लोगो
यूनियनपीडिया
संचार
Google Play पर पाएं
नई! अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड यूनियनपीडिया!
इंस्टॉल करें
ब्राउज़र की तुलना में तेजी से पहुँच!
 

इंडियन एयरलाइंस

सूची इंडियन एयरलाइंस

इंडियन एयरलाइंस का एक विमान, सिंगापुर में चांगी एयरपोर्ट पर इंडियन भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की एक विमान सेवा कंपनी है। इसकी उड़ाने IC के नाम से जानी जाती हैं। .

16 संबंधों: चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, एअर इंडिया, एअर इंडिया क्षेत्रीय, दुर्बा बेनर्जी, देहरादून जिला, भारत की घरेलू विमान सेवा कंपनियाँ, भारतीय विमान सेवा, मुक्तसर, लाल बहादुर शास्त्री विमानक्षेत्र, लेंगपुई विमानक्षेत्र, जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा, वाराणसी, विश्व की प्रमुख वायुयान सेवाओं की सूची, इण्डियन एयरलाइंस, इंडियन एयरलाइंस, इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र

चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (சென்னை பன்னாட்டு வானூர்தி நிலையம்), जो मद्रास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से भी विख्यात है, चेन्नई (मद्रास), भारत के दक्षिण में, तिरूसूलम में स्थित है। यह देश के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वारों में से एक है और भारत में तीसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है (दिल्ली और मुंबई के बाद) और एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र, जो 2007 से लगभग 12 करोड़ यात्रियों का संचालन कर रहा है और 25 से अधिक विभिन्न एयरलाइनों को सेवा प्रदान करता है। देश में मुंबई के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा नौभार केंद्र है। यह मीनमबाक्कम और तिरूसूलम के पास स्थित है, जहां यात्री प्रवेश तिरूसूलम में और माल प्रवेश मीनमबाक्कम में होता है। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा · और देखें »

एअर इंडिया

एयर इंडिया के मुख्यालय - नरीमन पॉइंट - मुंबई thumb एअर इंडिया (Air India) भारत की ध्वज-वाहक विमान सेवा है। यह भारत सरकार की चलाई हुई दो विमानसेवाओं में से एक है (दूसरी है इंडियन एअरलाईन्स जिसका एयर इंडिया में विलय हो चुका है) एअर इंडिया का कार्यवाहक केन्द्र मुम्बई का छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहाँ से एयर इंडिया की उड़ानें विश्व में ३९ गन्तव्य स्थान तथा भारत में १२ गन्तव्य स्थानों तक जाती हैं। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और एअर इंडिया · और देखें »

एअर इंडिया क्षेत्रीय

अलायंसेयर का विमान नई दिल्ली विमानक्षेत्र में अलायंस एयर (एलायंस एयर), नाम से चली थी, एयर इंडिया की एक कम-कीमत वायु सेवा है।.

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और एअर इंडिया क्षेत्रीय · और देखें »

दुर्बा बेनर्जी

दुर्बा बेनर्जी इंडियन एयरलाइंस की पहली महिला (1956 में) पायलेट और भारत की पहली व्यापारिक (कमरशियल) पायलेट रही हैं। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और दुर्बा बेनर्जी · और देखें »

देहरादून जिला

यह लेख देहरादून जिले के विषय में है। नगर हेतु देखें देहरादून। देहरादून, भारत के उत्तराखंड राज्य की राजधानी है इसका मुख्यालय देहरादून नगर में है। इस जिले में ६ तहसीलें, ६ सामुदायिक विकास खंड, १७ शहर और ७६४ आबाद गाँव हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ १८ गाँव ऐसे भी हैं जहाँ कोई नहीं रहता। देश की राजधानी से २३० किलोमीटर दूर स्थित इस नगर का गौरवशाली पौराणिक इतिहास है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह नगर अनेक प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों के कारण भी जाना जाता है। यहाँ तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग, सर्वे ऑफ इंडिया, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान आदि जैसे कई राष्ट्रीय संस्थान स्थित हैं। देहरादून में वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय राष्ट्रीय मिलिटरी कालेज और इंडियन मिलिटरी एकेडमी जैसे कई शिक्षण संस्थान हैं। यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। अपनी सुंदर दृश्यवाली के कारण देहरादून पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और विभिन्न क्षेत्र के उत्साही व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। विशिष्ट बासमती चावल, चाय और लीची के बाग इसकी प्रसिद्धि को और बढ़ाते हैं तथा शहर को सुंदरता प्रदान करते हैं। देहरादून दो शब्दों देहरा और दून से मिलकर बना है। इसमें देहरा शब्द को डेरा का अपभ्रंश माना गया है। जब सिख गुरु हर राय के पुत्र रामराय इस क्षेत्र में आए तो अपने तथा अनुयायियों के रहने के लिए उन्होंने यहाँ अपना डेरा स्थापित किया। www.sikhiwiki.org.

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और देहरादून जिला · और देखें »

भारत की घरेलू विमान सेवा कंपनियाँ

कोई विवरण नहीं।

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और भारत की घरेलू विमान सेवा कंपनियाँ · और देखें »

भारतीय विमान सेवा

कोई विवरण नहीं।

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और भारतीय विमान सेवा · और देखें »

मुक्तसर

मुक्तसर पंजाब के मुक्तसर जिला का मुख्यालय है। यह ऐतिहासिक रूप से काफी महत्वपूर्ण स्थान है। इसी जगह पर गुरू गोविन्द सिंह जी ने मुगलों के विरूद्ध 1705 ई. में आखिरी लड़ाई लडी थी। इस लड़ाई के दौरान गुरू जी के चालीस शिष्य शहीद हो गए थे। गुरू जी के इन चालीस शिष्यों को चालीस मुक्तों के नाम से भी जाना जाता है। इन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम मुक्तसर रखा गया था। माना जाता है कि अपने चालीस शिष्यों के आग्रह पर ही गुरू जी ने आंनदपुर साहिब किले को छोड़ा था। कुछ समय बाद इस जगह को मुगल सैनिकों द्वारा घेर लिया गया था। गुरू जी ने अपने शिष्यों से कहा था कि अगर वह चाहे तो उन्हें छोड़कर जा सकते हैं लेकिन उन्हें यह बात लिख कर देनी होगी। उन्हें यह लिखना होगा कि वह अब गुरू के साथ रहना नहीं चाहते हैं और अब वह उनके शिष्य नहीं है। जब सभी शिष्य वापस लौट कर अपने-अपने घर में गए तो उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत नहीं किया और कहा कि वह मुसीबत के समय में गुरू जी को अकेले छोड़कर आ गए है। शिष्यों को अपने ऊपर शर्म आने लगी और उनकी इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह दुबारा से गुरू गोविन्द सिंह का सामना कर सकें। कुछ समय बाद समय बाद मुगल सैनिकों ने गुरू जी को ढूंढ लिया। इस जगह के समीप ही एक तालाब था जिसे खिदराने दी ढाब कहा जाता था, गुरू जी के चालीस सिक्खों ने मुगल सैनिकों से यहीं पर युद्ध किया था और इस लड़ाई में वह सफल भी हुए थे। तभी से गुरू जी इन चालीस शिष्यों को चालीस मुक्तों के नाम से, मुक्ती का "सर" (सरोवर) जाना जाता है। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और मुक्तसर · और देखें »

लाल बहादुर शास्त्री विमानक्षेत्र

वाराणसी विमानक्षेत्र का नाम लाल बहादुर शास्त्री विमानक्षेत्र है। ये शहर के केन्द्र से लगभग २५ कि.मी.

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और लाल बहादुर शास्त्री विमानक्षेत्र · और देखें »

लेंगपुई विमानक्षेत्र

लेंगपुई हवाई अड्डा आइजोल, मिज़ोरम में स्थित विमानक्षेत्र है। यह हवाई अड्डा वायु सेवा द्वारा कोलकाता और गुवाहाटी से और सप्ताह में तीन फ्लाइट द्वारा इम्फाल से जुड़ा हुआ है। मिज़ोरम यह राजधानी आइजोल से ३२ कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। लेंगपुइ हवाई अड्डा भारत का प्रथम एवं सबसे बडआ हवाई अड्डा है, जिसका निर्माण राज्य सरकार ने कराया था। इसके साथ ही यह पूर्वोत्तर भारत का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और लेंगपुई विमानक्षेत्र · और देखें »

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा या जे आर डी टाटा (२९ जुलाई, १९०४ - २९ नवंबर, १९९३) भारत के वायुयान उद्योग और अन्य उद्योगो के अग्रणी थे। वे रतनजी दादाभाई टाटा और उनकी फ्रांसीसी पत्नी सुज़ेन्न ब्रीरे (en:Suzanne Briere) के पांच संतानो मे से दुसरे थे। वे दशको तक टाटा ग्रुप के निर्देशक रहे और इस्पात, इंजीनीयरींग, होट्ल, वायुयान और अन्य उद्योगो का भारत मे विकास किया। १९३२ में उन्होंने टाटा एयरलाइंस शुरू की। भारत के लिए महान इंजीनियरिंग कंपनी खोलने के सपने के साथ उन्होंने १९४५ में टेल्को की शूरूवात की जो मूलतः इंजीनियरिंग और लोकोमोटिव के लिए थी। उन्हे वर्ष १९५७ मे पद्म विभुशण और १९९२ में भारत रत्न से सम्मनित किया गया। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा · और देखें »

वाराणसी

वाराणसी (अंग्रेज़ी: Vārāṇasī) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध नगर है। इसे 'बनारस' और 'काशी' भी कहते हैं। इसे हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक माना जाता है और इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है। इसके अलावा बौद्ध एवं जैन धर्म में भी इसे पवित्र माना जाता है। यह संसार के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक और भारत का प्राचीनतम बसा शहर है। काशी नरेश (काशी के महाराजा) वाराणसी शहर के मुख्य सांस्कृतिक संरक्षक एवं सभी धार्मिक क्रिया-कलापों के अभिन्न अंग हैं। वाराणसी की संस्कृति का गंगा नदी एवं इसके धार्मिक महत्त्व से अटूट रिश्ता है। ये शहर सहस्रों वर्षों से भारत का, विशेषकर उत्तर भारत का सांस्कृतिक एवं धार्मिक केन्द्र रहा है। हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का बनारस घराना वाराणसी में ही जन्मा एवं विकसित हुआ है। भारत के कई दार्शनिक, कवि, लेखक, संगीतज्ञ वाराणसी में रहे हैं, जिनमें कबीर, वल्लभाचार्य, रविदास, स्वामी रामानंद, त्रैलंग स्वामी, शिवानन्द गोस्वामी, मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, पंडित रवि शंकर, गिरिजा देवी, पंडित हरि प्रसाद चौरसिया एवं उस्ताद बिस्मिल्लाह खां आदि कुछ हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने हिन्दू धर्म का परम-पूज्य ग्रंथ रामचरितमानस यहीं लिखा था और गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम प्रवचन यहीं निकट ही सारनाथ में दिया था। वाराणसी में चार बड़े विश्वविद्यालय स्थित हैं: बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइयर टिबेटियन स्टडीज़ और संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय। यहां के निवासी मुख्यतः काशिका भोजपुरी बोलते हैं, जो हिन्दी की ही एक बोली है। वाराणसी को प्रायः 'मंदिरों का शहर', 'भारत की धार्मिक राजधानी', 'भगवान शिव की नगरी', 'दीपों का शहर', 'ज्ञान नगरी' आदि विशेषणों से संबोधित किया जाता है। प्रसिद्ध अमरीकी लेखक मार्क ट्वेन लिखते हैं: "बनारस इतिहास से भी पुरातन है, परंपराओं से पुराना है, किंवदंतियों (लीजेन्ड्स) से भी प्राचीन है और जब इन सबको एकत्र कर दें, तो उस संग्रह से भी दोगुना प्राचीन है।" .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और वाराणसी · और देखें »

विश्व की प्रमुख वायुयान सेवाओं की सूची

* एयर कनाडा.

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और विश्व की प्रमुख वायुयान सेवाओं की सूची · और देखें »

इण्डियन एयरलाइंस

कोई विवरण नहीं।

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और इण्डियन एयरलाइंस · और देखें »

इंडियन एयरलाइंस

इंडियन एयरलाइंस का एक विमान, सिंगापुर में चांगी एयरपोर्ट पर इंडियन भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की एक विमान सेवा कंपनी है। इसकी उड़ाने IC के नाम से जानी जाती हैं। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और इंडियन एयरलाइंस · और देखें »

इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र

इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र भारत की राजधानी एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का प्रधान अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र है। यह नई दिल्ली नगर केन्द्र से लगभग १६ कि॰मी॰(10 मील) दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। भारत की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी के नाम पर बना यह भारत का व्यस्ततम विमानक्षेत्र है। |वेबदुनिया। । नई दिल्ली। रविवार, 13 मार्च 2011(10:53IST। अभिगमन तिथि: २४ नवम्बर २०१२ हवाई अड्डे के नवीनतम टर्मिनल-३ के चालू हो जाने के बाद से ४ करोड़ ६० लाख यात्री क्षमता तथा वर्ष २०३० तक की अनुमानित यात्री क्षमता १० करोड़ के साथ यह भारत के साथ-साथ पूरे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा और सबसे महत्त्वपूर्ण व्यापार संबंधी विमानन केन्द्र बन गया है। भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र के साथ इसके आंकड़े मिलाकर देखें तो ये दोनों दक्षिण एशिया के आधे से अधिक विमान यातायात को वहन करते हैं। इस विमानक्षेत्र के संचालक दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डयल) इसे विश्व का अगला अन्तर्राष्ट्रीय ट्रांज़िट हब बनाने के प्रयास कर रहा है। लगभग ५,२२० एकड़ (२,११० हेक्टेयर) की भू-संपदा में विस्तृत, दिल्ली विमानक्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिये प्राथमिक नागर विमानन हब (केन्द्र) है। सर्वप्रथम इसका संचालन भारतीय वायु सेना के पास था, जिसके बाद उसने इसका प्रबंधन दायित्व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंप दिया। मई २००६ से हवाई अड्डे का प्रबंधन दिल्ली अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के पास आया। डायल जीएमआर समूह के नेतृत्व में एक संयुक्त उद्यम (ज्वाइन्ट वेन्चर) है। डायल ही विमानक्षेत्र के आगे हो रहे विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिये भी उत्तरदायी है। इस निजीकरण का भरपूर विरोध भाविप्रा कर्मचारियों ने किया, किन्तु अन्ततः ३ मई २००६ को यह प्रबंधन स्थानांतरण संपन्न हो गया। वर्ष २००१-१२ में विमानक्षेत्र से ३५८.८ लाख यात्रियों की आवाजाही संपन्न हुई और यहां के विस्तार कार्यक्रम योजना के अनुसार इसकी क्षमता वर्ष २०३० तक १० करोड़ यात्री तक हो जायेगी। यहां के नये टर्मिनल भवन के २०१० के राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व निर्माण के बाद ही इसकी वार्षिक ३४० लाख यात्रियों की क्षमता है। यहां का टर्मिनल-३ विश्व का ८वां सबसे बड़ा यात्री टर्मिनल है। सितंबर २००८ में यहां ४.४३ कि.मी लंबी नयी उड़ानपट्टी (रनवे-३) का उद्घाटन हुआ था। इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र को २०१० में एयरपोर्ट काउन्सिल इन्टरनेशनल द्वारा १५०-२५० लाख यात्री श्रेणी में विश्व का चौथा सर्वोत्तम विमानक्षेत्र, एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सर्वाधिक प्रगति वाला विमानक्षेत्र होने का सम्मान मिला था। वर्ष २०११ में विमानक्षेत्र को इसी परिषद द्वारा पुनः २.५-४ करोड़ यात्री क्षमता श्रेणी में विश्व का दूसरा सर्वोत्तम विमानक्षेत्र होने का गौरव मिला था। यह स्थान कोरिया के इंचेयन अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र के बाद था। इसके अलावा वर्ष २०११ में ही यह विमानक्षेत्र विश्व का ३४वाँ व्यस्ततम विमानक्षेत्र बना जिसकी यात्री आवागमन संख्या ३,४७,२९,४६७ रही एवं पिछले वर्ष के मुकाबले यातायात में इसने १७.८% की बढ़ोत्तरी भी दर्ज की। .

नई!!: इंडियन एयरलाइंस और इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र · और देखें »

यहां पुनर्निर्देश करता है:

इंडियन एअरलाईन्स

निवर्तमानआने वाली
अरे! अब हम फेसबुक पर हैं! »