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लोएस पठार

सूची लोएस पठार

शन्शी प्रान्त में लोएस पठार का एक नज़ारा लोएस पठार (Loess Plateau, लोएस प्लैटो) या हुआंगतु पठार (黃土高原, हुआंगतु गाओयेन) चीन की पीली नदी के ऊपरी और मध्य भागों में ६,४०,००० किमी२ पर विस्तृत एक पठार है। 'लोएस' एक प्रकार की बारीक़ रेतीली मिटटी को कहते हैं जिसे आँधियों ने युगों के काल में इस पठार पर बिछा दिया है और इसी मिटटी से पठार का नाम आया है। इस प्रकार की मिटटी को हवा और पानी आराम से खींचकर फैला देते हैं। लोएस पठार और इसकी यह धूली मिटटी शन्शी (Shanxi) और शान्शी (Shaanxi) प्रान्तों के पूरे भोभाग पर और गांसू, निंगशिया और भीतरी मंगोलिया के कुछ भागों पर विस्तृत है। इस पठार की लोएस मिटटी बहुत उपजाऊ है और इसपर हज़ारों सालों से कृषि चलती आ रही है, लेकिन इस मिटटी की आसानी से हिल जाने की प्रकृति के कारण यहाँ आंधी और पानी से अकसर खेतों की ज़मीन खाई जाती है, जिस से किसानों को परेशानी रहती है।, Lydia Mihelic Pulsipher, Alex Pulsipher, Conrad M. Goodwin, Macmillan, 2007, ISBN 978-0-7167-7792-2,...

9 संबंधों: चीन, निंगशिया, पठार, भीतरी मंगोलिया, शन्शी, शान्शी, ह्वांगहो, गांसू, कृषि

चीन

---- right चीन विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है जो एशियाई महाद्वीप के पू‍र्व में स्थित है। चीन की सभ्यता एवं संस्कृति छठी शताब्दी से भी पुरानी है। चीन की लिखित भाषा प्रणाली विश्व की सबसे पुरानी है जो आज तक उपयोग में लायी जा रही है और जो कई आविष्कारों का स्रोत भी है। ब्रिटिश विद्वान और जीव-रसायन शास्त्री जोसफ नीधम ने प्राचीन चीन के चार महान अविष्कार बताये जो हैं:- कागज़, कम्पास, बारूद और मुद्रण। ऐतिहासिक रूप से चीनी संस्कृति का प्रभाव पूर्वी और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों पर रहा है और चीनी धर्म, रिवाज़ और लेखन प्रणाली को इन देशों में अलग-अलग स्तर तक अपनाया गया है। चीन में प्रथम मानवीय उपस्थिति के प्रमाण झोऊ कोऊ दियन गुफा के समीप मिलते हैं और जो होमो इरेक्टस के प्रथम नमूने भी है जिसे हम 'पेकिंग मानव' के नाम से जानते हैं। अनुमान है कि ये इस क्षेत्र में ३,००,००० से ५,००,००० वर्ष पूर्व यहाँ रहते थे और कुछ शोधों से ये महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है कि पेकिंग मानव आग जलाने की और उसे नियंत्रित करने की कला जानते थे। चीन के गृह युद्ध के कारण इसके दो भाग हो गये - (१) जनवादी गणराज्य चीन जो मुख्य चीनी भूभाग पर स्थापित समाजवादी सरकार द्वारा शासित क्षेत्रों को कहते हैं। इसके अन्तर्गत चीन का बहुतायत भाग आता है। (२) चीनी गणराज्य - जो मुख्य भूमि से हटकर ताईवान सहित कुछ अन्य द्वीपों से बना देश है। इसका मुख्यालय ताइवान है। चीन की आबादी दुनिया में सर्वाधिक है। प्राचीन चीन मानव सभ्यता के सबसे पुरानी शरणस्थलियों में से एक है। वैज्ञानिक कार्बन डेटिंग के अनुसार यहाँ पर मानव २२ लाख से २५ लाख वर्ष पहले आये थे। .

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निंगशिया

चीन के नक़्शे पर निंगशिया (लाल रंग में) निंगशिया या निंगशिया हुई (宁夏回族自治区, निंगशिया हुईज़ू ज़िझिचु; Ningxia) जनवादी गणतंत्र चीन का एक स्वशासित प्रदेश है। यह चीन के हान चीनी जाती वाले इलाक़ों के उत्तर-पश्चिम में स्थित है और इसमें मुस्लिम हुई लोग रहते हैं। इसकी राजधानी यिनचुआन शहर है। निंगशिया लोएस पठार पर स्थित है और पीली नदी (ह्वांग हो) इसमें से गुज़रती है। इसकी पूर्वोत्तरी सीमा पर चीन की महान दीवार चलती है। निंगशिया का कुल क्षेत्रफल ६६,००० वर्ग किमी है और सन् २०१० की जनगणना में इसकी आबादी ६३,०१,३५० अनुमानित की गई थी।, Graham Hutchings, Harvard University Press, 2003, ISBN 978-0-674-01240-0,...

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पठार

भूमि पर मिलने वाले द्वितीय श्रेणी के स्थल रुपों में पठार अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं और सम्पूर्ण धरातल के ३३% भाग पर इनका विस्तार पाया जाता हैं।अथवा धरातल का विशिष्ट स्थल रूप जो अपने आस पास की जमींन से प्रयाप्त ऊँचा होता है,और जिसका ऊपरी भाग चौड़ा और सपाट हो पठार कहलाता है। सागर तल से इनकी ऊचाई ३०० मीटर तक होती हैं लेकिन केवल ऊचाई के आधार पर ही पठार का वर्गिकरण नही किया जाता हैं। .

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भीतरी मंगोलिया

भीतरी मंगोलिया (Öbür Monggol-un Öbertegen Jasahu Oron, 内蒙古自治区) चीन का एक स्वायत्त क्षेत्र है। मंगोलिया, भीतरी.

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शन्शी

चीन के नक़्शे में शन्शी प्रान्त (लाल रंग) (चीनी: 山西; पिनयिन लिप्यन्तरण: Shānxī; वेड-जाइल्ज़ लिप्यन्तरण: Shan-hsi; अंग्रेज़ी: Shansi) उत्तर चीन में स्थित एक प्रांत हैं। शन्शी का अर्थ चीनी भाषा में 'पश्चिम पर्वत' है। शन्शी की राजधानी ताइयुआन शहर है।, David Leffman, Martin Zatko, Penguin, 2011, ISBN 978-1-4053-8908-2 शन्शी प्रान्त का क्षेत्रफल १,५६,८०० वर्ग किमी है, यानी भारत के ओडिशा राज्य के लगभग बराबर। सन् २०१० की जनगणना में शन्शी की प्रांतीय आबादी ३,५७,१२,१११ थी। .

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शान्शी

चीन के नक़्शे में शान्शी प्रान्त (लाल रंग) (चीनी: 陕西; अंग्रेज़ी: Shaanxi) जनवादी गणराज्य चीन के केन्द्रीय भाग में स्थित एक प्रांत हैं। यह पीली नदी (ह्वांग हो) के मध्य भाग में आने वाले लोएस पठार और चिनलिंग पहाड़ों पर विस्तृत है। शान्शी की राजधानी शिआन शहर है।, David Leffman, Martin Zatko, Penguin, 2011, ISBN 978-1-4053-8908-2 शान्शी प्रान्त का क्षेत्रफल २,०५,८०० वर्ग किमी है। सन् २०१० की जनगणना में शान्शी की प्रांतीय आबादी ३,७३,२७,३७८ थी। .

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ह्वांगहो

ह्वांगहो या ह्वांगहे या ह्वांगहा जिसे पीली नदी भी कहा जाता है, चीन से होकर बहने वाली एक नदी है। लम्बाई के हिसाब से यह विश्व में सातवां स्थान रखती है। .

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गांसू

गांसू (चीनी: 甘肃) उत्तर-पश्चिमी चीन में स्थित एक प्रान्त है। इसका नाम उईग़ुर भाषा के "कांग" (अर्थ: विस्तृत) और "सू" (अर्थ: पानी) शब्दों से उत्पन्न हुआ है। गांसू की राजधानी लानझू शहर है जो इस प्रांत के दक्षिणपूर्व में स्थित है। इस प्रांत की आबादी 2009 में 2.6 करोड़ थी (लगभग हरियाणा के बराबर) और इसका क्षेत्रफल लगभग 454,000 वर्ग किमी है (लगभग उत्तर प्रदेश का दुगना)। यहाँ पर हुई समुदाय के बहुत से लोग रहते हैं, जो नस्ल के तो चीनी हैं लेकिन इस्लाम के अनुयायी हैं। गांसू के दक्षिण-पश्चिमी भाग में बहुत से तिब्बती लोग भी रहते हैं। .

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कृषि

कॉफी की खेती कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य और अन्य सामान के उत्पादन से संबंधित है। कृषि एक मुख्य विकास था, जो सभ्यताओं के उदय का कारण बना, इसमें पालतू जानवरों का पालन किया गया और पौधों (फसलों) को उगाया गया, जिससे अतिरिक्त खाद्य का उत्पादन हुआ। इसने अधिक घनी आबादी और स्तरीकृत समाज के विकास को सक्षम बनाया। कृषि का अध्ययन कृषि विज्ञान के रूप में जाना जाता है तथा इसी से संबंधित विषय बागवानी का अध्ययन बागवानी (हॉर्टिकल्चर) में किया जाता है। तकनीकों और विशेषताओं की बहुत सी किस्में कृषि के अन्तर्गत आती है, इसमें वे तरीके शामिल हैं जिनसे पौधे उगाने के लिए उपयुक्त भूमि का विस्तार किया जाता है, इसके लिए पानी के चैनल खोदे जाते हैं और सिंचाई के अन्य रूपों का उपयोग किया जाता है। कृषि योग्य भूमि पर फसलों को उगाना और चारागाहों और रेंजलैंड पर पशुधन को गड़रियों के द्वारा चराया जाना, मुख्यतः कृषि से सम्बंधित रहा है। कृषि के भिन्न रूपों की पहचान करना व उनकी मात्रात्मक वृद्धि, पिछली शताब्दी में विचार के मुख्य मुद्दे बन गए। विकसित दुनिया में यह क्षेत्र जैविक खेती (उदाहरण पर्माकल्चर या कार्बनिक कृषि) से लेकर गहन कृषि (उदाहरण औद्योगिक कृषि) तक फैली है। आधुनिक एग्रोनोमी, पौधों में संकरण, कीटनाशकों और उर्वरकों और तकनीकी सुधारों ने फसलों से होने वाले उत्पादन को तेजी से बढ़ाया है और साथ ही यह व्यापक रूप से पारिस्थितिक क्षति का कारण भी बना है और इसने मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। चयनात्मक प्रजनन और पशुपालन की आधुनिक प्रथाओं जैसे गहन सूअर खेती (और इसी प्रकार के अभ्यासों को मुर्गी पर भी लागू किया जाता है) ने मांस के उत्पादन में वृद्धि की है, लेकिन इससे पशु क्रूरता, प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) दवाओं के स्वास्थ्य प्रभाव, वृद्धि हॉर्मोन और मांस के औद्योगिक उत्पादन में सामान्य रूप से काम में लिए जाने वाले रसायनों के बारे में मुद्दे सामने आये हैं। प्रमुख कृषि उत्पादों को मोटे तौर पर भोजन, रेशा, ईंधन, कच्चा माल, फार्मास्यूटिकल्स और उद्दीपकों में समूहित किया जा सकता है। साथ ही सजावटी या विदेशी उत्पादों की भी एक श्रेणी है। वर्ष 2000 से पौधों का उपयोग जैविक ईंधन, जैवफार्मास्यूटिकल्स, जैवप्लास्टिक, और फार्मास्यूटिकल्स के उत्पादन में किया जा रहा है। विशेष खाद्यों में शामिल हैं अनाज, सब्जियां, फल और मांस। रेशे में कपास, ऊन, सन, रेशम और सन (फ्लैक्स) शामिल हैं। कच्चे माल में लकड़ी और बाँस शामिल हैं। उद्दीपकों में तम्बाकू, शराब, अफ़ीम, कोकीन और डिजिटेलिस शामिल हैं। पौधों से अन्य उपयोगी पदार्थ भी उत्पन्न होते हैं, जैसे रेजिन। जैव ईंधनों में शामिल हैं मिथेन, जैवभार (बायोमास), इथेनॉल और बायोडीजल। कटे हुए फूल, नर्सरी के पौधे, उष्णकटिबंधीय मछलियाँ और व्यापार के लिए पालतू पक्षी, कुछ सजावटी उत्पाद हैं। 2007 में, दुनिया के लगभग एक तिहाई श्रमिक कृषि क्षेत्र में कार्यरत थे। हालांकि, औद्योगिकीकरण की शुरुआत के बाद से कृषि से सम्बंधित महत्त्व कम हो गया है और 2003 में-इतिहास में पहली बार-सेवा क्षेत्र ने एक आर्थिक क्षेत्र के रूप में कृषि को पछाड़ दिया क्योंकि इसने दुनिया भर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया। इस तथ्य के बावजूद कि कृषि दुनिया के आबादी के एक तिहाई से अधिक लोगों की रोजगार उपलब्ध कराती है, कृषि उत्पादन, सकल विश्व उत्पाद (सकल घरेलू उत्पाद का एक समुच्चय) का पांच प्रतिशत से भी कम हिस्सा बनता है। .

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