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औषधीय पौधे

सूची औषधीय पौधे

ऐसे पौधे जिनके किसी भी भाग से दवाएँ बनाई जाती हैं औषधीय पौधे कहलाते हैं। सर्पगंधा, तुलसी, नीम आदि इसी प्रकार के पौधे हैं। .

4 संबंधों: तुलसी (पौधा), नीम, सर्पगन्धा, केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान

तुलसी (पौधा)

तुलसी का पौधा तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है। यह झाड़ी के रूप में उगता है और १ से ३ फुट ऊँचा होता है। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। पत्तियाँ १ से २ इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं। पुष्प मंजरी अति कोमल एवं ८ इंच लम्बी और बहुरंगी छटाओं वाली होती है, जिस पर बैंगनी और गुलाबी आभा वाले बहुत छोटे हृदयाकार पुष्प चक्रों में लगते हैं। बीज चपटे पीतवर्ण के छोटे काले चिह्नों से युक्त अंडाकार होते हैं। नए पौधे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में उगते है और शीतकाल में फूलते हैं। पौधा सामान्य रूप से दो-तीन वर्षों तक हरा बना रहता है। इसके बाद इसकी वृद्धावस्था आ जाती है। पत्ते कम और छोटे हो जाते हैं और शाखाएँ सूखी दिखाई देती हैं। इस समय उसे हटाकर नया पौधा लगाने की आवश्यकता प्रतीत होती है। .

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नीम

नीम भारतीय मूल का एक पूर्ण पतझड़ वृक्ष है। यह सदियों से समीपवर्ती देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार (बर्मा), थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है। लेकिन विगत लगभग डेढ़ सौ वर्षों में यह वृक्ष भारतीय उपमहाद्वीप की भौगोलिक सीमा को लांघ कर अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण एवं मध्य अमरीका तथा दक्षिणी प्रशान्त द्वीपसमूह के अनेक उष्ण और उप-उष्ण कटिबन्धीय देशों में भी पहुँच चुका है। इसका वानस्पतिक नाम ‘Melia azadirachta अथवा Azadiracta Indica’ है। .

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सर्पगन्धा

सर्पगन्धा एपोसाइनेसी परिवार का द्विबीजपत्री, बहुवर्षीय झाड़ीदार सपुष्पक और महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है। इस पौधे का पता सर्वप्रथम लियोनार्ड राल्फ ने १५८२ ई. में लगाया था। भारत तथा चीन के पारंपरिक औषधियों में सर्पगन्धा एक प्रमुख औषधि है। भारत में तो इसके प्रयोग का इतिहास ३००० वर्ष पुराना है। सर्पगन्धा के पौधे की ऊँचाई ६ इंच से २ फुट तक होती है। इसकी प्रधान जड़ प्रायः २० से.

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केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान

केन्द्रीय औषधीय एव सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) एक बहुआयामी राष्ट्रीय प्रयोगशाला है जो औषधीय एवं सगंध पौधों के क्षेत्र में शोध, विकास एवं प्रचार-प्रसार का कार्य कर रही है। यह संस्थान अपने चार संसाधन केन्दों एवं ज्ञान केन्द्रों के माध्यम से भारत के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में कार्यरत है। यह लखनऊ में स्थापित है। इसका लक्ष्य है: बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन के लिए हरित प्रौद्योगिकियों में उत्कृष्टता॥ इसका दृष्टिकोण है: औषधीय एवं सगंध पौधों पर नवीनतम वैज्ञानिक शोध एवं व्यापार का सशक्तिकरण जिससे हरित प्रौद्योगिकी पर आधारित उत्कृष्ट जीवन शैली के क्षेत्र में भारत विश्व का अग्रतम राष्ट्र बन सके। .

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यहां पुनर्निर्देश करता है:

औषधीय एवं सगंध पादप, औषधीय पौधा

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