संग्रह की दिशा में उत्तरोत्तर वृद्धि हेती रही है और आज संसार के प्रत्येक देश और प्रत्येक बड़े-बड़े नगर में प्राणिउपवन विद्यमान हैं। .

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चितपुर

चितपुर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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चित्र भारती

चित्र भारती हिन्दी की एक फिल्मी पत्रिका है। यह वर्ष 1955 से कोलकाता से लगातार प्रकाशित हो रही है। .

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चित्रांगदा नाटक

चित्रांगदा नाटक महाभारत से ली हुई एक कहानी है जिसे रबिन्द्र्नाथ टैगोर ने नाट्य रूप दिया। सन १८९२ मे रचाइ हुइ एक पोरनीक नाटक है। इस नाटक मै कुछ किर्दार को बदला गया है ताकि उसमै नाय रूप लय जा सके। यह नाटक के रूप मे वास्तव मे एक कव्य हैं। इस नाटक को रबिनद्रा सदन के नृत्क समाज ने कोलकता मे दृशाया था। यह मनिपुर की राजदुहिता चित्रांगदा और अर्जुन की प्रेम-लीला के साथ आधुनिक काल की औरत की कीर्ति को दर्शता है। इस नाटक का चीत्रा के नाम से अंग्रेजी मे अनुवद किया गय हे। इस नाटक के मुख्य कलाकार चित्रंगदा, अर्जुन, वसंत देव और मदन देव है। यह नाटक काव्य के साथ सामाजिक इतिहास मै भी अपना स्थान प्रकट करता है। यह नाटक ग्यराह द्र्श्य मै विभजीत है। .

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चिल्का झील

चिल्का झील चिल्का झील उड़ीसा प्रदेश के समुद्री अप्रवाही जल में बनी एक झील है। यह भारत की सबसे बड़ी एवं विश्व की दूसरी सबसे बड़ी समुद्री झील है। इसको चिलिका झील के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अनूप है एवं उड़ीसा के तटीय भाग में नाशपाती की आकृति में पुरी जिले में स्थित है। यह 70 किलोमीटर लम्बी तथा 30 किलोमीटर चौड़ी है। यह समुद्र का ही एक भाग है जो महानदी द्वारा लायी गई मिट्टी के जमा हो जाने से समुद्र से अलग होकर एक छीछली झील के रूप में हो गया है। दिसम्बर से जून तक इस झील का जल खारा रहता है किन्तु वर्षा ऋतु में इसका जल मीठा हो जाता है। इसकी औसत गहराई 3 मीटर है। इस झील के पारिस्थितिक तंत्र में बेहद जैव विविधताएँ हैं। यह एक विशाल मछली पकड़ने की जगह है। यह झील 132 गाँवों में रह रहे 150,000 मछुआरों को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है। इस खाड़ी में लगभग 160 प्रजातियों के पछी पाए जाते हैं। कैस्पियन सागर, बैकाल झील, अरल सागर और रूस, मंगोलिया, लद्दाख, मध्य एशिया आदि विभिन्न दूर दराज़ के क्षेत्रों से यहाँ पछी उड़ कर आते हैं। ये पछी विशाल दूरियाँ तय करते हैं। प्रवासी पछी तो लगभग १२००० किमी से भी ज्यादा की दूरियाँ तय करके चिल्का झील पंहुचते हैं। 1981 में, चिल्का झील को रामसर घोषणापत्र के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय महत्व की आद्र भूमि के रूप में चुना गया। यह इस मह्त्व वाली पहली पहली भारतीय झील थी। एक सर्वेक्षण के मुताबिक यहाँ 45% पछी भूमि, 32% जलपक्षी और 23% बगुले हैं। यह झील 14 प्रकार के रैपटरों का भी निवास स्थान है। लगभग 152 संकटग्रस्त व रेयर इरावती डॉल्फ़िनों का भी ये घर है। इसके साथ ही यह झील 37 प्रकार के सरीसृपों और उभयचरों का भी निवास स्थान है। उच्च उत्पादकता वाली मत्स्य प्रणाली वाली चिल्का झील की पारिस्थिकी आसपास के लोगों व मछुआरों के लिये आजीविका उपलब्ध कराती है। मॉनसून व गर्मियों में झील में पानी का क्षेत्र क्रमश: 1165 से 906 किमी2 तक हो जाता है। एक 32 किमी लंबी, संकरी, बाहरी नहर इसे बंगाल की खाड़ी से जोड़ती है। सीडीए द्वारा हाल ही में एक नई नहर भी बनाई गयी है जिससे झील को एक और जीवनदान मिला है। लघु शैवाल, समुद्री घास, समुद्री बीज, मछलियाँ, झींगे, केकणे आदि चिल्का झील के खारे जल में फलते फूलते हैं। .

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चंडी लहिड़ी

चंडी लहिड़ी (16 मार्च, 1931-18 जनवरी 2018) पश्चिम बंगाल से एक भारतीय कार्टूनिस्ट थे। उन्होंने वर्ष 1952 में एक पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरूआत की थी और अगले एक दशक में पूर्णकालिक कार्टूनिस्ट बनकर उभरे थे। प्रारंभिक दौर में वे दैनिक लोकसेवक पत्रिका में संवाददाता के तौर पर काम करते थे। 1962 में वे आनंदबाजार पत्रिका से जुड़े। करीब 20 वर्षो तक वहां उन्होंने कार्टूनिस्ट के तौर पर काम किया। उनके कार्टूनों में लोगों को एक सच्चाई नजर आती थी और इसी कारण उनके कार्टूनों की काफी मांग हुआ करती थी। उन्होंने अपने कार्टूनों के माध्यम से लगभग 50 वर्षों तक पश्चिम बंगाल और देश की सामाजिक राजनीतिक परिदृश्य को रेखांकित किया। उनका जन्म नदिया जिले के नवद्वीप में 16 मार्च, 1931 को हुआ था। 18 जनवरी, 2018 को उनका निधन 87 वर्ष की उम्र में हो गया। वे निमोनिया से पीड़ित थे, जिसके इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के आरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे जिंदगी की जंग हार गए। .

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चंदननगर

चंदननगर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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चौरंगी

चौरंगी कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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चेन्नई

चेन्नई (पूर्व नाम मद्रास) भारतीय राज्य तमिलनाडु की राजधानी है। बंगाल की खाड़ी से कोरोमंडल तट पर स्थित यह दक्षिण भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक, आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों में से एक है। 2011 की भारतीय जनगणना (चेन्नई शहर की नई सीमाओं के लिए समायोजित) के अनुसार, यह चौथा सबसे बड़ा शहर है और भारत में चौथा सबसे अधिक आबादी वाला शहरी ढांचा है। आस-पास के क्षेत्रों के साथ शहर चेन्नई मेट्रोपॉलिटन एरिया है, जो दुनिया की जनसंख्या के अनुसार 36 वां सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है। चेन्नई विदेशी पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा जाने-माने भारतीय शहरों में से एक है यह वर्ष 2015 के लिए दुनिया में 43 वें सबसे अधिक का दौरा किया गया था। लिविंग सर्वेक्षण की गुणवत्ता ने चेन्नई को भारत में सबसे सुरक्षित शहर के रूप में दर्जा दिया। चेन्नई भारत में आने वाले 45 प्रतिशत स्वास्थ्य पर्यटकों और 30 से 40 प्रतिशत घरेलू स्वास्थ्य पर्यटकों को आकर्षित करती है। जैसे, इसे "भारत का स्वास्थ्य पूंजी" कहा जाता है एक विकासशील देश में बढ़ते महानगरीय शहर के रूप में, चेन्नई पर्याप्त प्रदूषण और अन्य सैन्य और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का सामना करता है। चेन्नई में भारत में तीसरी सबसे बड़ी प्रवासी जनसंख्या 2009 में 35,000 थी, 2011 में 82,7 9 0 थी और 2016 तक 100,000 से अधिक का अनुमान है। 2015 में यात्रा करने के लिए पर्यटन गाइड प्रकाशक लोनली प्लैनेट ने चेन्नई को दुनिया के शीर्ष दस शहरों में से एक का नाम दिया है। चेन्नई को ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में एक बीटा स्तरीय शहर के रूप में स्थान दिया गया है और भारत का 2014 का वार्षिक भारतीय सर्वेक्षण में भारत टुडे द्वारा भारत का सबसे अच्छा शहर रहा। 2015 में, चेन्नई को आधुनिक और पारंपरिक दोनों मूल्यों के मिश्रण का हवाला देते हुए, बीबीसी द्वारा "सबसे गर्म" शहर (मूल्य का दौरा किया, और दीर्घकालिक रहने के लिए) का नाम दिया गया। नेशनल ज्योग्राफिक ने चेन्नई के भोजन को दुनिया में दूसरा सबसे अच्छा स्थान दिया है; यह सूची में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय शहर था। लोनाली प्लैनेट द्वारा चेन्नई को दुनिया का नौवां सबसे अच्छा महानगरीय शहर भी नामित किया गया था। चेन्नई मेट्रोपॉलिटन एरिया भारत की सबसे बड़ी शहर अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। चेन्नई को "भारत का डेट्रोइट" नाम दिया गया है, जो शहर में स्थित भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग का एक-तिहाई से भी अधिक है। जनवरी 2015 में, प्रति व्यक्ति जीडीपी के संदर्भ में यह तीसरा स्थान था। चेन्नई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत एक स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किए जाने वाले 100 भारतीय शहरों में से एक के रूप में चुना गया है। विषय वस्तु 1 व्युत्पत्ति 2 इतिहास 3 पर्यावरण 3.1 भूगोल 3.2 भूविज्ञान 3.3 वनस्पति और जीव 3.4 पर्यावरण संरक्षण 3.5 जलवायु 4 प्रशासन 4.1 कानून और व्यवस्था 4.2 राजनीति 4.3 उपयोगिता सेवाएं 5 वास्तुकला 6 जनसांख्यिकी 7 आवास 8 कला और संस्कृति 8.1 संग्रहालय और कला दीर्घाओं 8.2 संगीत और कला प्रदर्शन 9 सिटीस्केप 9.1 पर्यटन और आतिथ्य 9.2 मनोरंजन 9.3 मनोरंजन 9.4 शॉपिंग 10 अर्थव्यवस्था 10.1 संचार 10.2 पावर 10.3 बैंकिंग 10.4 स्वास्थ्य देखभाल 10.5 अपशिष्ट प्रबंधन 11 परिवहन 11.1 एयर 11.2 रेल 11.3 मेट्रो रेल 11.4 रोड 11.5 सागर 12 मीडिया 13 शिक्षा 14 खेल और मनोरंजन 14.1 शहर आधारित टीम 15 अंतर्राष्ट्रीय संबंध 15.1 विदेशी मिशन 15.2 जुड़वां कस्बों - बहन शहरों 16 भी देखें 17 सन्दर्भ 18 बाहरी लिंक व्युत्पत्ति इन्हें भी देखें: विभिन्न भाषाओं में चेन्नई के नाम भारत में ब्रिटिश उपस्थिति स्थापित होने से पहले ही मद्रास का जन्म हुआ। माना जाता है कि मद्रास नामक पुर्तगाली वाक्यांश "मैए डी डीस" से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है "भगवान की मां", बंदरगाह शहर पर पुर्तगाली प्रभाव के कारण। कुछ स्रोतों के अनुसार, मद्रास को फोर्ट सेंट जॉर्ज के उत्तर में एक मछली पकड़ने वाले गांव मद्रासपट्टिनम से लिया गया था। हालांकि, यह अनिश्चित है कि क्या नाम यूरोपियों के आने से पहले उपयोग में था। ब्रिटिश सैन्य मानचित्रकों का मानना ​​था कि मद्रास मूल रूप से मुंदिर-राज या मुंदिरराज थे। वर्ष 1367 में एक विजयनगर युग शिलालेख जो कि मादरसन पट्टणम बंदरगाह का उल्लेख करता है, पूर्व तट पर अन्य छोटे बंदरगाहों के साथ 2015 में खोजा गया था और यह अनुमान लगाया गया था कि उपरोक्त बंदरगाह रोयापुरम का मछली पकड़ने का बंदरगाह है। चेन्नई नाम की जन्मजात, तेलुगू मूल का होना स्पष्ट रूप से इतिहासकारों द्वारा साबित हुई है। यह एक तेलुगू शासक दमारला चेन्नाप्पा नायकुडू के नाम से प्राप्त हुआ था, जो कि नायक शासक एक दमनदार वेंकटपति नायक था, जो विजयनगर साम्राज्य के वेंकट III के तहत सामान्य रूप में काम करता था, जहां से ब्रिटिश ने शहर को 1639 में हासिल किया था। चेन्नई नाम का पहला आधिकारिक उपयोग, 8 अगस्त 1639 को, ईस्ट इंडिया कंपनी के फ्रांसिस डे से पहले, सेन्नेकेसु पेरुमल मंदिर 1646 में बनाया गया था। 1 99 6 में, तमिलनाडु सरकार ने आधिकारिक तौर पर मद्रास से चेन्नई का नाम बदल दिया। उस समय कई भारतीय शहरों में नाम बदल गया था। हालांकि, मद्रास का नाम शहर के लिए कभी-कभी उपयोग में जारी है, साथ ही साथ शहर के नाम पर स्थानों जैसे मद्रास विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास, मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास मेडिकल कॉलेज, मद्रास पशु चिकित्सा कॉलेज, मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज। चेन्नई (तमिल: சென்னை), भारत में बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर स्थित तमिलनाडु की राजधानी, भारत का पाँचवा बड़ा नगर तथा तीसरा सबसे बड़ा बन्दरगाह है। इसकी जनसंख्या ४३ लाख ४० हजार है। यह शहर अपनी संस्कृति एवं परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। ब्रिटिश लोगों ने १७वीं शताब्दी में एक छोटी-सी बस्ती मद्रासपट्ट्नम का विस्तार करके इस शहर का निर्माण किया था। उन्होंने इसे एक प्रधान शहर एवं नौसैनिक अड्डे के रूप में विकसित किया। बीसवीं शताब्दी तक यह मद्रास प्रेसिडेंसी की राजधानी एवं एक प्रमुख प्रशासनिक केन्द्र बन चुका था। चेन्नई में ऑटोमोबाइल, प्रौद्योगिकी, हार्डवेयर उत्पादन और स्वास्थ्य सम्बंधी उद्योग हैं। यह नगर सॉफ्टवेयर, सूचना प्रौद्योगिकी सम्बंधी उत्पादों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक शहर है। चेन्नई एवं इसके उपनगरीय क्षेत्र में ऑटोमोबाइल उद्योग विकसित है। चेन्नई मंडल तमिलानाडु के जीडीपी का ३९% का और देश के ऑटोमोटिव निर्यात में ६०% का भागीदार है। इसी कारण इसे दक्षिण एशिया का डेट्रॉएट भी कहा जाता है। चेन्नई सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है, यहाँ वार्षिक मद्रास म्यूज़िक सीज़न में सैंकड़ॊ कलाकार भाग लेते हैं। चेन्नई में रंगशाला संस्कृति भी अच्छे स्तर पर है और यह भरतनाट्यम का एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र है। यहाँ का तमिल चलचित्र उद्योग, जिसे कॉलीवुड भी कहते हैं, भारत का द्वितीय सबसे बड़ा फिल्म उद्योग केन्द्र है। .

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चेन्नई में यातायात

चेन्नई में आई.टी हाइवे, जिसके शिरोपरि एम आर टी एस (चेन्नई) निकलता हुआ दिखाई दे रहा है चेन्नई दक्षिण भारत के प्रवेशद्वार की भांति प्रतीत होता है, जिसमें अन्ना अन्तर्राष्ट्रीय टर्मिनल एवं कामराज अन्तर्देशीय टार्मिनल सहित चेन्नई अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का तीसरा व्यस्ततम विमानक्षेत्र है। चेन्नई शहर दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप एवं उत्तरी अमरीका के प्रधान बिन्दुओं पर ३० से अधिक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय विमान सेवाओं से जुड़ा हुआ है। यह विमानक्षेत्र देश का दूसरा व्यस्ततम कार्गो टार्मिनस है। वर्तमान विमानक्षेत्र में अधिक आधुनिकिकरण और विस्तार कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा श्रीपेरंबुदूर में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट लगभग २००० करोड़ रु.

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टाटा चिकित्सा केन्द्र

टाटा चिकित्सा केन्द्र (टाटा मेडिकल सेंटर), भारत में कोलकाता स्थित कैंसर के शोध, निदान और उपचार का एक अत्याधुनिक केंद्र है। टाटा मेडिकल सेंटर (टीएमसी) का उद्घाटन 16 मई, 2011 को रतन टाटा द्वारा किया गया था। यह विशेषकर पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश के कैंसर रोगियों की मदद करने के लिए लक्षित एक परोपकारी पहल है। इस केन्द्र का नेतृत्व इसके निदेशक डॉ मेमन चांडी द्वारा किया जाता है। टीएमसी एक गुणवत्तापूर्ण कैंसर-देखभाल फैसिलिटी है जो पूरी तरह से नहीं लेकिन विशेष रूप से क्षेत्र के गरीबों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। कोलकाता के बाहरी इलाके राजारघाट में स्थित इस संस्थान तक कोलकाता शहर और शहर के हवाई अड्डे से आसानी से पहुँचा जा सकता है। केंद्र में जल्दी ही प्रेमाश्रय नामक एक आश्रय घर होगा, जो मरीजों और उनके रिश्तेदारों के लिए मुफ्त आवास एवं भोजन प्रदान करेगा। .

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टाटा स्मारक केन्द्र

टाटा स्मारक केन्द्र (टाटा मेमोरियल सेन्टर) परेल, मुम्बई (भारत) में स्थित है। यह कैंसर के इलाज और अनुसंधान का केंद्र है। यह संस्थान भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा सहायताप्राप्त संस्थान है। टीएमसी इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि निजी परोपकार एवं सार्वजनिक सहयोग कितनी अच्छी तरह एक साथ काम कर सकते हैं। आज, टीएमसी भारत में कैंसर के लगभग एक तिहाई रोगियों का इलाज करता है। वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र का यह एक महत्वपूर्ण स्थल है जहां प्राथमिक चिकित्सा के लिए आने वाले 60 प्रतिशत रोगियों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। यह केंद्र कैंसर के क्षेत्र में शिक्षा पर काफी जोर देता है। 250 से अधिक छात्रों, चिकित्सा पेशेवरों, वैज्ञानिकों और तकनीशियनों को अस्पताल में प्रशिक्षण दिया जाता है। भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग ने भारत और दक्षिण एशिया के लिए प्रासंगिक कैंसर में अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नवी मुंबई में खारघर में 'एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट एंड एजुकेशन इन कैंसर' नामक एक अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास केंद्र स्थापित किया है। .

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस लिमिटेड (टीसीएस) एक भारतीयबहुराष्ट्रीय कम्पनी सॉफ्टवेर सर्विसेस एवं कंसल्टिंग कंपनी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सूचना तकनीकी तथा बिज़नस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनियों में से है। साल २००७ में, इसे एशिया की सबसे बड़ी सूचना प्रोद्योगिकी कंपनी आँका गया। भारतीय आई टी कंपनियों की तुलना में टीसीएस के पास सबसे अधिक कर्मचारी हैं। टीसीएस के ४४ देशों में २,५४,००० कर्मचारी हैं। ३१ मार्च २०१२ को ख़त्म होने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने १०.१७ अरब अमेरिकी डॉलर का समेकित राजस्व हासिल किया। टीसीएस भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी है। टीसीएस एशिया की सबसे बड़ी कंपनी समूह में से एक टाटा समूह का एक हिस्सा है। टाटा समूह ऊर्जा, दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं, निर्माण, रसायन, इंजीनियरिंग एवं कई तरह के उत्पाद बनाता है। वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी का मुनाफा 33.19% बढ़कर 7,000.64 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी की आमदनी करीब 8% बढ़कर 30,028.92 करोड़ रुपये हो गयी। अप्रैल 2018 में, टीसीएस बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में अपनी एम-कैप 6,79,332.81 करोड़ रुपये (102.6 अरब डॉलर) के बाद 100 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण करने वाली पहली भारतीय आईटी कंपनी बन गई, और दूसरी भारतीय कंपनी (रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2007 में इसे हासिल करने के बाद)। .

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टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन

टाटानगर जमशेदपुर शहर के रेलवे-स्टेशन का नाम है जो झारखंड प्रांत में स्थित है। पहले यह बिहार का हिस्सा हुआ करता था। टाटानगर दक्षिणपूर्व रेलवे का एक प्रमुख एवं व्यस्त स्टेशन है जो हावडा मुंबई मुख्य लाईन पर स्थित है। .

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टांगड़ा, कोलकाता

टांगड़ा, कोलकाता कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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टाउन हॉल, कोलकाता

टाउन हॉल, कोलकाता स्थित एक इमारत है जिसका निर्माण 1813 में वास्तुकार और अभियंता मेजर-जनरल जॉन गारस्टिन (1756-1820) द्वारा किया गया था। रोमन डोरिक शैली में निर्मित इस इमारत के निर्माण में कुल 700,000 रुपये खर्च हुए थे, जिनकी उगाही एक लॉटरी के माध्यम से की गयी थी, तथा इसका उद्देश्य यूरोपीय लोगों को सामाजिक समारोहों के लिए एक जगह उपलब्ध कराना था। .

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टकसाल

टकसाल (Mint) उस कारखाने को कहते हैं जहाँ देश की सरकार द्वारा, या उसके दिए अधिकार से, मुद्राओं का निर्माण होता है। भारत में टकसालें कलकत्ता, मुंबई, हैदराबाद और नोएडा, उ॰प्र॰ में हैं। .

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ट्राम

ट्राम या ट्रॉली कार (अंग्रेजी: Tram), एक रेल वाहन है जो अमूमन शहरी सड़कों के साथ साथ बिछाई गयी पटरियों पर चलती है। आधुनिक ट्राम का मुख्य उर्जा स्रोत बिजली है हालाँकि कुछ इलाकों में इन्हें डीज़ल से भी चलाया जाता है। विद्युतीकरण से पहले शहरी क्षेत्रों में ट्रामों को घोड़ों या खच्चरों द्वारा खींचा जाता था या फिर भाप अथवा पेट्रोल के इंजनों द्वारा इन्हें उर्जा प्रदान की जाती थी। भारत में ट्रामें सिर्फ कोलकाता में चलाई जाती हैं जिसका संचालन कैल्कटा ट्रामवेज़ कंपनी द्वारा किया जाता है। .

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ट्रेंट (वेस्टसाइड)

ट्रेंट, टाटा समूह की खुदरा कारोबार शाखा है। 1998 में आरंभ ट्रेंट, वेस्टसाइड नामक खुदरा श्रृंखला का संचालन करती है जो भारत में बढ़ रही कई खुदरा श्रृंखलाओं में से एक है। ट्रेंट का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। .

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टेलीग्राफ

१८६१ में निर्मित एक टेलीग्राफ मशीन किसी भौतिक वस्तु के विनिमय के बिना ही संदेश को दूर तक संप्रेषित करना टेलीग्राफी (Telegraphy) कहलाता है। विद्युत्‌ धारा की सहायता से, पूर्व निर्धारित संकेतों द्वारा, संवाद एवं समाचारों को एक स्थान से दूसरे स्थान को भेजनेवाला तथा प्राप्त करनेवाला यंत्र तारयंत्र (telegraph) कहलाता है। वर्तमान में यह प्रौद्योगिकी अप्रचलित (obsolete/आब्सोलीट) हो गयी है। .

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टॉलीगंज

टॉलीगंज कोलकाता का एक क्षेत्र है। यहां कोलकाता मेट्रो का स्टेशन भी है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र श्रेणी:कोलकाता मेट्रो स्टेशन.

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टी बोर्ड भारत

टी बोर्ड भारत भारतीय सरकार की एक नियामक संस्था है जो चाय के भारतीय व्यापार को नियंत्रित करता है। यह चाय अधिनियम १९५३, के अधिनियमन द्वारा स्थापित किया गया। इसका मुख्यालय कोलकाता है। यह एक अध्यक्ष के नेतृत्व में काम करती है और स्थायी समितियों में विभाजित है - कार्यकारी समिति, विकास समिति, श्रम कल्याण समिति और निर्यात संवर्धन समिति। टी बोर्ड भारत चाय व्यापारियों के निर्यात के लिए प्रमाणीकरण संख्याओं के काम के लिए जिम्मेदार है। इस प्रमाण पत्र का उद्देश्य चाय के मूल को सुनिश्चित करके दुर्लभ चाय जैसे दार्जिलिंग पर धोखाधड़ी खत्म करना है। टी बोर्ड भारत के कार्यो मे विविध उत्पादन और चाय उत्पादकता का समर्थन, अनुसंधान संगठनों को वित्तीय सहायता और चाय पैकेजिंग के क्षेत्र में प्रगति पर निगरानी क्योंकि यह चाय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद पहलुओं से संबंधित है, शामिल है। इसके कार्यालय कोलकाता, लंदन, मास्को और दुबई में स्थित हैं। .

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टीना दत्ता

टीना दत्ता (जन्म: 27 नवम्बर 1986) एक भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री हैं। टीना दत्ता ने कलर्स पर चलाये गए उतरन धारावाहिक एक मुख्य किरदार निभाया था। .

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एड्विन लैंडसियर लूट्यन्स

सर एड्विन्स लैंडसीयर लूट्यन्स, OM, KCIE,PRA,FRIBA,LLD (29 मार्च 1869 – 1 जनवरी 1944) बीसवीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार थे, जिन्हें अपने युग की आवश्यकताओं के अनुसार परंपरागत शैली को कल्पनापूर्वक अपनाने के लिये याद किया जाता है। इन्होंने कई इंग्लिश भवन बनाये, व मुख्यतः इन्हें भारत की तत्कालीन राजधानी नई दिल्ली की अभिकल्पना के लिये जाना जाता है। इनका जन्म व मृत्यु लंदन में ही हुई। इनका नाम इनके पिता के एक मित्र, एक शिल्पकार, एड्विन लैण्डसियर के नाम पर रखा गया था। इन्हें महानतम ब्रिटिश वास्तुकार कहा जाता है। .

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एन्टली

एन्टली कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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एमटीवी रोडीस

MTV रोडीस, MTV भारत पर प्रसारित एक युवाओं पर आधारित लोकप्रिय रिएलिटी टैलिविज़न शो है। शो के बारे में जब कार्यकारी निर्माता रघु राम से पूछा गया तो उन्होंने कहा रोडीस में यात्रा, साहसिक कार्य, नाटक, कामदर्शिता की झलक होती है।" .

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एमिली शेंकल

एमिली, सुभाष व उसका पालतू कुत्ता जर्मन शेफर्ड (सन् 1937 का एक ऐतिहासिक चित्र) एमिली शेंकल (जर्मन भाषा: Emilie Schenkl, जन्म: 26 दिसम्बर 1910 – मृत्यु: मार्च 1996) भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी नेता सुभाष चन्द्र बोस की सहयोगी (प्राइवेट सेक्रेटरी) थी जिसके साथ बाद में बोस ने आस्ट्रिया में भारतीय रीति-रिवाज़ से विवाह कर लिया। एमिली और बोस की एकमात्र जीवित सन्तान अनिता बोस फाफ है। जब सुभाष के भाई शरत चन्द्र बोस 1948 में वियेना गये थे तो एमिली ने उनका भावपूर्ण स्वागत किया था। एमिली तो अब नहीं रहीं परन्तु उनकी पुत्री अनिता कभी कभार भारत भ्रमण के बहाने अपने पिता के परिवार जनों से मिलने कोलकाता आ जाती है। .

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एमआरएफ विश्व सीरीज 1989-90

जवाहरलाल नेहरू कप के लिए एमआरएफ वर्ल्ड सीरीज़ भारत में जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन की शताब्दी का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट था। टूर्नामेंट अक्टूबर और नवंबर 1989 में हुआ, और मद्रास रबर फैक्ट्री (एमआरएफ) द्वारा प्रायोजित किया गया था। छह टीमों ने भारत, मेजबान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और वेस्ट इंडीज का हिस्सा लिया। टूर्नामेंट एक राउंड रॉबिन था, प्रत्येक टीम ने एक-दूसरे के साथ खेलने के लिए एक बार किया था। अंतिम तालिका: .

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एलेन गिन्सबर्ग

इर्विन एलेन गिन्सबर्ग (Irwin Allen Ginsberg; 3 जून 1926 – 5 अप्रैल 1997), अमेरिका के बीटनिक आंदोलन के प्रख्यात कवि हैं। इनके द्वारा लिखित लंबी कविता हाउल (१९५६) को बीट आंदोलन की महाकविता कहा जाता है। इस कविता को पूंजीवाद और नियन्त्रणवाद के खिलाफ अमेरिकी की नयी पीढ़ी की आवाज माना जाता है जिस समय अमेरिकी समाज को साम्यवादी भय ने जकड़ लिया था। प्रकाशित होते ही इसकी हजारों प्रतियां बिक गयीं और गिंसबर्ग रातों रात नयी पीढ़ी के मसीहा बन गये, जिस पीढ़ी को आज बीटनिक पीढ़ी कहा जाता है। आज तक इस काव्यग्रन्थ की लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं। गिंसबर्ग द्वारा निवेदित हाउल की वीसीडी, सीडी और डीवीडी भी खूब बिकी हैं और आज तक उनकी यह पुस्तक और डीवीडी बिक रही हैं। अपनी इस कविता के लिये उन्होने एक नयी लेखन प्रणाली अपनायी जो सांस लेने और सांस छोड़ने के समय पर आधारित थी। यद्यपि उनके पिता एक गीतकार थे, पर गिंसबर्ग ने अपने पिता द्वारा दिखाये गये मार्ग पर चलना उचित नहीं समझा क्योंकि उन्हें महसूस हुआ कि अमेरिकी समाज बदल चुका है। गिंसबर्ग की माता नायोमी गिंसबर्ग का मानसिक सन्तुलन ठीक नहीं था और इसका प्रभाव किशोर गिंसबर्ग पर भी रहा। हाउल प्रकाशित होने के बाद उन्होने अपनी मां के याद मे कैडिश नाम की एक लंबी कविता हाउल के ही अनुरूप लिखी थी। ख्याति मिलने के बाद उन्हें बहुत सारे देशों में कविता पढ़ने के लिये आमंत्रित किया गया और वह भारत भी आये। भारत आकर वह दो साल तक यहीं रहे। बनारस, पटना, कोलकाता, चाइबासा आदि जगहों पर इन्होने कई दिन बिताये एवं यह स्थानीय कवियों से काफी घुलमिल गये। वह हिन्दु और बौद्ध साधुओं से भी मिले। अमेरिका लौटने के बाद गिंसबर्ग ने बौद्धधर्म अपना लिया। भारत से लौटने के बाद जो कवितायें इन्होने लिखीं उन पर भारतीय प्रभाव साफ झलकता है, यहां तक की उनकी किताबों-दस्तावेजों में दिये गये प्रतीक चिह्न असल में अकबर के मकबरे में अंकित तीन मछलियों का चित्र है। .

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एशिया

एशिया या जम्बुद्वीप आकार और जनसंख्या दोनों ही दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। पश्चिम में इसकी सीमाएं यूरोप से मिलती हैं, हालाँकि इन दोनों के बीच कोई सर्वमान्य और स्पष्ट सीमा नहीं निर्धारित है। एशिया और यूरोप को मिलाकर कभी-कभी यूरेशिया भी कहा जाता है। एशियाई महाद्वीप भूमध्य सागर, अंध सागर, आर्कटिक महासागर, प्रशांत महासागर और हिन्द महासागर से घिरा हुआ है। काकेशस पर्वत शृंखला और यूराल पर्वत प्राकृतिक रूप से एशिया को यूरोप से अलग करते है। कुछ सबसे प्राचीन मानव सभ्यताओं का जन्म इसी महाद्वीप पर हुआ था जैसे सुमेर, भारतीय सभ्यता, चीनी सभ्यता इत्यादि। चीन और भारत विश्व के दो सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश भी हैं। पश्चिम में स्थित एक लंबी भू सीमा यूरोप को एशिया से पृथक करती है। तह सीमा उत्तर-दक्षिण दिशा में नीचे की ओर रूस में यूराल पर्वत तक जाती है, यूराल नदी के किनारे-किनारे कैस्पियन सागर तक और फिर काकेशस पर्वतों से होते हुए अंध सागर तक। रूस का लगभग तीन चौथाई भूभाग एशिया में है और शेष यूरोप में। चार अन्य एशियाई देशों के कुछ भूभाग भी यूरोप की सीमा में आते हैं। विश्व के कुल भूभाग का लगभग ३/१०वां भाग या ३०% एशिया में है और इस महाद्वीप की जनसंख्या अन्य सभी महाद्वीपों की संयुक्त जनसंख्या से अधिक है, लगभग ३/५वां भाग या ६०%। उत्तर में बर्फ़ीले आर्कटिक से लेकर दक्षिण में ऊष्ण भूमध्य रेखा तक यह महाद्वीप लगभग ४,४५,७९,००० किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने में कुछ विशाल, खाली रेगिस्तानों, विश्व के सबसे ऊँचे पर्वतों और कुछ सबसे लंबी नदियों को समेटे हुए है। .

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एशिया कप 1990-91

1990-91 एशिया कप, चौथा एशिया कप टूर्नामेंट था, और भारत में 25 दिसंबर, 1990 और 4 जनवरी 1991 के बीच आयोजित किया गया था। तीन टीमों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया: भारत, श्रीलंका और एशियाई अग्रणी सहयोगी सदस्य बांग्लादेश। भारत के साथ तनावपूर्ण राजनीतिक संबंधों के कारण पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से बाहर निकला है। 1990-91 एशिया कप एक राउंड-रोबिन टूर्नामेंट था, जहां प्रत्येक टीम एक बार दूसरे की भूमिका निभाई और शीर्ष दो टीमों ने फाइनल में जगह बनाने के लिए क्वालीफाई कर ली। भारत और श्रीलंका ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया जिसमें भारत ने श्रीलंका को 7 विकेट से हराया, जिसने एशिया कप में अपना दूसरा लगातार और तीसरा टूर्नामेंट जीता। .

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एशियाटिक सोसायटी

एशियाटिक सोसायटी का नया भवन एशियाटिक सोसायटी (The Asiatic Society) की स्थापना १५ जनवरी सन् १७८४ को विलियम जोंस ने कोलकाता स्थित फोर्ट विलियम में की थी। इसका उद्देश्य प्राच्य-अध्ययन का बढ़ावा देना था। .

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एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप 1998-99

एशियाई क्रिकेट परिषद द्वारा आयोजित पहली एशियाई टेस्ट चैम्पियनशिप 16 फरवरी और 16 मार्च 1999 के बीच आयोजित हुई थी। एशियन टेस्ट चैम्पियनशिप 14 फरवरी से 17 मार्च (24 दिसंबर 1998) 24 दिसंबर 1998 पीटर क्रिस्टी द्वारा भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका टूर्नामेंट में भाग लिया; बांग्लादेश प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता क्योंकि आईसीसी ने उन्हें टेस्ट की स्थिति दी थी। इस टूर्नामेंट को टेस्ट क्रिकेट विश्व कप के पूर्ववर्ती माना गया था कि आईसीसी 9 सदस्य देशों की योजना बना रहा था। टूर्नामेंट लगभग दौरे के संघर्षों, टेलीविजन अधिकारों और सुरक्षा चिंताओं के कारण जनवरी 1999 में रद्द कर दिया गया था। तीन राउंड-रोबिन टूर्नामेंट मैचों का आयोजन प्रत्येक देश के साथ एक-दूसरे की बैठक के दौरान किया गया था और शीर्ष दो पक्ष अंतिम रूप से खेलते थे। एक जीत 12 अंकों के बराबर थी, एक टाई 6 अंक और ड्रॉ या नुकसान के लिए कोई अंक नहीं दिए गए थे। इसके अलावा, गेंदबाजी और बल्लेबाजी प्रदर्शन (स्कोरिंग सिस्टम देखें) के लिए टीमों को बोनस अंक दिए गए थे। तीनों देशों: भारत (कलकत्ता), श्रीलंका (कोलंबो) और पाकिस्तान (लाहौर) के बीच राउंड रॉबिन मैच के स्थान घूम रहे थे, जबकि फाइनल ढाका में बांग्लादेश में एक तटस्थ स्थल के रूप में आयोजित किया गया था। पाकिस्तान ने श्रीलंका को फाइनल में एक पारी और 175 रनों से हराकर पहले एशियाई टेस्ट चैंपियन बनने और पुरस्कार राशि में 250,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार प्राप्त किया। हारने वाले फाइनल में श्रीलंका को 145,000 अमेरिकी डॉलर और पहले दौर के हारे हुए भारत, 100,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला। उद्घाटन एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप 11 फरवरी 1999 सादी थॉफीक 'मैन ऑफ द सीरीज़', वसीम अकरम, 20,000 यूएस डॉलर, जबकि 'मैन ऑफ द मैच' विजेताओं को पुरस्कार राशि में 5000 अमेरिकी डॉलर मिले। .

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एशियाई बैडमिंटन प्रतियोगिता

बैडमिंटन एशिया प्रतियोगिता (2007 के संस्करण के बाद से यह नया नाम है, पहले इसे एशियाई बैडमिंटन प्रतियोगिताएँ के नाम से जान जाता था) बैडमिंटन एशिया परिसंघ द्वारा आयोजित एक बैडमिंटन प्रतियोगिता है जिसका लक्ष्य एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को पहचानना व पुरस्कृत करना है। प्रतियोगिता की शुरुवात १९६२ से हुई और १९९१ से यह हर वर्ष आयोजित की जाती रही है। इसमें व्यक्तिगत और टीम स्तरीय प्रतिस्पर्धाएँ होती रहे और १९९४ के बाद से टीम प्रतिस्पर्धाओं को बंद कर दिया गया। हालांकि २००३ के आयोजन में कुछ समस्या आ गयी जब चीन ने अंतिम समय में भाग लेने से इंकार कर दिया। शीर्ष प्रशिक्षक ली योंग्बो ने कहा कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को २००४ में होने वाले ओलम्पिक के लिये कोई वरीयता अंक नहीं दे रही है और इसलिए खिलाड़ियों को आराम का और समय मिलना चाहिए। प्रतिद्वंदिता कम होने की वजह से कुछ शीर्ष खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा नहीं लेना चाहते थे। .

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एशियाई राजमार्ग १

एशियाई राजमार्ग १ (ए एच १) एशियाई राजमार्ग जाल में सबसे लम्बा राजमार्ग है। इसकी कुल लम्बाई २०,५५७ किलोमीटर (१२,७७४ मील) है। यह टोक्यो, जापान से शुरू होकर कोरिया, चीन, हांगकांग, दक्षिण पूर्व एशिया, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और ईरान से होता हुआ तुर्की और बुल्गारिया तक जाता है। इस्तांबुल के पश्चिम में यह यूरोपीय ई८० मार्ग से मिल जाता है। .

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एस पी महादेवन

जनरल एसपी महादेवन अति विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त,को सेना के अति प्रभावी अधिकारी के रूप में जाना जाता था जिन्होंने अगस्त १९४६ में कलकत्ता दंगों के दौरान महात्मा गांधी की रक्षा की थी और बाद में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन ने तमिलनाडु सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था। मेजर जनरल एस पी महादेवन का दिनाक ६ अप्रैल २०१८ को निधन हो गया। वे ९२ वर्ष के थे। महादेवन को १९४६ में तत्कालीन बेंगलुरु स्थित अधिकारियों प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) से भारतीय सेना में नियुक्त किया गया था। .

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एस्प्लेनेड, कोलकाता

एस्प्लेनेड (Esplanade), मध्य कोलकाता में स्थित एक क्षेत्र है। अंग्रेजी भाषा में एस्प्लेनेड किसी जल निकाय के साथ स्थित एक खुला क्षेत्र है लेकिन अपने नाम के विपरीत यह क्षेत्र सचमुच में एक "एस्पलेनेड" नहीं है क्योंकि यह क्षेत्र पानी के पास स्थित नहीं है। हालाँकि हुगली नदी इस क्षेत्र से कुछ दूरी से बहती है। एस्प्लेनेड शहर के दिल में स्थित है और कोलकाता शहर के व्यस्त इलाकों में से एक है। यहाँ कोलकाता मेट्रो का एक स्टेशन भी स्थित है। .

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एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में ४००+ रनों की सूची

एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पहले ५५ - ६० ओवर हुआ करते थे लेकिन वर्तमान में ५० ओवरों का मैच होता है। वनडे में सबसे पहले ४०० या ४०० से अधिक रन ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के खिलाफ २००५-०६ में जोहान्सबर्ग में ४३४ रन बनाए थे और उसी मैच में अफ्रीका ने ४३८ रन बनाए थे। ४०० या इससे अधिक बार रन भारतीय क्रिकेट टीम ने बनाए जो अभी तक ६ बार बना चूका है। सर्वाधिक रन इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाफ अगस्त २०१६ में ४४४/३ रन बनाए। .

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एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कीर्तिमानों की सूची

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जिसे अंग्रेजी में (वनडे/ODI) के नाम से जाना जाता है। इस प्रारूप में प्रायः पूर्ण सदस्यता वाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीमें खेलती हैं। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वर्तमान में 50 ओवर रखे गए गए हैं हालांकि पूर्व में 55 तथा 60 ओवरों के मैच खेले जाते थे जो बाद में 50 ओवरों के कर दिए गए। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच जनवरी १९७१ को खेला गया था। वनडे क्रिकेट अर्थात एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक तथा सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम है, सचिन ने कुल  १८,४२६ बनाए है। जबकि सबसे ज्यादा विकेट लेने का श्रेय श्रीलंका क्रिकेट टीम के मुथैया मुरलीधरन को जाता है। इनके अलावा सबसे ज्यादा लगातार मैच जीतने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का है जिन्होंने लगातार २१ मैच जीते थे और लगातार सबसे हारने वाली टीम बांग्लादेश है जो लगातार २७ मैच हारी थी। व्यक्तिगत कीर्तिमानों में सचिन तेंदुलकर और मुथैया मुरलीधरन के अलावा रोहित शर्मा का नाम भी आता है जिन्होंने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट २ दोहरे शतक लगाए तथा एक मैच में सबसे ज्यादा रन भी इन्होंने ने ही बनाए है जो २६४ रन बनाए थे। गेंदबाजी में श्रीलंका क्रिकेट टीम के चमिंडा वास ने १९ रन देकर ०८ विकेट लिए थे। एक ओवर में सबसे ज्यादा रन दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स ने ३६ रन बनाए है तथा सबसे तेज शतक एबी डी विलियर्स ने मात्र ३१ गेंदों पर बनाया है। .

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एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय के एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची

एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में जो आईसीसी की पूर्ण सदस्य टीम है उनमें भारतीय क्रिकेट टीम के रोहित शर्मा का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है रोहित के नाम २६४ रन है जो श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ बनाया था। .

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एकदिवसीय क्रिकेट के दोहरे शतक

एकदिवसीय क्रिकेट में अब तक ७ दोहरे शतक लग चुके हैं। पहला दोहरा शतक सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ २०० रन बनाए वो भी नाबाद रहते हुए। वर्तमान में रोहित शर्मा उच्च स्कोरर है जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ २६४ रन बनाए थे। .

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ऐनी मोन्सन

ऐनी मोन्सन एक अंग्रेजी वनस्पतिशास्त्री और पौधों और कीड़ों के संग्रहकर्त्ता थी। उनका जन्म १७२६ में डार्लिंगटन, इंग्लैंड में हुआ था। वह हेनरी वेन की बेटी और चार्ल्स द्वितीय की पोती थी। १७४६ में, उन्होंने क्रेगिएहॉल के चार्ल्स होप-वेरे से शादी की और उसके दो बेटे थे। फिर बाद में १७५७ में, उन्होंने लिंकनशायर के कर्नल जॉर्ज मोनसन से शादी की चूंकि उसके नए पति का कैरियर भारतीय सेना के साथ था, उसने अपना अधिकांश समय कलकत्ता में बिताया, जहां वह एंग्लो-भारतीय समाज में प्रमुख बन गई। १७६० में, वह पहले से ही एक "उल्लेखनीय महिला वनस्पतिशास्त्री" के रूप में वनस्पति समुदाय के लिए अच्छी तरह से जानी जाती थी। १८ फरवरी १७७६ को कलकत्ता में उनकी मृत्यु हो गई। .

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झारखण्ड

झारखण्ड यानी 'झार' या 'झाड़' जो स्थानीय रूप में वन का पर्याय है और 'खण्ड' यानी टुकड़े से मिलकर बना है। अपने नाम के अनुरुप यह मूलतः एक वन प्रदेश है जो झारखंड आंदोलन के फलस्वरूप सृजित हुआ। प्रचुर मात्रा में खनिज की उपलबध्ता के कारण इसे भारत का 'रूर' भी कहा जाता है जो जर्मनी में खनिज-प्रदेश के नाम से विख्यात है। 1930 के आसपास गठित आदिवासी महासभा ने जयपाल सिंह मुंडा की अगुआई में अलग ‘झारखंड’ का सपना देखा.

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झुमरी तिलैया

झुमरी तिलैया भारत के पूर्वांचल में स्थित झारखंड प्रांत के कोडरमा जिले का एक छोटा लेकिन मशहूर कस्‍बा है। झुमरी तिलैया को झुमरी तलैया के नाम से भी जाना जाता है। यहां की आबादी करीब 70 हजार है और स्‍थानीय निवासी मूलत: मगही बोलते हैं। झुमरी तलैया कोडरमा जिला मुख्‍यालय से करीब छ: किमी दूर स्थित है। झुमरी तलैया में करीब दो दर्जन स्‍कूल और कॉलेज हैं। इनमें से एक तलैया सैनिक स्‍कूल भी है। दामोदर नदी में आने वाली विनाशकारी बाढ़ को रोकने के लिए बनाए गए तलैया बांध के कारण इसके नाम के साथ तलैया जुड़ा है। इस बांध की ऊंचाई करीब 100 फीट और लंबाई 1200 फीट है। इसका रिजरवायर करीब 36 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। काफी हरा-भरा क्षेत्र होने के कारण यह एक अच्‍छे पिकनिक स्‍थल के रूप में भी जाना जाता है। झरना कुंड, तलैया बांध और ध्‍वजाधारी पर्वत सहित यहां कई पर्यटन स्‍थल भी हैं। इसके अलावा राजगिर, नालंदा और हजारीबाग राष्‍ट्रीय पार्क अन्‍य नजदीकी पर्यटन स्‍थल हैं। झुमरी तलैया पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्‍टेशन कोडरमा है जो नई दिल्‍ली-कोलकाता रेलमार्ग पर स्थित है। झुमरी तलैया को अक्‍सर एक काल्‍पनिक स्‍थान समझने की भूल कर दी जाती है लेकिन इसकी ख्‍याति की प्रमुख वजह एक जमाने में यहां की अभ्रक खदानों के अलावा यहां के रेडियो प्रेमी श्रोताओं की बड़ी संख्‍या भी है। झुमरी तलैया के रेडियो प्रेमी श्रोता विविध भारती के फरमाइशी कार्यक्रमों में सबसे ज्‍यादा चिट्ठियां लिखने के लिए जाने जाते हैं। .

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झुम्पा लाहिड़ी

झुम्पा लाहिड़ी (बंगाली: ঝুম্পা লাহিড়ী, 11 जुलाई 1967, को जन्म) एक भारतीय अमेरिकी लेखिका हैं। भारतीय अमेरिकी लेखक झुम्पा लाहिड़ी को लघु कथा में उत्कृष्टता के लिए 2017 पीएएन / मालामुद अवॉर्ड के प्राप्तकर्ता के रूप में घोषित किया गया है। लाहिड़ी के प्रथम लघु कथा संग्रह, इंटरप्रेटर ऑफ़ मैलडीज़ (1999) को 2000 में उपन्यास के पुलित्जर पुरस्कार सम्मानित किया गया और उनके पहले उपन्यास द नेमसेक (2003) पर आधारित उसी नाम की एक फिल्म बनाई गयी।आइज़ैक चोटीनर.

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डायमण्ड हार्बर

डायमण्ड हार्बर (ডায়মন্ড হারবার) कोलकाता शहर का दक्षिणी उपनगर है। यह हुगली नदी के तट पर बसा है, जिसके निकट ही यह नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है। यह छोटा सा नगर सप्ताहांत में एक मशहूर पर्यटक स्थल बन जाता है। यह शहर दक्षिण २४ परगना जिला में स्थितहै। यहाँ अंग्रेज़ों के समय का एक विशाल पत्तन (बंदरगाह) बना है। 30 मील लंबे रेलमार्ग द्वारा यह कोलकाता से जुड़ा है। यहाँ से दक्षिण में चिङ्ड़ीखाली नामक किला है जिसमें भारी तोपें रखी हुई हैं। पहले यह ईस्ट इंडिया कंपनी के जहाजों के रुकने का प्रमुख स्थान था और अब भी यहाँ जहाज और स्टीमर आते हैं। 'डायमण्ड हार्बर' चौबीस परगना जिले का उपमंडल भी है। इस उपमंडल का क्षेत्रफल 1,283 वर्ग मील है, जिसमें से 907 वर्ग मील क्षेत्र में सुंदरवन है। उपमंडल के दक्षिण में अर्धनिर्मित भूभाग है जिसमें अरुद्ध नदमुख द्वारा गंगा नदी समुद्र में जाने का मार्ग पाती है। इस उपमंडल में 1,575 गाँव हैं, केवल डायमंड हारबर एकमात्र नगर है। .

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डांस इण्डिया डांस

डांस इण्डिया डांस एक भारतीय हिंदी डांस शॉ है जो ज़ी टीवी पर 2009 से चल रहा है। डांस इण्डिया डांस सबसे लंबा चलने वाला डांस शॉ है। इस कार्यक्रम में मिथुन चक्रवर्ती ग्रेंडमास्टर है। इसी वर्ज़न का कार्यक्रम ज़ी बांग्ला पर "डांस बांग्ला डांस" नामक आता था और इस कार्यक्रम में भी मिथुन चक्रवर्ती ग्रेंडमास्टर थे। यह पहली बार टेलीविज़न पर 30 जनवरी 2009 को दिखाया गया। यह ज़ी टीवी के द्वारा बनाया गया एक वास्तविक कार्यक्रम है। इस वास्तविक कार्यक्रम में विभिन्न शहरों के डांसर भाग लेते हैं तथा अपने कला का जलवा दिखाते हैं। डांस इण्डिया डांस के ऑडियंस देश के बड़े-बड़े शहरों दिल्ली,मुम्बई,कोलकाता तथा चेन्नई में शुरू हो जाते हैं। .

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डिगबोई

डिगबोई भारत के असम राज्य के तिनसुकिया जिले के उत्तर पूर्वी हिस्से में स्थित एक छोटा सा नगर है। 19वीं सदी के अंतिम वर्षों में यहाँ कच्चे तेल की खोज की गयी थी। डिगबोई असम के तेल नगरी के रूप में जाना जाता है। डिगबोई में एशिया में पहली बार तेल कुएँ का खनन हुआ था। 1901 में यहाँ एशिया की पहली रिफाइनरी को शुरू किया गया था। डिगबोई में अभी तक उत्पादन करने वाली कुछ सबसे पुराने तेल कुएँ हैं। भारत की स्वतंत्रता के दशकों बाद तक असम तेल कंपनी के लिए काम कर रहे ब्रिटिश पेशेवरों की एक महत्वपूर्ण संख्या थी। इसीलिए ब्रिटिश लोगों ने डिगबोई को अच्छी तरह से विकसित किया था तथा बुनियादी सुविधाओं से परिपूर्ण किया था। यहाँ मौजूद कुछ बंगले अभी तक ब्रिटिश काल की याद दिलाते हैं। यहाँ डिगबोई क्लब के भाग के रूप में अठारह होल्स का एक गोल्फ कोर्स है। .

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डंकुनी

डंकुनी कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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ड्रॉप्सी

यकृत के जीर्ण खराबी से ग्रस्त एक रोगी के पाँव की सूजन एवं व्रण जब त्वचा के नीचे स्थित अंतराकाश (interstitium) या शरीर के एक या अधिक कोटरों (कैविटीज) में असामान्य रूप से द्रव इकट्ठा हो जाता है तो इस लक्षण को शोफ या एडेमा (Edema) कहते हैं। पहले इसे जलशोथ (हाइड्रॉप्सी), ड्रॉप्सी (Dropsy) कहते थे। .

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डोला बेनर्जी

डोला बेनर्जी एक भारतीय महिला खिलाड़ी है जो तीरंदाजी में प्रतिस्पर्धा करती है। उनका जन्म २ जून १९८० में कोलकाता के पास बारानगर में हुआ था। उनके माता-पिता अशोक बनर्जी और कल्पना बॅनर्जी है। उनके छोटे भाई राहुल बेनर्जी भी एक आर्चर हैं और वह मशहुर गायक शान और सागरिका की चचेरी बहन है।उन्होंने बारानगर राजकुमारी मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल से पढ़ाई की। और नौ वर्ष की उम्र में, वह बारानगर तीरंदाजी क्लब में शामिल हुई। .

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ढाका

ढाका (बांग्ला: ঢাকা) बांग्लादेश की राजधानी है। बूढ़ी गंगा नदी के तट पर स्थित यह देश का सबसे बड़ा शहर है। राजधानी होने के अलावा यह बांग्लादेश का औद्यौगिक और प्रशासनिक केन्द्र भी है। यहाँ पर धान, गन्ना और चाय का व्यापार होता है। ढाका की जनसंख्या लगभग 1.1 करोड़ है (२००१ की जनसंख्या: ९,०००,०२)) जो इसे दुनिया के ग्यारहवें सबसे बड़ी जनसंख्या वाले शहर का दर्जा भी दिलाता है। ढाका का अपना इतिहास रहा है और इसे दुनिया में मस्जिदों के शहर के नाम से जाना जाता है। मुगल सल्तनत के दौरान इस शहर को १७ वीं सदी में जहांगीर नगर के नाम से भी जाना जाता था, यह न सिर्फ प्रादेशिक राजधानी हुआ करती थी बल्कि यहाँ पर निर्मित होने वाले मलमल के व्यापार में इस शहर का पूरी दुनिया में दबदबा था। आधुनिक ढाका का निर्माण एवं विकास ब्रिटिश शासन के दौरान उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ और जल्द ही यह कोलकाता के बाद पूरे बंगाल का दूसरा सबसे बड़ा शहर बन गया। भारत विभाजन के बाद १९४७ में ढाका पूर्वी पाकिस्तान की प्रशासनिक राजधानी बना तथा १९७२ में बांग्लादेश के स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आने पर यह राष्ट्रीय राजधानी घोषित हुआ। आधुनिक ढाका देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था, एवं संस्कृति का मुख्य केन्द्र है। ढाका न सिर्फ देश का सबसे साक्षर (६३%) शहर है- - बल्कि बांग्लादेश के शहरों में सबसे ज्यादा विविधता वाला शहर भी है। हालांकि आधुनिक ढाका का शहरी आधारभूत ढांचा देश में सबसे ज्यादा विकसित है परंतु प्रदूषण, यातायात कुव्यवस्था, गरीबी, अपराध जैसी समस्यायें इस शहर के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। सारे देश से लोगों का ढाका की ओर पलायन भी सरकार के लिए एक बड़ी समस्या का रूप लेता जा रहा है। .

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ढाका-इस्तांबुल फ्रेट कॉरिडोर

ढाका-इस्तांबुल फ्रेट कॉरिडोर एक अंतरराष्ट्रीय रेल मार्ग परियोजना है।यह रेल मार्ग परियोजना बांग्लादेश,भारत,पाकिस्तान,ईरान और तुर्की को जोड़ती है।http://www.business-standard.com/article/news-ians/india-to-trial-run-goods-train-on-dhaka-istanbul-freight-corridor-117030300947_1.htmlभारत का पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस कॉरिडोर का एक हिस्सा है। .

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ढकुरिया

ढकुरिया कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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तत्वबोधिनी पत्रिका

तत्वबोधिनी पत्रिका, महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा १६ अगस्त १८४३ को स्थापित की गयी थी। यह तत्वबोधिनी सभा की पत्रिका थी जिसका प्रकाशन १८८३ तक होता रहा। यह कोलकाता से बांग्ला में प्रकाशित होती थी। .

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तथागत राय

तथागत राय (जन्म:14 सितम्बर, 1945 कोलकाता) भारत के एक राजनेता, इंजीनियर तथा लेखक हैं। मई २०१५ में उन्हें त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। २००२ से २००६ तक वे पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे। श्रेणी:भारतीय राजनीतिज्ञ श्रेणी:त्रिपुरा के राज्यपाल श्रेणी:1945 में जन्मे लोग श्रेणी:जीवित लोग श्रेणी:पश्चिम बंगाल के लोग श्रेणी:भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ.

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तनिष्क बागची

तनिष्क बागची एक भारतीय संगीतकार हैं, जो बॉलीवुड फिल्मों के लिए संगीत बनाते हैं। उन्होंने बॉलीवुड में २०१५ में तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के गीत "बन्नो" से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की। फिल्मों के लिए संगीत रचना करने से पहले, उन्होंने टीवी धारावाहिकों के लिए भी संगीत निर्माण किया है। .

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तपन मिश्रा

तपन मिश्रा एक भारतीय वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, अहमदाबाद के निदेशक हैं। पूर्व में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र में माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग एरिया के उपनिदेशक रह चुके हैं। उन्होंने 1984 में जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता से इलेक्ट्रोनिक्स और दूरसंचार इंजिनियरिंग में स्नातक डिग्री हासिल की थी। उन्हें 1981 में प्रतिष्ठित सर जेसी बोस राष्ट्रीय प्रतिभा चयन छात्रवृत्ति दी गई। उन्होंने अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र में डिजिटल हार्डवेयर इंजिनियर के रूप में सेवा की शुरूआत की और उन्होंने 1984 में एक्स बैंड साइड लुकिंग एयर बोर्न राडार के क्यिक लुक डिस्पले सिस्टम विकसित किया। वे वर्ष 1984 से इसरो के माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग पे-लोड के सिस्टम डिजाइन, योजना और विकास के काम करते आ रहे हैं। .

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तपन सिन्हा

तपन सिन्हा (তপন সিন্‌হা)(२ अक्टूबर १९२४ – १५ जनवरी २००९) बांग्ला चलचित्र एवं हिन्दी चलचित्र के प्रसिद्ध निर्देशक थे। इन्हें २००६ का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी मिला था। तपन सिन्हा की फिल्में भारत के अलावा बर्लिन, वेनिस, लंदन, मास्को जैसे अंतरराष्ट्रीय ‍फिल्म समारोहों में भी सराही गई थीं। इन्होंने भौतिकी विषय में स्नातकोत्तर किया था। ये सबसे अधिक गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के कार्यो से प्रभावित थे। तपन सिन्हा ने बांग्ला फ़िल्म अभिनेत्री अरुंधती देवी से विवाह किया था। इनके पुत्र अनिन्द्य सिन्हा भारतीय वैज्ञानिक हैं। तपन जी अपने जीवन की संध्या में हृदय रोग से पीड़ित हो गये थे और अन्ततः १५ जनवरी, २००९ को परलोक सिधार गये। इनकी पत्नी की मृत्यु १९९० में ही हो चुकी थी। सगीना महतो और सफेद हाथी जैसी उल्लेखनीय फिल्में बनाने वाले सिन्हा विभिन्न श्रेणियों में अभी तक १९ राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किए जा चुके हैं। स्वतंत्रता की ६०वीं जयंती पर भारत सरकार ने उन्हें फिल्म जगत में अद्वितीय योगदान के लिए अवार्ड फॉर लाइफ टाइम अचीवमेंट से सम्मानित किय़ा था। तपन जी की पहली फिल्म उपहार थी जो १९५५ में रिलीज़ हुई थी। १९५६ मे रिलीज़ हुई फिल्म काबुलीवाला दूसरी फिल्म थी। इसके अलावा एक डॉक्टर की मौत, सगीना और आदमी और औरत इनकी बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती हैँ। इन्होंने बावर्ची जैसी कई फिल्मों की कहानी भी लिखी है। .

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तमाशा (2015 फ़िल्म)

तमाशा एक हिन्दी भाषा में बनी भारतीय बॉलीवुड फिल्म है। इस फिल्म को इम्तियाज़ अली ने निर्देशित किया है और इस फिल्म के निर्माता इम्तियाज़ अली और साजिद नाडियाडवाला हैं। इस फिल्म में मुख्य किरदार में दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर हैं। इसे फ़्रांस के कोरसिका में फिल्माना शुरू किया गया था। यह फिल्म 27 नवम्बर 2015 को सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी। .

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तरुण बोस

तरुण बोस हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता थे जो १९६० और १९७० के दशकों में हिन्दी फ़िल्मों में सक्रीय रहे थे। .

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तलत महमूद

तलत महमूद (२४ फरवरी, १९२४-९ मई, १९९८) एक भारतीय गायक तथा अभिनेता थे। अपनी थरथराती आवाज़ से मशहूर उनको गजल की दुनिया का राजा भी कहा जाता है। .

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तलतला

तलतला कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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तसलीमा नसरीन

तसलीमा नसरीन (जन्म: २५ अगस्त १९६२) बांग्ला लेखिका एवं भूतपूर्व चिकित्सक हैं जो १९९४ से बांग्लादेश से निर्वासित हैं। १९७० के दशक में एक कवि के रूप में उभरीं तसलीमा १९९० के दशक के आरम्भ में अत्यन्त प्रसिद्ध हो गयीं। वे अपने नारीवादी विचारों से युक्त लेखों तथा उपन्यासों एवं इस्लाम एवं अन्य नारीद्वेषी मजहबों की आलोचना के लिये जानी जाती हैं। बांग्लादेश में उनपर जारी फ़तवे के कारण आजकल वे कोलकाता में निर्वासित जीवन जी रही हैं। हालांकि कोलकाता में मुसलमानों के विरोध के बाद उन्हें कुछ समय के लिये दिल्ली और उसके बाद फिर स्वीडन में भी समय बिताना पड़ा लेकिन इसके बाद जनवरी २०१० में वे भारत लौट आईं। उन्होंने भारत में स्थाई नागरिकता के लिये आवेदन किया है लेकिन भारत सरकार की ओर से उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। यूरोप और अमेरिका में एक दशक से भी अधिक समय रहने के बाद, तस्लीमा 2005 में भारत चले गए, लेकिन 2008 में देश से हटा दिया गया, हालांकि वह दिल्ली में रह रही है, भारत में एक आवासीय परमिट के लिए दीर्घावधि, बहु- 2004 के बाद से प्रवेश या 'एक्स' वीज़ा। उसे स्वीडन की नागरिकता मिली है। स्त्री के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए तसलीमा नसरीन ने बहुत कुछ खोया। अपना भरापूरा परिवार, दाम्पत्य, नौकरी सब दांव पर लगा दिया। उसकी पराकाष्ठा थी देश निकाला। नसरीन को रियलिटी शो बिग बॉस 8 में भाग लेने के लिए कलर्स (टीवी चैनल) की तरफ से प्रस्ताव दिया गया है। तसलीमा ने इस शो में भाग लेने से मना कर दिया है। .

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ताड़

भारत के कलकत्ता में ताड़ का वृक्ष ताड़ एकबीजपत्री वृक्ष है। इसकी 6 प्रजातियाँ होती हैं। यह अफ्रीका, एशिया तथा न्यूगीनी का मूल-निवासी है। इसका तना सीधा, सबल तथा शाखाविहिन होता है। ऊपरी सिरे पर कई लम्बी वृन्त तथा किनारे से कटी फलकवाली पत्तियाँ लगी होती हैं। इसका फल काष्ठीय गुठलीवाला होता है। ताड़ के वृक्ष 30 मीटर तक बढ़ सकते हैं। .

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तानसेन सम्मान

तानसेन सम्मान मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 1980 में स्थापित किया गया था। मध्य प्रदेश शासन द्वारा हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। .

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ताम्रलिप्त

ताम्रलिप्त या ताम्रलिप्ति (তাম্রলিপ্ত) बंगाल की खाड़ी में स्थित एक प्राचीन नगर था। विद्वानों का मत है कि वर्तमान तामलुक ही प्राचीन ताम्रलिप्ति था। ऐसा माना जाता है कि मौर्य साम्राज्य के दक्षिण एशिया तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए यह नगर व्यापारिक निकास बिन्दु था। पश्चिमी बंगाल के मिदनापुर जिले का आधुनिक तामलुक अथवा तमलुक जो कलकत्ता से ३३ मील दक्षिण पश्चिम में रूपनारायण नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। यद्यपि समुद्र से इसकी वर्तमान दूरी ६० मील है, प्राचीन और मध्यकालीन युग में १७वीं शताब्दी तक समुद्र उसको छूता था और वह भारतवर्ष के दक्षिण-पूर्वी तट का एक प्रसिद्ध बंदरगाह था। ताम्रलिप्ति, नगर की ही नहीं, एक विशाल जनपद की भी संज्ञा थी। उन दिनों गंगा नदी भी उसके नगर के पास से होकर ही बहती थी और उसके द्वारा समुद्र से मिले होने के कारण नगर का बहुत बड़ा व्यापारिक महत्व था। भारतवर्ष के संबंध में लिखनेवाला सुप्रसिद्ध भूगोलशास्त्री प्लिनी उसे 'तामलिटिज' की संज्ञा देता है। प्राचीन ताम्रलिप्ति नगर के खंडहर नदी की उपजाऊ घाटी में अब भी देखे जा सकते हैं। .

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ताराचंद बड़जात्या

ताराचंद बड़जात्या (10 मई 1914 - 21 सितम्बर 1992) भारत के प्रसिद्ध फिल्म-निर्माता थे। उन्होने सन १९६० के दशक से आरम्भ करके १९८० के दशक तक अनेकों हिन्दी फिल्में बनायी। वे राजश्री प्रोडक्शन्स के संस्थापक थे। वे मानवीय मूल्यों पर आधारित पारिवारिक फिल्में बनाने में सिद्धहस्त थे। .

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ताराशंकर बंधोपाध्याय

ताराशंकर बंधोपाध्याय एक बांग्ला साहित्यकार हैं। इन्हें गणदेवता के लिए १९६६ में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ताराशंकर बंधोपाध्याय को साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये पश्चिम बंगाल से हैं। .

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ताराघर

---- नेहरू ताराघर, मुंबई ताराघर (अंग्रेज़ी में प्लेनेटेरियम) या तारामण्डल या नक्षत्रालय एक ऐसा भवन होता है जहाँ खगोलिकी व नाइट स्काई विषयक ज्ञानवर्धक व मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं। ताराघर की पहचान अक्सर उसकी विशाल गुंबदनुमा प्रोजेक्शन स्क्रीन होती है। भारत में ३० ताराघर हैं। इनमें से चार, जो क्रमशः मुंबई, नई दिल्ली, बंगलौर व इलाहाबाद में स्थित हैं, जवाहरलाल नेहरू के नाम से जाने जाते हैं। चार ताराघर बिड़ला घराने द्वारा पोषित हैं जो कोलकाता, चैन्नई, हैदराबाद व जयपुर में हैं। सितंबर १९६२ में प्रारंभ कोलकाता स्थित एम पी बिड़ला ताराघर देश का पहला ताराघर है। .

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ताजमहल

ताजमहल (تاج محل) भारत के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा है। इसका निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने, अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था। ताजमहल मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसकी वास्तु शैली फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मिलन है। सन् १९८३ में, ताजमहल युनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना। इसके साथ ही इसे विश्व धरोहर के सर्वत्र प्रशंसा पाने वाली, अत्युत्तम मानवी कृतियों में से एक बताया गया। ताजमहल को भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया गया है। साधारणतया देखे गये संगमर्मर की सिल्लियों की बडी- बडी पर्तो से ढंक कर बनाई गई इमारतों की तरह न बनाकर इसका श्वेत गुम्बद एवं टाइल आकार में संगमर्मर से ढंका है। केन्द्र में बना मकबरा अपनी वास्तु श्रेष्ठता में सौन्दर्य के संयोजन का परिचय देते हैं। ताजमहल इमारत समूह की संरचना की खास बात है, कि यह पूर्णतया सममितीय है। इसका निर्माण सन् १६४८ के लगभग पूर्ण हुआ था। उस्ताद अहमद लाहौरी को प्रायः इसका प्रधान रूपांकनकर्ता माना जाता है। .

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तोरु दत्त

तोरु दत्त (তরু দত্ত) (4 मार्च 1856 – 30 अगसत 1877) एक भारतीय कवि थी जो अंग्रेजी और फ्रेंच में लिखती थी। उनका जन्म रामगोपाल दत्त परिवार के पिता गोविंद चंदर दत्त और मां क्षेत्रमौनी से हुआ था। बहन अरु और भाई अबू के बाद तोरू सबसे कम उम्र की थी। रोमेश चन्दर दत्त, लेखक और भारतीय सिविल सेवक, उनके चचेरे भाई थे। उनका परिवार 1862 (तोरु दत्त जब केवल 6 वर्ष की थी) में ईसाई बन गया। .

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तीस्ता दास

तीस्ता दास (जन्म 9 मई 1978) या सरल तौर पर तीस्ता एक प्रसिद्ध बंगाली पारलैंगिक,एक भारतीय अदाकारा है जिसने कुछ हिन्दी और बंगाली फिल्म उद्योगों में और सहायक भूमिकाएं निभाने के साथ साथ प्रमुख अदाकारा के तौर पर काम किया है। .

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थौंकन्हे (पत्रिका)

थौंकन्हे का मई १९५१ में छपा सर्वप्रथम अंक थौंकन्हे नेपाल में छपने वाली नेपालभाषा की एक पत्रिका है। इसका प्रकाशन २१ मई १९५१ को आरम्भ हुआ। हालांकि कोलकाता, भारत से १९२५ में 'बुद्ध धर्म व नॆपाल भाषा' नामक नेपालभाषाई पत्रिका छपनी शुरु हो गई थी, थौंकन्हे नेपाल में प्रकाशित होने वाली पहली नेपालभाषाई पत्रिका मानी जाती है। बीच में यह १९५७ से लेकर १९९२ के लम्बे अरसे के लिये प्रकाशित होनी बंद हो गई थी लेकिन १९९२ में इसकी छपाई फिर से आरम्भ हो गई। .

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द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया

द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया (The Times of India, TOI के रूप में संक्षेपाक्षरित) भारत में प्रकाशित एक अंग्रेज़ी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। इसका प्रबन्धन और स्वामित्व बेनेट कोलेमन एंड कम्पनी लिमिटेड के द्वारा किया जाता है। दुनिया में सभी अंग्रेजी भाषा के व्यापक पत्रों में इस अखबार की प्रसार संख्या सर्वाधिक है। 2005 में, अखबार ने रिपोर्ट दी कि (24 लाख से अधिक प्रसार के साथ) इसे ऑडिट बुरो ऑफ़ सर्क्युलेशन के द्वारा दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले अंग्रेजी भाषा के सामान्य समाचार पत्र के रूप में प्रमाणित किया गया है। इसके वावजूद भारत के भाषायी समाचार पत्रों (विशेषत: हिन्दी के अखबारों) की तुलना में इसका प्रसार बहुत कम है। टाइम्स ऑफ इंडिया को मीडिया समूह बेनेट, कोलेमन एंड कम्पनी लिमिटेड के द्वारा प्रकाशित किया जाता है, इसे टाइम्स समूह के रूप में जाना जाता है, यह समूह इकॉनॉमिक टाइम्स, मुंबई मिरर, नवभारत टाइम्स (एक हिंदी भाषा का दैनिक), दी महाराष्ट्र टाइम्स (एक मराठी भाषा का दैनिक) का भी प्रकाशन करता है। .

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द हिन्दू

द हिन्दू (द हिन्दू) भारत में प्रकाशित होने वाला एक दैनिक अंग्रेज़ी समाचार पत्र है। इसका मुख्यालय चेन्नई में है और इसका साप्ताहिक पत्रिका के रूप में प्रकाशन वर्ष 1878 में आरम्भ हुआ। यह दैनिक के रूप में वर्ष 1889 में आरम्भ हुआ। यह भारत के शीर्ष दैनिक अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में से एक है। भारतीय पाठक सर्वेक्षण के 2014 के अनुसार यह भारत में पढ़े जाने वाले अंग्रेज़ी समाचार पत्रों में तीसरे स्थान पर है। पहले दो स्थानों पर द टाइम्स ऑफ़ इंडिया और हिन्दुस्तान टाइम्स पाये गये। द हिन्दू मुख्य रूप से दक्षिण भारत में पढ़ा जाता है और केरल एवं तमिलनाडु में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अंग्रेज़ी दैनिक समाचार पत्र है। वर्ष २०१० के आँकड़ों के अनुसार इस उद्यम में 1,600 से अधिक लोगों को काम दिया गया है और इसकी वार्षिक आय $200 मिलियन से अधिक है। इसकी आय के मुख्य स्रोतों में अंशदान और विज्ञापन प्रमुख हैं। वर्ष 1995 में अपना ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध करवाने वाला, द हिन्दू प्रथम भारतीय समाचार पत्र है। नवम्बर 2015 के अनुसार, यह भारत के नौ राज्यों में 18 स्थानों से प्रकाशित होता है: बंगलौर, चेन्नई, हैदराबाद, तिरुवनन्तपुरम, विजयवाड़ा, कोलकाता, मुम्बई, कोयंबतूर, मदुरै, नोएडा, विशाखपट्नम, कोच्चि, मैंगलूर, तिरुचिरापल्ली, हुबली, मोहाली, लखनऊ, इलाहाबाद और मलप्पुरम। .

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द ग्रेट ईस्टर्न होटेल कोलकाता

द ग्रेट ईस्टर्न होटेल कोलकाता, भारत के कोलकाता (पश्चिम बंगाल) मे स्थित एक हेरिटेज होटेल हैं। यह कोलोनियल समय मे स्थापित किया गया था एवं उस समय के एक महत्वपूर्ण होटलों में से एक होटेल था। इस होटेल की स्थापना 1840 या 1841 मे की गयी थी जब कोलकाता ईस्ट इंडिया का एक महत्वपूर्ण केन्द्र हुआ करता था। अपने प्रसिद्धि के दिनों मे यह "पूर्व के गहने" के रूप मे जाना जाता था। यह होटेल इतिहास के कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के आगमन का भी साक्षी रहा है। भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी इस होटेल ने अपना परिचालन जारी रखा। लेकिन जब बंगाल मे नक्सल युग था तब इसकी स्थिति में थोड़ी गिरावट आई थी। बाद मे राज्य सरकार ने इसकी प्रबंधन व्यवस्था अपने हाथों मे ले लिया था। 2005 मे इससे एक निजी कंपनी के हाथों के बेच दिया गया था एवं नवंबर 2015 मे इसको विस्तृत मरम्मत के बाद खोल दिया गया था। .

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द गेटवे होटल्स एंड रिसॉर्ट्स

गेटवे होटल्स एंड रिसॉर्ट्स दक्षिण एशिया का एक अत्याधुनिक, पूर्ण सेवा प्रदान करने मध्य बाजार होटल और रिजॉर्ट श्रृंखला है। गेटवे होटल्स का स्वामित्व इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के पास हैं और यह टाटा समूह का एक हिस्सा है। .

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दन्तचिकित्सा

दंतचिकित्सक दंतचिकित्सा (Dentistry) स्वास्थ्यसेवा की वह शाखा है, जिसका संबंध मुख के भीतरी भाग और दाँत आदि की आकृति, कार्यकरण, रक्षा तथा सुधार और इन अंगों तथा शरीर के अंत:संबंध से है। इसके अंतर्गत शरीर के रोगों के मुख संबंधी लक्षण, मुख के भीतर के रोग, घाव, विकृतियाँ, त्रुटियाँ, रोग अथवा दुर्घटनाओं से क्षतिग्रस्त दाँतों की मरम्मत और टूटे दाँतों के बदले कृत्रिम दाँत लगाना, ये सभी बातें आती हैं। इस प्रकार दंतचिकित्सा का क्षेत्र लगभग उतना ही बड़ा है, जितना नेत्र या त्वचाचिकित्सा का। इसका सामाजिक महत्व तथा सेवा करने का अवसर भी अधिक है। दंतचिकित्सक का व्यवसाय स्वतंत्र संगठित है और यह स्वास्थ्यसेवाओं का महत्वपूर्ण विभाग है। दंतचिकित्सा की कला और विज्ञान के लिये मुख की संरचना, दाँतों की उत्पत्ति विकास तथा कार्यकरण और इनके भीतर के अन्य अंगों और ऊतकों तथा उनके औषधीय, शल्य तथा यांत्रिक उपचार का समुचित ज्ञान आवश्यक है। .

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दया प्रकाश सिन्हा

दया प्रकाश सिन्हा (जन्म: २ मई १९३५, कासगंज, जिला एटा, उत्तर प्रदेश) एक अवकाशप्राप्त आई०ए०एस० अधिकारी होने के साथ-साथ हिन्दी भाषा के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं। प्राच्य इतिहास, पुरातत्व व संस्कृति में एम० ए० की डिग्री तथा लोक प्रशासन में मास्टर्स डिप्लोमा प्राप्त सिन्हा जी विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं में रहे। साहित्य कला परिषद, दिल्ली प्रशासन के सचिव, भारतीय उच्चायुक्त, फिजी के प्रथम सांस्कृतिक सचिव, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी व ललित कला अकादमी के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ के निदेशक जैसे अनेकानेक उच्च पदों पर रहने के पश्चात सन् १९९३ में भारत भवन, भोपाल के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए। नाट्य-लेखन के साथ-साथ रंगमंच पर अभिनय एवं नाट्य-निर्देशन के क्षेत्र में लगभग ५० वर्षों तक सक्रिय रहे सिन्हा जी की नाट्य कृतियाँ निरन्तर प्रकाशित, प्रसारित व मंचित होती रही हैं। अनेक देशों में भारत के सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में भ्रमण कर चुके श्री सिन्हा को कई पुरस्कार व सम्मान भी मिल चुके हैं। .

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दरभंगा

भारत प्रान्त के उत्तरी बिहार में बागमती नदी के किनारे बसा दरभंगा एक जिला एवं प्रमंडलीय मुख्यालय है। दरभंगा प्रमंडल के अंतर्गत तीन जिले दरभंगा, मधुबनी, एवं समस्तीपुर आते हैं। दरभंगा के उत्तर में मधुबनी, दक्षिण में समस्तीपुर, पूर्व में सहरसा एवं पश्चिम में मुजफ्फरपुर तथा सीतामढ़ी जिला है। दरभंगा शहर के बहुविध एवं आधुनिक स्वरुप का विकास सोलहवीं सदी में मुग़ल व्यापारियों तथा ओईनवार शासकों द्वारा विकसित किया गया। दरभंगा 16वीं सदी में स्थापित दरभंगा राज की राजधानी था। अपनी प्राचीन संस्कृति और बौद्धिक परंपरा के लिये यह शहर विख्यात रहा है। इसके अलावा यह जिला आम और मखाना के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। .

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दसलाखी नगर

जो शहर मोटे अक्षरों में लिखे हैं वो अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की राजधानी भी हैं .

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दार्जिलिंग

दार्जिलिंग भारत के राज्य पश्चिम बंगाल का एक नगर है। यह नगर दार्जिलिंग जिले का मुख्यालय है। यह नगर शिवालिक पर्वतमाला में लघु हिमालय में अवस्थित है। यहां की औसत ऊँचाई २,१३४ मीटर (६,९८२ फुट) है। दार्जिलिंग शब्द की उत्त्पत्ति दो तिब्बती शब्दों, दोर्जे (बज्र) और लिंग (स्थान) से हुई है। इस का अर्थ "बज्रका स्थान है।" भारत में ब्रिटिश राज के दौरान दार्जिलिंग की समशीतोष्ण जलवायु के कारण से इस जगह को पर्वतीय स्थल बनाया गया था। ब्रिटिश निवासी यहां गर्मी के मौसम में गर्मी से छुटकारा पाने के लिए आते थे। दार्जिलिंग अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर यहां की दार्जिलिंग चाय के लिए प्रसिद्ध है। दार्जिलिंग की दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे एक युनेस्को विश्व धरोहर स्थल तथा प्रसिद्ध स्थल है। यहां की चाय की खेती १८०० की मध्य से शुरु हुई थी। यहां की चाय उत्पादकों ने काली चाय और फ़र्मेन्टिंग प्रविधि का एक सम्मिश्रण तैयार किया है जो कि विश्व में सर्वोत्कृष्ट है। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे जो कि दार्जिलिंग नगर को समथर स्थल से जोड़ता है, को १९९९ में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। यह वाष्प से संचालित यन्त्र भारत में बहुत ही कम देखने को मिलता है। दार्जिलिंग में ब्रिटिश शैली के निजी विद्यालय भी है, जो भारत और नेपाल से बहुत से विद्यार्थियों को आकर्षित करते हैं। सन १९८० की गोरखालैंड राज्य की मांग इस शहर और इस के नजदीक का कालिम्पोंग के शहर से शुरु हुई थी। अभी राज्य की यह मांग एक स्वायत्त पर्वतीय परिषद के गठन के परिणामस्वरूप कुछ कम हुई है। हाल की दिनों में यहां का वातावरण ज्यादा पर्यटकों और अव्यवस्थित शहरीकरण के कारण से कुछ बिगड़ रहा है। .

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दार्जिलिंग मेल

दार्जिलिंग मेल, भारत के पूर्वी क्षेत्र में ऐतिहासिक गाड़ियों के से एक है जो आजादी के पूर्व के दिनों से चल रहा है। यह न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) को दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को जोड़ता है। यह कोलकाता-सिलीगुड़ी मार्ग और हल्दीबाड़ी स्लिप की एक प्रमुख ट्रेन है। .

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दि पार्क, चेन्नई

भारत के पांच सितारा विलासिता वाले होटलों में से दि पार्क चेन्नई प्रमुख है जो की अन्ना सलाई, चेन्नई में स्थित है। यह होटल जो की एपीजे सुरेन्द्र ग्रुप का एक हिस्सा है, १५ मई २००२ को खोला गया था। इस होटल के लिए लगभग १,००० मिलियन रुपयों का संग्रह किया गया था। होटल के एक रेस्टुरेंट को अपने विशिष्ट मेनू एवं व्यय के चलते फोर्ब्स पत्रिका द्वारा भारत के दस सबसे महंगे रेस्टुरेंटस की श्रेणी में भी शामिल किया गया था। .

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दि इकॉनॉमिस्ट

दि इकॉनॉमिस्ट​ (The Economist) ब्रिटेन में लंदन से छपने वाली एक साप्ताहिक पत्रिका है। इसमें आर्थिक, राजनैतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर लेख सम्मिलित होते हैं। सितम्बर १८४३ में इसका प्रकाशन शुरू हुआ और तब से यह लगातार छपती आ रही है।, Mark Skousen, pp.

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दिनेश त्रिवेदी

दिनेश त्रिवेदी; (जन्म- ४ जून १९५०) तृणमूल कांग्रेस से एक भारतीय राजनेता हैं, जो पश्चिम बंगाल के बैरकपुर से सांसद हैं। त्रिवेदी इंडो-यूरोपीय संघ संसदीय मंच के अध्यक्ष भी हैं। वे पूर्व में भारत के रेल मंत्री रह चुके हैं। .

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दिल्ली

दिल्ली (IPA), आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अंग्रेज़ी: National Capital Territory of Delhi) भारत का एक केंद्र-शासित प्रदेश और महानगर है। इसमें नई दिल्ली सम्मिलित है जो भारत की राजधानी है। दिल्ली राजधानी होने के नाते केंद्र सरकार की तीनों इकाइयों - कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका के मुख्यालय नई दिल्ली और दिल्ली में स्थापित हैं १४८३ वर्ग किलोमीटर में फैला दिल्ली जनसंख्या के तौर पर भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। यहाँ की जनसंख्या लगभग १ करोड़ ७० लाख है। यहाँ बोली जाने वाली मुख्य भाषाएँ हैं: हिन्दी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेज़ी। भारत में दिल्ली का ऐतिहासिक महत्त्व है। इसके दक्षिण पश्चिम में अरावली पहाड़ियां और पूर्व में यमुना नदी है, जिसके किनारे यह बसा है। यह प्राचीन समय में गंगा के मैदान से होकर जाने वाले वाणिज्य पथों के रास्ते में पड़ने वाला मुख्य पड़ाव था। यमुना नदी के किनारे स्थित इस नगर का गौरवशाली पौराणिक इतिहास है। यह भारत का अति प्राचीन नगर है। इसके इतिहास का प्रारम्भ सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है। हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों में हुई खुदाई से इस बात के प्रमाण मिले हैं। महाभारत काल में इसका नाम इन्द्रप्रस्थ था। दिल्ली सल्तनत के उत्थान के साथ ही दिल्ली एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक शहर के रूप में उभरी। यहाँ कई प्राचीन एवं मध्यकालीन इमारतों तथा उनके अवशेषों को देखा जा सकता हैं। १६३९ में मुगल बादशाह शाहजहाँ ने दिल्ली में ही एक चारदीवारी से घिरे शहर का निर्माण करवाया जो १६७९ से १८५७ तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रही। १८वीं एवं १९वीं शताब्दी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने लगभग पूरे भारत को अपने कब्जे में ले लिया। इन लोगों ने कोलकाता को अपनी राजधानी बनाया। १९११ में अंग्रेजी सरकार ने फैसला किया कि राजधानी को वापस दिल्ली लाया जाए। इसके लिए पुरानी दिल्ली के दक्षिण में एक नए नगर नई दिल्ली का निर्माण प्रारम्भ हुआ। अंग्रेजों से १९४७ में स्वतंत्रता प्राप्त कर नई दिल्ली को भारत की राजधानी घोषित किया गया। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों से लोगों का प्रवासन हुआ, इससे दिल्ली के स्वरूप में आमूल परिवर्तन हुआ। विभिन्न प्रान्तो, धर्मों एवं जातियों के लोगों के दिल्ली में बसने के कारण दिल्ली का शहरीकरण तो हुआ ही साथ ही यहाँ एक मिश्रित संस्कृति ने भी जन्म लिया। आज दिल्ली भारत का एक प्रमुख राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र है। .

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दिल्ली दरबार

दिल्ली दरबार का विहंगम दृष्य सन 1877 का दिल्ली दरबार, भारत के वाइसरॉय बांयीं ओर चबूतरे पर बैठे हैं। दिल्ली दरबार, दिल्ली, भारत में राजसी दरबार होता था। यह इंगलैंड के महाराजा या महारानी के राजतिलक की शोभा में सजते थे। ब्रिटिश साम्राज्य चरम काल में, सन 1877 से 1911 के बीच तीन दरबार लगे थे। सन 1911 का दरबार एकमात्र ऐसा था, कि जिसमें सम्राट स्वयं, जॉर्ज पंचम पधारे थे। .

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दिल्ली विधान सभा

दिल्ली की विधानसभा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की एकसदनी विधायी निकाय है। इस विधान सभा में कुल 70 विधायक सदस्य हैं। दिल्ली विधानसभा की बैठक पुराना सचिवालय भवन में होती है। .

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दिल्ली गुड़गाँव एक्सप्रेसवे

राष्ट्रीय राजमार्ग सं-८ के दिल्ली-गुड़गाँव भाग का एक दृश्य। यह एक आठ लेन एक्स्प्रेसवे है, जो दिल्ली को गुड़गांव एवं अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र से जोड़ता है। दिल्ली गुड़गांव एक्सप्रेसवे - एक 28 कि.मी.

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दिल्ली का इतिहास

दिल्ली का लौह स्तम्भ दिल्ली को भारतीय महाकाव्य महाभारत में प्राचीन इन्द्रप्रस्थ, की राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभ तक दिल्ली में इंद्रप्रस्थ नामक गाँव हुआ करता था। अभी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की देखरेख में कराये गये खुदाई में जो भित्तिचित्र मिले हैं उनसे इसकी आयु ईसा से एक हजार वर्ष पूर्व का लगाया जा रहा है, जिसे महाभारत के समय से जोड़ा जाता है, लेकिन उस समय के जनसंख्या के कोई प्रमाण अभी नहीं मिले हैं। कुछ इतिहासकार इन्द्रप्रस्थ को पुराने दुर्ग के आस-पास मानते हैं। पुरातात्विक रूप से जो पहले प्रमाण मिलते हैं उन्हें मौर्य-काल (ईसा पूर्व 300) से जोड़ा जाता है। तब से निरन्तर यहाँ जनसंख्या के होने के प्रमाण उपलब्ध हैं। 1966 में प्राप्त अशोक का एक शिलालेख(273 - 300 ई पू) दिल्ली में श्रीनिवासपुरी में पाया गया। यह शिलालेख जो प्रसिद्ध लौह-स्तम्भ के रूप में जाना जाता है अब क़ुतुब-मीनार में देखा जा सकता है। इस स्तंभ को अनुमानत: गुप्तकाल (सन ४००-६००) में बनाया गया था और बाद में दसवीं सदी में दिल्ली लाया गया।लौह स्तम्भ यद्यपि मूलतः कुतुब परिसर का नहीं है, ऐसा प्रतीत होता है कि यह किसी अन्य स्थान से यहां लाया गया था, संभवतः तोमर राजा, अनंगपाल द्वितीय (1051-1081) इसे मध्य भारत के उदयगिरि नामक स्थान से लाए थे। इतिहास कहता है कि 10वीं-11वीं शताब्दी के बीच लोह स्तंभ को दिल्ली में स्थापित किया गया था और उस समय दिल्ली में तोमर राजा अनंगपाल द्वितीय (1051-1081) था। वही लोह स्तंभ को दिल्ली में लाया था जिसका उल्लेख पृथ्वीराज रासो में भी किया है। जबकि फिरोजशाह तुगलक 13 शताब्दी मे दिल्ली का राजा था वो केसे 10 शताब्दी मे इसे ला सकता है। चंदरबरदाई की रचना पृथवीराज रासो में तोमर वंश राजा अनंगपाल को दिल्ली का संस्थापक बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि उसने ही 'लाल-कोट' का निर्माण करवाया था और लौह-स्तंभ दिल्ली लाया था। दिल्ली में तोमर वंश का शासनकाल 900-1200 इसवी तक माना जाता है। 'दिल्ली' या 'दिल्लिका' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम उदयपुर में प्राप्त शिलालेखों पर पाया गया, जिसका समय 1170 ईसवी निर्धारित किया गया। शायद 1316 ईसवी तक यह हरियाणा की राजधानी बन चुकी थी। 1206 इसवी के बाद दिल्ली सल्तनत की राजधानी बनी जिसमें खिलज़ी वंश, तुग़लक़ वंश, सैयद वंश और लोधी वंश समते कुछ अन्य वंशों ने शासन किया। .

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दिलीप ट्रॉफी

दिलीप ट्राफी (क्रिकेट) भारत की एक घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है। दिलीप ट्रॉफी में एक घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत की भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले टीमों के बीच भारत में खेला जाता है। प्रतियोगिता नवानगर के कुमार श्री दिलीपसिंहजी (भी "दिलीप" जाना जाता है) के नाम पर है। सेंट्रल जॉन मौजूदा चैंपियन हैं। .

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दक्षिण एशिया

thumb दक्षिण एशिया एक अनौपचारिक शब्दावली है जिसका प्रयोग एशिया महाद्वीप के दक्षिणी हिस्से के लिये किया जाता है। सामान्यतः इस शब्द से आशय हिमालय के दक्षिणवर्ती देशों से होता है जिनमें कुछ अन्य अगल-बगल के देश भी जोड़ लिये जाते हैं। भारत, पाकिस्तान, श्री लंका और बांग्लादेश को दक्षिण एशिया के देश या भारतीय उपमहाद्वीप के देश कहा जाता है जिसमें नेपाल और भूटान को भी शामिल कर लिया जाता है। कभी कभी इसमें अफगानिस्तान और म्याँमार को भी जोड़ लेते हैं। दक्षिण एशिया के देशों का एक संगठन सार्क भी है जिसके सदस्य देश निम्नवत हैं.

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दक्षिण एशियाई खेल

दक्षिण एशिया ओलम्पिक परिषद चिह्न दक्षिण एशियाई खेल (जिन्हें सैफ़ खेल या सैग और पूर्व में दक्षिण एशियाई संघ खेलों के नाम से भी जाना जाता था) द्वि-वार्षिक बहु-क्रीड़ा प्रतियोगिता है, जिसमें दक्षिण एशियाई खिलाड़ी प्रतिभागी होते हैं। इन खेलों का शासी निकाय दक्षिण एशियाई खेल परिषद है, जिसकी स्थापना १९८३ में हुई थी। वर्तमान में सैग के आठ सदस्य हैं अफ़्गानिस्तान, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, भूटान, मालदीव और श्रीलंका। प्रथम सैफ़ खेल १९८४ में काठमांडु, नेपाल में आयोजित हुए थे और तबसे ये खेल प्रति दो वर्षों के अन्तराल पर आयोजित होते हैं, केवल कुछ अवसरों को छोड़कर। २००४ में दक्षिण एशियाई खेल परिषद की ३२वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया की इन खेलों का नाम दक्षिण एशियाई संघ खेलों से बदलकर दक्षिण एशियाई खेल कर दिया जाए क्योंकि अधिकारियों का मानना था की संघ शब्द प्रतियोगिता पर कम बल दे रहा है और भीड़ आकर्षित करने में बाधक बन रहा है। इस खेलों को बहुधा दक्षिण एशिया ओलम्पिक खेलों के रूपान्तर के रूप में बढ़ाचढ़ा कर प्रस्तुत किया जाता है। .

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दक्षिण दमदम

दक्षिण दमदम कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर

दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर, भारत के सत्रह रेलवे जोन मुख्यालयों में से एक है जिसका मुख्यालय बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में स्थित है। इसके कार्यक्षेत्र में बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर मंडल आतें हैं। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर भारत के सभी १७ रेलवे जोनों में सबसे अधिक आय अर्जित करने वाला ज़ोन मुख्यालय है। इसके पूर्व बिलासपुर तथा रायपुर रेल मंडल दक्षिण-पूर्व रेलवे, कोलकता से संचालित होते थे तथा नागपुर मंडल मध्य रेलवे से.

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दक्षिण अफ़्रीका क्रिकेट टीम

दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टीमो में गीनी जाती है। .

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दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1991-92

1991-92 के मौसम में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने भारत का दौरा किया। यह दौरा महत्वपूर्ण था क्योंकि यह दक्षिण अफ्रीका की पहली आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला है क्योंकि 1970 में रंगभेद नीति के चलते खेल से निलंबन के बाद से उनका निलंबन था। इस दौरे में भारतीय राष्ट्रीय टीम के खिलाफ तीन एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैचों की श्रृंखला शामिल थी और दक्षिण अफ्रीका द्वारा खेली गई पहली आधिकारिक एकदिवसीय श्रृंखला थी। भारत ने श्रृंखला 2-1 से जीती, और श्रृंखला के पुरुष संजय मांजरेकर और दक्षिण अफ्रीका के केप्लर वेसल्स थे। .

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दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1996-97

दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने 1996-97 के क्रिकेट सीज़न के दौरान भारत का दौरा किया, तीन टेस्ट मैच और एक एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (वनडे) खेलें। यह दौरा भारत में दक्षिण अफ्रीका की दूसरी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला थी, 1991-92 में एक यात्रा के बाद, और उपमहाद्वीप पर भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच शामिल था। भारत ने पहले 1992-93 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था, टेस्ट श्रृंखला 0-1 से हार गए थे। दौरा टाइटन कप से शुरू हुआ, एक त्रिकोणीय एकदिवसीय टूर्नामेंट जिसमें 17 अक्टूबर 1996 को ऑस्ट्रेलिया शामिल था। दक्षिण अफ्रीका ने अपने सभी राउंड-रोबिन मैच जीता-भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन-तीन लेकिन फाइनल में भारत से हार गए। भारत के सचिन तेंदुलकर 320 रन के साथ टूर्नामेंट में अग्रणी रन-स्कोरर रहे। दक्षिण अफ्रीका के एलन डोनाल्ड 17 विकेट के साथ सर्वाधिक विकेट लेने वाले थे और उन्हें श्रृंखला पुरस्कार का खिलाड़ी मिला। भारत ने टेस्ट सीरीज जीती, पहली और तीसरे मैच जीती। हर्शल गिब्स, लांस क्लुसनर और वी वी एस लक्ष्मण सहित कई खिलाड़ी ने अपना टेस्ट डेब्यू बना दिया। लक्ष्मण ने पहली टेस्ट की दूसरी पारी में पचास रन बनाए और क्लाउसनर ने कोलकाता में दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 64 रनों के लिए आठ विकेट लिए। पहली बार किसी भी गेंदबाज के आंकड़े चौथे स्थान पर रहे। मोहम्मद अजहरुद्दीन को 77.60 के औसत से 388 रन बनाने के बाद मैन ऑफ द टेस्ट श्रृंखला का नाम दिया गया; जवागल श्रीनाथ सबसे सफल गेंदबाज थे, जो 20.94 के औसत से 17 विकेट लेते थे। दौरे के अंत में, दक्षिण अफ्रीका ने मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम में मोहिंदर अमरनाथ के लिए एक लाभ मैच में भारत को खेले। भारत ने वनडे में 74 रनों से हराया; तेंदुलकर ने 114 रन बनाए और मैच का पुरुष चुना गया। .

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दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2004-05

दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 2-मैच टेस्ट सीरीज़ के लिए 2004 में भारत का दौरा किया। भारत 1-0 से टेस्ट सीरीज़ जीता। .

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दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2005-06

दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम ने 2005-06 के सीजन में क्रिकेट मैचों के लिए भारत का दौरा किया। सभी मैच एक दिवसीय मैच थे, जिसमें पांच एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और हैदराबाद से टीम के खिलाफ एक टूर मैच था। दोनों पक्ष श्रृंखला जीत से बाहर आ रहे थे, भारत ने श्रीलंका को घर में 6-1 से हराया जबकि दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड पर 4-0 से जीत हासिल की थी। श्रृंखला से पहले, बीबीसी स्पोर्ट वेबसाइट का एक पूर्वावलोकन था जिसने तर्क दिया कि भारत और दक्षिण अफ्रीका विश्व चैंपियंस की रक्षा के रूप में "ऑस्ट्रेलिया के मुकुट के लिए अधिक गंभीर चुनौती" थे, और यह कि "कुछ गंभीरता से अच्छे क्रिकेट के लिए हो सकता है" यह एक करीबी श्रृंखला थी - किसी भी दर पर दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला में दो बार लीड पर कब्जा कर लिया था, लेकिन वह नहीं रोक सके और एमए ए चिदंबरम स्टेडियम में तीसरे एकदिवसीय मैच में बारिश हुई, श्रृंखला 2-2 से बनी थी। मैन ऑफ द सीरीज़ पुरस्कार भी दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ और भारत के युवराज सिंह के बीच साझा किया गया, जिन्होंने 209 रनों के साथ अपनी टीम की बल्लेबाजी औसत में शीर्ष पर रहा। गेंदबाजी की ओर से, शॉन पोलॉक ने सात विकेट और नौ मैडन ओवरों के साथ योगदान दिया, लेकिन अंतिम ओडीआई में 5.5 एक ओवर के लिए गया, जब भारत 50 ओवर में जीत के लिए 222 रन बना। .

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दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2009-10

दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए भारत का दौरा किया और फरवरी 2010 में तीन मैचों की एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला (वनडे) का दौरा किया। .

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दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2015-16

दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने 29 सितंबर से 7 दिसंबर 2015 तक भारत का दौरा किया। इस दौरे में चार टेस्ट मैच, पांच एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (वनडे) और तीन ट्वेंटी-20 इंटरनेशनल (टी20ई) मैच शामिल थे। यह पहली बार था कि भारत में दो देशों के बीच चार मैचों की एक टेस्ट सीरीज़ खेली गई है और पहली बार दक्षिण अफ्रीका ने भारत में भारत के खिलाफ टी20ई मैच खेला था। भारत ने टेस्ट श्रृंखला जीती जबकि दक्षिण अफ्रीका ने एकदिवसीय और टी20ई श्रृंखला दोनों जीती। इस श्रृंखला के साथ, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सभी द्विपक्षीय यात्राओं को महात्मा गांधी-नेल्सन मंडेला श्रृंखला बुलाया गया था, जिनके साथ ही फ़्रीडम ट्रॉफी के लिए खेल रहे टीमों के साथ। .

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दक्षिण २४ परगना जिला

दक्षिण २४ परगना जिला (দক্ষিণ চব্বিশ পরগণা জেলা) पश्चिम बंगाल का एक जिला है। इसका मुख्यालय अलीपुर में है। इसके एक ओर कोलकाता का शहरी क्षेत्र है, तो दूसरी ओर सुंदरवन के नदियों की बहुतायत वाले गांव हैं। कृषि, उद्योग एवं मत्स्य-उद्योग यहां के मुख्य उद्योग हैं। सुंदरवन में घने जंगल एवं खारे पानी की दलदल के मैन्ग्रोव वन हैं, जो गंगा नदी के डेल्टा २६० कि॰मी॰ (१६० मील) में फ़ैले हैं। श्रेणी:पश्चिम बंगाल के जिले श्रेणी:गंगा नदी श्रेणी:सुंदरवन.

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दक्षिणपूर्व रेलवे (भारत)

दक्षिणपूर्व रेलवे भारतीय रेल की एक इकाई है। इसे लघुरूप में दपूरे कहा जाता है। इसकी स्थापना 1955 में हुई थी। इसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। .

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दक्षिणेश्वर

दक्षिणेश्वर या दख्खिनेश्वर(দক্ষিণেশ্বর; दॊख्खिनॆश्शॉर), पश्चिम बंगाल के उत्तर २४ परगना जिला में हुगली नदी के किनारे अवस्थित कोलकाता महानगर के उत्तरी भाग में, बैरकपुर पौरसभा के अन्तर्गत एक क्षेत्र है। इसे सबसे विशेष रूपसे दक्षिणेश्वर काली मन्दिर के लिए जाना जाता है, जोकि जानबाजार की नवजागरण काल की ज़मीन्दार, रानी रासमणि द्वारा निर्मित एक आध्यात्मिक व ऐतिहासिक महत्व वाला काली मन्दिर है। यह मन्दिर, दार्शनिक व धर्मगुरु, स्वामी रामकृष्ण परमहंस की कर्मभूमि भी था, जोकि स्वामी विवेकानन्द के आध्यात्मिक गुरु थे। यह क्षेत्र बैरकपुर उपविभाग के बेलघड़िया थाने के अन्तर्गत आता है। दक्षिणेश्वर काली मंदिर के अलावा, अद्यापीठ मन्दिर व मठ भी यहाँ अवस्थित है। .

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दक्षिणेश्वर काली मन्दिर

दक्षिणेश्वर काली मन्दिर(দক্ষিণেশ্বর কালীবাড়ি; उच्चारण:दॊख्खिनॆश्शॉर कालिबाड़ी), उत्तर कोलकाता में, बैरकपुर में, विवेकानन्द सेतु के कोलकाता छोर के निकट, हुगली नदी के किनारे स्थित एक ऐतिहासिक हिन्दू मन्दिर है। इस मंदिर की मुख्य देवी, भवतारिणी है, जोकि मान्यतानुसार हिन्दू देवी काली का एक रूप है। यह कलकत्ता के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, और कई मायनों में, कालीघाट मन्दिर के बाद, सबसे प्रसिद्ध काली मंदिर है। इसे वर्ष १८५४ में जान बाजार की रानी रासमणि ने बनवाया था। यह मन्दिर, प्रख्यात दार्शनिक एवं धर्मगुरु, स्वामी रामकृष्ण परमहंस की कर्मभूमि रही है, जोकि बंगाली अथवा हिन्दू नवजागरण के प्रमुख सूत्रधारों में से एक, दार्शनिक, धर्मगुरु, तथा रामकृष्ण मिशन के संस्थापक, स्वामी विवेकानंद के गुरु थे। वर्ष १८५७-६८ के बीच, स्वामी रामकृष्ण इस मंदिर के प्रधान पुरोहित रहे। तत्पश्चात उन्होंने इस मन्दिर को ही अपना साधनास्थली बना लिया। कई मायनों में, इस मन्दिर की प्रतिष्ठा और ख्याति का प्रमुख कारण है, स्वामी रामकृष्ण परमहंस से इसका जुड़ाव। मंदिर के मुख्य प्रांगण के उत्तर पश्चिमी कोने में रामकृष्ण परमहंस का कक्ष आज भी उनकी ऐतिहासिक स्मृतिक के रूप में संरक्षित करके रखा गया है, जिसमें श्रद्धालु व अन्य आगन्तुक प्रवेश कर सकते हैं। .

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दुर्गा भाभी

अंगूठाकार दुर्गा भाभी भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रान्तिकारियों की प्रमुख सहयोगी थीं। १८ दिसम्बर १९२८ को भगत सिंह ने इन्ही दुर्गा भाभी के साथ वेश बदल कर कलकत्ता-मेल से यात्रा की थी। दुर्गाभाभी क्रांतिकारी भगवती चरण बोहरा की धर्मपत्नी थीं। .

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दुर्गाप्रसाद मिश्र

दुर्गाप्रसाद मिश्र (31 अक्टूबर 1860 -1910) हिन्दी के पत्रकार थे। 19वीं सदी की हिंदी पत्रकारिता में दुर्गाप्रसाद मिश्र का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। वे हिंदी के ऐसे पत्रकार रहे हैं जिन्हें हिंदी पत्रकारिता के जन्मदाताओं एवं प्रचारकों में शुमार किया जाता है। हिंदी पत्रकारिता को क्रांति एवं राष्ट्रहित के मार्ग पर ले जाने के लिए अनेकों पत्रकारों ने अहोरात्र संघर्ष किया। पं॰ दुर्गाप्रसाद मिश्र ऐसे ही पत्रकार थे। .

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दुलियाजान

दुलियाजान (असमिया:দুলীয়াজান) भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम के सुदूर पूर्व में बसा एक औद्योगिक नगरी है.

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देबश्री राय

देबश्री राय एक भारतीय अभिनेत्री, नर्तक, कोरियोग्राफर, राजनेता और पशु अधिकार कार्यकर्ता हैं। एक अभिनेत्री के रूप में, उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा में अभिनय किया है। उन्हें बंगाली वाणिज्यिक सिनेमा की शाही रानी के रूप में उद्धृत किया गया है। उन्होंने सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और ४० से भी अधिक पुरस्कार जीते, जिसमें राष्ट्रीय पुरस्कार, तीन बीएफजेए पुरस्कार, पांच कलाकार पुरस्कार और आनंदलोक पुरस्कार शामिल हैं। उन्होए कुछ तमिल फिल्मो में भी अभिनय किया है। एक नर्तक के रूप में, वह भारतीय लोक नृत्य के विभिन्न रूपों के अपने मंच अनुकूलन के लिए जानी जाती है। वह नटराज नृत्य मंडल के निर्माता, कोरियोग्राफर और प्रेरक भी हैं। वह देबासरी रॉय फाउंडेशन की संस्थापक हैं, जो एक गैर-लाभकारी संगठन जो भटक ​​गए जानवरों के लिए काम करता है। रॉय रायदीघी निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा की सदस्य है २०११ से। जब वह १२ साल की थी तब उन्होंने पहेली बार अभिनय किया और फेर कई फिल्मो में कम किया जैसे की तरुण मजूमदार की बंगाली फिल्म कुहेली (१९७१) में। उनकी पहली फिल्म अरबिंदा मुखोपाध्याय की बंगाली फिल्म नदी थेके सागर (१९७८) थी। उन्होंने हिंदी फिल्मो की शुरवात कनक मिश्रा की जियो तो ऐस जियो (१९८१)। फिर और भी हिंदी फिल्मे की जैसे की बुरा आदमी (१९८२), जस्टिस चौधरी (१९८३), फूलवारी (१९८४), कभी अजनबी थे (१९८५) और सीपीयान (१९८६)। गौतम मुखर्जी की प्रेम त्रिकोण फिल्म ट्रॉय (१९८२) में मिथुन चक्रवर्ती के विपरीत अभिनय के बाद वह काफी प्रसिद्ध हुई। .

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देशी प्रेस अधिनियम

अंग्रेज सरकार द्वारा भारत में सन् १८७८ में देशी प्रेस अधिनियम (Vernacular Press Act) पारित किया गया ताकि भारतीय भाषाओं के पत्र-पत्रिकाओं पर और कड़ा नियंत्रण रखा जा सके। उस समय लॉर्ड लिट्टन भारत का गवर्नर जनरल और वाइसराय था। इस अधिनियम में पत्र-पत्रिकाओं में ऐसी सामग्री छापने पर कड़ी कार्वाई का प्रावधान था जिससे जनता में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध असंतोष पनपने की सम्भावना हो। वस्तुतः यह कानून भाषाई समाचार-पत्रों को दबाने के लिए लाया गया था। देशी प्रेस अधिनियम पारित होने के अगले दिन ही कोलकाता से बंगला में प्रकाशित अमृत बाजार पत्रिका ने अपने को 'अंग्रेजी दैनिक' पत्र बना दिया। इसके सम्पादक शिषिर कुमार घोष थे। इस अधिनियम के अन्तर्गत सैकड़ों देशी पत्र-पत्रिकाएँ ज़प्त कर ली गयीं। प्रेसों में ताले डाल दिए गए। स्वदेशवासियों में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के लिए साहित्यकार बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय (1838-1894) ‘आनन्द मठ’ का वन्देमातरम् लेकर आए जो ब्रिटिश शासकों के कोप का कारण बना। मुसलमानों को उकसाकर ‘आनन्दमठ’ की ढेरों प्रतियाँ जला दी गईं (एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका: रमेशचन्द्र दत्त)। वर्नाकुलर प्रेस एक्ट बहुत बदनाम हुआ तथा इंग्लैंड में सत्ता परिवर्तन के बाद १८८१ में रद्द कर दिया गया और १८६७ वाले पुराने कानून को ही जारी रखा गया। श्रेणी:भारत के अधिनियम श्रेणी:भारत का इतिहास.

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देहरादून जिला

यह लेख देहरादून जिले के विषय में है। नगर हेतु देखें देहरादून। देहरादून, भारत के उत्तराखंड राज्य की राजधानी है इसका मुख्यालय देहरादून नगर में है। इस जिले में ६ तहसीलें, ६ सामुदायिक विकास खंड, १७ शहर और ७६४ आबाद गाँव हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ १८ गाँव ऐसे भी हैं जहाँ कोई नहीं रहता। देश की राजधानी से २३० किलोमीटर दूर स्थित इस नगर का गौरवशाली पौराणिक इतिहास है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह नगर अनेक प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों के कारण भी जाना जाता है। यहाँ तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग, सर्वे ऑफ इंडिया, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान आदि जैसे कई राष्ट्रीय संस्थान स्थित हैं। देहरादून में वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय राष्ट्रीय मिलिटरी कालेज और इंडियन मिलिटरी एकेडमी जैसे कई शिक्षण संस्थान हैं। यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। अपनी सुंदर दृश्यवाली के कारण देहरादून पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और विभिन्न क्षेत्र के उत्साही व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। विशिष्ट बासमती चावल, चाय और लीची के बाग इसकी प्रसिद्धि को और बढ़ाते हैं तथा शहर को सुंदरता प्रदान करते हैं। देहरादून दो शब्दों देहरा और दून से मिलकर बना है। इसमें देहरा शब्द को डेरा का अपभ्रंश माना गया है। जब सिख गुरु हर राय के पुत्र रामराय इस क्षेत्र में आए तो अपने तथा अनुयायियों के रहने के लिए उन्होंने यहाँ अपना डेरा स्थापित किया। www.sikhiwiki.org.

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देवघर

देवघर भारत के झारखंड राज्य का एक शहर है। देवघर का मुख्य बाजार सिमरा है।यह शहर हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थ-स्थल है। इस शहर को बाबाधाम नाम से भी जाना जाता है क्योंकि शिव पुराण में देवघर को बारह जोतिर्लिंगों में से एक माना गया है। यहाँ भगवान शिव का एक अत्यंत प्राचीन मंदिर स्थित है। हर सावन में यहाँ लाखों शिव भक्तों की भीड़ उमड़ती है जो देश के विभिन्न हिस्सों सहित विदेशों से भी यहाँ आते हैं। इन भक्तों को काँवरिया कहा जाता है। ये शिव भक्त बिहार में सुल्तानगंज से गंगा नदी से गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर देवघर में भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं। झारखंड कुछ प्रमुख तीर्थस्थानों का केंद्र है जिनका ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इन्हीं में से एक स्थान है देवघर। यह स्थान संथाल परगना के अंतर्गत आता है। देवघर शांति और भाईचारे का प्रतीक है। यह एक प्रसिद्ध हेल्थ रिजॉर्ट है। लेकिन इसकी पहचान हिंदु तीर्थस्थान के रूप में की जाती है। यहां बाबा बैद्यनाथ का ऐतिहासिक मंदिर है जो भारत के बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। माना जाता है कि भगवान शिव को लंका ले जाने के दौरान उनकी स्थापना यहां हुई थी। प्रतिवर्ष श्रावण मास में श्रद्धालु 100 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा करके सुल्तानगंज से पवित्र जल लाते हैं जिससे बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक किया जाता है। देवघर की यह यात्रा बासुकीनाथ के दर्शन के साथ सम्पन्न होती है। बैद्यनाथ धाम के अलावा भी यहां कई मंदिर और पर्वत हैं जहां दर्शन कर अपनी इच्छापूर्ति की कामना की जा सकती है। .

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देवेन्द्रनाथ ठाकुर

देवेन्द्रनाथ ठाकुर शान्तिनिकेतन में देवेन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा १८६३ में निर्मित '''उपासना गृह''' देवेन्द्रनाथ ठाकुर (15 मई 1817 – 19 जनवरी 1905) हिन्दू दार्शनिक, ब्रह्मसमाजी तथा धर्मसुधारक थे। १८४८ में ब्रह्म समाज के संस्थापकों में से एक थे। .

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देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र

इंदौर विमानक्षेत्र इंदौर में स्थित है। इसका ICAO कोडहै VAID और IATA कोड है IDR। यह एक नागरिक हवाई अड्डा है। यहां कस्टम्स विभाग उपस्थित नहीं है। इसका रनवे पेव्ड है। इसकी प्रणाली यांत्रिक हाँ है। इसकी उड़ान पट्टी की लंबाई 7500 फी.

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दो बीघा ज़मीन (1953 फ़िल्म)

दो बीघा ज़मीन 1953 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। .

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दोस्त मुहम्मद ख़ान

दोस्त मोहम्मद खान (पश्तो: दोस्त मोहम्मद खान, 23 दिसंबर 1793 - 1863) 9 जून प्रथम आंग्ल-अफगान दौरान बारक़ज़ई वंश का संस्थापक और अफगानिस्तान के प्रमुख शासकों में से एक था।826-1839 अफगानिस्तान के अमीर बन गया और दुर्रानी वंश के पतन के साथ, वह 1845 से 1863 तक अफ़ग़ानिस्तान पर शासन किया। वह सरदार पाइंदा खान (बरक़ज़ई जनजाति के प्रमुख) का 11 वां बेटा था जो जमान शाह दुर्रानी से 1799 में मारा गया था। दोस्त मोहम्मद के दादा हाजी जमाल खान था। अफ़ग़ानों और अंग्रेजों की पहली लड़ाई के बाद उसे कलकत्ता निर्वासित कर दिया गया था लेकिन शाह शुजा की हत्या के बाद, 1842 में ब्रिटिश उसे अफ़ग़ानिस्तान का अमीर बना गए। उसने पंजाब के रणजीत सिंह से भी लोहा लिया। .

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दीपक पुरी

दीपक पुरी (Deepak Puri) मोजर बेयर के संस्थापक, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। मोजर बेयर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑप्टिकल स्टोरेज मीडिया निर्माता कंपनी हैं। पुरी ने शुरू में तेल कंपनी ईएसएसओ के साथ जूनियर कार्यकारी के रूप में काम किया था - 1962 में कोलकाता में, और बाद में शालीमार पेंट्स के साथ। 1964 में, पुरी ने अपनी पहली कंपनी, कलकत्ता में धातु उद्योग, एल्यूमीनियम के तारों और फर्नीचर के कारोबार शुरू किया था। दो साल बाद, उन्होने कारोबार को विनिर्माण के रूप का रूप दे दिया। कलकत्ता में श्रम मुद्दों के कारण, उन्होंने 1983 में नई दिल्ली में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। जहां उन्होंने स्विटज़रलैंड स्थित मोजर बेयर के साथ मोजर बेयर इंडिया के संयुक्त उपक्रम को शुरू किया था। पुरी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ की बहन नीता पुरी से शादी की है और उनका एक बेटा रातुल है। नीता और रतुल दोनों ही मोजर बेयर का हिस्सा हैं। .

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दीक्षा सेठ

दीक्षा सेठ एक भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री हैं। इन्होने बॉलीवुड फ़िल्म लेकर हम दीवाना दिल में 2014 में कार्य किया था। .

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धनञ्जय भट्टाचार्य

धनञ्जय भट्टाचार्य (Dhananjay Bhattacharya) बेहतरीन आधुनिक बंगाली गायकों में से एक थे। वह एक महान बहुमुखी श्याम संगीत गायक भी थे। वह अपने भाई पन्नालाल भट्टाचार्य से आठ साल बड़े थे। उन्होंने नदियां थॉम्पसन स्कूल, बल्ली, हावड़ा में अध्ययन किया। .

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धनबाद

धनबाद भारत के झारखंड में स्थित एक शहर है जो कोयले की खानों के लिये मशहूर है। यह शहर भारत में कोयला व खनन में सबसे अमीर है। पुर्व मैं यह मानभुम जिला के अधीन था। यहां कई ख्याति प्राप्त औद्योगिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संस्थान हैं। यह नगर कोयला खनन के क्षेत्र में भारत में सबसे प्रसिद्ध है। कई ख्याति प्राप्त औद्योगिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संसथान यहाँ पाए जाते हैं। यहां का वाणिज्य बहुत व्यापक है। झारखंड में स्थित धनबाद को भारत की कोयला राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर कोयले की अनेक खदानें देखी जा सकती हैं। कोयले के अलावा इन खदानों में विभिन्न प्रकार के खनिज भी पाए जाते हैं। खदानों के लिए धनबाद पूरे विश्‍व में प्रसिद्ध है। यह खदानें धनबाद की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पर्यटन के लिहाज से भी यह खदानें काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पर्यटक बड़ी संख्या में इन खदानों को देखने आते हैं। खदानों के अलावा भी यहां पर अनेक पर्यटक स्थल हैं जो पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं। इसके प्रमुख पर्यटक स्थलों में पानर्रा, चारक, तोपचांची और मैथन प्रमुख हैं। पर्यटकों को यह पर्यटक स्थल और खदानें बहुत पसंद आती है और वह इनके खूबसूरत दृश्यों को अपने कैमरों में कैद करके ले जाते हैं। कम्बाइन्ड बिल्डिंग चौक .

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धरमतला

धरमतला कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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धीरूभाई अंबानी

धीरजलाल हीरालाल अंबानी (२८ दिसम्बर, १९३३, - ६ जुलाई, २००२) जिन्हें धीरुभाई भी कहा जाता है) भारत के एक चिथड़े से धनी व्यावसायिक टाइकून बनने की कहानी है जिन्होनें रिलायंस उद्योग की स्थापना मुम्बई में अपने चचेरे भाई के साथ की। कई लोग अंबानी के अभूतपूर्व/उल्लेखनीय विकास के लिए अन्तरंग पूंजीवाद और सत्तारूढ़ राजनीतिज्ञों तक उनकी पहुँच को मानते हैं क्योंकि ये उपलब्धि अति दमनकारी व्यावसायिक वातावरण में पसंदीदा वर्ताव द्वारा प्राप्त की गई थी। (लाइसेंस राज ने भारतीयों को दबाया। १९९० तक भारतीय व्यवसाय का गला घोंट दिया और उन्हीं को राजनीतिज्ञों ने लाइसेंस प्रदत्त किया जो की उनके इष्ट थे, जिसने प्रतियोगिता के कोई आसार नहीं छोड़े)। अंबानी ने अपनी कंपनी रिलायंस को १९७७ में सार्वजानिक क्षेत्र में सम्मिलित किया और २००७ तक परिवार (बेटे अनिल और मुकेश) की सयुंक्त धनराशी १०० अरब डॉलर थी, जिसने अम्बानियों को विश्व के धनी परिवारों में से एक बना दिया। .

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नदियों पर बसे भारतीय शहर

नदियों के तट पर बसे भारतीय शहरों की सूची श्रेणी:भारत के नगर.

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ननि बाला देवी

ननिबाला देवी (1888 - 1967), भारत की एक प्रसिद्ध क्रांतिकारी थीं। बीसवीं सदी के दूसरे दशक में वे कलकत्ता, चन्द्रनगर व चटगाँव आदि नगरों में क्रांतिकारियों को आश्रय देने, उनके अस्त्र-शस्त्र रखने एवं गुप्तचर पुलिस को चकमा देने के कारण प्रसिद्ध हो गई थीं। बाद में वे 1917 ई. में फरार होकर पेशावर चली गई। परन्तु शीघ्र ही वहाँ वे गिरफ्तार कर ली गईं। .

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नमन शॉ

नमन शॉ एक भारतीय अभिनेता है। इन्होने सोनी पल पर प्रसारित धारावाहिक खुशियों की गुल्लक आशी में विशेष दूबे का मुख्य किरदार निभाया है। .

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नरगिस (अभिनेत्री)

नरगिस दत्त (१ जून १९२८ – ३ मई १९८१), जन्म नाम फ़ातिमा रशिद लेकिन बाद में नाम परिवर्तित कर दिया गया था। इनका जन्म कोलकाता,पश्चिम बंगाल में हुआ था। List of Nominated members, Rajya Sabha Official website.ये एक भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं जिन्होंने हिन्दी फ़िल्म अभिनेता सुनील दत्त से शादी की थी। इन्होंने अपने फ़िल्मी सफर की शुरुआत बचपन तलाश-ए-हक़ (१९३५) में ही कर दी थी लेकिन इन्होंने एक्टिंग करनी १९४२ में तमन्ना फ़िल्म से शुरू की थी। १९५७ की मदर इंडिया फ़िल्म के लिए इनको एकेडमी अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया था साथ ही इस फ़िल्म के लिए इन्हें सबसे अच्छी फ़िल्म अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी दिया गया था। इसके बाद इन्हें १९६७ में बनी रात और दिन फ़िल्म के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित की गई थीं। .

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नरेन्द्र मोदी

नरेन्द्र दामोदरदास मोदी (નરેંદ્ર દામોદરદાસ મોદી Narendra Damodardas Modi; जन्म: 17 सितम्बर 1950) भारत के वर्तमान प्रधानमन्त्री हैं। भारत के राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमन्त्री पद की शपथ दिलायी। वे स्वतन्त्र भारत के 15वें प्रधानमन्त्री हैं तथा इस पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं। वडनगर के एक गुजराती परिवार में पैदा हुए, मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की, और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया। आठ साल की उम्र में वे आरएसएस से  जुड़े, जिसके साथ एक लंबे समय तक सम्बंधित रहे । स्नातक होने के बाद उन्होंने अपने घर छोड़ दिया। मोदी ने दो साल तक भारत भर में यात्रा की, और कई धार्मिक केंद्रों का दौरा किया। गुजरात लौटने के बाद और 1969 या 1970 में अहमदाबाद चले गए। 1971 में वह आरएसएस के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। 1975  में देश भर में आपातकाल की स्थिति के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए छिपना पड़ा। 1985 में वे बीजेपी से जुड़े और 2001 तक पार्टी पदानुक्रम के भीतर कई पदों पर कार्य किया, जहाँ से वे धीरे धीरे वे सचिव के पद पर पहुंचे।   गुजरात भूकंप २००१, (भुज में भूकंप) के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और ख़राब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। मोदी जल्द ही विधायी विधानसभा के लिए चुने गए। 2002 के गुजरात दंगों में उनके प्रशासन को कठोर माना गया है, की आलोचना भी हुई।  हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) को अभियोजन पक्ष की कार्यवाही शुरू करने के लिए कोई है। मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी नीतियों को आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए । उनके नेतृत्व में भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और 282 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। एक सांसद के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी एवं अपने गृहराज्य गुजरात के वडोदरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों जगह से जीत दर्ज़ की। इससे पूर्व वे गुजरात राज्य के 14वें मुख्यमन्त्री रहे। उन्हें उनके काम के कारण गुजरात की जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) मुख्यमन्त्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं।। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर भी वे सबसे ज्यादा फॉलोअर वाले भारतीय नेता हैं। उन्हें 'नमो' नाम से भी जाना जाता है। टाइम पत्रिका ने मोदी को पर्सन ऑफ़ द ईयर 2013 के 42 उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया है। अटल बिहारी वाजपेयी की तरह नरेन्द्र मोदी एक राजनेता और कवि हैं। वे गुजराती भाषा के अलावा हिन्दी में भी देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएँ लिखते हैं। .

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नरेंद्रपुर

नरेंद्रपुर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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नालापत बालमणि अम्मा

नालापत बालमणि अम्मा (मलयालम: എൻ. ബാലാമണിയമ്മ; 19 जुलाई 1909 – 29 सितम्बर 2004) भारत से मलयालम भाषा की प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक थीं। वे हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक महादेवी वर्मा की समकालीन थीं। उन्होंने 500 से अधिक कविताएँ लिखीं। उनकी गणना बीसवीं शताब्दी की चर्चित व प्रतिष्ठित मलयालम कवयित्रियों में की जाती है। उनकी रचनाएँ एक ऐसे अनुभूति मंडल का साक्षात्कार कराती हैं जो मलयालम में अदृष्टपूर्व है। आधुनिक मलयालम की सबसे सशक्त कवयित्रियों में से एक होने के कारण उन्हें मलयालम साहित्य की दादी कहा जाता है। अम्मा के साहित्य और जीवन पर गांधी जी के विचारों और आदर्शों का स्पष्ट प्रभाव रहा। उनकी प्रमुख कृतियों में अम्मा, मुथास्सी, मज़्हुवींट कथाआदि हैं। उन्होंने मलयालम कविता में उस कोमल शब्दावली का विकास किया जो अभी तक केवल संस्कृत में ही संभव मानी जाती थी। इसके लिए उन्होंने अपने समय के अनुकूल संस्कृत के कोमल शब्दों को चुनकर मलयालम का जामा पहनाया। उनकी कविताओं का नाद-सौंदर्य और पैनी उक्तियों की व्यंजना शैली अन्यत्र दुर्लभ है। वे प्रतिभावान कवयित्री के साथ-साथ बाल कथा लेखिका और सृजनात्मक अनुवादक भी थीं। अपने पति वी॰एम॰ नायर के साथ मिलकर उन्होने अपनी कई कृतियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। अम्मा मलयालम भाषा के प्रखर लेखक एन॰ नारायण मेनन की भांजी थी। उनसे प्राप्त शिक्षा-दीक्षा और उनकी लिखी पुस्तकों का अम्मा पर गहरा प्रभाव पड़ा था। अपने मामा से प्राप्त प्रेरणा ने उन्हें एक कुशल कवयित्री बनने में मदद की। नालापत हाउस की आलमारियों से प्राप्त पुस्तक चयन के क्रम में उन्हें मलयालम भाषा के महान कवि वी॰ नारायण मेनन की पुस्तकों से परिचित होने का अवसर मिला। उनकी शैली और सृजनधर्मिता से वे इस तरह प्रभावित हुई कि देखते ही देखते वे अम्मा के प्रिय कवि बन गए। अँग्रेजी भाषा की भारतीय लेखिका कमला दास उनकी सुपुत्री थीं, जिनके लेखन पर उनका खासा असर पड़ा था। अम्मा को मलयालम साहित्य के सभी महत्त्वपूर्ण पुरस्कार प्राप्त करने का गौरव प्राप्त है। गत शताब्दी की सर्वाधिक लोकप्रिय मलयालम महिला साहित्यकार के रूप में वे जीवन भर पूजनीय बनी रहीं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, सरस्वती सम्मान और 'एज्हुथाचन पुरस्कार' सहित कई उल्लेखनीय पुरस्कार व सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें 1987 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से अलंकृत किया गया। वर्ष 2009, उनकी जन्म शताब्दी के रूप में मनाया गया। .

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नासिर जमशेद

नासिर जमशेद (Nasir Jamshed) (ناصر جمشید; जन्म ०६ दिसम्बर १९८९) एक क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर है जो पाकिस्तान क्रिकेट टीम की ओर से टेस्ट क्रिकेट,एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और ट्वेन्टी - ट्वेन्टी क्रिकेट खेलते है। नासिर जमशेद बांए हाथ के एक शुरुआती क्रम के बल्लेबाज है यानी टीम के ओपनर बल्लेबाज है। .

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नासिकेतोपाख्यान

नासिकेतोपाख्यान की रचना सदल मिश्र ने १८०३ ई. में किया है। इसकी भाषा संस्कृतनिष्ठ है। सदल मिश्र उन दिनों कलकत्ता के फोर्ट विलियम कॉलेज में कार्यरत थे। यह पुस्तक भी पाठ्यपुस्तकों के अभाव की पूर्ति की गिलक्राइस्ट की कोशिशों का परिणाम था। 'नासिकेतोपाख्यान' में नचिकेता ऋषि की कथा है। इसका मूल यजुर्वेद में तथा कथारूप में विस्तार कठोपनिषद् एवं पुराणों में मिलता है। कठोपनिषद् में ब्रह्मज्ञान निरूपण के लिये इस कथा का उपयोग किया गया है। अपने स्वतंत्र अनुवाद में मिश्र जी ने ब्रह्मज्ञान निरूपण को इतनी प्रधानता नहीं दी जितनी घटनाओं के कौतूहलपूर्ण वर्णन को। पुस्तक के शीर्षक को आकर्षक रूप देने के लिये उन्होंने 'चंद्रावली' नाम रखा। यह आख्यानमूलक गद्य-कृति है। इसमें महाराज रघु की पुत्री चंद्रावती और उनके पुत्र 'नासिकेत' का पौराणिक आख्यान वर्णित है। 'नासिकेत' की कथा यजुर्वेद कठोपनिषद और पुराणों में वर्णित है। .

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नागपुर

नागपुर (अंग्रेज़ी: Nagpur, मराठी: नागपूर) महाराष्ट्र राज्य का एक प्रमुख शहर है। नागपुर भारत के मध्य में स्थित है। महाराष्ट्र की इस उपराजधानी की जनसंख्या २४ लाख (१९९८ जनगणना के अनुसार) है। नागपुर भारत का १३वा व विश्व का ११४ वां सबसे बड़ा शहर हैं। यह नगर संतरों के लिये काफी मशहूर है। इसलिए इसे लोग संतरों की नगरी भी कहते हैं। हाल ही में इस शहर को देश के सबसे स्वच्छ व सुदंर शहर का इनाम मिला है। नागपुर भारत देश का दूसरे नंबर का ग्रीनेस्ट (हरित शहर) शहर माना जाता है। बढ़ते इन्फ्रास्ट्रकचर की वजह से नागपुर की गिनती जल्द ही महानगरों में की जायेगी। नागपुर, एक जिला है व ऐतिहासिक विदर्भ (पूर्व महाराष्ट्र का भाग) का एक प्रमुख शहर भी। नागपुर शहर की स्थापना गोण्ड राज्य ने की थी। फिर वह राजा भोसले के उपरान्त मराठा साम्राज्य में शामिल हो गया। १९वी सदी मैं अंग्रेज़ी हुकुमत ने उसे मध्य प्रान्त व बेरार की राजधानी बना दिया। आज़ादी के बाद राज्य पुनर्रचना ने नागपुर को महाराष्ट्र की उपराजधानी बना दिया। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसी राष्ट्रवादी संघटनाओ का एक प्रमुख केंद्र है। .

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नागरिक उड्डयन

सेना द्वारा संचालित उड़ानों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की उड़ानों को नागरिक उड्डयन (Civil aviation) के ही अंतर्गत माना गया है। इसमें जो कार्य व्यवहार में आते हैं वे ये हैं: यात्रियों का व्यावसायिक यातायात, माल और डाक, व्यापार या शौक के लिए निजी हैसियत से की गई उड़ानें तथा सरकारी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया गया इसका उपयोग। .

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निवेदिता सेतु

निवेदिता सेतु, (जिसे तीसरी हुगली पुल या दूसरा बाली ब्रिज भी कहा जाता है) पश्चिम बंगाल में कोलकाता महानगर क्षेत्र में हुगली नदी पर निर्मित एक केबल-युक्त पुल है, जो उत्तर हावड़ा के बाली क्षेत्र को बैरकपुर नगर के दक्षिणेश्वर क्षेत्र से जोड़ती है। इसे मुख्यतः दिल्ली और कोलकाता को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग २ को उठाने और काफी पुराने हो चुके विवेकानन्द सेतु के पुनर्स्थापन के रूप में बनाया गया है। यह पुरानी विवेकानंद सेतु के लगभग ५० मीटर नीचे की तरफ चलता है। इस पुल का नाम स्वामी विवेकानंद के शिष्य और नवजागरण काल की सामाजिक कार्यकर्ता सिस्टर निवेदिता के नाम पर रखा गया है। यह दुर्गापुर गतिमार्ग(रारा-२) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-६ और २ के मिलान बिंदु को राष्ट्रीय राजमार्ग-३४,३५, दमदम हवाई अड्डे और उत्तर कोलकाता के अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाले बेलघरिया गतिमार्ग से जोड़ता है। इस पुल को प्रतिदिन ४८,००० वाहनों का बोझ ढोने के लिए डिज़ाइन किया गया है। .

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निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम

निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (निबीप्रगानि / Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) भारत का एक सार्वजनिक प्राधिकरण है। यह भारतीय रिज़र्व बैंक की सम्पूर्ण स्वामित्व वाला सहयोगी संगठन है। यह परिसमापनाधीन बीमाकृत बैंकों के जमाकर्तांओं के दावों के निपटान से संबंधित कार्यपध्दति में अतिरिक्त आशोधन करता है। निगम का प्रधान कार्याल मुंबई में है। एक कार्यपालक निदेशक/मुख्य महाप्रबंधक इसके वरिष्ठ अधिकारियों के समग्र दैनंदिन कार्यों के लिए प्रभारी अधिकारी है। निगम की चार शाखाएं हैं - कोलकाता, चेन्नई, नागपुर और नई दिल्ली। इनमें से कोलकाता, चेन्नई और नागपुर स्थित शाखाएं 30 नवम्बर 2006 से बंद कर दी गयी है चूंकि लगभग सभी बैंकों ने ऋण गारंटी योजना से बाहर निकल गए और कई लंबित दावों का निपटान कर दिया गया। जबकि, इन तीनों शखाओं के प्रमुख कार्य मदों को निगम के मुख्य कार्यालय द्वारा किया जा रहा है कुछ अवशेष कार्य मद निबीप्रगानि के कक्ष के पास हैं जिन्हें विशेष रूप से भारत्यी रिज़र्व बैंक के ग्रामीण आयोजना और ऋण गारंटी निगम के संबंधित केंद्रों में स्थापित किया गया है। .

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नई दिल्ली

नई दिल्ली भारत की राजधानी है। यह भारत सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के केंद्र के रूप में कार्य करता है। नई दिल्ली दिल्ली महानगर के भीतर स्थित है, और यह दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र के ग्यारह ज़िलों में से एक है। भारत पर अंग्रेज शासनकाल के दौरान सन् 1911 तक भारत की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) था। अंग्रेज शासकों ने यह महसूस किया कि देश का शासन बेहतर तरीके से चलाने के लिए कलकत्ता की जगह यदि दिल्‍ली को राजधानी बनाया जाए तो बेहतर होगा क्‍योंकि य‍ह देश के उत्तर में है और यहां से शासन का संचालन अधिक प्रभावी होगा। इस पर विचार करने के बाद अंग्रेज महाराजा जॉर्ज पंचम ने देश की राजधानी को दिल्‍ली ले जाने के आदेश दे दिए। वर्ष 2011 में दिल्ली महानगर की जनसंख्या 22 लाख थी। दिल्ली की जनसंख्या उसे दुनिया में पाँचवीं सबसे अधिक आबादी वाला, और भारत का सबसे बड़ा महानगर बनाती है। क्षेत्रफल के अनुसार भी, दिल्ली दुनिया के बड़े महानगरों में से एक है। मुम्बई के बाद, वह देश का दूसरा सबसे अमीर शहर है, और दिल्ली का सकल घरेलू उत्पाद दक्षिण, पश्चिम और मध्य एशिया के शहरों में दूसरे नम्बर पर आता है। नई दिल्ली अपनी चौड़ी सड़कों, वृक्ष-अच्छादित मार्गों और देश के कई शीर्ष संस्थानो और स्थलचिह्नों के लिए जानी जाती है। 1911 के दिल्ली दरबार के दौरान, 15 दिसम्बर को शहर की नींव भारत के सम्राट, जॉर्ज पंचम ने रखी, और प्रमुख ब्रिटिश वास्तुकार सर एड्विन लुट्यन्स और सर हर्बर्ट बेकर ने इसकी रूपरेखा तैयार की। ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड इर्विन द्वारा 13 फ़रवरी 1931 को नई दिल्ली का उद्घाटन हुआ। बोलचाल की भाषा में हालाँकि दिल्ली और नयी दिल्ली यह दोनों नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधिकार क्षेत्र को संदर्भित करने के लिए के प्रयोग किये जाते हैं, मगर यह दो अलग-अलग संस्था हैं और नयी दिल्ली, दिल्ली महानगर का छोटा सा हिस्सा है। .

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नई दिल्ली का पुरनिवेश

दिसंबर १९११ में इंग्लैंड के राजा, पंचम जार्ज के स्वागत में शाहजहाँनाबाद (अर्थात् पुरानी दिल्ली) के उत्तर की ओर एक विशाल राज्यारोहण दरबार लगा। अनेक राजनीतिक कारणों से यह निश्चय किया जा चुका था कि भारत की राजधानी कलकत्ता से हटाकर दिल्ली लाई जाए। दरबार में ही इसकी घोषणा भी कर दी गई और तभी नई राजधानी का शिलान्यास भी हो गया। .

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नई दिल्ली काली बाड़ी मंदिर

काली बाड़ी मंदिर दिल्ली के बिड़ला मंदिर के निकट स्थित एक हिन्दू बंगाली समुदाय का मन्दिर है। यह छोटा-सा मंदिर काली मां को समर्पित है। नवरात्रि के दौरान यहां भव्य समारोह आयोजित किया जाता है। काली मां को देवी दुर्गा का ही रौद्र रूप माना जाता है। इस मंदिर में देवी को शराब का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। काली बाड़ी मंदिर दिखने में छोटा और साधारण अवश्य है लेकिन इसकी मान्यता बहुत अधिक है। मंदिर के अंदर ही एक विशाल पीपल का पेड़ है। भक्तगण इस पेड को पवित्र मानते हैं और इस पर लाल धागा बांध कर मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। मंदिर में देवी काली की मूर्ति कोलकाता के बड़े प्रधान कालीघाट काली मंदिर की प्रतिमा से मिलती जुलती बनाई गई है। मंदिर की समिति को १९३५ में सुभाष चंद्र बोस ने औपचारिक रूप दिया था, और प्रथम मंदिर भवन का उद्घाटन सर जस्टिस मनमाथा नाथ मुखर्जी के कर-कमलों से हुआ था। इसके बाद समिति ने आगंतुकों के लिए एक अन्य इमारत की स्थापना भी की। बंगाली पर्यटकों को यहां रहने के लिए कमरे व छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां एक पुराना और समृद्ध पुस्तकालय भी है।- द डिवाइन इण्डिया। १८ सितम्बर, २०१७।अभिगमन तिथि- २८ सितम्बर २०१७ .

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नगेंद्रनाथ वसु

नगेन्द्रनाथ बसु (6 जुलाई 1866-1938) बांग्ला भाषा के ज्ञानकोशकार थे। उनके द्वारा संपादित बंगला विश्वकोश ही भारतीय भाषाओं से प्रणीत प्रथम आधुनिक विश्वकोश है। यह सन् 1911 में 22 खंडों में प्रकाशित हुआ। Nagendranath Basu Plate नगेंद्रनाथ वसु ने ही अनेक हिंदी विद्वानों के सहयोग से बंगला विश्वकोश का हिन्दी रूपान्तर 'हिंदी विश्वकोश' की रचना की जो सन् 1916 से 1932 के मध्य 25 खंडों में प्रकाशित हुआ। नगेन्द्रनाथ बसु पुरातत्वविद, इतिहासकार तथा लेखक थे। उनका जन्म कोलकाता में हुआ था। कम आयु में ही उन्होने कविता एवं उपन्यास लिखना शुरू कर दिया था किन्तु शीघ्र वे सम्पादन कार्य में लग गए। 'तपस्विनी' तथा 'भारत' नामक दो मासिक पत्रिकाओं का उन्होने सम्पादन किया। .

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नंदना सेन

नंदना सेन (নন্দনা সেন) (या नंदना देव सेन) एक भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री के रूप में अच्छी ख्याति अर्जित कर ली हैं। .

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नंदलाल बोस

नन्दलाल बोस का जन्म दिसंबर 1882 में बिहार के हवेली खडगपुर, जिला मुंगेर में हुआ। उनके पिता पूर्णचंद्र बोस ऑर्किटेक्ट तथा महाराजा दरभंगा की रियासत के मैनेजर थे। 16 अप्रैल 1966 कोलकाता में उनका देहांत हुआ। उन्होंने 1905 से 1910 के बीय कलकत्ता गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्ट में अबनीन्द्ननाथ ठाकुर से कला की शिक्षा ली, इंडियन स्कूल ऑफ़ ओरियंटल आर्ट में अध्यापन किया और 1922 से 1951 तक शान्तिनिकेतन के कलाभवन के प्रधानाध्यापक रहे। ---- श्रेणी:भारतीय चित्रकार श्रेणी:विश्व के महान चित्रकार श्रेणी:कला श्रेणी:1882 में जन्मे लोग श्रेणी:१९६६ में निधन श्रेणी:बिहार के लोग.

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नंदीनी मुखर्जी

नंदीनी मुखर्जी एक भारतीय कंप्यूटर वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञ हैं। वह कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर हैं जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता, भारत मे। मुखर्जी ने दक्षिण कोलकाता लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनावों में वाम मोर्चे के नामांकित सीपीआई (एम) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। वह अपने महाविद्यालय के दिनों में छात्र 'फेडरेशन ऑफ इंडिया में भी शामिल थीं। वह पश्चिम बंगाल फ्री सॉफ्टवेयर मांचा (एफएसएमडब्ल्यूबी) की सचिव हैं। अखिल भारतीय शांति और एकता संगठन (एआईपीओओ) के एक राज्य सचिवालय की सदस्य भी है। २०११ में उन्होंने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उप-चुनाव लड़ा। .

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नंदीग्राम

नंदीग्राम भारत के पश्चिमी बंगाल राज्य के पूर्बा मेदिनीपुर ज़िले का एक ग्रामीण क्षेत्र है। यह क्षेत्र, कोलकाता से दक्षिण-पश्चिम दिशा में 70 कि॰मी॰ दूर, औद्योगिक शहर हल्दिया के सामने और हल्दी नदी के दक्षिण किनारे पर स्थित है। यह क्षेत्र हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत आता है। 2007 में, पश्चिम बंगाल की सरकार ने सलीम ग्रूप को 'स्पेशल इकनॉमिक ज़ोन' नीति के तहत, नंदीग्राम में एक 'रसायन केन्द्र' (केमिकल हब) की स्थापना करने की अनुमति प्रदान करने का फ़ैसला किया। ग्रामीणों ने इस फ़ैसले का प्रतिरोध किया जिसके परिणामस्वरूप पुलिस के साथ उनकी मुठभेड़ हुई जिसमें 14 ग्रामीण मारे गए और पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगा। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सुश्री फिरोज़ा बीबी, नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से, 5 जनवरी 2009 को हुए उप-चुनाव में, विधान सभा की नवनिर्वाचित सदस्या चुनी गईं.

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नुंगी

नुंगी कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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न्यू बैरकपुर

न्यू बैरकपुर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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न्यू अलीपुर

न्यू अलीपुर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। नई अलीपुर केवल अलीपुर की दक्षिण में स्थित है और कोलकाता उपनगरीय रेलवे के बुर्ज बगे से बसे इलाके मेजरहर और टॉलीगंज स्टेशनों के बीच स्थित है-यह ऊपर की रेल लाइन से उत्तर में, बीएलएसहा रोड(चेतला)पूर्व में, डायमंड हार्बर पश्चिम की ओर और बेहाल से दक्षिण तक। कलकत्ता महानगर विकास प्राधिकरण(अब केएमडीए)द्वारा कलकत्ता के शहर(अब कोलकाता)के एक आश्रित आवासीय उपनगर के रूप में नई अलीपुर को शहर की बढ़ती आबादी के लिए और अधिक जमीन की तलाश करने के लिए बनाया गया था। यह कोलकाता के सबसे पॉश और महंगे इलाकों में से एक है, जहां औसत १० करोड़ रूपए की औसत कीमत है। नई अलीपुर में ज्यादातर व्यापारिक परिवारों का वर्चस्व है। ज्यादातर ऊपरी मध्यम वर्ग और समृद्ध वर्ग यहां रहते हैं। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र .

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न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1955-56

न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम 1955-56 सत्र में भारत का दौरा किया था। टीमों को पांच टेस्ट मैच खेले। भारत तीन टेस्ट ड्रॉ मैचों के साथ श्रृंखला 2-0 से जीत ली। श्रृंखला से पहले, न्यूजीलैंड टीम पाकिस्तान में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली थी। .

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न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का भारत दौरा २०१६–१७

भारतीय क्रिकेट टीम तथा न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के बीच अक्टूबर २०१६-१७ में क्रिकेट श्रृंखला भारत में खेली जाएगी। इसमें ५ वनडे तथा ३ टेस्ट मैच खेले जाएंगे। खेले गए टेस्ट मैचों में भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को ३-० से श्रृंखला पर कब्जा किया। टेस्ट श्रृंखला में भारत के चेतेश्वर पुजारा ने सबसे ज्यादा ३७३ रन बनाए जबकि रविचंद्रन अश्विन ने २७ विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ़ द सीरीज घोषित किया गया। ५ वनडे मैचों की श्रृंखला में भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को ३-२ से हराया। श्रृंखला का अंतिम मैच विशाखापत्तनम में खेला गया जिसमें भारत ने दीपावली पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की,अंतिम मैच १९० रनों से जीता। .

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नौकरी (1954 फ़िल्म)

नौकरी 1954 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है जिसका निर्देशन बिमल रॉय द्वारा किया गया है। इस फ़िल्म के मुख्य कलाकार हैं किशोर कुमार और शीला रमानी। यह फ़िल्म संवेदनशीलता से आज़ादी के बाद के वर्षों में भारत के शिक्षित युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को शहरी जंगलों में नौकरी की तलाश में टूटते-बिखरते दर्शाती है। बिमल रॉय ने अपनी अन्य फ़िल्मों की भाँति इस फ़िल्म में भी एक और सामाजिक समस्या को अपने अनुपम ढंग से चित्रित किया है। इस फ़िल्म से किशोर कुमार को अभिनेता के रूप में भी पहचान मिली। .

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नैहाटि

नैहाटी नगर भारत के पश्चिमी बंगाल राज्य में हुगली नदी पर कलकत्ता से 35 किमी उत्तर चौबीस परगना जिले में स्थित नगर है। यह चावल, पटसन, तिलहन आदि स्थानीय उपजों का व्यावसायिक केंद्र है। कागज तथा रंगों के निर्माण के उद्योग यहाँ विकसित हैं। इसके उत्तरी उपनगर गौरीपुर में विशाल शक्ति संयंत्र है। कोलकत्ता के अत्यंत समीप होने के कारण यहाँ भी व्यवसाय और उद्योग में उत्तरोत्तर उन्नति की संभावनाएँ हैं। श्रेणी:कोलकाता.

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नेताजी भवन

नेताजी भवन कोलकाता का एक क्षेत्र है। यहां कोलकाता मेट्रो का स्टेशन भी है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र श्रेणी:कोलकाता मेट्रो स्टेशन.

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा या कोलकाता विमानक्षेत्र भारत का एक प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा हैं, जो कोलकाता में स्थित है। यह एक नागरिक हवाई अड्डा है। यहां कस्टम्स विभाग उपस्थित है। इसका रनवे पेव्ड है। इसकी प्रणाली यांत्रिक है। इसकी उड़ान पट्टी की लंबाई 11900 फीट है। .

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नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय

नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्याल पूर्वी भारत का एक प्रमुख मुक्तविश्वद्यालय है। इसका मुख्यालय कोलकाता में है। श्रेणी:भारत के विश्वविद्यालय श्रेणी:मुक्त विश्वविद्यालय.

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नेफियू रियो

नेफियू रियो (Neiphiu Rio; जन्म: ११ नवम्बर १९५०, कोहिमा) एक भारतीय राजनीतिज्ञ है जो भारत के नागालैण्ड राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। इसके पहले वह २००३-०८, २००८-१३, २०१३-१४ तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री के पद पर रहे। उनका वर्तमान कार्यकाल ८ मार्च २०१८ को प्रारंभ हुआ। वह २०१४-१८ के मध्य नागालैण्ड लोक सभा क्षेत्र से सांसद भी रहे। .

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नेल्सन वांग

नेल्सन वांग (जन्म 1950) चीनी मूल के भारतीय रेस्तोरां और मुम्बई के केम्प्स कॉर्नर इलाके में स्थित प्रसिद्ध चाइना गार्डन रेस्तरां के संस्थापक हैं। विभिन्न स्रोतों के अनुसार वो भारतीय/चीनी व्यंजन "चिकन मंचूरियन के आविष्कारक हैं। .

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नेहरू कप अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल प्रतियोगिता

नेहरू कप अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल प्रतियोगिता अखिल भारतीय फ़ुटबॉल महासंघ द्वारा आयोजित फ़ुटबॉल प्रतियोगिता हैं। इसका आयोजन 1982 में शुरू किया गया था, मगर 1998 से 2007 तक इसका आयोजन रोक दिया गया था। .

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नेहा मरडा

Neha Marda (born 23 September 1985) is an Indian television actress, popularly known as Gehna for her role in the Balika Vadhu series broadcast by Colors TV.

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नेहा अग्रवाल

नेहा अग्रवाल एक भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी है और २००८ के बीजिंग के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल में भाग लेने वाली भारत की एकमात्र महिला थी। उनका जन्म ११ जनवरी १९९० को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने आर के पुरम के दिल्ली पब्लिक स्कूल से स्चूली शिक्षा प्राप्त की और और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन्स कॉलेज से अपनी कॉलेज की पढाई पूरी की। और उसी समय वह अहमदाबाद और कोलकाता में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप की विजेता घोषित हुई। नेहा ने पोलोमी घटक और मौमा दास को हराकर ओलंपिक में अपना स्थान अर्जित किया, जिन्हें जीतने के लिए समर्थन किया गया था। और अब वह कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क, अमेरिका से खेल प्रबंधन में अपनी मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। .

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नीरा आर्य

नीरा आर्या नीरा आर्य (१९०२ - १९९८), आजाद हिन्द फौज में रानी झांसी रेजिमेंट की सिपाही थीं, जिन पर अंग्रेजी सरकार ने गुप्तचर होने का आरोप भी लगाया था। 1998 में इनका निधन हैदराबाद में हुआ। इन्हें नीरा ​नागिनी के नाम से भी जाना जाता है। इनके भाई बसंत कुमार भी आजाद हिन्द फौज में थे। नीरा नागिन और इनके भाई बसंत कुमार के जीवन पर कई लोक गायकों ने काव्य संग्रह एवं भजन भी लिखे हैं। .

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नीरा आर्या

नीरा आर्या नीरा आर्य (१९०२ - १९९८), आजाद हिन्द फौज में रानी झांसी रेजिमेंट की सिपाही थीं, जिन पर अंग्रेजी सरकार ने गुप्तचर होने का आरोप भी लगाया था। 1998 में इनका निधन हैदराबाद में हुआ। इन्हें नीरा ​नागिनी के नाम से भी जाना जाता है। इनके भाई बसंतकुमार भी आजाद हिन्द फौज में थे। नीरा नागिन और इनके भाई बसंतकुमार के जीवन पर कई लोक गायकों ने काव्य संग्रह एवं भजन भी लिखे हैं। .

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नीलदर्पण

नीलदर्पण बांग्ला का प्रसिद्ध नाटक है जिसके रचयिता दीनबन्धु मित्र हैं। इसकी रचना १८५८-५९ में हुई। यह बंगाल में नील विद्रोह का अन्दोलन का कारण बना। यह बंगाली रंगमंच के विकास का अग्रदूत भी बना। कोलकाता के 'नेशनल थिएटर' में सन् १८७२ में खेला गया यह पहला व्यावसायिक नाटक था। .

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पटना

पटना (पटनम्) या पाटलिपुत्र भारत के बिहार राज्य की राजधानी एवं सबसे बड़ा नगर है। पटना का प्राचीन नाम पाटलिपुत्र था। आधुनिक पटना दुनिया के गिने-चुने उन विशेष प्राचीन नगरों में से एक है जो अति प्राचीन काल से आज तक आबाद है। अपने आप में इस शहर का ऐतिहासिक महत्व है। ईसा पूर्व मेगास्थनीज(350 ईपू-290 ईपू) ने अपने भारत भ्रमण के पश्चात लिखी अपनी पुस्तक इंडिका में इस नगर का उल्लेख किया है। पलिबोथ्रा (पाटलिपुत्र) जो गंगा और अरेन्नोवास (सोनभद्र-हिरण्यवाह) के संगम पर बसा था। उस पुस्तक के आकलनों के हिसाब से प्राचीन पटना (पलिबोथा) 9 मील (14.5 कि॰मी॰) लम्बा तथा 1.75 मील (2.8 कि॰मी॰) चौड़ा था। पटना बिहार राज्य की राजधानी है और गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर अवस्थित है। जहां पर गंगा घाघरा, सोन और गंडक जैसी सहायक नदियों से मिलती है। सोलह लाख (2011 की जनगणना के अनुसार 1,683,200) से भी अधिक आबादी वाला यह शहर, लगभग 15 कि॰मी॰ लम्बा और 7 कि॰मी॰ चौड़ा है। प्राचीन बौद्ध और जैन तीर्थस्थल वैशाली, राजगीर या राजगृह, नालन्दा, बोधगया और पावापुरी पटना शहर के आस पास ही अवस्थित हैं। पटना सिक्खों के लिये एक अत्यंत ही पवित्र स्थल है। सिक्खों के १०वें तथा अंतिम गुरु गुरू गोबिंद सिंह का जन्म पटना में हीं हुआ था। प्रति वर्ष देश-विदेश से लाखों सिक्ख श्रद्धालु पटना में हरमंदिर साहब के दर्शन करने आते हैं तथा मत्था टेकते हैं। पटना एवं इसके आसपास के प्राचीन भग्नावशेष/खंडहर नगर के ऐतिहासिक गौरव के मौन गवाह हैं तथा नगर की प्राचीन गरिमा को आज भी प्रदर्शित करते हैं। एतिहासिक और प्रशासनिक महत्व के अतिरिक्त, पटना शिक्षा और चिकित्सा का भी एक प्रमुख केंद्र है। दीवालों से घिरा नगर का पुराना क्षेत्र, जिसे पटना सिटी के नाम से जाना जाता है, एक प्रमुख वाणिज्यिक केन्द्र है। .

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पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन

पटना जंक्शन, स्टेशन कोड PNBE, भारतीय राज्य बिहार के पटना की राजधानी शहर का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यह कानपुर सेंट्रल, विजयवाडा जंक्शन, दिल्ली जंक्शन, नई दिल्ली, अम्बाला कैंट और हावड़ा के बाद ट्रेनों की आवृत्ति के मामले में भारत का सातवें सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है। लगभग 173 रेलगाड़ियां स्टेशन के माध्यम से शुरू होती हैं, समाप्त होती हैं या पास होती हैं। शहर के केंद्र में स्थित, यह मुख्य रेलवे स्टेशन पटना में स्थित है। यह भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र के दानापुर डिवीजन के अंतर्गत आता है। पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन रेलवे नेटवर्क द्वारा भारत के अधिकांश प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। पटना नई दिल्ली और कोलकाता के बीच स्थित है जो भारत में सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। पटना में दिल्ली और कोलकाता के लिए चलने वाली सभी ट्रेनों का ठहराव हैं, शहर एक प्रमुख रेलवे हब है और छह प्रमुख स्टेशन हैं: पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर टर्मिनल, गुलजारबाग स्टेशन, दानापुर रेलवे स्टेशन,पाटलिपुत्र जंक्शन रेलवे स्टेशन और पटना साहिब स्टेशन। पटना अच्छी तरह से गया, जेहानाबाद, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर से दैनिक यात्री और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं के माध्यम से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में, भारतीय रेलवे ने पटना जंक्शन के आधुनिकीकरण के लिए निविदाएं जारी की हैं। .

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पटना के पर्यटन स्थल

वर्तमान बिहार राज्य की राजधानी पटना को ३००० वर्ष से लेकर अबतक भारत का गौरवशाली शहर होने का दर्जा प्राप्त है। यह प्राचीन नगर पवित्र गंगानदी के किनारे सोन और गंडक के संगम पर लंबी पट्टी के रूप में बसा हुआ है। इस शहर को ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी जाना जाता है। पटना का इतिहास पाटलीपुत्र के नाम से छठी सदी ईसापूर्व में शुरू होता है। तीसरी सदी ईसापूर्व में पटना शक्तिशाली मगध राज्य की राजधानी बना। अजातशत्रु, चन्द्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त द्वितीय, समुद्रगुप्त यहाँ के महान शासक हुए। सम्राट अशोक के शासनकाल को भारत के इतिहास में अद्वितीय स्‍थान प्राप्‍त है। पटना एक ओर जहाँ शक्तिशाली राजवंशों के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर ज्ञान और अध्‍यात्‍म के कारण भी यह काफी लोकप्रिय रहा है। यह शहर कई प्रबुद्ध यात्रियों जैसे मेगास्थनिज, फाह्यान, ह्वेनसांग के आगमन का भी साक्षी है। महानतम कूटनीतिज्ञ कौटिल्‍यने अर्थशास्‍त्र तथा विष्णुशर्मा ने पंचतंत्र की यहीं पर रचना की थी। वाणिज्यिक रूप से भी यह मौर्य-गुप्तकाल, मुगलों तथा अंग्रेजों के समय बिहार का एक प्रमुख शहर रहा है। बंगाल विभाजन के बाद 1912 में पटना संयुक्त बिहार-उड़ीसा तथा आजादी मिलने के बाद बिहार राज्‍य की राजधानी बना। शहर का बसाव को ऐतिहासिक क्रम के अनुसार तीन खंडों में बाँटा जा सकता है- मध्य-पूर्व भाग में कुम्रहार के आसपास मौर्य-गुप्त सम्राटाँ का महल, पूर्वी भाग में पटना सिटी के आसपास शेरशाह तथा मुगलों के काल का नगरक्षेत्र तथा बाँकीपुर और उसके पश्चिम में ब्रतानी हुकूमत के दौरान बसायी गयी नई राजधानी। पटना का भारतीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्‍थान है। महात्‍मा गाँधी सेतु पटना को उत्तर बिहार तथा नेपाल के अन्‍य पर्यटन स्‍थल को सड़क माध्‍यम से जोड़ता है। पटना से चूँकि वैशाली, राजगीर, नालंदा, बोधगया, पावापुरी और वाराणसी के लिए मार्ग जाता है, इसलिए यह शहर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मावलंबियों के लिए पर्यटन गेटवे' के रूप में भी जाना जाता है। ईसाई धर्मावलंबियों के लिए भी पटना अतिमहत्वपूर्ण है। पटना सिटी में हरमंदिर, पादरी की हवेली, शेरशाह की मस्जिद, जलान म्यूजियम, अगमकुँआ, पटनदेवी; मध्यभाग में कुम्‍हरार परिसर, पत्थर की मस्जिद, गोलघर, पटना संग्रहालय तथा पश्चिमी भाग में जैविक उद्यान, सदाकत आश्रम आदि यहां के प्रमुख दर्शनीय स्‍थल हैं। मुख्य पर्यटन स्थलों इस प्रकार हैं: .

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पत्रकारिता का इतिहास

पत्रकारिता का इतिहास, प्रौद्योगिकी और व्यापार के विकास के साथ आरम्भ हुआ। .

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पथुरियाघाट

पथुरियाघाट कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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पद्म श्री पुरस्कार (१९७०-७९)

पद्म श्री पुरस्कार, भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरीक सम्मान है। जिसके ई॰ सन् १९७४ से १९७९ के प्राप्त कर्ता निम्न हैं: .

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पद्मा

पद्मा (बांग्ला: পদ্মা) एक नदी है जो बांग्लादेश में गंगा की मुख्य धारा है। अर्थात् गंगा नदी बांग्लादेश में प्रवेश करते ही 'पद्मा' के नाम से जानी जाती है। राजमहल से ३० किमी पूर्व में गंगा की एक शाखा निकलकर मुर्शिदाबाद, बहरमपुर, नदिया, हुगली और कलकत्ता होती हुई पश्चिम-दक्षिण की ओर बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है, जो 'भागीरथी' शाखा के नाम से प्रसिद्ध है। मूल नदी के संगम स्थान से गंगा, 'पद्मा' नाम धारण कर पबना और गोआलंद होती हुई गई है। गोआलंद के निकट ब्रह्मपुत्र नदी की शाखा, जो 'जमुना' नाम से प्रसिद्ध है, आकर इसमें गिरी है। इसके बाद मूल नदी ने ब्रह्मपुत्र के साथ मिलकर 'मेघना' नाम धारण किया है और नोआखाली के निकट समुद्र में मिल गई है। पद्मा नदी की कुल लबाई २२५ मील है। राजशाही, पश्चिमी बांग्लादेश में एक प्रमुख शहर, पद्मा के उत्तर तट पर स्थित है। श्रेणी:बांग्लादेश की नदियाँ श्रेणी:बांग्लादेश.

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परमाणु ऊर्जा विभाग (भारत)

भारत का परमाणु ऊर्जा विभाग (पऊवि) एक महत्वपूर्ण विभाग है जो सीधे प्रधानमंत्री के आधीन है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह विभाग नाभिकीय विद्युत ऊर्जा की प्रौद्योगिकी के विकास, विकिरण प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों (कृषि, चिकित्सा, उद्योग, मूलभूत अनुसन्धान आदि) में उपयोग तथा मूलभूत अनुसंधान में संलग्न है। इस विभाग के अन्तर्गत ५ अनुसन्धान केन्द्र, ३ औद्योगिक संगठन, ५ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, तथा ३ सेवा संगठन हैं। इसके अलावा इसके अन्दर दो बोर्ड भी हैं जो नाभिकीय क्षेत्र एवं इससे सम्बन्धित क्षेत्रों में मूलभूत अनुसन्धान को प्रोत्साहित करते हैं एवं उसके लिए फण्ड प्रदान करते हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग ८ संस्थानों को भी सहायता देता है जो अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग (पऊवि) की स्थापना राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से दिनांक 3 अगस्त 1954 को की गई थी। .

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परमेश्वरीलाल गुप्त

डॉ परमेश्वरीलाल गुप्त (२४ दिसम्बर १९१४ - २९ जुलाई २००१) भारत के स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी, मुद्राशास्त्री, इतिहासकार एवं हिन्दी साहित्यकार थे। .

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परिवर्ती उर्जा साइक्लोट्रॉन केन्द्र

परिवर्ती उर्जा साइक्लोट्रॉन केन्द्र (Variable Energy Cyclotron Centre (VECC)) भारत सरकार के परमाणु उर्जा विभाग का एक अनुसंधान एवं विकास केन्द्र है। यहाँ पर मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त नाभिकीय विज्ञान में अनुसंधान होता है। यह भारत के कोलकाता नगर में स्थित है। इस केन्द्र में २२४ सेमी साइक्लोट्रॉन स्थापित है जो भारत में अपने तरह का प्रथम है। यह १९७७ से ही कार्यरत है। इससे विभिन्न उर्जा वाले प्रोटॉन, ड्यूट्रॉन, अल्फा कण एवं अन्य भारी ऑयन के किरण पुंज प्राप्त किये जाते हैं। यह केन्द्र अर्नेट (ERNET) के लिये ट्रन्जिट नोड भी है जो कि दूसरे संस्थानों से आने वाले एलेक्ट्रॉनिक मेल एवं अन्तरजाल का आवश्यक संसादन करता है। .

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परिकल्पना सम्मान

परिकल्पना सम्मान हिन्दी ब्लॉगिंग का एक ऐसा वृहद सम्मान है, जिसे बहुचर्चित तकनीकी ब्लॉगर रवि रतलामी ने हिन्दी ब्लॉगिंग का ऑस्कर कहा है। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन में देशविदेश से आए हिन्दी के चिरपरिचित ब्लॉगर्स की उपस्थिति में प्रदान किया जाता है। .

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पर्णश्री पाली

पर्णश्री पाली कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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पलाश

कोलकाता पश्चिम बंगाल में ढाक के पेड़ की पत्तियां पलाश (पलास,छूल,परसा, ढाक, टेसू, किंशुक, केसू) एक वृक्ष है जिसके फूल बहुत ही आकर्षक होते हैं। इसके आकर्षक फूलो के कारण इसे "जंगल की आग" भी कहा जाता है। प्राचीन काल से ही होली के रंग इसके फूलो से तैयार किये जाते रहे है। भारत भर मे इसे जाना जाता है। एक "लता पलाश" भी होता है। लता पलाश दो प्रकार का होता है। एक तो लाल पुष्पो वाला और दूसरा सफेद पुष्पो वाला। लाल फूलो वाले पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा है। सफेद पुष्पो वाले लता पलाश को औषधीय दृष्टिकोण से अधिक उपयोगी माना जाता है। वैज्ञानिक दस्तावेजो मे दोनो ही प्रकार के लता पलाश का वर्णन मिलता है। सफेद फूलो वाले लता पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया पार्वीफ्लोरा है जबकि लाल फूलो वाले को ब्यूटिया सुपरबा कहा जाता है। एक पीले पुष्पों वाला पलाश भी होता है। .

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पलाश सेन

पलाश सेन युफ़ोरीया नामक भारतीय बैंड के मुख्य गायक है, जो अभी उसके द्वारा नेतृत्व किया जाता है। व्यवसाय से डॉक्टर पलाश सेन ने फ़िल्म फ़िलहाल मे नायक की भुमिका भी अदा की। .

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पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल (भारतीय बंगाल) (बंगाली: পশ্চিমবঙ্গ) भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक राज्य है। इसके पड़ोस में नेपाल, सिक्किम, भूटान, असम, बांग्लादेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार हैं। इसकी राजधानी कोलकाता है। इस राज्य मे 23 ज़िले है। यहां की मुख्य भाषा बांग्ला है। .

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पश्चिम बंगाल विधानसभा

पश्चिम बंगाल विधान सभा (পশ্চিমবঙ্গ বিধানসভা) भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल का एकसदनीय विधान भवन है। यह कोलकाता के बीबीडी बाग में स्थित है। विधान सभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। विधानसभा में 295 सदस्य है जिनमे 294 सीधे जनता के द्वारा तथा एक सदस्य ऐंग्लो इंडियन समुदाय का नामांकित किया जाता है। इसका कार्यकाल 5 वर्ष का है। .

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पश्चिम बंगाल के राज्यपालों की सूची

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भारत के राष्ट्रपति द्वारा पश्चिम बंगाल राज्य के लिए नियुक्त किया जाने वाला संज्ञात्मक राज्य प्रमुख है। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा पाँच वर्ष की अवधी के लिए की जाती है। केसरी नाथ त्रिपाठी राज्य के वर्तमान राज्यपाल हैं। राज्यपाल का आवास राजधानी कोलकाता स्थित राजभवन है। .

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पश्चिम बंगाल अग्नि-शमन सेवा

पश्चिम बंगाल अग्नि-शमन सेवा पश्चिम बंगाल सरकार की अग्नि-शमन सेवा है। इसका कार्य-क्षेत्र राज्य सहित कोलकाता शहर भी है। इस सेवा के अधीन ९५ फायर-स्टेशन, ७५०० कर्मचारी और ३५० अग्नि-शामक यंत्र हैं। यह सेवा देश की प्राचीनतम अग्नि-शमन सेवा है। १९५० में कैल्कटा फायर ब्रिगेड और बंगाल फायर सर्विस को जोड़ कर पश्चिम बंगाल अग्नि-शमन सेवा संगठन की स्थापना की गई थी। यह बहुत ही महत्वपुर्ण सेवा है। .

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पश्चिमी चंपारण

चंपारण बिहार के तिरहुत प्रमंडल के अंतर्गत भोजपुरी भाषी जिला है। हिमालय के तराई प्रदेश में बसा यह ऐतिहासिक जिला जल एवं वनसंपदा से पूर्ण है। चंपारण का नाम चंपा + अरण्य से बना है जिसका अर्थ होता है- चम्‍पा के पेड़ों से आच्‍छादित जंगल। बेतिया जिले का मुख्यालय शहर हैं। बिहार का यह जिला अपनी भौगोलिक विशेषताओं और इतिहास के लिए विशिष्ट स्थान रखता है। महात्मा गाँधी ने यहीं से अंग्रेजों के खिलाफ नील आंदोलन से सत्याग्रह की मशाल जलायी थी। .

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पानीहाटी

पानीहाटी कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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पायल घोष

पायल घोष एक भारतीय बॉलीवुड फ़िल्म अभिनेत्री हैं। इन्होने हिन्दी, बंगाली और तेलुगू भाषा की फ़िल्मों में कार्य किया है। .

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पारसी रंगमंच

; 'पारसी रंगमंच' से 'फारसी भाषा का रंगमंच' या 'इरान का रंगमंच' का अर्थ न समझें। यह अलग है जो भारत से संबन्धित है। ---- अंग्रेजों के शासनकाल में भारत की राजधानी जब कलकत्ता (1911) थी, वहां 1854 में पहली बार अंग्रेजी नाटक मंचित हुआ। इससे प्रेरित होकर नवशिक्षित भारतीयों में अपना रंगमंच बनाने की इच्छा जगी। मंदिरों में होनेवाले नृत्य, गीत आदि आम आदमी के मनोरंजन के साधन थे। इनके अलावा रामायण तथा महाभारत जैसी धार्मिक कृतियों, पारंपरिक लोक नाटकों, हरिकथाओं, धार्मिक गीतों, जात्राओं जैसे पारंपरिक मंच प्रदर्शनों से भी लोग मनोरंजन करते थे। पारसी थियेटक से लोक रंगमंच का जन्म हुआ। एक समय में सम्पन्न पारसियों ने नाटक कंपनी खोलने की पहल की और धीरे-धीरे यह मनोरंजन का एक लोकप्रिय माध्यम बनता चला गया। इसकी जड़ें इतनी गहरी थीं कि आधुनिक सिनेमा आज भी इस प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है। पारसी रंगमंच, 19वीं शताब्दी के ब्रिटिश रंगमंच के मॉडल पर आधारित था। इसे पारसी रंगमंच इसलिए कहा जाता था क्योंकि इससे पारसी व्यापारी जुड़े थे। वे इससे अपना धन लगाते थे। उन्होंने पारसी रंगमंच की अपनी पूरी तकनीक ब्रिटेन से मंगायी। इसमें प्रोसेनियम स्टेज से लेकर बैक स्टेज की जटिल मशीनरी भी थी। लेकिन लोक रंगमंच-गीतों, नृत्यों परंपरागत लोक हास-परिहास के कुछ आवश्यक तत्वों और इनकी प्रारंभ तथा अंत की रवाइतों को पारसी रंगमंच ने अपनी कथा कहने की शैली में शामिल कर लिया था। दो श्रेष्ठ परंपराओं का यह संगम था और तमाम मंचीय प्रदर्शन पौराणिक विषयों पर होते थे जिनमें परंपरागत गीतों और प्रभावी मंचीय युक्तियों का प्रयोग अधिक होता था। कथानक गढ़े हुए और मंचीय होते थे जिसमें भ्रमवश एक व्यक्ति को दूसरा समझा जाता था, घटनाओं में संयोग की भूमिका होती थी, जोशीले भाषण होते थे, चट्टानों से लटकने का रोमांच होता था और अंतिम क्षण में उनका बचाव किया जाता था, सच्चरित्र नायक की दुष्चरित्र खलनायक पर जीत दिखायी जाती थी और इन सभी को गीत-संगीत के साथ विश्वसनीय बनाया जाता था। औपनिवेशिक काल में भारत के हिन्दी क्षेत्र के विशेष लोकप्रिय कला माध्यमों में आज के आधुनिक रंगमंच और फिल्मों की जगह आल्हा, कव्वाली मुख्य थे। लेकिन पारसी थियेटर आने के बाद दर्शकों में गाने के माध्यम से बहुत सी बातें कहने की परंपरा चल पड़ी जो दर्शकों में लोकप्रिय होती चली गयी। बाद में 1930 के दशक में आवाज रिकॉर्ड करने की सुविधा शुरू हुई और फिल्मों में भी इस विरासत को नये तरह से अपना लिया गया। वर्ष 1853 में अपनी शुरुआत के बाद से पारसी थियेटर धीरे-धीरे एक 'चलित थियेटर' का रूप लेता चला गया और लोग घूम-घूम कर नाटक देश के हर कोने में ले जाने लगे। पारसी थियेटर के अभिनय में ‘‘मेलोड्रामा’’ अहम तत्व था और संवाद अदायगी बड़े नाटकीय तरीके से होती थी। उन्होंने कहा कि आज भी फिल्मों के अभिनय में पारसी नाटक के तत्व दिखाई देते हैं। 80 वर्ष तक पारसी रंगमंच और इसके अनेक उपरूपों ने मनोरंजन के क्षेत्र में अपना सिक्का जमाए रखा। फिल्म के आगमन के बाद पारसी रंगमंच ने विधिवत् अपनी परंपरा सिनेमा को सौंप दी। पेशेवर रंगमंच के अनेक नायक, नायिकाएं सहयोगी कलाकार, गीतकार, निर्देशक, संगीतकार सिनेमा के क्षेत्र में आए। आर्देशिर ईरानी, वाजिया ब्रदर्स, पृथ्वीराज कपूर, सोहराब मोदी और अनेक महान दिग्गज रंगमंचकी प्रतिभाएं थीं जिन्होंने शुरुआती तौर में भारतीय फिल्मों को समृद्ध किया। .

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पार्थ चटर्जी

पार्थ चटर्जी सबाल्टर्न अध्ययन और उत्तर औपनिवेशिक स्कूलों से संबंधित एक भारतीय विद्वान है। इनका जन्म १९४७ में कलकत्ता में हुआ। यह एक बहु-विषयक विद्वान है जिनका विशेष ज़ोर राजनीति विज्ञान, नृविज्ञान और इतिहास पर है। शिक्षा क्षेत्र मैं उनके योगदान के लिए वर्ष २००९ में फुकुओका एशियाई संस्कृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। .

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पार्क सर्कस

पार्क सर्कस कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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पार्क स्ट्रीट, कोलकाता

पार्क स्ट्रीट, कोलकाता कोलकाता का एक क्षेत्र है। यहां कोलकाता मेट्रो का स्टेशन भी है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र श्रेणी:कोलकाता मेट्रो स्टेशन.

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पार्क होटल नई दिल्ली

होटल पार्क नई दिल्ली, शहर के सबसे प्रसिद्ध लग्ज़री 5 सितारा होटलों में से एक है। इस होटल का स्वामित्व एपीजे सुरेंद्र ग्रुप के पास हैं जिसका मुख्यालय कोलकाता मे हैं। इस समूह के अन्य होटल बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, विशाखापट्टनम और गोवा में स्थित हैं। भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित होने के चलते इस होटल का एक अपना अलग ही महत्व हैं। .

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पाषाण खान

एक परित्यक्त खादान इमारती पत्थरों को खोदकर निकालने की क्रिया को आखनन (quarrying) कहते हैं। इस स्थान को जहाँ से पत्थर निकाले जाते हैं, खादान या 'पाषाण खान' (quarry/क्वैरी) कहते हैं। पाषाण खान साधारणतया खुले स्थान में ही बनाई जाती है। .

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पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र'

पांडेय बेचन शर्मा "उग्र" (१९०० - १९६७) हिन्दी के साहित्यकार एवं पत्रकार थे। का जन्म उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के अंतर्गत चुनार नामक कसबे में पौष शुक्ल 8, सं.

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1952-53

पाकिस्तान क्रिकेट टीम 1952-53 सत्र में भारत का दौरा किया था, पांच टेस्ट खेल रहे थे। पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के लिए पहला टेस्ट था। भारत दो टेस्ट ड्रॉ किया जा रहा के साथ श्रृंखला 2-1 से जीत ली। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1960-61

पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 1960-61 की सर्दियों में भारत का दौरा किया था। वे खेले पांच टेस्ट में भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ मैच, और भी कई स्थानीय भारतीय दस्तों के खिलाफ खेला था। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1979-80

पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 1979-80 सीजन में भारत का दौरा किया। दोनों टीमों ने छह टेस्ट खेले। भारत ने 4 टेस्ट ड्रॉ के साथ टेस्ट सीरीज़ 2-0 से जीता। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 1986-87

पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 1986-87 के मौसम में पांच टेस्ट मैचों और छह वनडे मैचों के लिए भारत का दौरा किया। उन्होंने तीन प्रथम श्रेणी के मैच भी खेले। श्रृंखला के अंतिम मैच में पाकिस्तानी टीम 16 टेस्ट से जीत के बाद 1-0 से टेस्ट सीरीज जीती थी, पिछले चार मैचों की श्रृंखला ड्रॉ की गई थी। इमरान खान ने पाकिस्तान की कप्तानी की थी, जिसे "मैन ऑफ द सीरीज" वोट दिया गया था। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2004-05

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने 8 मार्च से 17 अप्रैल 2005 तक भारत का दौरा किया। इस दौरे में छह एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (वनडे) और तीन टेस्ट मैच शामिल थे। टेस्ट सीरीज़ 1-1 से ड्रॉ बना था जबकि पाकिस्तान ने एकदिवसीय श्रृंखला 4-2 जीती थी। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2007-08

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने नवंबर 2007 में भारत का दौरा किया और 6 नवंबर और 12 दिसंबर के बीच 5 एकदिवसीय और 3 टेस्ट मैच खेले। .

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम का भारत दौरा 2012-13

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने 25 दिसंबर 2012 से 6 जनवरी 2013 तक भारत का दौरा किया। इस दौरे में तीन एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय, और दो ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल थे। यह पांच साल में पाकिस्तान का पहला क्रिकेट दौरा था। भारत में बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट के विवाद के बाद गेटी इमेजस सहित कई फोटोग्राफी एजेंसियों को चित्र लेने से रोक दिया गया है। ट्वेंटी-20 श्रृंखला 1-1 से ड्रॉ हुई, पाकिस्तान ने वनडे श्रृंखला 2-1 से जीती। .

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पंचानन भट्टाचार्य

पंचानन भट्टाचार्य' (1853–1919) भारत के एक योगी थे। वे लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे। लाहिड़ी महाशय ने उनको ही सबसे पहले क्रिया योग की शिक्षा देने के लिये अधिकृत किया था। उन्होने आर्य मिशन नामक सम्स्था बनाकर लाहिड़ी महाशय की शिक्षाओं का बंगाल में प्रचार-प्रसार किया। .

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पंचानन मित्र

डॉ पंचानन मित्र (25 मई 1892 – 25 जुलाई 1936) भारत में नृविज्ञान के प्रथम प्रोफेसर थे।Bose, Kaushik (2006) Panchanan Mitra.

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पंचवटी

पंचवटी के निम्नलिखित अर्थ हो सकते हैं- स्थान.

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पंडित बुद्धदेव दासगुप्ता

पद्मभूषण बुद्धदेव दासगुप्ता (1 फरवरी 1933 – 15 जनवरी 2018), एक भारतीय शास्त्रीय संगीतकार और सरोदवादक थे। उन्होंने पंडित राधिका मोहन माइत्रा से सरोद वादन सीखा था। भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इसके पूर्व उन्हें वर्ष 2015 में संगीत महासम्मान और बंगाल विभूषण से सम्मानित किया गया था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे "बहुत देर हो चुकी है" कहकर लौटा दिया था। तत्पश्चात उन्हें जनवरी 2012 में, पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।15 जनवरी, 2018 को हृदयगति रुक जाने के कारण उनका कोलकाता में निधन हो गया। .

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पंकज मलिक

पंकज मलिक (পঙ্কজ কুমার মল্লিক) बंगाली संगीत निर्देशक थे जिन्होंने बंगाली तथा हिन्दी फ़िल्म संगीत में अपना अद्वितीय योगदान दिया। भारतीय सिनेमा में पार्श्व गायन लाने वालों में वे अग्रणी थे। .

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पुणे जंक्शन रेलवे स्टेशन

पुणे जंक्शन रेलवे स्टेशन पुणे शहर का रेलवे स्टेशन है। याहासे उत्त्तर भारत, राजस्थान, गुजरात के लिये गादिया निकलती है। मुम्बई से दक्षिण भारत जानेवाली सारी गाडिया याहापे रुखती है। आनेवाले कुच सालोमे पुणे से अहमदाबाद जने वाली बुलेट ट्रन भी होगी। इस स्टेशनको ६ प्लटफोर्म है और २ फूटब्रिज है। देक्कन ओडीसी बोलके एक पर्यटन गाडी भी इस स्टेशन पे एक दिन केलिए रुखती है। पुणे से लोनावला लोकल सेवा है। याहासे अहमदाबाद, दिल्ली और हावडा को दुरोनतो गाडिया जाती है। करनाटक समपर्क क्रान्ती ये गाडि पुणे को दिल्ली और बंगलौर से जोडती है। पुणे से सिकंदराबाद जानेवाली शताबदी भी इस साल सुरु होगी। .

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पुरालेखविद्या

कागज का टुकड़ा जिस पर खरोष्टी में लिखा गया है (२री-५वीं शदी) प्राचीन लेखों को पढ़ना और उनके आधार पर इतिहास का पुनर्गठन करना पुरालेखविद्या (Palaeography) कहलाता है। पुरालेखविद्या के अन्तर्गत निम्नलिखित बातें आती हैं- 1.

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पुरुषोत्तम दास टंडन

पुरूषोत्तम दास टंडन (१ अगस्त १८८२ - १ जुलाई, १९६२) भारत के स्वतन्त्रता सेनानी थे। हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा के पद पर प्रतिष्ठित करवाने में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के अग्रणी पंक्ति के नेता तो थे ही, समर्पित राजनयिक, हिन्दी के अनन्य सेवक, कर्मठ पत्रकार, तेजस्वी वक्ता और समाज सुधारक भी थे। हिन्दी को भारत की राजभाषा का स्थान दिलवाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया। १९५० में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्हें भारत के राजनैतिक और सामाजिक जीवन में नयी चेतना, नयी लहर, नयी क्रान्ति पैदा करने वाला कर्मयोगी कहा गया। वे जन सामान्य में राजर्षि (संधि विच्छेदः राजा+ऋषि.

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पुलिस महानिदेशक

पुलिस महानिदेशक राज्य के पुलिस बल का मुखिया होता है। प्रशानिक दृष्टि से प्रत्येक राज्य को क्षेत्रीय मंडलों में बांटा जाता है, जिसे रेंज कहते है। और प्रत्येक पुलिस रेंज,पुलिस महानिरीक्षक के प्रशासनिक नियंत्रण में होता है। एक रेंज में अनेक जिले हो सकते हैं। जिला पुलिस को मुख्यतः पुलिस डिवीजन, सर्कलों और थानों में विभाजित किया जाता है। नागरिक पुलिस के अलावा राज्य के पास अपनी स्वयं की सशस्त्र पुलिस रखने का अधिकार भी हैं और उनमें अलग से गुप्तचर शाखायें, अपराध शाखायें आदि का प्रावधान भी होता हैं। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर,हैदराबाद, अहमदाबाद, नागपुर,पुणे, भुवनेश्वर,कटक जैसे बड़े महानगरों में पुलिस व्यवस्था का मुखिया,प्रत्यक्ष रूप से पुलिस आयुक्त होता है। विभिन्न राज्यों में उच्च पुलिस अधिकारी पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) द्वारा भर्ती की जाती है, जिसकी भर्ती परीक्षा में पूरे भारत के अभ्यर्थी शामिल होते हैं। .

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प्रतिम दासगुप्ता

प्रतिम दासगुप्ता एक भारतीय पत्रकार, फ़िल्म समीक्षक, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक हैं। वो द टेलीग्राफ समाचार पत्र के लिए बॉलीवुड फ़िल्मों की समीक्षाएँ लिखते हैं। उनकी लेखक-निर्देशक के रूप में प्रथम फ़िल्म पाँच अध्याय है जो प्रियांशु चटर्जी और दिया मिर्ज़ा अभिनीत है। .

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प्रदीप चौधुरी

प्रदीप चौधुरी (५ फरबरि १९४३) बांग्ला साहित्य के भूखी पीढ़ी (हंगरी जनरेशन) साहित्य अंदोलनके प्रख्यात कवि, आलोचक एवम अनुवादक हैं। भूखी पीढी आंदोलन में योगदान के लिये उन्हें विश्वभारती विश्वविद्यालय से रसटिकेट (बेदखल) कर दिया गया था। आन्दोलन के जिन ग्यारह सदस्य के खिलाफ़ गिरफ़्तारी का समन निकला था उन लोगों में प्रदीप चौधुरी भी थे। उनके पिता के अगरतला (त्रिपुरा) स्थित घर से गिरफतार करके उन्हें कोलकाता के बंकशल अदालत में पेश किया गया था, हालांकि उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चला था। रसटिकेट होने के बाद उन्होंने फिर से यादबपुर विश्व्विद्यालय में दाखिला लिया और अंग्रेजी में एम ए पास किया। वे कोलकाता में में स्कूलों में शिक्षक रहे, जिस दौरान उन्होंने फ़्रेन्च भाषा में पठन किया। यह पठन बाद में उनके अनुवाद कार्य में काम आया। शान्तिनिकेतन में पढ़ते समय वे स्वकाल् नाम से भूखी पीढ़ी की एक लघु पत्रिका का सम्पादन किया करते थे, जिसका नाम बदलकर सत्तर के दशक में उन्होने फु: रख लिया। फु: एक त्रिभाषिक (बांग्ला, अंग्रेजी एवं फ़्रेन्च) पत्रिका के रूप में काफ़ी सफल रही। .

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प्रधान डाकघर, कोलकाता

प्रधान डाकघर, (अंग्रेजी: General Post Office) कोलकाता शहर का केन्द्रीय और पश्चिम बंगाल का मुख्य डाकघर है। यह डाकघर कोलकाता शहर की अधिकांश आने व जाने वाली डाक और पार्सलों को संभालता है। यह बी.बी.डी. बाग क्षेत्र में नेताजी सुभाष रोड पर स्थित है। जीपीओ की भव्य संरचना इसे शहर के प्रमुख स्थलों में से एक बनाती है। .

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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित दुर्घटना बीमा योजना है। इसका आरम्भ भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने ९ मई २०१५ को कोलकाता में किया। 12 / – प्रति वर्ष रुपये की न्यूनतम प्रीमियम दर के साथ यह नीति समाज के गरीब और निम्न आय वाले वर्ग के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है। प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना आकस्मिक निधन और स्थायी विकलांगता के लिए 2 लाख और  स्थायी आंशिक अक्षमता के लिए 1 लाख रुपये का जीवन कवरेज प्रदान करती है। ।। 18-70 वर्षों के आयु वर्ग के व्यक्तियों को जिनके पास किसी भी बैंक का एक बचत खता हो इस योजना की सदस्यता मिल सकती है। यदि आपके पास एक से अधिक बचत बैंक खाते हैं तो आप केवल एक बचत बैंक खाते का उपयोग करके इस योजना की सदस्यता ले सकते हैं। प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में और जानने में आपकी सहायता के लिए, इस लेख में हमने नीति के विभिन्न पहलुओं पर संक्षेप में चर्चा की है। .

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प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित एक जीवन बीमा योजना है। इसका आरम्भ कोलकाता में ९ मई २०१५ को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। भारत सरकार ने समाज के गरीब और कम आय वर्ग के विकास के लिए एक नई जीवन बीमा योजना, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना शुरू की है। एक शुद्ध अवधि बीमा योजना के रूप में, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना 18 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एक नवीकरण अवधि की बीमा पॉलिसी है, जो कि वार्षिक रूप से जीवन बीमा कवरेज प्रदान करती है जिस का बीमा किया गया है उस व्यक्ति के निधन के मामले में बीमा कम्पनी उसके व्यारा नामित किये हुए व्यक्ति को 2,00,000 रुपये, देती है इसकी प्रीमियम दर बीमा पालिसी में सबसे किफायती है इसके लिए आप को सिर्फ 330 रूपए देने होंगे ये प्रति वर्ष के लिए रही है तो आप के नवीन वर्ष में इसका प्रमियम दुबारा से 330 देना होगा | .

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प्रफुल्ल चन्द्र राय

डाक्टर प्रफुल्लचंद्र राय (2 अगस्त 1861 -- 16 जून 1944) भारत के महान रसायनज्ञ, उद्यमी तथा महान शिक्षक थे। आचार्य राय केवल आधुनिक रसायन शास्त्र के प्रथम भारतीय प्रवक्ता (प्रोफेसर) ही नहीं थे बल्कि उन्होंने ही इस देश में रसायन उद्योग की नींव भी डाली थी। 'सादा जीवन उच्च विचार' वाले उनके बहुआयामी व्यक्तित्व से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने कहा था, "शुद्ध भारतीय परिधान में आवेष्टित इस सरल व्यक्ति को देखकर विश्वास ही नहीं होता कि वह एक महान वैज्ञानिक हो सकता है।" आचार्य राय की प्रतिभा इतनी विलक्षण थी कि उनकी आत्मकथा "लाइफ एण्ड एक्सपीरियेंसेस ऑफ बंगाली केमिस्ट" (एक बंगाली रसायनज्ञ का जीवन एवं अनुभव) के प्रकाशित होने पर अतिप्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पत्रिका "नेचर" ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए लिखा था कि "लिपिबद्ध करने के लिए संभवत: प्रफुल्ल चंद्र राय से अधिक विशिष्ट जीवन चरित्र किसी और का हो ही नहीं सकता।" आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय भारत में केवल रसायन शास्त्र ही नहीं, आधुनिक विज्ञान के भी प्रस्तोता थे। वे भारतवासियों के लिए सदैव वंदनीय रहेंगे। .

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प्रफुल्ल चाकी

प्रफुल्ल चाकी क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी (बांग्ला: প্রফুল্ল চাকী) (१० दिसंबर १८८८ - १ मई १९०८) का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। प्रफुल्ल का जन्म उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला (अब बांग्लादेश में स्थित) के बिहारी गाँव में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो वर्ष के थे तभी उनके पिता जी का निधन हो गया। उनकी माता ने अत्यंत कठिनाई से प्रफुल्ल का पालन पोषण किया। विद्यार्थी जीवन में ही प्रफुल्ल का परिचय स्वामी महेश्वरानन्द द्वारा स्थापित गुप्त क्रांतिकारी संगठन से हुआ। प्रफुल्ल ने स्वामी विवेकानंद के साहित्य का अध्ययन किया और वे उससे बहुत प्रभावित हुए। अनेक क्रांतिकारियों के विचारों का भी प्रफुल्ल ने अध्ययन किया इससे उनके अन्दर देश को स्वतंत्र कराने की भावना बलवती हो गई। बंगाल विभाजन के समय अनेक लोग इसके विरोध में उठ खड़े हुए। अनेक विद्यार्थियों ने भी इस आन्दोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रफुल्ल ने भी इस आन्दोलन में भाग लिया। वे उस समय रंगपुर जिला स्कूल में कक्षा ९ के छात्र थे। प्रफुल्ल को आन्दोलन में भाग लेने के कारण उनके विद्यालय से निकाल दिया गया। इसके बाद प्रफुल्ल का सम्पर्क क्रांतिकारियों की युगान्तर पार्टी से हुआ। .

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प्रबुद्ध भारत

मार्च १८९७ की 'प्रबुद्ध भारत' पत्रिका का मुखपृष्ठ प्रबुद्ध भारत (Prabuddha Bharata) रामकृष्ण मिशन द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी मासिक पत्रिका है। इसका प्रकाशन सन् १८९६ से होता आ रहा है। इसमें भिक्षुओं, साधुओं एवं सन्यासियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक विषयों पर लेख होते हैं। इसका सम्पादन उत्तराखण्ड के मायावती स्थित अद्वैत आश्रम से होता है किन्तु प्रकाशन एवं मुद्रण कोलकाता से होता है। .

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प्रबोध चन्द्र सेनगुप्त

प्रबोध चन्द्र सेनगुप्त (1876 – 1962) प्राचीन भारतीय खगोलविज्ञान के इतिहासकार थे। वे कोलकाता के बेथुने कॉलेज में गणित के प्रोफेसर तथा कोलकाता विश्वविद्यालय में भारतीय खगोलिकी एवं गणित के प्रवक्ता थे। .

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प्रभा खेतान

डॉ प्रभा खेतान डॉ॰ प्रभा खेतान (१ नवंबर १९४२ - २० सितंबर २००८) प्रभा खेतान फाउन्डेशन की संस्थापक अध्यक्षा, नारी विषयक कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदार, फिगरेट नामक महिला स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापक, १९६६ से १९७६ तक चमड़े तथा सिले-सिलाए वस्त्रों की निर्यातक, अपनी कंपनी 'न्यू होराईजन लिमिटेड' की प्रबंध निदेशिका, हिन्दी भाषा की लब्ध प्रतिष्ठित उपन्यासकार, कवयित्री तथा नारीवादी चिंतक तथा समाज सेविका थीं। उन्हें कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स की एकमात्र महिला अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त था। वे केन्द्रीय हिन्दी संस्थान की सदस्या थीं। .

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प्रभात खबर

प्रभात खबर राँची, जमशेदपुर, कोलकाता और देवघर से प्रकाशित होने वाला हिन्दी भाषा का एक दैनिक है। .

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प्रशान्त तामांग

प्रशान्त तामांग (नेपाली:प्रशान्त तामाङ) एक गायक और इन्डियन आइडल-3 प्रतियोगिता कै विजयी है। इन्डियन आइडल के अन्तिम चरण तक पहुंचने वाले वे प्रथम भारतीय नेपाली है। वे इस प्रतियोगिता को जितने वाले प्रथम भारतीय प्रहरी जवान भी है। इनके पिता का देहान्त भारतीय प्रहरी के सेवा में कार्यरत अवस्था मै प्रहरी से सम्बन्धित दुर्घटना मै हुवा था। उनके पिता का इस प्रकार का वीर परन्तु दुःखद निधन कै बाद वेह अपने परिवार को सम्हाल्ने के लिए विद्यालय छोडकर भारतीय प्रहरी बल मै नौकरी करने लगे। इस लिए वेह औपचारिक संगीत सिकने से बंचित हो गए। उन्हौंने कोलकाता मै प्रहरी अर्केस्ट्रा मै ही अपना प्रतिभा कायम किया। .

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प्रायोगिक सूक्ष्मतरंग इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी तथा अनुसंधान संस्था

प्रायोगिक सूक्ष्मतरंग इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी तथा अनुसंधान संस्था (Society for Applied Microwave Electronics Engineering & Research / समीर / SAMEER) टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर), मुंबई में स्थापित विशेष माइक्रोवेव उत्पाद इकाई (एसएमपीयू) की एक शाखा है। इसकी स्थापना मुंबई में माइक्रोवेव इंजीनियरिंग एवं विद्युतचुम्बकीय इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास कार्य को पूरा करने के लिए एक व्यापक अधिदेश के साथ तत्कालीन इलेक्ट्रॉनिकी विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला के रूप में की गई थी। समीर (SAMEER) मुंबई की स्थापना 1984 में की गई थी। 1987 में चेन्नई के तत्कालीन इलेक्ट्रॉनिकी विभाग (डीओई) के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक केंद्र का समीर (SAMEER) में विलय कर दिया गया था। समीर, कोलकाता की स्थापना 1994 में मिलीमीटरवेव प्रौद्योगिकी में अनुसंधान एवं विकास के लिए की गई थी। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की सीई मार्किंग हेतु ईएमआई/ईएमसी सुविधा के बढ़ाने के लिए समीर के नवी मुंबई परिसर में एक नए केंद्र की स्थापना की जा रही है। .

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प्राकृतिक चिकित्सा का इतिहास

प्राकृतिक चिकित्सा का इतिहास उतना ही पुराना है जितना स्वयं प्रकृति। यह चिकित्सा विज्ञान आज की सभी चिकित्सा प्राणालियों से पुराना है। अथवा यह भी कहा जा सकता है कि यह दूसरी चिकित्सा पद्धतियों कि जननी है। इसका वर्णन पौराणिक ग्रन्थों एवं वेदों में मिलता है, अर्थात वैदिक काल के बाद पौराणिक काल में भी यह पद्धति प्रचलित थी। आधुनिक युग में डॉ॰ ईसाक जेनिग्स (Dr. Isaac Jennings) ने अमेरिका में 1788 में प्राकृतिक चिकित्सा का उपयोग आरम्भ कर दिया था। जोहन बेस्पले ने भी ठण्डे पानी के स्नान एवं पानी पीने की विधियों से उपचार देना प्रारम्भ किया था। महाबग्ग नामक बोध ग्रन्थ में वर्णन आता है कि एक दिन भगवान बुद्ध के एक शिष्य को सांप ने काट लिया तो उस समय विष के नाश के लिए भगवान बुद्ध ने चिकनी मिट्टी, गोबर, मूत्र आदि को प्रयोग करवाया था और दूसरे भिक्षु के बीमार पड़ने पर भाप स्नान व उष्ण गर्म व ठण्डे जल के स्नान द्वारा निरोग किये जाने का वर्णन 2500 वर्ष पुरानी उपरोक्त घटना से सिद्ध होता है। प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-2 योग एवं आसानों का प्रयोग शारीरिक एवं आध्यात्मिक सुधारों के लिये 5000 हजारों वर्षों से प्रचलन में आया है। पतंजलि का योगसूत्र इसका एक प्रामाणिक ग्रन्थ है इसका प्रचलन केवल भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी है। प्राकृतिक चिकित्सा का विकास (अपने पुराने इतिहास के साथ) प्रायः लुप्त जैसा हो गया था। आधुनिक चिकित्सा प्राणालियों के आगमन के फलस्वरूप इस प्रणाली को भूलना स्वाभाविक भी था। इस प्राकृतिक चिकित्सा को दोबारा प्रतिष्ठित करने की मांग उठाने वाले मुख्य चिकित्सकों में बड़े नाम पाश्चातय देशों के एलोपैथिक चिकित्सकों का है। ये वो प्रभावशाली व्यक्ति थे जो औषधि विज्ञान का प्रयोग करते-2 थक चुके थे और स्वयं रोगी होने के बाद निरोग होने में असहाय होते जा रहे थे। उन्होने स्वयं पर प्राकृतिक चिकित्सा के प्रयोग करते हुए स्वयं को स्वस्थ किया और अपने शेष जीवन में इसी चिकित्सा पद्धति द्वारा अनेकों असाध्य रोगियों को उपचार करते हुए इस चिकित्सा पद्धति को दुबारा स्थापित करने की शुरूआत की। इन्होने जीवन यापन तथा रोग उपचार को अधिक तर्कसंगत विधियों द्वारा किये जाने का शुभारम्भ किया। प्राकृतिक चिकित्सा संसार मे प्रचलित सभी चिकित्सा प्रणाली से पुरानी है आदिकाल के ग्रंथों मे जल चिकित्सा व उपवास चिकित्सा का उल्लेख मिलता है पुराण काल मे (उपवास)को लोग अचूक चिकित्सा माना करते थे .

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प्रिंसेप घाट

प्रिंसेप घाट या प्रिन्सेप घाट (अंग्रेजी: Prinsep Ghat, बंगाली: প্রিন্সেপ ঘাট) ब्रिटिश राज के दौरान भारत के कोलकाता शहर में हुगली नदी के किनारे पर सन 1841 में निर्मित एक घाट है। घाट पर सन 1843 में प्रख्यात आंग्ल-भारतीय विद्वान और पुरातत्वविद् जेम्स प्रिंसेप की स्मृति में डब्ल्यू फिजराल्ड़ द्वारा डिजाइन किये गये एक पलैडियाई ओसारे (पोर्च) का निर्माण भी किया गया था। यह फोर्ट विलियम के वाटर गेट और सेंट जॉर्ज गेट के बीच स्थित है। प्रिंसेप के इस स्मारक में यूनानी और गोथिक शैली का प्रयोग किया गया है। नवंबर 2001 में राज्य के लोक निर्माण विभाग द्वारा इस स्मारक का पुनरुद्धार किया गया और तब से इसका अनुरक्षण उचित रूप से किया जा रहा है। निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में, सभी शाही ब्रिटिश मुहासिरे आरोहण और अवरोहण के लिए प्रिंसेप घाट घाट का इस्तेमाल किया करते थे। प्रिंसेप घाट कोलकाता के सबसे पुराने मनोरंजन स्थलों में से एक है। सप्ताहांत में लोग शाम के समय यहाँ नदी में नौका विहार करने, नदी किनारे टहलने और यहाँ उपलब्ध भोजन का आनन्द उठाने के लिए आते हैं। यहाँ स्थित एक आइसक्रीम और फास्ट फूड स्टाल तो पिछले 40 से भी अधिक से यहाँ कार्यरत है। प्रिंसेप घाट और बाबुघाट के बीच के 2 किलोमीटर लम्बे सौन्दर्यीकृत नदीतट का उद्घाटन 24 मई 2012 को किया गया। यहाँ पर रोशनी से जगमगाते सुंदर बगीचे, रास्ते, फव्वारे और पुनर्निर्मित घाट स्थित हैं। हिन्दी फिल्म परिणीता के एक गाने को यहाँ फिल्माया गया था। प्रिंसेप घाट के नाम पर एक रेलवे स्टेशन का नाम भी रखा गया है। यह स्टेशन कोलकाता सर्कुलर रेलवे का हिस्सा है जिसका अनुरक्षण पूर्वी रेलवे द्वारा किया जाता है। स्टेशन कोड PPGT है। यहाँ पास ही मैन-ओ-वार नाम की एक जेट्टी भी है जो कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के अंतर्गत आती है और बंदरगाह द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध में निभाई गयी इसकी भूमिका की याद दिलाती है। घाट को मुख्य रूप से भारतीय नौसेना द्वारा प्रयोग किया जाता है। .

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प्रवर्तन निदेशालय

प्रवर्तन निदेशालय (Directorate General of Economic Enforcement), भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व् विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच ऐजेंसी है, जो निम्न‍लिखित विधियों को प्रवर्तित करता है:- विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999(फेमा) – विदेशी विनिमय नियंत्रण विधियों एवं विनियमों के संदिग्‍ध उल्‍लंघनों की जांच करने के साथ-साथ उन आरोपियों पर, जिनके विरूद्ध निर्णय दिया गया है शास्तियां लगाने के अधिकार के लिए एक सिविल विधि जो अर्द्ध न्‍यायिक अधिकार से युक्‍त है। 'धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002(पीएमएलए) – अपराधिक गतिविधियों से व्‍युत्‍पन्‍न की गई परिसंपत्तियों का पता लगाने के लिए जॉंच करने और उस संपत्ति को अनंतिम रूप से जब्‍त करने/कुर्क करने एवं धन शोधन में लिप्‍त पाए जाने वाले अपराधियों पर मुकदमा चलाए जाने के लिए अधिकारियों को अधिकार देने वाली एक विधि। प्रवर्तन निदेशालय का मुख्यालय नयी दिल्ली में है। प्रवर्तन निदेशक, इसके प्रमुख है। पाँच क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई, चेन्नै, चंडीगढ़, कोलकाता तथा दिल्‍ली हैं जिनके विशेष निदेशक प्रवर्तन प्रमुख हैं। निदेशालय में क्षेत्रीय कार्यालय अर्थात अहमदाबाद, बंगलौर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोच्ची, दिल्ली, पणजी, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जालंधर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पटना तथा श्रीनगर हैं। जिनके प्रमुख संयुक्‍त निदेशक है। निदेशालय में उप क्षेत्रीय कार्यालय अर्थात भुवनेश्वर, कोझीकोड, इंदौर, मदुरै, नागपुर, इलाहाबाद, रायपुर, देहरादून, रांची, सूरत, शिमला हैं। जिनके प्रमुख उप निदेशक है। .

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प्रवीण आमरे

प्रवीण कल्याण आमरे (Pravin Kalyan Amre) (एक पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी है जिनका जन्म १४ अगस्त १९६८ को महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई, accessdate.

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प्रौद्योगिकी शिक्षा

प्रौद्योगिकी के अध्ययन को प्रौद्योगिकी शिक्षा (Technology education) कहते हैं। इसमें विद्यार्थी प्रौद्योगिकी से सम्बन्धित प्रक्रमों का अध्यन करते हैं तथा प्रौद्योगिकी का ज्ञान प्राप्त करते है। .

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प्रेम नाथ डोगरा

प्रेम नाथ डोगरा (२४ अक्टूबर १८८४ - २० मार्च १९७२) भारत के एक राजनेता थे। उन्होने जम्मू तथा कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए बहुत कार्य किया। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। वे प्रजा परिषद् के पहले अध्यक्ष थे। उन्हे 'शेर-ए-डुग्गर' कहा जाता है। डोगरा की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम था कि 'एक विधान, एक निशान और एक प्रधान' की मांग पर आंदोलन का आगाज हुआ। परिणामतः देश, केंद्र और राज्य के बीच मजबूत रिश्ते कायम हुए। प्रेमनाथ जी राजा हरिसिंह के समय डी.सी.

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प्रेमचंद्र तर्कवागीश

प्रेमचंद्र तर्कवागीश संस्कृत विद्वान तथा लेखक थे। वे कोलकाता के संस्कृत कॉलेज में १८३२ से १८६४ तक प्राध्यापक थे। होरेश हेमान, विल्सन और ई बी कोवेल आदि पाश्चात्य संस्कृत विद्वानों को पढ़ाया था। .

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प्रेसिडेन्सी विश्वविद्यालय, कोलकाता

प्रेसिडेंसी कॉलेज, कोलकाता (Presidency College; প্রেসিডেন্সি কলেজ) कोलकाता, पश्चिम बंगाल में कला, विज्ञान और मानविकी के क्षेत्रों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए एक श्रेष्ठ भारतीय शिक्षा प्रतिष्ठान है। इस प्रतिष्ठान ने अनेक प्रसिद्ध भारतीय कलाकार, लेखक, वैज्ञानिक, राजनीतिज्ञ, दार्शनिक इत्यादि दिए है। .

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प्रो कबड्डी लीग

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) भारत में एक पेशेवर कबड्डी लीग, इंडियन प्रीमियर लीग टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट के प्रारूप पर आधारित है। यह प्रायोजन कारणों के लिए के रूप में स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी में जाना जाता है। टूर्नामेंट के पहले संस्करण में भारत के विभिन्न शहरों का प्रतिनिधित्व करने वाले आठ फ्रेंचाइजी के साथ 2014 में खेला गया था। यह वर्तमान में मशाल स्पोर्ट्स द्वारा प्रबंधित किया जाता है। .

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प्रीतम

प्रीतम चक्रबोर्ती (चक्रवर्ती) (बंगाली: প্রীতম চক্রবর্ত্তী) जिन्हें प्रीतम के नाम से बेहतर जाना जाता है, (14 जून 1971) बॉलीवुड फिल्मों के एक प्रख्यात भारतीय संगीत निर्देशक, संगीतकार, गायक, वादक और रिकार्ड निर्माता है जो वर्तमान में मुम्बई में रहते हैं।। लगभग डेढ़ दशकों में फैले कैरियर में, प्रीतम ने सौ से अधिक बॉलीवुड फिल्मों के लिए संगीत रचना की है। कई शैलियों को कवर कर चुके प्रीतम भारत में सबसे बहुमुखी संगीत संगीतकारों में से एक हैं। वह 2 फिल्मफेयर पुरस्कार, 4 जी सिने अवार्ड्स, 3 स्टार स्क्रीन पुरस्कार, 3 आईफा पुरस्कार और कई अन्य पुरस्कार जीत चुके हैं। .

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प्रीतिलता वादेदार

प्रीतिलता वादेदार (बांग्ला: প্রীতিলতা ওয়াদ্দেদার) (5 मई 1911 – 23 सितम्बर 1932) भारतीय स्वतंत्रता संगाम की महान क्रान्तिकारिणी थीं। वे एक मेधावी छात्रा तथा निर्भीक लेखिका भी थी। वे निडर होकर लेख लिखती थी। .

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पृथ्वी का गुरूत्व

नासा (NASA) के ग्रेस (GRACE) मिशन द्वारा मापा गया धरती का गुरुत्व पृथ्वी के सतह के निकट किसी पिण्ड के इकाई द्रव्यमान पर लगने वाला पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी का गुरुत्व कहलाता है। इसे g के रूप में निरूपित किया जाता है। यदि कोई पिण्ड धरती के सतह के निकट गुरुत्वाकरण बल के अतिरिरिक्त किसी अन्य बल की अनुपस्थिति में स्वतंत्र रूप से गति कर रही हो तो उसका त्वरण g के बराबर होगा। इसका मान लगभग 9.81 m/s2होता है। (ध्यान रहे कि G एक अलग है; यह गुरूत्वीय नियतांक है।) g का मान पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न होता है। g को त्वरण की भातिं भी समझा जा सकता है। यदि कोई पिंड पृथ्वी से ऊपर ले जाकर छोड़ा जाय और उस पर किसी प्रकार का अन्य बल कार्य न करे तो वह सीधा पृथ्वी की ओर गिरता है और उसका वेग एक नियत क्रम से बढ़ता जाता है। इस प्रकार पृथ्वी के आकर्षण बल के कारण किसी पिंड में उत्पन्न होने वाली वेगवृद्धि या त्वरण को गुरूत्वजनित त्वरण कहते हैं। इसे अंग्रेजी अक्षर g द्वारा व्यक्त किया जाता है। ऊपर कहा जा चुका है कि इसे किसी स्थान पर गुरूत्व की तीव्रता भी कहते हैं। .

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पूरनचंद जोशी

पूरनचंद जोशी (जन्म: १ मार्च १९२८) भारत के एक जाने-माने समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री और हिन्दी साहित्यकार हैं। उन्होंने भारतीय समाज की समस्याओं, उसके चरित्र एवं उसकी गतिविधियों का आर्थिक दृष्टिकोण से गहन अध्ययन किया है, भारतीय समाज एवं भारतीय अर्थ-व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर प्रस्तुत किए गए उनके निष्कर्ष अत्यंत विचारपूर्ण हैं। जोशी जी की गणना हम उन गिने-चुने समाज वैज्ञानिकों में कर सकते हैं जो समाज की समस्याओं पर विचार करते समय केवल सैद्धान्तिक ज्ञान को ही आधार नहीं बनाते, वरन् व्यावहारिक अनुभव से सम्पृक्त करके अपने अध्ययनों के निष्कर्ष प्रस्तावित करते हैं। .

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पूर्णसिंह

सरदार पूर्ण सिंह पूर्णसिंह (पंजाबी: Punjabi: ਪ੍ਰੋ. ਪੂਰਨ ਸਿੰਘ; १८८१ - १८३१ ई.) भारत के देशभक्त, शिक्षाविद, अध्यापक, वैज्ञानिक एवं लेखक थे। वे पंजाबी कवि थे और आधुनिक पंजाबी काव्य के संस्थापकों में उनकी गणना होती है। .

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पूर्णिमा चौधरी

पूर्णिमा चौधरी (Purnima Choudhary)(जन्म;१५ अक्तूबर १९७१,कोलकाता,भारत) एक पूर्व भारतीय महिला वनडे क्रिकेट खिलाड़ी है जो भारत की अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलती थी। ये दाएं हाथ से बल्लेबाजी और गेंदबाजी करती थी। इन्होंने अपने कैरियर में कुल पांच एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले थे जिसमें इन्होंने २० रन बनाए थे। .

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पूर्णिया

पूर्णिया भारत के बिहार प्रान्त का एक जिला एवं जिला मुख्यालय है। यहाँ से नेपाल तथा पूर्वोत्तर भारत जाने का रास्ता है। एन एच 31 जो कि इस्ट-वेस्ट कोरीडर का हिस्सा है उत्तर भारत को आसाम, सिक्कीम, मेघालय, अरुणाचल, त्रिपुरा, नागालैंड, मणीपुर, मिजोरम तथा भुटान से जोड‍़ता है। पूर्णिया पूर्वोत्तर बिहार का सबसे बड़ा नगर है। यह नगर स्वास्थ्य सेवा, मोटर पार्ट, अनाज और किराना मंडी के कारण पूरे पूर्वी भारत में विख्यात है। मुगल काल से ही पूर्णिया प्रशासनिक दृष्टीकोण से महत्वपूर्ण स्थान रहा है, अंग्रजी हुकूमत के दौर में भी यहां से आस-पास के इलाकों पर नियंत्रण किया जाता था। वर्तमान में पूर्णिया प्रमंडलीय मुख्यालय है जिसके अंत्रगत पूर्णिया, कटीहार, अररिया और किशनगंज जिले आते हैं। पूर्णिया, सौरा नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित नगर है। यहाँ कारागृह तथा कार्यालयों की इमारतें अच्छी हालत में हैं। कंबल, चटाइयाँ और सरसों के तेल पेरने आदि का काम होता है तथा यहाँ की उत्पादित वस्तुएँ यहीं खप जाती हैं। .

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पूर्व रेलवे (भारत)

पूर्व रेलवे भारतीय रेल की एक इकाई है। इसे लघुरूप में पूरे कहा जाता है। इसकी स्थापना अप्रैल, 1952 में हुई थी। इसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। .

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पूर्वी भारत

पूर्वी भारत, में भारत के पूर्व के क्षेत्र आते हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार एवं झारखंड राज्य शामिल हैं। यहां बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में हिन्दी, बांग्ला, उड़िया, उर्दु तथा मैथिली आती हैं। यहां के बड़े शहरों में कोलकाता, भुवनेश्वर, पटना, कटाक, रांची, राउरकेला हैं। .

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पूजाली

पूजाली कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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पेप्सी इंडिपेंडेंस कप 1997

1997 पेप्सी इंडिपेंडेंस कप भारत की स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित एक चौथाई ओडीआई क्रिकेट टूर्नामेंट था। इसमें न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और मेजबान भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों को शामिल किया गया। टूर्नामेंट श्रीलंका ने जीता था, जिसने पाकिस्तान के तीनों फाइनल में सर्वश्रेष्ठ को हराया था। .

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पोली रॉय

पोली रॉय ओबीई एक लंदन स्कूल ऑफ हायजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में एक प्रोफेसर और वायरोलॉजी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कई स्कूलों में भाग लिया जिसमें कोलंबिया विश्वविद्यालय मेडिकल स्कूल, रूटर विश्वविद्यालय, अलबामा विश्वविद्यालय, और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं। 2001 में वह लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन का एक हिस्सा बन गई और, वायरोलॉजी के अध्यक्ष होने के साथ-साथ वह मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी कोर्स के सह-आयोजक भी हैं। जिस विषाणु को उन्होंने अपना अधिकांश कैरियर समर्पित किया है वह ब्ल्यूटंग रोग है जो भेड़ और मवेशियों को प्रभावित करता है। वह एक संगोष्ठी में भाग लेने के बाद इस वायरस में दिलचस्पी लेने लगी और इस तथ्य से चकित हो गई थी कि ऐसे वायरस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी जो इस तरह के गंदी और कभी-कभी घातक बीमारी पैदा कर रहा था। .

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पोस्ता, बड़ा बजार

पोस्ता, बड़ा बजार कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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पीजूष गांगुली

पीयुष गांगुली (बंगाली भाषा: পীযূষ গঙ্গোপাধ্যায়, 2 जनवरी 1965 - 24 अक्टूबर 2015) भारत से एक बंगाली फिल्म, टीवी और नाट्य अभिनेता थे। उन्होने अभिनय जीवन की शुरूआत रंगमंच कलाकार के रूप में की थी तदोपरांत वे टेलीविजन तथा फिल्म अभिनय की ओर उन्मुख हुए। बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से उत्तम अभिनय का वर्ष 2005 का पुरस्कार तथा पश्चिम बंगाल सरकार टेली अकादमी पुरस्कार 2014 तथा कुछ अन्य पुरस्कार भी इन्हें प्राप्त हुए थे। उन्होने कुछ विशिष्ट बंगाली फिल्मों जैसे अपर्णा सेन की ‘गायनार बक्शा, अंजन दत्त की ब्योमेश-बक्शी तथा शेखर दास की ‘माहुलबनिर सेरेन्ग’ आदि में अपने उत्कृष्ट अभिनय की छाप छोड़ी। वे 20 अक्टूबर को हाबड़ा के निकट कोना एक्सप्रेस वे के पास संतरागाछी में हुई एक कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गये थे। 25 अक्टूबर, 2015 को बेले व्यू क्लिनिक, कोलकाता में उनका निधन हो गया। .

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पी॰ टी॰ उषा

पिलावुळ्ळकण्टि तेक्केपरम्पिल् उषा (मलयालम: പിലാവുളളകണ്ടി തെക്കേപറമ്പില്‍ ഉഷ) (जन्म २७ जून १९६४), जो आमतौर पर पी॰ टी॰ उषा के नाम से जानी जाती हैं, भारत के केरल राज्य की एथलीट हैं। "भारतीय ट्रैक ऍण्ड फ़ील्ड की रानी" माने जानी वाली पी॰ टी॰ उषा भारतीय खेलकूद में १९७९ से हैं। वे भारत के अब तक के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से हैं। केरल के कई हिस्सों में परंपरा के अनुसार ही उनके नाम के पहले उनके परिवार/घर का नाम है। उन्हें "पय्योली एक्स्प्रेस" नामक उपनाम दिया गया था। पी॰ टी॰ उषा का जन्म केरल के कोज़िकोड जिले के पय्योली ग्राम में हुआ था। १९७६ में केरल राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए एक खेल विद्यालय खोला और उषा को अपने जिले का प्रतिनिधि चुना गया। .

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पी॰ सी॰ महालनोबिस

प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस (बंगला: প্রশান্ত চন্দ্র মহলানবিস; २९ जून १८९३- २८ जून १९७२) एक प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद थे। उन्हें दूसरी पंचवर्षीय योजना के अपने मसौदे के कारण जाना जाता है। भारत की स्वत्रंता के पश्चात नवगठित मंत्रिमंडल के सांख्यिकी सलाहकार बने तथा औद्योगिक उत्पादन की तीव्र बढ़ोतरी के जरिए बेरोजगारी समाप्त करने के सरकार के प्रमुख उद्देश्य को पूरा करने के लिए योजना का खाका खींचा। महालनोबिस की प्रसिद्धि महालनोबिस दूरी के कारण है जो उनके द्वारा सुझाया गयी एक साख्यिकीय माप है। उन्होने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान की स्थापना की। आर्थिक योजना और सांख्‍यि‍की विकास के क्षेत्र में प्रशांत चन्‍द्र महालनोबिस के उल्‍लेखनीय योगदान के सम्‍मान में भारत सरकार उनके जन्‍मदिन, 29 जून को हर वर्ष 'सांख्‍यि‍की दिवस' के रूप में मनाती है। इस दिन को मनाने का उद्देश्‍य सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्धारण में प्रो॰ महालनोबिस की भूमिका के बारे में जनता में, विशेषकर युवा पीढ़ी में जागरूकता जगाना तथा उन्‍हें प्रेरित करना है। .

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फरक्का परियोजना

यह भारत की एक प्रमुख नदी घाटी परियोजना हैं। गंगा के चरम उत्कर्ष रूप; फरक्का बैराज, जहां से एक धारा कोलकाता को हुगली बन कर जाती है। फ़रक्का बांध (बैराज) भारत के पश्चिम बंगाल प्रान्त में स्थित गंगा नदी पर बना एक बांध है। यह बांध बांगलादेश की सीमा से मात्र १० किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। इस बांध को १९७४-७५ में हिन्दुस्तान कन्स्ट्रक्शन कंपनी ने बनाया था। इस बांध का निर्माण कोलकाता बंदरगाह को गाद (silt) से मुक्त कराने के लिये किया गया था जो की १९५० से १९६० तक इस बंदरगाह की प्रमुख समस्या थी। कोलकाता हुगली नदी पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह है। ग्रीष्म ऋतु में हुगली नदी के बहाव को निरंतर बनाये रखने के लिये गंगा नदी की के पानी के एक बड़े हिस्से को फ़रक्का बांध के द्वारा हुगली नदी में मोड़ दिया जाता है। इस पानी के वितरण के कारण बांगलादेश एवम भारत में लंबा विवाद चला। गंगा नदी के प्रवाह की कमी के कारण बांगलादेश जाने वाले पानी की लवणता बड़ जाती थी और मछ्ली पालन, पेयजल, स्वास्थ और नौकायान प्रभावित हो जाता था। मिट्टी में नमी की कमी के चलते बांगलादेश के एक बड़े क्षेत्र की भूमी बंजर हो गयी थी। इस विवाद को सुलझाने के लिये दोनो सरकारो ने आपस में समझौता करते हुए फ़रक्का जल संधि की रूप रेखा रखी। .

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फ़िन की बया

फ़िन की बया एक छोटी बुनकर चिड़िया की जाति है जो भारत और नेपाल में गंगा तथा ब्रह्मपुत्र की घाटियों में पाई जाती है। इसकी दो उपजातियाँ पहचानी जाती हैं—प्लोसिअस मॅगरहिन्चस, जो कि कुमाऊँ में और प्लोसिअस सलीमअली जो कि पूर्वी तराई में पाई जाती हैं। जब ह्यूम को नैनीताल के पास कालाढूंगी से इस जाति का नमूना मिला तो उन्होंने इसका नामकरण किया। यह जाति फ़्रॅन्क फ़िन द्वारा कोलकाता के पास के तराई इलाके में दुबारा खोजी गई और इसे उनका नाम मिला। ओट्स ने सन् १८८९ में इसे पूर्वी बया नाम दिया जबकि स्टुअर्ट बेकर ने सन् १९२५ में इसे फ़िन की बया नाम दिया। .

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फिलिप्स

एम्स्टर्डम में फिलिप्स मुख्यालय कोनिंक्लिजके फिलिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स एनवी (रॉयल फिलिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स इंक.) जिसे आम तौर पर सबसे अधिक फिलिप्स के रूप में जाना जाता है, एक डच इलेक्ट्रोनिक्स कॉर्पोरेशन है। फिलिप्स दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में से एक है। 2009 में, इसकी बिक्री € 23.18 बिलियन थी। कंपनी 60 से अधिक देशों में 123,800 लोगों को रोजगार देती है। फिलिप्स अनेक क्षेत्रों में सुव्यवस्थित है: फिलिप्स कंज्यूमर लाइफस्टाइल्स (पूर्व में फिलिप्स कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और फिलिप्स डोमेस्टिक एप्लायंसेज तथा पर्सनल केयर), फिलिप्स लाइटिंग और फिलिप्स हैल्थकेयर (पूर्व में फिलिप्स मेडिकल सिस्टम्स).

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फुटवीयर डिजाइन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट

फुटवीयर डिजाइन एण्ड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट एक शैक्षिक संस्थान है जिसका मुख्यालय उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित है। इसके अन्य केन्द्र फुरसतगंज (बरेली), गुना, चेन्नै, कोलकाता, रोहतक, छिन्दवाड़ा, तथा जोधपुर में हैं। .

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फ्रांसिस बुकानन

फ्रांसिस बुकानन एक चिकित्सक था जो बंगाल चिकित्सा सेवा में १७९४ से १८१५ तक कार्यरत रहा। कुछ समय के लिए वह लार्ड वेलेजली का शल्य चिकित्सक (सर्जन) भी रहा। कोलकाता में उसने एक चिड़ियाघर की स्थापना की जो कलकत्ता अलीपुर चिड़ियाघर के नाम से मशहूर हुआ। .

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फ्रांसीसी भारत

फ्रांसीसी भारत 17 वीं सदी के दूसरे आधे में भारत में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित फ्रांसीसी प्रतिष्ठानों के लिए एक आम नाम है और आधिकारिक तौर पर एस्तब्लिसेमेन्त फ्रन्से द्दे इन्द्दए (फ़्रान्सीसी:Établissements français de l'Inde) रूप में जाना जाता, सीधा फ्रेंच शासन 1816 शुरू हुआ और 1954 तक जारी रहा जब प्रदेशों नए स्वतंत्र भारत में शामिल कर लिया गया। उनके शासक क्षेत्रों पॉन्डिचेरी, कराईकल, यानम, माहे और चन्दननगर थे। फ्रांसीसी भारत मे भारतीय शहरों में बनाए रखा कई सहायक व्यापार स्टेशन (लॉज) शामिल थे। कुल क्षेत्र 510 km2 (200 वर्ग मील) था, जिनमें से 293 km2 (113 वर्ग मील) पॉन्डिचेरी का क्षेत्र था। 1936 में, उपनिवेश की आबादी कुल 2,98,851 निवासिया थी, जिनमें से 63% (1,87,870) पॉन्डिचेरी के क्षेत्र में निवास करती थी। .

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फैण्टम

फैण्टम (अंग्रेजी; Phantom) एक कामिक्स पात्र है जिसकी रचना ली फ़ाक ने की जो एक अन्य प्रसिद्द कॉमिक्स पात्र जादूगर मैनड्रैक के रचयिता भी थे। पहली बार १९३६ में एक अखबार में छपनी शुरू होने वाली शृंखला "दि फैण्टम", जिसका नायक फैण्टम है, का प्रकाशन अभी तक जारी है। एक पात्र के रूप में फैण्टम को पहला सुपरहीरो भी माना जाता है। भारत में यह शृंखला पहली बार १९६४ में शुरू हुई जब इंद्रजाल कॉमिक्स का प्रकाशन शुरू हुआ और मैंड्रेक और फैण्टम कॉमिक्स पात्रों का पदार्पण भारत में हुआ। हिन्दी में पहली बार "बेताल की मेखला" नाम से फैण्टम सीरीज का कॉमिक्स छपा जो भारत का पहला हिन्दी कॉमिक्स भी था। वर्तमान समय में इन कॉमिक्सों के इन दुर्लभ संस्करणों की कीमत लाखों में आँकी गयी है। .

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फोर्ट विलियम

फोर्ट विलियम कोलकाता में हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर बना एक किला है, जिसे ब्रिटिश राज के दौरान बनवाया गया था। इसे इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय के नाम पर बनवाया गया था। इसके सामने ही मैदान है, जो कि किले का ही भाग है और कलकत्ता का सबसे बड़ा शहरी पार्क है। .

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फोर्ट विलियम कॉलेज

फोर्ट विलियम कॉलेज (Fort William College) कोलकाता में स्थित प्राच्य विद्याओं एवं भाषाओं के अध्ययन का केन्द्र है। इसकी स्थापना १० जुलाई सन् १८०० को तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली ने की थी। इस संस्था द्वारा संस्कृत, अरबी, फारसी, बंगला, हिन्दी, उर्दू आदि के हजारों पुस्तकों का अनुवाद हुआ। कुछ लोगों ने इस संस्थान को भारत में भाषा के आधार पर भारत के लोगों को बांटने का खेल खेलने का अड्डा माना है। फोर्ट विलियम कॉलेज भारत में आने वाले नए ब्रिटिश युवकों को भारत की ज्ञान मीमांशा, व्याकरण, संस्कृति, ज्ञान, धार्मिक एवं प्रशासनिक ज्ञान से परिचित करवाने का एक बड़ा केंद्र था। इस कॉलेज ने हिन्दी साहित्य, ब्रजभाषा साहित्य, संस्कृत साहित्य के उन्नयन की आधार भूमि तैयार की। फोर्ट विलियम कॉलेज में हिन्दुस्तानी भाषा जाँन बोर्थ्विक गिलक्रिस्ट (1759 - 1841) के निर्देशन में सुचारू रूप से चला। वह उर्दू, अरबिक एवं संस्कृत का भी विद्वान था। उसने कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं जैसे इंगलिश-हिन्दुस्तानी डिक्सनरी, हिन्दुस्तानी ग्रैमर, दि ओरिएंटल लिंग्विस्ट नामक दो ग्रन्थ उसने क्रमशः 1796 और 1798 में प्रकाशित करवाया। श्रेणी:कोलकाता श्रेणी:हिन्दी साहित्य का इतिहास श्रेणी:भारत के महाविद्यालय श्रेणी:कोलकाता के कॉलेज श्रेणी:भारत के कॉलेज श्रेणी:एशिया के कॉलेज.

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बड़ा बाजार

बड़ा बाजार कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बड़ानगर

बड़ानगर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय

श्री बडाबाजार कुमारसभा पुस्ताकलय भारत के संस्कृतिक क्षेत्र का एक सुपरिचित नाम है। यह कोलकाता में है। यह मात्र पुस्तकालय या वचनालय ही नहीं है अपितु इसके द्वारा विभिन्न अवसरो पर गोष्ठियों एवं साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है। यहाँ से विविध विषयो पर एक दर्जन से अधिक प्रकाशन किये गये हैं। अखिल भारतीय स्तर के दो सम्मानों - विवेकानन्द सेवा सम्मान एवं डॉ॰ हेडगेवर प्रज्ञा सम्मान प्रदान किये जाते हैं। इस संस्था की महिला समिति द्वारा 'प्रावर्तित गीता प्रतियोगिता' ने इसको विशिष्टता प्रदान की है। इसकी स्थापना 1918 ई0 में हुई थी। .

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बड़वानी ज़िला

बड़वानी ज़िला भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक ज़िला है। ज़िला मुख्यालय बड़वानी में है। ज़िले का क्षेत्रफल 5,427 किमी² तथा जनसंख्या 1,385,881 (2011 जनगणना) है। यह ज़िला मध्य प्रदेश के दक्षिण पश्चिम में स्थित है, नर्मदा नदी इसकी उत्तरी सीमा बनाती है। सेंधवा इसका प्रसिद्ध नगर है। यह कपास के लिये प्रसिद्ध है। यह एक तहसील भी है। जिले का सर्वाधिक जनसंख्या वाला नगर है यहाँ के किले का ऐतिहासिक महत्व है। बड़वानी नगर से 8 किलोमीटर दूर सतपुड़ा की पहाड़ियों में भगवान ऋषभदेव की 84 फ़ीट की एक पत्थर से निर्मित प्रतिमा पहाड़ों से निकली है। जो बावनगजा के नाम से प्रसिद्ध है। तथा यहाँ पर धान उद्यान केंद्र है बड़वानी ज़िले की तहसील:- 1.

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बड़े ग़ुलाम अली ख़ान

बड़े गुलाम अली खां उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां (२ अप्रैल १९०२- २३ अप्रैल १९६८) हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के पटियाला घराने के गायक थे। उनकी गणना भारत के महानतम गायकों व संगीतज्ञों में की जाती है। इनका जन्म लाहौर के निकट कसूर नामक स्थान पर पाकिस्तान में हुआ था, पर इन्होने अपना जीवन अलग समयों पर लाहौर, बम्बई, कोलकाता और हैदराबाद में व्यतीत किया। प्रसिद्ध ग़जल गायक गुलाम अली इनके शिष्य थे। इनका परिवार संगीतज्ञों का परिवार था। बड़े गुलाम अली खां की संगीत की दुनिया का प्रारंभ सारंगी वादक के रूप में हुआ बाद में उन्होंने अपने पिता अली बख्श खां, चाचा काले खां और बाबा शिंदे खां से संगीत के गुर सीखे। इनके पिता महाराजा कश्मीर के दरबारी गायक थे और वह घराना "कश्मीरी घराना" कहलाता था। जब ये लोग पटियाला जाकर रहने लगे तो यह घराना "पटियाला घराना" के नाम से जाना जाने लगा। अपने सधे हुए कंठ के कारण बड़े गुलाम अली खां ने बहुत प्रसिद्ध पाई। सन १९१९ के लाहौर संगीत सम्मेलन में बड़े गुलाम अली खां ने अपनी कला का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन किया। इसके कोलकाता और इलाहाबाद के संगीत सम्मेलनों ने उन्हें देशव्यापी ख्याति दिलाई। उन्होंने अपनी बेहद सुरीली और लोचदार आवाज तथा अभिनव शैली के बूते ठुमरी को एकदम नये अंदाज में ढाला जिसमें लोक संगीत की मिठास और ताजगी दोनों मौजूद थी। संगीत समीक्षकों के अनुसार उस्ताद खां ने अपने प्रयोगधर्मी संगीत की बदौलत ठुमरी की बोल बनाव शैली से परे जाकर उसमें एक नयी ताजगी भर दी। उनकी इस शैली को ठुमरी के पंजाब अंग के रूप में जाना जाता है। वे अपने खयाल गायन में ध्रुपद, ग्वालियर घराने और जयपुर घराने की शैलियों का खूबसूरत संयोजन करते थे। बड़े गुलाम अली खां के मुँह से एक बार "राधेश्याम बोल" भजन सुनकर महात्मा गाँधी बहुत प्रभावित हुए थे। मुगले आजम फिल्म में तानसेन पात्र के लिए उन्होंने ही अपनी आवाज़ दी थी। भारत सरकार ने १९६२ ई. में उन्हें "पद्मभूषण" से सम्मानित किया था। २३ अप्रैल १९६८ ई. को बड़े गुलाम अली खां का देहावसान हो गया। .

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बड़ी देवरानी

बड़ी देवरानी एक भारतीय हिन्दी धारावाहिक है, जिसका प्रसारण एंड टीवी पर 30 मार्च 2015 से 13 नवम्बर 2015 तक सोमवार से शुक्रवार रात 9:30 बजे होता था। इसके निर्माता शशि मित्तल और सुमित मित्तल हैं। इसमें मुख्य किरदार में मुदित नायर और मेघा चक्रवर्ती हैं। .

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बनारसीदास चतुर्वेदी

पण्डित बनारसीदास चतुर्वेदी (२४ दिसम्बर, १८९२ -- २ मई, १९८५) प्रसिद्ध हिन्दी लेखक एवं पत्रकार थे। वे राज्यसभा के सांसद भी रहे। उनके सम्पादकत्व में हिन्दी में कोलकाता से 'विशाल भारत' नामक हिन्दी मासिक निकला। पं॰ बनारसीदास चतुर्वेदी जैसे सुधी चिंतक ने ही साक्षात्कार की विधा को पुष्पित एवं पल्लवित करने के लिए सर्वप्रथम सार्थक कदम बढ़ाया था। उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। वे अपने समय का अग्रगण्य संपादक थे तथा अपनी विशिष्ट और स्वतंत्र वृत्ति के लिए जाने जाते हैं। उनके जैसा शहीदों की स्मृति का पुरस्कर्ता (सामने लाने वाला) और छायावाद का विरोधी समूचे हिंदी साहित्य में कोई और नहीं हुआ। उनकी स्मृति में बनारसीदास चतुर्वेदी सम्मान दिया जाता है। कहते हैं कि वे किसी भी नई सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक या राष्ट्रीय मुहिम से जुड़ने, नए काम में हाथ डालने या नई रचना में प्रवृत्त होने से पहले स्वयं से एक ही प्रश्न पूछते थे कि उससे देश, समाज, उसकी भाषाओं और साहित्यों, विशेषकर हिंदी का कुछ भला होगा या मानव जीवन के किसी भी क्षेत्र में उच्चतर मूल्यों की प्रतिष्ठा होगी या नहीं? .

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बनवारी लाल जोशी

बनवारी लाल जी स्कॉटिश चर्च कॉलेज बनवारी लाल उत्तराखंड के राजयपाल थे। बनवारी लाल जोशी (जन्म २७ मार्च १९३६) भारत के कई राज्यों के उपराज्यपाल एवं राज्यपाल रह चुके हैं। ये उत्तराखंड के राज्यपाल रहे अक्टूबर २००७ से। इससे पूर्व ये दिल्ली के भी उपराज्यपाल रह चुके हैं, २००४ से २००७ के बीच। फिर ये मेघालय के राज्यपाल बने २००७ में। जोशी जी का जन्म राजस्थान के नागौर में छोटी खाटू नामक ग्राम में हुआ था। ये दिळ्ळी के अट्ठारहवें राज्यपाल बने। इन्होंने अपना स्नातक कोलकाता के स्कॉटिश चर्च कालेज से किया। उसके उपरांत विश्वविद्यालय विधि महाविद्यालय, कोलकाता से विधि में स्नातक हुए।, PTI (The Telegraph, Calcutta), April 12, 2007.

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बरासात

बरासात कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बर्धमान जिला

वर्धमान भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल का एक जिला है। इसका मुख्यालय दामोदर नदी के किनारे २३ डिग्री २५' उत्तरी अक्षांश तथा ८७ डिग्री ८५' पूर्वी देशान्तर पर स्थित वर्धमान शहर में हैं। प्रदेश की राजधानी कोलकाता से १०० किलोमीटर दूर स्थित इस नगर का गौरवशाली पौराणिक इतिहास है। इसका नामकरण २४वें जैन तीर्थंकर महावीर के नाम पर हुआ है। मुगल काल में इसका नाम शरिफाबाद हुआ करता था। मुगल बादशाह जहांगीर के फरमान पर १७वीं शताब्दी में एक व्यापारी कृष्णराम राय ने वर्धमान में अपनी जमींदारी शूरू की। कृष्णराम राय के वंशजों ने १९५५ तक वर्धमान पर शासन किया। वर्धमान जिले में मिले पाषाण काल के अवशेष तथा सिंहभूमि, पुरूलिया, धनबाद और बांकुड़ा जिले के अवशेषों में समानताएँ हैं। इससे पता चलता है कि यह सम्पूर्ण क्षेत्र एक ही प्रकार की सभ्यता और संस्कृति का पोषक था। वर्धमान नाम अपने आप में ही जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर महावीर वर्धमान से जुड़ा हुआ है। पार्श्वनाथ की पहाड़िया जैनों का एक महत्वपूर्ण धार्मिक केन्द्र था। यह भी वर्धमान जिले के सीमा से लगा हुआ है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि महावीर अपने धर्म के प्रचार एवं प्रसार के सिलसिले में वर्धमान आए थे। जिले में विभिन्न तीर्थंकरो की पत्थर की बनी प्रतिमाएँ प्राप्त हुई हैं। गुप्त काल एवं सेन युग में वर्धमान का एक महत्वपूर्ण स्थान था। सल्तनत काल एवं मुगलकालों में वर्धमान एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केन्द्र था। जहांगीर की पत्नी नूरजहां वर्धमान की ही थी। नूरजहाँ का पहला पति शेर अफगान वर्धमान का जागीरदार था। जहांगीर ने नूरजहाँ को हासिल करने के लिए कुतुबुद्दीन को वर्धमान का सूबेदार नियुक्त किया। कुतुबुद्दीन और शेर अफगान के बीच वर्तमान वर्धमान रेलने स्टेशन के निकट भयंकर संग्राम हुआ। अंततः दोनो ही मारे गए। आज भी इनकी समाधियो को एक दूसरे के पास वर्धमान में देखा जा सकता है। अकबर के समय में अबुल फजल और फैजी के षडयंत्रों का शिकार होने से बचने के लिए पीर बहराम ने दिल्ली छोड़ दिया। पीर बहराम को इसी वर्धमान शहर ने आश्रय दिया। आज भी यहाँ के हिन्दू और मुस्लिम उन्हें श्रद्धा-पूर्वक स्मरण करते हैं। वर्धमान में एक बहुत बड़ा आम का बगीचा है। यह बगीचा सैकड़ों हिन्दू औरतों के अपने पति के साथ उनकी चिता पर सती होने का गवाह है। मुगलों ने इस्ट इंडिया कम्पनी को तीन ग्राम- सुतानती, गोविन्दपुर तथा कलिकाता एक संधि के जरिए हस्तांतरित कर दिए थे। इस संधि पर हस्ताक्षर वर्धमान में ही हुआ था। कालांतर में यही तीनो ग्राम विकसीत होकर कोलकाता के रूप में जाने गए। .

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बर्फी!

बर्फी! 2012 में प्रदर्शित रोमेंटिक हास्य-नाटक हिन्दी फ़िल्म है जिसके लेखक, निर्देशक व सह-निर्माता अनुराग बसु हैं। 1970 के दशक में घटित फ़िल्म की कहानी दार्जिलिंग के एक गूंगे और बहरे व्यक्ति मर्फी "बर्फी" जॉनसन के जीवन और उसके दो महिलाओं श्रुति और मंदबुद्धि के साथ सम्बन्धों को दर्शाती है। फ़िल्म में मुख्य भूमिका में रणबीर कपूर, प्रियंका चोपड़ा और इलियाना डी'क्रूज़ हैं तथा सहायक अभिनय करने वाले सौरभ शुक्ला, आशीष विद्यार्थी और रूपा गांगुली हैं। लगभग के बजट में बनी, बर्फी! विश्व स्तर पर 14 सितम्बर 2012 को व्यापक समीक्षकों की प्रशंसा के साथ प्रदर्शित हुई। समीक्षकों ने अभिनय, निर्देशन, पटकथा, छायांकन, संगीत और शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के सकारात्मक चित्रण की प्रशंसा की। फ़िल्म को बॉक्स-ऑफिस पर बड़ी सफ़लता प्राप्त हुई, परिणामस्वरूप यह भारत और विदेशों में 2012 की उच्चतम अर्जक बॉलीवुड फ़िल्मों की श्रेणी में शामिल हुई तथा तीन सप्ताह पश्चात बॉक्स ऑफिस इंडिया द्वारा इसे "सूपर हिट" (उत्तम सफलता) घोषित कर दिया गया। दुनिया भर में फ़िल्म ने अर्जित किए। फ़िल्म को 85वें अकादमी पुरस्कारों की सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फ़िल्म श्रेणी के नामांकन के लिए भारतीय आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया। बर्फी ने भारत भर के विभिन्न पुरस्कार समारोहों में कई पुरस्कार और नामांकन अर्जित किए। 58वें फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारों में इस फ़िल्म ने 13 नामांकन प्राप्त किए और इसने सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता तथा प्रीतम को मिले सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक पुरस्कार सहित सात (अन्य किसी भी फ़िल्म से अधिक) पुरस्कार जीते। .

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बशीर अहमद (गायक)

बशीर अहमद (বশির আহমেদ: बशिर आहमेद) (१२ अप्रैल १९४० – १९ अप्रैल २०१४) लॉलीवुड में बांग्लादेशी पार्श्व गायक थे। उनका जन्म १९४० में कोलकाता में हुआ। उन्होंने १५ वर्ष की आयु में गायन का कार्य आरम्भ कर दिया था। उन्हें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी मीना बशीर भी एक अग्रणी गायिका हैं। दिल्ली मूल के परिवार में जन्मे बशीर ने कोलकाता में उस्ताद बेलायत हुसैन से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद वो मुम्बई आ गये और बड़े ग़ुलाम अली खान से शिक्षा प्राप्त की। १९६० में वो ढाका चले गये। १९ अप्रैल २०१४ को उनका निधन हो गया। .

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बसन्त कुमार विश्वास

युवा क्रांतिकारी '''बसन्त कुमार बिस्वास''' युवा क्रांतिकारी व देशप्रेमी श्री बसंत कुमार बिस्वास (6 फ़रवरी 1895 - 11 मई 1915) बंगाल के प्रमुख क्रांतिकारी संगठन " युगांतर " के सदस्य थे। उन्होंने अपनी जान पर खेल कर वायसराय लोर्ड होर्डिंग पर बम फेंका था और इस के फलस्वरूप उन्होंने 20 वर्ष की अल्पायु में ही देश पर अपनी जान न्योछावर कर दी। .

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बसंती देवी

बसंती देवी (२३ मार्च १८८० - १९७४) भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता थी। वह अन्य कार्यकर्ता चित्तरंजन दास की पत्नी थीं। १९२१ में दास की गिरफ्तारी और १९२५ में मृत्यु के बाद, उन्होंने विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद सामाजिक कार्य जारी रखा। १९७३ में उन्हें भारत सरकार ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया। .

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बहारें फिर भी आएंगी

बहारें फिर भी आएंगी १९६६ में बनी एक हिन्दी भाषा की फ़िल्म है जो गुरु दत्त द्वारा निर्मित और शहीद लतीफ द्वारा निर्देशित है। इस फ़िल्म के कलाकार माला सिन्हा, धर्मेंद्र, तनुजा और रहमान हैं। फ़िल्म अभी भी ओ पी नैय्यर के संगीत, अज़ीज़ कश्मीरी, कैफ़ी आज़मी, अंजान और एस.

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बहिनिया अकुमिनेटा

बहिनिया अकुमिनेटा एक पुष्पीय पौधा है। .

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बाटानगर

बाटानगर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बाँसुरी

दुनिया भर से बांसुरियों का एक संकलन बांसुरी काष्ठ वाद्य परिवार का एक संगीत उपकरण है। नरकट वाले काष्ठ वाद्य उपकरणों के विपरीत, बांसुरी एक एरोफोन या बिना नरकट वाला वायु उपकरण है जो एक छिद्र के पार हवा के प्रवाह से ध्वनि उत्पन्न करता है। होर्नबोस्टल-सैश्स के उपकरण वर्गीकरण के अनुसार, बांसुरी को तीव्र-आघात एरोफोन के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। बांसुरीवादक को एक फ्लूट प्लेयर, एक फ्लाउटिस्ट, एक फ्लूटिस्ट, या कभी कभी एक फ्लूटर के रूप में संदर्भित किया जाता है। बांसुरी पूर्वकालीन ज्ञात संगीत उपकरणों में से एक है। करीब 40,000 से 35,000 साल पहले की तिथि की कई बांसुरियां जर्मनी के स्वाबियन अल्ब क्षेत्र में पाई गई हैं। यह बांसुरियां दर्शाती हैं कि यूरोप में एक विकसित संगीत परंपरा आधुनिक मानव की उपस्थिति के प्रारंभिक काल से ही अस्तित्व में है। .

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बापूदेव शास्त्री

बापूदेव शास्त्री (हाथ में ग्लोब लिए हुए) वाराणसी के 'क्वींस कॉलेज' में पढ़ाते हुए (१८७०) महामहोपाध्याय पंडित बापूदेव शास्त्री (१ नवम्बर १८२१-१९००) काशी संस्कृत कालेज के ज्योतिष के मुख्य अध्यापक थे। वे प्रथम ब्राह्मण (पण्डित) थे जो भारतीय एवं पाश्चात्य खगोलिकी दोनो के प्रोफेसर बने। ये प्रयाग तथा कलकत्ता विश्वविद्यालयों के परिषद तथा आयरलैंड और ग्रेट ब्रिटेन की रॉयल सोसायटी के सम्मानित सदस्य थे। इन्हें महामहोपाध्याय की उपाधि मिली थी। .

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बाबूराव विष्णु पराडकर

बाबूराव विष्णु पराड़कर (16 नवम्बर 1883 - 12 जनवरी 1955) हिन्दी के जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार एवं हिन्दीसेवी थे। उन्होने हिन्दी दैनिक 'आज' का सम्पादन किया। भारत की आजादी के आंदोलन में अखबार को बाबूराव विष्णु पराड़कर ने एक तलवार की तरह उपयोग किया। उनकी पत्रकारिता ही क्रांतिकारिता थी। उनके युग में पत्रकारिता एक मिशन हुआ करता था। एक जेब में पिस्तौल, दूसरी में गुप्त पत्र 'रणभेरी' और हाथों में 'आज', 'संसार' जैसे पत्रों को संवारने, जुझारू तेवर देने वाली लेखनी के धनी पराडकरजी ने जेल जाने, अखबार की बंदी, अर्थदंड जैसे दमन की परवाह किए बगैर पत्रकारिता का वरण किया। मुफलिसी में सारा जीवन न्यौछावर करने वाले पराडकर जी ने आजादी के बाद देश की आर्थिक गुलामी के खिलाफ धारदार लेखनी चलाई। मराठीभाषी होते हुए भी हिंदी के इस सेवक की जीवनयात्रा अविस्मरणीय है। .

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बामर लॉरी

बामर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड (Balmer Lawrie & Co. Ltd) भारत सरकार का एक उपक्रम है जहां औद्योगिक पैकेजिंग, बैरल और ड्रम, रसोई गैस के सिलेंडर, ग्रीस और स्नेहक, चमड़े के रसायन, कार्यात्मक योज्य और समुद्री माल-वाहक कंटेनरों का निर्माण किया जाता है। यहां चाय का निर्यात और व्यापार, यात्रा, पर्यटन और माल तथा इंजीनियरिंग सेवाओं जैसे कि ऊर्जा संबंधी लेखा और परामर्श तथा माल-वाहक कंटेनर की मरम्मत जैसी विशाल परियोजनाओं पर भी कार्य किया जाता हैं। बामर लॉरी ने अपना औद्योगिक सफर कोलकाता स्थित मुख्यालय से 1 फ़रवरी 1867 को एक साझेदारी कंपनी के रूप में शुरु किया जिसकी स्थापना स्कॉटलैंड के दो निवासियों - जॉर्ज स्टीफेन बामर तथा अलेक्जेंडर लॉरी द्वारा की गयी थी। चाय से लेकर नौवहन, बीमा से लेकर बैंकिंग, ट्रेडिंग से लेकर विनिर्माण - शायद ही कोई ऐसा व्यापार होगा जिसमें बामर लॉरी ने अपने प्रारंभिक वर्षों में हाथ नहीं डाला और अपनी उल्लेखनीय औद्योगिक यात्रा के हर मील के पत्थर के साथ और अधिक मजबूत होती गयी। आज, बामर लॉरी अपने संयुक्त उद्यमों के साथ एक बहु-गतिविधि, बहु-प्रौद्योगिकी, बहु-स्थानिक और वैश्विक पदचिन्हों वाले समूह के रूप में उभर कर सामने आई है और विनिर्माण के अनेक क्षेत्रों जैसे औद्योगिक पैकेजिंग, ग्रीज और स्नेहक, चमड़ा रसायन के अतिरिक्त यात्रा और पर्यटन, लॉजिस्टिक्स बुनियादी-सुविधाओं एवं सेवाओं तथा इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत है। .

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बारिशा

बारिशा कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बालमणि अम्मा का रचनात्मक योगदान

बालमणि अम्मा की पेंटिंग बालमणि अम्मा का रचनात्मक योगदान अत्यंत व्यापक है। जिसमें गद्य, पद्य, अनुवाद और बाल साहित्य सभी समाए हुए हैं। उनका रचनाकाल भी 50 से अधिक वर्षों तक फैला हुआ है और वे अपने अंतिम समय तक कुछ न कुछ रचती ही रहीं। इस लेख में उनकी लगभग समस्त रचनाओं को सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है। .

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बालमणि अम्मा का जीवन परिचय

बालमणि अम्मा की पेंटिंग बालमणि अम्मा बीसवीं शताब्दी की चर्चित व प्रतिष्ठित मलयालम कवयित्रियों में से एक हैं। उनका जन्म 19 जुलाई 1909 को केरल के मालाबार जिला के पुन्नायुर्कुलम (तत्कालीन मद्रास प्रैज़िडन्सी, ब्रिटिश राज) में पिता चित्तंजूर कुंज्जण्णि राजा और माँ नालापत कूचुकुट्टीअम्मा के यहाँ "नालापत" में हुआ था। यद्यपि उनका जन्म 'नालापत' के नाम से पहचाने-जाने वाले एक रूढ़िवादी परिवार में हुआ, जहां लड़कियों को विद्यालय भेजना अनुचित माना जाता था। इसलिए उनके लिए घर में शिक्षक की व्यवस्था कर दी गयी थी, जिनसे उन्होने संस्कृत और मलयालम भाषा सीखी। नालापत हाउस की अलमारियाँ पुस्तकों से भरी-पड़ी थीं। इन पुस्तकों में कागज पर छपी पुस्तकों के साथ हीं ताड़पत्रों पर उकेरी गई हस्तलिपि वाली पुस्तकें भी थीं। इन पुस्तकों में बाराह संहिता से लेकर टैगोर तक का रचना संसार सम्मिलित था। उनके मामा एन॰ नारायण मेनन कवि और दार्शनिक थे, जिन्होने उन्हें साहित्य सृजन के लिए प्रोत्साहित किया। कवि और विद्वान घर पर अतिथि के रूप में आते और हफ्तों रहते थे। इस दौरान घर में साहित्यिक चर्चाओं का घटाटोप छाया रहता था। इस वातावरण ने उनके चिंतन को प्रभावित किया। उनका विवाह 19 वर्ष की आयु में वर्ष 1928 में वी॰एम॰ नायर से हुआ, जो आगे चलकर मलयालम भाषा के दैनिक समाचार पत्र 'मातृभूमि'के प्रबंध संपादक और प्रबंध निदेशक बनें। विवाह के तुरंत बाद अम्मा ने अपने पति के साथ कोलकाता छोड़ दिया। उस समय उनके पति "वेलफोर्ट ट्रांसपोर्ट कम्पनी" में वरिष्ठ अधिकारी थे। यह कंपनी ऑटोमोबाइल कंपनी "रोल्स रॉयस मोटर कार्स" और "बेंटले" के उपकरणों को बेचती थी। 1977 में उनके पति की मृत्यु हुई। वे अँग्रेजी व मलयालम भाषा की प्रसिद्ध भारतीय लेखिका कमला दास की माँ थीं, जिन्हें उनकी आत्मकथा ‘माई स्टोरी’से अत्यधिक प्रसिद्धि मिली थी और उन्हें साहित्य में नोबेल पुरस्कार हेतु नामित किया गया था। कमला के लेखन पर अम्मा का अत्यंत प्रभाव पड़ा था।इसके अलावा वे क्रमश: सुलोचना, मोहनदास और श्याम सुंदर की भी माँ थीं। लगभग पाँच वर्षों तक अलजाइमर रोग से जूझने के बाद 95 वर्ष की अवस्था में 29 सितंबर 2004 को शाम 4 बजे कोच्चि में उनकी मृत्यु हो गई। अपने पति की मृत्यु के बाद से वे यहाँ अपने बच्चों क्रमश: श्याम सुंदर (पुत्र) और सुलोचना (पुत्री) के साथ रह रहीं थीं। उनका अंतिम संस्कार कोच्चि के रविपुरम शव दाह गृह में हुई। .

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बालमणि अम्मा की काव्यगत विशेषताएँ

बालमणि अम्मा की पेंटिंग बालमणि अम्मा केरल की राष्ट्रवादी कवयित्री थीं। उन्होंने राष्ट्रीय उद्बोधन वाली कविताओं की रचना की। वे मुख्यतः वात्सल्य, ममता, मानवता के कोमल भाव की कवयित्री के रूप में विख्यात हैं। फिर भी स्वतंत्रतारूपी दीपक की उष्ण लौ से भी वे अछूती नहीं रहीं। सन् 1929-39 के बीच लिखी उनकी कविताओं में देशभक्ति, गाँधी का प्रभाव, स्वतंत्रता की चाह स्पष्ट परिलक्षित होती है। इसके बाद भी उनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रहीं। अपने सृजन से वे भारतीय आजादी में अनोखा कार्य किया। वर्ष 1928 में अम्मा का विवाह वी॰ एम॰ नायर के साथ हुआ और वे उनके साथ कलकत्ता में रहने लगीं। कलकत्ता- वास के अनुभवों ने उनकी काव्य चेतना को प्रभावित किया। अपनी प्रथम प्रकाशित और चर्चित कविता 'कलकत्ते का काला कुटिया'उन्होने अपने पतिदेव के अनुरोध पर लिखी थी, जबकि अंतररतमा की प्रेरणा से लिखी गई उनकी पहली कविता 'मातृचुंबन' है। उनकी प्रारंभिक कविताओं में से एक 'गौरैया' शीर्षक कविता उस दौर में अत्यंत लोकप्रिय हुई। इसे केरल राज्य की पाठ्य-पुस्तकों में सम्मिलित किया गया। बाद में उन्होने गर्भधारण, प्रसव और शिशु पोषण के स्त्रीजनित अनुभवों को अपनी कविताओं में पिरोया। उनकी प्रारंभिक कविताओं में से एक 'गौरैया' शीर्षक कविता उस दौर में अत्यंत लोकप्रिय हुई। इसे केरल राज्य की पाठ्य-पुस्तकों में सम्मिलित किया गया। बाद में उन्होने गर्भधारण, प्रसव और शिशु पोषण के स्त्रीजनित अनुभवों को अपनी कविताओं में पिरोया। इसके एक दशक बाद उन्होने घर और परिवार की सीमाओं से निकलकर अध्यात्मिकता के क्षेत्र में दस्तक दी। तब तक यह क्षेत्र उनके लिए अपरिचित जैसा था। थियोसाफ़ी का प्रारंभिक ज्ञान उनके मामा से उन्हें मिला। हिन्दू शास्त्रों का सहज ज्ञान उन्हें पहले से ही था। इसलिए थियोसाफ़ी और हिन्दू मनीषा का संयोजित स्वरूप ही उनके विचारों के रूप में लेखन में उतरा। अम्मा के दो दर्जन से अधिक काव्य-संकलन, कई गद्य-संकलन और अनुवाद प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने छोटी अवस्था से ही कविताएँ लिखना शुरू कर दिया था। उनकी पहला कविता संग्रह "कूप्पुकई" 1930 में प्रकाशित हुआ था। उन्हें सर्वप्रथम कोचीन ब्रिटिश राज के पूर्व शासक राम वर्मा परीक्षित थंपूरन के द्वारा "साहित्य निपुण पुरस्कारम" प्रदान किया गया। 1987 में प्रकाशित "निवेद्यम" उनकी कविताओं का चर्चित संग्रह है। कवि एन॰ एन॰ मेनन की मौत पर शोकगीत के रूप में उनका एक संग्रह "लोकांठरांगलील" नाम से आया था। उनकी कविताएँ दार्शनिक विचारों एवं मानवता के प्रति अगाध प्रेम की अभिव्यक्ति होती हैं। बच्चों के प्रति प्रेम-पगी कविताओं के कारण मलयालम-कविता में वे "अम्मा" और "दादी" के नाम से समादृत हैं। केरल साहित्य अकादमी, अखितम अच्युतन नंबूथरी में एक यादगार वक्तव्य के दौरान उन्हें "मानव महिमा के नबी" के रूप में वर्णित किया गया था और कविताओं की प्रेरणास्त्रोत कहा गया था।उन्हें 1987 में भारत सरकार ने साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। .

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बालरंग, भिलाई

बालरंग भिलाई - छत्तीसगढ की बाल नाट्य संस्था बालरंग भिलाई का जन्म १४ नवंबर १९९७ को हुआ। रंग्कर्मी विभा‌ष उपाध्याय द्वारा स्थापित इस बाल नाट्य संस्था ने ४५ से अधिक नाट्य प्रशि़क्षण शिविरों से उपजे लगभग ५० नाटकों के साथ उड़ीसा, दिल्ली, केरल, कोलकाता, शिमला, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित अनेक स्थानों में आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समारोहों में शिरकत की हॅ। बाल नाट्य संस्था बालरंग भिलाई में नाटक लिखने का काम बच्चे (५-१२ वर्ष) ही करते हैं। अभिनय के अलावा बच्चों को कठपुतली व जादू का भी प्रशि़क्षण दिया जाता है, जिससे बच्चे व्यवसायिक कार्यक्रम कर के थियेटर चलाने के अलावा कुछ हद तक पढाई का खर्चा भी निकाल लेते हैं। श्रेणी:नाट्य संस्था.

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बाली, हावड़ा

बाली, उत्तर हावड़ा का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण के अधीन आता है।बाली नगर पूर्व बाली नगर पालिका का मुख्यालय भी था। यह ऐतिहासिक महत्व के एक शहर है।यह नगर हुगली के तट पर, हावड़ा जिले के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित है। यह दक्षिणेश्वर काली मंदिर से नदी के दूसरे छोर पर विष्वप्रसिद्ध बेलूर मठ के निकट स्थित है। .

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बालीगंज

बालीगंज कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बाहुधरन

इस योजनामूलक चित्र में जो क्षैतिज अवयव है उसका दाहिना भाग बाहुधरन जैसे कार्य कर रहा है। उस धरन (बीम), प्लेट या ट्रस-संरचना को टोड़ा या बाहुधरन या कैंटीलीवर (Cantilever) कहते हैं जिसका एक सिरा पूर्णतया आबद्ध हो और शेष बाहर निकला हुआ आलंबरहित भाग का भार सँभाले हो। (बाहु .

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बाईचुंग भूटिया

बाईचुंग भूटिया (जन्म 15 दिसंबर 1976) सिक्किम-भूटिया वंश के एक सेवानिवृत्त भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी हैं जो स्ट्राइकर के रूप में खेलते थे। भूटिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फुटबॉल का मशालदार माना जाता है। फुटबॉल में उनकी शूटिंग कौशल की वजह से उन्हें अक्सर सिक्किमी स्निपर नाम दिया जाता है। सुप्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी आइ॰ एम॰ विजयन ने भूटिया को "भारतीय फुटबॉल के लिए भगवान का उपहार" बताया। भाईचुंग भूटिया के बड़े भाई का नाम चेवांग भूटिया हैं, चेवांग और भाईचुंग दोनों बोर्डिंग स्कूल गए। भूटिया का 2004 में एक होटल पेशेवर से विवाह हुआ और २०१४ में उनका तलाक़ हो गया। भूटिया ने आई-लीग फुटबॉल टीम ईस्ट बंगाल क्लब में अपना करियर शुरू किया। जब उन्होंने 1999 में इंग्लिश क्लब बरी में शामिल हुए, वह यूरोपीय क्लब के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी बने और मोहम्मद सलीम के बाद यूरोप में पेशेवर रूप से खेलने वाले खिलाड़ी बने। बाद में मलेशियाई फुटबॉल क्लब पेराक एफ॰ए॰ के लिए खेले वो भी उधार पे। इस के साथ ही वो जे॰सी॰टी॰ मिल्स के लिए खेले,जो उनके कार्यकाल के दौरान एक बार लीग जीता; और मोहन बागान, जो अपने मूल भारत में उनकी दो कार्यावधि के दौरान एक बार लीग जीतने में नाकाम रहे थे। उनके अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल सम्मान में नेहरू कप, एलजी कप, एसएएफएफ चैम्पियनशिप तीन बार और एएफसी चैलेंज कप जीतना शामिल है। वह भारत के सबसे ज्यादा टोपी पाने वाले खिलाड़ी बार हैं, उनके नाम पर 104 अंतर्राष्ट्रीय कैप हैं, और नेहरू कप 2009 में उन्होंने अपनी 100 वीं अंतर्राष्ट्रीय कैप प्राप्त की। मैदान से बाहर, भूटिया, टेलीविजन कार्यक्रम झलक दिखला जा को जीतने के लिए जाने जाते हैं, जिसने उसके बाद उनके तब के क्लब मोहन बागान के साथ बहुत विवाद पैदा किया था और वो पहले भारतीय खिलाड़ी थे जिन्होंने तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन में ओलंपिक मशाल रिले का बहिष्कार किया। भारतीय फुटबॉल में अपने योगदान के सम्मान में भूटिया के नाम पर एक फुटबॉल स्टेडियम है, उन्होंने अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री जैसे कई पुरस्कार भी जीते हैं। अक्टूबर 2010 में, उन्होंने कार्लोस क्वियरोज और नाइकी द्वारा फुटबॉल के साथ साझेदारी में दिल्ली में बाईचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल की स्थापना की। अगस्त 2011 में, भूटिया ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की उनका विदाई मैच 10 जनवरी 2012 को दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में बायर्न म्युनिक के ख़िलाफ़ भारत की राष्ट्रीय टीम के साथ था। .

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बाघा यतीन

बाघा जतीन (बांग्ला में বাঘা যতীন (उच्चारणः बाघा जोतिन) (०७ दिसम्बर १८७९ - १० सितम्बर १९१५) के बचपन का नाम जतीन्द्रनाथ मुखर्जी (जतीन्द्रनाथ मुखोपाध्याय) था। वे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कार्यकारी दार्शनिक क्रान्तिकारी थे। वे युगान्तर पार्टी के मुख्य नेता थे। युगान्तर पार्टी बंगाल में क्रान्तिकारियों का प्रमुख संगठन थी। .

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बागडोगरा विमानक्षेत्र

बागडोगरा विमानक्षेत्र (बांग्ला: বাগডোগরা বিমান বন্দর; नेपाली: बाघदोग्रा विमानस्थल) पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग जिला के सिलिगुड़ी शहर के निकट बागडोगरा नामक स्थान पर में स्थित है। इसका ICAO कोडहै VEBD और IATA कोड है IXB। यह एक सैन्य हवाई अड्डा है। यहां कस्टम्स विभाग उपस्थित नहीं है। इसका रनवे पेव्ड है। इसकी प्रणाली यांत्रिक नहीं है। इसकी उड़ान पट्टी की लंबाई 9000 फी.

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बागबाजार

बागबाजार कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बांसबेरिया

बांसबेरिया कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बांग्लादेश की सर्वोच्च न्यायालय

बांग्लादेश की सर्वोच्च न्यायालय(बंगला: বাংলাদেশ সুপ্রীম কোর্ট, बांलादेश सूप्रीम कोर्ट), गणप्रजातंत्री बांग्लादेश की सर्वोच्च अदालत है और बांग्लादेश की न्यायिक व्यवस्था का शीर्षतम् निकाय है और देश की न्यायिक क्रम का शिखर बिंदू है। यह कानूनी और संवैधानिक मामलों में फैसला करने वाली अंतिम मध्यस्थ भी है। संविधान की धारा १०० के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय का आसन, राजधानी ढाका में अवस्थित है। इसे बांग्लादेश के संविधान की षष्ठम् भाग के चतुर्थ पाठ के द्वारा स्थापित किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय, पाकिस्तान को कई संवैधानिक व न्यायिक विकल्प प्राप्त होते हैं, जिनकी व्याख्या बांग्लादेश के संविधान में की गई है। इस संसथान के दो "विभाग" है: अपीलीय विभाग और उच्च न्यायलय विभाग, तथा यह बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश व अपीलीय विभाग व उच्च न्यायालय विभाग के न्यायाधीशों का भी स्थायी कार्यालय की भी मेज़बानी भी करता है। अप्रैल 2018 की स्थिति अनुसार, अपीलीय विभाग में 4 और उच्च न्यायालय विभाग में 80 न्यायाधीश हैं, जिनमें 80 स्थायी हैं। इस न्यायालय को सामान्य बोलचाल में अक्सर हाई कोर्ट भी कहा जाता है, क्योंकि स्वतंत्रता पूर्व, अर्थात् १९७१ से पहले तक, इस भवन में पूर्वी पाकिस्तान की उच्च न्यायालय वास करती थी। .

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बिड़ला परिवार

बिरला-परिवार-वृक्ष बिड़ला परिवार भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक एवं औद्योगिक परिवारों में से एक है। इस परिवार के अधीन वस्त्र उद्योग, आटोमोबाइल्स, सूचना प्रौद्योगिकी आदि हैं। बिड़ला परिवार भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नैतिक एवं आर्थिक रूप से समर्थन किया। इस परिवार की गांधीजी के साथ घनिष्ट मित्रता थी। बिड़ला समूह के संस्थापक बलदेवदास बिड़ला थे जो राजस्थान के सफल मारवाड़ी समुदाय के सदस्य थे। उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम दिनों में वे अपना पारिवारिक व्यवसाय आरम्भ करने के लिये कोलकाता चले आये और उस समय चल रहे भारत के स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन के साथ निकट से जुड़ गये। .

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बिड़ला औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकीय संग्रहालय

बिड़ला औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकीय संग्रहालय कोलकाता में स्थित संग्रहालय है। .

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बिड़ला कॉर्पोरेशन

बिरला कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कोलकाता में स्थित एक भारतीय कंपनी है। यह बिरला समूह की कंपनी है। श्रेणी:भारतीय कंपनियाँ श्रेणी:आदित्य बिड़ला समूह श्रेणी:कोलकाता की अर्थ व्यवस्था श्रेणी:कोल्काता की कंपनियां श्रेणी:कोलकाता के संगठन.

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बिधाननगर

बिधाननगर भारत के पश्चिम बंगाल राज्य का एक सुनियोजित शहर है। इसका विकाश १९५८ से १९६५ के बीच कोलकाता के जनसंख्या बोझ को कम करने के लिए हुआ। इसका नामकरण प्रदेश के मुख्य मंत्री एवं प्रसिद्ध चिकित्सक डाक्टर बिधान चन्द्र राय के सम्मान में किया गया है। वर्तमान में यह सूचना एवं प्रोद्योगिकी का एक प्रमुख केन्द्र है। श्रेणी:कोलकाता.

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बिधाननगर, कोलकाता

बिधाननगर, कोलकाता कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बिनय कुमार सरकार

विनय कुमार सरकार (26 दिसम्बर, 1887 – 1949) भारत के समाजविज्ञानी, प्राध्यापक एवं राष्ट्रवादी चिन्तक थे। उन्होने कोलकाता में अनेकों संस्थाओं की स्थापना की जिनमें बंगाली समाजशास्त्र संस्थान (Bengali Institute of Sociology), बंगाली एशिया अकादमी, बंगाली दाँते सोसायटी (Bengali Dante Society), तथा बंगाली अमेरिकी संस्कृति संस्थान (Bengali Institute of American Culture) प्रमुख हैं। पैतृक निवास बिक्रमपुर, ढाका। पिता सुधन्य कुमार सरकार। १९०१ ई मालदह जिला स्कूल से प्रथम स्थान प्राप्त करके १९०५ ई में प्रेसिडेन्सी कालेज में प्रवेश। वहाँ से छात्रवृत्ति के साथ बी ए तथा १९०६ ई में एम ए किया। वे अंग्रेजी और बंगला के अलावा ६ अन्य भाषाएँ जानते थे। विद्यार्थीजीवन में (१९०२) उन्होने ‘डन सोसाइटि’ में योगदान दिया। १९०७-११ ई तक बंगीय जातीय शिक्षा-परिषद में अध्यापन के समय मालदह में अनेक विद्यालयों की स्थापना की तथा राष्ट्रीय शिक्षा-बिषयक अनेकों ग्रन्थ रचे। उन्होने कई यूरोपीय लेखकों के ग्रन्थों का अनुवाद भी किया। १९०९ ई में इलाहाबाद के पाणिनि कार्यालय के गवेषक रहे। १९१४ ई से १९२५ ई तक उन्होने विश्वभ्रमण किया एवं विश्व के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्यापन किया। १९२६-१९४९ ई तक कोलकाता विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के अध्यापक रहे। उन्होने 'धनविज्ञान परिषद' की स्थापना की प्रतिष्ठाता ओ ‘आर्थिक उन्नति’ नामक मासिक पत्रिका का सम्पादन किया। उनके द्वारा रचित ग्रन्थों की संख्या १०० से अधिक है। विदेश में भारत की स्वाधीनता संग्रामी क्रान्तिकारियों की तरह-तरह से सहायता की। उनके अनुज धीरेन सरकार प्रवासी क्रांतिकारियों में अन्यतम थे। उन्होने बहुत से छात्रों को उच्चशिक्षा प्राप्त करने के लिये विदेश भेजा। स्वाधीन भारत की वाणी के प्रचार के लिये अमेरिका सफर के समय उनका देहान्त हो गया। .

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बिमल कुमार बोस

बिमल कुमार बसु (बांग्ला भाषा: বিমল কুমার বসু; जन्म 1932), एक विद्युत अभियन्ता, कृत्रिम बुद्धि अनुसंधानकर्ता, शिक्षक और प्रोफेसर हैं। सम्प्रति वे नॉक्सविल्ली के तेनीसी विश्वविद्यालय में विद्युत इंजीनियरी और संगणक विज्ञान के प्रोफेसर हैं। .

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बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा (अंग्रेज़ी: Birla Institute of Technology Mesra; जो बीआईटी मेसरा या बीआईटी राँची के नाम से भी प्रसिद्ध है) झारखंड के राँची में स्थित भारत का अग्रणी स्वायत्त अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी उन्मुख संस्थान है। इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम १९५६ के अनुभाग ३ के तहत एक डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्ज़ा हासिल है। मुख्य परिसर के अतिरिक्त लालपुर (रांची), इलाहाबाद, कोलकाता, नोएडा, जयपुर, चेन्नई, पटना और देवघर में बीआईटी के भारतीय विस्तार पटल हैं। इनके अतिरिक्त बहरीन, मस्कट, संयुक्त अरब अमीरात और मॉरिशस में बीआईटी के अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैं। जून २००५ में एसी निलसन एवं इंडिया टुडे द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार इसे देश के दस श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में शुमार किया गया था। .

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बिहार में यातायात

यह लेख बिहार राज्य की सार्वजनिक और निजी परिवहन प्रणाली के बारे में है। .

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बिहार का भूगोल

बिहार 21°58'10" ~ 27°31'15" उत्तरी अक्षांश तथा 82°19'50" ~ 88°17'40" पूर्वी देशांतर के बीच स्थित भारतीय राज्य है। मुख्यतः यह एक हिंदी भाषी राज्य है लेकिन उर्दू, मैथिली, भोजपुरी, मगही, बज्जिका, अंगिका तथा एवं संथाली भी बोली जाती है। राज्य का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है जिसमें 92,257.51 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र है। 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार राज्य की जनसंख्या 8,28,78,796 है जिनमें ६ वर्ष से कम आयु का प्रतिशत 19.59% है। 2002 में झारखंड के अलग हो जाने के बाद बिहार का भूभाग मुख्यतः नदियों के बाढमैदान एवं कृषियोग्य समतल भूमि है। गंगा तथा इसकी सहायक नदियों द्वारा लायी गयी मिट्टियों से बिहार का जलोढ मैदान बना है जिसकी औसत ऊँचाई १७३ फीट है। बिहार का उपग्रह द्वारा लिया गया चित्र .

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बिहारशरीफ

बिहारशरीफ बिहार के नालंदा जिले का मुख्यालय है। .

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बिजोय राय

बिजोया राय (विवाहपूर्व बिजोया दास; १९१६ – २ जून २०१५) भारतीय फ़िल्म निर्माता निर्देशक सत्यजित राय पत्नी थीं। उनका विवाह 1949 में हुआ। उनका पुत्र सन्दीप राय भी फ़िल्म निर्देशक हैं। सत्यजीत राय और बिजोय राय दूर के भाई-बहन थे। बिजोया दास ने 1944 में शेष रक्षक नाम की एक बांग्ला फ़िल्म में काम किया था और एक गीत भी गाया था। 1998 में उन्होंने कैथरीन बर्ज द्बारा निर्मित गाछ (पेड़) नामक एक वृत्तचित्र में भी अभिनय किया। .

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बिग एफएम (रेडियो)

150px बिग एफएम (रेडियो), एक राष्ट्रव्यापी निजी एफएम रेडियो स्टेशन है। इस रेडियो स्टेशन के मालिक प्रसिद्द भारतीय व्यवसायी अनिल अम्बानी हैं। यह रेडियो स्टेशन ९२.७ मेगाहर्ट्स एफएम बैंड फ्रिकुएंसी पर प्रसारित होता है। वर्तमान में यह स्टेशन ४४ विभिन्न शहरों में प्रसारित होता है। यह एकमात्र ऐसा रेडियो स्टेशन है जो कि जम्मू और कश्मीर में भी प्रसारित होता है। १ जुलाई २००८ से बिग एफएम सिंगापूर में भी अपना प्रसारण शुरू कर दिया। सिंगापूर में यह सुबह ५ बजे से रत ८ बजे तक हर रोज़ ९६.३ मेगाहर्ट्स पर प्रसारित होता है। बिग एफएम रेडियो का टैगलाइन है - "सुनो सुनाओ, लाइफ बनाओ" .

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बिकाश रंजन भट्टाचार्य

बिकाश रंजन भट्टाचार्य भारत के पश्चिम बंगाल प्रांत की राजधानी कोलकाता के वर्तमान मेयर हैं। श्रेणी:कोलकाता.

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बख्शाली पाण्डुलिपि

बख्शाली पाण्डुलिपि में प्रयोग किये गये अंक बक्षाली पाण्डुलिपि या बख्शाली पाण्डुलिपि (Bakhshali Manuscript) प्राचीन भारत की गणित से सम्बन्धित पाण्डुलिपि है। यह भोजपत्र पर लिखी है। यह सन् १८८१ में बख्शाली गाँव (तत्कालीन पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त; अब पाकिस्तान में, तक्षशिला से लगभग ७० किमी दूर) में मिली थी। यह शारदा लिपि में है एवं गाथा बोली (संस्कृत एवं प्राकृत का मिलाजुला रूप) में है। यह पाण्डुलिपि अपूर्ण है। इसमें केवल ७० 'पन्ने' (या पत्तियाँ) ही हैं जिनमें से बहुत ही बेकार हो चुकी हैं। बहुत से पन्ने अप्राप्य हैं। .

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बगुयाती

बगुयाती कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बंधन बैंक

बंधन बैंक भारत की एक बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा कम्पनी है जिसका मुख्यालय कोलकाता में है। दिनांक २३ अगस्त २०१५ को पश्चिम बंगाल में बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज ने "बंधन बैंक " नाम का पूर्ण बैंक शुरू कर दिया। यह भारत का नया पूर्ण बैंक है। जून माह में भारतीय रिजर्व बैंक ने माइक्रो संस्थान बंधन को पूर्ण वाणिज्यिक बैंक आरम्भ करने की स्वीकृत दी थी। .

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बंगाल

बंगाल (बांग्ला: বঙ্গ बॉंगो, বাংলা बांला, বঙ্গদেশ बॉंगोदेश या বাংলাদেশ बांलादेश, संस्कृत: अंग, वंग) उत्तरपूर्वी दक्षिण एशिया में एक क्षेत्र है। आज बंगाल एक स्वाधीन राष्ट्र, बांग्लादेश (पूर्वी बंगाल) और भारतीय संघीय प्रजातन्त्र का अंगभूत राज्य पश्चिम बंगाल के बीच में सहभाजी है, यद्यपि पहले बंगाली राज्य (स्थानीय राज्य का ढंग और ब्रिटिश के समय में) के कुछ क्षेत्र अब पड़ोसी भारतीय राज्य बिहार, त्रिपुरा और उड़ीसा में है। बंगाल में बहुमत में बंगाली लोग रहते हैं। इनकी मातृभाषा बांग्ला है। .

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बंगाल का विभाजन (1905)

पूर्वी बंगाल और असम प्रांत के मानचित्र बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा 19 जुलाई 1905 को भारत के तत्कालीन वाइसराय लॉर्ड कर्ज़न द्वारा की गयी थी। विभाजन 16 अक्टूबर 1905 से प्रभावी हुआ। विभाजन के कारण उत्पन्न उच्च स्तरीय राजनीतिक अशांति के कारण 1911 में दोनो तरफ की भारतीय जनता के दबाव की वजह से बंगाल के पूर्वी एवं पश्चिमी हिस्से पुनः एक हो गए। .

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बंगाल केमिकल्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड

बंगाल केमिकल्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (BCPL) भारत सरकार का एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इसकी स्थापना १९०१ में प्रफुल्ल चन्द्र राय ने कोलकाता में की थी। यह भारत की प्रथम औषधिनिर्माता कम्पनी थी। इस कम्पनी का मुख्यालय कोलकाता में है। .

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बंगाल की खाड़ी

बंगाल की खाड़ी विश्व की सबसे बड़ी खाड़ी है और हिंद महासागर का पूर्वोत्तर भाग है। यह मोटे रूप में त्रिभुजाकार खाड़ी है जो पश्चिमी ओर से अधिकांशतः भारत एवं शेष श्रीलंका, उत्तर से बांग्लादेश एवं पूर्वी ओर से बर्मा (म्यांमार) तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह से घिरी है। बंगाल की खाड़ी का क्षेत्रफल 2,172,000 किमी² है। प्राचीन हिन्दू ग्रन्थों के अन्सुआर इसे महोदधि कहा जाता था। बंगाल की खाड़ी 2,172,000 किमी² के क्षेत्रफ़ल में विस्तृत है, जिसमें सबसे बड़ी नदी गंगा तथा उसकी सहायक पद्मा एवं हुगली, ब्रह्मपुत्र एवं उसकी सहायक नदी जमुना एवं मेघना के अलावा अन्य नदियाँ जैसे इरावती, गोदावरी, महानदी, कृष्णा, कावेरी आदि नदियां सागर से संगम करती हैं। इसमें स्थित मुख्य बंदरगाहों में चेन्नई, चटगाँव, कोलकाता, मोंगला, पारादीप, तूतीकोरिन, विशाखापट्टनम एवं यानगॉन हैं। .

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बछेंद्री पाल

बछेंद्री पाल (जन्म: 24 मई 1954) माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला हैं। वे एवरेस्ट की ऊंचाई को छूने वाली दुनिया की 5वीं महिला पर्वतारोही हैं। वर्तमान में वे इस्पात कंपनी टाटा स्टील में कार्यरत हैं, जहां वह चुने हुए लोगो को रोमांचक अभियानों का प्रशिक्षण देती हैं। .

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बुद्धदेव भट्टाचार्य

बुद्धदेव भट्टाचार्य (বুদ্ধদেব ভট্টাচার্য; जन्म १ मार्च १९४४) भारतीय राजनीतिज्ञ तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य हैं। वो २००० से २०११ तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। वो जाधवपुर विधानसभा क्षेत्र से १४ मई २०११ तक विधायक रहे। २४ वर्षों तक विधायक रहने के बाद वो अपनी ही सरकार के पूर्व मुख्य सचिव मनीष गुप्ता से १६,६८४ मतों से पराजित हुये। वो अपने ही विधानसभा क्षेत्र से हारने वाले पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री हैं। उनसे पहले प्रफुल चन्द्र सेन १९६७ में अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से हारे थे। .

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बुद्धदेव गुहा

बुद्धदेव गुहा बांग्ला भाषा के जानेमाने कथाकार हैं। इनका जन्म २९ जून १९३६ को कोलकाता में हुआ था। इनकी अब तक १०० से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्हें आनन्द पुरस्कार, शरद पुरस्कार, शिरोमणि पुरस्कार और विभूतिभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ये एक अच्छे गायक और चित्रकार भी हैं। .

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बुल्ला की जाना

बुल्ला की जाना (بُلھا کی جاڻا (शाहमुखी), ਬੁਲ੍ਹਾ ਕੀ ਜਾਣਾ (गुरुमुखी)) पंजाबी सूफी संत बुल्ले शाह द्वारा लिखित सबसे प्रसिद्ध काफ़ी कविताओं में से एक है। 1990 के दशक में पाकिस्तानी रॉक बैंड जुनून ने, "बुल्ला की जाना" को एक गीत का रूप दिया। 2005 में, रब्बी शेरगिल का रॉक संस्करण भारत और पाकिस्तान में बहुत लोकप्रिय हुआ। भारत से एक पंजाबी सूफ़ी समूह, वडाली बंधुओं ने भी अपने एलबम आ मिल यार...

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ब्रिटिश राज

ब्रिटिश राज 1858 और 1947 के बीच भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश द्वारा शासन था। क्षेत्र जो सीधे ब्रिटेन के नियंत्रण में था जिसे आम तौर पर समकालीन उपयोग में "इंडिया" कहा जाता था‌- उसमें वो क्षेत्र शामिल थे जिन पर ब्रिटेन का सीधा प्रशासन था (समकालीन, "ब्रिटिश इंडिया") और वो रियासतें जिन पर व्यक्तिगत शासक राज करते थे पर उन पर ब्रिटिश क्राउन की सर्वोपरिता थी। .

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ब्लैक-रम्प्ड फ्लेमबैक

ब्लैक-रम्प्ड फ्लेमबैक अथवा लेस्सर गोल्डेन-बैक्ड कठफोड़वा (डाईनोपियम बेंग्हालेंस) दक्षिण-एशिया में विस्तृत रूप से पाया जाने वाला कठफोड़वा है। यह शहरी क्षेत्रों में पाए जाने वाले कुछ कठफोड़वों में से एक है। यह काली गर्दन तथा काली दुम वाला एकमात्र सुनहरी पीठ वाला कठफोड़वा है। .

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बैद्यनाथ (समूह)

बैद्यनाथ भारत का सबसे पुराना एवं सबसे लोकप्रिय आयुर्वेदिक औषधि निर्माता समूह है। इस कंपनी के च्यवनप्राश, दशमूलारिष्ट, महानारायण तेल, चंद्र प्रभावटी, महायोगराज गूगल आदि दवाओं की एक खास विश्वसनीयता है। वैद्यनाथ की खास दवाएँ, कासामृत, बीटा एक्स, कब्जहर तो लोगों की जुबान पर है। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के समय वैद्यनाथ ने एक नारा दिया था - 'देश की मिट्टी, देश की हवा, देश का पानी, देश की दवा।' वैद्यनाथ अभी पूरी दुनिया में फैला है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में इस कंपनी के 33 डीलर हैं। वहाँ डैलस में वैद्यनाथ का मुख्यालय है। यह कंपनी यूरोपीय देश इटली, जर्मनी व बेल्जियम आदि में भी निर्यात कर रही है। श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्रा.

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बैद्यबाटी

बैद्यबाटी कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बैलूर, पश्चिम बंगाल

बैलूर, पश्चिम बंगाल कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बेलगाछिया

बेलगाछिया कोलकाता का एक क्षेत्र है। यहां कोलकाता मेट्रो का स्टेशन भी है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र श्रेणी:कोलकाता मेट्रो स्टेशन.

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बेलूर

बेलूर (ಬೇಲೂರು, या बेलुरु) कर्नाटक राज्य के हसन जिलाहसन जिले का एक कस्बा है। बेलूर को मुख्यतः मन्दिर और शिल्प कला का दर्शन कराने वाले स्थान के रूप में जाना जाता है। हैलेबिडु के साथ जुड़वा नगर कही जाने वाली यह जगह तीन शताब्दियों तक (११वीं शताब्दी के मध्य से १४वीं शताब्दी के मध्य तक) होयसल वंश का गढ़ था। बेलूर-हेलिबिड की स्थापना जन अनुयायी नृपा कामा ने की थी। लेकिन इसे वास्तविक प्रसिद्धि होयसला वंश के शासन काल में बने मंदिरों के लिए मिली। होयसला शासक कला और शिल्प के संरक्षक थे। बेलूर और हेलिबिड में इन्होंने भव्य मंदिरों का निर्माण कराया जो आज भी उसी शान से खड़े हैं। .

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बेलेवडेयर एस्टेट

बेलेवडेयर एस्टेट कोलकाता की प्रसिद्ध इमारत है। श्रेणी:कोलकाता की इमारतें.

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बेहाला

बेहाला कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बेगम हज़रत महल

बेगम हज़रत महल (नस्तालीक़:, 1820 - 7 अप्रैल 1879), जो अवध (अउध) की बेगम के नाम से भी प्रसिद्ध थीं, अवध के नवाब वाजिद अली शाह की दूसरी पत्नी थीं। अंग्रेज़ों द्वारा कलकत्ते में अपने शौहर के निर्वासन के बाद उन्होंने लखनऊ पर क़ब्ज़ा कर लिया और अपनी अवध रियासत की हकूमत को बरक़रार रखा। अंग्रेज़ों के क़ब्ज़े से अपनी रियासत बचाने के लिए उन्होंने अपने बेटे नवाबज़ादे बिरजिस क़द्र को अवध के वली (शासक) नियुक्त करने की कोशिश की थी; मगर उनके शासन जल्द ही ख़त्म होने की वजह से उनकी ये कोशिश असफल रह गई। उन्होंने 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के ख़िलाफ़ विद्रोह किया। अंततः उन्होंने नेपाल में शरण मिली जहाँ उनकी मृत्यु 1879 में हुई थी। .

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बेगम अख़तर रियाजुद्दीन

बेगम अख़तर रियाजुद्दीन सितारा-ए-इम्तियाज़, एमए (अंग्रेज़ी) (بیگم اختر ریاض الدین) रियाज़-उद-दीन भी लिखा जाता है (जन्म 15 अक्टूबर 1928) एक पाकिस्तानी नारीवादी कार्यकर्ता हैं जो पहली आधुनिक उर्दू सफरनामा लेखक भी हैं। उसे उनके प्रयासों की मान्यता में कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। .

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बो बैरक

बो बैरक कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बोबाजार

बोबाजार कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बोरोलीन

बोरोलीन (Boroline) भारत में बिकने वाली एक एंटीसेप्टिक सुगन्धित क्रीम है। इसका उत्पादन १९२९ में कोलकाता के गौरमोहन दत्त द्वारा शुरू किया गया था। समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ती गयी और अम्ग्रेजी राज में यह 'स्वदेशी' एवं आर्थिक आजादी की पहचान बन गया। .

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बोस संस्थान

बोस संस्थान (बोस इंस्टीट्यूट) कोलकाता में स्थित एक वैज्ञानिक शोध संस्थान है। इसकी स्थापना भारत के महान वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु ने १९१७ में की थी। श्रेणी:भारत के अनुसंधान संस्थान.

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बीना दास

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम वीणा दास (বীণা দাস) (1911–1986) बंगाल की भारतीय क्रान्तिकारी और राष्ट्रवादी महिला थीं। ६ फरवरी १९३२ को उन्होने कलकत्ता विश्वविद्यालय के एक दीक्षान्त समारोह में अंग्रेज़ क्रिकेट कप्तान और बंगाली गर्वनर स्टनली जैक्शन की हत्या का प्रयास किया था। .

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बीबीडी बाग

बीबीडी बाग कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता नगर निगम के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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बीमा लोकपाल

बीमा अनुबंध भारत सरकार .

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बीमा का इतिहास

बीमा की उत्पत्ति का कोई प्रामाणिक उल्ले ख या इतिहास नहीं मिलता है परन्तु विभिन्न वर्णनों से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बीमा की उत्पति अति प्राचीन काल में सभ्यता के विकास के साथ हुई। पहले संयुक्त परिवार प्रथा भी बीमा का ही एक स्वरूप था यदि परिवार में कोई मर जाता, अपंग हो जाता, बेरोजगार हो जा उस व्यक्ति को उसकी पत्नी व बच्चों की देखभाल परिवार के अन्य लोग करते, परन्तु वर्तमान में यह व्यवस्था विघटित होने से बीमे की आवश्यकता उत्पन्न होने लगी। जीवन बीमा का प्रादुर्भाव भी ईसा पूर्व माना जाता है। रोम के लोग जीवन बीमा से परिचित थे परन्तु आधुनिक स्वरूप का प्रारम्भ 1583 को ही हुआ जबकि लन्दन के श्री विलियम गिब्बन्स के जीवन का एक वर्ष का बीमा किया गया। कहा जाता है कि मेसोपोटामिया व बेबीलोन नें 3000 वर्ष पूर्व में प्रथम बार बीमा प्रारम्भ किया गया। आधुनिक बीमा का विकास 13वीं शताब्दी में हुआ माना जाता है। प्राचीनकाल में विदेशों के साथ माल का आवागमन अधिकांश समुद्री मार्ग से ही होता था, जो अनेक जोखिम से भरपूर था। इन जोखिमों से बचाव हेतु व्यापारी एक समझौता कर लेते थे कि मार्ग में होने वाली हानि को व्यापारी हितों के अनुसार बांट लेंगे इसी प्रकार ऋण देने की प्रथा भी थी जिसे बौटमरी बॉण्ड कहा जाता है। इस प्रकार सर्वप्रथम सामुद्रिक बीमा व फिर अग्नि बीमा का विकास हुआ। एडर्क्ड लायड नामक काफी विक्रेता ने लंदन में समुद्री बीमा को आधुनिक रूप प्रदान किया। 1666 में हुए लंदन के महान अग्निकाण्ड में जिसमें 13000 घर जलकर स्वाहा हो गये थे, ने बीमा को बढ़ावा दिया और 1680 में 'फायर आफिस’ नामक पहली अग्नि बीमा कम्पनी का श्री गणेश हुआ। .

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बीरगंज

बीरगंज नेपाल का एक दक्षिणी सीमावर्ती शहर है जिसकी सीमा बिहार में पूर्वी चंपारण के रक्सौल शहर से लगती है। नेपाल में सड़क मार्ग से प्रवेश करने का यह एक प्रमुख रास्ता है। अगर आप पटना याकोलकाता की ओर से आ रहे हों तो यह सबसे सुगम मार्ग है। बीरगंज नेपाल भारत व्यापार का प्रमुख नाका है यह प्रदेश नम्बर २ नारायणी अंचल के पर्सा जिले मे पडता है। .

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बीसवीं शताब्दी

ग्रेगरी पंचांग (कलेंडर) के अनुसार ईसा की बीसवीं शताब्दी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसम्बर 2000 तक मानी जाती है। कुछ इतिहासवेत्ता 1914 से 1992 तक को संक्षिप्त बीसवीं शती का नाम भी देते हैं। (उन्नीसवी शताब्दी - बीसवी शताब्दी - इक्कीसवी शताब्दी - और शताब्दियाँ) दशक: १९०० का दशक १९१० का दशक १९२० का दशक १९३० का दशक १९४० का दशक १९५० का दशक १९६० का दशक १९७० का दशक १९८० का दशक १९९० का दशक ---- समय के गुज़रने को रेकोर्ड करने के हिसाब से देखा जाये तो बीसवी शताब्दी वह शताब्दी थी जो १९०१ - २००० तक चली थी। मनुष्य जाति के जीवन का लगभग हर पहलू बीसवी शताब्दी में बदल गया।.

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भरत व्यास

भरत व्यास हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गीतकार थे। इनका जन्म ६ जनवरी १९१८ को बीकानेर मे हुआ था जाति से पुष्करना ब्राह्मण थे। मूल रूप से चुरू के थे। बचपन से ही इनमे कवि प्रतिभा दिखने लगी थी। उन्होंने १७-१८ वर्ष की उम्र तक लेखन शुरू कर दिया था। चुरू से मैट्रिक करने के बाद वे कलकत्ता चले गए। उनका लिखा पहला गीत था - आओ वीरो हिलमिल गाए वंदे मातरम । उनके द्वारा रामू चन्ना नामक नाटक भी लिखा गया। १९४२ के बाद वे बम्बई आ गए उन्होंने कुछ फिल्म्नो भी भूमिका निभाई लेकिन प्रसिद्धि गीत लेखन से मिली उनकी मृत्यु १९८२ मे हुई थी। उनके लिखे प्रमुख गीत है - दो आँखे बारह हाथ, नवरंग, बूँद जो बन गई मोती फिल्मों के गीत श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:गीतकार श्रेणी:फ़िल्मी गीतकार.

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भाद्रेश्वर

भाद्रेश्वर कोलकाता का एक क्षेत्र है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डवलपमेंट अथॉरिटी के अधीन आता है। श्रेणी:कोलकाता के क्षेत्र.

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भारत

भारत (आधिकारिक नाम: भारत गणराज्य, Republic of India) दक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत, भौगोलिक दृष्टि से विश्व में सातवाँ सबसे बड़ा और जनसंख्या के दृष्टिकोण से दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर की भौतिक सीमा हिमालय पर्वत से और दक्षिण में हिन्द महासागर से लगी हुई है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी है तथा पश्चिम में अरब सागर हैं। प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता, व्यापार मार्गों और बड़े-बड़े साम्राज्यों का विकास-स्थान रहे भारतीय उपमहाद्वीप को इसके सांस्कृतिक और आर्थिक सफलता के लंबे इतिहास के लिये जाना जाता रहा है। चार प्रमुख संप्रदायों: हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों का यहां उदय हुआ, पारसी, यहूदी, ईसाई, और मुस्लिम धर्म प्रथम सहस्राब्दी में यहां पहुचे और यहां की विविध संस्कृति को नया रूप दिया। क्रमिक विजयों के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी ने १८वीं और १९वीं सदी में भारत के ज़्यादतर हिस्सों को अपने राज्य में मिला लिया। १८५७ के विफल विद्रोह के बाद भारत के प्रशासन का भार ब्रिटिश सरकार ने अपने ऊपर ले लिया। ब्रिटिश भारत के रूप में ब्रिटिश साम्राज्य के प्रमुख अंग भारत ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक लम्बे और मुख्य रूप से अहिंसक स्वतन्त्रता संग्राम के बाद १५ अगस्त १९४७ को आज़ादी पाई। १९५० में लागू हुए नये संविधान में इसे सार्वजनिक वयस्क मताधिकार के आधार पर स्थापित संवैधानिक लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित कर दिया गया और युनाईटेड किंगडम की तर्ज़ पर वेस्टमिंस्टर शैली की संसदीय सरकार स्थापित की गयी। एक संघीय राष्ट्र, भारत को २९ राज्यों और ७ संघ शासित प्रदेशों में गठित किया गया है। लम्बे समय तक समाजवादी आर्थिक नीतियों का पालन करने के बाद 1991 के पश्चात् भारत ने उदारीकरण और वैश्वीकरण की नयी नीतियों के आधार पर सार्थक आर्थिक और सामाजिक प्रगति की है। ३३ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ भारत भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा राष्ट्र है। वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था क्रय शक्ति समता के आधार पर विश्व की तीसरी और मानक मूल्यों के आधार पर विश्व की दसवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था है। १९९१ के बाज़ार-आधारित सुधारों के बाद भारत विश्व की सबसे तेज़ विकसित होती बड़ी अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक हो गया है और इसे एक नव-औद्योगिकृत राष्ट्र माना जाता है। परंतु भारत के सामने अभी भी गरीबी, भ्रष्टाचार, कुपोषण, अपर्याप्त सार्वजनिक स्वास्थ्य-सेवा और आतंकवाद की चुनौतियां हैं। आज भारत एक विविध, बहुभाषी, और बहु-जातीय समाज है और भारतीय सेना एक क्षेत्रीय शक्ति है। .

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भारत में ऊष्मा लहर २०१५

भारत में अप्रैल/मई २०१५ ऊष्मा लहर २६ मई तक १००० से अधिक लोगों की मृत्यु हो गयी और विभिन्न क्षेत्र इससे प्रभावित हुये। भारतीय शुष्क मौसम में ऊष्मीय लहरें चलती हैं जिन्हें लू भी कहा जाता है। ये मुख्यतः मार्च से आरम्भ होकर मई तक चलती हैं। .

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भारत में चीनी भाषा की पत्रकारिता

भारत में चीनी पत्रकारिता दो समाचारपत्रों पर आधारित है। ये दोनों समाचारपत्र कोलकाता शहर से निकलते हैं और उन्हें इस शहर की चीनी भाषाई अल्पसंख्यक पढ़ते है। इन अखबारों के नाम जैसे कि अंग्रेजी में बताए जाते हैं, दी ओवरसीज़ चाईनीज़ कॉमर्स ऑफ इंडिया और दी चाईनीज़ जर्नल हैं। इन अखबारों के प्रकाशन में आधुनिक तकनीक के बजाय पुराने तौर-तरीकों का प्रयोग जाता है। विशेषकर सुलेख और छयाई में पुराने तरीके प्रचलित हैं। उनके अलावा समाचार भी नवीनतम के बजाय कम से कम एक दिन पहले की प्रस्तुत की जाती है। इन अखबारों के खरीदारों की संख्या 1,200 से अधिक नहीं है। इनमें अधिकांश खरीदार कोलकाता में ही हैं। लेकिन अखबारों की कुछ प्रतियाँ मुंबई और चेन्नई पहुंचाई जाती हैं। .

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भारत में दशलक्ष-अधिक शहरी संकुलनों की सूची

भारत दक्षिण एशिया में एक देश है। भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार, वह सातवाँ सबसे बड़ा देश है, और १.२ अरब से अधिक लोगों के साथ, वह दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत में उनतीस राज्य और सात संघ राज्यक्षेत्र हैं। वह विश्व की जनसंख्या के १७.५ प्रतिशत का घर हैं। .

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भारत में धर्म

तवांग में गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा. बैंगलोर में शिव की एक प्रतिमा. कर्नाटक में जैन ईश्वरदूत (या जिन) बाहुबली की एक प्रतिमा. 2 में स्थित, भारत, दिल्ली में एक लोकप्रिय पूजा के बहाई हॉउस. भारत एक ऐसा देश है जहां धार्मिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता को कानून तथा समाज, दोनों द्वारा मान्यता प्रदान की गयी है। भारत के पूर्ण इतिहास के दौरान धर्म का यहां की संस्कृति में एक महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। भारत विश्व की चार प्रमुख धार्मिक परम्पराओं का जन्मस्थान है - हिंदू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म तथा सिक्ख धर्म.

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भारत में परमाणु ऊर्जा

भारतीय विद्युत उत्पादन एवं आपूर्ति के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा एक निश्चित एवं निर्णायक भूमिका है। किसी भी राष्ट्र के सम्पूर्ण विकास के लिए विद्युत की पर्याप्त तथा अबाधित आपूर्ति का होना आवश्यक है। विकासशील देश होने के कारण भारत की सम्पूर्ण विद्युत आवश्यकताओं का एक बड़ा भाग गैर पारम्परिक स्रोतों से पूरा किया जाता है क्योंकि पारम्परिक स्रोतों द्वारा बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जा सकता। भारत ने नाभिकीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त की है। इसका श्रेय डॉ॰ होमी भाभा द्वारा प्रारंभ किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों को जाता है जिन्होंने भारतीय नाभिकीय कार्यक्रम की कल्पना करते हुए इसकी आधारशिला रखी। तब से ही परमाणु ऊर्जा विभाग परिवार के समर्पित वेज्ञानिकों तथा इंजीनियरों द्वारा बड़ी सतर्कता के साथ इसे आगे बढ़ाया गया है। भारत में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में परमाणु बिजली केंद्र है। ये केंद्र केंद्र सरकार के अधीन हैं।वर्तमान में (अप्रैल 2015 से जेनुअरी 2016 तक) कुल बिजली उत्पादन में नाभिकीय ऊर्जा का भाग 30869 मिलियन यूनिट है जो कि लगभग 3.3% है। वर्तमान में कुल स्थापित क्षमता 5780 मेगावाट है, तथा 2022 तक 13480 मेगावाट बिजली के उत्पादन की संभावना है, यदि वर्तमान में सभी निर्माणाधीन और कुछ नए प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाता है। 1983 में गठित परमाणु ऊर्जा विनियामक बोर्ड (एईआरबी) भारत में परमाणु ऊर्जा के लिए नियामक संस्था है। नाभिकीय विज्ञान अनुसंधान बोर्ड (बीआरएनएस) के द्वारा अनुसंधान और विकास संबंधी गतिविधियां की जाती हैं। .

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भारत में पर्यटन

हर साल, 3 मिलियन से अधिक पर्यटक आगरा में ताज महल देखने आते हैं। भारत में पर्यटन सबसे बड़ा सेवा उद्योग है, जहां इसका राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6.23% और भारत के कुल रोज़गार में 8.78% योगदान है। भारत में वार्षिक तौर पर 5 मिलियन विदेशी पर्यटकों का आगमन और 562 मिलियन घरेलू पर्यटकों द्वारा भ्रमण परिलक्षित होता है। 2008 में भारत के पर्यटन उद्योग ने लगभग US$100 बिलियन जनित किया और 2018 तक 9.4% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ, इसके US$275.5 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है। भारत में पर्यटन के विकास और उसे बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय नोडल एजेंसी है और "अतुल्य भारत" अभियान की देख-रेख करता है। विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद के अनुसार, भारत, सर्वाधिक 10 वर्षीय विकास क्षमता के साथ, 2009-2018 से पर्यटन का आकर्षण केंद्र बन जाएगा.

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भारत में पुस्तकालय का इतिहास

कोई विवरण नहीं।

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भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची

भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों की सूची। भारत ने सर्वाधिक हिंदी भाषा के समाचार पत्र सर्कुलेट होते हैं उसके बाद इंग्लिश और उर्दू समाचारपत्रों का स्थान है। .

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भारत में मस्जिदों की सूची

साँचा:देशानुसार एशिया में मस्जिदें यह भारत में मस्जिदों की सूची है:;Group ! भारत में मस्जिदें श्रेणी:देशानुसार मस्जिदें श्रेणी:अधूरी सूचियाँ.

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भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की राजमार्ग संख्या अनुसार सूची

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची इस प्रकार से है। इसे राज्य, राजमार्ग संख्या, कुल लंबाई इत्यादि किसी भी क्रम से चुना व छांटा जा सकता है। .

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भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - प्रदेश अनुसार

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का संजाल भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची भारतीय राजमार्ग के क्षेत्र में एक व्यापक सूची देता है, द्वारा अनुरक्षित सड़कों के एक वर्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण। ये लंबे मुख्य में दूरी roadways हैं भारत और के अत्यधिक उपयोग का मतलब है एक परिवहन भारत में। वे में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा भारतीय अर्थव्यवस्था। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 laned (प्रत्येक दिशा में एक), के बारे में 65,000 किमी की एक कुल, जिनमें से 5,840 किमी बदल सकता है गठन में "स्वर्ण Chathuspatha" या स्वर्णिम चतुर्भुज, एक प्रतिष्ठित परियोजना राजग सरकार द्वारा शुरू की श्री अटल बिहारी वाजपेयी.

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भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची

शिकोहाबाद तहसील के ग्राम नगला भाट में श्री मुकुट सिंह यादव जो ग्राम पंचायत रूपसपुर से प्रधान भी रहे हैं उनके तीन पुत्र हैं गजेंद्र यादव नगेन्द्र यादव पुष्पेंद्र यादव प्रधान जी का जन्म सन १९५० में हुआ था उन्होंने अपना सारा जीवन ग़रीबों के लिए क़ुर्बान कर दिया था और वो ५ भाईओ में सबसे छोटे थे और अपने परिवार को बाँधे रखा ११ मार्च २०१५ को उनका देहावसान हो गया ! वो आज भी हमारे दिलों में ज़िंदा हैं इस लेख में भारत में रेलवे स्टेशनों की सूची है। भारत में रेलवे स्टेशनों की कुल संख्या 7,000 और 8,500 के बीच अनुमानित है। भारतीय रेलवे एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने के साथ दुनिया में चौथा सबसे बड़ा नियोक्ता है। सूची तस्वीर गैलरी निम्नानुसार है। .

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भारत में सर्वाधिक जनसंख्या वाले महानगरों की सूची

इस लेख में भारत के सर्वोच्च सौ महानगरीय क्षेत्रों की सूची (२००८ अनुसार) है। इन सौ महानगरों की संयुक्त जनसंख्या राष्ट्र की कुल जनसंख्या का सातवां भाग बनाती है। .

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भारत में संचार

भारतीय दूरसंचार उद्योग दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता दूरसंचार उद्योग है, जिसके पास अगस्त 2010http://www.trai.gov.in/WriteReadData/trai/upload/PressReleases/767/August_Press_release.pdf तक 706.37 मिलियन टेलीफोन (लैंडलाइन्स और मोबाइल) ग्राहक तथा 670.60 मिलियन मोबाइल फोन कनेक्शन्स हैं। वायरलेस कनेक्शन्स की संख्या के आधार पर यह दूरसंचार नेटवर्क मुहैया करने वाले देशों में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारतीय मोबाइल ग्राहक आधार आकार में कारक के रूप में एक सौ से अधिक बढ़ी है, 2001 में देश में ग्राहकों की संख्या लगभग 5 मिलियन थी, जो अगस्त 2010 में बढ़कर 670.60 मिलियन हो गयी है। चूंकि दूरसंचार उद्योग दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2013 तक भारत में 1.159 बिलियन मोबाइल उपभोक्ता हो जायेंगे.

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भारत में हाई-स्पीड रेल

भारत में ऐसे कोई रेलवे नहीं हैं जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानकों द्वारा हाई-स्पीड रेल के रूप में वर्गीकृत किया जा सके। यानी 200 किमी/घंटा (120 मील प्रति घंटे) से अधिक परिचालन गति वाले रेलवे भारत में अभी नहीं हैं। भारत में वर्तमान में सबसे तेज ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस हैं जिसकी गति 160 किमी/घंटा (99 मील प्रति घंटे) है। और जो केवल दिल्ली और आगरा के बीच चलती है। 2014 के आम चुनाव से पहले, दो प्रमुख राष्ट्रीय दलों (भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हाई-स्पीड रेल पेश करने का वचन दिया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत के 10 लाखों से अधिक जनसंख्या वाले शहरों को हाई-स्पीड रेल से जोड़ने का वचन दिया। जबकि बीजेपी ने चुनाव जीता था और बीजेपी ने डायमंड चतुर्भुज परियोजना का निर्माण करने का वादा किया था जो चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई शहरों को हाई स्पीड रेल के माध्यम से जोड़ देगा। इस परियोजना को राष्ट्रपति के भाषण में नई सरकार बनाने पर प्राथमिकता के रूप में मंजूरी दे दी गई थी। एक किलोमीटर के हाई स्पीड रेलवे ट्रैक का निर्माण ₹100 करोड़ - ₹140 करोड़ होगा जो मानक रेलवे के निर्माण की लागत से 10-14 गुना अधिक है। भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली हाई-स्पीड रेलवे बनाने के जापान के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह मंजूर की गई रेल 320 किमी/घंटा (200 मील प्रति घंटे) की गति से मुंबई और अहमदाबाद के पश्चिमी शहर के बीच लगभग 500 किमी (310 मील) चलाई जाएगी। इस प्रस्ताव के तहत, निर्माण 2017 में शुरू हुआ और 2022 में पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹980 अरब है और इसे जापान से कम ब्याज ऋण द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा। संचालन आधिकारिक तौर पर 2023 में शुरू करने के लिए लक्षित है, लेकिन भारत ने एक साल पहले इस लाइन को संचालन में लाने की कोशिश करने के इरादे की घोषणा की है। यह यात्रियों को अहमदाबाद से मुंबई तक केवल 3 घंटों में ले जाएगा और इसका टिकट किराया हवाई विमानों से सस्ता होगा यानी 2500-3000 रु के बीच होगा। .

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भारत में विश्वविद्यालयों की सूची

यहाँ भारत में विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है। भारत में सार्वजनिक और निजी, दोनों विश्वविद्यालय हैं जिनमें से कई भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा समर्थित हैं। इनके अलावा निजी विश्वविद्यालय भी मौजूद हैं, जो विभिन्न निकायों और समितियों द्वारा समर्थित हैं। शीर्ष दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालयों के तहत सूचीबद्ध विश्वविद्यालयों में से अधिकांश भारत में स्थित हैं। .

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भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत

भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत सन १९५२ में भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता से हुई थी। सन १९५२ में आई एस आई में एक एनालोंग कंप्यूटर की स्थापना की गई थी जो भारत का प्रथम कंप्यूटर था। यह कंप्यूटर १० X १० की मैट्रिक्स को हल कर सकता था। इसी समय भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूर में भी एक एनालोग कंप्यूटर स्थापित किया गया था जिसका प्रयोग अवकलन विश्लेषक के रूप में किया जाता था। लेकिन इन सब के बाद भी भारत में कंप्यूटर युग की वास्तविक रूप से शुरुआत हुई सन १९५६ में, जब आई एस आई कोलकाता में भारत का प्रथम इलेक्ट्रोनिक डिजिटल कंप्यूटर HEC - 2M स्थापित किया गया। यह कंप्यूटर केवल भारत का प्रथम इलेक्ट्रोनिक कंप्यूटर होने के कारण ख़ास नहीं था बल्कि इसलिए भी ख़ास था क्योंकि इसकी स्थापना के साथ ही भारत जापान के बाद एशिया का दूसरा ऐसा देश बन गया था जिसने कंप्यूटर तकनीक को अपनाया था। वास्तव में HEC - 2M का निर्माण भारत में न होकर इंग्लेंड में हुआ था। जहां से इसे आयात करके आई एस आई में स्थापित किया गया था। इसका विकास एंड्रयू डोनाल्ड बूथ द्वारा किया गया था जो उस समय लंदन के बर्कबैक कोलेज में कार्यरत प्रोफ़ेसर थे | यह कंप्यूटर १०२४ शब्द की ड्रम मेमोरी युक्त एक १६ बिट का कंप्यूटर था जिसका संचालन करने के लिए मशीन भाषा का प्रयोग किया जाता था तथा इनपुट और आउटपुट के लिए पंच कार्ड्स का प्रयोग किया जाता था लेकिन बाद में इसमे प्रिंटर भी जोड़ दिया गया | चूँकि यह देश का प्रथम डिजिटल कंप्यूटर था इसलिए सम्पूर्ण देश से विभिन्न प्रकार की वैज्ञानिक समस्याओं का समाधान इस कंप्यूटर से किया जाता था जैसे सुरक्षा विभाग तथा प्रयोगशालाओं से सम्बंधित समस्याएँ विभिन्न प्रकार के विश्लेषक आदि | लेकिन यह विकास गाथा यही समाप्त नहीं होती है | सन १९५८ में आई एस आई में युआरएएल नामक एक अन्य कंप्यूटर स्थापित किया गया जो आकार में HEC - 2 M से भी बड़ा था। इस कंप्यूटर को रूस से खरीदा गया था। यह नाम वास्तव में रूस की एक पर्वत श्रृंखला का नाम है और चूँकि यह कंप्यूटर भी रूस से खरीदा गया था, इस कारण से इस कंप्यूटर को यह नाम दिया गया | यह कंप्यूटर क्षेतिक मैग्नेटिक टेप युक्त एक ३२ बिट कंप्यूटर था, जिसमे इनपुट के रूप में पंच कार्ड्स तथा आउटपुट के रूप में प्रिंटर का प्रयोग किया जाता था। सन १९६४ में इन दोनों कंप्यूटर को तब विराम दे दिया गया जब आईबीएम ने आई एस आई में अपना कंप्यूटर १४०१ स्थापित किया | आईबीएम १४०१, १४०० श्रृंखला का पहला कंप्यूटर था जिसे आईबीएम द्वारा सन १९५९ में विकसित किया गया था जो की एक डाटा प्रोसेसिंग सिस्टम कंप्यूटर था। इस कंप्यूटर में मुख्य रूप से १४०१ प्रोसेसिंग यूनिट थी जो एक मिनट में १,९३,३०० योग की गणनाएं कर सकती थी | साथ ही साथ इस कंप्यूटर में इनपुट के लिए पंच कार्ड्स के साथ साथ मैग्नेटिक टेप तथा आउटपुट के लिए आईबीएम १४०३ प्रिंटर का प्रयोग किया जाता था। इन सभी कंप्यूटर में जो एक समानता थी वह यह थी कि ये सभी कंप्यूटर भारत में विकसित नहीं हुए थे बल्कि इन्हें दूसरे देशों से खरीदा गया था। भारत में विकसित किया गया पहला कंप्यूटर था ISIJU, इस कंप्यूटर का विकास सन १९६६ में दो संस्थाओं भारतीय सांख्यिकी संस्थान तथा जादवपुर यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया था। जिस कारण इसे ISIJU नाम दिया गया | HEC - 2M तथा URAL दोनों ही वैक्यूम ट्यूब युक्त कंप्यूटर थे जबकि ISIJU एक ट्रांजिस्टर युक्त कंप्यूटर था। इस कंप्यूटर का विकास भारतीय कंप्यूटर तकनीक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, यद्यपि यह कंप्यूटर व्यवसायिक कम्प्यूटिंग आवश्यकताओं को पूर्ण नहीं करता था जिस कारण से इसके द्वारा कोई विशिष्ट कार्य नहीं किया गया | भारत में कम्प्यूटिंग विकास में सबसे महत्वपूर्ण चरण आया ९० के दशक में जब पुणे में स्थित प्रगत संगणन विकास केंद्र में भारत का प्रथम सुपर कंप्यूटर ' परम ८००० ' का विकास किया गया | परम का अर्थ है parallel machine जो कि आज सुपर कंप्यूटर की एक श्रृंखला है | परम का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रो में किया जाता है जैसे बायोइन्फ़ोर्मेटिक्स के क्षेत्र में, मौसम विज्ञान के क्षेत्र में, रसायन शास्त्र के क्षेत्र में आदि | यद्यपि पर्सनल कंप्यूटर के आ जाने के कारण आज भारत के कई हजारों घरों में, कार्यालयों में कंप्यूटर तकनीक पैर पसार रही है लेकिन इन सभी एनालोग, मेनफ्रेम तथा सुपरकंप्यूटर ने भारत को एक विकासशील देश बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है | .

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भारत में कॉफी उत्पादन

भारत में कॉफी वन भारत में कॉफी बागान भारत में कॉफ़ी का उत्पादन मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों में होता है। यहां कुल 8200 टन कॉफ़ी का उत्पादन होता है जिसमें से कर्नाटक राज्य में अधिकतम 53 प्रतिशत, केरल में 28 प्रतिशत और तमिलनाडु में 11 प्रतिशत उत्पादन होता है। भारतीय कॉफी दुनिया भर की सबसे अच्छी गुणवत्ता की कॉफ़ी मानी जाती है, क्योंकि इसे छाया में उगाया जाता है, इसके बजाय दुनिया भर के अन्य स्थानों में कॉफ़ी को सीधे सूर्य के प्रकाश में उगाया जाता है। भारत में लगभग 250000 लोग कॉफ़ी उगाते हैं; इनमें से 98 प्रतिशत छोटे उत्पादक हैं। 2009 में, भारत का कॉफ़ी उत्पादन दुनिया के कुल उत्पादन का केवल 4.5% था। भारत में उत्पादन की जाने वाली कॉफ़ी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा निर्यात कर दिया जाता है। निर्यात किये जाने वाले हिस्से का 70 प्रतिशत हिस्सा जर्मनी, रूस संघ, स्पेन, बेल्जियम, स्लोवेनिया, संयुक्त राज्य, जापान, ग्रीस, नीदरलैंड्स और फ्रांस को भेजा जाता है। इटली को कुल निर्यात का 29 प्रतिशत हिस्सा भेजा जाता है। अधिकांश निर्यात स्वेज़ नहर के माध्यम से किया जाता है। कॉफी भारत के तीन क्षेत्रों में उगाई जाती है। कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु दक्षिणी भारत के पारम्परिक कॉफ़ी उत्पादक क्षेत्र हैं। इसके बाद देश के पूर्वी तट में उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के गैर पारम्परिक क्षेत्रों में नए कॉफ़ी उत्पादक क्षेत्रों का विकास हुआ है। तीसरे क्षेत्र में उत्तर पूर्वी भारत के अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर और आसाम के राज्य शामिल हैं, इन्हें भारत के "सात बन्धु राज्यों" के रूप में जाना जाता है। भारतीय कॉफी, जिसे अधिकतर दक्षिणी भारत में मानसूनी वर्षा में उगाया जाता है, को "भारतीय मानसून कॉफ़ी" भी कहा जाता है। इसके स्वाद "सर्वश्रेष्ठ भारतीय कॉफ़ी के रूप में परिभाषित किया जाता है, पेसिफिक हाउस का फ्लेवर इसकी विशेषता है, लेकिन यह एक साधारण और नीरस ब्रांड है।" कॉफ़ी की चार ज्ञात किस्में हैं अरेबिका, रोबस्टा, पहली किस्म जिसे 17 वीं शताब्दी में कर्नाटक के बाबा बुदान पहाड़ी क्षेत्र में शुरू किया गया, का विपणन कई सालों से केंट और S.795 ब्रांड नामों के तहत किया जाता है। .

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भारत सेवाश्रम संघ

भारत सेवाश्रम संघ का दिल्ली-कार्यालय भारत सेवाश्रम संघ एक सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक लोकहितैषी संघटन है जिसमें संन्यासी और नि:स्वार्थी कार्यकर्ता भ्रातृभाव से कार्य करते हैं। सर्वांगीण राष्ट्रीय उद्धार इसका मुख्य उद्देश्य और संपूर्ण मानवता की नैतिक तथा आध्यात्मिक उन्नति इसका सामान्य लक्ष्य है। भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना प्रखर देशप्रेमी सन्त आचार्य श्रीमद् स्वामी प्रणवानन्द जी महाराज ने सन् १९१७ में की थी। यह संयासियों और नि:स्वार्थ कर्मयोगियों की संस्था है जो मानवता की सेवा के लिये समर्पित है। इसका मुख्यालय कोलकाता में है तथा पूरे भारत तथा विश्व में कोई ४६ अन्य केन्द्र हैं। किसी दैवी आपदा, किसी सामाजिक मेले आदि के अवसर पर इसके संयासी कैम्प लगाकर सेवा और सहायता का कार्य आरम्भ कर देते हैं। भारत सेवाश्रम संघ मुम्बई के वाशी गांव में कैंसर के रोगियों के लिये निःशुल्क आवास एवं भोजनादि की व्यवस्था करता है। इसके साथ-साथ भारत सेवाश्रम संघ शिक्षा के प्रसार तथा आदिवासियो एवं वनवासियों के उत्थान के लिये सतत् उद्यमशील है। संघ के सन्यासियों ने लोक और व्यक्तिगत अभिरुचियों का परित्याग कर देने पर अपना निवास छोड़कर एकांतवास नहीं ग्रहण किया। इसके विपरीत उन्होंने अपने को मानवता की नि:स्वार्थ सेवा के लिए अर्पित कर दिया है और इसके द्वारा वे ऊँची योग्यता प्राप्त करने और सर्वशक्तिमान् की यथार्थता को निरूपित करने का प्रयास करते हैं। .

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भारत का ध्वज

भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी।। भास्‍कर डॉट कॉम। १५ अगस्त २००९ इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७ को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया गया था।। भारत के राष्ट्रीय पोर्टल पर इसमें तीन समान चौड़ाई की क्षैतिज पट्टियाँ हैं, जिनमें सबसे ऊपर केसरिया, बीच में श्वेत ओर नीचे गहरे हरे रंग की पट्टी है। ध्वज की लम्बाई एवं चौड़ाई का अनुपात ३:२ है। सफेद पट्टी के मध्य में गहरे नीले रंग का एक चक्र है जिसमें २४ आरे होते हैं। इस चक्र का व्यास लगभग सफेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर होता है व रूप सारनाथ में स्थित अशोक स्तंभ के शेर के शीर्षफलक के चक्र में दिखने वाले की तरह होता है। भारतीय राष्ट्रध्वज अपने आप मै ही भारत की निति को दर्शाता हुआ दिखाई देता है। आत्मरक्षा, शांति, समृद्धि और सदैव विकास की ओर अग्रसर। राष्ट्रीय झंडा निर्दिष्टीकरण के अनुसार झंडा खादीमें ही बनना चाहिए। यह एक विशेष प्रकार से हाथ से काते गए कपड़े से बनता है जो महात्मा गांधी द्वारा लोकप्रिय बनाया गया था। इन सभी विशिष्टताओं को व्यापक रूप से भारत में सम्मान दिया जाता हैं भारतीय ध्वज संहिता के द्वारा इसके प्रदर्शन और प्रयोग पर विशेष नियंत्रण है। ध्वज का हेराल्डिक वर्णन इस प्रकार से होता है: .

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भारत का भूगोल

भारत का भूगोल या भारत का भौगोलिक स्वरूप से आशय भारत में भौगोलिक तत्वों के वितरण और इसके प्रतिरूप से है जो लगभग हर दृष्टि से काफ़ी विविधतापूर्ण है। दक्षिण एशिया के तीन प्रायद्वीपों में से मध्यवर्ती प्रायद्वीप पर स्थित यह देश अपने ३२,८७,२६३ वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। साथ ही लगभग १.३ अरब जनसंख्या के साथ यह पूरे विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भी है। भारत की भौगोलिक संरचना में लगभग सभी प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं। एक ओर इसके उत्तर में विशाल हिमालय की पर्वतमालायें हैं तो दूसरी ओर और दक्षिण में विस्तृत हिंद महासागर, एक ओर ऊँचा-नीचा और कटा-फटा दक्कन का पठार है तो वहीं विशाल और समतल सिन्धु-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान भी, थार के विस्तृत मरुस्थल में जहाँ विविध मरुस्थलीय स्थलरुप पाए जाते हैं तो दूसरी ओर समुद्र तटीय भाग भी हैं। कर्क रेखा इसके लगभग बीच से गुजरती है और यहाँ लगभग हर प्रकार की जलवायु भी पायी जाती है। मिट्टी, वनस्पति और प्राकृतिक संसाधनो की दृष्टि से भी भारत में काफ़ी भौगोलिक विविधता है। प्राकृतिक विविधता ने यहाँ की नृजातीय विविधता और जनसंख्या के असमान वितरण के साथ मिलकर इसे आर्थिक, सामजिक और सांस्कृतिक विविधता प्रदान की है। इन सबके बावजूद यहाँ की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक एकता इसे एक राष्ट्र के रूप में परिभाषित करती है। हिमालय द्वारा उत्तर में सुरक्षित और लगभग ७ हज़ार किलोमीटर लम्बी समुद्री सीमा के साथ हिन्द महासागर के उत्तरी शीर्ष पर स्थित भारत का भू-राजनैतिक महत्व भी बहुत बढ़ जाता है और इसे एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करता है। .

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भारत का विभाजन

माउण्टबैटन योजना * पाकिस्तान का विभाजन * कश्मीर समस्या .

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भारत के चिड़ियाघरों की सूची

भारत में सैक्ड़ों चिड़ियाघर और जैविक उद्यान हैं। यहाँ प्रमुख चिड़ियाघरों की सूची दी गयी है-.

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भारत के दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर

* अमृतसर.

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भारत के प्रमुख हिन्दू तीर्थ

भारत अनादि काल से संस्कृति, आस्था, आस्तिकता और धर्म का महादेश रहा है। इसके हर भाग और प्रान्त में विभिन्न देवी-देवताओं से सम्बद्ध कुछ ऐसे अनेकानेक प्राचीन और (अपेक्षाकृत नए) धार्मिक स्थान (तीर्थ) हैं, जिनकी यात्रा के प्रति एक आम भारतीय नागरिक पर्यटन और धर्म-अध्यात्म दोनों ही आकर्षणों से बंधा इन तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए सदैव से उत्सुक रहा है। .

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भारत के प्रमुख अस्पताल

भारत के प्रत्येक मुख्य नगर में सरकार तथा दानी सज्जनों द्वारा स्थापित अनेक अस्पताल हैं। नीचे केवल कुछ प्रमुख तथा विशिष्ट रोगों से पीड़ितों के लिए अस्पतालों के नाम दिए जाते हैं:-- अमृतसर (पंजाब) - पंजाव मेंटल हास्पिटल (केवल मानसिक रोगों की चिकित्सा के लिए); पंजाब डेंटल हास्पिटल (केवल दंतरोग का चिकित्सा स्थान)। इंदौर (मध्यप्रदेश): इन्फ़ेक्शस डिज़ीज़ेज़ हास्पिटल (संक्रामक रोगों की चिकित्सा के लिए); कल्याणमल नर्सिग होम (रोगियों की देखभाल और उपचार के लिए विशिष्ट संस्था); लेपर असाइलम (कुष्ठरोगियों के लिए); मेंटल हास्पिटल (मानसिक रोगों का चिकित्सालय); टी.बी.

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भारत के प्रशासनिक विभाग

प्रशासनिक दृष्टि से भारत राज्यों या प्रान्तों में विभक्त है; राज्य, जनपदों (या जिलों) में विभक्त हैं, जिले तहसील (तालुक या मण्डल) में विभक्त हैं। यह विभाजन और नीचे तक गया है। .

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भारत के प्रवेशद्वार

प्रवेशद्वार:भारत के सभि राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश १. प्रवेशद्वार:अरुणाचल प्रदेश (इटानगर) २. प्रवेशद्वार:असम (दिसपुर) ३. प्रवेशद्वार:उत्तर प्रदेश (लखनऊ) ४. प्रवेशद्वार:उत्तरांचल (देहरादून) ५. प्रवेशद्वार:उड़ीसा (भुवनेश्वर) ६. प्रवेशद्वार:अंडमान और निकोबार द्वीप* (पोर्टब्लेयर) ७. प्रवेशद्वार:आंध्र प्रदेश (हैदराबाद) ८. प्रवेशद्वार:कर्नाटक (बंगलोर) ९. प्रवेशद्वार:केरल (तिरुवनंतपुरम) १०.

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भारत के महानगरों की सूची

भारत के महानगरों की सूची.

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भारत के महाराज्यपाल

भारत के महाराज्यपाल या गवर्नर-जनरल (१८५८-१९४७ तक वाइसरॉय एवं गवर्नर-जनरल अर्थात राजप्रतिनिधि एवं महाराज्यपाल) भारत में ब्रिटिश राज का अध्यक्ष और भारतीय स्वतंत्रता उपरांत भारत में, ब्रिटिश सम्प्रभु का प्रतिनिधि होता था। इनका कार्यालय सन 1773 में बनाया गया था, जिसे फोर्ट विलियम की प्रेसीडेंसी का गवर्नर-जनरल के अधीन रखा गया था। इस कार्यालय का फोर्ट विलियम पर सीधा नियंत्रण था, एवं अन्य ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों का पर्यवेक्षण करता था। सम्पूर्ण ब्रिटिश भारत पर पूर्ण अधिकार 1833 में दिये गये और तब से यह भारत के गवर्नर-जनरल बन गये। १८५८ में भारत ब्रिटिश शासन की अधीन आ गया था। गवर्नर-जनरल की उपाधि उसके भारतीय ब्रिटिश प्रांत (पंजाब, बंगाल, बंबई, मद्रास, संयुक्त प्रांत, इत्यादि) और ब्रिटिष भारत, शब्द स्वतंत्रता पूर्व काल के अविभाजित भारत के इन्हीं ब्रिटिश नियंत्रण के प्रांतों के लिये प्रयोग होता है। वैसे अधिकांश ब्रिटिश भारत, ब्रिटिश सरकार द्वारा सीधे शासित ना होकर, उसके अधीन रहे शासकों द्वारा ही शासित होता था। भारत में सामंतों और रजवाड़ों को गवर्नर-जनरल के ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि होने की भूमिका को दर्शित करने हेतु, सन १८५८ से वाइसरॉय एवं गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया (जिसे लघुरूप में वाइसरॉय कहा जाता था) प्रयोग हुई। वाइसरॊय उपाधि १९४७ में स्वतंत्रता उपरांत लुप्त हो गयी, लेकिन गवर्नर-जनरल का कार्यालय सन १९५० में, भारतीय गणतंत्रता तक अस्तित्व में रहा। १८५८ तक, गवर्नर-जनरल को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशकों द्वारा चयनित किया जाता था और वह उन्हीं को जवाबदेह होता था। बाद में वह महाराजा द्वारा ब्रिटिश सरकार, भारत राज्य सचिव, ब्रिटिश कैबिनेट; इन सभी की राय से चयन होने लगा। १९४७ के बाद, सम्राट ने उसकी नियुक्ति जारी रखी, लेकिन भारतीय मंत्रियों की राय से, ना कि ब्रिटिश मंत्रियों की सलाह से। गवर्नर-जनरल पांच वर्ष के कार्यकाल के लिये होता था। उसे पहले भी हटाया जा सकता था। इस काल के पूर्ण होने पर, एक अस्थायी गवर्नर-जनरल बनाया जाता था। जब तक कि नया गवर्नर-जनरल पदभार ग्रहण ना कर ले। अस्थायी गवर्नर-जनरल को प्रायः प्रान्तीय गवर्नरों में से चुना जाता था। .

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भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची - संख्या अनुसार

भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों की सूची (संख्या के क्रम में) भारत के राजमार्गो की एक सूची है। .

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भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश

भारत राज्यों का एक संघ है। इसमें उन्तीस राज्य और सात केन्द्र शासित प्रदेश हैं। ये राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश पुनः जिलों और अन्य क्षेत्रों में बांटे गए हैं।.

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भारत के राज्यों और संघ क्षेत्रों की राजधानियाँ

यह सूची भारत के राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों की राजधानियों की है। भारत में कुल 29 राज्य और 7 केन्द्र-शासित प्रदेश हैं। सभी राज्यों और दो केन्द्र-शासित प्रदेशों, दिल्ली और पौण्डिचेरी, में चुनी हुई सरकारें और विधानसभाएँ होती हैं, जो वॅस्टमिन्स्टर प्रतिमान पर आधारित हैं। अन्य पाँच केन्द्र-शासित प्रदेशों पर देश की केन्द्र सरकार का शासन होता है। 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अन्तर्गत राज्यों का निर्माण भाषाई आधार पर किया गया था, और तबसे यह व्यवस्था लगभग अपरिवर्तित रही है। प्रत्येक राज्य और केन्द्र-शासित प्रदेश प्रशासनिक इकाईयों में बँटा होता है। नीचे दी गई सूची में राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों की विभिन्न प्रकार की राजधानियाँ सूचीबद्ध हैं। प्रशासनिक राजधानी वह होती है जहाँ कार्यकारी सरकार के कार्यालय स्थित होते हैं, वैधानिक राजधानी वह है जहाँ से राज्य विधानसभा संचालित होती है, और न्यायपालिका राजधानी वह है जहाँ उस राज्य या राज्यक्षेत्र का उच्च न्यायालय स्थित होता है। .

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भारत के लोग

भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बडी जनसंख्या वाला देश है। भारत की विभिन्नताओं से भरी जनता में भाषा, जाति और धर्म, सामाजिक और राजनीतिक संगठन के मुख्य शत्रु हैं। मुम्बई (पहले बॉम्बे), दिल्ली, कोलकाता (पहले कलकत्ता) और चेन्नई (पहले मद्रास), भारत के सबसे बङे महानगर हैं। भारत में ६४.८ प्रतिशत साक्षरता है जिसमे से ७५.३ % पुरुष और ५३.७% स्त्रियाँ साक्षर है। लिंग अनुपात की दृष्टि से भारत में प्रत्येक १००० पुरुषों के पीछे मात्र ९३३ महिलायें है। कार्य भागीदारी दर (कुल जनसंख्या मे कार्य करने वालों का भाग) ३९.१% है। पुरुषों के लिये यह दर ५१.७% और स्त्रियों के लिये २५.६% है। भारत की १००० जनसंख्या में २२.३२ जन्मों के साथ बढती जनसंख्या के आधे लोग २२.६६ वर्ष से कम आयु के हैं। यद्यपि भारत की ८०.५ प्रतिशत जनसंख्या हिन्दू है, १३.४ प्रतिशत जनसंख्या के साथ भारत विश्व में मुसलमानों की संख्या में भी इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर है। अन्य धर्मावलम्बियों में ईसाई (२.३३ %), सिख (१.८४ %), बौद्ध (०.७६ %), जैन (०.४० %), अय्यावलि (०.१२ %), यहूदी, पारसी, अहमदी और बहाई आदि सम्मिलित हैं। भारत चार मुख्य भाषा सूत्रों, इनदो-यूरोपीयन, द्रविङियन्, सिनो-टिबेटन और औसटरो-एजियाटिक का भी स्रोत है। भारत का संविधान कुल २३ भाषाओं को मान्यता देता है। हिन्दी और अंग्रेजी केन्द्रीय सरकार द्वारा सरकारी कामकाज के लिये उपयोग की जाती है। संस्कृत, तमिल, कन्नड़ और तेलुगु जैसी अति प्राचीन भाषाऐं भारत में ही जन्मी हैं। कुल मिलाकर भारत में १६५२ से भी अधिक भाषाऐं एवं बोलियां बोली जातीं हैं।.

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भारत के शहरों की सूची

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भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची

यह सूचियों भारत के सबसे बड़े शहरों पर है। .

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भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

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भारत के हवाई अड्डे

यह सूची भारत के हवाई यातायात है। .

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भारत के आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों की सूची

सन 2014 में भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा भारत के ३८१ मेडिकल कालेजों को मान्यता प्राप्त थी। इनमें लगभग 50,078 आयुर्विज्ञानी शिक्षारत थे। नीचे भारत के आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों की सूची दी गयी है। .

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भारत के उच्च न्यायालयों की सूची

भारतीय उच्च न्यायालय भारत के उच्च न्यायालय हैं। भारत में कुल २४ उच्च न्यायालय है जिनका अधिकार क्षेत्र कोई राज्य विशेष या राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के एक समूह होता हैं। उदाहरण के लिए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, पंजाब और हरियाणा राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी अपने अधिकार क्षेत्र में रखता हैं। उच्च न्यायालय भारतीय संविधान के अनुच्छेद २१४, अध्याय ५ भाग ६ के अंतर्गत स्थापित किए गए हैं। न्यायिक प्रणाली के भाग के रूप में, उच्च न्यायालय राज्य विधायिकाओं और अधिकारी के संस्था से स्वतंत्र हैं .

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भारत की राजभाषा के रूप में हिन्दी

हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में १४ सितम्बर सन् १९४९ को स्वीकार किया गया। इसके बाद संविधान में अनुच्छेद ३४३ से ३५१ तक राजभाषा के साम्बन्ध में व्यवस्था की गयी। इसकी स्मृति को ताजा रखने के लिये १४ सितम्बर का दिन प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। धारा ३४३(१) के अनुसार भारतीय संघ की राजभाषा हिन्दी एवं लिपि देवनागरी है। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिये प्रयुक्त अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप (अर्थात 1, 2, 3 आदि) है। हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है क्योंकि भारत का संविधान में कोई भी भाषा को ऐसा दर्जा नहीं दिया गया था। संसद का कार्य हिंदी में या अंग्रेजी में किया जा सकता है। परन्तु राज्यसभा के सभापति महोदय या लोकसभा के अध्यक्ष महोदय विशेष परिस्थिति में सदन के किसी सदस्य को अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं। किन प्रयोजनों के लिए केवल हिंदी का प्रयोग किया जाना है, किन के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग आवश्यक है और किन कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाना है, यह राजभाषा अधिनियम 1963, राजभाषा नियम 1976 और उनके अंतर्गत समय समय पर राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए निदेशों द्वारा निर्धारित किया गया है। .

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भारत की संस्कृति

कृष्णा के रूप में नृत्य करते है भारत उपमहाद्वीप की क्षेत्रीय सांस्कृतिक सीमाओं और क्षेत्रों की स्थिरता और ऐतिहासिक स्थायित्व को प्रदर्शित करता हुआ मानचित्र भारत की संस्कृति बहुआयामी है जिसमें भारत का महान इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी और आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई, बौद्ध धर्म एवं स्वर्ण युग की शुरुआत और उसके अस्तगमन के साथ फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन विरासत शामिल हैं। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के रिवाज़, परम्पराओं और विचारों का भी इसमें समावेश है। पिछली पाँच सहस्राब्दियों से अधिक समय से भारत के रीति-रिवाज़, भाषाएँ, प्रथाएँ और परंपराएँ इसके एक-दूसरे से परस्पर संबंधों में महान विविधताओं का एक अद्वितीय उदाहरण देती हैं। भारत कई धार्मिक प्रणालियों, जैसे कि हिन्दू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसे धर्मों का जनक है। इस मिश्रण से भारत में उत्पन्न हुए विभिन्न धर्म और परम्पराओं ने विश्व के अलग-अलग हिस्सों को भी बहुत प्रभावित किया है। .

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भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग

निम्नलिखित भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग हैं: .

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भारत २०१०

इन्हें भी देखें 2014 भारत 2014 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 2014 साहित्य संगीत कला 2014 खेल जगत 2014 .

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भारती एयरटेल

भारती एयरटेल, जिसे पहले भारती टेलीवंचर उद्यम लिमिटेड (BTVL) के नाम से जाना जाता था, अब भारत की दूरसंचार व्यवसाय आॅपरेटरों की सबसे बड़ी कंपनी है जिसके जुलाई २००८ तक ६९.४ करोड़ उपभोक्ता थे। यह फिक्स्ड लाइन सेवा तथा ब्रॉडबैंड सेवाएँ भी प्रदान करती हैं। यह अपनी दूरसंचार सेवाएँ एयरटेल के ब्रांड तले प्रदान करती है और इसका नेतृत्व सुनील मित्तल (Sunil Mittal) करते हैं। यह कंपनी १४ सर्किलों में डीएसएल पर टेलीफोन सेवा तथा इंटरनेट की पहुंच भी उपलब्ध कराती है। यह कंपनी लंबी दूरी वाली राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेवाओं के साथ अपने मोबाइल, ब्रॉडबैंड तथा टेलीफोन सेवाओं की पूरक सेवाएँ का कार्य करती है। कंपनी के पास चैन्नई में पनडुब्बी केबल लैंडिंग स्टेशन भी है जो चेन्नई और सिंगापुर को जोड़ने वाली पनडुब्बी केबल को जोड़ता है। कंपनी अपने कॉरपोरेट ग्राहकों को देश में फाइबर आप्टिक बैकबोन द्वारा अंत:दर अंत: आंकड़े तथा उद्यम सेवाएं प्रदान कराती है, इसके अलावा फिक्स्ड लाइन एवं मोबाइल सर्किलों, वीसेट, आईएसपी तथा गेटवे एवं लैंडिंग स्टेशनों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बैंडविड्थ की पहुँच हेतु अंतिम मील तक संबंध जोड़ने का कार्य करती है। एयरटेल भारत में भारती एयरटेल द्वारा संचालित दूरसंचार सेवाओं की एक ब्रांड है। भारत में ग्राहकों की संख्या की दृष्टि से एयरटेल सेल्यूलर सेवा की सबसे बड़ी कंपनी है। भारती एयरटेल के पास एयरटेल ब्रांड का स्वामित्व है और अपने ब्रांड नाम एयरटेल मोबाइल सर्विसेज के नाम से जीएसएम (GSM) प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराती है: ब्राडबैंड तथा दूरसंचार सेवाएं, स्थिर लाइन इंटरनेट कनेक्टीविटी (डीएसएल तथा बंधक लाइन), लंबी दूरी की सेवाएं एवं उद्यम सेवाएं (कॉरपोरेट के दूरसंचार परामर्श).

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भारतीय चित्रशालाएँ

भारतीय पुराणों में प्राय: चित्रशाला तथा विश्वकर्मामंदिर का वर्णन मिलता है। ये संभवत: मनोविनोद तथा शिक्षा के केंद्र थे। पुराणों में चित्रकला में अभिरुचि के साथ चित्रसंग्रह और चित्रशाला के अनेक संकेत मिलते हैं। इससे लगता है कि भारत में अति प्राचीन काल से ही चित्रशालाएँ थीं। वैसे भी इस देश में मंदिरों में चित्रकला तथा मूर्तिकला को आदिकाल से प्रमुखता मिलती आई है जो आज भी वर्तमान है। अजंता का कलामंडप इसका अद्भुत प्रमाण है। यह करीब दो हजार वर्ष पुरानी, संसार की अप्रतिम चित्रशाला है। प्राचीन कल के सभी मंदिर मूर्तिकला से परिपूर्ण हैं और कहीं कहीं अब भी उनमें चित्रकला वर्तमान है। मध्यकालीन मंदिरों में तो चित्रकला तथा मूर्तिकला के उत्कृष्ट उदाहरण मिलते हैं। इस काल में राजा महाराजा, बादशाहों, नवाबों के महलों में भी चित्रशालाएँ बनने लग गई थीं। आधुनिक अर्थों में भारत में सर्वप्रथम संग्रहालय तथा चित्रशाला एशियाटिक सोसाइटी ऑव बंगाल के प्रयास से 1814 में स्थापित हुई जिसे हम आज भारतीय संग्रहालय, कलकत्ता (इंडियन म्यूज़ियम, कलकत्ता) के नाम से जानते हैं और यह एशिया के सबसे समृद्ध संग्रहालयों में गिना जाता है। मंदिरों की चित्रशालाएँ अधिकतर दक्षिणा भारत में हैं। इस प्रकर की चित्रशालाओं में तंजोर में राजराज संग्रहालय प्रसिद्ध है। अब उसे पुनर्गठित किया गया है। सरस्वती महल में चित्रशाला स्थापित है। सीतारंगम मंदिर, मीनाक्षीसुंदरेश्वरी का मंदिर तथा मदुराई का मंदिर भी उल्लेखनीय है। सीतारंगम मंदिर में मूर्तिकला के अद्भुत नमूने हैं मीनाक्षी में हाथीदाँत की कला अद्भुत है। वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपत में भी कलात्मक कृतियों का अच्छा संग्रह हैं। इस समय भारत में सैकड़ों संग्रहालय है और कइयों में चित्रों का भी अच्छा संग्रह हैं पर सुनियोजित चित्रशालाएँ बहुत नहीं हैं। अधिकतर संग्रहालयों में राजस्थानी, मुगल, पहाड़ी, दक्खिनी, नेपाल तथा तिब्बती शैली के चित्र हैं। कुछेक में आधुनिक यूरोपीय चित्र भी हैं पर ऐसी चित्रशालाएँ, जहाँ आदि से अंत तक चित्रकला का इतिहास तथा प्रगति समझने में मदद मिले, कतिपय ही हैं। बंबई के प्रिंस ऑव वेल्स संग्रहालय में पूर्वी तथा पश्चिमी सिद्धहस्त चित्रहारों की कृतियों के साथ साथ मध्यकालीन तथा आधुनिक चित्रकला के विभिन्न पक्षों के चित्र हैं तथा अजंता की बड़ी बड़ी अनुकृतियाँ भी हैं। मैसूर की चित्रशाला में अधिकतर भारतीय आधुनिक शैली के चित्र है। ग्वालियर संग्रहालय में अजंता तथा बाघ के चित्रों की अनुकृतियों का अच्छा संग्रह है। इसी प्रकार हैदराबाद की चित्रशाला में भी अंजता तथा एलोरा की कलाकृतियों की सुंदर अनुकृतियाँ रखी गई हैं। इसमें यूरोपीय कला का भी सुंदर संग्रह है। अभी हाल में मद्रास संग्रहालय में भी चित्रशाला संयोजित हुई है। यहाँ दक्षिण भारत की चित्रकला संग्रहीत है। वैसे यहां प्राचीन तथा मध्यकालीन चित्र भी हैं। नई दिल्ली में एक बड़ी ही सुव्यवस्थित चित्रशाला नेशनल गैलरी ऑव माडर्न आर्ट है। इसमें अधिकतर शैली के भारतीय चित्र हैं। इसमें मुगल तथा राजस्थानी चित्र भी पर्याप्त मात्रा में हैं। .

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भारतीय चित्रकला

'''भीमवेटका''': पुरापाषाण काल की भारतीय गुफा चित्रकला भारत मैं चित्रकला का इतिहास बहुत पुराना रहा हैं। पाषाण काल में ही मानव ने गुफा चित्रण करना शुरु कर दिया था। होशंगाबाद और भीमबेटका क्षेत्रों में कंदराओं और गुफाओं में मानव चित्रण के प्रमाण मिले हैं। इन चित्रों में शिकार, शिकार करते मानव समूहों, स्त्रियों तथा पशु-पक्षियों आदि के चित्र मिले हैं। अजंता की गुफाओं में की गई चित्रकारी कई शताब्दियों में तैय्यार हुई थी, इसकी सबसे प्राचिन चित्रकारी ई.पू.

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भारतीय तटरक्षक

भारतीय तटरक्षक की स्थापना शांतिकाल में भारतीय समुद्र की सुरक्षा करने के उद्देश्य से 18 अगस्‍त 1978 को संघ के एक स्‍वतंत्र सशस्‍त्र बल के रूप में संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम,1978 के अंतर्गत की गई। ‘’वयम् रक्षाम: याने हम रक्षा करते हैं’’ भारतीय तटरक्षक का आदर्श वाक्‍य है। वर्तमान में इस बल की कमान इसके महानिदेशक अनुराग गोपालन थपलियाल, के हाथ में हैं। .

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भारतीय थलसेना

भारतीय थलसेना, सेना की भूमि-आधारित दल की शाखा है और यह भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग है। भारत का राष्ट्रपति, थलसेना का प्रधान सेनापति होता है, और इसकी कमान भारतीय थलसेनाध्यक्ष के हाथों में होती है जो कि चार-सितारा जनरल स्तर के अधिकारी होते हैं। पांच-सितारा रैंक के साथ फील्ड मार्शल की रैंक भारतीय सेना में श्रेष्ठतम सम्मान की औपचारिक स्थिति है, आजतक मात्र दो अधिकारियों को इससे सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना का उद्भव ईस्ट इण्डिया कम्पनी, जो कि ब्रिटिश भारतीय सेना के रूप में परिवर्तित हुई थी, और भारतीय राज्यों की सेना से हुआ, जो स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्रीय सेना के रूप में परिणत हुई। भारतीय सेना की टुकड़ी और रेजिमेंट का विविध इतिहास रहा हैं इसने दुनिया भर में कई लड़ाई और अभियानों में हिस्सा लिया है, तथा आजादी से पहले और बाद में बड़ी संख्या में युद्ध सम्मान अर्जित किये। भारतीय सेना का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद की एकता सुनिश्चित करना, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण और आंतरिक खतरों से बचाव, और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना हैं। यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य गड़बड़ी के दौरान मानवीय बचाव अभियान भी चलाते है, जैसे ऑपरेशन सूर्य आशा, और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए सरकार द्वारा भी सहायता हेतु अनुरोध किया जा सकता है। यह भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के साथ राष्ट्रीय शक्ति का एक प्रमुख अंग है। सेना अब तक पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चार युद्धों तथा चीन के साथ एक युद्ध लड़ चुकी है। सेना द्वारा किए गए अन्य प्रमुख अभियानों में ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन कैक्टस शामिल हैं। संघर्षों के अलावा, सेना ने शांति के समय कई बड़े अभियानों, जैसे ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स और युद्ध-अभ्यास शूरवीर का संचालन किया है। सेना ने कई देशो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में एक सक्रिय प्रतिभागी भी रहा है जिनमे साइप्रस, लेबनान, कांगो, अंगोला, कंबोडिया, वियतनाम, नामीबिया, एल साल्वाडोर, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक और सोमालिया आदि सम्मलित हैं। भारतीय सेना में एक सैन्य-दल (रेजिमेंट) प्रणाली है, लेकिन यह बुनियादी क्षेत्र गठन विभाजन के साथ संचालन और भौगोलिक रूप से सात कमान में विभाजित है। यह एक सर्व-स्वयंसेवी बल है और इसमें देश के सक्रिय रक्षा कर्मियों का 80% से अधिक हिस्सा है। यह 1,200,255 सक्रिय सैनिकों और 909,60 आरक्षित सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना है। सेना ने सैनिको के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसे "फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री सैनिक एक प्रणाली के रूप में" के नाम से जाना जाता है इसके साथ ही यह अपने बख़्तरबंद, तोपखाने और उड्डयन शाखाओं के लिए नए संसाधनों का संग्रह एवं सुधार भी कर रहा है।.

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भारतीय दुर्ग

सभी राजाओं की राजधानी एक दुर्ग होती थी जिसके चारों ओर नगर बस जाता था। यह स्थिति दक्षिण एशिया के अनेक नगरों में देखी जा सकती है, जैसे दिली, आअगरा, लाहौर, पुणे, कोलकाता, मुम्बई आदि। भारत के दो दुर्ग यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में सम्मिलित हैं- आगरे का किला और लाल किला। भटिण्डा स्थित किला मुबारक भारत का सबसे प्राचीन किला है जो अब भी बचा हुआ है। इसका निर्माण कुषाण साम्राज्य के समय लगभग १०० ई में हुआ था। कांगड़ा दुर्ग जो कांगड़ा वंश द्वारा महाभारत युद्ध के बाद निर्मित किया गया था, य वंश अब भी बचा हुआ है। इस दुर्ग के विषय में सिकन्दर महान के लिपिकों ने लिखा है। अतः यह सर्वाधिक प्राचीन दुर्ग था। .

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भारतीय नेपाली

भारतीय नेपाली या भारतीय गोरखा वह लोग हैं जो नेपाली मूल के लोग हैं लेकिन भारत में रहते आ रहें हैं, जिन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त है। वह लोग नेपाली भाषा के अलावा भी कई भाषाएं बोलते हैं, नेपाली भाषा भारत के कार्यालयी भाषाओं में से एक है, इतिहास में नेपाल अधिराज्य के वह भाग जो ब्रिटिश राज के समय भारत में आ गये जैसे, पश्चिम बंगाल का दार्जीलिंग जिला जो सिक्किम का भू-भाग था और कुछ समय के लिए नेपाल का भी भू-भाग रहा, सिक्किम-एक मात्र ऐसा राज्य है जहाँ मुख्य रूप से नेपाली रहते हैं जो 1975 में भारत का हिस्सा बना। दूसरे राज्य जहाँ नेपालीयों कि बहुलता है वह हैं:- उत्तराखण्ड, असम, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय। भारत के कई बड़े शहरों में भी नेपालीयों कि बहुलता पाई जाती है, मुख्यत: दिल्ली, कोलकाता, बैंगलोर, मुम्बई, चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापटनम। .

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भारतीय पुनर्नामकरण विवाद

भारत के शहरों का पुनर्नामकरण, स्न 1947 में, अंग्रेज़ोंके भारत छोड़ कर जाने के बाद आरंभ हुआ था, जो आज तक जारी है। कई पुनर्नामकरणों में राजनैतिक विवाद भी हुए हैं। सभी प्रस्ताव लागू भी नहीं हुए हैं। प्रत्येक शहर पुनर्नामकरण को केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित होना चाहिये। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पुनर्नामांकित हुए, मुख्य शहरों में हैं: तिरुवनंतपुरम (पूर्व त्रिवेंद्रम), मुंबई (पूर्व बंबई, या बॉम्बे), चेन्नई (पूर्व मद्रास), कोलकाता (पूर्व कलकत्ता), पुणे (पूर्व पूना) एवं बेंगलुरु (पूर्व बंगलौर)। .

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भारतीय पुलिस सेवा

भारतीय पुलिस सेवा, जिसे आम बोलचाल में भारतीय पुलिस या आईपीएस, के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार के अखिल भारतीय सेवा के एक अंग के रूप में कार्य करता है, जिसके अन्य दो अंग भारतीय प्रशासनिक सेवा या आईएएस और भारतीय वन सेवा या आईएफएस हैं जो ब्रिटिश प्रशासन के अंतर्गत इंपीरियल पुलिस के नाम से जाना जाता था। .

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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) भारत में प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है। इसकी स्थापना सेबी अधिनियम 1992 के तहत 12 अप्रैल 1992 में हुई सेबी का मुख्यालय मुंबई में बांद्रा कुर्ला परिसर के व्यावसायिक जिले में हैं और क्रमश: नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद में उत्तरी, पूर्वी, दक्षिणी व पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय हैं। .

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भारतीय प्रबन्धन संस्थान

भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आई आई एम) भारत के सर्वोत्तम प्रबंधन संस्थान हैं। प्रबन्धन की शिक्षा के अतिरिक्त ये अनुसंधान व सलाह (कांसल्टेंसी) का कार्य भी करते हैं। वर्तमान में ६ भारतीय प्रबन्धन संस्थान हैं जो बंगलुरू, अहमदाबाद, कोलकाता, लखनऊ, इन्दौर तथा कोझीकोड में स्थित हैं। ये प्रबन्धन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा की उपाधि प्रदान करते हैं जो एम बी ए के समतुल्य है। इन संस्थानों में प्रवेश अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली प्रवेश परीक्षा कामन ऐडमिशन टेस्ट (सी ए टी) के आधार पर होता है। यह परीक्षा दुनिया की सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी परिक्षाओं में से है। .

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भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता

भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता के अलावा पांच अन्य स्थानों में स्थित है। यह प्रबंधन शिक्षा का उच्च श्रेणी का संस्थान है। इन्हें सम्मिलित रूप से भारतीय प्रबंधन संस्थान कहा जाता है। श्रेणी:भारतीय प्रबंधन संस्थान श्रेणी:कोलकाता.

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भारतीय प्राणि सर्वेक्षण

भारतीय प्राणि सर्वेक्षण (जूलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया / जेडएसआई) पर्यावरण और वन मंत्रालय का एक अधीनस्थ संगठन है। इसकी स्थापना १९१६ में की गयी थी ताकि पशुवर्ग संबंधी असाधारण विविधता के धनी भारतीय उपमहाद्वीप के प्राणियों के बारे में हमारा ज्ञानभण्डार बढ़ सके। इसका मुख्यालय कोलकाता में है और इसके 16 क्षेत्रीय स्टेशन देश के विभिन्न भौगोलिक स्थानों में स्थित है। सबसे पहले १८७५ में कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में प्राणि प्रभाग स्थापित किया गया। .

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भारत के 23 तकनीकी शिक्षा संस्थान हैं। ये संस्थान भारत सरकार द्वारा स्थापित किये गये "राष्ट्रीय महत्व के संस्थान" हैं। 2018 तक, सभी 23 आईआईटी में स्नातक कार्यक्रमों के लिए सीटों की कुल संख्या 11,279 है। .

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर भारत सरकार द्बारा १९५१ में स्थापित अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) और प्रौद्योगिकी -उन्मुख एक स्वायत्त उच्च शिक्षा संस्थान है। सात आईआईटी में यह सबसे पुरानी है। भारत सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थान माना है और इसकी गणना भारत के सर्वोत्तम इंजीनियरिंग संस्थानों में होती है। आई आई टी खड़गपुर को विभिन्न इंजीनियरिंग शिक्षा सर्वेक्षणों जैसे कि इंडिया टुडे और आउटलुक में सर्वोच्च इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक का स्थान दिया गया है। १९४७ में भारत की स्वाधीनता के बाद आई आई टी खड़गपुर की स्थापना उच्च कोटि के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को प्रसिक्षित करने के लिए हुई थी। इसका संस्थागत ढांचा दूसरी IITओं की ही तरह है और इसकी प्रवेश की विधि भी बाकी IITओं के साथ ही होती है। आई आई टी खड़गपुर के छात्रों को अनौपचारिक तौर पर केजीपिअन् (KGPians) कहा जाता है। सभी IITओं में इसका कैम्पस क्षेत्रफल सबसे ज्यादा (२१०० एकड़) है और साथ ही विभाग और छात्रों की संख्या भी सर्वाधिक है। आई आई टी खड़गपुर, इल्लुमिनेशन, रंगोली, क्षितिज और स्प्रिन्ग्फेस्ट जैसे अपने वार्षिक उत्सवों के कारण जाना जाता है। .

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भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता

कोलकाता में स्थित यह संस्था अनेक प्रकार के साहित्यिक पुरस्कार देती है। इनकी साहित्यिक पत्रिका वागर्थ मासिक है। सीताराम सेकसरिया और उनके अभिन्न मित्र दिवंगत भागीरथ कानोडिया ने १९७४ में अपनी पचहत्तर-अस्सी वर्ष की वृद्धावस्था में अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व को रोकने और भारतीय भाषाओं के बीच आदान-प्रदान, सम्पर्क, सहयोग और अनुवाद बढ़ाने के लिए भारतीय भाषा परिषद की स्थापना की थी। दोनों मित्रों की दृष्टि यह थी कि हिन्दी का ढोल पीटने के बजाए भारतीय भाषाओं को संपन्न और समृद्ध कर ही अंग्रेजी के सर्वभक्षी अभियान को रोका जा सकता है। परिषद के उद्देश्यों की सत्रह सूत्री सूची का प्रथम उद्देश्य ही – 'विभिन्न भारतीय भाषाओं… को निकट लाने और उनमें पारस्परिक सम्मान पैदा करने की दृष्टि से विचारों में समन्वय और आदान–प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय मंच की स्थापना करना' था। यह कहने की जरूरत नहीं कि दोनों ही मित्र स्वतंत्रता सेनानी थे और अंग्रेजी साम्राज्यवाद के भुक्तभोगी। .

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भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण

कोलकाता में जी एस आई का मुख्यालय १८७० में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सदस्यगण भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक संगठन है। इसकी स्थापना १८५१ में हुई थी। इसका कार्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन करना है। ये इस तरह के दुनिया के सबसे पुराने संगठनों में से एक है। .

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम

भारतीय महिला क्रिकेट टीम (India women's national cricket team) जो विमन इन ब्लू के नाम से भी जानी जाती है एक भारतीय राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम है। जिसका संचालन बीसीसीआई करती है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहला टेस्ट क्रिकेट मैच ३१ अक्तूबर १९७६ को बैंगलोर में वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था जबकि पहला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय १ जनवरी १९७८ को कलकत्ता में इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था और पहला ट्वेन्टी-ट्वेन्टी मैच ५ अगस्त २००६ को डर्बी में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। .

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भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण

भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण (Anthropological Survey of India) भारत के संस्‍कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाला एक अग्रणी अनुसंधान संगठन है जो भौतिक मानवशास्त्र तथा सांस्कृतिक मानवशास्त्र के क्षेत्र में कार्यरत है। .

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (भा॰मौ॰वि॰वि॰) भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत मौसम विज्ञान प्रक्षेण, मौसम पूर्वानुमान और भूकम्प विज्ञान का कार्यभार सँभालने वाली सर्वप्रमुख एजेंसी है। मौसम विज्ञान विभाग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इस विभाग के द्वारा भारत से लेकर अंटार्कटिका भर में सैकड़ों प्रक्षेण स्टेशन चलाये जाते हैं। .

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भारतीय मीडिया

भारत के संचार माध्यम (मीडिया) के अन्तर्गत टेलीविजन, रेडियो, सिनेमा, समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, तथा अन्तरजालीय पृष्ट आदि हैं। अधिकांश मीडिया निजी हाथों में है और बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा नियंत्रित है। भारत में 70,000 से अधिक समाचार पत्र हैं, 690 उपग्रह चैनेल हैं (जिनमें से 80 समाचार चैनेल हैं)। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा समाचार पत्र का बाजार है। प्रतिदिन १० करोड़ प्रतियाँ बिकतीं हैं। .

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भारतीय रसायन समिति

भारतीय रसायन समिति (Indian Chemical Society) भारत की एक वैज्ञानिक समिति है जो रसायन के विकास को समर्पित है। इसकी स्थापना १९२४ में हुई थी और प्रफुल्ल चन्द्र राय इसके संस्थापक अध्यक्ष थे। उसी वर्ष से समिति अपनी त्रैमासिक पत्रिका (Quarterly Journal of Indian Chemical Society (1924- 1927)) प्रकाशित करने लगी जो आजकल 'भारतीय रसायन समिति पत्रिका' (Journal of Indian Chemical Society) के नाम से जाना जाता है। .

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भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम

भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के द्वारा शासित है। 1948 से अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ फीफा द्वारा संबद्ध हो गयी। 1948 से भारतीय फुटबॉल महासंघ एशियाई फुटबॉल महासंघ के संस्थापक सदस्यों में है। भ