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सुदी

सूची सुदी

सुदी, कर्नाटक के गडग जिला में एक पंचायत कस्बा है। यह बादामी से ३६ कि., मी, गजेन्द्रगढ़ से १२ कि.मी एवं इतगी से ३ कि॰मी॰ दूर है। १०० ई. में यह पश्चिमी चालुक्य वंश का एक महत्त्वपूर्ण शहर रहा है। .

9 संबंधों: ऐहोल, पत्तदकल, प्रतीच्य चालुक्य, बादामी, महादेव मंदिर, इतगी, लक्कुंडी, गडग, गदग जिला, कर्नाटक

ऐहोल

ऐहोल (कन्नड़ ಐಹೊಳೆ) कर्नाटक राज्य के बागलकोट जिला में एक प्राचीन मंदिर समूह के लिए प्रसिद्ध स्थल है। यह पत्तदकल के पूर्व में मलयप्रभा नदी के तट पर स्थित है। बादामी इसके पश्चिम में स्थित है। ऐहोल के प्राचीन स्मारकों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया हुआ है, एवं इनके युनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने के प्रयास जारी हैं। ---- पुलकेसि २ के काल के चालुक्य क्षेत्र, ६४० ई. लाद खान मंदिर रावण पहाड़ी गुफ़ा रावण पहाड़ी गुफ़ा के भीतर .

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पत्तदकल

पत्तदकल (कन्नड़ - ಪಟ್ಟದಕಲ್ಲು) भारत के कर्नाटक राज्य में एक कस्बा है, जो भारतीय स्थापत्यकला की वेसर शैली के आरम्भिक प्रयोगों वाले स्मारक समूह के लिये प्रसिद्ध है। ये मंदिर आठवीं शताब्दी में बनवाये गये थे। यहाँ द्रविड़ (दक्षिण भारतीय) तथा नागर (उत्तर भारतीय या आर्य) दोनों ही शैलियों के मंदिर हैं। पत्तदकल दक्षिण भारत के चालुक्य वंश की राजधानी बादामी से २२ कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित हैं। चालुक्य वंश के राजाओं ने सातवीं और आठवीं शताब्दी में यहाँ कई मंदिर बनवाए। एहोल को स्थापत्यकला का विद्यालय माना जाता है, बादामी को महाविद्यालय तो पत्तदकल को विश्वविद्यालय कहा जाता है। पत्तदकल शहर उत्तरी कर्नाटक राज्य में बागलकोट जिले में मलयप्रभा नदी के तट पर बसा हुआ है। यह बादामी शहर से २२ कि.मि.

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प्रतीच्य चालुक्य

प्रतीच्य चालुक्य पश्चिमी भारत का राजवंश था जिसने २१६ वर्ष राज किया। प्रतीच्य चालुक्य, c. 1121.

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बादामी

बादामी शब्द के कई अर्थ हैं.

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महादेव मंदिर, इतगी

'''इतगी''' का महादेव मंदिर, कोप्पल जिले में इतगी कर्नाटक में कोप्पल जिला के यालबुर्गा ताल्लुक में स्थित एक ग्राम है। यह कुकनूर से ७ कि.मी एवं लक्कुंडी से २० कि.मी दूर है। इतगी चालुक्य शैली के महादेव मंदिर के लिये प्रसिद्ध है। यह उत्तरी कर्नाटक के सबसे सुंदर एवं बड़े पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित है। यह विश्वकर्मा ब्राह्मण स्थापत्य के मंदिर शिल्पकला के अद्भुत उदाहरणों में से एक है। Mahadeva temple at Itagi in Koppal district.jpg| Itagi Mahadeva temple.JPG| mage:Kirthimukha at Mahadeva Temple in Itagi.jpg|Kirthimukha on superstructure Image:Mahadeva temple Itagi 8.jpg| Image:Profile of shrine and superstructure from a porch in the Mahadeva temple at Itagi.jpg|Mahadeva Temple at Itagi (or Ittagi) in the Koppal district, Karnataka Image:Mahadeva_temple_Itagi_7.jpg|Left side door of Mahadeva Temple Itagi Image:Old Kannada inscription (1112 CE) of King Vikramaditya VI in the Mahadeva temple at Itagi.jpg|Old Kannada inscription (1112 CE) claiming "Emperor among temples" Image:Door panel decoration at Mahadeva Temple in Itagi.jpg|Door jamb decoration on porch at Mahadeva Temple .

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लक्कुंडी

लक्कुण्डी दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के उत्तरी भाग में गडग जिला स्थित एक छोटा सा ग्फ़्राम है। यह हम्पी को (होसपेट से हुबली जाने वाले मार्ग में स्थित है। लक्कुण्डी पूर्व में गडग से ११ कि.मी दूर है। यह दम्बल से १४ कि.मी एवं इतगी के महादेव मंदिर से २५ कि.मी दूर स्थित है। .

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गडग

गडग कर्नाटक का एक शहर है। श्रेणी:गडग जिला श्रेणी:कर्नाटक के शहर.

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गदग जिला

गदग भारतीय राज्य कर्नाटक का एक जिला है। क्षेत्रफल - वर्ग कि॰मी॰ जनसंख्या - (2001 जनगणना) साक्षरता - एस॰टी॰डी॰ कोड - जिलाधिकारी - (सितम्बर 2006 में) समुद्र तल से उचाई - अक्षांश - उत्तर देशांतर - पूर्व औसत वर्षा - मि॰मी॰ .

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कर्नाटक

कर्नाटक, जिसे कर्णाटक भी कहते हैं, दक्षिण भारत का एक राज्य है। इस राज्य का गठन १ नवंबर, १९५६ को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था। पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था। १९७३ में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया। इसकी सीमाएं पश्चिम में अरब सागर, उत्तर पश्चिम में गोआ, उत्तर में महाराष्ट्र, पूर्व में आंध्र प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में तमिल नाडु एवं दक्षिण में केरल से लगती हैं। इसका कुल क्षेत्रफल ७४,१२२ वर्ग मील (१,९१,९७६ कि॰मी॰²) है, जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का ५.८३% है। २९ जिलों के साथ यह राज्य आठवां सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की आधिकारिक और सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है कन्नड़। कर्नाटक शब्द के उद्गम के कई व्याख्याओं में से सर्वाधिक स्वीकृत व्याख्या यह है कि कर्नाटक शब्द का उद्गम कन्नड़ शब्द करु, अर्थात काली या ऊंची और नाडु अर्थात भूमि या प्रदेश या क्षेत्र से आया है, जिसके संयोजन करुनाडु का पूरा अर्थ हुआ काली भूमि या ऊंचा प्रदेश। काला शब्द यहां के बयालुसीम क्षेत्र की काली मिट्टी से आया है और ऊंचा यानि दक्कन के पठारी भूमि से आया है। ब्रिटिश राज में यहां के लिये कार्नेटिक शब्द का प्रयोग किया जाता था, जो कृष्णा नदी के दक्षिणी ओर की प्रायद्वीपीय भूमि के लिये प्रयुक्त है और मूलतः कर्नाटक शब्द का अपभ्रंश है। प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास देखें तो कर्नाटक क्षेत्र कई बड़े शक्तिशाली साम्राज्यों का क्षेत्र रहा है। इन साम्राज्यों के दरबारों के विचारक, दार्शनिक और भाट व कवियों के सामाजिक, साहित्यिक व धार्मिक संरक्षण में आज का कर्नाटक उपजा है। भारतीय शास्त्रीय संगीत के दोनों ही रूपों, कर्नाटक संगीत और हिन्दुस्तानी संगीत को इस राज्य का महत्त्वपूर्ण योगदान मिला है। आधुनिक युग के कन्नड़ लेखकों को सर्वाधिक ज्ञानपीठ सम्मान मिले हैं। राज्य की राजधानी बंगलुरु शहर है, जो भारत में हो रही त्वरित आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी का अग्रणी योगदानकर्त्ता है। .

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