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इटली

सूची इटली

इटली यूरोप महाद्वीप के दक्षिण में स्थित एक देश है जिसकी मुख्यभूमि एक प्रायद्वीप है। इटली के उत्तर में आल्प्स पर्वतमाला है जिसमें फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रिया तथा स्लोवेनिया की सीमाएँ आकर लगती हैं। सिसली तथा सार्डिनिया, जो भूमध्य सागर के दो सबसे बड़े द्वीप हैं, इटली के ही अंग हैं। वेटिकन सिटी तथा सैन मरीनो इटली के अंतर्गत समाहित दो स्वतंत्र देश हैं। इटली, यूनान के बाद यूरोप का दूसरा का दूसरा प्राचीनतम राष्ट्र है। रोम की सभ्यता तथा इटली का इतिहास देश के प्राचीन वैभव तथा विकास का प्रतीक है। आधुनिक इटली 1861 ई. में राज्य के रूप में गठित हुआ था। देश की धीमी प्रगति, सामाजिक संगठन तथा राजनितिक उथल-पुथल इटली के 2,500 वर्ष के इतिहास से संबद्ध है। देश में पूर्वकाल में राजतंत्र था जिसका अंतिम राजघराना सेवाय था। जून, सन् 1946 से देश एक जनतांत्रिक राज्य में परिवर्तित हो गया। इटली की राजधानी रोम प्राचीन काल के एक शक्ति और प्रभाव से संपन्न रोमन साम्राज्य की राजधानी रहा है। ईसा के आसपास और उसके बाद रोमन साम्राज्य ने भूमध्य सागर के क्षेत्र में अपनी प्रभुता स्थापित की थी जिसके कारण यह संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में आधुनिक यूरोप की आधारशिला के तौर पर माना जाता है। तथा मध्यपूर्व (जिसे भारतीय परिप्रेक्ष्य में मध्य-पश्च भी कह सकते हैं) के इतिहास में भी रोमन साम्राज्य ने अपना प्रभाव डाला था और उनसे प्रभावित भी हुआ था। आज के इटली की संस्कृति पर यवनों (ग्रीक) का भी प्रभाव पड़ा है। इटली की जनसंख्या २००८ में ५ करोड़ ९० लाख थी। देश का क्षेत्रफल ३लाख वर्ग किलोमीटर के आसपास है। १९९१ में यहाँ की सरकार के शीर्ष पदस्थ अधिकारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ जिसके बाद यहाँ की राजनैतिक सत्ता और प्रशासन में कई बदलाव आए हैं। रोम यहाँ की राजधानी है और अन्य प्रमुख नगरों में वेनिस, मिलान इत्यादि का नाम लिया जा सकता है। .

768 संबंधों: चार्ल्स लूसियन बोनापार्ट, चार्ली चैप्लिन, चित्रशाला, चिकनगुनिया, चौर्य व्यापार, चॉकलेट, चोगोलीसा, चीता, टर्मिनेटर: द सराह कॉनर क्रॉनिकल्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, ट्रिएस्ट, ट्वाइलाइट (2008 फ़िल्म), टॉम क्रूज़, टोक्यो, ऍल पचिनो, ए.एस. रोमा, एटीपी मास्टर्स श्रंखला, एडवर्ड मॉर्गन फार्स्टर, एडोल्फ़ हिटलर, एत्तोरे मार्चियाफावा, एबीएन एमरो, एम ४६ पेटन, एमा मॉरेनो, एमिलियो जीनो सेगर, एमी एडम्स, एमीलिया-रोमाञा, एरियन 5, एरिक कैंटोना, एर्टन सेना, एलिस मार्ग्युराइट बोनर, एलिज़ाबेथ गोन्ज़ागा का चित्र, एसी मिलान, एवोगैड्रो, एंडेमोल, एंजल्स एंड डीमन्स (फ़िल्म), एक्लोग्यूस, एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर डिग्री, ऐडमिरल, ऐन्डर्स सेल्सियस, ऐन्नियुस क्विंतुस, ऐली लार्टर, डाटदार पुल, डिएगो माराडोना, डेमलर एजी, डेविड बेखम, डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार, डॉन ब्रैडमैन, डी मोनार्किया, डी वल्गारी एलोक्वेंटा, तम्बाकू धूम्रपान, ..., तारकनाथ दास, ताजमहल बांग्लादेश, तिचीनो कैन्टन, तिरहेनियन सागर, तिराना, तिरुमलई नायक पैलेस, तिशिया, त्यूतन जातियाँ, तेज पत्ता (बे लीफ), तीसरे गुट का युद्ध, थामस एक्विनास, द 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लियोनार्दो दा विन्ची फ़्यूमिशिनो विमानक्षेत्र, लिगुरिया, लिओनार्दो दा विंची, लज़ान्या, लग्रान्ज गुणक, लंबाई के आधार पर नदियों की सूची, लुसाने की संधि, लुसियन, लुइजी पिरांडेलो, ले रिमे, लेम्बोर्गिनी, लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग II, लोकतांत्रिक पार्टी, लीबिया, लीज़ा ऐन, शतरंज के नियम, शरणार्थियो हेतु संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्यालय, शल्य प्रसव, शार्लीज़ थेरॉन, शिक्षाशास्त्री, शेंगेन समझौता, शेंगेन क्षेत्र, शॉपिंग मॉल, शीत-महल, शीतयुद्ध, शीतयुद्ध की उत्पत्ति, शीतकालीन ओलम्पिक खेल, सत्यजित राय, सन्त निकोलस, समुद्री प्रदूषण, सरदार अजीत सिंह, सर्वसत्तावाद, सहभागी प्रबन्धन, सामंतवाद, साम्यवाद, सामूहिक सुरक्षा, सारडीनिया, साल्ज़बर्ग, साल्वातोर काज़ीमोदो, साहित्य में नोबेल विजेताओं की सूची, सांता क्लॉज़, साउथपोर्ट दरवाज़े, सिमों वूए, सियेना, सिर्त, सिरोको, सिलवेस्टर स्टैलोन, सिल्वियो बर्लुस्कोनी, सिसिली, सिगार, सिंडिकवाद, सिंह (पशु), संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन, संविधानी अदालत, संगीत गोष्ठी, सुनील मुखी, सुभाष चन्द्र बोस, सुहागा, स्टानिसलाओ कैनिजारो, स्टेडियो ऑलिम्पिको, स्टेपल्स, स्नातकोत्तर डिग्री, स्पगैटी, स्पगॅत्ती, स्पेनी गृहयुद्ध, स्लो फूड, स्लोवेनिया, स्वच्छमण्डल, स्वतंत्रता दिवस, स्वामी सोमदेव, स्विस फ़्रैंक, स्काइप, सैन सिरो, सैनरेमो, सैन्य और अर्धसैनिक बलों की संख्या के आधार पर देशों की सूची, सैन्यवाद, सूखा, सेम्युल एफ.बी. मोर्स, सॉसेज, सोनिया गांधी, सोमा ज्वालामुखी, सोमालिया, सोरेन्टो, सीसा, हार्ट ऑफ एशिया, हाला, हाकान सरबेस, हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार, हिराम पावर्स, हिस्ट्री (टीवी चैनल), हिंदु-जर्मन षडयंत्र, हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी, हुल्द्रिख ज्विंगली, हैन्रिख़ हिम्म्लर, हैन्स एंडरसैग, हेनरी ड्यूनेन्ट, हॉकी विश्वकप, जनसंख्या घनत्व के अनुसार देशों की सूची, जम्हूरियत् अनिती, जर्दानो ब्रूनो, जर्मन भाषा, जर्मनी, जर्मनी का इतिहास, जलवाही सेतु, जहाजरानी का इतिहास, जाँ फ्रॉइसार, जादू (भ्रमजाल/इंद्रजाल), जान फ़ान आइक, जापान का इतिहास, जापानी बटेर, जामा का युद्ध, जिब्राल्टर में क्रिकेट, जिब्राल्टर युद्ध स्मारक, जिब्राल्टर राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, जिओवानी स्क्यापारेल्ली, जुपिटर, जुलाई 2006, जुस्तिनियन प्रथम, जुज़ॅप्पे गारिबाल्दि, जुवेंटस एफ सी, ज्यूसेपे मेत्सिनी, जैविक खाद्य पदार्थ, जैकूज़ी, जेनोवेसा (गैलापागोस), जेनोआ, जेम्स ब्लंट, जेसी वाग, जॉन मिल्टन, जॉर्जो मोरांदी, जोसेप प्ला, जोवानी पिको देला मीरदेला, जीन चिकित्सा, जीन्स, जीओवानी नीकोतेरा, जी८, ईएससीपी यूरोप, ईसाई धर्म का इतिहास, ईवान आईवाज़ोवस्की, ईंट, वर्जीनिया रागी, वाणिज्यिक क्रांति, वायलिन, वायु सेना के मार्शल, वास्तुकला का इतिहास, वित्तोरियो दे सिका, विन्क्स क्लब, वियना कांग्रेस, विराट कोहली, विलफ्रेडो परेटो, विल्सन के चौदह सिद्धान्त, विश्व देवालय (पैन्थियन), रोम, विश्व धरोहर, विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता, विश्व में बौद्ध धर्म, विश्व में हिन्दू धर्म, विश्व शांति, विश्व का आर्थिक इतिहास, विश्व के सभी देश, विश्व के सात नए आश्चर्य, विश्व के आश्चर्य, विश्व की मुद्राएँ, विश्वमारी, विश्वविद्यालय, विंगसूट फ़्लाइंग (उड़ान), विकिमेनिया, विक्टर इमानुएल द्वितीय, वंडर वूमन (2017 फ़िल्म), व्याकरण (वेदांग), वृहद भारत, वैटिकन सिटी, वैन्डल, वेटिंग फ़ॉर गोडोट, वेनिस, वेरोना, वेसुवियस पर्वत, वेगा (रॉकेट), वेंचुरी प्रभाव, वॅस्टर्न (शैली), वॉनाक्राय रैनसमवेयर हमला, वोल्टा, वीटो, वीडियो गेम, खरक, खसरा, खाड़ी युद्ध, खेल जगत २०१०, गणित का इतिहास, गन्धक, गाब्रिएल दाँनुतस्यो, गियोवन्नी डोमेनिको कैसिनी, गुड फ़्राइडे, गुल्येल्मो मार्कोनी, गुईडीबाल्डो डि मोंटेफेल्ट्रो का चित्र, ग्रैंड स्लैम टेनिस विजेताओं की सूची, ग्रैंड कॅसमेट्स गेट्स, ग्रेफाइट, ग्रेज़िया डेलेडा, ग्रेगोरि कोरसो, ग्रेगोरी कैलेंडर, ग्रीनहाउस, ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में वॉटर पोलो, ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल, ग्रीस-इटली युद्ध, गैलीलियो गैलिली, गूची, गूगल उत्पादों की सूची, गेला, गोथिक कला, गोल्ड कोस्ट, क्वींसलैंड, ऑपेरा प्रयोग, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रिया का इतिहास, ऑगस्टस डी लुका, ओतावियो क्वात्रोची, ओपेरा (गीतिनाटक), ओजोन थेरेपी, ओंकारनाथ ठाकुर, आँवला, आदित्य बिड़ला समूह, आन्तोनियो लिबराले, आन्द्रेई गोलुबेव, आब्रुत्सो, आयोनियन सागर, आर्दुइनो, आर्नोस पादरे, आर्सेन वेंजर, आर्किमिडीज़, आल्चीना, आस्क डॉट कॉम, आज़ाद हिन्द फ़ौज, आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग, आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग 2009-14, आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग डिवीजन चार 2010, आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग डिवीजन चार 2012, आविष्कार और आविष्कारक, आंद्रिया सांसोविनो, आंजेलो चेली, आओस्ता घाटी, आइएसडीएन (ISDN), आइएसओ ३१६६ - १, इटली में शहरों की सूची, इटली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम, इटली राष्ट्रीय रग्बी यूनियन टीम, इटली राष्ट्रीय रग्बी लीग टीम, इटली ओलंपिक विवरण, इटली का ध्वज, इटली का इतिहास, इतालवी एकीकरण, इतालवी प्रायद्वीप, इतालवी भाषा, इतालवी साहित्य, इत्रस्की सभ्यता, इराक पर आक्रमण 2003, इरित्रिया, इलेर्दा का युद्ध, इसाबेल्ला रोस्सेलिनी, इस्लामी दुनिया, इवान गेलिस्ता टाँरीसेली, इंटर मिलान, इंडोनेशिया, इकसिंगा, कथासाहित्य (संस्कृत), कमीशिया, कातालान भाषा, कापुचीनो, कार्ट रेसिंग, कार्थेज, कार्निवल, कार्बोनरी, कार्लो पेट्रिनी, कार्लो रुबिया, काहिरा नगर क्षेत्र, काग़ज़ का आकार, काउबॉय, किन्खाब, कुत्तों की नस्लों की सूची, कुरितिबा, कुस्तुन्तुनिया का पतन, क्राइस्ट द रिडीमर (प्रतिमा), क्रिसमस, क्रोएशिया, कैथरीन (फ्रांस की महारानी), कैन्यनिंग, कैप्टन अमेरिका (१९९० की फिल्म), कैप्री द्वीप, कैलेटा होटल, कैसियानो बेलिगत्ती, केन्द्रीय व्यवसायिक क्षेत्रों की सूची, केमिल बेंसो कावूर, केरिन्थिया (Kärnten), केलाग-ब्रियाँ समझौता, केसर, के२, कॉल मी बाय योर नेम, कॉसर एल्नील मार्ग, कोड गीअस, कोमूने, कोर्सिका, कोलोसियम, कोस्टा कंकोर्डिया, अचार बनाना, अन्तरराष्ट्रीय विधि, अन्तर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन के सदस्य राष्ट्र, अन्तर्राष्ट्रीय विद्युततकनीकी आयोग, अन्द्रिया–कोरेटो रेल दुर्घटना, अपराध शास्त्र, अपोलो, अबुल कलाम आज़ाद, अब्राहम ओरटेलियस, अब्राहम इब्न एजरा, अभिनय, अभिव्यंजनावाद, अमेदिओ मोदिग्लिआनी, अमेरिगो वेस्पूची, अमेरिकीकरण, अमीरात, अराजकतावाद, अर्नेस्ट हेमिंग्वे, अर्नेस्टो सिसैरा, अल्पाइन सम्मेलन, अल्फ़्रेद नोबेल, अल्फा रोमियो 159, अल्फाबेतुम ब्रम्हानिकुम, अल्बर्ट आइंस्टीन, अल्बर्तो मोराविया, अल्बानिया, अल्बानियाई भाषा, अष्टबाहु, अविश्वास प्रस्ताव, अवेंजर्स: एज ऑफ़ अल्ट्रॉन, अवोगाद्रो का नियम, अंतरजाल, अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष, अंतानिओ वेरिओ, अंतोनियो ग्राम्शी, अंग्रेजी साहित्य, अंग्रेजी कविता, अक्ष शक्तियाँ, अकेसिया प्यकनंथा, उत्तर अफ़्रीका, उत्तर अमेरिका, उत्प्लावन बल, उपनिवेशवाद का इतिहास, उपग्रह, उबला चावल, उल्का, उस्मान अली खान, १ई+११ मी॰², १० दिसम्बर, १२ दिसम्बर, १२ नवम्बर, १३ जनवरी, १३ अक्टूबर, १५ दिसम्बर, १५ जुलाई, १५०४, १६ दिसम्बर, १७ नवम्बर, १७ अगस्त, १८ जून, १९००, १९०८, १९१५, १९१६, १९१९, १९२१, १९२२, १९२३, १९२४, १९२६, १९५७ यूरोपीय कप फाइनल, १९५८ यूरोपीय कप फाइनल, १९६० ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत, १९६८ यूरोपीय कप फाइनल, १९६९ यूरोपीय कप फाइनल, १९७० यूरोपीय कप फाइनल, १९७१ में पद्म भूषण धारक, १९७२ यूरोपीय कप फाइनल, १९७३ यूरोपीय कप फाइनल, १९७४ में पद्म भूषण धारक, १९७४ यूईएफए कप फाइनल, १९७७ यूरोपीय कप फाइनल, १९७७ यूईएफए कप फाइनल, १९८३ यूरोपीय कप फाइनल, १९८४ यूरोपीय कप फाइनल, १९८५, १९८५ यूरोपीय कप फाइनल, १९८८ यूरोपीय कप फाइनल, १९८९ यूरोपीय कप फाइनल, १९८९ यूईएफए कप फाइनल, १९९०, १९९० यूरोपीय कप फाइनल, १९९० यूईएफए कप फाइनल, १९९१ यूरोपीय कप फाइनल, १९९१ यूईएफए कप फाइनल, १९९२ यूरोपीय कप फाइनल, १९९२ यूईएफए कप फाइनल, १९९३ यूईएफए कप फाइनल, १९९४ यूईएफए कप फाइनल, १९९५ यूईएफए कप फाइनल, १९९६ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, १९९७ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, १९९७ यूईएफए कप फाइनल, १९९८ यूईएफए कप फाइनल, १९९९ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, १९९९ यूईएफए कप फाइनल, २ सितम्बर, २ जनवरी, २ जुलाई, २००० यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २००१ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २००३ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २००४ यूईएफए कप फाइनल, २००५ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २००७ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २००८ के मुंबई हमले, २००९, २००९ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २०१०, २०१० फीफा विश्व कप, २०१० यूईएफए यूरोपा लीग फाइनल, २०१३ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २०१४ फीफा विश्व कप, २०१४ की युक्रेन क्राँति एवं क्रीमिया संकट, २०१५ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २०१६ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २०१७ यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल, २०१७ यूईएफए यूरोपा लीग फाइनल, २२ मई, २३ नवम्बर, २३ फ़रवरी, २३ मार्च, २३ सितम्बर, २८ दिसम्बर, २८ मार्च, २८ अगस्त, २८ अक्तूबर, ३० अक्तूबर, ५वीं शताब्दी ईसा, ६ अप्रैल, ६ अक्टूबर, ७ जनवरी, ८ सितम्बर, ८ जुलाई, ९ दिसम्बर, 1896 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, 1908 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक, 1956 शीतकालीन ओलंपिक पदक तालिका, 1960 ग्रीष्मकालीन पैरालम्पिक, 1960 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक, 2000 के दशक के उत्तरार्द्ध की आर्थिक मंदी, 2007 के अरबपतियों की सूची, 2007-2009 का वित्तीय संकट, 2009 मैडिटेरियन खेल, 2012 अरब सागर में इतालवी गोलीबारी, 2014 शीतकालीन ओलंपिक में इटली, 2014 शीतकालीन ओलंपिक में अल्पाइन स्कीइंग – पुरुषों का डाउनहिल, 2016 मध्य इटली में भूकंप सूचकांक विस्तार (718 अधिक) »

चार्ल्स लूसियन बोनापार्ट

चार्ल्स लूसीएन (कार्लो) जूल्स लॉरेंट बोनापार्ट, केनिनो तथा मुसीग्नानो के द्वितीय राजकुमार (मई 24, 1803 – जुलाई 1857), एक फ्रांसीसी प्रकृतिवादी तथा पक्षिविज्ञानी थे। .

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चार्ली चैप्लिन

सर चार्ल्स स्पेन्सर चैप्लिन, KBE (16 अप्रैल 1889 - 25 दिसम्बर 1977) एक अंग्रेजी हास्य अभिनेता और फिल्म निर्देशक थे। चैप्लिन, सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में से एक होने के अलावा अमेरिकी सिनेमा के क्लासिकल हॉलीवुड युग के प्रारंभिक से मध्य तक एक महत्वपूर्ण फिल्म निर्माता, संगीतकार और संगीतज्ञ थे। चैप्लिन, मूक फिल्म युग के सबसे रचनात्मक और प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक थे जिन्होंने अपनी फिल्मों में अभिनय, निर्देशन, पटकथा, निर्माण और अंततः संगीत दिया। मनोरंजन के कार्य में उनके जीवन के 75 वर्ष बीते, विक्टोरियन मंच और यूनाइटेड किंगडम के संगीत कक्ष में एक शिशु कलाकार से लेकर 88 वर्ष की आयु में लगभग उनकी मृत्यु तक। उनकी उच्च-स्तरीय सार्वजनिक और निजी जिंदगी में अतिप्रशंसा और विवाद दोनों सम्मिलित हैं। 1919 में मेरी पिकफोर्ड, डगलस फेयरबैंक्स और डी.डब्ल्यू.ग्रिफ़िथ के साथ चैप्लिन ने यूनाइटेङ आर्टिस्टस की सह-स्थापना की। चैप्लिन: अ लाइफ (2008) किताब की समीक्षा में, मार्टिन सिएफ्फ़ ने लिखा की: "चैप्लिन सिर्फ 'बड़े' ही नहीं थे, वे विराट् थे। 1915 में, वे एक युद्ध प्रभावित विश्व में हास्य, हँसी और राहत का उपहार लाए जब यह प्रथम विश्व युद्ध के बाद बिखर रहा था। अगले 25 वर्षों में, महामंदी और हिटलर के उत्कर्ष के दौरान, वह अपना काम करते रहे। वह सबसे बड़े थे। यह संदिग्ध है की किसी व्यक्ति ने कभी भी इतने सारे मनुष्यों को इससे अधिक मनोरंजन, सुख और राहत दी हो जब उनको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।" .

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चित्रशाला

National Gallery of Art चित्रशाला में प्रदर्शित कलाकृतियाँ चित्रशाला उस विशेष भवन को कहते हैं जिसमें विभिन्न कलाकृतियाँ (चित्र तथा मूर्तियाँ आदि) संरक्षित तथा प्रदर्शित की जाती हैं। प्राय: कलासंग्रहालय (अंग्रेजी: म्यूजियम) का प्रयोग चित्रशाला के लिये होता रहा है किंतु इसके लिये चित्र संग्रहालय अथवा चित्रशाला (आर्ट म्यूजियम या आर्ट गैलरी) अधिक उपयुक्त शब्द है और यही अधिक प्रचलित है। .

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चिकनगुनिया

चिकनगुनिया लम्बें समय तक चलने वाला जोडों का रोग है जिसमें जोडों मे भारी दर्द होता है। इस रोग का उग्र चरण तो मात्र २ से ५ दिन के लिये चलता है किंतु जोडों का दर्द महीनों या हफ्तों तक तो बना ही रहता है। चिकनगुनिया विषाणु एक अर्बोविषाणु है जिसे अल्फाविषाणु परिवार का माना जाता है। यह मानव में एडिस मच्छर के काटने से प्रवेश करता है। यह विषाणु ठीक उसी लक्षण वाली बीमारी पैदा करता है जिस प्रकार की स्थिति डेंगू रोग मे होती है। .

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चौर्य व्यापार

करों या वैधानिक प्रतिबंधों से आँख छिपाकर या उनकी चोरी कर लाभ कमाने के लिये अवैध रूप से मुद्रा, वस्तु या व्यक्तियों का किया गया आयात, निर्यात, अंतर्देशीय या अंतर्प्रातीय व्यापार (क्रय विक्रय की प्रक्रिया) चौर्य व्यापार माना जाता है। स्वतंत्र व्यापार पर कर या प्रतिबंध- विलासमयी विदेशी वस्तुओं के उपयोग की आदत की समाप्ति या उनमें कमी करने के उद्देश्य, विदेशी मुद्रा के अभाव या उसके संकट से मुक्ति, राष्ट्रीय उत्पादन को प्रोत्साहन, राष्ट्रीय उद्योगों के संरक्षण तथा प्रवर्धन, राष्ट्र की आर्थिक योजनाओं के कार्यान्वयन, विदेशी-व्यापार-संतुलन तथा सामरिक एवं दैवी आपदाओं से त्राण पाने आदि के लिये लगाया जाता है। इन करों तथा प्रतिबंधों के कारण या तो वस्तुओं आदि का मूल्य बढ़ जाता है या उनकी माँग बढ़ जाती है। फलस्वरूप प्रतिबंधित तथा अधिक करवाली वस्तुओं आदि के उपयोग के लिये लोगों में सहज स्वाभाविक रुचि बढ़ जाती है। चौर्य व्यापार में करों की चोरी की जाती है, इसलिये वैध रूप से यातायात की हुई वस्तुएँ अवैध माध्यम से उपलब्ध वस्तुओं की अपेक्षा महँगी पड़ती हैं। इस लाभ के कारण लोग इन्हें क्रय करते हैं। जिन वस्तुओं आदि के यातायात पर पूर्ण या सीमित प्रतिबंध हैं वे भी इस अवैध माध्यम से उपलब्ध हो जाती हैं। इसलिये ऐसी अनुपलब्ध वस्तुओं को लोग आदत या ऐसी वस्तुओं की अधिक उपादेयता या ऐसी वस्तुओं के उपयोग के प्रदर्शन की सहज मानवीय दुर्बलता के कारण अधिक मूल्य देकर तथा कानून भंग करके भी लोग क्रय करना अधिक पसंद करते हैं और इस अवैध अनैतिक व्यापार को जीवन प्रदान करने में योगदान करते हैं। ऐडम स्मिथ ने इसलिये इन अवैध व्यापार करनेवालों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए लिखा है कि "इसमें संदेह नहीं कि चौर्य व्यापार करनेवाले देश के विधान की मर्यादाओं को भंग करने के लिये निश्चय ही अत्यधिक दोषी हैं, तो भी प्राय: वे सहज स्वाभाविक न्याय को तोड़ने में असमर्थ हैं क्योंकि सभी दृष्टियों से ऐसे व्यक्ति अति श्रेष्ठ नागरिक माने जाते यदि उनके देश का विधान उस बात को अपराध घोषित न कर देता जिसे प्रकृति कभी भी रोकना नहीं चाहती। .

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चॉकलेट

चाकलेट के टुकड़े चाकलेट कोको के बीजों से निर्मित एक कच्चा या संसाधित भोज्य पदार्थ है। कोको के बीजों का स्वाद अत्यन्त कड़ुवा होता है। इसमें स्वाद उत्पन्न करने के लिये इसका किण्वन करना पड़ता है। .

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चोगोलीसा

चोगोलीसा पाक अधिकृत कश्मीर के बल्तिस्तान क्षेत्र में स्थित काराकोरम पर्वतों के माशेरब्रुम पर्वत समूह का एक ऊँचा पर्वत है। माशेरब्रुम समूह बाल्तोरो हिमानी से दक्षिण में स्थित है। इस पर्वत के कई शिखर हैं, जिनमें दक्षिण-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी मुख्य हैं। इसके दक्षिण-पश्चिमी मुख वाला शिखर, जिसे चोगोलीसा-१ (Chogolisa I) भी कहते हैं, सबसे ऊँचा है और ७,६६५ मीटर (२५,१४८ फ़ुट) की बुलंदी रखता है। इसका दूसरा सबसे ऊँचा मुख पूर्वोत्तर वाला है, जिसे चोगोलीसा-२ (Chogolisa II) भी कहते हैं और जिसकी ऊँचाई ७,६५४ मीटर है। मार्टिन कॉनवे ने सन् १८९२ में चोगोलीसा-२ को दुल्हन पर्वत (Bride Peak) का नाम भी दिया था। .

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चीता

बिल्ली के कुल (विडाल) में आने वाला चीता (एसीनोनिक्स जुबेटस) अपनी अदभुत फूर्ती और रफ्तार के लिए पहचाना जाता है। यह एसीनोनिक्स प्रजाति के अंतर्गत रहने वाला एकमात्र जीवित सदस्य है, जो कि अपने पंजों की बनावट के रूपांतरण के कारण पहचाने जाते हैं। इसी कारण, यह इकलौता विडाल वंशी है जिसके पंजे बंद नहीं होते हैं और जिसकी वजह से इसकी पकड़ कमज़ोर रहती है (अतः वृक्षों में नहीं चढ़ सकता है हालांकि अपनी फुर्ती के कारण नीची टहनियों में चला जाता है)। ज़मीन पर रहने वाला ये सबसे तेज़ जानवर है जो एक छोटी सी छलांग में १२० कि॰मी॰ प्रति घंटे ऑलदो एकोर्डिंग टू चीता, ल्यूक हंटर और डेव हम्मन (स्ट्रुइक प्रकाशक, 2003), pp.

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टर्मिनेटर: द सराह कॉनर क्रॉनिकल्स

टर्मिनेटर: द सराह कॉनर क्रॉनिकल्स (Terminator: The Sarah Connor Chronicles) एक अमरीकी काल्पनिक विज्ञान पर आधारित टेलीविजन शृंखला है जिसका प्रसारण फॉक्स पर किया गया था। इस शृंखला का निर्माण २०एथ सेंचुरी फॉक्स, वॉर्नर ब्रॉस। टेलीविजन व सि२ पिक्चर्स द्वारा किया गया था। यह टर्मिनेटर फ़िल्म शृंखला पर आधारित है। यह टर्मिनेटर २: जजमेंट डे की घटनाओं के बाद सराह और जॉन कॉनर के जीवन पर आधारित है। शृंखला का प्रसारण रविवार, १२ जनवरी २००८ को अमरीकी टेलीविजन नेटवर्क फॉक्स पर शुरू किया गया था। शो की शुरुआत बिच मौसम में की गई और यह जनवरी से मार्च २००८ के बिच केवल नौ एपिसोडों तक ही चला। यह २००७-०८ की उच्च रेटिंग वाला नया टेलीविजन प्रकरण बन गया और इसे दूसरे प्रकरण के लिए पुनः चालू किया गया जिसका प्रसारण ८ सितंबर २००८ को शुरू हुआ और १० अप्रैल २००९ को खतम। १८ मई १००९ को प्रशंसकों के प्रयासों के बावजूद फॉक्स इंटरटेनमेंट के अध्यक्ष केविन रिली ने यह घोषणा की कि तिसरा प्रकरण निर्मित नहीं किया जाएगा। २२ फ़रवरी २०११ को सायफाय चैनल ने इसके ३१ एपिसोडों के प्रसारण अधिकार खरीद लिए और ७ अप्रैल २०११ को इसका पुनः प्रसारण शुरू किया। .

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस लिमिटेड (टीसीएस) एक भारतीयबहुराष्ट्रीय कम्पनी सॉफ्टवेर सर्विसेस एवं कंसल्टिंग कंपनी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सूचना तकनीकी तथा बिज़नस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनियों में से है। साल २००७ में, इसे एशिया की सबसे बड़ी सूचना प्रोद्योगिकी कंपनी आँका गया। भारतीय आई टी कंपनियों की तुलना में टीसीएस के पास सबसे अधिक कर्मचारी हैं। टीसीएस के ४४ देशों में २,५४,००० कर्मचारी हैं। ३१ मार्च २०१२ को ख़त्म होने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने १०.१७ अरब अमेरिकी डॉलर का समेकित राजस्व हासिल किया। टीसीएस भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी है। टीसीएस एशिया की सबसे बड़ी कंपनी समूह में से एक टाटा समूह का एक हिस्सा है। टाटा समूह ऊर्जा, दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं, निर्माण, रसायन, इंजीनियरिंग एवं कई तरह के उत्पाद बनाता है। वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी का मुनाफा 33.19% बढ़कर 7,000.64 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी की आमदनी करीब 8% बढ़कर 30,028.92 करोड़ रुपये हो गयी। अप्रैल 2018 में, टीसीएस बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में अपनी एम-कैप 6,79,332.81 करोड़ रुपये (102.6 अरब डॉलर) के बाद 100 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण करने वाली पहली भारतीय आईटी कंपनी बन गई, और दूसरी भारतीय कंपनी (रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2007 में इसे हासिल करने के बाद)। .

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ट्रिएस्ट

यह इटली का एक प्रमुख नगर है।शहरी क्षेत्रों में इटली का ट्रिएस्ट सबसे अमीर है और संसाधनो के यातायात के लिए एक बड़ा केंद्र है, इसके बंदरगाह, जहाज निर्माण और वित्तीय सेवाओं के माध्यम से किया गया। .

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ट्वाइलाइट (2008 फ़िल्म)

ट्वाइलाइट एक रूमानी-फंतासी फ़िल्म है, जो कैथरीन हार्डविक द्वारा निर्देशित और स्टिफ़ेनी मेयेर के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। फ़िल्म के मुख्य पात्र हैं बेला स्वॉन और एडवर्ड कलन, जो क्रमशः क्रिस्टेन स्टिवर्ट और रॉबर्ट पैटिनसन द्वारा अभिनीत है। कथानक एक किशोर लड़की और एक पिशाच पर केंद्रित है, जिन्हें प्रेम हो जाता है। समिट एंटरटेनमेंट द्वारा निर्माण शुरू करने से पहले, पैरामाउंट पिक्चर्स में इस परियोजना का लगभग तीन साल तक विकास होता रहा। मेलिसा रोसेन्बर्ग द्वारा उपन्यास का पर्दे के लिए रूपांतरण 2007 के अंत में, 2007-2008 राइटर्स गिल्ड ऑफ़ अमेरिका की हड़ताल के कुछ पहले हुआ। 2008 के पूर्वार्ध में फ़िल्म का मुख्य रूप से वाशिंगटन और ओरेगन में फिल्मांकन हुआ।ट्वाइलाइट सिनेमा-घरों में 21 नवम्बर 2008 को प्रदर्शित की गई, और अपने प्रदर्शन के प्रथम दिन इसने US$35.7 मिलियन की कमाई की। यथा 19 सितम्बर 2009, फ़िल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर US$383,520,177 और यथा 12 जुलाई 2009 उत्तर अमेरिका में DVD की बिक्री से $157,078,128 अर्जित किए। साउंडट्रैक 4 नवम्बर 2008 को जारी किया गया। .

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टॉम क्रूज़

थॉमस क्रूज़ मापोदर IV (जन्म: 3 जुलाई 1962), जो अपने फिल्मी नाम टॉम क्रूज़ से ज्यादा जाने जाते हैं, एक अमेरिकी अभिनेता और फ़िल्म निर्माता हैं। 2006 में फ़ोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें दुनिया के अत्याधिक प्रभावशाली लोकप्रिय व्यक्तित्व का दर्जा दिया। टॉम तीन अकादमी पुरस्कारों के लिए नामित हुए और उन्होंने तीन गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीते हैं। उनकी पहली प्रमुख भूमिका 1983 की फ़िल्म रिस्की बिज़नेस में थी, जिसे"एक युवा पीढ़ी की क्लासिक और अभिनेता के लिए कैरियर-निर्माता" के रूप में वर्णित किया गया है। 1986 के लोकप्रिय और आर्थिक रूप से सफल फ़िल्म टॉप गन में एक बहादुर नौसेना पायलट की भूमिका निभाने के बाद, 1990 और 2000 दशक में बनी मिशन इम्पॉसिबल एक्शन फ़िल्म श्रृंखला में एक गुप्त एजेंट की भूमिका निभाते हुए, क्रूज़ ने इस शैली को जारी रखा.

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टोक्यो

टोक्यो (जापानी: 東京, उच्चारणः तोउक्योउ) जापान की राजधानी और सबसे बड़ा नगर है। यह जापान के होन्शू द्वीप पर बसा हुआ है और इसकी जनसंख्या लगभग ८६ लाख है, जबकि टोक्यो क्षेत्र में १.२८ करोड़ और उपनगरीय क्षेत्रों को मिलाकर यहाँ अनुमानित ३.७ करोड़ लोग रहते हैं जो इसे दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला महानगरीय क्षेत्र बनाता है। टोक्यो लगभग ८० किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से भी विश्व का सबसे बड़ा नगरीय क्षेत्र है। टोक्यो को अक्सर एक शहर के रूप में जाना जाता हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह "महानगरीय प्रान्त" के रूप में जाना जाता हैं। टोक्यो महानगरीय प्रशासन, टोक्यो के 23 विशेष वार्डों (प्रत्येक वार्ड़ एक अलग शहर के रूप में शासित) का संचालन करती हैं। महानगरीय सरकार, प्रान्त के पश्चिमी भाग और दो बाहरी द्वीप श्रृंखलाएं के 39 नगरपालिका का भी प्रशासन करती हैं। विशेष वार्ड की आबादी 90 लाख मिलाकर, प्रान्त की कुल जनसंख्या 130 लाख से अधिक हैं। यह प्रान्त दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है, जिसमें 37.8 मिलियन लोग और विश्व के सबसे बड़े शहरी ढांचे की अर्थव्यवस्था शामिल हैं। शहर की 51 कंपनी, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों में आती हैं, जोकि दुनिया के किसी भी शहर की सबसे बड़ी संख्या हैं। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र विकास सूचकांक में टोक्यो का तीसरा स्थान हैं। यह शहर फ़ुजी टीवी, टोक्यो एमएक्स, टीवी टोक्यो, टीवी असाही, निप्पॉन टेलीविजन, एनएचके और टोक्यो ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम जैसे विभिन्न टेलीविजन नेटवर्कों का घर भी हैं। ग्लोबल इकनॉमिक पावर इंडेक्स में टोक्यो पहले स्थान पर और ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में चौथा स्थान पर हैं। जीएडब्ल्युसी की 2008 की सूची में इसे वैश्विक शहर बताया गया और 2014 में ट्रिपएडवियर्स के विश्व शहर सर्वेक्षण, टोक्यो को सबसे "सर्वश्रेष्ठ समग्र अनुभव" के रूप में सूचीबद्ध किया गया। मर्सर कंसल्टेंसी फर्म और अर्थशास्त्री इंटेलिजेंस यूनिट के क्रय शक्ति के आधार पर, 2015 में टोक्यो को 11वें सबसे महंगे शहर के रूप में स्थान दिया गया था। 2015 में, टोक्यो को मोनोकले पत्रिका द्वारा दुनिया में सर्वाधिक जीवंत शहर कहा गया।.

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ऍल पचिनो

अल्फ्रेडो जेम्स "ऍल" पचिनो (जन्म 25 अप्रैल 1940) एक अमरीकी फिल्म और रंगमंच अभिनेता और निर्देशक हैं। फिल्म द गॉडफादर ट्रिलोजी में माइकल कोरलीओनी, डॉग डे आफ्टरनून में सोनी वॉटजिक, स्कारफेस में टोनी मोंटाना, 1993 फिल्म में बनी फ़िल्म कार्लितोज वे में कार्लितो ब्रिगंते, सर्पिको में फ्रैंक सर्पिको, सेंट ऑफ़ अ वूमन में लेफ्टिनेंट कर्नल फ्रैंक स्लेड और एंजेल्स इन अमरीका में रॉय कोहन की भूमिकाओं के लिए वे खास तौर पर जाने जाते हैं। पूर्ववर्ती सात बार नामांकनों के बाद उन्होंने 1992 में सेंट ऑफ़ अ वूमन में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का एकेडमी अवार्ड जीता.

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ए.एस. रोमा

अस्सोचिअज़िओने स्पोर्तिव रोमा, आमतौर पर बस रोमा के रूप में संदर्भित, रोम में स्थित एक पेशेवर इतालवी फुटबॉल क्लब है। 1927 में फासीवादी शासन द्वारा व्यवस्था के विलय द्वारा स्थापित, रोमा 1951-52 के लिए छोड़कर अपने अस्तित्व के सभी के लिए इतालवी फुटबॉल की शीर्ष स्तरीय में भाग लिया है। एक पंक्ति में उनके 62 वें सीजन (कुल 81) के लिए, रोमा 2013-14 सत्र के लिए सेरी ए में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। रोमा 1982-83 में और फिर 2000-01 में तो 1941-42 में प्रथम, सेरी ए तीन बार जीता है, साथ ही नौ कोप्पा इटालिया खिताब और दो ​​सुपेर कोप्पा इटालियाना खिताब जीतने के रूप में की है। घर खेल वर्तमान में स्टेडियो ऑलिम्पिको पर खेले जाते हैं, एक स्थल वे शहर प्रतिद्वंद्वियों लेज़िओ के साथ साझा करें। .

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एटीपी मास्टर्स श्रंखला

एटीपी मास्टर्स श्रंखला एटीपी टूर द्वारा आयोजित नौ टेनिस प्रतियोगिताओं की श्रंखला है जो प्रति वर्ष यूरोप एवं उत्तरी अमेरिका में आयोजित की जाती हैं। इन स्पर्धाओं में प्रमुख पुरुष खिलाड़ियों का खेलना आवश्यक है। इस श्रंखला की शुरुआत १९९६ में हुई जब इसे मर्सिडीज़ बेंज़ सुपर 9 श्रंखला के नाम से जाना जाता था। .

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एडवर्ड मॉर्गन फार्स्टर

एडवर्ड मॉर्गन फार्स्टर एडवर्ड मॉर्गन फार्स्टर (Edward Morgan Forster; १८७९ - १९७०) - अंग्रेजी उपन्यासकार और आलोचक थे। .

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एडोल्फ़ हिटलर

हिटलर एडोल्फ हिटलर (२० अप्रैल १८८९ - ३० अप्रैल १९४५) एक प्रसिद्ध जर्मन राजनेता एवं तानाशाह थे। वे "राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी" (NSDAP) के नेता थे। इस पार्टी को प्राय: "नाजी पार्टी" के नाम से जाना जाता है। सन् १९३३ से सन् १९४५ तक वह जर्मनी का शासक रहे। हिटलर को द्वितीय विश्वयुद्ध के लिये सर्वाधिक जिम्मेदार माना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध तब हुआ, जब उनके आदेश पर नात्सी सेना ने पोलैंड पर आक्रमण किया। फ्रांस और ब्रिटेन ने पोलैंड को सुरक्षा देने का वादा किया था और वादे के अनुसार उन दोनो ने नाज़ी जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। .

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एत्तोरे मार्चियाफावा

एत्तोरे मार्चियाफावा एत्तोरे मार्चियाफावा (1847, रोम- 1935, रोम), इटली के एक चिकित्सक तथा प्राणीविद् थे जिन्होंने मलेरिया पर शोध कार्य किया। 1880 से 1891, इन 11 वर्षों में इन्होने मलेरिया पर गहन शोध किया। आंजेलो सेली के साथ फ़्रांसीसी सैन्य चिकित्सक चार्ल्स लुई अल्फोंस लैवेरन के द्वारा मलेरिया पीडीतों के रक्त में खोजे गये नये प्रोटोज़ोआ का अध्ययन किये। इस सुक्ष्म जीव का नाम इन्होंने प्लास्मोडियम रखा। सन् 1925 में इन्होंने प्रथम अंतराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन का आयोजन किया। श्रेणी:वैज्ञानिक श्रेणी:व्यक्तिगत जीवन श्रेणी:मलेरिया.

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एबीएन एमरो

एबीएन एमरो बैंक एन.वी. (ABN AMRO Bank N.V.) एक डच बैंक हैं, जिसका मुख्यालय एम्स्टर्डम में है। 2009 में एक भारी परिवर्तन के बाद इसे पुनर्स्थापित किया गया, इस परिवर्तन के दौरान रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ग्रुप के नेतृत्व में एक बैंकिंग कॉन्सॉर्टियम द्वारा इसे अधिग्रहित और विभाजित किया गया और उसके बाद इसे असफल होने से रोकने के लिए डच सरकार द्वारा इसे आंशिक रूप से राष्ट्रीयकृत किया गया। बैंक के अधिग्रहण और विलय का एक लंबा इतिहास है जिसकी शुरूआत 1765 से होती है। 1991 में एबीएन एमरो का निर्माण अलगेमेन बैंक नीदरलैंड (एबीएन) और एम्स्टर्डम एंड रोटेरडम बैंक (एमरो (AMRO)) के बीच विलय से हुआ। संपत्ति के आधार पर 2007 तक एबीएन एमरो बैंक नीदरलैंड में दूसरा और यूरोप में आठवां सबसे बड़ा बैंक था। उस समय में द बैंकर और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 पत्रिका ने दुनिया के सबसे बड़े बैंकों की सूची में इस बैंक को 15वें स्थान पर रखा जिसका परिचालन 63 देशों में हो रहा था और जिसमें 110,000 से भी अधिक कर्मचारी कार्यरत थे। 2007 में बैंक का अधिग्रहण किया गया, जो कि इतिहास में किसी कॉन्सॉर्टियम द्वारा किया गया उस समय का सबसे बड़ा अधिग्रहण था, जिसमें शामिल थे रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ग्रुप, फोर्टिस बैंक और बांको सनटेनडर और इनमें से पहले दो बैंक, अधिग्रहण के परिणामस्वरूप काफी संकट में फंस गए। ऋण की विशाल राशि ने जिसे इस अधिग्रहण में पूंजी लगाने के लिए एकत्रित किया गया था, उसने जब 2007-2010 का वित्तीय संकट शुरू हुआ ठीक उसी समय इन बैंकों की आरक्षित निधि को समाप्त कर दिया। इसके परिणामस्वरूप डच सरकार ने इसकी कमान संभाल ली और डच के हिस्से को राष्ट्रीयकृत किया जिसे प्राथमिक रूप से विफल होने से बचाने के लिए फोर्टिस को आंवटित किया गया था। स्कॉटिश बैंक को वित्तीय संकट से उबारने के कारण, आरबीएस (RBS) को आंवटित की गई शाखा पर ब्रिटेन सरकार ने प्रभावी रूप से नियंत्रण ले लिया। आरएफएस (RFS) होल्डिंग्स बी.वी.

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एम ४६ पेटन

एम ४६ टैंक एम ४६ पेटन एक अमेरिकी मध्यम टैंक था। यह पहला ऐसा टैंक था जिसका की नाम द्वितीय विश्वयुद्ध की तीसरी अमेरिकी आर्मी के कमांडर जनरल व युद्धों में टैंको के उपयोग के हिमायती जिओर्ज एस. पेटन के नाम पर रखा गया। एम ४६ पेटन मूल रूप से पुराने एम २६ पेर्शिंग टैंक का उन्नत रूप था। इसे अमरीकी सेना ने शीतयुद्ध के प्रारंभिक वर्ष १९४९ से १९५० तक काम में लिया। ऐसे करीब ११६० टैंक बनाये गए थे जीनेमें ३६० एम ६४ ऐ१ भी शामिल है। इसका उत्पादन सन १९५० से लेकर १९५० वे दशक के मध्य से अंत तक हुआ। इसे डेट्रोइट आर्सनल टैंक प्लांट ने बनाया था। एम ४६ पेटन ४८ किलोमीटर की गति की साथ १३० किलोमीटर के क्षेत्र में युद्ध कर सकता था। अमेरिकी सेना ने इसे कोरियाई युद्ध में मुख्य तौर से काम में लिया। इसके अलावा यह बेल्जियम, फ़्रांस व इटली की सेनाओं की सेवाओं में भी रहा। .

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एमा मॉरेनो

एमा मॉरेनो (Emma Martina Luigia Morano, जन्म 29 नवंबर 1899) एक इतालवी सुपर शतायु महिला है जिसकी आयु है। एमा मॉरेनो अपने आठ भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं, जिनमें सिर्फ़ वही जीवित हैं। इनका जन्म 29 नवंबर 1899 में इटली के पीडमौन्ट में हुआ था। .

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एमिलियो जीनो सेगर

1 फ़रवरी 1905 को इटली के तिवोली में जन्मे प्रसिद्ध अमेरिकी भौतिक वैज्ञानिक जिन्हें 1959 में ओवेन चेम्बेर्लैन के साथ प्रतिप्रोट्रॉन की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। .

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एमी एडम्स

एमी लू एडम्स (जन्म 20 अगस्त 1974) एक अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका हैं। एडम्स ने 1999 कीब्लैक कॉमेडीफिल्मड्रॉप डेड गौर्जियस से परदे पर अपनी शुरुआत करने के पहले ही डिनर थियेटर के रंगमंच पर अपने अभिनय कैरियर की शुरूआत कर ली थी। टेलीविज़न पर कई बार अतिथि कलाकार के रूप में आने और बी फ़िल्मों में भूमिकाएं करने के बाद, उन्हें 2002 में कैच मी इफ यू कैन में ब्रेन्डा स्ट्राँग की भूमिका मिली, लेकिन उनकी पहली सफल भूमिका 2005 की फिल्म जूनबग में थी, जिसमें उन्होंने एश्ले जौनस्टन की भूमिका निभाई थी, इसके लिए उन्हें आलोचनात्मक सम्मान और एकेडमी अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए नामांकन भी मिला था। इसके बाद एडम्स ने डिज्नी की 2007 की फिल्म इन्चेंटेड में काम किया, यह आलोचनात्मक और व्यवसायिक दृष्टि से एक सफल फिल्म थी, इसमें उन्हें गिसेल की भूमिका के लिए गोल्डेन ग्लोब अवार्ड में नामांकन भी मिला था। अगले ही वर्ष फिल्म डाउट में एक युवा नन, सिस्टर जेम्स, की भूमिका निभाने के लिए उन्हें दूसरा एकेडमी अवार्ड मिला और उन्हें गोल्डेन ग्लोब अवार्ड में नामांकित भी किया गया था। हालाँकि वह कई नाटकीय और हास्य भूमिकाओं में दिखाई पड़ीं, लेकिन वह मुख्यतया हंसमुख और खुशमिजाज़ स्वभाव वाली भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। एडम्स ने 2008 में आयी फिल्म सनशाइन क्लीनिंग में एमिली ब्लंट और एलन एर्किन के साथ काम किया। तब से उन्होंने 2009 की फिल्मों Night at the Museum: Battle of the Smithsonian में एमिलिया इयरहार्ट और जूली एंड जूलिया में लेखिका जूली पॉवेल के पात्र को निभाया है। .

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एमीलिया-रोमाञा

एमीलिया-रोमाञा (Emélia-Rumâgna, रोमाञोल: Emélia-Rumâgna) उत्तरी इटली में एक प्रशासकी क्षेत्र है जिसमें पूरवले क्षेत्र एमिलिया और रोमाञा शामिल हैं। इसकी राजधानी बोलोञा है। इसकी आबादी लगभग 44 लाख है। .

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एरियन 5

एरियन 5 (Ariane 5) एक यूरोपीय प्रक्षेपण यान रॉकेट है। यह एरियन रॉकेट परिवार का हिस्सा है। एरियन-5 रॉकेट यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) और सिनेस के अधिकार के तहत निर्मित किये जाते हैं। एयरबस रक्षा और अंतरिक्ष एरियन 5 के लिए मुख्य ठेकेदार है। एरियन-5 का संचालन और व्यापार एरियन स्पेस द्वारा किया जाता है। एयरबस रक्षा और अंतरिक्ष यूरोप में रॉकेट बनाता है। तथा एरियन स्पेस उन्हें फ्रेंच गुयाना में गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण करता है। .

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एरिक कैंटोना

एरिक डैनियल पियरे कैंटोना (जन्म 24 मई 1966) एक फ्रेंच अभिनेता और पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपना पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी का कैरियर मैनचेस्टर युनाइटेड में समाप्त किया जहाँ उन्होंने पाँच वर्षों में चार प्रीमियर लीग खिताब जीते, जिनमें दो लीग और एफ़ए (FA) कप डबल्स शामिल हैं। कैंटोना को अक्सर फुटबॉल की महाशक्ति के रूप में मैनचेस्टर युनाइटेड के पुनरुद्धार में एक प्रमुख करिश्माई भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी के रूप में सम्मान दिया जाता है और उन्हें क्लब के साथ-साथ अंग्रेजी फुटबॉल में एक प्रतीकात्मक स्थान भी प्राप्त है। 2001 में, उन्हें मैनचेस्टर युनाइटेड के सदी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में चुना गया था और प्यार से उन्हें "किंग एरिक" का उपनाम भी दिया गया है। वे फ्रांस के समुद्र तटीय फुटबॉल टीम के वर्तमान प्रबंधक हैं। फुटबॉल से अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने सिनेमा को कैरियर के रूप में लिया और 1998 की फिल्म एलिजाबेथ, सितारे कलाकार केट ब्लैंचेट और 2009 की फिल्म लुकिंग फॉर एरिक में भूमिकाएं निभाई.

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एर्टन सेना

एर्टन सेना डा सिल्वा, (जिसका उच्चारण होता है; साओ पाउलो, 21 मार्च 1960 - बोलोग्ना इटली 1 मई 1994) एक ब्राजीलियन रेसिंग ड्राइवर थे और तीन बार फॉर्मूला वन के विश्व चैंपियन रहे। एक दुर्घटना में उनकी तब मृत्यु हो गई जब वे 1994 के सैन मेरिनो ग्रां प्रिक्स में सबसे आगे थे और फार्मूला वन कार चलाते हुए मृत्यु को प्राप्त करने वाले वे सबसे हाल के ग्रांड प्रिक्स ड्राइवर हैं। सेना ने अपने मोटरस्पोर्ट की शुरूआत कार्टिंग से की और 1983 में ब्रिटिश फॉर्मूला 3 चैम्पियनशिप में जीत हासिल कर अपने रैंक में इजाफा किया। 1984 में टोलमैन के साथ उसने अपने फार्मूला वन करियर की शुरूआत की, वे अगले ही वर्ष लोटस-रीनॉल्ट में स्थानांतरित हुए और अगले तीन सीज़न के लिए छह ग्रांड प्रिक्स में जीत हासिल की। 1988 में वे मैकलेरन-होंडा पर फ्रेंचमैन अलेन प्रोस्ट में शामिल हुए.

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एलिस मार्ग्युराइट बोनर

एलिस मार्ग्युराइट बोनर को कला के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९७४ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये इटली से हैं। श्रेणी:१९७४ पद्म भूषण.

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एलिज़ाबेथ गोन्ज़ागा का चित्र

एलिज़ाबेथ गोन्ज़ागा का चित्र (Portrait of Elisabetta Gonzaga) पुनर्जागरण काल में प्रसिद्ध चित्रकार राफेल द्वारा रचित चित्र है। यह इटली के शहर फ्लोरेंस के उफ़िज़ी गैलरी नामक कला संग्रहालय में रखा हुआ है। .

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एसी मिलान

असोसीएजियोन कालसिओ मिलान, जिसे आमतौर पर ए.सी.

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एवोगैड्रो

एवोगैड्रो एवोगैड्रो इटली के वैज्ञानिक थे। इन्होंने 1811 ई. में अणु की खोज की। श्रेणी:वैज्ञानिक.

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एंडेमोल

एंडेमोल (Endemol), नीदरलैंड की एक अंतरराष्ट्रीय निर्माण और वितरण कंपनी है, जिसकी सहायक कंपनियां और संयुक्त उद्यम 23 देशों में फैले हैं जिनमें संयुक्त राजशाही, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, मैक्सिको, स्पेन, इटली, जर्मनी, ब्राजील, चिली, अर्जेंटीना, डोमिनिकन गणराज्य, पोलैंड, पुर्तगाल, रूस, भारत, दक्षिण अफ्रीका, लेबनान, मोरक्को, फिलीपींस, बेल्जियम, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। एंडेमोल का नियंत्रण इटली की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी, मीडियासेट और इसके सह संस्थापक जॉन डी मोल के हाथ में है। .

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एंजल्स एंड डीमन्स (फ़िल्म)

एंजल्स एंड डीमन्स डैन ब्राउन के इसी नाम के उपन्यास का अमेरिकी फ़िल्म रूपांतरण है। यह दा विंची कोड की अगली कड़ी है, हालांकि उपन्यास एंजल्स एंड डीमन्स पहले प्रकाशित हुआ था और दा विंची कोड से पहले घटित होता है। इसका फ़िल्मांकन रोम, इटली और कल्वर सिटी, कैलिफ़ोर्निया के सोनी पिक्चर्स स्टूडियो में किया गया। टॉम हैंक्स ने रॉबर्ट लैंगडन की मुख्य भूमिका दोहराई है, जबकि निर्देशक रॉन हावर्ड, निर्माता ब्रायन ग्रेज़र, संगीतकार हैन्स ज़िम्मर और पटकथा लेखक अकिवा गोल्ड्समैन की भी वापसी हुई है। .

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एक्लोग्यूस

एक्लोग्यूस इटली के प्रसिद्ध कवि दांते एलीगियरी की महान रचना है। उन्होंने इसे १३१९-१३२० के बीच रचा था। ये दो कविताएं क्रमशः ६७ और ९७ अनुच्छेदों की हैं। .

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एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर डिग्री

एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर (ईएम) या मास्टर ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज (एमएएस) मास्टर डिग्री का ही एक उन्नत स्तर है जो उन एक्ज़ीक्यूटिव पेशेवरों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई जो अपने करियर के मध्य अवस्था में हैं। डिग्री के आम शीर्षक कला के एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर, विज्ञान के एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर या व्यवसाय प्रशासन के एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर, संचार के एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर या मानवीय रसद और प्रबंधन (एमएएसएचएलएम) में उन्नत अध्ययन के एक्ज़ीक्यूटिव मास्टर जैसे क्षेत्र विशिष्ट खिताब हैं। .

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ऐडमिरल

ऐडमिरल (Admiral) या नौसेनाध्यक्ष किसी देश या राज्य की नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी या अधिकारियों को कहा जाता है। तुलना के लिए यह पद थलसेना के 'जनरल' या 'सेनापति' के बराबर समझा जाता है। .

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ऐन्डर्स सेल्सियस

उप्साला, स्वीडन (२७ नवंबर १७०१ – २५ अप्रैल १७४४) एक स्वीडिश खगोलज्ञ थे। ये उप्साला विश्वविद्यालय, स्वीडन में १७३०-१७४४ तक प्रोफेसर रहे और १७३२ से १७३५ तक जर्मनी, इटली एवं फ्रांस की उल्लेखानीय वेधशालाओं की यात्राएं कीं। इन्होंने ही १७४१ में उप्साला विश्वविद्यालय वेधशाला की स्थापना की। १७४२ में इन्होंने सेल्सियस तापमान स्केल प्रस्तावित किया। इस स्केल को बाद में कार्ल लीनियस ने १७४५ में इसे बदल दिया। .

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ऐन्नियुस क्विंतुस

ऐन्नियुस क्विंतुस (ई.पू. 239–169) को 'रोमन कविता का जनक' कहा जाता है। इनका जन्म इटली के दक्षिणपूर्व में कलाब्रिया प्रदेश के रूपदियाए नामक स्थान में हुआ था। ग्रीक, ऑस्कन और लातीनी, तीनों भाषाओं का अच्छा ज्ञाता होने के कारण ऐन्नियुस कहा करता था कि मुझे तीन हृदय प्राप्त है। युवावस्था में वह सेना में सैंचरियन (शताध्यक्ष) पद पर पहुँच गया था। कातो नामक जननायक इसको रोम ले गया। रोम में निवास आरंभ करने के थोड़े समय पश्चात्‌ ऐन्नियुस ने काव्यरचना आरंभ की। यहाँ उसका रोम के प्रभावशाली नेताओं से परिचय हुआ। यह मार्कुस के साथ ईतोलिया के अभियान में भी गया था जिसका वर्णन उसने अपने नाटकों में किया है। इसकी मृत्यु गठिया रोग से ई. र्पू.

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ऐली लार्टर

ऐली लार्टर के नाम से प्रख्यात ऐलिसन एलिज़ाबेथ लार्टर (जन्म 28 फ़रवरी 1976) एक अमेरिकन अभिनेत्री हैं। वे एनबीसी टीवी के विज्ञान कथा ड्रामा हीरोज़ पर निकि सैन्डर्स और ट्रेसी स्ट्रास की दोहरी भूमिकाओं के लिए जानी जातीं हैं। ऐली लार्टर का जन्म चैरी हिल, न्यू जर्सी में हुआ था। उनकी माँ मार्गरेट एक रियाल्टार हैं और उनके पिता डैन्फ़ोर्ड लार्टर एक ट्रकिंग कार्यकारी हैं। उनकी बड़ी बहन कर्स्टन एक शिक्षिका हैं। ऐली के मॉडलिंग करियर की शुरुआत तब हुई जब 14 वर्ष की उम्र में में उन्हें एक मॉडलिंग स्काउट ने राह चलते देखा.

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डाटदार पुल

डाटदार पुल (Arc Bridge) डाटदार पुल या चाप सेतु (arch bridge) ऐसा पुल होता है जिसमें दोनो सिरों पर सहारा देने वाले स्तम्भों के उपर एक चापनुमा संरचना होती है। .

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डिएगो माराडोना

डिएगो आर्मैन्ड़ो माराडोना (30 अक्टूबर 1960 को लानुस, ब्यूनस आयर्स में जन्म) अर्जेन्टीना के एक पूर्व फ़ुटबॉल खिलाड़ी और अर्जेन्टीना के राष्ट्रीय टीम के वर्तमान प्रबंधक हैं। उन्हें व्यापक रूप से आज तक का सबसे बेहतरीन फ़ुटबॉल खिलाड़ी माना जाता है। FIFA प्लेयर ऑफ़ दी सेंचुरी पुरस्कार के लिए उन्हें इंटरनेट मतदान में सर्वप्रथम स्थान मिला और उन्होंने पेले के साथ पुरस्कार में साझेदारी की। अंतिम बार 30 मई 2006 को पुनः प्राप्त अपने पेशेवर क्लब कॅरियर के दौरान माराडोना ने अर्जेंटिनोस जूनियर, बोका जूनियर्स, बार्सिलोना, सेविला, नेवेल्स ओल्ड बॉय और नापोली के लिए खेलते हुए अनुबंध शुल्क लेने में विश्व रिकोर्ड कायम किया। अपने अंतर्राष्ट्रीय कॅरियर में, अर्जेन्टीना के लिए खेलते हुए, उन्होंने 91 कैप्स अर्जित किए और 34 गोल किए। उन्होंने चार FIFA विश्व कप टूर्नामेंटों में खेला, जिसमें 1986 का विश्व कप शामिल था, इसमें उन्होंने अर्जेन्टीना की कप्तानी की और टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ट खिलाड़ी होने का गोल्डन बॉल पुरस्कार जीता और निर्णायक मुकाबले में वेस्ट जर्मनी पर जीत हासिल की। उसी टूर्नामेंट के क्वार्टर-फाइनल दौर में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ़ 2-1 की जीत में 2 गोल दागे, जो फ़ुटबॉल के इतिहास में दर्ज हो गए, हालांकि दो बिल्कुल ही अलग कारणों के लिए। पहला गोल एक दंड मुक्त हैंडबॉल था जिसे "हैंड ऑफ़ गॉड" के नाम से जाना जाता है, जबकि दूसरा गोल एक शानदार 6 मीटर की दूरी से और छह इंग्लैंड के खिलाड़ियों के बीच से निकाला गया एक गोल था, जो आम तौर पर "दी गोल ऑफ़ दी सेंचुरी" के नाम से जाना जाता है। विभिन्न कारणों से, माराडोना को खेल जगत का एक सर्वाधिक विवादास्पद और समाचार-योग्य व्यक्तित्व माना जाता है। इटली में कोकीन के लिए डोपिंग परीक्षण में विफल होने के कारण 1991 में उन्हें 15 महीनों के लिए निलंबित कर दिया गया और USA में चल रहे 1994 के वर्ल्ड कप के दौरान एफेड्रीन का उपयोग करने के कारण उन्हें घर भेज दिया गया। 1997 में अपने 37वें जन्मदिन पर खेल से रिटायर होने के बाद www.vivadiego.com.

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डेमलर एजी

डेमलर एजी (Daimler AG) (पूर्व नाम डेमलर क्रिसलर (DaimlerChrysler)) एक जर्मन कार कंपनी है। यह दुनिया की तेरहवीं सबसे बड़ी कार निर्माता और दूसरी सबसे बड़ी ट्रक निर्माता कंपनी है। ऑटोमोबाइल के अलावा डेमलर बसों का भी निर्माण करती है और अपनी डेमलर फाइनेंशियल सर्विसेस शाखा के माध्यम से वित्तीय सेवा भी प्रदान करती है। एरोस्पेस समूह ईएडीएस में भी कंपनी का बहुत बड़ी हिस्सेदारी है, जो एक उच्च प्रौद्योगिकी कंपनी होने के साथ-साथ वोडाफोन मैक्लारेन मर्सडीज रेसिंग टीम मैक्लारेन ग्रुप (जो फ़िलहाल एक पूर्ण रूप से स्वतंत्र स्वचलित कंपनी बनने की प्रक्रिया में है) और जापानी ट्रक निर्माता कंपनी मित्सुबिशी फूसो ट्रक एण्ड बस कॉर्पोरेशन की मूल कंपनी है। डेमलर क्रिसलर की स्थापना (1998–2007), 1998 में जर्मनी के स्टटगार्ट की मर्सडीज-बेंज निर्माता कंपनी डेमलर-बेंज (1926–1998) और अमेरिका आधारित क्रिसलर कॉर्पोरेशन के विलय के साथ हुई थी। इस सौदे से एक नई कंपनी डेमलर क्रिसलर का जन्म हुआ। हालांकि इस खरीदारी से अटलांटिक के परे की एक शक्तिशाली ऑटोमोटिव कंपनी का निर्माण न हो सका जिसकी उम्मीद सौदा करने वालों ने की थी और डेमलर क्रिसलर ने 14 मई 2007 को यह घोषणा की कि यह क्रिसलर को न्यूयॉर्क की सेर्बेरस कैपिटल मैनेजमेंट नामक एक प्राइवेट इक्विटी फर्म को बेच देगी जिसे संकटग्रस्त कंपनियों के पुनर्गठन में विशेषज्ञता प्राप्त है। 4 अक्टूबर 2007 को डेमलर क्रिसलर के शेयरधारकों की एक आसाधारण बैठक में कंपनी के पुनर्नामकरण पर मंजूरी दी गई। 5 अक्टूबर 2007 को इस कंपनी को डेमलर एजी नाम दिया गया। 3 अगस्त 2007 को बिक्री का काम पूरा होने पर अमेरिकी कंपनी ने क्रिसलर एलएलसी नाम रख लिया। डेमलर कई ब्रांड नामों के तहत कारों और ट्रकों का निर्माण करती है, जिनमें शामिल हैं मर्सडीज-बेंज, मेबैक, स्मार्ट और फ्रेटलाइनर.

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डेविड बेखम

डेविड रॉबर्ट जोसफ बेखम, accessdate.

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डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार

डॉ॰ जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार केन्द्री हिन्दी संस्थान द्वारा किसी जाने माने विदेशी को उसकी हिन्दी सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है। इसे १९९४ में प्रारंभ किया गया था। अभी तक इसे प्राप्त करनेवाले प्रमुख हिन्दी विद्वान इस प्रकार हैं- .

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डॉन ब्रैडमैन

सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रेडमैन (27 अगस्त 1908-25 फ़रवरी 2001), जिन्हें प्रायः द डॉन कहा जाता है, ऑस्ट्रेलिया के एक क्रिकेट खिलाड़ी थे जिन्हें विश्व का महानतम् बल्लेबाज माना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी का औसत ९९़.९७ था जिसे प्रायः किसी भी बड़े खेल में किसी भी खिलाड़ी द्वारा अर्जित सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। कम उम्र में ही डॉन ने करियर की ऊँछाइयों को छू लिया था। २२ वर्ष की आयु पूरी होने तक तो उन्होंनें कई कीर्तिमान बना दिए थे, जिनमें से कुछ तो अभी भी कायम हैं। अपने २० वर्ष के क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने निरंतरता से प्रदर्शन करते हुए इतने रन बनाए जो, भूतपूर्व अॉस्ट्रिलेयाई कप्तान बिल वुडफुल के शब्दों में- तीन बल्लेबाजों के बराबर तो होंगे। इनसे पार पाने के लिए इंगलैण्ड की टीम के द्वारा बॉडीलाइन जैसी विवादास्पद तरकीबें भी इजाद की गईं। कप्तान और प्रशासक के रूप में ब्रैडमैन हमेशा आक्रामक और रोमांचक क्रिकेट के लिए समर्पित रहे। उन्हें देखने रिकॉर्डतोड़ भीड़ उमड़ पड़ती थी। वे अपनी लगातार प्रसिद्धी से असहज रहते थे और इससे उनका व्यवहार भी प्रभावित हुआ। वे एक तनहाईपसंद तरह के इंसान समझे जाते थे। सेवानिवृत्ति के पश्चात् भी वे तीन दशकों तक तक प्रशासक, चयनकर्ता व लेखक के रूप में क्रिकेट की सेवा करते रहे। २००१ में जब इन्हें सेवानिवृत्त हुए ५० वर्ष से भी अधिक का समय हो गया था, एक समय में ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने इन्हें महानतम जीवित ऑस्ट्रेलियन कहा था। ब्रैडमैन के चित्र के साथ डाक टिकटें भी जारी हुईं, सिक्के भी ढाले गए। इनके जीवित रहते ही इनके नाम पर एक संग्रहालय भी बनाया जा चुका था। २७ अगस्त २००८ को इनकी जन्मशती पर ऑस्ट्रेलिया में $५ मूल्य की स्वर्णमुद्राएँ भी जारी की गईं। १९ नवम्बर २००९ को डॉन ब्रैडमैन को आईसीसी हाल ऑफ फेम में शामिल किया गया। .

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डी मोनार्किया

डी मोनार्किया इटली के प्रसिद्ध कवि दांते एलीगियरी की महान रचना है। यह धर्म-निरपेक्ष एवं धार्मिक शक्तियों पर एक टीका है। यह कृति लैटिन भाषा में रची गई है। इसका रचना काल है १३१२-१३१३ ई.। .

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डी वल्गारी एलोक्वेंटा

डी वल्गारी एलोक्वेंटा इटली के प्रसिद्ध कवि दांते एलीगियरी की महान रचना है। यह एक कविता संग्रह है। श्रेणी:दांते श्रेणी:महाकाव्य श्रेणी:इतालवी कविताएं श्रेणी:मध्यकालीन साहित्य श्रेणी:दांते की कृतियां.

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तम्बाकू धूम्रपान

तम्बाकू धूम्रपान एक ऐसा अभ्यास है जिसमें तम्बाकू को जलाया जाता है और उसका धुआं या तो चखा जाता है या फिर उसे सांस में खींचा जाता है। इसका चलन 5000-3000 ई.पू.के प्रारम्भिक काल में शुरू हुआ। कई सभ्यताओं में धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान इसे सुगंध के तौर पर जलाया गया, जिसे बाद में आनंद प्राप्त करने के लिए या फिर एक सामाजिक उपकरण के रूप में अपनाया गया। पुरानी दुनिया में तम्बाकू 1500 के दशक के अंतिम दौर में प्रचलित हुआ जहां इसने साझा व्यापारिक मार्ग का अनुसरण किया। हालांकि यह पदार्थ अक्सर आलोचना का शिकार बनता रहा है, लेकिन इसके बावज़ूद वह लोकप्रिय हो गया। जर्मन वैज्ञानिकों ने औपचारिक रूप से देर से 1920 के दशक के अन्त में धूम्रपान और फेफड़े के कैंसर के बीच के संबंधों की पहचान की जिससे आधुनिक इतिहास में पहले धूम्रपान विरोधी अभियान की शुरुआत हुई। आंदोलन तथापि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दुश्मनों की सीमा में पहुंचने में नाकाम रहा और उसके बाद जल्द ही अलोकप्रिय हो गया। 1950 में स्वास्थ्य अधिकारियों ने फिर से धूम्रपान और कैंसर के बीच के सम्बंध पर चर्चा शुरू की। वैज्ञानिक प्रमाण 1980 के दशक में प्राप्त हुए, जिसने इस अभ्यास के खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई पर जोर दिया। 1965 से विकसित देशों में खपत या तो क्षीण हुई या फिर उसमें गिरावट आयी। हालांकि, विकासशील दुनिया में बढ़त जारी है। तम्बाकू के सेवन का सबसे आम तरीका धूम्रपान है और तम्बाकू धूम्रपान किया जाने वाला सबसे आम पदार्थ है। कृषि उत्पाद को अक्सर दूसरे योगज के साथ मिलाया जाता है और फिर सुलगाया जाता है। परिणामस्वरूप भाप को सांस के जरिये अंदर खींचा जाता है फिर सक्रिय पदार्थ को फेफड़ों के माध्यम से कोशिकाओं से अवशोषित कर लिया जाता है। सक्रिय पदार्थ तंत्रिका अंत में रासायनिक प्रतिक्रियाओं को शुरू करती है जिससे हृदय गति, स्मृति और सतर्कता और प्रतिक्रिया की अवधि बढ़ जाती है। डोपामाइन (Dopamine) और बाद में एंडोर्फिन(endorphin) का रिसाव होता है जो अक्सर आनंद से जुड़े हुए हैं। 2000 में धूम्रपान का सेवन कुछ 1.22 बिलियन लोग करते थे। पुरुषों में महिलाओं की तुलना में धूम्रपान की संभावना अधिक होती हैं तथापि छोटे आयु वर्ग में इस लैंगिक अंतर में गिरावट आती है। गरीबों में अमीरों की तुलना में और विकसित देशों के लोगों में अमीर देशों की तुलना में धूम्रपान की संभावना अधिक होती है। धूम्रपान करने वाले कई किशोरावस्था में या आरम्भिक युवावस्था के दौरान शुरू करते हैं। आम तौर पर प्रारंभिक अवस्था में धूम्रपान सुखद अनुभूतियां प्रदान करता है, सकारात्मक सुदृढीकरण के एक स्रोत के रूप में कार्य करता है। एक व्यक्ति में कई वर्षों के धूम्रपान के बाद परिहार के लक्षण और नकारात्मक सुदृढीकरण उसे जारी रखने का प्रमुख उत्प्रेरक बन जाता है। .

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तारकनाथ दास

तारकनाथ दास या तारक नाथ दास (बंगला: তারকানাথ দাস, 15 जून 1884 - 22 दिसम्बर 1958), एक ब्रिटिश-विरोधी भारतीय बंगाली क्रांतिकारी और अंतर्राष्ट्रवादी विद्वान थे। वे उत्तरी अमेरिका के पश्चमी तट में एक अग्रणी आप्रवासी थे और टॉल्स्टॉय के साथ अपनी योजनाओं के बारे में चर्चा किया करते थे, जबकि वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के पक्ष में एशियाई भारतीय आप्रवासियों को सुनियोजित कर रहे थे। वे कोलंबिया विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर थे और साथ ही कई अन्य विश्वविद्यालयों में अतिथि प्रोफेसर के रूप में भी कार्यरत थे। .

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ताजमहल बांग्लादेश

पूर्ण ढाँचा निर्माणाधीन ताजमहल ताजमहल बांग्लादेश (बांग्ला: তাজ মহল বাংলাদেশ) मूल ताजमहल का एक प्रतिरूप है जो एक मुगल समाधि है और जो आगरा, भारत में स्थित है। यह प्रतिरूप बांग्लादेश की राजधानी ढाका से लगभग २९ किमी की दूरी पर स्थित एक स्थान सोनारगाँव में है। अपने मूल के विपरीत, इस भवन के निर्माण में केवल पाँच वर्ष लगे और कथित रूप इसके धनी मालिक ने इसपर ५.८ करोड़ डॉलर खर्च किए। अहसानुल्लाह मोनी, एक धनी बांग्लादेशी चलचित्र-निर्माता, ने यह बताया कि उन्होंने किस प्रकार यह प्रतिकृति बनाई ताकि उनके देश के निर्धन लोग पड़ोसी देश भारत के प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल को देखने का अपना सपना पूरा कर सकें। इस प्रतिकृति के निर्माण का भारत में विरोध किया गया। बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग का कहना है कि वह अहसानुल्लाह मोनी के विरूद्ध मूल भवन के कॉपीराइट के उल्लंघन का मुकदमा दायर करेगा। मूल भवन लगभग ३०० वर्ष पुराना है। मोनी का कहना है कि उन्होंने इटली से संगमरमर, बेल्जियम से हीरे और गुम्बद के लिए लगभग १६० किलो ताँबे का आयात किया है, पर कुछ लोगों का कहना है कि यह सम्पूर्ण प्रतिकृति नहीं है और यह उस सामान से नहीं बना है जिसका की दावा किया गया है। .

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तिचीनो कैन्टन

तिचीनो कैन्टन (इतालवी व अंग्रेज़ी: Ticino; जर्मन: Tessin, तेसीन) स्विट्ज़रलैंड का सबसे दक्षिणी कैन्टन (प्रान्त से मिलता-जुलता प्रशासनिक विभाग) है और उस देश का अकेला कैन्टन है जिसमें केवल इतालवी ही एकमात्र राजभाषा है। इस कैन्टन को सन् १८०३ में नेपोलियन बोनापार्ट ने स्विट्ज़रलैंड में हस्तक्षेप करते हुए अपने 'मध्यस्थता विधेयक' (Act of Mediation) के तहत स्विस परिसंघ का हिस्सा बना दिया था। इस का नाम यहाँ से गुज़रने वाली 'तिचीनो नदी' (Ticino) पर पड़ा है। स्विट्ज़रलैंड के ज़्यादातर इतालवी-भाषी लोग तिचीनो कैन्टन और ग्राउबुन्डन कैन्टन (दक्षिणी भाग) में बसे हुए हैं। इस कैन्टन के अन्दर एक 'काम्पियोने दितालिया' (Campione d'Italia) नामक छोटा-सा क्षेत्र है जो इस कैन्टन द्वारा पूरी तरह से घिरा होने के बावजूद स्विट्ज़रलैंड का नहीं बल्कि इटली का भाग है।, Let's Go Inc., Macmillan, 2004, ISBN 9780312335427, Random House Digital, Inc., 2007, ISBN 9781400017829 .

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तिरहेनियन सागर

तिरहेनियन सागर तिरहेनियन सागर या तिरहेनियाई सागर (इतालवी: Mar Tirreno, अंग्रेजी:Tyrrhenian Sea), भूमध्य सागर का एक भाग है, जिसका विस्तार इटली के पश्चिमी तट के साथ साथ है। तिरहेनियन सागर के उत्तर में इतालवी प्रायद्वीप, पश्चिम में सार्दिना और कॉर्सिका द्वीप, पूर्व में टस्कनी, लाज़िओ, कम्पानिया और कैलाब्रिया तथा दक्षिण में सिसिली स्थित है। उत्तर में इसका मिलन लिगुरियन सागर से होता है जबकि दक्षिण में यह आयोनियन सागर से मिलता है। .

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तिराना

तिराना (अल्बानियाई: Tiranë) अल्बानिया की राजधानी और सबसे बड़ा नगर है। २००८ के अनुमान के अनुसार यहाँ की जनसंख्या लगभग ९ लाख है। तिराना की स्थापना सुलेज्मन पाशा द्वारा १६१४ में की गई थी और १९२० यह नगर अल्बानिया की राजधानी बना। यह नगर १६१४ में सुलेज्मान पाशा द्वारा स्थापित किया गया था और १९२० में अल्बानिया की राज्धानी बना। तिराना नगरपालिका इशेम नदी के किनारे स्थित है और तिराना जिले में स्थित है। तिराना समुद्र तल से १०० मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और अधिकत ऊँचाई वाला बिन्दू १,८२८ मीटर पर स्थित है। इसके अतिरिक्त दो मुख्य नदियां यहाँ से होकर बहती हैं: लाने और तिराने। नगर में चार कृत्रिम झीले भी हैं: तिराना झील, कोदर-कामेज़ झील, फारका झील और टुफिना झील। यह नगर उसी समानान्तर पर स्थित है जिस पर नेपल्स, मैड्रिड और इस्तांबुल स्थित हैं और इसकी मध्याह्न रेखा वही है जो बुडापेस्ट और क्राकौव की है। .

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तिरुमलई नायक पैलेस

तिरुमलई नायक पैलेस मदुरै का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। इसका निर्माण 1636 में किया गया था। इटली के एक वास्तुकार ने राजा के लिए इसे बनाया था। राजा और उनका परिवार यहां रहते थे। स्वर्गविलास और रंगविलास महल के दो हिस्से हैं। इसके अलावा भी महल में अनेक स्थान हैं जहां पर्यटकों को जाने की अनुमति है। इस महल में घूमने के लिए प्रवेश शुल्क देना पड़ता है। कहा जाता है कि ब्रिटिश राज में इस जगह का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यो के लिए किया जाता था। अब इसकी देखरेख भारतीय पुरातत्व विभाग करता है और इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जा चुका है। शाम को यहां लाइट एंड साउंट शो का आयोजन किया जाता है जिसमें रोशनी और ध्वनि के माध्यम से राजा के जीवन और उनके मदुरै में शासन के बार में बताया जाता है। तिरुमलई नायक पैलेस श्रेणी:मदुरई श्रेणी:तमिल नाडु का पर्याटन.

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तिशिया

तिशिया इटली के महान चित्रकार थे। .

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त्यूतन जातियाँ

त्यूतन जातियाँ (ट्यूटानिक पीपुल्स Teutonic peoples) से यूरोप की उन जनजातियों का बोध होता है जो विभिन्न त्यूतन भाषाओं में से कोई भी एक बोलती हैं; उदाहरणार्थ -- ब्रिटिश द्वीपसमूहों के अंग्रेजी भाषाभाषी लोग; जर्मनी, आस्रिया-हंगरी तथा स्विट्जरलैंड के जर्मन भाषाभाषी लोग; बेल्जियम के फ्लेमिश भाषी निवासी, स्वीडन तथा नार्वे के स्कैडिनेवियन भाषी लोग; हालैंड तथा डेनमार्क के लगभग सभी निवासी; इटली तथा फ्रांस के जर्मन तथा फ्लेमिश भाषाएँ बोलनेवाले अल्पसंख्यक लोग, रूस में निवास करनेवाले जर्मन और स्वीडिश भाषा बोलनेवाले अधिकांश लोग तथा अमरीका, अफ्रीका और आस्ट्रेलेशिया में बसे हुए वे लोग जो मूलत: उपर्युक्त देशों से वहाँ गए। "जर्मानिक", "गोथिक" आदि संज्ञाओं की तरह ही "ट्यूटानिक" शब्द की उत्पत्ति अब विद्वानों के अनुसंधान का ही विषय रह गई है। सामान्य जन उनके एक ही मूल की बात अब भूल गए हैं। टासिटस के समय में लोगों को इसकी पूरी जानकारी थी। उसने जानपद कविताओं के जो उद्धरण दिए हैं उनमें त्यूतन जातियों के मूल पुरुषों का उल्लेख है। उन कविताओं में "मानुस" नामक एक व्यक्तिविशेष से "जर्मनी" की तीन मुख्य शाखाएँ उत्पन्न हुईं, ऐसा वर्णन है। प्राचीन अंग्रेजी कागज पत्रों में भी इन जातियों के मूल पुरुषों की वंशावलियाँ मिलती हैं। शारीरिक गठन और रंग की दृष्टि से आज इन जातियों में काफी भिन्नता पाई जाती है। लेकिन ये जातियाँ आज यूरोप की सर्वाधिक ऊँची तथा गोरी जातियाँ हैं। प्रारंभिक काल में ये विशेषताएँ बहुत ही स्पष्ट रहीं होंगी। ऊँचा डीलडौल तथा लंबा चेहरा जो आज यूरोप के सुदूर उत्तर भाग में पाया जाता है वैसा ही स्विट्जरलैंड तथा उसके आसपास के प्रदेशों की पुरानी श्मशान भूमि में गड़े कंकालों तथा खोपड़ियों में पाया जाता है। इन पुराने अवशेषों के आधार पर यह कहा जाता है कि आज की ट्यूटन जातियों तथा उस समय के इनके मूल पुरुषों में बहुत अधिक अंतर नहीं है। उत्तर प्रस्तरयुग के प्राप्त अवशेषों से इन जातियों के संबंध में अधिक जानकारी नहीं मिलती। लेकिन एल्ब की घाटी, मेक्लेनबुर्ग, हालस्टीन, जुटलैंड, दक्षिण स्वीडन तथा बेल्ट द्वीपों में हुए कांस्य युग संबंधी अनुसंधानों से त्यूतन जातियों की प्रारंभिक सभ्यता पर काफी प्रकाश पड़ता है। कला तथा समृद्धि की दृष्टि से ये लोग उन्नत थे तथा दक्षिणी सभ्यता से इनका व्यापार तथा आदान प्रदान चलता था, ऐसा दिखाई देता है। लौह युग के प्रारंभ से केल्टिक प्रभाव बढ़ता गया और दक्षिणी सभ्यता के केंद्रों से त्यूतन लोगों का संबंध धीरे धीरे टूटता गया। .

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तेज पत्ता (बे लीफ)

तेज पत्ता, बे लॉरेल के एक सुगन्धित पत्ते को सन्दर्भित करता है (लौरस नोबिलिस, लौरेसिया).

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तीसरे गुट का युद्ध

ऑस्टरलिट्ज़ की लड़ाई में नेपोलियन बोनापार्ट उल्म संग्राम में हारने के बाद ऑस्ट्रियाई सेनाध्यक्ष नेपोलियन को आत्म-समर्पण करते हुए तीसरे गुट का युद्ध (अंग्रेजी: War of the Third Coalition, वॉर ऑफ़ द थ़र्ड कोअलिशन) सन् १८०३ से १८०६ तक चलने वाला एक संग्राम था जिसमें ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, रूस और उनके कुछ अन्य साथी देशों के एक गुट को फ्रांस और उसके साथी देशों ने हरा दिया। इस युद्ध में फ्रांस की तरफ़ का नेतृत्व नेपोलियन बोनापार्ट ने किया। इस युद्ध का सिलसिला तब शुरू हुआ जब नेपोलियन ने इटली और जर्मनी में दख़लअंदाज़ी करनी शुरू करी और स्वयं को फ्रांस के साथ-साथ इटली का भी सम्राट घोषित कर दिया। उस समय फ्रांस और ब्रिटेन के बीच मुठभेड़ें जारी थीं। नेपोलियन की हरकतों से परेशान होकर ऑस्ट्रिया, रूस और ब्रिटेन आपस में मिल गए और "तीसरा गुट" नामक सम्मिलन बन गया। तीसरे गुट और फ़्रांसिसी गुट के दरम्यान यूरोप की भूमि पर कई जंगें हुईं, जिनमें नेपोलियन जीतता गया। इनमें १८०५ का उल्म संग्राम (Ulm Campaign) मशहूर है, जिसमें फ़्रांसिसी और बवारियाई (यानी जर्मनी के बवारिया प्रदेश की) मिलीजुली सेना ने ऑस्ट्रिया को मात दी। इसके बाद सन् १८०६ में ऑस्टरलिट्ज़ की लड़ाई (Battle of Austerlitz) में फ़्रांसिसी फ़ौजों ने रूसी-ऑस्ट्रियाई मिश्रित फ़ौज को भारी पराजय दी, जो तीसरे गुट से बर्दाश्त न हो पाई और यह गुट टूट गया। इसके बाद केवल ब्रिटेन ही नेपोलियन से लड़ता रह गया। नेपोलियन ने ब्रिटेन पर भी नौसैनिक आक्रमण करने की कोशिश करी थी लेकिन २१ अक्टूबर १८०५ में समुद्र पर लड़े गए ट्रफ़ैलगर के युद्ध में उसकी हार हुई। .

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थामस एक्विनास

थामस एक्विनास सेण्ट थॉमस एक्विनास (Thomas Aquinas; 1225 – 7 मार्च 1274) को मध्ययुग का सबसे महान राजनीतिक विचारक और दार्शनिक माना जाता है। वह एक महान विद्वतावादी (Scholastic) तथा समन्वयवादी था। प्रो॰ डनिंग ने उसको सभी विद्वतावादी दार्शनिकों में से सबसे महान विद्वतावादी माना है। सेण्ट एक्विनास ने न केवल अरस्तू और आगस्टाइन के बल्कि अन्य विधिवेत्ताओं, धर्मशास्त्रियों और टीकाकारों के भी परस्पर विरोधी विचारों में समन्वय स्थापित किया है। इसलिए एम॰ बी॰ फोस्टर ने उनको विश्व का सबसे महान क्रमबद्ध (systematic) विचारक कहा है। वास्तव में सेण्ट थॉमस एक्विनास ने मध्ययुग के समग्र राजनीतिक चिन्तन का प्रतिनिधित्व किया हैं फोस्टर के मतानुसार वह समूचे मध्यकालीन विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जैसा कि दूसरा कोई अकेले नहीं कर सका। .

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द प्रिंस

द प्रिंस इटली के नौकरशाह और राजनीतिक चिंतक निकोलो मैकियावेली की राजनीतिक कृति है। मूल रूप से यह प्रिसिपैटिबस थी, जो 1513 में मैकियावेली की मृत्यु के पांच साल बाद प्रकाशित हुई थी। आधुनिक दर्शन में द प्रिंस पहली रचना है। द प्रिस मैकियावेली की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से है। .

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द काउंट ऑफ़ मॉन्टे क्रिस्टो

द काउंट ऑफ़ मॉन्टे क्रिस्टो (The count of Monte Cristo, Le Comte de Monte-Cristo) एक रोमांचकारी उपन्यास है जिसके लेखक अलेक्सांद्रे डुमास है। यह लेखक के लोकप्रिय कार्यों में से एक है जिनमे द थ्री मस्किटियर्स भी शामिल है। इसका लेखन उन्होंने १८४४ में पूरा किया था। उपन्यास की कहानी फ़्रांस, इटली, व मेडिटेरेनियन द्वीपों और लेवांत में १८१५-१८३६ की एतिहासिक घटनाओं के रची गई है। .

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द अल्टीमेट वॉरियर

वॉरियर (जन्म जेम्स ब्रायन हेलविग; 16 जून 1959 - 8 अप्रैल 2014) एक सेवानिवृत अमेरिकी पेशेवर पहलवान थे। उन्हें मुख्य रूप से 1980 दशक के उत्तरार्ध और 1990 के दशक के प्रारम्भ में वर्ल्ड रेस्लिंग फेडेरेशन (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) में अल्टीमेट वॉरीयर के रूप में उनके प्रदर्शन के लिए जाना जाता था। उस दौरान उन्होंने रेसलमेनिया षष्टम् के मुख्य खेल में हल्क होगन को पिन करके डब्ल्यू डब्ल्यू एफ चैंपियनशिप जीती थी। हेलविग ने 1993 में कानूनी तौर पर अपना नाम बदल कर वॉरीयर रख लिया। उन्होंने हील और फेस, दोनों के रूप में कुश्ती की है। वो 1999 में वे पेशेवर कुश्ती से सेवानिवृत्त हुए और एक सार्वजनिक वक्ता के रूप में कैरियर की शुरूआत की। 25 जून 2008 में वे अपना आखिरी मैच खेलने के लिए लौटे और इतालवी नू-रेस्लिंग एवलुशन प्रोमोशन द्वारा बुक एक मैच में उन्होंने बार्सिलोना, स्पेन के ओरलांडो जोर्डन को परास्त किया। पेशेवर रेस्लिंग में वॉरिअर, पूर्व विश्व विजेता हैं और एक बार डबल्यूडबल्यूई चैम्पियनशिप जीता है। .

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दालचीनी

दालचीनी (Cinnamomum verum, या C. zeylanicum) एक छोटा सदाबहार पेड़ है, जो कि 10–15 मी (32.8–49.2 फीट) ऊंचा होता है, यह लौरेसिई (Lauraceae) परिवार का है। यह श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में बहुतायत में मिलता है। इसकी छाल मसाले की तरह प्रयोग होती है। इसमें एक अलग ही खुशबू होती है, जो कि इसे गरम मसालों की श्रेणी में रखती है। .

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दांते एलीगियरी

दाँते एलीगियरी (मई/जून १२६५ – १४ सितंबर, १३२१) मध्यकाल के इतालवी कवि थे। ये वर्जिल के बाद इटली के सबसे महान कवि कहे जाते हैं। ये इटली के राष्ट्रकवि भी रहे। उनका सुप्रसिद्ध महाकाव्य डिवाइन कॉमेडिया अपने ढंग का अनुपम प्रतीक महाकाव्य है। इसके अतिरिक्त उनका गीतिकाव्य वीटा न्युओवा, जिसका अर्थ है नया जीवन, अत्यंत मार्मिक कविताओं का एक संग्रह है, जिसमें उन्होंने अपनी प्रेमिका सीट्रिस की प्रेमकथा तथा २३ वर्षों में ही उसके देहावसान पर मार्मिक विरह कथा का वर्णन किया है। इनका जन्म यूरोप में, इटली में हुआ था। ये फ्लोरेंस के नागरिक थे। उनका परिवार प्राचीन था, फिर भी उच्चवर्गीय नहीं था। उनका जन्म उस समय हुआ जब मध्ययुगीन विचारधारा और संस्कृति के पुनरुत्थान का प्रारम्भ हो रहा था। राजनीति के विचारों और कला संबंधी मान्यताओं में भी परिवर्तन हो रहा था। दांते इटली के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं जिनके संबंध में अंग्रेज़ कवि शेली ने कहा है कि, दांते का काव्य उस सेतु के समान है जो काल की धारा पर बना है और प्राचीन विश्व को आधुनिक विश्व से मिलाता है। दांते ने लैटिन भाषा में ना लिखकर साधारण बोलचाल की इतालवी भाषा में अपना महाकाव्य लिखा मातृभाषा और लोकप्रचलित भाषा को अपनी महान कृतियों से गौरवान्वित किया। यह कार्य तुलसीदास के रामचरितमानस के भाषा में लिखने के समान था। वास्तव में यह समय विश्वभर में लोकभाषा की प्रतिष्ठा के आन्दोलन का समय था। भारत में भी रामानंद, ज्ञानेश्वर, नामदेव, विद्यापति, कबीर, सूर, तुलसीदास, इत्यादि ने इसी प्रकार लोकभाषा में साहित्य रचना का आन्दोलन किया।वास्तव में दांते का यह कार्य युगपरिवर्तन का शंखनाद था। इतालवी भाषा में डिवाइन कॉमेडिया द्वारा दांते का स्थान अमर है। दांते केवल कवि और विचारक ही नहीं थे, वरन वे राजनीतिक नेता और प्रशासक भी थे। उन्होंने फ्लोरेंस राज्य पर शासन भी किया। परन्तु उनके कला और काव्य-शास्त्र संबंधी विचार उनकी कृति दे वल्गरी एलोक्युओ में प्राप्त होते हैं। वे उत्कृष्ट कविता से ही संतुष्ट ना होकर यह भी बताते हैं, कि सर्वोत्कृष्ट कविता किन बातों पर निर्भर करती है। प्रेम जैसे विषयों को और लोकभाषाओं को अपनी रचनाओं में महत्त्व प्रदान करके उन्होंने ग्रीक और लैटिन परम्पराओं के विरुद्ध एक क्रांतिकारी पदान्यास किया। दांते के विचार से परिष्ठित सौष्ठवपूर्ण भाषा, उत्तम अभिव्यंजना शैली तथा उपयुक्त विषयवस्तु का सामंजस्य होने पर ही श्रेष्ठ रचना संभव हो सकती है। इस प्रकार दांते ने सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए भद्दे और ग्राम्य शब्दों को छोड़कर लोकभाषा से और शिष्टभाषा से भी उत्तम शब्दों का चयन कर अपने काव्य की रचना की है। दे वल्गरी एलोक्युओ ग्रन्थ की जॉर्ज सेंट्स्बरी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है। दांते के बाद इटली में उतना बड़ा महत्त्वपूर्ण काव्य चिन्तक क्रोचे के पूर्व नहीं हुआ। .

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दिमितार बरबातोव

दिमितार इवानोव बरबातोव (बल्गेरियाई भाषा में: Димитър Иванов Бербатов; जन्म 30 जनवरी 1981) इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनाइटेड के स्ट्राइकर के रूप में खेलने वाले एक बल्गेरियाई फुटबॉलर हैं और बल्गेरिया की नेशनल टीम के अब तक के लीडिंग गोल-स्कोरर हैं। उन्होंने ह्रिस्टो स्टोइचकोव को पीछे छोड़ते हुए छह बार बल्गेरियाई फुटबॉलर ऑफ द इयर पुरस्कार जीता है। कुशल और आसान लगने वाली खेलने की स्टाइल उनकी खासियत है, जिसकी वजह से उन्हें प्रशंसा तो मिली है लेकिन साथ ही उन्हें "सुस्त" भी समझा गया है। ब्लेगीवग्राद में जन्मे बरबातोव ने अपना फुटबॉल करियर स्थानीय क्लब पिरिन ब्लेगीवग्राद से शुरू किया था, लेकिन 1998 में 17 वर्ष की उम्र में वे सीएसकेए सोफिया में शामिल हो गये। जनवरी 2001 में उन्हें बेयर लीवरकुसेन ने साइन किया और 18 महीने बाद 2002 में उन्होंने अपना पहला यूईएफए चैम्पियन्स लीग फाइनल रियल मैड्रिड के खिलाफ थॉमस बर्डेरिक के सब्स्टीटयूट के तौर पर खेला। साढ़े पांच साल तक लीवरकुसेन के साथ रहने के बाद उन्हें टॉटनहैम हॉटस्पर ने साइन किया। इसके दो साल बाद वे मैनचेस्टर यूनाइटेड में शामिल हुए.

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दक्षिण अमेरिका

दक्षिण अमेरिका (स्पेनी: América del Sur; पुर्तगाली: América do Sul) उत्तर अमेरिका के दक्षिण पूर्व में स्थित पश्चिमी गोलार्द्ध का एक महाद्वीप है। दक्षिणी अमेरिका उत्तर में १३० उत्तरी अक्षांश (गैलिनस अन्तरीप) से दक्षिण में ५६० दक्षिणी अक्षांश (हार्न अन्तरीप) तक एवं पूर्व में ३५० पश्चिमी देशान्तर (रेशिको अन्तरीप) से पश्चिम में ८१० पश्चिमी देशान्तर (पारिना अन्तरीप) तक विस्तृत है। इसके उत्तर में कैरीबियन सागर तथा पनामा नहर, पूर्व तथा उत्तर-पूर्व में अन्ध महासागर, पश्चिम में प्रशान्त महासागर तथा दक्षिण में अण्टार्कटिक महासागर स्थित हैं। भूमध्य रेखा इस महाद्वीप के उत्तरी भाग से एवं मकर रेखा मध्य से गुजरती है जिसके कारण इसका अधिकांश भाग उष्ण कटिबन्ध में पड़ता है। दक्षिणी अमेरिका की उत्तर से दक्षिण लम्बाई लगभग ७,२०० किलोमीटर तथा पश्चिम से पूर्व चौड़ाई ५,१२० किलोमीटर है। विश्व का यह चौथा बड़ा महाद्वीप है, जो आकार में भारत से लगभग ६ गुना बड़ा है। पनामा नहर इसे पनामा भूडमरुमध्य पर उत्तरी अमरीका महाद्वीप से अलग करती है। किंतु पनामा देश उत्तरी अमरीका में आता है। ३२,००० किलोमीटर लम्बे समुद्रतट वाले इस महाद्वीप का समुद्री किनारा सीधा एवं सपाट है, तट पर द्वीप, प्रायद्वीप तथा खाड़ियाँ कम हैं जिससे अच्छे बन्दरगाहों का अभाव है। खनिज तथा प्राकृतिक सम्पदा में धनी यह महाद्वीप गर्म एवं नम जलवायु, पर्वतों, पठारों घने जंगलों तथा मरुस्थलों की उपस्थिति के कारण विकसित नहीं हो सका है। यहाँ विश्व की सबसे लम्बी पर्वत-श्रेणी एण्डीज पर्वतमाला एवं सबसे ऊँची टीटीकाका झील हैं। भूमध्यरेखा के समीप पेरू देश में चिम्बोरेजो तथा कोटोपैक्सी नामक विश्व के सबसे ऊँचे ज्वालामुखी पर्वत हैं जो लगभग ६,०९६ मीटर ऊँचे हैं। अमेजन, ओरीनिको, रियो डि ला प्लाटा यहाँ की प्रमुख नदियाँ हैं। दक्षिण अमेरिका की अन्य नदियाँ ब्राज़ील की साओ फ्रांसिस्को, कोलम्बिया की मैगडालेना तथा अर्जेण्टाइना की रायो कोलोरेडो हैं। इस महाद्वीप में ब्राज़ील, अर्जेंटीना, चिली, उरुग्वे, पैराग्वे, बोलिविया, पेरू, ईक्वाडोर, कोलोंबिया, वेनेज़ुएला, गुयाना (ब्रिटिश, डच, फ्रेंच) और फ़ाकलैंड द्वीप-समूह आदि देश हैं। .

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दुर्गा बायरामोव

दुर्दी बायरामोव (रूसी: Дурды Байрамов, अप्रैल 14,1938 - फरवरी 14, 2014) एक शिक्षाविद् और कलाकार थे जिनको अपने देश के सर्वोच्च मानद उपाधि, “तुर्कमेनी जनता के कलाकार” से सम्मानित किया गया था। उनके तुर्कमेनी मूल निवासी भाषा में, दुर्दी बायरामोव का नाम केवल “दुर्दी बयरम” है (बिना स्लाव शैली; "ov" का प्रत्यय सोवियत युग के दौरान नामों का रूसिकरण करने के लिए जोड़ा गया) है। "बयरम " नाम तुर्कमेन भाषा में अर्थ “ उत्सव" है। .

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द्वितीय चीन-जापान युद्ध

द्वितीय चीन-जापान युद्ध चीन तथा जापान के बीच 1937-45 के बीच लड़ा गया था। 1945 में अमेरिका द्वारा जापान पर परमाणु बम गिराने के साथ ही जापान ने समर्पण कर दिया और युद्ध की समाप्ति हो गई। इसके परिणामस्वरूप मंचूरिया तथा ताईवान चीन को वापस सौंप दिए गए जिसे जापान ने प्रथम चीन-जापान युद्ध में उससे लिया था। 1941 तक चीन इसमें अकेला रहा। 1941 में जापान द्वारा पर्ल हार्बर पर किए गए आक्रमण के बाद यह द्वितीय विश्व युद्ध का अंग बन गया। .

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द्वंद्वयुद्ध

थाइलैण्ड में द्वन्द्वयुद्ध को निरूपित करती मूर्ति दो विरोधी व्यक्तियों या दलों के बीच, पूर्वनिश्चित तथा जाने माने नियमों के अनुसार प्रचलित शस्त्रों द्वारा युद्ध को द्वंद्वयुद्ध कहते हैं। ऐसे युद्ध प्राचीन काल में बहुत से देशों में प्रचलित थे। इनके प्रचलन के मूल में यह विश्वास था कि इन युद्धों में ईश्वर उसी को जिताता है जिसके पक्ष में न्याय होता है। .

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दैवज्ञ

जॉन विलियम वाटरहाउस द्वारा रचित "दैवज्ञ से परामर्श"; जिसमे आठ महिला पुरोहितों को भविष्यवाणी के एक मंदिर में दिखाया गया है प्राचीन पुरातनता में, दैवज्ञ एक व्यक्ति या एजेंसी को कहा जाता था जिसे ईश्वरप्रेरित बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह या भविष्यसूचक (पूर्वकथित) विचार, भविष्यवाणियों या पूर्व ज्ञान का एक स्रोत माना जाता था। इस प्रकार यह भविष्यवाणी का एक रूप है। इस शब्द की उत्पत्ति लैटिन क्रिया ōrāre (अर्थात "बोलना") से हुई है एवं यह सही-सही भविष्यवाणी करने वाले पुजारी या पुजारिन को संदर्भित करता है। विस्तृत प्रयोग में, दैवज्ञ अपने स्थल, एवं यूनानी भाषा में khrēsmoi (χρησμοί) कहे जाने वाले दैवीय कथनों को भी संदर्भित कर सकता है। देवज्ञों को ऐसा प्रवेश-द्वार माना जाता था जिसके माध्यम से ईश्वर मनुष्य से सीधे बात करते थे। इस अर्थ में, वे भविष्यद्रष्टाओं (manteis, μάντεις) से भिन्न होते थे जो पक्षियों के चिह्नों, पशु की अंतरियों एवं अन्य विभिन्न विधियों के माध्यम से ईश्वर के द्वारा भेजे गए प्रतीकों की व्याख्या करते थे।फ्लॉवर, माइकल एत्यह.

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देशों के दूरभाष कूट की सूची

यह ITU-T की सिफारिश E.164 के अनुसार देशों की दूरभाष कुट सँख्या कि सुची है। .

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देशी भाषाओं में देशों और राजधानियों की सूची

निम्न चार्ट विश्व के देशों को सूचीबद्ध करता है (जैसा की यहां परिभाषित किया गया है), इसमें उनके राजधानीयों के नाम भी शामिल है, यह अंग्रेजी के साथ साथ उस देश की मूल भाषा और/या सरकारी भाषा में दी गयी है। ज टी की कोण नॉन en .

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देशी संगीत (कंट्री म्यूजिक)

देशी संगीत (या देशी और पाश्चात्य) पारंपरिक और लोकप्रिय संगीतात्मक रूपों का एक मिश्रण है, जो दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडाई समुद्र तटीय क्षेत्रों में पाया जाता है, जो 1920 के दशक में तेजी से विकसित होना शुरू हुआ था।पीटरसन, रिचर्ड ए. (1999).

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देस्पासीतो

देस्पासीतो या डेस्पासिटो (हिन्दी: "धीरे-धीरे") पोर्टो रीको के गायक लुइ फोंसी तथा रैपर डैडी यांकी द्वारा उनकी आगामी स्टूडियो एल्बम से एक एकल स्पेनिश गीत है। १२ जनवरी २०१७ को, यूनिवर्सल म्यूज़िक लैटिन ने "देस्पासीतो" और उसके म्यूजिक वीडियो को जारी किया, जिसमें दोनों कलाकार पोर्टो रीको के ओल्ड सान जुआन के ला पेर्ला क्षेत्र में, और स्थानीय बार ला फैक्टोरिया में गीत का प्रदर्शन करते दिखते हैं। इस गीत को फोंसी, एरिका एन्डर, और डैडी यांकी ने लिखा है, और मौरिसियो रेंगफो तथा एन्ड्रेस टॉरेस द्वारा इसका संगीत निर्मित किया गया है। १७ अप्रैल २०१७ को कनाडाई गायक जस्टिन बीबर के साथ गीत का एक रीमिक्स संस्करण रिलीज़ किया गया, जिसने कई देशों में, खासकर अंग्रेजी भाषी क्षेत्रों में गीत के प्रदर्शन में सुधार करने में मदद की। पॉप-रेगेटन शैली का यह गीत व्यावसायिक रूप से फ़ॉन्सी और डैडी याकी का सबसे सफल एकल गीत बना। यह गीत ४७ देशों के संगीत चार्ट में शीर्ष पर रहा, और दस अन्य देशों के शीर्ष १० में इसने जगह बनायी। १९९६ में "माकारीना (बेयसाइड बॉयज मिक्स)" के बाद "बिलबोर्ड हॉट १००" के शीर्ष पर पहुँचने वाला यह पहला स्पैनिश गीत है। ४२ हफ्तों तक "बिलबोर्ड हॉट लैटिन सांग्स" चार्ट के शीर्ष पर रहा यह गीत इस सूची में सबसे लंबे समय तक शीर्ष पर रहा है। अगस्त २०१७ में यूट्यूब पर तीन अरब व्यूज तक पहुँचते ही यह अब तक का सबसे ज्यादा देखा गया गीत बन गया। इसके अतिरिक्त साइट पर तीन और चार अरब व्यूज तक पहुंचने वाला भी यह पहला वीडियो है। यह गाना २७ देशों में २०१७ के दो सर्वश्रेष्ठ एकल गीतों में से एक था। "देस्पासीतो" को संगीत आलोचकों से अनुकूल समीक्षाएं प्राप्त हुई, जिन्होंने इसके लैटिन और अर्बन संगीत के फ्यूजन, और इसकी गतिशीलता की सराहना की। इसे १८वें वार्षिक लैटिन ग्रैमी पुरस्कारों में रिकार्ड ऑफ द ईयर, सॉन्ग ऑफ द ईयर, बेस्ट अर्बन फ्यूजन/परफॉर्मेंस, और बेस्ट शोर्ट फॉर्म म्यूजिक वीडियो के पुरस्कार प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त इस गीत के रीमिक्स संस्करण को भी ६०वें ग्रैमी पुरस्कारों में रिकार्ड ऑफ़ द ईयर, सॉन्ग ऑफ द ईयर और सर्वश्रेष्ठ पॉप डुओ/ग्रुप प्रदर्शन के लिए नामांकित किया गया। २०१७ में, "डेस्पासिटो" को बिलबोर्ड द्वारा हर समय के पांचवें सर्वश्रेष्ठ लैटिन गीत का दर्जा दिया गया था और यह टाइम, बिलबोर्ड और रोलिंग स्टोन पत्रिकाओं की वर्ष के शीर्ष दस गीतों की सूची में था। .

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देवयानी खोब्रागड़े

देवयानी खोब्रागड़े (जन्म: 1974, मुंबई, महाराष्ट्र) अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क में नियुक्त भारतीय उप महावाणिज्य दूत रह चुकी हैं। वे 1999 बैच की आईएफएस अधिकारी हैं तथा वर्तमान में न्यूयॉर्क में ही संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में कार्यरत हैं। .

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दोलमा

दोल्मा बाल्कन, काकेशस, रूस और मध्य एशिया के समेत मध्य पूर्व और आसपास के इलाक़ों में बनता आम सब्ज़ी वाला पकवान है। भराई सामग्री की आम सब्ज़ियों में टमाटर, मिर्च, प्याज़, शकरकन्द, बैंगन, और लहसुन शामिल हैं। भराई में गोश्त को शामिल करना ज़रूरी नहीं है। गोश्त दोमा को आम तौर पर गर्मा-गर्म अंडा-नींबू या लहसुन की चटनी से परोसा जाता है और बिना गोश्त वालों को ठण्डा परोसा जाता है। भराई सामग्री की सब्ज़ियों को इटालवी पकवान में ripieni "रिपिएनी" कहते है। अंगूर या गोभी पत्तों के पकवान जिसको भरत से भी लपेटा होता है, उसको दोलमा या यपर्क दोलमा (पत्तों का दोलमा) भी कहते है। .

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दीना तलात

दीना तलात सैयद मुहम्मद (دينا طلعت سيد محمد.; जन्म २७ मार्च, १९६५),; १९६४) मिस्र की बेली डांसर और अभिनेत्री है। उन्हें अमरिकी पत्रिका न्यूजवीक द्वारा "आखिरी मिस्र नर्तकी" के तौर पर नामांकित किया गया था।  उन्हें दर्शन शास्त्र में मास्टर की डिग्री प्राप्त है। .

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नथुराम विनायक गोडसे

नथुराम विनायक गोडसे, या नथुराम गोडसे(१९ मई १९१० - १५ नवंबर १९४९) एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी समर्थक थे, जिसने ३० जनवरी १९४८ को नई दिल्ली में गोली मारकर मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या कर दी थी। गोडसे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुणे से पूर्व सदस्य थे। गोडसे का मानना था कि भारत विभाजन के समय गांधी ने भारत और पाकिस्तान के मुसलमानों के पक्ष का समर्थन किया था। जबकि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अपनी आंखें मूंद ली थी। गोडसे ने नारायण आप्टे और ६ लोगों के साथ मिल कर इस हत्याकाण्ड की योजना बनाई थी। एक वर्ष से अधिक चले मुकद्दमे के बाद ८ नवम्बर १९४९ को उन्हें मृत्युदंड प्रदान किया गया। हालाँकि गांधी के पुत्र, मणिलाल गांधी और रामदास गांधी द्वारा विनिमय की दलीलें पेश की गई थीं, परंतु उन दलीलों को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, महाराज्यपाल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी एवं उपप्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल, तीनों द्वारा ठुकरा दिया गया था। १५ नवम्बर १९४९ को गोडसे को अम्बाला जेल में फाँसी दे दी गई। .

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नाटो

नाटो गठबंधन का ध्वज उत्‍तरी एटलांटिक संधि संगठन (नार्थ एटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नाटो)) एक सैन्य गठबंधन है, जिसकी स्थापना ४ अप्रैल १९४९ को हुई। इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में है। संगठन ने सामूहिक सुरक्षा की व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत सदस्य राज्य बाहरी हमले की स्थिति में सहयोग करने के लिए सहमत होंगे। गठन के शुरुआत के कुछ वर्षों में यह संगठन एक राजनीतिक संगठन से अधिक नहीं था। लेकिन कोरियाई युद्ध ने सदस्य देशों को प्रेरक का काम किया और दो अमरीकी सर्वोच्च कमांडरों के दिशानिर्देशन में एक एकीकृत सैन्य संरचना निर्मित की गई। लॉर्ड इश्मे पहले नाटो महासचिव बने, जिनकी संगठन के उद्देश्य पर की गई टिप्पणी, "रुसियों को बाहर रखने, अमरीकियों को अंदर और जर्मनों को नीचे रखने" (के लिए गई है।) खासी चर्चित रही। यूरोपीय और अमरीका के बीच रिश्तों की तरह ही संगठन की ताकत घटती-बढ़ती रही। इन्हीं परिस्थितियों में फ्रांस स्वतंत्र परमाणु निवारक बनाते हुए नाटो की सैनिक संरचना से १९६६ से अलग हो गया। १९८९ में बर्लिन की दीवार के गिरने के बाद संगठन का पूर्व की तरफ बाल्कन हिस्सों में हुआ और वारसा संधि से जुड़े हुए अनेक देश १९९९ और २००४ में इस गठबंधन में शामिल हुए। १ अप्रैल २००९ को अल्बानिया और क्रोएशिया के प्रवेश के साथ गठबंधन की सदस्य संख्या बढ़कर २८ हो गई। संयुक्त राज्य अमेरिका में ११ सितंबर २००१ के आतंकवादी हमलों के बाद नाटो नई चुनौतियों का सामना करने के लिए नए सिरे से तैयारी कर रहा है, जिसके तहत अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों की और इराक में प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है। बर्लिन प्लस समझौता नाटो और यूरोपीय संघ के बीच १६ दिसम्बर २००२ को बनाया का एक व्यापक पैकेज है, जिसमें यूरोपीय संघ को किसी अंतरराष्ट्रीय विवाद की स्थिति में कार्रवाई के लिए नाटो परिसंपत्तियों का उपयोग करने की छूट दी गई है, बशर्ते नाटो इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता हो। नाटो के सभी सदस्यों की संयुक्त सैन्य खर्च दुनिया के रक्षा व्यय का ७०% से अधिक है, जिसका संयुक्त राज्य अमेरिका अकेले दुनिया का कुल सैन्य खर्च का आधा हिस्सा खर्च करता है और ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली १५ % खर्च करते हैं। .

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नाना साहेब

अपने रक्षकों के साथ '''नाना साहेब''' नाना साहेब (जन्म १८२४ - १८५७ के पश्चात से गायब) सन १८५७ के भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम के शिल्पकार थे। उनका मूल नाम 'धोंडूपंत' था। स्वतंत्रता संग्राम में नाना साहेब ने कानपुर में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोहियों का नेतृत्व किया। .

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नापोलि

नेपोलि (ग्रीक: नेपोलिस, अंग्रेज़ी: नेपल्स) इटली का तीसरा सबसे बड़ा नगर है और दक्षिण-पश्चिमी तट पर बसा है। ऐतिहासिक रूप से यह एक यूनानी उपनिवेश हुआ करता था जो ईसापूर्व चौथी सदी में रोमन साम्राज्य का अंग बन गया। रोमनों के पतन के बाद जर्मन और जर्मानी और इसके बाद सोलहवीं सदी में स्पेन शासनाधीन रहा। श्रेणी:इटली के नगर श्रेणी:इटली में विश्व धरोहर स्थल.

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नाभिकीय ऊर्जा

इकाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र, एक दबावयुक्त जल रिएक्टर जो समुद्र के साथ माध्यमिक शीतलक विनिमय द्वारा ठंडा करता है। सुसक्युहाना वाष्प विद्युत् केंद्र, एक उबलता जल रिएक्टर. रिएक्टर, शीतलक टावरों के सामने की ओर आयताकार रोकथाम इमारतों के अंदर स्थित हैं। परमाणु ऊर्जा चालित तीन जहाज, (ऊपर से नीचे) परमाणु क्रूजर USS बेनब्रिज और USS लोंग ब्रिज, USS इंटरप्राइज़ के साथ जो 1964 में पहला परमाणु संचालित विमान वाहक. चालक दल के सदस्य, उड़ान डेक पर आइंस्टीन के द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता सूत्र को लिख रहे हैं E.

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निर्मला श्रीवास्तव

निर्मला श्रीवास्तव (21 मार्च 1923 – 23 फ़रवरी 2011), (विवाह पूर्व: निर्मला साल्वे), जिन्हें अधिकतर लोग श्री माताजी निर्मला देवी के नाम से जानते हैं, सहज योग, नामक एक नये धार्मिक आंदोलन की संस्थापक थीं। उनके स्वयं के बारे में दिये गये इस वकतव्य कि वो, आदि शक्ति का पूर्ण अवतार थीं, को 140 देशों में बसे उनके अनुयायी, मान्यता प्रदान करते हैं। .

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निजी अंतरराष्ट्रीय कानून

निजी अंतर्राष्ट्रीय कानून (Private international law) से तात्पर्य उन नियमों से है जो किसी राज्य द्वारा ऐसे वादों का निर्णय करने के लिए चुने जाते हैं जिनमें कोई विदेशी तत्व होता है। इन नियमों का प्रयोग इस प्रकार के वाद विषयों के निर्णय में होता है जिनका प्रभाव किसी ऐसे तथ्य, घटना अथवा संव्यवहार पर पड़ता है जो किसी अन्य देशीय विधि प्रणाली से इस प्रकार संबद्ध है कि उस प्रणाली का अवलंबन आवश्यक हो जाता है। 'निजी अंतर्राष्ट्रीय कानून' नाम से ऐसा बोध होता है कि यह विषय अंतर्राष्ट्रीय कानून की ही शाखा है। परंतु वस्तुतः ऐसा है नहीं। निजी अंतर्राष्ट्रीय कानून और सार्वजनिक अंतर्राष्ट्रीय कानून (Public international law) में किसी प्रकार की पारस्परिकता नहीं है। .

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निकोलाई निकोलिएविश

निकोलाई निकोलिएविश ग्रांड ड्यूक निकोलाई निकोलिएविश रोमानोव (रूसी: Николай Николаевич Романов; 6 नवम्बर 1856 – 5 जनवरी 1929) रूस के सेनानायक था जिसने प्रथम विश्वयुद्ध के प्रथम वर्ष में रूसी सेना का नेतृत्व किया। वह निकोलस प्रथम का पौत्र तथा अलेक्सांदर तृतीय का चचेरा भाई था। .

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निकोलो मैकियावेली

मैकियावेली की प्रतिकृति निकोलो मैकियावेली (Niccolò di Bernardo dei Machiavelli) (३ मई १४६९ - २१ जून १५२७) इटली का राजनयिक एवं राजनैतिक दार्शनिक, संगीतज्ञ, कवि एवं नाटककार था। पुनर्जागरण काल के इटली का वह एक प्रमुख व्यक्तित्व था। वह फ्लोरेंस रिपब्लिक का कर्मचारी था। मैकियावेली की ख्याति (कुख्याति) उसकी रचना द प्रिंस के कारण है जो कि व्यावहारिक राजनीति का महान ग्रन्थ स्वीकार किया जाता है। मैकियावेली आधुनिक राजनीति विज्ञान के प्रमुख संस्थापकों में से एक माने जाते हैं। वे एक कूटनीतिज्ञ, राजनीतिक दार्शनिक, संगीतज्ञ, कवि और नाटककार थे। सबसे बड़ी बात कि वे फ्लोरिडा गणराज्य के नौकरशाह थे। 1498 में गिरोलामो सावोनारोला के निर्वासन और फांसी के बाद मैकियावेली को फ्लोरिडा चांसलेरी का सचिव चुना गया। लियानार्डो द विंसी की तरह, मैकियावेली पुनर्जागरण के पुरोधा माने जाते हैं। वे अपनी महान राजनीतिक रचना, द प्रिंस (राजनीतिक शास्त्र), द डिसकोर्स और द हिस्ट्री के लिए मशहूर हुए जिनका प्रकाशन उनकी मृत्यु (1532) के बाद हुआ, हालांकि उन्होंने निजी रूप इसे अपने दोस्तों में बांटा। एकमात्र रचना जो उनके जीवनकाल में छपी वो थी द आर्ट ऑफ वार.

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नवपाषाण युग

अनेकों प्रकार की निओलिथिक कलाकृतियां जिनमें कंगन, कुल्हाड़ी का सिरा, छेनी और चमकाने वाले उपकरण शामिल हैं नियोलिथिक युग, काल, या अवधि, या नव पाषाण युग मानव प्रौद्योगिकी के विकास की एक अवधि थी जिसकी शुरुआत मध्य पूर्व: फस्ट फार्मर्स: दी ओरिजंस ऑफ एग्रीकल्चरल सोसाईटीज़ से, पीटर बेल्वुड द्वारा, 2004 में 9500 ई.पू.

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न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त

कोई भी वस्तु ऊपर से गिरने पर सीधी पृथ्वी की ओर आती है। ऐसा प्रतीत होता है, मानो कोई अलक्ष्य और अज्ञात शक्ति उसे पृथ्वी की ओर खींच रही है। इटली के वैज्ञानिक, गैलिलीयो गैलिलीआई ने सर्वप्रथम इस तथ्य पर प्रकाश डाला था कि कोई भी पिंड जब ऊपर से गिरता है तब वह एक नियत त्वरण से पृथ्वी की ओर आता है। त्वरण का यह मान सभी वस्तुओं के लिए एक सा रहता है। अपने इस निष्कर्ष की पुष्टि उसने प्रयोगों और गणितीय विवेचनों द्वारा की है। न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण का नियम इसके बाद सर आइज़क न्यूटन ने अपनी मौलिक खोजों के आधार पर बताया कि केवल पृथ्वी ही नहीं, अपितु विश्व का प्रत्येक कण प्रत्येक दूसरे कण को अपनी ओर आकर्षित करता रहता है। दो कणों के बीच कार्य करनेवाला आकर्षण बल उन कणों की संहतियों के गुणनफल का (प्रत्यक्ष) समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग का व्युत्क्रमानुपाती होता है। कणों के बीच कार्य करनेवाले पारस्परिक आकर्षण को गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) तथा उससे उत्पन्न बल को गुरुत्वाकर्षण बल (Force of Gravitation) कहा जाता है। न्यूटन द्वारा प्रतिपादित उपर्युक्त नियम को न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम (Law of Gravitation) कहते हैं। कभी-कभी इस नियम को "गुरुत्वाकर्षण का प्रतिलोम वर्ग नियम" (Inverse Square Law) भी कहा जाता है। उपर्युक्त नियम को सूत्र रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है: मान लिया m1 और संहति वाले m2 दो पिंड परस्पर d दूरी पर स्थित हैं। उनके बीच कार्य करनेवाले बल F का मान होगा:; F .

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नैपोलियन तृतीय

नैपोलियन तृतीय लुई नैपोलियन् बोनापार्ट (२० अप्रैल १८०८ - ९ जनवरी १८७३ ई.) फ्रांसीसी रिपब्लिक का प्रथम राष्ट्रपति तथा नैपोलियन तृतीय के रूप में द्वितीय फ्रांसीसी साम्राज्य का शासक था। वह नैपोलियन प्रथम का भतीजा तथा उत्तराधिकारी था। .

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नेपल्स की खाड़ी

नेपल्स की खाड़ी नेपल्स की खाड़ी, इटली के दक्षिण पश्चिमी तट पर नेपल्स प्रांत के कम्पानिया क्षेत्र में स्थित एक 10 मील चौड़ी खाड़ी है। यह पश्चिम में भूमध्य सागर से मिलती है। इसके उत्तर में नेपल्स और पोज़्ज़ुओली शहर, पूर्व में वेसुवियस पर्वत और दक्षिण में सॉरेंटाइन प्रायद्वीप स्थित है। इस प्रायद्वीप का सबसे प्रमुख शहर सोरेंतो है। यह प्रायद्वीप नेपल्स की खाड़ी को सलेर्नो की खाड़ी से अलग करता है। इस खाड़ी में काप्री, इस्किया और प्रोचिदा द्वीप स्थित हैं। यह इटली का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है क्योंकि इसके निकट पॉम्पेइ और हर्कुलेनियम के रोमन भग्नावशेष स्थित है, यह नगर सन 79 ई. वेसुवियस ज्वालामुखी के उद्गार के परिणामस्वरूप नष्ट हो गये थे। इस खाड़ी में 1960 में रोम में हुए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के दौरान नौकायन प्रतियोगितायें आयोजित की गयी थीं। .

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नेपोलियन बोनापार्ट

नेपोलियन बोनापार्ट (15 अगस्त 1769 - 5 मई 1821) (जन्म नाम नेपोलियोनि दि बोनापार्टे) फ्रान्स की क्रान्ति में सेनापति, 11 नवम्बर 1799 से 18 मई 1804 तक प्रथम कांसल के रूप में शासक और 18 मई 1804 से 6 अप्रैल 1814 तक नेपोलियन I के नाम से सम्राट रहा। वह पुनः 20 मार्च से 22 जून 1815 में सम्राट बना। वह यूरोप के अन्य कई क्षेत्रों का भी शासक था। इतिहास में नेपोलियन विश्व के सबसे महान सेनापतियों में गिना जाता है। उसने एक फ्रांस में एक नयी विधि संहिता लागू की जिसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है। वह इतिहास के सबसे महान विजेताओं में से एक था। उसके सामने कोई रुक नहीं पा रहा था। जब तक कि उसने 1812 में रूस पर आक्रमण नहीं किया, जहां सर्दी और वातावरण से उसकी सेना को बहुत क्षति पहुँची। 18 जून 1815 वॉटरलू के युद्ध में पराजय के पश्चात अंग्रज़ों ने उसे अन्ध महासागर के दूर द्वीप सेंट हेलेना में बन्दी बना दिया। छः वर्षों के अन्त में वहाँ उसकी मृत्यु हो गई। इतिहासकारों के अनुसार अंग्रेज़ों ने उसे संखिया (आर्सीनिक) का विष देकर मार डाला। .

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नेपोलियन के युद्ध

नेपोलियन बोनापार्ट जब तक सत्ता में रहा युद्धों में उलझा रहा जिनसे सारा यूरोप त्रस्त था। इन युद्धों को सम्मिलित रूप से नेपोलियन के युद्ध (Napoleonic Wars) कहा जाता है। १८०३ से लेकर १८१५ तक कोई साठ युद्ध उसने लड़े थे जिसमें से सात में उसकी पराजय हुई (अधिकांशतः अपने अन्तिम दिनों में)। इन युद्धों के फलस्वरूप यूरोपीय सेनाओं में क्रान्तिकारी परिवर्तन हुए। परम्परागत रूप से इन युद्धों को १९७२ में फ्रांसीसी क्रांति के समय शुरू हुए क्रांतिकारी युद्धों की शृंखला में ही रखा जाता है। आरम्भ में फ्रांस की शक्ति बड़ी तेजी से बढ़ी और नैपोलियन ने यूरोप का अधिकांश भाग अपने अधिकार में कर लिया। १८१२ में रूस पर आक्रमण करने के बाद फ्रांस का बड़ी तेजी से पतन हुआ। .

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नीलगिरी (यूकलिप्टस)

नीलगिरी मर्टल परिवार, मर्टसिया प्रजाति के पुष्पित पेड़ों (और कुछ झाडि़यां) की एक भिन्न प्रजाति है। इस प्रजाति के सदस्य ऑस्ट्रेलिया के फूलदार वृक्षों में प्रमुख हैं। नीलगिरी की 700 से अधिक प्रजातियों में से ज्यादातर ऑस्ट्रेलिया मूल की हैं और इनमें से कुछ बहुत ही अल्प संख्या में न्यू गिनी और इंडोनेशिया के संलग्न हिस्से और सुदूर उत्तर में फिलपिंस द्वीप-समूहों में पाये जाते हैं। इसकी केवल 15 प्रजातियां ऑस्ट्रेलिया के बाहर पायी जाती हैं और केवल 9 प्रजातियां ऑस्ट्रेलिया में नहीं होतीं.

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पन्ना

पन्ना, बेरिल (Be3Al2(SiO3)6) नामक खनिज का एक प्रकार है जो हरे रंग का होता है और जिसे क्रोमियम और कभी-कभी वैनेडियम की मात्रा से पहचाना जाता है।हर्ल्बट, कॉर्नेलियस एस.

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पर्यटन

Cairo), मिस्र. Granada) (स्पेन) में है, यूरोप के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। Parthenon) जो एथेंस, में है ग्रीस यूरोप में एक ऐसा प्राचीन स्मारक है जिसे लोग सबसे ज्यादा देखने आते हैं। America) में दूसरा सबसे बड़ा देश है जहाँ लोग सबसे अधिक घूमने आते हैं, दुनिया में इसका १० वां स्थान है। क्रमशः ऐसे स्थान रहें है जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते हैं। वेटिकन सिटी, दुनिया के ऐसे स्थानों में से एक है जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते हैं। Niagara Falls), संयुक्त राज्य अमेरिका-कनाडा सीमा, दुनिया के ऐसे स्थानों में से एक है जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते हैं। Disneyland), टोक्यो, जापान, घूमने के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थानों में से एक है। Statue of Liberty), घूमने के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थानों में से एक है। लंदन, युरोमोनिटर के अनुसार २००६ में एक ऐसा शहर था जहाँ लोग सबसे ज्यादा घूमने जाते थे। पर्यटन एक ऐसी यात्रा (travel) है जो मनोरंजन (recreational) या फुरसत के क्षणों का आनंद (leisure) उठाने के उद्देश्यों से की जाती है। विश्व पर्यटन संगठन (World Tourism Organization) के अनुसार पर्यटक वे लोग हैं जो "यात्रा करके अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाते हैं, यह दौरा ज्यादा से ज्यादा एक साल के लिए मनोरंजन, व्यापार, अन्य उद्देश्यों से किया जाता है, यह उस स्थान पर किसी ख़ास क्रिया से सम्बंधित नहीं होता है। पर्यटन दुनिया भर में एक आरामपूर्ण गतिविधि के रूप में लोकप्रिय हो गया है। २००७ में, ९०३ मिलियन से अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन के साथ, २००६ की तुलना में ६.६ % की वृद्धि दर्ज की गई। २००७ में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक प्राप्तियां USD ८५६ अरब थी।खंड ६ नं २ विश्व अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताओं के बावजूद, २००८ के पहले चार महीनों में आगमन में ५ % की वृद्धि हुई, यह २००७ में समान अवधि में हुई वृद्धि के लगभग समान थी। कई देशों जैसे इजिप्ट, थाईलैंड और कई द्वीप राष्ट्रों जैसे फिजी के लिए पर्यटन बहुत महत्वपूर्ण है, क्यों कि अपने माल और सेवाओं के व्यापार से ये देश बहुत अधिक मात्रा में धन प्राप्त करते हैं और सेवा उद्योग (service industries) में रोजगार के अवसर पर्यटन से जुड़े हैं। इन सेवा उद्योगों में परिवहन (transport) सेवाएँ जैसे क्रूज पोत और टैक्सियाँ, निवास स्थान जैसे होटल और मनोरंजन स्थल और अन्य आतिथ्य उद्योग (hospitality industry) सेवाएँ जैसे रिज़ोर्ट शामिल हैं। .

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पर्सी बिश शेली

पर्सी बयसी शेली (१७९२-१८२२) अंग्रेजी स्वच्छंदतावाद कविता के महान कवि थे। उन्हें आलोचकों द्वारा अंग्रेजी कविता के सर्वेशेष्ठ गीत कवि के रूप मैं माना जाता है। उनकी कविता में तत्कालीन राजनैतिक और सामाजिक दृश्य देखे जा सकते हैं। शेली ने अपने जीवनकाल में अधिक प्रशिद्धि प्राप्त नहीं की लेकिन मृत्यु के बाद उनकी प्रशिद्धि काफी बढ़ गयी।Isadora Duncan, "My Life ", W. W. Norton & Co.,1996, pp.

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पलेर्मो

यह इटली का एक प्रमुख नगर है। श्रेणी:इटली के नगर.

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पश्चिमी संस्कृति

पश्चिमी संस्कृति (जिसे कभी-कभी पश्चिमी सभ्यता या यूरोपीय सभ्यता के समान माना जाता है), यूरोपीय मूल की संस्कृतियों को सन्दर्भित करती है। यूनानियों के साथ शुरू होने वाली पश्चिमी संस्कृति का विस्तार और सुदृढ़ीकरण रोमनों द्वारा हुआ, पंद्रहवी सदी के पुनर्जागरण एवं सुधार के माध्यम से इसका सुधार और इसका आधुनिकीकरण हुआ और सोलहवीं सदी से लेकर बीसवीं सदी तक जीवन और शिक्षा के यूरोपीय तरीकों का प्रसार करने वाले उत्तरोत्तर यूरोपीय साम्राज्यों द्वारा इसका वैश्वीकरण हुआ। दर्शन, मध्ययुगीन मतवाद एवं रहस्यवाद, ईसाई एवं धर्मनिरपेक्ष मानवतावाद की एक जटिल श्रृंखला के साथ यूरोपीय संस्कृति का विकास हुआ। ज्ञानोदय, प्रकृतिवाद, स्वच्छंदतावाद (रोमेन्टिसिज्म), विज्ञान, लोकतंत्र और समाजवाद के प्रयोगों के साथ परिवर्तन एवं निर्माण के एक लंबे युग के माध्यम से तर्कसंगत विचारधारा विकसित हुई.

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पसीने की बीमारी

पसीने की बीमारी, जिसे "अंग्रेज़ी Sweating Sickness " (sudor anglicus) के नाम से भी जाना जाता है, एक रहस्यमय और उच्च विषमय रोग था, जिससे 1485 में शुरु होने वाली महामारी की श्रृंखला में, इंग्लैंड और बाद में महाद्वीपीय यूरोप अत्यधिक प्रभावित हुआ। इसका अंतिम प्रकोप 1551 में आया था, जिसके बाद स्पष्टतया रोग गायब हो गया। लक्षणों की शुरुआत नाटकीय और आकस्मिक थी, जिसमें मौत एक घंटे के अंदर हो जाती थी। इसका कारण अब भी अज्ञात है। हंटा वायरस को इसका एक कारण माना जाता रहा है। .

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पहला विश्व युद्ध

पहला विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक मुख्य तौर पर यूरोप में व्याप्त महायुद्ध को कहते हैं। यह महायुद्ध यूरोप, एशिया व अफ़्रीका तीन महाद्वीपों और समुंदर, धरती और आकाश में लड़ा गया। इसमें भाग लेने वाले देशों की संख्या, इसका क्षेत्र (जिसमें यह लड़ा गया) तथा इससे हुई क्षति के अभूतपूर्व आंकड़ों के कारण ही इसे विश्व युद्ध कहते हैं। पहला विश्व युद्ध लगभग 52 माह तक चला और उस समय की पीढ़ी के लिए यह जीवन की दृष्टि बदल देने वाला अनुभव था। क़रीब आधी दुनिया हिंसा की चपेट में चली गई और इस दौरान अंदाज़न एक करोड़ लोगों की जान गई और इससे दोगुने घायल हो गए। इसके अलावा बीमारियों और कुपोषण जैसी घटनाओं से भी लाखों लोग मरे। विश्व युद्ध ख़त्म होते-होते चार बड़े साम्राज्य रूस, जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी (हैप्सबर्ग) और उस्मानिया ढह गए। यूरोप की सीमाएँ फिर से निर्धारित हुई और अमेरिका निश्चित तौर पर एक 'महाशक्ति ' बन कर उभरा। .

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पार्मा एफ.सी.

पार्मा फुटबॉल क्लब आमतौर पर सिर्फ पर्मा के रूप में संदर्भित किया जाता है, पार्मा में आधारित एक इतालवी पेशेवर फुटबॉल क्लब है। यह दिसंबर 1913 में वेर्दि फुटबॉल क्लब के रूप में स्थापित हुआ था, 1923 के बाद से, क्लब स्टेडियो एन्नियो टारडीनी में अपने घरेलू मैच खेलता है। पर्मा घरेलू लीग खिताब कभी जीता नहीं पर यह घरेलू कोप्पा इटालिया जीता है और यह यूरोपीय मोर्चे पर एक शीर्ष क्लब है, यह क्लब यूरोपीय मोर्चे पर दो युइएफए कप, एक यूरोपीय सुपर कप और एक युइएफए कप विनर्स कप जीता है। यूरोप में उनके प्रदर्शन के कारण इतालवी लीग के स्थापित शक्तियों के प्रभुत्व को एक धमकी थी। हाल ही में, पर्मा के वित्तीय परेशानियों ने क्लब की महत्वाकांक्षाओं को सीमित कर दिया है। क्लब की हमेशा से अपने अकादमी से युवा खिलाड़ियों के विकास की नीति रही है। .

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पास्ता

सर्पिल पास्ता पास्ता (Pasta) इटली का व्यंजन है। यह यूरोप व अमेरिका के रेस्तराओं में खूब चलती है। पास्ता के अनेकों प्रकार उपलब्ध हैं। पास्ता की खूबी है कि इसे आप मिनटों में घर पर तैयार कर सकते हैं। यह काफी हद तक चीनी नूड्ल्स से मिलता है, क्योंकि यह आटे से तैयार किया जाता है। कई लोग तो पास्ता को सलाद या अल्पाहार (स्नैक्स) के तौर पर लेना पसंद करते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्यकर भी होता है और यह कई विटामिनों का स्रोत भी हए। पास्ता को अमूमन जैतून के तेल में पकाया जाता है और इसमें गोभी, मटर व गाजर डाल कर भी तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा कई लोग रसेदार पास्ता भी बनाते हैं, ताकि वह सर्दी में पास्ता को सूप के रूप में खा सकें। बाजार में पास्ता कई आकारों में उपलब्ध है, जिसमें नलिकाकार, गोलाकार व भरवां खास हैं। बच्चों को मसाला पास्ता व चीज पास्ता सबसे ज्यादा पसंद आते हैं। .

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पाविया

उतरी इटली का एक शहर। श्रेणी:यूरोपीय नगर श्रेणी:इटली के नगर.

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पांपेई

पंपेई के रोमनकालीन भग्नावशेष पांपेई (Pompei) दक्षिणी इटली के नेप्लीज (Naples) प्रान्त का एक नगर और कम्यून है। यह प्राचीन रोमकालीन भग्नावशेषों (ruins) के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष २०१० में यहाँ की जनसंख्या 25,671 थी। .

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पाओलो माल्डिनी

पाओलो कैजर माल्डिनी (1968 में 26 जून को इटली के मिलान में जन्म) एक अवकाश प्राप्त इतालवी फुटबॉल रक्षक हैं। उन्होंने 40 वर्ष की उम्र में अवकाश लेने के पहले अपने करियर के सभी 25 सीजन में सिर्फ सेरी ए क्लब मिलान के लिए खेला। उस अवधि के दौरान माल्डिनी ने पांच बार यूईएफए (UEFA) चैंपियंस लीग और साथ ही साथ सात सेरी ए खिताब, एक कोप्पा इटालिया, पांच सुपरकोप्पा इटालियाना, पांच यूरोपीय सुपर कप, दो अंतर्महाद्वीपीय कप जीता.

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पाइथागोरस

सामोस के पाईथोगोरस (Ὁ Πυθαγόρας ὁ Σάμιος, ओ पुथागोरस ओ समिओस, "पाईथोगोरस दी समियन (Samian)," या साधारण रूप से; उनका जन्म 580 और 572 ई॰पू॰ के बीच हुआ और मृत्यु 500 और 490 ई॰पू॰ के बीच हुई), या फ़ीसाग़ोरस, एक अयोनिओयन (Ionian) ग्रीक (Greek)गणितज्ञ (mathematician) और दार्शनिक थे और पाईथोगोरियनवाद (Pythagoreanism) नामक धार्मिक आन्दोलन के संस्थापक थे। उन्हें अक्सर एक महान गणितज्ञ, रहस्यवादी (mystic) और वैज्ञानिक (scientist) के रूप में सम्मान दिया जाता है; हालाँकि कुछ लोग गणित और प्राकृतिक दर्शन में उनके योगदान की संभावनाओं पर सवाल उठाते हैं। हीरोडोट्स उन्हें "यूनानियों के बीच सबसे अधिक सक्षम दार्शनिक" मानते हैं। उनका नाम उन्हें पाइथिआ (Pythia) और अपोलो से जोड़ता है; एरिस्तिपस (Aristippus) ने उनके नाम को यह कह कर स्पष्ट किया कि "वे पाइथियन (पाइथ-) से कम सच (एगोर-) नहीं बोलते थे," और लम्ब्लिकास (Iamblichus) एक कहानी बताते हैं कि पाइथिआ ने भविष्यवाणी की कि उनकी गर्भवती माँ एक बहुत ही सुन्दर, बुद्धिमान बच्चे को जन्म देगी जो मानव जाती के लिए बहुत ही लाभकारी होगा। (The Savisier-) उन्हें मुख्यतः पाईथोगोरस की प्रमेय (Pythagorean theorem) के लिए जाना जाता है, जिसका नाम उनके नाम पर दिया गया है। पाइथोगोरस को "संख्या के जनक" के रूप में जाना जाता है, छठी शताब्दी ईसा पूर्व में धार्मिक शिक्षण और दर्शनमें उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूर्व सुकराती (pre-Socratic) काल के अन्य लोगों की तुलना में उनके कार्य ने कथा कहानियों को अधिक प्रभावित किया, उनके जीवन और शिक्षाओं के बारे में अधिक विश्वास के साथ कहा जा सकता है। हम जानते हैं कि पाइथोगोरस और उनके शिष्य मानते थे कि सब कुछ गणित से सम्बंधित है और संख्याओं में ही अंततः वास्तविकता है और गणित के माध्यम से हर चीज के बारे में भविष्यवाणी की जा सकती है तथा हर चीज को एक ताल बद्ध प्रतिरूप या चक्र के रूप में मापा जा सकता है। लम्बलीकस (Iamblichus) के अनुसार, पाइथोगोरस ने कहा कि "संख्या ही विचारों और रूपों का शासक है और देवताओं और राक्षसों का कारण है।" वो पहले आदमी थे जो अपने आप को एक दार्शनिक, या बुद्धि का प्रेमी कहते थे, और पाइथोगोरस के विचारों ने प्लेटो पर एक बहुत गहरा प्रभाव डाला। दुर्भाग्य से, पाइथोगोरस के बारे में बहुत कम तथ्य ज्ञात हैं, क्योंकि उन के लेखन में से बहुत कम ही बचे हैं। पाइथोगोरस की कई उपलब्धियां वास्तव में उनके सहयोगियों और उत्तराधिकारियों की उपलब्धियां हैं। पाईथोगोरस का जन्म सामोस (Samos) में हुआ, जो एशिया माइनर (Asia Minor) के किनारे पर, पूर्वी ईजियन में एक यूनानी द्वीप है। उनकी माँ पायथायस (समोस की निवासी) और पिता मनेसार्चस (टायर (Tyre) के एक फोनिसियन (Phoenicia) व्यापारी) थे। जब वे जवान थे तभी उन्होंने, अपने जन्म स्थान को छोड़ दिया और पोलिक्रेट्स (Polycrates) की अत्याचारी (tyrannical) सरकार से बच कर दक्षिणी इटलीमें क्रोटोन (Croton) केलेब्रिया (Calabria) में चले गए। लम्ब्लिकस (Iamblichus) के अनुसार थेल्स (Thales) उनकी क्षमताओं से बहुत अधिक प्रभावित था, उसने पाइथोगोरस को इजिप्त में मेम्फिस (Memphis) को चलने और वहाँ के पुजारियों के साथ अध्ययन करने की सलाह दी जो अपनी बुद्धि के लिए जाने जाते थे। वे फोनेशिया में टायर और बैब्लोस में शिष्य बन कर भी रहे। इजिप्ट में उन्होंने कुछ ज्यामितीय सिद्धांतों को सिखा जिससे प्रेरित होकर उन्होंने अंततः प्रमेय दी जो अब उनके नाम से जानी जाती है। यह संभव प्रेरणा बर्लिन पेपाइरस (Berlin Papyrus) में एक असाधारण समस्या के रूप में प्रस्तुत है। समोस से क्रोटोन (Croton), केलेब्रिया (Calabria), इटली, आने पर उन्होंने एक गुप्त धार्मिक समाज की स्थापना की जो प्रारंभिक ओर्फिक कल्ट (Orphic cult) से बहुत अधिक मिलती जुलती थी और संभवतः उससे प्रभावित भी थी। Vatican) पाइथोगोरस ने क्रोटन के सांस्कृतिक जीवन में सुधर लाने की कोशिश की, नागरिकों को सदाचार का पालन करने के लिए प्रेरित किया और अपने चारों और एक अनुयायियों का समूह स्थापित कर लिया जो पाइथोइगोरियन कहलाते हैं। इस सांस्कृतिक केन्द्र के संचालन के नियम बहुत ही सख्त थे। उसने लड़कों और लड़कियों दोनों के liye सामान रूप से अपना विद्यालय खोला.जिन लोगों ने पाइथोगोरस के सामाज के अंदरूनी हिस्से में भाग लिए वे अपने आप को मेथमेटकोई कहते थे। वे स्कूल में ही रहते थे, उनकी अपनी कोई निजी संपत्ति नहीं थी, उन्हें मुख्य रूप से शाकाहारी भोजन खाना होता था, (बलि दिया जाने वाला मांस खाने की अनुमति थी) अन्य विद्यार्थी जो आस पास के क्षेत्रों में रहते थे उन्हें भी पाइथोगोरस के स्कूल में भाग लेने की अनुमति थी। उन्हें अकउसमेटीकोई के नाम से जाना जाता था और उन्हें मांस खाने और अपनी निजी सम्पति रखने की अनुमति थी। रिचर्ड ब्लेक्मोर ने अपनी पुस्तक दी ले मोनेस्ट्री (१७१४) में पाइथोगोरियनो के धार्मिक प्रेक्षणों को बताया, "यह इतिहास में दर्ज संन्यासी जीवन का पहला उदाहरण था। लम्ब्लिकास (Iamblichus) के अनुसार, पाइथोगोरस ने धार्मिक शिक्षण, सामान्य भोजन, व्यायाम, पठन और दार्शनिक अध्ययन से युक्त जीवन का अनुसरण किया। संगीत इस जीवन का एक आवश्यक आयोजन कारक था: शिष्य अपोलो के लिए नियमित रूप से मिल जुल कर भजन गाते थे; वे आत्मा या शरीर की बीमारी का इलाज करने के लिए वीणा (lyre) का उपयोग करते थे; याद्दाश्त को बढ़ाने के लिए सोने से पहले और बाद में कविता पठन किया जाता था। फ्लेवियस जोजेफस (Flavius Josephus), एपियन के विरुद्ध (Against Apion), यहूदी धर्म की रक्षा में ग्रीक दर्शनशास्त्र (Greek philosophy) के खिलाफ कहा कि समयरना के हर्मिपस (Hermippus of Smyrna) के अनुसार पाइथोगोरस यहूदी विश्वासों से परिचित था, उसने उनमें से कुछ को अपने दर्शन में शामिल किया। जिंदगी के अंतिम चरण में उसके और उसके अनुयायियों के खिलाफ क्रोतों के एक कुलीन सैलों (Cylon) द्वारा रचित शाजिश की वजह से वह मेतापोंतुम (Metapontum) भाग गया। वह अज्ञात कारणों से मेटापोंटम म में ९० साल की उम्र में मर गया। बर्ट्रेंड रसेल, ने पश्चिमी दर्शन के इतिहास (History of Western Philosophy), में बताया कि पाइथोगोरस का प्लेटो और अन्य लोगों पर इतना अधिक प्रभाव था कि वह सभी पश्चिमी दार्शनिकों में सबसे ज्यादा प्रभावी माना जाता था। .

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पिएर पॉल प्रूधों

स्वचित्र पिएर पॉल प्रूधों (Pierre-Paul Prud'hon; १७५८-१८२३) नेपोलियन का दरबारी कलाकार था। प्रूधों का जन्म क्लूने में हुआ था। दीजों अकादमी में उसने चित्रकला की प्रारंभिक शिक्षा पाई। १७८० में वह पेरिस चला गया। बर्गडी का रोम पुरस्कार जीता। वह इटली में भी रहा। वहाँ उसकी कला पर रैफेल, करेज्जिओं तथा लियोनादों की कला का यथेष्ट प्रभाव पड़ा। १७८७ में वह पेरिस वापस आया और नेपोलियन के दरबार का कलाकार बना। वहाँ उसका मुख्य काम था नेपोलियन की रानियों को चित्रकला सिखाना तथा उनके चित्र बनाना। गृहसज्जा के चित्र बनाने में भी उसे विशेष अभिरुचि थी। .

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पितृ दिवस

फादर्स डे पिताओं के सम्मान में एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व हैं जिसमे पितृत्व (फादरहुड), पितृत्व-बंधन तथा समाज में पिताओं के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। अनेक देशों में इसे जून के तीसरे रविवार, तथा बाकी देशों में अन्य दिन मनाया जाता है। यह माता के सम्मान हेतु मनाये जाने वाले मदर्स डे(मातृ-दिवस) का पूरक है। .

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पितृवंश समूह टी

दुनिया में पितृवंश समूह टी का फैलाव - आंकड़े बता रहे हैं के किस इलाक़े के कितने प्रतिशत पुरुष इसके वंशज हैं मनुष्यों की आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में पितृवंश समूह टी या वाए-डी॰एन॰ए॰ हैपलोग्रुप T एक पितृवंश समूह है। यह पितृवंश स्वयं पितृवंश समूह के से उत्पन्न हुई एक शाखा है। इस पितृवंश के पुरुष भारतीय उपमहाद्वीप के कुछ समुदायों में मिलते हैं। दक्षिण भारत के येरुकाला आदिवासी, पश्चिम बंगाल के बाओड़ी जनजाति और राजस्थान के लोधा समुदाय के अधिकांश पुरुष इसके वंशज हैं। अफ़्रीका में सोमालिया और दक्षिणी मिस्र के पुरुषों में इसके वंशज भारी मात्रा में पाए जाते हैं। ईरान में केरमान शहर के पारसी समुदाय और दक्षिण-पश्चिमी ईरान के बख्तिआरी बंजारा समुदाय में भी इसके काफ़ी वंशज मिलते हैं। यूरोप में जर्मनी, इटली के सार्दिनिया द्वीप, स्पेन और पुर्तगाल में इसके सदस्य मिलते हैं। उत्तर-पूर्वी पुर्तगाल के यहूदी समुदाय में इसके वंशज भारी मात्रा में मौजूद हैं। माना जाता है के मूल पितृवंश समूह टी जिस पुरुष के साथ आरम्भ हुआ वह आज से २५,०००-३०,००० साल पहले मध्य पूर्व का रहने वाला था। .

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पियरे डेला

पियरे डेला इटली के महान चित्रकार थे। .

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पियानो के अभिगृहीत

गणितीय तर्क के सन्दर्भ में पियानो के अभिगृहीत (Peano axioms) प्राकृतिक संख्याओं से सम्बन्धित कुछ स्वयंसिद्ध कथन हैं जो १९वीं शताब्दी के इटली के गणितज्ञ गिउसेप्पी पियानो (Giuseppe Peano) द्वारा दिये गये थे। इन अभिगृहितों को लगभग बिना परिवर्तित किए ही अनेकानेक अधिगणितीय (metamathematical) कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। उदाहरण के लिए, इसका प्रयोग संख्या सिद्धान्त के क्षेत्र में सुसंगति (consistency) तथा सम्पूर्णता (completeness) की जाँच के लिए किया जाता है।.

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पियेर पाउलो पसोलिनी

पियेर पाउलो पसोलिनी इतालवी फिल्म निर्देशक, लेखक, पत्रकार और विचारक थे। पसोलिनी यूरोपीय सिनेमा और साहित्य जगत में एक जाना पहचाना नाम है। हालांकि मार्क्सवादी विचारधारा और यौन वर्जनाओं पर उनकी साफगोई और बेबाक दृष्टिकोण के चलते उनको लेकर विवाद आज भी जारी है। रोम के ऑस्तिया बीच पर पसोलिनी की हत्या की अज्ञात शख्स द्वारा हत्या कर दी गई। इस हत्याकाण्ड का इटली में जमकर विरोध हुआ। .

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पिज़्ज़ा

पिज़्ज़ा (इतालवी Pizza) भट्टी में बनाए जानी वाली चपटी ब्रेड होती है, जीसे मुख्यतः टमाटर की चटनी, चीज़ और अन्य विविध टॉपिंग के साथ परोसा जाता है। इसकी उत्पत्ती इटली में हुई और अब यह विश्वभर में लोकप्रिय है। .

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पवन ऊर्जा

बहती वायु से उत्पन्न की गई उर्जा को पवन ऊर्जा कहते हैं। वायु एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। पवन ऊर्जा बनाने के लिये हवादार जगहों पर पवन चक्कियों को लगाया जाता है, जिनके द्वारा वायु की गतिज उर्जा, यान्त्रिक उर्जा में परिवर्तित हो जाती है। इस यन्त्रिक ऊर्जा को जनित्र की मदद से विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। पवन ऊर्जा (wind energy) का आशय वायु से गतिज ऊर्जा को लेकर उसे उपयोगी यांत्रिकी अथवा विद्युत ऊर्जा के रूप में परिवर्तित करना है। .

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पक्षी इन्फ्लूएंजा

बर्ड फ़्लू या पक्षी इन्फ्लूएंजा या पक्षी फ़्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) एक विषाणु जनित रोग है। यह विषाणु जिसे इन्फ्लूएंजा ए या टाइप ए विषाणु कहते हैं, आम तौर मे पक्षियों में पाया जाता है, लेकिन कभी कभी यह मानव सहित अन्य कई स्तनधारिओं को भी संक्रमित कर सकता है, जब यह मानव को संक्रमित करता है तो इसे इन्फ्लूएंजा (श्लेष्मिक ज्वर) कहा जाता है। .

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पुनर्जागरण

फ्लोरेंस पुनर्जागरण का केन्द्र था पुनर्जागरण या रिनैंसा यूरोप में मध्यकाल में आये एक संस्कृतिक आन्दोलन को कहते हैं। यह आन्दोलन इटली से आरम्भ होकर पूरे यूरोप फैल गया। इस आन्दोलन का समय चौदहवीं शताब्दी से लेकर सत्रहवीं शताब्दी तक माना जाता है।.

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पुलिया

पुलिया या अपूलिया (Puglia)यूनानी Ἀπουλία से; Puglia (वासी-सूचक: Pugliese).

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प्रथम क्रूसयुद्ध

प्रथम क्रूसयुद्ध की सफलता: येरूसलम पर कब्जा प्रथम क्रूसयुद्ध (First Crusade (1096–1099)) पश्चिमी इसाई मतावलम्बियों द्वारा की गयी सैनिक कार्यवाही थी जो मुसलमानों द्वारा जीते गये पवित्र स्थानों को पुनः प्राप्त करने के उद्देश्य से की गयी थी। इसका आरम्भ 27 नवम्बर 1095 हुआ था। .

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प्रभावक्षेत्र

यह कार्टून 'मोनोरो डॉक्ट्रिन' के बाद लैटिन अमेरिका पर यूएएस के प्रभाव को रेखांकित कर रहा है। अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध की दृष्टि से १९८० में प्रभाव क्षेत्र; '''लाल'''- सोवियत संघ; '''नीला'''- अमेरिका अंतर्देशीय व्यवहारनुकूल कुछ समय पूर्व प्रभावक्षेत्र (Sphere of Influence) प्रथा मान्य थी। औपनिवेशिक शक्तियाँ पारस्परिक सुविधा के हेतु, कुछ प्रदेशों को एक देशविशेष के उपनिवेशन के लिये भविष्य में सुरक्षित मान लेतीं अर्थात् ऐसे प्रदेशों में उस देश के अतिरिक्त किसी अन्य राज्यशक्ति को औपनिवेशिक शोषण या सत्ताप्रसार का अधिकार नहीं रहता। फलत: संबंधित पक्ष कालांतर में अंतर्देशीय कलह किए बिना अपनी राज्यसत्ता विस्तृत प्रदेशों में स्थापित करते। इस प्रकार का अधिकार प्रयोग 19वीं शताब्दी के अंतिम चरण में विशेषतया हुआ, जबकि दुर्बल एवं पिछड़े हुए देशों का शोषण इतिहास में सबसे प्रचंड और खुले हुए देशों का शोषण इतिहास में सबसे प्रचंड और खुले रूप से हो रहा था। "प्रभावक्षेत्र" प्रथा का आधुनिक अंतरराष्ट्रीय विधि में कोई स्थान या मान्यता नहीं है। संयुक्त राष्ट्रसंघ के अधिकारपत्र द्वारा संघ के सब सदस्यों को यह आदेश है कि वे अपने अंतर्देशीय व्यवहार में इस बात की अपेक्षा करें कि किसी देश की राजनीतिक स्वतंत्रता तथा प्रादेशिक सर्वसत्ता का हनन बलप्रयोग से या अन्य किसी प्रकार से न हो। संयुक्त राष्ट्रसंघ की न्यासत्व परिषद एक और उपाय है, जिसके अनुसार संसार के दुर्बल और पिछड़े हुए देशों की सुरक्षा और पर्यवेक्षण होता है किंतु यह उन्हीं देशों पर लागू है जिनको औपनिवेशिक स्वामियों ने स्वेच्छा से इस परिषद् के अधिकारक्षेत्र में रखा है। विश्व के जो अन्य देश स्वशासित नहीं हैं, उनकी सुरक्षा के लिये संघ के अधिकारपत्र का आदेश है कि इन प्रदेशों के औपनिवेशिक शासक वहाँ के निवासियों के हितार्थ अधिक से अधिक प्रयत्नशील और सक्रिय होने के लिये बाध्य हैं। यह सुरक्षा प्रणाली कहाँ तक सफल हुई है, यह कहना कठिन है। यदि प्रभावक्षेत्र प्रथा के अनुसार प्रमुख शक्तियाँ 19वीं शताब्दी में अपनी राज्य शक्ति का विस्तार करती थीं, तो आज इस प्रथा के न होते हुए भी शक्तिसंपन्न राज्य किसी न किसी प्रकार दुर्बल देशों पर अपना स्वामित्व स्थापित करते रहते हैं। अंतराष्ट्रीय संघ के सुरक्षा नियमों और बंधनों द्वारा बाध्य राज्य शक्तियाँ भी सत्ता विस्तार में सतत प्रयत्नशील एवं तत्पर रहती रही हैं और हैं। सत्ताविस्तार का रूप अवश्य बदल गया है। जिस प्रकार प्रभावक्षेत्र प्रथा के अनुसार ब्रिटेन ने इटली, जर्मनी तथा फ्रांस के क्रमश: 1890, 1891, 1886, 1890 तथा 1890 तथा 1896 ई. में संधि स्थापित कर भविष्य में अपने लिये प्रदेश सुरक्षित किए, वैसे शोषण संबंधी स्पष्ट समझौते आज असंभव हैं, किंतु अनेक चतुर राजनीतिक योजनाएँ हैं जिनके द्वारा अधिकारविस्तार होता है। कुछ संधियाँ नियोजित होती हैं, जिनसे आर्थिक और सैन्य संबंधी परिहार प्राप्त किए जाते हैं। उदाहरणार्थ, संयुक्त राज्य अमरीका ने 19वीं तथा इस शताब्दी के आरंभ में लैटिन अमरीकी देशों से संधियाँ कीं, जिनसे उनके प्राकृतिक संसाधनों का शोषण संभव हुआ। इनके साक्षी रूप हैं दक्षिणी पूर्वी एशियाई संधि संघ तथा वारसा की संधि। 1957 में इंग्लैंड तथा फ्रांस ने मिस्र के ऊपर अभ्याक्रमण किया तथा मिस्र एवं इजराइल के मध्य शांति और सुरक्षा स्थापित करना, इस आक्रमण का उद्देश्य बताया। किंतु इसके भीतर इंग्लैंड और फ्रांस का गूढ़ स्वार्थ निहित था, इस प्रकार वे दोनों स्वेज नहर के समीपवर्ती प्रदेश पर अपना अधिकार स्थापित करना चाहते थे। कभी कभी कोई देश एक पार्श्विक घोषणा करके भी प्रभुत्व अधिकार स्थापित करते है, भविष्य में किसी यूरोपीय शक्ति द्वारा उपनिवेश के विषय नहीं विचार किए जाएँगे।" इन बहु उपायों द्वारा परोक्ष और अपरोक्ष रूप से शक्तिशाली देश दुर्बल देशों का जो शोषण करते हैं उसमें एक प्रकार से "प्रभावक्षेत्र" प्रथा की अनुकूलता कही जा सकती है। वैसे यह सिद्धांत अक्षरश: जिस रूप में पहले प्रचलित और मान्य था वह मिट चुका है। आज कोई प्रदेश किसी देशविशेष की प्रभुता और शोषण के लिये सुरक्षित नहीं माना जाता। .

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प्रसारण

श्रब्य और/अथवा विडियो संकेतों को एक स्थान से सभी दिशाओं में, या किसी एक दिशा में फैलाना प्रसारण (Broadcasting) कहलाता है। दूरस्थ स्थानों पर इन संकेतों को उपयुक्त विधि से ग्रहण किया जाता है एवं आवश्यक परिवर्तनों (प्रवर्धन, डीमोडुलेशन आदि) के बाद कोई श्रब्य या विडियो आदि प्राप्त होता है। .

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प्राचीन रोम में धर्म

यूपीतेर- आकाश के देवता रोमन धर्म प्राचीन रोम नगर और इटली देश का सबसे मुख्य- और राजधर्म था। रोमन धर्म सामी धर्म बिलकुल नहीं था। वो एक भारोपीय (हिन्द-यूरोपीय) धर्म था। ये एक मूर्तिपूजक और बहुदेवतावादी धर्म था। इसमें एक अदृश्य ईश्वर की अवधारणा नहीं थी। ईसाई धर्म के राजधर्म बनने के बाद ईसाइयों ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद ये लुप्त हो गया। फिर भी, आज कल, कुछ यूरोपीय लोग सामी धर्म (यहूदी, ईसाई और ईस्लामी धर्म) छोड़ दिये और रोमन धर्म और दर्शन वापस चल चुके हैं। क्योंकि वे लोगों को लगता है कि रोमन धर्म ईसाई धर्म से अच्छा है और सहिष्णु भी। रोमन धर्म में कुछ बड़े, गहरे और मुक्त दर्शन हैं। रोमन लोग बहुत धार्मिक और आत्मिक लोग थे। इस धर्म के कई देवताओं के सम्तुल्य देवता प्राचीन यूनानी धर्म में, जर्मनिक धर्म, फ़ारसी धर्म और हिन्दू धर्म में मिलते हैं। इसका वजह है कि वे सब धर्म वैदिक और आर्य धर्म हैं। जैसे यूनानी, जर्मनिक, फ़ारसी और हिन्दू संस्कृति, रोमन संस्कृति और धर्म भारोपीय (हिन्द-यूरोपीय) ही थे। ये देवता और देवियाँ रोमन हैं। तुल्य हिन्दू देवता देवियाँ भी लेखे हुए हैं लेकिन 100% समान नहीं हैं। कुछ अलग भी है, मगर सच है कि रोमन ईश्वरीय परम्परा हिन्दु परम्परे से दूर नहीं है। रोमन और हिन्दू दोनों भारोपीय हैं, यानी बहन संस्कृतियाँ। .

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प्राण नाथ थापर

जनरल प्राण नाथ थापर (२३ मई, १९०६ - २३ जून, १९७५)भारतीय सेना के पांचवे सेना प्रमुख थे । .

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प्रांत

प्रान्त एक प्रादेशिक इकाई है, जो कि लगभग हमेशा ही एक देश या राज्य के अंतर्गत एक प्रशासकीय खंड होता है। .

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प्वाइंट ब्रेक (२०१५ फ़िल्म)

प्वाइंट ब्रेक (अंग्रेजी; Point Break) वर्ष २०१५ की एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है जिसका निर्देशन एरिक्सन काॅर और लेखन कर्ट विमर ने किया है साथ ही जाॅन बैल्डेची, ब्रोडेरिक जाॅनसन, एंड्रयू ए. कोसोवे, क्रिस्टोफर टायलर और डेविड वैल्डस के साथ सह-निर्माण में शामिल हैं। इस फ़िल्म का निर्माण, अमेरिकी-जर्मन-चीनी की सह-निर्माता कंपनी ने किया है, जो इसी नाम की १९९१ की रिलीज रिक किंग एवं डब्ल्यू.

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पृथ्वी का इतिहास

पृथ्वी के इतिहास के युगों की सापेक्ष लंबाइयां प्रदर्शित करने वाले, भूगर्भीय घड़ी नामक एक चित्र में डाला गया भूवैज्ञानिक समय. पृथ्वी का इतिहास 4.6 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी ग्रह के निर्माण से लेकर आज तक के इसके विकास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं और बुनियादी चरणों का वर्णन करता है। प्राकृतिक विज्ञान की लगभग सभी शाखाओं ने पृथ्वी के इतिहास की प्रमुख घटनाओं को स्पष्ट करने में अपना योगदान दिया है। पृथ्वी की आयु ब्रह्माण्ड की आयु की लगभग एक-तिहाई है। उस काल-खण्ड के दौरान व्यापक भूगर्भीय तथा जैविक परिवर्तन हुए हैं। .

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पैरिस संधि

28 फ़रवरी 1951 पेरिस संधि ने यूरोपीय कोयला और स्टील संगठन (ईसीएससी) का गठन हुआ। इस पर छह देशों-फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम, नीदरलैंड, लक्ज़मबर्ग और इटली ने हस्ताक्षर किए। कोयला और स्टील उद्योगों की देखभाल के लिए एक उच्च दर्जे का प्राधिकरण बनाया गया। इस प्राधिकरण के अधिकारों को संतुलित करने के लिए जर्मनी के समर्थन से नीदरलैंड ने एक मंत्रि परिषद के गठन पर भी ज़ोर दिया जिसमें सदस्य देशों से मंत्री शामिल किए जाएं.

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पूर्वकाल में विश्व के विभिन्न क्षेत्रों के सकल घरेलू उत्पाद

१००० ई से आजतक विश्व के विभिन्न भागों के सकल घरेलू आय का परिवर्तन .

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पेट्रोलियम उत्पादक देशों की सूची

तेल उत्पादक देश इस सूची में उन देशों एवं उनके प्रान्तों/राज्यों की सूची दी गयी है जो तेल के कुओं से कच्चा तेल (crude oil) निकालते हैं। .

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पेपरोनी

एक पेपरोनी पिज़्ज़ा. पेपरोनी सलामी (सूखा सॉसेज़) का इतालवी-अमेरिकी मसालेदार भोजन है जो प्रायः सूअर तथा गाय के उपचारित मांसों से तैयार किया जाता है, लेकिन सही तरह से नामांकित करने पर यह मुर्गी के मांस से भी बन सकता है, जो कम महंगा होगा.

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पोम्पेइ

पोम्पेई नगर का नक्षा .

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पोर्टलैंड, ऑरेगॉन

पोर्टलैंड, पश्चिमोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका में ऑरेगॉन राज्य की विल्मेट और कोलंबिया नदियों के संगम के पास स्थित एक शहर है। जुलाई 2009 तक, इसकी अनुमानित आबादी 582,130 थी और यह संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे अधिक आबादी वाला 29वां राज्य है। इसे दुनिया में दूसरा और संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे अधिक पर्यावरण के अनुकूल या "ग्रीन" शहर माना गया है। पोर्टलैंड ऑरेगॉन का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है और सिएटल, वाशिंगटन और वैंकूवर, ब्रिटिश कोलंबिया के बाद पश्चिमोत्तर प्रशांत महासागर का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। जुलाई 2006 तक, संयुक्त राज्य अमेरिका के 23वें सबसे अधिक आबादी वाले पोर्टलैंड महानगरीय क्षेत्र (एमएसए) में लगभग 20 लाख लोग रहते थे। पोर्टलैंड को 1851 में शामिल किया गया और यह मल्टनोमाह काउंटी (मल्टनोमाह County) की काउंटी सीट है। शहर पश्चिम में थोड़ा वाशिंगटन काउंटी और दक्षिण में क्लैकामस काउंटी (क्लैकामस County) में फैला हुआ है। यह एक महापौर और अन्य चार आयुक्तों की अध्यक्षता वाली आयोग-आधारित सरकार द्वारा शासित है। यह शहर और क्षेत्र, सुदृढ़ भूमि-उपयोग योजना और मेट्रो द्वारा समर्थित, लाइट रेल में किए गए निवेश के लिए प्रसिद्ध एक विशिष्ट क्षेत्रीय सरकार है। पोर्टलैंड बड़ी संख्या में अपनी माइक्रो मद्यनिर्माणशाला और माइक्रो भट्टियों तथा कॉफ़ी के शौक के लिए जाना जाता है। यह ट्रेल ब्लेज़र्स एनबीए टीम का भी घर है। पोर्टलैंड पश्चिम समुद्री तटीय जलवायु क्षेत्र में पड़ता है जहां गर्म, शुष्क गर्मियां और बरसातें किन्तु समशीतोष्ण सर्दियां होती हैं। यह मौसम गुलाब की खेती के लिए आदर्श है और एक सदी से भी अधिक समय से पोर्टलैंड को "गुलाबों का शहर" के रूप में जाना जाता है, यहां कई गुलाब के उद्यान हैं जिनमें सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गुलाब टेस्ट गार्डन है। .

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पोज़ोलाना

पोज़ोलाना या पोज़ोलाना की राख, एक महीन, रेतीली ज्वालामुखीय राख है। पोज़ोलाना को पहली बार इटली के पोज़्ज़ुओली में वेसुवियस ज्वालामुखी के आसपास के क्षेत्र में खोजा और खोदा गया था। इसके बाद इसे अन्य कई स्थानों पर भी पाया गया। वित्रुवियस के अनुसार पोज़ोलाना के चार प्रकार क्रमश: काला, सफेद, धूसर और लाल, इटली के ज्वालामुखीय क्षेत्रों जैसे कि नेपल्स में पाये जाते हैं। .

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पीसा

यह इटली का एक प्रमुख नगर है। यह टस्कनी प्रदेश की राजधानी है। मध्य ऐतिहासिक काल तक यह नगर समुद्रतट पर स्थित था, परंतु आरनी नदी द्वारा मुहाने पर अवसादों के निरंतर संचय से समुद्र पीछे हट गया है। यह महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है। यहाँ के मुख्य उद्योग धंधे हैं रेल का सामान, मोटरसाइकिल, बाईसिकिल, सूती वस्त्र, काँच तथा मिट्टी के बरतन, औषधियाँ, मकरोनी तथा दियासलाई बनाना। यह नगर संगमरमर की मूर्तियों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है तथा यहाँ रोमन एवं गोथिक वास्तुकला की सुंदर कृतियाँ मिलती हैं। महान गणितज्ञ तथा वैज्ञानिक गैलीलिओ का यह जन्मस्थान है। यहाँ विश्वप्रसिद्ध लीनिंग टावर ऑव पीज़ा अर्थात् पीज़ा की झुकी मीनार है, जो 179 फुट ऊँची है तथा लंब से लगभग 4 डिग्री झुकी हुई है। मीनार में आठ मंजिलें हैं। पीज़ा प्रांत: यह मध्य इटली के टस्कनी क्षेत्र का प्रदेश है। इसका क्षेत्रफल 1,419 वर्ग किलोमीटर है। श्रेणी:इटली.

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पीसा की मीनार

इटली में ‘लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा’ को वास्तुशिल्प का अदभुत नमूना माना जाता है| अपने निर्माण के बाद से ही मीनार लगातार नीचे की ओर झुकती रही है और इसी झुकने की वजह से वह दुनिया भर में भी मशहूर रही है| इस वजह से ख़तरा बना हुआ था कि ये एक दिन गिर जाएगी| .

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फरारी पी4/5 बाय पिनिनफ़ारिना

फरारी पी4/5 बाय पिनिनफ़ारिना (Ferrari P4/5 by Pininfarina) एक स्पोर्ट्स कार है जिसे जिसका निर्माण कार निर्माता कंपनी फ़ेरारी द्वारा किया गया है। श्रेणी:मोटर गाड़ी श्रेणी:लक्शरी कार श्रेणी:स्पोर्ट्स कार.

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फर्श

अलंकृत फर्श फर्श भवन का वह अंग है जो चलने-फिरने के काम आता है। कच्ची मिट्टी के फर्श से लेकर आधुनिक तकनीक से बने बहु-स्तरीय फर्श तक अनेकों प्रकार के फर्श होते हैं। अच्छे फर्श से भवन की शोभा ही नहीं बढ़ती वरन् उसे आसानी से साफ सुथरा रखा जा सकता है। फर्श पत्थर, लकड़ी, बाँस, धातु या कंक्रीट आदि की हो सकती है। प्रायः फर्श के दो भाग होते हैं- नीचे का भाग, जो लोड सहन करने के ध्येय से बनाया जाता है, तथा ऊपरी फर्श जो चलने के लिये अच्छा हो और सुन्दर दिखे। आधुनिक भवनों में फर्श के नीचे ही बिजली के तार, पानी के पाइप आदि बिछाये गये होते हैं। .

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फ़ासीवाद

नेशनल फैसिस्ट पार्टी का लोगो फासीवाद या फ़ासिस्टवाद (फ़ासिज़्म) इटली में बेनितो मुसोलिनी द्वारा संगठित "फ़ासिओ डि कंबैटिमेंटो" का राजनीतिक आंदोलन था जो मार्च, 1919 में प्रारंभ हुआ। इसकी प्रेरणा और नाम सिसिली के 19वीं सदी के क्रांतिकारियों- "फासेज़"-से ग्रहण किए गए। मूल रूप में यह आंदोलन समाजवाद या साम्यवाद के विरुद्ध नहीं, अपितु उदारतावाद के विरुद्ध था। .

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फ़्रान्स

फ़्रान्स,या फ्रांस (आधिकारिक तौर पर फ़्रान्स गणराज्य; फ़्रान्सीसी: République française) पश्चिम यूरोप में स्थित एक देश है किन्तु इसका कुछ भूभाग संसार के अन्य भागों में भी हैं। पेरिस इसकी राजधानी है। यह यूरोपीय संघ का सदस्य है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह यूरोप महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है, जो उत्तर में बेल्जियम, लक्ज़मबर्ग, पूर्व में जर्मनी, स्विट्ज़रलैण्ड, इटली, दक्षिण-पश्चिम में स्पेन, पश्चिम में अटलांटिक महासागर, दक्षिण में भूमध्यसागर तथा उत्तर पश्चिम में इंग्लिश चैनल द्वारा घिरा है। इस प्रकार यह तीन ओर सागरों से घिरा है। सुरक्षा की दृष्टि से इसकी स्थिति उत्तम नहीं है। लौह युग के दौरान, अभी के महानगरीय फ्रांस को कैटलिक से आये गॉल्स ने अपना निवास स्थान बनाया। रोम ने 51 ईसा पूर्व में इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया गया। फ्रांस, गत मध्य युग में सौ वर्ष के युद्ध (1337 से 1453) में अपनी जीत के साथ राज्य निर्माण और राजनीतिक केंद्रीकरण को मजबूत करने के बाद एक प्रमुख यूरोपीय शक्ति के रूप में उभरा। पुनर्जागरण के दौरान, फ्रांसीसी संस्कृति विकसित हुई और एक वैश्विक औपनिवेशिक साम्राज्य स्थापित हुआ, जो 20 वीं सदी तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी थी। 16 वीं शताब्दी में यहाँ कैथोलिक और प्रोटेस्टैंट (ह्यूजेनॉट्स) के बीच धार्मिक नागरिक युद्धों का वर्चस्व रहा। फ्रांस, लुई चौदहवें के शासन में यूरोप की प्रमुख सांस्कृतिक, राजनीतिक और सैन्य शक्ति बन कर उभरा। 18 वीं शताब्दी के अंत में, फ्रेंच क्रांति ने पूर्ण राजशाही को उखाड़ दिया, और आधुनिक इतिहास के सबसे पुराने गणराज्यों में से एक को स्थापित किया, साथ ही मानव और नागरिकों के अधिकारों की घोषणा के प्रारूप का मसौदा तैयार किया, जोकि आज तक राष्ट्र के आदर्शों को व्यक्त करता है। 19वीं शताब्दी में नेपोलियन ने वहाँ की सत्ता हथियाँ कर पहले फ्रांसीसी साम्राज्य की स्थापना की, इसके बाद के नेपोलियन युद्धों ने ही वर्तमान यूरोप महाद्वीपीय के स्वरुप को आकार दिया। साम्राज्य के पतन के बाद, फ्रांस में 1870 में तृतीय फ्रांसीसी गणतंत्र की स्थापना हुई, हलाकि आने वाली सभी सरकार लचर अवस्था में ही रही। फ्रांस प्रथम विश्व युद्ध में एक प्रमुख भागीदार था, जहां वह विजयी हुआ, और द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्र में से एक था, लेकिन 1940 में धुरी शक्तियों के कब्जे में आ गया। 1944 में अपनी मुक्ति के बाद, चौथे फ्रांसीसी गणतंत्र की स्थापना हुई जिसे बाद में अल्जीरिया युद्ध के दौरान पुनः भंग कर दिया गया। पांचवां फ्रांसीसी गणतंत्र, चार्ल्स डी गॉल के नेतृत्व में, 1958 में बनाई गई और आज भी यह कार्यरत है। अल्जीरिया और लगभग सभी अन्य उपनिवेश 1960 के दशक में स्वतंत्र हो गए पर फ्रांस के साथ इसके घनिष्ठ आर्थिक और सैन्य संबंध आज भी कायम हैं। फ्रांस लंबे समय से कला, विज्ञान और दर्शन का एक वैश्विक केंद्र रहा है। यहाँ पर यूरोप की चौथी सबसे ज्यादा सांस्कृतिक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल मौजूद है, और दुनिया में सबसे अधिक, सालाना लगभग 83 मिलियन विदेशी पर्यटकों की मेजबानी करता है। फ्रांस एक विकसित देश है जोकि जीडीपी में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तथा क्रय शक्ति समता में नौवीं सबसे बड़ा है। कुल घरेलू संपदा के संदर्भ में, यह दुनिया में चौथे स्थान पर है। फ्रांस का शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, जीवन प्रत्याशा और मानव विकास की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन है। फ्रांस, विश्व की महाशक्तियों में से एक है, वीटो का अधिकार और एक आधिकारिक परमाणु हथियार संपन्न देश के साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से एक है। यह यूरोपीय संघ और यूरोजोन का एक प्रमुख सदस्यीय राज्य है। यह समूह-8, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और ला फ्रैंकोफ़ोनी का भी सदस्य है। .

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फ़्रान्सीसी भाषा

फ़्रांसीसी भाषा (फ़्रांसीसी: français उच्चारण: फ़्रांसे) एक रोमांस भाषा है जो विश्वभर में लगभग ९ करोड़ लोगों द्वारा प्रथम भाषा के रूप में बोली जाती है। मूल रूप से इस भाषा को बोलने वाले अधिकांश लोग फ़्राँस में रहते हैं जहाँ इस भाषा का जन्म हुआ था। इस भाषा को बोलने वाले अन्य क्षेत्र ये हैं- अधिकांश कनाडा, बेल्जियम, स्विटज़रलैंड, अफ़्रीकी फ़्रेंकोफ़ोन, लक्ज़म्बर्ग और मोनाको। फ्रांसी भाषा १९ करोड़ लोगों द्वारा दूसरी भाषा के रूप में और अन्य २० करोड़ द्वारा अधिग्रहित भाषा के रूप में बोली जाती है। विश्व के ५४ देशों में इस भाषा को बोलने वालों की अच्छी भली संख्या है। फ़्रांसीसी रोमन साम्राज्य की लैटिन भाषा से निकली भाषा है, जैसे अन्य राष्ट्रीय भाषाएँ - पुर्तगाली, स्पैनिश, इटालियन, रोमानियन और अन्य अल्पसंख्यक भाषाएँ जैसे कैटेलान इत्यादि। इस भाषा के विकासक्रम में इसपर मूल रोमन गौल की कैल्टिक भाषाओं और बाद के रोमन फ़्रैकिश आक्रमणकारियों की जर्मनेक भाषा का प्रभाव पड़ा। यह २९ देशों में एक आधिकारिक भाषा है, जिनमें से अधिकांशतः ला फ़्रेंकोफ़ोनी नामक फ़्रांसीसी भाषी देशों के समुह से हैं। यह सयुंक्त राष्ट्र की सभी संस्थाओं की और अन्य बहुत से अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भी आधिकारिक भाषा है। यूरोपीय संघ के अनुसार, उसके २७ सदस्य राष्ट्रों के १२.९ करोड़ (४९,७१,९८,७४० का २६%) लोग फ़्रांसीसी बोल सकते हैं, किसमें से ६.५ करोड़ (१२%) मूलभाष्ई हैं और ६.९ करोड़ (१४%) इसे दूसरी भाषा के रूप में बोल सकते हैं, जो इसे अंग्रेज़ी और जर्मन के बाद संघ की तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा बनाता है। इसके अतिरिक्त २० वीं शताब्दी के प्रारंभ में अंग्रेज़ी के अधिरोहण से पहले, फ़्रांसीसी यूरोपीय और औपनिवेशिक शक्तियों के मध्य कूटनीति और संवाद की प्रमुख भाषा थी और साथ ही साथ यूरोप के शिक्षित वर्ग की बोलचाल की भाषा भी थी। .

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फ़्रान्सीसी क्रान्ति

बेसिल दिवस: १४ जुलाई १७८९ फ्रांसीसी क्रांति (फ्रेंच: Révolution française / रेवोलुस्योँ फ़्राँसेज़; 1789-1799) फ्रांस के इतिहास की राजनैतिक और सामाजिक उथल-पुथल एवं आमूल परिवर्तन की अवधि थी जो 1789 से 1799 तक चली। बाद में, नेपोलियन बोनापार्ट ने फ्रांसीसी साम्राज्य के विस्तार द्वारा कुछ अंश तक इस क्रांति को आगे बढ़ाया। क्रांति के फलस्वरूप राजा को गद्दी से हटा दिया गया, एक गणतंत्र की स्थापना हुई, खूनी संघर्षों का दौर चला, और अन्ततः नेपोलियन की तानाशाही स्थापित हुई जिससे इस क्रांति के अनेकों मूल्यों का पश्चिमी यूरोप में तथा उसके बाहर प्रसार हुआ। इस क्रान्ति ने आधुनिक इतिहास की दिशा बदल दी। इससे विश्व भर में निरपेक्ष राजतन्त्र का ह्रास होना शुरू हुआ, नये गणतन्त्र एव्ं उदार प्रजातन्त्र बने। आधुनिक युग में जिन महापरिवर्तनों ने पाश्चात्य सभ्यता को हिला दिया उसमें फ्रांस की राज्यक्रांति सर्वाधिक नाटकीय और जटिल साबित हुई। इस क्रांति ने केवल फ्रांस को ही नहीं अपितु समस्त यूरोप के जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। फ्रांसीसी क्रांति को पूरे विश्व के इतिहास में मील का पत्थर कहा जाता है। इस क्रान्ति ने अन्य यूरोपीय देशों में भी स्वतन्त्रता की ललक कायम की और अन्य देश भी राजशाही से मुक्ति के लिए संघर्ष करने लगे। इसने यूरोपीय राष्ट्रों सहित एशियाई देशों में राजशाही और निरंकुशता के खिलाफ वातावरण तैयार किया। .

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फ़्रांस का भूगोल

कोई विवरण नहीं।

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फ़्रांस का इतिहास

९८५ से लेकर १९४७ तक की अवधि में फ्रांस की सीमाओं का विस्तार तथा संकुचन फ्रांस का प्राचीन नाम 'गॉल' था। यहाँ अनेक जंगली जनजातियों के लोग, मुख्य रूप से, केल्टिक लोग, निवास करते थे। सन्‌ 57-51 ई.पू.

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फ़्रैंकफ़र्ट

फ्रैंकफर्ट ऐम माइन,, जर्मन राज्य हेस का सबसे बड़ा शहर और जर्मनी का पांचवाँ सबसे बड़ा शहर है। इसे प्रायः केवल फ्रैंकफर्ट के नाम से जाना जाता है। इसकी जनसंख्या 2009 में 667,330 थी। 2010 में शहरी क्षेत्र में 2,296,000 आबादी का अनुमान लगाया गया था। यह शहर फ्रैंकफर्ट-राइन-मैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के हृदयस्थल में है, जिसकी आबाद 5,600,000 है, और जर्मनी का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रॅपॉलिटन क्षेत्र है। यह शहर मेन नदी के तट पर पुराने घाट पर अवस्थित है। जर्मन भाषा में मेन नदी को "फर्ट" कहते है। फ्रैंकफर्ट प्राचीन फ्रैंकोनिया का हिस्सा है, जो कि प्राचीन फ्रैंकों का निवास स्थल था। इसलिए फ्रैंको के घाट के रूप में इनकी विरासत के कारण शहर का नाम पड़ा.

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फ़्लोरेन्स

यह इटली का एक प्रमुख नगर है। .

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फ़ेरारी कैलिफोर्निया

फ़ेरारी कैलिफोर्निया (Ferrari California) एक स्पोर्ट्स कार है जिसे गाडी निर्माता फ़ेरारी द्वारा बनाया गया है। .

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फ़ेहइद अल-दीहानी

फ़ेहइद अल-दीहानी (अरबी: فهيد الديحاني‎‎) एक कुवैती व्यावसायिक लक्ष्य भेदक और कुवैती सेना में एक अधिकारी हैं। उन्होंने ही कुवैत द्वारा ओलम्पिक खेलों में जीते गए पदक जीते हैं। उनका जन्म 11 अक्टूबर 1966 को कुवैत नगर में हुआ था। .

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फासिस्ट पार्टी

राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का प्रतीक चिह्न राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी (इतालवी भाषा में, Partito Nazionale Fascista; PNF) २३ फरवरी १९१९ को इटली में बेनितो मुसोलिनी द्वारा स्थापित राजनीतिक पार्टी। प्रथम विश्वयुद्ध में पराजित इटली में इस पार्टी की उग्र राष्ट्रवादी कार्यक्रमों को शीघ्र ही लोकप्रियता और सफलता मिलने लगी। चुनाव में बहुमत न प्राप्त होने पर भी मुसोलिनी ने इटली की सत्ता पर अधिकार कर लिया। सन् १९२२ से १९३४ तक इटली की सत्ता इस पार्टी के हांथ थी। वर्तमान में यही एकमात्र दल है जिसके पुन:संगठन करने पर इटली में संवैधानिक रूप से प्रतिबन्ध है। .

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फिएट

Fiat Grande Punto - Auto Moto Show Katowice 2006. फिएट (या Fiat) (Fabbrica Italiana Automobili Torino - ट्यूरिन का इतालवी ऑटोमोबाइल कारखाना का संक्षिप्त रूप) एक वाहन निर्माता, इंजन निर्माता, एक वित्तीय और औद्योगिक समूह है जो उत्तरी इटली के ट्यूरिन में स्थित है। समूह की स्थापना 1899 में निवेशकों के एक समूह द्वारा की गयी जिसमे जिओवानी अग्नेल्ली भी शामिल थे। फिएट ने टैंक और विमान का निर्माण भी किया है। फिएट की कारों का उत्पादन दुनिया भर में होता है और समूह का इटली के बाहर सबसे बडा़ कारखाना ब्राजील में स्थित है जो इन कारों का सबसे बडा़ उपभोक्ता देश भी है। इसके कारखाने अर्जेंटीना और पोलैंड में भी हैं। फिएट का अपने उत्पादों की लाइसेसिंग अन्य देशों में कराने का एक लंबा इतिहास है भले ही इन देशों की स्थानीय राजनैतिक या सांस्कृतिक स्थितियां कुछ भी रही हों। इसके संयुक्त उद्यम फ्रांस, तुर्की, मिस्र (सरकारी नास्र कार कंपनी के साथ), दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन में कार्यरत हैं। जिओवानी अग्नेल्ली के पौत्र जिआनी अग्नेल्ली 1966 से उनकी मृत्यु 24 जनवरी 2003 तक फिएट समूह के अध्यक्ष रहे। हालाँकि 1996 से वो सिर्फ "मानद" अध्यक्ष थे और वास्तविक अध्यक्ष सीसारे रोमिति थे। उनके हटने के बाद, पाओलो फ्रेस्को को अध्यक्ष और पाओलो कैन्टारेला को सीईओ बनाया गया। 2002 से 2004 के बीच अम्बर्टो अग्नेल्ली ने समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 28 मई 2004 को अम्बर्टो अग्नेल्ली की मृत्यु के बाद, लूका कोर्देरो दि मोंटेजे़मेलो को अध्यक्ष और अग्नेल्ली, के वारिस जॉन एल्कान को 28 वर्ष की उम्र में उपाध्यक्ष पद पर नामित किया गया। आजकल समूह के सीईओ सर्जिओ मार्चिओने है जिन्होने 1 जून 2004 को कार्यभार संभाला था। .

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फिदेल कास्त्रो

फिदेल ऐलेजैंड्रो कास्त्रो रूज़ (जन्म: 13 अगस्त 1926 - मृत्यु: 25 नवंबर 2016) क्यूबा के एक राजनीतिज्ञ और क्यूबा की क्रांति के प्राथमिक नेताओं में से एक थे, जो फ़रवरी 1959 से दिसम्बर 1976 तक क्यूबा के प्रधानमंत्री और फिर क्यूबा की राज्य परिषद के अध्यक्ष (राष्ट्रपति) रहे, उन्होंने फरवरी 2008 में अपने पद से इस्तीफा दिया। फ़िलहाल वे क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रथम सचिव थे। 25 नवंबर 2016 को उनका निधन हो गया। वे एक अमीर परिवार में पैदा हुए और कानून की डिग्री प्राप्त की। जबकि हवाना विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की और क्यूबा की राजनीति में एक मान्यता प्राप्त व्यक्ति बन गए। उनका राजनीतिक जीवन फुल्गेंकियो बतिस्ता शासन और संयुक्त राज्य अमेरिका का क्यूबा के राष्ट्रहित में राजनीतिक और कारपोरेट कंपनियों के प्रभाव के आलोचक रहा है। उन्हें एक उत्साही, लेकिन सीमित, समर्थक मिले और उन्होंने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने मोंकाडा बैरकों पर 1953 में असफल हमले का नेतृत्व किया जिसके बाद वे गिरफ्तार हो गए, उन पर मुकदमा चला, वे जेल में रहे और बाद में रिहा कर दिए गए। इसके बाद बतिस्ता के क्यूबा पर हमले के लिए लोगों को संगठित और प्रशिक्षित करने के लिए वे मैक्सिको के लिए रवाना हुए.

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फ्रांस का सैन्य इतिहास

फ्रांस के सैन्य इतिहास में आधुनिक फ्रांस, यूरोपीय महाद्वीप और दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में 2,000 से अधिक वर्षों तक चले संघर्षों का एक विशाल काल शामिल है। आज आधुनिक फ्रांस के क्षेत्र में सबसे पहला बड़ा युद्ध गैलो-रोमन संघर्ष था, जो कि 60 ईसा पूर्व से 50 ईसा पूर्व तक लड़ा गया। अंततः रोमन,जूलियस सीज़र के अभियानों के माध्यम से विजयी हुए। रोमन साम्राज्य के पतन के बाद, एक जर्मनिक जनजाति,जिसे फ्रैंक्स के नाम से जाना जाता था, ने प्रतिस्पर्धा वाले जनजातियों को हराकर गॉल पर नियंत्रण कर लिया। "फ्रांसीया की भूमि", जिस से फ्रांस को अपना नाम मिला है, को राजा 'क्लोविस मैं' और 'शारलेमेन' ने विस्तरित किया। इन्होंने भविष्य के फ्रांसीसी राज्य के केंद्र का निर्माण किया था। मध्य युग में, इंग्लैंड के साथ प्रतिद्वंद्विता ने 'नोर्मन विजय' और;सौ साल के युद्ध' जैसे प्रमुख संघर्षों को प्रेरित किया। केंद्रीकृत राजतंत्र के साथ, रोमन काल के बाद पहली बड़ी पैदल सेना और तोपखाने का इस्तेमाल कर, फ्रांस ने अपने क्षेत्र से अंग्रेजो को निष्कासित कर दिया और मध्य युग में यूरोप के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में जाना गया। ये स्थिति रोमन साम्राज्य और 'स्पेन इतालवी युद्धों' में हार के बाद बदली। 16 वीं शताब्दी के अंत में धर्मयुद्धों ने फ्रांस को कमजोर किया, लेकिन 'तीस साल के युद्ध' में स्पेन पर एक बड़ी जीत ने फ्रांस को एक बार फिर महाद्वीप पर सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाया। समानांतर में, फ्रांस ने अपना पहला औपनिवेशिक साम्राज्य एशिया, अफ्रीका और अमेरिका में विकसित किया। फ्रांस ने,लुई XIV के तहत अपने प्रतिद्वंद्वियों पर सैन्य वर्चस्व हासिल किया, लेकिन तेजी से शक्तिशाली होते दुश्मन गठबंधनों और बढ़ते संघर्ष ने फ़्रांसिसी महत्वाकांक्षाओं को रोका और 18 वीं शताब्दी के प्रारम्भ में राज्य को दिवालिया कर दिया। फ्रांसीसी सेनाओं ने स्पेनिश, पोलिश और ऑस्ट्रियाई राजशाही के खिलाफ वंशवादी संघर्षों में जीत हासिल की। इसी समय, फ़्रांस अपनी उपनिवेशों पर हो रहे दुश्मनो के हमलों को रोक रहा था। 18 वीं शताब्दी में, ग्रेट ब्रिटेन के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने सात साल के युद्ध की शुरुआत की, जहां फ्रांस ने अपने उत्तरी अमेरिकी हिस्सेदारी खो दी। यूरोप और अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध में प्रभुत्व के रूप में फ्रांस को सफलता मिली, जहां धन और हथियारों के रूप में व्यापक फ्रेंच सहायता और अपनी सेना और नौसेना की प्रत्यक्ष भागीदारी ने अमेरिका की आजादी का नेतृत्व किया। अंततः आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल और फ्रांसीसी क्रांतिकारी युद्धों और नेपोलियन युद्धों में निरंतर संघर्ष के 23 साल गुजर गए। फ्रांस इस अवधि के दौरान अपनी शक्ति के चरम पर पहुंच गया, नेपोलियन बोनापार्ट के शासन काल में, एक अभूतपूर्व शक्ति के रूप में यूरोपीय महाद्वीप पर हावी रहा। हालांकि, 1815 तक, इसे उसी सीमा तक सीमित कर दिया गया था जो क्रांति से पहले नियंत्रित था। शेष 1 9वीं शताब्दी में दूसरी फ्रांसीसी औपनिवेशिक साम्राज्य के विकास के साथ ही बेल्जियम, स्पेन और मेक्सिको में फ्रांसीसी हस्तक्षेप हुआ। अन्य प्रमुख युद्ध,रूस के खिलाफ क्रिमिया में,इटली के खिलाफ ऑस्ट्रिया में और फ्रांस के भीतर प्रशिया के खिलाफ लड़े गए। फ्रेंको-प्रुसीयन युद्ध में हार के बाद, प्रथम विश्व युद्ध में फिर से फ्रेंको-जर्मन प्रतिद्वंद्विता उभर आयी। फ्रांस और उसके सहयोगी इस बार विजयी रहे थे। संघर्ष के मद्देनजर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल द्वितीय विश्व युद्ध के रूप में परिणीत हुआ, जिसमें फ्रांस ने लड़ाई में एक्सिस राष्ट्रों को हराया गया और फ्रांसीसी सरकार ने जर्मनी के साथ एक युद्धविराम पर हस्ताक्षर किए। निर्वासन में एक मुक्त फ्रांसीसी सैनिक सरकार की अगुआई वाली मित्र राष्ट्रों की सेना ने अंततः एक्सिस पॉवर्स के ऊपर विजयी प्राप्त की। नतीजतन, फ्रांस ने जर्मनी में एक व्यवसाय क्षेत्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सीट हासिल की। पहले दो विश्व युद्धों के पैमाने पर तीसरे फ्रेंको-जर्मन संघर्ष से बचने की अनिवार्यता ने 1950 के दशक में शुरू होने वाले यूरोपीय एकीकरण के लिए मार्ग प्रशस्त किया। फ्रांस एक परमाणु शक्ति बन गया और 20 वीं शताब्दी के अंत तक, नाटो और उसके यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर सहयोग किया गया है। जुलाई में 1453 में फ्रांसीसी सेना ने अपने ब्रितानी विरोधियों को कैस्टिलो की लड़ाई में पराजित किया .

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फ्रांस की द्वितीय क्रांति (१८३०)

सन १८३० की फ्रांसीसी क्रान्ति के परिणामस्वरूप वहाँ के राजा चार्ल्स दशम को पदच्युत कर दिया गया और उसका चचेरा भाई लुई फिलिप गद्दी पर बैठा। इस क्रांति का प्रभाव यूरोप के अन्य राज्यों पर भी पड़ा और यूरोप का राजनैतिक वातावरण पुनः क्रांतिकारी हो गया। बेल्जियम, जर्मनी, इटली और पौलैण्ड आदि देशों में क्रांतियों भड़क उठीं। १८ वर्ष बाद १८४८ में लुई फिलिप भी गद्दी से हटा दिया गया। इसे 'जुलाई क्रान्ति' भी कहते हैं। .

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फ्रांस की रूपरेखा

निम्नलिखित रूपरेखा, फ्रांस का एक अवलोकन और सामयिक गाइड के रूप में है: फ़्रांस – पश्चिमी यूरोप में कई विदेशी क्षेत्रों और क्षेत्रों के साथ एक देश है। मेट्रोपॉलिटन फ्रांस भूमध्य सागर से अंग्रेजी चैनल और उत्तरी सागर तक और राइन से अटलांटिक महासागर तक फैला हुआ है। इसके आकार से, इसे अक्सर फ्रेंच में 'षट्कोण' ("द हेक्सागोन") के रूप में जाना जाता है। .

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फ्रांस की संस्कृति

स्वच्छंदतावाद की शैलीगत विचारों का उपयोग करते हुए यूजीन देलाक्रोइक्स की जुलाई क्रांति का चित्रण करनेवाली सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग लि‍बर्टी लीडिंग द पीपुल कहलायी.चूंकि लिबर्टी (आजादी), आदर्श वाक्य «लिबर्टी एगैलाइट फ्रैंटर्नाइट» («Liberté, égalité, fraternité») का हिस्सा है, यह पेंटिंग फ्रांसिसी क्रांति का प्राथमिक प्रतीक है, जैसा कि फ्रांस ने इसे लिया है। फ्रांस की संस्कृति और फ्रांसीसियों की संस्कृति भूगोल, गंभीर ऐतिहासिक घटनाओं और विदेशी तथा आंतरिक शक्तियों और समूहों द्वारा गढ़ी गयी है। फ्रांस और विशेष रूप से पेरिस, ने सत्रहवीं सदी से उन्नीसवीं सदी तक विश्वव्यापी स्तर पर उच्च सांस्कृतिक केंद्र और आलंकारिक कला के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है, इस मामले में यह यूरोप में प्रथम है। उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम चरण से, फ्रांस ने आधुनिक कला, सिनेमा, फैशन और भोजन शैली में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। सदियों तक फ़्रांसिसी संस्कृति का महत्व इसके आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य महत्व के आधार पर घटता और बढ़ता रहा है। आज फ़्रांसिसी संस्कृति महान क्षेत्रीय तथा सामाजिक-आर्थिक अंतरों और सुदृढ़ एकीकृत प्रवृत्तियों दोनों के द्वारा चिह्नित है। चाहे फ्रांस या यूरोप में या सामान्य रूप से, सामाजिकीकरण प्रक्रिया और भौतिक कलाकृतियों के माध्यम से मान्यताओं और मूल्यों के मिलन को सीखा जाता है। समाज के सदस्यों के बीच सामाजिक संबंधों का मार्गदर्शन संस्कृति करती है और यह निजी मान्यताओं और मूल्यों को प्रभावित करती है जो व्यक्ति की अपने वातावरण की अभिज्ञता को आकार देते हैं: "संस्कृति एक समूह के सदस्यों के साझा विश्वासों, मूल्यों, मानदंडों और भौतिक वस्तुओं का विज्ञ समुच्चय है। बचपन से बुढ़ापे तक के जीवनक्रम के दौरान समूहों में हम जो कुछ भी सीखते हैं वो सब संस्कृति में शामिल है।" लेकिन "फ़्रांसिसी" संस्कृति की अवधारणा कुछ कठिनाइयां खड़ी करती है और "फ़्रांसिसी" ("फ्रेंच") अभिव्यक्ति का ठीक क्या मतलब है इस बारे में धारणाओं या अनुमानों की एक श्रृंखला है। जबकि अमेरिकी संस्कृति के बारे में "मेल्टिंग पौट" और सांस्कृतिक विविधता की धारणा को मान लिया गया है, लेकिन "फ़्रांसिसी संस्कृति" एक विशेष भौगोलिक इकाई (जैसे कि कह सकते हैं, "मेट्रोपोलिटन फ्रांस", आम तौर पर इसके विदेश स्थित क्षेत्रों को छोड़ दिया जाता है) या नस्ल, भाषा, धर्म और भूगोल द्वारा परिभाषित एक विशिष्ट ऐतिहासिक-सामाजिक समूह को अव्यक्त रूप से संदर्भित है। हालांकि "फ्रेंचनेस" की वास्तविकताएं अत्यंत जटिल हैं। उन्नीसवीं सदी के अंतिम चरण से पहले, "मेट्रोपोलिटन फ्रांस" मुख्यतः स्थानीय प्रथाओं और क्षेत्रीय अंतरों का एक पैबंद भर था, जिसका एन्सियन रिजीम (फ्रांस की राज्य क्रांति से पूर्व की शासन-पद्धति) के एकीकरण का उद्देश्य था और फ़्रांसिसी क्रांति ने इसके खिलाफ काम करना शुरू किया था; और आज का फ्रांस अनेक देशी और विदेशी भाषाओं, बहु-जातीयताओं और धर्मों तथा क्षेत्रीय विविधता वाला देश है, जिसमें कोर्सिका, ग्वाडेलोप, मार्टिनिक और विश्व में अन्य स्थानों के फ़्रांसिसी नागरिक शामिल हैं। इस बृहद विविधता के बावजूद, एक प्रकार की विशिष्ट या साझा संस्कृति या "सांस्कृतिक पहचान" का सृजन एक शक्तिशाली आंतरिक शक्तियों का परिणाम है - जैसे कि फ़्रांसिसी शिक्षा पद्धति, अनिवार्य सैन्य सेवा, सरकारी भाषाई व सांस्कृतिक नीतियां - और फ्रैंको-प्रशिया युद्ध तथा दो विश्व युद्धों जैसी गंभीर ऐतिहासिक घटनाएं ऎसी प्रभावशाली आंतरिक शक्ति रहीं जिनसे 200 सालों के दौरान एक राष्ट्रीय पहचान की भावना को पैदा हुई। हालांकि, इन एकीकृत शक्तियों के बावजूद, फ्रांस आज भी सामाजिक वर्ग और संस्कृति में महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मतभेदों (भोजन, भाषा/उच्चारण, स्थानीय परंपराएं) द्वारा चिह्नित होता है, जो कि समकालीन सामाजिक शक्तियों (ग्रामीण क्षेत्रों से आबादी का पलायन, अप्रवासन, केंद्रीकरण, बाजार की शक्तियां और विश्व अर्थव्यवस्था) का सामना करने में अक्षम रहेगा.

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फ्रांस की क्रांति (१८४८)

सन १८४८ में पूरे यूरोप में क्रान्ति की तरंग छायी हुई थी। १८४८ की फ्रांस की क्रान्ति के फलस्वरूप ओर्लियन राजतन्त्र (१८३०-४८) का अन्त हुआ तथा द्वितीय फ्रांसीसी गणतंत्र की स्थापना हुई। .

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फ्रांसिस जोजेफ प्रथम (आस्ट्रिया)

फ्रैंज जोजेफ प्रथम (Franz Joseph I) या फ्रांसिस जोजेफ प्रथम (Francis Joseph I; (Franz Joseph I., I., Franjo Josip I, František Josef I, Francesco Giuseppe; 18 अगस्त 1830 – 21 नवम्बर 1916), आस्ट्रिया का सम्राट तथा हंगरी, क्रोशिया और बोहेमिया का राजा था। 1 मई 1850 से 24 अगस्त 1866 तक वह जर्मन कानफेडरेशन का अध्यक्ष भी रहा। आस्ट्रिया और हंगरी का सबसे लम्बी अवधि तक वह शासक था। इसके साथ ही यूरोपीय इतिहास का तृतीय सर्वाधिक लम्बी अवधि तक शासन करने वाला राजा था। फ्रांसिस जोज़ेफ़ के पिता का ना फ्रांसिस चार्ल्स था। उसकी शिक्षा धार्मिक वातावरण में बड़ी कठोरता से हुई। १८४८ ई. की यूरोपीय क्रांति के समय उसने रेडेट्ज़्की के नेतृत्व में इटली में सैनिक सेवा की। जब इस क्रांति का दमन कर दिया गया ते श्वार्जनवर्ग के नेतृत्व में एक प्रतिक्रियावादी मंत्रिमंडल बना। उसने फर्डिनंड प्रथम को सिंहासन छोड़ने का परामर्श दिया और उसके भतीजे फ्रांसिस जोज़ेफ़ को सम्राट् बनाया (२ दिसंबर, १८४८ ई.)। इस मंत्रिमंडल ने जर्मनी, इटली और हंगरी में, जो साम्राज्य के भाग थे, दमन का चक्र चलाया और आस्ट्रिया की संसद के अधिकार भी छीन लिए। फ्रांसिस जोज़ेफ़ ने सारी राजसत्ता अपने हाथ में ले ली। असंतोष को दूर करने के लिए उसने १८६० ई. में प्रांतीय विधानमंडलों को कुछ अधिकार दिए। १८६१ में उसने केंद्रीय संसद् की स्थापना की जिसको सभी प्रांतों से पारित कानूनों को स्वीकृत या अस्वीकृत करने का अधिकार दिया। इसके फलस्वरूप प्राय: सभी जर्मन प्रांत आस्ट्रिया के साम्राज्य से अलग हो गए और स्लाव जाति ने संघीय शासन की स्थापना की मांग की। ऐसी दशा में फ्रांसिस जोज़ेफ़ ने १८६७ में हंगरी से समझौता किया जिससे उसे आंतरिक मामलों में बहुत अधिकार मिल गए। जब १८७८ ई. में रूस ने टर्की पर अपना आधिपत्य जमाना चाहा तो ब्रिटेन के साथ फ्रांसिस जोजेफ़ ने भी इसका विरोध किया क्योंकि उसे भय था कि यदि स्लाव जाति को इस प्रकार प्रोत्साहन मिला तो उसका साम्राज्य छिन्न भिन्न हो जाएगा। बर्लिन सम्मेलन में आस्ट्रिया को टर्कीं के तीन प्रदेश प्रबंध करने के लिए मिले। १९०८ ई. में आस्ट्रिया ने इनमें से दो बोलिविया और हस्त्रिगोविना को अपने साम्राज्य में मिला लिया। १८८०-९० के बीच साम्राज्य के अनेक प्रांतों ने स्वायत्त शासन की माँग की किंतु फ्रांसिस जोज़ेफ़ ने उनकी इस मांग को स्वीकार न किया। संवैधानिक शासन में उसकी बिलकुल आस्था न थी। साम्राज्य की जातियों को संगठित रखना वह अपना प्रमुख कर्त्तव्य समझता था। उसी के भतीजे आर्क ड्यूक फ्रांसिस फर्डिनंड की १९१४ में हत्या के फलस्वरूप प्रथम विश्वयुद्ध प्रारंभ हुआ। वह जर्मन जाति से पूर्ण सहानुभूति रखता था, अत: उसने विश्वयुद्ध में जर्मनी की पूर्ण सहायता की। .

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फ्रांको मोरेत्ति

फ्रांकॉ मोरेत्ति (जन्म १९५०, सोन्द्रियो) इटली के साहित्यिक विशेषज्ञ थे। वे मार्क्सवादी थे और उनकी रचनायें उपन्यास के इतिहास को "प्लानेटरी फार्म" के दृष्टिकोण से परखने का प्रयास करते हैं। इनकी कुल छः पुस्तके हैं। ये हैं - सैन्स टॅकएन फर वंडर्स (१९८३), द वे ऑफ दि वर्ल्ड (१९८७), मोडर्न एपिक (१९९५), एट्लस ऑफ दि युरोपियन नवल - १८००-१९०० (१९९८), ग्राफ्स, म्याप्स, ट्रीस:एब्स्ट्राक्ट मोडेल्स फर ए लिटररी हिस्टरी (२००५), डिस्टेंट रीडिंग (२०१३)। इनकी हाल ही में लिखी हुई रचना, विवाद सहित, पारंपरिक ह्युमानिटीस के परिमाणात्मक मान्यताओं को सामाजिक विज्ञान संबंधी विशयो से आयात करने के बारे में चर्चा करती हैं। आज तक इनकी किताबें १५ भाषाओं में अनुवादित हुए हैं। .

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फ्रेडरिक प्रथम (पवित्र रोमन सम्राट्)

फ्रेडरिक प्रथम (११२३-११९०) जर्मनी का पवित्र रोमन सम्राट् था। वह सुआबिया के ड्यूक फ्रेडरिक का पुत्र था। .

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फ्रेक्सिनस ऑर्नस

फ्रेक्सिनस ऑर्नस (Fraxinus ornus या manna ash या South European flowering ash) फैक्सिनस की एक प्रजाति है जो दक्षिणी यूरोप तथा दक्षिण-पश्चिम एशिया में पैदा होती है।Rushforth, K. (1999).

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फ्लैश गॉर्डन

फ्लैश गाॅर्डन (अंग्रेजी; Flash Gordon) एक काल्पनिक नायक है जिसकी अंतरिक्ष के रोमांचक यात्राओं की कहानियों को काॅमिक्स स्ट्रिप द्वारा प्रकाशित करते है और जिसकी चित्रण मूल रचनाकार एलेक्स रेमण्ड ने की है।"Flash Gordon", in Guy Haley (editor) Sci-Fi Chronicles: A Visual History of the Galaxy's Greatest Science Fiction.Richmond Hill, Ontario: Firefly Books, 2014.

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फैबियानो कारूआना

फैबियानो लूईगी कारूआना (जन्म: 30 जुलाई 1992) एक अमेरिकी में जन्मे एक इतालवी शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं। श्रेणी:जीवित लोग श्रेणी:1992 में जन्मे लोग श्रेणी:शतरंज खिलाड़ी .

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फूल गोभी

फूलगोभी एक लोकपिय सब्जी है। उत्त्पति स्थान साइप्रस या इटली का भूमध्यसागरीय क्षेत्र माना जाता है। भारत में इसका आगमन मुगल काल में हुआ माना जाता है। भारत में इसकी कृषि के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल लगभग 3000 हेक्टर है, जिससे तकरीबन 6,85,000 टन उत्पादन होता है। उत्तर प्रदेश तथा अन्य शीतल स्थानों में इसका उत्पादन व्यपाक पैमाने पर किया जाता है। वर्तमान में इसे सभी स्थानों पर उगाया जाता है। फूलगोभी, जिसे हम सब्जी के रूप में उपयोग करते है, के पुष्प छोटे तथा घने हो जाते हैं और एक कोमल ठोस रूप निर्मित करते हैं। फूल गोभी में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन ‘ए’, ‘सी’ तथा निकोटीनिक एसिड जैसे पोषक तत्व होते है। गोभी को पकाकर खाया जाता है और अचार आदि भी तैयार किया जाता है। पौध रोपण के 3 से 3½ माह में सब्जी योग्य फूल तैयार हो जाते है। फ़सल की अवधि 60 से 120 दिन की होती है। प्रति हेक्टेयर 100 से 250 क्विंटल फुल प्राप्त हो जाते है। उपज पौधे लगने के समय के ऊपर निर्भर करती है। .

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फेदेरिको फेलिनी

फेदेरिको फेलिनी (Italian:; 20 जनवरी 1920 – 31 अक्टूबर 1993) इटालियन फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक थे। उनका नाम सर्वकालिक महानतम और प्रभावकारी फिल्मकारों में शुमार है। विश्व की महत्वपूर्ण फिल्म पत्रिकाओं ने उनकी कई फिल्मों को कालजयी घोषित किया है। साइट एंड साउंड ने उनकी फिल्म एट एंड हाफ (8½) को विश्व की महानतम 10 फिल्मों की सूची में रखा है। पचास वर्षों के अपने करियर में फेलिनी को फिल्मों के सर्वश्रेष्ठ निर्माण के लिए कई सम्मान और पुरस्कार मिले, जिनमें उनकी फिल्म ला दोल्चे विता के लिए पॉम दी ओर पुरस्कार भी शामिल है। उनकी चार फिल्मों को विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार भी मिला। .

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फेरारी

फेरारी S.p. A., इटली के मैरानेलो स्थित एक स्पोर्ट्स कार निर्माता है। इसकी स्थापना, 1929 में स्क्यूडेरिया फेरारी के रूप में एंज़ो फेरारी द्वारा की गई। 1947 में फेरारी S.p. के रूप में कानूनी तौर पर चलने वाले वाहनों का उत्पादन करने से पहले इस कंपनी ने चालकों को प्रायोजित किया और दौड़ में भाग लेने वाली गाड़ियों का उत्पादन किया।A. अपने सम्पूर्ण इतिहास के दौरान,दौड़ प्रतियोगिता, खास करके फ़ॉर्मूला वन Formula One में अपनी निरंतर भागीदारी के लिए यह कंपनी प्रसिद्ध रहा है जहां इसे अपार सफलता मिली.

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फोन्तना सेतु

फोन्तना सेतु (Fontana bridge) फोनतना सेतु (Fontana bridge) एक प्रकार का सेतु परिपथ है जिसका सहायता से ऐसा धारा स्रोत बनाया जा सकता है जिसकी बैंडविथ अधिक हो। इसे 'कम्पेन्सेटेड करेन्ट इञेक्शन सर्किट' भी कहते हैं। इसका आविष्कार इटली के गिओर्गियो फोन्ताना (Giorgio Fontana) ने 2003 में किया था। इसका विशद वर्णन में दिया हुआ है। इसमें वोल्टता को धारा में बदलने वाला एक परिपथ होता है। इसमें धनात्मक और ऋणात्मक फीडबैक दोनों उपयोग में लिये जाते हैं। इस परिपथ की यह भी विशेषता है कि यह उपयोगी लोड Z_ के समान्तर आने वाले अदृष्य प्रतिबाधा (parasitic impedance) Z_ का कम्पेन्सेशन भी करता है। इसका यह गुण विद्युतयांत्रिक संसूचक (ट्रान्सड्यूसर) बनाने में बहुत उपयोगी है। संतुलन की स्थिति में, हो तो, .

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फोर्ड के बोल्डविन

फोर्ड के बोल्डविन (कभी-कभी सिर्फ बोल्डविन 1125 - 19 नवम्बर 1190) 1185 से लेकर 1190 के बीच कैंटबरी के आर्कबिशप थे। एक पादरी के बेटे, बोल्डविन ने बोलोन्या, इटली में कैनन कानून और धर्मशास्त्र का अध्ययन किया और इंग्लैंड वापस लौटने व एक्सॅटर के बिशप का उत्तरोत्तर पद ग्रहण करने से पहले पोप यूजीन तृतीय के भतीजे के लिए अनुशिक्षक का कार्य किया।Holdsworth "" Oxford Dictionary of National Biography Bartlett England Under the Norman and Angevin Kings p. 509Barlow Thomas Becket p. 37 बोल्डविन की मृत्यु क्रूसेड में भाग लेते हुए पवित्र भूमि (ईसाई धर्म के अनुसार वर्तमान जॉर्डन नदी और भूमध्य सागर के बीच का संपूर्ण क्षेत्र) में हुई। बोल्डविन के अपने पादरी के साथ लंबे समय तक चले विवाद के कारण एक कालक्रमक ने इनका विवरण एक ऎसे व्यक्तित्व के रूप में की जिसने ईसाई धर्म को सलाउद्दीन से भी अधिक क्षति पहुँचाई थी।Gillingham Richard I pp.

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फीनिक्स सोलर AG

फीनिक्स सोलर AG एक जर्मन फोटोवोल्टिक कंपनी है। वे उन कंपनियो में से हैं जो सिस्टम एकीकरण प्रणाली व्यापार में शामिल है। विशेष रूप से कहे तो ये कंपनी विशाल फोटोवोल्टिक ऊर्जा संयंत्रों के डिजाइन बनाता है, उनका निर्माण करता हैं और संचालन करने में मदद करता हैं। वे केवल इतना ही नहीं पर फोटोवोल्टिक सिस्टम्स और सौर मॉड्यूल के विशेषज्ञ भी हैं और साथ साथ इनसे संबंधित उपकरणों के थोक व्यापारी है। .

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फीफा विश्व कप

फ़ीफा विश्व कप (प्रायः मात्र विश्व कप), फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा), खेल की वैश्विक शासी निकाय के सदस्यों के वरिष्ठ पुरुषों की राष्ट्रीय टीमों द्वारा खेली जाने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संघ फुटबॉल प्रतियोगिता है। 1930 में उद्घाटन टूर्नामेंट के बाद हर चार साल से आयोजित किया जाता है, सिवाय 1942 और 1946 में, जब द्वितीय विश्व युद्ध के कारण से आयोजन नहीं किया जा सका था। मौजूदा चैंपियन ब्राज़ील में 2014 टूर्नामेंट जीतने वाले जर्मनी है। टूर्नामेंट के मौजूदा स्वरूप के बारे में एक महीने की अवधि में मेजबान देश के भीतर स्थानों पर खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा में 32 टीमों को शामिल है, इस चरण में अक्सर विश्व कप के फाइनल में कहा जाता है। वर्तमान में पिछले तीन साल से अधिक जगह लेता है, जो एक योग्यता चरण, टीमें मेजबान देश के साथ टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई जो निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। 19 विश्व कप टूर्नामेंट के आठ विभिन्न राष्ट्रीय टीमों द्वारा जीता गया है। ब्राजील पांच बार जीता है और वे हर टूर्नामेंट में खेला है के लिए एक ही टीम हैं। चार खिताब प्रत्येक के साथ, इटली तथा जर्मनी, दो खिताब प्रत्येक के साथ अर्जेंटीना और ​उरुगुए और इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन, एक खिताब के साथ प्रत्येक। विश्व कप में दुनिया के सबसे व्यापक रूप से देखी जाने वाली खेल की घटनाओं में से एक है, एक अनुमान के अनुसार 71,51,00,000 लोगों को जर्मनी में आयोजित २००६ फीफा विश्व कप का फाइनल मैच देखा। .

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बचना ऐ हसीनो

बचना ऐ हसीनों (Beware, ye beauties, बचना ऐ हसीनो, 15 अगस्त 2008 को जारी एक बॉलीवुड फ़िल्म है। इसके कलाकार हैं रणबीर कपूर, बिपाशा बसु, मिनीषा लांबा और दीपिका पादुकोण. इस फ़िल्म को निर्देशित किया था सिद्धार्थ आनंद ने, जिनकी पिछली फ़िल्मों में शामिल हैं सलाम नमस्ते (2005) और ता रा रम पम (2007). .

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बटाईदारी

अमेरिका में काम करता एक बटाईदार (शेयरक्रॉपर) किसान परिवार बटाईदारी कृषि की उस व्यवस्था को कहा जाता है जिसमें ज़मीन का मालिक उसपर काम करने वाले किसान को अपनी ज़मीन का प्रयोग करने का अधिकार इस शर्त पर देता है कि किसान अपनी फ़सल का कुछ हिस्सा उसके हवाले कर देगा। दुनिया भर में बटाईदारी की बहुत सी प्रणालियाँ रही हैं। उदाहरण के लिए भारतीय उपमहाद्वीप में मुग़ल और अंग्रेज़ी ज़माने की ज़मींदारी व्यवस्था में किसी गाँव की ज़मीन को उस गाँव के ज़मींदार की सम्पत्ति माना जाता था और वह गाँव के अन्य निवासियों को उसपर तभी काम करने देता था अगर वे उसे अपनी फ़सल का हिस्सा दें। अमेरिका में 'शेयरक्रॉपिन्ग' (sharecropping), इटली में 'मेत्ज़ाद्रिया' (mezzadria), फ़्रांस में 'मेतायाझ़' (métayage) और स्पेन में 'मेदियेरो' (mediero) इसके अन्य उदाहरण हैं। इस्लामी शरिया क़ानून में भी बाग़ों पर काम करने के लिए एक 'मुसाक़त' नाम की बटाईदारी व्यवथा का उल्लेख है।, Bijit Kumar Dutta, Mittal Publications, 2003, ISBN 978-81-7099-917-1,...

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बफ़ेलो, न्यूयॉर्क

न्यूयॉर्क राज्य में न्यूयॉर्क सिटी के बाद सर्वाधिक आबादी वाला शहर बफ़ेलो है। बफ़ेलो पश्चिमी न्यूयॉर्क में एरी झील के पूर्वी तट पर तथा फ़ोर्ट एरी, ओंटेरियो के सामने नियाग्रा नदी के निकट स्थित है और नियाग्रा फॉल्स महानगरीय क्षेत्र का प्रमुख शहर होने के साथ साथ एरी काउंटी का मुख्यालय भी है। एरी काउंटी (न्यूयार्क) गवर्नमेंट होम पेज, 16 अप्रैल 2008 को ऐक्सेस किया गया। इस शहर की जनसंख्या 292,648 (2000 की जनगणना के अनुसार).

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बर्नारडो बर्टोलूची

बर्नारडो बर्टोलूची (इतालवी:; 16 मार्च 1940 को जन्म) एक इतालवी फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। उनकी प्रमुख फिल्में हैं - द कंफर्मिस्ट, लास्ट टैंगो इन पेरिस, द लास्ट इंपरर, द सेल्टरिंग स्काई, स्टीलिंग ब्यूटी, द ड्रीमर्स और लिटिल बुद्धा। सन् 2011 में फिल्म निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए कान्स फिल्म समारोह में उन्हें पाम दी ओर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चर्चित पटकथा लेखिका क्लारा पेप्लो उनकी पत्नी हैं। .

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बर्लिन कांग्रेस

बर्लिन कांग्रेस बर्लिन कांग्रेस (13 जून – 13 जुलाई 1878) बर्लिन में सम्पन्न एक सम्मेलन था जिसमें उस समय की महाशक्तियाँ (रूस, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, आस्ट्रिया-हंगरी, इटली तथा जर्मनी), चार बाल्कन राज्य (ग्रीस, सर्बिया, रोमानिया, मान्टीनिग्रो) और उस्मानी साम्राज्य ने भाग लिया था। इसका उद्देश्य १८७७-७८ के रूस-तुर्की युद्ध के बाद बाल्कन प्रायद्वीप के राज्यों की सीमायें तय करना था। इस सम्मेलन के परिणामस्वरूप बर्लिन की संधि पर हस्ताक्षर हुए जिसने रूस और उस्मानी साम्राज्य में मात्र तीन माह पूर्व सम्पन्न सान स्टिफानों की संधि का स्थान ग्रहण किया। .

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बरॉक

पीटर पॉल रूबेंस द्वारा आराधना. जिआन लॉरेंजों बर्निनी द्वारा रूपांकित सैंट'एंड्रिया एल क्युरिनेल का चर्च. बरॉक (bə-), यूरोप में 16वीं सदी के अंत और 18वीं सदी के आरंभ में प्रचलित एक कलात्मक शैली है। इसे अधिकतर "मैनेरिस्ट और रोकोको युगों में यूरोप की एक प्रभावशाली शैली के रूप में परिभाषित किया जाता है, एक ऐसी शैली, जिसे गतिशील आन्दोलन, खुली भावना और आत्मविश्वासी अलंकार विद्या" के रूप में जाना जाता है। बरॉक शैली की लोकप्रियता और सफलता को रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा प्रोत्साहित किया गया, जिसने प्रोटेस्टेंट सुधार की प्रतिक्रिया में, काउंसिल ऑफ ट्रेंट के समय यह निर्णय लिया था, कि कला को प्रत्यक्ष और भावनात्मक जुड़ाव के साथ धार्मिक प्रकरणों को संचारित करना चाहिए। अभिजात वर्ग ने भी बरॉक वास्तुकला की नाटकीय शैली और कला को आगंतुकों को प्रभावित करने और विजयी शक्ति और नियंत्रण को अभिव्यक्त करने वाले माध्यम के रूप में देखा। बरॉक महलों को परिसर के प्रवेश द्वार, भव्य सीढ़ियों और क्रमानुसार समृद्धि को बढ़ाने वाले स्वागत कक्ष के आस पास निर्मित किया जाता है। .

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बही-खाता

बही-खाता या पुस्तपालन या बुककीपिंग एक ऐसी पद्धति है जिसमें किसी कम्पनी, गैर–लाभकारी संगठन या किसी व्यक्ति के वित्तीय लेनदेन के आंकड़ों का प्रतिदिन के आधार पर भंडारण, रिकॉर्डिंग और पुनर्प्राप्त करना, विश्लेषण और व्याख्या करने की प्रक्रिया शामिल होती है। इस प्रक्रिया में बिक्री, प्राप्तियां, लेनदेन में खरीद, और किसी व्यक्ति/निगम/संगठन द्वारा भुगतान आदि सम्मिलित किए जाते हैं। बुककीपिंग, एक बुककीपर द्वारा किया जाता है जो किसी व्यवसाय के प्रतिदिन के वित्तीय लेनदेन को रिकॉर्ड करता है। प्रक्रिया के लिए शुद्धता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि व्यक्तिगत वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड सही, व्यापक और अद्यतन (अप–टू–डेट) हैं। प्रत्येक लेनदेन, चाहे वह बिक्री हो या खरीद हो, दर्ज किया जाना चाहिए। बुक कीपिंग के लिए स्थापित संरचनाएं होती हैं जिन्हें ‘गुणवत्ता नियंत्रण‘ कहा जाता है। ये संरचनाएँ समय–समय पर वित्तीय लेनदेन के भंडारण, रिकॉर्डिंग और पुनर्प्राप्ति और सटीक रिकॉर्ड सुनिश्चित करने में सहायता करतीं हैं। 'बही-खाता' दो प्रविष्टियों वाली (डबल इंट्री) पुस्तपालन (बुककीपिंग) की भारतीय पद्धति है। प्रायः १४९४ में लिखित पिकौलीज समर (Pacioli's Summar) को अंकेक्षण का प्राचीनतम ग्रंथ माना जाता है किन्तु बही खाता का प्रचलन भारत में उससे भी पूर्व कई शताब्दियों से है। बही-खाता की पद्धति भारत में यूनानी एवं रोमन साम्राज्यों के पहले भी विद्यमान थी। इससे यही अनुमान लगाया जा सकता है कि भारतीय व्यवसायी अपने बही-खाता अपने साथ इटली ले गये और वहीं से द्विप्रविष्टि प्रणाली पूरे यूरोप में फैली। .

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बादाम

बादाम (अंग्रेज़ी:ऑल्मंड, वैज्ञानिक नाम: प्रूनुस डल्शिस, प्रूनुस अमाइग्डैलस) मध्य पूर्व का एक पेड़ होता है। यही नाम इस पेड़ के बीज या उसकी गिरि को भी दिया गया है। इसकी बड़े तौर पर खेती होती है। बादाम एक तरह का मेवा होता है। संस्कृत भाषा में इसे वाताद, वातवैरी आदि, हिन्दी, मराठी, गुजराती व बांग्ला में बादाम, फारसी में बदाम शोरी, बदाम तल्ख, अंग्रेजी में आलमंड और लैटिन में एमिग्ड्रेलस कम्युनीज कहते हैं। आयुर्वेद में इसको बुद्धि और नसों के लिये गुणकारी बताया गया है। भारत में यह कश्मीर का राज्य पेड़ माना जाता है। एक आउंस (२८ ग्राम) बादाम में १६० कैलोरी होती हैं, इसीलिये यह शरीर को उर्जा प्रदान करता है।|नीरोग लेकिन बहुत अधिक खाने पर मोटापा भी दे सकता है। इसमें निहित कुल कैलोरी का ¾ भाग वसा से मिलता है, शेष कार्बोहाईड्रेट और प्रोटीन से मिलता है। इसका ग्लाईसेमिक लोड शून्य होता है। इसमें कार्बोहाईड्रेट बहुत कम होता है। इस कारण से बादाम से बना केक या बिस्कुट, आदि मधुमेह के रोगी भी ले सकते हैं। बादाम में वसा तीन प्रकार की होती है: एकल असंतृप्त वसीय अम्ल और बहु असंतृप्त वसीय अम्ल। यह लाभदायक वसा होती है, जो शरीर में कोलेस्टेरोल को कम करता है और हृदय रोगों की आशंका भी कम करता है। इसके अलावा दूसरा प्रकार है ओमेगा – ३ वसीय अम्ल। ये भी स्वास्थवर्धक होता है। इसमें संतृप्त वसीय अम्ल बहुत कम और कोलेस्टेरोल नहीं होता है। फाईबर या आहारीय रेशा, यह पाचन में सहायक होता है और हृदय रोगों से बचने में भी सहायक रहता है, तथा पेट को अधिक देर तक भर कर रखता है। इस कारण कब्ज के रोगियों के लिये लाभदायक रहता है। बादाम में सोडियम नहीं होने से उच्च रक्तचाप रोगियों के लिये भी लाभदायक रहता है। इनके अलावा पोटैशियम, विटामिन ई, लौह, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस भी होते हैं।। हिन्दी मीडिया.इन। २५ सितंबर २००९। मीडिया डेस्क .

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बारी

यह इटली का एक प्रमुख नगर है। File:Castello normanno-svevo (Bari) 2017.jpg File:Izlošci zbirke u Bariju.jpg File:Bari u rujnu.jpg File:Palazzo del Governo (Bari).jpg File:Spomenik u talijanskom gradu Bariju.jpg File:Palazzo delle Finanze (Bari).jpg File:Katedrala sv.

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बाल्कन युद्ध

बाल्कन का आधुनिक इतिहास (सन १८०० के बाद) बाल्कन लीग का प्रचारात्मक पोस्टर बाल्कन युद्ध, सन् १९१२ - १९१३ में हुए थे। ये युद्ध प्रथम विश्वयुद्ध के महत्वपूर्ण कारणों में से माने जाते है। .

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बाळकृष्ण शिवराम मुंजे

डॉ बालकृष्ण शिवराम मुंजे (१२ दिसम्बर १८७२ - ३ मार्च १९४८) भारत के एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा हिन्दू महासभा के सदस्य थे। वे सन १९२७-२८ में अखिल भारत हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बनवाने में इनका बहुत योगदान था। संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के वे राजनितिक गुरु थे। डॉ॰ मुंजे भारत में सैनिक-शिक्षा के पुरोधा थे। .

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बास्केटबॉल

बास्केटबॉल एक टीम खेल है, जिसमें 5 सक्रिय खिलाड़ी वाली दो टीमें होती हैं, जो एक दूसरे के खिलाफ़ एक 10 फुट (3,048 मीटर) ऊंचे घेरे (गोल) में, संगठित नियमों के तहत एक गेंद डाल कर अंक अर्जित करने की कोशिश करती हैं। बास्केटबॉल, विश्व के सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से देखे जाने वाले खेलों में से एक है। ---------------------------------- गेंद को ऊपर से टोकरी के आर-पार फेंक कर (शूटिंग) अंक बनाए जाते हैं; खेल के अंत में अधिक अंकों वाली टीम जीत जाती है। गेंद को कोर्ट में उछालते हुए (ड्रिब्लिंग) या साथियों के बीच आदान-प्रदान करके आगे बढ़ाया जाता है। बाधित शारीरिक संपर्क (फाउल) को दंडित किया जाता है और गेंद को कैसे संभाला जाए इस पर पाबंदियां हैं (उल्लंघन).

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बाज़िलीकाता

बाज़िलीकाता, जिसको लुकानिया भी कहा जाता है, इटली के दक्षिण में एक क्षेत्र है जिसकी हदों पश्चिम में कांपानिया, उत्तर और पूर्व में पुलिया और दक्षिण में कालाब्रिया से लगतीं हैं। इसकी राजधानी पोतैंज़ा है। .

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बिर्र

बिर्र इथियोपिया की आधिकारिक मुद्रा है। १९७६ से पहले, बिर्र का आधिकारिक अंग्रेजी अनुवाद डॉलर किया जाता था। आज, आधिकारिक तौर पर अंग्रेजी में भी बिर्र का इस्तेमाल किया जाता है। 1931 में इथियोपिया के महाराजा हेल सैलेसी प्रथम ने औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अबेसिनिया के स्थान पर इथियोपिया नाम का इस्तेमाल करने का आग्रह किया था, इसके साथ ही उन्होंने बैंक ऑफ अबेसेनिया का नाम बदलकर बैंक ऑफ इथियोपिया किया। इस वजह से १९३१ के पहले की मुद्रा को अबेसेनिया बिर्र और १९३१ के बाद की मुद्रा को इथियोपियन बिर्र कहा जाता है। हालांकि देश वही था और मुद्रा भी वहीं थी। .

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बिस्मार्क

250px ओटो एडुअर्ड लिओपोल्ड बिस्मार्क (1 अप्रैल 1815 - 30 जुलाई 1898), जर्मन साम्राज्य का प्रथम चांसलर तथा तत्कालीन यूरोप का प्रभावी राजनेता था। वह 'ओटो फॉन बिस्मार्क' के नाम से अधिक प्रसिद्ध है। उसने अनेक जर्मनभाषी राज्यों का एकीकरण करके शक्तिशाली जर्मन साम्राज्य स्थापित किया। वह द्वितीय जर्मन साम्राज्य का प्रथम चांसलर बना। वह "रीअलपालिटिक" की नीति के लिये प्रसिद्ध है जिसके कारण उसे "लौह चांसलर" के उपनाम से जाना जाता है। वह अपने युग का बहुत बड़ा कूटनीतिज्ञ था। अपने कूटनीतिक सन्धियों के तहत फ्रांस को मित्रविहीन कर जर्मनी को यूरोप की सर्वप्रमुख शक्ति बना दिया। बिस्मार्क ने एक नवीन वैदेशिक नीति का सूत्रपात किया जिसके तहत शान्तिकाल में युद्ध को रोकने और शान्ति को बनाए रखने के लिए गुटों का निर्माण किया। उसकी इस 'सन्धि प्रणाली' ने समस्त यूरोप को दो गुटों में बांट दिया। .

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बिग ब्रदर (टीवी सीरिज़)

बिग ब्रदर एक रियलिटी टेलीविजन शो है, जहां एक बड़े घर में लोगों का एक समूह एक साथ रहता है, बाहरी दुनिया से बिल्कुल अलग-थलग, लेकिन टेलीविजन कैमरों द्वारा उन्हें लगातार देखा जा रहा होता है। प्रत्येक सीरिज़ तीन महीने के करीब चलती है और इसमें आम तौर पर 15 से कम प्रतिभागी हुआ करते हैं। इस घर के सदस्य खुद को घर से होने वाले नियतकालिक निष्कासन से बचाते हुए एक नकद पुरस्कार जीतने की कोशिश करते हैं। जॉन डी मोल प्रोदुक्तिज़ (John de Mol Produkties) (इंडेमोल का एक स्वतंत्र भाग) नामक निर्माण संस्था के एक जबर्दस्त बहस-मुबाहिसे से इस शो का विचार 4 सितंबर 1997 सामने आया। 1999 में नीदरलैंड के वेरोनिका चैनल में पहले बिग ब्रदर का प्रसारण किया गया था। अगले साल से जर्मनी, पुर्तगाल, यूएसए (USA), यूके (UK), स्पेन, बेल्जियम, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और इटली में इसका प्रसारण शुरू हुआ और इस तरह यह एक विश्वव्यापी हलचल बन गया।‍ तब से यह लगभग 70 देशों में प्राइम-टाइम हिट बना हुआ है। शो का नाम जॉर्ज ऑरवेल के 1949 के उपन्यास नाइंटीन एटी-फोर (Nineteen Eighty-Four) से लिया गया, यह एक ऐसे आतंकराज की कहानी है जिसमे बिग ब्रदर अपनी तानाशाही के निवासियों पर हमेशा उनके टेलीविजन सेट के जरिये जासूसी कर सकता है, इस नारे के साथ कि "बिग ब्रदर इज वाचिंग यू " (Big Brother is watching you) अर्थात तुम पर बिग ब्रदर की नज़र है। .

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बंसी लाल

चौधरी बंसीलाल (26 अगस्त 1927-28 मार्च 2006)(चौधरी बंसी लाल) एक भारयीय स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कई लोगों द्वारा आधुनिक हरियाणा के निर्माता माने जाते हैं। उनका जन्म हरियाणा के भिवानी जिले के गोलागढ़ गांव के जाट परिवार में हुआ था। उन्होंने तीन अलग-अलग अवधियों: 1968-197, 1985-87 एवं 1996-99 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। बंसीलाल को 1975 में आपातकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके पुत्र संजय गांधी का एक करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने दिसंबर 1975 से मार्च 1977 तक रक्षा मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी एवं 1975 में केंद्र सरकार में बिना विभाग के मंत्री के रूप में उनका एक संक्षिप्त कार्यकाल रहा। उन्होंने रेलवे और परिवहन विभागों का भी संचालन किया। लाल सात बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए, पहली बार 1967 में.

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ब्रिंडिसि

ब्रिंडिसि इटली के अपूलिया का एक प्रमुख नगर है। श्रेणी:इटली के नगर.

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ब्रूनो समार्टीनो

ब्रूनो Leopoldo फ्रांसेस्को Sammartino (जन्म अक्टूबर 6, 1935 - died 18 April 2018) एक इतालवी अमेरिकी पूर्व पेशेवर पहलवान, सबसे अच्छा शीर्षक में कुल 11 वर्षों के लिए दो राजा, साथ ही सबसे लंबे समय तक एकल WWE चैंपियनशिप शासनकाल में भर में पकड़े हुए दुनिया चौड़ा कुश्ती महासंघ (WWWF), के सबसे लंबे समय तक चलने चैंपियन होने के लिए जाना जाता है पेशेवर इतिहास कुश्ती। Sammartino की कुश्ती शैली थी जो उसकी युग से पहलवानों की ठेठ था अधिक चटाई उन्मुख। उसकी brawling, बिजली ले जाता है और व्यक्तिगत करिश्मा उसे 1960 और 1970 के दशक में सबसे लोकप्रिय अमेरिकी पहलवान हो मदद की। .

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ब्रेल पद्धति

ब्रेल पद्धति में देवनागरी लिपि फ्रेंच शब्द ''प्रिमिअर'' (प्रथम) का ब्रेल पद्धति में रूप ब्रेल पद्धति एक तरह की लिपि है, जिसको विश्व भर में नेत्रहीनों को पढ़ने और लिखने में छूकर व्यवहार में लाया जाता है। इस पद्धति का आविष्कार १८२१ में एक नेत्रहीन फ्रांसीसी लेखक लुई ब्रेल ने किया था। यह अलग-अलग अक्षरों, संख्याओं और विराम चिन्हों को दर्शाते हैं।। हिन्दुस्तान लाइव। १ फ़रवरी २०१०। सौरभ सुमन ब्रेल के नेत्रहीन होने पर उनके पिता ने उन्हें पेरिस के रॉयल नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड चिल्डे्रन में भर्ती करवा दिया। उस स्कूल में "वेलन्टीन होउ" द्वारा बनाई गई लिपि से पढ़ाई होती थी, पर यह लिपि अधूरी थी। इस विद्यालय में एक बार फ्रांस की सेना के एक अधिकारी कैप्टन चार्ल्स बार्बियर एक प्रशिक्षण के लिये आए और उन्होंने सैनिकों द्वारा अँधेरे में पढ़ी जाने वाली "नाइट राइटिंग" या "सोनोग्राफी" लिपि के बारे में व्याख्यान दिया। यह लिपि कागज पर अक्षरों को उभारकर बनाई जाती थी और इसमें १२ बिंदुओं को ६-६ की दो पंक्तियों को रखा जाता था, पर इसमें विराम चिह्न, संख्‍या, गणितीय चिह्न आदि नहीं होते थे। ब्रेल को वहीम से यह विचार आया। लुई ने इसी लिपि पर आधारित किन्तु १२ के स्थाण पर ६ बिंदुओं के उपयोग से ६४ अक्षर और चिह्न वाली लिपि बनायी। उसमें न केवल विराम चिह्न बल्कि गणितीय चिह्न और संगीत के नोटेशन भी लिखे जा सकते थे। यही लिपि आज सर्वमान्य है।। वेबदुनिया। अलकनंदा साने लुई ने जब यह लिपि बनाई तब वे मात्र १५ वर्ष के थे। सन् १८२४ में पूर्ण हुई यह लिपि दुनिया के लगभग सभी देशों में उपयोग में लाई जाती है। इसमें प्रत्येक आयताकार सेल में ६ बिन्दु यानि डॉट्स होते हैं, जो थोड़े-थोड़े उभरे होते हैं। यह दो पंक्तियों में बनी होती हैं। इस आकार में अलग-अलग ६४ अक्षरों को बनाया जा सकता है। सेल की बांई पंक्ति में उपर से नीचे १,२,३ बने होते हैं। इसी तरह दांईं ओर ४,५,६ बनी होती हैं। एक डॉट की औसतन ऊंचाई ०.०२ इंच होती है। इसको पढ़ने की विशेष तकनीक होती है। ब्रेल लिपि को पढ़ने के लिए अंधे बच्चों में इतना ज्ञान होना आवश्यक है कि वो अपनी उंगली को विभिन्न दिशाओं में सेल पर घुमा सकें। वैसे विश्व भर में इसको पढ़ने का कोई मानक तरीका निश्चित नहीं हैं। ब्रेल लिपि को स्लेट पर भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा इसे ब्रेल टाइपराइटर पर भी प्रस्तुत किया जा सकता है। आधुनिक ब्रेल स्क्रिप्ट को ८ डॉट्स के सेल में विकसित कर दिया गया है, ताकि अंधे लोगों को अधिक से अधिक शब्दों को पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो सके। आठ डॉट्स वाले ब्रेल लिपि सेल में अब ६४ की बजाय २५६ अक्षर, संख्या और विराम चिह्नें के पढ़ सकने की सुविधा उपलब्ध है। ब्रेल पद्धति को वर्णमाला के वर्णों को कूट रूप में निरूपित करने वाली सबसे प्रथम प्रचलित प्रणाली कह सकते हैं, किन्तु ब्रेल लिपि नेत्रहीनों के पढ़ने और लिख सकने के उपाय का प्रथम प्रयास अध्याय नहीं है। इससे पहले भी १७वीं शताब्दी में इटली के जेसूट फ्रांसिस्को लाना ने नेत्रहीनों के लिखने-पढ़ने को लेकर काफी कोशिशें की थीं। .

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ब्लड, टॉय्ल, टीयर्ज़ ऐण्ड स्वॅट

13 मई 1940 को चर्चिल द्वारा दिए गए भाषण के बाद "लहू, मेहनत, आँसू और पसीना" का जुमला प्रसिद्ध हो गया ब्लड, टॉय्ल, टीयर्ज़ ऐण्ड स्वॅट (अंग्रेज़ी: Blood, toil, tears and sweat; लहू, मेहनत, आँसू और पसीना) एक सूत्रवाक्य है और ब्रिटेन के भूतपूर्व प्रधानमन्त्री विन्सटन चर्चिल द्वारा 13 मई 1940 को द्वितीय महायुद्ध के दौरान दिए गए एक प्रेरणाजनक भाषण का अनौपचारिक शीर्षक है। .

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बैद्यनाथ (समूह)

बैद्यनाथ भारत का सबसे पुराना एवं सबसे लोकप्रिय आयुर्वेदिक औषधि निर्माता समूह है। इस कंपनी के च्यवनप्राश, दशमूलारिष्ट, महानारायण तेल, चंद्र प्रभावटी, महायोगराज गूगल आदि दवाओं की एक खास विश्वसनीयता है। वैद्यनाथ की खास दवाएँ, कासामृत, बीटा एक्स, कब्जहर तो लोगों की जुबान पर है। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के समय वैद्यनाथ ने एक नारा दिया था - 'देश की मिट्टी, देश की हवा, देश का पानी, देश की दवा।' वैद्यनाथ अभी पूरी दुनिया में फैला है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में इस कंपनी के 33 डीलर हैं। वहाँ डैलस में वैद्यनाथ का मुख्यालय है। यह कंपनी यूरोपीय देश इटली, जर्मनी व बेल्जियम आदि में भी निर्यात कर रही है। श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्रा.

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बैरेटा (छोटी पिस्तौल)

बैरेटा (छोटी पिस्तौल) मूल रूप से यूएसए में बनी 20 कैलिबर की सबसे छोटी पिस्तौल थी जिसका अमेरिका के मेरीलैण्ड राज्य (उपनिवेश) के ऐकोकीक शहर में सन् 1985 तक उत्पादन हुआ। क्योंकि 1984 से इटली की बैरेटा कम्पनी ने इसके उन्नत मॉडल बैरेटा 21 A बॉबकैट (अं: Beretta 21 A Bobcat) के नाम से उत्पादन शुरू कर दिया था इसलिये अमरीका की यह सबसे छोटी पिस्तौल अब दुर्लभ शस्त्र की श्रेणी में आ गयी। आसानी से मनुष्य की हथेली में आ जाने वाली यह पिस्तौल जेब में भी आराम से रखी जा सकती थी। नाथूराम गोडसे ने इसी मॉडल की पिस्तौल से महात्मा गान्धी की हत्या की थी। मुकदमे के दौरान न्यायालय में नाथूराम गोडसे द्वारा दिये गये बयान के अनुसार इस प्रकार की पिस्तौल उसने नई दिल्ली में एक शरणार्थी से खरीदी थी। .

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बैले

बैले नर्तकियों का चित्र, 1872 में एडगर डेगास द्वारा. बैले एक तरह का प्रदर्शन नृत्य है जिसकी उत्पत्ति 15वीं शताब्दी में इतालवी नवजागरण न्यायालयों में हुई और आगे चलकर फ्रांस, इंग्लैंड और रूस में इसे एक समारोह नृत्य शैली के तौर पर और अधिक विकसित किया गया। इसकी शुरुआत रंगमंचों से पहले हुई और इन्हें बड़े कक्षों में प्रदर्शित किया जाता था जहां ज्यादातर दर्शक, पंक्तियों अथवा दीर्घाओं में डांस फ्लोर के तीनों ओर बैठे होते थे। इसके बाद से यह स्वयं की शब्दावली वाली बेहद तकनीकी नृत्य शैली बन गई। मुख्य तौर पर इसे शास्त्रीय संगीत के साथ ही प्रदर्शित किया जाता है और एक नृत्य के रूप में यह पूरे विश्व में काफी प्रभावशाली है। पूरे विश्व के बैले स्कूलों में बैले नृत्य सिखाया जाता है जहां लोग अपनी संस्कृति और समाज के माध्यम से इस कला के बारे में बताते हैं। बैले नृत्य प्रशिक्षित कलाकारों द्वारा कोरियोग्राफ और प्रदर्शित किया जाता है, जिसमें मसखरी और अभिनय करना भी शामिल है और जो संगीत पर तैयार होता है (आमतौर पर ऑर्केसट्रा के संगीत पर लेकिन कभी-कभार मौखिक भी होता है).

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बैंक

जर्मनी के फ्रैंकफुर्त में डश-बैंक बैंक (Bank) उस वित्तीय संस्था को कहते हैं जो जनता से धनराशि जमा करने तथा जनता को ऋण देने का काम करती है। लोग अपनी अपनी बचत राशि को सुरक्षा की दृष्टि से अथवा ब्याज कमाने के हेतु इन संस्थाओं में जमा करते और आवश्यकतानुसार समय समय पर निकालते रहते हैं। बैंक इस प्रकार जमा से प्राप्त राशि को व्यापारियों एवं व्यवसायियों को ऋण देकर ब्याज कमाते हैं। आर्थिक आयोजन के वर्तमान युग में कृषि, उद्योग एवं व्यापार के विकास के लिए बैंक एवं बैंकिंग व्यवस्था एक अनिवार्य आवश्यकता मानी जाती है। राशि जमा रखने तथा ऋण प्रदान करने के अतिरिक्त बैंक अन्य काम भी करते हैं जैसे, सुरक्षा के लिए लोगों से उनके आभूषणादि बहुमूल्य वस्तुएँ जमा रखना, अपने ग्राहकों के लिए उनके चेकों का संग्रहण करना, व्यापारिक बिलों की कटौती करना, एजेंसी का काम करना, गुप्त रीति से ग्राहकों की आर्थिक स्थिति की जानकारी लेना देना। अत: बैंक केवल मुद्रा का लेन देन ही नहीं करते वरन् साख का व्यवहार भी करते हैं। इसीलिए बैंक को साख का सृजनकर्ता भी कहा जाता है। बैंक देश की बिखरी और निठल्ली संपत्ति को केंद्रित करके देश में उत्पादन के कार्यों में लगाते हैं जिससे पूँजी निर्माण को प्रोत्साहन मिलता है और उत्पादन की प्रगति में सहायता मिलती है। भारतीय बैंकिग कंपनी कानून, १९४९ के अंतर्गत बैंक की परिभाषा निम्न शब्दों में दी गई हैं: एक ही बैंक के लिए व्यापार, वाणिज्य, उद्योग तथा कृषि की समुचित वित्तव्यवस्था करना असंभव नहीं तो कठिन अवश्य होता है। अतएव विशिष्ट कार्यों के लिए अलग अलग बैंक स्थापित किए जाते हैं जैसे व्यापारिक बैंक, कृषि बैंक, औद्योगिक बैंक, विदेशी विनिमय बैंक तथा बचत बैंक। इन सब प्रकार के बैंकों को नियमपूर्वक चलाने तथा उनमें पारस्परिक तालमेल बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक होता है जो देश भर की बैंकिंग व्यवस्था का संचालन करता है। समय के साथ कई अन्य वित्तीय गतिविधियाँ जुड़ गईं। उदाहरण के लिए बैंक वित्तीय बाजारों में महत्वपूर्ण खिलाडी हैं और निवेश फंड जैसे वित्तीय सेवाओं की पेशकश कर रहे हैं। कुछ देशों (जैसे जर्मनी) में बैंक औद्योगिक निगमों के प्राथमिक मालिक हैं, जबकि अन्य देशों (जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका) में बैंक गैर वित्तीय कंपनियों स्वक्मित्व से निषिद्ध रहे हैं। जापान में बैंक को आमतौर पर पार शेयर होल्डिंग इकाई (ज़ाइबत्सू) के रूप में पहचाना जाता है। फ़्रांस में अधिकांश बैंक अपने ग्राहकों को बिमा सेवा प्रदान करते हैं। .

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बेथलहम

बेथलहम (بَيْتِ لَحْمٍ,, प्रकाशित “हाउस ऑफ मीट (House of Meat)"; בֵּית לֶחֶם, बीट लेहम (Beit Lehem), प्रकाशित "हाउस ऑफ ब्रेड (House of Bread);" बेथलीम (Bethleém)) मध्य वेस्ट-बैंक में, येरुशलम से लगभग दक्षिण में स्थित एक फिलिस्तीनी शहर है, जिसकी जनसंख्या लगभग 30,000 है।अमरा, 1999,.

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बेन-हर (1959 की फ़िल्म)

बेन-हर (या बेनहर) विलियम वायलर द्वारा निर्देशित एक महाकाव्यात्मक फिल्म है और 1980 में लिखे ल्यू वैलेस के उपन्यास का तीसरा फिल्मी रूपांतरण है।Ben-Hur: A Tale of the Christ इसका प्रीमियर 18 नवम्बर 1959 को न्यूयॉर्क के लो के स्टेट थिएटर में किया गया। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म के साथ ही 11 अकादमी अवार्ड जीत कर एक प्रतिमान कायम किया, एक उपलब्धि जिसकी बराबरी केवल टाइटेनिक के द्वारा की गयी थी।The Lord of the Rings: The Return of the King 44 साल तक यह अंतिम फिल्म बनी रही जिसने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता दोनों के लिए ऑस्कर जीता, जिसके बाद मिस्टिक रिवर को वही पुरस्कार मिला। .

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बेनिटो मुसोलिनी

बेनिटो मुसोलिनी (११४०) बेनितो मुसोलिनी (२९जुलाई, १८८२ - २८ अप्रैल १९४५) इटली का एक राजनेता था जिसने राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया। वह फासीवाद के दर्शन की नींव रखने वालों में से प्रमुख व्यक्ति था। उसने दूसरे विश्वयुद्ध में एक्सिस समूह में मिलकर युद्ध कीया। वे हिटलर के निकटतम राजनीतिज्ञ थे। इनका जीवन अवसरवाद, आवारापन और प्रतिभा के मिश्रण से बना कहा गया है। उनकी गोली मारकर हत्या की गयी।फासीवाद का नेतृत्व किया था। जनरल फ्रेंको की सहायता की थी। .

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बेनेदितो क्रोचे

बेनेदितो क्रोचे (Benedetto Croce; 25 फ़रवरी 1866 – 20 नवम्बर 1952) इटली का आत्मवादी दार्शनिक था। उसने अनेकानेक विषयों पर लिखा जिनमें दर्शन, इतिहास, सौन्दर्य शास्त्र आदि प्रमुख हैं। वह उदारवादी विचारक था किन्तु उसने मुक्त व्यापार का विरोध किया। .

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बेर्गमो

यह इटली का एक प्रमुख नगर है।.

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बॉक्सर विद्रोह

तियानजिन में बॉक्सर विद्रोहियों का दस्ता आठ-राष्ट्रिय गुट के नुमाइंदे - (बाएँ से) ब्रिटिश, अमेरिकी, रूसी, ब्रिटिश भारतीय, जर्मन, फ़्रांसिसी, ऑस्ट्रो-हंगेरियाई, इतालवी, जापानी सर क़लम कर के विद्रोहियों को सज़ा बॉक्सर विद्रोह या मुक़्क़ेबाज़ विद्रोह चीन में सन् 1898 से 1901 तक चलने वाला यूरोपियाई साम्राज्यवाद और इसाई धर्म के फैलाव के विरुद्ध एक हिंसक आन्दोलन था। इसका नेतृत्व एक "धार्मिक समस्वर संघ" (चीनी:義和團, यीहेतुआन) नाम के संगठन ने किया था, जिन्हें "धार्मिक और समस्वरीय मुक़्क़ों का संघ" भी कहा जाता था। मुक़्क़ेबाज़ को अंग्रेज़ी में "बॉक्सर" (boxer) कहते हैं इसलिए विद्रोहियों को यही बुलाया जाने लगा। .

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बॉक्सिंग डे

(or 28 दिसम्बर - public holiday only) | relatedto .

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बोतोलोमो कादुसी

'क्रूस से अवतरण', 1595 बातोलोमो कादुसी (Bartolomeo Carducci; १५६०-१६१०) इटली का चित्रकार था। वह फ़्लोरेंस में जन्मा और जिसने वहीं अपनी कलाशिक्षा ली। अपने समय के प्रचलित कलाकार अमानती से उसने वास्तुशिल्प तथा मूर्तिकला सीखी। चित्रकला की शिक्षा उसे प्रसिद्ध चित्रकार जुकेरो से मिली थी। जुकेरो प्राय: चित्र बनाने के लिए दूर-दूर से बुलाया जाता था, जो साथ की कादुसी को भी सहायक के रूप में ले जाया करता था। ज़केरो के साथ वह माद्रिद गया था जहाँ उसने एक्कोंरियल पुस्तकालय के लिए चित्र बनाए तथा उस प्रसिद्ध राजमहल की दीवारों पर भित्तिचित्र लिखे। धीरे-धीरे उसकी पहुँच राजदरबार तक हो गई और स्पेन के राजा फ़िलिप द्वितीय का वह कृपापात्र बन गया। अधिकतर वह स्पेन में ही रहा और वहीं उसकी मृत्यु भी हुई। उसके बनाए अधिकतर चित्र स्पेन में ही हैं। उसका सबसे प्रसिद्ध चित्र 'क्रूस से अवतरण' (ईसा का क्रास पर से उतारा जाना) है। यह साँ फ़ेलिप अल रील नामक गिरजाघर (मादिद्र) में सुरक्षित है। श्रेणी:चित्रकार.

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बोफोर्स घोटाला

होइटसर सन् १९८७ में यह बात सामने आयी थी कि स्वीडन की हथियार कंपनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिये 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। उस समय केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी, जिसके प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। स्वीडन की रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं। .

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बोरोडीनो का युद्ध

बोरोडीनो का युद्ध नेपोलियन के युद्ध से एक था। मॉस्को के बाहर हुआ था। फ़्रांसीसी सेना रूसी सेना को हरा नहीं पाए, और नेपोलियन रूस अपने राज्य में मिला नहीं पाया। Category:नेपोलियन के युद्ध.

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बोलोना विश्वविद्यालय

बोलोना नगर के पुराने केन्द्रीय भाग का ऊपर से लिया गया दृष्य बोलोना विश्वविद्यालय (इतालवी: Università di Bologna, UNIBO), इटली के बोलोना (Bologna) में स्थित एक विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना १०८८ ई में हुई थी और आधुनिक अर्थ में यह विश्व का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। यह पहला शिक्षा संस्थान था जिसने अपने लिये 'यूनिवर्सितास' (universitas) शब्द का प्रयोग किया। श्रेणी:विश्वविद्यालय.

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बोआरिश्च भाषा

भाषा अंगूठाकार बोआरिश्च भाषा या ऑस्ट्रो-बावारियाई (जर्मन: Bairisch मूल भाषा: Boarisch) ऊपरी जर्मन प्रकारों का एक प्रमुख समूह है। मानक जर्मन के समान ही एक उच्च जर्मन भाषा है, परन्तु यह एक भाषा नहीं हैं। हालांकि, बोआरिश्च और मानक जर्मन ने एक-दूसरे को प्रभावित किया है और बोआरिश्च बोलने वाले अधिसंख्य लोग मानक जर्मन भी बोलते हैं। .

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बीसवीं शताब्दी

ग्रेगरी पंचांग (कलेंडर) के अनुसार ईसा की बीसवीं शताब्दी 1 जनवरी 1901 से 31 दिसम्बर 2000 तक मानी जाती है। कुछ इतिहासवेत्ता 1914 से 1992 तक को संक्षिप्त बीसवीं शती का नाम भी देते हैं। (उन्नीसवी शताब्दी - बीसवी शताब्दी - इक्कीसवी शताब्दी - और शताब्दियाँ) दशक: १९०० का दशक १९१० का दशक १९२० का दशक १९३० का दशक १९४० का दशक १९५० का दशक १९६० का दशक १९७० का दशक १९८० का दशक १९९० का दशक ---- समय के गुज़रने को रेकोर्ड करने के हिसाब से देखा जाये तो बीसवी शताब्दी वह शताब्दी थी जो १९०१ - २००० तक चली थी। मनुष्य जाति के जीवन का लगभग हर पहलू बीसवी शताब्दी में बदल गया।.

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भारत में यूरोपीय आगमन

१५०१ से १७३९ के बीच भारत में यूरोपीय बस्तियाँ भारत के सामुद्रिक रास्तों की खोज 15वीं सदी के अन्त में हुई जिसके बाद यूरोपीयों का भारत आना आरंभ हुआ। यद्यपि यूरोपीय लोग भारत के अलावा भी बहुत स्थानों पर अपने उपनिवेश बनाने में सफल हुए पर इनमें से कइयों का मुख्य आकर्षण भारत ही था। सत्रहवीं शताब्दी के अंत तक यूरोपीय कई एशियाई स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके थे और अठारहवीं सदी के उत्तरार्ध में वे कई जगहों पर अधिकार भी कर लिए थे। किन्तु उन्नासवीं सदी में जाकर ही अंग्रेजों का भारत पर एकाधिकार हो पाया था। भारत की समृद्धि को देखकर पश्चिमी देशों में भारत के साथ व्यापार करने की इच्छा पहले से थी। यूरोपीय नाविकों द्वारा सामुद्रिक मार्गों का पता लगाना इन्हीं लालसाओं का परिणाम था। तेरहवीं सदी के आसपास मुसलमानों का अधिपत्य भूमध्य सागर और उसके पूरब के क्षेत्रों पर हो गया था और इस कारण यूरोपी देशों को भारतीय माल की आपूर्ति ठप्प पड़ गई। उस पर भी इटली के वेनिस नगर में चुंगी देना उनको रास नहीं आता था। कोलंबस भारत का पता लगाने अमरीका पहुँच गया और सन् 1487-88 में पेडरा द कोविल्हम नाम का एक पुर्तगाली नाविक पहली बार भारत के तट पर मालाबार पहुँचा। भारत पहुचने वालों में पुर्तगाली सबसे पहले थे इसके बाद डच आए और डचों ने पुर्तगालियों से कई लड़ाईयाँ लड़ीं। भारत के अलावा श्रीलंका में भी डचों ने पुर्तगालियों को खडेड़ दिया। पर डचों का मुख्य आकर्षण भारत न होकर दक्षिण पूर्व एशिया के देश थे। अतः उन्हें अंग्रेजों ने पराजित किया जो मुख्यतः भारत से अधिकार करना चाहते थे। आरंभ में तो इन यूरोपीय देशों का मुख्य काम व्यापार ही था पर भारत की राजनैतिक स्थिति को देखकर उन्होंने यहाँ साम्राज्यवादी और औपनिवेशिक नीतियाँ अपनानी आरंभ की। .

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भारत में कॉफी उत्पादन

भारत में कॉफी वन भारत में कॉफी बागान भारत में कॉफ़ी का उत्पादन मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों में होता है। यहां कुल 8200 टन कॉफ़ी का उत्पादन होता है जिसमें से कर्नाटक राज्य में अधिकतम 53 प्रतिशत, केरल में 28 प्रतिशत और तमिलनाडु में 11 प्रतिशत उत्पादन होता है। भारतीय कॉफी दुनिया भर की सबसे अच्छी गुणवत्ता की कॉफ़ी मानी जाती है, क्योंकि इसे छाया में उगाया जाता है, इसके बजाय दुनिया भर के अन्य स्थानों में कॉफ़ी को सीधे सूर्य के प्रकाश में उगाया जाता है। भारत में लगभग 250000 लोग कॉफ़ी उगाते हैं; इनमें से 98 प्रतिशत छोटे उत्पादक हैं। 2009 में, भारत का कॉफ़ी उत्पादन दुनिया के कुल उत्पादन का केवल 4.5% था। भारत में उत्पादन की जाने वाली कॉफ़ी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा निर्यात कर दिया जाता है। निर्यात किये जाने वाले हिस्से का 70 प्रतिशत हिस्सा जर्मनी, रूस संघ, स्पेन, बेल्जियम, स्लोवेनिया, संयुक्त राज्य, जापान, ग्रीस, नीदरलैंड्स और फ्रांस को भेजा जाता है। इटली को कुल निर्यात का 29 प्रतिशत हिस्सा भेजा जाता है। अधिकांश निर्यात स्वेज़ नहर के माध्यम से किया जाता है। कॉफी भारत के तीन क्षेत्रों में उगाई जाती है। कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु दक्षिणी भारत के पारम्परिक कॉफ़ी उत्पादक क्षेत्र हैं। इसके बाद देश के पूर्वी तट में उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के गैर पारम्परिक क्षेत्रों में नए कॉफ़ी उत्पादक क्षेत्रों का विकास हुआ है। तीसरे क्षेत्र में उत्तर पूर्वी भारत के अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर और आसाम के राज्य शामिल हैं, इन्हें भारत के "सात बन्धु राज्यों" के रूप में जाना जाता है। भारतीय कॉफी, जिसे अधिकतर दक्षिणी भारत में मानसूनी वर्षा में उगाया जाता है, को "भारतीय मानसून कॉफ़ी" भी कहा जाता है। इसके स्वाद "सर्वश्रेष्ठ भारतीय कॉफ़ी के रूप में परिभाषित किया जाता है, पेसिफिक हाउस का फ्लेवर इसकी विशेषता है, लेकिन यह एक साधारण और नीरस ब्रांड है।" कॉफ़ी की चार ज्ञात किस्में हैं अरेबिका, रोबस्टा, पहली किस्म जिसे 17 वीं शताब्दी में कर्नाटक के बाबा बुदान पहाड़ी क्षेत्र में शुरू किया गया, का विपणन कई सालों से केंट और S.795 ब्रांड नामों के तहत किया जाता है। .

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भारतीय चुनाव

चुनाव लोकतंत्र का आधार स्तम्भ हैं। आजादी के बाद से भारत में चुनावों ने एक लंबा रास्ता तय किया है। 1951-52 को हुए आम चुनावों में मतदाताओं की संख्या 17,32,12,343 थी, जो 2014 में बढ़कर 81,45,91,184 हो गई है। 2004 में, भारतीय चुनावों में 670 मिलियन मतदाताओं ने भाग लिया (यह संख्या दूसरे सबसे बड़े यूरोपीय संसदीय चुनावों के दोगुने से अधिक थी) और इसका घोषित खर्च 1989 के मुकाबले तीन गुना बढ़कर $300 मिलियन हो गया। इन चुनावों में दस लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया। 2009 के चुनावों में 714 मिलियन मतदाताओं ने भाग लिया (अमेरिका और यूरोपीय संघ की संयुक्त संख्या से भी अधिक).

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भारतीय राष्ट्रवाद

२६५ ईसापूर्व में मौर्य साम्राज्य भारतीय ध्वज (तिरंगा) मराठा साम्राज्य का ध्वज राष्ट्र की परिभाषा एक ऐसे जन समूह के रूप में की जा सकती है जो कि एक भौगोलिक सीमाओं में एक निश्चित देश में रहता हो, समान परम्परा, समान हितों तथा समान भावनाओं से बँधा हो और जिसमें एकता के सूत्र में बाँधने की उत्सुकता तथा समान राजनैतिक महत्त्वाकांक्षाएँ पाई जाती हों। राष्ट्रवाद के निर्णायक तत्वों मे राष्ट्रीयता की भावना सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। राष्ट्रीयता की भावना किसी राष्ट्र के सदस्यों में पायी जानेवाली सामुदायिक भावना है जो उनका संगठन सुदृढ़ करती है। भारत में अंग्रेजों के शासनकाल मे राष्ट्रीयता की भावना का विशेषरूप से विकास हुआ, इस विकास में विशिष्ट बौद्धिक वर्ग का महत्त्वपूर्ण योगदान है। भारत में अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार से एक ऐसे विशिष्ट वर्ग का निर्माण हुआ जो स्वतन्त्रता को मूल अधिकार समझता था और जिसमें अपने देश को अन्य पाश्चात्य देशों के समकक्ष लाने की प्रेरणा थी। पाश्चात्य देशों का इतिहास पढ़कर उसमें राष्ट्रवादी भावना का विकास हुआ। इसका तात्पर्य यह नहीं है कि भारत के प्राचीन इतिहास से नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी प्रेरणा नहीं मिली है किन्तु आधुनिक काल में नवोदित राष्ट्रवाद अधिकतर अंग्रेजी शिक्षा का परिणाम है। देश में अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त किए हुए नवोदित विशिष्ट वर्ग ने ही राष्ट्रीयता का झण्डा उठाया। .

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भारतीय हॉकी टीम

भारतीय हॉकी टीम भारत की राष्ट्रीय मैदानी हॉकी टीम है। 1928 में भारतीय हॉकी टीम अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ की पहली गैर यूरोपीय सदस्य टीम बनी। भारत-मलेशिया हॉकी मैच, दिल्ली, ५ अक्टूबर २०१० 1928 में, टीम ने अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता और 1956 तक ओलंपिक में भारतीय पुरुष टीम नाबाद रही, लगातार छह स्वर्ण पदक जीते। भारतीय हॉकी टीम ने अबतक आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते है, जो सभी राष्ट्रीय टीमों से अधिक है। .

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भारतीय अंक प्रणाली

भारतीय अंक प्रणाली को पश्चिम के देशों में हिंदू-अरबी अंक प्रणाली के नाम से जाना जाता है क्योंकि यूरोपीय देशों को इस अंक प्रणाली का ज्ञान अरब देश से प्राप्त हुआ था। जबकि अरबों को यह ज्ञान भारत से मिला था। भारतीय अंक प्रणाली में 0 को मिला कर कुल 10 अंक होते हैं। संसार के अधिकतम 10 अंकों वाली अंक प्रणाली भारतीय अंक प्रणाली पर ही आधारित हैं। फ्रांस के प्रसिद्ध गणितज्ञ पियरे साइमन लाप्लास के अनुसार, .

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भाषा-परिवार

विश्व के प्रमुख भाषाकुलों के भाषाभाषियों की संख्या का पाई-चार्ट आपस में सम्बंधित भाषाओं को भाषा-परिवार कहते हैं। कौन भाषाएँ किस परिवार में आती हैं, इनके लिये वैज्ञानिक आधार हैं। इस समय संसार की भाषाओं की तीन अवस्थाएँ हैं। विभिन्न देशों की प्राचीन भाषाएँ जिनका अध्ययन और वर्गीकरण पर्याप्त सामग्री के अभाव में नहीं हो सका है, पहली अवस्था में है। इनका अस्तित्व इनमें उपलब्ध प्राचीन शिलालेखो, सिक्कों और हस्तलिखित पुस्तकों में अभी सुरक्षित है। मेसोपोटेमिया की पुरानी भाषा ‘सुमेरीय’ तथा इटली की प्राचीन भाषा ‘एत्रस्कन’ इसी तरह की भाषाएँ हैं। दूसरी अवस्था में ऐसी आधुनिक भाषाएँ हैं, जिनका सम्यक् शोध के अभाव में अध्ययन और विभाजन प्रचुर सामग्री के होते हुए भी नहीं हो सका है। बास्क, बुशमन, जापानी, कोरियाई, अंडमानी आदि भाषाएँ इसी अवस्था में हैं। तीसरी अवस्था की भाषाओं में पर्याप्त सामग्री है और उनका अध्ययन एवं वर्गीकरण हो चुका है। ग्रीक, अरबी, फारसी, संस्कृत, अंग्रेजी आदि अनेक विकसित एवं समृद्ध भाषाएँ इसके अन्तर्गत हैं। .

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भूमध्य सागर

भूमध्य सागर (Mediterranean sea) पृथ्वी का एक सागर है, जो उत्तरी अफ्रीका, यूरोप, अनातोलिया तथा मध्य पूर्व के बीच स्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग २५ लाख वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के क्षेत्रफल का लगभग तीन-चौथाई है। प्राचीन काल में यूनान, अनातोलिया, कार्थेज, स्पेन, रोम, यरुशलम, अरब तथा मिस्र जैसे प्रदेशों तथा नगरों के बीच स्थित होने की वजह से इसे भूमध्य (धरती के बीच का) सागर कहते थे। यह अटलांटिक महासागर से जिब्राल्टर द्वारा जुड़ा है, जो केवल १४ किलोमीटर चौड़ा एक जलडमरूमध्य है। भूमध्य सागर का मानचित्र .

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मत्तेयो रेनजी

मत्तेयो रेनज़ी (जन्म 11 जनवरी 1975) एक इतालवी राजनीतिज्ञ हैं जो २२ फ़रवरी २०१४ से इटली के प्रधानमंत्री बने हैं एवं २०१३ से डेमोक्रेटिक पार्टी के सचिव हैं। इससे पूर्व २००९ से २०१४ तक वो फ़्लोरेन्स के मेयर एव फ़्लोरेन्स प्रान्त के अध्यक्ष रह चुके हैं। १७ फ़रवरी २०१४ को राष्ट्रपति जॉर्जियो नेपोलितैनो ने उन्हें नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जिसे उन्होंने २१ फ़रवरी को स्वीकृत किया। वो इटली के सबसे युवा प्रधानमंत्री हैं। .

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मदुरई

मदुरै या मदुरई (மதுரை एवं), दक्षिण भारत के तमिल नाडु राज्य के मदुरई जिले का मुख्यालय नगर है। यह भारतीय प्रायद्वीप के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक है।फ्रॉमर्स इण्डिया, द्वारा: पिप्पा देब्र्यून, कीथ बैन, नीलोफर वेंकटरमन, शोनार जोशी इस शहर को अपने प्राचीन मंदिरों के लिये जाना जाता है। इस शहर को कई अन्य नामों से बुलाते हैं, जैसे कूडल मानगर, तुंगानगर (कभी ना सोने वाली नगरी), मल्लिगई मानगर (मोगरे की नगरी) था पूर्व का एथेंस। यह वैगई नदी के किनारे स्थित है। लगभग २५०० वर्ष पुराना यह स्थान तमिल नाडु राज्य का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और व्यावसायिक केंद्र है। यहां का मुख्य आकर्षण मीनाक्षी मंदिर है जिसके ऊंचे गोपुरम और दुर्लभ मूर्तिशिल्प श्रद्धालुओं और सैलानियों को आकर्षित करते हैं। इस कारणं इसे मंदिरों का शहर भी कहते हैं। मदुरै एक समय में तमिल शिक्षा का मुख्य केंद्र था और आज भी यहां शुद्ध तमिल बोली जाती है। यहाँ शिक्षा का प्रबंध उत्तम है। यह नगर जिले का व्यापारिक, औद्योगिक तथा धार्मिक केंद्र है। उद्योगों में सूत कातने, रँगने, मलमल बुनने, लकड़ी पर खुदाई का काम तथा पीतल का काम होता है। यहाँ की जनसंख्या ११ लाख ८ हजार ७५५ (२००४ अनुमानित) है। आधुनिक युग में यह प्रगति के पथ पर अग्रसर है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पाने में प्रयासरत है, किंतु अपनी समृद्ध परंपरा और संस्कृति को भी संरक्षित किए हुए है। इस शहर के प्राचीन यूनान एवं रोम की सभ्यताओं से ५५० ई.पू.

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मधु

बोतल में छत्ते के साथ रखी मधु मधु या शहद (अंग्रेज़ी:Honey हनी) एक मीठा, चिपचिपाहट वाला अर्ध तरल पदार्थ होता है जो मधुमक्खियों द्वारा पौधों के पुष्पों में स्थित मकरन्दकोशों से स्रावित मधुरस से तैयार किया जाता है और आहार के रूप में मौनगृह में संग्रह किया जाता है।। उत्तराकृषिप्रभा शहद में जो मीठापन होता है वो मुख्यतः ग्लूकोज़ और एकलशर्करा फ्रक्टोज के कारण होता है। शहद का प्रयोग औषधि रूप में भी होता है। शहद में ग्लूकोज व अन्य शर्कराएं तथा विटामिन, खनिज और अमीनो अम्ल भी होता है जिससे कई पौष्टिक तत्व मिलते हैं जो घाव को ठीक करने और उतकों के बढ़ने के उपचार में मदद करते हैं। प्राचीन काल से ही शहद को एक जीवाणु-रोधी के रूप में जाना जाता रहा है। शहद एक हाइपरस्मॉटिक एजेंट होता है जो घाव से तरल पदार्थ निकाल देता है और शीघ्र उसकी भरपाई भी करता है और उस जगह हानिकारक जीवाणु भी मर जाते हैं। जब इसको सीधे घाव में लगाया जाता है तो यह सीलैंट की तरह कार्य करता है और ऐसे में घाव संक्रमण से बचा रहता है।। हिन्दुस्तान लाईव। ११ अप्रैल २०१० .

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मध्ययुग

रोमन साम्राज्य के पतन के उपरांत, पाश्चात्य सभ्यता एक हजार वर्षों के लिये उस युग में प्रविष्ट हुई, जो साधारणतया मध्ययुग (मिडिल एजेज) के नाम से विख्यात है। ऐतिहासिक रीति से यह कहना कठिन है कि किस किस काल अथवा घटना से इस युग का प्रारंभ और अंत होता है। मोटे तौर से मध्ययुग का काल पश्चिमी यूरोप में पाँचवीं शताब्दी के प्रारंभ से पंद्रहवीं तक कहा जा सकता है। तथाकथित मध्ययुग में एकरूपता नहीं है और इसका विभाजन दो निश्चित एवं पृथक् युगों में किया जा सकता है। 11वीं शताब्दी के पहले का युग सतत संघर्षों, अनुशासनहीनता, तथा निरक्षरता के कारण 'अंधयुग' कहलाया, यद्यपि इसमें भी यूरोप को रूपांतरित करने के कदम उठाए गए। इस युग का प्रारंभ रोमन साम्राज्य के पश्यिमी यूरोप के प्रदेशों में, बर्बर गोथ फ्रैंक्स वैंडल तथा वरगंडियन के द्वारा स्थापित जर्मन साम्राज्य से होता है। यहाँ तक कि शक्तिशाली शार्लमेन (742-814) भी थोड़े ही समय के लिये व्यवस्था ला सका। शार्लमेन के प्रपौलों की कलह तथा उत्तरी स्लाव और सूरासेन के आक्रमणों से पश्चिमी यूरोप एक बार फिर उसी अराजकता को पहुँचा जो सातवीं और आठवीं शताब्दी में थी। अतएव सातवीं और आठवीं शताब्दी का ईसाई संसार, प्रथम शताब्दी के लगभग के ग्रीक रोम जगत् की अपेक्षा सभ्यता एवं संस्कृति की निम्न श्रेणी पर था। गृहनिर्माण विद्या के अतिरिक्त, शिक्षा, विज्ञान तथा कला किसी भी क्षेत्र में उन्नति नहीं हुई थी। फिर भी अंधयुग उतना अंध नहीं था, जितना बताया जाता है। ईसाई भिक्षु एवं पादरियों ने ज्ञानदीप को प्रज्वलित रखा। 11वीं शताब्दी के अंत से 15वीं शताब्दी तक के उत्तर मध्य युग में मानव प्रत्येक दिशा में उन्नतिशील रहा। राष्ट्रीय एकता की भावना इंग्लैंड में 11वीं शताब्दी में, तथा फ्रांस में 12वीं शताब्दी में आई। शार्लमैन के उत्तराधिकारियों की शिथिलता तथा ईसाई चर्च के अभ्युदय ने, पोप को ईसाई समाज का एकमात्र अधिष्टाता बनने का अवसर दिया। अतएव, पोप तथा रोमन सम्राट् की प्रतिस्पर्धा, पावन धर्मयुद्ध, विद्या का नियंत्रण तथा रोमन केथोलिक धर्म के अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप इत्यादि में इस प्रतिद्वंद्विता का आभास मिलता है। 13वीं शताब्दी के अंत तक राष्ट्रीय राज्य इतने शक्तिशाली हो गए थे कि चर्च की शक्ति का ह्रास निश्चित प्रतीत होने लगा। नवीं शताब्दी से 14वीं शताब्दी तक, पश्चिमी यूरोप का भौतिक, राजनीतिक तथा सामाजिक आधार सामंतवाद था, जिसके उदय का कारण राजा की शक्तियों का क्षीण होना था। समाज का यह संगठन भूमिव्यवस्था के माध्यम से पैदा हुआ। भूमिपति सामंत को अपने राज्य के अंतर्गत सारी जनता का प्रत्यक्ष स्वामित्व प्राप्त था। मध्ययुग नागरिक जीवन के विकास के लिये उल्लेखनीय है। अधिकांश मध्ययुगीन नगर सामंतों की गढ़ियों, मठों तथा वाणिज्य केंद्रों के आस पास विकसित हुए। 12वीं तथा 13वीं शताब्दी में यूरोप में व्यापार की उन्नति हुई। इटली के नगर विशेषतया वेनिस तथा जेनोआ पूर्वी व्यापार के केंद्र बने। इनके द्वारा यूरोप में रूई, रेशम, बहुमूल्य रत्न, स्वर्ण तथा मसाले मँगाए जाते थे। पुरोहित तथा सामंत वर्ग के समानांतर ही व्यापारिक वर्ग का ख्याति प्राप्त करना मध्ययुग की विशेषताओं में है। इन्हीं में से आधुनिक मध्यवर्ग प्रस्फुटित हुआ। मध्ययुग की कला तथा बौद्धिक जीवन अपनी विशेष सफलताओं के लिये प्रसिद्ध है। मध्ययुग में लैटिन अंतरराष्ट्रीय भाषा थी, किंतु 11वीं शताब्दी के उपरांत वर्नाक्यूलर भाषाओं के उदय ने इस प्राचीन भाषा की प्राथमिकता को समाप्त कर दिया। विद्या पर से पादरियों का स्वामित्व भी शीघ्रता से समाप्त होने लगा। 12वीं और 13वीं शताब्दी से विश्वविद्यालयों का उदय हुआ। अरस्तू की रचनाओं के साथ साथ, कानून, दर्शन, तथा धर्मशास्त्रों का अध्ययन सर्वप्रिय होने लगा। किंतु वैज्ञानिक साहित्य का सर्वथा अभाव था। भवन-निर्माण-कला की प्रधानता थी, जैसा वैभवशाली चर्च, गिरजाघरों तथा नगर भवनों से स्पष्ट है। भवननिर्माण की रोमन पद्धति के स्थान पर गोथिक पद्धति विकसित हुई। आधुनिक युग की अधिकांश विशेषताएँ उत्तर मध्ययुग के प्रवाहों की प्रगाढ़ता है। .

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मरिया गीताना ऐन्येसी

मरिया गीताना ऐन्येसी मरिया गीताना ऐन्येसी (Maria Gaetana Agnesi) (1718-1799), इटली की गणितज्ञ, भाषाविद् और दार्शनिक, गणित के प्रोफ़ेसर की लड़की थी। इसका जन्म 16 मई 1718, को मिलान (इटली) में हुआ। वह 14 वर्ष की आयु में ही दार्शनिक विषयों पर नवीन विचार विद्वानों के संमुख उपस्थित किया करती थी। वह आरंभ से भिक्षुणी (नन) हो जाना चाहती थी, परंतु अन्य संबंधियों ने उसे रोक रखा। 20 वर्ष की आयु होने पर वह दुनिया से अलग होकर अपने घर में एकांतवास करके, अपना सारा समय गणित के अध्ययन में लगाने लगी। चलन कलन में एक वक्र 'ऐन्येसी की लुब्धिका' (विच ऑव ऐन्येसी) कहलाता है। कहा जाता है, ऐन्येसी (फ्रेंच उच्चारण आन्येसी) एक समीकरण पर विचार करते-करते सो गई। रात्रि में, निद्रावस्था में ही, उसने कागज पर, स्वच्छतापूर्वक इस समीकरण के निरूपित वक्र को अंकित कर लिया। प्रात: काल उठने पर उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उसने देखा कि कागज पर ठीक हल पहले से ही लिखा रखा है। 1752 ई में, 14वें पोप बेनेडिक्ट ने मिलान के विश्वविद्यालय में अपने स्थान पर ऐन्येसी की नियुक्ति कर दी। पिता के देहांत के बाद वह मिलान के ही एक संघ में संमिलित होकर भिक्षुणी हो गई। उसका निधन 1799 में हुआ। उसका लिखा प्रधान ग्रंथ 'इंस्तितुत्सी अनालितिके अद उज़ो देला गिओवेंतू इतालियाना' (Institu ioni analitiche uso dlla gioventu itlaliana) हैं, जो मिलान में 1748 में दो जिल्दों में छपा। इसका अंग्रेजी अनुवाद 1801 में छपा (अनुवादक जॉन कॉलसन)। .

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मर्सिडीज-बेंज W201

मर्सिडीज-बेंज W201 1982-1993 के बीच मर्सिडीज-बेंज द्वारा निर्मित एक स्पोर्ट्स मोटर कार / कॉम्पैक्ट ऐग्ज़िक्यूटिव कार थी जिसकी श्रेणी मर्सिडीज बेंज ई क्लास और एस-क्लास से निम्न थीं - और जिसका विपणन मर्सिडीज 190 के भिन्न-भिन्न नेमप्लेट के तहत किया गया। W201 में विशेष रूप से एक पेटेंट रियर 5-लिंक सस्पेंशन, आगे और पीछे ऐंटी-रोल बार्स, ऐंटी-डाइव और ऐंटी-स्क्वैट जियोमेट्री-साथ ही साथ उपलब्ध एयरबैगें, ABS ब्रेकें और सीटबेल्ट प्रिटेंश्नर्स हैं बाद में जिसका प्रयोग ई और सी क्लास मॉडलों में किया गया। W201 ने यूरोप में भारी बिक्री का आनंद उठाया, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में इसका प्रदर्शन खराब रहा.

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मलिना

मलिना (Malèna) २००० में बनी इतालवी रोमांस ड्रामा फ़िल्म है जिसमे मोनिका बेलुची और गिउसेप्पे सल्फारो मुख्य भूमिकाओं में है। फ़िल्म न निर्देशन व लेखन गिउसेप्पे तोर्नातोरे द्वारा लुसिआनो की एक कहानी पर किया गया है। .

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मलेरिया

मलेरिया या दुर्वात एक वाहक-जनित संक्रामक रोग है जो प्रोटोज़ोआ परजीवी द्वारा फैलता है। यह मुख्य रूप से अमेरिका, एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के उष्ण तथा उपोष्ण कटिबंधी क्षेत्रों में फैला हुआ है। प्रत्येक वर्ष यह ५१.५ करोड़ लोगों को प्रभावित करता है तथा १० से ३० लाख लोगों की मृत्यु का कारण बनता है जिनमें से अधिकतर उप-सहारा अफ्रीका के युवा बच्चे होते हैं। मलेरिया को आमतौर पर गरीबी से जोड़ कर देखा जाता है किंतु यह खुद अपने आप में गरीबी का कारण है तथा आर्थिक विकास का प्रमुख अवरोधक है। मलेरिया सबसे प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है तथा भंयकर जन स्वास्थ्य समस्या है। यह रोग प्लास्मोडियम गण के प्रोटोज़ोआ परजीवी के माध्यम से फैलता है। केवल चार प्रकार के प्लास्मोडियम (Plasmodium) परजीवी मनुष्य को प्रभावित करते है जिनमें से सर्वाधिक खतरनाक प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम (Plasmodium falciparum) तथा प्लास्मोडियम विवैक्स (Plasmodium vivax) माने जाते हैं, साथ ही प्लास्मोडियम ओवेल (Plasmodium ovale) तथा प्लास्मोडियम मलेरिये (Plasmodium malariae) भी मानव को प्रभावित करते हैं। इस सारे समूह को 'मलेरिया परजीवी' कहते हैं। मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफ़िलेज़ (Anopheles) मच्छर है। इसके काटने पर मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर के बहुगुणित होते हैं जिससे रक्तहीनता (एनीमिया) के लक्षण उभरते हैं (चक्कर आना, साँस फूलना, द्रुतनाड़ी इत्यादि)। इसके अलावा अविशिष्ट लक्षण जैसे कि बुखार, सर्दी, उबकाई और जुखाम जैसी अनुभूति भी देखे जाते हैं। गंभीर मामलों में मरीज मूर्च्छा में जा सकता है और मृत्यु भी हो सकती है। मलेरिया के फैलाव को रोकने के लिए कई उपाय किये जा सकते हैं। मच्छरदानी और कीड़े भगाने वाली दवाएं मच्छर काटने से बचाती हैं, तो कीटनाशक दवा के छिडकाव तथा स्थिर जल (जिस पर मच्छर अण्डे देते हैं) की निकासी से मच्छरों का नियंत्रण किया जा सकता है। मलेरिया की रोकथाम के लिये यद्यपि टीके/वैक्सीन पर शोध जारी है, लेकिन अभी तक कोई उपलब्ध नहीं हो सका है। मलेरिया से बचने के लिए निरोधक दवाएं लम्बे समय तक लेनी पडती हैं और इतनी महंगी होती हैं कि मलेरिया प्रभावित लोगों की पहुँच से अक्सर बाहर होती है। मलेरिया प्रभावी इलाके के ज्यादातर वयस्क लोगों मे बार-बार मलेरिया होने की प्रवृत्ति होती है साथ ही उनमें इस के विरूद्ध आंशिक प्रतिरोधक क्षमता भी आ जाती है, किंतु यह प्रतिरोधक क्षमता उस समय कम हो जाती है जब वे ऐसे क्षेत्र मे चले जाते है जो मलेरिया से प्रभावित नहीं हो। यदि वे प्रभावित क्षेत्र मे वापस लौटते हैं तो उन्हे फिर से पूर्ण सावधानी बरतनी चाहिए। मलेरिया संक्रमण का इलाज कुनैन या आर्टिमीसिनिन जैसी मलेरियारोधी दवाओं से किया जाता है यद्यपि दवा प्रतिरोधकता के मामले तेजी से सामान्य होते जा रहे हैं। .

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महाद्वीप

महाद्वीपों को समाहित या विभाजित किया जा सकता है, उदाहरणतः यूरेशिया को प्रायः यूरोप तथा एशिया में विभाजित किया जाता है लाल रंग में। बक्मिन्स्टर फुलर द्वारा डायमैक्सियम नक्शा जो दर्शित करता है भूमिखण्ड कम से कम विरूपण समेत, एक एक लगातार महाद्वीप में बंटे हुए विश्व के महाद्वीप महाद्वीप (en:Continent) एक विस्तृत ज़मीन का फैलाव है जो पृथ्वी पर समुद्र से अलग दिखाई देतै हैं। महाद्वीप को व्यक्त करने के कोई स्पष्ट मापदण्ड नहीं है। अलग-अलग सभ्यताओं और वैज्ञानिकों नें महाद्वीप की अलग परिभाषा दी है। पर आम राय ये है कि एक महाद्वीप धरती बहुत बड़ा का विस्तृत क्षेत्र होता है जिसकी सीमाएं स्पष्ट पहचानी जा सके.

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मातृ दिवस

आधुनिक मातृ दिवस का अवकाश ग्राफटन वेस्ट वर्जिनिया में एना जार्विस के द्वारा समस्त माताओं तथा मातृत्व के लिए खास तौर पर पारिवारिक एवं उनके आपसी संबंधों को सम्मान देने के लिए आरम्भ किया गया था। यह दिवस अब दुनिया के हर कोने में अलग-अलग दिनों में मनाया जाता हैं। जैसे कि पिताओं को सम्मान देने के लिए पितृ दिवस की छुट्टी मनाई जाती हैं। यह छुट्टी अंततः इतनी व्यवसायिक बन गई कि इसकी संस्थापक, एना जार्विस, तथा कई लोग इसे एक "होलमार्क होलीडे", अर्थात् एक प्रचुर वाणिज्यिक प्रयोजन के रूप में समझने लगे। एना ने जिस छुट्टी के निर्माण में सहयोग किया उसी का विरोध करते हुए इसे समाप्त करना चाहा। .

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मादक पेय

किसी बार में कच्चा मादक पेय पदार्थ (स्प्रिट्स). मादक पेय इथेनॉल (जिसे आमतौर पर अल्कोहल कहा जाता है) युक्त एक पेय है। मादक पेयों को सामान्यतः तीन सामान्य वर्गों में विभाजित किया जाता है: बीयर, वाइन और स्प्रिट्स.

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मानव लिंग का आकार

एक प्रसिद्ध ब्रिटिश वैज्ञानिक रिचर्ड लिन ने मानव (पुरुष) के लिंग के आकार पर एक शोधपत्र प्रकाशित किया। इस शोध में 113 देशों के पुरुषों के प्राइवेट पार्ट के साइज का विश्लेषण किया गया है। इस आधार पर देशों की एक लिस्‍ट भी बनाई गई है। इस लिस्‍ट में भारत 110वें स्थान पर है। लिस्‍ट में 7.1 इंच के औसत 'साइज' के साथ कांगो सबसे ऊपर है। कोरिया और कंबोडिया (3.9 इंच) सबसे नीचे हैं। भारत इन्‍हीं दो देशों से ऊपर है। भारतीय पुरुषों का 'औसत साइज' 4 इंच बताया गया है। लेकिन इस पर सवाल उठ रहे हैं। साल 2006 में भारत में कंडोम का साइज तय करने के लिए किए गए 'साइज सर्वे' की रिपोर्ट आई थी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा कराए गए सर्वे 'स्डटी ऑन प्रापर लेंथ एंड ब्रेड्थ स्पेसिफिकेसंस फॉर कंडोम बेस्ड एंथ्रोपोमेट्रिक मेजरमेंट' के बाद यह नतीजा निकला था कि भारतीय बाजार में मिलने वाले कंडोम पुरुषों के लिंग के साइज के अनुपात में बड़े होते हैं। आईसीएमआर के लिए सर्वे करने वाले डॉ॰ शर्मा ने अपनी शोध रिपोर्ट साल 2006 में भारत सरकार को सौंप दी थी। हालांकि इसके बाद कंडोम बनाने वालों के लिए कोई भी दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए थे। ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 के अनुच्छेद 'आर' के मुताबिक भारत में कंडोम का साइज कम से कम 6.7 इंच रखना अनिवार्य है। बहरहाल, सर्वे में 1400 पुरुषों का डाटा लिया गया था जिसमें 18-50 आयुवर्ग के पुरुष शामिल थे। इससे पहले साल 2001 तक मुंबई में इकट्ठा किए गए (200 लोगों के) डाटा के मुताबिक 60 प्रतिशत भारतीय पुरुषों के प्राइवेट पार्ट की औसत लंबाई 4.4 से 4.9 इंच के बीच और 30 प्रतिशत की लंबाई 4 से 4.9 इंच बताई गई थी। .

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मान्तेन

माइकेल डि मांतेन (Michel de Montaigne; १५३३-१५९२) फ्रांसीसी पुनर्जागरण का सबसे प्रभावी लेखक था। माना जाता है कि उसने ही निबन्ध को साहित्य की एक विधा के रूप में प्रचलित किया। उसे आधुनिक संशयवाद (skepticism) का जनक भी माना जाता है। .

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माफ़िया

माफिया (Mafia) इटली के सिसिली के अपराधी तत्व थे। इन्हें 'कोसा नोस्त्रा' (Cosa Nostra) भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में में ये सिसिली में ये खूब फल-फूल रहे थे। वस्तुत: यह अपराधी समूहों का शिथिल संघ होता है जिनमें समान सांगठनिक ढांचा एवं समान 'आचार संहिता' होती है। प्रत्येक समूह को 'परिवार', 'क्लान' या 'कोस्का' के नाम से जाना जाता है और किसी एक क्षेत्र (जैसे एक कस्बा, शहर का कोई भाग, या गाँव) में एक 'परिवार' की संप्रभुता रहती है जहाँ ये स्वच्छन्द होकर अपनी गतिविधियाँ चलाते हैं। .

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मारिया मांटेसरी

मारिया मांटेसरी मारिया मांटेसरी (Maria Tecla Artemisia Montessori; इतालवी उच्चारण:; 31 अगस्त, 1870 – 6 मई, 1952) इटली की एक चिकित्सक तथा शिक्षाशास्त्री थीं जिनके नाम से शिक्षा की मांटेसरी पद्धति प्रसिद्ध है। उनकी शिक्षापद्धति आज भी कुछ विद्यालयों में प्रचलित है। .

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मारियो आर कैपेची

मारियो आर कैपेची .

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मार्टिन शोंगावर

मार्टिन शोंगावर की कृति: '''गुलाब बाग में मारिया''' मार्टिन शोंगावर (Martin Schongauer; १४४० - १४९१) जर्मनी का नक्काशीकार तथा चित्रकार था। उसके बनाये चित्र तथा उसकी ख्याति दूर-दूर तक पहुँची थी। इटली में वह 'बेल मार्टिनो' तथा मार्टिनो डी अन्वेर्सा (Martino d'Anversa) के नाम से जाना जाता था। .

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मार्कस आंतोनियस

मार्कस आंतोनियस(Marcus Antonius; अंग्रेजी में: मार्क एंटोनी; लगभग ८३-३० ई.पू.) रोम का राजनेता और सेनाध्यक्ष था। वह रोम के प्रसिद्ध जनरल जूलियस सीज़र का बड़ा प्रिय और विश्वासपात्र था। वह स्वयं रणकुशल सेनापति और असाधारण योद्धा था। दो-दो बार सीज़र की अनुपस्थिति में वह इटली का उपशासक (डेपुटी गवर्नर) हुआ। .

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मार्को पोलो

मार्को पोलो (वेनिस १५ सितंबर, १२५४ - वेनिस, २९ जनवरी, १३२४) एक इतालवी व्यापारी, खोजकर्ता और राजदूत था। उसका जन्म वेनिस गणराज्य में मध्य युग के अंत में हुआ था। अपने पिता, निकोलस पोलो (Niccolò) और अपने चाचा, मातेयो (Matteo), के साथ वह रेशम मार्ग की यात्रा करने वाले सर्वप्रथम यूरोपियनों में से एक था। उसने अपनी यात्रा १२७२ में लाइआसुस बंदरगाह (आर्मेनिया) से प्रारंभ की थी। उनकी चीन समेत, पूर्व की यात्रा का विस्तृत प्रतिवेदन ही लंबे समय तक पश्चिम में एशिया के बारे में जानकारी देने वाला स्रोत रहा है।मार्कोपोलो (1292-93ईं) वेनिस निवासी इतालवी यात्री था जिस ’ मध्यकालीन यात्रियों का राजकुमार' की उपाधि दी गई । इसका वृतांत ’द बुक ऑफ सर-मार्कोपोलो’ के नाम से हैं, जो तत्कालीन भारत के अर्थिक इतिहास की द्ष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उनका यात्रा मार्ग इस प्रकार था: आर्मेनिया से होते हुए वे तुर्की के उत्तर में गए। .

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मार्को इनोसेण्टी

मार्को इनोसेण्टी (इतालवी: Marco Innocenti; जन्म: 16 अगस्त 1978) एक इतालवी निशानेबाज हैं जिन्होंने 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में डबल ट्रैप निशानेबाजी प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। .

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माल्टा

माल्टा (en:Malta, माल्टीस: Repubblika ta' Malta (Republic of Malta)) यूरोपीय महाद्वीप में स्थित एक विकसित द्वीप देश है। इसकी राजधानी वलेत्ता है। इसकी मुख्य- और राजभाषाएँ माल्टाई भाषा और अंग्रेज़ी भाषा हैं। .

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माल्पेन्सा विमानक्षेत्र

मिलानो माल्पेन्सा विमानक्षेत्र "मिलान शहर", पूर्व नाम "Aeroporto Città di Busto Arsizio" उत्तरी इटली का सबसे बड़ा विमानक्षेत्र है। प्रथम औद्योगिक विमानक्षेत्र का आरंभ १९०९ में जियोवानी अगस्ता एवं जियानी कॅपरोनी द्वारा अपने प्रोटोटाइप्स का परीक्षण करने हेतु कैस्सिना माल्पेन्सा के निकट एक पुराने फ़ार्म में किया गया था। १९४८ में युद्ध पुनरोद्धार के समय एक नागरिक विमानक्षेत्र खोला गया था जिससे उत्तरी इटली को वायुसेवा उपलब्ध करायी जा सके। वर्तमान तक यह आलिटालिया के लिये प्रधान हब (केन्द्र) था, किन्तु अब मात्र लंबी उड़ानों एवं निम्न-लागत वायुसेवाओं के लिये विश्राम केन्द्र रह गया है। यह विमानक्षेत्र इटली के शहर मध्य मिलान से उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह मिलान महानगरीय क्षेत्र के तीन विमानक्षेत्रों में से एक है। यह विमानक्षेत्र मिलान से मिलानो-वरीज़ राजमार्ग द्वारा तथा "माल्पेन्सा एक्स्प्रेस" ट्रेन द्वारा मिलान कैडोर्णा रेलवे स्टेशन से (लीनॉर्ड रीजनल रेलवेज़) जुडआ हुआ है, जो लगभग 29–36 मिनट लेती है। इसके अलावा यह लिनेट विमानक्षेत्र से एक अनुसूचित बस सेवा द्वारा तथा मिलान की स्थानीय बस सेवा द्वारा भी जुड़ा हुआ है। माल्पेन्सा विमानक्षेत्र यात्री संख्या के मद में यूरोप का २१वां व्यस्ततम विमानक्षेत्र है जहां से २०१० में 18,947,808 तथा २०११ में 19,291,427 यात्री आवागमन संपन्न हुआ। २००८ तक यह अन्तर्राष्ट्रीय ट्रैफ़िक की मद में इटली का सर्वोच्च विमानक्षेत्र रहा। और कुल यात्री संख्या की मद में इस स्थान पर रोम का लियोनार्दो दा विन्ची फ़्यूमिशिनो विमानक्षेत्र भी रहा था। माल्पेन्सा विमानक्षेत्र १.५ करोड़ निवासी जनसंख्या को सेवा उपलब्ध कराता है। .

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मासाच्चो

आदम का निष्कासन (TheExpulsionOfAdamAndEveFromEden) मासाच्चो (Masaccio; इतालवी उच्चारण:; २१ दिसम्बर १४०२ - १४२८) इटली का चित्रकार था। इसे इतालीय चित्रकला का पुनरुद्धारक भी कह सकते हैं। इसकी अधिकांश रचनाएँ नष्ट हो चुकी हैं और जो बचा है वह अच्छी अवस्था में नहीं है। मासाच्चो का जन्म २१ दिसम्बर १४०२ फलोरेंस के निकट एक गाँव में हुआ। इसकी प्रारम्भिक रचनाएँ - 'कुमारी संत ऐन और बालक' तथा 'कुमारी एन्थ्राोंड और दो संत'। इसका महत्वपूर्ण चित्र है- 'आदम का निष्कासन।' इसकी रचनाओं ने इटली के कलाजगत् में क्रांति ला दी थी। १४२८ में यह रोम गया और वहीं कुछ काल पश्चात् इसकी मृत्यु हो गई। श्रेणी:चित्रकार.

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मिनियापोलिस

मिनियापोलिस "झीलों का शहर" और "मिलों का शहर" के रूप में उपनाम सहित हेन्नेपिन काउंटी का काउंटी सीट है, जो अमेरिकी राज्य मिनेसोटा का सबसे बड़ा शहर और अमेरिका का 47वां बड़ा शहर है। इसके नाम का श्रेय शहर के पहले स्कूल टीचर को दिया जाता है, जिन्होंने पानी के लिए डकोटा शब्द mni को, तथा शहर के लिए ग्रीक शब्द polis को जोड़ा.

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मिलान

मिलान (इट:Milano) इटली का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। श्रेणी:इटली के नगर श्रेणी:यूरोप के आबाद स्थान.

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मिलानो

मिलान (Milano,; पश्चिमी लोम्बार्ड: मिलान) इटली का एक शहर और लोम्बार्डी क्षेत्र और मिलान प्रान्त की राजधानी है। मूल शहर की जनसंख्या लगभग 1,300,000 है, जबकि शहरी क्षेत्र 4,300,000 की अनुमानित जनसंख्या के साथ यूरोपीय संघ में पांचवा सबसे बड़ा है। इटली में सबसे बड़े, मिलान महानगरीय क्षेत्र की आबादी, OECD द्वारा अनुमानित तौर पर 7,400,000 है। शहर की स्थापना मीडियोलेनम नाम के तहत केल्टिक लोग इनसबरेस द्वारा की गई थी। इसे बाद में ई.पू.

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मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था

मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (Missile Technology Control Regime), जिसे संक्षिप्त में ऍम॰ टी॰ सी॰ आर॰ (MTCR) भी कहते हैं, कई देशों का एक अनौपचरिक संगठन है जिनके पास प्रक्षेपास्त्र व मानव रहित विमान (ड्रोन) से सम्बन्धित प्रौद्योगिक क्षमता है और जो इसे फैलने से रोकने के लिये नियम स्थापित करते हैं। जून 2016 में इसमें 35 देश शामिल थे। 27 जून 2016 को भारत इसका पूर्ण सदस्य बन गया। .

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मिखाइल बाकूनिन

मिखाइल बाकूनिन मिखाइल अलेक्जेंद्रोविच बाकूनिन (रूसी: Михаил Александрович Бакунин; IPA.

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मुर्रा भैंस

मुर्रा भैंस पालतू भैंस की एक प्रजाति है जो दूध उत्पादन के लिए पाली जाती है। यह मूलतः अविभाजित पंजाब का पशु है किन्तु अब दूसरे प्रान्तों तथा दूसरे देशों (जैसे इटली, बल्गेरिया, मिस्र आदि) में भी पाली जातीहै। हरियाणा में इसे काला सोना कहा जाता हैै.

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मृच्छकटिकम्

राजा रवि वर्मा द्वारा चित्रित '''वसन्तसेना''' मृच्छकटिकम् (अर्थात्, मिट्टी की गाड़ी) संस्कृत नाट्य साहित्य में सबसे अधिक लोकप्रिय रूपक है। इसमें 10 अंक है। इसके रचनाकार महाराज शूद्रक हैं। नाटक की पृष्टभूमि पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) है। भरत के अनुसार दस रूपों में से यह 'मिश्र प्रकरण' का सर्वोत्तम निदर्शन है। ‘मृच्छकटिकम’ नाटक इसका प्रमाण है कि अंतिम आदमी को साहित्य में जगह देने की परम्परा भारत को विरासत में मिली है जहाँ चोर, गणिका, गरीब ब्राह्मण, दासी, नाई जैसे लोग दुष्ट राजा की सत्ता पलट कर गणराज्य स्थापित कर अंतिम आदमी से नायकत्व को प्राप्त होते हैं। .

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मैरी कसाट

मैरी स्टीवेनसन कसाट (22 मई 1844 - 14 जून 1926)() एक अमेरिकी चित्रकार और प्रिन्टमेकर थी। उन्होने अपना ज़्यादातर व्यस्क जीवन फ्रांस में बिताया, जहाँ उनकी दोस्ती एडगर डेगस से हुई और बाद में संस्कारवादियों में उनके काम का प्रदर्शन हुआ। कसाट ने अक्सर, माताओं और बच्चों के बीच के घनिष्ठ रिश्तों पर विशेष जोर देने वाले, महिलाओं के सामाजिक और निजी जीवन के चित्र बनाए। .

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मैसूर मल्लिगे

यह लेख फूल मल्लिगे के बारे में है। इस फूल के नाम पर लिखी गई के.

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मैक्सिम गोर्की

मैक्सिम गोर्की मैक्सिम गोर्की (रूसी भाषा में उच्चारण मक्सीम गोर्की) (२८ मार्च १८६८ - १८ जून १९३६) रूस/सोवियत संघ के प्रसिद्ध लेखक तथा राजनीतिक कार्यकर्ता थे। उनका असली नाम "अलिक्सेय मक्सीमविच पेश्कोव" (रूसी भाषा में - Алексе́й Макси́мович Пе́шков or Пешко́в) था। उन्होने "समाजवादी यथार्थवाद" (socialist realism) नामक साहित्यिक परिभाषा की स्थापना की थी। सन् १९०६ से लेकर १९१३ तक और फिर १९२१ से १९२९ तक वे रूस से बाहर (अधिकतर, इटली के कैप्री (Capri) में) रहे। सोवियत संघ वापस आने के बाद उन्होने उस समय की सांस्कृतिक नीतियों को स्वीकार किया किन्तु उन्हें देश से बाहर जाने की आज़ादी नहीं थी। .

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मूरिश दीवार

मूरिश दीवार (Moorish Wall), जिसे फिलिप द्वितीय दीवार (Philip II Wall) के नाम से भी जाना जाता है तथा भूतकाल में म्यूरॅला डे सान रेमोनडो (हिन्दी: सेंट रेमंड की दीवार) के नाम से संदर्भित किया जाता था, ब्रिटिश प्रवासी शासित प्रदेश जिब्राल्टर में स्थित एक रक्षात्मक पर्दा दीवार है। इस दीवार का निर्माण 16वी शताब्दी में हुआ था तथा यह जिब्राल्टर की दक्षिणी किलेबंदी का हिस्सा है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 1575 में पूर्ण हुआ था। दीवार खड़ी चट्टान के ऊपर से चार्ल्स पंचम दीवार के निचले अनुभाग के ऊपर से होती हुई जिब्राल्टर की चट्टान की ढलान पर आगे बढ़ती हुई उसके शिखर तक जाती है। यह चार्ल्स पंचम दीवार के उपरी अनुभाग के पूर्व में है तथा अब अपर रॉक नेचर रिजर्व का हिस्सा है। .

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मेटरनिख

मेटरनिख मेटरनिख (Prince Klemens Wenzel von Metternich (जर्मन में पूरा नाम: Klemens Wenzel Nepomuk Lothar, Fürst von Metternich-Winneburg zu Beilstein, अंग्रेजी रूपान्तरण: Clement Wenceslas Lothar von Metternich-Winneburg-Beilstein; 15 मई 1773 – 11 जून 1859) राजनेता व राजनयज्ञ था। वह १८०९ से १८४८ तक आस्ट्रियाई साम्राज्य का विदेश मंत्री रहा। वह अपने समय का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे प्रतिभाशाली राजनयिक था। नेपोलियन की वाटरलू पराजय के बाद मेटरनिख यूरोप की राजनीति का सर्वेसर्वा बन गया। उसने यूरोपीय राजनीति में इतनी प्रमुख भूमिका निभाई कि 1815 से 1848 तक के यूरोपीय इतिहास का काल 'मेटरनिख युग’ के नाम से प्रसिद्ध है। मेटरनिख ने अपने प्रधानमन्त्रितत्व-काल में प्रतिक्रया और अनुदारीता का अनुकरण करने की नीति अपनाई और उसके प्रभाव के कारण आस्ट्रिया का साम्राज्य यूरोप में अत्यन्त महत्वपूर्ण बन गया। .

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मेर्साली तीव्रता परिमाप

मर्साली तीव्रता मापक का ग्राफ़िक दर्शन मेर्साली तीव्रता परिमाप (अंग्रेज़ी:Mercalli intensity scale) एक पैमाना है जो भूकम्पीय तीव्रता को मापने के काम में लाया जाता है। इसका नाम इसके विकासकर्ता, जियूसीप्पी मेर्साली (Giuseppe Mercalli) के नाम पर रखा गया जो एक इतालवी ज्वालामुखीविद था। मेर्साली तीव्रता परिमाप भूकम्प को मापने के अन्य परिमापो जैसे रिक्टर पैमाने, के विपरीत भूकम्प का धरती की सतह, मनुष्यों, प्राकृतिक वस्तुओं और मानव-निर्मित ढाँचों पर पड़ने वाले प्रभाव को १ से १२ परिमापकों पर मापता है। १ का अर्थ है भूकम्प महसूस नहीं होना और १२ का अर्थ है महाविनाश। ये प्रभाव भूकम्प की दूरी के साथ-साथ असमान हो सकते है, जिसमें सर्वाधिक तीव्रता भूकम्प केन्द्र के आसपास होती है। मर्साली पैमाना व्यापक स्तर पर प्रयोग किये जा रहे दस डिग्री रॉसी-फॉस्टर पैमाने के जियूसीप्पी मेर्साली द्वारा १८८४ एवं १९०६ में किए गए सुधा एवं विकास से जन्मा था। मर्साली तीव्रता पैमाना या मर्साली पैमाना नाम को १९०२ के मूल दस डिग्री पैमाने के अलावा अन्यथा प्रयोग कदापि नहीं करना चाहिये। १९०२ मेंद स डिग्री मर्साली पैमाने को इतालवी भौतिकशास्त्री एडोल्फो कैनसानी द्वारा बारह डिगरी तक विस्तृत किया गया था। बाद में जर्मन भूगर्भभौतिज्ञ अगस्त हेनरिक सीबर्ग द्वारा पुनर्लेखन के बाद इसका नाम मर्साली-कैन्सानी-सीबर्ग पैमाना हो गया। इसे १९३१ में हैरी ओ वुड एवं फ्रैंक न्यूमैन द्वारा मर्साली-वुड-न्यूमैन (MWN) पैमाना नाम से अंगं प्रकाशित किया गया। बाद में फिर इसे रिक्टर पैमाना के जनक - चार्ल्स रिक्टर द्वारा सुधारा गया। वर्तमान में इस पैमाने को मर्साली पैमाना ही कहते हैं जिसे लघुरूप में MM ही लिखा जाता है। .

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मोटरगाड़ी का इतिहास

१७६९ में डिजाइन की गई वाष्प-ट्राली बिना पशु के चलने वाला वाहन अर्थात् स्वचालित वाहन (automobile) या मोटरवाहन का इतिहास १७६९ से आरम्भ होता है जब वाष्प इंजन से चलने वाला वाहन बना था जो लोगों को लाने ले जाने के काम में आता था। .

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मोना लीज़ा

मोनालिसा मोना लिसा (Mona Lisa या La Gioconda या La Joconde)) लिओनार्दो दा विंची के द्वारा कृत एक विश्व प्रसिद्ध चित्र है। यह एक विचारमग्न स्त्री का चित्रण है जो अत्यन्त हल्की मुस्कान लिये हुए हैं। यह संसार की सम्भवत: सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग है जो पेंटिंग और दृष्य कला की पर्याय मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इतालवी चित्रकार लियोनार्दो दा विंची ने मोना लीज़ा नामक यह तस्वीर 1503 से 1506 के बीच बनाई थी। ये तस्वीर फ्लोरेंस के एक गुमनाम से व्यापारी 'फ़्रांसेस्को देल जियोकॉन्डो' की पत्नी 'लीज़ा घेरार्दिनी' को देखकर बनाई गई है। सम्प्रति यह छवि फ्रांस के लूविरे संग्रहालय में रखी हुई है। संग्रहालय के इस क्षेत्र में 16वीं शताब्दी की इतालवी चित्रकला की कृतियाँ रखी गई हैं। मोनालिसा की असल पेंटिंग केवल 21 इंच लंबी और 30 इंच चौड़ी है। तस्वीर को बचाए रखने के लिए यह एक ख़ास किस्म के शीशे के पीछे रखी गई है जो ना तो चमकता है और ना टूटता है। .

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मोगादीशू

मोगादीशू शहर का एक हवाई-दृश्य मोगादीशू (सोमाली:मुकदिशो), जो स्थानीय तौर पर ख़मर नाम से मशहूर है; सोमालिया का सबसे बड़ा शहर एवं वहाँ की राजधानी है। यह सदियों से हिंद महासागर में स्थित एक महत्वपूर्ण बंदरगाह के रूप में भी जाना जाता है। १९९१ में प्रशासनिक तंत्र के धवस्त हो जाने की वजह से पिछले १७ वर्षों से मोगादीशू भयावह गृहयुद्ध की चपेट में है। .

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यहूदी

यहूदी जाति 'यहूदी' का मौलिक अर्थ है- येरूशलेम के आसपास के 'यूदा' नामक प्रदेशें का निवासी। यह प्रदेश याकूब के पुत्र यूदा के वंश को मिला था। बाइबिल में 'यहूदी' के निम्नलिखित अर्थ मिलते हैं- याकूब का पुत्र यहूदा, उनका वंश, उनकर प्रदेश, कई अन्य व्यक्तियों के नाम। यूदा प्रदेश (Kingdom of Juda) के निवासी प्राचीन इजरायल के मुख्य ऐतिहासिक प्रतिनिधि बन गए थे, इस कारण समस्त इजरायली जाति के लिये यहूदी शब्द का प्रयोग होने लगा। इस जाति का मूल पुरूष अब्राहम थे, अत: वे 'इब्रानी' भी कहलाते हैं। याकूब का दूसरा नाम था इजरायल, इस कारण 'इब्रानी' और 'यहूदी' के अतिरक्ति उन्हें 'इजरायली' भी कहा जाता है। यहूदी धर्म को मानने वालों को यहूदी (en:Jew) कहा जाता है। यहूदियों का निवास स्थान पारंपरिक रूप से पश्चिम एशिया में आज के इसरायल को माना जाता है जिसका जन्म १९४७ के बाद हुआ। मध्यकाल में ये यूरोप के कई क्षेत्रों में रहने लगे जहाँ से उन्हें उन्नीसवीं सदी में निर्वासन झेलना पड़ा और धीरे-धीरे विस्थापित होकर वे आज मुख्यतः इसरायल तथा अमेरिका में रहते हैं। इसरायल को छोड़कर सभी देशों में वे एक अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में रहते हैं। इन्का मुख्य काम व्यापार है। यहूदी धर्म को इसाई और इस्लाम धर्म का पूर्ववर्ती कहा जा सकता है। इन तीनों धर्मों को संयुक्त रूप से 'इब्राहिमी धर्म' भी कहते हैं। अल्लाह ने यहूदियों के बारे में पवित्र कुरान में कहा "ऐ बनी इसराइल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंने पहले तुम्हें दी और ये (भी तो सोचो) कि हमने तुमको सारे जहाँन के लोगों से बढ़ा दिया" (Sura 2-47) "और अपनी क़ौम से उन लोगों की हालत तो तुम बखू़बी जानते हो जो शम्बे (सनीचर) के दिन अपनी हद से गुज़र गए (कि बावजूद मुमानिअत शिकार खेलने निकले) तो हमने उन से कहा कि तुम राइन्दे गए बन्दर बन जाओ (और वह बन्दर हो गए)" (Sura2-65) "फिर तुममें से थोड़े आदमियों के सिवा (सब के सब) फिर गए और तुम लोग हो ही इक़रार से मुँह फेरने वाले.और (वह वक़्त याद करो) जब हमने तुम (तुम्हारे बुजुर्गों) से अहद लिया था कि आपस में खू़रेजि़याँ न करना और न अपने लोगों को शहर बदर करना तो तुम (तुम्हारे बुजुर्गों) ने इक़रार किया था और तुम भी उसकी गवाही देते हो .(कि हाँ ऐसा हुआ था) फिर वही लोग तो तुम हो कि आपस में एक दूसरे को क़त्ल करते हो और अपनों से एक जत्थे के नाहक़ और ज़बरदस्ती हिमायती बनकर दूसरे को शहर बदर करते हो (और लुत्फ़ तो ये हैं कि) अगर वही लोग क़ैदी बनकर तम्हारे पास (मदद माँगने) आए तो उनको तावान देकर छुड़ा लेते हो हालाँकि उनका निकालना ही तुम पर हराम किया गया था तो फिर क्या तुम (किताबे खु़दा की) बाज़ बातों पर ईमान रखते हो और बाज़ से इन्कार करते हो बस तुम में से जो लोग ऐसा करें उनकी सज़ा इसके सिवा और कुछ नहीं कि जि़न्दगी भर की रूसवाई हो और (आखि़रकार) क़यामत के दिन सख़्त अज़ाब की तरफ लौटा दिये जाए और जो कुछ तुम लोग करते हो खु़दा उससे ग़ाफि़ल नहीं है" (Sura 2-83,84,85) "और तुम्हारे पास मूसा तो वाज़ेए व रौशन मौजिज़े लेकर आ ही चुके थे फिर भी तुमने उनके बाद बछड़े को खु़दा बना ही लिया और उससे तुम अपने ही ऊपर ज़ुल्म करने वाले थे"(Sura2-92) "बनी इसराईल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंनं तुम को दी हैं और ये कि मैंने तुमको सारे जहाँन पर फज़ीलत दी " (Sura 2-122) "बेशक हम ने तौरेत नाजि़ल की जिसमें (लोगों की) हिदायत और नूर (ईमान) है उसी के मुताबिक़ ख़ुदा के फ़रमाबरदार बन्दे (अम्बियाए बनी इसराईल) यहूदियों को हुक्म देते रहे और अल्लाह वाले और उलेमाए (यहूद) भी किताबे ख़ुदा से (हुक्म देते थे) जिसके वह मुहाफि़ज़ बनाए गए थे और वह उसके गवाह भी थे बस (ऐ मुसलमानों) तुम लोगों से (ज़रा भी) न डरो (बल्कि) मुझ ही से डरो और मेरी आयतों के बदले में (दुनिया की दौलत जो दर हक़ीक़त बहुत थोड़ी क़ीमत है) न लो और (समझ लो कि) जो ख़्स ख़ुदा की नाजि़ल की हुयी (किताब) के मुताबिक़ हुक्म न दे तो ऐसे ही लोग काफि़र हैं" (Sura 5-44) "(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तुम्हें ख़ुदा के नज़दीक सज़ा में इससे कहीं बदतर ऐब बता दॅू (अच्छा लो सुनो) जिसपर ख़ुदा ने लानत की हो और उस पर ग़ज़ब ढाया हो और उनमें से किसी को (मसख़ करके) बन्दर और (किसी को) सूअर बना दिया हो और (ख़ुदा को छोड़कर) शैतान की परस्तिश की हो बस ये लोग दरजे में कहीं बदतर और राहे रास्त से भटक के सबसे ज़्यादा दूर जा पहँचे हैं " (Sura 5-60) "यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं" (Sura 9-30) "ऐ बनी इसराइल हमने तुमको तुम्हारे दुश्मन (के पंजे) से छुड़ाया और तुम से (कोहेतूर) के दाहिने तरफ का वायदा किया और हम ही ने तुम पर मन व सलवा नाजि़ल किया.और (फ़रमाया) कि हमने जो पाक व पाक़ीज़ा रोज़ी तुम्हें दे रखी है उसमें से खाओ (पियो) और उसमें (किसी कि़स्म की) शरारत न करो वरना तुम पर मेरा अज़ाब नाजि़ल हो जाएगा और (याद रखो कि) जिस पर मेरा ग़ज़ब नाजि़ल हुआ तो वह यक़ीनन गुमराह (हलाक) हुआ " (Sura 20-80,81) "और हमने बनी इसराईल को किताब (तौरेत) और हुकूमत और नबूवत अता की और उन्हें उम्दा उम्दा चीज़ें खाने को दीं और उनको सारे जहाँन पर फ़ज़ीलत दी.और उनको दीन की खुली हुई दलीलें इनायत की तो उन लोगों ने इल्म आ चुकने के बाद बस आपस की जि़द में एक दूसरे से एख़्तेलाफ़ किया कि ये लोग जिन बातों से एख़्तेलाफ़ कर रहें हैं क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार उनमें फैसला कर देगा" (Sura 45-16,17) .

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यातायात संकेत (ट्रैफिक साइन)

क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया में वारेगो राजमार्ग पर एक "मार्ग पुष्टि" संकेत, जो चालकों को सूचीबद्ध स्थानों से उनकी दूरी (किलोमीटर में) के बारे में जानकारी देता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में एक संकेत जो मील प्रति घंटे में स्थानीय गति सीमा के बारे में बताता है आगे आने वाले एक दोहरे मोड़ की चेतावनी देने वाले एक ताइवान संकेत के डिजाइन विनिर्देश एक स्तंभ पर दो या इससे अधिक संकेतों को प्रदर्शित किया जा सकता है। यहाँ एक कनाडाई सड़क-अंत का निशान एक ग्रामीण हवाई अड्डे के संकेत के साथ दिखाई देता है। यातायात संकेत (ट्रैफिक साइन) या सड़क संकेत (रोड साइन), सड़क का उपयोग करने वालों को जानकारी प्रदान करने के लिए सड़कों के किनारे लगाए गए संकेतों को कहते हैं। पिछले आठ दशकों में वाहनों की संख्या में वृद्धि के साथ कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुविधाजनक बनाने (जहाँ भाषा संबंधी अंतर अवरोध पैदा करते हैं) तथा आम तौर पर यातायात सुरक्षा को बढ़ाने में मदद के लिए सचित्र संकेतों को अपनाया है या अन्यथा अपने संकेतों को सरलीकृत और मानकीकृत किया है। इस तरह के सचित्र संकेतों में शब्दों के स्थान पर चिन्हों (अक्सर छायाचित्रों) का उपयोग किया जाता है और ये आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल पर आधारित होते हैं। ऐसे संकेतों को सबसे पहले यूरोप में विकसित किया गया था और इन्हें देशों द्वारा विभिन्न स्तरों पर अपनाया गया है। .

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यू.सी. साँपडोरिया

उनिओने कल्चिओ साँपडोरिया जेनोआ में स्थित एक इतालवी फुटबॉल क्लब है। लब जिनकी जड़ें 1890, सम्पिएर्दरेनेसे और एंड्रिया डोरिया के लिए वापस पता लगाया जा सकता है दो मौजूदा खेल क्लबों के विलय से 1946 में गठन किया गया था। साँपडोरिया वर्तमान में इटली के सेरी ए में प्रतिस्पर्धा.

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यूट्यूब

यूट्यूब का मुख्यालय सैन ब्रूनो, कैलीफोर्निया में (२०१०) यूट्यूबएक साझा वेबसाइट (video sharing) है जहाँ उपयोगकर्ता वेबसाइट पर वीडियो देख सकता है, रेटिंग दे सकता है, टिप्पणियाँ छोड़ सकता है और वीडियॊ क्लिप साझा कर सकता है। पेपल के तीन पूर्व कर्मचारियॊं ने मध्य फरवरी (PayPal)२००५ यू ट़यूब बनायी थी।, USATODAY, October 11 (October 11), 2006.

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यूटीसी +०२:००

यूटीसी+०१:०० - नीला (दिसम्बर), नारंगी (जून), पीला (पूरा वर्ष), हल्का नीला - समुद्री इलाक़े यूटीसी +०२:०० (UTC+02:00) वह यूटीसी समय अंतर है जो समन्वयित विश्वव्यापी समय (यूटीसी) से दो घंटे आगे हो, यानि +०२:०० हो। .

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यूटीसी+०१:००

यूटीसी+०१:०० - नीला (जनवरी), नारंगी (जुलाई), पीला (पूरा वर्ष), हल्का नीला - समुद्री इलाक़े यूटीसी +०१:०० (UTC+01:00) वह यूटीसी समय अंतर है जो समन्वयित विश्वव्यापी समय (यूटीसी) से एक घंटा आगे हो, यानि +०१:०० हो। इस यूटीसी अंतर का प्रयोग इन मानक समयों में होता है.

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यूनानी भाषा

यूनानी या ग्रीक (Ελληνικά या Ελληνική γλώσσα), हिन्द-यूरोपीय (भारोपीय) भाषा परिवार की स्वतंत्र शाखा है, जो ग्रीक (यूनानी) लोगों द्वारा बोली जाती है। दक्षिण बाल्कन से निकली इस भाषा का अन्य भारोपीय भाषा की तुलना में सबसे लंबा इतिहास है, जो लेखन इतिहास के 34 शताब्दियों में फैला हुआ है। अपने प्राचीन रूप में यह प्राचीन यूनानी साहित्य और ईसाईयों के बाइबल के न्यू टेस्टामेंट की भाषा है। आधुनिक स्वरूप में यह यूनान और साइप्रस की आधिकारिक भाषा है और करीबन 2 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है। लेखन में यूनानी अक्षरों का उपयोग किया जाता है। यूनानी भाषा के दो ख़ास मतलब हो सकते हैं.

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यूनाइटेड किंगडम में कराधान

यूनाइटेड किंगडम में कराधान दो स्तरों पर बनाया गया है:स्थानीय सरकार और केंद्र सरकार(टैक्स कार्यालय के माध्यम से)। स्थानीय सरकारें, अपनी वित्तीय स्थिति सरकारी अनुदान, वाणिज्यिक संपत्ति पर करों, स्थानीय करों और विशेष कर हल के दिनों में सड़कों पर पार्किंग शुल्क और मुनाफा शुल्क द्वारा बनाए रखती है, जबकि केंद्र सरकार की कर सामग्री मुख्य रूप से ईंधन, तंबाकू और शराब पर कर, अनिवार्य राष्ट्रीय बीमा, आयकर भुगतान, वैट, कॉरपोरेट टैक्स तथा उत्पाद शुल्क है। .

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यूरो

यूरो (मुद्रा चिह्न €; बैंक कोड: EUR) यूरोपीय संघ के 28 में से 19 सदस्य की आधिकारिक मुद्रा है, जिन्हें सामूहिक रूप से यूरोजोन कहा जाता है। इसमें आस्ट्रिया, बेल्जियम, साइप्रस, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, लग्ज़म्बर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया और स्पेन (2014) शामिल हैं। इसके अलावा पांच अन्य यूरोपीय देशों में आधिकारिक सहमति या बिना सहमति के भी यह प्रचलन में है। अमेरिकी डॉलर के बाद यूरो दुनिया में दूसरी सबसे सुरक्षित रखने वाली और प्रचलन में रहने वाली मुद्रा है। यूरो नाम आधिकारिक रूप से 16 दिसम्बर 1995 को अपनाया गया। वैश्विक बाजार में इसे यूरोपियन करेंसी यूनिट के स्थान पर सम मूल्य पर 1 जनवरी 1999 को जारी किया गया। एक (1) यूरो का मूल्य सत्तर (70) रुपये हैं (सम्प्रति - सितंबर, 2009)। .

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यूरोप

यूरोप पृथ्वी पर स्थित सात महाद्वीपों में से एक महाद्वीप है। यूरोप, एशिया से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। यूरोप और एशिया वस्तुतः यूरेशिया के खण्ड हैं और यूरोप यूरेशिया का सबसे पश्चिमी प्रायद्वीपीय खंड है। एशिया से यूरोप का विभाजन इसके पूर्व में स्थित यूराल पर्वत के जल विभाजक जैसे यूराल नदी, कैस्पियन सागर, कॉकस पर्वत शृंखला और दक्षिण पश्चिम में स्थित काले सागर के द्वारा होता है। यूरोप के उत्तर में आर्कटिक महासागर और अन्य जल निकाय, पश्चिम में अटलांटिक महासागर, दक्षिण में भूमध्य सागर और दक्षिण पश्चिम में काला सागर और इससे जुड़े जलमार्ग स्थित हैं। इस सबके बावजूद यूरोप की सीमायें बहुत हद तक काल्पनिक हैं और इसे एक महाद्वीप की संज्ञा देना भौगोलिक आधार पर कम, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आधार पर अधिक है। ब्रिटेन, आयरलैंड और आइसलैंड जैसे देश एक द्वीप होते हुए भी यूरोप का हिस्सा हैं, पर ग्रीनलैंड उत्तरी अमरीका का हिस्सा है। रूस सांस्कृतिक दृष्टिकोण से यूरोप में ही माना जाता है, हालाँकि इसका सारा साइबेरियाई इलाका एशिया का हिस्सा है। आज ज़्यादातर यूरोपीय देशों के लोग दुनिया के सबसे ऊँचे जीवनस्तर का आनन्द लेते हैं। यूरोप पृष्ठ क्षेत्रफल के आधार पर विश्व का दूसरा सबसे छोटा महाद्वीप है, इसका क्षेत्रफल के १०,१८०,००० वर्ग किलोमीटर (३,९३०,००० वर्ग मील) है जो पृथ्वी की सतह का २% और इसके भूमि क्षेत्र का लगभग ६.८% है। यूरोप के ५० देशों में, रूस क्षेत्रफल और आबादी दोनों में ही सबसे बड़ा है, जबकि वैटिकन नगर सबसे छोटा देश है। जनसंख्या के हिसाब से यूरोप एशिया और अफ्रीका के बाद तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला महाद्वीप है, ७३.१ करोड़ की जनसंख्या के साथ यह विश्व की जनसंख्या में लगभग ११% का योगदान करता है, तथापि, संयुक्त राष्ट्र के अनुसार (मध्यम अनुमान), २०५० तक विश्व जनसंख्या में यूरोप का योगदान घटकर ७% पर आ सकता है। १९०० में, विश्व की जनसंख्या में यूरोप का हिस्सा लगभग 25% था। पुरातन काल में यूरोप, विशेष रूप से यूनान पश्चिमी संस्कृति का जन्मस्थान है। मध्य काल में इसी ने ईसाईयत का पोषण किया है। यूरोप ने १६ वीं सदी के बाद से वैश्विक मामलों में एक प्रमुख भूमिका अदा की है, विशेष रूप से उपनिवेशवाद की शुरुआत के बाद.

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यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

बास्तीय के किले पर आक्रमण ज्यूसेपे मेत्सिनी: इटली के एकीकरण का अग्रदूत 18वीं सदी में कई देश जैसे जर्मनी, इटली तथा स्विटजरलैण्ड आदि उस रूप में नहीं थे जैसा कि आज हम इन्हें देखते हैं। ये छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित थे जिनका अपना स्वतन्त्र शासक था। 1789 ई॰ की फांसीसी क्रान्ति से पहले फांस एक ऐसा राज्य था जिनके सम्पूर्ण भू-भाग पर एक निरकुंश राजा का शासन था। नेपोलियन की संहिता - इसे 1804 में लागू किया गया। इसने जन्म पर आधरित विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया इसनें न केवल न्याय के समक्ष समानता स्थापित की बल्कि सम्पत्ति के अध्किर को भी सुरक्षित किया। १९वीं शताब्दी में यूरोपीय महाद्वीप में राष्ट्रवाद की एक लहर चली जिसने यूरोपीय देशों का कायाकल्प कर दिया। जर्मनी, इटली, रोमानिया आदि नवनिर्मित देश कई क्षेत्रीय राज्यों को मिलाकर बने जिनकी राष्ट्रीय पहचान 'समान' थी। यूनान, पोलैण्ड, बल्गारिया आदि स्वतंत्र होकर राष्ट्र बन गये। यूरोप के राजनीतिक विकास में राष्ट्रवाद की प्रमुख भूमिका थी। .

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यूरोप में विश्व धरोहर स्थलों की सूची

यह यूरोप में स्थित यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की एक सूची है। तारांकन चिह्न (*) लगे स्थल, खतरे में विश्व धरोहर स्थलों की सूची में भी शामिल हैं। .

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यूरोप का इतिहास

एक '''सामी''' परिवार यूरोप में मानव ईसापूर्व 35,000 के आसपास आया। इसके बाद ७००० इस्वी पूर्व से संगठित बसाव यानि बस्तियों के प्रमाण मिलते हैं। काँस्य युगीन सभ्यता (३००० ईसा पूर्व) के समय यहाँ कुछ अधिक बसाव नहीं हुआ - भ़ासकर मिस्र, इराक, चीन और भारतीय सभ्यता के मुकाबले। लेकिन ५०० ईसापूर्व से रोमन और यूनानी साम्राज्यों का उदय हुआ जिसने यूरोप की संस्कृति को बहुत प्रभावित किया। सैन्य, कला और चिंतन के मामले में यूनानियों ने यूरोप के एक कोने में होते हुए भी पूरे यूरोप और बाद में विश्वभर में अपना प्रभाव जमाया। आज यूरोप के देश यूरोपीय संघ के सदस्य हैं जो एक मुद्रा यूरो चलाता है। मध्यकाल में यूरोप छोटे राज्यों में विभक्त हो गया था। विज्ञान और शोध के मामले में धार्मिक मान्यताओं ने अपना प्रभाव बना रखा था। पंद्रहवीं सदी के बाद यह पुनः विकसित हुआ। सैनिक इतिहास का एक छोटा ब्यौरा नीचे लिखा है, कृपया वहाँ देखें। यूरोप के इतिहास को समझने के लिए दक्षिणी (रोम, यूनान और स्पेन), पूर्वी (यानि स्लाविक) और उत्तरी क्षेत्र जिसनें जर्मन मूल की नौर्ड और वाइकिंग तथा केल्ट और गॉल को समझना आवश्यक है। .

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यूरोपेँ प्रेस फोटो एजेंसी

यूरोपेँ प्रेस फोटो एजेंसी, बी वी (European Pressphoto Agency B.V.) एक अन्तार्रश्त्रिये न्यूज़ फोटो एजेंसी है। विश्व के सभी भागो से समाचार, राजनीती, खेल, व्यापर, वित्त, ख़बरों के साथ साथ कला संस्कृति और मनोरंजन से संबंधीत छाया चित्र लगभग ४०० से भी अधिक व्यावसायिक फोतोग्रफेरों के विश्वव्यापी जाल या नेटवर्क द्वारा उपस्थित कराइ जाती है जो की ई पी ए की छाया चित्र समाचार सेवा में शामिल है! ई पी ए की छाया चित्र सवैएँ विश्व भर में फैले ई पी ए के स्टाफ फोतोग्रफेरों के विस्तृत जाल या नेटवर्क तथा इसकी सदस्य एजेंसीयों, जो अपने देशों के बाज़ार में मार्गदर्शक तथा अग्रणी है, दोनों के दैनिक उत्पादन पे आधारित हैं ! सभी छायाचित्र संपादन के उपरांत विष भर के सभी ग्राहकों व संझेदारों को फ्रैंकफर्ट ऍम मने जर्मनी स्थित मुख्या संपादन कार्यालय जो की प्रतिदिन चौबीस घंटे कार्यरत है, के द्वारा वितरित कर दिए जातें हैंhttp://www.epa.eu/products-and-services/epa-service .

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यूरोपीय देशों की सूची

United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland | United Kingdom — United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland | लंदनLondon | 63,047,162 | |- | | | वेटिकन सिटीVatican City State ----Holy See | Città del Vaticano — Stato della Città del VaticanoSancta Sedes | वेटिकन सिटीCittà del Vaticano | 836 | | .

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यूरोपीय धर्मसुधार

16वीं शताब्दी के प्रारंभ में समस्त पश्चिमी यूरोप धार्मिक दृष्टि से एक था - सभी ईसाई थे; सभी रोमन काथलिक चर्च के सदस्य थे; उसकी परंपरगत शिक्षा मानते थे और धार्मिक मामलों में उसके अध्यक्ष अर्थात् रोम के पोप का शासन स्वीकार करते थे। यूरोपीय धर्मसुधार अथवा रिफॉरमेशन 16वीं शताब्दी के उस महान आंदोलन को कहते हैं जिसके फलस्वरूप पाश्चात्य ईसाइयों की यह एकता छिन्न-भिन्न हुई और प्रोटेस्टैंट धर्म का उदय हुआ। चर्च के इतिहस में समय-समय पर सुधारवादी आंदोलन होते रहे किंतु वे चर्च के धार्मिक सिद्धातों अथवा उसके शासकों को चुनौती न देकर उनके निर्देश के अनुसार ही नैतिक बुराइयों का उन्मूलन तथा धार्मिक शिक्षा का प्रचार अपना उद्देश्य मानते थे। 16वीं शताब्दी में जो सुधार का आंदोलन प्रवर्तित हुआ वह शीघ्र ही चर्च की परंपरागत शिक्षा और उसके शासकों के अधिकार, दोनों का विरोध करने लगा। धर्मसुधार आंदोलन के परिणामस्वरूप यूरोप में कैथोलिक सम्प्रदाय के साथ-साथ लूथर सम्प्रदाय, कैल्विन सम्प्रदाय, एंग्लिकन सम्प्रदाय और प्रेसबिटेरियन संप्रदाय प्रचलित हो गये। .

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यूरोपीय नाट्यशालाएँ

यूरोप में नाट्यशाला का इतिहास प्राय: 3,200 ई.पू.

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यूरोपीय बैंकिंग संघ

यूरोपीय बैंकिंग संघ यूरोपीय बैंकिंग क्षेत्र का एक संगठन है जिसकी स्थापना १९६० में हुई थी। यह 30,000 अरब यूरो से अधिक की संयुक्त संपत्ति और 2.4 लाख कर्मचारियों के साथ 31 देशों में 5000 से अधिक यूरोपीय बैंकों का प्रतिनिधित्व करता है। .

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यूरोपीय संघ

यूरोपियन संघ (यूरोपियन यूनियन) मुख्यत: यूरोप में स्थित 28 देशों का एक राजनैतिक एवं आर्थिक मंच है जिनमें आपस में प्रशासकीय साझेदारी होती है जो संघ के कई या सभी राष्ट्रो पर लागू होती है। इसका अभ्युदय 1957 में रोम की संधि द्वारा यूरोपिय आर्थिक परिषद के माध्यम से छह यूरोपिय देशों की आर्थिक भागीदारी से हुआ था। तब से इसमें सदस्य देशों की संख्या में लगातार बढोत्तरी होती रही और इसकी नीतियों में बहुत से परिवर्तन भी शामिल किये गये। 1993 में मास्त्रिख संधि द्वारा इसके आधुनिक वैधानिक स्वरूप की नींव रखी गयी। दिसम्बर 2007 में लिस्बन समझौता जिसके द्वारा इसमें और व्यापक सुधारों की प्रक्रिया 1 जनवरी 2008 से शुरु की गयी है। यूरोपिय संघ सदस्य राष्ट्रों को एकल बाजार के रूप में मान्यता देता है एवं इसके कानून सभी सदस्य राष्ट्रों पर लागू होता है जो सदस्य राष्ट्र के नागरिकों की चार तरह की स्वतंत्रताएँ सुनिश्चित करता है:- लोगों, सामान, सेवाएँ एवं पूँजी का स्वतंत्र आदान-प्रदान.

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यूरोपीय संघ की मुद्राएँ

, यूरोपीय संघ के सदस्य राष्ट्रों द्वारा आधिकारिक रूप से ग्यारह मुद्राएँ प्रयोग की जा रही हैं। अधिकांश सदस्य राष्ट्रों के लिये यूरो खाते हैं जबकि उनकी मौद्रिक नीतियाँ स्वतंत्र रूप से चलती हैं। जिन यूरोपीय संघ के राष्ट्रों ने इसे अपनाया है वे यूरोक्षेत्र कहलाते हैं, साथ ही उनका यूरोपीय केन्द्रीय बैंक (ईसीबी) में शेयर भी हैं। ईसीबी तथा यूरोपीय संघ के सभी राष्ट्रों के राष्ट्रीय बैंक यूरोपीय केन्द्रीय बैंक प्रणाली के भाग हैं, जिनमे वे राष्ट्र भी शामिल है जिनकी अपनी अलग मुद्राएँ हैं। .

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यूरोपीय क्रिकेट चैम्पियनशिप

यूरोपीय क्रिकेट चैम्पियनशिप विभिन्न प्रतियोगिताओं में जो यूरोप भर में राष्ट्रीय क्रिकेट पक्षों प्रतिस्पर्धा का एक समूह है। प्रतियोगिता में जहां क्रिकेट एक प्रमुख खेल नहीं है और यूरोप के केवल टेस्ट क्रिकेट खेल रहे देश, इंग्लैंड, वर्तमान में एक ओर प्रवेश नहीं करता देशों में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और विकसित करने के लिए बनाया गया है। खेल 50 ओवर के एकदिवसीय क्रिकेट मैचों कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय का दर्जा (अधिक जानकारी के लिए नीचे देखें) नहीं है। .

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यूरोपीय ऋण संकट

यूरोप के प्रमुख देशों में पिछले १० वर्षों में ब्याज दर में वृद्धि यूरोपीय ऋण संकट (European debt crisis) सन २०१० में यूनान से आरम्भ हुआ और एक के बाद दूसरे यूरोपीय देश को अपने चपेटे में लिये जा रहा है। इन देशों का बजट घाटा बेलगाम बढ रहा है। यूनान जून २०१५ में दिवालिया हो गया तथा कई अन्य देश दिवालिया होने की कगार पर खड़े हैं। यह संकट यूनान, आयरलैण्ड, इटली, स्पेन, पुर्तगाल आदि को अपने चपटे में ले चुका है जिनका बजट घाटा और कर्ज बहुत अधिक है। .

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यूरोक्षेत्र

कोई विवरण नहीं।

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यूजेन (सवाय का)

यूजेन यूजेन (अंग्रेजी:Prince Eugene of Savoy, फ्रांसीसी: François-Eugène de Savoie, इतालवी: Principe Eugenio di Savoia-Carignano, जर्मन: Prinz Eugen von Savoyen; 18 अक्टूबर 1663 – 21 अप्रैल 1736) आस्ट्रिया का फील्ड मार्शल और महान्‌ राजनीतिज्ञ था। .

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योगेंद्र दुर्यस्वामी

योगेन्द्र दुर्यस्वामी एक श्रीलंकाई राजनयिक, थे। जो भारत, म्यांमार, संयुक्त राज्य अमेरिका (न्यूयॉर्क), ऑस्ट्रेलिया, इराक, इटली, चीन और फिलीपींस में सेवा देते थे। .

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रसायन विज्ञान का इतिहास

रसायन विज्ञान का इतिहास बहुत पुराना है। १००० ईसापूर्व में प्राचीन सभ्यताओं के लोग ऐसी प्राविधियों काo.

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राना लियाक़त अली ख़ान

बेगम रआना की एक तस्वीर, 1961 बेगम र'आना लियाक़त अली ख़ान (जन्म का नाम: शीला आइरीन पंत), पाकिस्तान की प्रथम महिला, पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाक़त अली ख़ान की बेगम, पाकिस्तान आंदोलन के सदस्य और सिंध की पहली महिला राज्यपाल थीं। .

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रानी (रंग)

Although magenta and fuchisa are the same color, the chart below (the colors displayed on which are also shown in the magenta color chart above) shows those shades of magenta which are specifically named fuchsia.

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राफेल

राफेल का चित्र राफेल (Raffaello Sanzio da Urbino या Raphael, 1483 – 1520) परम पुनरुत्थान काल के इटली के महान चित्रकार एवं वास्तुशिल्पी थे। लियोनार्डो दा विन्ची, माइकल एंजेलो और राफेल अपने युग के महान कलाकार हैं। राफेल को शताब्दियों तक समूह संयोजन का आचार्य माना जाता रहा है। व्यक्तियों के समूह, समूहों का सम्पूर्ण चित्र में अनुपात, चित्र की उंचाई और गहराई का अनुपात, और व्यक्तियों की विभिन्न मुद्राएं - इन सब में उसने कमाल कर दिखाया है। रैफेल की सर्वाधिक ख्याति उसके मैडोन्ना चित्रों से है। रैफेल की कला से ही बरोक शैली का विकास हुआ। माइकेल एंजेलो की अपेक्षा राफेल का काम शान्त, मधुर और नारीसुलभ मोहिनी से भरपूर है। राफेल की नारी और बाल चित्रण में विशेष अभिरुचि थी। .

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राफेल बम्बेली

राफेल बम्बेली (Rafael Bombelli; 20 जनवरी 1526 – 1572) इटली का गणितज्ञ था। उसका जन्म बोलग्ना में हुआ था। उसने बीजगणित के एक प्रसिद्ध ग्रन्थ की रचना की थी तथा काल्पनिक संख्याओं का यथार्थ सामने लाने में उसकी उल्लेखनीय भूमिका थी। अपनी पुस्तक (Algebra) में बम्बेल्ली ने पूर्व में ब्रह्मगुप्त द्वारा प्रतिपादित ऋणात्मक संख्याओं से सम्बन्धित नियम को बहुत ही सरल भाषा में लिखा। इस पुस्तक में उसने 'अल्जेब्रा' के बारे में लिखा है कि अल्जेब्रा भारत में खोजा गया 'उच्च गणित' है। (सन्दर्भ: Travelling Mathematics - The Fate of Diophantos' Arithmetic By Ad Meskens, Springer, page 143) .

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रामदेव

रामकृष्ण यादव भारतीय योग-गुरु हैं, जिन्हें अधिकांश लोग स्वामी रामदेव के नाम से जानते हैं। उन्होंने योगासन व प्राणायामयोग के क्षेत्र में योगदान दिया है। रामदेव जगह-जगह स्वयं जाकर योग-शिविरों का आयोजन करते हैं, जिनमें प्राय: हर सम्प्रदाय के लोग आते हैं। रामदेव अब तक देश-विदेश के करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योग सिखा चुके हैं। भारत से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिये अभियान इन्होंने प्रारम्भ किया।। .

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राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति

राष्ट्रीय ओलम्पिक समितियाँ (या NOCs) दुनिया भर में ओलम्पिक आंदोलन के राष्ट्रीय घटक हैं। अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के नियंत्रण में रहते हुए, वे ओलम्पिक खेलों में अपने लोगों की भागीदारी के आयोजन के लिए उत्तरदायी हैं। वे भविष्य के ओलम्पिक खेलों के लिए प्रत्याशी के रूप में अपने स्वायत्त क्षेत्रों के नगरों को मनोनीत कर सकते है। राओस भी अपने भौगोलिक सीमाओं के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर अपने खिलाड़ियों के विकास और कोचों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दे सकते हैं। वर्ष २००८ तक कुल २०५ रा.ओ.स. है जो प्रभुसत्ता संपन्न और अन्य भौगोलिक क्षेत्रों दोनों का प्रतिनिधित्व कर रहीं हैं। सयुंक्त राष्ट्र के सभी १९२ सदस्यों और १३ अन्य क्षेत्रों की ओलम्पिक समितियां हैं.

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राजनयिक दूत

राजनयिक दूत (Diplomatic Envoys) संप्रभु राज्य या देश द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं, जो अन्य राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन अथवा अंतरराष्ट्रीय संस्था में अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय विधि का प्रचलन आरंभ होने के बहुत पूर्व से ही रोम, चीन, यूनान और भारत आदि देशों में एक राज्य से दूसरे राज्य में दूत भेजने की प्रथा प्रचलित थी। रामायण, महाभारत, मनुस्मृति, कौटिल्यकृत अर्थशास्त्र और 'नीतिवाक्यामृत' में प्राचीन भारत में प्रचलित दूतव्यवस्था का विवरण मिलता है। इस काल में दूत अधिकांशत: अवसरविशेष पर अथवा कार्यविशेष के लिए ही भेजे जाते थे। यूरोप में रोमन साम्राज्य के पतन के उपरांत छिन्न भिन्न दूतव्यवस्था का पुनरारंभ चौदहवीं शताब्दी में इटली के स्वतंत्र राज्यों एवं पोप द्वारा दूत भेजने से हुआ। स्थायी राजदूत को भेजने की नियमित प्रथा का श्रीगणेश इटली के गणतंत्रों एवं फ्रांस के सम्राट् लुई ग्यारहवें ने किया। सत्रहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध तक दूतव्यवस्था यूरोप के अधिकांश देशों में प्रचलित हो गई थी। .

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राजनयिक इतिहास

हारुन अल रशीद, शारलेमेन के एक प्रतिनिधिमंडल से बगदाद में मिलते हुए (जूलिअस कोकर्ट द्वारा १८६४ में चित्रित) राजनयिक इतिहास (Diplomatic history) से आशय राज्यों के बीच अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के इतिहास से है। किन्तु राजनयिक इतिहास अन्तराष्ट्रीय सम्बन्ध से इस अर्थ में भिन्न है कि अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध के अन्तर्गत दो या दो से अधिक राज्यों के परस्पर सम्बन्धों का अध्ययन होता है जबकि राजनयिक इतिहास किसी एक राज्य की विदेश नीति से सम्बन्धित हो सकता है। राजनयिक इतिहास का झुकाव अधिकांशतः राजनय के इतिहास (history of diplomacy) की ओर होता है जबकि अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध समसामयिक घटनाओं पर अधिक ध्यान देता है। राजनय एक कला है जिसे अपना कर दुनिया के राज्य अपने पारस्परिक सम्बन्धों को बढ़ाते हुए अपनी हित साधना करते हैं। राजनय के सुपरिभाषित लक्ष्य तथा उनकी सिद्धि के लिए स्थापित कुशल यंत्र के बाद इसके वांछनीय परिणामों की उपलब्धि उन साधनों एवं तरीकों पर निर्भर करती है जिन्हें एक राज्य द्वारा अपनाने का निर्णय लिया जाता है। दूसरे राज्य इन साधनों के आधार पर ही राजनय के वास्तविक लक्ष्यों का अनुमान लगाते हैं। यदि राजनय के साधन तथा लक्ष्यों के बीच असंगति रहती है तो इससे देश कमजोर होता है, बदनाम होता है तथा उसकी अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा गिर जाती है। इस दृष्टि्र से प्रत्येक राज्य को ऐसे साधन अपनाने चाहिये जो दूसरे राज्यों में उसके प्रति सद्भावना और विश्वास पैदा कर सकें। इसके लिए यह आवश्यक है कि राज्य अपनी नीतियों को स्पष्ट रूप से समझाये, दूसरे राज्यों के न्यायोचित दावों को मान्यता दे तथा ईमानदारीपूर्ण व्यवहार करे। बेईमानी तथा चालबाजी से काम करने वाले राजनयज्ञ अल्पकालीन लक्ष्यों में सफलता पा लेते हैं किन्तु कुल मिलाकर वे नुकसान में ही रहते हैं। दूसरे राज्यों में उनके प्रति अविश्वास पैदा होता है तथा वे सजग हो जाते हैं। अतः राजनय के तरीकों का महत्व है। राजनय के साधनों का निर्णय लेते समय यह ध्यान रखना चाहिये कि इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख हितों की रक्षा करना है। ठीक यही उद्देश्य अन्य राज्यों के राजनय का भी है। अतः प्रत्येक राजनय को पारस्परिक आदान-प्रदान की नीति अपनानी चाहिये। प्रत्येक राज्य के राजनयज्ञों की कम से कम त्याग द्वारा अधिक से अधिक प्राप्त करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिये विरोधी हितों के बीच समझौता करना जरूरी है। समझौते तथा सौदेबाजी का यह नियम है कि कुछ भी प्राप्त करने के लिए कुछ न कुछ देना पड़ता है। यह आदान-प्रदान राजनय का एक व्यावहारिक सत्य है। इतिहास में ऐसे भी उदाहरण मिलते हैं जबकि एक शक्तिशाली बड़े राज्य ने दूसरे कमजोर राज्य को अपनी मनमानी शर्तें मानने के लिए बाध्य किया तथा समझौतापूर्ण आदान-प्रदान की प्रक्रिया न अपना कर एक पक्षीय बाध्यता का मार्ग अपनाया। इस प्रकार लादी गई शर्तों का पालन सम्बन्धित राज्य केवल तभी तक करता है जब तक कि वह ऐसा करने के लिए मजबूर हो और अवसर पाते ही वह उनके भार से मुक्त हो जाता है। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद मित्र राष्ट्रोंं ने जर्मनी को सैनिक, आर्थिक, व्यापारिक एवं प्रादेशिक दृष्टि्र से बुरी तरह दबाया। क्षतिपूर्ति की राशि अदा करने के लिए उनसे खाली चैक पर हस्ताक्षर करा लिये गये तब जर्मनी एक पराजित और दबा हुआ राज्य था। अतः उसने यह शोषण मजबूरी में स्वीकार कर लिया किन्तु कुछ समय बाद हिटलर के नेतृत्व में जब वह समर्थ बना तो उसने इन सभी शर्तों को अमान्य घोषित कर दिया। स्पष्ट है कि पारस्परिक आदान-प्रदान ही स्थायी राजनय का आधार बन सकता है। बाध्यता, बेईमानी, धूर्तता, छल-कपट एवं केवल ताकत पर आधारित सम्बन्ध अल्पकालीन होते हैं तथा दूसरे पक्ष पर विरोधी प्रभाव डालते हैं।फलतः उनके भावी सम्बन्धों में कटुता आ जाती है। राजनय के साधन और तरीकों का विकास राज्यों के आपसी सम्बन्धों के लम्बे इतिहास से जुड़ा हुआ है। इन पर देश-काल की परिस्थितियों ने भी प्रभाव डाला है। तदनुसार राजनीतिक व्यवहार भी बदलता रहा है। विश्व के विभिन्न देशों के इतिहास का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि राजनयिक आचार का तरीका प्रत्येक देश का अपना विशिष्ट रहा है। यहाँ हम यूनान, रोम, इटली, फ्रांस तथा भारत में अपनाए राजनयिक आचार के तरीकों का अध्ययन करेंगे। .

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राजीव गांधी

राजीव गांधी (English-Rajiv Gandhi)२० अगस्त, १९४४ - २१ मई, १९९१), इन्दिरा गांधी के पुत्र और जवाहरलाल नेहरू के दौहित्र (नाती), भारत के सातवें प्रधान मंत्री थे। १९८४ में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके पुत्र राजीव गांधी भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद १९८९ के आम चुनावों में कांग्रेस की हार हुई और पार्टी दो साल तक विपक्ष में रही। १९९१ के आम चुनाव में प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक भयंकर बम विस्फोट में राजीव गांधी की मौत हो गई थी। राजीव का विवाह एन्टोनिया माईनो से हुआ जो उस समय इटली की नागरिक थी। विवाहोपरान्त उनकी पत्नी ने नाम बदलकर सोनिया गांधी कर लिया। कहा जाता है कि राजीव गांधी से उनकी मुलाकात तब हुई जब राजीव कैम्ब्रिज में पढने गये थे। उनकी शादी 1968 में हुई जिसके बाद वे भारत में रहने लगी। राजीव व सोनिया की दो बच्चे हैं, पुत्र राहुल का जन्म 1970 और पुत्री प्रियंका का जन्म 1971 में हुआ। .

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रवेना

रवेना इटली के एमिलिया-रोमाग्ना क्षेत्र का एक शहर है। इसका पूरा नाम है कॉम्यून दि रवेना। File:PiazzaPopulo03.jpg Image:Mausoleum of Theoderic.JPG| Image:Baptistery.Arians02.jpg| Image:Dantes tomb ravenna.jpg| .

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रग्बी फुटबॉल

रग्बी फुटबॉल (आम तौर पर केवल “रग्बी ”) वर्तमान में दो खेल-रूपों में है- रग्बी लीग या रग्बी यूनियन अथवा युनाइटेड किंगडम के विभिन्न इलाकों में विकसित फुटबॉल के एक समान्य रूप से निकले हुए अनेक खेल रूपों में से एक है। .

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रूनी लिपि

डेनमार्क के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखी विमोस कंघी (Vimose Comb) 160 ई के आसपास बनी थी और उसपर सबसे पुरानी ज्ञात रूनी लिखाई हैं रूनी वर्णमालाएँ (अंग्रेज़ी: Runic alphabets, रूनिक ऐल्फ़ाबॅट्स) प्राचीनकालीन यूरोप में कुछ जर्मैनी भाषाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली वर्णमालाओं को कहा जाता था जो 'रून' (rune) नामक अक्षर प्रयोग करती थीं।, Benjamin W. Fortson, IV, pp 348, John Wiley & Sons, 2011, ISBN 978-1-4443-5968-8,...

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रेडियो स्टुडियो ५४ नेटवर्क

रेडियो स्टुडियो ५४ नेटवर्क उर्फस्टूडियो 54 नेटवर्क लोक्रि, क्यालाब्रिया में स्थित एक इतालवी निजी रेडियो स्टेशन है और मुख्य रूप से Calabria, सिसिली और Apulia क्षेत्रोंमें सेवा प्रसारण करता है। यह एक दिन में 24 घंटे प्रसारण करता है और इंटरनेट स्ट्रीमिंग माध्यम से भी दुनिया भर में प्रसारण करता है। .

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रेबा सोम

डॉ रेबा सोम (जन्म, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल) एक भारतीय अकादमिक, इतिहासकार, लेखक और शास्त्रीय गायक है।  वह कोलकाता में 'सांस्कृतिक संबंधों के लिए भारतीय परिषद' रबींद्रनाथ टैगोर केंद्र के निदेशक हैं। रेबा सोम रवींद्रसंगीत की एक प्रशिक्षित गायक भी है। उनकी कॉम्पैक्ट डिस्क, रवींद्रनाथ टैगोर (तृतीय मिलननेओ, रोम, इटली 2003 और सरेगामा - भारत, मई 2004) के चयनित गीतों में उनके अंग्रेजी अनुवाद और टैगोर के गीतों के लिप्यंतरण शामिल हैं। .

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रोचेस्टर, न्यूयॉर्क

रोचेस्टर, संयुक्त राज्य अमेरिका में लेक ओंटारियो के दक्षिण में स्थित न्यूयॉर्क की मॉनरो काउंटी का एक शहर है। रोचेस्टर महानगरीय क्षेत्र, यू.एस.

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रोम

यह लेख इटली की राजधानी एवं प्राचीन नगर 'रोम' के बारे में है। इसी नाम के अन्य नगर संयुक्त राज्य अमरीका में भी है। स्तनधारियों की त्वचा पर पाए जाने वाले कोमल बाल (en:hair) के लिये बाल देखें। इसका पर्यायवाची शब्द रोयाँ या रोआँ (बहुवचन - रोएँ) है। ---- '''रोम''' नगर की स्थिति रोम (Rome) इटली देश की राजधानी है। .

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रोम मार्च

रोम की ओर मार्च करते फासिस्त पार्ती के लोग इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी ने २२ से २९ अक्टूबर १९२२ तक काली शर्ट पहनकर एक मार्च निकाला जिसे रोम मार्च (Marcia su Roma) कहते हैं। इसी मार्च के परिणामस्वरूप फासिस्ट पार्टी, इटली की सत्ता हथियाने में सफल रही। .

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रोमन गाल

रोमन साम्राज्य के अन्तर्गत गाल गाल (Gaul) उस प्रदेश का अंग्रेजी नाम है जिसे रोमन लोग 'गैलिया' (Galia) कहते थे। रोमन साम्राज्य में गाल के अंतर्गत आधुनिक समूचा फ्रांस, बेल्जियम, लक्समबर्ग, पश्चिमी स्विट्जरलैण्ड, तथा पश्चिमी जर्मनी आते थे। रोमनों ने इस क्षेत्र पर लगभग ५०० वर्ष तक शासन किया। आरंभिक रोमन युग में यहाँ बेल्गे, क्वीतानी और कैल्टी अथवा गैली लोग रहते थे। संयुक्त रूप से ये तीनों समूह गाल कहलाते थे। वे लोग दाढ़ी और केश दोनों रखते थे। ३९० ई. पू.

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रोमा (लोग)

रोमा लोगों का ध्वज रोमा एक मानव-समुदाय है जो यूरोप के विभिन्न भागों में पाये जाते हैं किन्तु इनका मूल दक्षिण एशिया (भारत) है। इन्हें रोमानी भी कहते हैं। रोमानी लोग विश्व के भिन्न-भिन्न भागों में बिखरे हुए हैं किन्तु अधिकांश यूरोप में हैं (और यूरोप में भी मध्य व पूर्वी यूरोप में अधिक हैं)। रोमा लोगों की भाषा रोमानी (भाषा) कहलाती है जिसकी अनेक बोलियाँ हैं। इसके बोलने वालों की संख्या कोई २० लाख है जबकि रोमा लोगों की कुल संख्या ४० लाख के उपर है। .

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रोजर फ़ेडरर

रॉजर फ़ेडरर (उच्चारण / rɒdʒə fɛdərər /) (जन्म 8 अगस्त 1981) एक व्यवसायिक स्विस टेनिस खिलाड़ी हैं, जिनकी वर्तमान में एटीपी वरीयता 2 है। उनके नाम 2 फ़रवरी 2004 से 17 अगस्त 2008 तक 237 हफ़्तों तक प्रथम वरीयता पर रहने का रिकॉर्ड है। फ़ेडरर को व्यापक रूप से इस युग के महानतम एकल खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है। फ़ेडरर ने 17 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब (4 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 7 विम्बलडन, 5 अमरीकी ओपन) | उन्होंने 4 टेनिस मास्टर्स कप खिताब, 16 एटीपी मास्टर्स श्रृंखलाएं, तथा एक ओलम्पिक युगल स्वर्ण पदक जीते हैं। उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं, जिसमें लगातार 10 ग्रैंड स्लैम फ़ाईनलों (2005 विम्बलडन प्रतियोगिता से 2007 अमेरिकी ओपन प्रतियोगिता तक) तथा लगातार 19 ग्रैंड स्लैम सेमीफ़ाइनल मुकाबलों (2004 विम्बलडन से वर्तमान तक) में शामिल होना भी सम्मिलित है। .

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रीताई लोग

रीताई (Raeti, /ˈriːtaɪ/) प्राचीन यूरोप में बसने वाली एक मानव जाति थी। यह समझा जाता है कि शायद इनकी भाषा व संस्कृति प्राचीन इटली में बसने वाले इत्रस्की लोगों से उत्पन्न हुई थी या फिर उस से अन्य गहरा सम्बन्ध रखती थी। रीताई लोग मध्य यूरोप के ऐल्प्स क्षेत्र में रहते थे और उनकी मातृभूमि आधुनिक स्विट्ज़रलैण्ड के मध्य भाग, ऑस्ट्रिया के टायरोल नामक क्षेत्र और पूर्वोत्तरी इटली में विस्तृत थी। इनका क्षेत्र फैलते हुए रोमन साम्राज्य की चपेट में आ गया और सन् १५ ईसापूर्व तक वे और उनसे उत्तर में स्थित विन्देलिसाए (Vindelici) लोग (जो एक केल्टी भाषा बोलते थे), दोनों रोम के अधीन हो गये। रोमन साम्राज्य ने इन्हें "रीतिया एत विन्देलिसिया" (Raetia et Vindelicia) नामक प्रान्त में गठित कर दिया। रीताई क़बीलों ने रोमन अधीनता स्वीकार कर ली और रोम के वफ़ादार बन गये। कई रीताई सैनिक रोमन सैन्य टुकड़ियों में सम्मिलित हो गये। उनकी भाषा लुप्त होने लगी और ३०० ईसवी के बाद उसका प्रयोग ज्ञात नहीं है। स्विट्ज़रलैण्ड क्षेत्र में बसने वाले रीताई उस से भी पहले ३० ईसवी तक अपनी भाषा खोकर केल्टी भाषा बोलने लगे थे। .

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रीगा

रीगा (लातवियाई: Rīga, स्पष्ट) लातविया की राजधानी और सबसे प्रमुख नगर है जो बाल्टिक का एक प्रमुख, औद्योगिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और वित्तीय केंद्र है और डुगावा नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है। ७,१३,०१६ (२००९) निवासियों के साथ यह बाल्टिक राज्यों में सबसे बड़ा और बाल्टिक क्षेत्र में सेंट पीटर्सबर्ग और स्टॉकहोम के बाद (नगरीय सीमा के भीतर निवासियों की गिनती अनुसार) तीसरा सबसे बड़ा नगर है। रीगा क्षेत्र का क्षेत्रफल ३०७.१७ वर्ग किमी है और यह एक समतल और रेतीले मैदान पर समुद्र तल से १ से १० मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। रीगा का ऐतिहासिक केंद्र एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया है और नगर अपनी व्यापक जुन्गेन्ड्सटिल (Jugendstil) वास्तुकला के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसे यूनेस्को विश्व में कहीं भी अद्वितीय समझता है। .

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ललितामहल

ललिता महल मैसूर का दूसरा सबसे बड़ा महल है। यह चामुंडी हिल के निकट, मैसूर शहर के पूर्वी ओर कर्नाटक राज्य में स्थित है। इस महल का निर्माण १९२१ में मैसूर के तत्कालीन महाराजा कृष्णराज वोडेयार चतुर्थ के आदेशानुसार हुआ था। इस महल के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य तत्कालीन भारत के वाइसरॉय को मैसूर यात्रा के दौरान ठहराना था। वर्तमान में ललितामहल भारत का अतिथिगृह एवं भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) होटल है। यह महल लंदन के सेंट पॉल कैथेड्रल की तर्ज पर बना हुआ है। यह मैसूर शहर की भव्य संरचनाओं में से एक है। इस भव्य महल को शुद्ध सफेद रंग से पोता गया है। इसे 1974 में एक विरासत होटल के रूप में परिवर्तित किया गया था। यह अब भारत सरकार के तहत भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) के अन्तर्गत अशोक ग्रुप के एक विशिष्ट होटल के रूप में चलाया जाता है। हालांकि, महल के मूल शाही माहौल को पहले जैसा ही बनाए रखा गया है। .

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ला रिपब्लिका

यह् एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है। .

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ला सी

ला सि (La C) इटली के क्यालाब्रिया में अवस्थित टेलीविजन चैनेल है। यह चलचित्र, समाचार, खेलकूद तथा मौसम समाचार सम्बन्धी कार्यक्रमों का प्रसारण करता है। .

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लात्सियो

लात्सियो (Latium) इटली के 20 प्रशासकी क्षेत्रों में से एक है। ये देश का केंद्रीय प्रायद्वीपी हिस्से में स्थित है। इसकी आबादी 57 लाख है। यह इटली का तीसरा सब से बढ़ आबादी वाला क्षेत्र है। इसकी राजधानी रोम है जो इटली की राजधानी और सब से बड़ा शहर है। .

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लाइपत्सिग का युद्ध

लाइपत्सिग का युद्ध (Battle of Leipzig या Battle of the Nations) सैक्सोनी के लाइपत्सिग नामक स्थान पर १६ से १९ अक्टूबर, १८१३ को लड़ा गया था। रूस, प्रशा, आस्ट्रिया और स्वीडेन कि संयुक्त सेनाओं ने रूस के जार अलेक्सांदर प्रथम के नेतृत्व नेपोलियन को पराजित कर दिया। इस युद्ध में लगभग 600,000 सैनिकों ने भाग लिया, इस प्रकार प्रथम विश्वयुद्ध के पहले यूरोप की यह सबसे बड़ी लड़ाई थी। रूस अभियान में नेपोलियन की असफलता का समाचार पाते ही जर्मनी में फ्रांस से प्रतिशोध लेने की भावना जागने लगी। लोग देश को नेपोलियन के नियंत्रण से मुक्त करने के लिए संघर्ष के लिए तैयार हो गए। राष्ट्रीयता का जबर्दस्त उबाल आया। इस तरह 1813 में प्रशा ने फ्रांस के विरूद्ध युद्ध की घोषणा कर दी। किन्तु प्रशा की सेना को नेपोलियन ने पीछे ढलेल दिया। 1813 ई. में प्रशा, आस्ट्रिया, इंग्लैंड, रूस तथा स्वीडन ने मिलकर नेपोलियन के विरूद्ध एक गुट का निर्माण किया और नेपोलियन के विरूद्ध दक्षिणी जर्मनी के लाइपत्सिग के युद्ध में उसे पराजित किया इसे “राष्ट्रों के युद्ध” (वार ऑफ नेशन्स) के नाम से जाना जाता है। लाइपत्सिग की पराजय ने नेपोलियन के समूचे तंत्र को ध्वस्त कर दिया, महाद्वीपीय व्यवस्था समाप्त हो गई। अंततः नेपोलियन ने आत्मसमर्पण कर दिया और फ्रांस के सिंहासन से अपने समस्त अधिकार त्याग दिए। उसे इटली के पश्चिम में एल्बा द्वीप देकर वहां का स्वतंत्र शासक बना दिया गया और फ्रांस में लुई 18वें को सम्राट नियुक्त किया गया। नेपोलियन से छुटकारा पाने के बाद यूरोप की समस्याओं को सुलझाने के लिए 1814 ई. में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में मेटरनिख की अध्यक्षता में एक सम्मेलन हुआ जिसे वियना कांग्रेस के नाम से जाना जाता है। फ्रांस की भौगोलिक सीमा वही रखी गई जो 1792 में थी और वहां बूर्वो वंश के शासन को पुनर्स्थापित किया गया। फ्रांस में लुई 18वें अव्यवस्थित शासन से जनता असंतुष्ट थी। नेपोलियन को इन परिस्थितियों की सूचना मिली तो एक बार पुनः वह फ्रांस पर अधिकार करने के लिए मार्च 1815 में एल्बा से चलकर फ्रांस आया। वहां की जनता ने उसका स्वागत किया। अतः लुई 18वां फ्रांस छोड़कर भाग गया और नेपोलियन पुनः फ्रांस का सम्राट बन बैठा। किन्तु उसके बाद केवल 100 दिन की वह शासन कर सका। नेपोलियन के पुनः गद्दी प्राप्त करने की सूचना जब यूरोप में पहुंची तो सब लोग चौकन्ना हो गए। वियना कांगे्रस को एक बार फिर नेपोलियन के भूत का भय सताने लगा। अतः अपने मतभेद भूलकर एकजुट हो नेपोलियन का मुकाबला करने का निश्चय किया। अतः जून 1815 में नेपोलियन और मित्र राष्ट्रों के बीच अंतिम निर्णायक युद्ध वाटरलू के मैदान में हुआ जिसमें नेपोलियन पराजित हुआ। उसे बंदी बनाकर सुदूर अटलांटिक महासागर के सुनसान द्वीप सेंट हेलेना में निर्वासित जीवन जीने को भेज दिया गया और वहीं 6 वर्ष बाद 2 मई 1821 को उसकी मृत्यु हो गई। श्रेणी:यूरोप का इतिहास.

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लिपारी द्वीप

लिपारी इटली के दक्षिण में सिसली द्वीप के पास एक छोटा सा ज्वालामुखी निर्मित द्वीप है। श्रेणी:इटली श्रेणी:ज्वालामुखी निर्मित द्वीप.

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लियोनार्डो

Leonardo एक इतालवी बहुराष्ट्रीय उच्च तकनीक से जुड़ी कंपनी है जो कि मुख्य रूप से एयरोस्पेस, रक्षा व सुरक्षा क्षेत्रों में सक्रिय है। कंपनी सरकारों, सशस्त्र बलों तथा संस्थानों हेतु निम्नलिखित कार्रवाइयों के संदर्भ में उत्पाद, सेवाएँ और समेकित समाधान विकसित करती है थल व वायु, नौसेना व समुद्री, अंतरिक्ष व साइबरस्पेस। १५ मई २०१६ से श्री Mauro Moretti कंपनी के सीइओ या मुख्य निष्पादन अधिकारी व महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं। Leonardo-Finmeccanica कंपनी में ४७,००० कर्मचारी हैं, व यह औद्योगिक दृष्टि से मुख्यतः इटली, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा पोलैंड में उपस्थित है और पाँच महाद्विपों के १५ देशों में कंपनी की शाखाएँ हैं। १ जनवरी २०१६ से Leonardo-Finmeccanica द्वारा नियंत्रित कंपनियों OTO Melara और WASS का विलय Leonardo-Finmeccanica में कर दिया गया है, और इसके द्वारा नियंत्रित कंपनियों AgustaWestland, Alenia Aermacchi और Selex ES की गतिविधियाँ को इस में अवशोषित कर दिया गया है और यह व्यवसाय के सात विभागों (हेलीकॉप्टर; विमान; एरोस्ट्रक्चर या हवाई यंत्र; अंतरिक्ष व एवियोनिक्स या वैमानिकी प्रणालियाँ; थल तथा नौसेना सुराक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स; रक्षा प्रणालियाँ; सुरक्षा व सूचना के लिए प्रणालियाँ) में संघटन के माध्यम से एक कंपनी के रूप में सक्रिय है। Leonardo-Finmeccanica नियंत्रित कंपनियों व संयुक्त उद्यमों, जैसे कि DRS Tecnologies (रक्षा क्षेत्र के लिए उत्पाद, सेवाएँ और समेकित समर्थन), Telespazio (उपग्रह सेवाएँ), Thales Alenia Space (उपग्रह और परिक्रमा करने वाले ढ़ाँचे), MBDA (मिसाइल टेक्नोलॉजी या प्रक्षेपास्त्र प्रणालियाँ) और ATR (क्षेत्रिय विमान), के माध्यम से भी सक्रिय है। साल २०१६ में कंपनी द्वारा अपने कॉरपोरेट नाम का परिवर्तन किया गया और यह Finmeccanica से Leonardo में बदल गया है।.

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लियोनार्दो दा विन्ची फ़्यूमिशिनो विमानक्षेत्र

Passport stamp लियोनार्दो दा विन्ची फ़्यूमिशिनो विमानक्षेत्र (Aeroporto Leonardo da Vinci di Fiumicino) या रोम फ़्यूमिशिनो विमानक्षेत्र, जिसे प्रायः मात्र फ़्यूमिशिनो विमानक्षेत्र भी कहा जाता है, इटली का सबसे बड़ा विमानक्षेत्र है जहां से वर्ष २०११ में ३.७७ करोड़ यात्री प्रतिवर्ष का आवागमन संपन्न हुआ था। यह विमानक्षेत्र राजधानी रोम के ऐतिहासिक नगर केन्द्र से पश्चिम दक्षिण-पश्चिम दिशा में फ़्यूमिशिनो में स्थित है। यह विमानक्षेत्र इटली की ध्वजवाही वायुसेवा आलिटालिया के लिये प्रधान हब है। कुल यात्री संख्या पर आधारित आंकड़ों के अनुसार यह २०११ में यूरोप का ६ठा व्यस्ततम विमानक्षेत्र, एवं विश्व का २५वाँ व्यस्ततम विमानक्षेत्र रहा है। इस विमानक्षेत्र का नाम प्रसिद्ध इतालवी पॉलिमैथ लियोनार्दो दा विन्ची के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने प्रथम प्रोटो हैलिकॉप्टर एवं पंखों वाली एक उड़ने वाली मशीन बनायी थी। .

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लिगुरिया

लिगुरिया (Ligûria, Ligurie) उत्तर-पश्चिमी इटली का एक तटवर्ती क्षेत्र है जिसकी राजधानी जिनोआ है। यह क्षेत्र सैलानियों में अपने सुंदर तटें, नगरों और खाने करके काफ़ी प्रसिद्ध है। .

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लिओनार्दो दा विंची

फ्लोरेंस में लिओनार्दो की मूर्ति लिओनार्दो दा विंची (Leonardo da Vinci, 1452-1519) इटलीवासी, महान चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुशिल्पी, संगीतज्ञ, कुशल यांत्रिक, इंजीनियर तथा वैज्ञानिक था। .

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लज़ान्या

एक थाली पर रखा लज़ान्या जिसमें पास्ता की लहरदार परत दिखाई दे रही है। लज़ान्या (बहुवचन लज़ान्ये) एक बेहतरीन इतालवी पास्ता कैसरोल पकवान है जिसमें एक के बाद एक पास्ता, चीज़, सॉस और प्रायः अन्य सामग्रीयों की परतें होती हैं। इतालावी व्यंजनों की विशिष्टता के अनुसार, इसके कई क्षेत्रीय रूप मौजूद हैं। कुछ क्षेत्रों में, विशेष रूप से इटली के दक्षिणी क्षेत्रों में इस्तेमाल किये जाने वाले सॉस के या तो साधारण टमाटर सॉस होने की संभावना होती है या रागु होने की, जबकि अन्य क्षेत्रों में, विशेष रूप से उत्तरी इटली में, बेच्मेल सॉस का उपयोग किया जाता है। यह शब्द पकवान और पास्ता की परत, दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लज़ान्या एकवचन शब्द है, जबकि लज़ान्ये इसका बहुवचन है। ब्रिटेन में इस पकवान के लिए इसके बहुवचन नाम (लज़ान्ये) का ही प्रयोग किया जाता है। लज़ान्या शब्द, जो मूल रूप से एक खाना पकाने के बर्तन को कहते हैं, अब केवल व्यंजन को ही वर्णित करता है। .

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लग्रान्ज गुणक

गणितीय इष्टमीकरण में, लग्रान्ज गुणक विधि (method of Lagrange multipliers), किसी फलन का, समता शर्तों (equality constraints) के अधीन, स्थानीय उच्चिष्ठ तथा निम्निष्ठ प्राप्त करने की एक विधि है। इसका नामकरण इटली के गणितज्ञ जोजेफ लुई लग्रान्ज के नाम पर पड़ा है। श्रेणी:गणितीय इष्टतमीकरण.

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लंबाई के आधार पर नदियों की सूची

एक जलपोत से नील नदी का दृश्य, मिस्र में लक्सर और असवान के बीच. यह पृथ्वी पर सबसे लंबी नदियों की सूची है। इसमें 1,000 किलोमीटर से अधिक वाले नदी तंत्र शामिल हैं। .

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लुसाने की संधि

शान्ति वार्ता के लिये लुसाने में मुस्तफा कमाल लुसाने की संधि (The Treaty of Lausanne) स्विट्जरलैण्ड के लुसाने नगर में २४ जुलाई १९२३ को किया गया एक शान्ति समझौता था। इसके परिणामस्वरूप तुर्की, ब्रिटिश साम्राज्य, फ्रेंच गणराज्य, इटली राजतंत्र, जापान साम्राज्य, ग्रीस राजतंत्र, रोमानिया राजतंत्र तथा सर्व-क्रोट-स्लोवीन राज्य के बीच प्रथम विश्वयुद्ध के आरम्भ के समय से चला आ रहा युद्ध औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। यह सेव्रेस की संधि के टूट जाने के बाद शान्ति की दिशा में किया गया दूसरा प्रयास था। .

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लुसियन

लूसियन (लगभग ११७ - १८० ई.) यूनानी वक्ता तथा लेखक। वह अपनी आलंकारिक एवं वैधिक वक्तृताओं तथा हास्य व्यंग्य संवादों के लिए प्राचीन साहित्य के इतिहास में प्रसिद्ध है। .

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लुइजी पिरांडेलो

लुइजी पिरांडेलो (Luigi Pirandello) इटली के कथाकार एवं नाटककार थे। 1934 ई० में साहित्य में नोबेल पुरस्कार विजेता। .

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ले रिमे

ले रिमे इटली के प्रसिद्ध कवि दांते एलीगियरी की महान रचना है। उन्होंने इसे १३०२-१३०५ के बीच रचा था। यह एक निबंध है। श्रेणी:दांते श्रेणी:महाकाव्य श्रेणी:इतालवी कविताएं श्रेणी:मध्यकालीन साहित्य श्रेणी:दांते की कृतियां de:Dante Alighieri#Rime.

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लेम्बोर्गिनी

आटोमोबिली लेम्बोर्गिनी एस.पी.ए. जोएस.पि.ए. का अर्थ अनुसार Società per Azioni है, एक ज्वाइंट स्टोक कम्पनी का इटालियन संस्करण सामान्यतः लेम्बोर्गिनी के रूप में जानी जाती है, एक इटालियन वाहन निर्माता कम्पनी है जो कि सेंट अगाटा बोलोनीस के छोटे से शहर में स्थित है। कंपनी की शुरुआत प्रमुख निर्माण उद्यमी फारुशियो लेम्बोर्गिनी द्वारा 1963 में की गयी थी। उसके बाद से ही इसका स्वामित्व कई बार बदला है। हाल ही में 1998 में यह जर्मन कार निर्माता ऑडी ए.जी. की सहायक कंपनी बनी है (जो कि स्वयं वोक्सवैगन समूह की एक सहायक कंपनी है).

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लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग II

combat aircrafts लॉकहीड_मार्टिन_एफ-35_लाइटनिंग_II लॉकहीड मार्टिन एफ-३५ लाइटनिंग २ (Lockheed Martin F-35 Lightning II) एक अकेली सीट व इंजन का पांचवी पीड़ी का विभिन् उपयोग अमेरिकी लड़ाकू विमान है जो की फिलहाल विकास में है। यह विशेष तोर पे टोह लेने, जमीन व हवा पे माँर करने व रडार को बिना दिखे दुश्मान के इलाके में जाने में सक्षम विमान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके मूल रूप से ३ प्रकार होंगे.

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लोकतांत्रिक पार्टी

निम्नलिखित सूची उन राजनीतिक दलों की हैं जिनका नाम (हिन्दी में) लोकतांत्रिक पार्टी या लोकतंत्रवादी के रूप में अनुवादित किया जा सकता हैं। .

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लीबिया

लीबिया (ليبيا.), आधिकारिक तौर पर 'महान समाजवादी जनवादी लिबियाई अरब जम्हूरिया' (الجماهيرية العربية الليبية الشعبية الإشتراكية العظمى.‎ Al-Jamāhīriyyah al-ʿArabiyyah al-Lībiyyah aš-Šaʿbiyyah al-Ištirākiyyah al-ʿUẓmā), उत्तरी अफ़्रीका में स्थित एक देश है। इसकी सीमाएं उत्तर में भूमध्य सागर, पूर्व में मिस्र, उत्तरपूर्व में सूडान, दक्षिण में चाड व नाइजर और पश्चिम में अल्जीरिया और ट्यूनीशिया से मिलती है। करीबन १,८००,०० वर्ग किमी (६९४,९८४ वर्ग मील) क्षेत्रफल वाला यह देश, जिसका ९० प्रतिशत हिस्सा मरुस्थल है, अफ़्रीका का चौथा और दुनिया का १७ वां बड़ा देश है। देश की ५७ लाख की आबादी में से १७ लाख राजधानी त्रिपोली में निवास करती है। सकल घरेलू उत्पाद के लिहाज से यह इक्वीटोरियल गिनी के बाद अफ्रीका का दूसरा समृद्ध देश है। इसके पीछे मुख्य कारण विपुल तेल भंडार और कम जनसंख्या है। लीबिया १९५१ मे आजाद हुआ था एवं इस्क नाम 'युनाइटेड लीबियन किंगडम' (United Libyan Kingdom) रखा गया। जिसका नाम १९६३ मे 'किंगडम ऑफ लीबिया' (Kingdom of Libya) हो गया। १९६९ के तख्ता-पलट के बाद इस देश का नाम 'लिबियन अरब रिपब्लिक' रखा गया। १९७७ में इसका नाम बदलकर 'महान समाजवादी जनवादी लिबियाई अरब जम्हूरिया' रख दिया गया। .

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लीज़ा ऐन

लीज़ा ऐन (जन्म: मई 9, 1972) एक व्यस्क अभिनेत्री है। .

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शतरंज के नियम

शतरंज के नियम (जिसे शतरंज के सिद्धांत भी कहते हैं), शतरंज के खेल को विनियमित करने वाले नियम होते हैं। यद्यपि शतरंज की ठीक-ठीक उत्पत्ति निश्चित नहीं है किंतु यह ज्ञात है कि इसके आधुनिक नियम पहली बार 16वीं शताब्दी के दौरान इटली में विकसित हुए.

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शरणार्थियो हेतु संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्यालय

शरणार्थीयो हेतु संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्याकाल; United Natonals high Commisioner for Refugees: यूएनएचसीआर महासभा के प्रस्तावाधीन 3 दिसंबर, 1949 को स्थापित हुआ था। इसका उद्देश्य शरणार्थियों की समस्याओं के प्रति आपात राहत पुनर्वास सहायता, सुरक्षा तथा स्थायी निदान उपलब्ध कराना है। इस कार्यालय द्वारा तीन वर्षों के लिए 1 जनवरी, 1951 से कार्य आरंभ किया गया, जिसमें मुख्यतः द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणामस्वरूप बेघर हुए 10 से 20 लाख लोगों को पुनर्वासित करना शामिल था। इसके कार्यकाल की अध्यादेश द्वारा हर बार पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जाता रहा है। .

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शल्य प्रसव

एक आधुनिक अस्पताल में एक दल द्वारा सीज़ेरियन अनुभाग का प्रदर्शन. शल्य प्रसव परिच्छेद (अमेरिका: सीज़ेरियन सेक्शन), जिसे सी-सेक्शन (C-section), सीज़ेरियन सेक्शन (Caesarian section), सीज़ेरियन सेक्शन (Cesarian section), सीज़र (Caesar), इत्यादि भी कहते हैं, एक ऐसी शल्यक्रिया है, जिसमें एक या एक से अधिक शिशुओं के जन्म के लिए या कभी-कभी मृत भ्रूण को बाहर निकालने के लिए मां के पेट (लैप्रोटोमी) और गर्भाशय में (हिस्टेरोटॉमी) एक या एक से अधिक चीरे लगाए जाते हैं। सीज़ेरियन सेक्शन प्रक्रिया के प्रयोग द्वारा देर से की जाने वाले गर्भपात को हिस्टेरोटॉमी गर्भपात कहते हैं तथा यह विरले ही प्रयोग में लाया जाता है। सीज़ेरियन सेक्शन (शल्य प्रसव परिच्छेद) का प्रयोग प्रायः योनिमार्ग द्वारा शिशु जन्म की प्रक्रिया में मां या शिशु की जान या स्वास्थ के खतरे में पड़ने पर किया जाता है, हालांकि इन दिनों प्राकृतिक विधि से शिशु जन्म होने की स्थिति में भी मांग किए जाने पर इसका प्रयोग किया जा रहा है। हाल के वर्षों में इसकी दर काफी तेजी से बढ़ी है, जिसमें चीन 46% तथा अन्य एशियाई, लेटिन अमेरिकी देशों तथा अमेरिका में 25% के स्तर पर हैं। .

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शार्लीज़ थेरॉन

शार्लीज़ थेरॉन (जन्म 7 अगस्त 1975) एक दक्षिण अफ्रीकी अभिनेत्री, फ़िल्म निर्माता और पूर्व फैशन मॉडल हैं। 2007 में वे अमेरिकी नागरिक बनीं.

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शिक्षाशास्त्री

पूरब और पश्चिम के अनेक शिक्षाशास्त्री - शंकर, रामानुज, निंबार्क, कर्वे, मदनमोहन मालवीय, सुकरात न्यूटन, स्पेसर आदि हुए हैं। पश्चिम के शिक्षाशास्त्रियों में सुकरात, अफलातून (प्लेटो) और उसके शिष्य अरस्तू का प्रमुख स्थान है। .

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शेंगेन समझौता

फ्रांस, जर्मनी, पुर्तगाल, स्पेन, बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्ज़मबर्ग ने अपनी सीमाएं ढीली करने की पहल की, इसी को शेंगेन समझौता कहा जाता है। इस पहल में ऑस्ट्रिया, इटली, डेनमार्क, फ़िनलैंड, स्वीडन और ग्रीस भी जल्दी ही शामिल हो गए लेकिन ब्रिटेन और आयरलैंड नहीं शामिल हुए.

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शेंगेन क्षेत्र

शेंगेन क्षेत्र में उन पच्चीस यूरोपीय देशों के प्रदेश शामिल हैं जिन्होंने, लक्ज़मबर्ग के शेंगेन शहर में 1985 में हस्ताक्षरित शेंगेन समझौते को लागू किया है। शेंगेन क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए काफी हद तक एक एकल राष्ट्र की तरह संचालित होता है जहां इस क्षेत्र के अन्दर आने वाले या फिर बाहर जाने वाले लोगों के लिए तो सीमा नियंत्रण होता है, लेकिन यहां कोई आंतरिक सीमा नियंत्रण नहीं है। शेंगेन नियमों को 1999 में एम्स्टर्डम समझौते द्वारा यूरोपीय संघ (EU) क़ानून में शामिल कर लिया गया, हालांकि इस क्षेत्र में आधिकारिक तौर पर तीन गैर-यूरोपीय संघ राष्ट्र, आइसलैंड, नॉर्वे स्विटजरलैंड शामिल हैं और वास्तविक तौर पर तीन सूक्ष्म यूरोपीय राष्ट्र, मोनाको, सैन मैरिनो, और वेटिकन सिटी भी शामिल है। यूरोपीय संघ के दो सदस्यों - आयरलैंड और ब्रिटेन को छोड़कर बाकी सभी सदस्य राष्ट्रों को शेंगेन लागू करने की आवश्यकता है और बुल्गारिया, साइप्रस और रोमानिया को छोड़कर सभी ने इसे पहले से ही लागू कर लिया है। वर्तमान में इस क्षेत्र की जनसंख्या 40 करोड़ से अधिक है और का क्षेत्र इसके अंतर्गत आता है। शेंगेन नियमों को लागू करने के तहत एक शेंगन राष्ट्र को अन्य शेंगेन सदस्यों के साथ सीमा पर नियंत्रण को समाप्त करना और साथ ही गैर सदस्य राज्यों के साथ सीमा पर नियंत्रण को मजबूत बनाना शामिल है। इन नियमों में शामिल है लोगों के अस्थायी प्रवेश पर आम नीति के प्रावधान (शेंगेन वीज़ा सहित), बाह्य सीमा नियंत्रण को सुसंगत करना, पार-सीमा पुलिस और न्यायिक सहयोग.

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शॉपिंग मॉल

टोरंटो, ओन्टारियो, कनाडा के टोरोंटो ईटॉन सेंटर का आंतरिक भाग. मॉल में प्रयुक्त ट्राली की कतार शॉपिंग मॉल, शॉपिंग सेंटर या शॉपिंग परिसर एक या अधिक ऐसे भवन हैं जो व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दुकानों के कॉम्पलेक्स का रूप धारण करते हैं, जिसमें पार्किंग क्षेत्र के साथ एक इकाई से दूसरी इकाई में आसानी से चल कर जाने के लिए रास्ते होते हैं - पारंपरिक बाज़ार का एक आधुनिक, भीतरी (इनडोर) संस्करण.

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शीत-महल

शीत-महल सेंट पीटर्सबर्ग का शीत-महल (रूसी: Зимний дворец, ज़ीम्निय् द्वोरेत्स्) — 1754 से 1762 के समय में इटालियन वास्तुकार रस्त्रेल्ली द्वारा बनाया हुआ रूसी वास्तुकला का एक प्रसिद्ध नमूना है। सन् 1917 तक यह महल रूसी महाराजाधिराजों का शीतकालीन निवास-स्थान था। सन् 1917 की अक्टूबर समाजवादी क्रांति के दौर में उस में पूँजीवादी अस्थायी सरकार बैठती थी। सन् 1918 से शीत-महल सोवियत राजकीय चित्रशाला के अधिकार में है।। शीत-महल संसार भर के दर्शनीय स्थानों में से एक गिना जाता है। श्रेणी:रूस का इतिहास श्रेणी:सेंट पीटर्सबर्ग श्रेणी:स्थापत्य de:Eremitage (Sankt Petersburg)#Gebäude.

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शीतयुद्ध

नाटो तथा वार्सा संधि के देश द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद के काल में संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत रूस के बीच उत्पन्न तनाव की स्थिति को शीत युद्ध के नाम से जाना जाता है। कुछ इतिहासकारों द्वारा इसे 'शस्त्र सज्जित शान्ति' का नाम भी दिया गया है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने कंधे से कन्धा मिलाकर धूरी राष्ट्रों- जर्मनी, इटली और जापान के विरूद्ध संघर्ष किया था। किन्तु युद्ध समाप्त होते ही, एक ओर ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका तथा दूसरी ओर सोवियत संघ में तीव्र मतभेद उत्पन्न होने लगा। बहुत जल्द ही इन मतभेदों ने तनाव की भयंकर स्थिति उत्पन्न कर दी। रूस के नेतृत्व में साम्यवादी और अमेरिका के नेतृत्व में पूँजीवादी देश दो खेमों में बँट गये। इन दोनों पक्षों में आपसी टकराहट आमने सामने कभी नहीं हुई, पर ये दोनों गुट इस प्रकार का वातावरण बनाते रहे कि युद्ध का खतरा सदा सामने दिखाई पड़ता रहता था। बर्लिन संकट, कोरिया युद्ध, सोवियत रूस द्वारा आणविक परीक्षण, सैनिक संगठन, हिन्द चीन की समस्या, यू-2 विमान काण्ड, क्यूबा मिसाइल संकट कुछ ऐसी परिस्थितियाँ थीं जिन्होंने शीतयुद्ध की अग्नि को प्रज्वलित किया। सन् 1991 में सोवियत रूस के विघटन से उसकी शक्ति कम हो गयी और शीतयुद्ध की समाप्ति हो गयी। .

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शीतयुद्ध की उत्पत्ति

नाटो तथा वार्सा संधि के देश द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने कंधे से कन्धा मिलाकर धूरी राष्ट्रों- जर्मनी, इटली और जापान के विरूद्ध संघर्ष किया था। किन्तु युद्ध समाप्त होते ही, एक ओर ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका तथा दूसरी ओर सोवियत संघ में तीव्र मतभेद उत्पन्न होने लगा। बहुत जल्द ही इन मतभेदों ने तनाव की भयंकर स्थिति उत्पन्न कर दी। शीतयुद्ध के लक्षण द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ही प्रकट होने लगे थे। दोनों महाशक्तियां अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थों को ही ध्यान में रखकर युद्ध लड़ रही थी और परस्पर सहयोग की भावना का दिखावा कर रही थी। जो सहयोग की भावना युद्ध के दौरान दिखाई दे रही थी, वह युद्ध के बाद समाप्त होने लगी थी और शीतयुद्ध के लक्षण स्पष्ट तौर पर उभरने लग गए थे, दोनों गुटों में ही एक दूसरे की शिकायत करने की भावना बलवती हो गई थी। इन शिकायतों के कुछ सुदृढ़ आधार थे। रूस के नेतृत्व में साम्यवादी और अमेरिका के नेतृत्व में पूँजीवादी देश दो खेमों में बँट गये। इन दोनों पक्षों में आपसी टकराहट आमने सामने कभी नहीं हुई, पर ये दोनों गुट इस प्रकार का वातावरण बनाते रहे कि युद्ध का खतरा सदा सामने दिखाई पड़ता रहता था। बर्लिन संकट, कोरिया युद्ध, सोवियत रूस द्वारा आणविक परीक्षण, सैनिक संगठन, हिन्द चीन की समस्या, यू-2 विमान काण्ड, क्यूबा मिसाइल संकट कुछ ऐसी परिस्थितियाँ थीं जिन्होंने शीतयुद्ध की अग्नि को प्रज्वलित किया। सन् 1991 में सोवियत रूस के विघटन से उसकी शक्ति कम हो गयी और शीतयुद्ध की समाप्ति हो गयी। शीतयुद्ध की उत्पत्ति के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं- .

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शीतकालीन ओलम्पिक खेल

शीतकालीन ऑलंपिक खेल (अंग्रेज़ी:विंटर ऑलंपिक्स) एक विशेष ओलम्पिक खेल होते हैं, जिनमें में अधिकांशत: बर्फ पर खेले जाने वाले खेलों की स्पर्धा होती है। इन खेलों में ऑल्पाइन स्कीइंग, बायथलॉनबॉब्स्लेड, क्रॉस कंट्री स्कीइंग, कर्लिंग, फिगर स्केटिंग, फ्रीस्टाइल स्कीइंग, आइस हॉकी, ल्यूज, नॉर्डिक कंबाइंड, शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग, स्केलेटन, स्नोबोर्डिंग, स्पीड स्केटिंग आदि स्पर्धाएं होती हैं। .

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सत्यजित राय

सत्यजित राय (बंगाली: शॉत्तोजित् राय्) (२ मई १९२१–२३ अप्रैल १९९२) एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के सर्वोत्तम फ़िल्म निर्देशकों में गिना जाता है। इनका जन्म कला और साहित्य के जगत में जाने-माने कोलकाता (तब कलकत्ता) के एक बंगाली परिवार में हुआ था। इनकी शिक्षा प्रेसिडेंसी कॉलेज और विश्व-भारती विश्वविद्यालय में हुई। इन्होने अपने कैरियर की शुरुआत पेशेवर चित्रकार की तरह की। फ़्रांसिसी फ़िल्म निर्देशक ज़ाँ रन्वार से मिलने पर और लंदन में इतालवी फ़िल्म लाद्री दी बिसिक्लेत (Ladri di biciclette, बाइसिकल चोर) देखने के बाद फ़िल्म निर्देशन की ओर इनका रुझान हुआ। राय ने अपने जीवन में ३७ फ़िल्मों का निर्देशन किया, जिनमें फ़ीचर फ़िल्में, वृत्त चित्र और लघु फ़िल्में शामिल हैं। इनकी पहली फ़िल्म पथेर पांचाली (পথের পাঁচালী, पथ का गीत) को कान फ़िल्मोत्सव में मिले “सर्वोत्तम मानवीय प्रलेख” पुरस्कार को मिलाकर कुल ग्यारह अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। यह फ़िल्म अपराजितो (অপরাজিত) और अपुर संसार (অপুর সংসার, अपु का संसार) के साथ इनकी प्रसिद्ध अपु त्रयी में शामिल है। राय फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित कई काम ख़ुद ही करते थे — पटकथा लिखना, अभिनेता ढूंढना, पार्श्व संगीत लिखना, चलचित्रण, कला निर्देशन, संपादन और प्रचार सामग्री की रचना करना। फ़िल्में बनाने के अतिरिक्त वे कहानीकार, प्रकाशक, चित्रकार और फ़िल्म आलोचक भी थे। राय को जीवन में कई पुरस्कार मिले जिनमें अकादमी मानद पुरस्कार और भारत रत्न शामिल हैं। .

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सन्त निकोलस

संत निकोलस शताब्दियों से मध्य पूर्व तथा समस्त यूरोप में अत्यंत लोकप्रिय संत थे, जो बच्चों, कुमारियों, मल्लाहों तथा बहुत से नगरों के संरक्षक माने जाते हैं। सन्त निकोलस का पर्व ६ दिसम्बर को पड़ता है। जर्मनी, स्विट्जरलैंड, हॉलैंड आदि में उस पर्व में बच्चों को उपहार मिलते हैं और उन्हें विश्वास दिलाया जाता है कि संत निकोलस ये उपहार देने आते हैं। अमरीका तथा इंग्लैड में उसी रिवाज को क्रिस्मस के अवसर पर रखा गया है। वहाँ का संता क्लॉस अथवा फादर क्रिस्मस मूलत: संत निकोलस ही है। उनके विषय में प्रचलित अधिकांश दंतकथाओं का कोई ऐतिहासिक आधार नहीं है। इतना ही ज्ञात होता है कि वह चतुर्थ शताब्दी ई. में एशिया माइनर के मीरा नामक नगर के विशप थे जो परोपकार के कार्यों के कारण विख्यात थे। उनका अवशेष ११वीं शताब्दी में इटली के बारी नामक नगर में लाया गया था जो वहाँ के संत निकोलस नामक महामंदिर (बैसिलिका) में सुरक्षित है। श्रेणी:ईसाई धर्म.

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समुद्री प्रदूषण

अक्सर प्रदूषण के कारण ज्यादातर नुकसान को देखा नहीं जा सकता है, जबकि समुद्री प्रदूषण को स्पष्ट किया जा सकता है जैसा कि समुद्र के ऊपर दिखाए गए मलबे को देखा जा सकता है। समुद्री प्रदूषण तब होता है जब रसायन, कण, औद्योगिक, कृषि और रिहायशी कचरा, शोर या आक्रामक जीव महासागर में प्रवेश करते हैं और हानिकारक प्रभाव, या संभवतः हानिकारक प्रभाव उत्पन्न करते हैं। समुंद्री प्रदूषण के ज्यादातर स्रोत थल आधारित होते हैं। प्रदूषण अक्सर कृषि अपवाह या वायु प्रवाह से पैदा हुए कचरे जैसे अस्पष्ट स्रोतों से होता है। कई सामर्थ्य ज़हरीले रसायन सूक्ष्म कणों से चिपक जाते हैं जिनका सेवन प्लवक और नितल जीवसमूह जन्तु करते हैं, जिनमें से ज्यादातर तलछट या फिल्टर फीडर होते हैं। इस तरह ज़हरीले तत्व समुद्री पदार्थ क्रम में अधिक गाढ़े हो जाते हैं। कई कण, भारी ऑक्सीजन का इस्तेमाल करते हुई रसायनिक प्रक्रिया के ज़रिए मिश्रित होते हैं और इससे खाड़ियां ऑक्सीजन रहित हो जाती हैं। जब कीटनाशक समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में शामिल होते हैं तो वो समुद्री फूड वेब में बहुत जल्दी सोख लिए जाते हैं। एक बार फूड वेब में शामिल होने पर ये कीटनाशक उत्परिवर्तन और बीमारियों को अंजाम दे सकते हैं, जो इंसानों के लिए हानिकारक हो सकते हैं और समूचे फूड वेब के लिए भी.

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सरदार अजीत सिंह

सरदार अजीत सिंह (1881–1947) भारत के सुप्रसिद्ध राष्ट्रभक्त एवं क्रांतिकारी थे। वे भगत सिंह के चाचा थे। उन्होने भारत में ब्रितानी शासन को चुनौती दी तथा भारत के औपनिवेशिक शासन की आलोचना की और खुलकर विरोध भी किया। उन्हें राजनीतिक 'विद्रोही' घोषित कर दिया गया था। उनका अधिकांश जीवन जेल में बीता। १९०६ ई. में लाला लाजपत राय जी के साथ ही साथ उन्हें भी देश निकाले का दण्ड दिया गया था। इनके बारे में कभी श्री बाल गंगाधर तिलक ने कहा था ये स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बनने योग्य हैं । जब तिलक ने ये कहा था तब सरदार अजीत सिंह की उम्र केवल २५ साल थी। १९०९ में सरदार अपना घर बार छोड़ कर देश सेवा के लिए विदेश यात्रा पर निकल चुके थे, उस समय उनकी उम्र २८ वर्ष की थी। इरान के रास्ते तुर्की, जर्मनी, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, इटली, जापान आदि देशों में रहकर उन्होंने क्रांति का बीज बोया और आजाद हिन्द फौज की स्थापना की। नेताजी को हिटलर और मुसोलिनी से मिलाया। मुसोलिनी तो उनके व्यक्तित्व के मुरीद थे। इन दिनों में उन्होंने ४० भाषाओं पर अधिकार प्राप्त कर ली थी। रोम रेडियो को तो उन्होंने नया नाम दे दिया था, 'आजाद हिन्द रेडियो' तथा इसके मध्यम से क्रांति का प्रचार प्रसार किया। मार्च १९४७ में वे भारत वापस लौटे। भारत लौटने पर पत्नी ने पहचान के लिए कई सवाल पूछे, जिनका सही जवाब मिलने के बाद भी उनकी पत्नी को विश्वास नही। इतनी भाषाओं के ज्ञानी हो चुके थे सरदार, कि पहचानना बहुत ही मुश्किल था। ४० साल तक एकाकी और तपस्वी जीवन बिताने वाली श्रीमती हरनाम कौर भी वैसे ही जीवत व्यक्तित्व वाली महिला थीं। भारत के विभाजन से वे इतने व्यथित थे कि १५ अगस्त १९४७ के सुबह ४ बजे उन्होंने आपने पूरे परिवार को जगाया, ओर जय हिन्द कह कर दुनिया से विदा ले ली। .

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सर्वसत्तावाद

सर्वसत्तावाद, सर्वाधिकारवाद (Totalitarianism) या समग्रवादी व्यवस्था उस राजनीतिक व्यवस्था का नाम है जिसमें शासन अपनी सत्ता की कोई सीमारेखा नहीं मानता और लोगों के जीवन के सभी पहलुओं को यथासम्भव नियंत्रित करने को उद्यत रहता है। ऐसा शासन प्रायः किसी एक व्यक्ति, एक वर्ग या एक समूह के नियंत्रण में रहता है। समग्रवादी व्यवस्था लक्ष्यों, साधनों एवं नीतियों के दृष्टिकोण से प्रजातांत्रिक व्यवस्था के बिल्कुल विपरीत होता है। यह एक तानाशाह या शक्तिशाली समूह की इच्छाओं एवं संकल्पनाओं पर आधारित होता है। इसमें राजनैतिक शक्ति का केन्द्रीकरण होता है अर्थात् राजनैतिक शक्ति एक व्यक्ति, समूह या दल के हाथ में होती है। ये आर्थिक क्रियाओं का सम्पूर्ण नियंत्रण करता है। इसमें एक सर्वशक्तिशाली केन्द्र से सम्पूर्ण व्यवस्था को नियंत्रित किया जाता है। इसमें सांस्कृतिक विभिन्नता को समाप्त कर दिया जाता है और सम्पूर्ण समाज को सामान्य संस्कृति के अधीन करने का प्रयत्न किया जाता है। ऐसा प्रयत्न वास्तव में दृष्टिकोणों की विभिन्नता की समाप्ति के लिये किया जाता है और ऐसा करके केन्द्र द्वारा दिये जाने वाले आदेशों और आज्ञाओं के पालन में पड़ने वाली रूकावटों को दूर करने का प्रयत्न किया जाता है। समग्रवादी व्यवस्था का सम्बन्ध एक सर्वशक्तिशाली राज्य से है। इसमें पूर्ण या समग्र को वास्तविक मानकर इसके हितों की पूर्ति के लिये आयोजन किया जाता है। किन वस्तुओं का उत्पादन किया जाएगा, कब, कहाँ, कैसे और किनके द्वारा किया जायेगा और कौन लोग इसमें लाभान्वित होगें, इसका निश्चय मात्र एक राजनैतिक दल, समूह या व्यक्ति द्वारा किया जाता है। इसमें व्यक्तिगत साहस व क्रिया के लिये स्थान नहीं होता है। सम्पूर्ण सम्पत्ति व उत्पादन के समस्त साधनों पर राज्य का अधिकार होता है। इस व्यवस्था में दबाव का तत्व विशेष स्थान रखता है। इसके दो प्रमुख रूप रहे हैं - अधिनायकतंत्र तथा साम्यवादी तंत्र। .

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सहभागी प्रबन्धन

किसी कम्पनी के कर्मचारियों या किसी समुदाय के नागरिकों को संगठन के निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहभागी बनाकर उनका सशक्तीकरण करना सहभागी प्रबन्धन (Participatory management) कहलाता है। औद्योगिक संबंध के दो महत्वपूर्ण पहलू होते है, संघर्ष तथा सहयोग के पहलू। आधुनिक उद्योग प्रबन्ध और श्रम के सहयोग के कारण ही चलते रहते हैं। यह सहयोग नियोजन में अनौपचारिक रूप से स्वतः होता रहता है। उद्योगों का चलते रहना दोनों क हितों में आवश्यक है। साथ ही, प्रबन्धन और श्रमिकों के कुछ हितों में विरोध भी पाए जाते है। जिससे उनके बीच संघर्ष भी होता रहता है। प्रबन्धक और प्रबन्धितों के कई हितों में विरोध नहीं होते, जिससे वे परस्पर सहयोग करते रहते है। इन्ही उभय हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम-प्रबन्ध सहयोग की कई औपचारिक संस्थाएँ स्थापित की गई हैं, जो नियमित रूप से उभय समस्याओं का समाधान करती है। इन संस्थाओ को कई नाम से पुकरा जाता है; जैसे-श्रम-प्रंबध सहयोग, संयुक्त परामर्श, सह-निर्धारण, संयुक्त निर्णयन, उद्योग में श्रमिकों की सहभागिता, या प्रबंध में श्रमिकों की सहभागिता। साधारणतः उपर्युक्त सभी शब्द-समूह का प्रयोग समान अर्थों मेंं किया जाता है, लेकिन उनमें कभी-कभी सहभागिता के विशिष्ट रूपों, स्तरों या उसकी मात्रा के आधार पर अंतर बताने का प्रयास किया जाता है। .

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सामंतवाद

अपने प्रतिज्ञाओं के लिए रोलाण्ड शारलेमेन; चेनसन डे गेस्टे, c.14th.c. की एक पांडुलिपि से सामंतवाद (Feudalism / फ्युडलिज्म) मध्यकालीन युग में इंग्लैंड और यूरोप की प्रथा थी। इन सामंतों की कई श्रेणियाँ थीं जिनके शीर्ष स्थान में राजा होता था। उसके नीचे विभिन्न कोटि के सामंत होते थे और सबसे निम्न स्तर में किसान या दास होते थे। यह रक्षक और अधीनस्थ लोगों का संगठन था। राजा समस्त भूमि का स्वामी माना जाता था। सामंतगण राजा के प्रति स्वामिभक्ति बरतते थे, उसकी रक्षा के लिए सेना सुसज्जित करते थे और बदले में राजा से भूमि पाते थे। सामंतगण भूमि के क्रय-विक्रय के अधिकारी नहीं थे। प्रारंभिक काल में सामंतवाद ने स्थानीय सुरक्षा, कृषि और न्याय की समुचित व्यवस्था करके समाज की प्रशंसनीय सेवा की। कालांतर में व्यक्तिगत युद्ध एवं व्यक्तिगत स्वार्थ ही सामंतों का उद्देश्य बन गया। साधन-संपन्न नए शहरों के उत्थान, बारूद के आविष्कार, तथा स्थानीय राजभक्ति के स्थान पर राष्ट्रभक्ति के उदय के कारण सामंतशाही का लोप हो गया।.

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साम्यवाद

साम्यवाद, कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा प्रतिपादित तथा साम्यवादी घोषणापत्र में वर्णित समाजवाद की चरम परिणति है। साम्यवाद, सामाजिक-राजनीतिक दर्शन के अंतर्गत एक ऐसी विचारधारा के रूप में वर्णित है, जिसमें संरचनात्मक स्तर पर एक समतामूलक वर्गविहीन समाज की स्थापना की जाएगी। ऐतिहासिक और आर्थिक वर्चस्व के प्रतिमान ध्वस्त कर उत्पादन के साधनों पर समूचे समाज का स्वामित्व होगा। अधिकार और कर्तव्य में आत्मार्पित सामुदायिक सामंजस्य स्थापित होगा। स्वतंत्रता और समानता के सामाजिक राजनीतिक आदर्श एक दूसरे के पूरक सिद्ध होंगे। न्याय से कोई वंचित नहीं होगा और मानवता एक मात्र जाति होगी। श्रम की संस्कृति सर्वश्रेष्ठ और तकनीक का स्तर सर्वोच्च होगा। साम्यवाद सिद्धांततः अराजकता का पोषक हैं जहाँ राज्य की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। मूलतः यह विचार समाजवाद की उन्नत अवस्था को अभिव्यक्त करता है। जहाँ समाजवाद में कर्तव्य और अधिकार के वितरण को 'हरेक से अपनी क्षमतानुसार, हरेक को कार्यानुसार' (From each according to her/his ability, to each according to her/his work) के सूत्र से नियमित किया जाता है, वहीं साम्यवाद में 'हरेक से क्षमतानुसार, हरेक को आवश्यकतानुसार' (From each according to her/his ability, to each according to her/his need) सिद्धांत का लागू किया जाता है। साम्यवाद निजी संपत्ति का पूर्ण प्रतिषेध करता है। .

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सामूहिक सुरक्षा

300px सामूहिक सुरक्षा (Collective security) से आशय ऐसी क्षेत्रीय या वैश्विक सुरक्षा-व्यवस्था से है जिसका प्रत्येक घटक राज्य यह स्वीकारता है कि किसी एक राज्य की सुरक्षा सभी की चिन्ता का विषय है। यह मैत्री सुरक्षा (alliance security) की प्रणाली से अधिक महत्वाकांक्षी प्रणाली है। .

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सारडीनिया

आधुनिक इटली का एक प्रांत है प्राचीन काल में एक राजतंत्र था इसी की अगुआई में १९ वी शताब्दी में इटली का एकीकरण पूरा हुआ था.

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साल्ज़बर्ग

(Såizburg; वस्तुतः: "सॉल्ट सिटी") ऑस्ट्रिया का चौथा सबसे बड़ा शहर है और यह साल्ज़बोर्ग के संघीय राज्य का शहर है। साल्ज़बोर्ग के "ओल्ड टाउन" (Altstadt) में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त उच्छृंखल वास्तुकला है और यह आल्प्स के उत्तरी भाग के केन्द्र में स्थित सबसे बेहतरीन रूप से संरक्षित शहरों में से एक है। 1997 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया गया। यह शहर अपने अल्पाइन समायोजन के लिए विख्यात है। साल्ज़बोर्ग 18वीं सदी के संगीतकार वोल्फगैंग एमॅड्यूस मोज़ार्ट का जन्मस्थान था। 20वीं शताब्दी में मध्य में, इस शहर में अमेरिकी संगीत और फिल्म, साउंड ऑफ़ म्युज़िक के कुछ भागों को फिल्माया गया, जिसमें ऑस्ट्रिया के प्रसिद्ध स्थलों को दर्शाया गया है। यह संगीत रिचर्ड रोजर्स और ऑस्कर हैमरस्टेन द्वितीय के बीच एक साझेदारी थी। साल्ज़बोर्ग राज्य की राजधानी है (लैंड साल्ज़बोर्ग), इस शहर में तीन विश्वविद्यालय हैं। इसमें छात्रों की एक विशाल जनसंख्या मौजूद है जो उस क्षेत्र को सजीवता और ऊर्जा प्रदान करती है और ये विश्वविद्यालय जनसाधारण को संस्कृति प्रदान करते हैं। .

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साल्वातोर काज़ीमोदो

साल्वातोर काज़ीमोदो (Salvatore Quasimodo) इटली के कवि थे। 1959 ई० में साहित्य में नोबेल पुरस्कार विजेता। .

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साहित्य में नोबेल विजेताओं की सूची

ये साहित्य में नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची है: .

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सांता क्लॉज़

सांता क्लॉज़ को सेंट निकोलस, फादर क्रिसमस (क्रिसमस के जनक), क्रिस क्रिंगल, या सिर्फ "सांता " के नाम से जाना जाता है। पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से वे लोक कथाओं में प्रचलित एक व्यक्ति हैं। कई पश्चिमी संस्कृतियों में ऐसा माना जाता है कि सांता क्रिसमस की पूर्व संध्या, यानि 24 दिसम्बर की शाम या देर रात के समय के दौरान अच्छे बच्चों के घरों में आकर उन्हें उपहार देता है। सांता की आधुनिक आकृति की व्युत्पत्ति सिंटरक्लास की डच आकृति से हुई, जिसे संभवतया उपहार देने वाले सेंट निकोलस से सम्बंधित माना जाता है। सेंट निकोलस एक ऐसी ऐतिहासिक आकृति हैं, जो हेगिओग्राफिकल कहानियों में मिलती है। इसी से लगभग मिलती जुलती एक कहानी बीजान्टिन और यूनानी लोककथाओं में प्रचलित है, बेसिल ऑफ़ केसारिया (Basil of Caesarea).

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साउथपोर्ट दरवाज़े

साउथपोर्ट दरवाज़े (मूल नाम: साउथपोर्ट गेट्स) (Southport Gates) ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र जिब्राल्टर में स्थित तीन शहरी दरवाज़े हैं। ये चार्ल्स पंचम दीवार में बने हुए हैं, जो 16वीं सदी की जिब्राल्टर की किलेबंदी का हिस्सा है। तीनों दरवाज़े एक समूह में मौजूद हैं, इनके पश्चिम में साउथ बैस्टियन तथा पूर्व में ट्रफ़ालगर कब्रिस्तान स्थित हैं। पहला तथा दूसरा साउथपोर्ट दरवाज़ा निवर्तमान समय की ट्रफ़ालगर सड़क पर क्रमशः 1552 और 1883 में निर्मित किए गए थे। तीसरा दरवाज़ा, जिसे रिफ्रेन्डम गेट के नाम से जाना जाता है, तीनों दरवाज़ों में सबसे चौड़ा है तथा इसे 1967 मुख्य सड़क (मेन स्ट्रीट) पर बनाया गया था, दोनों दरवाज़ों के एकदम पश्चिम में। साउथपोर्ट दरवाज़े जिब्राल्टर हेरिटेज ट्रस्ट में सूचीबद्ध हैं। .

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सिमों वूए

सिमों वूए का आत्मचित्र 'धन के रूपक (allegory La Richesse)' नामक चित्र सिमों वूए (Simon Vouet; १५९०-१६४९) फ्रांसीसी चित्रकार। इटली में चौदह वर्ष रहने के पश्चात् सिमों वूए फ्रांस वापस आया। सज्जात्मक चित्र बनाने में वह बड़ा निपुण था। धार्मिक आख्यानों पर उसने बड़े मार्मिक तथा रोचक चित्र बनाए हैं। वह अपने चित्रों में बड़े ही शीतल तथा कमनीय रंग लगाता था और उन्हें सुंदरता के साथ अलंकृत करता था। उसी के द्वारा फ्रांसीसी कला में शास्त्रीय वेनीशियन कला का सुमेल एक स्वस्थय रूप में पदार्पण करता है। श्रेणी:कलाकार.

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सियेना

सियेना सियेना इटली का एक प्राचीन नगर है। सियेना के ऐतिहासिक स्थलों को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया जा चुका है। ५०,००० से कुछ अधिक आबादी वाला यह शहर सियेना प्रांत की राजधानी भी है। श्रेणी:इटली.

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सिर्त

सिर्त (अरबी: سرت), लीबिया का एक शहर है जो सिद्र की खाड़ी के दक्षिणी तट पर स्थित है। सिर्त त्रिपोली और बेनग़ाज़ी के रास्ते पर दोनो शहरों से बराबर दूरी पर स्थित है। सिर्त की स्थापना एक बस्ती के रूप में बीसवीं शताब्दी की शुरुआत में इतालवियों ने उस स्थान पर की थी जिस स्थान पर 19 वीं सदी में ओटोमनों ने एक किले का निर्माण किया था। सिर्त द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक शहर के रूप में विकसित हुआ। सिर्त लीबिया के तानाशाह मुअम्मर अल-गद्दाफी का जन्मस्थान है। यह शहर लीबिया के गृहयुद्ध के दौरान गद्दाफी की वफादार सेनाओं का अंतिम प्रमुख गढ़ बना जहां गद्दाफी 20 अक्टूबर 2011 को विद्रोही बलों के हाथों मारा गया। इस युद्ध के फलस्वरूप सिर्त की अधिकांश इमारते या तो पूरी तरह ध्वस्त हो गयीं या क्षतिग्रस्त हो गयीं। .

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सिरोको

सिराँको का प्रवाह यह सहारा मरुस्थल में भुमध्य सागर की ओर चलने वाली गर्म हवा हैं। सहारा मरुस्थल से इटली में प्रवाहित होने वाली सिराँको हवा बालू के कणों से युक्त होती हैं, तथा सागर से नमी धारण करने के बाद जब इटली में वर्षा करती हैं तो इन बालू के कणों के कारण वर्षा की बूंदे लाल हो जाती हैं। इस प्रकार की वर्षा को इटली में रक्त की वर्षा कहतें हैं। श्रेणी:स्थानीय पवन.

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सिलवेस्टर स्टैलोन

सिलवेस्टर स्टैलोन (जन्म 6 जुलाई 1946), उपनाम स्ली स्टैलोन, एक अमेरिकी अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। 1970 से 1990 के दशक में विश्व भर में बॉक्स ऑफिस में सबसे अधिक भीड़ खींचनेवालों में से एक, स्टैलोन मर्दानगी और हॉलीवुड एक्शन नायकत्व के प्रतीक हैं। उन्होंने दो ऐसे चरित्रों को निभाया, जो अमेरिकी सांस्कृतिक शब्दकोश का एक हिस्सा बन गए: रॉकी बैलबोआ, मुक्केबाज जिसने प्रेम और गौरव की राह में आयी बाधाओं के लिए लड़ाई लड़ कर जीत हासिल की और जॉन रैंबो, एक साहसी सैनिक जो हिंसा से राहत और प्रतिशोध मिशन का विशेषज्ञ था। 1980 और 1990 के दशक के बड़े हिस्से के दौरान, रॉकी और रैंबो की भूमिका के अलावा अन्य मेगा ब्लॉकबस्टर हिट फिल्मों के साथ दुनिया के बड़े फिल्म स्टारों में से वे एक थे। स्टैलोन की फिल्म रॉकी को नेशनल फिल्म रजिस्ट्री में शामिल करने के साथ-साथ ‍इस फिल्म की सामग्री को स्मिथसोनियन संग्रहालय में रखा गया है। रॉकी श्रृंखला में स्टैलोन द्वारा फिलाडेलफिया म्युजियम ऑफ आर्ट के सामने के प्रवेशद्वार का इस्तेमाल करने से उस क्षेत्र का उपनाम रॉकी स्टेप्स पड़ गया.

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सिल्वियो बर्लुस्कोनी

सिल्विओ बर्लुस्कोनी सिल्वियो बर्लुस्कोनी इटली के पूर्व प्रधानमंत्री हैं। वो इटली के चार बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं। .

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सिसिली

इटली का '''सिसिली''' द्वीप सिसिली (Sicily; इतालवी: Sicilia / / सिचिल्या) भूमध्य सागर का सबसे बड़ा द्वीप है जो इटली प्रायद्वीप से मेसीना जलमडरूमध्य के द्वारा अलग होता है। यह इटली का स्वायत्त क्षेत्र है। यह ट्यूनीसिया से ९० मील चौड़े सिसली जलमडरूमध्य द्वारा अलग है तथा सार्डीनिया से इसकी दूरी २७२ किलोमीटर है। इसकी आकृति त्रिभुजाकार है, उत्तर में कुमारी बोओ (Boeo) से कुमारी पेलोरो तक लंबाई २८० किलोमीटर, पूर्वी किनारा १९२ किलोमीटर और दक्षिणी पश्चिमी किनारा २७२ किलोमीटर लम्बा है। तट की कुल लंबाई १०८८ किलोमीटर है और क्षेत्रफल ९८३० वर्ग मील है परंतु आस-पास के अन्य द्वीपों को मिलाकर क्षेत्रफल ९९२५ वर्गमील है। द्वीप में ९ प्रांत हैं। पलेरमो इसकी राजधानी है। सिसली के निवासियों की औसत ऊँचाई ५ फुट २ इंच है। उनकी आँखें और बाल काले होते हैं। इनकी भाषा इटली से भिन्न है। लोग अतिथि का स्वागत एवं आदर करते हैं। पलेरमो, कटनिया और मसीना में विश्वविद्यालय हैं। .

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सिगार

विभिन्न ब्रांडों के चार सिगार (ऊपर से: एच. अपमैन, मोंटेक्रिस्टो, माकानुडो, रोमियो वाय जुलिएट) एक -सेमीएयरटाईट सिगार संग्रहण ट्यूब और एक डबल गिलोटिन-स्टाइल कटर सिगार सूखे और किण्वित तम्बाकू का कसकर-लपेटा गया एक बंडल होता है जिसको जलाकर उसके धुंए का कश मुंह के अंदर खींचा जाता है। सिगार का तम्बाकू ब्राज़ील, कैमरून, क्यूबा, डोमिनिकन गणराज्य, होंडुरास, इंडोनेशिया, मैक्सिको, निकारागुआ, फिलीपींस और पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका में काफी मात्रा में उगाया जाता है। .

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सिंडिकवाद

सिंडिकवाद (Syndicalism) एक प्रकार का समाजवाद है जिसे पूँजीवाद का विकल्प माना जाता है। सिंडिकवाद सुझाव देता है कि उद्योगों का संगठन कॉनफेडरेशन या सिंडिकेट की तरह किया जाना चाहिये। सिंडिकवाद में उद्योगों का स्वामित्व श्रमिकों के हाथ में होता है। .

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सिंह (पशु)

सिंह (पेन्थेरा लियो) पेन्थेरा वंश की चार बड़ी बिल्लियों में से एक है और फेलिडे परिवार का सदस्य है। यह बाघ के बाद दूसरी सबसे बड़ी सजीव बिल्ली है, जिसके कुछ नरों का वजन २५० किलोग्राम से अधिक होता है। जंगली सिंह वर्तमान में उप सहारा अफ्रीका और एशिया में पाए जाते हैं। इसकी तेजी से विलुप्त होती बची खुची जनसंख्या उत्तर पश्चिमी भारत में पाई जाती है, ये ऐतिहासिक समय में उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और पश्चिमी एशिया से गायब हो गए थे। प्लेइस्तोसेन के अंतिम समय तक, जो लगभग १०,००० वर्ष् पहले था, सिंह मानव के बाद सबसे अधिक व्यापक रूप से फैला हुआ बड़ा स्तनधारी, भूमि पर रहने वाला जानवर था। वे अफ्रीका के अधिकांश भाग में, पश्चिमी यूरोप से भारत तक अधिकांश यूरेशिया में और युकोन से पेरू तक अमेरिका में पाए जाते थे। सिंह जंगल में १०-१४ वर्ष तक रहते हैं, जबकि वे कैद मे २० वर्ष से भी अधिक जीवित रह सकते हैं। जंगल में, नर कभी-कभी ही दस वर्ष से अधिक जीवित रह पाते हैं, क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों के साथ झगड़े में अक्सर उन्हें चोट पहुंचती है। वे आम तौर पर सवाना और चारागाह में रहते हैं, हालांकि वे झाड़ी या जंगल में भी रह सकते हैं। अन्य बिल्लियों की तुलना में सिंह आम तौर पर सामाजिक नहीं होते हैं। सिंहों के एक समूह जिसे अंग्रेजी मे प्राइड कहॉ जाता में सम्बन्धी मादाएं, बच्चे और छोटी संख्या में नर होते हैं। मादा सिंहों का समूह प्रारूपिक रूप से एक साथ शिकार करता है, जो अधिकांशतया बड़े अनग्युलेट पर शिकार करते हैं। सिंह शीर्ष का और कीस्टोन शिकारी है, हालांकि वे अवसर लगने पर मृतजीवी की तरह भी भोजन प्राप्त कर सकते हैं। सिंह आमतौर पर चयनात्मक रूप से मानव का शिकार नहीं करते हैं, फिर भी कुछ सिंहों को नर-भक्षी बनते हुए देखा गया है, जो मानव शिकार का भक्षण करना चाहते हैं। सिंह एक संवेदनशील प्रजाति है, इसकी अफ्रीकी रेंज में पिछले दो दशकों में इसकी आबादी में संभवतः ३० से ५० प्रतिशत की अपरिवर्तनीय गिरावट देखी गयी है। ^ डाटाबेस प्रवेश में एस बात का एक लंबा औचित्य सम्मिलित है कि यह प्रजाति संवेदनशील क्यों है। क्यों इस प्रजाति की दुर्दशा का एक भी सम्मिलित है सिंहों की संख्या नामित सरंक्षित क्षेत्रों और राष्ट्रीय उद्यानों के बहार अस्थिर है। हालांकि इस गिरावट का कारण पूरी तरह से समझा नहीं गया है, आवास की क्षति और मानव के साथ संघर्ष इसके सबसे बड़े कारण हैं। सिंहों को रोमन युग से पिंजरे में रखा जाता रहा है, यह एक मुख्य प्रजाति रही है जिसे अठारहवीं शताब्दी के अंत से पूरी दुनिया में चिडिया घर में प्रदर्शन के लिए रखा जाता रहा है। खतरे में आ गयी एशियाई उप प्रजातियों के लिए पूरी दुनिया के चिड़ियाघर प्रजनन कार्यक्रमों में सहयोग कर रहे हैं। दृश्य रूप से, एक नर सिंह अति विशिष्ट होता है और सरलता से अपने अयाल (गले पर बाल) द्वारा पहचाना जा सकता है। सिंह, विशेष रूप से नर सिंह का चेहरा, मानव संस्कृति में सबसे व्यापक ज्ञात जंतु प्रतीकों में से एक है। उच्च पाषाण काल की अवधि से ही इसके वर्णन मिलते हैं, जिनमें लॉसकाक्स और चौवेत गुफाओं की व नक्काशियां और चित्रकारियां सम्मिलित हैं, सभी प्राचीन और मध्य युगीन संस्कृतियों में इनके प्रमाण मिलते हैं, जहां ये ऐतिहासिक रूप से पाए गए। राष्ट्रीय ध्वजों पर, समकालीन फिल्मों और साहित्य में चित्रकला में, मूर्तिकला में और साहित्य में इसका व्यापक वर्णन पाया जाता है। .

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के छः प्रमुख अंगों में से एक अंग है, जिसका उत्तरदायित्व है अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना। परिषद को अनिवार्य निर्णयों को घोषित करने का अधिकार भी है। ऐसे किसी निर्णय को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव कहा जाता है। सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य है ः पांच स्थाई और दस अल्पकालिक (प्रत्येक 2 वर्ष के लिए) पांच स्थाई सदस्य हैं चीन, फ़्रांस, रूस, ग्रेट ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका । इन पांच देशों को कार्यविधि मामलों में तो नहीं पर विधिवत मामलों में प्रतिनिषेध शक्ति है। बाकी के दस सदस्य क्षेत्रीय आधार के अनुसार दो साल की अवधि के लिए सामान्य सभा द्वारा चुने जाते है। सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष हर महीने वर्णमालानुसार बदलता है। .

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संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन

एफ़.ए.ओ मुख्यालय, रोम खाद्य एवं कृषि संगठन (अंग्रेज़ी:फूड एंड एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन, एफ़.ए.ओ) एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जो कृषि उत्पादन, वानिकी और कृषि विपणन संबंधी शोध विषय का अध्ययन करता है। यह संगठन खाद्य एवं कृषि संबंधी ज्ञान और जानकारियों के आदान-प्रदान करने का मंच भी है। इसके साथ-साथ यह इन क्षेत्रों में विभिन्न देशों के अधिकारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करता है। विकासशील देशों में कृषि के विकास में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। एफ़.ए.ओ विकासशील देशों को बदलती तकनीक जैसे कृषि, पर्यावरण, पोषक तत्व और खाद्य सुरक्षा के बारे में जानकारी देता है। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ की एक विशिष्ट संस्था है और उसी के अन्तर्गत्त कार्य करता है। इस संगठन की स्थापना १६ अक्टूबर, १९४५ को क्यूबेक शहर, कनाडा में हुई थी। १९५१ में इसका मुख्यालय वाशिंग्टन से रोम स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में १९१ राष्ट्र इसके सदस्य हैं, जिसमें यूरोपियाई समुदाय एवं फैरो द्वीपसमूह भी सम्मिलित हैं, जो एसोसियेट सदस्य हैं।.

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संविधानी अदालत

High Court of Karnataka, Bangalore MMK.jpg संविधानी अदालत संविधानी अदालत अथवा संविधानी न्यायालय एक उच्च न्यायालय होता है जो मुख्यतः संवैधानिक नियमों को देखता है। इसका मुख्य कार्य नियमों के उल्लंघन को देखना और कुछ असंवैधानिक घटना का संज्ञान लेना होता है। इसके अतिरिक्त यह नये नियमों को भी देखता है और उसमें ध्यान रखता है कि कोई नया नियम किसी पुराने नियम के साथ विरोधाभाशी तो नहीं है। .

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संगीत गोष्ठी

पहले गायक या वादक अपने गायन या वादन का प्रदर्शन राजाओं या रईसों के सम्मुख करता था अथवा किसी धार्मिक उत्सव के समय मंदिरों में करता था। कभी-कभी वह मेले इत्यादि में भी जाकर अपनी कला का प्रदर्शन करता था। किंतु उसके पास ऐसा कोई साधन नहीं था जिसके द्वारा वह संगीत के एक पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम को जनता के सामने प्रस्तुत कर सके। यूरोप में इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, इत्यादि देशों में संगीतगोष्ठी का आयोजन प्रारंभ हुआ। इसे "कंसर्ट" (concert) कहते हैं। संगीत सभाएँ या संगीत विद्यालय अथवा कुछ व्यवसायी लोगों ने संगीतगोष्ठी का आयोजन प्रारंभ किया। किसी अच्छे कलाकार या कलाकारों के गायन वादन का कार्यक्रम किसी बड़े भवन में संपन्न होता था। इस संगीतगोष्ठी में जनता का प्रवेश टिकट या चंदे के द्वारा होने लगा। इस प्रकार की संगीतगोष्ठियाँ अमरीका और अन्य देशों में प्रारंभ हुई। बड़े बड़े नगरों में इस प्रकार की गोष्ठियों के लिए विशाल गोष्ठीभवन (concert hall) या सभाभवन (Auditorium) बन गए। भारत में इस प्रकार की संगीतगोष्ठी का आयोजन बंबई, पूना, कलकत्ता इत्यादि बड़े नगरों में प्रारंभ हो गया है। इन संगीतगोष्ठियों के अतिरिक्त भारत में कई स्थानों में संगीतोत्सव या संगीतपरिषदों का आयोजन भी होता है जिनमें बहुत से कलाकार एकत्र होते है और उनका कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है। इनमें श्रोताओं का प्रवेश टिकट द्वारा होता है। यूरोप के 18वीं शती में संगीतगोष्ठी के आयोजन और प्रबंध के लिए बहुत सी संस्थाएँ स्थापित हो गई। ये संस्थाएँ संगीतगोष्ठियों का आयोजन करने लगीं और संचित द्रव्य में से कलाकार तथा आयोजन और प्रबंध के लिए एक भाग लेने लगीं। सामंतों और रईसों का आश्रय समाप्त होने पर कलाकारों के कार्यक्रम के आयोजन के लिए स्थान स्थान पर संस्थाएँ स्थापित होने लगी और 19वीं शती तक इन संस्थाओं ने एक अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय का रूप धारण कर लिया। संगीतगोष्ठी के अर्थ के अतिरिक्त फ्रांस, जर्मनी और इटली में कंसर्ट एक विशिष्ट वाद्य-संगीत-प्रबंध के अर्थ में भी प्रयुक्त होता है। श्रेणी:संगीत.

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सुनील मुखी

सुनील मुखी एक भारतीय सैध्दांतिक भौतिक शास्त्री हैं जो स्ट्रिंग सिद्धांत, क्वांटम क्षेत्र सिद्धान्त और कण भौतिकी के क्षेत्र में काम करते हैं। .

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सुभाष चन्द्र बोस

सुभाष चन्द्र बोस (बांग्ला: সুভাষ চন্দ্র বসু उच्चारण: शुभाष चॉन्द्रो बोशु, जन्म: 23 जनवरी 1897, मृत्यु: 18 अगस्त 1945) जो नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं, भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिये, उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फौज का गठन किया था। उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है। "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा" का नारा भी उनका था जो उस समय अत्यधिक प्रचलन में आया। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि जब नेता जी ने जापान और जर्मनी से मदद लेने की कोशिश की थी तो ब्रिटिश सरकार ने अपने गुप्तचरों को 1941 में उन्हें ख़त्म करने का आदेश दिया था। नेता जी ने 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने 'सुप्रीम कमाण्डर' के रूप में सेना को सम्बोधित करते हुए "दिल्ली चलो!" का नारा दिया और जापानी सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश व कामनवेल्थ सेना से बर्मा सहित इम्फाल और कोहिमा में एक साथ जमकर मोर्चा लिया। 21 अक्टूबर 1943 को सुभाष बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड ने मान्यता दी। जापान ने अंडमान व निकोबार द्वीप इस अस्थायी सरकार को दे दिये। सुभाष उन द्वीपों में गये और उनका नया नामकरण किया। 1944 को आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर दोबारा आक्रमण किया और कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया। कोहिमा का युद्ध 4 अप्रैल 1944 से 22 जून 1944 तक लड़ा गया एक भयंकर युद्ध था। इस युद्ध में जापानी सेना को पीछे हटना पड़ा था और यही एक महत्वपूर्ण मोड़ सिद्ध हुआ। 6 जुलाई 1944 को उन्होंने रंगून रेडियो स्टेशन से महात्मा गांधी के नाम एक प्रसारण जारी किया जिसमें उन्होंने इस निर्णायक युद्ध में विजय के लिये उनका आशीर्वाद और शुभकामनायें माँगीं। नेताजी की मृत्यु को लेकर आज भी विवाद है। जहाँ जापान में प्रतिवर्ष 18 अगस्त को उनका शहीद दिवस धूमधाम से मनाया जाता है वहीं भारत में रहने वाले उनके परिवार के लोगों का आज भी यह मानना है कि सुभाष की मौत 1945 में नहीं हुई। वे उसके बाद रूस में नज़रबन्द थे। यदि ऐसा नहीं है तो भारत सरकार ने उनकी मृत्यु से सम्बंधित दस्तावेज़ अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किये? 16 जनवरी 2014 (गुरुवार) को कलकत्ता हाई कोर्ट ने नेताजी के लापता होने के रहस्य से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की माँग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के लिये स्पेशल बेंच के गठन का आदेश दिया। .

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सुहागा

बोरेक्स का क्रिस्टल सुहागा (Na2B4O7·10H2O; संस्कृत: सुभग; अंग्रेजी: Borax) टांकण (बोरॉन) का एक यौगिक, खनिज तथा बोरिक अम्ल का लवण है। इसे 'क्षारातु बोरेट', 'सोडियम टेट्राबोरेट', या 'डाईसोडियम टेट्राबोरेट' भी कहते हैं। प्राय: यह मुलायम सफेद पाउडर के रूप में मिलता है जो पानी में आसानी से घुल जाता है। सुहागा तिब्बत, लद्दाख और कश्मीर में बहुत मिलता है। .

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स्टानिसलाओ कैनिजारो

स्टानिसलाओ कैनिजारो (Stanislao Cannizzaro) (13 जुलाई 1826 – 10 मई 1910) इटली के रसायनशास्त्री थे। वे मुख्यतः कैनिजारो अभिक्रिया के लिये एवं परमाणु भार संबंधी विचारों के लिये याद किये जाते हैं। .

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स्टेडियो ऑलिम्पिको

स्टेडियो ऑलिम्पिको रोम, इटली की मुख्य और सबसे बड़ा खेल सुविधा है। यह इतालवी राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के स्वामित्व में है, स्टेडियम ज्यादातर फुटबॉल मैचों के लिए उपयोग किया जाता है। यह फुटबॉल क्लब लेज़िओ और ए.एस. रोमा के घर स्टेडियम है और कोप्पा इटालिया फाइनल के आयोजन स्थल है। स्थल कुछ रग्बी यूनियन मैचों की मेजबानी करता है, यह वर्तमान में इटली राष्ट्रीय रग्बी यूनियन टीम का घर है। यह कभी कभी संगीत समारोहों और विभिन्न प्रकार की घटनाओं मेजबानी करता है। 1960 में ओलंपिक के दौरान इस स्टेडियम में उद्घाटन समारोह, बंद समारोह और एथलेटिक घटनाओं का आयोजन किया गया था। १९९० फीफा विश्व कप के फाइनल इस स्टेडियम में आयोजित किया गया था, जिसमें पश्चिम जर्मनी ने विश्व कप जीतने के लिए अर्जेटीना को हराया। .

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स्टेपल्स

स्टेपल्स इन्कोरपोरेटेड एक स्टेशनरी और औफिस के सामान का दुनिया का सबसे बडा चेन स्टोर है। इसके दुनिया भर में १६०० स्टोर हैं। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, बेल्ज़ियम, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम में इसके स्टोर फैले हुए हैं। कंपनी का पहला स्टोर ब्राइटन, मैसाचुसेट्स में १९८६ में खुला था। कंपनी का मुख्य औफिस फ्रामिंघम, मैसाचुसेट्स में है। .

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स्नातकोत्तर डिग्री

स्नातकोत्तर डिग्री एक शैक्षणिक डिग्री है जिसे अध्ययन के एक विशेष क्षेत्र अथवा पेशेवर अभ्यास के क्षेत्र में अध्ययन करने वाले उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने उसमें प्रवीणता या उच्च स्तरीय ज्ञान प्रदर्शित किया है। अध्ययन किये गए विषय में, स्नातकों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक विषय का उन्नत ज्ञान होता है; विश्लेषण, आलोचनात्मक मूल्यांकन और/या पेशेवर अनुप्रयोग में उच्च स्तरीय कौशल होता है; और जटिल समस्याओं को हल करने की और यथातथ्य और स्वतंत्र रूप से विचार करने की क्षमता होती है। कुछ भाषाओं में, स्नातकोत्तर की डिग्री को मजिस्टर कहा जाता है और मजिस्टर या कौग्नेट को भी उस व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जिसके पास यह डिग्री है। इसी स्तर की कई डिग्रियां हैं, जैसे कि इंजीनियर की डिग्री, जिसका नाम ऐतिहासिक कारणों से अलग-अलग है। स्नातकोत्तर डिग्री की सूची देखें। संयुक्त राज्य अमेरिका में हाल ही में इन डिग्रियों के लिए कार्यक्रमों में वृद्धि की गई है; 1970 के दशक की तुलना में अब दोगुना से अधिक ऐसी डिग्रियों को प्रदान किया जाता है। यूरोप में, स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान करने के लिए स्थितियों का एक मानकीकरण किया गया है और अधिकांश देश सभी विषयों में डिग्री प्रदान करते हैं। .

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स्पगैटी

संशोषण या मसाला के बिना एक थाली पर पकाया हुआ स्पेगेटी. स्पगैटी इतालवी मूल का एक लंबा, पतला, बेलनाकार पास्ता है।स्पेगेटी.

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स्पगॅत्ती

एक तश्तरी पर बिना मसाले या सब्ज़ी के रखी हुई सादी स्पगॅत्ती स्पगॅट्टी (इतालवी: spaghetti स्पगॅत्ती) इटली में खाए जाने वाले एक प्रकार के नूडल्ज़ होते हैं। .

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स्पेनी गृहयुद्ध

स्पेन का गृहयुद्ध (स्पेनी भाषा: Guerra Civil Española), 1936 से 1939 तक चला। यह युद्ध स्पेन के रिपब्लिकनों और राष्ट्रवादियों के बीच हुआ। इसे प्रायः लोकतन्त्र तथा फासीवाद के बीच युद्ध माना जाता है किन्तु अनेक इतिहासकार मानते हैं कि यह युद्ध वस्तुतः वामपंथी क्रांतिकारियों एवं दक्षिणपन्थी प्रतिक्रान्तिकारियों के बीच हुआ था। इस युद्ध में अन्ततः राष्ट्रवादियों की विजय हुई और उसके पश्चात फ्रैकों अगले ३६ वर्षों तक (१९७५ में अपनी मृत्यु तक) स्पेन का शासक बना रहा। पापुलर फ्रंट के सत्तासीन होने के साथ एवं उनकी दक्षिणपंथी एवं मध्यमार्गियों के विरूद्ध अपनायी गयी नीतियों के कारण स्पेन गृहयुद्ध के कगार पर खड़ा हो गया। दक्षिणपंथी जनलर सांजुर्जो ने हिटलर से भेंटकर सहायता का आश्वासन प्राप्त किया। 12 जुलाई, 1936 ई. को दक्षिणपंथियों ने पुलिस अधिकारी केस्टिलो की हत्या कर दी। 13 जुलाई को इस घटना से उत्तेजित हो वामपंथियों ने एक दक्षिणपंथी सेनाधिकारी काल्वो सोटेलो की हत्या कर दी। इस प्रकार स्पेन में गृह युद्ध छिड़ गया। 17 जुलाई को मोरक्को में स्थित स्पेनी सेनाओं ने जनरल फ्रांकों के नेतृत्व में विद्रोह का बिगुल फूँक दिया। दक्षिणपंथी सैन्य अधिकारियों ने भी सशस्त्र संघर्ष छेड़ दिया। बाद में दक्षिणपंथियों का नेतृत्व भी जनरल फ्रांकों द्वारा संभाल लिया गया। इन विद्रोहियों को सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ राजतंत्रवादियों, फासिस्ट एवं चर्च का भी समर्थन प्राप्त था। इटली एवं जर्मनी से भी इन्हें मदद मिल रही थी। गृह युद्ध के दौरान ही सितंबर, 1936 ई. में वामपंथी फ्रांसिस्को लार्गा केवेलरो ने नवीन मंत्रिमण्डल का गठन कर उसमें समाजवादियों एवं साम्यवादियों को भी सम्मिलित किया। केवेलरों ने मजदूरों एवं कृषकों का भी सहयोग प्राप्त किया, परंतु नवंबर, 1936 ई.

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स्लो फूड

स्लो फूड एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना कार्लो पेट्रिनी ने १९८६ में की थी। अधिकांश लोगों के अनुसार स्लो फूड की स्थापना फास्ट फूड के विरोध में हुई, लेकिन वास्तव में इस संगठन का उद्देश्य काफी व्यापक रहा है। फिर भी मूलतः स्लो फूड के सदस्य सिद्धांत रूप में फास्ट फूड के विरुद्ध हैं। स्लो फूड मूलत: तेज औद्योगीकरण के कारण मशीनी होते जा रहे मानव जीवन के विरोध में है क्योंकि इसके कारण खानपान की पुरानी अनूठी परंपराओं और खाद्य पदार्थों की कई किस्मों का इस के कारण विलोप होता जा रहा है।। हिन्दुस्तान लाइव। १७ नवम्बर २०१० स्लो फूड का आरंभ ऐसे खाद्य पदार्थो के उत्पादन से जुड़ा रहा है, जो न केवल अच्छे, स्वच्छ और उचित हों बल्कि बेहतरीन स्वाद वाले और स्वास्थ्यवर्धक भी हों। इतना ही नहीं, उपज के दौरान कार्य स्थिति भी अच्छी रही हो। जैव विविधता का भी इसमें महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है जिसने स्वाद निधि संजोने के इस काम को खाद्य पदार्थो की तमाम अनूठी किस्मों के संरक्षण के प्रयास में बदल दिया है। एक रेस्ट्रां का मेन्यु प्लैकर्ड, यूनान विश्व भर में स्लो फूड की विभिन्न इकाइयां हैं जिन्हें कॉनविविया कहते हैं। इनकी नियमित बैठकें होती हैं। स्वाद शिक्षा (टेस्ट एजुकेशन) के उद्देश्य से संगठन में कई ऐसे समूह भी बने हुए हैं, जिनका काम स्वाद चखना है। इस कार्यक्रम के तहत कोई भी व्यक्ति उन खाद्य पदार्थो का स्वाद ले सकता है जिनके अनूठे तरह से संरक्षण के लिए स्लो फूड प्रयासरत रहता है और यह अनुभव करता है कि वह कैसे भिन्न हैं। संगठन का काम उत्पादकों व सह-उत्पादकों में संबंध बनाना है। सह-उत्पादक शब्द का आशय उन लोगों से है जो अपने समुदाय में सक्रिय हैं और उत्पादकों से संपर्क में रहकर अपने खाद्य पदार्थो के स्रोत के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। वे संगठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में योगदान करने वाले बनते हैं। स्लो फूड खाद्य उत्पादन को कारीगरी मानता है। इसी कारण संगठन को आशा है कि यदि उपभोक्ताओं को इस बारे में जागरूक किया जाए कि खाद्य पदार्थ कहां से आते हैं, तो वह अवश्य बदलाव के बारे में सोचेंगे। .

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स्लोवेनिया

स्लोवेनिया (Slovenia), आधिकारिक तौर पर 'स्लोवेनिया गणराज्य', मध्य यूरोप में स्थित आल्प्स पर्वत से लगा हुआ भूमध्य की सीमा से लगा देश है। स्लोवेनिया की सीमा पश्चिम में इटली, दक्षिण-पश्चिम में एड्रियाटिक सागर, दक्षिण और पूर्व में क्रोएशिया, उत्तर-पूर्व में हंगरी और उत्तर में आस्ट्रिया स्थित है। देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर ल्युब्ल्याना है। स्लोवेनिया 20,273 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ देश है, जिसकी जनसंख्या लगभग 20 लाख है। स्लोवेनिया का 40% अंदरूनी भू-भाग उठा हुआ पर्वतीय और पठारीय है। स्लोवेनिया का सबसे ऊंचा शिखर माउंट त्रिग्लेव 2,864 मीटर (9,396 फीट) और सबसे निचली बिंदु समुद्र तल पर एड्रियाटिक सागर है। देश की बहुसंख्यक जनसंख्या स्लोवेनियाई भाषा का प्रयोग करती है, जो देश की आधिकारिक भाषा भी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर संरक्षित भाषा हंगरी और इटालियन है। .

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स्वच्छमण्डल

स्वच्छमण्डल या कनीनिया (अंग्रेज़ी:कॉर्निया) आंखों का वह पारदर्शी भाग होता है जिस पर बाहर का प्रकाश पड़ता है और उसका प्रत्यावर्तन होता है। यह आंख का लगभग दो-तिहाई भाग होता है, जिसमें बाहरी आंख का रंगीन भाग, पुतली और लेंस का प्रकाश देने वाला हिस्सा होते हैं। कॉर्निया में कोई रक्त वाहिका नहीं होती बल्कि इसमें तंत्रिकाओं का एक जाल होता है। इसको पोषण देने वाले द्रव्य वही होते हैं, जो आंसू और आंख के अन्य पारदर्शी द्रव का निर्माण करते हैं।|हिन्दुस्तान लाइव। ८ जून २०१० प्रायः कॉर्निया की तुलना लेंस से की जाती है, किन्तु इनमें लेंस से काफी अंतर होता है। एक लेंस केवल प्रकाश को अपने पर गिरने के बाद फैलाने या सिकोड़ने का काम करता है जबकि कॉर्निया का कार्य इससे कहीं व्यापक होता है। कॉर्निया वास्तव में प्रकाश को नेत्रगोलक (आंख की पुतली) में प्रवेश देता है। इसका उत्तल भाग इस प्रकाश को आगे पुतली और लेंस में भेजता है। इस तरह यह दृष्टि में अत्यंत सहायक होता है। कॉर्निया का गुंबदाकार रूप ही यह तय करता है कि किसी व्यक्ति की आंख में दूरदृष्टि दोष है या निकट दृष्टि दोष। देखने के समय बाहरी लेंसों का प्रयोग बिंब को आंख के लेंस पर केन्द्रित करना होता है। इससे कॉर्निया में बदलाव आ सकता है। ऐसे में कॉर्निया के पास एक कृत्रिम कांटेक्ट लेंस स्थापित कर इसकी मोटाई को बढ़ाकर एक नया केंद्र बिंदु (फोकल प्वाइंट) बना दिया जाता है। कुछ आधुनिक कांटेक्ट लेंस कॉर्निया को दोबारा इसके वास्तविक आकार में लाने के लिए दबाव का प्रयोग करते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती है, जब तक अस्पष्टता नहीं जाती। .

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स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्र का वार्षिक उत्सव या सालगिरह होता है। अधिकांश देशों में अपने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय छुट्टी होती हैं। .

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स्वामी सोमदेव

स्वामी सोमदेव आर्य समाज के एक विद्वान धर्मोपदेशक थे। ब्रिटिश राज के दौरान पंजाब प्रान्त के लाहौर शहर में जन्मे सोमदेव का वास्तविक नाम ब्रजलाल चोपड़ा था। सन १९१५ में जिन दिनों वे स्वास्थ्य लाभ के लिये आर्य समाज शाहजहाँपुर आये थे उन्हीं दिनों समाज की ओर से राम प्रसाद 'बिस्मिल' को उनकी सेवा-सुश्रूषा में नियुक्त किया गया था। किशोरावस्था में स्वामी सोमदेव की सत्संगति पाकर बालक रामप्रसाद आगे चलकर 'बिस्मिल' जैसा बेजोड़ क्रान्तिकारी बन सका। रामप्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में मेरे गुरुदेव शीर्षक से उनकी संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित जीवनी लिखी है। सोमदेव जी उच्चकोटि के वक्‍ता तो थे ही, बहुत अच्छे लेखक भी थे। उनके लिखे हुए कुछ लेख तथा पुस्तकें उनके ही एक भक्‍त के पास थीं जो उसकी लापरवाही से नष्‍ट हो गयीं। उनके कुछ लेख प्रकाशित भी हुए थे। लगभग 57 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। .

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स्विस फ़्रैंक

फ्रांक (जर्मन: Franken, फ्रांसीसी और रोमांस: franc, इटालियन: franco; कोड: CHF) स्विट्जरलैंड और लीख़्टेनश्टाइन की मुद्रा और वैध निविदा है; यह इटली के बर्हिप्रदेश केम्पियोन द'इटालिया की भी वैध निविदा है। हालांकि यह जर्मन बर्हिप्रदेश बुशिंजेन की वैध निविधा नहीं है, लेकिन दैनदिनी में इस्तेमाल की जाती है। स्विस नेशनल बैंक बैंकनोट और संघीय स्विस टकसाल सिक्के जारी करती है। स्विस फ्रांक यूरोप में जारी किया जाने वाला इकलौता फ्रांक है। इसके सौंवे हिस्से को जर्मन में रापेन (Rp.), फ्रांसीसी में सेंटाइम (c.), इटालवी में सेटीसीमो (ct.) और रोमांस में रेप (rp.) कहते हैं। बैंक और वित्तीय संस्थाओं द्वारा कोड के रूप में CHF इस्तेमाल किया जाता है, हालांकि अधिकांश व्यवसायी और विज्ञापनदाता "Fr." का और कुछ SFr.

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स्काइप

स्काइप, एक सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेशन है जो प्रयोक्ताओं को इंटरनेट पर वॉइस व वीडियो कॉल करने की अनुमति प्रदान करता है। इस सेवा के अंतर्गत अन्य प्रयोक्ताओं को किए गए कॉल और कुछ-कुछ देशों में निःशुल्क नंबरों पर किए गए कॉल, निःशुल्क होते हैं जबकि अन्य लैंडलाइनों और मोबाइल फोनों पर एक शुल्क के एवज में कॉल किया जा सकता है। अतिरिक्त विशेषताओं या सुविधाओं में त्वरित संदेशन, फ़ाइल स्थानांतरण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग शामिल हैं। स्काइप की रचना, एस्टोनिया के डेवलपरों - ऐह्टी हेइंला, प्रीट कैसेसलू और जान टॉलिन ने किया जिन्होंने मूलतः कैज़ा (Kazaa) को भी विकसित किया था। स्वीडिश-मूल के उद्यमी निकलस ज़ेनस्ट्रॉम और डेनमार्क-निवासी जेनस फ्रीस द्वारा स्थापित, स्काइप ग्रूप (Skype Group) का मुख्यालय, लग्ज़ेमबर्ग में और कार्यालय, लंदन, टॉलिन, टार्टू, स्टॉकहोम, प्राग, और सैन जोस, कैलिफोर्निया में हैं। इस परियोजना के प्रारंभिक नामों में से एक नाम था - "स्काइ पियर-टु-पियर" जिसे उस समय "स्काइपर" के रूप में संक्षिप्त किया गया था। हालांकि, "स्काइपर" से संबंधित कुछ डोमेन नाम पहले से ही प्रयोग में थे। इसलिए अंतिम अक्षर "r" को हटाकर मौजूदा शीर्षक "स्काइप" प्राप्त किया गया जिसके डोमेन नाम उपलब्ध थे। ईबे (eBay) ने सितंबर 2005 में 2.6 बिलियन डॉलर के बदले इस कंपनी पर अपना अधिग्रहण स्थापित कर लिया। ईबे (eBay) ने स्काइप की पुस्तकों के निर्माण के पीछे 1.7 बिलियन डॉलर खर्च किया और स्काइप को एक अलग कंपनी के रूप में प्रतिष्ठित करके 2010 के सार्वजनिक शेयर के एक प्रस्ताव की भी घोषणा की। मूल रचनाकारों के साथ होने वाले एक सॉफ्टवेयर लाइसेंस विवाद के कारण, डर के तहत, कुछ मीडिया आउटलेटों ने स्काइप की प्रस्तावित बिक्री और उसके मौजूदा प्रावधान की विशेषताओं का उल्लेख किया। 1 सितंबर 2009 को सिल्वर लेक (Silver Lake) के नेतृत्व में निवेशकों के एक समूह ने 1.91 बिलियन डॉलर में स्काइप के 65% भाग को खरीद लिया। बाद में जब ईबे (eBay) और नए निवेशकों ने मूल संस्थापकों की एक नियंत्रक कंपनी के द्वारा प्रस्तुत किए गए मुकदमे पर समझौता कर लिया तब इस राशि को समायोजित कर दिया गया। इस बात का भी पता चला कि अंतर्निहित पियर-टु-पियर (सहकर्मी-दर-सहकर्मी) प्रौद्योगिकी पर सदा ही नियंत्रक कंपनी का स्वामित्व था। इस मुकदमे का निपटान अंततः स्वामित्व के अधिकार का बंटवारा करके किया गया जिसके अंतर्गत नए निवेशकों को 56%, मूल संस्थापकों को 14% और ईबे (eBay) को 30% स्वामित्व प्रदान किया गया। .

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सैन सिरो

स्टेडियो गिउसेप्पे मेअज़्ज़ा, सामान्यतः सैन सिरो के रूप में जाना, मिलान, इटली में सैन सिरो जिले में स्थित एक फुटबॉल स्टेडियम है। यह एसी मिलान और इंटर मिलान दोनों का घर है। मार्च 1980 3 पर, स्टेडियम ग्यूसेप मेअज़्ज़ा के सम्मान में नामित किया गया था, दो बार के विश्व कप विजेता (1934, 1938) जो इंटरनेजियोनल के लिए खेले और संक्षेप में मिलान के लिए, 1930 के दशक और 1940 के दशक में। हालांकि एक फुटबॉल स्टेडियम, लेकिन यह स्टेडियम कभी कभी रग्बी यूनियन मैचों के लिए इस्तेमाल किया गया है। .

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सैनरेमो

सैनरेमो इटली का शहर है। .

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सैन्य और अर्धसैनिक बलों की संख्या के आधार पर देशों की सूची

विश्व के देशों में २००९ तक सक्रीय बल इस सूची में विश्व के देशों के संख्या के आधार पर सेना और अर्धसैनिक बल है । इसमें पूर्णकालिक सेना और अर्धसैनिक बल सम्मिलित है । .

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सैन्यवाद

जब ब्रिटिश साम्राज्य अपने चरमोत्कर्ष पर था तब सेना के अधिकारियों के फोटो सिगरेट के खोखों पर छपते थे। नाज़ी जर्मनी में सैनिक परेड सैन्यवाद (Militarism) किसी देश की सरकार या जनता की वह दर्शन है जो विश्वास करता है कि उनके देश को एक शक्तिशाली सेना बनानी एवं रखनी चाहिये तथा अपने देश के हितों की सुरक्षा करने एवं उनके संवर्धन के लिये इसका जमकर उपयोग करना चाहिये। सैन्यवादी विचारधारा अपने सैन्य तैयारियों के पीछे तर्क देती रहती है कि 'शक्ति से ही शान्ति आती है'। दूसरे शब्दों में, उनका मानना है कि 'यदि आप शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिये तैयार रहो।' सैन्यवाद, आधुनिक शान्तिवाद का ठीक उल्टा दर्शन है। ऐतिहासिक रूप से 'सैन्यवाद' का प्रयोग उन राज्यों के लिये हुआ था जो साम्राज्यवाद की नीति पर चलने वाले थे, जैसे- स्पार्टा, ब्रितानी साम्राज्य, जापानी साम्राज्य, संयुक्त राज्य, जर्मन साम्राज्य, नाजी जर्मनी, प्रथम फ्रांसीसी साम्राज्य, फासीवादी इटली, सोवियत संघ, सद्दाम हुसैन के अधीन इराक आदि। वर्तमान समय में 'सैन्यवाद' शब्द का प्रयोग प्रायः पश्चिमी देशों के लिये किया जाता है जिनका नेतृत्व यूएस कर रहा है। .

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सूखा

अकाल भोजन का एक व्यापक अभाव है जो किसी भी पशुवर्गीय प्रजाति पर लागू हो सकता है। इस घटना के साथ या इसके बाद आम तौर पर क्षेत्रीय कुपोषण, भुखमरी, महामारी और मृत्यु दर में वृद्धि हो जाती है। जब किसी क्षेत्र में लम्बे समय तक (कई महीने या कई वर्ष तक) वर्षा कम होती है या नहीं होती है तो इसे सूखा या अकाल कहा जाता है। सूखे के कारण प्रभावित क्षेत्र की कृषि एवं वहाँ के पर्यावरण पर अत्यन्त प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था डगमगा जाती है। इतिहास में कुछ अकाल बहुत ही कुख्यात रहे हैं जिसमें करोंड़ों लोगों की जाने गयीं हैं। अकाल राहत के आपातकालीन उपायों में मुख्य रूप से क्षतिपूरक सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे कि विटामिन और खनिज पदार्थ देना शामिल है जिन्हें फोर्टीफाइड शैसे पाउडरों के माध्यम से या सीधे तौर पर पूरकों के जरिये दिया जाता है।, बीबीसी न्यूज़, टाइम सहायता समूहों ने दाता देशों से खाद्य पदार्थ खरीदने की बजाय स्थानीय किसानों को भुगतान के लिए नगद राशि देना या भूखों को नगद वाउचर देने पर आधारित अकाल राहत मॉडल का प्रयोग करना शुरू कर दिया है क्योंकि दाता देश स्थानीय खाद्य पदार्थ बाजारों को नुकसान पहुंचाते हैं।, क्रिश्चियन साइंस मॉनिटर लंबी अवधि के उपायों में शामिल हैं आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे कि उर्वरक और सिंचाई में निवेश, जिसने विकसित दुनिया में भुखमरी को काफी हद तक मिटा दिया है।, न्यूयॉर्क टाइम्स, 9 जुलाई 2009 विश्व बैंक की बाध्यताएं किसानों के लिए सरकारी अनुदानों को सीमित करते हैं और उर्वरकों के अधिक से अधिक उपयोग के अनापेक्षित परिणामों: जल आपूर्तियों और आवास पर प्रतिकूल प्रभावों के कारण कुछ पर्यावरण समूहों द्वारा इसका विरोध किया जाता है।, न्यूयॉर्क टाइम्स, 2 दिसम्बर 2007, दी अटलांटिक .

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सेम्युल एफ.बी. मोर्स

सेम्युल फिनले ब्रीज मोर्स (27 अप्रैल 1791 - 2 अप्रैल 1872) एक अमेरिकी थे जिन्होंने एकल-तार टेलीग्राफ प्रणाली और मोर्स कोड का निर्माण किया। और उन्हें (कम विख्यात रूप से) ऐतिहासिक दृश्यों के एक चित्रकार के रूप में भी जाना जाता है। .

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सॉसेज

कीएलबासा बिआला (श्वेत सॉसेज), जिनकोवा (धुंए द्वारा पकाया हुआ), स्लास्का और पोधालानस्का शैलियां (पोलैंड) सॉसेज एक खाद्य है जिसे गोमांस और सूअर के मांस, दोनों के पिसे मांस से बनाया जाता है। सामान्यतः इसमें पिसी हुई शूकर वसा (फैटबैक), नमक, जड़ी-बूटी और मसाला शामिल होता है। आम तौर पर सॉसेज को एक खोल में बनाया जाता है जो परंपरागत रूप से आंत से बना होता है, लेकिन कभी-कभी सिंथेटिक भी होता है। कुछ सॉसेज को प्रसंस्करण के दौरान पकाया जाता है और बाद में खोल को हटाया जा सकता है। सॉसेज निर्माण एक पारंपरिक खाद्य संरक्षण तकनीक है। सॉसेज को क्योरिंग, शुष्कीकरण या धुंआ द्वारा संरक्षित किया जा सकता है। .

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सोनिया गांधी

सोनिया गांधी (जन्म ९ दिसम्बर १९४६) एक भारतीय राजनेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। वे रायबरेली, उत्तरप्रदेश से सांसद हैं और इसके साथ ही वे १५वीं लोक सभा में न सिर्फ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, बल्कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की भी प्रमुख हैं। वे १४वीं लोक सभा में भी यूपीए की अध्यक्ष थीं। श्रीमती गांधी कांग्रेस के १३२ वर्षो के इतिहास में सर्वाधिक लंबे समय तक रहने वाली अध्यक्ष है, वह १९९८ से २०१७ तक इस पद को सुशोभित कर रही थी। .

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सोमा ज्वालामुखी

सोमा ज्वालामुखी या सिर्फ सोमा, एक ज्वालामुख-कुण्ड होता है जिसे आंशिक रूप से एक नये केन्द्रीय ज्वालामुखी शंकु के द्वारा भरा जाता है। यह नाम सोमा पर्वत (इतालवी: मोंटे सोमा) से लिया गया है जो कि, दक्षिणी इटली में स्थित एक मिश्रित ज्वालामुखी है, जिसके शिखर पर स्थित ज्वालामुख-कुण्ड में से वेसुवियस पर्वत के शंकु का उद्भव होता है। विश्व में सोमा ज्वालामुखी के सबसे अच्छे उदाहरण, रूस के कमचट्का प्रायद्वीप और कुरील द्वीप समूह पर पाए जाते हैं, जिनका विस्तार दक्षिण में कमचट्का से होक्काइडो (जापान) तक है। .

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सोमालिया

सोमालिया(Soomaaliya; الصومال), या आधिकारिक तौर पर संघीय गणराज्य सोमालियाThe Federal Republic of Somalia is the country's name per Article 1 of the.

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सोरेन्टो

सोरेन्टो दक्षिणी इटली के कांपानिया का एक छोटा नगर है जिसकी आबादी लगभग १६५०० है। श्रेणी:इटली के नगर.

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सीसा

विद्युत अपघटन द्वारा शुद्ध किया हुआ सीस; १ घन सेमी से घन के साथ (तुलना के लिए) सीस, सीसा या लेड (अंग्रेजी: Lead, संकेत: Pb लैटिन शब्द प्लंबम / Plumbum से) एक धातु एवं तत्त्व है। काटने पर यह नीलिमा लिए सफ़ेद होता है, लेकिन हवा का स्पर्श होने पर स्लेटी हो जाता है। इसे इमारतें बनाने, विद्युत कोषों, बंदूक की गोलियाँ और वजन बनाने में प्रयुक्त किया जाता है। यह सोल्डर में भी मौजूद होता है। यह सबसे घना स्थिर तत्त्व है। यह एक पोस्ट-ट्रांज़िशन धातु है। इसका परमाणु क्रमांक ८२, परमाणु भार २०७.२१, घनत्व ११.३६, गलनांक ३,२७.४ डिग्री सें., क्वथनांक १६२०डिग्री से.

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हार्ट ऑफ एशिया

हार्ट अॉफ एशिया: इसकी स्थापना 2 नंवबर 2011 को इस्तांबुल तुर्की में हुई थी इसका उद्देश्य अफगानिस्तान को स्थिरता व समृध्दि प्रदान करना और अफगानिस्तान के सहयोग के लिए स्थापित हार्ट ऑफ एशिया के सदस्य देशों की संख्ता 14 है यह संगठन क्षेत्रीय देशों के बीच संतुलन साधने तथा आपसी सहयोग बढ़ाने का काम भी करता है।17 सहयोगी देश और 12 सहायक और अंतरराष्ट्रीय संगठन भी सामिल है। वर्ष 2016 का उद्देश्यछठी हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन अमृतसर भारत में हुआ था इसका मुख्य उद्देश्य आंतकवाद को खत्म करना है। .

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हाला

हाला या द्राक्षिरा या वाइन (Wine) अंगूर के रस को किण्वित (फ़र्मेन्ट) करने से बनने वाला एक मादक पेय है। इसमें अंगूरों का किण्वन बिना किसी शर्करा, अम्ल, प्रकिण्व (एन्ज़ाइम), जल या अन्य किसी पोषक तत्व को डाले होता है। खमीर (यीस्ट) अंगूर रस में उपस्थित शर्करा को किण्वित कर के इथेनॉल व कार्बन डाईऑक्साइड में परिवर्तित कर देते हैं। अंगूर और खमीर की अलग-अलग नस्लों से अलग-अलग स्वाद, गंध व रंगों वाली हाला बनती है। हाला पर अंगूरों के उगाए जाने के स्थान, वर्षा, सूरज व अंगूरों को तोड़ने के समय का भी असर पड़ता है। अंगूरों के अलावा अन्य फलों की भी हाला बनाई जाती है हालांकि उसकी मात्रा व लोकप्रियता अंगूरों की हाला की तुलना में बहुत कम है। शहतूत, अनार, सेब, नाशपाती, आलू बुख़ारा, आलूबालू (चेरी) और अन्य फलों की हाला बनती है। हाला बनाने की प्रथा अति-प्राचीन है और कॉकस क्षेत्र में जॉर्जिया में ८,००० वर्ष पुराने हाला की सुराहियाँ मिली हैं। .

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हाकान सरबेस

हाकान सरबेस (जन्म: 25 नवम्बर 1974, हानोफर, जर्मनी) तुर्की मूल के एक जर्मन पोर्नोग्राफ़िक अभिनेता हैं। सरबेस ने फ़िल्म मिशन टू यूरेनस में निभाई गई भूमिका के लिए वर्ष 2011 में बेस्ट ग्रुप सेक्स सीन (सर्वश्रेष्ठ समूह सेक्स दृश्य) श्रेणी में एवीएन अवार्ड जीता था। सरबेस ने पोर्न व्यवसाय में 1992 में कदम रखा था। .

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हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार

हिन्द - यूरोपीय भाषाओं देश बोल रही हूँ. गाढ़े हरे रंग के देश में जो बहुमत भाषा हिन्द - यूरोपीय परिवार हैं, लाइट ग्रीन एक देश वह जिसका आधिकारिक भाषा हिंद- यूरोपीय है, लेकिन अल्पसंख्यकों में है। हिन्द-यूरोपीय (या भारोपीय) भाषा-परिवार संसार का सबसे बड़ा भाषा परिवार (यानी कि सम्बंधित भाषाओं का समूह) हैं। हिन्द-यूरोपीय (या भारोपीय) भाषा परिवार में विश्व की सैंकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ सम्मिलित हैं। आधुनिक हिन्द यूरोपीय भाषाओं में से कुछ हैं: हिन्दी, उर्दू, अंग्रेज़ी, फ़्रांसिसी, जर्मन, पुर्तगाली, स्पैनिश, डच, फ़ारसी, बांग्ला, पंजाबी, रूसी, इत्यादि। ये सभी भाषाएँ एक ही आदिम भाषा से निकली है, उसे आदिम-हिन्द-यूरोपीय भाषा का नाम दे सकता है। यह संस्कृत से बहुत मिलती-जुलती थी, जैसे कि वह सांस्कृत का ही आदिम रूप हो। .

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हिराम पावर्स

हिराम पावर्स द ग्रीक स्लेव (यूनानी गुलाम) हिराम पावर्स (Hiram Powers, 29 जून, 1805, वुडस्टॉक U.S — 27 जून, 1873, फ्लोरेंस, इटली) अमरीका का मूर्तिकार था। हिराम पावर्स कृषक पुत्र था और प्राय: जीवन पर्यंत संघर्षों में रहा। बाल्यावस्था में ही उसे अध्ययन छोड़कर किसी होटल में नौकरी मिल गई, पर गरीबी से त्रस्त, फटीचर जूतों और मैले कपड़ों के कारण उसे निकाल दिया गया। तत्पश्चात् एक जनरल स्टोर में क्लर्क और फिर एक कारखाने में मैकेनिक के बतौर काम मिला। इसी दौरान में मूर्तिशिल्प की जबर्दस्त ख्वाहिश उसमें जगी। अवकाश के क्षणों में उसकी अनवरत मूक साधना फलीभूत हुई और अंतत: रूपांकन की कला में वह बड़ा ही दक्ष और पारंगत हो गया। वाशिंगटन, फ्लोरेंस और इटली में उसने पर्याप्त ख्याति प्राप्त की। महाकवि दाँते के रहस्यमय प्रदेश के दृश्यों का चित्रांकन उसने बड़ी ही खूबी से किया। मूर्तियों में उसकी आवक्ष (बस्ट) मूर्तियाँ ही अधिकतर मिलती हैं - जैसे 'ईव' की प्रतिमा, यूनानी गुलाम, मछवाहा बालक तथा कैलिफोर्निया अमेरिका में स्फटिक महल के लिए निर्मित उसकी वे भव्य मूर्तियाँ जो समसामयिक कलाकारों की अग्रिम पंक्ति में उसे प्रतिष्ठित कर सकीं। श्रेणी:मूर्तिकार.

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हिस्ट्री (टीवी चैनल)

हिस्ट्री, जिसे पूर्व में द हिस्ट्री चैनल के नाम से जाना जाता था, एक अंतर्राष्ट्रीय सैटलाईट और केबल टीवी चैनल है जो ब्ल्यू कॉलर अमेरिकाना, गुप्त रहस्यों, सनसनीखेज खबरों वाले कार्यक्रम, स्युडोवैज्ञानिक और अपसामान्य घटनाओं वाले कार्यक्रमों का प्रसारण करता है। व्याख्या और टिप्पणियां प्रायः इतिहासकारों, विद्वानों, लेखकों, गूढ़ तथ्यों का अध्ययन करने वाले विद्वानों, ज्योतिषी और बाइबिल संबंधी विद्वानों द्वारा दी जाती हैं- साथ ही साथ गवाहों और/या उनके परिवारों एवम अनेकों ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तियों के साथ साक्षात्कार और घटना का पुनः अभिनय प्रस्तुत किया जाता है। .

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हिंदु-जर्मन षडयंत्र

हिन्दु जर्मन षडयन्त्र(नाम), १९१४ से १९१७ के (प्रथम विश्व युद्ध) दौरान ब्रिटिश राज के विरुद्ध एक अखिल भारतीय विद्रोह का प्रारम्भ करने के लिये बनाई योजनायो से सम्बद्ध है। इस षडयन्त्र मे भारतीय राष्ट्वादी सन्गठन के भारत, अमेरिका और जर्मनी के सदस्य शामिल थे। Irish Republicans और जर्मन विदेश विभाग ने इस षड्यन्त्र में भारतीयो का सहयोग किया था। यह षडयन्त्र अमेरिका मे स्थित गदर पार्टी, जर्मनी मे स्थित बर्लिन कमिटी, भारत मे स्थित Indian revolutionary Underground और सान फ़्रांसिसको स्थित दूतावास के द्वारा जर्मन विदेश विभाग ने साथ मिलकर रचा था। सबसे महत्वपूर्ण योजना पंजाब से लेकर सिंगापुर तक सम्पूर्ण भारत में ब्रिटिश भारतीय सेना के अन्दर बगावत फैलाकर विद्रोह का प्रयास करने की थी। यह योजना फरवरी १९१५ मे क्रियान्वित करके, हिन्दुस्तान से ब्रिटिश साम्राज्य को नेस्तनाबूत करने का उद्देश्य लेकर बनाई गयी थी। अन्ततः यह योजना ब्रिटिश गुप्तचर सेवा ने, गदर आन्दोलन मे सेंध लगाकर और कुछ महत्वपूर्ण लोगो को गिरफ्तार करके विफल कर दी थी। उसी तरह भारत की छोटी इकाइयों मे और बटालियनो मे भी विद्रोह को दबा दिया गया था। युगांतर जर्मन साजिश, अन्य संबंधित घटनाओं 1915 सिंगापुर विद्रोह, एनी लार्सन हथियार साजिश एनी लार्सन चक्कर शामिल हैंकाबुल, के विद्रोह.

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हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी

हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी (फारसी-حکیم ابوالقاسم فردوسی توسی) फारसी कवि थे। उन्होने शाहनामा की रचना की जो बाद में फारस (ईरान) की राष्ट्रीय महाकाव्य बन गई। इसमें उन्होने सातवीं सदी में फारस पर अरबी फतह के पहले के ईरान के बारे में लिखा है। .

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हुल्द्रिख ज्विंगली

हुल्द्रिख ज्विंगली का तैलचित्र हुल्द्रिख ज्विंगली (Huldrych Zwingli / 1484-1531) स्विटजरलैंड का सुधारक था जिसने स्विटजरलैंड में सुधार आंदोलन का नेतृत्व किया। .

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हैन्रिख़ हिम्म्लर

हैन्रिख़ लुइटपोल्ड हिम्म्लर (जर्मन: Heinrich Himmler;; 7 अक्टूबर 1900 - 23 मई 1945) एस एस के राइखफ्यूहरर, एक सैन्य कमांडर और नाज़ी पार्टी के एक अगुवा सदस्य थे। जर्मन पुलिस के प्रमुख और बाद में आतंरिक मंत्री, हिमलर गेस्टापो सहित सभी आतंरिक व बाह्य पुलिस तथा सुरक्षा बलों के काम देखा करते.

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हैन्स एंडरसैग

हैन्स एंडरसैग (Hans Andersag) (1903-1956), जरमन रसायनज्ञ थे जिन्होने क्लोरोक्विन की खोज की। इनका जन्म इटली में हुआ। इन्होंने बाल्यकाल में प्रारंभिक शिक्षा पाने के बाद म्यूनिख विश्वविद्यालय में अध्ययन प्रारंभ किया और सन्‌ 1928 ई. में रसायनविज्ञान की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर उपाधि प्राप्त की। उस समय इनकी आयु केवल 25 वर्ष की थी। उसी वर्ष इन्होंने 'बायर कंपनी' को अपनी सेवाएँ आर्पित कीं और अनुसंधान की दिशा में दिन प्रति दिन प्रगति करते चले गए। इनकी विशेष रुचि मलेरिया नाशक पदार्थों का अनुसंधान करने में थी और इसी हेतु आये एग्माइनो क्विनोलीन्स वर्ग के विषमज्वारनाशक द्रव्य की शोथ करने में प्राणपण से लग गए तथा 1934 ई. में इन्हें सफलता भी प्राप्त हुई। आपने क्लोरोक्विन नामक औषधि का अविष्कार किया। जिससे ऊष्णकटिबंधी प्रदेशों में होनेवाले घातक मैलेरिया से पीड़ित करोड़ों मनुष्य को रोग से मुक्ति मिली और उनकी जीवनरक्षा हुई। इसके अतिरिक्त इन्होंने रोमीबानाशक तथा एन्यूरीन नामक विटामिन बी1 की खोज और इनको तैयार करने में भी महत्वपूर्ण कार्य किया। इनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्लोरोक्विन है। श्रेणी:रसायनज्ञ.

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हेनरी ड्यूनेन्ट

हेनरी ड्यूनेन्ट (जन्म; जीन हेनरी ड्यूनेन्ट, ०८ मई १८२८ - ३० अक्टूबर १९१०), जिसे हेनरी ड्यूनेन्ट के नाम से भी जाना जाता है, एक स्विस व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता, रेड क्रॉस के संस्थापक थे और नोबल शांति पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता थे। १८६४ के जेनेवा कन्वेंशन के विचारों पर आधारित था। १९१० में उन्होंने फ्रेडरिक पासी के साथ मिलकर पहले नोबल शांति पुरस्कार प्राप्त किया, जिससे हेनरी ड्यूनेन्ट को पहली स्विस नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। १८५९ में एक व्यापार यात्रा के दौरान, ड्यूनेन्ट आधुनिक इटली में सॉलफेरिन की लड़ाई के बाद गवाह था। उन्होंने अपनी यादें और अनुभवों को एक मेमोरी ऑफ़ सॉलफिरोनो में दर्ज किया जो १८६३ में रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति (आईसीआरसी) के निर्माण से प्रेरित था। ड्यूनेन्ट का जन्म जेनेवा, स्विटजरलैंड में हुआ था, जो बिजनेस जीन-जैक्स ड्यूनेन्ट और एंटोनेट ड्यूनेंट-कोलाडोन के पहले बेटे थे। उनके परिवार को निर्विवाद रूप से कैल्विनवादी था और जेनेवा समाज में इसका महत्वपूर्ण प्रभाव था। उनके माता-पिता ने सामाजिक कार्य के मूल्य पर जोर दिया और उनके पिता अनाथ और पैरोल में सक्रिय रहे, जबकि उनकी मां बीमार और गरीबों के साथ काम करती थी। उनके पिता एक जेल और एक अनाथालय में काम करते थे। ड्यूनेंट धार्मिक जागरण की अवधि के दौरान बड़े हुए, जिसे रीवेइल के रूप में जाना|धार्मिक जाता है, और १८ साल की उम्र में वह जेनेवा सोसाइटी फॉर अल्म्स में शामिल हो गए। अगले वर्ष, दोस्तों के साथ, उन्होंने तथाकथित "गुरुवार एसोसिएशन", युवा पुरुषों के ढीली बैंड की स्थापना की जो बाइबल का अध्ययन करने और गरीबों की मदद करने के लिए मुलाकात की, और उन्होंने अपना बहुत सा समय सामाजिक कार्य में लगाया था। ३० नवंबर १८५२ को, उन्होंने वाईएमसीए के जिनेवा अध्याय की स्थापना की और तीन साल बाद उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय संगठन की स्थापना के लिए समर्पित पेरिस की बैठक में भाग लिया। १८५९ में, २१ साल की उम्र में, गरीब ग्रेड के कारण ड्यूनेन्ट को कोलिग केल्विन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, और उन्होंने धन-बदलने वाले फर्म लुलिन एट साउटर के साथ एक प्रशिक्षु शुरू किया। सफल निष्कर्ष के बाद, वह बैंक के एक कर्मचारी के रूप में बने रहे। .

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हॉकी विश्वकप

हॉकी विश्व कप एक अंतर्राष्ट्रीय मैदानी हॉकी प्रतियोगिता है जिसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफ आई एच) द्वारा संचालित किया जाता है। इस प्रतियोगिता की शुरुवात 1971 में हुए थी। पहली दो प्रतियोगिता 2 वर्षों के अंतराल से आयोजित की गयीं, परन्तु बाद में इस अंतराल को चार वर्ष कर दिया गया। अतः अब इस प्रतियोगिता को 1975 के पश्चात से प्रति चार वर्षों में आयोजित किया जाता है। पुरुष विश्वकप के अलावा महिला विश्वकप का भी आयोजन किया जाता है जिसकी 1974 से शुरुवात हुए। महिला विश्व कप महिला अंतराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के तत्वधान में आयोजित किया जाता है। सबसे ज्यादा बार विश्वकप पाकिस्तान ने (चार बार) जीता है। भारत ने केवल एक विश्वकप 1975 में जीता था। भारत में आयोजित विश्वकप 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने विजय प्राप्त की। विश्वकप 2014 नीदरलैंड में और विश्वकप 2018 भारत में आयोजित होगा। .

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जनसंख्या घनत्व के अनुसार देशों की सूची

जनसँख्या घनत्व2006 के अनुसार जनसँख्या घनत्व के अनुसार देश एवं उनके निर्भर क्षेत्रों की सूची निवासी/वर्ग किमी में। स्त्रोत:.

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जम्हूरियत् अनिती

जुम्हूरियत् अनिती या गणतंत्रता स्मारक, (Cumhuriyet Anıtı; उच्चारण:जुम्हूरियेत् अनिती या जुम्हूरियत आनिती) तुर्की गणराज्य के निर्माता कमाल पाशा के द्वारा बनबाया गया एक स्मारक है। यह स्मारक इस्ताम्बुल के तकसीम स्क्वायर पर स्थित है। यह ऐतिहासिक स्मारक उन बहादुर सेनानियों की जीवन्त स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिये बनबाया गया था जिन्होंने तुर्की में जनतान्त्रिक गणराज्य स्थापित करने में योगदान दिया था। इस खूबसूरत स्मारक में रंगीन संगमरमर के ढाँचे पर कांस्य की मूर्तियाँ स्थापित की गयी हैं। इतिहासकारों के अनुसार कमाल पाशा के नेतृत्व में तुर्की गणराज्य सन् १९२३ में स्थापित हुआ था। आम जनता से आर्थिक सहयोग लेकर लगभग ढाई साल में बनकर तैयार हुए इस स्मारक को आम जनता के दर्शनार्थ ९ अगस्त १९२८ को सार्वजनिक रूप से खोल दिया गया। .

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जर्दानो ब्रूनो

जियोर्दानो ब्रूनो जियोर्दानो ब्रूनो (Giordano Bruno) (1548 – 17 फ़रवरी 1600) इटली का दार्शनिक, गणितज्ञ एवं खगोलवेत्ता था जिसे कैथोलोक चर्च ने अफवाह फैलाने का आरोप लगाकर जिन्दा जला दिया था। अपनी मृत्यु के बाद वह बहुत प्रसिद्ध हुआ। उन्नीसवीं-बीसवीं शताब्दी के समीक्षकों ने उसे 'स्वतंत्र चिन्तक शहीद' और आधुनिक वैज्ञानिक विचारों का उद्घोषक माना है। जियोर्दानो ब्रूनो 16वीं सदी के प्रसिद्ध इटेलियन दार्शनिक, खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और कवि थे। उन्होंने खगोल वैज्ञानिक निकोलस कोपरनिकस के विचारों का समर्थन किया था। वह भी उस समय, जब यूरोप में लोग धर्म के प्रति अंधे थे। निकोलस कोपरनिकस ने कहा था - 'ब्रह्माण्ड का केंद्र पृथ्वी नहीं, सूर्य है।' ब्रूनो ने निकोलस कोपरनिकस के विचारों का समर्थन करते हुए कहा - 'आकाश सिर्फ उतना नहीं है, जितना हमें दिखाई देता है। वह अनंत है और उसमें असंख्य विश्व है।' धर्म के प्रति ब्रूनो का विचार था कि - 'धर्म वह है, जिसमें सभी धर्मों के अनुयायी आपस में एक-दूसरे के धर्म के बारे में खुलकर चर्चा कर सकें।' ब्रूनो का विचार था कि - हर तारे का वैसा ही अपना परिवार होता है जैसा कि हमारा सौर परिवार है। सूर्य की तरह ही हर तारा अपने परिवार का केंद्र होता है। महान खगोलशास्त्री जियोर्दानो ब्रूनो की धारणा थी कि - 'इस ब्रह्मांड में अनगिनत ब्रह्मांड हैं। ब्रह्मांड अनंत और अथाह है।' ब्रूनो का मत था कि - 'धरती ही नहीं, सूर्य भी अपने अक्ष पर घूमता है।' जियोर्दानो ब्रूनो बड़े निर्भीक और क्रांतिकारी विचार वाले थे। इसलिए चर्च के पादरियों का विरोध भी उन्हें डरा ना सका। ब्रूनो जीवन भर चर्च की कठोर यातनाएँ सहते रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल के लगभग 8 वर्ष जेल में बिताए मगर उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारे। उन्हें हारता ना देखकर 17 फरवरी, सन् 1600 ई. को धर्म के ठेकेदारों (तत्कालीन पोप और चर्च के पादरियों) ने खुलेआम रोम में भरे चौराहे पर ब्रूनो को खंभे से बांध कर मिट्टी का तेल उन पर छिड़क कर जला डाला। ब्रूनो ने हँसते हुए आग में जलना स्वीकार किया। लेकिन वे अपने तथ्यों और निष्कर्षों पर अडिग रहे। उनके चेहरे पर डर या पश्चाताप का कोई अहसास नहीं था। उन्हें पूर्ण विश्वास था कि एक ना एक दिन ऐसा अवश्य आएगा जब पूरी दुनिया उनकी खोज को सत्य मानेगी। आखिरकार सत्य की जीत हुई और विश्व ने उनके सिद्धांतों को स्वीकार कर ही लिया। ब्रूनो के जीवनकाल में ये तथ्य लोगों को समझ में नहीं आया और उनको पुरजोर विरोध हुआ। लेकिन उनकी निर्मम हत्या के बाद यह साबित हो गया कि सूर्य भी अपने अक्ष पर घूमता है। ब्रूनो की मृत्यु के लगभग 200 वर्षों बाद हमारे सौरमंडल के 7वें ग्रह 'यूरेनस' की खोज हुई। .

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जर्मन भाषा

विश्व के जर्मन भाषी क्षेत्र जर्मन भाषा (डॉयट्श) संख्या के अनुसार यूरोप की सब से अधिक बोली जाने वाली भाषा है। ये जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया की मुख्य- और राजभाषा है। ये रोमन लिपि में लिखी जाती है (अतिरिक्त चिन्हों के साथ)। ये हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार में जर्मनिक शाखा में आती है। अंग्रेज़ी से इसका करीबी रिश्ता है। लेकिन रोमन लिपि के अक्षरों का इसकी ध्वनियों के साथ मेल अंग्रेज़ी के मुक़ाबले कहीं बेहतर है। आधुनिक मानकीकृत जर्मन को उच्च जर्मन कहते हैं। जर्मन भाषा भारोपीय परिवार के जर्मेनिक वर्ग की भाषा, सामान्यत: उच्च जर्मन का वह रूप है जो जर्मनी में सरकारी, शिक्षा, प्रेस आदि का माध्यम है। यह आस्ट्रिया में भी बोली जाती है। इसका उच्चारण १८९८ ई. के एक कमीशन द्वारा निश्चित है। लिपि, फ्रेंच और अंग्रेजी से मिलती-जुलती है। वर्तमान जर्मन के शब्दादि में अघात होने पर काकल्यस्पर्श है। तान (टोन) अंग्रेजी जैसी है। उच्चारण अधिक सशक्त एवं शब्दक्रम अधिक निश्चित है। दार्शनिक एवं वैज्ञानिक शब्दावली से परिपूर्ण है। शब्दराशि अनेक स्रोतों से ली गई हैं। उच्च जर्मन, केंद्र, उत्तर एवं दक्षिण में बोली जानेवाली अपनी पश्चिमी शाखा (लो जर्मन-फ्रिजियन, अंग्रेजी) से लगभग छठी शताब्दी में अलग होने लगी थी। भाषा की दृष्टि से "प्राचीन हाई जर्मन" (७५०-१०५०), "मध्य हाई जर्मन" (१३५० ई. तक), "आधुनि हाई जर्मन" (१२०० ई. के आसपास से अब तक) तीन विकास चरण हैं। उच्च जर्मन की प्रमुख बोलियों में यिडिश, श्विज्टुन्श, आधुनिक प्रशन स्विस या उच्च अलेमैनिक, फ्रंकोनियन (पूर्वी और दक्षिणी), टिपृअरियन तथा साइलेसियन आदि हैं। .

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जर्मनी

कोई विवरण नहीं।

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जर्मनी का इतिहास

प्राचीन रोमन डैन्यूब नदी के उत्तर में रहने वाले "बर्बर कबीलों" वाले देशों को गेर्मानिया (Germania) कहा करते थे, जिसके नाम पर अंग्रेज़ी शब्द 'Germany' पड़ा। ये कबीले 'पुरानी जर्मन भाषा' की बोलियाँ बोलते थे। धीरे-धीरे इनका ईसाईकरण हुआ और जर्मन देश ईसाई पवित्र रोमन साम्राज्य का केन्द्र बन गया। दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में पश्चिमी यूरोप में जर्मन जातियों के अभ्युदय का उल्लेख मिलता है। कुछ जातियाँ जैसे अलामन्नी (Alamanni) बरगंडियाई (Burgundians), फ्रांक (Franks) लंबार्ड (Lombards) ओस्ट्रोगोथ (Ostrogoths) और विज़ीगोथ (Visigoths) पूर्व में राइन नदी के मुहाने, पश्चिम में एल्बे नदी और दक्षिण में उत्तरी इटली के भागों के बीच धीरे-धीरे बसीं। उनमें से कुछ ने इटली पर आक्रमण किया और रोम साम्राज्य का विनाश किया, अन्य फ्रांस और ब्रिटेन में बस गई। राइन नदी के दोनों ओर का क्षेत्र कुछ दिन विवाद में रहने के पश्चात्‌ फ्रांकों के रोमन सम्राट् शार्लमेन द्वारा नवीं शताब्दी में अधिकृत किया गया। लेकिन शताब्दी के अंतिम दिनों जर्मन साम्राज्य तीन भागों में बँट गया। सैस्कन सम्राट् ओटो प्रथम ने 962 ई. में इटली और जर्मनी को एक सूत्र में बाँधा। आगे चलकर अशांतिपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। फ्रैडरिक द्वितीय ने अपने शासन को सिसली में ही केंद्रित रखा, इस प्रकार जर्मनी लगभग उपेक्षित रहा। 1273 में हप्सबर्ग का रुडाल्फ सम्राट् निर्वाचित हुआ, किंतु उसके लिये भी बड़े साम्राज्य को कायम रखना असाध्य हो गया था। रोमन साम्राज्य जिस समय लड़खड़ा रहा था, इंग्लैंड, फ्रांस ओर स्पेन शक्तिशाली राज्य बन रहे थे। जर्मनी उस समय समृद्ध था- इसके विरुद्ध उपर्युक्त तीनों राज्यों ने संधि की। लेकिन जर्मनी की राजनैतिक अस्थिरता के कारण वहाँ 16वीं शताब्दी में मार्टिन लूथर के नेतृत्व में आंदोलन ह