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संकेत प्रसंस्करण

सूची संकेत प्रसंस्करण

संकेत प्रक्रमण (सिग्नल प्रोसेसिंग) यद्यपि संकेत गैर-विद्युत प्रकृति के भी हो सकते हैं किन्तु अधिकांश संकेत विद्युत संकेत होते हैं या उन्हें संवेदक (सेंसर), संसूचक (डिटेक्टर) या परिवर्तक (ट्रन्स्ड्यूसर) की मदद से विद्युत स्वरूप में बदल दिया जाता है। इसके बाद विद्युत संकेतों को अधिक उपयोगी बनाने के लिये उन्हें अनेक प्रकार से परिवर्तित एवं संस्कारित किया जाता है। इस क्रिया को संकेत प्रसंस्करण (Signal processing) कहते हैं। .

10 संबंधों: प्रवर्धक, फिल्टर, मॉडुलन, रैखिकीकरण, संकेत, सेंसर, विमॉडुलन, आवर्धन, अनुरूप संकेत प्रसंस्करण, अंकीय संकेत प्रक्रमण

प्रवर्धक

एक सामान्य प्रवर्धक बक्सा जिसमें इनपुट और आउटपुट के लिए बाहर पिन दिए होते हैं। प्रवर्धक और रिपीटर जो संकेत की शक्ति को बढ़ाकर उन्हें 'उपयोग के लायक' बनाते हैं। प्रवर्धक या एम्प्लिफायर (amplifier) ऐसी युक्ति है जो किसी विद्युत संकेत का मान (अम्प्लीच्यूड) बदल दे (प्रायः संकेत का मान बड़ा करने की आवश्यकता अधिक पड़ती है।) विद्युत संकेत विभवान्तर (वोल्टेज) या धारा (करेंट) के रूप में हो सकते है। आजकल सामान्य प्रचलन में प्रवर्धक से आशय किसी 'इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्धक' से ही होता है। .

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फिल्टर

अलग-अलग क्षेत्रों में छनित्र या फिल्टर (Filter) के विभिन्न अर्थ होते हैं - .

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मॉडुलन

मॉडुलन (मॉड्युलेशन) एक वेवफॉर्म के संबंध में दूसरे वेवफॉर्म से अलग करने की प्रक्रिया है। दूरसंचार में अधिमिश्रण का इस्तेमाल संदेश भेजने के लिए होता है, लेकिन एक संगीतकार स्वर-सामंजस्य के लिए किसी वाद्ययन्त्र के स्वर की मात्रा, उसका समय या टाइमिंग और स्वराघात को अलग करने में इसका उपयोग करता है। अक्सर उच्च आवृति सीनूसोइड वेवफॉर्म का इस्तेमाल लो-फ्रीक्वेंसी संकेत के कैरियर संकेत के रूप में होता है। साइन वेव के तीन प्रमुख मापदंड हैं - उसका अपना आयाम ("मात्रा"), उसके चरण ("समय") और उसकी आवृत्ति ("पिच"), एक मॉड्युलेटेड सिंग्नल प्राप्त करने के लिए इन सभी संचार संकेत (संकेत) को कम फ्रीक्वेंसी के आधार पर संशोधित किया जा सकता है। जो उपकरण अधिमिश्रण को अंजाम देता है मॉड्युलेटर कहलाता है और जो उपकरण विपरीत क्रिया करता है डिमॉड्युलेटर (लेकिन कभी-कभी संसूचक या डिमोड) कहलाता है। जो उपकरण दोनों ही तरह का कार्य कर सकता है वह मॉडेम कहलाता है (जिसे संक्षेप में "मॉड्युलेटर- डिमॉड्युलेटर").

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रैखिकीकरण

गणित में किसी फलन को किसी बिंदु पर किसी रैखिक फलन द्वारा अभिव्यक्त करने को रैखिकीकरण (linearization) कहते हैं। इसके बहुत से उपयोग हैं। इसका उपयोग इंजीनियरी, भौतिकी, अर्थशास्त्र एवं नियंत्रण सिद्धांत में होता है।; उदाहरण f(x) .

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संकेत

संकेत बरसाना और नन्दगाँव के बीच राधा-कृष्ण के मिलन का यह प्रमुख स्थल रहा है। यहाँ बहुत सुन्दर मन्दिर बना है। इसके पास ही प्रेम सरोवर कुंड है। श्रेणी:कृष्ण श्रेणी:मथुरा.

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सेंसर

हाल प्रभाव पर आधारित सेंसर सेंसर (संवेदक) एक ऐसा उपकरण है जो किसी भौतिक राशि को मापने का कार्य करता है तथा इसे एक ऐसे संकेत में परिवर्तित कर देता है जिसे किसी पर्यवेक्षक या यंत्र द्वारा पढ़ा जा सकता है। उदाहरणस्वरूप, एक पारे से भरा कांच का थर्मामीटर मापित तापमान को एक तरल पदार्थ के विस्तार तथा संकुचन में परिवर्तित कर देता है जिसे एक अंशांकित कांच की नली पर पढ़ा जा सकता है। एक थर्मोकपल तापमान को एक आउटपुट वोल्टेज में परिवर्तित कर देता है जिसे एक वोल्टमीटर द्वारा पढ़ा जा सकता है। सटीकता की दृष्टि से, सभी सेंसरों को ज्ञात मानकों के अनुरूप अंशांकित करने की आवश्यकता है। .

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विमॉडुलन

विमॉडुलन या डीमॉडुलेशन (Demodulation), मॉडुलन की विपरीत प्रक्रिया है जिसमें किसी मॉडुलित कैरियर तरंग में निहित मूल विद्युत संकेत को पुनः प्राप्त किया जाता है। यही संकेत मूल सूचना-वाही संकेत है (जैसे कोई गीत या कोई छबि)। विमॉडुलन का कार्य करने वाले इलेक्ट्रॉनिक परिपथ विमॉडुलक (demodulator) कहलाते हैं। चूंकि मॉडुलन अनेक प्रकार का होता है, अतः विमॉडुलन भी अनेकों प्रकार के होते हैं। श्रेणी:मॉडुलन.

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आवर्धन

आवर्धक लेंस से देखने पर टिकट बड़ा दिखता है। किसी वस्तु के वास्तविक आकार को बदले बिना उसको अपने वास्तविक आकार से बड़ा दिखाना आवर्धन (Magnification) कहलाता है। वस्तु जितने गुना बड़ी दिखती है, उसे 'आवर्धन' कहते हैं। यदि आवर्धन १ से अधिक है तो इसका अर्थ है कि वस्तु अपने वास्तविक आकार से बड़ी दिक रही है। यदि आवर्धन का मान १ से कम हो तो इसका अर्थ है कि वस्तु अपने वास्तविक आकार से छोटी दिख रही है। .

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अनुरूप संकेत प्रसंस्करण

अनुरूप संकेत प्रसंस्करण में इन्पुट संकेत, संधाधन करने वाली प्रणाली और आउटपुट संकेत - सभी अनुरूप (एनालॉग) होते हैं। आजकल आपरेशनल प्रवर्धक अनुरूप संकेत प्रसंस्करण करने वाला सर्वाधिक सरल एवं उपयुक्त युक्ति है। संकेतों को जोड़ना, घटाना, प्रवर्धन, अवकलन, समाकलन, मॉडुलन (मॉड्युलेशन), फिल्टरन (फिल्टरिंग) आदि कुछ प्रमुख अनुरूप संकेत प्रसंस्करण हैं। फुरिए ट्रांसफॉर्म, लाप्लास ट्रांसफॉर्म, कॉनवोल्यूशन आदि कुछ जटिल प्रकार के अनुरूप संकेत प्रसंस्करण हैं। .

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अंकीय संकेत प्रक्रमण

संकेत प्रक्रमण या संकेत प्रसंस्करण दो तरह से किया जाता है.

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यहां पुनर्निर्देश करता है:

सिग्नल प्रोसेसिंग, अनुकूली संकेत प्रसंस्करण

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