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रानगिर

सूची रानगिर

सागर के पास स्थित रानगिर में हरसिद्धी माता का मंदिर यह सागर-रहली मार्ग पर रहली से करीब 20 किमी दूर देहार नदी के किनारे पर स्थित है। यह महाराजा छत्रसाल और धामोनी के मुगल फौजदार खालिक के बीच हुए एक युद्ध का साक्षी था। मराठा सूबेदार गोविंदराव पंडित ने रानगिर को अपना मुख्यालय बनाया था। समीप की पहाड़ी पर हरसिद्धी देवी का एक मंदिर है, जहां आश्विन और चैत्र के महीनों में देवी के सम्मान में मेला लगता है। चैत्र मेले का विशेष महत्व है और इस दौरान यहां हजारों की संख्या में भक्त आते हैं। श्रेणी:सागर जिला श्रेणी:बुंदेलखंड.

2 संबंधों: धामोनी, महाराजा छत्रसाल

धामोनी

धामोनी: सागर के उत्तर में झांसी मार्ग पर करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित धामोनी अब उजाड़ हो चुका है लेकिन इसका ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्व है। गढ़ा मंडला के राज्‍यकाल में महत्वपूर्ण होने के कारण इसे गढ़ बनाया गया था और इसके साथ 50 मौजे थे। गढ़ा मंडला वंश के एक वंशज सूरत शाह ने इस किले को बनाया था। .

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महाराजा छत्रसाल

छत्रसाल छत्रसाल (4 मई 1649 – 20 दिसम्बर 1731) भारत के मध्ययुग के एक प्रतापी योद्धा थे जिन्होने मुगल शासक औरंगजेब से युद्ध करके बुन्देलखण्ड में अपना राज्य स्थापित किया और 'महाराजा' की पदवी प्राप्त की। .

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