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ऑपरेशन ब्लू स्टार

सूची ऑपरेशन ब्लू स्टार

आपरेशन ब्लू स्टार भारतीय सेना द्वारा 3 से 6 जून 1984 को अमृतसर (पंजाब, भारत) स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर को ख़ालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए चलाया गया अभियान था। पंजाब में भिंडरावाले के नेतृत्व में अलगाववादी ताकतें सशक्त हो रही थीं जिन्हें पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा था। .

21 संबंधों: प्रधानमंत्री (टीवी सीरीज), पैरा स्पेशल फोर्सेज़, भारत में आतंकवाद, भारत का प्रधानमन्त्री, भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची, भारतीय थलसेना, भारतीय सैन्य अभियान, भारतीय इतिहास की समयरेखा, रुद्रपुर, सिख सन्दर्भ पुस्तकालय, स्पेशल फ्रंटियर फोर्स, स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास, हत्या की गई भारतीय राजनीतिज्ञों की सूची, ख़ालिस्तान आंदोलन, गुरुचरण सिंह तोहड़ा, ऑपरेशन ब्लू स्टार, इन्दिरा गांधी, कृष्णास्वामी सुंदरजी, अकाल तख़्त, ६ जून, 1984 सिख विरोधी दंगे

प्रधानमंत्री (टीवी सीरीज)

प्रधानमंत्री टीवी शो की 2013 में, शेखर कपूर ने एबीपी न्यूज़ पर मेजबानी की। इस कार्यक्रम में भारतीय की रियासतों के विलय से लेकर देश के अलग-अलग प्रधानमंत्री चुनने की पूरी कहानी है। यह 13 जुलाई, 2013 को प्रीमियर हुआ। इसका उद्देश्य भारतीय इतिहास के तथ्यों को कभी भी पहले कभी नहीं देखा गया है। साप्ताहिक कार्यक्रम भारत के इतिहास को 1 9 47 से वर्तमान दिन तक का इतिहास देता है। टीवी श्रृंखला प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, अभिनेता और मेजबान शेखर कपूर द्वारा होस्ट की गई है और निर्देशित हैं पुनीत शर्मा। यह पिछले 65 वर्षों में 13 प्रधान मंत्रियों के कार्यकाल के दौरान देश में बदलाव पेश करने का एक अनूठा प्रयास है। प्रधानमंत्रियों ने हर शनिवार को 10 बजे प्रसारित किया। राखी पपिया जोशी और सोहन ठाकुर निर्देशक काट रहे हैं। श्रृंखला ने सलमा सुल्तान द्वारा दूरदर्शन पर इंदिरा गांधी की मौत के प्रसारण का प्रसारण प्रसारित किया। प्रारंभ में 23 एपिसोड के लिए संकल्पना की गयी, प्रधानमंत्रि को 4 जनवरी 2014 को प्रसारित अंतिम एपिसोड के साथ 26 एपिसोड में बढ़ा दिया गया था। इस शो को पहले आइडिया ऑफ़ इंडिया का अफवाह माना गया था। प्रधानमंत्रि अब बांग्ला में 14 दिसंबर 2013 को एबीपी आनंद पर फिर से प्रसारित किया गया है, जिसमें बंगाली अभिनेता धृतिमन चटर्जी द्वारा होस्ट किया गया है और एबीपी माहा पर मराठी भाषा में सिंहासन के नाम से दोबारा प्रसारण किया गया है और 23 नवम्बर 2013 को मराठी अभिनेता विक्रम गोखले द्वारा होस्ट किया गया। .

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पैरा स्पेशल फोर्सेज़

पैरा स्पेशल फाॅर्स भारत के स्पेशल फोर्सेज़ में से एक हैं, इसकी स्थापना भारतीय सेना के यूनिट के बतौर सन् 1965 में हुई थी। पैरा कमांडोज़ बंधक बचाव (होस्टेज रेस्क्यू), आतंकवाद निरोध (काउंटर टेररिज्म), व्यक्तिगत बचाव (पर्सनल रिकवरी) में विशेष रूप से पारंगत किए जाते हैं। इनमें से लगभग सभी को इंडियन आर्मी के पैराशूट रेजिमेंट से भर्ती किया जाता है। इनके द्वारा किए गए प्रमुख ऑपरेशन्स में 1971 और 1999 का पाकिस्तान युद्ध है। साथ ही ये 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार का भी हिस्सा रहे चुके हैं। .

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भारत में आतंकवाद

भारत बहुत समय से आतंकवाद का शिकार हो रहा है। भारत के काश्मीर, नागालैंड, पंजाब, असम, बिहार आदि विशेषरूप से आतंक से प्रभावित रहे हैं। यहाँ कई प्रकार के आतंकवादी जैसे पाकिस्तानी, इस्लामी, माओवादी, नक्सली, सिख, ईसाई आदि हैं। जो क्षेत्र आज आतंकवादी गतिविधियों से लम्बे समय से जुड़े हुए हैं उनमें जम्मू-कश्मीर, मुंबई, मध्य भारत (नक्सलवाद) और सात बहन राज्य (उत्तर पूर्व के सात राज्य) (स्वतंत्रता और स्वायत्तता के मामले में) शामिल हैं। अतीत में पंजाब में पनपे उग्रवाद में आंतकवादी गतिविधियां शामिल हो गयीं जो भारत देश के पंजाब राज्य और देश की राजधानी दिल्ली तक फैली हुई थीं। 2006 में देश के 608 जिलों में से कम से कम 232 जिले विभिन्न तीव्रता स्तर के विभिन्न विद्रोही और आतंकवादी गतिविधियों से पीड़ित थे। अगस्त 2008 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.

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भारत का प्रधानमन्त्री

भारत गणराज्य के प्रधानमन्त्री (सामान्य वर्तनी:प्रधानमंत्री) का पद भारतीय संघ के शासन प्रमुख का पद है। भारतीय संविधान के अनुसार, प्रधानमन्त्री केंद्र सरकार के मंत्रिपरिषद् का प्रमुख और राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का प्रमुख होता है और सरकार के कार्यों के प्रति संसद को जवाबदेह होता है। भारत की संसदीय राजनैतिक प्रणाली में राष्ट्रप्रमुख और शासनप्रमुख के पद को पूर्णतः विभक्त रखा गया है। सैद्धांतिकरूप में संविधान भारत के राष्ट्रपति को देश का राष्ट्रप्रमुख घोषित करता है और सैद्धांतिकरूप में, शासनतंत्र की सारी शक्तियों को राष्ट्रपति पर निहित करता है। तथा संविधान यह भी निर्दिष्ट करता है कि राष्ट्रपति इन अधिकारों का प्रयोग अपने अधीनस्थ अधकारियों की सलाह पर करेगा। संविधान द्वारा राष्ट्रपति के सारे कार्यकारी अधिकारों को प्रयोग करने की शक्ति, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित, प्रधानमन्त्री को दी गयी है। संविधान अपने भाग ५ के विभिन्न अनुच्छेदों में प्रधानमन्त्रीपद के संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद ७४ में स्पष्ट रूप से मंत्रिपरिषद की अध्यक्षता तथा संचालन हेतु प्रधानमन्त्री की उपस्थिति को आवश्यक माना गया है। उसकी मृत्यु या पदत्याग की दशा मे समस्त परिषद को पद छोडना पडता है। वह स्वेच्छा से ही मंत्रीपरिषद का गठन करता है। राष्ट्रपति मंत्रिगण की नियुक्ति उसकी सलाह से ही करते हैं। मंत्री गण के विभाग का निर्धारण भी वही करता है। कैबिनेट के कार्य का निर्धारण भी वही करता है। देश के प्रशासन को निर्देश भी वही देता है तथा सभी नीतिगत निर्णय भी वही लेता है। राष्ट्रपति तथा मंत्रीपरिषद के मध्य संपर्कसूत्र भी वही हैं। मंत्रिपरिषद का प्रधान प्रवक्ता भी वही है। वह सत्तापक्ष के नाम से लड़ी जाने वाली संसदीय बहसों का नेतृत्व करता है। संसद मे मंत्रिपरिषद के पक्ष मे लड़ी जा रही किसी भी बहस मे वह भाग ले सकता है। मन्त्रीगण के मध्य समन्वय भी वही करता है। वह किसी भी मंत्रालय से कोई भी सूचना आवश्यकतानुसार मंगवा सकता है। प्रधानमन्त्री, लोकसभा में बहुमत-धारी दल का नेता होता है, और उसकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा में बहुमत सिद्ध करने पर होती है। इस पद पर किसी प्रकार की समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है परंतु एक व्यक्ति इस पद पर केवल तब तक रह सकता है जबतक लोकसभा में बहुमत उसके पक्ष में हो। संविधान, विशेष रूप से, प्रधानमन्त्री को केंद्रीय मंत्रिमण्डल पर पूर्ण नियंत्रण प्रदान करता है। इस पद के पदाधिकारी को सरकारी तंत्र पर दी गयी अत्यधिक नियंत्रणात्मक शक्ति, प्रधानमन्त्री को भारतीय गणराज्य का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्ति बनाती है। विश्व की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या, सबसे बड़े लोकतंत्र और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी सैन्य बलों समेत एक परमाणु-शस्त्र राज्य के नेता होने के कारण भारतीय प्रधानमन्त्री को विश्व के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्तियों में गिना जाता है। वर्ष २०१० में फ़ोर्ब्स पत्रिका ने अपनी, विश्व के सबसे शक्तिशाली लोगों की, सूची में तत्कालीन प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह को १८वीं स्थान पर रखा था तथा २०१२ और २०१३ में उन्हें क्रमशः १९वें और २८वें स्थान पर रखा था। उनके उत्तराधिकारी, नरेंद्र मोदी को वर्ष २०१४ में १५वें स्थान पर तथा वर्ष २०१५ में विश्व का ९वाँ सबसे शक्तिशाली व्यक्ति नामित किया था। इस पद की स्थापना, वर्त्तमान कर्तव्यों और शक्तियों के साथ, २६ जनवरी १९४७ में, संविधान के परवर्तन के साथ हुई थी। उस समय से वर्त्तमान समय तक, इस पद पर कुल १५ पदाधिकारियों ने अपनी सेवा दी है। इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले पदाधिकारी जवाहरलाल नेहरू थे जबकि भारत के वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी हैं, जिन्हें 26 मई 2014 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। .

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भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची

भारत के प्रधानमंत्री भारत गणराज्य की सरकार के मुखिया हैं। भारत के प्रधानमंत्री, का पद, भारत के शासनप्रमुख (शासनाध्यक्ष) का पद है। संविधान के अनुसार, वह भारत सरकार के मुखिया, भारत के राष्ट्रपति, का मुख्य सलाहकार, मंत्रिपरिषद का मुखिया, तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का नेतृत्व करता है। भारत की राजनैतिक प्रणाली में, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल में का वरिष्ठ सदस्य होता है। .

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भारतीय थलसेना

भारतीय थलसेना, सेना की भूमि-आधारित दल की शाखा है और यह भारतीय सशस्त्र बल का सबसे बड़ा अंग है। भारत का राष्ट्रपति, थलसेना का प्रधान सेनापति होता है, और इसकी कमान भारतीय थलसेनाध्यक्ष के हाथों में होती है जो कि चार-सितारा जनरल स्तर के अधिकारी होते हैं। पांच-सितारा रैंक के साथ फील्ड मार्शल की रैंक भारतीय सेना में श्रेष्ठतम सम्मान की औपचारिक स्थिति है, आजतक मात्र दो अधिकारियों को इससे सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना का उद्भव ईस्ट इण्डिया कम्पनी, जो कि ब्रिटिश भारतीय सेना के रूप में परिवर्तित हुई थी, और भारतीय राज्यों की सेना से हुआ, जो स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्रीय सेना के रूप में परिणत हुई। भारतीय सेना की टुकड़ी और रेजिमेंट का विविध इतिहास रहा हैं इसने दुनिया भर में कई लड़ाई और अभियानों में हिस्सा लिया है, तथा आजादी से पहले और बाद में बड़ी संख्या में युद्ध सम्मान अर्जित किये। भारतीय सेना का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद की एकता सुनिश्चित करना, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण और आंतरिक खतरों से बचाव, और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा को बनाए रखना हैं। यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य गड़बड़ी के दौरान मानवीय बचाव अभियान भी चलाते है, जैसे ऑपरेशन सूर्य आशा, और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए सरकार द्वारा भी सहायता हेतु अनुरोध किया जा सकता है। यह भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के साथ राष्ट्रीय शक्ति का एक प्रमुख अंग है। सेना अब तक पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चार युद्धों तथा चीन के साथ एक युद्ध लड़ चुकी है। सेना द्वारा किए गए अन्य प्रमुख अभियानों में ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन कैक्टस शामिल हैं। संघर्षों के अलावा, सेना ने शांति के समय कई बड़े अभियानों, जैसे ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स और युद्ध-अभ्यास शूरवीर का संचालन किया है। सेना ने कई देशो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में एक सक्रिय प्रतिभागी भी रहा है जिनमे साइप्रस, लेबनान, कांगो, अंगोला, कंबोडिया, वियतनाम, नामीबिया, एल साल्वाडोर, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक और सोमालिया आदि सम्मलित हैं। भारतीय सेना में एक सैन्य-दल (रेजिमेंट) प्रणाली है, लेकिन यह बुनियादी क्षेत्र गठन विभाजन के साथ संचालन और भौगोलिक रूप से सात कमान में विभाजित है। यह एक सर्व-स्वयंसेवी बल है और इसमें देश के सक्रिय रक्षा कर्मियों का 80% से अधिक हिस्सा है। यह 1,200,255 सक्रिय सैनिकों और 909,60 आरक्षित सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना है। सेना ने सैनिको के आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसे "फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री सैनिक एक प्रणाली के रूप में" के नाम से जाना जाता है इसके साथ ही यह अपने बख़्तरबंद, तोपखाने और उड्डयन शाखाओं के लिए नए संसाधनों का संग्रह एवं सुधार भी कर रहा है।.

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भारतीय सैन्य अभियान

भारतीय सशस्त्र बल, भारत गणराज्य की थलसेना,वायुसेना,नौसेना, तटरक्षक बल और विभिन्न अन्य अंतर-सेवा संस्थाओं का समग्र एकीकृत सैन्यरूप है। भारत के राष्ट्रपति इसके कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्य करते हैं। 13,25,000 सक्रिय कर्मियों की अनुमानित कुल संख्या के साथ भारत की दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी सशस्त्र सेना है। .

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भारतीय इतिहास की समयरेखा

पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं भारत एक साझा इतिहास के भागीदार हैं इसलिए भारतीय इतिहास की इस समय रेखा में सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास की झलक है। .

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रुद्रपुर

रुद्रपुर भारत के उत्तराखण्ड राज्य में उधम सिंह नगर जनपद का एक नगर है। जनसंख्या के आधार पर यह कुमाऊँ का दूसरा, जबकि उत्तराखण्ड का पांचवां सबसे बड़ा नगर है। इस नगर की स्थापना कुमाऊँ के राजा रुद्र चन्द ने सोलहवीं शताब्दी में की थी, और तब यह तराई क्षेत्र के लाट (अधिकारी) का निवास स्थल हुआ करता था। यह दिल्ली तथा देहरादून से २५० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रुद्रपुर उत्तराखण्ड का एक प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र होने के साथ साथ उधम सिंह नगर जनपद का मुख्यालय भी है। .

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सिख सन्दर्भ पुस्तकालय

सिख सन्दर्भ पुस्तकालय में 1500 दुर्लभ पांडुलिपियाँ मौजूद थे। यह अमृतसर, पंजाब में सिख धर्म के धार्मिक परिसर हरिमन्दिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में स्थित था। 1984 में भारतीय सैन्य ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान यह पुस्तकालय नष्ट हो गया। .

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स्पेशल फ्रंटियर फोर्स

स्पेशल फ्रंटियर फोर्स 14 नवम्बर 1962 को बनाया गया भारत का एक विशेष अर्द्धसैनिक बल हैं। इसका मुख्य लक्ष्य था मूल रूप से चीन के साथ अगले संघर्ष की पूर्व तैयारी। इस बल को छापामार युद्ध और खुफिया सूचनाएं जुटाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। यह रॉ का ही शाखा हैं। .

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स्वतन्त्रता के बाद भारत का संक्षिप्त इतिहास

कोई विवरण नहीं।

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हत्या की गई भारतीय राजनीतिज्ञों की सूची

निम्नलिखित हत्या की गई भारतीय राजनीतिज्ञों की सूची है। भारत की स्वतंत्रता के बाद, कई राजनेताओं की हत्या कर दी गई है। .

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ख़ालिस्तान आंदोलन

24 जनवरी 1993 से 4 अगस्त 1993 तक अप्रतिनिधित राष्ट्र और जन संगठन द्वारा स्वीकृत ख़ालिस्तान के लिए एक प्रस्तावित झंडा ख़ालिस्तान (पंजाबी: ਖ਼ਾਲਿਸਤਾਨ) सिख राष्ट्र का प्रस्तावित अलग देश का नाम है। सिख अधिकतर भारतीय पंजाब में आबाद हैं और अमृतसर में उनके मत्वपूर्ण राजनैतिक और धार्मिक अकाल तख़्त स्थित है। 1980 के दशक में ख़ालिस्तान की प्राप्ति के आंदोलन ज़ोरों पर थी जिसे विदेशों में रहने वाले सिखों का वित्तीय और नैतिक समर्थन हासिल था। भारत सरकार ने अमृतसर पर सैन्य कार्रवाई करके इस आंदोलन को कुचल डाला। कनाडा में रहते सिखों पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने भारतीय यात्री विमान का अपहरण करके उसे नष्ट कर दिया। आतंकवाद पर युद्ध शुरू होने के बाद यह विमान घटना कनाडा और पश्चिमी मीडिया में ख़ूब उछाला गया। .

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गुरुचरण सिंह तोहड़ा

गुरुचरण सिंह तोहड़ा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष और सिखों के लोकप्रिय नेता थे। .

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ऑपरेशन ब्लू स्टार

आपरेशन ब्लू स्टार भारतीय सेना द्वारा 3 से 6 जून 1984 को अमृतसर (पंजाब, भारत) स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर को ख़ालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए चलाया गया अभियान था। पंजाब में भिंडरावाले के नेतृत्व में अलगाववादी ताकतें सशक्त हो रही थीं जिन्हें पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा था। .

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इन्दिरा गांधी

युवा इन्दिरा नेहरू औरमहात्मा गांधी एक अनशन के दौरान इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी (जन्म उपनाम: नेहरू) (19 नवंबर 1917-31 अक्टूबर 1984) वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। .

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कृष्णास्वामी सुंदरजी

जनरल कृष्णास्वामी सुंदरजी, पीवीएसएम (२८ अप्रैल १९३० - ८ फरवरी १९९९), १९८६ से १९८८ तक भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष थे। अपने सेना के करियर के दौरान, उन्होंने इंदिरा गांधी के आदेशों के तहत,स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को बाहर करने के लिए,ऑपरेशन ब्लू स्टार के संचालन की स्वीकृति दी थी । मानव अधिकारों के उल्लंघनों के आरोपों के साथ, सैन्य विफलता के रूप में व्यापक रूप से इसकी आलोचना की गई है। उन्होंने भारतीय सेना के लिए कई तकनीकी सुधारों की शुरुआत की। बोफोर्स स्कैंडल में बोफोर्स होविट्जर की सिफारिश करने में उनकी भूमिका के लिए उनसे भी सवाल किया गया था। सेना प्रमुख के रूप में, उन्होंने राजस्थान सीमा के साथ ऑपरेशन ब्रैस्स्टैक की योजना बनाई और निष्पादित किया जो एक प्रमुख सैन्य अभ्यास था। उनका आधिकारिक नाम कृष्णस्वामी सुंदरराजन था, लेकिन वह सुंदरजी के अनौपचारिक नाम के लोकप्रिय रूप से जाने जाते थे। .

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अकाल तख़्त

अकाल तख़्त (पंजाबी भाषा: ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ, शाब्दिक अर्थ: काल से रहत परमात्मा का सिंहासन)Fahlbusch E. (ed.) Eerdmans, Grand Rapids, Michigan, 2008.

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६ जून

6 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 157वाँ (लीप वर्ष में 158 वाँ) दिन है। साल में अभी और 208 दिन बाकी हैं।.

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1984 सिख विरोधी दंगे

1984 के सिख विरोधी दंगे भारतीय सिखों के ख़िलाफ़ थे इन दंगो का कारण था इंदिरा गाँधी के हत्या उन्हीं के अंगरक्षकों द्वारा जो की सिख थे। उसी के जवाब में ये दंगे हुए थे। इन दंगो में 3000 से ज़्यादा मौतें हुई थी। सीबीआई के राए में ये सभी हिंसक कृत्य दिल्ली पुलिस के अधिकारिओं और इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सहमति से आयोजित किये गए थे। राजीव गाँधी जिन्होंने अपनी माँ की मौत के बाद प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी और जो कांग्रेस के एक सदस्य भी थे, उनसे दंगों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा था, "जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तब पृथ्वी भी हिलती है"। 1970 के दशक में इंदिरा द्वारा लगाए गए भारतीय आपातकाल के दौरान, स्वायत्त सरकार के लिए चुनाव प्रचार के लिए हज़ारों सिखों को क़ैद कर लिया गया था। इस छुट-पुट हिंसा के चलते एक सशस्त्र सिख अलगाववादी समूह को भारत सरकार द्वारा एक आतंकवादी संस्था के रूप में नामित कर दिया गया था। जून 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के द्वारा इंदिरा गाँधी ने भारतीय सेना को स्वर्ण मंदिर पे क़ब्ज़ा करने का आदेश दिया और सभी विद्रोहियों को खत्म करने के लिए कहा, क्यूंकि स्वर्ण मंदिर पर हथियार बांध सिख अलगाववादियों से क़ब्ज़ा कर लिया था। भारतीय अर्धसैनिक बलों द्वारा बाद में पंजाब के ग्रामीण इलाक़ों से अलगाववादियों को ख़तम करने के लिए एक ऑपरेशन चलाया था। इन दंगो का मुख्य कारण स्वर्ण मंदिर पर सिक्खो का घेराव करना था। सिक्खो की मांग एक ख़ालिस्तान नाम का एक अलग देश बनाने की थी जहाँ केवल सिख और सरदार ही रहेंगे परन्तु कांग्रेस सरकार इस के लिए तैयार नहीं थी सिख कई चेतावनियों के बाद भी मंदिर को नहीं छोड़ रहे थे इसी के चलते इंदिरा गांधी ने स्वर्ण मंदिर पर से सिक्खों को हटाने के लिए मिलिट्री की सहायता ली वहाँ हुई मुठभेड़ में बहुत से सिख मारे गए। यह देख कर इंदिरा गांधी के दो अंगरक्षक जो के सिख थे उन्होंने 31 अक्तुबर को इंदिरा गांधी पर गोलियाँ चला कर उनकी हत्या कर दी। .

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