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आंकड़ा संरचना

सूची आंकड़ा संरचना

बाइनरी ट्री कम्प्यूटर विज्ञान में, किसी समस्या में उपयोग में आने वाले आँकड़ों को कई प्रकार से व्यवस्थित किया जा सकता है। आँकड़ों की इसी व्यवस्था या विन्यास को आंकड़ा संरचना (डेटा स्ट्रक्चर) कहते हैं। स्पष्टतः आँकड़ों को इस प्रकार विन्यस्त करना चाहिये कि प्रोग्राम द्वारा उन आंकड़ों का उपयोग दक्षतापूर्वक (efficiently) किया जा सकते। कुछ प्रमुख आंकड़ा संरचनाएँ ये हैं- लिस्ट, लिंक्ड लिस्ट, स्टैक, ट्री आदि। किसी समस्या के लिये कोई आंकड़ा संरचना उपयुक्त होती है तो किसी दूसरी समस्या के लिये कोई दूसरी आंकड़ा संरचना। कुछ आँकड़ा संरचनाएँ तो कुछ विशेष कामों के लिये ही प्रयुक्त होती हैं। उदाहरण के लिये, रिलेशनल डेटाबेस से आंकड़ों की पुनःप्राप्ति (retrieval) के लिये प्रायः बी-ट्री इन्डेक्सेस (B-tree indexes) का प्रयोग किया जाता है जबकि कम्पाइलर के निर्माण में आइडेन्टिफायरों (identifiers) को पहचानने के लिये प्रायः हैश टेबल (hash tables) का उपयोग किया जाता है। प्रायः दक्ष अल्गोरिद्म डिजाइन करने के लिये दक्ष आंकडा संरचना का होना बहुत जरूरी है। आंकड़ा संरचना का उपयोग मुख्य स्मृति एवं द्वितीयक स्मृति दोनों में आंकड़ों को भण्डारित करने एवं उन्हें प्राप्त करने के लिये किया जाता है। .

5 संबंधों: संबंधपरक आँकड़ा संचय, आंकड़ा संरचनाओं की सूची, कम्प्यूटर विज्ञान, अनुभाषक, अल्गोरिद्म

संबंधपरक आँकड़ा संचय

संबंधपरक आँकड़ा संचय (relational database) वह डेटाबेस है जिसकी संरचना आंकड़ों संबन्धपरक मॉडल पर आधारित होती है, जिसे ई एफ कॉड्ड (E. F. Codd) ने १९७० में प्रस्तुत किया था। .

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आंकड़ा संरचनाओं की सूची

यह आंकड़ा संरचना या डेटा-स्ट्रक्चर की सूची है। .

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कम्प्यूटर विज्ञान

कम्प्यूटर विज्ञान संगणन और उसके उपयोग की ओर वैज्ञानिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण है। यह जानकारी के पहुँच, सम्प्रेषण, संचय, प्रसंस्करण, प्रतिनिधित्व और अर्जन हेतु उपयोग में लाये जाने वाले व्यवस्थित प्रक्रियाओं (या कलन विधियों) के मशीनीकरण, अभिव्यक्ति, संरचना, और साध्यता का व्यवस्थित अध्ययन है। संगणक विज्ञान एक वैकल्पिक, संक्षिप्त परिभाषा के अनुसार यह मापने योग्य स्वचालित कलन विधियों का अध्ययन है। संगणक वैज्ञानिक संगणन के सिद्धांत और गणना योग्य प्रणालियों की योजना में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं। कंप्यूटर विज्ञान (कम्प्यूटर विज्ञान) के अन्तर्गत सूचना तथा संगणन (computation) के सैद्धान्तिक आधारों अध्ययन किया जाता है और साथ में इन सिद्धान्तों को कंप्यूटर प्रणालियों में व्यवहार में लाने की विधियों का अध्ययन किया जाता है। कंप्यूटर विज्ञान को प्राय: कलन विधियों के विधिवत (systematic) अध्ययन के रूप में देखा जाता है और कंप्यूटर विज्ञान का मूल प्रश्न यही है - कौन सा काम (दक्षतापूर्वक) स्वत: किया जा सकता है? (What can be (efficiently) automated?) .

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अनुभाषक

किसी बहु-भाषी एवं बहु-लक्ष्यी (multi-target) कम्पाइलर की रचना का ब्लाक-आरेख अनुभाषक या कम्पाइलर (compiler) एक या अधिक कम्प्यूटर प्रोग्रामों का समूह होता है जो किसी उच्च स्तरीय कम्प्यूटर भाषा में लिखे प्रोग्राम को किसी दूसरी कम्प्यूटर भाषा में बदल देता है। जिस कम्प्यूटर भाषा में मूल प्रोग्राम है उसे स्रोत भाषा कहते हैं तथा इस प्रोग्राम को स्रोत कोड कहते हैं। इसी प्रकार जिस भाषा में स्रोत कोड को बदला जाता है उसे लक्ष्य-भाषा (target language) कहते हैं एवं इस प्रकार प्राप्त कोड को ऑब्जेक्ट कोड कहते हैं। ऑब्जेक्ट कोड प्रायः बाइनरी भाषा में होता है जिसे लेकर लिंकर किसी मशीन विशेष पर चलने लायक (executable) मशीन कोड पैदा करता है। ऐसे कम्प्यूटर-प्रोग्राम जो किसी निम्न-स्तरीय कम्प्यूटर भाषा के प्रोग्राम कोलेकर किसी उच्च-स्तरीय भाषा का प्रोग्राम उत्पन्न करते हैं उन्हें डिकम्पाइलर (decompiler) कहा जाता है। ऐसा प्रोग्राम जो एक उच्च-स्तरीय कम्प्यूटर भाषा को दूसरी उच्च-स्तरीय कम्प्यूटर भाषा में बदलता है उसे कम्प्यूटर-भाषा अनुवादक (language translator) कहते हैं। .

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अल्गोरिद्म

महत्तम समापवर्तक (HCF) निकालने के लिए यूक्लिड के अल्गोरिद्म का फ्लोचार्ट गणित, संगणन तथा अन्य विधाओं में किसी कार्य को करने के लिये आवश्यक चरणों के समूह को कलन विधि (अल्गोरिद्म) कहते है। कलन विधि को किसी स्पष्ट रूप से पारिभाषित गणनात्मक समस्या का समाधान करने के औजार (tool) के रूप में भी समझा जा सकता है। उस समस्या का इनपुट और आउटपुट सामान्य भाषा में वर्णित किये गये रहते हैं; इसके समाधान के रूप में कलन विधि, क्रमवार ढंग से बताता है कि यह इन्पुट/आउटपुट सम्बन्ध किस प्रकार से प्राप्त किया जा सकता है। कुछ उदाहरण: १) कुछ संख्यायें बिना किसी क्रम के दी हुई हैं; इन्हें आरोही क्रम (ascending order) में कैसे सजायेंगे? २) दो पूर्णांक संख्याएं दी हुई हैं; उनका महत्तम समापवर्तक (Highest Common Factor) कैसे निकालेंगे ? .

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